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विधानसभा में छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 पारित

आज का दिन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक, पत्रकार साथियों के लिए अविस्मरणीय: मुख्यमंत्री

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा परिसर में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि आज का दिन छत्तीसगढ़ विधानसभा और छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक दिन है, हमारे पत्रकार साथियों के लिए यह बहुत ही अविस्मरणीय दिन रहा है। क्योंकि आज छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 न केवल विधानसभा में प्रस्तुत हुआ, बल्कि पारित भी हुआ है। हमारे पत्रकार साथी जो अपनी जान जोखिम में डालकर, अंदरूनी क्षेत्रों में जाकर खबर लाते हैं। बहुत सारे ऐसे लेख भी लिखते हैं, जिनसे उनको, उनके परिवार के लोगों को खतरा बढ़ जाता है। साथ ही धनहानि के साथ जनहानि की संभावना भी बन जाती है। ऐसे में जितने भी हमारे पत्रकार हैं, चाहे वे इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के हांे, चाहे प्रिंट मीडिया के हो , चाहे पोर्टल के हो।सभी साथियों के जो ऑफिस में काम करते हैं और वो भी जो गांव में काम करते हैं, जिनका अधिमान्यता पत्र नहीं है उनका रजिस्ट्रेशन करने का, अगर प्रेस कहता है कि वो हमारे साथ हैं और जो लगातार छह महीने के अंदर उसमें तीन लेख लिखे हों या स्टोरी की हो, ऐसे लोगों को छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा कानून के दायरे में लाया गया है, ताकि उनकी सुरक्षा हो सके। यदि कोई शासकीय कर्मचारी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं तो उनकी शिकायत के लिए समिति बनी है। समिति को अधिकार संपन्न बनाया गया है। यह समिति प्रदेश स्तर पर होगी, जिसमें पत्रकार भी होंगे, उसमें अधिकारी गण भी होंगे, छह लोगों की समिति बनेगी, जो सुनवाई करेगी और आवश्यक निर्देश भी दे सकेगी और दण्ड का भी प्रावधान है। यदि उसके निर्णय से संतुष्ट नहीं हैं, तो अपील का भी प्रावधान रखा गया है। लेकिन यदि कोई गलत शिकायत करता है तो उसमें भी दण्ड का प्रावधान रखा गया है। देश में छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक-2023 की चर्चा भी थी, प्रदेश में बहुत दिनों से इसकी प्रतीक्षा भी थी। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा राज्य है, जहां छत्तीसगढ़ मीडिया कर्मी सुरक्षा विधेयक पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि जन घोषणा पत्र में हमने जो वादा किया था, आज उसमें से एक और वायदा पूरा कर दिया गया है।  

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश श्री अफताब आलम जी की अध्यक्षता में एक प्रारूप समिति बनी थी, जिसके सदस्य न्यायमूर्ति सेवानिवृत्त न्यायाधीश अंजना प्रकाश, उच्चतम न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता राजूराम चन्द्रन, वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय ललित सुरजन, प्रकाश दुबे, मेरे सलाहकार रूचिर गर्ग, महाधिवक्ता, विधि विभाग के प्रमुख सचिव, पुलिस महानिदेशक सभी इसके सदस्य थे।इस समिति ने अनेक बैठकें राज्य में और दिल्ली में करके विभिन्न संगठनों से चर्चा करके इसका प्रारूप बनाया और उसके बाद इसके प्रारूप को विभाग को सौंपा गया, विभाग द्वारा लंबा विचार-विमर्श करके इसको विधेयक का रूप दिया गया। राज्यपाल से अनुमति लेकर इसे विधानसभा में प्रस्तुत किया गया और आज विधानसभा में यह विधेयक पारित हुआ है। ऐसा विधेयक जो मूल विधेयक है और जो पहली बार छत्तीसगढ़ की विधानसभा में प्रस्तुत हुआ, विपक्ष के साथियों को भी इसमें अपनी राय रखनी थी। हालांकि सर्वानुमति से इस विधेयक को पारित किया गया।

 

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जल जीवन मिशन से हर घर जल का सपना हो रहा साकार

दन्तेवाड़ा छत्तीसगढ़ दर्पण)। दन्तेवाड़ा  ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की अति महत्वपूर्ण नल जल योजना लाई गई है योजना के तहत पानी टंकी निर्माण से लेकर पाइप लाइन विस्तार के साथ सभी घरों में नल का कनेक्शन किया जा रहा है।

जिससे इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ आम लोगों को मिल रहा है। विभाग द्वारा ग्रामीणों को पीने का स्वच्छ जल उपलब्ध होने से उनके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक सिद्ध हो रहा है। जिले के कुआकोंडा विकासखंड अन्तर्गत अरनपुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम मेंडपाल में जल जीवन मिशन के तहत पाइप लाइन बिछाने एवं नल कनेक्शन का कार्य पूर्ण कर लिया गया है।

 

जिससे नल जल योजना के तहत ग्राम पंचायतों में लोगों के घरों में नल से जल पहुंचना प्रारंभ हो गया है। इससे गांव के 35 परिवारों को शुद्ध पेयजल मिल रहा है शेष परिवारों तक शीघ्र पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। पानी जीवन का अमूल्य हिस्सा है।

 

इसके बिना जीवन की कल्पना ही नही की जा सकती एक समय ऐसा भी था जब ग्रामीण क्षेत्रों में जल की समस्या बनी हुई थी जहां पर लोगों को पीने के पानी के लिए बहुत सी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, कई ग्रामीण क्षेत्र ऐसे भी हैं जहां कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर मीलो सफर तय कर पीने के पानी की व्यवस्था करनी पड़ती थी, लेकिन आज शासन प्रशासन के प्रयास से अब पानी लोगों के घरों तक पहुंचने लगा है।

 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल जीवन मिशन अन्तर्गत नलजल, समूह नलजल योजनाओं को रेट्रोफिटिंग योजनाएं के माध्यम से गांव तक घरेलू नल कनेक्शन देने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना के माध्यम से ऐसे ग्रामीण और सुदूर इलाके, जहां जल की उचित व्यवस्था नहीं है वहां हर घर में पाइप लाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है।

 


अब ग्रामीण क्षेत्रों में गांव की महिलाओं के चेहरे पर पानी को लेकर चिंता की रेखायें नजर नहीं आएंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में भी जल की समस्या को दूर किया जा रहा है। और हर घर जल की संकल्पना साकार किया जा रहा है।

 

 
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पूर्व विधायक नीलिमा सिंह टेकाम का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक..

रायपुर  छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व भाजपा विधायक नीलिमा सिंह टेकाम का बुधवार को निधन हो गया। वे अस्वस्थ थीं और तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। मुख्यमंत्री बघेल ने उनके निधन पर शोक जताया है। उन्होंने शोक संतप्त परिजन के प्रति संवेदना प्रकट की है।

डौंडीलोहारा से विधायक रहीं नीलिमा सिंह टेकाम को भाजपा ने 2008 में अपना प्रत्याशी बनाया था। इस चुनाव में उन्हें जीत मिली और विधानसभा पहुंची थी। उन्होंने कांग्रेस की अनिता कुमेटी को हराया था। नीलिमा का जन्म मध्यप्रदेश के सिवनी में एक अगस्त 1970 को हुआ था। उनकी शादी राज परिवार में लाल महेंद्र सिंह टेकाम से हुई थी। उनके दो बेटे हैं। दो साल पहले उनके पति का भी निधन हो गया था। वे भी विधायक रह चुके हैं। 2018 में उन्हें भाजपा ने प्रत्याशी बनाया था, लेकिन अनिला भेंडिया से वे हार गए थे।

 


नीलिमा टेकाम ने बीए तक की शिक्षा प्राप्त की थी। वे जिला भूमि विकास बैंक दुर्ग की उपाध्यक्ष भी रह चुकी हैं। विधायक रहते हुए वे महिलाओं व बालकों के कल्याण संबंधी समिति, शासकीय आश्वासनों संबंधी समिति और गैर सरकारी सदस्यों के विधेयकों के व संकल्पों संबंधी समिति की सदस्य थीं।

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नवरात्रि पर जगमगाया देवी मां का दरबार, 25000 ज्योति कलश प्रज्वलित

 

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिलासपुर जिले के रतनपुर स्थित महामाया देवी की पूजा देश के 51वीं शक्तिपीठ के रूप में होती है। यहां पूरे नौ दिनों तक नवरात्र पर्व की धूम रहेगी।

 

इस बार देवी मंदिर में 25 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित की गई है। वहीं, लखनी देवी मंदिर में जवारा कलश का विशेष महत्व है। यहां इनकी पूजा मां अन्नपूर्णा के रूप में की जाती है। यही वजह है कि 28 साल से मंदिर में ज्वारा कलश स्थापित किए जा रहे हैं।

चैत्र नवरात्रि पर्व पर इस बार रतनपुर स्थित प्रसिद्ध महामाया देवी मंदिर में पूरे नौ दिनों तक यहां शतचंडी यज्ञ के साथ ही जसगीत का आयोजन भी होगा। वहीं, सप्तमी पर्व की रात पदयात्री हजारों की संख्या में देवी दर्शन करने पहुंचेंगे। यहां नौ दिनों तक श्रद्धालुओं की भीड़ लगी रहेगी। यहां 31 हजार ज्योति कलश प्रज्वलित करने का विश्व रिकॉर्ड भी है। पूरे नौ दिनों तक मंदिर में श्रद्धालु सुबह पांच बजे से रात 12 बजे तक दर्शन कर सकेंगे।

 

मंदिर ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को महामाया मंदिर में नवरात्रि पर्व की तैयारी पूरी कर ली गई थी। शाम 4 बजे तक भक्तों ने माता के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर का पट बंद कर दिया गया। शाम 4 से लेकर रात 10 बजे तक माता का शुद्धिकरण किया गया। गर्भ गृह का शुद्धिकरण मुख्य पुजारी शशि मिश्रा व उनके परिवार ने किया।

 

बुधवार की सुबह 5 बजे माता का नव श्रृंगार किया गया। उन्हें अभिषेक कराया गया। नए वस्त्र धारण कराए गए। स्वर्ण मुकुट व नथिया पहनाई गई। सुबह 7 बजे से घट स्थापना शुरू हुई। इसके बाद माता 9 दिन व रात पूजा की मुद्रा में रहेंगी। भक्त माता का दर्शन करेंगे। 9वें दिन माता का श्रृंगार होगा।

देवी आराधना के साथ ही नवसंवत्सर की भी शुरुआत हो गई है। शुक्ल और ब्रह्म योग में पहले दिन शैलपुत्री की पूजा की गई। इसके साथ ही घट स्थापना कर मनोकामना ज्योति प्रज्वलित की गई। दुर्गा सप्तशती के अनुसार बुधवार को नवरात्र होने से माता का आगमन नौका पर होगा, जो फसल, धन-धान्य और विकास के लिए लाभदायक रहेगा।

 

रतनपुर के महामाया मंदिर ट्रस्ट की ओर संचालित लखनी देवी (महालक्ष्मी) मंदिर में ज्योति कलश से ज्यादा महत्व जवारा का रहता है। मान्यता है कि यहां जवारा की पूजा मां अन्नपूर्णा के रूप में होती है। 28 साल से यहां कलश स्थापित किया जा रहा है।

गांव में लोगों की यह भी मान्यता है कि जवारा जितना अच्छा रहेगा, उतनी अच्छी फसल होगी। यहां दर्शन करने से मनोकामना पूर्ण होती है। यही वजह है कि मंदिर में 101 ज्योति कलश और 721 ज्वारा कलश स्थापित किया गया है। लखनी देवी मंदिर में मन्नत पूरी होने पर श्रद्धालु जवारा कलश स्थापित करते हैं।

 

रतनपुर स्थित महामाया देवी सहित जिले के 12 प्रमुख देवी मंदिरों में इस बार 30 हजार 310 मनोकामना ज्योति कलश प्रज्जवलित की गई है। चैत्र नवरात्र इस बार पूरे नौ दिनों के होंगे और इस दौरान 16 विशेष योग बन रहे हैं, जिनमें चार सर्वार्थ सिद्धि, चार रवि योग, दो अमृत सिद्धि योग, दो राजयोग और एक-एक द्विपुष्कर व गुरु पुष्य का संयोग बनेगा। आखिरी नवरात्र 30 मार्च के दिन महागौरी पूजन व रामनवमी पर गुरु पुष्य योग का दुर्लभ योग रहेगा।

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छत्तीसगढ़ में कोरोना से महिला की मौत

बिलासपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  कोरोना महामारी पूरी तरह से खत्म नहीं हुई है। बीच-बीच में ये अपने तेवर दिखा रहा है। बीते शनिवार को शहर के व्यापार विहार क्षेत्र में रहने वाली 43 वर्षीय कोरोना पाजिटिव महिला की मौत हो गई है। उसका इलाज बीते 10 दिनों से शहर के अलग-अलग निजी अस्पताल में इलाज चल रहा था। मृतक महिला का 21 वर्षीय बेटे के भी कोरोना पाजिटिव होने की पुष्टि की गई है।

व्यापार विहार के श्रीराम टावर के पास रहने वाली 43 वर्षीय महिला की हालत बीते 10 दिनों से गंभीर बनी हुई थी। वह सर्दी, खांसी, बुखार से पीड़ित थी। जिसके हालत में सुधार नहीं हो पा रहा था। ऐसे में बीते 16 मार्च को सिम्स के पास स्थित एक निजी अस्पताल में उसे गंभीर हालत में भर्ती किया गया। जांच में उसका आक्सीजन लेवल 40 पाया गया। वहीं लक्षण से उसके कोरोना पाजिटिव होने की आशंका भी बढ़ गई। ऐसे में अस्पताल प्रबंधन ने उसका आरटीपीसीआर कोरोना टेस्ट कराया।

 

17 मार्च को उसकी रिपोर्ट कोरोना पाजिटिव आई। ऐसे में महिला को गंभीर हालत में वेंटीलेटर में रखकर इलाज किया जा रहा था। 18 मार्च की शाम उसकी मौत हो गई। मौत के बाद इसकी जानकारी स्वास्थ्य विभाग को दी गई। इसके बाद कोरोना प्रोटोकाल के तहत शव को अंतिम संस्कार के लिए स्वजन को सौंपा गया। मालूम हो कि मृतक महिला का 21 वर्षीय बेटा भी कोरोना संक्रमित हो चुका है। उसका इलाज आइसोलेशन में रखकर किया जा रहा है।

 

स्वास्थ्य विभाग ने जानकारी दी है कि मृतक महिला व्यापार विहार के श्रीराम टावर्स के पास की रहने वाली है। ऐसे में विभाग की ट्रेसिंग टीम को सक्रिय कर दिया गया है। सोमवार को ट्रेसिंग टीम क्षेत्र में जाकर आसपास के घरों का सर्वे करेगी। साथ ही महिला के संपर्क में आने वालों का कोरोना सैंपल लिया जाएगा।

 

यह बात भी सामने आई है कि अब कोरोना के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग जानकारी सार्वजनिक नहीं कर रहा है। कई निजी अस्पतालों से मिली जानकारी के अनुसार ट्रेवल हिस्ट्री वाले कोरोना संक्रमित मिल रहे हंै। उनका विभिन्न् निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। जबकि स्वास्थ्य विभाग को आंकड़ों में जिले में कोरोना की स्थिति लगातार दिनों में शून्य दिखाया जा रहा है। कोरोना से महिला की मौत 18 मार्च को हुई है, लेकिन इस बात को भी सावर्जनिक नहीं किया गया था।

 

सीएमएचओ डा. अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि निजी अस्पताल में एक महिला की मौत कोरोना से हुई है। उसकी आरटीपीसीआर से जांच में कोरोना की पुष्टि की गई थी। क्षेत्र में ट्रेसिंग कराई जाएगी।

 

 

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मौसम विभाग ने जारी किया यलो अलर्ट, बारिश के आसार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पिछले चार दिनों से छत्‍तीसगढ़ में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। चार दिन पहले तक जहां लोग गर्मी से परेशान होने लगे थे, वहीं अब बारिश के चलते हल्की ठंड का सामना कर रहे हैं।

शुक्रवार को हल्की बूंदाबांदी के बाद शनिवार की दोपहर में तेज बारिश हुई थी और रविवार की शाम से रात तक करीब दो घंटे तक रुक-रुक बारिश हुई। शनिवार को हुई बारिश के बाद ही तापमान में काफी गिरावट आई। दिन के अधिकतम तापमान में आठ डिग्री और रात के न्यूनतम तापमान में सात डिग्री तक की गिरावट आई है। कई लोग तो शाम को स्वेटर और गर्म कपड़े पहने हुए नजर आए। मौसम विभाग ने अगले दो से तीन दिनों तक तेज हवाओं और गरज चमक के साथ बारिश होने की आशंका जताई है। जबकि 13 जिलों के यलो अलर्ट जारी किया है।

रविवार की शाम करीब सात बजे से तेज हवाओं और गरज चमक के साथ जोरदार बारिश हुई। बारिश इतनी तेज थी कि नेशनल हाईवे से गुजरने वाली वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई। लोग दुकानों और भवनों के नीचे छिपकर बारिश बंद होने का इंतजार करते रहे। शाम सात बजे से शुरू हुई बारिश करीब आठ बजे बंद हुई।

इसके बाद फिर से नौ बजे से बारिश शुरू हुई और 10 बजे के बाद बंद हुई। शनिवार की दोपहर में एक घंटे की बारिश के बाद तापमान में अच्छी खासी गिरावट हुई। दिन का अधिकतम तापमान 36.2 डिग्री से घटकर 28.2 डिग्री आ गया और रात का तापमान 21.2 डिग्री से गिरकर 14.2 आ पहुंचा। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि सोमवार को प्रदेश के कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दुर्ग जिले में भी शाम और रात तक तेज हवाओं और गर चमक

 

 
 
 

 
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आजाद हिन्द फौज से भारत को मिली 1947 में आजादी: डॉ. ओमजी उपाध्याय

श्रेष्ट भारत के निर्माण में युवाओं का महत्वपूर्ण योगदान: कुलपति

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय आंदोलन में सुभाषचंद्र बोस और आजाद हिंद फौज की भूमिका पर केन्द्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन अवसर पर भारतीय इतिहास अनुसंधान परिषद के निदेशक डॉ. ओमजी उपाध्याय ने कहा कि देश में इतिहास लेखन की आठ धाराएं साथ-साथ चल रही थी, जिसमें सुभाषचंद्र बोस की धारा भी शामिल थी। उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नेतृत्व में संचालित आजाद हिन्द फौज के भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन के सहयोग के कारण ही अंग्रेजों ने 15 अगस्त 1947 को भारत को आजाद करने का निर्णय लेना पड़ा।

डॉ. ओमजी उपाध्याय ने कहा कि ब्रिटिश फौज के भारतीय सैनिकों पर अंग्रेजों को भरोसा नहीं था कि भारतीय सैनिक अंग्रेजों के निर्देश पर कार्य करेंगे। अंग्रेजों को ऐसी सूचना मिल रही थी कि ब्रिटिश भारतीय सैनिक आईएनए के मार्गदर्शन में कार्य कर सकते है। ऐसी स्थिति में अंग्रेजों की साम्राज्यवादी व्यवस्था ध्वस्त हो सकती है, इसलिए समय पूर्व 15 अगस्त 1947 को भारत को आजाद करने का निर्णय लिया। उन्होंने लुईफिशर के वाक्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि नेताजी देश भक्तों के देशभक्त थे और उनके होते हुए देश का विभाजन नहीं हो सकता। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता रविन्द्र भारती विश्वविद्यालय कोलकाता के इतिहास विभाग, विभागाध्यक्ष प्रो. एच. के. पटेल, कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गुरु घासीदास केन्द्रीय विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार मिश्र ने भी अपने संगोष्ठी में अपने विचार व्यक्त किए।

 


 

कार्यक्रम के अध्यक्षता करते हुए पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के.एल. वर्मा ने कहा कि देश भक्ति की भावना को  जीवन्त बनाने और नई पीढ़ी को शोध के लिए नवीन दृष्टिकोण देने में यह आयोजन सफल होगा। उन्होंने श्रेष्ट भारत के निर्माण में युवाओं के योगदान को रेखांकित किया। तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी जिसमें कुल 63 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न राज्यों के कुल 10 रिसोर्स पर्सन ने शोध पत्र का वाचन कर आधार वक्ता के रूप में शोधार्थियों के समक्ष अपने विचार व्यक्त किए। तृतीय दिवस के प्रथम सत्र के सत्राध्यक्ष डॉ. शंपा चौबे ने कहा कि सुभाषचंद्र बोस ने गुलामी को भारत का अभिशाप बताया और इसे स्वाधीन कराने के लिए अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।

 

रिसोर्स पर्सन डॉ. सुधी मण्डलोई ने नेशनल प्लानिंग कार्य को तैयार करने में सुभाषचंद्र बोस की भूमिका का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुभाषचंद्र बोस नेशनल प्लानिंग में भारत की एकता और समन्वय तथा आधारभूत ढांचा तैयार करने एवं भारत की बढ़ती जनसंख्या व गरीबी भूखमरी, रोग से लड़ने के लिए मसौदा तैयार करना चाहिए। उन्होंने कुटीर उद्योग व बृहत उद्योग के समन्वित विकास पर जोर दिया। इस सत्र में कुल 08 शोधपत्रों का वाचन शोधार्थियों के द्वारा किया गया। तृतीय दिवस 19 मार्च 2023 की शुरुआत सप्तम सत्र के रूप में हुई, जिसके इसके सत्राध्यक्ष डॉ. शंपा चौबे, रिसोर्स पर्सन डॉ. सुधि मंडलोई और रिपोर्टियर डॉ. शैलेन्द्र सिंह, सहायक रिपोर्टियर संदीप मेश्राम एवं कु. ममता थी। रिसोर्स पर्सन डॉ. सुधी मण्डलोई ने नेशनल प्लानिंग कार्य को तैयार करने में सुभाषचंद्र बोस की भूमिका का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि सुभाषचंद्र बोस नेशनल प्लानिंग में भारत की एकता और समन्वय तथा आधारभूत ढांचा तैयार करने एवं भारत की बढ़ती जनसंख्या व गरीबी भूखमरी, रोग से लड़ने के लिए मसौदा तैयार करना चाहिए। उन्होंने कुटीर उद्योग व बृहत उद्योग के समन्वित विकास पर जोर दिया। इस सत्र में कुल 08 शोधपत्रों का वाचन शोधार्थियों के द्वारा किया गया।

 

 

अष्टम व अंतिम सत्र के सत्राध्यक्ष सत्राध्यक्ष प्रो. रामकुमार बेहार ने गांधीजी का कांग्रेस पर नियंत्रण एवं उनके विचारों को छत्तीसगढ़ में भी चुनौती देने की बात कही। रिसोर्स पर्सन डॉ. पूजा शर्मा एवं रिपोर्टियर डॉ. सरिता दुबे रिसोर्स पर्सन डॉ. पूजा शर्मा ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस का धार्मिक दर्शन एवं धर्मनिरपेक्षता पर महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। इस सत्र में कुल 6 शोध पत्रों का वाचन किया गया। शोध पत्र वाचन के कढ़ी में शोधार्थी  अनिल कुमार काटने ने आजाद हिंद फौज एवं महिलाओं की भूमिका में कैप्टन लक्ष्मी सहगल के योगदान को रेखांकित किए।

 

 

पूजा कुमारी ने अपने शोध पत्र वाचन में झांसी रानी रेजीमेण्ट पर आधारित जानकारी प्रस्तुत की। शोधार्थी संदीप कुमार मेश्राम ने सेलुलर जेल में आई.एन.ए. के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी प्रस्तुत की। अतिथियों का छत्तीसगढ़ का राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया। इस अवसर पर रविन्द्र भारतीय विश्वविद्यालय कोलकाता के प्रो. एच. के. पटेल विभागाध्यक्ष प्रो. प्रियंबदा श्रीवास्तव, वरिष्ठ सहायक प्राध्यापक डॉ. डी.एन. खूटे ने भी इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त किए।

 

 


 

तीन दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में वरिष्ठ इतिहासकार बी.एल. भदानी, प्रो. एस. एल. निगम, प्रो. के.के. अग्रवाल, प्रो. ए.के. पटनायक, प्रो. रामकुमार बेहार, प्रो. मुकेश कुमार, इतिहास अध्ययनशाला के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. रमेन्द्र नाथ मिश्र, प्रो. आभा रूपेन्द्रपाल सहित वरिष्ठ इतिहासकार, संयुक्त संचालक जनसंपर्क धनंजय राठौर सहित शोधार्थी और बड़ी संख्या में भूतपूर्व और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

 

 

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सीएम बघेल झेरिया-गड़रिया समाज के वार्षिक अधिवेशन में हुए शामिल

 रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में गड़रिया समाज की एक अलग पहचान है। गड़रिया समाज पहले से ही प्रतिष्ठित और सम्मानित समाज है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीब-मजदूर, किसान सहित सभी वर्गों के विकास के लिए नीति बनाकर कार्य कर रही है।

बघेल ने कहा कि जब सभी परिवार और समाज आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी छत्तीसगढ़ और देश आगे बढ़ेगा। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल आज राजधानी रायपुर स्थित स्वर्गीय बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित झेरिया गड़रिया (पाल, धनगर) समाज के वार्षिक अधिवेशन को सम्बोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर समाजजनों की मांग पर भेड़ पालन एवं ऊन संवर्धन बोर्ड गठन की घोषणा की। साथ ही महादेव घाट में सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रूपए देने की घोषणा की। अधिवेशन में गड़रिया समाज के लोगों ने स्व-निर्मित खुमरी, कंबल पहनाकर अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में समाज के उत्कृष्ट और प्रतिभावान व्यक्तियों को सम्मानित किया।  

मुख्यमंत्री बघेल ने गड़रिया समाज के वार्षिक अधिवेशन को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में आधुनिक उद्योग धंधों के कारण परंपरागत रूप से कार्य करने वाले लोगों पर संकट गहराता जा रहा है, इससे गड़रिया समाज भी अछूता नहीं है। उन्होंने कहा कि झेरिया गड़रिया समाज सहित सभी वर्गों के विकास के लिए सरकार प्रतिबद्ध हैं। जहां-जहां भेड़ पालन किया जा रहा है, ऐसे परिवारों और उनके बच्चों को पारंपरिक और आधुनिक मशीनों के जरिए बुनाई कार्य का प्रशिक्षण और भेड़ एवं बकरी पालन की नई तकनीक की जानकारी दी जाएगी।

झेरिया-गड़रिया समाज के युवाओं को उनके पारंपरिक व्यवसाय और उद्योग के लिए हरसंभव मदद दी जाएगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्हें रियायती दर पर जमीन और बिजली आदि सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि अन्य समाजों की तरह गड़रिया समाज को भी नवा रायपुर में रियायती दर पर जमीन दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने अधिवेशन में कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) के तहत ग्रामीणों को पारंपरिक व्यवसाय के साथ ही छोटे-छोटे व्यवसाय के माध्यम से आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए बजट में 600 करोड़ रूपए का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि गोधन न्याय योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण गोबर खरीद कर वर्मी कम्पोस्ट खाद बनाने के काम कर रही हैं।

 

इसके साथ ही गौठानों में बकरी पालन, मुर्गी पालन सहित अन्य व्यवसाय से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं। अब गौठानों में गोबर से पेंट बनाने का काम भी शुरू हो गया, इसके अलावा बिजली उत्पादन का काम भी किया जा रहा है।

 

 

ग्रामीण और शहरी बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता में है। इसी उद्देश्य से आईटीआई में नए और आधुनिक ट्रेड खोले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के बेरोजगार युवकों को इस वित्तीय वर्ष से 2500 रूपए बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान बजट में किया है।

 

अब युवाओं को बेरोजगारी भत्ता के साथ-साथ उन्हें रूचिकर विषयों में व्यवसाय एवं उद्योग के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। कार्यक्रम को खाद्य और संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर नगर निगम रायपुर के महापौर एजाज ढेबर, छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, सर्व गड़रिया समाज के अध्यक्ष  लक्ष्मी प्रसाद महतो, झेरिया-गड़रिया समाज के प्रदेश अध्यक्ष  मिलन धनगर सहित समाज के पदाधिकारी और समाजजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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साइकिलिंग के शौक़ीन सुपर रैंडोनर सुरेश दुआ से छत्तीसगढ़ सांध्य दैनिक के संपादक कुमार की ख़ास बातचीत

 रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। साइकिलों पर रंगबिरंगे कपड़ों में हेलमेट लगाए दूर-दूर के शहरों तक जाते लोग दिखते हैं। कुछ हैरानी भी होती है कि ये कितनी दूर तक जाते हैं।

ऐसे ही एक साइकिलिस्ट सुरेश दुआ अब तक पांच बार एक अंतरराष्ट्रीय पैमाने को पूरा कर चुके हैं जिसमें एक बरस के भीतर दो सौ किमी., तीन सौ किमी., चार सौ किमी., और छह सौ किमी. का साइकिल सफर पूरा करना होता है। उनकी कहानी, उन्हीं की जुबानी।

बस बातचीत का सिलसिला छेडऩे के लिए मौजूद हैं ‘छत्तीसगढ़’ के संपादक सुनील कुमार।

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वज्रपात से दो लोगों की मौत...

कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  बेमौसम बारिश दो लोगों के लिए मौत का पैगाम ले कर आई। कबीरधाम में बारिश से बचने के लिए पेड़ की आड़ लेने वाले दो व्यक्ति वज्रपात का शिकार हो गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना शुक्रवार की है। बताया जा रहा है कि लोहारा थाना क्षेत्र के पेलपार गांव निवासी ननकू साहू और परमानंद पटेल बारिश से बचने के लिए बरगद के पेड़ नीचे बैठे थे, तभी आसमान से बिजली तड़क गई और दोनों की मौके पर ही मौत हो गई।

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कलेक्टर, सीईओ ने रीपा अंतर्गत गौठनों में किए जा रहे कार्यों का किया निरीक्षण

विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्माणाधीन अधोसंरचना को समय अवधि में पूर्ण करने के दिए निर्देश

कोरिया  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर लंगेह व जिला पंचायत सीईओ नम्रता जैन ने कोरिया जिले में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क योजना अंतर्गत चयनित बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम गौठान आनी और विकासखंड सोनहत के गौठान घुघरा और कुशहा का निरीक्षण किया। उन्होंने महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क (रीपा) अंतर्गत चल रहे विभिन्न अधोसंरचना निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली व रीपा अंतर्गत विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्माण कार्यों को समय अवधि में पूर्ण करने कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।ग्रामीण औद्योगिक पार्क स्थापित करने के पीछे राज्य सरकार की मंशा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में होने वाले उत्पाद स्थानीय स्तर से लेकर प्रदेश और देश में भी अपनी पहचान और व्यवसाय स्थापित करें। कलेक्टर ने विभिन्न गतिविधियों के लिए निर्माण किए जा रहे शेड कार्य को शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।

 
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मेले से महोत्सव तक का सफर : 1994 में शुरू हुआ भोरम देव महोत्सव हुआ 29 बरस का

  (छत्तीसगढ़ दर्पण) । भोरमदेव में प्रत्येक वर्ष चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की तेरस को दशकों से बैगा आदिवासी बाबा भोले नाथ जिसे वे आदि देव बूढ़ादेव के रूप में पूजते है की विशेष पूजा अर्चना करते आ रहे है । इस दिन यहाँ दशको से भव्य और विशाल मेला भी भरते आ रहा है । इस मेले में शामिल होने आज भी दूर-दूर से बीहड़ जंगलो व दुर्गम पहाड़ीयो में बसे बैगा आदिवासी रात दिन पैदल चल सपरिवार बाबा भोरमदेव का दर्शन कर पारंपरिक रीती रिवाजो से पूजन कर आशीर्वाद लेने एवं मेले का लुफ्त उठाने मेले में शामिल होने अपनी परंपरिक वेश भूषा में साज श्रृंगार के साथ पहुंचते थे और अपनी पारंपरिक रितिरिवाजो से पूजा अर्चना करते थे । पर समय के साथ बदलाव भी आये है। आधुनिकता की छाप भी धीरे धीरे पड़ने लगी है। बैगा की नई पीढ़ी में पहनावे में बदलाव का असर दिखने लगा है। मोटरसायकल चलाते बैगाओं का दिखना आम है।


पहले भोरमदेव मन्दिर के उत्तर द्वार पर स्थित भैरव देव में बलि दी जाती थी उसे 1974के आसपास प्रशासन, जैन समाज, हिन्दू समाज तथा भोरमदेव तीर्थकारिणी प्रबंध समिति के सहयोग से बंद कराया गया था।

 


एक समय था कि मेला अवधि को छोड़कर अन्य अवधि में भोरमदेव मन्दिर क्षेत्र में रात्रि में रुकने की मनाही थी।

 


मेले से महोत्सव तक के सफर में आदिदेव बुढ़ादेव (भोरमदेव) के आँगन में आदिवासियों की सभ्यता एवं संस्कृ़ति की पहचान तेरस के मेले को पहली बार भोरमदेव महोत्सव वर्ष 1994 में 27 ,28 व् 29 मार्च को अविभाजित मध्यप्रदेश में तत्कालीन राजनांदगांव कलेक्टर अनिल जैन की अध्यक्षता में प्रारम्भ हुआ था । उस समय कवर्धा के एस डी ओ राजस्व निसार अहमद हुआ करते थे । पहले भोरमे देव महोत्सव में 2 दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम तो भोरमे देव मंदिर क्षेत्र में होते थे परंतु तीसरे दिन साहित्यिक गतिविधिया कवर्धा में हुआ करती थी जो अब जिला मुख्यालय बन चुका है । प्रथम भोरमदेव महोत्सव में साऊथ ईस्टर्न कल्चरल सोसायटी द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमो को काफी सराहा गया था । विशेष रूप से माया  जाधव और उनकी टीम द्वारा प्रस्तुत कार्यक्रमो को सराहा गया था जिसकी चर्चा काफी दिनों तक होती रही  । महाराष्ट्रियन लोक नृत्य गीत लावणी ने बेतहाशा तालिया बटोरी थी तथा महीनो उक्त कार्यक्रम आम लोगो के बीच चर्चा का विषय बना रहा था ।

 


परंतु भोरमे देव महोत्सव के इन 29 बरस के सफ़र में समय के साथ आदिवासियों के पारंपरिक मेले का सरकारी करण होने से समय के साथ साथ शास्त्रीय संगीत व नृत्य लोक गीत नृत्य के साथ साथ मुम्बइया ठुमके भी लगे है तो पंकज उदास , अनुप जलोटा , अनुराधा पोडवाल , अलका यागिक , ममता चंद्राकर जैसे अंतरराष्ट्रीय कलाकारों  की प्रस्तुतियां भी हुई है। आदिवासियो का पारंपरिक मेला आज भोरमेदेव महोत्सव के रूप में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भले ही अपनी पहचान बना चुका है, परंतु रंगबिरंगी लाईटो और डीजे आर्केस्ट्रा की धुन और मुम्बईया ठुमके के बीच आधुनिकता की दौड़ विकास की चकाचौंध के आगे टिमटिमा रही आदिवासी संस्कृति व सभ्यता अपनी पहचान खोती जा रही है। खाना पूर्ति के नाम पर कुछ वर्षो से प्रशासन व जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के चलते भोरमदेव महोत्सव के मूलरूप रंग और ढाल आधुनिक तौर तरीको से आयोजित करने की परम्परा शुरू हुई। तीन दिवसीय महोत्सव राजनीतिक का शिकार बन 2 दिवसीय हुआ । शुरूआत के कुछ वर्षों में बैगा आदिवासियों को अपने मूल संसकृति से जुड़े नृत्य रीती रिवाज एवं गीतों को प्रदर्शन करने मंच मिलता रहा है ।

 


शासन प्रशासन द्वारा भले ही छत्तीसगढ़ की संस्कृति एवं सभ्यता बचाने के नाम पर लाखों रूपये पानी की तरह बहाये जा रहे हैं। परंतु विगत के कुछ वर्षों के अनुभव से भोरमदेव महोत्सव छत्तीसगढ़ की सभ्यता एवं सस्कृति से दूर बालीवुड की चमक-धमक की ओर आकर्षित हो मुंबईया ठुमकों का मंच बनता दिख रहा था। पूर्व के वर्षो से आयोजन के दौरान  फिल्मी गानों पर भोरमदेव महोत्सव आयोजन समिति एवं तीर्थ प्रबंधकारिणी कमेटी के साथ-साथ अधिकारी भी बीड़ी जलइले ले जैसे संस्कृति और सभ्यता पर बदनुमा दाग रूपी गानो पर झूमते देखे जा चुके है। अबके बरस स्थानीय कलाकारों को महत्व के साथ साथ सारेगामा फेम कलाकारों का भजन व गीत होना है।

 


बहरहाल वर्षो से भोरमदेव महोत्सव का मंच जो अब तक राजनीतिक मंच का रूप अख्तियार कर चुका था अबके बरस राजनीतिक मंच न बना जिले के विभिन्न मंदिरों के पुजारियों को अतिथि बना कर नए परम्परा की शुरुआत हुई है । नेताओ की भाषण बाजी से त्रस्त जनता अब भाषण बाजी से दूर गीत संगीत का आनंद जरूर लेगी और भोरदेव महोत्सव भी पुन: अपना खोया हुआ गौरव प्राप्त होगा ।

 

 

 

 
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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना : पटेली में 53 जोड़ों का विवाह संपन्न

 नवविवाहितों को अतिथियों ने प्रदान किया आशीर्वाद

बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण) । मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के अंतर्गत शनिवार को जिले के डौंडी विकासखंड के ग्राम पटेली में परिवारजनों एवं अतिथियों की मौजूदगी में 53 जोड़ों का विवाह सम्पन्न हुआ। इस दौरान उपस्थित नागरिकों ने नवदम्पत्तियों को सुखमय दाम्पत्य जीवन के लिए आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर अतिथियों ने कहा कि मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना गरीब परिवार की बेटियों के लिए एक सौगात है।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की संवेदनशील सोंच है कि बेटियों का विवाह बिना किसी पारिवारिक खर्च के आसानी से हो। नवदम्पत्तियों को आशीर्वाद के साथ मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के प्रावधानों के अनुरूप उपहार सामग्री प्रदान की गई। इस अवसर पर कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक जितेन्द्र कुमार यादव, पीयूष सोनी, महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अजय शर्मा, नारेंद्र कुमार साहू सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी व बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।

 

 

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प्रधानमंत्री वैश्विक आर्थिक विकास हेतु शांति के पक्षधर: राज्यपाल विश्वभूषण

 

 मैट्स विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सेमीनार का शुभारंभ

रायपुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)।  राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन ने मैटस विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित छत्तीसगढ़ रिसर्च कांन्क्लेव

2023 में मुख्य अतिथि के रूप में अपना उद्बोधन दिया।

इस सम्मेलन का विषय ‘‘वैश्विक वितीय एवं आर्थिक परिवर्तनः विकास पर प्रभाव‘‘ था।

उन्होंने कहा कि युद्ध केवल विनाश की ओर ले जाता है। यह मानवता के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है। युद्ध के कारण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इससे न केवल विश्व की वित्तीय व्यवस्था बल्कि सामाजिक व्यवस्था भी कमजोर हो जाती है। इसका प्रभाव लोगों के ऊपर पड़ता है और आम जनता को आर्थिक बदहाली से गुजरना पड़ता है। इसलिए युद्ध और नरसंहार की कीमत पर किसी भी समस्या का हल नहीं निकल सकता है। इसे बातचीत के जरिए ही सुलझाने का रास्ता निकाला जाना चाहिए। विश्व ने दो महायुद्ध और उसके दुष्परिणाम देखे हैं। इनसे दुनिया को सबक लेना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारत, अमेरिका, चीन, जापान, और जर्मनी के बाद  विश्व की पांचवी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत को पांच ट्रिलियन डालर अर्थव्यवस्था बनाने का जो सपना देखा था वह अब वास्तविक स्वरूप ले रहा है। भारत के लाखोें वंचित वर्गो को बैंकिंग तंत्र से जोड़ा गया है और करोड़ों युवाओं को 20 लाख करोड़ से अधिक का मुद्रा ऋण बिना बैंक गारंटी स्वीकृत किया गया है। स्थानीय कुटीर उद्योग एवं उत्पादों को बढ़ावा देने की प्रधानमंत्री की योजना से हजारों युवाओं को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर राज्यपाल हरिचंदन ने स्मारिका का विमोचन किया। मैट्स विश्वविद्यालय की ओर से राज्यपाल को पुस्तक, शाॅल एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। सेमिनार में विभिन्न राज्यों के शोधकर्ताओं एवं शिक्षाविदों ने इस विषय पर अपने विचार साझा किए।
इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि श्रीमती लुभा मुखर्जी ,मैट्स यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, कुलपति के.पी.यादव, शिक्षाविद्, शोधकर्ता एवं विद्यार्थीगण उपस्थित थे।

 

 

 
 
 
 
 
 
 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 


 

 

 
 
 
 
 
 
 
 
 

 

 

 

 

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दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों का चिन्हांकन करें : कलेक्टर

 जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए अनेक निर्णय

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक गुरुवार को कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी की अध्यक्षता और एस.पी. प्रशांत ठाकुर की मौजूदगी में आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न एजेण्डों पर सकारात्मक चर्चा हुई। बैठक में सड़क दुर्घटना नियंत्रित करने, आम लोगों में यातायात के प्रति जागरूकता लाने तथा सड़क सुरक्षा को पुख्ता बनाने संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर कारगर उपाय करने के उद्देश्य से बैठक आयोजित की गई।


कलेक्टोरेट सभाकक्ष में सुबह 11.30 बजे आयोजित बैठक में कलेक्टर रघुवंशी ने निर्धारित एजेण्डों पर चर्चा करते हुए कहा कि वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 पूर्णता की ओर है किन्तु वाहनों की गति पर नियंत्रण काफी जरूरी है। इस पर एनएचएआई के अधिकारी ने बताया कि सड़क की पूर्णता के साथ ही जेब्रा क्रॉसिंग, स्टॉप लाइन, कैट आई सहित संकेतक लगाने का कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इस पर कलेक्टर ने मार्च माहांत तक इसे हरहाल में पूरा करने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने दुर्घटनाजन्य क्षेत्रों का चिन्हांकन कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए। स्कूल आने-जाने के लिए विद्यार्थियों के द्वारा वाहन उपयोग करने किए जाने के मामले में उन्होंने प्रतिदिन औसतन वाहनों की संख्यात्मक जानकारी लेने के निर्देश स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी को दिए। इसी प्रकार विद्यार्थियों व पालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूकता लाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर चर्चा करते हुए इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए कहा। सभी स्कूलों में फर्स्टएड बॉक्स की उपलब्धता सुनिश्चित करने के भी निर्देश कलेक्टर ने दिए। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग में सड़क सुरक्षा पर किए जा रहे कैम्पेन में एनएसएस, रेडक्रॉस और नेहरू युवा केन्द्र को भी शामिल करते हुए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने के लिए उन्होंने निर्देशित किया। एसपी ठाकुर ने धमतरी शहर में ट्रैफिक सुधार के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए तथा परस्पर समन्वय के साथ कारगर तरीके अपनाने के टिप्स दिए।

 


बैठक में समिति के सदस्य सचिव एवं कार्यपालन अभियंता लोक निर्माण विभाग ने 30 दिसम्बर 2022 को आयोजित बैठक में लिए गए निर्णयों पर की गई कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, पीडब्ल्यूडी, नगरपालिक निगम, चिकित्सा विभाग, शिक्षा, पुलिस विभाग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से संबद्ध एजेण्डों पर उनके द्वारा की गई कार्रवाई के बारे में बैठक में विस्तापूर्वक चर्चा की गई। इसके अलावा आईआरएडी के अंतर्गत सड़क दुर्घटना, ग्रे स्पॉट, नवीन चिन्हांकित संवेदनशील स्थलों की जानकारी पीपीटी के माध्यम से दी गई। इस अवसर पर समिति के सदस्यगण, निगम आयुक्त विनय पोयाम, सभी अनुविभाग के एसडीएम सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

 

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प्रदर्शनकारियों पर विस्फोटक पदार्थ फेंकना अमानवीय कृत्य : अशोक बजाज

   रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय जनता पार्टी के पीएम आवास को लेकर विधानसभा घेराव कार्यक्रम में प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा कार्यकर्ताओं को लक्षित कर विस्फोटक पदार्थ फेंकने की कार्यवाही की कड़ी निंदा करते है।

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अशोक बजाज ने कहा कि पुलिस का यह कृत्य अमानवीय है. उन्होंने कहा कि प्रदेश भर से लाखों की संख्या में पहुंचे प्रधानमंत्री आवास के हितग्राहियों ने भाजपा कार्यकर्ताओं के साथ शांतिपूर्ण आंदोलन किया लेकिन प्रशासन ने उन्हें उकसाने का काम किया।

बजाज ने कहा कि आंदोलन की सफलता इस बात का घोतक है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार की वादाखिलाफी से त्रस्त है तथा वह आगामी चुनाव में बदला लेने के आतुर है।

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संविदा भर्ती के लिए दावा-आपत्ति 23 तक

  कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई वाटरशेड परियोजना अंतर्गत जिले में डब्ल्यूडीटी यांत्रिकी के 02 पद एवं लेखापाल सह डाटा एंट्री ऑपरेटर के 01 पद के संविदा भर्ती के लिए आवेदकों  की स्क्रूटनी पश्चात पात्र-अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जारी की गई है, जिसे कांकेर जिले के वेबसाइट में अपलोड किया गया है।

इस संबंध में यदि किसी भी आवेदक को दावा-आपत्ति हो तो वे 23 मार्च तक वेबसाईट knk.iwmpwcdc@gmail.com  में ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय के पश्चात प्राप्त दावा-आपत्ति पर कोई विचार नहीं किया जायेगा।

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ग्रामीणों को मिलेगा उनके गांव में राशन

 बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के निर्देशन में खाद्य विभाग द्वारा लगातार कार्रवाई सुनिश्चित कर सुगमतापूर्वक राशन ग्रामीणों को उपलब्ध कराया जा रहा है।

इसी क्रम में अब धरमारम के ग्रामीणों को उनके मूल पंचायत में खाद्यान्न मिलने लगा है। जिला खाद्य अधिकारी गणेश कुर्रे ने बताया अभी 28 दुकानों को मूल पंचायत में शिफ्ट किया जा चुका है और लगातार ग्रामीणों को सुगमतापूर्वक राशन उनके पंचायत में उपलब्ध कराने का कार्य किया जा रहा है।

 

धरमारम के ग्रामीण 5 किलोमीटर की दूरी तय करके पामेड़ से खाद्यान्न लेने पर मजबूर थे ग्रामीणों की समस्याओं को देखते हुए अब वहां ट्रेक्टर के माध्यम से राशन पहूँचाकर वितरण किया जा रहा है। अंदरूनी क्षेत्रों में सड़क, पुल-पुलिया और परिवहन की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है ताकि ग्रामीणों को बिना किसी परेशानी के राशन मिल सके।

 

 

 

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