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मतदाता सूची के संक्षिप्त पुनरीक्षण के संबंध में अधिकारियों को मिला प्रशिक्षण

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी छत्तीसगढ़ रायपुर के निर्देशानुसार, फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2023 के संबंध में प्रशिक्षण प्राप्त जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स की ओर से जिला स्तर पर समस्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, विधानसभा स्तरीय मास्टर ट्रेनर, निर्वाचन पर्यवेक्षक, डाटा इन्ट्री आपरेटरों तथा मतदाता सूची पुनरीक्षण के कार्य में संलग्न अन्य कर्मचारियों को 04 अगस्त 2022 को स्थानीय प्रार्थना भवन में प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण में उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों को मतदाताओं से आधार संग्रहित करने, मतदाता सूची में प्रविष्टियो का प्रमाणीकरण, गरुण एप का उपयोग करने, मतदान केन्द्रों के युक्तियुक्तकरण तथा भारत निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूची पुनरीक्षण से संबंधित संशोधित प्रश्नों का उपयोग करते हुए फोटोयुक्त निर्वाचक नामावली का विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2023 की कार्यवाही किये जाने के संबंध में जानकारी दी गई।

 
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एसडीएम ने अल्प वर्षा प्रभावित गांवों का किया दौरा, आंगनबाड़ी में लिया बच्चों का वजन

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  कलेक्टर के निर्देश पर बिल्हा एसडीएम अमित गुप्ता ने अल्प वर्षा से प्रभावित निपनिया, अटर्रा आदि गांवों का भ्रमण किया। उन्होंने किसानों व ग्रामीणों से चर्चा कर फसलों के ताजा हालात की जानकारी ली। उन्होंने इस दौरान जल जीवन मिशन के तहत संचालित कार्यों का जहां निरीक्षण किया, वहीं आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर नन्हें बच्चों का वजन लेकर कुपोषण स्तर की जांच की। उन्होंने तहसील के कई गांवों में आयोजित राजस्व शिविरों का भी अवलोकन किया।

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खूंटाघाट व घोंघा जलाशय के खोले जाएंगे गेट 7 को

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  खूंटाघाट व घोंघा जलाशय से खरीफ  फसलों की सिंचाई के लिए 7 अगस्त को पानी छोड़ा जाएगा। जल संसाधन विभाग की ओर से इस दिन सुबह 8 बजे नहरों के कपाट खोल दिये जाएंगे। इससे मस्तुरी व बिल्हा विकासखंड के 208 गांवों में अल्प वर्षा से प्रभावित फसलों को जीवनदान मिलेगा। खेती-किसानी के कार्यों को गति मिलेगी। खूंटाघाट जलाशय में वर्तमान में 88 प्रतिशत व घोंघा जलाशय में 59 प्रतिशत जलभराव उपलब्ध है। गौरतलब है कि कमिश्नर डॉ संजय अलंग व कलेक्टर सौरभकुमार ने स्वयं मस्तुरी तहसील के आधा दर्जन गांवों का दौरा कर फसलों की स्थिति का अवलोकन किया था। जनप्रतिनिधियों व किसानों ने जलाशयों से पानी छोडऩे की मांग रखी थी।

जल संसाधन विभाग खारंग के कार्यपालन अभियंता ने आज यहां बताया कि खूंटाघाट जलाशय के बांयी व दायी दोनों तट नहरों तथा घोंघा जलाशय की नहरों से पानी छोड़ा जाएगा। मुख्य नहर की वितरक शाखा व उप शाखा नहरों में उनकी क्षमता के अनुरूप सिंचाई के लिए पानी दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि मुख्य नहर के अंतिम छोर तक निर्बाध सिंचाई के लिए मैदानी अमलों को दिन-रात पेट्रोलिंग के निर्देश दिये गये हैं। क्षेत्र के किसानों से सहयोग की अपील की गई है, कि वे पानी व नहर को सुरक्षित रखते हुये जरूरत के मुताबिक ही पानी का उपयोग करें। मछली मारने वालों और अन्य असामाजिक किस्म के लोगों की ओर से रात में नहर के पानी को हेडअप कर रोकने की प्रवृत्ति को देखते हुए रात में भी पेट्रोलिंग किया जाएगा। नहर पाटने या पम्प अथवा अन्य माध्यम से अवैधानिक रूप से सिंचाई करने पर नियमानुसार कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

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गढत हे नवा छत्तीसगढ़ : प्रदेश की आंचलिक खबरें एक नजर में

जशपुरनगर : एक ही समय में एक से अधिक कार्य करके जशपुर की महिलाएं बन रहीं हैं आत्मनिर्भर

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन में जशपुर जिले में जिला प्रशासन के अंतर्गत संचालित सी-मार्ट के माध्यम से गौठान के स्व सहायता समूह की महिलाओं की ओर से बनाए गए उत्पादों का विक्रय कराने के लिए सी-मार्ट एक उपयुक्त साधन है। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं आत्मनिर्भर बन गई है। अब तक समूह की महिलाओं ने 4 माह में लगभग 34 लाख रुपए की बिक्री कर चुके हैं।

गरियाबंद : प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम से सपना हुआ साकार

गरियाबंद विकासखंड अंतर्गत ग्राम फुलकर्रा निवासी हुम्मन लाल निषाद फर्नीचर दुकान से अंचल में पहचान बना चुके है। अब वे खुद का फर्नीचर मार्ट स्थापित करके 15 हजार रुपए हर माह आय अर्जित कर रहे हैं। साथ ही दो बेरोजगार युवाओं को रोजगार भी दे रहे हैं।

कवर्धा : कैबिनेट मंत्री अकबर ने एक विपत्तिग्रस्त परिवार को 4 लाख रुपए का चेक वितरण किया

छत्तीसगढ़ के वन, परिवहन, आवास व पर्यावरण मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने शुक्रवार को कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम घटमुड़ा दुर्जनपुर में 1 विपत्तिग्रस्त परिवार को 4 लाख रुपए चेक वितरण किया। वन मंत्री ने चेक वितरण करते हुए विपत्तिग्रस्त परिवार के सदस्यों से कहा कि वह इस चेक को बैंक में जमा कर राशि प्राप्त कर सकते है।

कवर्धा : कैबिनेट मंत्री अकबर ने पवित्र श्रावण मास में भोरमदेव मंदिर पहुंच कर विधिवत पूजा-अर्चना की

छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर शुक्रवार को छत्तीसगढ़ के ऐतिहासिक, पुरातत्विक व जनआस्था के केन्द्र बाबा भोरमदेव मंदिर पहुंचकर विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेश के समृद्धि और खुशहाली के लिए प्र्रार्थना की। उन्होंने शिव का विधिवत पूजा-अर्चना करते हुए जलाभिषेक किया और महाआरती में शामिल भी हुए। 

कांकेर : कांकेर जिले के बंधक मजदूरों को बैंग्लोर से वापस लाकर मजदूरी भुगतान किया

आमाबेड़ा तहसील के ग्राम चिखड़ी निवासी शिवलाल पांडे की ओर से 17 वर्षीय पुत्र टिकम पांडे व विरेन्द्र यादव को बैगलोर ले जाने की शिकायत महिला व बाल विकास विभाग में किया गया। जिस पर कार्यवाही करते हुए कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशानुसार छ: सदस्य टीम का गठित कर 26 जुलाई को बच्चों को लाने के लिए बैंग्लोर भेजा गया। 

जांजगीर-चाम्पा : मैं कोई बहाना नहीं सुनना चाहता, 10 अगस्त से सड़कों के गड्ढे भरने का काम शुरू हो जाना चाहिए : कलेक्टर

जिले के अधिकांश सड़कों की हालत खराब है। जगह-जगह गड्ढे हो गए हैं। दुर्घटनाओं की संभावनाएं बढ़ गई है। बरसात आ गई है। अभी गड्ढे नहीं भरेंगे तो कब भरेंगे? आपने टेंडर के लिए पहले क्यों नहीं भेजा  यह सब आपका विभागीय काम है। कार्यों में लापरवाही दिख रही है। न बैठक लिया जा रहा है। न काम करा पा रहे हैं और न ही खुद ठीक से काम कर रहे हैं।

जांजगीर-चाम्पा : जिले के गोठान खोखरा, तिलई में गौमूत्र से जीवामृत व ब्रम्हास्त्र निर्माण की विधि का प्रशिक्षण

4 अगस्त को जिला कलेक्टर तारण प्रकाश सिन्हा के निर्देशानुसार एम.आ. तिग्गा, उप संचालक कृषि व पी.के. पटेल अनुविभागीय कृषि अधिकारी पामगढ़, एन.के. भारद्वाज अनुविभागीय कृषि अधिकारी जांजगीर, कृतराज कुर्रे अनुविभागीय कृषि अधिकारी सक्ती, मनीष मरकाम सहायक मृदा परीक्षण अधिकारी सह एन.जी.जी.बी. जिला नोडल अधिकारी जांजगीर की ओर से जिले के गोठान खोखरा व तिलई में गौमूत्र से जीवामृत व ब्रम्हास्त्र निर्माण की विधि से गौठान समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित किया गया।

मुंगेली : आमजनों की समस्याओं की जानकारी व निराकरण के लिए संचालित काल सेंटर में दो और नए सम्पर्क नम्बर जुड़े

जिला प्रशासन की ओर से आमजनों की समस्याओं की जानकारी प्राप्त करने और उसका त्वरित निराकरण के लिए जिला कलेक्टोरेट में संचालित कॉल सेंटर में दो और नए संपर्क नम्बर शामिल हो गए हैं। नए सम्पर्क नम्बर 7879298169 और +91-8641002203 हैं। इस नए संपर्क नम्बर के जारी होने से अब 09 सम्पर्क नम्बर हो गए हैं।

धमतरी : मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 25 युवकों ने लिया काउंसिंलिंग में हुए शामिल 

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत जिला कौशल विकास प्राधिकरण के समन्वय से युवाओं को नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण प्रदान करने व आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आज सुबह पॉलीटेक्निक कॉलेज रूद्री में इलेक्ट्रिशियन कोर्स में की काउंसिलिंग की गई। इसमें 25 युवा उपस्थित हुए जिनका नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए काउंसलर की ओर से युवाओं को नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए विस्तृत जानकारी देते हुए युवा कौशल प्रशिक्षण प्राप्त कर रोजगार व स्वरोजगार के अवसर से अवगत कराया गया। 

कांकेर : स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए राशि जारी

जिले के 129 स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल की ओर से 95 लाख 94 हजार 400 रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति राशि जारी की गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूल भवनों के मरम्मत के लिए जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को तथा शहरी क्षेत्रों में स्थित स्कूल भवनों की मरम्मत के लिए नगरपालिका अधिकारियों को राशि जारी किये गये हैं। 

जगदलपुर : चिकित्सा महाविद्यालय के शैक्षणिक सुविधाओं का विकास भविष्य की जरूरत के आधार पर हो : 

कमिश्नर व पदेन अध्यक्ष स्वशासी समिति श्याम धावड़े की अध्यक्षता में स्वशासी समिति की प्रबंधकारिणी समिति की बैठक शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय डिमरापाल जगदलपुर के कॉलेज कॉउसिंल हॉल में आयोजित की गई। कमिश्नर धावड़े ने कहा कि चिकित्सा महाविद्यालय के शैक्षणिक तथा आवासीय सुविधाओं का विकास भविष्य की जरूरत के आधार पर किया जाएं।

महासमुंद  : त्यौहारी सीजन को देखते हुए मिठाई दुकानों और रेस्टोरेंट के सामग्रियों की गुणवत्ता की जांच

कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने रक्षा बंधन त्यौहारी सीजन को ध्यान में रखते हुए गणमान्य नागरिकों की स्वास्थ्य सुरक्षा की दृष्टि से महासमुंद जिले के मिठाई दुकानों, ठेलों आदि के विक्रय की जाने वाली सामग्रियों के नमूने की सघन जांच के निर्देश दिए है। वहीं भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण खाद्य तेलों के गुणवत्ता व शुद्धता आदि के लिए 1 अगस्त से 14 अगस्त तक पूरे देश में अभियान चलाने को भी कहा है।
 
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गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को मुख्यमंत्री करेंगे साढ़े 5 करोड़ का भुगतान

 योजना में अब तक 301.42 करोड़ का हो चुका है भुगतान

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल आज, 4 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 60 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 16 जुलाई से 31 जुलाई तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए गोबर के एवज में 2.17 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 2.07 करोड़ और महिला समूहों को 1.37 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में अब तक हितग्राहियों को 301 करोड़ 42 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 4 अगस्त को 6.50 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 307 करोड़ 92 लाख रूपए हो जाएगा।

गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की इकलौती ऐसी योजना है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर तथा 4 रूपए लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 15 जुलाई तक खरीदे गए गोबर के एवज में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों को 153.42 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 4 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को 2.17 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 155.58 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 152.90 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 4 अगस्त को 3.43 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 156.36 करोड़ रूपए हो जाएगा।
 
गौठानों में महिला समूहों द्वारा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत क्रय गोबर से बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जा रहा है। महिला समूहों द्वारा 17 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5 लाख 19 हजार क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18 हजार 924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से शासन के विभिन्न विभागों एवं किसानों को रियायती दर पर प्रदाय किया जा रहा है। महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 77 करोड़ 34 लाख रूपए की आय हो चुकी हैं। राज्य में गौठानों से 13,969 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 83,874 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है।
 
उल्लेखनीय है कि गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की शुरूआत भी रायपुर के हीरापुर-जरवाय गौठान में हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गौठानों को रूरल इण्डस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कृषि एवं वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाईयां, गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए यूनिटें स्थापित की जा रही हैं। 227 गौठानों में तेल मिल तथा 251 गौठानों में दाल मिल सहित मिनी राईस मिल एवं अन्य प्रकार यूनिटे स्थापित किए जाने का काम तेजी से जारी है।
 
राज्य में गोधन के संरक्षण और सर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित एवं 1758 गौठान निर्माणाधीन है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक स्वयं की राशि से 17 करोड़ 15 लाख रूपए का गोबर क्रय किया है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 52 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 45.98 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है। इस योजना से एक लाख 40 हजार से अधिक भूमिहीन परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।
 
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जैविक धान, फल-सब्जी की होगी ब्रांडिंग, सी-मार्ट में होंगे उपलब्ध

 कलेक्टर ने पाटन ब्लाक में ली अधिकारियों की बैठक

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजीव गांधी न्याय योजना के पश्चात एवं किसानों को सुगंधित धान के लिए प्रोत्साहित करने से सुगंधित धान का रकबा जिले में बढ़ रहा है। मिनी राइस मिल आदि के माध्यम से इसकी प्रोसेसिंग की व्यवस्था भी गौठानों में उपलब्ध है। अब इसकी ब्रांडिंग की जाएगी। आकर्षक पैकिंग के माध्यम से इसे सी-मार्ट तथा अन्य वितरण केंद्रों के माध्यम से बेचा जाएगा। इसके साथ ही फल और सब्जी भी जिनका उत्पादन जैविक तरीके से बाड़ी में हो रहा है। उनका भी विक्रय सी-मार्ट आदि माध्यम से हो सकेगा।

कलेक्टर पुष्पेंद्र मीणा ने बुधवार को पाटन ब्लाक में ली अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि जिले में गौठानों के भ्रमण के दौरान मैंने पाया कि लगातार जैविक खेती के माध्यम से किसान और समूह फसल तथा फल-सब्जी का उत्पादन कर रहे हैं। तीन साल पूरा कर लेने पर इन्हें जैविक खेती का सर्टिफिकेट मिल पाएगा। कुछ ऐसे भी समूह होंगे जिन्होंने तीन साल पूरे कर लिये होंगे। बाजार में जैविक उत्पादों की अच्छी डिमांड है। लोग बाड़ियों से उत्पादित सब्जी चाहते हैं। एक ही स्थान पर और शहर के सी-मार्ट जैसे महत्वपूर्ण केंद्रों में इनकी उपलब्धता होने पर लोगों को क्रय में आसानी होगी और समूहों को भी अच्छा लाभ मिल सकेगा। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ अश्विनी देवांगन भी मौजूद थे। उन्होंने एनजीजीबी से संबंधित गतिविधियों की जानकारी ली और सभी गौठानों में छह आजीविकामूलक गतिविधियां प्रमुखता से आरंभ करने के निर्देश दिये। इस मौके पर एसडीएम पाटन विपुल गुप्ता भी मौजूद थे।

खेती-किसानी की समस्याओं को भी जाना

कलेक्टर ने अधिकारियों की बैठक में प्रमुखता से खरीफ फसल की स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इसके लिए पिछले बैठक में दिये गये निर्देशों के अनुपालन की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि डीएपी के विकल्प के रूप में जो सामग्री सुझाई गई, उसका किस तरह प्रचार-प्रसार हुआ। कृषि अधिकारी ने बताया कि लोगों के बीच एआरईओ गये और खाद के संबंध में वैकल्पिक उपायों को सुझाया जिससे किसानों की समस्या दूर हुई है।


कलेक्टर ने कहा कि सभी स्कूलों में रनिंग वाटर की सुविधा उपलब्ध हो। जिन स्कूलों का मरम्मत के लिए चिन्हांकन हो, उन पर तुरंत काम शुरू करें। स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुनिश्चित हो। मध्याह्न भोजन आदि की मानिटरिंग होती रहे। स्वामी आत्मानंद स्कूलों की इमारतों का काम समय पर पूरा हो जाए। पिछले भ्रमण के दौरान जो निर्देश दिये गये थे, उनके अनुरूप एक्टिविटी क्लासेज के लिए भी व्यवस्था कर ली जाए।

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कलेक्टर ने तानाखार और कोरबी में अल्पवर्षा, अवर्षा और खंड वर्षा की स्थिति का लिया जायजा

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य शासन के कम वर्षा वाले तहसीलो के सर्वेक्षण करने के निर्देश के परिपालन में कलेक्टर संजीव झा ने बुधवार को जिले के दूरस्थ क्षेत्रों का दौरा कर जिले में अल्प वर्षा, खंड वर्षा और अवर्षा की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने तहसील दर्री के अंतर्गत स्याहीमुड़ी और तहसील पोड़ी उपरोड़ा के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर वर्षा की स्थिति का जायजा लिया।

उन्होंने विकासखंड पोड़ी उपरोड़ा के अंतर्गत ग्राम तानाखार और कोरबी में विभिन्न किसानों के खेतों में पैदल चलकर फसलों की वर्तमान स्थिति का अवलोकन किया। साथ ही कम वर्षा के कारण प्रभावित फसल की पूर्ति के लिए वैकल्पिक रूप में कुल्थी, रामतिल, उड़द, तोरिया आदि फसल लेने के लिए किसानों से चर्चा भी की। कलेक्टर ने वैकल्पिक फसल लेने के लिए गांवों में किसानों की बैठक आयोजित करने तथा किसानों को वैकल्पिक फसलों के बीज आदि प्रदान करने के निर्देश उपसंचालक कृषि को दिए। तानाखार में किसानों ने कलेक्टर झा को बताया कि खंड वर्षा और कम बारिश के कारण रोपा और बोता विधि से लगाए गए धान के फसल प्रभावित हो रहे हैं। कलेक्टर ने कोरबी में भी  किसानों के खेतों में जाकर फसलों की स्थिति का जायजा लिया। कोरबी के कुछ किसानों ने गांव में ही हसदेव नदी पर बने लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम से पानी आपूर्ति करने की मांग की। किसानों ने लिफ्ट इरिगेशन में आवश्यक क्षमता के पम्प लगाकर और पाइप के माध्यम से खेतों तक पहुंचाने की मांग कलेक्टर से की। कलेक्टर झा ने किसानों की मांग को संज्ञान में लेते हुए लिफ्ट इरिगेशन सिस्टम से पंप और पाइप लगाकर खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश उप संचालक कृषि और सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए। इस इस कार्य के पूर्ण रूप से संचालित होने से लगभग 200-250 एकड़ में सिंचाई हो सकेगी। इस दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी नूतन कंवर, एसडीएम पोंडी उपरोड़ा नंद जी पांडे,  उप संचालक कृषि अनिल शुक्ला सहित राजस्व एवं कृषि विभाग के अन्य  अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

उल्लेखनीय है की कलेक्टर झा ने कोरबा जिले मे वर्तमान मानसून सीजन के दौरान कम वर्षा, खण्ड वर्षा और अवर्षा के कारण प्रभावित हो रहे खरीफ फसल के आकलन के लिए जिले में विभिन्न क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने के निर्देश दिये है।  उन्होने राजस्व, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों की संयुक्त टीम बनाकर वर्षा से प्रभावित क्षेत्रों का एक सप्ताह के भीतर सर्वे करने के निर्देश दिये है।

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मरीजों से पर्ची छीनकर दवा लेने का दबाव, जांच करने पहुंच गईं स्वयं कलेक्टर

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर रानू साहू ने बुधवार को अशर्फी देवी अस्पताल स्थित धन्वंतरी मेडिकल स्टोर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यहां आने वाले मरीजों से जबरदस्ती पर्ची लेकर बाहर की दुकानों से दवा लेने का दबाव डालने की शिकायत मिली है। उन्होंने इस संबंध में विस्तार से जानकारी ली।

मेडिकल स्टोर संचालक ने बताया कि अस्पताल में आए मरीज जब इलाज के बाद डॉक्टर की पर्ची लेकर बाहर निकलता है तो बाहर खड़े कुछ लोग उन मरीजों से जबरदस्ती दवा की पर्ची लेते है तथा अस्पताल के बाहर स्थित दुकानों से दवा खरीदने के लिए मरीज तथा उनके परिजनों पर दबाव डालते है। कलेक्टर ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए तत्काल अस्पताल में सीसी टीवी लगवाने तथा मरीजों पर दबाव डालने वाले ऐसे लोगों की पहचान कर उनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज करवाने के लिए कहा।
 
कलेक्टर ने कहा कि यहां शहर के साथ दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से लोग इलाज के लिए आते है। जिनमें से बहुत से लोग निम्न आय श्रेणी के होते है। सरकार ने ऐसे लोगों के इलाज व उपचार व राहत के लिए ही सस्ती दवाएं उपलब्ध करवाने धन्वतंरि मेडिकल स्टोर खोले है। जहां लोगों को 70 प्रतिशत से अधिक छूट के साथ जेनेरिक दवाएं मिल रही है। ऐसे में इन मरीजों पर बाहर से ऊंचे दाम पर दवाई खरीदने का दबाव डालना अत्यंत निदंनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी। कलेक्टर श्रीमती साहू ने निरीक्षण के दौरान धन्वतंरि मेडिकल स्टोर में उपलब्ध दवाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संचालक से शासन द्वारा निर्धारित सभी दवाएं मुहैय्या करवाने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने अस्पताल का निरीक्षण कर मरीजों से उनका हालचाल जाना। उन्होंने मेल, फिमेल वार्ड में इलाजरत मरीजों से बात की तथा उनसे अस्पताल में मिल रहे इलाज, दवाई व खान-पान के बारे में फीडबैक भी लिया। उन्होंने प्रबंधन को अस्पताल में साफ-सफाई रखने, आवश्यक मरम्मत का कार्य तत्काल पूरा करवाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान नगर निगम आयुक्त संबित मिश्रा, डॉ.रूपेन्द्र पटेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

 

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कार की ठोकर से बाइक सवार घायल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बच्चे के साथ घर लौट रहे पिता को कार ने ठोकर मार दी। पुलिस के मुताबिक मोहम्मद अमीम अपने दुकान युसूफिया रूई भंडार शक्ति नगर पंडरी से काम ख़त्म करके अपने तीन साल के बच्चे को लेकर बाइक CG04KQ5679 से घर दलदल सिवनी लौट रहा था। क्रिस्टल आर्केट हाट बाजार पंडरी के पास पहुंचा था, उसी समय कार हुण्डई वेन्यू क्रमांक CG04NQ1227 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक मोटरसायकल को पीछे से ठोकर मारकर एक्सीडेंट कर दिया। जिससे दोनों बाइक समेत गिर गए। हादसे में मोहम्मद अमीम को चोंट आई है। वही हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

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सांसद सरोज ने सदन में उठाया बालको में हो रही अनियमितता और स्थानीय लोगों की उपेक्षा का मामला

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ से राज्यसभा सांसद सरोज पाण्डेय ने संसद में कोरबा स्थित बालको की ओर से की जा रही अनियमितताओं और स्थानीय युवाओँ के साथ की जा रही उपेक्षा का विषय संसद में उठाया। संसद में शून्यकाल में यह मुद्दा उठाते हुए सरोज ने कहा कि भारत सरकार की विनिवेश नीति के तहत छत्तीसगढ़ के कोरबा में स्थित भारत एल्यूमीनियम कंपनी का 51 % शेयर स्टरलाइट कंपनी को बेच दिया गया था। उस वक्त इस कंपनी का सालाना उत्पादन लगभग एक लाख टन था जो वर्तमान में लगभग 5 लाख टन प्रतिवर्ष हो चुका है। यह उपक्रम देश के सबसे महत्वपूर्ण और बड़े एल्यूमीनियम उत्पादकों में से एक है। सांसद ने कंपनी में जारी इन्हीं अनियमितताओं की ओर सदन का ध्यान आकृष्ट किया।

सांसद ने बताया कि शुरुआती उत्पादन प्रतिवर्ष 1 लाख टन से बढ़ाकर वर्तमान में 5 लाख टन प्रतिवर्ष हो गया है, लेकिन अभी भी कंपनी ऑडिट रिपोर्ट में लगातार नुकसान दिखा रही है। जिससे टैक्स देने से बच जा सके साथ ही अन्य सामाजिक दायित्व के कार्य न किये जा सकें। कंपनी CSR का पालन न करके अपने सभी वित्तीय दस्तावेजों को भी पब्लिक डोमेन में नहीं रखा रही है। कंपनी के क्षमता विस्तार की अनुमति में भी अनेक अनियमितताएं हैं, जिस जमीन पर नए प्लांट बने हैं उस जमीन का प्रकरण सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। जिसे स्थानीय प्रशासन से छुपाया गया और अवैध रूप से अनुमति प्राप्त की गई।

सांसद ने की जांच की मांग
सासंद ने कहा कि ये एक गंभीर विषय है और इसकी तुरंत जांच की जानी चाहिए। किसी भी उपक्रम की स्थापना इसीलिए की जाती है कि उस क्षेत्र का विकास हो। वहां के स्थानीय निवासियों को रोजगार मिल सके। लेकिन कंपनी इन दोनों मूल नियमो का उल्लंघन कर रही है। कंपनी ने स्थानीय मूलभूत सुविधाओं के लिए ना कोई काम किया ना ही स्थानीय युवाओं को रोजगार दिया। ITI के छात्रों को प्रशिक्षु के रूप में प्रशिक्षण देकर उन्हें एक समय बाद हटा दिया जाता है और उनके जगह नए लोगों को लेकर उनके साथ भी वही व्यवहार किया जाता है। उपक्रम के दैनिक कार्यों को निजी ठेकेदारों को ठेके पर दे दिया जाता है, जो बाहर के कार्मिकों से कार्य करवाते हैं और स्थानीय युवक बेरोजगार रह जाते हैं। इस पूरे मामले में सांसद सरोज पांडेय ने सरकार से जांच कराने मांग की है।

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मुख्यमंत्री 4 को करेंगे गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 5 करोड़ का भुगतान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने 4 अगस्त को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 60 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 16 जुलाई से 31 जुलाई तक राज्य के गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए गोबर के एवज में 2.17 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 2.07 करोड़ और महिला समूहों को 1.37 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं। गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में अब तक हितग्राहियों को 301 करोड़ 42 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 4 अगस्त को 6.50 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 307 करोड़ 92 लाख रूपए हो जाएगा।

गोधन न्याय योजना देश-दुनिया की इकलौती ऐसी योजना है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर तथा 4 रूपए लीटर की दर से गौमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 15 जुलाई तक खरीदे गए गोबर के एवज में गोबर बेचने वाले ग्रामीणों को 153.42 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 4 अगस्त को गोबर विक्रेताओं को 2.17 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 155.58 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 152.90 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 4 अगस्त को 3.43 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 156.36 करोड़ रूपए हो जाएगा।

गौठानों में महिला समूहों द्वारा गोधन न्याय योजना के अंतर्गत क्रय गोबर से बड़े पैमाने पर वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट प्लस एवं अन्य उत्पाद तैयार किया जा रहा है। महिला समूहों द्वारा 17 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5 लाख 19 हजार क्विटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18 हजार 924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से शासन के विभिन्न विभागों एवं किसानों को रियायती दर पर प्रदाय किया जा रहा है। महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 77 करोड़ 34 लाख रूपए की आय हो चुकी हैं। राज्य में गौठानों से 13,969 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 83,874 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है।

उल्लेखनीय है कि गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की शुरूआत भी रायपुर के हीरापुर-जरवाय गौठान में हो चुकी है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशा के अनुरूप गौठानों को रूरल इण्डस्ट्रियल पार्क के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां आयमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए तेजी से कृषि एवं वनोपज आधारित प्रसंस्करण इकाईयां, गोबर से प्राकृतिक पेंट निर्माण के लिए यूनिटें स्थापित की जा रही हैं। 227 गौठानों में तेल मिल तथा 251 गौठानों में दाल मिल सहित मिनी राईस मिल एवं अन्य प्रकार यूनिटे स्थापित किए जाने का काम तेजी से जारी है।

राज्य में गोधन के संरक्षण और सर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित एवं 1758 गौठान निर्माणाधीन है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक स्वयं की राशि से 17 करोड़ 15 लाख रूपए का गोबर क्रय किया है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 52 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 45.98 प्रतिशत संख्या महिलाओं की है। इस योजना से एक लाख 40 हजार से अधिक भूमिहीन परिवार लाभान्वित हो रहे हैं।

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ड्रोन 15 मिनट में ही कर देगा एक एकड़ खेत में कीटनाशक दवा का स्प्रे

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृषि कार्य में उन्नत तकनीक के प्रयोग के तरफ  सरकार की ओर से एक और कदम बढ़ाई जा रही है। ड्रोन के उपयोग से खेतों में कीटनाशक छिड़काव सहित अन्य कार्य करने को लेकर योजनाएं तैयार की जा रहीं है। कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा के प्रक्षेत्र झाल में बुधवार को कृषि में फसल प्रबंधन के लिए बहुउपयोगी ड्रोन पर प्रदर्शन रखा गया। कंपनी प्रतिनिधियों की ओर से ड्रोन संचालन व प्रबंधन पर विस्तृत जानकारी दी गई।

एवियोरॉन टेक्नोलाजीस प्राइवेट लिमिटेड जो छत्तीसगढ़ की प्रथम एवं अग्रणी ड्रोन टेक्नोलाजी पे कार्य करने की संस्था है। इनके तत्वाधान में बुधवार को कृषि विज्ञान केन्द्र ढोलिया बेमेतरा के प्रक्षेत्र झाल में कृषकों, विद्यार्थियों तथा पदाधिकारियों के प्रदर्शन के लिए कृषि ड्रोन का प्रदर्शन किया गया। ताकि आने वाले समय में विकासखण्ड स्तर पर ड्रोन का प्रदर्शन कृषि वैज्ञानिकों की उपस्थिति में कृषकों के प्रक्षेत्र में दिया जा सके। प्रदर्शनी में दो प्रकार के कृषि ड्रोन के कार्य, कार्य प्रणाली, तकनीक तथा सजीव प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन में संस्था के संचालक पराग झा, बिजनेस हेड प्रमोद सिंह उपस्थित थे। जिन्होंने सफलतापूर्वक प्रदर्शनी का आयोजन किया।

जन प्रतिनिधियों व किसान भाईयों की ओर से इस इनोवेटिक तकनीक का सराहना करते हुए राज्य में किसानहित में उचित सुरक्षित एवं लाभप्रद उपयोग की संभावना को ध्यान में रखते हुए बेहतर नीतियां, कार्ययोजना तैयार कराने की मंशा व्यक्त की। प्रदर्शन के दौरान कृषि विज्ञान केन्द्र, बेमेतरा के प्रक्षेत्र झाल में लगे फसल-धान, सोयाबीन व सुगंधित फसलों जैसे-खस, पामारोजा इत्यादि फसलों पर कीटनाशक का छिड़काव की विधि (जी.पी.एस.) की ओर से चयनित क्षेत्र पर चयनित मात्रा में छिड़काव किया गया। कंपनी प्रतिनिधियों ने सभी के समक्ष ड्रोन की विशेषता को तकनीकी मापदड़ों, सुरक्षा, गुण तथा इससे किसानों को होने वाले लाभ की जानकारी दी। उन्होने प्रदर्शन के माध्यम से विभिन्न फसलों पर कृषि रसायनों, जल में घुलनशील दवाईयों, उर्वरकों, आर्गेनिक अदानों तथा नैनो युरिया व ड्रिप सिचाई पद्धति में आने वाली समस्या के बारे में जानकारी दी साथ ही उल्लेखनीय है कि ग्रामीण उद्यानिकी, एफ.पी.ओ., सी.एस.सी. आदि के लिए सब मिशन आन एग्रीकल्चर मेकेनाइजेशन के तहत ड्रोन के लिए अनुदान का प्रावधान है। इस ड्रोन का उपयोग ग्रीन एरिया में ही किया जा सकता है। डी.जी.सी.ए. से सर्टिफिकेट उपयोगकर्ता ही इसका उपयोग कर सकता है।

यह ड्रोन फसल के हर भाग पर मिस्टिंग का उपयोग करता है। कंपनी प्रतिनिधियों ने बताया किया की यह ड्रोन आटो सेंसर के माध्यम से एक निष्चित उचाई पर उड़कर एक बार में करीब 15 लीटर का छिड़काव कर सकता है। खेत में आने वाले पेड़ या अन्य रूकावट को सेंसर के माध्यम से बचाता है तथा उत्कृष्ट श्रेणी के नोजल की ओर से फसल के हर भाग पर ऊपर से मिस्टिंग से स्प्रे करता है, जो पारम्परिक स्प्रे से ज्यादा लाभकारी एवं प्रेरणादायक है। प्रदर्शन के दौरान बेमेतरा जिले के कुल 125 किसान भाई, कृषि विज्ञान केन्द्र के कृषि वैज्ञानिक व कृषि महाविद्यालय के वैज्ञानिक एवं छात्र-छात्राएं तथा जन प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

 
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एफसीआई में चावल जमा नहीं करने पर होगी कड़ी कार्यवाही : कलेक्टर

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिन्हा ने आज राइस मिल संचालकों की बैठक लेकर निर्देशित किया कि वे भारतीय खाद्य निगम में लक्ष्य अनुसार समय पर चावल का लॉट जमा करें। समय पर चावल नहीं करने वाले राइस मिलर्स के विरूद्ध ब्लैक लिस्टिंग सहित अन्य वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है।

कलेक्टर सभाकक्ष में मिलर्स संचालकों की बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने निर्देशित किया कि एफसीआई में प्रतिदिन 55 लॉट चांवल जमा करना है। जिले में 15 सितम्बर तक यह कार्य पूर्ण किया जाना है। उन्होंने राइस मिल संचालकों को हिदायत दी कि चावल जमा करने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और नियमानुसार पारदर्शिता के साथ कार्य किया जाए। कलेक्टर ने खाद्य अधिकारी एवं विपणन अधिकारी को भी निर्देशित किया कि राइस मिलर्स द्वारा प्रतिदिन जमा कराये जा रहे चावल की समीक्षा की जाए। उन्होने कहा कि जो राइस मिलर भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा करने में कोताही बरत रहे हैं उनके विरूद्ध प्रकरण दर्ज कर तत्काल कार्यवाही करते हुए जब्त सामग्री राजसात कर वसूली की कार्यवाही की जाए। जिन मिलरों का पूर्व में प्रकरण दर्ज हुआ है और वर्तमान में भी उनके द्वारा एफ.सी.आई. में चावल जमा नहीं किया जा रहा है, तो उनके प्रकरण में भी तत्काल कार्यवाही कर जब्त सामग्री राजसात कर वसूली की कार्यवाही की जाए। बैठक में खाद्य अधिकारी मनोज त्रिपाठी सहित विपणन अधिकारी और जिले के राइस मिलर्स संचालक उपस्थित थे।

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कलेक्टर ने कहा झूठ मत बोलिये...तो सब इंजीनियर ने कहा जी सर अप-डाउन करती हूं...

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिन्हा ने आज बलौदा ब्लॉक में  दौरा कर शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। जनपद पंचायत में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों की बैठक में जनपद की सब इंजीनियर से कार्यों की सूची और प्रगति के विषय में सवाल किया तो जानकारी से असंतुष्ट कलेक्टर ने उनसे पूछा कि आप मुख्यालय में रहते हो या नहीं। कलेक्टर के सवाल का जवाब देते हुए सब इंजीनियर ने कहा कि जी मैं बलौदा में रहती हूं। 

कलेक्टर ने कहा नहीं, आप झूठ बोल रही हो, मुझे जानकारी मिली है कि आप मुख्यालय में नहीं रहते हो। कलेक्टर के इस सवाल के साथ ही सब इंजीनियर ने तुरंत स्वीकार किया कि जी सर मैं बिलासपुर से अप-डाउन करती हूं। सब इंजीनियर के इस स्वीकारोक्ति के पश्चात कलेक्टर ने उनसे कहा कि इतने दूर से अप-डाउन करने में ही आपका महत्वपूर्ण समय निकल जाता होगा। ऐसे में आप विभागीय कार्यों का संपादन कैंसे करते होंगे ? शासन द्वारा सप्ताह में दो दिन का अवकाश दिया जा रहा है। वेतन दिए जा रहे हैं। किसी अधिकारी का समय पर दफ्तर पहुचना ही उसके विभागीय कार्यों की सफलता का आधार बनता है। इस तरह का अप-डाउन नहीं चलेगा। आप यहीं मुख्यालय में रहिये और काम करिये। बिलासपुर से आने-जाने में अपना कीमती समय और ऊर्जा बर्बाद न करिये। आगे शिकायत मिलने पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। 

बलौदा में विकासखंड स्तरीय समीक्षा बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने सभी अधिकारियों को समझाइश दी कि शासन की योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन तथा आम जनता के समस्याओं का निराकरण पहली प्राथमिकता है। यहां के लोग अपनी समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पहुचते हैं। जब आप सभी अधिकारी अपने मुख्यालय में रहना और कार्यालयीन समय पर दफ्तर आना सुनिश्चित करेंगे तो किसी को यहां से जाना नहीं पड़ेगा। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदारों को निर्देशित किया कि राजस्व प्रकरणों का निराकरण समय पर हो। सीमांकन, बटांकन, नामान्तरण, ऋण पुस्तिका और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए किसी भी ग्रामीण, आमनागरिकों को परेशान न करें और समय-सीमा के भीतर कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने पटवारियों को समय पर मुख्यालयों में उपस्थित कराने के निर्देश दिए। 

बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी कृषि मजदूर भूमिहीन न्याय योजना, धान के बदले अन्य फसल लेने की जा रही तैयारी, राजीव युवा मितान क्लब के गठन की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्व-सहायता समूहों द्वारा उत्पादित सामग्रियों को स्कूल, छात्रावासों, आश्रम, आंगनबाड़ी सहित स्वास्थ्य केंद्रों में क्वालिटी और कीमत देखकर क्रय करने के निर्देश दिए। उन्होंने महिला बाल विकास विभाग के अधिकारी और बीएमओ को निर्देशित किया कि कुपोषण के शिकार बच्चों और गर्भवती महिलाओं के हीमोग्लोबिन जांच कर स्वस्थ बनाने विशेष अभियान चलाए। उन्होंने आंगनबाड़ी में गरम भोजन प्रदान करने तथा पौष्टिक आहार का वितरण ईमानदारीपूर्वक प्रतिदिन करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने गौठानों मे संचालित गतिविधियों की जानकारी ली और यहां मत्स्य पालन, मुर्गी पालन, बकरी पालन जैसी गतिविधियों को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बीईओ और बीआरसी को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय पर शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित कराए। अनुपस्थिति पर शिक्षकों के वेतन काटे और निलंबन संबंधी कार्यवाही की प्रक्रिया करें। कलेक्टर ने यह भी निर्देशित किया कि कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन न रहे। विद्यालय में पढ़ाई का स्तर सुधारने के लिए समय-समय पर परीक्षा लेकर मूल्यांकन करें। उन्होंने जनपद पंचायत अंतर्गत अपूर्ण कार्यों को समय पर करने के निर्देश दिए। 

कलेक्टर सिन्हा ने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, किसानों से जुड़ी योजनाओं में लापरवाही बिल्कुल भी न करें। आप सभी मुख्यालय में रहे और समय पर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने सीएमओं को निर्देशित किया कि क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान दें। वे स्वयं भी निरीक्षण करें और सफाई कर्मचारियों को निर्देशित करे कि नगर को स्वच्छ रखे। कलेक्टर ने 11 से 17 अगस्त तक आजादी के अमृत महोत्सव में हर घर झण्डा फहराने के कार्यक्रम को सफल बनाने की अपील की। 

अनुपस्थित शिक्षक के वेतन काटने और निलंबन के दिए निर्देश

कलेक्टर सिन्हा ने बलौदा विकासखंड में आज महुदा गौठान का निरीक्षण किया। यहां गौठान समिति के अध्यक्ष और स्व-सहायता समूह के सदस्यों से चर्चा करते हुए आजीविका के साधन विकसित करते हुए आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढऩे कहा। उन्होंने गौठान में गायों की उपस्थिति बढ़ाने, गोबर बिक्री बढ़ाने सहित गौठान को सुव्यवस्थित बनाने के संबंध में बाते कहीं। कलेक्टर ने बलौदा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और पोषण पुनर्वास केंद्र का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहा कहा कि चिकित्सक सहित सभी स्टॉफ समय पर आए ताकि मरीजों को समय पर इलाज मिल सके। उन्होंने बलौदा में पोषण पुनर्वास केंद्र का निरीक्षण किया और बच्चों की संख्या को बढ़ाने तथा बच्चों को पौष्टिक आहार देने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने धन्वंतरि मेडिकल दुकान का निरीक्षण किया और सस्ती दर पर मिलने वाली दवाइयों की बिक्री बढ़ाने व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। 

कलेक्टर ने ग्राम जावलपुर और महुदा में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का भी निरीक्षण किया। यहां विद्यार्थियों से संस्कृत के श्लोक, अंग्रेजी विषय के प्रश्न पूछे। ग्राम महुदा में एक शिक्षक टी आर खैरवार के अनुपस्थित रहने पर प्रभारी प्राचार्य को वेतन काटने और निलंबन की कार्यवाही के निर्देश दिए। कलेक्टर ने प्रभारी प्राचार्य को निर्देशित किया कि वे स्कूल के गाइडलाइन के अनुसार व्यवस्था बनाएं। किसी तरह की लापरवाही किए जाने पर कड़ी कार्यवाही की हिदायत भी कलेक्टर ने दी। कलेक्टर ने स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट शासकीय अंग्रेजी विद्यालय बलौदा का निरीक्षण कर स्वीकृत कार्यों के संबंध में जानकारी ली और पूर्ण कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम श्रीमती कमलेश नंदिनी साहू उपस्थित थी।

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मुख्यमंत्री बघेल से रायपुर सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने की मुलाकात


 राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने गोबर और गौमूत्र की सरकारी खरीदी को सराहा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल से बुधवार को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में रायपुर सराफा एसोसिएशन की नवगठित कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने मुलाकात की। सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ में व्यापारिक मसलों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में रोजगार व्यवसाय अन्य राज्यों की तुलना में काफी बेहतर है। सराफा कारोबार में भी वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों और किसानों को शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत लगातार दी जा रही मदद से बाजार में आर्थिक चक्र सुदृढ़ हुआ है।


सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य में पशुधन के संरक्षण के साथ-साथ जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए गोबर और गौमूत्र की खरीदी की योजना के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे गौमाता के पालन के प्रति लोग रूचि लेने लगे है। वर्मी कम्पोस्ट और गौमूत्र कीटनाशक के उपयोग से लोगों को विष रहित खाद्यान्न उपलब्ध होने से स्वास्थ्य बेहतर होगा। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि राज्य के सभी वर्ग के लोग खुशहाल और आगे बढ़े। उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर हो इसको ध्यान में रखकर सरकार अपनी ओर से हरसंभव प्रयास कर रही है। हमारी योजनाओं के माध्यम से लोगों के जेब में लगातार पैसा जा रहा है। इसके चलते बाजार में रौनक बढ़ी है। कारोबार और व्यवसाय बेहतर हुआ है।

 

 

 

 

 


इस अवसर पर सुरेश भंसाली, दीपचंद कोटडिया, उत्तम गोलछा, अरिहंत, हरीश डागा, सुनिल सोनी, जितेंद्र गोलछा, दिलीप टाटिया, प्रवीण मालू, महावीर मालू, भरत जैन, महेन्द्र कोचर, राजू कटा, टी. नागेश्वर, सतीश टाटिया,  विनय गोलछा, मनीष गुप्ता आदि शामिल थे।

 

 

 

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कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल में जिले से 6 स्वास्थ्य केन्द्र पुरस्कृत

 जांजगीर-चाम्पा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कायाकल्प स्वच्छ अस्पताल योजना प्रत्येक वर्ष की भांति वर्ष 2021-22 में जिले से 06 स्वास्थ्य केन्द्रो को बाह्य मूल्यांकन पश्चात 70 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त होने की स्थिति में पुरस्कृत किया गया। 

उक्त संस्थाओ में जिला चिकित्सालय को 82.84 प्रतिशत व 05 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पंतोरा, जर्वे ब, दल्हापोडी, कुरदा, अडभार को क्रमश: 89.2, 85.8, 78.1, 82.5 व 88.6 प्रतिशत अंक प्राप्त हुये हैं। जिला स्तर पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पंतोरा को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए संस्थाओ के अधिकारियो/कर्मचारियो के साथ जिला स्तर से मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एन.एच.एम) व जिला सलाहकार एवं संबंधित विकासखंड से खंड चिकित्सा अधिकारी तथा विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक का योगदान रहा।

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रायपुर नगर निगम ने पूरा किया 80 एम.एल.डी. संयंत्र का इंटर कनेक्शन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शहरी क्षेत्र में शुद्ध पेयजल आवर्धन एवं विस्तार योजना के तहत अमृत मिशन योजना के सहयोग से निर्मित 80 एम.एल.डी. जल शुद्धिकरण के संपवेल का 150 एमएलडी संयंत्र से इंटर कनेक्शन का महत्वपूर्ण कार्य समय सीमा के भीतर ही पूर्ण कर लिया। अब इस कार्य के पूरा हो जाने से प्रस्तावित सभी 14 नवीन उच्चस्तरीय जलागारों में जलापूर्ति होगी, जिससे नगर निगम सीमा में नये जुड़े गांवों के साथ लगभग 5 लाख नई आबादी तक पेयजल की आपूर्ति होगी। महापौर श्री एजाज़ ढेबर, कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने समय सीमा के भीतर इस महत्वपूर्ण कार्य को बेहतर प्लानिंग के साथ पूरा करने के लिए नगर निगम की टीम की सराहना की है।

              अमृत मिशन के तहत वर्तमान में निर्मित 10 नवीन उच्च स्तरीय जलागारों हेतु आवश्यक अतिरिक्त पेयजल की आपूर्ति हेतु बने इस 80 एमएलडी संयंत्र से 30 एमएलडी उपचारित जल को वर्तमान में संचालित 150 एमएलडी क्षमता के जल शोधन संयंत्र से ग्रेविटी के माध्यम से पहुंचाने हेतु इंटर कनेक्शन का अति आवश्यक कार्य 1 अगस्त को शुरू किया गया। इसके अंतर्गत 1000 व्यास की एमएस पाइप लाइन के एक हिस्से को कांक्रीट से ग्राउट कर दोनों संयंत्रों के सम्पवेल को उनके बॉटम से जोड़ा गया। चूंकि सम्पवेल का निर्माण 12 वर्ष पूर्व किया गया था और पर्याप्त मोटाई की आरसीसी वॉल को तोड़ने का कार्य अति संवेदनशील था, इसलिए नगर निगम आयुक्त श्री मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में नगर निगम का पूरा तकनीकी अमला मिशन मोड पर तैनात किया गया और 48 घंटे का शट-डाउन कर योजना अनुरूप पूरी कार्यवाही की गई। मुख्य अभियंता श्री आर.के. चौबे, कार्यपालन अभियंता श्री बद्री चंद्राकर, सहायक अभियंता श्री नरसिंग फरेन्द्र, अमृत मिशन के कार्यपालन अभियंता श्री आर.के. गुप्ता, सहायक अभियंता श्री नितिश झा, श्री प्रदीप यादव, श्री योगेश कडू, उपअभियंता श्री अनुराग पाटकर, श्री रमेश पटेल सहित पीडीएमसी की पूरी टीम अनवरत कार्य करते हुए इस महत्वपूर्ण कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा किया। कार्य के दौरान नागरिकों को असुविधा न हो इसके लिए रायपुर नगर निगम द्वारा पर्याप्त टैंकर की व्यवस्था कर पेयजल आपूर्ति की गई एवं जोन कमिश्नर एवं उनके अधीनस्थ अमले ने तत्काल सहायता उपलब्ध कराने अलर्ट मोड पर रहकर अपनी सेवाएं दी।

                महापौर श्री एजाज़ ढेबर ने इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए नगर निगम की पूरी टीम की सराहना करते हुए कहा है कि टीम वर्क और प्लानिंग से काम करते हुए पूरी टीम ने अथक परिश्रम कर 5 लाख आबादी को पीने का पानी सुलभ कराने के लिए उत्कृष्ट कार्य किया है। कलेक्टर डॉ. सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे ने भी इस इंटर कनेक्शन की कार्यवाही में जुटी टीम को प्लानिंग और परिश्रम के लिए शाबाशी दी है।

              रायपुर शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति अब पूरी तरह से सामान्य हो गई है एवं सभी जलागारों में शोधन संयंत्र से पर्याप्त जलापूर्ति की जा रही है। इस कार्य के पूरा हो जाने से अब रायपुर सीमा में सम्मिलित हुए 7 गांव कचना, आमासिवनी, जोरा, देवपुरी, डुमरतराई, बोरियाखुर्द, डूंडा के लिए बने 5 उच्च स्तरीय जलागारों में भी अब पर्याप्त जलापूर्ति होगी। इसके अलावा औद्योगिक प्रक्षेत्र भनपुरी में भी जलापूर्ति सुगमता पूर्वक होगी, जहां अब-तक केवल टैंकर के माध्यम से ही पेयजल की पूर्ति रायपुर नगर निगम करता रहा है। इस कार्य के पूरा हो जाने से 277 एमएलडी के पुराने संयंत्र की क्षमता बढ़कर 357 एमएलडी हो गई है। इसके अलावा रायपुरा एवं कुकुरबेड़ा में निर्मित हो रहे जलागारों को जलापूर्ति हेतु राइजिंग लाइन का इंटर कनेक्शन कार्य भी इस टीम ने पूरा किया है।

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छत्तीसगढ़ में अल्पवर्षा ने बढ़ाई चिंता, फसलों के नुकसान का आकलन करवायेगी भूपेश सरकार

 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मानसून के रूठ जाने से छत्तीसगढ़ के एक बड़े हिस्से में फसलों के खराब होने की आशंका है। राज्य सरकार प्रदेश की 28 तहसीलों को सूखाग्रस्त घोषित कर सकती हैं। सूखे का संकट गहराने की स्थिति से निपटने सीएम भूपेश बघेल के निर्देश के बाद मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने संबंधित कलेक्टरों से आवश्यक प्रस्ताव मंगाए हैं। सूत्रों के मुताबिक बारिश के आंकड़ाें के आधार पर कई तहसीलों में गंभीर सूखे के हालात पाए गए हैं।
 
छत्तीसगढ़ की 28 तहसीलों में 60 प्रतिशत से कम बारिश दर्ज
छत्तीसगढ़ सरकार के जनसम्पर्क विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेश में औसत से कम बारिश वाली तहसीलों में फसलों की स्थिति का नजरी आंकलन कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अल्प बारिश वाली तहसीलों में राहत कार्य के लिए तुरंत कार्ययोजना भी तैयार करने के भी निर्देश दिए हैं। ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ की 28 तहसीलों में चालू वर्षा मौसम में 01 अगस्त की स्थिति में 60 प्रतिशत से कम बारिश दर्ज की गई है।

खरीफ की बोनी एवं फसलों की स्थिति प्रभावित
छत्तीसगढ़ में मानसून के कमजोर पड़ने और प्रदेश के उत्तरी हिस्से के जिलों विशेषकर सरगुजा, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर में कम बारिश होने के कारण खरीफ की बोनी एवं फसलों की स्थिति प्रभावित हुई है। कम बारिश के चलते संसदीय सचिव चिन्तामणी महराज, विधायक वृहस्पत सिंह और विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सरगुजा संभाग की कम बारिश वाली तहसीलों को सूखा ग्रस्त घोषित करने का आग्रह किया है।

28 तहसीलों में राहत कार्य शुरू
मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने राज्य में वर्षा की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करने के बाद कलेक्टरों को औसत से कम बारिश वाली तहसीलों का राहत मैन्युअल 2022 के प्रावधान के मुताबिक फसलों का राजस्व, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों के जरिये से नजरी आकलन कराने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने कहा कि औसत से कम वर्षा वाली 28 तहसीलों में राहत कार्य शुरू कराने के लिए तुरंत कार्ययोजना भी तैयार की जाए।

8 तहसीलों में 40 प्रतिशत से भी कम बारिश
बताया जा रहा है कि छत्तीसगढ़ के 9 जिलों की 28 तहसीलों में 01 अगस्त 2022 की स्थिति में 60 प्रतिशत से कम औसत वर्षा हुई है. इन जिलों में 8 तहसीलों में 40 प्रतिशत से भी कम बारिश हुई है। इन सभी तहसीलों में फसलों का आकलन करने के बाद तुरंत ही सूखा घोषित करने हेतु प्रस्ताव भिजवाने के निर्देश दिए गए हैं।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सरगुजा जिले की अम्बिकापुर, मैनपाट और सीतापुर, सूरजपुर जिले की लटोरी, बलरामपुर जिले की बलरामपुर, कुसमी एवं वाड्रफनगर, जशपुर जिले की दुलदुला, जशपुर, पत्थलगांव, सन्ना, कुनकुरी और कांसाबेल, रायपुर जिले की रायपुर एवं आरंग, कोरिया जिले की सोनहत, कोरबा जिले के दर्री, बेमेतरा जिले की बेरला और सुकमा जिले की गादीरास एवं कोण्टा तहसील में 60 फीसदी से कम बारिश हुई है। वहीं सरगुजा जिले की लुण्ड्रा, दरिमा, बतौली, सूरजपुर जिले की प्रतापपुर बिहारपुर और बलरामपुर जिले की शंकरगढ़, रामानुजगंज व् राजपुर ऐसी तहसीलें हैं जहां मौजूदा वर्षा मौसम में 01 अगस्त की स्थिति में 40 प्रतिशत से कम बारिश दर्ज की गई है।
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