छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

कोरोना बुलेटिन : प्रदेश में आज मिले 11 नए मामले, रायपुर से 3

 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 3 जून की स्थिति में प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर 0.37 प्रतिशत है। आज प्रदेश भर में हुए 2 हजार 938 सैंपलों की जांच में 11 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।  वहीं 2 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज/रिकवर्ड हुए। प्रदेश में अब कुल 71 मामले सक्रिय हैं।

आज कबीरधाम एवं बिलासपुर से 01-01, रायगढ़ से 02, रायपुर से 03, कोरबा से 04 कोरोना संक्रमित पाए गए। शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है। वहीं 13 जिले बालोद, महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद, जांजगीर-चांपा, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बलरामपुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, सुकमा, कांकेर, नारायणपुर एवं बीजापुर में कोरोना के सक्रिय मरीज नहीं है।

प्रदेश के 15 जिले राजनांदगांव, बेमेतरा, जशपुर एवं बस्तर में 01-01, दुर्ग, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर एवं कोरिया में 02-02, धमतरी में 03, कबीधाम में 06, रायगढ़ एवं कोरबा में 07-07, बिलासपुर में 13, रायपुर में 21 कोराना सक्रिय मरीजों की संख्या रही।

और भी

वर्ल्ड नो टोबैको डे : तंबाकू का उपयोग न करें, जीएं स्वस्थ जीवन

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तंबाकू एवं इससे संबंधित उत्पादों का सेवन कर रहे लोगों के लिए हो सकता है इसके सेवन से उनको क्षणिक आनंद का अनुभव होता हो, किन्तु लंबे समय तक इसका सेवन करने से स्वास्थ्य से सम्बंधित कई गंभीर परेशानियां हो सकती हैं। इसलिए तंबाकू का उपयोग नहीं करना चाहिए और दूसरों को भी ऐसा करने से मना करना चाहिए। यह कहना है तंबाकू या धूम्रपान छोड़ चुके लोगों का। प्रदेश में बीते एक वर्ष (अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक) में 1,946 लोगों ने तंबाकू और धूम्रपान का सेवन करना छोड़ा हैI इनमें सर्वाधिक लोग सूरजपुर के हैं एवं दूसरा स्थान धमतरी का है। अब यह लोग नशा छोड़ने के लिए अन्य लोगों को भी प्रेरित कर रहे हैं।

कहते हैं लोग अब अच्छा महसूस हो रहा-

विगत 35 वर्षों से तंबाकू और गुटखा का सेवन कर रहे बिलासपुर निवासी 59 वर्षीय टेकराम (परिवर्तित नाम) ने अब तंबाकू सेवन छोड़ दिया है। उन्होंने बताया: “मैंने पांचवी तक पढ़ाई की है। पारिवारिक स्थिति के चलते कम उम्र में ही मैं काम करने लगा। टैक्सी और ऑटो चलाने के दौरान मैंने तंबाकू और गुटखा खाना शुरू कर दिया। इससे मुझे अच्छा महसूस होता था। शारीरिक परेशानियों को मैं नजरअंदाज करता था, परंतु जब दांत में परेशानी हुई तो मुझे डॉक्टर ने तंबाकू की वजह से सारे दांत खराब होने एवं अन्य परेशानियां होने की बात बताई। तंबाकू छोड़ने के लिए मैं तब नशामुक्ति केन्द्र गया। एक माह इलाज चला और मैंने तंबाकू छोड़ दिया। अब मैं ठीक हूं दोस्तों को भी तंबाकू छोड़ने को कहता हूं, कुछ ने सेवन छोड़ भी दिया है।“

कांकेर निवासी 12 वीं के छात्र 19 वर्षीय राम एवं श्याम (परिवर्तित नाम) ने भी धूम्रपान करना छोड़, अब स्वस्थ जीवन को अपना लिया है। राम का कहना है: “पिता के गुजर जाने के बाद मुझे बहुत अकेलापन लगता था। इसके बाद मां ने मुझे कभी भी अकेला नहीं छोड़ा फिर भी मैंने अवसादग्रस्त होकर दोस्तों के साथ धूम्रपान करना शुरू कर दिया। मेरा दोस्त श्याम भी मेरे साथ सिगरेट पीने लगा। धूम्रपान कर हमें अच्छा लगता था। एक दिन स्कूल में धूम्रपान की वजह से होने वाली स्वास्थ्यगत परेशानियों और नशा मुक्ति केन्द्र के बारे में बताया गया। तब हमने केन्द्र में जाकर काउंसिलिंग ली। एक दो काउंसिलिंग के बाद ही हमने धूम्रपान करना छोड़ दिया । और अब पढ़ाई और हर काम में मन लगता है।“

क्या कहते हैं विशेषज्ञ-

दंत रोग विशेषज्ञ एवं राज्य प्रशिक्षक तंबाकू निषेध, डॉ. शिल्पा जैन ने बताया: “तंबाकू में नशे की आदत डालने वाला निकोटीन नामक पदार्थ होता है। निकोटीन कुछ समय के लिए बेहतर महसूस कराता हैं, लेकिन इसका लंबे समय तक उपयोग, हृदय, फेफड़े और पेट के साथ-साथ तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता हैं। इसके लगातार उपयोग करने पर व्यक्ति को इसके सेवन की आदत हो जाती है तथा अंत में व्यक्ति गंभीर स्वास्थ्यगत समस्याओं से पीड़ित भी हो जाता है। तंबाकू छोड़ने की दर केवल 5-6 प्रतिशत है क्योंकि तंबाकू छोड़ने के लिए जरूरी अनुपालन बहुत कम होता है। तंबाकू छोड़ने के लिए सबसे आवश्यक अच्छी सलाह, आत्मविश्वास, परिवार और दोस्तों का प्रेरित करने वाला माहौल होता है। इसलिए इसे छोड़ने वालों में दृढ़ इच्छाशक्ति होनi और आसपास का माहौल भी उसे इस कार्य के लिए प्रेरित करने वाला होना चाहिए।“

राज्य नोडल अधिकारी तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम, डॉ. कमलेश जैन का कहना है: “इस वर्ष “तंबाकू हमारे पर्यावरण के लिए खतरा” थीम पर विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाएगा। तंबाकू और तंबाकू युक्त पदार्थों का सेवन छोड़ना ही स्वास्थ्य के लिए बेहतर है। इसलिए लोग नशामुक्ति केन्द्र, जिला चिकित्सालय में जाएं, काउंसिलिंग लें और धूम्रपान और तंबाकू सेवन की आदत को छोड़ें। हालांकि तंबाकू छोड़ने वालों की संख्या जरूर कम है, हमें और अधिक प्रयास करने की जरूरत है। स्वास्थ्य मंत्री ने आओ गांव चले हम, तंबाकू मुक्त ग्राम और ग्राम पंचायत बनाएं का आह्वान किया था, उस दिशा में प्रदेश में कार्य किया जा रहा है। धमतरी, सरगुजा एवं बिलासपुर में कार्य प्रगति पर चल रहा है।“

धमतरी पहले स्थान पर-

अप्रैल 2021 से मार्च 2022 तक के आंकड़ों पर गौर किया जाए तो प्रदेश के 2,505 संस्थान तंबाकू मुक्त घोषित किए गए हैं। इनमें धमतरी (1,553 संस्थान )का पहला स्थान है। वहीं जशपुर का दूसरा तथा सरगुजा, रायपुर, नारायणपुर का क्रमशः तीसरा, चौथा और पांचवां स्थान हैं। तंबाकू नियंत्रण हेतु कोटपा एक्ट 2003 (सिगरेट एंड अदर टोबैको प्रोडक्ट्स एक्ट, 2003) यानि सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पाद (विज्ञापन का प्रतिषेध और व्यापार तथा वाणिज्य उत्पादन, प्रदाय और वितरण का विनियमन) अधिनियम, 2003 के प्रवधानों के तहत चालानी कार्यवाही में 291 कार्यवाही कर धमतरी प्रथम, 235 कर सरगुजा, 160 कर दुर्ग, 156 कर रायपुर तथा 137 कर कांकेर ने क्रमशः प्रदेश में दूसरा, तीसरा, चौथा एवं पांचवां स्थान हासिल किया है। वहीं प्रदेश के 4,201 स्कूलों में जन-जागरूकता कार्यक्रम का लाभ 1,30,845 बच्चों ने लिया है।

और भी

हाथी ने महिला को उतारा मौत के घाट…

 

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में हाथियों का आतंक थम नहीं रहा है। जिले में एक उत्पाती हा​थी ने महिला को कुचलकर मार डाला। प्रतापपुर वन परिक्षेत्र की यह घटना है। इधर धमतरी में एक बार फिर हाथियों की धमक से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। जानकारी के अनुसार प्रतापपुर वन परिक्षेत्र में 50 वर्षीय एक महिला का हाथी से सामना हो गया। महिला कुछ कर पाती इससे पहले उत्पाती हाथी ने उसे पकड़कर मार डाला। घटना सोमवार देर शाम की बताई जा रही है।

धमतरी में एक बार फिर हाथियों की धमक सुनाई दे रही है। तीन दंतैल हाथी ने पैरी नदी के रास्ते धमतरी जिला में प्रवेश किया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई।

और भी

राजीव भवन में दो दिवसीय कार्यशाला 1 जून से, सीएम-पीसीसी चीफ होंगे शामिल

 

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के चिंतन शिविर के निर्णयों को प्रदेश से लेकर बूथ स्तर तक पहुंचाने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन एक जून से कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में किया गया है। इसमें मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया, प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम सहित अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे।

कार्यशाला में शामिल होने के लिए प्रभारी पुनिया सोमवार की शाम को रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा में उन्होंने कहा कि उदयपुर के चिंतन शिविर में जो निर्णय लिए गए थे, जो बातें हुई थीं, उन्हें प्रदेश स्तर, जिला स्तर और उसके नीचे तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

और भी

वन विभाग ने पैंगोलिन को जंगल में छोड़ा…

 

पेंगोलिन की रिहाई को लेकर दायर याचिका पर सोमवार को हुई सुनवाई

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के बस्तर के उमरकोट-जगदलपुर मार्ग पर ओडिश सीमा से 25 अप्रैल 2022 को तस्करी किए जा रहे पैंगोलिन को जप्त कर रायपुर जंगल सफारी में रखा गया था। जिसे छोड़ने की मांग को लेकर दायर की गई जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान सोमवार, 30 मई को वन विभाग ने कोर्ट को बताया कि पेंगोलिन को को छोड़ दिया गया है। इस पर कोर्ट ने याचिका निराकृत की है।

वन विभाग ने जगदलपुर में एक स्वस्थ पेंगोलिन को तस्करी होते हुए 25 अप्रैल को जप्त किया था। जब पैंगोलिन को जप्त किया था, तब वह पूर्ण: स्वस्थ पाया गया, उसे तत्काल छोड़ा जाना चाहिए था। परंतु वन परिक्षेत्र अधिकारी करपावंद ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट जगदलपुर को पत्र लिखकर बताया कि पैंगोलिन दुर्लभ प्रजाति का वन्य प्राणी है, इसे जंगल सफारी रायपुर में रखा जाना चाहिए। इस पर मजिस्ट्रेट ने उसे वनमंडल अधिकारी जगदलपुर के माध्यम से विधि अनुसार जंगल सफारी रायपुर में रखे जाने के लिए आदेशित किया।

वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बिना वनमंडल अधिकारी जगदलपुर की अनुशंसा के पैंगोलिन को जंगल सफारी लाकर छोड़ दिया। जंगल सफारी प्रबंधन ने पेंगोलिन को बिना प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के आदेश के रख लिया। इस पर रायपुर के नितिन सिंघवी ने पैंगोलिन को छोड़ने की मांग प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) से की कि पैंगोलिन जू में मर जाता है तथा उसे बिना प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) के आदेश के बंधक नहीं बनाया जा सकता क्यों की पेंगोलिन अनुसूची एक का वन्यप्राणी है, परंतु वन विभाग ने उसे नहीं छोड़ा।

पेंगोलिन को जब नहीं छोड़ा जा रहा था तो सिंघवी द्वारा 24 मई को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में पैंगोलिन को छोड़ने के लिए जनहित याचिका दायर की। 26 मई को याचिका की सुनवाई समय अभाव में न हो सकी। याचिका की सुनवाई के दौरान वन विभाग ने कोर्ट को बताया कि पैंगोलिन को 28 मई को छोड़ दिया गया है।

सिंघवी ने चर्चा में बताया कि जंगल सफारी प्रबंधन बोलता रहा कि पेंगोलिन को जगदलपुर कोर्ट के आदेशानुसार रखा गया है, बिना कोर्ट के आदेश के हम उसे उसे नहीं छोड़ सकते, परन्तु अब उसे छोड़ दिया गया है। अब जंगल सफारी प्रबंधन और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) बताएं कि बिना कोर्ट के आदेश के उसे अब क्यों छोड़ दिया गया, पहले क्यों नहीं छोड़ा? 24 मई को जनहित याचिका लगाने के बाद ही क्यों छोड़ा गया? जबकि प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) को भी पत्र लिखकर के बताया गया था कि सिर्फ प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वनप्राणी) ही पेंगोलिन को बंधक बनाकर रखने के आदेश जारी कर सकते हैं परन्तु उन्होंने कोई कार्यवाही नहीं की।

और भी

बड़ी खबर : सीएम हाउस में शुरू हुई विधायक दल की बैठक…

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निवास पर विधायक दल की बैठक जारी है। कांग्रेस के सभी विधायक सीएम हाउस में जुटे हैं। राज्यसभा उम्मीदवार रंजीत रंजन के सामान्य परिचय के बाद सीएम बघेल के साथ सभी नामांकन जमा करने विधानसभा जाएंगे।

विधायक दल की बैठक में मुख्यमंत्री और पीसीसी अध्यक्ष के साथ दोनों उम्मीदवारों का सम्बोधन होगा। इसके बाद एक-एक नामांकन फॉर्म में 10-10 विधायकों को प्रस्तावक बनाया जाएगा। बैठक के बाद सम्भवतः सारे विधायक विधानसभा जाएंगे।

और भी

48 लाख 20 हजार हेक्टेयर में होगी खरीफ फसलों की बुआई

 

धान का रकबा 5 लाख 39 हजार हेक्टेयर घटेगा 

मक्का का रकबा एक लाख 9 हजार हेक्टेयर बढ़ेगा

कोदो, कुटकी और रागी के रकबे में 63 हजार हेक्टेयर की होगी बढ़ोत्तरी

दलहन-तिलहन एवं अन्य फसलों के रकबों में पौने तीन लाख हेक्टेयर 
की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य 

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। राज्य में इस साल खरीफ सीजन में कुल 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर में विभिन्न प्रकार फसलों की बुआई होगी, जो कि बीते खरीफ सीजन 2021 की तुलना में लगभग 55 हजार हेक्टेयर अधिक है। खरीफ सीजन 2022 के बुआई लक्ष्य निर्धारण में सबसे उल्लेखनीय बात यह है कि धान का रकबा में बीते खरीफ सीजन के तुलना में 5 लाख 39 हजार हेक्टेयर कम कर दिया गया है। जबकि मक्का के रकबे में लगभग एक लाख 9 हजार हेक्टेयर तथा कोदो, कुटकी और रागी के रकबे में लगभग 63 हजार हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी की गई है। धान के रकबे को घटाने के साथ ही कृषि विभाग ने दलहन-तिलहन एवं अन्य फसलों के बुआई रकबे में बीत साल की तुलना में लगभग पौने तीन लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी का लक्ष्य रखा है। 


कृषि विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार खरीफ सीजन 2021 में राज्य में 47 हजार 65 हजार 190 हेक्टेयर में खरीफ फसलों की बुआई हुई थी। खरीफ सीजन 2022 में इस लक्ष्य को लगभग 55 हजार हेक्टेयर बढ़ाकर 48 लाख 20 हजार हेक्टेयर कर दिया गया है। बीते खरीफ सीजन में राज्य में 38 लाख 99 हजार 340 हेक्टेयर में धान की बोनी हुई थी, खरीफ सीजन 2022में इस लक्ष्य को घटाकर 33 लाख 60 हजार 500 हेक्टेयर कर दिया गया है। यानि धान के रकबे में 5 लाख 39 हजार हेक्टेयर की कमी लाने का लक्ष्य है।


खरीफ सीजन 2022 में मक्का की बुआई 3 लाख 14 हजार हेक्टेयर में होगी, जबकि बीते वर्ष राज्य में 2 लाख 5 हजार हेक्टेयर में मक्का लगाया गया है। कोदो कुटकी और रागी का रकबा भी 63 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर एक लाख 47 हजार हेक्टेयर किया गया है। इस प्रकार राज्य में मोटे अनाज का रकबा भी 2 लाख 88 हजार हेक्टेयर से बढ़ाकर 4 लाख 60 हजार हेक्टेयर किया गया है।


राज्य में इस साल खरीफ सीजन में दलहनी फसलों का रकबा 4 लाख 48 हजार हेक्टेयर निर्धारित किया गया है, जबकि बीते खरीफ सीजन में 2 लाख 77 हजार हेक्टेयर में दलहनी फसलों की खेती की गई थी। इसी तरह तिलहनी फसलों के रकबे में एक लाख की बढ़ोत्तरी करते हुए इनका रकबा दो लाख 67 हजार 700 हेक्टेयर कर दिया गया है। खरीफ 2021 में राज्य में एक लाख 66 हजार 670 हेक्टेयर में तिलहनी फसलें लगाई गई थी, अन्य खरीफ फसलों के रकबे में लगभग डेढ़ लाख हेक्टेयर की बढ़ोत्तरी की गई हैै। खरीफ 2022 में अन्य खरीफ फसलें दो लाख 83 हजार हेक्टेयर में लगाए जाने का लक्ष्य है, जबकि बीते खरीफ सीजन में इनकी बोनी का रकबा एक लाख 33 हजार हेक्टेयर था।

और भी

मुख्यमंत्री ने नन्हे बच्चे वंश से कहा जल्द ही आएंगे आत्मानंद स्कूल

 

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान छात्र, किसान, श्रमिक सहित सभी प्रकार के लोगों से बड़ी सहजता और आत्मीयता के साथ बात-चीत कर हाल-चाल जानते है। इसी कड़ी में केशकाल विधानसभा के ग्राम टाटामारी में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री ने स्वामी आत्मानंद स्कूल के छात्र नन्हे वंश गोयल के साथ फोटो खिंचाई। मुख्यमंत्री से बात करते हुए नन्हे वंश ने अपने भोले-भाले अंदाज में आत्मानंद स्कूल जरूर आना कहते हुए मुख्यमंत्री को आमंत्रित किया। मुख्यमंत्री ने बहुत ही सहजता से वंश की निमंत्रण को स्वीकार करते हुए कहा जल्द आएंगे।

और भी

मुख्यमंत्री ने केशकाल विधानसभा में 146 करोड़ के विकास कार्यों का किया लोकार्पण-भूमिपूजन

 रायपुर/कोंडागांव (छ.ग. दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने केशकाल विधानसभा दौरे में रविवार को टाटामारी में 146.62 करोड़ के 171 विकास कार्यों का भूमिपूजन व लोकार्पण किया। उन्होंने टाटामारी में आयोजित समारोह में 40.94 करोड़ रुपए के 43 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 105.67 करोड़ रुपए के 128 विकास कार्यों का भूमिपूजन किया।

मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग के 11.17 करोड़ के 01, आदिवासी विकास विभाग के 26.18 करोड़ के 03, कार्य जिला निर्माण समिति के 1.71 करोड़ का 1 कार्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 1.12 करोड़ के 37 कार्यों का लोकार्पण एवं क्रेडा के 37.27 करोड़ के 02 कार्यों, लोक निर्माण विभाग के 31.34 करोड़ के 06 कार्यों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 17.46 करोड़ के 20 कार्य, आदिवासी विकास विभाग के 5.86 करोड़ के 85 कार्यों का भूमिपूजन किया।

इस अवसर पर उन्होंने 05.17 करोड़ रुपयों के लागत के 85 देवगुड़ियों का भूमिपूजन एवं 15 देवगुड़ियों का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री री कवासी लखमा, राज्यसभा सांसद श्रीमती फूलोदेवी नेताम, लोकसभा सांसद दीपक बैज, बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक सन्तराम नेताम सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

और भी

मुख्यमंत्री बघेल ने किया टाटामारी के टूरिस्ट इंफोर्मेशन सेंटर का शुभारंभ

 रायपुर/कोंडागांव (छ.ग. दर्पण)। कोंडागांव जिले के टाटामारी में पर्यटकों की सुविधा एवं उन्हें कोण्डागांव के पर्यटन स्थलों के संबंध में जानकारी देने के उद्देश्य से बनाए गए टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर का मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थानीय बिहान समूह की महिलाओं द्वारा शुभारंभ कराया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री कवासी लखमा, राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम एवं बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं स्थानीय विधायक संतराम नेताम के साथ “टूरिस्ट इनफॉरमेशन सेंटर” का निरीक्षण करते हुए “मावा कोंडानार पर्यटन सर्किट” एवं उसके लोगो का विमोचन किया।

इस अवसर पर टाटामारी के बिहान कैंटीन में कार्यरत महिला समूह की अध्यक्ष लक्ष्मी साहू एवं सदस्य जयंती ध्रुव के हाथों मुख्यमंत्री ने टाटामारी के ‘टूरिज्म इनफॉरमेशन सेंटर’ का फीता काटकर शुभारंभ कराया।

ज्ञात हो कि कोंडागांव जिले में उपलब्ध पर्यटन की संभावनाओं के विकास एवं उनके द्वारा स्थानीय लोगों को रोजगार दिलाने के उद्देश्य से “मावा कोंडानार पर्यटन सर्किट” का विकास किया जा रहा है। इसके लिए 3 दिन एवं 2 रातों का पर्यटन पैकेज तैयार किया गया है, जिसमें पर्यटकों को स्थानीय प्रकृति के सानिध्य में मनोरम वादियों, 20 से अधिक जलप्रपातों, पुरातात्विक अवशेषों, आदिवासी सभ्यता-संस्कृति, प्रागैतिहासिक शैल चित्रों, कोण्डागांव की अनोखी संस्कृति को दिखाया जाएगा।

और भी

धनोरा के पूर्ण तहसील बनने से लोगों को मिली राहत

नव निर्मित तहसील कार्यालय का मुख्यमंत्री ने किया निरीक्षण

पूर्ण तहसील बनाए जाने पर क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया 

धनोरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोण्डागांव जिले के धनोरा को पहले उप तहसील का दर्जा था। क्षेत्रवासियों की मांग पर मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 27 जनवरी 2021 को धनोरा को पूर्ण तहसील बनाने की घोषणा की थी। उनकी घोषणा के अनुरूप अब धनोरा पूर्ण तहसील बन चुका है। भेंट-मुलाकात अभियान की कड़ी में मुख्यमंत्री श्री बघेल आज केशकाल विधानसभा अंतर्गत धनोरा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने नव निर्मित तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया।

तहसीलदार न्यायालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री श्री बघेल ने नायब तहसीलदार दयाराम साहू से क्षेत्र के राजस्व प्रकरणों, भुइंया पोर्टल में एंट्री की जानकारी ली। उन्होंने दर्ज प्रकरणों की जानकारी लेते हुए, समस्त प्रकरणों का निराकरण समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। दूसरी ओर उप तहसील को पूर्ण तहसील का दर्जा देने पर क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया। क्षेत्रीय लोगों ने मुख्यमंत्री से कहा कि धनोरा पूर्ण तहसील बन जाने से अब राजस्व संबंधी व तहसीलदार कार्यालय से जुड़े अनेक काम के लिए उन्हें भटकना नहीं पड़ता। क्षेत्रीय जनता के समय और व्यय की बचत हो रही है। इससे आमजनता को काफी राहत मिली है।

और भी

लर्निंग सेंटर में बच्चे ने दिखाए अपने खिलौने, मासूमियत से कहा-कूद कर आप दिखाओ, मुख्यमंत्री ने भी आजमाया हाथ

5वी कक्षा के जीवन दास बघेल की प्रतिभा से खुश मुख्यमंत्री ने कहा- आत्मानंद इंग्लिश मीडियम में कराएं एडमिशन

कोरोना में स्कूल बंद रहे तो खोला गया सीख केंद्र

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)कोरोना काल में जब स्कूल बंद रहने पर बच्चों की सीखने की प्रक्रिया बाधित न हो, इसके लिए कलेक्टर के निर्देश पर गांव के युवकों-युवतियों ने दुबागुड़ा में सीख केंद्र अर्थात लर्निंग सेंटर खोल लिया। इस लर्निंग सेंटर में 32 बच्चों को खेलकूद के साथ ही पढ़ाई भी कराई। बच्चों का इतना समग्र विकास हुआ कि आज यहीं के एक बच्चे जीवनदास ने मुख्यमंत्री को अपना लर्निंग सेंटर दिखाया। बच्चे ने अपना गिल्ली डंडा दिखाया, फिर भौंरे का कौशल दिखाया। फिर आखरी में मासूमियत से कहा कि मुझे रस्सीकूद अच्छा लगता है। आप भी कूद कर दिखाओ। मुख्यमंत्री ने बच्चे के आग्रह को मानते हुए रस्सी कूद कर दिखाया। फिर भौंरा भी चलाकर दिखाया। गिल्ली डंडा भी खेला। इससे सारे बच्चे बहुत खुश हो गये।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बच्चा बहुत प्रतिभाशाली है। आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में इसका एडमिशन कराइये। गांव के युवाओं ने बताया कि शिक्षा के साथ ही खेल की गतिविधि भी कराने से बच्चों में तेजी से विकास हुआ है। वे लर्निंग सेंटर में खुशी से आते हैं। हम उन्हें थोड़ा सा खेल कराते हैं और थोड़ी पढ़ाई करा देते हैं। मुख्यमंत्री ने युवाओं की प्रशंसा करते हुए कहा कि आप जैसे लोगों की जागरूकता की वजह से और शासन के दृढ़ संकल्प से कोरोना के कठिन समय का मुकाबला हम सभी हिम्मत से कर पाए। एक ऐसे समय में शिक्षा की लौ को जलाये रखने में आप लोगों ने मदद की और जीवनदास जैसे प्रतिभाशाली बच्चों की प्रतिभा को निखारा। आप लोगों के जज्बे को सलाम। मुख्यमंत्री ने सब बच्चों के साथ एक ग्रुप फोटो भी ली।

और भी

रमन, धरम, विष्णु देव के साथ धोखा कर रही है पुरंदेश्वरी : सुशील

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा प्रभारी पुरंदेश्वरी के पत्रकार वार्ता का जवाब देते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा की खस्ता हालत और गुटबाजी से पुरंदेश्वरी खुद हताशा में लग रही है। उन्हें मालूम है वे एक कमजोर और बेलगाम सेना को लेकर लड़ाई लड़ने की कोशिश में लगी है लेकिन उनकी सेना को 15 सालों तक भ्रष्टाचार की लत लग गयी है। पुरंदेश्वरी को छत्तीसगढ़ के भाजपा नेताओं पर भरोसा नहीं है इसीलिये वे लगातार छत्तीसगढ़ के भाजपा के नेताओं को नीचा दिखाने का प्रयास करती रहती है। पुरंदेश्वरी को मालूम हो गया है कि छत्तीसगढ़ भाजपा के सारे नेताओं के ऊपर 15 साल की सरकार में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के दाग लगे है इसीलिये वे छत्तीसगढ़ का 2023 का विधानसभा चुनाव मोदी के चेहरे पर लड़ने की बात करती है। उनको मालूम है भाजपा के इन दागी नेताओं को जनता 2018 के चुनाव में नकार चुकी है अतः इन पर दांव लगाने पर भाजपा वर्तमान के 14 सीटों तक भी नहीं पहुंच पा रही है इसीलिये पुरंदेश्वरी राज्य के भाजपा नेताओं पर बार-बार अविश्वास जताती है।

 
सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पुरंदेश्वरी भाजपा के राज्य के पूरे शीर्ष नेताओं को धोखा दे रही है। 15 साल के मुख्यमंत्री रहे रमन सिंह जो अपने आपको पार्टी का छोटा चेहरा बताते है। उनको चेहरा मानने से इंकार कर रही है। धरमलाल कौशिक भाजपा विधायक दल के नेता है। पुरंदेश्वरी उनको चेहरा मानने से इंकार करती है। विष्णुदेव साय पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष है, आदिवासी नेता है। पुरंदेश्वरी उनको भी भाजपा का चेहरा नहीं मानती। यह इन नेताओं के साथ भाजपा नेतृत्व का धोखा नहीं तो और क्या है? पुरंदेश्वरी छत्तीसगढ़ के 2023 के चुनाव को मोदी के चेहरे पर लड़ना चाहती है। क्या इसमें मोदी की भी सहमति है? 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के हार की जवाबदेही क्या मोदी लेने को तैयार होंगे या फिर उस हार का ठीकरा भी राज्य के भाजपा नेताओं के सिर पर फोड़ा जायेगा?
 
पुरंदेश्वरी हसदेव अरण्य पर घड़ियाली आंसू बहाने के बजाय जवाब दें कि हसदेव अरण्य की खदानों को मोदी सरकार ने कोल उत्खनन के लिये अलाट क्यों किया? केंद्र सरकार उसको निरस्त क्यों नहीं कर देती? मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्पष्ट कहा है वहां के आदिवासियों के हितों का ध्यान रखे बिना वहां खुदाई नहीं होगी। आदिवासियों के हित भूपेश सरकार की पहली प्राथमिकता है। मोदी सरकार अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करें और कार्यवाही करें।
 
उन्होंने कहा कि कांग्रेस का मत स्पष्ट है कांग्रेस 2023 का चुनाव मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, भूपेश सरकार के जनहितकारी योजनाओं और उनके बेहतरीन क्रियान्वयन के दम पर लड़ेगी। कांग्रेस सरकार ने साढ़े तीन साल में हर वर्ग के लिये काम किया है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने किसान, मजदूर, युवा, आदिवासी, ओबीसी, अनुसूचित जाति, सभी वर्ग के लोग खुश है। छत्तीसगढ़ ऐसा राज्य है जहां भाजपा के पास मुद्दे नहीं है। वह कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनसरोकारों के किसी मुद्दे को आज तक नहीं उठा पाई और न ही कांग्रेस सरकार पर भाजपा भ्रष्टाचार के एक भी प्रमाणिक आरोप लगा पाई है ऐसे में 2023 का चुनाव भाजपा के लिये 2018 की पुनरावृत्ति ही साबित होगा।
 
और भी

मितान क्लब के युवा आमजनता तक पहुंचा रहे शासकीय योजनाओं की जानकारी : मुख्यमंत्री श्री बघेल

 बकावंड (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज बस्तर विधानसभा के  ग्राम बकावंड में भेंट मुलाकात अभियान के दौरान राजीव युवा मितान क्लब के युवक राजेश से चर्चा के दौरान कहा कि राजीव युवा क्लब के युवाओं द्वारा योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने का काम सराहनीय है। इससे आम जनता में योजनाओं के प्रति जागरूकता आएगी और वे योजनाओं का लाभ उठाने में सक्षम हो सकेंगे।

राजीव युवा मितान क्लब के राकेश ने भेंट-मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री को बताया कि वे क्लब में युवाओं के लिए कई गतिविधियों का आयोजन करते है। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि युवा जो शासकीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार कर रहे है वह सरहानीय है। इससे वनांचल में रहने वाले लोग लाभान्वित होंगे। 

राजीव गांधी किसान न्याय योजना का सही समय पर मिल रहा है लाभ,अन्नदाताओं में है खुशी

भेंट-मुलाकात में मुख्यमंत्री से मिलने आये राजनगर के संतराम पाटले ने बताया कि वे राजीव गांधी किसान न्याय योजना के हितग्राही है। साथ ही प्रदेशभर के किसान इससे लाभान्वित है किंतु बड़ी बात यह है कि किसानों को जरूरत के समय यह राशि मिल रही है। उन्होंने कहा कि बीज खरीदनेखेत बनाने,  बुआई और कटाई के समय सहयोग मिलने से किसानों में खुशी है। यह कहते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया।

तीन लाख का बेचा गोबरखरीद लिया मक्का मशीन

गोधन न्याय योजना से लाभान्वित कृष्णा देवांगन ने मुख्यमंत्री का जताया आभार

गोबर बेचकर किसी ने गहने खरीदेकिसी ने गाड़ी खरीदी तो कोई अपने बच्चों को अच्छे स्कूलों में पढ़ा रहा है। गोबर से आर्थिक संपन्नता आ रही है और लोग अपनी जरूरत पूरी कर पा रहे है। लोगों से मिलने मुख्यमंत्री जब बकावंड पहुंचे तब चर्चा के दौरान कृष्णा देवांगन ने बताया कि उन्होंने तीन लाख रुपए का गोबर बेचे है और इस पैसे से मक्का मिलिंग मशीन खरीदा है। मुख्यमंत्री ने पशुपालक कृष्णा देवांगन की सराहना की और अन्य लोगों को भी योजना का लाभ लेने को कहा। 

तनुजा ने मुख्यमंत्री को अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने का दिया धन्यवाद

भेंट मुलाकात कार्यक्रम में कस्तूरबा गांधी बालिका आश्रम की छात्रा तनुजा कश्यप ने मुख्यमंत्री को बकावंड में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल खोलने के लिए सभी बच्चों की ओर से धन्यवाद दिया । मुख्यमंत्री ने तनुजा से खूब पढ़ाई करने की बात कही और उनके उज्ज्वल भविष्य की भी कामना की ।

ज्ञातव्य है कि कस्तूरबा गांधी बालिका आश्रम में सुदूर वनांचल के ऐसे बालिकाओं को शिक्षा दी जाती है जिनके माता-पिता नहीं हैंजो कमजोर वर्ग से हैंशाला त्यागी और आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं । छात्राओं को यहां पर पढ़ाई के साथ आत्मरक्षासिलाईकढ़ाईबुनाईपाक कलाखेल कूदसांस्कृतिक कार्यक्रम के द्वारा सर्वांगीण विकास किया जाता है । उनकी भविष्य की आकांक्षाओं के अनुरूप उनका मार्गदर्शन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाता है । यहां आश्रम में बच्चों को उनकी आवश्यकता के सभी सामान कपड़ेस्टेशनरी भी निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं ।

और भी

सराफा एसोसिएशन का साहूकारी लाइसेंस शिविर 30 को

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सौरभ कुमार के निर्देश पर रायपुर सराफा एसोसिएशन ने सराफा भवन हलवाई लाइन में साहूकारी लाइसेंस शिविर का आयोजन 30 मई को किया जाएगा।

 
इस दौरान सराफा कारोबारी नया लाइसेंस बनाया जायेगा तथा लाइसेंस का नवीनीकरण करवा सकते हैं। शिविर में तहसीलदार मनीष देव साहू अपनी टीम के साथ उपस्थित रहेंगे। उक्त जानकारी रायपुर सराफा एसोसिएशन के अध्यक्ष हरख मालू ने बताई है।
 
उन्होंने बताया कि ऑनलाइन के माध्यम से साहूकारी लायसेंस दिया जा रहा है लेकिन इसमें तकनीकी त्रुटि होने के कारण साहूकारी लायसेंस लेने में सराफा कारोबारियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा हैं। रायपुर सराफा एसोसिएशन का एक प्रतिनिधिमंडल पिछले दिनों जिला कलेक्टर सौरभ कुमार से मिला और तकनीकी त्रुटियों के संबंध में अवगत कराया।
 
अध्यक्ष मालू ने बताया कि कलेक्टर सौरभ कुमार ने रायपुर सराफा एसोसिएशन के सहयोग से सराफा भवन हलवाई लाइन  में 30 मई को साहूकारी लायसेंस शिविर लगाने की सहमति दे दी है और इस दौरान तहसीलदार मनीष देव साहू अपनी टीम के साथ मौजूद रहेंगे। जो भी सराफा कारोबारी नया लाइसेंस बनवाना या लाइसेंस का नवीनीकरण करना चाहते हैं उन्हें शपथ पत्र, 5000 का चालान, पेन कार्ड, आधार कार्ड, 6 माह का बैंक स्टेटमेंट, दो वर्ष का आरटी रिटन, प्रापर्टी का पेपर, आवेदक का बयान तथा संबंधित थाना का चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा।
और भी

ईएसआईसी अस्पताल में जल्द शुरू होगी आईपीडी सेवा : ज्योत्सना महंत

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ऊर्जाधानी कोरबा में छत्तीसगढ़ प्रदेश का पहला ईएसआईसी का 100 बिस्तर अस्पताल में ओपीडी का शुभारंभ अवसर पर कोरबा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत ने डिंगापुर में बनकर तैयार हॉस्पिटल पहुंचकर मेडिकल स्टॉफ व पंजीकृत बीमा श्रमिकों का उत्साहवर्धन कर परिसर में उपलब्ध सेवाओं का भी अवलोकन किया। सांसद ने बताया कि केंद्रीय श्रम मंत्री ने अस्पताल को शीघ्र उद्घाटित कर आईपीडी सेवा प्रारंभ करने का पत्र के माध्यम से जानकारी प्रेषित की है।

कोरबा के तात्कालीन सांसद व केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री डॉ. चरणदास महंत की पहल पर कोरबा में 100 बिस्तर वाला ईएसआईसी अस्पताल की आधारशिला रखी गई थी जो 3 साल पहले ही बनकर तैयार हो गया था। अस्पताल को प्रारंभ करने की दिशा में कोरबा सांसद ज्योत्सना महंत का निरंतर पहल जारी रहा। इस बीच कोरोना संक्रमण का दौर आने से राज्य शासन ने डेटिकेटेड कोविड अस्पताल के लिए हॉस्पिटल का अधिग्रहण कर लिया था। कोरोना के पहले व दूसरे वेव में ईएसआईसी का अस्पताल कोरोना प्रभावितों के लिए वरदान साबित हुआ। 100 बिस्तर वाले इस अस्पताल में ओपीडी का शुभारंभ किया गया जिसमें दो विशेषज्ञ, 6 डॉक्टर सहित 23 अफसर व कर्मी सेवाएं दे रहे हैं, जिसका बुधवार को सांसद ज्योत्सना महंत ने अवलोकन किया। इस मौके पर अस्पताल प्रबंधन के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुनील कुमार व एसीस्टेंट डायरेक्टर डॉ. एसके बर्नवाल, डॉ. दयानंद होता, डॉ. गायत्री, डॉ. राठौर सहित अस्पताल प्रबंधन ने सांसद का स्वागत किया। ईएसआईसी अस्पताल पहुंची सांसद ने ओपीडी में पहुंचे मरीजों से चर्चा की। साथ ही पूरे परिसर का अवलोकन किया। सांसद ने कहा कि ईएसआईसी अस्पताल का जल्द ही उद्घाटन किया जाएगा जिसके लिए केंद्रीय श्रम व रोजगार मंत्री ने पत्र के माध्यम से सूचना प्रेषित की है। सांसद ने यह भी कहा कि इस अस्पताल से कोरबा क्षेत्र ही नहीं बल्कि आसपास के पूरे श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा और जल्द ही इस अस्पताल में ओपीडी के साथ-साथ आईपीडी सेवा शुरू की जाएगी। इस अवसर पर सांसद प्रतिनिधि प्रशांत मिश्रा, हरीश परसाई, ऊषा तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप जायसवाल, किरण चौरसिया, गोलू वाजपेयी, जयप्रकाश यादव, विमलेश साव, अरविन्द साहू, यशवंत लदेर, मनोज अनंत, विजय सिंह, पारस यादव, संगीता, लता, संतोष, अमीन अंसारी सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
और भी

8 साल पहले आज ही के दिन हुआ था झीरम घाटी हमला, छत्तीसगढ़ कांग्रेस के कई बड़े नेताओं की गई थी जान

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। साल 2013। छत्तीसगढ़ में साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने थे। पिछले 2 चुनावों में भारतीय जनता पार्टी ने जीत हासिल की थी और रमन सिंह मुख्यमंत्री थे। 10 सालों से सत्ता से दूर कांग्रेस इस बार जीतने के लिए पूरा जोर लगा रही थी। इसी कड़ी में कांग्रेस ने पूरे राज्य में परिवर्तन यात्रा निकालने की तैयारी की। 25 मई के दिन कांग्रेस ने सुकमा में परिवर्तन रैली आयोजित की।

रैली खत्म होने के बाद कांग्रेस नेताओं का काफिला सुकमा से जगदलपुर जा रहा था। काफिले में करीब 25 गाड़ियां थीं जिनमें 200 नेता सवार थे। सबसे आगे कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नंदकुमार पटेल, उनके बेटे दिनेश पटेल और कवासी लखमा अपने-अपने सुरक्षा गार्ड्स के साथ थे। इनके पीछे महेन्द्र कर्मा और मलकीत सिंह गैदू की गाड़ी थी। इस गाड़ी के पीछे बस्तर के तत्कालीन कांग्रेस प्रभारी उदय मुदलियार कुछ अन्य नेताओं के साथ चल रहे थे। देखा जाए तो छत्तीसगढ़ कांग्रेस के सभी टॉप नेता इस काफिले में शामिल थे।

शाम करीब 4 बजे काफिला झीरम घाटी से गुजर रहा था। यहीं पर नक्सलियों ने पेड़ों को गिराकर रास्ता बंद कर दिया। गाड़ियां रुकीं और इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, पेड़ों के पीछे छिपे 200 से ज्यादा नक्सलियों ने ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। नक्सलियों ने सभी गाड़ियों को निशाना बनाया। नंदकुमार पटेल और उनके बेटे दिनेश की मौके पर ही मौत हो गई। करीब डेढ़ घंटे तक फायरिंग होती रही।

शाम के करीब साढ़े 5 बजे नक्सली पहाड़ों से उतर आए और एक-एक गाड़ी चेक करने लगे। जो लोग गोलीबारी में मारे जा चुके थे उन्हें फिर से गोली और चाकू मारे गए ताकि कोई भी जिंदा न बचे। जो लोग जिंदा थे उन्हें बंधक बनाया जा रहा था। इसी बीच एक गाड़ी से महेन्द्र कर्मा नीचे उतरे और कहा कि ‘मुझे बंधक बना लो, बाकियों को छोड़ दो’। नक्सलियों ने महेंद्र कर्मा की थोड़ी दूर ले जाकर बेरहमी से हत्या कर दी। हमले में 30 से भी ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसमें अजीत जोगी को छोड़कर छत्तीसगढ़ कांग्रेस के उस वक्त के अधिकांश बड़े नेता और सुरक्षा बल के जवान शहीद हुए।

इस हमले का मुख्य टारगेट बस्तर टाइगर महेंद्र कर्मा थे। ‘सलवा जुडूम’ का नेतृत्व करने की वजह से नक्सली उन्हें अपना सबसे बड़ा दुश्मन मानते थे। नक्सलियों ने उनके शरीर पर करीब 100 गोलियां दागीं और चाकू से 50 से ज्यादा वार किए। हत्या के बाद नक्सलियों ने उनके शव पर चढ़कर डांस भी किया था।

और भी

भेंट-मुलाकात: मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा से राज्य के किसानों को फसल बीमा दावा राशि वितरण का किया शुभारंभ

डेढ़ लाख किसानों को मिलेगी 307.19 करोड़ रूपए की दावा राशि

राज्य के 17 जिलों के किसान होंगे लाभान्वित

रबी फसलों और उद्यानिकी फसलों के बीमा दावा भुगतान में छत्तीसगढ़ देश में अग्रणी

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने राज्य के सुदूर अंचल दंतेवाड़ा से आज राज्य के किसानों को बड़ी सौगात देते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा एवं उद्यानिकी फसलों की मौसम आधारित बीमा दावा राशि के वितरण का शुभारंभ किया। रबी एवं उद्यानिकी फसलों के बीमा योजना के तहत राज्य के 17 जिलों के लगभग डेढ़ लाख किसानों को 307 करोड़ 19 लाख रूपए की दावा राशि मिलेगी। किसानों को रबी फसलों के बीमा दावा का भुगतान के मामले में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है।

मुख्यमंत्री ने राज्य के किसानों को बधाई और शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसानों की भलाई के लिए राज्य में सभी कार्यक्रम सुचारू रूप से संचालित किए जा रहे हैं। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री कवासी लखमा, सांसद श्री दीपक बैज, विधायक श्रीमती देवती कर्मा, विधायक श्री विक्रम मंडावी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी मौजूद थे। कृषि एवं जल संसाधन मंत्री श्री रविन्द्र चौबे, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ.कमलप्रीत सिंह, संचालक कृषि श्री यशवंत कुमार, संचालक उद्यानिकी श्री माथेश्वरन वी. वीडियो कॉन्फ्रंेस के माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।  

यहां यह उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात अभियान के सिलसिले में बस्तर अंचल के दौरे पर हैं। किसानों को फसल बीमा दावा राशि के भुगतान में विलंब न हो, इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री ने राजधानी रायपुर से इस कार्यक्रम का  शुभारंभ करने के बजाय दंतेवाड़ा से ही ऑनलाईन शुभारंभ किया। इससे पूर्व गोधन न्याय योजना की राशि का वितरण उन्होंने सरगुजा संभाग मे भेंट-मुलाकात अभियान के दौरान रामानुजगंज से किया था।  

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने 21 मई को राज्य के 26 लाख 67 हजार किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना तथा राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत 1804 करोड़ रूपए तथा आज फसल बीमा दावा के रूप में 307.19 करोड़ रूपए के भुगतान के लिए कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे सहित विभागीय अधिकारियों बधाई दी और कहा कि मात्र चार दिनों की अवधि में राज्य के किसानों को 2111 करोड़ से अधिक का भुगतान किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत राज्य के 17 जिलों के लगभग एक लाख 45 हजार किसानों को 297 करोड़ 9 लाख रूपए तथा उद्यानिकी फसलों के मौसम आधारित बीमा योजना के अंतर्गत 4747 कृषकों को 10 करोड़ 10 लाख रूपए का भुगतान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि खरीफ 2021 में राज्य के 3 लाख 97 हजार कृषकों को 752 करोड़ रूपए की दावा राशि का भुगतान किया गया है। कुछ किसानों को दावा राशि का भुगतान न मिलने की जानकारी मिली है। इसका परीक्षण कराकर दावा भुगतान के निर्देश दिए गए हैं।

कृषि मंत्री श्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि मई का महीना राज्य के किसानों के लिए मंगलकारी रहा है। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने किसानों के हित में छत्तीसगढ़ सरकार द्वार संचालित विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 2100 करोड़ से अधिक की राशि सीधे उनके खाते में अंतरित की है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के  नेतृत्व में छत्तीसगढ़ देश का कृषि माडल राज्य बना है। पूरे देश में छत्तीसगढ़ में किसानों के हित में सबसे अधिक योजनाएं संचालित की जा रही है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को लागू करने और राज्य के किसानों को इसका लाभ दिलाने में छत्तीसगढ़ देश में पहले नंबर पर है।

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य में उद्यानिकी फसलों का विस्तार तेजी से किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा किसानों को उद्यानिकी फसलों से लाभ मिले, यह प्रयास जारी है। मंत्री श्री चौबे ने कहा कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना को कई राज्य प्रीमियम अदा न करने एवं अन्य कारणों से बंद कर चुके हैं, जबकि छत्तीसगढ़ में किसानों के हितों के संरक्षण के लिए फसल बीमा का क्रियान्वयन सफलतापूर्वक किया जा रहा है। बीते साढ़े तीन सालों में राज्य के किसानों को फसल बीमा दावा के रूप में 4200 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। उन्होंने किसानों के हितों संरक्षण के प्रति मुख्यमंत्री की संवदेनशीलता के लिए उनका आभार जताया।

कार्यक्रम के प्रारंभ में कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के बारे में जानकारी दी और कहा कि यह योजना खरीफ 2016 से लागू है। इसके तहत किसानों को खरीफ फसलों धान, मक्का, मूंगफली, सोयाबीन, अरहर, मूंग और उड़द के लिए मात्र 2 प्रतिशत तथा रबी फसलों गेहूं, चना , राई-सरसों एवं अलसी के लिए 1.5 प्रतिशत प्रीमियम राशि देनी होती है। शेष बीमा प्रीमियम राशि का आधा-आधा हिस्सा राज्यांश एवं केन्द्रांश होता है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य सफलतापूर्वक फसल बीमा कवर का लाभ राज्य के किसानों को उपलब्ध करा रहा है। मौसम की खराबी के चलते फसलों को हुए नुकसान एवं कम उत्पादन के कारण किसानों को दी जा रही दावा राशि प्रीमियम राशि का लगभग दोगुना है।

रबी सीजन 2021-22 में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत राजनांदगांव जिले के सर्वाधिक 59,766 किसानों को 102.14 करोड़ रूपए की दावा राशि का भुगतान होगा, जबकि बेमेतरा जिले के 38,414 किसानों को 98.18 करोड़, बालोद जिले के 6478 किसानों को 14.63 करोड़, कबीरधाम जिले के 22,294 किसानों को 38.04 करोड़, दुर्ग जिले के 13,423 किसानों को 36.31 करोड़, धमतरी जिले के 3418 किसानों को 6.69 करोड़, मुंगेली जिले के 796 किसानों को 92.50 लाख, बलौदाबाजार जिले के 32 किसानों को 5.80 लाख सहित सरगुजा, कांकेर, बलरामपुर, बस्तर, बिलासपुर, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, जशपुर एवं रायपुर सहित कुल 17 जिलों के किसानों को फसल बीमा दावा राशि का भुगतान होगा।

और भी