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राष्ट्रीय सुरक्षा चिंतन का केंद्र बना छत्तीसगढ़: डीजीपी कॉन्फ्रेंस में हुए निर्णय देश की आंतरिक सुरक्षा को देंगे नई मजबूती- मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने डीजीपी कॉन्फ्रेंस के सफल आयोजन पर  कहा कि छत्तीसगढ़ में आयोजित तीन दिवसीय डीजीपी कॉन्फ्रेंस का सफलतापूर्वक संपन्न होना राज्य के लिए एक गौरवपूर्ण उपलब्धि है। इस सम्मेलन में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तथा देशभर के डीजीपी और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारियों की उपस्थिति ने इस आयोजन की गरिमा, महत्व और प्रभाव को कई गुना बढ़ा दिया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों तक देश के सर्वोच्च नेतृत्व एवं सुरक्षा तंत्र के शीर्ष अधिकारी छत्तीसगढ़ में उपस्थित रहे। राजधानी रायपुर में सम्पन्न यह सम्मेलन राष्ट्रीय सुरक्षात्मक नीतियों, रणनीतियों और समन्वय तंत्र पर गहन चर्चा का महत्वपूर्ण मंच बना है।  


मुख्यमंत्री श्री साय ने सम्मेलन के सुचारू संचालन, सुरक्षा व्यवस्था, प्रशासनिक समन्वय और आतिथ्य व्यवस्था में शामिल सभी अधिकारियों, कर्मियों और सुरक्षा बलों के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।
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वर्ष 2025-26 में 26 हजार 400 पीएम आवास निर्माण स्वीकृत

 प्रधानमंत्री आवास योजना गरीब परिवारों को पक्का मकान प्रदान करने का क्रांतिकारी कदम है जो ना केवल आवास की कमी को दूर करती है बल्कि ग्रामीण जीवन को मजबूत और आत्मनिर्भर बनाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण अंतर्गत स्वीकृत सभी आवासों को शीघ्र प्रारंभ कराने एवं समय-सीमा में पूर्ण कराने कलेक्टर बलौदाबाजार के निर्देशानुसार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी  के मार्गदर्शन में सभी ग्राम पंचायतो में आवास चौपाल का आयोजन कराया जा रहा है।


प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 26 हजार 400 आवास निर्माण स्वीकृत

          प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वर्ष 2025-26 हेतु जिले में 26 हजार 400 आवास निर्माण को स्वीकृत किया गया, जिसमें से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राज्योत्सव के अवसर पर 25 हजार 580 हितग्राहियों के खाते में पहली किश्त की राशि जारी की गई। आवास चौपाल का आयोजन सभी ग्राम पंचायतों में तकनीकी अधिकारियों द्वारा किया जा रहा है, जिसमे, सभी नवीन स्वीकृति उपरांत राशि प्राप्त आवास के हितग्राही, पूर्व वर्षाे के स्वीकृति उपरांत अपूर्ण आवास के हितग्राही, राजमिस्त्री, निर्माण, सामाग्री सप्लायर, सरपंच, सचिव एवं अन्य संबंधित शामिल होते हैं। 

आवास चौपाल का उद्देश्य कनीकी जानकारी उपलब्ध कराना

          आवास निर्माण की तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना। रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग का निर्माण कराना।  सौर सुजला के तहत सौर पैनल लगवाने की जानकारी देना शामिल है। वर्ष 2025-26 में प्रथम क़िस्त जारी 25 हजार 580 आवास के हितग्राहियों को क़िस्त जारी किए गए हैं। सभी आवासों का निर्माण कार्य प्रारंभ कराना। योजना के तहत कन्वर्जेन्स के माध्यम से मिलने वाले अन्य लाभ का जानकारी देना।  राजमिस्त्री एवं निर्माण सामग्री की उपलब्धता पर पंचायतों में आवास चौपाल में चर्चा की जा रही है ।  अब तक बलौदाबाजार में 56, भाटापारा 34, कसडोल में 24 और पलारी 22 पंचायतों में आवास चौपाल करा किया गया है। इस चौपाल में पूर्व वर्षाे के आवासों को जल्दी पूर्ण कराना। 

योजना पूर्णतः निःशुल्क अनाधिकृत वसूली से सावधान

         प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण पारदर्शी और निःशुल्क योजना है जहां किसी भी स्तर पर कोई शुल्क नही लिया जाता। कलेक्टर बलौदाबाजार ने कहा है कि किसी भी व्यक्ति द्वारा अनाधिकृत वसूली, कमीशन या सुविधा शुल्क की मांग नहीं कर सकता। यदि कोई ब्यक्ति आवास पास करान,े क़िस्त जल्दी दिलाने या अन्य किसी बहाने से पैसा की मांग करता है, अनाधिकृत वसूली करने पर, तत्काल शिकायत जनपद पंचायत सीईओ, सीईओ जिला पंचायत या कलेक्टर कार्यालय में दर्ज करायें। ऐसे मामलों का त्वरित जांच कर दोषी व्यक्ति के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक 3 दिसंबर को

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में केबिनेट बैठक 3 दिसंबर 2025 को प्रातः 11 बजे  मंत्रालय स्थित मंत्रिपरिषद कक्ष में आयोजित होगी।

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प्रदेश में हो रहे चहुमुखी विकाश का हर वर्ग को मिल रहा है लाभ-मंत्री श्री टंक राम वर्मा

 राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के

नगर पंचायत टुण्ड्रा में विकास का नया अध्याय लिखा। इस अवसर पीकर उन्होंने करोड़ों रुपए के विकास कार्यों का लोकापर्ण और शिलान्यास किया। टुण्ड्रा के हायर सेकंडरी स्कूल खेल मैदान में आयोजित भव्य समारोह में उन्होंने 71.12 लाख रुपये की लागत से निर्मित नवीन तहसील कार्यालय भवन का लोकार्पण किया। इसके साथ ही 1 करोड़ 21 लाख रुपये की लागत से बनने वाले हायर सेकंडरी स्कूल भवन का भी शिलान्यास किया।
      इस अवसर पर मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रदेश में चहुमुखी विकाश हो रहा है इसका लाभ हर वर्ग को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि राज्य के किसान, महिला, युवा और व्यापारी सभी वर्गों में सरकार की योजनाओं से उत्साह और संतोष का माहौल है। मंत्री ने कहा कि ये निर्माण कार्य क्षेत्र की प्रशासनिक क्षमता, शिक्षा व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं को और मजबूती प्रदान करेंगे। मंत्री श्री वर्मा ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर तहसील कार्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल निर्माण की घोषणा भी की।

इस अवसर पर सांसद जांजगीर-चांपा श्री कमलेश जांगड़े, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, पूर्व विधायक डॉ. सनम जांगड़े सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नगरवासी उपस्थित रहे।
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धान खरीदी केन्द्र में किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता-संतोष यादव

धान विक्रय हेतु पहुंचे कृषक श्री संतोष यादव ने केंद्र की व्यवस्थाओं से संतुष्टि व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में किसानों के हित में बेहतर व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने बताया कि “समय पर ऑनलाइन टोकन प्राप्त होना, बारदाना उपलब्धता, सुचारू तौल एवं खरीदी प्रक्रिया होने से हमें काफी राहत मिल रही है। वर्तमान शासन में किसानों की सुविधा को सर्वाेच्च प्राथमिकता दी जा रही है, इसके लिए मुख्यमंत्री जी को हृदय से आभार।”


कृषक श्री संतोष यादव का पुष्पमाला पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत कर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत

          मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन एवं किसान हितैषी नीतियों के अनुरूप जशपुर जिले में धान खरीदी कार्य सुचारू, सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी रूप से संचालित किया जा रहा है। इसी क्रम में विगत दिवस कुनकुरी विकासखंड के ग्राम बासनतला धान खरीदी केन्द्र में धान उपार्जन कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गया। कृषक श्री संतोष यादव का पुष्पमाला पहनाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया तथा धान, तौल मशीन एवं सामग्री की विधिवत पूजा-अर्चना कर खरीदी प्रक्रिया की शुरुआत की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं स्थानीय ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

जिला प्रशासन द्वारा खरीदी केन्द्रों की सतत् निगरानी 

धान खरीदी केंद्र के प्रबंधक श्री संतोष गुप्ता ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार केंद्र में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ पूर्व में ही सुनिश्चित कर ली गई हैं। केंद्र में पेयजल सुविधा, बारदाना उपलब्धता, टोकन तथा तौल मशीनों की तकनीकी जांच जैसे सभी प्रबंध दुरुस्त रखे गए हैं। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में खरीदी कार्य की सतत् निगरानी की जा रही है, ताकि प्रत्येक किसान को धान विक्रय में किसी भी प्रकार की कठिनाई न हो।

धान खरीदी केन्द्र पारदर्शिता से किसान हित में संचालित

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशों के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा जिले में धान खरीदी को पूरी पारदर्शिता, समयबद्धता एवं किसान हित में संचालित करने का लक्ष्य रखा गया है। सभी केंद्रों में अधिकारी-कर्मचारी तैनात हैं और व्यवस्थाओं को निरंतर सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने की सौजन्य मुलाकात

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में बिहार के पथ निर्माण मंत्री श्री नितिन नवीन ने सौजन्य मुलाकात की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री नितिन नवीन का आत्मीय स्वागत किया तथा उन्हें शॉल एवं प्रतीक चिन्ह नन्दी भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर विधायक श्री किरण देव एवं छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री सौरभ सिंह उपस्थित थे।
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बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि  “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में आज दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर तेजी से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस प्रशासन की सतत मेहनत और जनविश्वास का सामूहिक परिणाम बताते हुए बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संविधान दिवस के अवसर पर डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया नमन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित अंबेडकर चौक में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया। डॉ. अंबेडकर के प्रति गहरा सम्मान व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे केवल भारतीय संविधान के शिल्पकार ही नहीं, बल्कि समानता, न्याय और सामाजिक समरसता के अटूट स्तंभ भी रहे हैं।


इस अवसर पर विधायक श्री राजेश मूणत, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण और बड़ी संख्या में उपस्थित आमजन ने संविधान दिवस पर डॉ. अंबेडकर के अप्रतिम योगदान को याद किया तथा संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने उद्बोधन में कहा कि हमारा संविधान देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों का मूल आधार है। डॉ. अंबेडकर ने दूरदर्शिता और गहन अध्ययन के साथ संविधान के प्रारूप निर्माण में योगदान दिया है। भारत का संविधान न केवल हमारे अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि नागरिक कर्तव्यों के प्रति हमें जागरूक भी करता है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनसमूह ने भी विविधता में एकता की भारतीय परंपरा को आगे बढ़ाने तथा संवैधानिक मूल्यों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया।
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“छत्तीसगढ़ के प्रत्येक पात्र हितग्राही तक योजनाओं का पहुँचे लाभ – मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में राज्य स्तरीय दिशा समिति की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। बैठक में विभिन्न विभागों की केंद्र एवं राज्य पोषित योजनाओं की प्रगति की व्यापक और विस्तृत समीक्षा की गई। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे तथा सभी योजनाओं का क्रियान्वयन समयबद्ध और प्रभावी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि दिशा समिति की बैठकें अत्यंत महत्वपूर्ण होती हैं। इन्हीं बैठकों के माध्यम से केंद्र पोषित योजनाओं की नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक 6 माह में दिशा समिति की बैठक अनिवार्य रूप से आयोजित की जाए। उन्होंने बताया कि 26 विभागों के अंतर्गत कुल 81 योजनाएँ संचालित हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने सांसदों से आग्रह किया कि वे जिले स्तर पर आयोजित प्रत्येक तिमाही दिशा समिति की बैठकों में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने  बैठक की नियमितता, बेहतर समन्वय और समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समिति विकास कार्यों की दिशा तय करने वाली प्रमुख संस्था है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित प्रमुख योजनाओं—महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, सांसद आदर्श ग्राम योजना, और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से संबंधित पीएम जनमन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की स्थिति पर भी चर्चा की गई। मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ सुनिश्चित किया जाए और किसी भी पात्र किसान को लाभ से वंचित न रखा जाए। उन्होंने इस दौरान वनभूमि पट्टाधारियों के एग्रीस्टेक पंजीयन की स्थिति की भी जानकारी ली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के सहयोग से प्रारम्भ हुई डेयरी समग्र विकास योजना की समीक्षा के दौरान धीमी प्रगति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने अनुसूचित जनजाति के हितग्राहियों के साथ-साथ पारंपरिक रूप से दुग्ध उत्पादन करने वाले किसानों को भी योजना से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि योजना को बढ़ावा मिले और अधिक से अधिक किसान लाभान्वित हों।

नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी), मिशन अमृत, तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के अंतर्गत प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने शहरी आवास निर्माण में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर विशेष ज़ोर दिया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) के अंतर्गत जारी आयुष्मान कार्ड एवं वय वंदन कार्ड की संख्या पर विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने नियद नेल्ला नार क्षेत्र के गांवों में विशेष अभियान चलाकर आयुष्मान कार्ड उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। साथ ही आयुष्मान कार्ड से जुड़ी शिकायतों पर कठोर कार्रवाई करने और हितग्राहियों की सुविधा के लिए राज्य-स्तरीय हेल्पलाइन नंबर जारी करने की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने मध्याह्न भोजन की उत्कृष्ट गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ महिला और स्वस्थ बच्चे ही स्वस्थ प्रदेश के विकास का आधार हैं। उन्होंने ‘न्योता भोज’ पहल की निरंतरता की जानकारी ली और जनप्रतिनिधियों तथा अधिकारियों को सक्रिय सहभागिता के लिए प्रोत्साहित किया।

मुख्यमंत्री ने टेलिकॉम सेक्टर में भारत नेट परियोजना की प्रगति धीमी होने पर  गहरी नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने फाइबर नेटवर्क का कार्य शीघ्र पूर्ण करने और बस्तर एवं सुदूर क्षेत्रों में नेटवर्क विस्तार को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बैठक में रेलवे द्वारा किए जा रहे कार्यों की स्थिति की जानकारी भी ली गई।

बैठक में राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्री तुलेश्वर सिंह मरकाम, विधायक श्री ईश्वर साहू, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, श्री मुकेश बंसल, श्री बसव राजू एस. सहित विभागों के भारसाधक सचिव एवं सदस्यगण उपस्थित थे।
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राजनांदगांव जिले में अब तक 56 लाख मूल्य का धान जब्त

 राज्य में किसानों से समर्थन मूल्य पर जारी धान खरीदी में गड़बड़ी की रोकथाम के लिए सभी जिलों में निगरानी और जांच-पड़ताल का सघन अभियान प्रशासन द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस अभियान के तहत राजनांदगांव जिले में अब तक 1804 क्विंटल धान जब्त किया जा चुका है, जिसका कुल मूल्य 55 लाख 92 हजार 400 रूपए है। कलेक्टर राजनांदगांव ने कोचियों और बिचौलियों से जब्त किए गए धान एवं वाहन को धान खरीदी की अवधि के बाद मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। 


प्राप्त जानकारी के अनुसार आज 20 नवंबर को डोंगरगढ़ अनुविभाग अंतर्गत संचालित विशेष अभियान के तहत 820 क्विंटल (2050 कट्टा) धान जब्त किया गया, जिसमें उपार्जन केन्द्र खुर्सीपार में ग्राम सेमरा के बिचौलिया द्वारा लाया गया ग्रीष्म कालीन मिलावटी धान 339 क्विंटल (949 कट्टा) धान भी शामिल है। खुर्सीपार उपार्जन केन्द्र में धान जब्ती की कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी राजस्व डोंगरगढ़ द्वारा की गई।  

राजनांदगांव जिले में धान के अवैध परिवहन एवं समर्थन मूल्य पर विक्रय के प्रयास के मामले में अब तक 55 लाख 94 हजार 400 रूपए मूल्य का 1804 क्विंटल धान तथा दो वाहन जब्त किए जा चुके हैं। जिले में 1500 छोटे एवं बड़े मंडी लाइसेंस धारियों को सूचीबद्ध किया गया है। एसडीएम, तहसीलदार, खाद्य अधिकारी एवं मंडी अधिकारी के नेतृत्व में संयुक्त टीम जगह-जगह दबिश देकर धान के अवैध भण्डार के मामले की जांच एवं जब्ती की कार्रवाई कर रही है। राजनांदगांव जिले के तीन अंतर्राज्यीय चेकपोस्ट बोरतलाव, पाटेकोहरा एवं कल्लूबंजारी में प्रशासन द्वारा तैनात अधिकारियों की संयुक्त टीम चौबीसों घंटा निगरानी रख रही है।
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जनजातीय गौरव दिवस समारोह का ऐतिहासिक क्षण : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को भेंट की धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की बस्तर आर्ट प्रतिमा

 जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम में एक प्रेरक एवं गरिमामय क्षण देखने को मिला, जब मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु को बस्तर आर्ट में निर्मित धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा स्मृति-चिह्न के रूप में भेंट की। यह प्रतिमा जनजातीय विरासत, शौर्य और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता का प्रतीक मानी जाती है।


मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा भेंट की गई यह मूर्ति भगवान बिरसा मुंडा के बलिदान और जनजातीय समाज की गौरवपूर्ण परंपराओं को सम्मानपूर्वक स्मरण कराने वाला एक सशक्त प्रतीक है। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद दर्शकों ने इस भावनात्मक क्षण का गर्मजोशी से स्वागत किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समाज की समृद्ध परंपराओं, कला, इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम में उनके अप्रतिम योगदान को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जनजातीय समाज की विरासत, संस्कृति और अमूल्य योगदान को संजोने, संरक्षित करने और सशक्त रूप से आगे बढ़ाने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारा संकल्प है कि आदिवासी समाज के स्वाभिमान को नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया जाए, ताकि उनकी गौरवशाली पहचान आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणा बने।
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प्रदेश के विद्युत उपभोक्ताओं को 200 यूनिट तक मिलेगा हाफ बिजली का लाभ- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा के विशेष सत्र में नई बिजली योजना की घोषणा की। अब प्रदेश के ऐसे घरेलू उपभोक्ताओं को जिनका 200 यूनिट तक विद्युत खपत है उन्हें 200 यूनिट तक हाफ बिजली का पूरा लाभ प्राप्त होगा। इस निर्णय से राज्य के 36 लाख घरेलू उपभोक्ता  सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। 200 से 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को भी अगले 1 वर्ष तक 200 यूनिट तक हॉफ बिजली बिल का लाभ मिलेगा, इससे 6 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इन उपभोक्ताओं को 1 वर्ष तक की छूट दी गई है ताकि इस अवधि  में  वे अपने घरों में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर प्लांट स्थापित करा सके।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हर उपभोक्ता को सस्ती, सुचारू और भरोसेमंद विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना है। सोलर प्लांट स्थापना प्रक्रिया में समय लगने के कारण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 दिसंबर से नई योजना लागू की जा रही है, जिससे आम जनता के बिजली बिल में महत्वपूर्ण कमी आएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी बताया कि पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत राज्य शासन की ओर से सब्सिडी दी जा रही है। जिसके तहत 1 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 15,000 रुपये तथा 2 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के प्लांट पर 30,000 रुपये की अतिरिक्त सब्सिडी दी जा रही है। यह व्यवस्था राज्य में सौर ऊर्जा अपनाने को प्रोत्साहित करेगी और आने वाले समय में उपभोक्ताओं को हाफ बिजली से फ्री बिजली की ओर ले जाएगी।

मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह निर्णय न केवल जनता के बिजली बिल को कम करेगा बल्कि राज्य को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।
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राज्य के सभी जिलों में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का सिलसिला जारी

राज्य के सभी जिलों में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का का सिलसिला बिना किसी व्यवधान के अनवरत रूप से जारी है। धान खरीदी शुरू हुए अभी चार दिन ही हुए है, इसके बावजूद भी राज्य के उपार्जन केंद्रों में धान की आवक तेजी से होने लगी है। सहकारी समिति के कर्मचारियों के हड़ताल के बावजूद भी पूरे राज्य में धान खरीदी अप्रभावित है। सभी समितियों एवं उपार्जन केंद्रों में धान लेकर आने वाले किसानों से बिना किसी रूकावट के धान खरीदी की जा रही है। आज 18 नवंबर को 4 लाख 56 हजार 859 क्विंटल धान की खरीदी किसानों से समर्थन मूल्य पर की गई। बीते 15 नवंबर से शुरू हुई धान खरीदी के तहत अब तक राज्य में कुल 7 लाख 28 हजार 4 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जिसमें 3 लाख 4 हजार 512 क्विंटल मोटा धान, 2 लाख 1 हजार 174 क्विंटल पतला तथा 2 लाख 22 हजार 317 क्विंटल सरना धान शामिल है।

 
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशा के अनुरूप राज्य के सभी 2739 धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों की सुविधा हेतु पारदर्शी टोकन प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, नमी मापक यंत्र, बारदाना एवं अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की दिक्कत न  हो। धान उपार्जन के समानांतर किसानों को भुगतान की व्यवस्था भी छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा सुनिश्चित की गई है। इस साल धान खरीदी के लिए छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को 26,200 करोड़ रूपए की बैंक गांरटी दी है, ताकि किसानों को समर्थन मूल्य के भुगतान में किसी भी तरह की दिक्कत न होने पाएं। 

खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की शुरूआत हो चुकी है। 18 नवंबर की स्थिति में 1155 उपार्जन केन्द्रों में किसानों ने अपना धान बेचा है। बेमेतरा जिले में सर्वाधिक 97698.8 क्विंटल धान खरीदा जा चुका है, जबकि राजनांदगांव जिले ने 92390.4 क्विंटल और रायपुर जिले ने 83299.2 क्विंटल धान का उपार्जन कर राज्य में धान खरीदी के मामले में क्रमशः दूसरे एवं तीसरे स्थान पर है। खाद्य विभाग से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार 18 नवंबर तक बस्तर जिलें में 395.6 क्विंटल बीजापुर में 155.2 क्विंटल, दंतेवाड़ा में 6.4 क्विंटल, कांकेर में 754.8, कोण्डागांव में 5351.2, नारायणपुर में 7.2, सुकमा में 24.4, बिलासपुर में 4050.4, गौरेला-पेड्रा-मरवाही में 6668.4, जांजगीर चांपा में 67.6, कोरबा में 396.8, मुंगेली में 8806.8, रायगढ़ में 3949.6, सक्ती में 48, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 3922.8, बालोद में 70197.2, बेमेतरा में 97698.8, दुर्ग में 73033.6, कवर्धा में 22252.4, राजनांदगांव में 92390.4, खैरागढ़-छूईखदान-गंडई में 50926, मोहला-मानपुर-अंबागढ़-चौकी में 3214, बलौदाबाजार में 60551.2, धमतरी में 75660.8, गरियाबंद में 28674.4, महासमुंद में 23388.8, रायपुर में 83299.2, बलरामपुर में 1490.4, जशपुर में 248, कोरिया में 4200, सरगुजा में 645.2, सूजरपुर में 3415.2, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1513.6 क्विंटल धान का उपार्जन समर्थन मूल्य पर किया गया। जिलों से मिली रही सूचना के अनुसार उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी की चॉक-चौबंद व्यवस्था को लेकर किसान प्रसन्न है। उन्हें उपार्जन केन्द्र में धान बेचने के लिए न तो इंतजार करना पड़ रहा है, न ही धान तौलाई में किसी भी तरह की दिक्कत हो रही है।
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वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने किया राज्य जीएसटी विभाग के नये कार्यालय का शुभारंभ

छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने आज नवा रायपुर स्थित सीबीडी बिल्डिंग के 5वें एवं 6वें तल पर निर्मित आयुक्त, राज्य कर (GST) के नए अत्याधुनिक कार्यालय भवन का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त सचिव श्री मुकेश बंसल, चेम्बर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन श्री सतीश थौरानी एवं प्रतिनिधिगण, CAIT के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री अमर परवानी, CA एसोसिएशन व बार एसोसिएशन के पदाधिकारी सहित रायपुर मुख्यालय एवं विभिन्न संभागों के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।


उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि “राज्य की अर्थव्यवस्था तभी मजबूत हो सकती है, जब व्यापार तरक्की करे और व्यापारियों को सरल एवं सहयोगी कर प्रशासन मिले। राज्य सरकार जनकल्याण के कार्यों को प्रभावी ढंग से तभी आगे बढ़ा सकती है, जब राजस्व व्यवस्था सुदृढ़ हो। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि GST विभाग के अधिकारी व्यापारियों की समस्याओं को समर्पण भाव से दूर करें, तकनीकी कठिनाइयों में उनकी सहायता करें और उन्हें नियमों व प्रक्रियाओं को समझने में सहयोग प्रदान करें।

GST 2.0: जनता को राहत, व्यवसाय और रोजगार को गति

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि GST 2.0 कर सुधारों का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों पर कर का बोझ कम करना, खपत को बढ़ावा देना, रोजगार सृजित करना और छोटे व्यवसायों व किसानों को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि इन सुधारों से औसत भारतीय परिवार को सालाना 25 हजार से 40 हजार तक की सीधी बचत मिलेगी, वहीं किसानों, छोटे व्यवसायियों और कारीगरों की आय में 10-20% वृद्धि संभव होगी।

वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवनयापन संबंधी वस्तुओं पर कर घटने से परिवारों पर व्यय का बोझ कम होगा और जीवन अधिक सुरक्षित व सुलभ बनेगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि  “GST 2.0 से मिलने वाली राहत का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुँचे, यह विभाग की जिम्मेदारी है।

वित्त मंत्री ने कहा कि 22 सितंबर से लागू GST 2.0 ने कर संरचना को सरल बनाया है और कई वस्तुओं पर कर दरों में कटौती की है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुधारों का लाभ व्यापारियों, मध्यम वर्गीय परिवारों, किसानों, विद्यार्थियों और आम उपभोक्ताओं तक बिना किसी बाधा पहुँचाया जाए।

उत्कृष्ट करदाताओं को किया सम्मानित

कार्यक्रम में वर्ष 2024-25 के उत्कृष्ट करदाताओं को उच्च कर भुगतान, उत्कृष्ट अनुपालन और निरंतर वृद्धि के लिए Taxpayer Appreciation Award प्रदान किए गए। पुरस्कार पाने वाले प्रमुख संस्थानों में महिन्द्रा एंड महिन्द्रा लिमिटेड, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एमपीसीजी मोबाइल प्रा. लि., एनटीपीसी, रिलायंस रिटेल लिमिटेड, सारडा एंड मिनरल्स, मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे, भिलाई स्टील प्लांट और एबिस फूड्स एंड प्रोटीन प्रा. लि. शामिल हैं।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह सम्मान राज्य के अनुकरणीय करदाताओं को प्रोत्साहित करने तथा कर अनुपालन को मजबूत करने का महत्वपूर्ण कदम है।

आधुनिक, पारदर्शी व करदाता हितैषी प्रशासन की दिशा में कदम

अपने संबोधन के अंत में वित्त मंत्री ने कहा कि नवा रायपुर में निर्मित नया कार्यालय भवन राज्य कर विभाग की पारदर्शिता, कार्यकुशलता और करदाता हितैषी सेवाओं को नई दिशा देगा। यह भवन आधुनिक प्रशासनिक व्यवस्था और सहज कर सेवा प्रणाली का नया प्रतीक है।
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जनजातीय स्वाभिमान का उजास: बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर पत्रकारिता विश्वविद्यालय में गूँजा इतिहास और गौरव

 कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर “जनजातीय समाज का गौरवशाली अतीत – ऐतिहासिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक योगदान” विषय पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परंपरा एवं औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष माननीय श्री विकास मरकाम थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति एवं संभागायुक्त श्री महादेव कांवरे ने की।


कुलपति श्री कांवरे ने अपने उद्बोधन में कहा कि बिरसा मुंडा आधुनिक भारत का वह सपना देखते थे जिसमें विकास और शिक्षा जन-जन तक पहुँचे। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा संचालित जन-मन योजना एवं धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना की जानकारी देते हुए कहा कि ये योजनाएँ जनजातीय अंचलों में विकास की नई राह बना रही हैं।

मुख्य अतिथि श्री विकास मरकाम ने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि हमारे गौरवशाली इतिहास को याद करने का संकल्प है। उन्होंने बताया कि केवल 14 वर्ष की अल्प आयु में बिरसा मुंडा ने अंग्रेजों के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका और जल–जंगल–जमीन की रक्षा का नेतृत्व किया। उन्होंने परलकोट आंदोलन के गेंदसिंह, वीर नारायण सिंह, गुंडाधूर और लांगुर किसान जैसे जनजातीय नायकों के योगदान को भी स्मरण किया।

श्री मरकाम ने युवाओं से आह्वान किया कि शिक्षा लो, आगे बढ़ो, लेकिन अपनी संस्कृति, अपने त्योहार और अपनी जड़ों को कभी मत भूलो। कुलसचिव श्री सुनील कुमार शर्मा ने कार्यक्रम की प्रासंगिकता और बिरसा मुंडा जयंती के आयोजन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला

सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और पुरस्कार वितरण

छात्र-छात्राओं द्वारा प्रस्तुत विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने आयोजन को जीवंत बना दिया। रजत जयंती वर्ष के अंतर्गत हुई प्रतियोगिताओं के विजेताओं को सम्मानित किया गया।

निःशुल्क मेडिकल कैंप

एमबीए (एचए) विभाग द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें छात्रों, शोधार्थियों, प्राध्यापकों व कर्मचारियों ने स्वास्थ्य परीक्षण कराया। मेडिकल कैंप में डॉ. देवेंद्र कश्यप एवं उनकी टीम की प्रमुख भूमिका रही।

कार्यक्रम संयोजक डॉ. आशुतोष मंडावी ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन हमें अपनी संस्कृति, परंपरा और इतिहास से जुड़े रहने की प्रेरणा देते हैं और विद्यार्थियों को जनजातीय समाज पर शोध के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

कार्यक्रम में उप कुलसचिव श्री सौरभ शर्मा, विभागाध्यक्षगण, अग्रसेन महाविद्यालय की शिक्षिका सुश्री ऋतुलता तारक एवं सुश्री ईशा गोस्वामी सहित अनेक अतिथि, शोधार्थी व छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
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किसानों की मेहनत का सम्मान हमारा संकल्प - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

भोर की पहली सुनहरी किरणों के साथ आज छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की प्रक्रिया प्रारम्भ हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे किसानों की मेहनत और सरकार पर उनके विश्वास का उत्सव बताते हुए कहा कि राज्य सरकार धान खरीदी को पूरी तरह व्यवस्थित, पारदर्शी और समयबद्ध रूप में संचालित करने के लिए प्रतिबद्ध है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि धान खरीदी की सभी तैयारियाँ समय पर पूर्ण कर ली गई हैं और प्रदेश के सभी उपार्जन केंद्रों में आवश्यक आधारभूत सुविधाएँ पूरी तरह सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

धान खरीदी व्यवस्था को तकनीक-सक्षम बनाते हुए सरकार ने इस वर्ष तुँहर टोकन एप, जीपीएस आधारित परिवहन, सतर्क एप, और कमांड-एंड-कंट्रोल सेंटर जैसे आधुनिक सिस्टम लागू किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर कदम पर हमारी प्राथमिकता किसानों को सुविधा, सम्मानजनक खरीदी और समय पर भुगतान सुनिश्चित करना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का अटूट विश्वास ही छत्तीसगढ़ की प्रगति की असली ताकत है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की आत्मा हमारे किसान हैं। आज शुरू हो रही धान खरीदी उनके परिश्रम को सम्मान देने का अवसर है। 

धान खरीदी की शुरुआत के साथ ही प्रदेशभर में किसानों में उत्साह का माहौल है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पारदर्शी प्रक्रिया और मजबूत तकनीकी व्यवस्था से इस बार की खरीदी और अधिक सहज और व्यवस्थित होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की समृद्धि का यह सफर आज फिर एक नई उम्मीद और किसानों के अटूट विश्वास की रोशनी के साथ आगे बढ़ रहा है।
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बिना टोकन किसान 15 नवम्बर को कैसे बचेंगे धान? सोसायटी में हड़ताल, सरकार जानबूझकर किसानों को कर रही परेशान-धनंजय सिंह ठाकुर

धान बेचने वाले किसानों की संख्या एवं रकबा में हुई कमी पर सवाल उठाते हुए प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा की सरकार वादानुसार किसानों से धान खरीदना नहीं चाहती है, इसलिए 15 नवंबर की धान खरीदी तारीख देने के बाद भी किसानों को टोकन नहीं मिला, सोसाइटी में हड़ताल चल रही है। यह सब सरकार की किसान विरोधी सोच के चलते हो रहा है। एग्रीस्टेक पोर्टल में किसानों के डाटा नहीं होना सरकार की लापरवाही है, जिसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। एग्रीस्टेक पोर्टल में पूर्व से पंजीकृत 1 लाख 29 हजार किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया। चालू खरीफ सीजन में नये किसान भी पंजीयन नहीं करा पाये। इसी कारण धान बेचने वाले किसानों की संख्या पिछले वर्ष 27 लाख 79,098 थी जो घटकर 26 लाख 49,584 हो गई है, किसानों का धान का रकबा भी षड़यंत्रपूर्वक कम किया गया, पिछले साल 33 लाख 89,983 हेक्टेयर था जो घटकर इस वर्ष 28 लाख 95,154 हेक्टेयर हो गया है, 5 लाख हेक्टेयर रकबा की कटौती की गई है जो धान उत्पादन करने वाले नये 2 लाख किसान, उनका भी पंजीयन नहीं किया गया। उनका रकबा इसके अलावा अलग है। इससे समझ में आता है कि सरकार किसानों को प्रताड़ित कर रही है।


प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि 1,29,000 किसान पंजीयन नहीं कर पाए हैं और पूर्व से 5 लाख हेक्टेयर लगभग कम हुआ है, मतलब साफ है, सरकार के षड्यंत्र के चलते पंजीयन से वंचित किसान 30 लाख मीट्रिक टन धान बेच नही पायेंगे। उन्हें अपनी फसल औने-पौने दाम में बेचना पड़ेगा। 3,100 रु. प्रति क्विंटल का दर उन किसानों को नहीं मिलेगा। इससे किसानों को आर्थिक नुकसान होगा। चालू खरीफ सीजन में 2 लाख नया किसानों ने धान उत्पादन किया है, उन्हें भी नुकसान होगा। कांग्रेस मांग करती है पंजीकृत और पंजीयन से वंचित सभी किसानों की धान खरीदी करे।
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मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं बैठक संपन्न

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ सिंचाई परियोजना मंडल की 33वीं तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल की पहली बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश की सिंचाई क्षमता बढ़ाने, भूजल स्तर सुधारने और शहरी क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति को सुदृढ़ बनाने पर विस्तृत विमर्श किया गया। इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों के लिए 14 नई परियोजनाओं को सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई।

              मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसानों की आय में वृद्धि और कृषि उत्पादन बढ़ाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से सिंचाई नेटवर्क का लगातार विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि सिंचाई रकबा बढ़ने से न केवल किसानों को लाभ मिलेगा बल्कि भूजल स्तर में सुधार होगा और पेयजल आपूर्ति को बेहतर ढंग से सुनिश्चित किया जा सकेगा।
          बैठक में सरगुजा, बस्तर सहित मैदानी इलाकों तक सिंचाई सुविधाओं के विस्तार पर व्यापक चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी परियोजनाओं की रूपरेखा, लागत और उनके लाभों की विस्तृत जानकारी ली और कहा कि प्रदेशभर में संतुलित विकास सुनिश्चित करने के लिए इन परियोजनाओं को गति प्रदान की जाएगी।
          गौरतलब है कि इन परियोजनाओं के माध्यम प्रदेश में लगभग 01 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता में वृद्धि होगी। इन परियोजनाओं में बस्तर जिले के अंतर्गत देउरगांव बैराज सह उदवहन सिंचाई परियोजना, बस्तर जिले के अंतर्गत मटनार बैराज सह उद्धवहन सिंचाई परियोजना, रायपुर जिले के विकासखण्ड आरंग में महानदी पर मोहमेला सिरपुर बैराज योजना, अहिरन से गाजरीनाला जल संवर्धन निर्माण (खारंग अहिरन लिंक परियोजना) कार्य, बिलासपुर जिले के कोटा विकासखण्ड अंतर्गत छपराटोला फीडर जलाशय परियोजना, कुम्हारी जलाशय जल क्षमता वृद्धि (जलावर्धन) योजना के अंतर्गत समोदा बैराज से कुम्हारी जलाशय तक पाईप लाईन बिछाने का कार्य, दुर्ग जिले के विकासखण्ड धमधा के सहगांव उद्धवहन सिंचाई योजना, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में लमती फीडर जलाशय एवं नहरों का निर्माण कार्य, राजनांदगांव जिले में स्थित मोहारा एनीकट में पेय जल हेतु चौकी एनीकट से मोहारा एनीकट तक पाईप लाईन के माध्यम से जल प्रदाय योजना, जशपुर जिले के मैनी नदी में बगिया बैराज सह दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई योजना की स्वीकृति,
जांजगीर-चांपा जिले के हसदेव बांगों परियोजना अंतर्गत वृहद परियोजना ऑगमेण्टेशन के अंतर्गत परसाही दाबयुक्त उद्ववहन सिंचाई परियोजना, कोरबा जिले के अंतर्गत मड़वारानी बैराज निर्माण सह उदवहन सिंचाई योजना, गरियाबंद जिले के पैरी परियोजना के अंतर्गत सिकासार जलाशय से कोडार जलाशय लिंक नहर (पाईप लाईन) योजना तथा बिलासपुर जिले के खारंग जलाशय योजना के बाएं तट नहर के आर्वधन हेतु पाराघाट व्यपवर्तन योजना से उद्धवहन फीडर सिंचाई का निर्माण कार्य शामिल किया गया है। 
                  बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, ऊर्जा  विभाग के सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, जल संसाधन विभाग के सचिव श्री राजेश सुकुमार टोप्पो, प्रमुख अभियंता श्री इंद्रजीत उइके सहित जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण मौजूद रहे।
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