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प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं नीतीश, इसलिए उन्होंने भाजपा को धोखा दिया: अमित शाह

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री बनने की हसरत के चलते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को धोखा दिया और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) तथा कांग्रेस से हाथ मिला लिया।

शाह ने दावा किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार की कोई विचाराधारा नहीं है इसलिए उन्होंने जाति आधारित राजनीति के लिए समाजवाद को त्याग दिया। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की जोड़ी भले ही आ गई हो, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, ऊपर मोदी सरकार है। उन्होंने कहा कि नीतीश प्रधानमंत्री बनने की लालसा में लालू की गोद में जाकर बैठ गए हैं।

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शासन की योजनाओं और निर्माण कार्यों में जनता की संतुष्टि जरूरी : चौहान

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभांवित करें, विकास और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। कार्यों के प्रति जनता को संतुष्टि मिलना चाहिए। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा और लापरवाही बतरने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डिंडौरी जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्‍वला योजना में हितग्राहियों को लाभांवित करने की धीमी प्रगति के कारण जिला आपूर्ति अधिकारी श्री टी.आर. अहिरवार को निलंबित करने और योजना में कार्य करने वाली गैस एजेंसियों की जाँच भी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को डिंडौरी जिले के ग्राम जोगी टिकरिया में मुख्यमंत्री जन सेवा शिविर को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते सहित विधायक जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जबलपुर से अमरकंटक तक फोर लाईन सड़क का निर्माण कार्य 400 करोड़ रूपये की लागत से पूरा किया जाएगा। डिंडौरी से शहडोल मार्ग का निर्माण भी गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। उन्होंने जोगीटिकरिया में नर्मदा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण करने की बात कही। नर्मदा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण करने से श्रद्धालुओं को नर्मदा नदी के दर्शन एवं स्नान करने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। अभियान में शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभांवित करने के लिए ग्राम पंचायतवार शिविर लगाये जा रहे हैं। शिविर में हितग्राहियों का चयन कर उन्हें केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभांवित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में सभी पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन्हें शासन की योजनाओं से लाभांवित किया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन में घर-घर तक नल से पेयजल पहुँचाया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल समस्या से जूझना नहीं पडे़गा। लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक पैदल जाने की समस्या दूर हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिशन अंतर्गत जिले में संचालित 351 नलजल योजनाओं के कार्यों को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मिशन के कार्यों की जनता भी मॉनीटरिंग करेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में संतुष्टि नहीं होने पर सीएम हेल्पलाईन 181 में शिकायत दर्ज करें।

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डेढ़ साल से माता-पिता कर रहे थे बेटे के 'शव' की सेवा...

 कानपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के कानपुर में डेढ़ साल तक माता-पिता लगातार अपने बेटे के शव की देखभाल करते रहे। परिवार के अन्य सदस्य भी कुछ नहीं बोले। पत्नी की ओर से आयकर विभाग को की गई शिकायत पर शुक्रवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। यह सनसनीखेज वाकया रावतपुर थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी रोशन नगर का है। आर्डनेंस फैक्टरी से रिटायर्ड कर्मचारी राम औतार रोशन नगर में परिवार के साथ रहते हैं। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा विमलेश (35) अहमदाबाद में आयकर विभाग में असिस्टेंट अकाउंटेंट ऑफिसर (एएओ) के पद पर था। विमलेश की पत्नी मिताली किदवईनगर स्थित सहकारिता बैंक में कार्यरत हैं। पिता राम औतार ने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल 2021 को विमलेश को निमोनिया होने पर बिरहाना रोड स्थित मोती हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान 22 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई थी।

अस्पताल प्रबंधन ने मृत्यु प्रमाणपत्र देते हुए विमलेश के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। घर आने के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तभी मां राम दुलारी ने विमलेश के दिल की धड़कन आने की बात कहकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।



तभी से माता-पिता उसके शव को घर के एक कमरे में रखकर देखभाल कर रहे थे।  घर पर विमलेश की पत्नी मिताली के अलावा विमलेश के भाइयों सुनील, दिनेश के परिवार भी रह रहे हैं।



शुक्रवार दोपहर डिप्टी सीएमओ डॉ. ओपी गौतम के साथ स्वास्थ विभाग की टीम और एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला फोर्स संग घर पहुंचे। टीम ने विमलेश का परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया।



शव कब्जे में लेने के दौरान माता-पिता ने विमलेश के जिंदा होने की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया। दावा कर रहे थे कि विमलेश कोमा में हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

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प्रधानमंत्री मोदी 27 सितंबर को शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी इस महीने की 27 तारीख को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजे आबे की अंत्‍येष्टि में शामिल होने के लिए तोक्‍यो जायेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने कहा कि श्री मोदी इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से भी भेंट करेंगे।

एक सवाल के जवाब में श्री बागची ने भारतीय नागरिकों को आगाह किया है कि वे थाईलैंड में रोजगार के अवसर प्राप्‍त करने में सावधानी बरतें। उन्‍होंने कहा कि सरकार को पता चला है कि आईटी कम्‍पनियां थाईलैंड में रोजगार के बहाने भारतीय कार्मिकों को भर्ती करती हैं और उन्‍हें अवैध रूप से म्‍यामां भेज दिया जाता है। उन्‍होंने कहा कि थाईलैंड और म्‍यामां स्थित भारतीय दूतावासों ने इस बारे में परामर्श जारी किए हैं और थाईलैंड और म्‍यामां की सरकारों के साथ इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।

 
 
 

कनाडा में खालिस्‍तान पर जनमत संग्रह को हास्‍यास्‍पद  बताते हुए प्रवक्‍ता ने कहा कि वहां कुछ उग्रवादी और विघटनकारी तत्‍व इस तरह के आयोजन कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनयिक चैनलों  से कनाडा के अधिकारियों के साथ उठाया गया है। श्री बागची ने कहा कि  भारत इसे आपत्तिजनक और राजनीति से प्रेरित घटना मानता है। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर कनाडा सरकार पर निरंतर दबाव डालती रहेगी।

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अक्टूबर के पहले सप्ताह में देश में 5 जी सेवा का शुभारंभ होगा : अश्विनी वैष्णव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के पहले सप्ताह में देश में 5 जी सेवा का शुभारंभ करेंगे।

मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल-2022 को संबोधित करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि दो साल के भीतर सरकार 5G सेवा को देश के एक बड़े हिस्से में ले जाने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक गांव डिजिटल सेवाओं का हकदार है और गांव देहातों में दूर-दराज तक ये सेवा पहुंचने पर 30 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।

 
 
 

उन्होंने कहा कि मौजूदा 4जी बैंडविड्थ और भविष्य में 5जी बैंडविथ से इन गांवों से जोड़ा जाएगा ताकि क्षेत्र के युवा अपनी रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जारी डिजिटल यात्रा में सहभागी हो सकें।

 

 

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हर तरह का धार्मिक उन्माद देश के लिए घातक : राहुल गांधी

 केरल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि धार्मिक उन्माद कोई भी फैलाए और यह लहर कहीं से भी आए, वह देश को तोड़ने वाली और राष्ट्र के लिए घातक होती है। श्री गांधी ने कन्याकुमारी से शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा के 15वें दिन यात्रा के 325 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सांप्रदायिकता का माहौल पैदा करके हिंसा और नफरत फैलाना बहुत बड़ा जुल्म है और यह जुल्म देश को तोड़ने वाला होता है, इसलिए इस अपराध को कोई भी करें उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, हम ऐसी शक्ति से लड़ रहे हैं जिसके पास पर्याप्त धन है, पर्याप्त ताकत है और जनता को अपने हिसाब से मोड़ने की शक्ति है लेकिन भारत जोड़ो यात्रा में देश की जनता को हमें इन ताकतों के खिलाफ खड़ा करके एकजुट करना है।

 
 
 

यह पूछने पर की क्या भारतीय जनता पार्टी शासित कर्नाटक में भी केरल की तरह यात्रा को सफलता मिलेगी, उन्होंने कहा, यात्रा को केरल में अत्यधिक सफलता मिलने से वह बहुत उत्साहित हैं लेकिन यात्रा की सफलता और इसकी शुरूआत कुछ आइडिया पर ही तय थी और उसी पर निर्भर भी करती है।

इसमें पहला आइडिया था कि देश में घृणा का माहौल है और लोगों को इसके खिलाफ यात्रा के जरिये एकजुट करना है, दूसरा देश में जबरदस्त बेरोजगारी है और तीसरा आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, यह तीन संकट देश के सामने हैं और इन चुनौतियों से निपटने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया गया और इनकी वजह से इस यात्रा को सफलता मिल रही है।

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दोहरी भूमिका वाली ब्रह्मोस की खरीद के लिए किया करार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षा मंत्रालय ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए “भारतीय-खरीदें” श्रेणी के तहत सतह से सतह पर मार करने में सक्षम दोहरी भूमिका वाली ब्रह्मोस मिसाइलों की खरीद के लिए मैसर्स ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (बीएपीएल) के साथ गुरूवार को एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

इसकी कुल अनुमानित लागत एक हजार 700 करोड़ रुपये है। इन दोहरी भूमिका वाली आधुनिक मिसाइलों के भारतीय नौसेना में शामिल होने से बेड़े की मारक क्षमता और परिचालन गतिविधियों में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

 
 
 

उल्लेखनीय है कि बीएपीएल भारत तथा रूस की साझेदारी में रक्षा मंत्रालय का एक संयुक्त उद्यम है, जो नई पीढ़ी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के निर्माण और इन्हें अत्याधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इन मिसाइलों में सतह के साथ-साथ पोत-रोधी हमलों के लिए उन्नत रेंज और दोहरी भूमिका क्षमता है। यह अनुबंध स्वदेशी उद्योग की सक्रिय भागीदारी के साथ ही महत्वपूर्ण हथियार प्रणाली एवं गोला-बारूद के स्वदेशी उत्पादन को और बढ़ावा देने वाला है।

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दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग बढ़ी : राजीव चंद्रशेखर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सरकार की स्किल इंडिया पहल के हिस्से के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) ने सैमसंग इंडिया के साथ एक स्किलिंग पहल के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य युवाओं की उद्योग प्रासंगिक कुशलता का विकास कर उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। कार्यक्रम, 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग में 18-25 वर्ष की आयु के 3,000 से अधिक बेरोजगार युवाओं की कुशलता का विकास करना है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा अनुमोदित संस्था ईएसएससीआई अपने अनुमोदित प्रशिक्षण और शिक्षा भागीदारों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करेगी।

 
 
 
 
 
 

इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय में राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कौशल विकास का यह कार्यक्रम केवल युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस ही नहीं करेगा, बल्कि यह उनके रोजगार प्राप्‍त करने की क्षमता में वृद्धि कर उनके लिए समृद्धि के द्वार खोलने का कार्य करेगा।

कौशल विकास जितना अधिक रोजगारोन्मुखी होगा, उतना ही यह छात्रों और युवा भारतीयों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि कौशिल विकास पर जोर देकर सरकार न सिर्फ युवाओं को तेजी से डिजिटाइज्ड हो रहे विश्‍व में अवसरों का दोहन करने के अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि उसका जोर भारत को टैलेंट पूल बनाने पर है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग बढ़ रही है।

 

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संसाधनों का दोहन हमारी संस्कृति का मूल नहीं : आरके सिंह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय में 21 सितंबर,2022 को अग्नि तत्व- जीवन के लिए ऊर्जा पहल की शुरुआत पर एक समारोह आयोजित किया गया। यह सुमंगलम के अम्ब्रेला अभियान के तहत एक पहल है। पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने विज्ञान भारती (विभा) के सहयोग से अग्नि तत्व की मूल अवधारणा के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए समुदायों, शैक्षणिक संस्थानों व संबंधित संगठनों को शामिल करते हुए सेमिनार, कार्यक्रम और प्रदर्शनियों का आयोजन किया। अग्नि तत्व ऊर्जा का पर्याय है और पंचमहाभूत के पांच तत्वों में से एक है।

इस आउटरीच कार्यक्रम ने विषय के जानकारों और विशेषज्ञों के सीखने व अनुभवों पर विचार-विमर्श करने के साथ सभी के लिए एक टिकाऊ भविष्य को लेकर समाधान तलाशने के लिए एक मंच प्रदान किया है। इस पहल में स्वास्थ्य, परिवहन, उपभोग व उत्पादन, सुरक्षा, पर्यावरण और आध्यात्मिकता पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।

 
 
 

श्री सिंह ने कहा, संसाधनों का दोहन हमारी संस्कृति का मूल नहीं है। हमारी जड़ें सादगी में निहित हैं। हम पर्यावरण के लिए अवचेतन रूप से लाइफ- लाइफस्टाइल जी रहे हैं। हम प्रकृति और उसके विभिन्न तत्वों की पूजा करते हैं। अब हमें पूरे विश्व में इस विचार प्रक्रिया को फैलाना है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अब हमारे सामने दोहरे उद्देश्य हैं- पहला हमें पश्चिम की आंखें मूंदकर नहीं देखना चाहिए। दूसरा, हमें अपने ज्ञान को विकसित राष्ट्रों के साथ साझा करना चाहिए, जिसे हमारे पूर्वजों ने आगे बढ़ाया है। जहां तक ऊर्जा रूपांतरण का सवाल है, भारत एक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरा है।

 
 
 

हमने पेरिस में सीओपी-21 में यह संकल्प लिया था कि 2030 तक हमारी स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 40 फीसदी हिस्सा गैर-जीवाश्म से होगा, हमने इसे नौ साल पहले ही यानी नवंबर, 2021 में प्राप्त किया था। हमने संकल्प लिया था कि 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था की उत्सर्जन तीव्रता को 33-35 फीसदी तक कम कर देंगे। अब हम पहले से ही 40 फीसदी पर हैं, हम एक या दो साल में इस लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे।

 
 
 

भारत सरकार के विद्युत सचिव आलोक कुमार ने कहा कि लोगों के बीच एक प्रचलित विचार है कि जिम्मेदार ऊर्जा रूपांतरण एक पश्चिमी अवधारणा है। उन्होंने कहा, हमारे प्रधानमंत्री ने हाजिरजवाबी से कहा था कि भारत एक जिम्मेदार देश है, जिसकी जड़ें जिम्मेदार परंपराओं और मूल्यों में निहित है। सुमंगलम का पूरा अभियान यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि हमें जिम्मेदार ऊर्जा खपत की सदियों पुरानी परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। हमारा प्राथमिक ध्यान विद्यालय जाने वाले बच्चों पर होना चाहिए, जिससे उनके मस्तिष्क में टिकाऊ जीवन का विचार उत्पन्न हो सके।

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उपराष्ट्रपति ने जनता के बीच चर्चा और संवाद का सुदृढ़ माहौल बनाने का आह्वान किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जनता के बीच चर्चा और संवाद का सुदृढ़ माहौल बनाने का आह्वान किया और कहा कि अन्‍य लोगों के विचारों के प्रति असहिष्णुता, विचारों के मुक्त आदान-प्रदान की दृष्टि से गलत है। भारत में वाद-विवाद, चर्चा और ज्ञान साझा करने की महान विरासत का उल्‍लेख करते हुए  उपराष्ट्रपति ने कहा कि जनता के बीच खासतौर से विधायिकाओं में चर्चा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अतीत से सबक लिया जा सकता है।

श्री धनखड़ ने कहा कि खुद को दूसरे से बेहतर दर्शाने और जनता की नजरों के केन्‍द्र में बने रहने की आपाधापी में टेलीविजन या सोशल मीडिया पर चलने वाली बहसें आक्रामक लड़ाई के मैदानों में बदल रही हैं'। उन्होंने मीडिया से इस दिशा में पहल करने और आत्मनिरीक्षण करने  तथा अनूठी, मूल और हाशिए पर पड़ी आवाजों को मुख्यधारा में आने की जगह बनाने का आह्वान किया।

 
 
 

स्वस्थ  और  खुले दिमाग से की जाने वाली चर्चाओं का आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि समय आ गया है जब हमें सामाजिक संरचनाओं और सोशल मीडिया के बंधे-बंधाए ढांचे (एल्गोरिदम) से बाहर आना होगा और अपने दिमाग में स्‍वच्‍छ विचारों को आने का रास्‍ता देना होगा। उन्‍होंने कहा, हमें सुनने की कला को पुनर्जीवित करना होगा और संवाद की कला को भी फिर से खोजना होगा।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने गुवाहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संवाद 'लोकमंथन' के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। उत्तर पूर्वी भारत के समृद्ध सांस्कृतिक लोकाचार को उजागर करने के लिए आयोजकों की सराहना करते हुए, श्री धनखड़ ने कहा कि उनकी विविधता में, क्षेत्र की सांस्कृतिक प्रथाएं शांति, सद्भाव और सार्वभौमिक भाईचारे के सर्वोत्कृष्ट भारतीय मूल्यों के साथ प्रतिध्वनित होती हैं।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने भारतीय समाज में बुद्धिजीवियों की भूमिका को रेखांकित किया और बताया कि किस तरह विभिन्‍न संतों ने राजाओं को नीति के मुद्दों पर ऐतिहासिक परामर्श दिए और समाज में सद्भाव और स्थिरता सुनिश्चित की। बुद्धिजीवियों से मौजूदा मुद्दों पर चर्चा करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हमारे बुद्धिजीवी वर्तमान समय में चुप्पी का विकल्प चुनने का फैसला करते हैं, तो समाज का यह बहुत महत्वपूर्ण वर्ग हमेशा के लिए चुप हो जाएगा। उन्हें स्वतंत्र रूप से संवाद और विचार-विमर्श का अभ्यास करना चाहिए ताकि सामाजिक नैतिकता और औचित्य की रक्षा हो सकें।

संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दी गई प्रमुखता और संविधान सभा की बहसों की समृद्ध परम्‍परा को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे स्वतंत्र और स्वस्थ चर्चा के महत्व के प्रमाण हैं जिसे भारत ने लंबे समय से संजोया है। उन्होंने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अमृत है।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने नागरिक समाज के बुद्धिजीवियों से विचार-विमर्श के माध्यम से राज्य की तीन शाखाओं - विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, बुद्धिजीवियों के संवाद और चर्चा के सकारात्‍मक रवैये से लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों का निश्चित रूप से विकास होगा।

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कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे अशोक गहलोत

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मैंने कहा कि जब सब कांग्रेस कमेटी ये प्रस्ताव पास कर रही हैं कि आपको अध्यक्ष बनना चाहिए तो फिर आप उसे स्वीकार कीजिए। राहुल गांधी से मैंने काफी बात करने की कोशिश की।

उनका कहना है कि हमने फैसला कर लिया कि इस बार कोई गांधी परिवार का व्यक्ति उम्मीदवार नहीं बनेगा। अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि तारीख तो मैं अभी जाकर पक्की करूंगा। ये तय है कि मैं चुनाव लड़ूंगा (कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए)। जो हालात देश के हैं उसके लिए प्रतिपक्ष का मज़बूत होना बहुत जरूरी है और उसके लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। 

 

 

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राजनाथ सिंह की उपस्थिति में एनसीसी और यूएनईपी ने समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे से निपटने और पुनीत सागर अभियान और टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज प्रोग्राम के माध्यम से स्वच्छ जल निकायों का सार्वभौमिक लक्ष्य हासिल करने के लिए 22 सितंबर, 2022 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह और रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव, यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम बिशो परजुली के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और यूएनईपी के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

पुनीत सागर अभियान को सबसे अच्छी पहलों में से एक बताते हुए रक्षा सचिव ने अपने संबोधन में अभियान को सफल बनाने में एनसीसी के प्रयासों की सराहना की। इस विश्वास के साथ कि वे इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, उन्होंने जोर देकर कहा कि 15 लाख एनसीसी कैडेटों के पास दुनिया भर के युवाओं की सोच को प्रभावित करने की क्षमता है। डॉ. अजय कुमार ने अभियान के लिए एनसीसी को अपना समर्थन देने के लिए यूएनईपी को धन्यवाद देते हुए कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक लंबा और स्वस्थ जीवन जीने के लिए पर्यावरण की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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मुख्तार अंसारी को 5 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना, इस मामले में भी पाया गया दोषी...

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बांदा जेल में बंद माफिया पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी पर योगी आदित्यनाथ सरकार के बाद अब कोर्ट का भी शिकंजा कसा है। जेलर को धमकी देने के मामले में सात वर्ष कैद की सजा के बाद अब मुख्तार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के 23 वर्ष पुराने मामले में पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पचास हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 वर्ष पुराने एक मामले में भी जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने शुक्रवार को उसे पांच वर्ष कैद के साथ पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है। सरकारी वकील राव नरेन्द्र सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्तार को गैंगस्टर के इस मामले में ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश को चुनौती दी थी। इस मामले की वर्ष 1999 में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने इससे पहले गुरुवार को वर्ष 2003 के एक मामले में मुख्तार अंसारी को सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। मामला लखनऊ जेल के जेलर को पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी से जुड़ा था। बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ इस मामले में जेलर एसके अवस्थी के अकेले ही लड़े और सजा दिलवाई। इस लड़ाई में पहले कई गवाह थे जो बाद में मुकर गए। 2003 में लखनऊ जेल में बंद रहे तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी से कुछ लोग जेल में मिलने पहुंचे थे। असलहों से लैस होकर मुलाकात करने पहुंचे लोगों की तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने जब तलाशी लेनी चाहिए तो जेल की कोरनटाइन जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने इस पर एतराज जताया। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि मुख्तार अंसारी ने मुलाकाती की पिस्टल निकालकर धमकी दी। जेलर एसके अवस्थी की तरफ से लखनऊ के आलमबाग थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।

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दो हिस्सों में बंट गई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, यात्रियों में हड़कंप...

 झांसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की सुपर फास्ट ट्रेन में शामिल आंध्र प्रदेश सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस बड़ी दुर्घटना से बच गई। झांसी में शुक्रवार को निजामुद्दीन से तिरुपति जाने वाली आंध्र प्रदेश सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस (12708) झांसी के आगे दो हिस्सों में बंट गई। इस दौरान यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया।


आंध्र प्रदेश सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के ग्राम चंदवानी गांव निवाड़ी के पास ट्रेन में यात्रियों को झटके लगे। इसके बाद ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि उस समय पीछे से कोई ट्रेन नहीं आ रही थी।

 

 

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गांधी जयंती पर हिंदी विश्वविद्यालय में भव्‍य दीपोत्सव का आयोजन

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की ओर से  राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की 153 वीं जयंती के अवसर पर भव्‍य दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। विश्‍वविद्यालय परिसर स्थित विभिन्‍न भवनों एवं स्‍थलों के साथ-साथ वर्धा शहर के महत्‍वपूर्ण चौराहों पर भी दीपोत्‍सव होगा। व्‍यापक स्‍तर पर दीपोत्‍सव के सफल आयोजन हेतु विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा है कि वर्धा राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की कर्मभूमि रही है। उनका जीवन–दर्शन वर्धा की पावन भूमि के कण-कण में विद्यमान रहा है। 2 अक्‍टूबर को महात्‍मा गांधी की जयंती का दिन उनकी स्‍मृतियों के स्‍मरण का अवसर है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्ष 2019 से वर्धावासियों के सहयोग से ‘आरोग्‍य-दीप’ पर्व का आयोजन व्‍यापक स्‍तर पर निरंतर करता आ रहा है। इस वर्ष 2022 में भी वर्धावासियों के सहयोग से वर्धा के विभिन्‍न चौक चौराहों पर लाखों दीप प्रज्‍ज्‍वलित किये जाएंगे।

कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि वर्धा का नागरिक समाज भी अब दीपोत्सव के साथ जुड़ने लगा है। उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि दीपोत्‍सव जन-जन का उत्‍सव बनेगा और यह पर्यटन के साथ-साथ रोजगार सृजित करने के लिए उपयुक्‍त होगा। दीपोत्‍सव के अवसर पर हर घर में पाँच दीये जलाने का उन्‍होंने अनुरोध किया। उन्‍होंने कहा कि वाराणसी में देव दीपावली जन-जन में लोकप्रिय है इसी प्रकार से वर्धा में नागरिकों द्वारा दीपोत्‍सव का आयोजन इतिहास रचने वाला होगा। इससे वर्धा की ख्‍याति वैश्विक पटल पर हो सकेगी। विश्‍वविद्यालय में दीपोत्‍सव का मुख्‍य आयोजन 2 अक्टूबर, 2022 की शाम 07.00 बजे गांधी हिल्स पर होगा। इस हेतु वर्धा शहर के जनप्रतिनिधियों, गणमान्‍य नागरिकों तथा सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्‍कृतिक व व्‍यापारिक संस्‍थाओं के प्रतिनिधियों के साथ 21 सितंबर, 2022 को  विश्‍वविद्यालय के कस्‍तूरबा सभागार में बैठक का आयोजन किया गया ।

प्रास्‍ताविक वक्‍तव्‍य में प्रतिकुलपति एवं दीपोत्‍सव के समन्‍वयक प्रो. चंद्रकांत रागीट ने कहा कि गांधी जयंती पर दीपोत्सव की शुरुआत महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल की प्रेरणा से गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर 2019 में हुई थी। उन्‍होंने पिछले तीन वर्षों से हो रहे दीपोत्‍सव की जानकारी दी। इस दौरान गत वर्ष के दीपोत्‍सव से संबंधी फिल्‍म भी दिखायी गई।

बैठक में वर्धा के विधायक डॉ. पंकज भोयर, भाजपा जिलाध्‍यक्ष सुनील गफाट, महामंत्री अविनाश देव, दत्ता मेघे आयुर्विज्ञान संस्‍थान के विशेष कर्तव्‍य अधिकारी अभ्‍युदय मेघे मंच पर उपस्थित थे। इस अवसर पर वर्धा से आये शालीग्राम टिबड़ेवाल, आसिफ ज़ाहिद, पुंडलिक लांडगे, अविनाश देशपांडे, सुनिल पटेल, रामू छत्रे, मदन परसोडकर, सुनिल तापडि़या, मनीष जालान, सुरेश पट्टेवार, आशीष तिवारी, सुभाष पाटणकर, पवन परियाल, मिलिंद देशपांडे, अटल पांडे, वीरू पांडे, शेख नौशाद, प्रशांत बुर्ले, अरुण काशीकर, कमल कुलधरिया, रवि शेंडे, अनीस अहमद, महंत मुकेशनाथ, माधवी धुर्वे, विवि के प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल, कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान, प्रो. कृपाशंकर चौबे, डॉ. के. बालराजु, डॉ. जयंत उपाध्‍याय, डॉ. सूर्यप्रकाश पांडेय सहित वर्धा के गणमान्‍य व्‍यवसायी, सामाजिक संगठनों एवं  विविध प्रतिष्‍ठानों के प्रमुख तथा नागरिक बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे।

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अमेरिका यात्रा में वाशिंगटन से होते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह न्यूयॉर्क पहुंचे

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के केंद्रीय विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवम् पेंशन राज्यमंत्री, अंतरिक्ष एवम् परमाणु ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, एक संयुक्त मंत्रालय स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के तौर पर 5 दिन की अमेरिका यात्रा पर पहुंचे। 

इसके तहत वे पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में 21 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले "ग्लोबल क्लीन एनर्जी एक्शन फोरम" में हिस्सा लेंगे।डॉ. जितेंद्र सिंह की आगवानी करने भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी आए और जेएफके एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वे वाशिंगटन डीसी के लिए निकल गए, जहां वे 35 कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और अंतरिक्ष, पृथ्वी और समुद्री विज्ञान, फार्मा और बॉयोटेक सेक्टर से जुड़े संघीय प्रतिनिधियों के साथ अहम गोलमेज वार्ता करेंगे। इस वार्ता का आयोजन वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी कॉमर्स चैंबर के मुख्यालय में अमेरिका-भारत व्यापार परिषद ने किया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह, ऊर्जा मंत्रालय, नवीन एवम् नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विज्ञान एवम् तकनीकी मंत्रालय के एक उच्च स्तरीय संयुक्त प्रतिनिधि मंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो इस फोरम में हिस्सा लेगा, साथ ही भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ ख्यात बुद्धिजीवियों से मुलाकात करेगा।

35 अहम कंपनियों के सीईओ के साथ होने वाली बैठक में डॉ. जितेंद्र सिंह को द्विपक्षीय विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी में हो रहे सहयोग के बारे में बात करनी है। यह आपसी सहयोग एलआईजीओ (लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल ऑब्जर्वेटरी), टीएमटी (30 मीटर लंबा टेलीस्कोप) जैसे उन्नत विज्ञानों से लेकर न्यूट्रिनो फिजिक्स, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, स्वास्थ्य विज्ञान, पृथ्वी और समुद्री विज्ञान, कृषि विज्ञान और हाल में उभर रही तकनीकों पर जारी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह यह प्रस्ताव भी दे सकते हैं कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और अमेरिका का नेशनल साइंस फाउंडेशन आपस में मिलकर साझा दिलचस्पियों वाले विषयों पर संयुक्त परियोजनाओं की शुरुआत करें। इन विषयों में कोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स एवम् ऑटोमेशन तकनीकें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवम् मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, सेंसर्स और आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) से संबंधित नेटवर्किंग एवम् तकनीकें शामिल हैं।

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रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया अपना 38वां स्थापना दिवस

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रेलवे सुरक्षा बल ने अपना 38वां स्थापना दिवस 20 सितंबर 2022 को जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, लखनऊ में केंद्रीय स्तर पर पहली बार परेड आयोजित कर मनाया। यह पहली बार हुआ है जब नई दिल्ली से बाहर आरपीएफ की राष्ट्रीय स्तर की परेड का आयोजन किया गया। लखनऊ स्थित जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, जो कि आरपीएफ का केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थान है और सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भर्ती किए गए रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों का अल्मा मेटर है, में परेड स्थल का चयन किया जाना उल्लेखनीय महत्व रखता है।

केंद्रीय रेल और वस्‍त्र राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना विक्रम जरदोश ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और परेड की सलामी ली। इस कार्यक्रम में श्री बृजलाल, सांसद, राज्य सभा; केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य पुलिस, विभिन्न सरकारी विभागों  एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारीगण और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। रेल राज्य मंत्री ने 23 आरपीएफ कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक प्रदान किए।

 
 
 

इसके तहत आरपीएफ एनसीआर के हेड कांस्टेबल स्वर्गीय ज्ञान चंद को भी मरणोपरांत सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया जिन्होंने आत्महत्या करने के इरादे से चलती ट्रेन के सामने कूदने वाली एक महिला को बचाते हुए कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। रेलवे सुरक्षा बल ने अश्रुपूर्ण नेत्रों और बड़े गर्व से ज्ञान चंद को स्‍मरण किया।

 
 
 

मुख्य अतिथि ने अकादमी परिसर में 100 फीट ऊंचे स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज का अनावरण किया एवं फहराया और ट्रेन युक्‍त प्रशिक्षण के लिए इंजन के साथ एक रेलवे कोच का अनावरण किया और उसे राष्‍ट्र को समर्पित किया। रेल राज्य मंत्री ने अकादमी के पुनर्निर्मित मुख्य हॉल, जो अब वातानुकूलित हो गया है, का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर आरपीएफ की त्रैमासिक ई-पत्रिका 'रेल सैनिक' के एक विशेष ‘आजादी का अमृत महोत्‍सव’ संस्करण का विमोचन किया गया।

रेल राज्य मंत्री ने इस टुकड़ी के आत्‍मविश्‍वासपूर्ण आचरण, भागीदारी और कदम से कदम मिलाते हुए चलने की सराहना की। अपने भाषण में उन्होंने महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में आरपीएफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘मेरी सहेली’ टीमों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने किसी भी संगठन के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन की प्रमुख भूमिका की रूपरेखा तैयार की और आरपीएफ में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 55 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा की।


 

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11 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर एनआईए-ईडी का छापा, कई राज्यों के चीफ सहित 106 अरेस्ट

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के नेतृत्व में 11 राज्यों में पीएफआई (PFI) के ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाई की गई। छापेमारी में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को देश में आतंकी गतिविधियों का कथित रूप से समर्थन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।


एनआईए-ईडी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए कई छापे में केरल से 22, कर्नाटक से 20, महाराष्ट्र से 20, आंध्र प्रदेश से 5, असम से 9, दिल्ली से 3, मध्य प्रदेश से 4, पुडुचेरी से 3, राजस्थान से 2, तमिलनाडु से 10 और उत्तर प्रदेश से 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने की बैठक
बता दें कि इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की। बैठक में NSA, गृह सचिव, NIA DG सहित अधिकारियों ने भाग लिया। टेरर फंडिंग मामले में NIA, ED और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने 11 राज्यों में PFI के ठिकानों पर छापा मारा है। छापेमारी में अब तक PFI के 106 से अधिक सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें PFI के कई प्रमुख नेता भी शामिल हैं। ये तलाशी आतंकवाद को फंडिंग करने, ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने में शामिल व्यक्तियों के घरों और कार्यालयों में की जा रही है।

आतंकी फंडिंग मामले में कार्रवाई
अधिकारियों ने कहा कि आतंकी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए कई स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। PFI की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने NIA-ED द्वारा देशभर में की गई कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि नेताओं की गिरफ्तारी और उत्पीड़न एवं संगठन के सदस्यों और समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई गलत है। उन्होंने कहा कि NIA के निराधार दावे के पीछे आतंक का माहौल बनाना है।

PFI के 106 सदस्य गिरफ्तार
देश भर में 11 राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए, NIA, ED और राज्य पुलिस ने PFI के 106 से सदस्यों को गिरफ्तार किया है।' जानकारी के अनुसार, PFI के दिल्ली प्रमुख परवेज अहमद को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की कार्रवाई हुई है।

जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के विरोध में कई जगह PFI और SDPI के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक के मंगलुरु में NIA की कार्रवाई के खिलाफ PFI और SDPI के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। साथ ही तमिलनाडु के डिंडुगल में NIA की कार्रवाई के विरोध में PFI के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

कुछ दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई
बता दें कि NIA ने इस महीने की शुरुआत में एक PFI मामले में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में 40 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसी ने तब तेलंगाना में 38 स्थानों (निजामाबाद में 23, हैदराबाद में चार, जगत्याल में सात, निर्मल में दो, आदिलाबाद और करीमनगर जिलों में एक-एक) और आंध्र प्रदेश में दो स्थानों (कुरनूल और नेल्लोर में एक-एक) पर तलाशी ली थी। उस दौरान, तलाशी अभियान में डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज, दो चाकू और 8,31,500 रुपये नकद सहित अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त की थी। NIA ने बताया कि सभी आरोपी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर रहे थे।

PFI की स्थापना केरल में 2006 में हुई थी। 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद तीन मुस्लिम संगठनों- केरल का राष्ट्रीय विकास मोर्चा, कर्नाटक फोरम फार डिग्निटी और तमिलनाडु की मनिथा नीति पासारी के विलय के बाद PFI का जन्म हुआ। बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद, दक्षिण भारत में कई संगठन सामने आए थे, जिनमें से कुछ को मिलाकर PFI का गठन किया गया था। PFI खुद को अल्पसंख्यक समुदायों, दलितों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के लोगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध एक नव-सामाजिक आंदोलन के रूप में बताता है।

 



PFI का दावा है कि वर्तमान में 22 राज्यों में उसकी इकाइयां हैं। पिछले कुछ वर्षों में PFI की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। PFI को एशिया के अलावा मध्य-पूर्वी देशों से भी फंडिंग मिलती है। पहले PFI का मुख्यालय कोझिकोड में था, लेकिन इसके विस्तार के बाद मुख्यालय को दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया। PFI के प्रदेश अध्यक्ष नसरुद्दीन एलमारोम संगठन के संस्थापक नेताओं में से एक हैं। इसके अखिल भारतीय अध्यक्ष ई अबुबकर भी केरल के रहने वाले हैं।

 

 

 
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