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सबका साथ, सबका विकास' का दर्शन गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित : उपराष्ट्रपति

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति  जगदीप धनखड़ ने कहा कि सरकार का “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” का विजन गांधीवादी विचारधारा से प्रेरित है। इस बात पर जोर देते हुए कि गांधीवादी आदर्श संविधान के मौलिक अधिकारों और निर्देशक सिद्धांतों में व्याप्त हैं, उन्होंने कहा कि बापू की शिक्षाएं मानवता के लिए हमेशा ही प्रासंगिक रहेंगी।

श्री जगदीप धनखड़ आज नई दिल्ली में हरिजन सेवक संघ के 90वें स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित सद्भावना सम्मेलन में उपस्थितजनों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने इस कार्यक्रम से पहले राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और आचार्य विनोबा भावे को पुष्पांजलि अर्पित की। गांधीजी के हरिजन सेवक संघ के गठन के पीछे की प्रेरणा का स्मरण करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि हमारा स्वतंत्रता संग्राम न केवल एक राजनीतिक आंदोलन था बल्कि एक सामाजिक-सांस्कृतिक पुनरुत्थान भी था।

उन्होंने कहा यह सामाजिक एकता और राजनीतिक स्वतंत्रता का आह्वान था। गांधीजी के योगदान का उल्लेख करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि महात्मा गांधी ने भारतीय संस्कृति के सर्वोत्तम तत्वों - सत्य और अहिंसा - को धरातल पर लागू करने का प्रयास किया।

उपराष्ट्रपति ने कहा, महात्मा गांधी द्वारा प्रतिपादित सिद्धांतों से मानवता को अधिक लाभ होगा। आज दुनिया के सामने - गरीबी से लेकर जलवायु परिवर्तन और युद्ध तक कई खतरे हैं - गांधी जी के विचार इन सभी का समाधान प्रदान करते हैं।

यह देखते हुए कि गांधीजी के स्वराज के विचार का अर्थ कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति का उत्थान है, उपराष्ट्रपति ने कहा कि सरकार की खाद्य सुरक्षा, टीकाकरण, सार्वभौमिक बैंकिंग की सभी योजनाएं गांधीवादी भावना में हैं।

श्री धनखड़ ने कहा, यह जानकर प्रसन्नता हो रही है कि हाल के वर्षों में एक ऐसे इकोसिस्टम का उदय हुआ है जो गांधीवादी दर्शन के साथ आम सहमति से सभी की क्षमता और प्रतिभा का पूर्ण उपयोग सुनिश्चित कर रहा है।

 

 

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ग्वाटेमाला में व्यापार प्रदर्शनी में भारतीय हस्तशिल्प ने अपनी चमक बिखेरी

 ग्वाटेमाला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हस्तशिल्प निर्यात संवर्धन परिषद (ईपीसीएच) ग्वाटेमाला (लातीनी अमेरिका) स्थित भारतीय राजनयिक मिशन के संग मेड इन इंडिया – व्यापार प्रदर्शनी का आयोजन कर रहा है। यह प्रदर्शनी ग्वाटेमाला सिटी में 22 सितंबर से 24 सितंबर, 2022 तक आयोजित की गई है, और इसमें भारतीय हस्तशिल्प निर्माताओं तथा निर्यातकों ने भारतीय कलाकृतियां व हस्तशिल्प के साथ अन्य उत्पादों को प्रदर्शित किया है। भारत भर के दस राष्ट्रीय दिग्गज शिल्पकार और निर्यातक हस्तशिल्प उत्पादों की विशाल श्रृंखला पेश कर रहे हैं, जिसमें घर के सजावटी सामान, फर्निशिंग, दरी-कालीन, फर्नीचर, लैम्प, फैशन आभूषण व सम्बंधित सामग्रियां, धूप-अगरबत्ती, खुशबूदार तथा आरोग्य उत्पाद शामिल हैं।

ईपीसीएच के कार्यकारी निदेशक  राकेश कुमार ने बताया कि ग्वाटेमाला के उपराष्ट्रपति व कार्यकारी राष्ट्रपति महामहिम गुईलेरमो कास्टिलो तथा ग्वाटेमाला में भारत के राजदूत महामहिम डॉ. मनोज कुमार महापात्रा ने ग्वाटेमाला में मेड इन इंडिया व्यापार प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। उन्होंने इस क्षेत्र में मेड इन इंडिया व्यापार प्रदर्शनी के आयोजन के लिये ईपीसीएच को भरपूर सहयोग और समर्थन दिया। इसके जरिये हस्तशिल्प सेक्टर को मजबूती देने के प्रयासों को आगे बढ़ाने में हस्तशिल्प निर्यातक समुदाय का भरपूर उत्साह परिलक्षित होता है।

ईपीसीएच के अध्यक्ष राज कुमार मलहोत्रा ने बताया कि भारतीय कला और शिल्प सम्बंधी मेड इन इंडिया – व्यापार प्रदर्शनी में प्रदर्शनकर्ताओं तथा क्रेताओं को सहायक व्यापार विकल्प उपलब्ध होंगे। आशा की जाती है कि भारतीय राजनयिक मिशन के सहयोग से भारतीय कला और शिल्प सम्बंधी मेड इन इंडिया – व्यापार प्रदर्शनी के जरिये लातीनी अमेरिकी क्षेत्र में व्यापार तथा लोगों के बीच मेल-मिलाप बढ़ेगा।

ग्वाटेमाला में भारत के राजदूत महामहिम डॉ. मनोज कुमार महापात्रा ने कहा कि मेड इन इंडिया – व्यापार प्रदर्शनी भारत की विविधता को प्रस्तुत करने का ऐसा अवसर है, जिसकी दुनिया भर में प्रशंसा होती है। उन्होंने कहा कि इस तरह दुनिया के सामने भारत के अपार कौशल व उसकी प्रतिस्पर्धात्मक धार को प्रदर्शित करने और विश्व मानकों के अनुरूप गुणवत्ता का पालन करने का अवसर मिलता है।

उल्लेखनीय है कि ईपीसीएच एक नोडल एजेंसी है, जो दुनिया के विभिन्न स्थानों में भारत के हस्तशिल्प के निर्यात को प्रोत्साहन देती है तथा यह उच्च गुणवत्ता वाले हस्तशिल्पों व सेवाओं की विश्वसनीय आपूर्तिकरता है और दुनिया में भारत की छवि को प्रस्तुत करती है। वर्ष 2021-22 के दौरान हस्तशिल्प का निर्यात 33253.00 करोड़ रुपये (4459.76 मिलियन यूएसडी) था। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में रुपये के आधार पर 29.49 प्रतिशत और यूएस डॉलर के आधार पर 28.90 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं, लातीनी अमेरिका को हस्तशिल्प का निर्यात वर्ष 2021-22 में 682 करोड़ रुपये (92 मिलियन यूएसडी) रहा।

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भाजपा ने मनाई पं. दीनदयाल की जयंती, सुनी मोदी के मन की बात

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एकात्म मानववाद के प्रणेता, भारतीय जनता पार्टी के अग्रदूत श्रधेय पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती खरसिया में धूमधाम से आयोजित हुई। खरसिया विधानसभा के नगर मंडल व महका मंडल के कार्यकर्ताओं ने पुरानी हटरी एव नया बस स्टैंड स्थित पंडित की आदमकद प्रतिमा पर माल्यर्पण कर पुण्य स्मरण किया गया। तत्पश्चात भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरधर गुप्ता ने पंडित की जीवनी व उनके सिद्धान्तों से सभी कार्यकर्ताओं को अवगत कराया। ततपश्चात सभी कार्यकर्ताओं ने देश के यशश्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का श्रवण किया।

आज के कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता गिरधर गुप्ता, महका मंडल अध्यक्ष राजेन्द्र राठौर पालू, पूर्व नगर मंडल अध्यक्ष राजेश घंशु, मंडल उपाध्यक्ष बंटी सोनी, महामंत्री विजय शर्मा, पार्षद दीनदयाल अग्रवाल, जिला कार्यसमिति सदस्य मनोज राठौर, प्रदेश युवा मोर्चा कार्यसमिति सदस्य नवल किशोर कनेर, महका मंडल महामंत्री शशिकांत राठौर, जिलामंत्री उमाशंकर शर्मा, जिला कार्यसमिति जयप्रकाश डनसेना, साहिल शर्मा चीनू, डॉ. हितेश गबेल, उमाशंकर पटेल, रविंद्र गबेल, सुमीत रावलानी, हनुमान अग्रवाल, रमेश राठौर, राजेन्द्र चौहान, लकेश राठौर, राहुल अग्रवाल, अभिषेक मित्तल, तेलीकोट सरपंच उमाशंकर सिदार, ओमप्रकाश राठौर, संतोष सिदार, गजानंद राठौर विरेन्द्र गबेल, अमीत अग्रवाल, राधे राठौर इत्यादि अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 

 

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प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि : वेंकैया नायडु

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडु ने केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और केन्‍द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर के साथ प्रधानमंत्री के चुनिंदा भाषणों के संग्रह 'सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास' पुस्तक का विमोचन किया। प्रकाशन विभाग निदेशालय ने इस समारोह का आयोजन किया।

पुस्तक विभिन्न विषयों पर मई 2019 से मई 2020 तक प्रधानमंत्री के 86 भाषणों का संकलन है। इस अवसर पर पूर्व उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह पुस्तक राष्ट्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों को समझने और उनसे निपटने के लिए किए जा रहे ठोस प्रयासों की समझ को व्यापक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा सरकार पूर्णत: तत्‍व ज्ञान के तहत काम कर रही है 'सर्वे जन सुखिनो भवन्तु'। उन्होंने कहा कि अच्‍छी योजनाएं पहले भी शुरू की गई हैं, लेकिन केवल वर्तमान प्रधानमंत्री, नेतृत्व करते हुए यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि सभी कार्यक्रम निर्धारित समय सीमा और लक्ष्यों का पालन करें।

वे स्‍वयं कमान संभालते हैं और निरंतर निगरानी एवं संभावित वितरण सुनिश्चित करते हैं, श्री नायडु ने कहा कि अपने असाधारण संवाद कौशल के कारण प्रधानमंत्री मोदी देश के सभी लोगों से समान रूप से जुड़ सकते हैं ।श्री नायडु ने उस समय को याद किया जब करोड़ों बैंक खाते खोलने के सपने का पूरा होना कठिन लगता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के कुशल नेतृत्व में इस लक्ष्य को बहुत जल्द ही प्राप्त कर लिया गया। उन्होंने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) को सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया।

श्री नायडु ने कहा कि इसने लोगों को बिचौलियों की बेड़ियों से मुक्त कराया और कल्याणकारी उपायों की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित की। उन्होंने आगे कहा कि जब पहले की योजनाओं को या तो सरकार या राजनीतिक के रूप में पहचाना जाता था, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी इस बात को समझ गए थे कि एक लक्ष्य की प्राप्ति लोगों की भागीदारी पर निर्भर करती है। इसी तरह प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान की परिकल्पना एक जन आंदोलन के रूप में की थी।

श्री नायडु ने अपने भाषण के अंत में कहा, लोग लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि भारत शक्ति और कद के हिसाब से नहीं बोलता है। प्रधानमंत्री मोदी के आने के साथ भारत अब एक ताकत बन गया है और भारत की आवाज सभी सुनते हैं।

केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि यह पूरी पुस्तक एक साझे धागे से संचालित है और वह है- हाशिए के वर्ग और महिला सशक्तिकरण के लिए प्रधानमंत्री की चिंता। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि शौचालयों की उपलब्धता और जल की कनेक्टिविटी के दोहरे मुद्दों के लिए बहुत लंबे समय से तत्काल सरकारी प्रयासों की आवश्यकता थी, लेकिन कई सरकारें आने और उनके जाने के बावजूद यह पीछे छूटा हुआ ही था। यह केवल मौजूदा सरकार है, जिसने शुरू से ही इस मिशन को युद्ध स्तर पर शुरू किया।

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स्कूलों में केमिस्ट्री को समर्थन देने के लिए एक साथ काम करेंगी आरएससी तथा सीएसआईआर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रॉयल सोसाइटी ऑफ केमिस्ट्री और उद्योग तथा वैज्ञानिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) स्कूलों तथा विश्वविद्यालयों में केमिकल साइंस को बढ़ावा देने के लिए  आउटरीच कार्यक्रम में एक-दूसरे का सहयोग करेंगी। सीएसआईआर की 30 से अधिक प्रयोगशालाओं में आयोजित आरएससी के ग्लोबल क्वाइन एक्सपेरिमेंट में पूरे देश के लगभग 2000 विद्यार्थियों ने भाग लिया।

दोनों संगठनों ने समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौता ज्ञापन में दोनों संगठनों ने स्कूली बच्चों और शोधकर्ताओं के बीच पहुंचने के कार्यक्रम-जिज्ञासा कार्यक्रम- में एक दूसरे को सहयोग देने की वचनबद्धता व्यक्त की है। यह समझौता ज्ञापन गैर-वित्तीय होगा और नवीनीकरण के विकल्प के साथ तीन वर्ष की अवधि का होगा।

सीएसआईआर विज्ञान और टेक्नोलॉजी के विभिन्न क्षेत्रों- ओसनेग्राफी तथा माइनिंग से लेकर केमिकल्स और नैनो टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अनुसंधान और विकास के प्रति समर्पित है। संगठन के पास प्रयोगशालाओं का नेटवर्क तथा आउटरीच केंद्र हैं। जिज्ञासा कार्यक्रम वर्तमान शैक्षिक कार्यक्रमों का पूरक होगा। उदाहरण के लिए आरएससी-जिज्ञासा साझेदारी आरएससी के वर्तमान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा केमेस्ट्री  कैम्पों को बढ़ाने में सहायता देगी।

जिज्ञासा कार्यक्रम के लिए लॉन्च कार्यक्रम के हिस्से के रूप में दोनों संगठन सीएसआईआर की सभी प्रयोगशालाओं सहित ग्लोबल एक्सपेरिमेंट आयोजित कर रहे हैं। कम से कम 2000 स्कूली बच्चों, 150 शिक्षकों और 350 स्वयंसेवकों ने सीएसआईआर की 30 से अधिक प्रोगशालाओं में आयोजित आरएससी ग्लोबल क्वाइन एक्सपेरिमेंट में भाग लिया। इसमें प्रतिभागियों से विभिन्न प्रकार के क्वाइन से बनी बैटरियों की तुलना करने के लिए कहा जाता है। प्रतिभागी तभी अपने डेटा की तुलना विश्व के प्रतिभागियों से करने में सक्षम होंगे।

22 सितंबर को आयोजित एक समारोह में समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। समझौता ज्ञापन पर सीएसआईआर की ओर से डॉ. गीता वाणी रायासम तथा आरएससी की ओर से चीफ ऑपरेटिंग ऑपरेटर पॉल लुईस ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर सीएसआईआर की महानिदेशक डॉ. एन. कलाईसेल्वी तथा नेशनल फिजिकल लेबोरेटरी (सीएसआईआर-एनपीएल) के निदेशक डॉ. वेणुगोपाल अचंता उपस्थित थे।

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डाॅ एम श्रीनिवास बने दिल्ली एम्स के निदेशक

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हैदराबाद में कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल और कालेज के डीन डाॅ एम श्रीनिवास को दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) का नया निदेशक बनाया गया है। वह डाॅ रणदीप गुलेरिया का स्थान लेंगे।

कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की शुक्रवार को यहां जारी एक आदेश पत्र के अनुसार केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने डाॅ श्रीनिवास का नाम दिल्ली एम्स के निदेशक के लिए मंजूर किया है। डाॅ श्रीनिवास की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने से पांच वर्ष या 65 वर्ष की आयु पूरी होने या अगले आदेश तक प्रभावी होगी।

 

 

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डॉ राजीव बहल को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद के महानिदेशक बने

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। डॉ राजीव बहल को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद का नया महानिदेशक और स्वास्थ्य अनुसंधान का सचिव नियुक्त किया गया है, जो डॉ बलराम भार्गव की जगह लेंगे।

 
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प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं नीतीश, इसलिए उन्होंने भाजपा को धोखा दिया: अमित शाह

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि प्रधानमंत्री बनने की हसरत के चलते बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को धोखा दिया और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) तथा कांग्रेस से हाथ मिला लिया।

शाह ने दावा किया कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य में पूर्ण बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि कुमार की कोई विचाराधारा नहीं है इसलिए उन्होंने जाति आधारित राजनीति के लिए समाजवाद को त्याग दिया। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि बिहार में लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की जोड़ी भले ही आ गई हो, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है, ऊपर मोदी सरकार है। उन्होंने कहा कि नीतीश प्रधानमंत्री बनने की लालसा में लालू की गोद में जाकर बैठ गए हैं।

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शासन की योजनाओं और निर्माण कार्यों में जनता की संतुष्टि जरूरी : चौहान

 भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभांवित करें, विकास और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करें। कार्यों के प्रति जनता को संतुष्टि मिलना चाहिए। उत्कृष्ट कार्य करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा और लापरवाही बतरने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने डिंडौरी जिले में प्रधानमंत्री उज्ज्‍वला योजना में हितग्राहियों को लाभांवित करने की धीमी प्रगति के कारण जिला आपूर्ति अधिकारी श्री टी.आर. अहिरवार को निलंबित करने और योजना में कार्य करने वाली गैस एजेंसियों की जाँच भी करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री श्री चौहान शुक्रवार को डिंडौरी जिले के ग्राम जोगी टिकरिया में मुख्यमंत्री जन सेवा शिविर को संबोधित कर रहे थे। केन्द्रीय इस्पात एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री फग्गन सिंह कुलस्ते सहित विधायक जन-प्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जबलपुर से अमरकंटक तक फोर लाईन सड़क का निर्माण कार्य 400 करोड़ रूपये की लागत से पूरा किया जाएगा। डिंडौरी से शहडोल मार्ग का निर्माण भी गुणवत्तापूर्वक पूरा किया जाएगा। इससे लोगों को आवागमन में सुविधा होगी। उन्होंने जोगीटिकरिया में नर्मदा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण करने की बात कही। नर्मदा नदी के घाटों का सौंदर्यीकरण करने से श्रद्धालुओं को नर्मदा नदी के दर्शन एवं स्नान करने में सुविधा होगी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान 31 अक्टूबर तक जारी रहेगा। अभियान में शासन की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभांवित करने के लिए ग्राम पंचायतवार शिविर लगाये जा रहे हैं। शिविर में हितग्राहियों का चयन कर उन्हें केन्द्र और राज्य सरकार की योजनाओं से लाभांवित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन सेवा अभियान में सभी पात्र हितग्राहियों का चयन कर उन्हें शासन की योजनाओं से लाभांवित किया जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जल जीवन मिशन में घर-घर तक नल से पेयजल पहुँचाया जाएगा। इससे ग्रामीण परिवारों को पेयजल समस्या से जूझना नहीं पडे़गा। लोगों को पानी के लिए दूर-दूर तक पैदल जाने की समस्या दूर हो जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मिशन अंतर्गत जिले में संचालित 351 नलजल योजनाओं के कार्यों को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि मिशन के कार्यों की जनता भी मॉनीटरिंग करेगी। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों में संतुष्टि नहीं होने पर सीएम हेल्पलाईन 181 में शिकायत दर्ज करें।

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डेढ़ साल से माता-पिता कर रहे थे बेटे के 'शव' की सेवा...

 कानपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के कानपुर में डेढ़ साल तक माता-पिता लगातार अपने बेटे के शव की देखभाल करते रहे। परिवार के अन्य सदस्य भी कुछ नहीं बोले। पत्नी की ओर से आयकर विभाग को की गई शिकायत पर शुक्रवार को जब स्वास्थ्य विभाग की टीम घर पहुंची तो मामले का खुलासा हुआ। यह सनसनीखेज वाकया रावतपुर थाना क्षेत्र के कृष्णापुरी रोशन नगर का है। आर्डनेंस फैक्टरी से रिटायर्ड कर्मचारी राम औतार रोशन नगर में परिवार के साथ रहते हैं। उनके तीन बेटों में सबसे छोटा बेटा विमलेश (35) अहमदाबाद में आयकर विभाग में असिस्टेंट अकाउंटेंट ऑफिसर (एएओ) के पद पर था। विमलेश की पत्नी मिताली किदवईनगर स्थित सहकारिता बैंक में कार्यरत हैं। पिता राम औतार ने पुलिस को बताया कि 18 अप्रैल 2021 को विमलेश को निमोनिया होने पर बिरहाना रोड स्थित मोती हॉस्पिटल में भर्ती कराया था, जहां उपचार के दौरान 22 अप्रैल को उनकी मृत्यु हो गई थी।

अस्पताल प्रबंधन ने मृत्यु प्रमाणपत्र देते हुए विमलेश के शव को परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। घर आने के बाद परिजन अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे तभी मां राम दुलारी ने विमलेश के दिल की धड़कन आने की बात कहकर अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया।



तभी से माता-पिता उसके शव को घर के एक कमरे में रखकर देखभाल कर रहे थे।  घर पर विमलेश की पत्नी मिताली के अलावा विमलेश के भाइयों सुनील, दिनेश के परिवार भी रह रहे हैं।



शुक्रवार दोपहर डिप्टी सीएमओ डॉ. ओपी गौतम के साथ स्वास्थ विभाग की टीम और एसीपी कल्याणपुर दिनेश कुमार शुक्ला फोर्स संग घर पहुंचे। टीम ने विमलेश का परीक्षण कर उसे मृत घोषित कर दिया।



शव कब्जे में लेने के दौरान माता-पिता ने विमलेश के जिंदा होने की बात कहकर हंगामा शुरू कर दिया। दावा कर रहे थे कि विमलेश कोमा में हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हालांकि परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया।

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प्रधानमंत्री मोदी 27 सितंबर को शिंजो आबे के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी इस महीने की 27 तारीख को जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजे आबे की अंत्‍येष्टि में शामिल होने के लिए तोक्‍यो जायेंगे। विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता अरिंदम बागची ने कहा कि श्री मोदी इस दौरान जापान के प्रधानमंत्री फुमियो किशिदा से भी भेंट करेंगे।

एक सवाल के जवाब में श्री बागची ने भारतीय नागरिकों को आगाह किया है कि वे थाईलैंड में रोजगार के अवसर प्राप्‍त करने में सावधानी बरतें। उन्‍होंने कहा कि सरकार को पता चला है कि आईटी कम्‍पनियां थाईलैंड में रोजगार के बहाने भारतीय कार्मिकों को भर्ती करती हैं और उन्‍हें अवैध रूप से म्‍यामां भेज दिया जाता है। उन्‍होंने कहा कि थाईलैंड और म्‍यामां स्थित भारतीय दूतावासों ने इस बारे में परामर्श जारी किए हैं और थाईलैंड और म्‍यामां की सरकारों के साथ इस मुद्दे को उठाया जा रहा है।

 
 
 

कनाडा में खालिस्‍तान पर जनमत संग्रह को हास्‍यास्‍पद  बताते हुए प्रवक्‍ता ने कहा कि वहां कुछ उग्रवादी और विघटनकारी तत्‍व इस तरह के आयोजन कर रहे हैं। उन्‍होंने कहा कि इस मुद्दे को राजनयिक चैनलों  से कनाडा के अधिकारियों के साथ उठाया गया है। श्री बागची ने कहा कि  भारत इसे आपत्तिजनक और राजनीति से प्रेरित घटना मानता है। उन्‍होंने कहा कि भारत सरकार इस मुद्दे पर कनाडा सरकार पर निरंतर दबाव डालती रहेगी।

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अक्टूबर के पहले सप्ताह में देश में 5 जी सेवा का शुभारंभ होगा : अश्विनी वैष्णव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्टूबर के पहले सप्ताह में देश में 5 जी सेवा का शुभारंभ करेंगे।

मुंबई में आयोजित ग्लोबल फिनटेक फेस्टिवल-2022 को संबोधित करते हुए, श्री वैष्णव ने कहा कि दो साल के भीतर सरकार 5G सेवा को देश के एक बड़े हिस्से में ले जाने में सक्षम होगी। उन्होंने कहा कि देश का प्रत्येक गांव डिजिटल सेवाओं का हकदार है और गांव देहातों में दूर-दराज तक ये सेवा पहुंचने पर 30 अरब डॉलर खर्च किए जाएंगे।

 
 
 

उन्होंने कहा कि मौजूदा 4जी बैंडविड्थ और भविष्य में 5जी बैंडविथ से इन गांवों से जोड़ा जाएगा ताकि क्षेत्र के युवा अपनी रचनात्मक ऊर्जा का उपयोग करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जारी डिजिटल यात्रा में सहभागी हो सकें।

 

 

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हर तरह का धार्मिक उन्माद देश के लिए घातक : राहुल गांधी

 केरल (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को कहा कि धार्मिक उन्माद कोई भी फैलाए और यह लहर कहीं से भी आए, वह देश को तोड़ने वाली और राष्ट्र के लिए घातक होती है। श्री गांधी ने कन्याकुमारी से शुरू हुई भारत जोड़ो यात्रा के 15वें दिन यात्रा के 325 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि सांप्रदायिकता का माहौल पैदा करके हिंसा और नफरत फैलाना बहुत बड़ा जुल्म है और यह जुल्म देश को तोड़ने वाला होता है, इसलिए इस अपराध को कोई भी करें उसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, हम ऐसी शक्ति से लड़ रहे हैं जिसके पास पर्याप्त धन है, पर्याप्त ताकत है और जनता को अपने हिसाब से मोड़ने की शक्ति है लेकिन भारत जोड़ो यात्रा में देश की जनता को हमें इन ताकतों के खिलाफ खड़ा करके एकजुट करना है।

 
 
 

यह पूछने पर की क्या भारतीय जनता पार्टी शासित कर्नाटक में भी केरल की तरह यात्रा को सफलता मिलेगी, उन्होंने कहा, यात्रा को केरल में अत्यधिक सफलता मिलने से वह बहुत उत्साहित हैं लेकिन यात्रा की सफलता और इसकी शुरूआत कुछ आइडिया पर ही तय थी और उसी पर निर्भर भी करती है।

इसमें पहला आइडिया था कि देश में घृणा का माहौल है और लोगों को इसके खिलाफ यात्रा के जरिये एकजुट करना है, दूसरा देश में जबरदस्त बेरोजगारी है और तीसरा आवश्यक वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं, यह तीन संकट देश के सामने हैं और इन चुनौतियों से निपटने के लिए इस यात्रा का आयोजन किया गया और इनकी वजह से इस यात्रा को सफलता मिल रही है।

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दोहरी भूमिका वाली ब्रह्मोस की खरीद के लिए किया करार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रक्षा मंत्रालय ने रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए “भारतीय-खरीदें” श्रेणी के तहत सतह से सतह पर मार करने में सक्षम दोहरी भूमिका वाली ब्रह्मोस मिसाइलों की खरीद के लिए मैसर्स ब्रह्मोस एयरोस्पेस प्राइवेट लिमिटेड (बीएपीएल) के साथ गुरूवार को एक अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

इसकी कुल अनुमानित लागत एक हजार 700 करोड़ रुपये है। इन दोहरी भूमिका वाली आधुनिक मिसाइलों के भारतीय नौसेना में शामिल होने से बेड़े की मारक क्षमता और परिचालन गतिविधियों में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।

 
 
 

उल्लेखनीय है कि बीएपीएल भारत तथा रूस की साझेदारी में रक्षा मंत्रालय का एक संयुक्त उद्यम है, जो नई पीढ़ी की सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों के निर्माण और इन्हें अत्याधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।

इन मिसाइलों में सतह के साथ-साथ पोत-रोधी हमलों के लिए उन्नत रेंज और दोहरी भूमिका क्षमता है। यह अनुबंध स्वदेशी उद्योग की सक्रिय भागीदारी के साथ ही महत्वपूर्ण हथियार प्रणाली एवं गोला-बारूद के स्वदेशी उत्पादन को और बढ़ावा देने वाला है।

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दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग बढ़ी : राजीव चंद्रशेखर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सरकार की स्किल इंडिया पहल के हिस्से के रूप में, इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर स्किल काउंसिल ऑफ इंडिया (ईएसएससीआई) ने सैमसंग इंडिया के साथ एक स्किलिंग पहल के लिए एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए, जिसका उद्देश्य युवाओं की उद्योग प्रासंगिक कुशलता का विकास कर उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्र में उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है। कार्यक्रम, 'सैमसंग इनोवेशन कैंपस' का उद्देश्य भविष्य की तकनीकों जैसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, बिग डेटा और कोडिंग और प्रोग्रामिंग में 18-25 वर्ष की आयु के 3,000 से अधिक बेरोजगार युवाओं की कुशलता का विकास करना है।

राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) द्वारा अनुमोदित संस्था ईएसएससीआई अपने अनुमोदित प्रशिक्षण और शिक्षा भागीदारों के राष्ट्रव्यापी नेटवर्क के माध्यम से इस कार्यक्रम को क्रियान्वित करेगी।

 
 
 
 
 
 

इस अवसर पर कौशल विकास और उद्यमशीलता मंत्रालय में राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि कौशल विकास का यह कार्यक्रम केवल युवाओं को रोजगार योग्य कौशल से लैस ही नहीं करेगा, बल्कि यह उनके रोजगार प्राप्‍त करने की क्षमता में वृद्धि कर उनके लिए समृद्धि के द्वार खोलने का कार्य करेगा।

कौशल विकास जितना अधिक रोजगारोन्मुखी होगा, उतना ही यह छात्रों और युवा भारतीयों को अपनी ओर आकर्षित करेगा। उन्होंने कहा कि कौशिल विकास पर जोर देकर सरकार न सिर्फ युवाओं को तेजी से डिजिटाइज्ड हो रहे विश्‍व में अवसरों का दोहन करने के अवसर प्रदान कर रही है, बल्कि उसका जोर भारत को टैलेंट पूल बनाने पर है। उन्होंने कहा कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और दुनिया भर में प्रतिभाशाली और कुशल भारतीयों की मांग बढ़ रही है।

 

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संसाधनों का दोहन हमारी संस्कृति का मूल नहीं : आरके सिंह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेहरू मेमोरियल संग्रहालय और पुस्तकालय में 21 सितंबर,2022 को अग्नि तत्व- जीवन के लिए ऊर्जा पहल की शुरुआत पर एक समारोह आयोजित किया गया। यह सुमंगलम के अम्ब्रेला अभियान के तहत एक पहल है। पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया ने विज्ञान भारती (विभा) के सहयोग से अग्नि तत्व की मूल अवधारणा के बारे में जागरूकता उत्पन्न करने के लिए समुदायों, शैक्षणिक संस्थानों व संबंधित संगठनों को शामिल करते हुए सेमिनार, कार्यक्रम और प्रदर्शनियों का आयोजन किया। अग्नि तत्व ऊर्जा का पर्याय है और पंचमहाभूत के पांच तत्वों में से एक है।

इस आउटरीच कार्यक्रम ने विषय के जानकारों और विशेषज्ञों के सीखने व अनुभवों पर विचार-विमर्श करने के साथ सभी के लिए एक टिकाऊ भविष्य को लेकर समाधान तलाशने के लिए एक मंच प्रदान किया है। इस पहल में स्वास्थ्य, परिवहन, उपभोग व उत्पादन, सुरक्षा, पर्यावरण और आध्यात्मिकता पर केंद्रित कई महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया।

 
 
 

श्री सिंह ने कहा, संसाधनों का दोहन हमारी संस्कृति का मूल नहीं है। हमारी जड़ें सादगी में निहित हैं। हम पर्यावरण के लिए अवचेतन रूप से लाइफ- लाइफस्टाइल जी रहे हैं। हम प्रकृति और उसके विभिन्न तत्वों की पूजा करते हैं। अब हमें पूरे विश्व में इस विचार प्रक्रिया को फैलाना है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पहले ही इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

अब हमारे सामने दोहरे उद्देश्य हैं- पहला हमें पश्चिम की आंखें मूंदकर नहीं देखना चाहिए। दूसरा, हमें अपने ज्ञान को विकसित राष्ट्रों के साथ साझा करना चाहिए, जिसे हमारे पूर्वजों ने आगे बढ़ाया है। जहां तक ऊर्जा रूपांतरण का सवाल है, भारत एक नेतृत्वकर्ता के रूप में उभरा है।

 
 
 

हमने पेरिस में सीओपी-21 में यह संकल्प लिया था कि 2030 तक हमारी स्थापित विद्युत उत्पादन क्षमता का 40 फीसदी हिस्सा गैर-जीवाश्म से होगा, हमने इसे नौ साल पहले ही यानी नवंबर, 2021 में प्राप्त किया था। हमने संकल्प लिया था कि 2030 तक अपनी अर्थव्यवस्था की उत्सर्जन तीव्रता को 33-35 फीसदी तक कम कर देंगे। अब हम पहले से ही 40 फीसदी पर हैं, हम एक या दो साल में इस लक्ष्य प्राप्त कर लेंगे।

 
 
 

भारत सरकार के विद्युत सचिव आलोक कुमार ने कहा कि लोगों के बीच एक प्रचलित विचार है कि जिम्मेदार ऊर्जा रूपांतरण एक पश्चिमी अवधारणा है। उन्होंने कहा, हमारे प्रधानमंत्री ने हाजिरजवाबी से कहा था कि भारत एक जिम्मेदार देश है, जिसकी जड़ें जिम्मेदार परंपराओं और मूल्यों में निहित है। सुमंगलम का पूरा अभियान यह महत्वपूर्ण संदेश देता है कि हमें जिम्मेदार ऊर्जा खपत की सदियों पुरानी परंपराओं को नहीं भूलना चाहिए। हमारा प्राथमिक ध्यान विद्यालय जाने वाले बच्चों पर होना चाहिए, जिससे उनके मस्तिष्क में टिकाऊ जीवन का विचार उत्पन्न हो सके।

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उपराष्ट्रपति ने जनता के बीच चर्चा और संवाद का सुदृढ़ माहौल बनाने का आह्वान किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जनता के बीच चर्चा और संवाद का सुदृढ़ माहौल बनाने का आह्वान किया और कहा कि अन्‍य लोगों के विचारों के प्रति असहिष्णुता, विचारों के मुक्त आदान-प्रदान की दृष्टि से गलत है। भारत में वाद-विवाद, चर्चा और ज्ञान साझा करने की महान विरासत का उल्‍लेख करते हुए  उपराष्ट्रपति ने कहा कि जनता के बीच खासतौर से विधायिकाओं में चर्चा की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए अतीत से सबक लिया जा सकता है।

श्री धनखड़ ने कहा कि खुद को दूसरे से बेहतर दर्शाने और जनता की नजरों के केन्‍द्र में बने रहने की आपाधापी में टेलीविजन या सोशल मीडिया पर चलने वाली बहसें आक्रामक लड़ाई के मैदानों में बदल रही हैं'। उन्होंने मीडिया से इस दिशा में पहल करने और आत्मनिरीक्षण करने  तथा अनूठी, मूल और हाशिए पर पड़ी आवाजों को मुख्यधारा में आने की जगह बनाने का आह्वान किया।

 
 
 

स्वस्थ  और  खुले दिमाग से की जाने वाली चर्चाओं का आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने कहा कि समय आ गया है जब हमें सामाजिक संरचनाओं और सोशल मीडिया के बंधे-बंधाए ढांचे (एल्गोरिदम) से बाहर आना होगा और अपने दिमाग में स्‍वच्‍छ विचारों को आने का रास्‍ता देना होगा। उन्‍होंने कहा, हमें सुनने की कला को पुनर्जीवित करना होगा और संवाद की कला को भी फिर से खोजना होगा।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने गुवाहाटी में प्रज्ञा प्रवाह द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संवाद 'लोकमंथन' के तीसरे संस्करण का उद्घाटन किया। उत्तर पूर्वी भारत के समृद्ध सांस्कृतिक लोकाचार को उजागर करने के लिए आयोजकों की सराहना करते हुए, श्री धनखड़ ने कहा कि उनकी विविधता में, क्षेत्र की सांस्कृतिक प्रथाएं शांति, सद्भाव और सार्वभौमिक भाईचारे के सर्वोत्कृष्ट भारतीय मूल्यों के साथ प्रतिध्वनित होती हैं।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने भारतीय समाज में बुद्धिजीवियों की भूमिका को रेखांकित किया और बताया कि किस तरह विभिन्‍न संतों ने राजाओं को नीति के मुद्दों पर ऐतिहासिक परामर्श दिए और समाज में सद्भाव और स्थिरता सुनिश्चित की। बुद्धिजीवियों से मौजूदा मुद्दों पर चर्चा करने का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि अगर हमारे बुद्धिजीवी वर्तमान समय में चुप्पी का विकल्प चुनने का फैसला करते हैं, तो समाज का यह बहुत महत्वपूर्ण वर्ग हमेशा के लिए चुप हो जाएगा। उन्हें स्वतंत्र रूप से संवाद और विचार-विमर्श का अभ्यास करना चाहिए ताकि सामाजिक नैतिकता और औचित्य की रक्षा हो सकें।

संविधान में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को दी गई प्रमुखता और संविधान सभा की बहसों की समृद्ध परम्‍परा को रेखांकित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि वे स्वतंत्र और स्वस्थ चर्चा के महत्व के प्रमाण हैं जिसे भारत ने लंबे समय से संजोया है। उन्होंने कहा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता लोकतंत्र का अमृत है।

 
 
 

उपराष्ट्रपति ने नागरिक समाज के बुद्धिजीवियों से विचार-विमर्श के माध्यम से राज्य की तीन शाखाओं - विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच सामंजस्यपूर्ण संतुलन सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, बुद्धिजीवियों के संवाद और चर्चा के सकारात्‍मक रवैये से लोकतांत्रिक मूल्यों और मानवाधिकारों का निश्चित रूप से विकास होगा।

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कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे अशोक गहलोत

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ कर दिया है कि वे कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी से मैंने कहा कि जब सब कांग्रेस कमेटी ये प्रस्ताव पास कर रही हैं कि आपको अध्यक्ष बनना चाहिए तो फिर आप उसे स्वीकार कीजिए। राहुल गांधी से मैंने काफी बात करने की कोशिश की।

उनका कहना है कि हमने फैसला कर लिया कि इस बार कोई गांधी परिवार का व्यक्ति उम्मीदवार नहीं बनेगा। अशोक गहलोत ने यह भी कहा कि तारीख तो मैं अभी जाकर पक्की करूंगा। ये तय है कि मैं चुनाव लड़ूंगा (कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए)। जो हालात देश के हैं उसके लिए प्रतिपक्ष का मज़बूत होना बहुत जरूरी है और उसके लिए हम कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। 

 

 

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