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बड़ी खबर : लालू के करीबी भोला को सीबीआई ने किया गिरफ्तार...

 पटना/दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लालू यादव के करीबी और आरजेडी नेता भोला यादव को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे भर्ती घोटाले में दिल्ली से इन्हें अरेस्ट किया गया। भोला यादव की पहचान लालू यादव के सबसे करीबी लोगों में की जाती है। लालू यादव के सबसे बड़े राज़दार भी हैं। रेल भर्ती घोटाले यानी नौकरी के बदले जमीन केस में ये आरोपी बनाए गए हैं। 2004 से 2009 के बीच भोला यादव तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ओएसडी थे।

दरअसल, रेलवे भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। भोला यादव के गिरफ्तारी के साथ ही दरभंगा जिला स्थित उनके आवास सहित चार ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस मामले में सीबीआई की ओर से ये पहली गिरफ्तारी है। सीबीआई ने इसी मामले में जांच के बाद पिछले दिनों लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा यादव, हेमा यादव और कुछ और लोगों पर केस दर्ज किया है, इन पर प्लॉट या प्रॉपर्टी के बदले जॉब देने का आरोप है।

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लालू यादव और उनके परिवार के जानने वाले भोला यादव को भोला बाबू कहते हैं। मीडिया में आमतौर पर उन्हें लालू का 'हनुमान' कहा जाता है। आरजेडी सुप्रीमो के साथ घर से एयरपोर्ट और अस्पताल से लेकर जेल के गेट तक भोला यादव व्हील चेयर पकड़े दिखते हैं। पिछले दिनों जब लालू यादव पटना से रांची गए तो उनके साथ परिवार के सदस्य के तौर पर सिर्फ भोला यादव ही गए थे। बाद में आरजेडी चीफ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लालू परिवार और 10 सर्कुलर रोड में भोला बाबू की क्या हैसियत होगी?

लालू यादव के सभी सुख सुविधा का ख्याल भोला यादव रखते हैं। लालू यादव की सेवा में किए किसी भी काम को छोटा नहीं मानते, बल्कि कर्तव्य समझकर निभाते हैं। भोला यादव की बात को राबड़ी, तेजस्वी और तेज प्रताप भी नहीं काटते हैं। भोला यादव की सियासी और निजी जिंदगी की बात करें तो दरभंगा जिले के कपछाही गांव के रहनेवाले हैं। मगध विश्वविद्यालय से गणित में स्नातकोत्तर हैं और पटना के पास फतुहा के एक कॉलेज में गेस्ट लेक्चरर हैं। आरजेडी में राष्ट्रीय महासचिव की हैसियत रखनेवाले भोला बाबू दरभंगा के बहादुरपुर से विधायक थे, मगर 2020 चुनाव में हार गए।

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हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी नहीं हो पाया शून्यकाल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अलग अलग मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक बुधवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया।

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सूचित किया कि कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, द्रमुक सदस्य तिरूचि शिवा, माकपा सदस्य इलामारम करीम, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह सहित आठ सदस्यों ने नियम 267 के तहत नोटिस दे कर नियत कामकाज स्थगित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये नोटिस उन्होंने स्वीकार नहीं किए हैं।

सभापति ने कहा कि सदस्यों का मुख्य मुद्दा महंगाई है और शून्यकाल के दौरान सदस्य इस मुद्दे पर अपनी अपनी बात रख सकते हैं। इस पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद सभापति ने 11 बज कर करीब सात मिनट पर ही बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

गौरतलब है कि 18 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से अब तक उच्च सदन में जारी गतिरोध के चलते कार्यवाही लगातार बाधित होते रही है और एक बार भी शून्यकाल नहीं हो पाया है।

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भारत को स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक बनाने में मदद करेगा 70 अरब डॉलर का निवेशः गौतम अडाणी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के सबसे अमीर उद्यमी गौतम अडाणी ने मंगलवार को कहा कि अडाणी समूह भारत में निवेश से न तो कभी पीछे हटा है और न ही कभी निवेश को धीमा किया है क्योंकि समूह अपनी वृद्धि को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखता है।

अडाणी ने अपने समूह की कंपनियों के शेयरधारकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नए ऊर्जा कारोबार में 70 अरब डॉलर के निवेश की पहले की गई घोषणा से भारत को कच्चे तेल के आयातक की जगह हरित हाइड्रोजन का निर्यातक बनाने में मदद मिलेगी।

अडाणी समूह के मुखिया ने कहा, भविष्य में हमारे भरोसे एवं यकीन को दर्शाने वाला सबसे अच्छा सबूत भारत के हरित बदलाव को संभव बनाने के लिए किया जाने वाला 70 अरब डॉलर का हमारा निवेश है।

समूह की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) वर्ष 2030 तक 45 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहती है। इसके लिए वह हर साल दो गीगावाट सौर क्षमता विकसित करने के लिए 20 अरब डॉलर का निवेश कर रही है। बाकी राशि का इस्तेमाल हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए विनिर्माण सुविधाएं बनाने में किया जाएगा।

अडाणी ने कहा, नवीकरणीय ऊर्जा में हमारी ताकत हमें हरित हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बनाने में समर्थन देगी। हम भारत को तेल एवं गैस के आयात पर अत्यधिक निर्भर देश से स्वच्छ ऊर्जा के शुद्ध निर्यातक देश में बदलने की पहल में सबसे आगे हैं।

उन्होंने कहा कि अडाणी समूह की सफलता भारत की विकास गाथा के साथ तालमेल पर आधारित है। अडाणी ने कहा, हमने कभी भी भारत में अपने निवेश को न तो धीमा किया है और न ही निवेश से अपने कदम पीछे खींचे हैं।

अडाणी ने कहा कि समूह भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माता के रूप में विकसित हो रहा है जो बड़े सड़क निर्माण अनुबंध हासिल कर रहा है और बंदरगाहों एवं लॉजिस्टिक से लेकर बिजली पारेषण एवं वितरण और शहरी गैस आपूर्ति तक के कारोबार का विस्तार कर रहा है।

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मैं किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होऊंगा : यशवंत सिन्हा

 कोलकाता (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे। हाल में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित गैर भारतीय जनता पार्टी दलों के संयुक्त उम्मीदवार सिन्हा को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वह अब सार्वजनिक जीवन में क्या भूमिका निभाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, मैं निर्दलीय रहूंगा और किसी अन्य दल में शामिल नहीं होऊंगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह तृणमूल के नेतृत्व के संपर्क में हैं, सिन्हा ने नहीं में जवाब दिया। उन्होंने कहा, किसी ने मुझसे बात नहीं की, मैंने किसी से बात नहीं की। बहरहाल, उन्होंने कहा कि वह निजी आधार पर एक तृणमूल नेता के संपर्क में हैं। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, मुझे देखना होगा कि (सार्वजनिक जीवन में) मैं क्या भूमिका निभाऊंगा, मैं कितना सक्रिय रहूंगा। मैं अब 84 साल का हूं, तो ये समस्याएं हैं। मुझे देखना होगा कि मैं कितने लंबे समय तक काम कर सकता हूं। भाजपा के धुर आलोचक सिन्हा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले मार्च 2021 में तृणमूल में शामिल हो गए थे। वह 2018 में भाजपा से अलग हो गए थे।

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सांसद साव ने उठाया जल जीवन मिशन का मुद्दा, कहा : मामले की जांच हो

रायपुर/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सांसद अरुण साव ने जल जीवन मिशन के गुणवत्ता विहीन काम एवं क्रियान्वयन में धीमी गति के मामले को लोकसभा में उठाया और मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 से जल-जीवन मिशन की शुरुआत की, जिसके माध्यम से देश के लगभग 50 प्रतिशत ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां लोगों को पानी की समस्या होती है, उन क्षेत्रों में पीने का पानी पहुंचाई जानी है।

सांसद साव ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से राज्य के लगभग 50 लाख घरों में नल से पानी पहुंचाना है, परंतु राज्य में जल जीवन मिशन का काम अत्यंत पिछड़ा हुआ है और देश में छत्तीसगढ़ राज्य 31वें पैदान पर है। इतना ही नहीं काम भी अत्यंत गुणवत्ताविहीन है। इसकी शिकायतें लगातार सामने आ रही है। वहीं तेलंगाना, हरियाणा, गोवा, पुदुचेरी जैसे राज्यों ने समय से पूर्व ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर हर घर में नल से जल पहुंचा दिया है।

सांसद अरुण साव ने लोकसभा में नियम 377 के अधीन अत्यंत लोक महत्व के विषय के अंतर्गत हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाने की इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन की अत्यंत धीमी गति एवं अत्यंत गुणवत्ता विहीन काम की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की, ताकि छत्तीसगढ़ में उक्त योजना का समय पर ठीक से क्रियान्वयन हो सके एवं हर घर को नल से नियमित रूप से शुद्ध जल मिल सके।

 

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लखनऊ कोर्ट ने खारिज की आशीष मिश्र की जमानत याचिका

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को बड़ा झटका लगा है। इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अभियुक्त, सरकार व पीड़ित पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने 15 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड मामले मे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी के पुत्र आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आशीष मिश्र को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। यह निर्णय न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया।

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कई नोटिस के बाद भी नहीं हुए पेश, मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटा और साले भगोड़ा घोषित...

 मऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)।पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटे और दो सालों को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। सभी को खुद कोर्ट में पेश न होने पर मऊ एसपी ने संपत्ती कुर्क करने की चेतावनी दी है। सभी के खिलाफ पहले से गैरजमानती वारंट जारी था। इसी को लेकर पुलिस धारा 82 यानी भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा की है।


मुख्तार अंसारी घर पर पुलिस ने डुगडुगी भी पिटवाई। पत्नी, बेटे और सालों के बारे में जानकारी देने की लोगों से अपील भी की गई। मुख्तार के करीबियों पर पुलिस की करीबी नजर है। दूसरी ओर मुख्तार के जेल में होने के बीच अब बेटे अब्बास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह जगह दबिश दे रही है।

मुख्तार की पत्नी और दो सालों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। दक्षिणटोला के रैनी में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को कब्जा कर एफसीआइ गोदाम बनाने के मामले में मुख्तार अंसारी की पत्नी व दो साले फरार चल रहे हैं। इसी मामले में दक्षिणटोला थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपितों पर कार्रवाई की जा रही है।

न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी न तो किसी ने सरेंडर किया और नहीं अभी तक पुलिस गिरफ्तार ही कर पाई है। सार्वजनिक संपत्ति क्षति अधिनिमय का अभियोग मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी, साले आतिफ रजा उर्फ शरजिल रजा, अनवर शहजाद व रविंद्र नरायण सिंह, जाकिर हसैन उर्फ विक्की के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया था। इसमें 21 अक्टूबर 2021 को पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था।

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राहुल गांधी सहित 50 सांसदों को किंग्सवे कैंप में रखा गया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रीय राजधानी में किंग्सवे पुलिस कैंप में नई पुलिस लाइन में रखा है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली जिला) अमृता गुगुलोथ ने कहा, "राहुल गांधी के साथ लगभग 50 सांसदों को संसद के पास उत्तरी फव्वारे से हिरासत में लिया गया था। उन्हें किंग्सवे कैंप में हिरासत में रखा गया है।"

राहुल को कांग्रेस पार्टी द्वारा संसद से राष्ट्रपति भवन तक किए गए विरोध मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया था। हालांकि, जैसे ही सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़े, दिल्ली पुलिस ने उन्हें विजय चौक के पास बीच में ही रोक दिया।

इसके बाद राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सांसद संसद के पास सड़क के बीचोंबीच धरने पर बैठ गए और जांच एजेंसी ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में, राहुल गांधी सहित कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और एक बस में किंग्सवे पुलिस कैंप के नए पुलिस लाइन ले जाया गया।

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राज्यों की मांग पर कर की चोरी रोकने के लिए पैकेटबंद सामान पर लगाया गया जीएसटी : तरुण बजाज

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्व सचिव तरुण बजाज ने पैकेटबंद सामान एवं खाद्य उत्पादों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने के फैसले का बचाव किया है।उन्होंने कहा, इन उत्पादों पर कर की चोरी हो रही थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। कुछ राज्यों ने भी इसकी मांग की थी।

बजाज ने कहा कि पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर 18 जुलाई से जीएसटी लगाने का फैसला केंद्र सरकार का नहीं बल्कि जीएसटी परिषद का है। जीएसटी दरों के बारे में सुझाव देने वाली ‘फिटमेंट समिति’ ने इस बारे में निर्णय किया था जिसमें केंद्र के अलावा राज्यों के भी अधिकारी शामिल होते हैं।

बजाज ने कहा कि राज्यों के मंत्रियों की भागीदारी वाले मंत्री समूह (जीओएम) ने भी इन उत्पादों पर जीएसटी लगाने की सिफारिश की थी जिसे जीएसटी परिषद ने भी स्वीकृति दे दी।

इसके आधार पर गत 18 जुलाई 2022 से पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर भी पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगने लगा है। हालांकि, विपक्षी दल एवं अन्य समूह इसका विरोध करते हुए इसे आम आदमी के लिए नुकसानदेह बता रहे हैं।

इस पर राजस्व सचिव ने कहा कि जीएसटी से जुड़े मामलों में फैसले के लिए जीएसटी परिषद सर्वोच्च निकाय है और इस समिति ने पैकेट वाले उत्पादों पर कर लगाने का फैसला आम सहमति से लिया था। जीएसटी समिति में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।

हालांकि, दालों, गेहूं, राई, जौ, मक्का, चावल, आटा, सूजी, बेसन, मुरमुरे और दही एवं लस्सी को खुले में बेचने और पैक या लेबल नहीं किए जाने पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा।

बजाज ने कहा, जीएसटी लागू होने से पहले इन आवश्यक वस्तुओं पर कर कई राज्यों में लगा हुआ था। इनसे राज्यों को राजस्व मिल रहा था। जुलाई, 2017 में जीएसटी प्रणाली आने के समय यह परिपाटी जारी रहने की परिकल्पना की गई थी। लेकिन जब नियम और परिपत्र सामने आए तो यह कर ब्रांडेड उत्पादों पर लगाया गया था।

नियमों के मुताबिक, अगर ब्रांड कार्रवाई-योग्य दावों को छोड़ देते हैं तो पहले से पैक किए गए सामानों पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। इसका फायदा उठाते हुए कुछ मशहूर ब्रांडों ने इन वस्तुओं को अपने ब्रांड नाम वाले पैकेटों में बेचना शुरू कर दिया लेकिन इस पर कोई कार्रवाई-योग्य दावा नहीं होने से उन पर पांच प्रतिशत जीएसटी नहीं लग रहा था।

 

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केंद्र ने आप सरकार के कार्यक्रम पर कब्जा करने की कोशिश की: गोपाल राय

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने असोला वन्यजीव अभयारण्य में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के समारोह पर कब्जा करने की कोशिश की और दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले बैनर लगाए।

राय ने कहा कि मुख्यमंत्री इस समारोह में शामिल होने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने इसमें उपस्थित नहीं होने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर काम किया। राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, दिल्ली पुलिस गत रात समारोह स्थल पहुंची और क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों वाले बैनर जबरन लगाए... आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बैनर फाड़ दिए गए।

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने लोगों को मोदी की तस्वीरों वाले बैनर नहीं छूने की चेतावनी भी दी। राय ने कहा कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे और सभी तैयारियां कर ली गई थीं। उन्होंने कहा, केजरीवाल सरकार के कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया। मैंने और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया है।

राय ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी केजरीवाल से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा, हमारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सत्येंद्र जैन को तुच्छ आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया। अब उपमुख्यमंत्री (मनीष सिसोदिया) को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री को सिंगापुर जाना था, लेकिन फाइल अटका दी गई। राय ने कहा, पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, प्रधानमंत्री मोदी के बैनर लगाना नहीं।

 
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नवीन ने तिरंगा फहराने लड़ी थी लम्बी लड़ाई, अब फ्लैग कोड संशोधन को बताया दूरगामी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय लोकतंत्र के सर्वोच्च प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने का अधिकार जन-जन को दिलाने वाले नवीन जिन्दल ने भारतीय ध्वज संहिता (फ्लैग कोड ऑफ इंडिया) में संशोधन का स्वागत करते हुए देशवासियों का आह्वान किया है कि वे अब अपने घर और प्रतिष्ठान पर 24 घंटे तिरंगा फहराएं। नए संशोधन के अनुसार तिरंगा अब दिन-रात झंडा फहराया जा सकता है। आजादी के अमृत महोत्सव पर सरकार की ओर से भारतीयों के लिए यह बड़ा उपहार है।

ट्वीटर के माध्यम से अपने संदेश में श्री जिन्दल ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण और राष्ट्रहित में दूरगामी फैसला है। अब और अधिक लोग साल के 365 दिन तिरंगा फहराने और तिरंगा के माध्यम से अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जो अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है और हर घर तिरंगा पहुंचाने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने में यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा।

यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में नवीन जिन्दल की अध्यक्षता वाले फ्लैग फाउंडेशन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2004 के अपने फैसले में देश के नागरिकों को साल के 365 दिन ससम्मान तिरंगा फहराने का जो अधिकार प्रदान किया था, उसकी आत्मा में हर घर तिरंगा पहुंचाने की बात थी। नवीन जिन्दल का सदैव सपना रहा है कि हर घर पर तिरंगा लहराए। फ्लैग फाउंडेशन उन सपनों को साकार करने के लिए सदैव समर्पित रहा है और अब तक देश में 90 से अधिक विशालकाय ध्वज फहरा चुका है। उसे देखते हुए कई अन्य देशभक्तों ने भी विशालकाय ध्वज लगाए, जिसकी संख्या कुल मिलाकर अब 450 से अधिक हो गई है जो दुनिया के किसी भी देश में लगाए गए विशालकाय झंडों की संख्या से अधिक है।

 

तिरंगा धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा और दलीय राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को भारतीय कहलाने का गर्व प्रदान करता है इसलिए समय-समय पर सरकारों ने फ्लैगकोड में संशोधन कर तिरंगे को जनसुलभ बनाने का प्रयास किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कमर से ऊपर तिरंगा धारण करने और विशालकाय ध्वज लगाने का संशोधन पिछली सरकारों ने किया। बाद में यह भी स्पष्ट किया गया कि रात में भी रोशनी के साथ विशाल स्मारकीय झंडे लगाए जा सकते हैं।

 

संशोधनों की इस यात्रा का यह ताजा पड़ाव है, जिसमें दिन-रात तिरंगा फहराने की अनुमति आम भारतीयों को मिल गई है। फ्लैग फाउंडेशन ने स्थापना के बाद से ही प्रयास किया है कि झंडा फहराने में समय और सामग्री को लेकर जो आशंकाएं हैं, वे दूर हों। इस बारे में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर निरंतर अवगत कराया गया। पिछले दिनों कपड़े को लेकर और अब समय को लेकर जो फैसले सरकार ने किये हैं, वे सराहनीय हैं। अब देश की जनता और उत्साह से तिरंगा फहराएगी और देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन करेगी।    

गौरतलब है कि आजादी के बाद तिरंगा राष्ट्र की आन-बान-शान का प्रतीक तो बना लेकिन आम भारतीय इसे स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर ही अपने घर या कार्यालय में फहरा सकते थे। आम देशवासियों को साल के 365 दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराने का यह अधिकार दिलाया नवीन जिन्दल ने। उन्होंने लगभग एक दशक तक कानूनी लड़ाई लड़ी। 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश वी.एन. खरे, न्यायमूर्ति बृजेश कुमार और न्यायमूर्ति एस.बी. सिन्हा ने फैसला सुनाया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत एक भारतीय नागरिक को स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय ध्वज पूरे मान-सम्मान के साथ फहराने का अधिकार है और यह एक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार  है। इस फैसले ने एक नागरिक की राष्ट्र के प्रति निष्ठा और गर्व की भावना की अभिव्यक्ति को परिभाषित किया। इसके साथ ही प्रत्येक भारतीय को अपने घर, प्रतिष्ठान और सार्वजनिक स्थलों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा दर्शाने व फहराने का मौलिक अधिकार प्राप्त हो गया।

 

नवीन जिन्दल जब अमेरिका में पढ़ते थे तो वो 365 दिन भारतीय झंडा लगाते थे, लेकिन भारत आने उन्हें प्रतिदिन झंडा फहराने से मना किया गया। इस अधिकार को पाने के लिए उन्होंने 10 साल जंग लड़ी और अंत में 23 जनवरी 2004 को माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के द्वारा जनता को यह अधिकार मिला। तिरंगा आज देशवासियों के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। राजनीतिक, सांस्कृतिक और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तिरंगा ही अभिव्यक्ति का माध्यम बन गया है।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ली शपथ, सीधे सुनें पहला सम्बोधन...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पद की शपथ ली। प्रधान न्यायाधीश एनवी रमणा ने उनको राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई। मुर्मू आजादी के बाद पैदा होने वाली पहली और शीर्ष पद पर काबिज होने वाली सबसे कम उम्र की शख्सियत हैं। प्रतिभा पाटिल के बाद मुर्मू देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति हैं।

सुनें राष्ट्रपति मुर्मू का पहला उद्बोधन...

 

 

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जीवन का कुछ लक्ष्य निर्धारित करें और आत्मनिर्भर भारत बनाने में अपना योगदान दें युवा : अनुराग ठाकुर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महानक्रातिकारी और अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 116वीं जयंती पर भोपाल के रवींद्र भवन में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय यूथ महापंचायत के उद्घाटन सत्र को वर्चुअली संबोधित करते हुए केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण और युवा मामले एवं खेल मंत्री अनुराग सिंह ठाकुर ने कहा कि महान क्रातिकारी चंद्रशेखर आजाद ने देश की आजादी के लिए अपना जीवन जिया और देश को आजाद कराने के लिए अपना सर्वस्य बलिदान कर दिया।

काकोरी कांड के बाद उत्तर भारत के क्रांतिकारियों को संगठित करने और नेतृत्व प्रदान करने में देश महान सपूत और अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद का अहम योगदान है। श्री ठाकुर ने युवा महापंचायत आयोजित करने के लिए मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी और कहा कि अभी मैंने तीन युवा वक्ताओं को बोलते हुए सुना। मेरा विश्वास और मजबूत हुआ है कि जैसे चंद्रशेखर आजाद ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्य न्यौछावर कर दिया उसी तरह आप लोग भी देश को आगे बढ़ाने के लिए अपना सबुकछ झोंकने के लिए तैयार हैं। यह बहुत ही प्रसन्नता की बात है।

उन्होंने कहा कि आज जब हम देश की आजादी की 75वीं सालगिरह मनान रहे हैं ऐसे में देश ने एक आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू जी को देश का राष्ट्रपति चुना है यह भी बहुत ही गर्व की बात है। श्री ठाकुर ने कहा कि हमें गर्व है कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन भी मध्य प्रदेश से थीं। उन्होंने मप्र की सुश्री लक्षिका डागर का भी जिक्र किया और कहा कि वह सबसे कम उम्र की सरपंच हैं। श्री ठाकुर ने कहा इस यूथ पंचायत में आपको अपने विचार साझा करने का मौका मिला है, वह व्यर्थ ना जाए, इसका आपको खयाल रखना है और यहां से कुछ ना कुछ सीख कर जाना है।

भारतीय युवाओं की उपलब्धियों को गिनाते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि आज विश्व की बड़ी-बड़ी आईटी कंपनियों की लीडरशिप में भारतीय युवाओं का स्थान प्रमुख है। उन्होंने कहा कि आप युवा अपने प्रयासों से स्वच्छता, स्वास्थ्य या किसी अन्य क्षेत्र में अपना योगदान कर आम जनमानस में बदलाव लाने का प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने स्टार्टअप्स का जिक्र करते हुए कहा कि इस क्षेत्र में युवाओं का योगदान सराहनीय है।

श्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्टार्टअप के क्षेत्र में देश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। आज देश में 65 हजार स्टार्टअप हैं और इसमें 102 यूनिकॉर्न स्टार्टअप हैं। यह भारत के उभरते ताकत को बताता है। उन्होंने कहा कि कोविड जैसी आपदा के समय में हमने देश में ही 2-2 वैक्सीन तैयार की और आज हम कोविड वैक्सीनेशन में 200 करोड़ का आंकड़ा पार कर लिया है। यह बहुत बड़ी उपलब्धि है।

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राजधानी में मिला मंकीपॉक्स का पहला मामला, मेडिकल कॉलेज में भर्ती...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की राजधानी दिल्ली में मंकीपॉक्स का पहला मामला सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने दिल्ली में पहला रोगी मिलने की पुष्टि की है। यह मरीज मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में भर्ती है। 31 वर्षीय व्यक्ति का कोई यात्रा इतिहास नहीं है, जिसे बुखार और त्वचा के घावों के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। भारत में इस बीमारी का यह चौथा मामला है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि वह व्यक्ति हाल ही में हिमाचल प्रदेश के मनाली में एक पार्टी में शामिल हुआ था।

पश्चिमी दिल्ली के रहने वाले व्यक्ति को करीब तीन दिन पहले यहां के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखने के बाद भर्ती कराया गया था। उसके नमूने शनिवार को नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (एनआईवी) पुणे भेजे गए, जांच के बाद नमूने पॉजिटिव मिले। मरीज की संपर्क ट्रेसिंग प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

केरल में अब तक 3 मरीजों की पुष्टि
देश में मंकीपॉक्स का पहला मामला 14 जुलाई को दक्षिण केरल के कोल्लम जिले में सामने आया था। वहीं दूसरा मामला 18 जुलाई को और तीसरा मामला 22 जुलाई को सामने आया था। तीनों शख्स विदेश की यात्रा कर लौटे थे। बीते दिनों केरल सरकार ने बढ़ते मंकीपॉक्स के मामलों को देखते हुए एसओपी जारी कर दिया था। इसके अनुसार, अगर निकट संपर्क में आए व्यक्ति को बुखार हो, तो उन्हें आइसोलेटेड किया जाए और यदि उनके शरीर पर लाल धब्बे दिखाई देते हैं, तो उनके नमूने मंकीपॉक्स की जांच के लिए भेज जाएं।

मंकीपॉक्स वैश्विक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित
आपको बता दें कि केरल में ही अब तक मंकीपॉक्स के तीन मामले सामने आए थे। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने शनिवार को मंकीपॉक्स को वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। डब्ल्यूएचओ ने सभी देशों से इस मुद्दे पर गंभीर होने का आह्वान किया। इसमें पुरुषों के साथ यौन संबंध बनाने वाले लोगों की सेहत, उनके मानवाधिकारों और प्रभावित समुदाय के लोगों की गरिमा का विशेष ख्याल रखने को कहा।

दुनिया के 75 देशों में अभी पंकीपॉक्स के 16 हजार से अधिक मामले दर्ज किए जा चुके हैं। अब तक पांच लोगों की मौत हुई है। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने कहा, इस बीमारी का प्रकोप तेजी से पूरी दुनिया में फैल रहा है। यह किन माध्यमों से फैल रहा है इसके बारे में हमें अभी बहुत कम जानकारी है।

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उफनते नाले में आधी डूबी बच्चों से भरी स्कूल बस, मची चीख-पुकार...

 शाजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल आने-जाने के दौरान हर दिन हजारों बच्चों की जान जोखिम में होती है। स्कूली वाहनों पर आरटीओ द्वारा की जा रही कार्रवाई औपचारिकता साबित हो रही है। शनिवार को मध्‍य प्रदेश के शाजापुर जिले में एक बड़ा हादसा होने से टल गया। छपरी में बीकालाखेड़ी और धारखेड़ी के बीच नाला उफान पर था। बावजूद इसके तिलवाड़ गोविंद गांव में संचालित स्कूल अपेक्स इंटरनेशनल के बच्चों से भरी एक बस चालक ने उसे पानी में ले गया। जिससे करीब 50 बच्चों से भरी बस आधे से ज्यादा ओवरफ्लो नाले में डूब गई।

काफी कोशिश करने के बाद भी जब बस चालक से आगे-पीछे नहीं हुई। काफी देर तक बस में बच्चे दहशत में फंसे रहे। इस दौरान कुछ बच्चे रोने भी लगे। ग्रामीणों ने नाले में फंसी बस को बचाने का साहस दिखाया और ट्रैक्टर-ट्रॉली की मदद से बस को ओवरफ्लो हो रहे नाले के पानी से बाहर निकाला।

अगर शनिवार को ग्रामीणों ने हिम्मत नहीं दिखाई होती तो बड़ा हादसा हो जाता और स्कूल प्रबंधन और चालक की लापरवाही से कई घरों के चिराग बुझे जाते। अब देखने वाली बात ये है कि इस ताजा घटना से जिम्मेदार क्या सबक लेते हैं और बच्चों की सुरक्षित यात्रा के लिए क्या कदम उठाते हैं।

शनिवार दोपहर तीन बजे हुआ हादसा
दोपहर करीब तीन बजे स्कूल बस के ओवरफ्लो नाले में फंसने की घटना बताई जा रही है। ग्रामीणों ने ट्रैक्टर-ट्राली की मदद से बस को पानी से बाहर निकाला। बस में सवार अधिकतर बच्चे धाराखेड़ी गांव के रहने वाले थे। धाराखेड़ी के बच्चे पानी से बाहर निकलकर अपने गांव चले गए।

लेकिन लाहौरी के करीब 15-20 बच्चे देर शाम तक गांव बीकालाखेड़ी में फंसे रहे। यहां ग्रामीणों ने उसकी देखभाल की। बच्चों को गांव ले जाने के लिए वाहन की व्यवस्था करने की कवायद देर शाम तक चल रही थी।

मामले में कार्रवाई के आदेश
इस घटना के बाद कलेक्टर दिनेश जैन ने मामले को गंभीरता से लिया। उन्होंने आरटीओ, एसडीएम, शिक्षा विभाग और पुलिस से मामले में कार्रवाई करने को कहा है। इस पर अधिकारी मौके पर पहुंचे। लेकिन नाला ओवरफ्लो होने के कारण बच्चे नहीं पहुंच पाए और न ही देर शाम तक बस को जब्त कर चालक को पकड़ा जा सका।

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5 साल में हमने 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य : अरविंद केजरीवाल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आने वाले 5 साल में हमने 20 लाख युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य रखा है। इसी क्रम में आज मैं एक घोषणा करने वाला हूं कि दिल्ली को भारत का फूड कैपिटल माना जाता है इसलिए यहां के जितने फूड हब है उन सबको विकसित किया जाएगा। इन फूड हब के अंदर हम फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर ठीक करेंगे, फूड सेफ्टी का ध्यान रखेंगे और फूड हब की ब्रांडिंग की जाएगी। हमें उम्मीद है कि इससे बहुत रोजगार पैदा होगा।

पहले चरण में हम दो फूड हब तैयार करेंगे। पहला-मजनू का टीला और दूसरा चांदनी चौक है। इस दोनों फूड हब को विकसित करने के बाद हम अगले चरण में दिल्ली के अन्य फूड हब को विकसित करने का काम करेंगे। मुझे उम्मीद है कि इससे रोजगार बढ़ेगा।

 

 

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भारत के आर्थिक विकास की गाथा का एक अनिवार्य हिस्सा रहे स्ट्रीट वेंडर : हरदीप एस. पुरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आवास और शहरी कार्य मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने यहां नेशनल एसोसिएशन ऑफ स्ट्रीट वेंडर्स ऑफ इंडिया (एनएएसवीआई) की 16वीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्ट्रीट वेंडर शहरी अनौपचारिक अर्थव्यवस्था के साथ मजबूत संबंधों के बल पर, हमेशा भारत के आर्थिक विकास की गाथा का एक अनिवार्य हिस्सा रहे हैं और हमेशा रहेंगे। आवास और शहरी कार्य मंत्री ने कहा कि आज की बैठक का विषय अतिक्रमणकारियों से स्व-नियोजित तक बहुत उपयुक्त है, क्योंकि हम रेहड़ी-पटरी वालों की सराहना करते हैं।

उन्होंने कहा कि वे अतिक्रमण करने वाले नहीं हैं, वे स्व-नियोजित हैं, हमारे न्यू इंडिया' के सामूहिक सपने में योगदानकर्ता हैं। श्री पुरी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने महामारी के दौरान, 1 जून 2020 को पीएम स्वनिधि योजना का शुभारंभ करते हुए कहा था, पीएम स्वनिधि योजना 'स्वरोजगार, स्वावलंबन, स्वाभिमान' प्रदान करने के लिए है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता के लिए उसे जनांदोलन बनना चाहिए।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना और स्वच्छ भारत मिशन कुछ अन्य योजनाएं हैं जिन्हें लोगों की भागीदारी से बड़ी सफलता मिली है। श्री पुरी ने कहा कि जब हम स्वतंत्रता के 75 वर्ष का उत्सव मना रहे हैं, हमने सभी राज्यों, नगर पालिकाओं, शहरी स्थानीय निकायों को देश भर में स्ट्रीट वेंडर्स की सक्रिय भागीदारी के साथ स्वनिधि महोत्सव मनाने का संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि रेहड़ी-पटरी वालों की सफलता की कहानियां और भारत के आर्थिक विकास में उनके योगदान को भी जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडरों के सबसे बड़े समर्थक हैं। 

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ईडी को रिमांड मिलते ही पार्थ चटर्जी अस्पताल में भर्ती, अर्पिता मुखर्जी की आज कोर्ट में पेशी

 कोलकाता (वीएनएस)। कथित स्कूल भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा शनिवार को गिरफ्तार किए गए पश्चिम बंगाल के मंत्री पार्थ चटर्जी को बेचैनी की शिकायत के बाद शाम के समय अस्पताल में भर्ती कराया गया। एजेंसी के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पार्थ चटर्जी को कई स्वास्थ्य समस्याएं हैं। शहर की एक अदालत द्वारा दो दिन की ईडी हिरासत में भेजे जाने के कुछ घंटे बाद ही उन्हें सरकारी एसएसकेएम अस्पताल के आईसीसीयू में भर्ती कराया गया। अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि बाद में उनकी हालत में थोड़ा सुधार होने के बाद उन्हें आईसीसीयू से बाहर निकालकर कमरे में ले जाया गया है।

अस्पताल के एक अधिकारी ने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के महासचिव की ईसीजी सहित कई जांच की गईं। उन्होंने कहा, "इस समय उनकी हालत स्थिर है। कई परीक्षण किए गए हैं और डॉक्टरों की एक टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है।"

ईडी के एक सूत्र ने कहा कि हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ सरोज मंडल चटर्जी की देखभाल कर रहे डॉक्टरों की टीम का नेतृत्व कर रहे हैं। मंत्री के कमरे के बाहर सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है।

अर्पिता की आज कोर्ट में होगी पेशी
ईडी अर्पिता को रविवार को कोर्ट में पेश करेगा। इससे पहले देर शाम अर्पिता का भी जोका ईएसआई अस्पताल में मेडिकल कराया गया।

जब्त नकदी से पार्टी का कोई लेना देना नहीं, वकील देंगे जवाब: टीएमसी
पार्थ चटर्जी व अर्पिता की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी ने चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि पार्टी एकजुट होकर भाजपा का मुकाबला करेगी। यहां पूरी साजिश रची गई है और केंद्रीय एजेंसी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है। पार्थ की गिरफ्तारी के बाद टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व में पार्टी नेताओं की बैठक हुई। इसमें फिरहाद हकीम, अरूप विश्वास और कुणाल घोष उपस्थित थे।

पार्टी के महासचिव कुणाल घोष ने कहा, ईडी ने एक भद्र महिला के घर से नकदी बरामद की है। टीएमसी का उस महिला से कोई संपर्क नहीं है। इस पैसे से भी तृणमूल कांग्रेस का कोई लेना देना नहीं है। इस महिला से जिनके संपर्क की बात की जा रही है उनके वकील जवाब देंगे।

घोष ने कहा कि पार्थ चटर्जी की गिरफ्तारी के मामले में पार्टी को कानून पर पूरा विश्वास है। इस पैसे का स्रोत क्या है यह जितनी जल्दी संभव हो पता लगाया जाना चाहिए और अदालत को इसकी जानकारी दी जाए। अगर पार्थ पर लगे आरोप कोर्ट में साबित होते हैं तो हमारी सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी।

26 घंटे की पूछताछ के बाद सहयोग नहीं करने पर ईडी ने किया गिरफ्तार
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार में काबीना मंत्री और तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी व उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिक्षक भर्ती घोटाले में गिरफ्तार कर लिया। घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने पार्थ से शुक्रवार सुबह पूछताछ शुरू की थी।

करीब 26 घंटे चली पूछताछ में सहयोग नहीं करने के कारण ईडी ने शनिवार को उन्हें गिरफ्तार किया। 2014-2021 के बीच पार्थ के शिक्षामंत्री रहते हुए यह घोटाला हुआ था। ईडी ने अर्पिता के घर से शुक्रवार को ही 21 करोड़ रुपये बरामद किए थे।

ईडी ने पार्थ का मेडिकल कराने के बाद उन्हें बैंकशाल कोर्ट में पेश किया, जहां से दो दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया गया। हालांकि, बाद में तबीयत खराब होने पर उन्हें कोर्ट के निर्देश पर अस्पताल में भर्ती करा दिया। पीएमएलए कोर्ट में शनिवार की छुट्टी के कारण पेशी नहीं हो सकी।

पार्थ ने मीडिया को बताया, उन्होंने ममता बनर्जी से संपर्क करने की कोशिश की थी, पर बात नहीं हो पाई। ईडी ने शुक्रवार को पार्थ व उनके करीबियों के कई ठिकानों पर छापे मारे थे। आरोप है, तृणमूल सरकार ने पैसे लेकर शिक्षकों की भर्ती की थी और करोड़ों रुपये बनाए थे। पार्थ से सीबीआई भी कई बार पूछताछ कर चुकी है। इस साल अप्रैल व मई में भी उनसे पूछताछ हुई थी।

फिल्म अभिनेत्री हैं अर्पिता
पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता बांग्ला, उड़िया व तमिल फिल्मों की अदाकारा हैं। ईडी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक अर्पिता, पार्थ की दुर्गा पूजा समिति नकतला उदयन संघ में 2019 व 2020 के प्रचार अभियान का प्रमुख चेहरा रह चुकी हैं। पार्थ का अक्सर उनके घर पर आना-जाना रहता है।

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