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आरबीआई की एमपीसी की बैठक में हो सकता है बड़ा ऐलान...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय रिजर्व बैंक एक बार फिर रेपो रेट में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है, जिससे ब्याज दरें बढ़ने की संभावना है। आरबीआई अगले सप्ताह होने वाली MPC मीट में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का ऐलान कर सकता है। आर्थिक मामलों के जानकारों का मानना है कि RBI ब्याज दरों में 0.35 फीसदी तक की बढ़ोतरी कर सकता है। RBI ने पिछली दो नीतिगत बैठकों में महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में कुल 0.90 फीसदी की वृद्धि की है।

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शेयर बाजार अपडेट : एक्सपायरी के दिन सेंसेक्स 500, निफ्टी 140 अंक ऊपर

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए US फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइट्स का इजाफा कर दिया है। लगातार दूसरी बार फेडरल रिजर्व ने ब्याज बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं फेड चेयरमैन जेरोन पॉवेल ने आर्थिक सुस्ती से इनकार किया है। बाजार ने इस पर पॉजिटिव रिस्पांस दिया है।

घरेलू शेयर बाजार में वीकली एक्सपायरी के दिन मजबूती दिख रही है। इस दौरान सेंसेक्स 503.69 अंक ऊपर उछलकर खुला है जबकि निफ्टी में 141 अंकों की बढ़त दिखी है। गुरुवार को बाजार खुलने पर सेंसेक्स 56323.60 अंकों पर ट्रेड कर रहा है जबकि निफ्टी 16782.10 के लेवल पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी एक बार फिर 16700 के लेवल को पार करने में सफल रहा है।

इससे पहले, बढ़ती महंगाई से निपटने के लिए US फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में 75 बेसिस प्वाइट्स का इजाफा कर दिया है। लगातार दूसरी बार फेडरल रिजर्व ने ब्याज बढ़ाने का फैसला लिया है। वहीं फेड चेयरमैन जेरोन पॉवेल ने आर्थिक सुस्ती से इनकार किया है। फेडरल रिजर्व का फैसला आने के बाद अमेरिकी बाजारों में तेजी देखी गई। Dow Jones 436 अंक और Nasdaq 470 अंक ऊपर जाकर बंद हुआ। SGX निफ्टी में भी बढ़त दिख रही है, यह भी 100 अंक बढ़कर 16750 के लेवल को पार कर गया है।

शेयर बाजार में गुरुवार को शुरुआती कारोबार में एमटीएनल के शेयरों में 11% की बढ़त जबकि एयरलाइन कंपनी स्पाइसजेट के शेयरों आठ प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। बाजार में आज के कारोबार में आईटी और मेटल सेक्टर के शेयरों में तेजी दिख रही है।

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कोरोना अपडेट : 24 घंटे में सामने आए 20 हजार से ज्यादा नए मामले, एक्टिव केस भी बढ़े...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में कोरोना वायरस ने फिर रफ्तार पकड़ ली है। कोरोना के नए मामले 20 हजार के पार हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना के 20,557 नए मामले सामने आए हैं। इस दौरान 44 लोगों की मौत भी हुई है।

कोरोना के नए मामलों के साथ ही एक्टिव केस में भी बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय ने बताया कि बीते 24 घंटे में कोरोना से 19,216 लोग रिकवर हुए हैं। इसके साथ ही एक्टिव केस बढ़कर 1,46,323 हो गए हैं। 27 जुलाई को सक्रिय मरीजों की संख्या 1 लाख 45 हजार 26 थी।

रिपोर्ट के मुताबिक, देश में अब तक इस संक्रमण के कुल 4 करोड़ 39 लाख 59 हजार 321 मामले सामने आ चुके हैं। वहीं, अब तक महामारी से 4 करोड़ 32 लाख 86 हजार 787 लोग रिकवर हो चुके हैं। इसके अलावा 5 लाख 26 हजार 211 लोगों की कोरोना से मौत हो चुकी है। देश में अब डेली पाजिटिविटी दर 5.18 फीसद है। साप्ताहिक पाजिटिविटी दर 4.71 फीसद है। रिकवरी दर 98.47 फीसद है। कोरोना के अब तक कुल 87.40 करोड़ टेस्ट किए जा चुके हैं। वहीं 24 घंटे में 3,96,783 टेस्ट किए गए।

203 करोड़ के पार हुआ वैक्सीनेशन का आंकड़ा
देश में अब तक कोरोना की 203 करोड़ से ज्यादा वैक्सीन लगाई जा चुकी है। बीते 24 घंटे में 42 लाख 20 हजार 625 वैक्सीन लगाई गई। कोविन वेबसाइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक, 102 करोड़ से ज्यादा लोगों को पहली खुराक दी जा चुकी है। वहीं, 93 करोड़ से ज्यादा दूसरी खुराक दी गई है। प्रीकाशन डोज 8 करोड़ से ज्यादा लोगों को दी गई है।

 

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मोदी ने साबर डेयरी की कई परियोजनाओं की आधारशिला रखी और उद्घाटन किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साबरकांठा के गढ़ोड़ा चौकी में एक हजार करोड़ रुपये से अधिक की साबर डेयरी की तीन परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।

श्री मोदी ने प्रतिदिन लगभग 120 मीट्रिक टन की क्षमता वाले पाउडर प्लांट और प्रति दिन तीन लाख लीटर की क्षमता वाले एसेप्टिक मिल्क पैकेजिंग प्लांट का उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री ने 600 करोड़ रुपये की लागत वाले पनीर और मट्ठा सुखाने वाले संयंत्र परियोजना की आधारशिला भी रखी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि जब देश आजादी के 75 वर्ष मना रहा है तो साबर डेयरी की नई पहल दुग्ध क्रांति में स्वर्णिम काल साबित होगी। हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि नवीनतम तकनीक से बनाए गए सभी नए संयंत्रों से क्षेत्र के साढ़े तीन लाख से अधिक पशुपालकों को लाभ मिलेगा।

इससे पहले प्रधानमंत्री का अहमदाबाद हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सी.आर. पाटिल ने स्वागत किया।

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सीएम ममता ने पार्थ चटर्जी को किया बर्खास्त, पार्टी के भी सभी पदों से हटाए गए

 कोलकाता (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज,  28 जुलाई को कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले पर अपनी मुहर लगा दी है। सीएम ने उद्योग व संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी की मंत्री पद से छुट्टी कर दी है। इस संबंध में नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया गया है। पार्थ चटर्जी के पास उद्योग, संसदीय कार्य के अलावा आइटी एंड इलेक्‍ट्रॉनिक्‍स विभाग भी था। फिलहाल ममता बनर्जी ने ये सभी विभाग अपने पास रखे हैं।


दूसरी ओर जांच पूरी होने तक पार्टी के भी सभी पदों से पार्थ चटर्जी हटाए गए। ममता के भतीजे तृणमूल महासचिव अभिषेक बनर्जी ने पार्थ को लेकर पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी की आज शाम बैठक के बाद यह घोषणा की है। पार्थ तृणमूल के राज्य महासचिव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, पार्टी की अनुशासनात्मक कमेटी और तृणमूल मुखपत्र जागोबांग्ला  के संपादक पद से जांच पूरी होने तक के लिए निलंबित किए गए हैं। बता दें कि पार्थ तृणमूल की अनुशासनात्मक समिति के भी सदस्य थे। उसी समिति के सदस्य अभिषेक बनर्जी, फिरहाद हकीम, चंद्रिमा भट्टाचार्य,अरूप विश्ववास और सुब्रत बक्शी ने बैठक कर पार्थ को निलंबित करने का निर्णय लिया।

बता दें कि पार्थ चटर्जी की महिला मित्र अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित फ्लैट से भी करीब 28 करोड़ रुपये मिलने के बाद आज ही पार्टी प्रवक्‍ता कुणाल घोष ने भी पार्थ चटर्जी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्‍होंने पार्थ को मंत्री पद से हटाने के साथ ही पार्टी से भी निष्‍कासित करने की मांग की है।

इसके अलावा शिक्षक भर्ती घोटाला में ईडी की छापेमारी में करोड़ों रुपये बरामद होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के मुख पत्र बांग्‍ला में भी पार्थ चटर्जी के नाम के साथ महासचिव व मंत्री शब्‍द का इस्‍तेमाल नहीं किया जा रहा है।

बता दें कि कल मंत्री पद से इस्तीफे के मीडिया के सवाल पर पार्थ चटर्जी भडक़ गए थे। वह बोले कि इसकी जरूरत क्या है। चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के बेलघरिया स्थित फ्लैट से कल रात ईडी ने  27.90 करोड़ नकदी और छह किलो सोना बरामद किए हैं। इसके पहले टालीगंज फ्लैट से 22 करोड़ रुपये नकद, 79 लाख का सोना, कई जमीन व फ्लैट के कागजात मिले हैं।

पार्थ की पीएचडी डिग्री पर भी सवाल
उद्योग मंत्री पार्थ चटर्जी की पीएचडी डिग्री को लेकर अब सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि पार्थ को पीएचडी डिग्री देने के लिए उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों, विभागीय प्रमुख से लेकर आला अधिकारियों तक ने विभिन्न क्षेत्रों में  नियमों का उल्लंघन किया।कहा जा रहा है कि छह महीने के कोर्स वर्क के लिए क्लास में 75 प्रतिशत उपस्थिति जरूरी है, जबकि पार्थ चटर्जी महज दो दिन ही क्लास में हाजिर हुए थे।

टीएमसी के एक और नेता पर इल्‍जाम
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने ट्वीट कर तृणमूल सांसद सौगत राय पर आरोप लगाया है कि राय भी बेलघरिया के उस हाउसिंग कांप्लेक्स में जाते थे, जहां अर्पिता मुखर्जी का फ्लैट है और उसी फ्लैट से करोड़ों रुपये और सोना मिला है। इस आरोप को सौगत राय ने आधारहीन बताया है। उन्होंने कहा कि मैं कभी अर्पिता मुखर्जी से नहीं मिला। वहां पार्टी का एक आफिस है जहां मैं जाता था। मैं घोष के बयान का कड़े शब्दों में भर्त्सना करता हूं। अगर कोई यह साबित कर दे कि मेरा अर्पिता  से संबंध है तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।

 

 

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भारतीय नौसेना को मिला स्वदेशी विमानवाहक पोत 'विक्रांत'

 

कोचीन शिपयार्ड ने सौंपा

कोच्चि (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड ने गुरुवार को भारतीय नौसेना को देश का पहला स्वदेश निर्मित विमानवाहक पोत (IAC-1) सौंप दिया है। यह आईएनएस विक्रांत के रूप में विमानवाहक पोत को सेवा में शामिल करेगा। भारत इस वर्ष आजादी की 75वीं वर्षगांठ 'आजादी का अमृत महोत्सव' मना रहा है। इस उपलक्ष्य में होने वाले समारोहों के साथ, विक्रांत का पुनर्जन्म समुद्री सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

नौसेना को पोत की डिलीवरी-

नौसेना को पोत की डिलीवरी की पुष्टि करने वाले रक्षा सूत्रों ने बताया कि आईएसी को आधिकारिक रूप से शामिल करने और चालू करने की प्रक्रिया इस साल अगस्त में होने की संभावना है। इसके साथ ही एक रक्षा विज्ञप्ति में कहा गया है कि आईएसी हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में भारत की स्थिति और नीले पानी की नौसेना के लिए उसकी खोज को बढ़ावा देने का काम करेगा।

सीएसएल ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि INS विक्रांत भारत में बनने वाला अब तक का सबसे बड़ा युद्धपोत है, जिसमें करीब 45 हजार टन का गहरा विस्थापन है और इस पोत भारत की सबसे महत्वाकांक्षी नौसैनिक पोत परियोजना भी माना जाता है।

 


विज्ञप्ति में कहा गया है, 'IAC का नामकरण, भारत के पहले विमानवाहक पोत के नाम पर किया गया है, जिसने 1971 के युद्ध में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।'

इसमें कहा गया है, '262 मीटर लंबा वाहक अपने पूर्ववर्ती की तुलना में बहुत बड़ा और उन्नत है और कुल 88 मेगावाट बिजली की चार गैस टर्बाइनों द्वारा संचालित है और इसकी अधिकतम गति 28 समुद्री मील है। लगभग 20,000 करोड़ रुपये की कुल लागत से निर्मित, परियोजना रक्षा मंत्रालय (MoD) और CSL के बीच अनुबंध के तीन चरणों में आगे बढ़ी, जो क्रमशः मई 2007, दिसंबर 2014 और अक्टूबर 2019 में संपन्न हुई।

यह 30 विमानों के साथ काम कर सकता है और शार्ट टेक-आफ लेकिन गिरफ्तार लैंडिंग सिस्टम से लैस है, जिसमें विमान को लान्च करने के लिए स्की-जंप शामिल है। जहाज में बड़ी संख्या में स्वदेशी उपकरण और मशीनरी हैं, जिसमें देश के प्रमुख औद्योगिक घरानों जैसे बीईएल, भेल, जीआरएसई, केल्ट्रोन, किर्लोस्कर, लार्सन एंड टुब्रो, वार्टसिला इंडिया आदि के साथ-साथ 100 से अधिक एमएसएमई शामिल हैं।

 

 

 

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सोनिया गांधी पूछताछ के लिए तीसरी बार ईडी के समक्ष पेश हुईं

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी नेशनल हेराल्ड अखबार से जुड़े धनशोधन के मामले में पूछताछ के लिए तीसरी बार बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के समक्ष पेश हुईं। वह अपनी बेटी प्रियंका गांधी वाद्रा के साथ सुबह 11 बजे मध्य दिल्ली में संघीय जांच एजेंसी के कार्यालय पहुंचीं।

सोनिया गांधी (75) से अभी तक आठ घंटों से अधिक समय तक पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें उनसे 65 से 70 सवाल पूछे गए। एजेंसी द्वारा 30-40 और सवाल पूछे जाने के साथ ही बुधवार को पूछताछ खत्म होने की संभावना है। यह पूछताछ समाचार पत्र नेशनल हेराल्ड और यंग इंडियन प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में कथित वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ी है।

अधिकारियों ने बताया कि कोविड अनुकूल प्रोटोकॉल का पालन करते हुए पूछताछ के सत्र किए जा रहे हैं और इसे ऑडियो-वीडियो माध्यम से रिकॉर्ड किया जा रहा है। कांग्रेस ने अपने शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ एजेंसी की कार्रवाई की निंदा की है और इसे राजनीतिक प्रतिशोध तथा उत्पीड़न करार दिया है।

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बड़ी खबर : लालू के करीबी भोला को सीबीआई ने किया गिरफ्तार...

 पटना/दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लालू यादव के करीबी और आरजेडी नेता भोला यादव को सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया है। रेलवे भर्ती घोटाले में दिल्ली से इन्हें अरेस्ट किया गया। भोला यादव की पहचान लालू यादव के सबसे करीबी लोगों में की जाती है। लालू यादव के सबसे बड़े राज़दार भी हैं। रेल भर्ती घोटाले यानी नौकरी के बदले जमीन केस में ये आरोपी बनाए गए हैं। 2004 से 2009 के बीच भोला यादव तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव के ओएसडी थे।

दरअसल, रेलवे भर्ती घोटाले की जांच सीबीआई कर रही है। भोला यादव के गिरफ्तारी के साथ ही दरभंगा जिला स्थित उनके आवास सहित चार ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। इस मामले में सीबीआई की ओर से ये पहली गिरफ्तारी है। सीबीआई ने इसी मामले में जांच के बाद पिछले दिनों लालू यादव, राबड़ी देवी, मीसा यादव, हेमा यादव और कुछ और लोगों पर केस दर्ज किया है, इन पर प्लॉट या प्रॉपर्टी के बदले जॉब देने का आरोप है।

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लालू यादव और उनके परिवार के जानने वाले भोला यादव को भोला बाबू कहते हैं। मीडिया में आमतौर पर उन्हें लालू का 'हनुमान' कहा जाता है। आरजेडी सुप्रीमो के साथ घर से एयरपोर्ट और अस्पताल से लेकर जेल के गेट तक भोला यादव व्हील चेयर पकड़े दिखते हैं। पिछले दिनों जब लालू यादव पटना से रांची गए तो उनके साथ परिवार के सदस्य के तौर पर सिर्फ भोला यादव ही गए थे। बाद में आरजेडी चीफ को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। इससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि लालू परिवार और 10 सर्कुलर रोड में भोला बाबू की क्या हैसियत होगी?

लालू यादव के सभी सुख सुविधा का ख्याल भोला यादव रखते हैं। लालू यादव की सेवा में किए किसी भी काम को छोटा नहीं मानते, बल्कि कर्तव्य समझकर निभाते हैं। भोला यादव की बात को राबड़ी, तेजस्वी और तेज प्रताप भी नहीं काटते हैं। भोला यादव की सियासी और निजी जिंदगी की बात करें तो दरभंगा जिले के कपछाही गांव के रहनेवाले हैं। मगध विश्वविद्यालय से गणित में स्नातकोत्तर हैं और पटना के पास फतुहा के एक कॉलेज में गेस्ट लेक्चरर हैं। आरजेडी में राष्ट्रीय महासचिव की हैसियत रखनेवाले भोला बाबू दरभंगा के बहादुरपुर से विधायक थे, मगर 2020 चुनाव में हार गए।

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हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी नहीं हो पाया शून्यकाल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अलग अलग मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों के सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक बुधवार को शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। हंगामे की वजह से उच्च सदन में आज भी शून्यकाल नहीं हो पाया।

सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इसके बाद उन्होंने सूचित किया कि कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे, द्रमुक सदस्य तिरूचि शिवा, माकपा सदस्य इलामारम करीम, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह सहित आठ सदस्यों ने नियम 267 के तहत नोटिस दे कर नियत कामकाज स्थगित करने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि ये नोटिस उन्होंने स्वीकार नहीं किए हैं।

सभापति ने कहा कि सदस्यों का मुख्य मुद्दा महंगाई है और शून्यकाल के दौरान सदस्य इस मुद्दे पर अपनी अपनी बात रख सकते हैं। इस पर विपक्षी सदस्यों ने विरोध जताया और हंगामा शुरू कर दिया जिसके बाद सभापति ने 11 बज कर करीब सात मिनट पर ही बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

गौरतलब है कि 18 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने के बाद से अब तक उच्च सदन में जारी गतिरोध के चलते कार्यवाही लगातार बाधित होते रही है और एक बार भी शून्यकाल नहीं हो पाया है।

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भारत को स्वच्छ ऊर्जा निर्यातक बनाने में मदद करेगा 70 अरब डॉलर का निवेशः गौतम अडाणी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के सबसे अमीर उद्यमी गौतम अडाणी ने मंगलवार को कहा कि अडाणी समूह भारत में निवेश से न तो कभी पीछे हटा है और न ही कभी निवेश को धीमा किया है क्योंकि समूह अपनी वृद्धि को देश की आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखता है।

अडाणी ने अपने समूह की कंपनियों के शेयरधारकों की बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि नए ऊर्जा कारोबार में 70 अरब डॉलर के निवेश की पहले की गई घोषणा से भारत को कच्चे तेल के आयातक की जगह हरित हाइड्रोजन का निर्यातक बनाने में मदद मिलेगी।

अडाणी समूह के मुखिया ने कहा, भविष्य में हमारे भरोसे एवं यकीन को दर्शाने वाला सबसे अच्छा सबूत भारत के हरित बदलाव को संभव बनाने के लिए किया जाने वाला 70 अरब डॉलर का हमारा निवेश है।

समूह की नवीकरणीय ऊर्जा कंपनी अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (एजीईएल) वर्ष 2030 तक 45 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना चाहती है। इसके लिए वह हर साल दो गीगावाट सौर क्षमता विकसित करने के लिए 20 अरब डॉलर का निवेश कर रही है। बाकी राशि का इस्तेमाल हरित हाइड्रोजन के उत्पादन के लिए विनिर्माण सुविधाएं बनाने में किया जाएगा।

अडाणी ने कहा, नवीकरणीय ऊर्जा में हमारी ताकत हमें हरित हाइड्रोजन को भविष्य का ईंधन बनाने में समर्थन देगी। हम भारत को तेल एवं गैस के आयात पर अत्यधिक निर्भर देश से स्वच्छ ऊर्जा के शुद्ध निर्यातक देश में बदलने की पहल में सबसे आगे हैं।

उन्होंने कहा कि अडाणी समूह की सफलता भारत की विकास गाथा के साथ तालमेल पर आधारित है। अडाणी ने कहा, हमने कभी भी भारत में अपने निवेश को न तो धीमा किया है और न ही निवेश से अपने कदम पीछे खींचे हैं।

अडाणी ने कहा कि समूह भारत के बुनियादी ढांचे के निर्माता के रूप में विकसित हो रहा है जो बड़े सड़क निर्माण अनुबंध हासिल कर रहा है और बंदरगाहों एवं लॉजिस्टिक से लेकर बिजली पारेषण एवं वितरण और शहरी गैस आपूर्ति तक के कारोबार का विस्तार कर रहा है।

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मैं किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होऊंगा : यशवंत सिन्हा

 कोलकाता (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने मंगलवार को कहा कि वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगे। हाल में हुए राष्ट्रपति पद के चुनाव में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस सहित गैर भारतीय जनता पार्टी दलों के संयुक्त उम्मीदवार सिन्हा को सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। सिन्हा ने राष्ट्रपति पद के चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के पद से इस्तीफा दे दिया था। सिन्हा ने कहा कि उन्होंने अभी यह फैसला नहीं किया है कि वह अब सार्वजनिक जीवन में क्या भूमिका निभाना चाहते हैं।

उन्होंने कहा, मैं निर्दलीय रहूंगा और किसी अन्य दल में शामिल नहीं होऊंगा। यह पूछे जाने पर कि क्या वह तृणमूल के नेतृत्व के संपर्क में हैं, सिन्हा ने नहीं में जवाब दिया। उन्होंने कहा, किसी ने मुझसे बात नहीं की, मैंने किसी से बात नहीं की। बहरहाल, उन्होंने कहा कि वह निजी आधार पर एक तृणमूल नेता के संपर्क में हैं। पूर्व वित्त मंत्री ने कहा, मुझे देखना होगा कि (सार्वजनिक जीवन में) मैं क्या भूमिका निभाऊंगा, मैं कितना सक्रिय रहूंगा। मैं अब 84 साल का हूं, तो ये समस्याएं हैं। मुझे देखना होगा कि मैं कितने लंबे समय तक काम कर सकता हूं। भाजपा के धुर आलोचक सिन्हा पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले मार्च 2021 में तृणमूल में शामिल हो गए थे। वह 2018 में भाजपा से अलग हो गए थे।

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सांसद साव ने उठाया जल जीवन मिशन का मुद्दा, कहा : मामले की जांच हो

रायपुर/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सांसद अरुण साव ने जल जीवन मिशन के गुणवत्ता विहीन काम एवं क्रियान्वयन में धीमी गति के मामले को लोकसभा में उठाया और मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2019 से जल-जीवन मिशन की शुरुआत की, जिसके माध्यम से देश के लगभग 50 प्रतिशत ऐसे ग्रामीण क्षेत्र हैं, जहां लोगों को पानी की समस्या होती है, उन क्षेत्रों में पीने का पानी पहुंचाई जानी है।

सांसद साव ने सदन में कहा कि केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना से राज्य के लगभग 50 लाख घरों में नल से पानी पहुंचाना है, परंतु राज्य में जल जीवन मिशन का काम अत्यंत पिछड़ा हुआ है और देश में छत्तीसगढ़ राज्य 31वें पैदान पर है। इतना ही नहीं काम भी अत्यंत गुणवत्ताविहीन है। इसकी शिकायतें लगातार सामने आ रही है। वहीं तेलंगाना, हरियाणा, गोवा, पुदुचेरी जैसे राज्यों ने समय से पूर्व ही अपने लक्ष्य को प्राप्त कर हर घर में नल से जल पहुंचा दिया है।

सांसद अरुण साव ने लोकसभा में नियम 377 के अधीन अत्यंत लोक महत्व के विषय के अंतर्गत हर घर तक नल से शुद्ध जल पहुंचाने की इस महत्वाकांक्षी योजना के क्रियान्वयन की अत्यंत धीमी गति एवं अत्यंत गुणवत्ता विहीन काम की जांच कराकर आवश्यक कार्रवाई की मांग की, ताकि छत्तीसगढ़ में उक्त योजना का समय पर ठीक से क्रियान्वयन हो सके एवं हर घर को नल से नियमित रूप से शुद्ध जल मिल सके।

 

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लखनऊ कोर्ट ने खारिज की आशीष मिश्र की जमानत याचिका

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। लखीमपुर खीरी के तिकुनिया हिंसा मामले में मंत्री के बेटे आशीष मिश्र को बड़ा झटका लगा है। इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अभियुक्त, सरकार व पीड़ित पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने 15 जुलाई को अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने लखीमपुर खीरी के तिकुनिया कांड मामले मे केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा उर्फ टेनी के पुत्र आशीष मिश्र उर्फ मोनू की जमानत याचिका खारिज कर दी है। न्यायालय ने कहा कि रिकॉर्ड पर उपलब्ध तथ्यों को देखते हुए आशीष मिश्र को जमानत पर रिहा नहीं किया जा सकता। यह निर्णय न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने आशीष मिश्र की जमानत याचिका को खारिज करते हुए पारित किया।

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कई नोटिस के बाद भी नहीं हुए पेश, मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटा और साले भगोड़ा घोषित...

 मऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)।पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी, बेटे और दो सालों को भगोड़ा घोषित कर दिया गया है। सभी को खुद कोर्ट में पेश न होने पर मऊ एसपी ने संपत्ती कुर्क करने की चेतावनी दी है। सभी के खिलाफ पहले से गैरजमानती वारंट जारी था। इसी को लेकर पुलिस धारा 82 यानी भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा की है।


मुख्तार अंसारी घर पर पुलिस ने डुगडुगी भी पिटवाई। पत्नी, बेटे और सालों के बारे में जानकारी देने की लोगों से अपील भी की गई। मुख्तार के करीबियों पर पुलिस की करीबी नजर है। दूसरी ओर मुख्तार के जेल में होने के बीच अब बेटे अब्बास की गिरफ्तारी के लिए पुलिस जगह जगह दबिश दे रही है।

मुख्तार की पत्नी और दो सालों पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है। दक्षिणटोला के रैनी में अनुसूचित जाति के लोगों की जमीन को कब्जा कर एफसीआइ गोदाम बनाने के मामले में मुख्तार अंसारी की पत्नी व दो साले फरार चल रहे हैं। इसी मामले में दक्षिणटोला थाने में गैंगस्टर एक्ट के तहत आरोपितों पर कार्रवाई की जा रही है।

न्यायालय द्वारा गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद भी न तो किसी ने सरेंडर किया और नहीं अभी तक पुलिस गिरफ्तार ही कर पाई है। सार्वजनिक संपत्ति क्षति अधिनिमय का अभियोग मुख्तार अंसारी की पत्नी आफसा अंसारी, साले आतिफ रजा उर्फ शरजिल रजा, अनवर शहजाद व रविंद्र नरायण सिंह, जाकिर हसैन उर्फ विक्की के विरुद्ध पंजीकृत कराया गया था। इसमें 21 अक्टूबर 2021 को पर्याप्त साक्ष्य के आधार पर आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया गया था।

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राहुल गांधी सहित 50 सांसदों को किंग्सवे कैंप में रखा गया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली पुलिस ने मंगलवार को हिरासत में लिए गए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रीय राजधानी में किंग्सवे पुलिस कैंप में नई पुलिस लाइन में रखा है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। पुलिस उपायुक्त (नई दिल्ली जिला) अमृता गुगुलोथ ने कहा, "राहुल गांधी के साथ लगभग 50 सांसदों को संसद के पास उत्तरी फव्वारे से हिरासत में लिया गया था। उन्हें किंग्सवे कैंप में हिरासत में रखा गया है।"

राहुल को कांग्रेस पार्टी द्वारा संसद से राष्ट्रपति भवन तक किए गए विरोध मार्च के दौरान हिरासत में लिया गया था। हालांकि, जैसे ही सांसद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को ज्ञापन देने के लिए आगे बढ़े, दिल्ली पुलिस ने उन्हें विजय चौक के पास बीच में ही रोक दिया।

इसके बाद राहुल गांधी समेत कांग्रेस के सांसद संसद के पास सड़क के बीचोंबीच धरने पर बैठ गए और जांच एजेंसी ईडी और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। बाद में, राहुल गांधी सहित कई अन्य नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया और एक बस में किंग्सवे पुलिस कैंप के नए पुलिस लाइन ले जाया गया।

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राज्यों की मांग पर कर की चोरी रोकने के लिए पैकेटबंद सामान पर लगाया गया जीएसटी : तरुण बजाज

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्व सचिव तरुण बजाज ने पैकेटबंद सामान एवं खाद्य उत्पादों पर माल एवं सेवा कर (जीएसटी) लगाने के फैसले का बचाव किया है।उन्होंने कहा, इन उत्पादों पर कर की चोरी हो रही थी, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। कुछ राज्यों ने भी इसकी मांग की थी।

बजाज ने कहा कि पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर 18 जुलाई से जीएसटी लगाने का फैसला केंद्र सरकार का नहीं बल्कि जीएसटी परिषद का है। जीएसटी दरों के बारे में सुझाव देने वाली ‘फिटमेंट समिति’ ने इस बारे में निर्णय किया था जिसमें केंद्र के अलावा राज्यों के भी अधिकारी शामिल होते हैं।

बजाज ने कहा कि राज्यों के मंत्रियों की भागीदारी वाले मंत्री समूह (जीओएम) ने भी इन उत्पादों पर जीएसटी लगाने की सिफारिश की थी जिसे जीएसटी परिषद ने भी स्वीकृति दे दी।

इसके आधार पर गत 18 जुलाई 2022 से पैकेटबंद खाद्य उत्पादों पर भी पांच प्रतिशत की दर से जीएसटी लगने लगा है। हालांकि, विपक्षी दल एवं अन्य समूह इसका विरोध करते हुए इसे आम आदमी के लिए नुकसानदेह बता रहे हैं।

इस पर राजस्व सचिव ने कहा कि जीएसटी से जुड़े मामलों में फैसले के लिए जीएसटी परिषद सर्वोच्च निकाय है और इस समिति ने पैकेट वाले उत्पादों पर कर लगाने का फैसला आम सहमति से लिया था। जीएसटी समिति में राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।

हालांकि, दालों, गेहूं, राई, जौ, मक्का, चावल, आटा, सूजी, बेसन, मुरमुरे और दही एवं लस्सी को खुले में बेचने और पैक या लेबल नहीं किए जाने पर कोई जीएसटी नहीं लगेगा।

बजाज ने कहा, जीएसटी लागू होने से पहले इन आवश्यक वस्तुओं पर कर कई राज्यों में लगा हुआ था। इनसे राज्यों को राजस्व मिल रहा था। जुलाई, 2017 में जीएसटी प्रणाली आने के समय यह परिपाटी जारी रहने की परिकल्पना की गई थी। लेकिन जब नियम और परिपत्र सामने आए तो यह कर ब्रांडेड उत्पादों पर लगाया गया था।

नियमों के मुताबिक, अगर ब्रांड कार्रवाई-योग्य दावों को छोड़ देते हैं तो पहले से पैक किए गए सामानों पर जीएसटी नहीं लगाया जाएगा। इसका फायदा उठाते हुए कुछ मशहूर ब्रांडों ने इन वस्तुओं को अपने ब्रांड नाम वाले पैकेटों में बेचना शुरू कर दिया लेकिन इस पर कोई कार्रवाई-योग्य दावा नहीं होने से उन पर पांच प्रतिशत जीएसटी नहीं लग रहा था।

 

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केंद्र ने आप सरकार के कार्यक्रम पर कब्जा करने की कोशिश की: गोपाल राय

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने असोला वन्यजीव अभयारण्य में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार के समारोह पर कब्जा करने की कोशिश की और दिल्ली पुलिस ने शनिवार रात परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर वाले बैनर लगाए।

राय ने कहा कि मुख्यमंत्री इस समारोह में शामिल होने वाले थे, लेकिन अब उन्होंने इसमें उपस्थित नहीं होने का फैसला किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों पर काम किया। राय ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, दिल्ली पुलिस गत रात समारोह स्थल पहुंची और क्षेत्र को अपने नियंत्रण में ले लिया। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तस्वीरों वाले बैनर जबरन लगाए... आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के बैनर फाड़ दिए गए।

उन्होंने दावा किया कि दिल्ली पुलिस ने लोगों को मोदी की तस्वीरों वाले बैनर नहीं छूने की चेतावनी भी दी। राय ने कहा कि उपराज्यपाल वी के सक्सेना और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे और सभी तैयारियां कर ली गई थीं। उन्होंने कहा, केजरीवाल सरकार के कार्यक्रम को प्रधानमंत्री मोदी का राजनीतिक कार्यक्रम बना दिया गया। मैंने और दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में भाग नहीं लेने का फैसला किया है।

राय ने कहा कि यह घटना दर्शाती है कि प्रधानमंत्री मोदी केजरीवाल से डरे हुए हैं। उन्होंने कहा, हमारी सरकार को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। सत्येंद्र जैन को तुच्छ आरोपों के तहत गिरफ्तार किया गया। अब उपमुख्यमंत्री (मनीष सिसोदिया) को गिरफ्तार करने की कोशिश की जा रही है। मुख्यमंत्री को सिंगापुर जाना था, लेकिन फाइल अटका दी गई। राय ने कहा, पुलिस का काम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, प्रधानमंत्री मोदी के बैनर लगाना नहीं।

 
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नवीन ने तिरंगा फहराने लड़ी थी लम्बी लड़ाई, अब फ्लैग कोड संशोधन को बताया दूरगामी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय लोकतंत्र के सर्वोच्च प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराने का अधिकार जन-जन को दिलाने वाले नवीन जिन्दल ने भारतीय ध्वज संहिता (फ्लैग कोड ऑफ इंडिया) में संशोधन का स्वागत करते हुए देशवासियों का आह्वान किया है कि वे अब अपने घर और प्रतिष्ठान पर 24 घंटे तिरंगा फहराएं। नए संशोधन के अनुसार तिरंगा अब दिन-रात झंडा फहराया जा सकता है। आजादी के अमृत महोत्सव पर सरकार की ओर से भारतीयों के लिए यह बड़ा उपहार है।

ट्वीटर के माध्यम से अपने संदेश में श्री जिन्दल ने कहा कि यह बहुत ही महत्वपूर्ण और राष्ट्रहित में दूरगामी फैसला है। अब और अधिक लोग साल के 365 दिन तिरंगा फहराने और तिरंगा के माध्यम से अपनी देशभक्ति का प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होंगे। देश की आजादी के 75 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में जो अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है और हर घर तिरंगा पहुंचाने का संकल्प लिया गया है, उसे पूरा करने में यह फैसला मील का पत्थर साबित होगा।

यहां जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में नवीन जिन्दल की अध्यक्षता वाले फ्लैग फाउंडेशन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 2004 के अपने फैसले में देश के नागरिकों को साल के 365 दिन ससम्मान तिरंगा फहराने का जो अधिकार प्रदान किया था, उसकी आत्मा में हर घर तिरंगा पहुंचाने की बात थी। नवीन जिन्दल का सदैव सपना रहा है कि हर घर पर तिरंगा लहराए। फ्लैग फाउंडेशन उन सपनों को साकार करने के लिए सदैव समर्पित रहा है और अब तक देश में 90 से अधिक विशालकाय ध्वज फहरा चुका है। उसे देखते हुए कई अन्य देशभक्तों ने भी विशालकाय ध्वज लगाए, जिसकी संख्या कुल मिलाकर अब 450 से अधिक हो गई है जो दुनिया के किसी भी देश में लगाए गए विशालकाय झंडों की संख्या से अधिक है।

 

तिरंगा धर्म, जाति, क्षेत्र, भाषा और दलीय राजनीति से ऊपर उठकर लोगों को भारतीय कहलाने का गर्व प्रदान करता है इसलिए समय-समय पर सरकारों ने फ्लैगकोड में संशोधन कर तिरंगे को जनसुलभ बनाने का प्रयास किया है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद कमर से ऊपर तिरंगा धारण करने और विशालकाय ध्वज लगाने का संशोधन पिछली सरकारों ने किया। बाद में यह भी स्पष्ट किया गया कि रात में भी रोशनी के साथ विशाल स्मारकीय झंडे लगाए जा सकते हैं।

 

संशोधनों की इस यात्रा का यह ताजा पड़ाव है, जिसमें दिन-रात तिरंगा फहराने की अनुमति आम भारतीयों को मिल गई है। फ्लैग फाउंडेशन ने स्थापना के बाद से ही प्रयास किया है कि झंडा फहराने में समय और सामग्री को लेकर जो आशंकाएं हैं, वे दूर हों। इस बारे में गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर निरंतर अवगत कराया गया। पिछले दिनों कपड़े को लेकर और अब समय को लेकर जो फैसले सरकार ने किये हैं, वे सराहनीय हैं। अब देश की जनता और उत्साह से तिरंगा फहराएगी और देशभक्ति की भावना का प्रदर्शन करेगी।    

गौरतलब है कि आजादी के बाद तिरंगा राष्ट्र की आन-बान-शान का प्रतीक तो बना लेकिन आम भारतीय इसे स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस पर ही अपने घर या कार्यालय में फहरा सकते थे। आम देशवासियों को साल के 365 दिन राष्ट्रीय ध्वज फहराने का यह अधिकार दिलाया नवीन जिन्दल ने। उन्होंने लगभग एक दशक तक कानूनी लड़ाई लड़ी। 23 जनवरी 2004 को सुप्रीम कोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश वी.एन. खरे, न्यायमूर्ति बृजेश कुमार और न्यायमूर्ति एस.बी. सिन्हा ने फैसला सुनाया कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (ए) के तहत एक भारतीय नागरिक को स्वतंत्र रूप से राष्ट्रीय ध्वज पूरे मान-सम्मान के साथ फहराने का अधिकार है और यह एक भारतीय नागरिक का मौलिक अधिकार  है। इस फैसले ने एक नागरिक की राष्ट्र के प्रति निष्ठा और गर्व की भावना की अभिव्यक्ति को परिभाषित किया। इसके साथ ही प्रत्येक भारतीय को अपने घर, प्रतिष्ठान और सार्वजनिक स्थलों पर सम्मानपूर्वक तिरंगा दर्शाने व फहराने का मौलिक अधिकार प्राप्त हो गया।

 

नवीन जिन्दल जब अमेरिका में पढ़ते थे तो वो 365 दिन भारतीय झंडा लगाते थे, लेकिन भारत आने उन्हें प्रतिदिन झंडा फहराने से मना किया गया। इस अधिकार को पाने के लिए उन्होंने 10 साल जंग लड़ी और अंत में 23 जनवरी 2004 को माननीय सुप्रीम कोर्ट के फैसले के द्वारा जनता को यह अधिकार मिला। तिरंगा आज देशवासियों के जीवन का अभिन्न अंग बन गया है। राजनीतिक, सांस्कृतिक और जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में तिरंगा ही अभिव्यक्ति का माध्यम बन गया है।

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