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भाजपा ने 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को दिया टिकट

दिल्ली: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा ने केंडिडेट्स की दूसरी लिस्ट जारी की है। इसमें 39 उम्मीदवारों के नाम हैं।

खास बात ये है कि इस लिस्ट में तीन केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को टिकट दिया गया है। केंद्रीय मंत्रियों में मुरैना की दिमनी सीट से नरेंद्र सिंह तोमर, नरसिंहपुर से प्रह्लाद पटेल और निवास से फग्गन सिंह कुलस्ते को प्रत्याशी बनाया गया है।

वहीं भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय को इंदौर विधानसभा क्रमांक 1 से टिकट दिया गया है। भाजपा ने 17 अगस्त को जारी पहली लिस्ट में भी 39 नामों का ऐलान किया था, इसलिए ये 39 का आंकड़ा चर्चा में है।

4 सांसदों को टिकट, 3 विधायकों के टिकट कटे
बीजेपी 3 केंद्रीय मंत्रियों समेत 7 सांसदों को टिकट दिया है। 3 केंद्रीय मंत्रियों के अलावा BJP जिन चार सांसद को विधानसभा चुनाव लड़ा रही है, उनमें जबलपुर पश्चिम से राकेश सिंह, सतना से गणेश सिंह, सीधी से रीति पाठक और गाडरवारा से उदय प्रताप सिंह के नाम शामिल हैं।

BJP ने दूसरी लिस्ट में जिन 39 सीटों पर नामों का ऐलान किया है उनमें से 36 सीटें 2018 के चुनाव में हारी हुई हैं। 3 सीटें BJP के कब्जे में हैं। इनमें मैहर से नारायण त्रिपाठी, सीधी से केदारनाथ शुक्ला और नरसिंहपुर से जालम सिंह पटेल का टिकट काटा गया है।

मैहर विधानसभा सीट से BJP विधायक नारायण त्रिपाठी की जगह BJP ने श्रीकांत चतुर्वेदी को अपना प्रत्याशी बनाया है। नारायण त्रिपाठी कुछ दिन पहले ही अपनी अलग पार्टी बना चुके हैं। हालांकि, अभी घोषित तौर पर भाजपा से अलग नहीं हुए थे।

सीधी विधानसभा सीट से वर्तमान BJP विधायक केदारनाथ शुक्ला की जगह सीधी से सांसद रीति पाठक को प्रत्याशी बनाया गया है। बता दें, सीधी में पेशाब कांड के बाद कांग्रेस BJP विधायक केदारनाथ शुक्ला पर हमलावर थी। वह पेशाब कांड के आरोपी को केदारनाथ शुक्ला से जुड़ा होना बताती रही है।

7 पूर्व विधायकों को मिला टिकट
भाजपा की दूसरी लिस्ट में 7 पूर्व विधायकों के नाम हैं। इनमें श्योपुर से दुर्गालाल विजय, मुरैना से रघुराज कंसाना, सेंवढ़ा से प्रदीप अग्रवाल, डबरा से इमरती देवी, करैरा से रमेश खटीक, कोतमा से दिलीप जायसवाल, सिहावल विश्वामित्र पाठक, जुन्नारदेव से नत्थन शाह, खिलचीपुर से हजारी लाल दांगी, थांदला से कल सिंह भाबर, देपालपुर से मनोज पटेल और सैलाना से संगीता चारेल का नाम है।

अटल के भांजे की हारी हुई सीट पर सिंधिया समर्थक को मौका
BJP की दूसरी लिस्ट में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा का टिकट काट दिया गया है। ग्वालियर जिले की भितरवार सीट पर 2018 में पूर्व PM अटल बिहारी वाजपेयी के भांजे अनूप मिश्रा चुनाव लडे़ थे, लेकिन वे 12130 वोटों से चुनाव हार गए थे। BJP ने इस सीट पर अनूप मिश्रा के बजाए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी मोहन सिंह राठौर को उतारा है।

सिंधिया समर्थक जसवंत जाटव को मौका नहीं
करैरा से सिंधिया समर्थक जसवंत जाटव का टिकट कट गया है। 2018 में ये कांग्रेस विधायक चुने गए थे। सिंधिया के साथ भाजपा में आए और 2020 का चुनाव प्रागीलाल से हार गए थे। इस बार इनका टिकट काट दिया गया है। भाजपा ने यहां से रमेश खटीक को प्रत्याशी बनाया है। हालांकि, मुरैना से सिंधिया समर्थक रघुराज कंसाना और डबरा से इमरती देवी को टिकट मिल गया है। इसके अलावा सिंधिया के करीबी मोहन सिंह राठौर को भितरवार सीट से टिकट दिया गया है।

कभी थे किले के करीबी अब दिग्विजय के बेटे को देंगे चुनौती
दिग्विजय सिंह के गढ़ राघौगढ़ में BJP ने हीरेन्द्र सिंह बंटी को उम्मीदवार बनाया है। इनके पिता मूल सिंह विधायक रह चुके हैं। हीरेन्द्र भी दिग्विजय के करीबी रहे हैं। ये डेढ़ साल पहले ही BJP में शामिल हुए थे। अभी राघौगढ़ में दिग्विजय सिंह के बेटे जयवर्धन सिंह कांग्रेस से विधायक हैं।

नेता प्रतिपक्ष के सामने बसपा से आए अंबरीश को उतारा
नेता प्रतिपक्ष डॉ. गोविंद सिंह के सामने BJP ने बहुजन समाज पार्टी से आए अंबरीश शर्मा गुड्‌डू को उतारा है। 2018 के विधानसभा चुनाव में अंबरीश ने बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा था और 31 हजार वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहे थे। अब उन्हें BJP ने उम्मीदवार बनाया है।

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मैं राहुल गांधी को हैदराबाद में मेरे खिलाफ लड़ने की चुनौती देता हूं: औवेसी

हैदराबाद: एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को 2024 का लोकसभा चुनाव वायनाड़ की बजाय उनके खिलाफ हैदराबाद से लड़ने की चुनौती दी है। सोमवार को एक रैली में ओवैसी ने कहा, इस बार वायनाड़ से नहीं हैदराबाद में मुकाबला करो। मैं आपको (राहुल गांधी) चुनौती दे रहा हूं कि वायनाड़ मत जाओ, हैदराबाद आओ और चुनाव लड़ो।

उन्‍होंने कहा, आप बड़े-बड़े बयान देते रहते हैं। मैदान में आएं और मुकाबला करें। कांग्रेस के लोग बहुत कुछ कहते हैं, लेकिन मैं तैयार हूं। आइए और दाढ़ी और शेरवानी वाले इस आदमी का सामना करें। आपको पता चल जाएगा कि प्रतियोगिता का क्या मतलब है। उन्होंने आरोप लगाया, बाबरी मस्जिद और सचिवालय की मस्जिद को कांग्रेस शासन के तहत ध्वस्त कर दिया गया था।

ओवैसी ने कहा, वही भाजपा सांसद जिसने संसद में बुरा कहा था, वह भी मेरे खिलाफ बोलने के लिए खड़ा हो गया था। मैंने उसे सख्ती से बैठने के लिए कहा। तुम मेरी तीखी जुबान का सामना नहीं कर सकते। कांग्रेस वाले बहुत बातें करते हैं। मैं तैयार हूँ।

मैं तेलंगाना के लोगों से भी अपील कर रहा हूं कि याद रखें, कांग्रेस के शासनकाल में आम आदमी को परेशान किया गया था, उन पर हमला किया गया था। बड़ी मुश्किल से हमने शहर में शांति सुनिश्चित की है। यह शांति बरकरार रहनी चाहिए।

राहुल गांधी ने हाल ही में आरोप लगाया था कि भाजपा, भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) और एआईएमआईएम राज्य विधानसभा चुनाव से पहले सहयोग कर रहे हैं। 

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अंगूठा लगाने वाली सास-बहू ने एक साथ दी महापरीक्षा

पटना: नालंदा जिले में मुख्यमंत्री अक्षर आंचल योजना के तहत जिले के 105 केंद्रों पर महापरीक्षा का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक आयोजित इस महापरीक्षा में 11 हजार वैसी नवसाक्षर महिलाएं शामिल हुईं, जो बचपन में किसी न किसी वजह से पढ़ाई नहीं कर सकी थीं।


बिहारशरीफ के मध्य विद्यालय, राणाबिगहा केंद्र पर इस महापरीक्षा में सास-बहू के अलावा एक परिवार की 4 बहुएं एक साथ परीक्षा देने पहुंचीं। ये अपने आप में एक अनूठा नजारा था।

बिहारशरीफ के कोसुक निवासी जमींदर मांझी की पत्नी इंद्राणी देवी, सास पंभी देवी के साथ परीक्षा देने आईं। इंद्राणी देवी ने बताया कि बचपन में ही शादी हो गई थी, इस वजह से स्कूल नहीं जा सकीं, जबकि सास पंभी देवी ने बताया कि घर में पोता पोती को पढ़ते देख, पढ़ने लिखने का शौक जागा। गांव के शिक्षा सेवक मुन्ना मांझी का सहयोग मिला और दोनों सास-बहू पढ़ने जाने लगे, जो पहले अंगूठा लगाते थे।

गांव की महिलाएं साक्षर होने की कर रहीं कोशिश

आज उन्हीं हाथ में कलम पकड़कर बहुत अच्छा लग रहा है। दोनों आज अपना और पति का नाम लिख लेती हैं और बच्चों को थोड़ा बहुत पढ़ा भी लेती हैं। 55 साल बाद कलम पकड़कर और लोगों के बीच परीक्षा देना दोनों को अच्छा लगा।

इसी तरह तिउरी गांव की सुनैना देवी, रूबी देवी, बेबी देवी और सुनीता देवी एक ही परिवार की बहू हैं। चारों को बचपन में स्कूल जाने का मौका नहीं मिला। अब दूसरे को पढ़ता लिखता देख पढ़ाई का मन किया और उम्र की चिंता छोड़कर साक्षर बनने की कोशिश में लग गईं। केंद्र के वरीय प्रेरक भोला प्रसाद ने बताया कि शिक्षा सेवक मुन्ना प्रसाद, संजय और सरस्वती कुमारी की कोशिश से आसपास की महिलाओं को साक्षर किया जाता है। इस केंद्र पर 60 नव साक्षर महिलाएं शामिल हुई हैं।

 

 

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ईडी के समन के खिलाफ सोरेन पहुंचे हाईकोर्ट

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ईडी के समन के खिलाफ आज हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। ईडी ने सोरेन को लगातार चौथी बार समन भेजते हुए शनिवार को रांची एयरपोर्ट रोड स्थित एजेंसी के जोनल ऑफिस में उपस्थित होने को कहा था। एजेंसी उनसे जमीन घोटाले और उनकी संपत्ति के बारे में पूछताछ करना चाहती है। इसके खिलाफ सोरेन के हाईकोर्ट जाने से यह साफ हो गया है कि वे आज भी ईडी के समक्ष उपस्थित नहीं होंगे।

सोरेन ने अपनी याचिका में ईडी की शक्तियों को चुनौती देते हुए उसकी ओर से की जा रही कार्रवाई पर रोक लगाने का आग्रह किया है। इसके पहले उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले को लेकर क्रिमिनल रिट पिटीशन दायर किया था, लेकिन उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली।

बीते 18 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस अनिरुद्ध बोस और जस्टिस बेला माधुर्य त्रिवेदी की पीठ ने सोरेन की याचिका में उठाए गए बिंदुओं पर सुनवाई से इनकार करते हुए उन्हें पहले हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी। इसके बाद आज सोरेन की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। उन्होंने याचिका में पीएमएलए (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) 2002 की धारा 50 और 63 की वैधता पर सवाल उठाया है।

इसमें कहा गया है कि जांच एजेंसी को धारा 50 के अंतर्गत बयान दर्ज कराने या पूछताछ के दौरान ही किसी को गिरफ्तार कर लेने का अधिकार है। इसलिए समन जारी करने के बाद गिरफ्तारी का डर बना रहता है।

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पीएम मोदी 24 को नौ वंदे भारत एक्सप्रेस को दिखाएंगे हरी झंडी

ग्यारह राज्यों में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगीं ये ट्रेनें

 

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को दोपहर 12:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए नौ वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे। ये नई वंदे भारत ट्रेनें देश भर में कनेक्टिविटी में सुधार और रेल यात्रियों को विश्व स्तरीय सुविधाएं प्रदान करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण को साकार करने की दिशा में एक कदम हैं।

जिन नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई जाएगी वे हैं:
उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस
तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस
हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस
विजयवाड़ा - चेन्नई (रेनिगुंटा के माध्यम से) वंदे भारत एक्सप्रेस
पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस
राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस
रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस
जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस


ये नौ ट्रेनें ग्यारह राज्यों राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, बिहार, पश्चिम बंगाल, केरल, ओडिशा, झारखंड और गुजरात में कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी ।

ये वंदे भारत ट्रेनें अपने संचालन के मार्गों पर सबसे तेज़ ट्रेन होंगी और यात्रियों का काफी समय बचाने में मदद करेंगी। मार्ग पर वर्तमान सबसे तेज़ ट्रेन की तुलना में, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और कासरगोड-तिरुवनंतपुरम वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 3 घंटे तेज़ होंगी; हैदराबाद-बेंगलुरु वंदे भारत एक्सप्रेस 2.5 घंटे से अधिक विलंबित; तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस 2 घंटे से अधिक विलंबित; रांची-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस, पटना-हावड़ा वंदे भारत एक्सप्रेस और जामनगर-अहमदाबाद वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग 1 घंटे की देरी से; और उदयपुर-जयपुर वंदे भारत एक्सप्रेस लगभग आधे घंटे की देरी से ।

देश भर में महत्वपूर्ण धार्मिक स्थानों की कनेक्टिविटी में सुधार करने के प्रधान मंत्री के दृष्टिकोण के अनुरूप, राउरकेला-भुवनेश्वर-पुरी वंदे भारत एक्सप्रेस और तिरुनेलवेली-मदुरै-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस पुरी और मदुरै के महत्वपूर्ण धार्मिक शहरों को जोड़ेगी। इसके अलावा, विजयवाड़ा-चेन्नई वंदे भारत एक्सप्रेस रेनिगुंटा मार्ग से संचालित होगी और तिरुपति तीर्थस्थल केंद्र तक कनेक्टिविटी प्रदान करेगी ।

इन वंदे भारत ट्रेनों की शुरूआत से देश में रेल सेवा के एक नए मानक की शुरुआत होगी। विश्व स्तरीय सुविधाओं और कवच तकनीक सहित उन्नत सुरक्षा सुविधाओं से सुसज्जित ये ट्रेनें आम लोगों, पेशेवरों, व्यापारियों, छात्र समुदाय और पर्यटकों को यात्रा के आधुनिक, त्वरित और आरामदायक साधन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होंगी।

 

 

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बरसाना में भगदड़, 2 श्रद्धालुओं ने दम तोड़ा

 मथुरा: राधा अष्टमी के मौके पर मथुरा के बरसाना में बड़ा हादसा हो गया। यहां भगदड़ मचने से दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। बता दें, शनिवार को राधाष्टमी के मौके पर बरसाना में लाखों श्रद्धालु उमड़े हैं। इस दौरान हादसा हो गया।

शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दम घुटने से मौत हुई है। कुछ लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। लोगों का कहना है कि पहले से लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद थी। इसके बावजूद प्रशासन अलर्ट नहीं हुआ।

 

 

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कनाडा आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह: भारत

नई दिल्ली: सरकार ने कनाडा को आतंकवादियों की सुरक्षित पनाहगाह ठहराते हुए गुरुवार को कहा कि कनाडा की ओर से खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में भारत को एक भी सबूत नहीं दिए गए जबकि भारत द्वारा कनाडा की धरती पर भारत विरोधी गतिविधियों के कई सबूत मुहैया कराने के बावजूद वहां कोई कार्रवाई नहीं की गई। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने यहां नियमित ब्रीफिंग में कहा कि उनकी राय में कनाडा सरकार पूर्वाग्रह से ग्रस्त हैं तथा उसने भारत पर जो भी आरोप लगाए हैं, वे राजनीति से प्रेरित हैं।

एक सवाल पर प्रवक्ता ने बताया कि कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की जी-20 शिखर-सम्मेलन के लिए हाल की भारत यात्रा के दौरान श्री ट्रूडो ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात में निज्जर की हत्या का मामला उठाया था और भारत की भूमिका की बात कही थी जिसे श्री मोदी ने खारिज कर दिया था। यह पूछे जाने पर कि क्या कनाडा ने भारत उन घटनाओं के बारे में कोई प्रमाण या साक्ष्य दिए हैं , जिन्हें लेकर वह भारत पर दोषारोपण कर रहा है, प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा कि कनाडा ने भारत को निज्जर की हत्या में भारतीय हाथ होने के बारे में कोई सबूत नहीं दिए हैं जबकि भारत ने निज्जर और कई अन्य लोगों के बारे में कई बार सबूत दिए गए लेकिन कनाडा सरकार की ओर कुछ नहीं किया गया।

उन्होंने कहा कि कनाडा में हिंसा और अपराध चरम पर है तथा आतंकवादियों, चरमपंथियों और अपराधियों की पनाहगाह बन गई है और वहां उन्हें वित्तीय सहायता मिलती है। उन्होंने कहा कि हम चाहते हैं कि कनाडा सरकार आतंकवादियों, चरमपंथियों और संगठित अपराध में लिप्त लोगों के विरुद्ध कार्रवाई करे अथवा उन्हें भारत में प्रत्यर्पित करे ताकि वे यहां न्याय प्रक्रिया का सामना कर सकें।

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किसानों को सरकार ने दिया ये बड़ा तोहफा

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने किसानों के लिए किसान ऋण पोर्टल लॉन्च किया है। इस पोर्टल के माध्यम से किसान आसानी से किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसमें किसानों को सब्सिडी के साथ लोन की सुविधा मिलती है. इस पोर्टल का उद्देश्य यह है कि किसान अब बैंकों से सस्ती ब्याज दरों पर ऋण ले सकें। कई किसान खेती के लिए साहूकारों से कर्ज लेते हैं। पीएम किसान लाभार्थी को किसान क्रेडिट कार्ड का भी लाभ मिलता है।

केंद्र सरकार 1 अक्टूबर 2023 से घर-घर किसान क्रेडिट कार्ड पहुंचाने का अभियान शुरू कर रही है। यह अभियान इस साल के अंत यानी 31 दिसंबर 2023 तक चलेगा। यह अभियान फिजिकल के साथ डिजिटली भी चलाया जाएगा। इस अभियान को सफल बनाने के लिए बैंक, पंचायत और जिला प्रशासन मिलकर काम करेंगे। इसके अलावा पीएम किसान (PM किसान सम्मान निधि योजना) के लाभार्थी को अगले तीन महीने में किसान क्रेडिट कार्ड मिल जाएगा।

किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?

सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत साल 1998 में की थी. इसमें किसानों को 4 फीसदी की ब्याज दर पर लोन मिलता है. इसे अन्य लोन की तुलना में काफी सस्ता माना जाता है. देश के सभी किसान इस कार्ड के लिए पात्र हैं। यह योजना भारत सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) और नाबार्ड द्वारा शुरू की गई थी।

कब आएगी पीएम किसान की 15वीं किस्त?

देश के सभी किसान अब 15वीं किस्त का इंतजार कर रहे हैं। आपको बता दें कि पीएम किसान योजना के तहत किसानों को सालाना 6,000 रुपये की रकम मिलती है। यह रकम किश्तों के रूप में दी जाती है। हर किस्त में किसानों को 2,000 रुपये की रकम दी जाती है। अब कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक किसानों को 15वीं किस्त अक्टूबर में मिल सकती है। इस योजना में किस्त की रकम सीधे किसानों के खाते में आती है।

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आंध्र में नायडू की गिरफ्तारी के खिलाफ टीडीपी ने निकाली पदयात्रा

अमरावती: तेलुगू देशम पार्टी (टीडीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एन. चंद्रबाबू नायडू की गिरफ्तारी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए पार्टी विधायकों ने सत्र के पहले दिन गुरुवार को राज्य विधानमंडल तक पदयात्रा निकाली। वेंकटपालम में टीडीपी संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री एन. टी. रामा राव की प्रतिमा पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, टीडीपी विधायक और एमएलसी विधान भवन के लिए रवाना हुए।

विधायकों ने थुल्लूर पुलिस स्टेशन से पदयात्रा निकाली। हाथों में तख्तियां लिए हुए, उन्होंने कथित कौशल विकास मामले में नायडू की 'अवैध' गिरफ्तारी की निंदा करते हुए नारे लगाए। विधायकों ने मांग की कि वाईएसआरसीपी सरकार पूर्व मुख्यमंत्री की अवैध गिरफ्तारी के लिए माफी मांगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार अवैध मुकदमे वापस लेने में विफल रही तो वे बड़े पैमाने पर अभियान चलाएंगे।

टीडीपी विधायक और लोकप्रिय अभिनेता एन. बालकृष्ण ने कहा कि वे नायडू की गिरफ्तारी के मुद्दे को जनता की अदालत में ले जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि लोग टीडीपी के साथ हैं। बालकृष्ण, जो नायडू के बहनोई भी हैं, ने कहा, सरकार टीडीपी को मिल रहे भारी जन समर्थन को देखने में असमर्थ है और इसलिए उसने अवैध गिरफ्तारी का सहारा लिया।

यह कहते हुए कि टीडीपी गिरफ्तारियों से डरी नहीं है, बालकृष्ण ने कहा कि वे इस मुद्दे को लोगों की अदालत में ले जाएंगे। टीडीपी की आंध्र प्रदेश राज्य इकाई के अध्यक्ष के. अत्चन्नायडू ने कहा कि वे नायडू की गिरफ्तारी का मुद्दा राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों में उठाएंगे। उन्होंने कहा कि वे नायडू की गिरफ्तारी पर लाए जाने वाले स्थगन प्रस्ताव पर बहस के लिए दबाव डालेंगे।

पूर्व मुख्यमंत्री को सीआईडी ने कथित कौशल विकास घोटाले में 9 सितंबर को गिरफ्तार किया था। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।

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कनाडा बना वांछित भारतीय गैंगस्टरों के लिए सुरक्षित पनाहगाह

नई दिल्ली: पिछले साल मई में लोकप्रिय पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला की नृशंस हत्या के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल सहित सुरक्षा एजेंसियों ने कनाडा के खालिस्तानी आतंकवादियों और भारत में विभिन्न आपराधों में शामिल गैंगस्टरों के लिए एक सुरक्षित स्वर्ग के रूप में उभरने पर चिंता जताई है।

सूत्रों ने बताया कि कनाडा में रहने वाले गैंगस्टर भारत में आपराधिक गतिविधियों पर खासा प्रभाव डालते हैं। हाल ही में अहमदाबाद में एक सार्वजनिक सभा में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कनाडा में एक बड़े गैंगस्टर की संभावित हिरासत का संकेत दिया था, हालांकि यह रहस्योद्घाटन केंद्रीय एजेंसियों द्वारा असत्यापित है।

सूत्रों ने बताया कि विचाराधीन व्यक्ति कोई और नहीं, बल्कि सतिंदरजीत सिंह है, जिसे गोल्डी बराड़ के नाम से जाना जाता है। वह लोकप्रिय पंजाबी गायक शुभदीप सिंह सिद्धू, जो सिद्धू मूसेवाला के नाम से मशहूर है, की हत्या का कथित मास्टरमाइंड है। यह मामला पंजाब और कनाडा में आपराधिक गतिविधियों के बीच संबंध के सिर्फ एक पहलू का प्रतिनिधित्व करता है।

मूसेवाला की हत्या के अलावा, ऐसा प्रतीत होता है कि 2022 में मोहाली में पंजाब पुलिस के खुफिया मुख्यालय पर साहसी आरपीजी हमले में कनाडा स्थित पंजाबी गैंगस्टरों का हाथ हो सकता है। 2018 में कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की अमृतसर यात्रा के दौरान पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कथित तौर पर इस बात पर चिंता जताई थी कि कैसे कनाडाई क्षेत्र का भारत के हितों के खिलाफ शोषण किया जा रहा है।

हालांकि, इन चिंताओं के जवाब में कनाडाई सरकार द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। कई महीने पहले, पंजाब पुलिस ने कनाडा से लंबे समय से काम कर रहे सात गैंगस्टरों की पहचान की थी। सूची में लखबीर सिंह उर्फ लांडा, गोल्डी बराड़, चरणजीत सिंह उर्फ रिंकू रंधावा, अर्शदीप सिंह उर्फ अर्श डाला, रमनदीप सिंह उर्फ रमन जज, गुरपिंदर सिंह उर्फ बाबा दल्ला और सुखदुल सिंह उर्फ सुखा दुनेके शामिल हैं।

माना जाता है कि ये लोग पंजाब में विभिन्न आपराधिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं। इसके अलावा, राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने खालिस्तान टाइगर फोर्स के प्रमुख हरदीप सिंह निज्जर, एक कनाडाई नागरिक, जिसे 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में गोली मार दी गई थी, को पकड़ने के लिए सूचना देने के लिए 10 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की थी।

 

 

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महिला आरक्षण विधेयक पर सोनिया गांधी लोकसभा में कांग्रेस का नेतृत्व करेंगी

नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी लोकसभा में महिला आरक्षण विधेयक पर बहस का नेतृत्व करेंगी। सूत्रों ने कहा कि सोनिया गांधी लंबे समय से प्रतीक्षित इस विधेयक पर पार्टी का नेतृत्व करेंगी और वह इस पर बहस के लिए कांग्रेस की मुख्य वक्ता होंगी। मंगलवार सुबह संसद पहुंचीं सोनिया गांधी से जब सरकार द्वारा लोकसभा में विधेयक लाए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, यह हमारा है, अपना है। पहले हमने ही यह विधेयक लाया था, जो राज्‍यसभा में पास हो गया, लेकिन लोकसभा में अटक गया था।

संविधान (एक सौ अट्ठाइसवां संशोधन) विधेयक, 2023, लोकसभा में कार्य की अनुपूरक सूची में पेश किया गया था। महिला आरक्षण विधेयक में प्रस्तावित किया गया है कि आरक्षण 15 साल की अवधि तक जारी रहेगा और महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों के भीतर एससी और एसटी के लिए कोटा होगा। सूत्रों ने कहा कि हालांकि इस कानून के 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले लागू होने की संभावना नहीं है।

उन्होंने कहा कि इसे परिसीमन प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही लागू किया जाएगा, संभवत: 2029 में। परिसीमन प्रक्रिया शुरू होने के बाद आरक्षण लागू होगा और 15 वर्षों तक जारी रहेगा। सरकार ने कहा कि महिलाएं पंचायतों और नगर निकायों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, लेकिन राज्य विधानसभाओं, संसद में उनका प्रतिनिधित्व अभी भी सीमित है। इसमें कहा गया है कि महिलाएं अलग-अलग दृष्टिकोण लाती हैं और विधायी बहस और निर्णय लेने की गुणवत्ता को समृद्ध करती हैं। कांग्रेस ने इस बिल को भाजपा का चुनावी जुमला और देश की महिलाओं और लड़कियों के साथ फरेेब करार दिया है।

 

 

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शालू जिन्दल इंटरनेशनल वुमन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित

 रायपुर: जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल को शिकागो में इंटरनेशनल वुमन ऑफ द ईयर अवार्ड से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान भारतीय दूतावास के सहयोग से डी ट्राइबल्स फाउंडेशन द्वारा आयोजित स्वदेशी मेला “इंडियन अमेरिकन ट्रेड फेयर” में प्रदान किया गया। शालू जिन्दल को ओडिशा, छत्तीसगढ़ और झारखंड समेत देश भर में एक करोड़ से अधिक लोगों के जीवन में गुणात्मक बदलाव लाने के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है। शिकागो में भारतीय दूतावास के महावाणिज्य दूत सोमनाथ घोष इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।


यह प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त करने के बाद शालू जिन्दल ने आभार व्यक्त किया और भारत में लोगों के उत्थान और उनके जीवन में गुणवत्ता लाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “यह सम्मान प्राप्त कर मैं बहुत ही गर्वान्वित हूं। यह टीम जेएसपी फाउंडेशन के सामूहिक प्रयासों का प्रमाण है। हम अपने देश और दुनिया भर के वंचित एवं सामाजिक रूप से कमजोर लोगों के उत्थान और उनका भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह सम्मान वंचितों के लिए निरंतर काम करने के हमारे संकल्प को मजबूत करता है।”

जेएसपी फाउंडेशन की चेयरपर्सन के रूप में शालू जिन्दल छत्तीसगढ़, ओडिशा, झारखंड और भारत के अन्य क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों में निरंतर सहयोग कर रही हैं। उनके सामाजिक प्रयासों से लाखों लोगों के जीवन में खुशहाली आई है, जो बड़ी संख्या में लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है।
 
लोगों का जीवन गुणवत्तापूर्ण बनाने के अलावा शालू जिन्दल ने कुचिपुड़ी नृत्य के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया है। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की कुचिपुड़ी नृत्य विशेषज्ञ हैं और पूरी दुनिया में भारतीय नृत्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार में निरंतर योगदान कर रही हैं। वे राष्ट्रीय बाल भवन की चेयरपर्सन रही हैं। यंग फिक्की की संस्थापक चेयरपर्सन के रूप में भी उनका कार्यकाल उल्लेखनीय है। वर्तमान में वह रायगढ़ में स्थित ओपी जिन्दल विश्वविद्यालय की कुलाधिपति हैं। उन्हें सीएसआर टाइम्स लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड, लंदन में गोल्डन पीकॉक अवार्ड, महात्मा अवार्ड और सिंगापुर में सीएमओ एशिया से एकलव्य पुरस्कार सहित कई प्रतिष्ठित पुरस्कार मिले हैं।
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महिला आरक्षण के लिए 'नारी शक्ति वंदन' बिल लोकसभा में पेश

नई दिल्ली: महिला आरक्षण बिल लोकसभा में पेश कर दिया गया है । केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने यह बिल पेश किया ।इस बिल को नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम से पेश किया गया है।

कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने जानकारी देते हुए बताया यह बिल महिला सशक्तिकरण के संबंध में है। संविधान के अनुच्छेद 239AA में संशोधन करके, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित की जाएंगी।'' राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीटी) दिल्ली। अनुच्छेद 330ए लोक सभा में एससी/एसटी के लिए सीटों का आरक्षण है।

इस बिल के आने के बाद महिलाओं के लिए 33%सीटे आरक्षित की जाएगी । कानून बनने के बाद महिला सांसदों की संख्या 82 से बढ़कर 182 हो जाएगी। इस बिल की समय अवधि 15 साल होगी।

इससे पहले पीएम मोदी ने कहा था महिला आरक्षण बिल पर काफी चर्चा हुई हैं, बहुत वाद-विवाद भी हुए हैं। अटल बिहारी वाजपेई के शासनकाल में कई बार महिला आरक्षण बिल पेश किया गया लेकिन बिल को पारित कराने के लिए पर्याप्त बहुमत नहीं था और इस कारण यह सपना अधूरा रह गया। ईश्वर ने शायद ऐसे कई कामों के लिए मुझे चुना है। कल ही कैबिनेट में महिला आरक्षण बिल को मंजूरी दी गई है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही हैं..हमारी सरकार आज दोनों सदनों में महिलाओं की भागीदारी पर एक नया बिल ला रही है।

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संसद में 5 दिन का विशेष सत्र 18 से

दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा बुलाए गए पांच दिन के विशेष संसद सत्र की शुरुआत सोमवार से हो रही है।

आज पहले दिन सभी सांसद पुराने संसद भवन में बैठेंगे और इसके बाद मंगलवार 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी के दिन से नए संसद भवन में दोनों सदनों की कार्यवाही शुरू होगी। विशेष सत्र से एक दिन पहले रविवार को केंद्र सरकार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई और 5 दिन के सत्र में आने वाले बिलों पर सभी नेताओं से चर्चा की।

विपक्षी दलों ने उठाई महिला आरक्षण विधेयक की मांग
सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण विधेयक विशेष सत्र में लाने की मांग उठाई। कांग्रेस की ओर से अधीर रंजन चौधरी सहित सभी विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार से यह मांग रखी। उनका कहना था कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना जरूरी है। उधर इसको लेकर संसदीय कार्यमंत्री प्रहलाद जोशी का बयान सामने आया है कि केंद्र सरकार उचित समय पर उचित निर्णय लेगी।

इन विधेयकों पर सदन में चर्चा
सर्वदलीय बैठक में केंद्र सरकार की ओर से सभी दलों के नेताओं को बताया गया कि विशेष सत्र के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के लिए और एससी-एसटी से संबंधित विधेयकों पर भी इस दौर चर्चा होगी। इसके साथ ही अधिवक्ता विधेयक, प्रेस और पुस्तक पंजीकरण विधेयक, डाकघर विधेयक और मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति व सेवा शर्त विधेयक पर संसद भवन में चर्चा होगी।

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संसद भवन से विदाई लेना एक भावुक पल: पीएम मोदी

दिल्ली: संसद के पांच दिवसीय विशेष सत्र की शुरुआत सोमवार से  हो गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निचले सदन यानी लोकसभा को संबोधित करते हुए  75 साल की संसदीय यात्रा को याद किया। अपने संबोधन के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भले ही 19 सितंबर से आगामी सत्र नए भवन में आयोजित किए जाएंगे, लेकिन पुराना संसदीय भवन लाखों भारतीयों को प्रेरणा देता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि नए परिसर में जाने से पहले इस संसद भवन से जुड़े प्रेरणादायक क्षणों को याद करने का समय आ गया है।

उन्होंने कहा, ‘हम इस संसद के निर्माण में लगे परिश्रम, कड़ी मेहनत और धन को कभी नहीं भूल सकते।’

लोकसभा में पीएम मोदी ने कहा, ‘…हम सभी इस ऐतिहासिक इमारत को अलविदा कह रहे हैं। आजादी से पहले यह सदन इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल की जगह था। आजादी के बाद इसे संसद भवन की पहचान मिली। यह सच है कि इस इमारत के निर्माण का निर्णय विदेशी शासकों ने लिया था, लेकिन हम कभी नहीं भूल सकते और गर्व से कह सकते हैं कि इसके निर्माण में जो मेहनत, मेहनत और पैसा लगा, वह मेरे देशवासियों का था।’

उन्होंने कहा कि ये सदन से विदाई लेना एक भावुक पल है। उन्होंने कहा कि परिवार जब एक पुराना घर छोड़कर नए घर जाता है तो बहुत सारी यादें एक पल के लिए उसे झकझोर देती हैं। और हम जब इस सदन को छोड़कर जा रहे हैं तो हमारा मन-मस्तिष्क भी उन भावनाओं से भरा हुआ है। अनेक यादों से भरा हुआ है।

संबोधन के दौरान पीएम मोदी  ने संसदीय कार्यवाही की जिक्र किया और कहा कि इस संसद में कई तरह में कई तरह के अनुभव रहे हैं। नोक-झोंक से लेकर उत्साह औऱ उमंग की यादों को पीएम मोदी ने याद किया।

पीएम मोदी ने कहा- संसद के आतंकी हमले को कोई नहीं भूल सकता है

पीएम मोदी ने पुरानी बिल्डिंग में आज अंतिम कामकाज के दिन संबोधित करते हुए कहा, ‘ना जाने कितने ही अनगिनत लोग होंगे, जिन्होंने हम सब अच्छे तरीके से काम कर सकें, तेजी से काम कर सकें, उसके लिए जिस-जिस ने भी योगदान दिया, उन्हें मैं विशेष रूप से भी और इस सदन की तरफ से भी नमन करता हूं. आतंकी हमला हुआ, पूरे विश्व में ये हमला एक इमारत पर नहीं था, बल्कि एक प्रकार से हमारी जीवात्मा पर ये हमला था।’

उन्होंने कहा, ‘ये देश उस घटना को कभी नहीं भूल सकता है। लेकिन आतंकियों से लड़ते- लड़ते, सदस्यों को बचाने के लिए जिन्होंने अपने सीने पर गोलियां झेलीं आज मैं उनको भी नमन करता हूं।

पत्रकारों पर क्या बोले पीएम मोदी ?
प्रधानमंत्री मोदी ने संसद सत्र के संबोधन में उन पत्रकारों को भी याद किया जो कई दिनों से संसद में रिपोर्टिंग कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘ऐसे पत्रकार जिन्होंने संसद को कवर किया, शायद उनके नाम जाने नहीं जाते होंगे लेकिन उनको कोई भूल नहीं सकता है। सिर्फ खबरों के लिए ही नहीं, भारत की इस विकास यात्रा को संसद भवन से समझने के लिए उन्होंने अपनी शक्ति खपा दी।’ खबरों के लिए के लिए नहीं, बल्कि भारत की विकास यात्रा के लिए उन्होंने सबकुछ खपा दिया, उनको याद करने का समय है- जैसी ताकत यहां की दीवारों की रही है, वैसा ही दर्पण उनकी कलम में रहा है। कई पत्रकार बंधुओं के लिए भी ये सदन छोड़ना आज भावुक पल रहा होगा।’

पीएम मोदी ने महिला सांसदों के योगदान को सराहा
पीएम मोदी ने कहा, महिला सांसदों की संख्या पहले भले ही कम रही हो, लेकिन धीरे-धीरे उनका प्रतिनिधित्व, योगदान बढ़ रहा है। करीब-करीब 7,500 से अधिक जनप्रतिनिधि अबतक दोनों सदनों में अपना योगदान दे चुके हैं। उन्होंने कहा कि इस कालखंड में करीब 600 महिला सांसदों ने दोनों सदनों की गरिमा को बढ़ाया है।

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बारामूला में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़, एक आतंकी ढेर

बारामूला: कश्मीर के बारामूला के उरी, हथलंगा इलाके में 3 आतंकियों के देखे जाने के बाद सेना और बारामूला पुलिस ने एनकाउंटर शुरू किया। कश्मीर पुलिस के मुताबिक शनिवार सुबह से चल रहे एनकाउंटर में 1 आतंकी मारा गया, जबकि बाकी आतंकियों की तलाश की जा रही है।


रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वही इलाका है जहां दिसंबर 2022 में सुरक्षा बलों ने एक बड़े आतंकी ठिकाने का भंडाफोड़ किया था। तब एक गुफा से हथियारों का जखीरा बरामद किया गया था।

हाल ही में कोकेरनाग मुठभेड़ के दौरान आतंकियों ने छिपने के लिए गुफा का सहारा लिया। 13 सितंबर को सर्च ऑपरेशन के दौरान हुई इस मुठभेड़ में सेना और पुलिस के 3 जवान शहीद हो गए।

कश्मीर में अनंतनाग के गडूल कोकेरनाग में पांचवे दिन भी आतंकियों से मुठभेड़ जारी रहेगी। वहीं, बुधवार 13 सितंबर को आतंकियों की गोली लगने से घायल जवान की भी मौत हो गई है।अंधेरा होने पर शुक्रवार (15 सितंबर) को ऑपरेशन रोक दिया गया था, जो सुबह होते ही फिर शुरू होगा।

राजौरी एनकाउंटर साइट से बरामद हुईं AK-47 और गोलियां
राजौरी में भी इसी हफ्ते मंगलवार को एनकाउंटर के दौरान एक जवान की मौत हो गई थी और दो आतंकी मारे गए थे। यहां सर्चिंग के दौरान एक आर्मी डॉग की भी मौत हो गई। उसने अपने हैंडलर की जान बचाने के लिए खुद की जिंदगी दांव पर लगा दी। राजौरी में एनकाउंटर खत्म हो गया है।

कश्मीर में इस साल अब तक 40 आतंकी ढेर
कश्मीर में पिछले तीन साल में यह सबसे बड़ा हमला है, जिसमें इतने बड़े अफसरों की शहादत हुई है। इससे पहले कश्मीर के हंदवाड़ा में 30 मार्च 2020 को 18 घंटे चले हमले में कर्नल, मेजर और सब-इंस्पेक्टर समेत पांच अफसर शहीद हुए थे। इस साल जनवरी से अब तक जम्मू-कश्मीर में 40 आतंकी मारे गए हैं। इनमें 8 ही स्थानीय थे और बाकी सभी विदेशी थे।

 

 

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अनंतनाग में एक और जवान शहीद

सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी

जम्मू : जम्मू कश्मीर के अनंतनाग जिले में बुधवार से ही सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ जारी है।

इस एनकाउंटर में एक और जवान के शहीद होने की खबर सामने आई है। इसी के साथ शहीद होने वालों की संख्या बढ़कर 4 पहुंच गई है।

बता दें कि गुरुवार को सेना का यह जवान घायल हुआ था। अस्पताल में आज इलाज के दौरान सेना के जवान ने दम तोड़ दिया। इससे पहले बुधवार को हुए एनकाउंटर में सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस के कुल 3 जवान शहीद हुए थे। शहीद होने वालों में 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष धोनैक और डीएसपी हुमायूं भट्ट हैं।  

पैतृक निवास लाया गया मेजर का पार्थिव शरीर
बुधवार को एनकाउंटर में शहीद हुए जवानों को पार्थिव शरीर को उनके पैतृक गांव भिजवाया जा रहा है, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इस बीच शहीद मेजर आशीष धोनैक के पार्थिव शरीर को पानीपत स्थित उनके पैतृक गांव बिंझोल ले जाया गया है। बता दें कि मेजर धौनेक का परिवार पानीपत के सेक्टर 7 में रहता है, जबकि उनका पैतृक गांव बिंझोल है। वहीं शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह के पार्थिव शरीर को भी पंजाब के मोहाली में स्थित भड़ौंजिया गांव ले जाया जाएगा। अब से कुछ ही देर बाद शहीद जवानों के अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

अनंतनाग में एनकाउंटर जारी
वहीं अनंतनाग में हुए एनकाउंटर में शहीद जम्मू कश्मीर पुलिस के डीएसपी हुमायूं भट्ट का अंतिम संस्कार गुरुवार को ही बडगाम जिले में किया गया था। बता दें कि इस एनकाउंटर में अबतक 4 जवान घायल हुए हैं। वहीं मुठभेड़ वाले इलाके में एक स्थानीय आतंकी उजैर खान और एक पाकिस्तानी आतंकी के होनों की जम्मू कश्मीर पुलिस ने पुष्टि की है। आशंका जताई जा रही है कि यह एनकाउंटर लंबा चलेगा और खबर यह भी है कि सुरक्षाबलों ने एक और आतंकी को मार गिराया है।

 

 

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अनंतनाग मुठभेड़ : कर्नल, मेजर व डीएसपी शहीद

जम्मू : जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में बुधवार को आतंकवादियों के साथ लौहा लेते हुए तीन जवानों ने देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। शहीद होने वालों जवानों में दो सेना के अधिकारी और एक जम्मू-कश्मीर पुलिस के अधिकारी हैं।  


भारतीय सेना के अधिकारी ने बताया कि अनंतनाग में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना के कर्नल और मेजर, और जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीएसपी ने देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। अनंतनाग एनकाउंटर की जिम्मेदारी आतंकी संगठन टीआरएफ ने ली है।

कर्नल, मेजर और डीएसपी शहीद
उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) यूनिट के कमांडिंग कर्नल मनप्रीत सिंह, आरआर के मेजर आशीष और जम्मू-कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट्ट गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान तीनों वीरगति को प्राप्त हुए।

 

अधिकारी ने बताया कि गडोले इलाके में आतंकियों के खिलाफ मंगलवार शाम को ऑपरेशन शुरू हुआ था, लेकिन रात में इसे बंद कर दिया गया। बुधवार सुबह आतंकवादियों की तलाश तब फिर से शुरू हुई जब सूचना मिली कि उन्हें एक ठिकाने पर देखा गया है।

तलाशी अभियान रहेगा जारी
कर्नल सिंह ने आगे से अपनी टीम का नेतृत्व करते हुए आतंकियों पर हमला बोल दिया। हालांकि, आतंकवादियों ने उन पर गोलीबारी कर दी। इलाके में मौजूद आतंकवादियों को ढेर करने के लिए विशेष बलों को तैनात किया गया है। बताया जा रहा है कि 3 से 4 आतंकी मौजूद हैं। यहां तलाशी अभियान रात भर जारी रहेगा।  

हरियाणा के रहने वाले थे मेजर आशीष
मेजर आशीष मूल रूप से हरियाणा के पानीपत के बिंझौल गांव के रहने वाले थे। फिलहाल उनका परिवार पानीपत के सेक्टर-7 में किराए के मकान में रहता है।  वहीं, हुमायूं भट्ट जम्मू-कश्मीर पुलिस के सेवानिवृत्त आईजी गुलाम हसन भट्ट के बेटे हैं।

महबूबा मुफ्ती ने दुख जताया
जवानों की शहादत पर जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने दुख जताया है. उन्होंने एक्स पर लिखा, "आज अनंतनाग में ड्यूटी के दौरान शहीद जवानों के परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदना है। हिंसा के ऐसे घृणित कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है।"

"पाकिस्तान करा रहा घुसपैठ कराने की पूरी कोशिश"
सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी ने बुधवार को दिन में कहा था, "जम्मू-कश्मीर में आंतरिक सुरक्षा स्थितियों में हो रही प्रगति में बाधा डालने के लिए पाकिस्तान क्षेत्र में विदेशी आतंकवादियों की घुसपैठ कराने की पूरी कोशिश कर रहा है।"

जनरल वीके सिंह ने शोक व्यक्त किया
केंद्रीय मंत्री और पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल वीके सिंह ने तीन जवानों के शहीद होने पर दुख जताते हुए कहा, "सेना मेडल से सम्मानित कर्नल मनप्रीत सिंह कश्मीर के अनंतनाग में आतंकवादियों से लड़ते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए। इस दुखद खबर से देश स्तब्ध है। शहीद कर्नल मनप्रीत सिंह की शहादत को नमन करते हुए ईश्वर से उनके परिजनों को इस कठिन समय में सम्बल प्रदान करने की प्रार्थना करता हूं।"

"आतंकवाद के खिलाफ भारत एकजुट"
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स पर लिखा, "हमारे बहादुर सेना के जवानों और एक डीएसपी ने जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में मुठभेड़ में आतंकवादियों से लड़ते हुए सर्वोच्च बलिदान दिया है। हम इस नुकसान से बेहद दुखी हैं। हमारे बहादुरों के परिवारों के प्रति हमारी गहरी संवेदनाएं। आतंकवाद के खिलाफ भारत एकजुट है।"

जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने एक्स पर लिखा, "बेहद भयानक खबर आ रही है। दक्षिण कश्मीर के कोकेरनाग इलाके में एक मुठभेड़ में सेना के एक कर्नल, एक मेजर और एक जम्मू-कश्मीर पुलिस डीवाईएसपी ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में डीएसपी हुमायूं भट्ट, मेजर आशीष और कर्नल मनप्रीत सिंह ने अपनी जान गंवा दी। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे और उनके प्रियजनों को इस कठिन समय में शक्ति प्रदान करे।"

 

 

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