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मणिपुर की घटना शर्मनाक, दोषियों को नहीं बख्शेंगे : पीएम मोदी

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में महिलाओं के साथ हुई वीभत्स वारदात को देश की 140 करोड़ जनता के लिए शर्मनाक बताते हुए कहा है कि वे इस घटना से पीड़ा और क्रोध से भरे हुए हैं और मणिपुर की घटना किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक घटना है।

संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले संसद भवन परिसर में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना 140 करोड़ देशवासियों के लिए शर्मनाक है और दोषियों को कतई बक्शा नहीं जाएगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों से अपने-अपने राज्यों में कानून व्यवस्था को ठीक करने और महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने की अपील करते हुए कहा कि घटना चाहे राजस्थान में हो,छत्तीसगढ़ में हो या मणिपुर में हो, गुनाहगार को बख्शा नही जाएगा।

उन्होंने मानसून सत्र के दौरान सरकार द्वारा संसद में जनता के हित से जुड़े बिलों को लाने की बात कहते हुए सभी सांसदों से चर्चा में सहयोग की अपील भी की।

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पुलिस और एटीएस की पूछताछ में सीमा हैदर के बयानों में मिला अंतर, पकड़े गए दो झूठ

नोएडा: पाकिस्तान की सीमा हैदर से पहले पुलिस ने पूछताछ की, फिर एटीएस पूछताछ कर रही है और अब जब सभी बयानों को मिलाया जा रहा है तो देखने को मिल रहा है कि उसने बयान कई बार बदले हैं। डीजीपी मुख्यालय लखनऊ की तरफ से जारी किए गए एक प्रेस नोट के मुताबिक सीमा हैदर ने यूपी के सोनौली बॉर्डर से नहीं, बल्कि सिद्धार्थनगर के रूपनहडेही- खुनवा बॉर्डर से भारत में एंट्री की थी।

यही नहीं, सीमा की सचिन से पहली बार बात 2020 में हुई थी। जबकि सीमा ने पहले 2019 में बात होने की बात बताई थी। केंद्रीय एजेंसियों की जांच में यह बात सामने आई है कि 13 मई को भारत-नेपाल सीमा सोनौली सेक्टर और सीतामढ़ी सेक्टर में किसी भी थर्ड नेशन सिटीजन की मौजूदगी की कोई जानकारी सामने नहीं आई है। सीमा और सचिन ने इन्हीं दोनों जगहों से भारत में एंट्री का दावा किया था।

जब उस दिन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए तो वहां कहीं भी सीमा दिखाई नहीं दी। जैसा कि नियम है कि तीसरे देश का कोई भी नागरिक भारत-नेपाल सीमा से इस पार या उस पार जाता है तो दोनों देशों की पुलिस एक दूसरे को इसकी जानकारी देती है। लेकिन ऐसी कोई भी सूचना भारत की पुलिस को नहीं मिली।

इससे साफ पता चलता है कि दोनों ने झूठी कहानी बनाई थी। ऐसा क्यों किया? इसकी अभी जांच की जा रही है। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नेपाल में न्यू विनायक होटल के कमरा नंबर 204 में सीमा हैदर और सचिन फर्जी नाम और पते के साथ रहे थे। वहां सीमा ने खुद को भारतीय और सचिन की पत्नी बताया था। होटल के रजिस्टर में भी दोनों ने अपने असली नाम नहीं बताए थे। बल्कि फर्जी नाम से वहां पर रहे थे।

सचिन एक दिन पहले ही नेपाल पहुंच गया था। जबकि सीमा अगले दिन नेपाल पहुंची थी। सीमा हैदर ने एटीएस की पूछताछ में कबूल किया कि वो सचिन के अलावा दूसरे भारतीय मर्दों के संपर्क में भी थी। सीमा ने इन लोगों से भी पबजी गेम खेलते हुए जान-पहचान बनाई थी। जिन लोगों से सीमा ने संपर्क किया था, ज्यादातर दिल्ली- एनसीआर के थे। सीमा ने जिन लोगों से पबजी के जरिए बात की थी, उन्हें भी ढूंढा जा रहा है।

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त्रिपुरा माकपा विधायक हक का दिल का दौरा पड़ने से निधन

अगरतला: त्रिपुरा के बॉक्सानगर विधानसभा क्षेत्र से मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) विधायक समसुल हक का बुधवार तड़के अगरतला सरकारी मेडिकल कॉलेज (एजीएमसी) में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह 68 वर्ष के थे।

श्री हक के परिवार में पत्नी और चार पुत्र और रिश्तेदार हैं। इस साल मार्च में श्री हक पहली बार विधानसभा के लिए चुने गए। वह हालांकि 1972 में माकपा पार्टी में शामिल हुए थे। पार्टी सूत्रों के मुताबिक श्री हक इलाज के लिए अपनी बहू के साथ मंगलवार को अगरतला आए थे। रात करीब दो बजे विधायक हक की हॉस्टल में अचानक तबीयत बिगड़ गयी और उनके सहयोगी और स्टाफ कर्मचारी उन्हें तुरंत अस्पताल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

उनके पार्थिव शरीर को पहले विधानसभा भवन ले जाया जाएगा, फिर श्रद्धांजलि देने के लिए माकपा कार्यालय ले जाया जाएगा और उसके बाद उनके पैतृक गांव सोनामुरा के कुलुबारी ले जाया जाएगा जहां पूरी रस्मों रिवाज के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। श्री हक की असामयिक निधन पर मुख्यमंत्री माणिक साहा, विपक्ष के नेता अनिमेष देववर्मा, विधानसभा अध्यक्ष विश्वबंधु सेन, उपाध्यक्ष रामप्रसाद पॉल और कांग्रेस विधायक सुदीप रॉय बर्मन ने दुख व्यक्त किया और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कीं।

इसके अलावा माकपा राज्य सचिव और विधायक दल के नेता जितेंद्र चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार और केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री प्रतिमा भौमिक ने भी श्री हक के निधन पर शोक व्यक्त किया।

 

 

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पुंछ में चार आतंकवादी ढेर...

पुंछ:  जम्मू-कश्मीर में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी मिली है। पुंछ के सिंधरा इलाके में सुरक्षा बलों ने संयुक्त ऑपरेशन में चार आतंकियों को मार गिराया है। सुरक्षा बलों के बीच पहली मुठभेड़ कल रात करीब 11:30 बजे हुई, जिसके बाद निगरानी उपकरणों के साथ ड्रोन तैनात किए गए।


भारतीय सेना के अधिकारी के अनुसार, आज सुबह सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच भारी गोलीबारी के साथ मुठभेड़ फिर से शुरू हो गई। भारतीय सेना के विशेष बल, राष्ट्रीय राइफल्स और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान अन्य बलों के साथ ऑपरेशन का हिस्सा थे। ऑपरेशन में मारे गए आतंकवादी संभवतः विदेशी आतंकवादी हैं और उनकी पहचान का पता लगाया जा रहा है।

इसके अलावा, जम्मू एवं कश्मीर के पुंछ के सुरनकोट में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ चल रही है।

बड़ी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश
सूत्रों के अनुसार नियंत्रण रेखा के उस पार से आईएसआई और आतंकी संगठनों के सरगनाओं की ओर से स्वतंत्रता दिवस और रक्षाबंधन के आसपास बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए आतंकियों को घुसपैठ कर इस पार पहुंचने के निर्देश दिए हैं।

 

 

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को सर्वाधिक रेडक्रॉस मेंबरशिप के लिए किया सम्मानित

चंडीगढ़: महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय को राष्ट्रपति भवन में भारत में दूसरे स्थान पर रेडक्रॉस की सर्वाधिक सदस्यता एवं फंडरेजिंग के लिए शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया। इसमें पहला स्थान उडीसा का रहा। यह पुरस्कार भारतीय रेडक्रॉस समिति के समारोह के दौरान दिया गया। बता दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी की प्रधान हैं। उनकी अध्यक्षता में समिति की वार्षिक आम बैठक के औपचारिक सत्र का आयोजन किया गया। जिसमें 10 से अधिक राज्यों के राज्यपाल उपस्थित रहे।

स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण मंत्री डा. मनसुख मंडाविया भी संस्था के अध्यक्ष के तौर पर उपस्थित रहे। हरियाणा के राज्यपाल को पुरस्कार प्रदान करते समय हरियाणा राज्य रेडक्रॉस सोसाइटी के महासचिव डा. मुकेश अग्रवाल भी उनके साथ रहे। बैठक में उड़ीसा के राज्यपाल भी सम्मानित किए गए। बंडारू दत्तात्रेय ने भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी हरियाणा राज्य शाखा को मिले इस गौरवमय सम्मान पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी और इसकी हरियाणा राज्य शाखा सदैव समाज में पूर्णतया उदारता के साथ मानवता के प्रति समर्पित रहकर जरूरतमंद लोगों बेसहारा महिलाओं तथा दुर्घटनाओं और प्राकृतिक आपदाओं से पीड़ित लोगों की मदद करने में सदैव अग्रणीय रहती है। उन्होंने कहा कि कोविड 2019 जैसी महा आपदा के समय में भी रेडक्रॉस सोसाइटी ने लोगों की मदद करके उन्हें नवजीवन प्रदान किया।

 

 

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ट्रक व कार में भिड़ंत, 6 की मौत

भोपाल: मध्यप्रदेश के सागर जिले में ट्रक और कार के बीच टक्कर हो गई। इस हादसे में 6 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सुचना मिलते ही पुलिस टीम मोके पर पहुंची और सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।


पुलिस के अनुसार, सागर जिले में सानोधा थाना क्षेत्र के बमोरी डूंडर गांव के पास ट्रक और कार की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से चकनाचूर हो गई। इस हादसे में 6 लोगों की मौत हो गई।

टक्कर के बाद जहां कार के परखच्चे उड़ गए तो वहीं ट्रक जाकर जिस नीम के पेड़ से टकराया वह उखड़ कर टूट गया. ट्रक सड़क से नीचे उतर गया।

सड़क हादसे की खबर मिलते ही एसडीओपी अशोक चौरसिया, मकरोनिया सीएसपी शेखर दुबे, सानोधा थाना प्रभारी अजय शाक्य, बहेरिया थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी मौके पर पहुंचे।

एसपी अभिषेक तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया इस घटना में 4 लोगों की मौके पर और 2 लोगों को हॉस्पिटल में डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया अब तक 6 लोगों की जान चली गई है। ट्रक चालक अभी फरार है। उसकी पहचान हो गई है। पुलिस ड्राइवर की तलाश कर रही है।

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इंटरनेशनल टेम्‍पल्‍स कन्‍वेंशन एंड एक्‍सपो का आयोजन 22 से

मुंबई: विश्व के प्राचीनतम शहर वाराणसी के रुद्राक्ष कन्‍वेंशन सेंटर में 22 से 24 जुलाई, 2023 तक इंटरनेशनल टेम्‍पल्‍स कन्‍वेंशन एंड एक्‍सपो (आईटीसीएक्स) का आयोजन होने जा रहा है।

टेम्पल कनेक्ट (इंडिया) द्वारा विकसित यह विश्व का पहला आयोजन है जो केवल दुनिया भर में मंदिरों के प्रबंधन के प्रति समर्पित है। इस सम्मलेन में मंदिर पारितंत्र के प्रशासन, प्रबंधन और संचालन के विकास तथा सशक्तीकरण पर फोकस किया जाएगा।

इस सम्मलेन की संकल्पना टेम्पल कनेक्ट (भारतीय मूल के मंदिरों से सम्बंधित जानकारियों के प्रलेखन, डिजिटलीकरण और वितरण के प्रति समर्पित प्रमुख प्लैटफॉर्म) के संस्थापक, गिरेश कुलकर्णी के साथ प्रसाद लाड (इंटरनेशनल टेम्पल्स कन्वेंशन एंड एक्सपो 2023 के चेयरमैन तथा महाराष्ट्र विधान परिषद् के सदस्य) और शो डायरेक्टर एवं को-क्यूरेटर मेघा घोष द्वारा की गई है।

यह तीन-दिवसीय कार्यक्रम मंदिर प्रबंधन के सर्वोच्च पद पर आसीन समान सोच के अधिकारियों के बीच विचारों के खुले आदान-प्रदान, शिक्षण और बहुमूल्य परिज्ञान के लिए एक मंच प्रदान करेगा, जहाँ पूरे विश्व में पूजास्थल प्रधान की टीमों के लिए सर्वश्रेष्ठ कार्यपद्धतियों की स्थापना, सक्षमता और संवर्धन पर चर्चा और निर्णय होंगे।

जैसा कि यह सम्मलेन मंदिर पर्यटन और तीर्थाटन पारितंत्र में वृद्धि करेगा, इसे उचित रूप से ‘अतुल्य भारत” अभियान के अंतर्गत पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार का समर्थन प्राप्त है।

आईटीसीएक्स का लक्ष्य नेटवर्किंग, ज्ञान को साझा करने और समकक्ष शिक्षण के लिए एक पारितंत्र का निर्माण और विकास करना है जो विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञ संगोष्ठी, कार्यशालाओं और मास्टरक्लासेस से निकल कर आएगा।

इसमें एक मजबूत और सम्बद्ध मंदिर समुदाय के पोषण के लिए साइबर हमलों से सुरक्षा तथा सोशल मीडिया प्रबंधन हेतु पूजास्थल की सुरक्षा, संरक्षा और चौकसी, निधि प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, स्वच्छता, आरोग्य और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (आआई) जैसी  आधुनिक टेक्‍नोलॉजी का ज्‍यादा से ज्‍यादा प्रयोग शामिल हैं।

इस सम्मलेन में तीर्थयात्री-अनुभव के तहत भीड़ और पंक्ति प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, तथा बुनियादी सुविधा में सुधार जैसे विषयों पर भी चर्चा की जाएगी।

इस सम्मलेन में केवल आमंत्रित लोग ही शामिल हो सकेंगे और पहले संस्करण में इसे हिन्दू, जैन, बौद्ध तथा सिख धर्मों के धर्मस्थलों तथा पूजास्थल न्यासों के लिए अभिकल्पित किया गया है।

इस सम्मलेन में जैन धर्मशालाओं, प्रमुख भक्ति धर्मार्थ संगठन, यूनाइटेड किंगडम के हिन्दू मंदिरों के संघ, इस्कॉन मंदिर, विभिन्न अन्ना क्षेत्र प्रबंधन, विभिन्न तीर्थ स्थलों के पुरोहित महासंघ  और विभिन्न तीर्थयात्रा संवर्धन परिषद् (पिल्ग्रिमेज प्रमोशन बोर्ड्स) के प्रतिनिधि भाग लेंगे।

इंटरनेशनल टेम्‍पल्‍स कन्‍वेंशन एंड एक्‍सपो 2023 के चेयरमैन, महाराष्ट्र विधान परिषत के सदस्य और महाराष्ट्र सरकार के विधान परिषद् अधिकार उल्लंघन समिति के चेयरमैन, प्रसाद लाड ने कहा कि, “आईटीसीएक्स सबसे प्राचीन पारितंत्रों में से एक, मंदिर पारितंत्र को मजबूत और सशक्त करने की दिशा में एक गंभीर प्रयास है।

यह सम्मलेन अपने एकदम प्रथम संस्करण में ही इतने बड़े पैमाने और गंभीरता के साथ आयोजित सचमुच अपनी तरह की पहली घटना है। यह जानकारी के प्रसार के लिए एक बेहद जरूरी, स्थान प्रदान करेगा जहाँ विभिन्न मंदिर प्रबंधन एकत्र होकर एक-दूसरे से सीख सकते हैं, विशेषज्ञों से जुड़ सकते हैं और सहक्रियाओं का निर्माण कर सकते हैं जिससे स्थायी मंदिर विकास पर सकारात्मक प्रभाव पडेगा।”

शो डायरेक्टर और को-फाउंडर, मेघा घोष ने कहा कि, “हम एक ऐसे समय में रह रहे हैं जहाँ पहल करना महत्वपूर्ण है। मंदिर प्रबंधन के लिए एक मंच तैयार करने का किसी ने प्रयास नहीं किया है, लेकिन हमेशा कोई न कोई एक प्रथम होता ही है।

यह सम्मलेन हमारी समृद्ध मंदिर धरोहर में राष्ट्रीय गौरव की भावना को उजागर करता है। और यह समय आधुनिक टेक्नोलॉजी के द्वारा इसे सुरक्षा और समर्थन देने का समय है। हम समान मूल की चार धार्मिक आस्थाओं के साथ शुभारम्भ कर रहे हैं।

आने वाले वर्षों में इस आन्दोलन में और अधिक धर्मों के शामिल होने से हमें खुशी होगी।” पंजीकृत दर्शकों के लिए टेम्पल कनेक्ट की वेबसाइट और फेसबुक लाइव के माध्यम से इस सम्मलेन का ऑनलाइन प्रसारण भी किया जाएगा।

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पीएम मोदी पहुंचे यूएई, तिरंगे के रंग से रंगा बुर्ज खलीफा...

अबू धाबी/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ प्रमुख द्विपक्षीय मुद्दों पर बैठक करने के लिए आधिकारिक यात्रा पर अबू धाबी पहुंचे। हवाईअड्डे पर उनका स्वागत किया गया। इससे पहले प्रधानमंत्री दो दिवसीय फ्रांस दौरे पर रहे। इससे कुछ घंटे पहले यूएई ने कहा कि भारत के साथ उसकी आर्थिक साझेदारी दोनों देशों के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यूएई  के विदेश व्यापार राज्य मंत्री डॉ. थानी बिन अहमद अल जेयूदी ने कहा कि नई दिल्ली के साथ गैर-तेल व्यापार 2030 तक 100 अरब डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है।  


उन्होंने कहा कि यूएई-भार सीईपीए को इसलिए डिजाइन किया गया था ताकि 80 फीसदी वस्तुओं पर टैरिफ को हटाकर या कम करके, व्यापार के लिए अनावश्यक बाधाओं को समाप्त करके, निवेश के लिए नए प्लेटफॉर्म बनाकर, और एक-दूसरे के निजी क्षेत्र के लिए सरकारी खरीद को खोलकर 2030 तक द्विपक्षीय गैर-तेल व्यापार को 100 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बढ़ाया जा सके, जिससे विकास और अवसर का एक नया युग बने।


 
क्राउन प्रिंस अल नाहयान से मिले पीएम मोदी
पीएम मोदी अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से मिले। दुबई के बुर्ज खलीफा ने प्रधानमंत्री मोदी की भारत की आधिकारिक यात्रा से पहले कल भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के रंगों को प्रदर्शित किया। बुर्ज खलीफा में इससे पहले 2018 में पीएम मोदी के दौरे के दौरान भी भारतीय तिरंगे को प्रदर्शित किया गया था। पिछले साल भारत की आजादी के 75 साल पूरे होने की खुशी पर भी बुर्ज खलीफा की रौशनी में भारतीय तिरंगे को लहराया गया था।  



प्रधानमंत्री के विजन सागर को साकार कर रहा आईएनएस त्रिकंद: नौसेना
भारतीय नौसेना ने कहा है कि आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यूएई दौरे के दौरान आईएनएस त्रिकंद फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में तैनात है, जो क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा में योगदान दे रहा है, व्यापार की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित कर रहा है और प्रधानमंत्री के विजन सागर को साकार कर रहा है।

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चंद्रयान-3 ने भरी उड़ान, 40 दिन का रहेगा सफर...

श्रीहरिकोट: जिस घड़ी का बेसब्री से सभी भारतवासी इंतजार कर रहे थे, आखिर वह आ ही गई। आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 को दोपहर दो बजकर 35 मिनट पर लॉन्च किया गया। इस ऐतिहासिक पल के गवाह केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और इसरो के पूर्व चीफ के सिवन भी रहे। दुनिया की नजरें इस मिशन पर टिकी हुई हैं।

मिशन चंद्रयान-3 की सफलता से अमेरिका, चीन और तत्कालीन सोवियत संघ के बाद भारत चौथा देश बन जाएगा, जिसने चंद्रमा पर साफ्ट लैंडिंग (Moon Mission Landing) की महारत हासिल की है। इसरो ने कहा कि  'चंद्रयान-3' के प्रक्षेपण के लिए 25.30 घंटे की उल्टी गिनती बृहस्पतिवार को शुरू हो गई।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से चंद्रयान-3 मून मिशन को लॉन्च किया। चंद्रयान-3 एक लैंडर, एक रोवर और एक प्रोपल्शन मॉड्यूल से लैस है। इसका वजन करीब 3,900 किलोग्राम है। इसके 23 अगस्त को चांद की सतह पर उतरने की संभावना है।



जानें चंद्रयान-3 की खासियत...
चंद्रयान-3 मिशन के अंतर्गत इसका रोबोटिक उपकरण 24 अगस्त तक चांद के उस हिस्से (शेकलटन क्रेटर) पर उतर सकता है जहां अभी तक किसी भी देश का कोई अभियान नहीं पहुंचा है। इसी वजह से पूरी दुनिया की निगाहें भारत के इस मिशन पर हैं।

चंद्रयान-3 को LVM3 रॉकेट से लॉन्च किया गया। लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। चंद्रयान-3 मिशन की थीम Science Of The Moon यानी चंद्रमा का विज्ञान है।



36 हजार 968 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आगे बढ़ेगा चंद्रयान
दोपहर 2.35 बजे LVM3 रॉकेट के जरिए चंद्रयान-3 लॉन्च किया गया। तब इसकी शुरुआती रफ्तार 1,627 किमी प्रति घंटा थी। लॉन्च के 108 सेकंड बाद 45 किमी की ऊंचाई पर इसका लिक्विड इंजन स्टार्ट हुआ और रॉकेट की रफ्तार 6,437 किमी प्रति घंटा हो गई। आसमान में 62 किमी की ऊंचाई पर पहुंचने पर दोनों बूस्टर रॉकेट से अलग हो गए और रॉकेट की रफ्तार सात हजार किमी प्रति घंटा पहुंच गई।  

करीब 92 किमी की ऊंचाई पर चंद्रयान-3 को वायुमंडल से बचाने वाली हीट शील्ड अलग हुई। 115 किमी की दूरी पर इसका लिक्विड इंजन भी अलग हो गया और क्रॉयोजनिक इंजन ने काम करना शुरू कर दिया। तब रफ्तार 16 हजार किमी/घंटा थी। क्रॉयोजनिक इंजन इसे लेकर 179 किमी तक ले गया और इसकी रफ्तार 36968 किमी/घंटे थी।

 

40 दिन में पूरा होगा सफर
धरती से चांद की दूरी करीब 3.84 लाख किलोमीटर है। चंद्रयान-3 इस दूरी को 40 से 50 दिनों में तय करेगा। मतलब अगर सबकुछ सही रहा तो 50 दिनों में चंद्रयान-3 का लैंडर चांद की सतह पर होगा। इसरो की योजना के मुताबिक, इसे 23-24 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग कराई जाएगी। अगर दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर की सॉफ्ट लैंडिग होती है, तो भारत दक्षिणी ध्रुव पर पहुंचने वाला विश्व का पहला देश बन जाएगा।

सूर्योदय की स्थिति देखकर बदलाव भी हो सकता है
चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग 23-24 अगस्त को रखी गई है लेकिन वहां सूर्योदय की स्थिति को देखते हुए इसमें बदलाव हो सकता है। अगर सूर्योदय में देरी होती है तो इसरो लैंडिंग का समय बढ़ाकर इसे सितंबर में कर सकता है। इसरो के प्रमुख एस सोमनाथ ने बताया कि चंद्रयान-3 लॉन्च होने के बाद पृथ्वी की कक्षा में जाएगा फिर इसके बाद धीरे-धीरे चंद्रमा की ओर आगे बढ़ेगा। हम उम्मीद कर रहे हैं कि सब ठीक रहेगा और 23 अगस्त या उसके बाद किसी भी दिन लैंड करेगा।

चंद्रयान-2 से ये कितना अलग?
चंद्रयान-2 के मुकाबले इस बार चंद्रयान-3 का लैंडर ज्यादा मजबूत पहियों के साथ 40 गुना बड़ी जगह पर लैंड होगा। लैंडर को सफलतापूर्वक चांद की सतह पर उतारने के लिए इसमें कई तरह के सुरक्षा उपकरणों को लगाया गया है। चंद्रयान-3 मिशन की थीम Science Of The Moon यानी चंद्रमा का विज्ञान है।  

चंद्रयान-2 में जहां ऑर्बिटर, लैंडर और रोवर थे। वहीं, चंद्रयान-3 में प्रपल्शन मॉड्यूल, लैंडर और रोवर होंगे। चंद्रयान-3 का लैंडर+रोवर चंद्रयान-2 के लैंडर+रोवर से करीब 250 किलो ज्यादा वजनी है। चंद्रयान-2 की मिशन लाइफ सात साल (अनुमानित) थी, वहीं चंद्रयान-3 के प्रपल्शन मॉड्यूल को तीन से छह महीने काम करने के लिए डिजाइन किया गया है। चंद्रयान-2 के मुकाबले चंद्रयान-3 ज्यादा तेजी से चांद की तरफ बढ़ेगा। चंद्रयान-3 के लैंडर में चार थ्रस्टर्स लगाए गए हैं।

लैंडर-रोवर का नाम विक्रम और प्रज्ञान ही रखा गया
चंद्रयान-3 के लैंडर का नाम 'विक्रम' और रोवर का नाम 'प्रज्ञान' ही रहेगा। रोवर के भीतर ही लैंडर मौजूद है। 615 करोड़ रुपये की लागत वाले चंद्रयान-3 मिशन का लक्ष्य भी चंद्रयान-2 की तरह ही है। इसके जरिए चांद की सतह के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी जुटाना है। खासतौर पर चांद के सबसे ठंडे इलाके की जानकारी जुटाना। चंद्रयान-3 के लैंडर पर चार तरह के साइंटिफिक पेलोड जा रहे हैं। ये चांद पर आने वाले भूकंपों, सतह की थर्मल प्रॉपर्टीज, सतह के करीब प्लाज्मा में बदलाव और चांद और धरती के बीच की सटीक दूरी मापने की कोशिश करेंगे। चांद की सतह के रासायनिक और खनिज संरचना की भी स्टडी होगी।
 
चुनौतियां भी कम नहीं हैं
चंद्रयान-3 के सामने चुनौतियां भी काफी हैं। सबसे बड़ी चुनौती अनजान सतह पर लैंड करना है। यह एक ऑटोनॉमस प्रक्रिया है जिसके लिए कोई कमांड नहीं दी जाती। लैंडिंग किस तरह होगी, यह ऑन-बोर्ड कंप्यूटर तय करता है। अपने सेंसर्स के हिसाब से लोकेशन, हाइट, वेलोसिटी वगैरह का अंदाजा लगाकर कंप्यूटर फैसला लेता है। चंद्रयान-3 की सॉफ्ट-लैंडिंग सटीक और सही होने के लिए कई तरह के सेंसर्स का एक साथ ठीक काम करना जरूरी है।

चंद्रयान-3 मिशन की सफलता भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक होगी। अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत चौथा ऐसा देश बन जाएगा जिसने चांद पर सॉफ्ट-लैंडिंग की होगी। हाल के वर्षों में इसरो ने खुद को दुनिया की लीडिंग स्पेस एजेंसी के रूप में स्थापित किया है। चांद पर सफल मिशन से उसकी साख और मजबूत होगी।

 

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सुप्रीम कोर्ट जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद की जमानत पर 24 को करेगा फैसला

नई दिल्ली:उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि वह 2020 के दिल्ली दंगों की साजिश रचने के आरोप में दो वर्षों से अधिक समय से जेल में बंद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और सामाजिक कार्यकर्ता उमर खालिद की जमानत याचिका पर 24 जुलाई को फैसला करेगा।

न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना और न्यायमूर्ति एम एम सुंदरेश की पीठ ने संबंधित पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद उमर की जमानत पर अपने फैसले की तारीख मुकर्रर की। दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता रजत नायर ने दलील देते हुए कहा कि 24 जुलाई को सोमवार होने के कारण अदालत के समक्ष बड़ी संख्या में मामले सूचीबद्ध होंगे। इस आधार पर उन्होंने फैसले के लिए कोई और तारीख तय करने की गुहार लगाई।

इस पर पीठ ने कहा, इस मामले में एक या दो मिनट लगेंगे। पीठ ने सोमवार के दिन कारण अधिक मामलों के सूचीबद्ध होने की दलील पर कहा, हम तय करेंगे कि उस दिन व्यस्तता होगी या नहीं। दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता नायर ने याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए भी समय की मांगा की।

याचिकाकर्ता खालिद की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दिल्ली पुलिस के अधिवक्ता द्वारा जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगने पर कड़ी आपत्ति जताई। श्री सिब्बल ने दलील देते हुए कहा, वह आदमी (उमर) दो साल से अधिक समय से जेल में बंद है, अब उसके जमानत मामले में किस जवाब की जरूरत है?

शीर्ष अदालत ने अपनी ओर से कहा कि मामले में आरोपपत्र हजारों पन्नों में हैं। इसलिए जवाब दाखिल करने के लिए कुछ उचित समय दिया जाना चाहिए। शीर्ष अदालत ने 18 मई को खालिद की जमानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया था। दिल्ली पुलिस ने उमर को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया और तब ही से वह जेल में बंद है।

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संस्कृत प्राचीन सभ्यता और उसकी मूल्य प्रणाली की संरक्षक रही : आरिफ मोहम्मद खान

तिरुपति: केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने कहा है कि संस्कृत प्राचीन सभ्यता और उसकी मूल्य प्रणाली की संरक्षक रही है तथा संस्कृत के बिना भारत की कल्पना नहीं की जा सकती है, क्योंकि इसकी संस्कृति का आधार संस्कृत ही है।

श्री खान ने साहित्य अकादेमी एवं राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, तिरुपति और संस्कृति फाउंडेशन मैसूर के संयुक्त तत्त्वावधान में तिरुपति में राष्ट्रीय संस्कृत सम्मेलन ‘संस्कृत समुन्मेषः’ को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की संस्कृति का आधार संस्कृत है। संस्कृत के बिना भारतीय संस्कृति की कल्पना भी संभव नहीं है। संस्कृत साहित्य में ही भारतीय संस्कृति और सभ्यता संरक्षित रही है।

सम्मेलन की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार और मां सरस्वती के आवाह्न से हुई। श्री खान ने कहा कि इस तरह के सम्मेलन से आम लोगों और विद्वानों के बीच जागरूकता आयेगी। उन्होंने संस्कृत विज्ञान प्रदर्शनी, पांडुलिपि गैलरी, वर्णमाला गैलरी और पुस्तक प्रदर्शनी आदि का अवलोकन भी किया।

उद्घाटन सत्र में विशिष्ट अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति एन. गोपालस्वामी, संस्कृति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और वित्त सलाहकार रंजना चोपड़ा, संस्कृति मंत्रालय की संयुक्त सचिव उमा नंदूरी तथा तिरुमला तिरुपति देवस्थानम् के कार्यकारी अधिकारी ए.वी. धर्म रेड्डी उपस्थित रहे।

इस तीन दिवसीय इस सम्मेलन में आठ सत्रों में अष्टावधानम् , संस्कृत एवं योग, संस्कृत एवं भारतीय संगीत, संस्कृत एवं नृत्य एवं संस्कृत नाटकों पर विभिन्न सत्रों के अलावा कवि सम्मेलन, छात्रों का कथा वाचन, रामायण के सुंदरकांड पर केंद्रित सत्र होंगे एवं विभिन्न प्रस्तुतियाँ भी होंगी।सम्मेलन में संस्कृत के लगभग 60 प्रमुख लेखक एवं विद्वान सहभागिता कर रहे हैं।

 

 

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पीएम मोदी 13 से फ्रांस और संयुक्त अरब अमीरात की यात्रा पर

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 से 15 जुलाई तक फ्रांस और संयुक्‍त अरब अमीरात की राजकीय यात्रा पर रहेंगे। यात्रा के पहले चरण में वे फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के निमंत्रण पर पेरिस जायेंगे। श्री मोदी शुक्रवार को बेस्टिले दिवस परेड के अवसर पर मुख्‍य अतिथि होंगे। भारत की तीनों सेनाओं की एक टुकडी भी परेड में हिस्‍सा लेगी।

प्रधानमंत्री राष्‍ट्रपति मैक्रों के साथ औपचारिक बातचीत करेंगे। फ्रांस के राष्‍ट्रपति प्रधानमंत्री के सम्‍मान में राजकीय भोज के अलावा निजी भोज का भी आयोजन करेंगे। प्रधानमंत्री मोदी का फ्रांस के प्रधानमंत्री और सीनेट तथा नेशनल असेम्‍बली के अध्‍यक्षों से भी मिलने का कार्यक्रम है। श्री मोदी फ्रांस में भारतवंशियों, भारतीय और फ्रांसीसी कंपनियों के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारियों तथा फ्रांस के विशिष्‍ट व्‍यक्तियों से भी मिलेंगे।

हमारे संवाददाता ने खबर दी है कि भारत - फ्रांस रणनीतिक भागीदारी की 25वीं वर्षगांठ भी इस वर्ष मनायी जा रही है। प्रधानमंत्री की यात्रा से रणनीतिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, शैक्षणिक और आर्थिक सहयोग जैसे विविध क्षेत्रों में परस्‍पर साझेदारी सुदृढ बनाने में मदद मिलेगी।

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री 15 जुलाई को अबू धाबी पहुंचेंगे। वे संयुक्‍त अरब अमीरात के राष्‍ट्रपति और अबू धाबी के शासक शेख मोहम्‍मद बिन जायेद अल नहयान से बातचीत करेंगे। भारत-यू.ए.ई की रणनीतिक भागीदारी निरंतर सुदृढ हुई है और प्रधानमंत्री की यात्रा से ऊर्जा, शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल, खाद्य सुरक्षा, फिन्‍टेक, रक्षा और संस्‍कृति जैसे विभिन्‍न क्षेत्रों में साझेदारी बढाने के अवसरों की पहचान की जा सकेगी।

इस यात्रा से वैश्विक मुद्दों, विशेष रूप से यू.एन.एफ.सी.सी.सी. के अंतर्गत कॉप-28 की संयुक्‍त अरब अमारात की अध्‍यक्षता और भारत की जी-20 अध्‍यक्षता के संदर्भ में विचार विमर्श का अवसर भी मिलेगा। 

 

 

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गोदरेज एयरोस्पेस कंपनी ने इसरो के चंद्रयान 3 मिशन के लिए महत्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति की

मुंबई: गोदरेज समूह की प्रमुख कंपनी गोदरेज एंड बॉयस के गोदरेज एयरोस्पेस ने स्वदेशी विनिर्माण, नवाचार और तकनीकी प्रगति पर ध्यान मजबूत किया है।

राष्ट्र-निर्माण और आत्मनिर्भरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही गोदरेज एयरोस्पेस एडवांस मैनुफैक्चरिंग, असेंबली और इंटीग्रेशन सुविधाओं के लिए महाराष्ट्र के खालापुर में एक नई फैसेलिटी तैयार करने के लिए 250 करोड़ रुपए का निवेश करने की योजना बना रही है। कंपनी ने इसरो के चंद्रयान 3 मिशन के लिए भी महत्वपूर्ण घटकों की आपूर्ति की है।

इन वर्षों में, कंपनी ने लिक्विड प्रोपल्शन इंजन, सैटेलाइट थ्रस्टर्स और कंट्रोल मॉड्यूल घटकों सहित अंतरिक्ष परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण घटकों के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता को निखारा है। इन योगदानों ने चंद्रयान और मंगलयान जैसे प्रतिष्ठित मिशनों में अभिन्न भूमिका निभाई है, जिससे अंतरिक्ष अन्वेषण में अग्रणी देश के रूप में भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है।

यह एनवीएस-01 सैटेलाइट के हालिया लॉन्च के साथ-साथ इसरो की रणनीतिक और तकनीकी प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले प्रत्येक पीएसएलवी और जीएसएलवी लॉन्च का हिस्सा रहे हैं।

गोदरेज एयरोस्पेस भारत के भीतर और निर्यात के माध्यम से नागरिक उड्डयन क्षेत्र के लिए विनिर्माण के विकास में सक्रिय रूप से योगदान दे रही है। रोल्स-रॉयस, बोइंग और जीई जैसी वैश्विक बड़ी कंपनियों के साथ सहयोग करते हुए, कंपनी महत्वपूर्ण घटकों के विकास और विनिर्माण में शामिल है। ये प्रयास न केवल नागरिक उड्डयन के लिए विनिर्माण में भारत की क्षमताओं को मजबूत करते हैं, बल्कि देश की निर्यात क्षमता में भी योगदान करते हुए कंपनी को एयरोस्पेस उद्योग में एक वैश्विक खिलाड़ी के रूप में स्थापित करते हैं। डीआरडीओ इंजन मॉड्यूल के साथ, गोदरेज एयरोस्पेस भारत में पहली बार इस श्रेणी के इंजन के कोर मॉड्यूल निर्माण करने वाली भारत की पहली निजी कंपनी है ।

गोदरेज एयरोस्पेस के एवीपी और बिजनेस हेड मानेक बेहरामकामदीन ने कहा, 'हम इसरो के चंद्रयान 3 मिशन में अपने योगदान पर बहुत गर्व महसूस करते हैं, जो राष्ट्र-निर्माण और आत्मनिर्भरता के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का उदाहरण है। गोदरेज एयरोस्पेस में, हम स्वदेशी विनिर्माण के लिए प्रतिबद्ध हैं और कंपनी तकनीकी प्रगति, अंतरिक्ष परियोजनाओं और नागरिक उड्डयन में देश की प्रगति को आगे बढ़ाने में योगदान दे रही है। इसरो के एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में, हम भविष्य के लॉन्च, मिशन और उन्नत एयरोस्पेस घटकों और प्रणालियों के विकास में योगदान देना जारी रखेंगे। नागरिक उड्डयन में हम अमेरिका सहित वैश्विक बाजारों में नवाचार और निर्यात पर ध्यान केंद्रित करते हुए, अगले तीन वर्षों में 100% वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।'

स्वदेशी क्षमताओं का लाभ उठाकर और आयात पर निर्भरता कम करके कंपनी आत्मनिर्भरता में योगदान दे रही है और देश के भीतर तकनीकी प्रगति को बढ़ावा दे रही है। ये प्रयास आर्थिक विकास को बढ़ावा देते हैं, निवेश को आकर्षित करते हैं और उच्च-कुशल रोजगार के अवसर पैदा करते हैं, इस प्रकार आत्मनिर्भर भारत के व्यापक लक्ष्य का समर्थन करते हैं।

 

 

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प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार की अंतिम तिथि बढ़ी

 नई दिल्ली: प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई से एक महीने बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गयी है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने साेमवार को यहां बताया कि प्रधान मंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2024 के लिए आवेदन राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर 31 अगस्त 2023 तक किया जा सकता है। पहले आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई थी।

पुरस्कार राष्ट्रीय स्तर पर साहस, खेल, सामाजिक सेवा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, पर्यावरण, कला और संस्कृति और नवाचार के क्षेत्रों में दिए जाते हैं। मंत्रालय ने बताया कि इस पुरस्कार के लिए 18 वर्ष से कम आयु कोई भी भारतीय और भारत में रहने वाला बच्चा आवेदन कर सकता है। कोई अन्य व्यक्ति भी योग्य बच्चे को पुरस्कार के लिए नामांकित कर सकता है। आवेदन केवल निर्धारित पोर्टल पर किया जा सकता है।

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मोदी सरनेम मानहानि केस में राहुल गांधी की याचिका ख़ारिज

सूरत: कांग्रेस नेता राहुल गांधी को मोदी सरनेम मानहानि केस में शुक्रवार को तगड़ा झटका लगा है।

दो साल की सजा वाले सूरत कोर्ट के फैसले के खिलाफ राहुल गांधी ने गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसे शुक्रवार को खारिज कर दिया गया। अब राहुल गांधी के पास सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का विकल्प है। यहां पढ़िए मामले से जुड़ा हर अपडेट

राहुल गांधी को राहत नहीं मिलना साल 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर भी अहम है। इसका सीधा असर विपक्षी एकता पर पड़ेगा। कांग्रेस चाहती है कि राहुल गांधी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाकर चुनाव लड़ा जाए, जो अब होता नहीं दिख रहा है।

5 मिनट में हो गया फैसला
जस्टिस प्रच्छक ने महज 5 मिनट में अपना फैसला सुना दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ ऐसे 10 अन्य केस दर्ज हैं। इसलिए इस केस में राहत देना उचित नहीं होगा। वीर सावरकर के खिलाफ उनके बयान पर भी केस दर्ज है। यदि इस केस में राहत नहीं दी जाती है तो यह अन्याय नहीं होगा।

राहुल गांधी के खिलाफ सूरत कोर्ट ने सुनाया था फैसला
बता दें, सूरत की अदालत ने भाजपा के विधायक पूर्णेश मोदी द्वारा 2019 में दायर मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 499 और 500 (आपराधिक मानहानि) के तहत दोषी ठहराते हुए 23 मार्च को राहुल गांधी को दो साल जेल की सजा सुनाई थी।

फैसले के बाद केरल के वायनाड से लोकसभा के लिए चुने गए गांधी को जन प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत सांसद के रूप में अयोग्य घोषित कर दिया गया था। राहुल गांधी ने दोषसिद्धि पर रोक लगाने की मांग करते हुए सत्र न्यायालय में आदेश को चुनौती दी थी।

20 अप्रैल को कोर्ट ने उन्हें जमानत देते हुए सजा पर रोक लगाने से इन्कार कर दिया, जिसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

राहुल गांधी की संसद सदस्यता नहीं होगी बहाल
आज यदि दोषसिद्धि पर रोक लगती तो राहुल गांधी को संसद सदस्य के रूप में बहाली का मार्ग प्रशस्त हो जाता, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मई में जस्टिस प्रच्छक ने गांधी की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कहते हुए कोई अंतरिम राहत देने से इन्कार कर दिया था कि वह ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद अंतिम आदेश पारित करेंगे।

 

 

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वायु सेना में सात वर्ष पूरे किये स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस ने

नई दिल्ली: स्वदेशी तेजस हल्के लड़ाकू विमान शनिवार को वायुसेना में सात साल सेवा के पूरे करेगा। तेजस एक बहुउद्देशीय विमान है और अपनी श्रेणी के सर्वश्रेष्ठ लड़ाकू विमानों में से एक है। यह वायु रक्षा और समुद्री निगरानी के साथ-साथ लड़ाकू अभियानों में भी सक्षम है। तेजस लड़ाकू विमानों का रखरखाव आसान है और ये विभिन्न युद्धाभ्यास करने में सक्षम हैं।

मल्टी-मोड एयरबोर्न रडार, हेलमेट-डिस्प्ले, सेल्फ-डिफेंस सूट और लेजर पॉड इसकी क्षमताओं को और बढ़ाते हैं। तेजस पहली बार 45वें स्क्वैड्रन फ्लाइंग ड्रेगर्स में शामिल हुआ। बाद के वर्षों में इसे 2रे स्कवैड्रन में भी शामिल किया गया। तेजस मई 2018 में नंबर 18 स्कवैड्रन में शामिल हुआ। तेजस अब तक कई अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में हिस्सा लेकर अपना दमखम दिखा चुका है।

तेजस ने 2017 से 2023 तक हर साल मलेशिया 2019, दुबई एयरशो 2021, श्रीलंका एयरशो 2021, सिंगापुर एयरशो और इंडिया एयरशो में अपनी जौहर और रण कौशल  का प्रदर्शन किया है। इसके अलावा विभिन्न सैन्य अभ्यासों में भी इसने अपनी ताकत और क्षमताओं का प्रदर्शन किया है। आने वाले समय में यह विमान भारतीय वायुसेना की रीढ़ बनकर उभरेगा ।

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कार्य के प्रति समर्पण सफलता की प्रथम कुंजी : अधिवक्ता वर्षा गुप्ता

नई दिल्ली  बीते दशक में कानूनी पेशे और संबंधित व्यवसायों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ रही है । देश के विभिन्न अदालतों में महिला अधिवक्ताओ की भूमिका अहम है । इसी कड़ी में समाचार एजेंसी यूनाइटेड बुलेटिन से साक्षात्कार में मध्य प्रदेश की अनुभवी एवं चर्चित अधिवक्ता वर्षा बंसल ने अपने वर्षो की प्रैक्टिस, कानून में चुनौतियां, कानून में करियर बनाने को लेकर सुझाव एवं साइबर अपराध की चुनौतियों से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा की। 


कानूनी पेश में रुचि और इसमें अपना करियर बनाने को लेकर अधिवक्ता वर्षा गुप्ता ने कहा कि वह बचपन से ही जिज्ञासु और बेबाक प्रवत्ति की रही है । वाद विवाद, भाषण, स्पर्धा में रुचि होने से विधि का ज्ञान लेना और इसी में करियर बनाना तय किया।

अपने वर्षों के अभ्यास में महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण में बदलाव पर बात करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि
महिलाओं के प्रति दृश्टिकोण में बदलाव का प्रतिशत आज भी कम है । जहा तक महिलाएं हर क्षेत्र में अव्वल है वही उनको आगे बढ़ता हुआ देख पुरुष प्रधान समाज से उनकी उपलब्धियां सहन नही होती । आज भी उनको लगता है महिलाएं आगे तो बढ़े पर मर्यादा, समाज, परिवार की बेड़ियों के साथ । बदलाव का प्रतिशत 50 से 60 फीसदी ही बढा है ।

साइबर उत्पीड़न कई पर अंकुश लगाने के उपाय पर बात करते हुए श्रीमती गुप्ता ने कहा कि डिजिटल युग में साइबर लॉ की जानकारी ही साइबर उत्पीड़न से बचा सकता है। एक और जहा साइबर सेल और सरकार जागरूकता अभियान चला रही है, वही थोड़ी सी सावधानी बरतने से और किसी समस्या पर तुरंत साइबर सेल को मिले । 

कानूनी पेशे में पुरुषों और महिलाओं के बीच अधिक समानता सुनिश्चित करने के सवाल पर अधिवक्ता ने कहा कि कानूनी पेशा महिला और पुरुष से नही बल्कि कानूनी दलीलों और ज्ञान से चलता है । तक समानता की बात है तो न्यायालय के सामने दोनो वर्ण समान है,परंतु यदि नौकरी की बात करे तो समानता नही है। महिलाओ को आरक्षित होने का एहसास न कराकर खुद आगे बढ़ने में यकीन होना चाहिए। 

एक अन्य सवाल के जवाब पर अधिवक्ता ने कहा कि कानून नीव है जिससे समाज का संचालन होता है। नए कानून चाहे वो विधवा विवाह, लव जिहाद या समलैंगिक विवाह हो उसका असर समाज पर तो होता ही है। कानूनी पेश वो चिंगारी है जो समाज को प्रकाशित कर सकता है ।

युवा महिला अधिवक्ताओं को लेकर श्रीमती गुप्ता ने कहा कि यह समझने की जरूरत है कि आप दूसरी महिलाओं की पथ प्रदर्शक है जिसमे उन्हें सर्वप्रथम घरेलू मामलों को शांतिपूर्वक तरीके से निपटाना और सामज में सुधार करना । वही कानून का विशिष्ठ ज्ञान लेकर सही ढंग से ड्राफ्टिंग पर जोर देना चाहिए । सीधे ही सीनियर बनने का सपना ना देखते हुए दूसरे वरिष्ठ अधिवक्ताओ के अनुभवों से भी मार्गदर्शन लेना चाहिए ।
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मंदिर की रेलिंग हटाए जाने से हंगामा, स्थानीय लोगों की पुलिस से झड़प

पूर्वी दिल्ली के मंडावली इलाके में, एक मंदिर में कथित तौर पर अवैध रूप से रेलिंग हटाने को लेकर दंगे भड़क गए। गुरुवार को जब सरकार ने रेलिंग हटाने की कोशिश की तो उसे स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा. बड़ी संख्या में लोग वहां पहुंचे और सरकार की कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। तब पुलिस ने हस्तक्षेप किया। इस दौरान स्थानीय लोगों की पुलिस से झड़प हो गई। हालात बिगड़ते देख अर्धसैनिक बलों को भी रवाना करना पड़ा। इस दौरान स्थानीय लोगों और घटनास्थल पर तैनात सुरक्षाकर्मियों के बीच झड़प की सूचना मिल रही है.

मालूम हुआ कि मंडावली क्षेत्र में सड़क के किनारे एक मंदिर बना हुआ है. चारों ओर रेलिंग है। सरकार ने रेलिंग को अवैध बताया। रेलिंग हटाने की कार्रवाई के सरकार के आज के फैसले के बारे में पुलिस से पूछताछ की गई है। सरकार के अनुरोध पर पुलिस ने पर्याप्त सुरक्षा प्रदान की। लेकिन जब उन्हें रेलिंग हटाने के कदम के बारे में पता चला, तो इलाके के लोग सरकार के कार्यों का विरोध करने के लिए मंदिर के सामने इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों को डर है कि सरकार मंदिर को गिराने के लिए भी कार्रवाई करेगी। इस दौरान कई बार पुलिस की स्थानीय लोगों से झड़प भी हुई। भीड़ के तितर-बितर होने के बाद पुलिस ने रेलिंग हटा दी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब सरकार कार्रवाई करने पहुंची तो महिलाएं मंदिर में भजन गा रही थीं। लोगों ने सरकार की कार्रवाई के विरोध में नारेबाजी की। दूसरी ओर, डीएम ने हमें बताया कि मंदिर की नहीं बल्कि मंदिर की रेलिंग को तोड़ा गया है. रेलिंग हटाकर फुटपाथ की सफाई की जानी थी। उधर, स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां मंदिर कई सालों से है। किसी ने विरोध नहीं किया। किसी को नहीं लगता कि यहां अवैध निर्माण हैं।

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