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सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु के जल्लीकट्टू को दी इजाजत

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को तमिलनाडु के 'जल्लीकट्टू' कानूम को इजाजत दे दी। इसी तरह के महाराष्ट्र और कर्नाटक सरकारों द्वारा बनाए गए कानूनों को भी शीर्ष अदालत ने इजाजत दे दी है। न्यायमूर्ति के.एम. जोसेफ की अध्यक्षता वाली पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने कहा कि यह विधायिका के दृष्टिकोण को बरकरार रखेगी। विधायिका ने यह विचार किया है कि यह राज्य की सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। शीर्ष अदालत ने कहा कि जब विधायिका ने कहा है कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु की सांस्कृतिक विरासत है, तो न्यायपालिका कोई अलग विचार नहीं रख सकती। कोर्ट ने इस बात पर जोर दिया कि विधायिका इसे तय करने के लिए सबसे उपयुक्त है।

बेंच ने कहा कि अदालत उन सामग्रियों से संतुष्ट है कि जल्लीकट्टू तमिलनाडु में कई साल से चल रहा है और इसे तमिल संस्कृति के अभिन्न अंग के रूप में माना गया है। यह न्यायपालिका के दायरे में नहीं आता। शीर्ष अदालत ने पिछले साल दिसंबर में सांडों को काबू करने वाले खेल 'जल्लीकट्टू' और बैलगाड़ी दौड़ की अनुमति देने वाले तमिलनाडु और महाराष्ट्र के कानूनों को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

तमिलनाडु सरकार ने एक लिखित जवाब में कहा था कि जल्लीकट्टू केवल मनोरंजन नहीं है, बल्कि महान ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत है। मई 2014 में भारतीय पशु कल्याण बोर्ड बनाम ए. नागराजा मामले में शीर्ष अदालत की दो-न्यायाधीशों की पीठ ने तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के लिए सांडों के उपयोग और देश भर में बैलगाड़ी दौड़ पर प्रतिबंध लगा दिया था। जल्लीकट्टू को अनुमति देने के लिए केंद्रीय कानून, द प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट, 1960 में तमिलनाडु ने संशोधन किया।

 

 

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मोदी कैबिनेट में फेरबदल, किरेन रिजिजू को हटाया, मेघवाल होंगे कानून मंत्री

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र सरकार ने कानून मंत्री किरेन रिजिजू का विभाग बदल दिया है। रिजिजू को अब अर्थ साइंस मंत्रालय दिया गया है। रिजिजू की जगह अब अर्जुन राम मेघवाल लॉ मिनिस्टर होंगे।

राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी नोटिफिकेशन में बताया गया है कि मेघवाल को स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। मेघवाल के पास संसदीय मामलों के राज्य मंत्री का जिम्मा भी है।

रिजिजू को रविशंकर प्रसाद की जगह जुलाई 2021 में कानून मंत्री नियुक्त किया गया था। 2019 में उन्हें खेल मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया था।
रिजिजू जजों पर टिप्पणियों को लेकर सुर्खियों में रहे हैं।

उन्होंने कॉलेजियम को लेकर भी कहा था कि देश में कोई किसी को चेतावनी नहीं दे सकता है। रिटायर्ड जजों पर भी बयान दिया था- कुछ रिटायर्ड जज एंटी इंडिया ग्रुप का हिस्सा बन गए हैं।

कांग्रेस की अलका लांबा ने कहा, "रिजिजू के जजों की नियुक्तियों और अदालतों पर टिप्पणियों से मोदी सरकार के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई थीं।

सरकार ने अपनी छवि बचाने के लिए अपने कानून मंत्री की बलि देकर अच्छा किया।" मदुरै से कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर ने कहा- वे बहुत अच्छे खेल मंत्री थे, लेकिन कानून मंत्री के रूप में फेल रहे।

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सिद्धारमैया कर्नाटक के मुख्यमंत्री, डीके शिवकुमार डिप्टी सीएम, 20 को का शपथ ग्रहण

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। करीब चार दिनों में माथापच्ची के बाद कांग्रेस इस निष्कर्ष पर पहुंच गई है कि सिद्धारमैया को एक बार फिर कर्नाटक के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी दी जाएगी। वहीं डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम बनाया जाएगा।

आधिकारिक घोषणा गुरूवार कर दी जाएगी और इसके साथ ही शपथ ग्रहण की तारीख का एलान भी कर दिया जाएगा। माना जा रहा है कि कर्नाटक में नई सरकार का शपथ ग्रहण 20 मई, शनिवार को होगा।  फैसला बुधवार देर रात केसी वेणुगोपाल के घर पर बैठक के बाद लिया गया। इसका ऑफिशियल ऐलान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।

शिवकुमार ने गुरुवार सुबह कहा, 'मैं पार्टी के फॉर्मूले पर राजी हूं। आगे लोकसभा चुनाव हैं और मैं जिम्मेदारियों के लिए तैयार हूं। पार्टी के हित को ध्यान में रखते हुए मैंने सहमति दी है।' कांग्रेस ने आज शाम 7 बजे बेंगलुरु में कांग्रेस विधायक दल की बैठक बुलाई है। इसमें पार्टी के सेंट्रल ऑब्जर्वर भी पहुंचेंगे। नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह 20 मई को बेंगलुरु में होगा। इससे पहले राहुल और खड़गे की सिद्धारमैया और डीके के साथ दो मीटिंग्स बेनतीजा रही थीं।

पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, देर रात सोनिया गांधी ने डीके से बातचीत की। इसके बाद ही सीएम पद के लिए अड़े डीके मान गए। ऐसा बताया जा रहा है कि इसका ऑफिशियल ऐलान आज कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे करेंगे।

शिवकुमार 50-50 फॉर्मूले पर राजी हुए हैं। पहले ढाई साल सिद्धारमैया सीएम रहेंगे और बाद के ढाई साल डीके। यानी डीके लोकसभा चुनाव के बाद 2025 में मुख्यमंत्री बनेंगे। हालांकि, अब कर्नाटक का कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कौन होगा, इसका नाम तय नहीं है।

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श्री अश्विनी वैष्णव ने "भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतक" पर पुस्तिका जारी की ...

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। श्री अश्विनी वैष्णव ने "भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतक" पर पुस्तिका जारी की 


 भारतीय रेलवे के 17 क्षेत्रों और 68 मंडलों में 7300 से अधिक रेलवे स्टेशनों पर विभिन्न प्रकार के संकेतक हैं, अब स्टेशनों के नामों का प्रदर्शन पूरे देश में एक ही मानक पर होगा 

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर के 310 स्टेशनों के लिए उनके नाम का प्रदर्शन एवं संकेतक का मानक एक जैसा होगा 

 श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारतीय रेलवे स्टेशनों पर आधुनिक, मानक संकेतक अपनाएगा जो दिव्यांगों के अनुकूल होंगे 

रायपुर  - 15 मई, 2023/पीआर/आर/71

भारतीय रेलवे पूरे देश में रेलवे स्टेशनों का विकास कर ‘नए भारत की नई पहचान’ का सृजन कर रही है। भारतीय रेलवे अब 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पूरे भारत में 1275 स्टेशनों का पुनर्विकास कर रही है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज रेल भवन, नई दिल्ली में भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतों के बारे में एक पुस्तिका जारी की है। रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष एवं सीईओ श्री अनिल कुमार लाहोटी, रेलवे बोर्ड के सदस्य भी इस कार्यक्रम के दौरान उपस्थित थे और जोनल रेलवे के महाप्रबंधक भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम में शामिल हुए। महाप्रबंधक, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे श्री आलोक कुमार सहित अन्य अधिकारीगण वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस कार्यक्रम से जुड़े रहे ।
                           
इस अवसर पर श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं कि माननीय प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, भारतीय रेलवे अपने स्टेशनों पर यात्री अनुभव को बढ़ाने के लिए अथक प्रयास कर रही है। यह महसूस किया गया है कि स्टेशनों पर संकेतकों के बारे में ऐसे मानक दिशानिर्देश जारी किए जाएं जो सुसंगत और पर्याप्त हों। आज मुझे भारतीय रेलवे के स्टेशनों पर मानक संकेतकों के बारे में पुस्तिका जारी करते हुए बहुत खुशी हो रही है। भारतीय रेलवे ऐसे आधुनिक, मानक संकेतों को अपनाएगी जो दिव्यांगों के अनुकूल हों।

किसी भी अन्य रेल नेटवर्क की तुलना में भारतीय रेलवे के पास दुनिया में सबसे ज्यादा स्टेशन हैं। यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक यात्री की मानक संकेतक होने से सुविधाओं तक आसानी से पहुंच होनी चाहिए।दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के तीनों मंडलों बिलासपुर, रायपुर तथा नागपुर के 310 स्टेशनों के लिए उनके नाम का प्रदर्शन  एवं संकेतक का मानक एक जैसा होगा । इससे न केवल विभिन्न  स्टेशनों के नाम के साइनेज में एकरूपता आएगी बल्कि इससे सुंदरता के साथ साथ इसके विभिन्न प्रावधानों से यात्री सुविधाएं भी बढ़ेगी।

स्टेशनों पर मानक संकेतकों के बारे में यह पुस्तिका सरल भाषा, स्पष्ट फ़ॉन्ट, आसानी से दिखने वाले रंगों, सहज चित्रलेखों को प्राथमिकता देती है। इसे सभी यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है, जिनमें बुजुर्ग, महिलाएं, बच्चे, दिव्यांगजन आदि शामिल हैं। संकेतकों के रंग, फोंट के प्रकार और आकार को मानकीकृत किया गया है। तेजी से रास्ता तलाशने के लिए संकेतों के समूहीकरण की अवधारणा को प्रस्‍तुत किया गया है। तिरंगी पृष्ठभूमि के साथ स्टेशनों के नाम प्रदर्शित करने वाले नए तृतीयक बोर्ड लगाए गए हैं। मुख्य निर्णय लेने वाले बिंदुओं पर सहज ज्ञान युक्त रास्ता खोजने और संकेतकों की उपलब्धता पर जोर दिया गया है। संकेतों के मानकीकरण पर भी जोर दिया गया है और मजबूत वास्तुकला शब्दावली वाले स्टेशनों के मामले में लचीलेपन की आवश्यकता को भी मान्यता दी गई है।

 अमृत भारत स्टेशन योजना : 

रेल मंत्रालय ने "अमृत भारत स्टेशन" योजना नाम से स्टेशनों के आधुनिकीकरण के लिए एक नई नीति तैयार की है। इस योजना में दीर्घकालिक विजन के साथ निरंतर आधार पर स्टेशनों के विकास की परिकल्पना की गई है। यह स्टेशन की जरूरतों और संरक्षण के अनुसार दीर्घकालिक मास्टर प्लानिंग और मास्टर प्लान के तत्वों के कार्यान्वयन पर आधारित है। यह योजना मुख्य रूप से सुरक्षित, आरामदायक और स्वच्छ रेलवे परिसरों को उपलब्‍ध कराने पर ध्यान केंद्रित करेगी।

तीन रेलवे स्टेशनों अर्थात रानी कमलापति, गांधीनगर कैपिटल और सर एम. विश्वेश्वरैया टर्मिनल को चालू कर दिया गया है। इन तीन स्टेशनों के अनुभव के आधार पर, अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चुने गए 1275 स्टेशनों में प्रमुख शहरों, पर्यटन और तीर्थ यात्रा महत्व के स्थानों पर स्थित स्टेशन शामिल हैं। 88 स्टेशनों पर काम चल रहा है। 1187 स्टेशनों के लिए निविदा और योजना कार्य प्रगति पर है।  दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर , दुर्ग स्टेशन के पुनर्विकास के अतिरिक्त 46 स्टेशन  अमृत भारत सेशन स्कीम के अंतर्गत विकसित किए जायेंगे।

 

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सिद्धारमैया होंगे कर्नाटक के अगले सीएम, डीके शिवकुमार...

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कर्नाटक के अगले सीएम सिद्धारमैया होंगे। इसका ऐलान राहुल गांधी दोपहर एक बजे करेंगे।

डीके शिवकुमार के पास डिप्टी सीएम के साथ, दो ऊर्जा और सिंचाई मंत्रालय और प्रदेश अध्यक्ष का पद रहेगा। शपथ ग्रहण समारोह 18 मई को होगा। दोनों नेता 10 मंत्रियों के साथ शपथ लेंगे।

सीएम पद को लेकर पिछले चार दिनों से बेंगलुरु से लेकर दिल्ली तक कई बैठकें हुईं।

सिद्धारमैया रेस में सबसे आगे चल रहे थे। इससे पहले रविवार को हुई कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सभी एमएलए ने नेता चुनने के लिए खड़गे को अधिकृत किया था।

इसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष ने ऑब्जर्वर्स से सभी विधायकों से वन-टु-वन बात करने को कहा था। इनमें 80 से ज्यादा विधायकों ने सिद्धारमैया के फेवर में वोट किया था।

 

 

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आधा दर्जन राज्यों के 122 ठिकानों पर एनआईए का छापा...

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) गैंगस्टर-टेटर लिंक मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। जानकारी के मुताबिक, 6 राज्यों में 122 स्थानों पर छापेमारी की जा रही है।

जिन राज्यों में यह एक्शन लिया गया है, उनमें शामिल हैं - हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश। एनआईए को पता चला है कि आतंकी संगठन देश में एक बार फिर अपनी जड़ें जमाना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने स्थानीय अपराधियों से साथ सांठगांठ की है।इस साजिश का अहहम हिस्सा फंडिंग भी है।

जिन स्थानों पर छामेपारी हो रही है, उनमें करीब 60 अकेले पंजाब में हैं। इससे पहले फरवरी माह में भी एनआईए ने राष्ट्रव्यापी छापेमारी को अंजाम दिया था।

इससे पहले 21 फरवरी को गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, नीरज बवाना और उनके सहयोगियों से जुड़े 70 से अधिक स्थानों पर देश भर में छापेमारी की गई थी। छापे दिल्ली और उसके आसपास और राजस्थान, हरियाणा, मध्य प्रदेश, गुजरात, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में मारे गए थे।

इससे पहले एनआईए ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट की गतिविधियों से जुड़े मामले में एक आरोपित के खिलाफ सोमवार को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।

एनआईए प्रवक्ता ने बताया कि जम्मू के तालाब खटिकन इलाके के रहने वाले फैजल मुनीर उर्फ अली भाई इस मामले में आरोपपत्र में नामजद चौथा आरोपित है।

एनआईए ने 18 नवंबर, 2021 को स्वतः संज्ञान लेते हुए यह मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने पटियाला हाउस में विशेष एनआईए अदालत में दाखिल पूरक आरोप पत्र में मुनीर पर भारतीय दंड संहिता, शस्त्र कानून और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए हैं।

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शराब घोटाला मामले में सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा- छत्तीसगढ़ में भय का माहौल न बनाएं

दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की लगातार छापेमारी के बीच मंगलवार को राज्य सरकार की याचिका की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ईडी से कहा कि छत्तीसगढ़ में भय का माहौल नहीं बनाएं।

जस्टिस एसके कौल और जस्टिस ए अमानुल्लाह की पीठ ने कहा कि जब आप इस तरह का व्यवहार करते हैं, तो एक वास्तविक कारण भी संदिग्ध हो जाता है।

इसलिए भय का माहौल नहीं बनाया जाए। ईडी छत्तीसगढ़ में 2 हजार करोड़ की कथित आबकारी गड़बड़ी में तीन लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। बकारी अधिकारियों, कारोबारियों और शराब ठेकेदारों से इस मामले में लगातार पूछताछ की जा रही है।

एक कारोबारी ने कोर्ट में कहा है कि ईडी अफसर उस पर सीएम भूपेश बघेल का नाम लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। इसके बाद राज्य सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है।

इसकी सुनवाई के दौरान छत्तीसगढ़ सरकार की आेर से पैरवी करते हुए सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि ईडी बौखला गई है।
आबकारी अधिकारियों को धमकाया जा रहा है।

कोर्ट में अधिवक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ के आबकारी अफसरों ने शिकायत की है कि ईडी वाले उन्हें और परिवार के सदस्यों की गिरफ्तारी की धमकी दे रहे हैं और मुख्यमंत्री को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं।अधिकारियों ने यह भी कहा कि ऐसे में वे विभाग में काम नहीं करेंगे।

सिब्बल ने कहा कि यह चौंकाने वाली स्थिति है। चुनाव आ रहे हैं, इसलिए यह हो रहा है। उधर, ईडी की ओर से सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू ने आरोपों का खंडन किया और कहा कि एजेंसी राज्य में एक घोटाले की जांच कर रही है। इस पर सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने कहा कि भय का माहौल नहीं बनाया जाए।

आबकारी मामले में ईडी के कार्रवाई के खिलाफ और अंतरिम जमानत के लिए कारोबारी अनवर ढेबर की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई 29 मई तक बढ़ गई है। अनवर की ओर से वकील मुकुल रोहतगी और सिद्धार्थ अग्रवाल ने पैरवी की। कारोबारी अनवर की पत्नी समेत कुछ और लोगों ने भी सुप्रीम कोर्ट में रिट दायर कर अंतरिम राहत मांगी है।

इधर, ईडी के दो संयुक्त निदेशक सोमवार को रायपुर पहुंचे है। इसमें 2006 बैच के आईपीएस अभिषेक गोयल हैं। चर्चा है कि कोल परिवहन केस में अब ईडी कुछ और लोगों के खिलाफ चार्जशीट पेश कर सकती है।

इसके अलावा कथित आबकारी गड़बड़ी में कुछ और लोगों की जल्द गिरफ्तारी की चर्चा है। ईडी ने आधा दर्जन लोगांे को समंस जारी कर बुधवार-गुरुवार को बुलाया है।

इनमें जिलों में पदस्थ कुछ आबकारी अधिकारी तथा इसी कैडर के अफसर हैं। मंगलवार को ईडी ने रजिस्ट्री विभाग से कुछ और जमीनों का ब्योरा मांगा है।

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तमिलनाडु में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हुई

चेन्नई  (छत्तीसगढ़ दर्पण) तमिलनाडु में जहरीली शराब कांड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 18 हो गई है। विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में 12 लोगों की मौत हुई, जबकि चेंगलपट्टू जिले में 6 लोगों ने दम तोड़ा। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सोमवार को घटनास्थल का दौरा किया और मामले की सीबी-सीआईडी जांच कराने की घोषणा की। विल्लुपुरम और चेंगलपट्टू जिलों में स्थानीय पुलिस के कई अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक के परिवार को 10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की भी घोषणा की, जबकि नकली शराब पीने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए गए लोगों के लिए 50,000 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। शुरूआती जांच के अनुसार, यह पाया गया कि विल्लुपुरम जिले के मरक्कनम में घटना तब हुई जब कुछ लोगों ने स्थानीय शराब का सेवन किया। हालांकि, चेंगलपट्टू जिले में मौत का कारण बनने वाली शराब में मेथनॉल मिला कर इसे पतला किया गया था।

अन्नाद्रमुक महासचिव और तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री एडप्पादी के. पलानीस्वामी (ईपीएस) मंगलवार को क्षेत्र का दौरा करेंगे। ईपीएस ने मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए कहा कि शराब कांड राज्य में कानून व्यवस्था की विफलता का स्पष्ट संकेत है। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती अन्नाद्रमुक सरकार के 10 साल के कार्यकाल में जहरीली शराब के सेवन से किसी की मौत नहीं हुई।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अन्नाद्रमुक शासन के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति के कुशल संचालन के कारण था। ईपीएस, जो तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता भी हैं, ने कहा कि पिछले विधानसभा सत्र के दौरान, उन्होंने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में नकली शराब की उपलब्धता के बारे में सरकार को बताया था।

 

 

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मध्य प्रदेश में कांग्रेस नेता सखवार भाजपा में शामिल

भोपाल  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले दल-बदल का खेल जारी है। इसी क्रम में बहुजन समाज पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व कांग्रेस नेता सत्यप्रकाश सखवार सहित युवा कांग्रेस के मुरैना जिले के उपाध्यक्ष राधाकृष्ण पचौरी ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश संगठन महामंत्री हितानंद एवं प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के समक्ष मंगलवार को बसपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व विधायक, विधायक दल के पूर्व नेता एवं कांग्रेस नेता सत्यप्रकाश सखवार को भाजपा की सदस्यता दिलाई गई।

सखवार ने कहा कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की विचारधारा, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विकास कार्यां से प्रभावित होकर भाजपा की सदस्यता ग्रहण की है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने सखवार का अंगवस्त्र पहनाकर पार्टी में स्वागत किया। उनके साथ मुरैना जिले से युवा कांग्रेस के जिला उपाध्यक्ष राधाकृष्ण पचौरी ने भी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

इस दौरान सत्यप्रकाश सखवार ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में न कोई संगठन है, न ही कोई नेता है, न ही कोई विधान है। कांग्रेस गुटों की पार्टी है और गुटों में लड़ रही है। क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की जनकल्याणकारी नीतियों से हर वर्ग लाभान्वित हुआ है। कांग्रेस में मेरी लगातार उपेक्षा हो रही थी। कांग्रेस ने पूरे देश के दलितों के साथ कुठाराघात करने का काम किया है। कांग्रेस ने मुझे पिछला चुनाव हराने का काम भी किया। उन्होंने कहा कि पार्टी हमें जो दायित्व देगी हम उस पर खरे उतरेंगे।

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नौ साल पहले चुनाव में मिली पहली जीत को पीएम मोदी ने किया याद

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 16 मई वही तारीख है जिस तारीख पर आज से 9 साल पहले यानी 16 मई 2014 को हुई मतगणना में नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तमाम कयासों को गलत साबित करते हुए भाजपा ने अकेले अपने दम पर 282 सांसदों के साथ लोक सभा में पूर्ण बहुमत हासिल किया था। 2014 के लोक सभा चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ पहली बार प्रधानमंत्री बनने वाले मोदी ने उसी दिन एक साथ कई रिकॉर्ड भी बनाए थे।

आज से 9 साल पहले 16 मई 2014 को हुई मतगणना के नतीजे आने के बाद भाजपा को अपने इतिहास में पहली बार अकेले पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ था। भाजपा के खाते में 282 सीटें आई थी वहीं सहयोगी दलों के साथ मिलाकर एनडीए सांसदों का आंकड़ा 330 को भी पार कर गया था। भारत के चुनावी इतिहास में पहली बार कांग्रेस को इतनी बुरी पराजय का सामना करना पड़ा और उसके खाते में लोक सभा की सिर्फ 44 सीट ही आ पाई। भारत की जनता ने 30 वर्षों बाद देश पर शासन करने के लिए किसी दल को पूर्ण बहुमत दिया था, इससे तीन दशक पहले 1984 में कांग्रेस के राजीव गांधी प्रचंड बहुमत के साथ प्रधानमंत्री बने थे।

मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 9 साल पहले लोक सभा चुनाव में मिली अपनी पहली जीत को अनोखे अंदाज में याद किया। मौका था रोजगार मेले के अंतर्गत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सरकारी नौकरी पाने वाले देशभर के 70 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र देने का। प्रधानमंत्री ने सरकारी नौकरी प्राप्त करने वाले इन युवाओं को संबोधित करने के साथ-साथ पूरे देश के लोगों खासकर युवाओं को अपनी सरकार की 9 वर्षों की उपलब्धियों को बताने का प्रयास किया।

प्रधानमंत्री ने नौ साल पहले मिली जीत को याद करते हुए कहा कि, 9 साल पहले आज के ही दिन 16 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। तब पूरा देश उत्साह, उमंग और विश्वास से झूम उठा था। सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ कदम बढ़ाने वाला भारत, आज विकसित भारत बनने के लिए प्रयास कर रहा है। जिस स्पीड और स्केल पर आज भारत काम कर रहा है यह भी आजादी के 75 साल के इतिहास में अभूतपूर्व है।

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20 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट, श्रद्धालुओं की संख्या की गई सीमित

चमोली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड में विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 22 अप्रैल 2023 से विधिवत शुरू हो गई है। इसके बाद लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने आ रहे हैं। चारधाम यात्रा में मौसम की दुश्वारियों से श्रद्धालुओं को दो-चार होना पड़ रहा है। साथ ही प्रशासन अब सिखों के पवित्र तीर्थ स्थल हेमकुंड साहिब की यात्रा की तैयारियों में जुटा हुआ है। लेकिन इस बार मौसम को देखते हुए हेमकुंड साहिब में श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखी जाएगी। चमोली जिला प्रशासन के आदेश के बाद यह निर्णय लिया गया है।

हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी अध्यक्ष नरेंद्रजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि, चमोली जिला प्रशासन के निर्देशानुसार हेमकुंड साहिब आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या सीमित रखी जाएगी। बीमार लोगों, बच्चों और बुजुर्गों को अगले आदेश तक यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। 20 मई को खुलेंगे हेमकुंड साहिब के कपाट खुल जाएंगे। 

बीते दिन चमोली डीएम हिमांशु खुराना ने 18 किलोमीटर पैदल यात्रा कर हेमकुंड साहिब मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। डीएम हिमांशु ने यात्रा मार्ग पर रेलिंग, पाकिर्ंग, मोड सुधारीकरण, एप्रोच मार्ग, पुल, घोड़ा पड़ा, रेन शेल्टर, यात्री शेड, बेंच, रेस्क्यू हेलीपैड सहित बिजली, पानी, शौचालय, साफ सफाई, स्वास्थ्य एवं यात्रा से जुड़ी तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया। जिससे यात्रा को सुगम बनाया जा सके।

वहीं बीते दिनों भारतीय सेना के जवानों ने हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग से बर्फ को हटाकर रास्ता तैयार किया। हेमकुंड साहिब पैदल मार्ग पर अभी भी काफी बर्फ है, जिसे हटाकर मार्ग बनाया जा रहा है। जिससे यात्रा में श्रद्धालुओं को परेशानियों का सामना ना करना पड़े। वहीं मौसम खराब होते ही हेमकुंड साहिब में बर्फबारी हो रही है, हालांकि आने वाले समय में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।

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अकोला के बाद अहमदनगर में भड़की हिंसा...

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र के अकोला के बाद अब अहमदनगर में तनाव फैल गया है।

यहां संभाजी महाराज की जयंती पर जुलूस निकाला जा रहा था। जैसे ही जुलूस एक मस्जिद के सामने से गुजरा, नारेबाजी को लेकर दो गुटों में झड़प हो गई।

देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई। दोनों गुटों ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। शेवगांव इलाके में दुकानों और वाहनों में आग लगा दी गई। रविवार देर शाम की इस घटना के बाद सोमवार सुबह इलाके में तनाव है।

पुलिस भी सक्रिय है। भारी सुरक्षा बल तैनात है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। कुछ और लोगों को गिरफ्तार किया जा सकता है।

इससे पहले महाराष्ट्र के अकोला में इसी तरह तनाव फैल गया था। अकोला से ताजा खबर यह है कि यहां सोमवार को भी इंटरनेट बंद है। यहां अब तक 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 300 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है। यहां परीक्षा भी रद्द की गई है।

अब तक की जानकारी के मुताबिक, अकोला शहर में एक इंटरनेट मीडिया पोस्ट को लेकर दो समुदायों के बीच झड़प हो जाने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई है और दो पुलिसकर्मियों समेत आठ लोग घायल हो गए हैं।

पुलिस अधीक्षक संदीप घुगे ने बताया कि किसी इंटरनेट मीडिया मंच पर एक धार्मिक पोस्ट प्रसारित होने के बाद हिसा हुई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका राउत ने बताया कि दोनों समूहों के सदस्यों ने एक दूसरे पर पथराव किया।

इस दौरान कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। राउत ने बताया कि पुलिस ने दंगाइयों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया और हालात अब काबू में हैं।

 

 

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कर्नाटक के नए सीएम का ऐलान 15 को

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कर्नाटक में कांग्रेस की जीत के बाद मुख्यमंत्री कौन बनेगा, इस पर सस्पेंस बरकरार है। माना जा रहा है कि इसका फैसला सोमवार को दिल्ली में हो सकता है।

चर्चा है कि पूर्व सीएम सिद्धारमैया को एक बार फिर मुख्यमंत्री बनाया जा सकता है, जबकि कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को डिप्टी सीएम की कुर्सी दी जा सकती है।

सोमवार को डीके शिवकुमार का जन्मदिन भी है। बर्थडे की बधाइयां देने पहुंचे समर्थकों से उन्होंने कहा कि वे दिल्ली नहीं जा रहे हैं। पार्टी जो भी जिम्मेदारी सौपेंगी, वे उसे पूरी निष्ठा से संभालेंगे।

मुख्यमंत्री पद की रेस में पूर्व सीएम सिद्धारमैया और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार आगे हैं। विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला हुआ कि इसका ऐलान राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे करें।

खरगे अब दिल्ली में हैं और सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। इस दौरान राहुल गांधी भी मौजूद रहेंगे। वहीं विधायकों ने दोनों नेताओं पर अपनी पसंद एक बैलेट बॉक्स में बता दी है। यह बैलेट बॉक्स भी सोमवार को खोला जाएगा।

इस बीच, सुन्नी उलमा बोर्ड ने मांग की है कि कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री का पद किसी मुस्लिम को दिया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि पांच मुस्लिम विधायकों को गृह, राजस्व, स्वास्थ्य और अन्य विभागों जैसे अच्छे विभागों के साथ मंत्री बनाया जाए। वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शफी सादी ने यह मांग रखी।

बता दें, कर्नाटक विधानसभा चुनाव में नौ मुस्लिम उम्मीदवारों ने जीत दर्ज की है और ये सभी कांग्रेस से हैं। कांग्रेस ने हाल में हुए विधानसभा चुनाव में 224 में से 135 सीटें जीतकर शानदार प्रदर्शन किया, वहीं भाजपा को सिर्फ 66 सीटों से संतोष करना पड़ा और सत्ता उसके हाथ से चली गई।

गुलबर्गा उत्तर निर्वाचन क्षेत्र से नवनिर्वाचित विधायक फातिमा कांग्रेस द्वारा मैदान में उतारी गई एकमात्र मुस्लिम महिला उम्मीदवार थीं। इन नौ मुस्लिम उम्मीदवारों में से केवल दो आसिफ (राजू) सैत और इकबाल हुसैन फिर से निर्वाचित हुए हैं। बाकी सात पहली बार विधानसभा पहुंचेंगे।

 

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कर्नाटक विधानसभा चुनाव में सीएम बोम्मई ने हार मानी, कही ये बात...

 दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) कर्नाटक में कांग्रेस को मिली भारी जीत के बाद मुख्यमंत्री बासव राज बोम्मई ने हार स्वीकार कर ली है।

बोम्मई ने कहा कि 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी कमबैक करेगी। उन्होंने कहा कि हम मंजिल तक नहीं पहुंच पाए।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे परिणाम आने के बाद पार्टी विश्लेषण करेगी और एक राष्ट्रीय राजनीतिक दल के रूप में हम विभिन्न स्तरों पर अपनी कमियों को देखेंगे उसमें सुधार करेंगे।

 

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कश्मीर में घुसपैठ की कोशिश नाकाम, जेसीओ घायल

श्रीनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सेना ने शनिवार को उड़ी सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) पर घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर दी, जिसमें एक जूनियर कमीशंड अधिकारी (जेसीओ) घायल हो गया। रक्षा सूत्रों ने कहा कि बारामूला जिले के उरी सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर सेना के सतर्क जवानों ने घुसपैठ की कोशिश को विफल कर दिया, वहीं इस दौरान जेसीओ को मामूली चोटें आईं।

सूत्रों ने बताया कि जेसीओ को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इससे पहले, एक रक्षा प्रवक्ता ने कहा, आतंकवादियों और सैनिकों के बीच गोलीबारी हुई। पाकिस्तानी पक्ष ने घटना स्थल पर एक क्वाडकॉप्टर उड़ाने की कोशिश की, लेकिन भारतीय पक्ष की गोलीबारी से वह पीछे हट गया। क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी है।

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राज्यपाल की संस्था खत्म करो या नियुक्ति की उचित व्यवस्था विकसित करो : उद्धव ठाकरे

मुंबई  (छत्तीसगढ़ दर्पण)पूर्व मुख्यमंत्री और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को मांग की कि 'राज्यपाल' की संस्था को खत्म कर दिया जाना चाहिए या इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्ति के लिए एक उचित व्यवस्था होनी चाहिए। ठाकरे ने कहा, महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल (भगत सिंह कोश्यारी) की भूमिका घृणित थी, जैसा कि कल (11 मई) के सुप्रीम कोर्ट के फैसले में स्पष्ट रूप से सामने आया। सुप्रीम कोर्ट का कल का फैसला दिल्ली के राज्यपाल के खिलाफ भी गया है।

ठाकरे ने कहा कि राजनीतिक दलों या आरएसएस जैसे संगठनों के कार्यकर्ता, जिन्हें राज्यपाल के रूप में नामित किया गया है का चलन इस महत्वपूर्ण पद की गरिमा को कम कर रहा है। ठाकरे ने कहा, वे संविधान की रक्षा और सुरक्षा के लिए राज्यपाल के रूप में पद की शपथ लेते हैं, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा है, जैसा कि कल महाराष्ट्र और दिल्ली के दोनों मामलों में सुप्रीम कोर्ट के फैसले से स्पष्ट है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अतीत में, राज्य के राज्यपाल के पद को बहुत सम्मान दिया जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं है क्योंकि अब पदाधिकारियों (राज्यपाल) को कुछ 'घरेलू सामान' की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। ठाकरे ने मांग की, न्यायाधीशों की तर्ज पर राज्यपाल के पद पर नियुक्त करने के लिए एक उचित प्रणाली विकसित की जानी चाहिए, तब तक, मुझे लगता है कि राज्यपाल की संस्था को खत्म कर देना चाहिए।

ठाकरे की तीखी टिप्पणी पूर्व राज्यपाल पर एक सवाल के जवाब में आई है, जिनकी पिछले साल के संकट के दौरान भूमिका और निर्णयों में महा विकास अघाडी (एमवीए) के सीएम ठाकरे को गिरा दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने तत्कालीन राज्यपाल के कई फैसलों पर तीखी टिप्पणियां कीं, हालांकि कोश्यारी ने अब इस मुद्दे पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। 

 

 

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अग्निवीरों को रेलवे में भर्ती के लिए कई प्रकार की छूट दी जाएगी

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों को रेलवे में भर्ती के लिए कई प्रकार की छूट दी जाएगी। अग्निवीरों को लेवल वन की नौकरियों में दस प्रतिशत और लेवल टू तथा उससे ऊपर की नौ‍करियों में पांच प्रतिशत का आरक्षण दिया जाएगा। 

यह सुविधा विभिन्‍न अराजपत्रित पदों की सीधी भर्ती के कोटे के तहत दी जाएगी। जहां कहीं लागू हो, अग्निवीरों को शारीरिक दक्षता परीक्षण में भी छूट मिलेगी। अग्निवीरों के प्रथम बैच को आयु सीमा में पांच वर्ष और उसके बाद के बैच को तीन वर्ष की छूट मिलेगी। यह छूट विभिन्‍न समुदायों के लिए निर्धारित वर्तमान आयु सीमा के अतिरिक्‍त होगी।

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PM मोदी ने गुजरात में लगभग 4,400 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन किया

गांधीनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात में लगभग 4,400 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया।  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा , मैं सभी लाभार्थियों को एक बार फिर बहुत बहुत बधाई देता हूं, विशेष तौर पर उन बहनों को जिन्हें आज अपना पक्का घर मिला है। गुजरात में फिर से भाजपा सरकार बने कुछ ही महीने हुए हैं, लेकिन विकास ने जो गति पकड़ी है उसे देखकर मुझे बहुत खुशी हो रही है:

 

 


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