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मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद ने पाकिस्तान में शिया नरसंहार पर संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के पाराचिनार और खैबर पख्तूनख्वा में शिया शिक्षकों पर आतंकवादी हमले की निंदा करते हुए प्रसिद्ध शिया धर्मगुरु और मजलिसे उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना सैयद कल्बे जव्वाद नकवी ने शियाओं का नरसंहार रोकने के लिए संयुक्त राष्ट्र से हस्तक्षेप की मांग की है। मौलाना ने एक बयान में कहा, पाकिस्तान में शिया नरसंहार जारी है। पाकिस्तान की सरकार और अंतर्राष्ट्रीय संगठन इसे रोकने में विफल रहे हैं। आतंकवादियों ने एक स्कूल में घुसकर सात शिक्षकों की हत्या कर दी, जो आतंकवादियों की शिक्षा विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।

संयुक्त राष्ट्र को हस्तक्षेप करना चाहिए और पाकिस्तान में शियाओं की हत्याओं को रोकने के लिए उचित कार्रवाई करनी चाहिए। मौलाना ने कहा कि वैश्विक स्तर पर शियाओं के लिए कोई सुरक्षा योजना नहीं है और संयुक्त राष्ट्र कोई उचित कदम नहीं उठा रहा है।

 

 

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टूरिस्ट बोट पलटने से 22 लोगों की मौत

मलप्पुरम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केरल के मलप्पुरम जिले में रविवार को एक टूरिस्ट बोट पलटने से 22 लोगों की मौत हो गई।

ख़बरों के मुताबिक, बोट में 30 से ज्यादा लोग सवार थे। मलप्पुरम के कलेक्टर वीआर प्रेमकुमार ने बताया कि मरने वालों में ज्यादातर बच्चे और महिलाएं हैं। बोट में सवार 5 लोग तैरकर किनारे आ गए थे। 10 लोगों को गंभीर हालत में कोट्टाकल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हादसा किस वजह से हुआ इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। हालांकि, स्थानीय लोगों के मुताबिक बोट में क्षमता से ज्यादा लोग बिठाए गए थे और उतने लाइफ-जैकेट नहीं थे। इसलिए ऐसा हादसा हुआ।

हादसा रविवार शाम लगभग 7 बजे मलप्पुरम जिले के तनूर इलाके में तुवलतिरम बीच के पास हुआ। बोट को किनारे पर लाया जा चुका है।

क्षेत्रीय फायर रेंज ऑफिसर शिजु केके ने बताया कि बोट पर सवार लोगों की सही संख्या की जानकारी नहीं मिल सकी है। ऐसे में और भी लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

 

 

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मिग-21 विमान क्रैश, दो की मौत

जयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्थान के हनुमानगढ़ में सेना का विमान क्रैश हो गया। मिग-21 के क्रैश होने से दो लोगों की मौत की सूचना है। एयरफोर्स की ओर से आधिकारिक सूचना नहीं मिली है।

शुरुआत जानकारी के मुताबिक, विमान में तकनीकी खराबी आने के बाद पायलट ने उसे खेत में क्रैश करने की कोशिश की, जो खेत में ही बने एक मकान पर जा गिरा।

दोनों पायलट समय रहते पैराशूट की मदद से निकलने में कामयाब रहे, लेकिन घर में मौजूद दो लोगों की मौत हो गई है। आगे की जांच की जा रही है। राजस्थान के आला अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।

ख़बरों के अनुसार, भारतीय वायुसेना का मिग-21 लड़ाकू विमान राजस्थान के हनुमानगढ़ के पास दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान ने सूरतगढ़ से उड़ान भरी थी। पायलट सुरक्षित है।

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नहर में मिले रुपयों के बंडल, लूटने लोगों में मची होड़

पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नहर में रुपयों के बंडल मिलने पर किसी को यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब लोगों ने अपनी आंखों से देखा तो लूटने के लिए होड़ मच गई। रुपए लूटने लोग एक दूसरे पर कूदने लगे। और रुपए रखने बनियान को ही थैला बना लिया।  

दरअसल, ये पूरा मामला सासाराम के मुफ्फसिल थाना क्षेत्र का है। यहां सोन उच्च स्तरीय नहर में मुरादाबाद पुल के पास शनिवार को मछली मार रहे कुछ लोगों को रुपयों के बंडल मिले। यह खबर जंगल में आग की तरह फैल गई, जिसके बाद आसपास के लोग भी नहर में उतर नोटों की गड्डियां खोजने लगे।

मिट्टी-पानी में सनी रुपयों की गड्डियों को बटोरने को लोग अपनी शर्ट और बनियान तक को झोला बना डाला। नहर से रुपए के बंडल मिलने की खबर दूर-दूर तक फैल गई और लोग नहर में कूद नोटों की गड्डियां बटोरने लगे।

स्थानीय लोगों का कहना है कि 10 से 50 रुपए के नोटों की कई गड्डियां मिली हैं, जिसे लोग लेकर चलते बने।

वहीं नहर में असली नोट कहां से आए, इसकी कोई जानकारी नहीं है। नोट मिलने की सूचना के बाद पुलिस ने वहां पहुंचकर लोगों से बात की। पुलिस फिलहाल कोई खास जानकारी देने से परहेज कर जांच की बात कह रही है। 

 

 

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भारत को दुनिया भर में फैले तीन करोड़ बीस लाख प्रवासी भारतवंशियों पर गर्व : उपराष्‍ट्रपति

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि भारत को दुनिया भर में फैले तीन करोड़ बीस लाख प्रवासी भारतवंशियों पर गर्व है और भारतीय मूल के लोगों को अपने देश और इसके प्रतिनिधियों के संबंध में आधारहीन बातों का खंडन जारी रखना चाहिए। श्री धनखड़, चार्ल्स तृतीय के ताजपोशी समारोह में भाग लेने के लिए ब्रिटेन के दो दिन के दौरे पर हैं। उन्होंने लंदन में भारतीय मूल के लोगों से भारत के विकास में योगदान देने और यह सुनिश्चित करने की अपील की कि अपुष्ट और गलत नीयत वाली आधारहीन बातों को सार्वजनिक डोमेन में बढ़ावा न मिले।

श्री धनखड़ ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र अतुलनीय है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में अमृत काल की उपलब्धियों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत ने इस दशक के अंत तक विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य निर्धारित किया है। श्री धनखड़ ने डिजिटल रुपांतरण, स्वास्थ्य सेवा और वैक्सीन, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और आधारभूत संरचना के विकास समेत विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों की चर्चा की।

 

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शिवराज सिंह ने 'द केरल स्टोरी' फिल्म को टैक्स फ्री घोषित किया

भोपाल (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  मध्य प्रदेश शासन ने 'द केरल स्टोरी' फिल्म को टैक्स फ्री घोषित कर दिया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा आतंकवाद की भयावह सच्चाई को उजागर करती फिल्म 'द केरल स्टोरी' मध्यप्रदेश में टैक्स फ्री की जा रही है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा - द केरल स्टोरी लव जिहाद,धर्मांतरण, आतंकवाद के षडयंत्र को उजागर करती है। उसके घिनोने चेहरे को सामने लाती है। जो बेटिया लोव जिहाद के जाल में उलझ जाती है उनकी कैसे बर्बादी होती है यह फिल्म बताती है। आतंकवाद के डिज़ाइन को भी यह फिल्म उजागर करती है। यह फिल्म हमे जागरूक करती है।

मध्यप्रदेश में पहले ही धर्मांतरण के खिलाफ कानून बनाया है लेकिन यह फिल्म जागरूक करती है इस फिल्म को सबको देखना चाहिए इसलिए मध्य्प्रदेश सरकार इस फिल्म को टैक्स फ्री कर रहा है।

 
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जयंती पर मोतीलाल नेहरू को संसद भवन में दी गई श्रद्धांजलि

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वतंत्रता सेनानी और आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के पिता पंडित मोतीलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर शनिवार को संसद भवन परिसर में श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

पं. मोतीलाल नेहरू की जयंती के अवसर पर केंद्रीय शिक्षा एवं विदेश राज्य मंत्री डॉ. राजकुमार रंजन सिंह, कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला और आनंद शर्मा सहित कई वर्तमान सांसदों, पूर्व सांसदों एवं अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शनिवार को संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर लोक सभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह ने भी उनके चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए। देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 30 मार्च 1957 को संसद भवन के केंद्रीय कक्ष में पंडित मोतीलाल नेहरू के चित्र का अनावरण किया था।

 

 

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यूपी के मुख्यमंत्री योगी को मिला डॉ. अंबेडकर पुरस्कार

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भारतरत्न डॉ अंबेडकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को मुंबई के षणमुखानंद ऑडिटोरियम में उन्हें इस पुरस्कार से सम्मानित किया है। मुख्यमंत्री की ओर से विधान परिषद सदस्य डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने लखनऊ से आकर पुरस्कार ग्रहण किया।

बुद्धांजलि रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पधारे कोविंद ने कहा कि योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में गुंडाराज खत्म करके प्रदेश को भयमुक्त बनाने का काम किया है। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने कहा कि योगी आदित्यनाथ उनके मित्र हैं और उत्तर प्रदेश में गुंडे, माफिया आज उनके नाम से थर-थर कांपते हैं।

डॉ. लालजी प्रसाद निर्मल ने कहा कि योगी ने उत्तर प्रदेश के सरकारी महकमों में डॉ. अंबेडकर की फोटो लगाने का आदेश देकर बहुत ही सराहनीय कार्य किया है। लखनऊ में डॉ. अंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र बना कर योगी आदित्यनाथ ने माई साहब डॉ. सविता अंबेडकर के सपनों को पूरा किया है। योगी आदित्यनाथ आज दलितों-वंचितों के मसीहा बन चुके हैं।

बुद्धांजलि फाउंडेशन के अध्यक्ष और कार्यक्रम के आयोजक कैलाश मासूम ने कहा कि योगी आदित्यनाथ को भारत रत्न डॉ. अंबेडकर पुरस्कार देकर वह गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। योगी सरकार दलितों, पिछड़ों और वंचितों के हितों को ध्यान में रखकर कार्य कर रही है, सबको साथ लेकर चल रही है।

इस अवसर पर फिल्म अभिनेता प्रेम चोपड़ा, उदित नारायण और राजपाल यादव सहित देश के अन्य क्षेत्रों से आयी प्रतिभाओं को भी 13वें भारतरत्न डॉ. अंबेडकर पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

 

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पीएम मोदी जाएंगे फ्रांस दौरे पर, बैस्टिल डे परेड के मुख्य अतिथि होंगे

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जुलाई में फ्रांस की सबसे पुरानी सैन्य परेड बैस्टिल डे परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। भारतीय सेना का एक दल भी इस परेड में शामिल होगा।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 14 जुलाई को पेरिस में अतिथि के रूप मंं इस वर्ष के बैस्टिल डे परेड में भाग लेने के लिए उनके निमंत्रण को स्वीकार करने पर खुशी जताई है।

बता दें कि भारत और फ्रांस के रणनीतिक संबंधों को 25 साल पूरे हो रहे हैं। यही वजह है कि फ्रांस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को हर साल 14 जुलाई को होने वाली बैस्टिल डे परेड में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने का निमंत्रण दिया था, जिसे पीएम मोदी ने स्वीकार कर लिया है। 

दोनों देश रणनीतिक, सांस्कृतिक, वैज्ञानिक, अकादमिक और आर्थिक क्षेत्र में सहयोग बढ़ा रहे हैं और पीएम मोदी का यह फ्रांस दौरा दोनों देशों के संबंधों के लिए काफी अहम माना जा रहा है। 

 

 

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तिलक से लौट रहे थे, डम्पर ने मारी टक्कर : 5 की मौत, 10 घायल...

बहराइच  (छत्तीसगढ़ दर्पण) यूपी के बहराइच जिले में दर्दनाक हादसा हो गया। लखनऊ मार्ग पर कैसरगंज कस्बे में गुरुवार रात एक बजे ऑटो को डंपर ने टक्कर मार दी। हादसे में ऑटो सवार पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि 10 लोग गंभीर लोग से घायल हो गए। घायलों को पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। मृत लोगों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सभी लोग तिलक कार्यक्रम से वापस अपने घर आ रहे थे।


जिले के हुजूरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम पुरैनी निवासी मंशाराम की बेटी का विवाह कैसरगंज कोतवाली क्षेत्र के रुकनापुर गांव से तय हुआ था। गुरुवार को तिलक कार्यक्रम था। जिस पर मंशाराम रिश्तेदार और परिवार के लोगों के साथ तिलक लेकर रूकनापुर गांव ऑटो से गया था।

तिलक कार्यक्रम निपटाने के बाद सभी रात में वापस लौट रहे थे। रात एक बजे के आसपास सभी ऑटो सवार लखनऊ- बहराइच मार्ग पर कैसरगंज कोतवाली के मदनी हॉस्पिटल के सामने पहुंचे। तेज रफ्तार में डंपर ने ऑटो को टक्कर मार दी। हादसे में थाना हुजूरपुर के लालापुरवा निवासी भगवान प्रसाद, हरिश्चंद्र जयकरन, ग्राम अहिरन पुरवा के अनिल व खुशबू की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। इसमें लड़की की बहन भी शामिल है। वहीं अहिरनपुरवा के नन्हें, सुनीता देवी, चंदन सत्यम, राजितराम, मंगल, कैलाश, रामदीन, नंदलाल, प्रदीप, गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।

हादसे के बाद मौके पर अफरा तफरी मच गई। कोतवाल दद्दन सिंह, सीओ कमलेश सिंह, एसडीएम महेश कुमार कैथल भी पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को एंबुलेंस से जिला अस्पताल पहुंचाया। कोतवाल ने बताया कि हादसे में ऑटो सवार पांच लोगों की मौत हुई है। जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने बताया कि डंपर चालक दुर्घटना के बाद फरार हो गया है। उसके विरूद्ध मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी गई है।
 

 

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आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद, चार घायल

जम्मू (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कंडी इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि सेना को राजौरी सेक्टर के कंडी जंगल में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली थी। विशेष सूचना पर एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। तलाशी के दौरान आतंकियों को सुरक्षाबलों ने घेर लिया और मुठभेड़ शुरू हो गई थी।


जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ हुई। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने जवाबी कार्रवाई में विस्फोटक से ब्लास्ट किया। एक अधिकारी सहित चार जवान इस हमले में घायल हो गए हैं। वहीं, इस हमले में दो जवान शहीद हो गए हैं। घायल कर्मियों को उधमपुर के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के राजौरी में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

इलाके में आतंकियों के समूह को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है। सुबह से शुरू हुई ये मुठभेड़ अभी भी जारी है। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला हुआ है।  इलाके में 2 से 3 आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी। जिसके बाद से सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया था। सुबह से जारी यह मुठभेड़ राजौरी जिले के बनयारी पर्वतीय क्षेत्र के डोक इलाके की बताई जा रही है।

राजौरी में जारी मुठभेड़ के बीच एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है।

 

 

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15 सेकंड में ही, जयशंकर ने पाकिस्तान को दिया तगड़ा संदेश दिया...

गोवा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एससीओ काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स (सीएफएम) की बैठक में भाग लेने के लिए बिलावल भुट्टो की भारत यात्रा,

जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद की घटनाओं के बीच हो रही है, जिसपर पूरी दुनिया की नजर है।

SCO Summit S Jaishankar meets Bilawal Bhutto: कहते हैं, डिप्लोमेसी में चेहरे का हावभाव, आंखों की भाषा का काफी महत्वपूर्ण होता है और जब दो देशों के नेता मिलते हैं, तो उनकी चंद सेकंड्स की मुलाकात से ही पता चल जाता है, कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते कैसे हैं और आगे कैसे होने वाले हैं। भारत के गोवा में इस वक्त शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक चल रही है, जिसमें एससीओ के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री मौजूद हैं। इस संगठन का हिस्सा पाकिस्तान भी है और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को भारत पहुंचे हैं। बिलावल भुट्टो के भारत दौरे को लेकर भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया में काफी उत्साह है और भारतीय टीवी चैनलों पर बिलावल के दौरे का काफी बड़ा कवरेज भी हो रहा है, लेकिन सिर्फ मीडिया में। आज जब भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शिखर सम्मेलन से पहले बिलावल से मिले, तो 15 सेकंड के वीडियो में उन्होंने पूरी तरह से साफ कर दिया, कि पाकिस्तान को लेकर भारत की नीति क्या रहने वाली है। एस. जयशंकर और बिलावल भुट्टो के आमने-सामने आने का इंतजार कल से ही किया जा रहा था और आज एससीओ की बैठक शुरू होने से पहले एस जयशंकर जब सदस्य देशों के विदेश मंत्री को बैठक स्थल तक जाने के लिए स्वागत कर रहे थे, उस वक्त उन्होंने बिलावल भुट्टो का भी स्वागत किया।

हालांकि, वीडियो में भारतीय विदेश मंत्री की बेरूखी को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है, कि भारतीय विदेश मंत्री खड़े हैं और बिलावल भुट्टो उनकी तरफ फोटो खिंचवाने के लिए आगे बढ़ते हैं। एस जयशंकर बिलावल को नमस्ते कहते हैं, जवाब में बिलावल भुट्टो भी भारतीय विदेश मंत्री को नमस्ते के साथ जवाब देते हैं। इस दौरान एस जयशंकर सिर्फ एक सेकंड के लिए बिलावल को देखते हैं और फिर मीडिया के कैमरों के सामने देखने लगते हैं। बिलावल भुट्टो मुस्कुराते रहते हैं। फिर बिलावल भुट्टो, भारतीय विदेश मंत्री से करीब 2 फुट की दूरी पर खड़े हो जाते हैं और मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाने लगते हैं। इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर काफी सीरियस दिख रहे थे और उनके चेहरे के हावभाव से समझा जा सकता है, कि बिलावल भुट्टो का उन्होंने कितनी सुस्ती के साथ स्वागत किया है। करीब 7 सेकंड्स तक मीडिया के कैमरे दोनों नेताओं का फोटो खिंचते हैं और उसके बाद एस. जयशंकर हाथों से इशारा करते हुए बिलावल भुट्टो को कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए कहते हैं। जवाब में बिलावल भुट्टो फिर से थोड़ा सा झुकते हुए सीने पर हाथ लगाकर भारतीय विदेश मंत्री का अभिवादन करते हैं। लेकिन, एस. जयशंकर का दोनों हाथ नीचे ही रहता है और वो सिर्फ मुस्कुराते हुए अभिभादन का आदान-प्रदान करते हैं। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्री, बिलावल भुट्टो के साथ एक कदम भी नहीं चलते हैं। ये पूरा घटनाक्रम सिर्फ 15 सेकंड का रहा, लेकिन इन 15 सेकंड्स में एस. जयशंकर ने साफ कर दिया, कि पाकिस्तान के रवैये से भारत बिल्कुल खुश नहीं है। एस. जयशंकर एक मंझे हुए डिप्लोमेट रहे हैं और अब वो भारत के विदेश मंत्री हैं। लिहाजा, उनका हावभाव काफी आसानी से बयां कर रहा था, कि भारत पाकिस्तान के रवैये से खुश नहीं है। पिछले हफ्ते जब एससीओ के रक्ष मंत्रियों की बैठक हुई थी, उस दौरान भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से भी हाथ नहीं मिलाया था। बिलावल भुट्टो ने विदेश मंत्री बनने के बाद भारत को लेकर काफी तीखी बयानबाजी की है। वहीं, उन्होंने भारतीय प्रघानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक निजी टिप्पणियां की हैं। बिलावल भुट्टो ने पीएम मोदी को 'बूचर ऑफ गुजरात' भी कहा और भारत की तरफ से इसको लेकर काफी सख्त प्रतिक्रिया दी गई थी। वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले दिनों साफ तौर पर कहा था, कि 'भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छा संबंध बनाना चाहता है, लेकिन कुछ देश ऐसे होते हैं, जिनके साथ संबंध नहीं बनाया जा सकता है।" वहीं, एस. जयशंकर ने अपने उद्घाटन भाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, कि "आतंकवाद का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है और इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए"।इसके साथ ही, भारत ने पाकिस्तान को संदेश दे दिया है, कि आतंकी घटनाओं के साथ साथ पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते हैं। कश्मीर के पुंछ में पिछले दिनों आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई भारतीय जवान शहीद हो गये थे और इसमें पाकिस्तान स्थिति आतंकी संगठनों का हाथ है। लिहाजा, भारतीय विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया ने उन अटकलों को विराम दे दिया है, जिसमें छोटी सी आशा लगाई जा रही थी, कि भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है।

 

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शरद पवार का इस्तीफा नामंजूर

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शरद पवार के नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे को नामंजूर कर दिया गया है। मुंबई में हुई एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक में पवार के इस्तीफे को नामंजूर किया गया है।

एनसीपी की कोर कमेटी ने शरद पवार से पार्टी का नेतृत्व जारी रखने का अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया है। महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता शरद पवार ने 2 मई को एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक में हुए फैसले की जानकारी देते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शरद पवार ने 2 मई को अचानक अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए और नए अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए पार्टी नेताओं की एक समिति नियुक्त की।

आज हमने समिति की बैठक की। प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि देश के नेता पवार ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, जिसे एक मत से नामंजूर कर दिया गया। हम उनसे विनती करते हैं कि वे पद पर कायम रहें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं। हमने ये फैसले लिया है।

एनसीपी के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मेरे सहित कई नेताओं ने पवार साहब से मुलाकात की और हमने उनसे लगातार अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया, क्योंकि इस समय देश और पार्टी को उनकी जरूरत है। ना केवल एनसीपी नेताओं, बल्कि पार्टी के अन्य नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी उनसे पार्टी प्रमुख बने रहने का अनुरोध किया।

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अपेक्षा है बुद्ध के उपदेशों को जीवन में ढालने की

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। गौतम बुद्ध एक प्रकाशस्तंभ है, उनका लोकहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी है और युग-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। बुद्ध पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाई जाती है और उनका निर्वाण दिवस भी बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। यानी यही वह दिन था जब बुद्ध ने जन्म लिया, शरीर का त्याग किया था और मोक्ष प्राप्त किया। बुद्ध पूर्णिमा न केवल बौध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति के लिये एक महत्वपूर्ण दिन है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा सबसे बड़ा त्योहार का दिन होता है। इस दिन अनेक प्रकार के समारोह आयोजित किए गए हैं। अलग-अलग देशों में वहां के रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुसार समारोह आयोजित होते हैं। बुद्ध पूर्णिमा को श्रीलंकाई ‘वेसाक’ उत्सव के रूप में मनाते हैं जो ‘वैशाख’ शब्द का अपभ्रंश है। इस दिन बौद्ध घरों में दीपक जलाए जाते हैं और फूलों से घरों को सजाया जाता है। दुनियाभर से बौद्ध धर्म के अनुयायी बोधगया आते हैं और प्रार्थनाएं करते हैं। बोधिवृक्ष की पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं पर हार व रंगीन पताकाएँ सजाई जाती हैं। जड़ों में दूध व सुगंधित पानी डाला जाता है। वृक्ष के आसपास दीपक जलाए जाते हैं। गरीबों को भोजन व वस्त्र दिए जाते हैं।

महात्मा गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा लोगों को अहिंसा और करुणा का भाव सिखाया। गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल स्थित लुम्बिनी में 563वीं ईसा पूर्व में एक राजपरिवार में हुआ था। महात्मा बुद्ध को सबसे महत्वपूर्ण भारतीय आध्यात्मिक महामनीषी, सिद्ध-संन्यासी, समाज-सुधारक धर्मगुरु में से एक माना जाता है। उन्होंने न केवल अनेक प्रभावी व्यक्तियों बल्कि आम जन के हृदय को छुआ और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्हें धर्मक्रांति के साथ-साथ व्यक्ति एवं विचारक्रांति के सूत्रधार भी कह सकते हैं। उनकी क्रांतिवाणी उनके क्रांत व्यक्तित्व की द्योतक ही नहीं वरन् धार्मिक, सामाजिक विकृतियों एवं अंधरूढ़ियों पर तीव्र कटाक्ष एवं परिवर्तन की प्रेरणा भी है, जिसने असंख्य मनुष्यों की जीवन दिशा को बदला।

बुद्ध संन्यासी बनने से पहले कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ थे। शांति की खोज में वे 27 वर्ष की उम्र में घर-परिवार, राजपाट आदि छोड़कर चले गए थे। भ्रमण करते हुए सिद्धार्थ काशी के समीप सारनाथ पहुंचे, जहाँ उन्होंने धर्म परिवर्तन किया। यहाँ उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचें कठोर तप किया। कठोर तपस्या के बाद सिद्धार्थ को बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई और वह महान संन्यासी गौतम बुद्ध के नाम से प्रचलित हुए और अपने ज्ञान से समूचे विश्व को ज्योतिर्मय किया। बुद्ध ने जब अपने युग की जनता को धार्मिक-सामाजिक, आध्यात्मिक एवं अन्य यज्ञादि अनुष्ठानों को लेकर अज्ञान में घिरा देखा, साधारण जनता को धर्म के नाम पर अज्ञान में पाया, नारी को अपमानित होते देखा, शुद्रों के प्रति अत्याचार होते देखे-तो उनका मन जनता की सहानुभूति में उद्वेलित हो उठा। लोकजीवन को ऊंचा उठाने के उन्होंने जो हिमालयी प्रयत्न किये, वे अद्भुत और आश्चर्यकारी है। बुद्ध के अनुयसा जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से बेहतर स्वयं पर विजय प्राप्त करना है। यदि स्वयं पर विजय प्राप्त कर लिया तो फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी। इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता। गौतम बुद्ध कहते हैं कि व्यक्ति कभी भी बुराई से बुराई को खत्म नहीं कर सकता है। इसे खत्म करने के लिए व्यक्ति को प्रेम का सहारा लेना पड़ता है। प्रेम से दुनिया की हर बड़ी चीजों को जीता जा सकता है। बुद्ध के अनुसार, खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती हैं। कभी कम नहीं होती हैं। जंगली जानवर की अपेक्षा कपटी और दुष्ट मित्र से डरना चाहिए। जंगली जानवर आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है। गौतम बुद्ध के अनुसार, जीवन में तीन चीजें कभी भी छुपाकर नहीं रखा जा सकता है। वो है- सूर्य, चंद्रमा और सत्य।

वास्तव में देखा जाए तो राज-शासन और धर्म-शासन दोनों का ही मुख्य उद्देश्य जनता को सन्मार्ग पर ले जाना है। परन्तु राज-शासन के अधिनायक स्वयं मोहमाया ग्रस्त प्राणी होते हैं, अतः वे समाज सुधार के कार्य में पूर्णतया सफल नहीं हो पाते। भला, जो जिस चीज को अपने हृदयतल में से नहीं मिटा सकता, वह दूसरे हजारों हृदयों से उसे कैसे मिटा सकता है? राज-शासन की आधारशिला प्रेम, स्नेह एवं सद्भाव की भूमि पर नहीं रखी जाती है, वह रखी जाती है, प्रायः भय, आतंक और दमन की नींव पर। यही कारण है कि राज-शासन प्रजा में न्याय, नीति और शंाति की रक्षा करता हुआ भी अधिक स्थायी व्यवस्था कायम नहीं कर सकता। जबकि धर्म-शासन परस्पर के प्रेम और सद्भाव पर कायम होता है, फलतः वह सत्य-पथ प्रदर्शन के द्वारा मूलतः समाज का हृदय परिवर्तन करता है और सब ओर से पापाचार को हटाकर स्थायी न्याय, नीति तथा शांति की स्थापना करता है। बुद्ध अन्ततोगत्वा इसी निर्णय पर पहुंचे कि भारत का यह दुःसाध्य रोग साधारण राजनीतिक हलचलों से दूर होने वाला नहीं है। इसके लिए तो सारा जीवन ही उत्सर्ग करना पड़ेगा, क्षुद्र परिवार का मोह छोड़ कर ‘विश्व-परिवार’ का आदर्श अपनाना होगा। राजकीय वेशभूषा से सुसज्जित होकर साधारण जनता में घुला-मिला नहीं जा सकता। वहां तक पहुंचने के लिए तो ऐच्छिक लघुत्व स्वीकार करना होगा, अर्थात् भिक्षुत्व स्वीकार करना होगा।

मानवता को बुद्ध की सबसे बड़ी देन है भेदभाव को समाप्त करना। यह एक विडम्बना ही है कि बुद्ध की इस धरती पर आज तक छूआछूत, भेदभाव किसी न किसी रूप में विद्यमान हैं। उस समय तो समाज छूआछूत के कारण अलग-अलग वर्गों में विभाजित था। बौद्ध धर्म ने सबको समान मान कर आपसी एकता की बात की तो बड़ी संख्या में लोग बौद्ध मत के अनुयायी बनने लगे। कुछ दशक पूर्व डाक्टर भीमराव आम्बेडकर ने भारी संख्या में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध मत को अंगीकार किया ताकि हिन्दू समाज में उन्हें बराबरी का स्थान प्राप्त हो सके। बौद्ध मत के समानता के सिद्धांत को व्यावहारिक रूप देना आज भी बहुत आवश्यक है। मूलतः बौद्ध मत हिन्दू धर्म के अनुरूप ही रहा और हिन्दू धर्म के भीतर ही रह कर महात्मा बुद्ध ने एक क्रान्तिकारी और सुधारवादी आन्दोलन चलाया। समााजिक क्रांति के संदर्भ में उनका जो अवदान है, उसे उजागर करना वर्तमान युग की बड़ी अपेक्षा है। ऐसा करके ही हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकेंगे। बुद्ध ने समतामूलक समाज का उपदेश दिया। जहां राग, द्वेष होता है, वहां विषमता पनपती है। इस दृष्टि से सभी समस्याओं का उत्स है-राग और द्वेष। व्यक्ति अपने स्वार्थों का पोषण करने, अहं को प्रदर्शित करने, दूसरों को नीचा दिखाने, सत्ता और सम्पत्ति हथियाने के लिए विषमता के गलियारे में भटकता रहता है।

बुद्ध ने जन-जन के बीच आने से पहले, अपने जीवन के अनुभवों को बांटने से पहले, कठोर तप करने से पहले, स्वयं को अकेला बनाया, खाली बनाया। तप तपा। जीवन का सच जाना। फिर उन्होंने कहा अपने भीतर कुछ भी ऐसा न आने दो जिससे भीतर का संसार प्रदूषित हो। न बुरा देखो, न बुरा सुनो, न बुरा कहो। यही खालीपन का संदेश सुख, शांति, समाधि का मार्ग है। उन्होंने अप्प दीपो भव- अपने दीपक स्वयं बनने की बात कही। क्योंकि दिन-रात संकल्पों-विकल्पों, सुख-दुख, हर्ष-विषाद से घिरे रहना, कल की चिंता में झुलसना तनाव का भार ढोना, ऐसी स्थिति में भला मन कब कैसे खाली हो सकता है? कैसे संतुलित हो सकता है? कैसे समाधिस्थ हो सकता है? इन स्थितियों को पाने के लिए वर्तमान में जीने का अभ्यास जरूरी है। न अतीत की स्मृति और न भविष्य की चिंता। जो आज को जीना सीख लेता है, समझना चाहिए उसने मनुष्य जीवन की सार्थकता को पा लिया है और ऐसे मनुष्यों से बना समाज ही संतुलित हो सकता है, स्वस्थ हो सकता है, समतामूलक हो सकता है। जरूरत है उन्नत एवं संतुलित समाज निर्माण के लिए महात्मा बुद्ध के उपदेशों को जीवन में ढालने की। बुद्ध-सी गुणात्मकता को जन-जन में स्थापित करने की। ऐसा करके ही समाज को स्वस्थ बना सकेंगे। कोरा उपदेश तक बुद्ध को सीमित न बनाएं, बल्कि बुद्ध को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें।

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जंतर-मंतर पर देर रात रेसलर्स और पुलिस में झड़प, अब सबने कहा- मेडल लौटाएंगे

 दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण पर एक्शन के लिए जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों और पुलिस में बुधवार देर रात झड़प हो गई। कुछ रेसलर्स को चोटें आई हैं। विनेश फोगाट के भाई दुष्यंत का सिर फूट गया।

लगातार 12 दिन से धरना दे रहे रेसलर्स ने गुरुवार को कहा कि यही दिन देखने के लिए हम देश के लिए मेडल लाए थे। हम सभी मेडल्स भारत सरकार को लौटा देंगे।

रेसलर्स से मिलने गुरुवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, किसान और खाप नेता पहुंचे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नवजोत सिंह सिद्धू और बॉक्सर विजेंदर सिंह ने रेसलर्स का सपोर्ट किया है।

एक नाबालिग समेत 7 महिला रेसलर्स ने बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही रेसलर्स बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद उन पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस पर आज कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।

बुधवार रात 10:45 बजे: विवाद तब शुरू हुआ, जब बारिश से बिस्तर और सड़कें भीगने के बाद पहलवान बेड लेकर धरना स्थल आए। आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती भी बेड लेकर पहुंचे। पुलिस ने जब पहलवानों और भारती को रोका तो बहस शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने समझाने की कोशिश की, लेकिन रेसलर्स उग्र हो गए। हल्की सी झड़प भी हो गई। भारती समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। गुरुवार को धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।

इस घटना के वीडियो और फोटोज भी सामने आए। पहलवानों ने कहा कि हम सिर्फ कुछ बेड लेकर जा रहे थे, लेकिन पुलिस वालों ने हम पर हमला बोल दिया। कई पुलिसकर्मी नशे में थे, उन्होंने मारपीट की और अपशब्द कहे। रेसलर्स ने एक पुलिसवाले को पकड़ भी लिया। कहा कि यह नशे में अभद्रता कर रहा था। विनेश ने बताया कि उनके भाई दुष्यंत के सिर में चोट आई है। एक और रेसलर राकेश भी घायल है।

विवाद के बाद पहलवानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रेसलर संगीता फोगाट और साक्षी मलिक फूट-फूट कर रोने लगीं। इन्होंने हाथ जोड़े और कहा कि हमारी मदद करिए। विनेश ने बताया कि वो पलंग लेने जा रही थीं, इसी दौरान पुलिसकर्मी ने उनके साथ गाली गलौज और बदतमीजी की। विनेश ने रोते हुए कहा- क्या इसी दिन के लिए हम देश के लिए मेडल लेकर आए थे। बृजभूषण सुकून से सो रहे हैं और हम यहां लाठियां खा रहे हैं।

बजरंग पुनिया ने कहा कि यह हमारे देश की वह बहन-बेटियां हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। बजरंग ने अपील की कि सभी लोग सुबह जंतर-मंतर पहुंचें, वरना यहां पर कोई नहीं बचेगा।

बजरंग पुनिया ने एक और वीडियो जारी किया। कहा कि धरना स्थल पर ना आएं, क्योंकि यहां आने वालों को हिरासत में ले लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें मुद्दे से भटकाने की कोशिश की जा रही है। हमें भटकना नहीं है, किसी के साथ हाथापाई नहीं करनी है।

पुलिस ने जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग कर दी। मीडिया को भी वहां से हटा दिया गया। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जंतर-मंतर जा रही थीं, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्होंने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुडा को भी रात में ही हिरासत में ले लिया गया।

स्वाति मालिवाल जंतर-मंतर पहुंचीं। यहां विनेश, साक्षी और दूसरी महिला पहलवानों से मुलाकात की। हरियाणा के गांवों से किसान और खाप नेता जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल ने समर्थन में बयान दिए। प्रियंका गांधी बोलीं- महिला पहलवानों के आंसू देखकर दुख हुआ। इन्हें न्याय मिलना चाहिए।

सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी वायरल है। दावा किया जा रहा है कि बजरंग पूनिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी खिलाड़ियों की परेशानियों का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि घटना के जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। हालांकि विनेश समेत कई अन्य पहलवानों ने कहा कि कोई चिट्ठी नहीं लिखी गई है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने यहां सभी पहलवानों से बात की। उन्होंने बताया कि वे रात को 1:30 बजे भी जंतर-मंतर आई थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रदर्शनकारियों से मिलने नहीं दिया और जबरदस्ती वहां से पुलिस स्टेशन ले गई। कई घंटे पुलिस स्टेशन में बैठाए रखने के बाद पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर आने दिया।

सुबह करीब 10:30 बजे जींद से किसानों ने पहलवानों के समर्थन में दिल्ली की तरफ कूच किया। लेकिन, पुलिस ने 11 बजे उन्हें कुंडली में केजीपी-केएमपी जीरो पॉइंट के पास रोक लिया। ये किसान संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) के सदस्य अभिमन्यु कुहाड़ के नेतृत्व एकत्रित हुए थे।

पहलवानों के समर्थन में मार्च निकाल रहे दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को बुधवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वहीं, स्टूडेंट्स ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनसे प्रदर्शन के लिए न कोई अनुमति मांगी गई और न ही कोई सूचना दी गई।

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सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, 3 घायल...

जम्मू  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दूरदराज इलाके मड़वा के मचना जंगलों में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं। जो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है वो सेना का ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर है। तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान सेना का ये हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।


जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर के पायलट और को-पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) को तकनीकी खराबी की सूचना दी थी और इमरजेंसी लैंडिंग के लिए आगे बढ़ गए। उन्होंने हेलीकॉप्टर को मारुआ नदी के किनारे पर लैंड कराने की कोशिश की और इसी दौरान ये हादसा हुआ। उबड़-खाबड़ जमीन और बिना तैयारी के लैंडिंग के कारण हेलीकॉप्टर सही सलामत लैंड नहीं हो पाया और ये क्रैश हो गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर में पायलट, को-पायलट के साथ-साथ एक टेक्नीशियन मौजूद था।

सेना के हेलीकॉप्टर के क्रैश होते ही तत्काल प्रभाव से सहायता के लिए लोगों को भेज भी दिया गया। तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया और सेना की बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। नदी के किनारे से तत्काल बचाव अभियान चलाया गया।

भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर के क्रैश में तीन लोगों को चोटें आई हैं। विमान में दो पायलट और एक टेक्नीशियन सवार थे। तीनों घायल कर्मियों को उधमपुर के कमांड अस्पताल ले जाया गया है। जहां उनका इलाज जारी है।

 

 

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विहिप-बजरंग दल का प्रदेशभर में प्रदर्शन, शाम को करेंगे हनुमान चालीसा का पाठ...

बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण) विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कर्णाटक के कई हिस्सों में कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस घोषणापत्र में लिखा था कि कर्नाटक की सत्ता में आने के बाद पार्टी किन चीजों पर प्रतिबंध लगाने वाली है।


कई जगह प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का जाप भी किया। प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस के वादे के विरोध में गुरुवार शाम को हनुमान मंदिरों और अन्य कई मंदिरों में हनुमान चालीसा का जाप करने के लिए तैयार किया गया है। विहिप के सूत्रों ने कहा कि बेंगलुरु, चिक्काबल्लापुरा, श्रीरंगपटना, मांड्या और चिक्कमगलुरु में विरोध प्रदर्शन हुआ।



बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश दिखाया
श्रीरंगपटना में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र को फाड़ दिया और उसे चप्पलों से पीटा। बजरंग दल के नेताओं और विहिप से जुड़े हिंदू धर्मगुरुओं ने वीडियो संदेश में लोगों से बड़ी संख्या में अपने परिवार के सदस्यों के साथ हनुमान या किसी अन्य मंदिर में आकर हनुमान चालीसा का जाप करने की अपील की है।

धार्मिक प्रमुखों में से एक ने लोगों से एक साथ आने और हिंदू एकता का प्रदर्शन करने की अपील की, जो 10 मई को प्रतिबिंबित होनी चाहिए। दरअसल, 10 मई को कर्नाटक में विधानसभा आयोजित किया जाना है।

संगठनों पर लगाएंगे प्रतिबंध
कर्नाटक में 10 मई के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा कि वह जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस ने कहा, "हम मानते हैं कि कानून और संविधान पवित्र है और बजरंग दल, पीएफआई जैसे व्यक्तियों और संगठनों द्वारा इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। हम कानून के अनुसार निर्णायक कार्रवाई करेंगे, जिसमें ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध शामिल हैं ।"

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विजयनगर जिले के होसपेट में अपनी जनसभा के दौरान भी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था, "कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में भगवान हनुमान को बंद करने का फैसला किया है। शुरू में, उन्होंने प्रभु श्री राम को बंद कर दिया और अब वे उन लोगों को बंद करना चाहते हैं जो जय बजरंग बली कहते हैं।"

 

 

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यूपी निकाय चुनाव 4 को

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण) यूपी निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए गुरूवार को मतदान होगा।  इस दौरान 37 जिलों के 10 नगर निगम, 103 नगर पालिका और 276 नगर पंचायतों में वोट डाले जाएंगे। पोलिंग पार्टियां आज पोलिंग बूथ के लिए रवाना हो गई हैं।

राज्‍य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त मनोज कुमार ने लखनऊ में जारी एक बयान में कहा कि प्रथम चरण के चुनाव के लिए बुधवार को मतदान पार्टियां रवाना हो गई और गुरुवार को नौ मंडलों के 37 जिलों में मतदान कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।  उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में चुनाव प्रेक्षक तैनात किये गये हैं और प्रेक्षकों को मतदान के पल-पल की जानकारी आयोग को भेजनी होगी।

आयुक्‍त ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने में अव्यवस्था फैलाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखकर उनके विरूद्ध समय से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी।

कुमार ने मतदान के दिन आयोग के निर्देशों का अक्षरश: पालन कराने का निर्देश देते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की है।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेश में दो चरणों में चार मई और 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा और 13 मई को मतगणना होगी। नगर निगमों के महापौर और पार्षद पद के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा, जबकि बाकी पदों के लिए मतदान मतपत्र से होगा।
कुमार ने बताया कि पहले चरण में चार मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के 37 जिलों के 2.40 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे।

पहले चरण में नगर निगमों के 10 महापौर और 820 पार्षदों, 103 नगर पालिका परिषद अध्यक्षों, 2,740 नगर पालिका परिषद सभासदों, 275 नगर पंचायत अध्यक्षों और 3,645 नगर पंचायत सदस्यों समेत कुल 7,593 पदों के लिए 44 हजार से अधिक उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

 

 

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