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आतंकियों से मुठभेड़ में सेना के दो जवान शहीद, चार घायल

जम्मू (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के कंडी इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ में दो जवान शहीद हो गए और चार अन्य घायल हो गए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए कहा कि सेना को राजौरी सेक्टर के कंडी जंगल में आतंकवादियों की मौजूदगी के बारे में जानकारी मिली थी। विशेष सूचना पर एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया था। तलाशी के दौरान आतंकियों को सुरक्षाबलों ने घेर लिया और मुठभेड़ शुरू हो गई थी।


जम्मू-कश्मीर के राजौरी में सुरक्षाबलों और आतंकवादियों के बीच शुक्रवार को मुठभेड़ हुई। तलाशी अभियान के दौरान आतंकियों ने जवाबी कार्रवाई में विस्फोटक से ब्लास्ट किया। एक अधिकारी सहित चार जवान इस हमले में घायल हो गए हैं। वहीं, इस हमले में दो जवान शहीद हो गए हैं। घायल कर्मियों को उधमपुर के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच जम्मू-कश्मीर के राजौरी में मोबाइल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है।

इलाके में आतंकियों के समूह को सुरक्षाबलों ने घेर रखा है। सुबह से शुरू हुई ये मुठभेड़ अभी भी जारी है। सुरक्षाबलों ने मोर्चा संभाला हुआ है।  इलाके में 2 से 3 आतंकवादियों के छिपे होने की खबर मिली थी। जिसके बाद से सुरक्षाबलों ने इलाके को घेर लिया था। सुबह से जारी यह मुठभेड़ राजौरी जिले के बनयारी पर्वतीय क्षेत्र के डोक इलाके की बताई जा रही है।

राजौरी में जारी मुठभेड़ के बीच एहतियातन इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि शुक्रवार को इलाके की सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद को फिलहाल के लिए बंद कर दिया गया है।

 

 

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15 सेकंड में ही, जयशंकर ने पाकिस्तान को दिया तगड़ा संदेश दिया...

गोवा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एससीओ काउंसिल ऑफ फॉरेन मिनिस्टर्स (सीएफएम) की बैठक में भाग लेने के लिए बिलावल भुट्टो की भारत यात्रा,

जम्मू-कश्मीर में सीमा पार आतंकवाद की घटनाओं के बीच हो रही है, जिसपर पूरी दुनिया की नजर है।

SCO Summit S Jaishankar meets Bilawal Bhutto: कहते हैं, डिप्लोमेसी में चेहरे का हावभाव, आंखों की भाषा का काफी महत्वपूर्ण होता है और जब दो देशों के नेता मिलते हैं, तो उनकी चंद सेकंड्स की मुलाकात से ही पता चल जाता है, कि दोनों देशों के बीच के रिश्ते कैसे हैं और आगे कैसे होने वाले हैं। भारत के गोवा में इस वक्त शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक चल रही है, जिसमें एससीओ के सभी सदस्य देशों के विदेश मंत्री मौजूद हैं। इस संगठन का हिस्सा पाकिस्तान भी है और पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो एससीओ की बैठक में हिस्सा लेने के लिए गुरुवार को भारत पहुंचे हैं। बिलावल भुट्टो के भारत दौरे को लेकर भारतीय और पाकिस्तानी मीडिया में काफी उत्साह है और भारतीय टीवी चैनलों पर बिलावल के दौरे का काफी बड़ा कवरेज भी हो रहा है, लेकिन सिर्फ मीडिया में। आज जब भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर शिखर सम्मेलन से पहले बिलावल से मिले, तो 15 सेकंड के वीडियो में उन्होंने पूरी तरह से साफ कर दिया, कि पाकिस्तान को लेकर भारत की नीति क्या रहने वाली है। एस. जयशंकर और बिलावल भुट्टो के आमने-सामने आने का इंतजार कल से ही किया जा रहा था और आज एससीओ की बैठक शुरू होने से पहले एस जयशंकर जब सदस्य देशों के विदेश मंत्री को बैठक स्थल तक जाने के लिए स्वागत कर रहे थे, उस वक्त उन्होंने बिलावल भुट्टो का भी स्वागत किया।

हालांकि, वीडियो में भारतीय विदेश मंत्री की बेरूखी को साफ तौर पर देखा जा सकता है। वीडियो में दिख रहा है, कि भारतीय विदेश मंत्री खड़े हैं और बिलावल भुट्टो उनकी तरफ फोटो खिंचवाने के लिए आगे बढ़ते हैं। एस जयशंकर बिलावल को नमस्ते कहते हैं, जवाब में बिलावल भुट्टो भी भारतीय विदेश मंत्री को नमस्ते के साथ जवाब देते हैं। इस दौरान एस जयशंकर सिर्फ एक सेकंड के लिए बिलावल को देखते हैं और फिर मीडिया के कैमरों के सामने देखने लगते हैं। बिलावल भुट्टो मुस्कुराते रहते हैं। फिर बिलावल भुट्टो, भारतीय विदेश मंत्री से करीब 2 फुट की दूरी पर खड़े हो जाते हैं और मुस्कुराते हुए फोटो खिंचवाने लगते हैं। इस दौरान भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर काफी सीरियस दिख रहे थे और उनके चेहरे के हावभाव से समझा जा सकता है, कि बिलावल भुट्टो का उन्होंने कितनी सुस्ती के साथ स्वागत किया है। करीब 7 सेकंड्स तक मीडिया के कैमरे दोनों नेताओं का फोटो खिंचते हैं और उसके बाद एस. जयशंकर हाथों से इशारा करते हुए बिलावल भुट्टो को कार्यक्रम स्थल तक जाने के लिए कहते हैं। जवाब में बिलावल भुट्टो फिर से थोड़ा सा झुकते हुए सीने पर हाथ लगाकर भारतीय विदेश मंत्री का अभिवादन करते हैं। लेकिन, एस. जयशंकर का दोनों हाथ नीचे ही रहता है और वो सिर्फ मुस्कुराते हुए अभिभादन का आदान-प्रदान करते हैं। इसके अलावा भारतीय विदेश मंत्री, बिलावल भुट्टो के साथ एक कदम भी नहीं चलते हैं। ये पूरा घटनाक्रम सिर्फ 15 सेकंड का रहा, लेकिन इन 15 सेकंड्स में एस. जयशंकर ने साफ कर दिया, कि पाकिस्तान के रवैये से भारत बिल्कुल खुश नहीं है। एस. जयशंकर एक मंझे हुए डिप्लोमेट रहे हैं और अब वो भारत के विदेश मंत्री हैं। लिहाजा, उनका हावभाव काफी आसानी से बयां कर रहा था, कि भारत पाकिस्तान के रवैये से खुश नहीं है। पिछले हफ्ते जब एससीओ के रक्ष मंत्रियों की बैठक हुई थी, उस दौरान भारतीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चीन के रक्षा मंत्री से भी हाथ नहीं मिलाया था। बिलावल भुट्टो ने विदेश मंत्री बनने के बाद भारत को लेकर काफी तीखी बयानबाजी की है। वहीं, उन्होंने भारतीय प्रघानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर आपत्तिजनक निजी टिप्पणियां की हैं। बिलावल भुट्टो ने पीएम मोदी को 'बूचर ऑफ गुजरात' भी कहा और भारत की तरफ से इसको लेकर काफी सख्त प्रतिक्रिया दी गई थी। वहीं, भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पिछले दिनों साफ तौर पर कहा था, कि 'भारत अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छा संबंध बनाना चाहता है, लेकिन कुछ देश ऐसे होते हैं, जिनके साथ संबंध नहीं बनाया जा सकता है।" वहीं, एस. जयशंकर ने अपने उद्घाटन भाषण में पाकिस्तान का नाम लिए बगैर कहा, कि "आतंकवाद का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। हमारा दृढ़ विश्वास है कि आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता है और इसे सीमा पार आतंकवाद सहित इसके सभी रूपों और अभिव्यक्तियों में रोका जाना चाहिए"।इसके साथ ही, भारत ने पाकिस्तान को संदेश दे दिया है, कि आतंकी घटनाओं के साथ साथ पाकिस्तान के साथ रिश्ते सामान्य नहीं हो सकते हैं। कश्मीर के पुंछ में पिछले दिनों आतंकी हमला हुआ था, जिसमें कई भारतीय जवान शहीद हो गये थे और इसमें पाकिस्तान स्थिति आतंकी संगठनों का हाथ है। लिहाजा, भारतीय विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया ने उन अटकलों को विराम दे दिया है, जिसमें छोटी सी आशा लगाई जा रही थी, कि भारत और पाकिस्तान के विदेश मंत्रियों के बीच द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है।

 

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शरद पवार का इस्तीफा नामंजूर

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शरद पवार के नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने अध्यक्ष पद से इस्तीफे को नामंजूर कर दिया गया है। मुंबई में हुई एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक में पवार के इस्तीफे को नामंजूर किया गया है।

एनसीपी की कोर कमेटी ने शरद पवार से पार्टी का नेतृत्व जारी रखने का अनुरोध करते हुए एक प्रस्ताव भी पारित किया है। महाराष्ट्र की राजनीति के दिग्गज नेता शरद पवार ने 2 मई को एनसीपी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था।

एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक में हुए फैसले की जानकारी देते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शरद पवार ने 2 मई को अचानक अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी। उन्होंने आगे की कार्रवाई के लिए और नए अध्यक्ष का चुनाव करने के लिए पार्टी नेताओं की एक समिति नियुक्त की।

आज हमने समिति की बैठक की। प्रफुल्ल पटेल ने बताया कि देश के नेता पवार ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया था, जिसे एक मत से नामंजूर कर दिया गया। हम उनसे विनती करते हैं कि वे पद पर कायम रहें और अपनी जिम्मेदारी निभाएं। हमने ये फैसले लिया है।

एनसीपी के उपाध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मेरे सहित कई नेताओं ने पवार साहब से मुलाकात की और हमने उनसे लगातार अपने फैसले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया, क्योंकि इस समय देश और पार्टी को उनकी जरूरत है। ना केवल एनसीपी नेताओं, बल्कि पार्टी के अन्य नेताओं और प्रतिष्ठित हस्तियों ने भी उनसे पार्टी प्रमुख बने रहने का अनुरोध किया।

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अपेक्षा है बुद्ध के उपदेशों को जीवन में ढालने की

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। गौतम बुद्ध एक प्रकाशस्तंभ है, उनका लोकहितकारी चिन्तन एवं कर्म कालजयी है और युग-युगों तक समाज का मार्गदर्शन करता है। बुद्ध पूर्णिमा को उनकी जयंती मनाई जाती है और उनका निर्वाण दिवस भी बुद्ध पूर्णिमा के दिन ही हुआ था। यानी यही वह दिन था जब बुद्ध ने जन्म लिया, शरीर का त्याग किया था और मोक्ष प्राप्त किया। बुद्ध पूर्णिमा न केवल बौध धर्म के अनुयायियों के लिए बल्कि सम्पूर्ण मानव जाति के लिये एक महत्वपूर्ण दिन है। बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बुद्ध पूर्णिमा सबसे बड़ा त्योहार का दिन होता है। इस दिन अनेक प्रकार के समारोह आयोजित किए गए हैं। अलग-अलग देशों में वहां के रीति-रिवाजों और संस्कृति के अनुसार समारोह आयोजित होते हैं। बुद्ध पूर्णिमा को श्रीलंकाई ‘वेसाक’ उत्सव के रूप में मनाते हैं जो ‘वैशाख’ शब्द का अपभ्रंश है। इस दिन बौद्ध घरों में दीपक जलाए जाते हैं और फूलों से घरों को सजाया जाता है। दुनियाभर से बौद्ध धर्म के अनुयायी बोधगया आते हैं और प्रार्थनाएं करते हैं। बोधिवृक्ष की पूजा की जाती है। उसकी शाखाओं पर हार व रंगीन पताकाएँ सजाई जाती हैं। जड़ों में दूध व सुगंधित पानी डाला जाता है। वृक्ष के आसपास दीपक जलाए जाते हैं। गरीबों को भोजन व वस्त्र दिए जाते हैं।

महात्मा गौतम बुद्ध बौद्ध धर्म के संस्थापक थे। उन्होंने अपने जीवन में हमेशा लोगों को अहिंसा और करुणा का भाव सिखाया। गौतम बुद्ध का जन्म नेपाल स्थित लुम्बिनी में 563वीं ईसा पूर्व में एक राजपरिवार में हुआ था। महात्मा बुद्ध को सबसे महत्वपूर्ण भारतीय आध्यात्मिक महामनीषी, सिद्ध-संन्यासी, समाज-सुधारक धर्मगुरु में से एक माना जाता है। उन्होंने न केवल अनेक प्रभावी व्यक्तियों बल्कि आम जन के हृदय को छुआ और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए। उन्हें धर्मक्रांति के साथ-साथ व्यक्ति एवं विचारक्रांति के सूत्रधार भी कह सकते हैं। उनकी क्रांतिवाणी उनके क्रांत व्यक्तित्व की द्योतक ही नहीं वरन् धार्मिक, सामाजिक विकृतियों एवं अंधरूढ़ियों पर तीव्र कटाक्ष एवं परिवर्तन की प्रेरणा भी है, जिसने असंख्य मनुष्यों की जीवन दिशा को बदला।

बुद्ध संन्यासी बनने से पहले कपिलवस्तु के राजकुमार सिद्धार्थ थे। शांति की खोज में वे 27 वर्ष की उम्र में घर-परिवार, राजपाट आदि छोड़कर चले गए थे। भ्रमण करते हुए सिद्धार्थ काशी के समीप सारनाथ पहुंचे, जहाँ उन्होंने धर्म परिवर्तन किया। यहाँ उन्होंने बोधगया में बोधि वृक्ष के नीचें कठोर तप किया। कठोर तपस्या के बाद सिद्धार्थ को बुद्धत्व ज्ञान की प्राप्ति हुई और वह महान संन्यासी गौतम बुद्ध के नाम से प्रचलित हुए और अपने ज्ञान से समूचे विश्व को ज्योतिर्मय किया। बुद्ध ने जब अपने युग की जनता को धार्मिक-सामाजिक, आध्यात्मिक एवं अन्य यज्ञादि अनुष्ठानों को लेकर अज्ञान में घिरा देखा, साधारण जनता को धर्म के नाम पर अज्ञान में पाया, नारी को अपमानित होते देखा, शुद्रों के प्रति अत्याचार होते देखे-तो उनका मन जनता की सहानुभूति में उद्वेलित हो उठा। लोकजीवन को ऊंचा उठाने के उन्होंने जो हिमालयी प्रयत्न किये, वे अद्भुत और आश्चर्यकारी है। बुद्ध के अनुयसा जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से बेहतर स्वयं पर विजय प्राप्त करना है। यदि स्वयं पर विजय प्राप्त कर लिया तो फिर जीत हमेशा तुम्हारी होगी। इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता। गौतम बुद्ध कहते हैं कि व्यक्ति कभी भी बुराई से बुराई को खत्म नहीं कर सकता है। इसे खत्म करने के लिए व्यक्ति को प्रेम का सहारा लेना पड़ता है। प्रेम से दुनिया की हर बड़ी चीजों को जीता जा सकता है। बुद्ध के अनुसार, खुशियां बांटने से हमेशा बढ़ती हैं। कभी कम नहीं होती हैं। जंगली जानवर की अपेक्षा कपटी और दुष्ट मित्र से डरना चाहिए। जंगली जानवर आपके शरीर को नुकसान पहुंचा सकता है, लेकिन एक बुरा मित्र आपकी बुद्धि को नुकसान पहुंचा सकता है। गौतम बुद्ध के अनुसार, जीवन में तीन चीजें कभी भी छुपाकर नहीं रखा जा सकता है। वो है- सूर्य, चंद्रमा और सत्य।

वास्तव में देखा जाए तो राज-शासन और धर्म-शासन दोनों का ही मुख्य उद्देश्य जनता को सन्मार्ग पर ले जाना है। परन्तु राज-शासन के अधिनायक स्वयं मोहमाया ग्रस्त प्राणी होते हैं, अतः वे समाज सुधार के कार्य में पूर्णतया सफल नहीं हो पाते। भला, जो जिस चीज को अपने हृदयतल में से नहीं मिटा सकता, वह दूसरे हजारों हृदयों से उसे कैसे मिटा सकता है? राज-शासन की आधारशिला प्रेम, स्नेह एवं सद्भाव की भूमि पर नहीं रखी जाती है, वह रखी जाती है, प्रायः भय, आतंक और दमन की नींव पर। यही कारण है कि राज-शासन प्रजा में न्याय, नीति और शंाति की रक्षा करता हुआ भी अधिक स्थायी व्यवस्था कायम नहीं कर सकता। जबकि धर्म-शासन परस्पर के प्रेम और सद्भाव पर कायम होता है, फलतः वह सत्य-पथ प्रदर्शन के द्वारा मूलतः समाज का हृदय परिवर्तन करता है और सब ओर से पापाचार को हटाकर स्थायी न्याय, नीति तथा शांति की स्थापना करता है। बुद्ध अन्ततोगत्वा इसी निर्णय पर पहुंचे कि भारत का यह दुःसाध्य रोग साधारण राजनीतिक हलचलों से दूर होने वाला नहीं है। इसके लिए तो सारा जीवन ही उत्सर्ग करना पड़ेगा, क्षुद्र परिवार का मोह छोड़ कर ‘विश्व-परिवार’ का आदर्श अपनाना होगा। राजकीय वेशभूषा से सुसज्जित होकर साधारण जनता में घुला-मिला नहीं जा सकता। वहां तक पहुंचने के लिए तो ऐच्छिक लघुत्व स्वीकार करना होगा, अर्थात् भिक्षुत्व स्वीकार करना होगा।

मानवता को बुद्ध की सबसे बड़ी देन है भेदभाव को समाप्त करना। यह एक विडम्बना ही है कि बुद्ध की इस धरती पर आज तक छूआछूत, भेदभाव किसी न किसी रूप में विद्यमान हैं। उस समय तो समाज छूआछूत के कारण अलग-अलग वर्गों में विभाजित था। बौद्ध धर्म ने सबको समान मान कर आपसी एकता की बात की तो बड़ी संख्या में लोग बौद्ध मत के अनुयायी बनने लगे। कुछ दशक पूर्व डाक्टर भीमराव आम्बेडकर ने भारी संख्या में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध मत को अंगीकार किया ताकि हिन्दू समाज में उन्हें बराबरी का स्थान प्राप्त हो सके। बौद्ध मत के समानता के सिद्धांत को व्यावहारिक रूप देना आज भी बहुत आवश्यक है। मूलतः बौद्ध मत हिन्दू धर्म के अनुरूप ही रहा और हिन्दू धर्म के भीतर ही रह कर महात्मा बुद्ध ने एक क्रान्तिकारी और सुधारवादी आन्दोलन चलाया। समााजिक क्रांति के संदर्भ में उनका जो अवदान है, उसे उजागर करना वर्तमान युग की बड़ी अपेक्षा है। ऐसा करके ही हम एक स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकेंगे। बुद्ध ने समतामूलक समाज का उपदेश दिया। जहां राग, द्वेष होता है, वहां विषमता पनपती है। इस दृष्टि से सभी समस्याओं का उत्स है-राग और द्वेष। व्यक्ति अपने स्वार्थों का पोषण करने, अहं को प्रदर्शित करने, दूसरों को नीचा दिखाने, सत्ता और सम्पत्ति हथियाने के लिए विषमता के गलियारे में भटकता रहता है।

बुद्ध ने जन-जन के बीच आने से पहले, अपने जीवन के अनुभवों को बांटने से पहले, कठोर तप करने से पहले, स्वयं को अकेला बनाया, खाली बनाया। तप तपा। जीवन का सच जाना। फिर उन्होंने कहा अपने भीतर कुछ भी ऐसा न आने दो जिससे भीतर का संसार प्रदूषित हो। न बुरा देखो, न बुरा सुनो, न बुरा कहो। यही खालीपन का संदेश सुख, शांति, समाधि का मार्ग है। उन्होंने अप्प दीपो भव- अपने दीपक स्वयं बनने की बात कही। क्योंकि दिन-रात संकल्पों-विकल्पों, सुख-दुख, हर्ष-विषाद से घिरे रहना, कल की चिंता में झुलसना तनाव का भार ढोना, ऐसी स्थिति में भला मन कब कैसे खाली हो सकता है? कैसे संतुलित हो सकता है? कैसे समाधिस्थ हो सकता है? इन स्थितियों को पाने के लिए वर्तमान में जीने का अभ्यास जरूरी है। न अतीत की स्मृति और न भविष्य की चिंता। जो आज को जीना सीख लेता है, समझना चाहिए उसने मनुष्य जीवन की सार्थकता को पा लिया है और ऐसे मनुष्यों से बना समाज ही संतुलित हो सकता है, स्वस्थ हो सकता है, समतामूलक हो सकता है। जरूरत है उन्नत एवं संतुलित समाज निर्माण के लिए महात्मा बुद्ध के उपदेशों को जीवन में ढालने की। बुद्ध-सी गुणात्मकता को जन-जन में स्थापित करने की। ऐसा करके ही समाज को स्वस्थ बना सकेंगे। कोरा उपदेश तक बुद्ध को सीमित न बनाएं, बल्कि बुद्ध को जीवन का हिस्सा बनाएं, जीवन में ढालें।

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जंतर-मंतर पर देर रात रेसलर्स और पुलिस में झड़प, अब सबने कहा- मेडल लौटाएंगे

 दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण पर एक्शन के लिए जंतर-मंतर पर धरना दे रहे पहलवानों और पुलिस में बुधवार देर रात झड़प हो गई। कुछ रेसलर्स को चोटें आई हैं। विनेश फोगाट के भाई दुष्यंत का सिर फूट गया।

लगातार 12 दिन से धरना दे रहे रेसलर्स ने गुरुवार को कहा कि यही दिन देखने के लिए हम देश के लिए मेडल लाए थे। हम सभी मेडल्स भारत सरकार को लौटा देंगे।

रेसलर्स से मिलने गुरुवार को दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल, किसान और खाप नेता पहुंचे हैं। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, नवजोत सिंह सिद्धू और बॉक्सर विजेंदर सिंह ने रेसलर्स का सपोर्ट किया है।

एक नाबालिग समेत 7 महिला रेसलर्स ने बृजभूषण पर यौन शोषण के आरोप लगाए थे। इसके बाद से ही रेसलर्स बृजभूषण की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट में मामला जाने के बाद उन पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इस पर आज कोर्ट में सुनवाई भी होनी है।

बुधवार रात 10:45 बजे: विवाद तब शुरू हुआ, जब बारिश से बिस्तर और सड़कें भीगने के बाद पहलवान बेड लेकर धरना स्थल आए। आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती भी बेड लेकर पहुंचे। पुलिस ने जब पहलवानों और भारती को रोका तो बहस शुरू हो गई। दिल्ली पुलिस ने कहा कि हमने समझाने की कोशिश की, लेकिन रेसलर्स उग्र हो गए। हल्की सी झड़प भी हो गई। भारती समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया है। गुरुवार को धरना स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात है।

इस घटना के वीडियो और फोटोज भी सामने आए। पहलवानों ने कहा कि हम सिर्फ कुछ बेड लेकर जा रहे थे, लेकिन पुलिस वालों ने हम पर हमला बोल दिया। कई पुलिसकर्मी नशे में थे, उन्होंने मारपीट की और अपशब्द कहे। रेसलर्स ने एक पुलिसवाले को पकड़ भी लिया। कहा कि यह नशे में अभद्रता कर रहा था। विनेश ने बताया कि उनके भाई दुष्यंत के सिर में चोट आई है। एक और रेसलर राकेश भी घायल है।

विवाद के बाद पहलवानों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। रेसलर संगीता फोगाट और साक्षी मलिक फूट-फूट कर रोने लगीं। इन्होंने हाथ जोड़े और कहा कि हमारी मदद करिए। विनेश ने बताया कि वो पलंग लेने जा रही थीं, इसी दौरान पुलिसकर्मी ने उनके साथ गाली गलौज और बदतमीजी की। विनेश ने रोते हुए कहा- क्या इसी दिन के लिए हम देश के लिए मेडल लेकर आए थे। बृजभूषण सुकून से सो रहे हैं और हम यहां लाठियां खा रहे हैं।

बजरंग पुनिया ने कहा कि यह हमारे देश की वह बहन-बेटियां हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन किया है। बजरंग ने अपील की कि सभी लोग सुबह जंतर-मंतर पहुंचें, वरना यहां पर कोई नहीं बचेगा।

बजरंग पुनिया ने एक और वीडियो जारी किया। कहा कि धरना स्थल पर ना आएं, क्योंकि यहां आने वालों को हिरासत में ले लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें मुद्दे से भटकाने की कोशिश की जा रही है। हमें भटकना नहीं है, किसी के साथ हाथापाई नहीं करनी है।

पुलिस ने जंतर-मंतर पर बैरिकेडिंग कर दी। मीडिया को भी वहां से हटा दिया गया। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जंतर-मंतर जा रही थीं, लेकिन कुछ देर बाद ही उन्होंने कहा कि पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुडा को भी रात में ही हिरासत में ले लिया गया।

स्वाति मालिवाल जंतर-मंतर पहुंचीं। यहां विनेश, साक्षी और दूसरी महिला पहलवानों से मुलाकात की। हरियाणा के गांवों से किसान और खाप नेता जंतर-मंतर की ओर रवाना हुए। प्रियंका गांधी, अरविंद केजरीवाल ने समर्थन में बयान दिए। प्रियंका गांधी बोलीं- महिला पहलवानों के आंसू देखकर दुख हुआ। इन्हें न्याय मिलना चाहिए।

सोशल मीडिया पर एक चिट्ठी वायरल है। दावा किया जा रहा है कि बजरंग पूनिया ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखकर जंतर-मंतर पर आंदोलनकारी खिलाड़ियों की परेशानियों का जल्द से जल्द समाधान करने की मांग की है। उन्होंने लिखा कि घटना के जिम्मेदार अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए। हालांकि विनेश समेत कई अन्य पहलवानों ने कहा कि कोई चिट्ठी नहीं लिखी गई है।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों से मिलने पहुंचीं। उन्होंने यहां सभी पहलवानों से बात की। उन्होंने बताया कि वे रात को 1:30 बजे भी जंतर-मंतर आई थीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें प्रदर्शनकारियों से मिलने नहीं दिया और जबरदस्ती वहां से पुलिस स्टेशन ले गई। कई घंटे पुलिस स्टेशन में बैठाए रखने के बाद पुलिस ने उन्हें जंतर-मंतर आने दिया।

सुबह करीब 10:30 बजे जींद से किसानों ने पहलवानों के समर्थन में दिल्ली की तरफ कूच किया। लेकिन, पुलिस ने 11 बजे उन्हें कुंडली में केजीपी-केएमपी जीरो पॉइंट के पास रोक लिया। ये किसान संयुक्त किसान मोर्चा (अराजनीतिक) के सदस्य अभिमन्यु कुहाड़ के नेतृत्व एकत्रित हुए थे।

पहलवानों के समर्थन में मार्च निकाल रहे दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स को बुधवार को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। वहीं, स्टूडेंट्स ने पुलिस पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया था। दिल्ली पुलिस ने कहा कि उनसे प्रदर्शन के लिए न कोई अनुमति मांगी गई और न ही कोई सूचना दी गई।

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सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश, 3 घायल...

जम्मू  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के दूरदराज इलाके मड़वा के मचना जंगलों में सेना का हेलीकॉप्टर क्रैश हुआ है, जिसमें दो लोग घायल हुए हैं। जो हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ है वो सेना का ALH ध्रुव हेलीकॉप्टर है। तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान सेना का ये हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया।


जानकारी के मुताबिक, हेलीकॉप्टर के पायलट और को-पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (एटीसी) को तकनीकी खराबी की सूचना दी थी और इमरजेंसी लैंडिंग के लिए आगे बढ़ गए। उन्होंने हेलीकॉप्टर को मारुआ नदी के किनारे पर लैंड कराने की कोशिश की और इसी दौरान ये हादसा हुआ। उबड़-खाबड़ जमीन और बिना तैयारी के लैंडिंग के कारण हेलीकॉप्टर सही सलामत लैंड नहीं हो पाया और ये क्रैश हो गया। इस दौरान हेलीकॉप्टर में पायलट, को-पायलट के साथ-साथ एक टेक्नीशियन मौजूद था।

सेना के हेलीकॉप्टर के क्रैश होते ही तत्काल प्रभाव से सहायता के लिए लोगों को भेज भी दिया गया। तत्काल बचाव अभियान शुरू किया गया और सेना की बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं। नदी के किनारे से तत्काल बचाव अभियान चलाया गया।

भारतीय सेना के हेलीकॉप्टर के क्रैश में तीन लोगों को चोटें आई हैं। विमान में दो पायलट और एक टेक्नीशियन सवार थे। तीनों घायल कर्मियों को उधमपुर के कमांड अस्पताल ले जाया गया है। जहां उनका इलाज जारी है।

 

 

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विहिप-बजरंग दल का प्रदेशभर में प्रदर्शन, शाम को करेंगे हनुमान चालीसा का पाठ...

बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण) विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को कर्णाटक के कई हिस्सों में कांग्रेस के चुनाव घोषणापत्र के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस घोषणापत्र में लिखा था कि कर्नाटक की सत्ता में आने के बाद पार्टी किन चीजों पर प्रतिबंध लगाने वाली है।


कई जगह प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का जाप भी किया। प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस के वादे के विरोध में गुरुवार शाम को हनुमान मंदिरों और अन्य कई मंदिरों में हनुमान चालीसा का जाप करने के लिए तैयार किया गया है। विहिप के सूत्रों ने कहा कि बेंगलुरु, चिक्काबल्लापुरा, श्रीरंगपटना, मांड्या और चिक्कमगलुरु में विरोध प्रदर्शन हुआ।



बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश दिखाया
श्रीरंगपटना में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने अपना आक्रोश व्यक्त करने के लिए कांग्रेस के घोषणापत्र को फाड़ दिया और उसे चप्पलों से पीटा। बजरंग दल के नेताओं और विहिप से जुड़े हिंदू धर्मगुरुओं ने वीडियो संदेश में लोगों से बड़ी संख्या में अपने परिवार के सदस्यों के साथ हनुमान या किसी अन्य मंदिर में आकर हनुमान चालीसा का जाप करने की अपील की है।

धार्मिक प्रमुखों में से एक ने लोगों से एक साथ आने और हिंदू एकता का प्रदर्शन करने की अपील की, जो 10 मई को प्रतिबिंबित होनी चाहिए। दरअसल, 10 मई को कर्नाटक में विधानसभा आयोजित किया जाना है।

संगठनों पर लगाएंगे प्रतिबंध
कर्नाटक में 10 मई के विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा कि वह जाति और धर्म के आधार पर समुदायों के बीच नफरत फैलाने वाले व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ दृढ़ और निर्णायक कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।

कांग्रेस ने कहा, "हम मानते हैं कि कानून और संविधान पवित्र है और बजरंग दल, पीएफआई जैसे व्यक्तियों और संगठनों द्वारा इसका उल्लंघन नहीं किया जा सकता है। हम कानून के अनुसार निर्णायक कार्रवाई करेंगे, जिसमें ऐसे संगठनों पर प्रतिबंध शामिल हैं ।"

भाजपा ने कांग्रेस पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को विजयनगर जिले के होसपेट में अपनी जनसभा के दौरान भी कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा था, "कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में भगवान हनुमान को बंद करने का फैसला किया है। शुरू में, उन्होंने प्रभु श्री राम को बंद कर दिया और अब वे उन लोगों को बंद करना चाहते हैं जो जय बजरंग बली कहते हैं।"

 

 

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यूपी निकाय चुनाव 4 को

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण) यूपी निकाय चुनाव के पहले चरण के लिए गुरूवार को मतदान होगा।  इस दौरान 37 जिलों के 10 नगर निगम, 103 नगर पालिका और 276 नगर पंचायतों में वोट डाले जाएंगे। पोलिंग पार्टियां आज पोलिंग बूथ के लिए रवाना हो गई हैं।

राज्‍य निर्वाचन आयोग ने कहा है कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

राज्‍य निर्वाचन आयुक्‍त मनोज कुमार ने लखनऊ में जारी एक बयान में कहा कि प्रथम चरण के चुनाव के लिए बुधवार को मतदान पार्टियां रवाना हो गई और गुरुवार को नौ मंडलों के 37 जिलों में मतदान कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निष्पक्ष, स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव कराने में किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।  उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में चुनाव प्रेक्षक तैनात किये गये हैं और प्रेक्षकों को मतदान के पल-पल की जानकारी आयोग को भेजनी होगी।

आयुक्‍त ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव कराने में अव्यवस्था फैलाने वाले संदिग्ध व्यक्तियों पर कड़ी नजर रखकर उनके विरूद्ध समय से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करायी जाएगी।

कुमार ने मतदान के दिन आयोग के निर्देशों का अक्षरश: पालन कराने का निर्देश देते हुए अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की है।

निर्वाचन आयोग के मुताबिक प्रदेश में दो चरणों में चार मई और 11 मई को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होगा और 13 मई को मतगणना होगी। नगर निगमों के महापौर और पार्षद पद के लिए मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से होगा, जबकि बाकी पदों के लिए मतदान मतपत्र से होगा।
कुमार ने बताया कि पहले चरण में चार मई को सहारनपुर, मुरादाबाद, आगरा, झांसी, प्रयागराज, लखनऊ, देवीपाटन, गोरखपुर और वाराणसी मंडल के 37 जिलों के 2.40 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे।

पहले चरण में नगर निगमों के 10 महापौर और 820 पार्षदों, 103 नगर पालिका परिषद अध्यक्षों, 2,740 नगर पालिका परिषद सभासदों, 275 नगर पंचायत अध्यक्षों और 3,645 नगर पंचायत सदस्यों समेत कुल 7,593 पदों के लिए 44 हजार से अधिक उम्मीदवार अपना भाग्य आजमा रहे हैं।

 

 

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सबकुछ ठीक तो लोकतंत्र की निंदा क्यों : जगदीप धनखड़

 डिब्रूगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण) भारत का लोकतंत्र दुनिया में सबसे जीवंत है और इसकी छवि को किसी के द्वारा खराब या खराब नहीं होने दिया जा सकता। ये बात उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय में कही है। दरअसल उपराष्ट्रपति विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।


उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि कुछ लोग देश के बाहर भारत की लोकतांत्रिक छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं।

उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा,''जब सब कुछ ठीक चल रहा है, तो कुछ लोग हमारे लोकतंत्र की निंदा क्यों कर रहे हैं? मैं विश्वास के साथ और विरोधाभासों के डर के बिना ये कहने की हिम्मत करता हूं कि भारत इस तारीख को ग्रह पर सबसे जीवंत कार्यात्मक लोकतंत्र है।''

उपराष्ट्रपति ने इस कार्यक्रम में छात्रों, युवाओं, बुद्धिजीवियों और मीडिया से 'देश के राजदूत' के रूप में कार्य करने की अपील की। साथ ही उन्होंने कहा कि राष्ट्रवाद में विश्वास करें।

हम उन लोगों का समर्थन नहीं कर सकते जो देश के अंदर और बाहर हमारे विकास पथ और लोकतांत्रिक मूल्यों को कलंकित और कलंकित करते हैं। उपराष्ट्रपति ने ये भी कहा कि संसद "बातचीत, चर्चा और बहस का स्थान" है, न कि व्यवधान और अशांति का स्थान।

असम दौरे पर हैं उपराष्ट्रपति धनखड़
दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ बुधवार को असम और मणिपुर के दौरे पर हैं। इस दौरान वे डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारो में शामिल हुए। इस मौके पर असम के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया, मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और केंद्रीय राज्य मंत्री रामेश्वर तेली मौजूद रहे। डिब्रूगढ़ विश्वविद्यालय ऊपरी असम के प्राथमिक संस्थानों में से एक माना जाता है।

 

 

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लू के मौसम में पंखे से भी परहेज कर रहे राजधानीवासी.

नई दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मौसम विभाग ने बुधवार के लिए बारिश और तापमान में गिरावट का पूर्वानुमान लगाया था जो सही साबित हुआ है। बुधवार के लिए यलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मंगलवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान सामान्य से 11 डिग्री कम 28.3 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री कम 19.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हवा में नमी का स्तर 69 से 94 प्रतिशत रहा। वर्षा की संभावना कई बार बनी जरूर, लेकिन एक बार भी नहीं हुई। अलबत्ता, बीच-बीच में ठंडी हवा चलती रही।


अप्रैल के आखिर एवं मई की शुरुआत में, जब तेज गर्मी और भीषण लू हाल बेहाल करती है, लगातार तीन-चार दिन तक अधिकतम तापमान 30 डिग्री से नीचे रहने वाली यह स्थिति पिछले लगभग एक दशक में पहली बार बनी है। 2021 में ऐसा मौसम केवल एक-दो दिन के लिए ही बना था। स्काईमेट वेदर के मौसम विज्ञानी महेश पलावत बताते हैं कि चरम मौसमी घटनाओं के लिए जलवायु परिवर्तन का प्रभाव तो जिम्मेदार है ही, कई मौसमी परिस्थितियां भी बड़ी वजह बन गई हैं।

दिल्ली-एनसीआर के कई इलाकों में बुधवार दिन में एक बार फिर बारिश शुरू हो गई है। अप्रैल के पूरे महीने बारिश होने के बाद मई में भी शुरुआत से ही रोजाना बादल बरस रहे हैं। इस वजह से न सिर्फ दिल्ली-एनसीआर व आसपास के इलाकों का पारा गिर गया है, वहीं प्रदूषण का स्तर भी घट गया है।

गुरुग्राम में घने बादलों के छाने के चलते दिन में ही अंधेरा हो गया और फिर दोपहर के 1.00 बजे के करीब तेज बारिश शुरू हो गई।

यह मौसम का ही कमाल है कि लू और भीषण गर्मी का पर्याय माने जाने वाले मई में अब तक दिल्लीवासी एसी-कूलर और तेज पंखा चलाने से भी परहेज कर रहे हैं। सुबह में पार्कों में भी बहुत लोग टी-शर्ट के बजाय ट्रैक में नजर आ रहे हैं।

8 मई से बदलेगा मौसम
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर सहित उत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में अभी पांच दिन तक कम या ज्यादा वर्षा होने और बादल छाए रहने वाला मौसम बना रहेगा। आठ मई से मौसम खुल जाएगा। फिर तेज धूप के साथ तापमान एवं गर्मी, दोनों में वृद्धि होगी।

 

 

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मोदी सरनेम केस: राहुल गांधी की याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट में सुनवाई 2 को

दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मोदी सरनेम मानहानि केस में राहुल गांधी के लिए मंगलवार का दिन अहम होने जा रहा है।

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ कांग्रेस नेता की ओर से गुजरात हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर आज भी सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि आज ही हाई कोर्ट अपना फैसला सुना सकती है।

कांग्रेस को उम्मीद है कि हाई कोर्ट निचली अदालत की सजा पर रोक लगाएगी और राहुल गांधी को बड़ी राहत मिलेगी। 2 साल की सजा सुनाये जाने के बाद राहुल गांधी की संसद सदस्यता चली गई थी। उन्हें सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ा था।

25 अप्रैल को राहुल गांधी ने सूरत सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया।

हाई कोर्ट में राहुल की ओर से अभिषेक मनु सिंघवी पक्ष रख रहे हैं। पिछली सुनवाई में अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी थी कि यह मामला इतना गंभीर भी नहीं है कि ऐसी सजा सुनाई जाए या राहत न दी जा सके।

अप्रैल 2019 में कर्नाटक के कोलार में एक रैली में राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा, 'कैसे सभी चोरों का उपनाम मोदी है?' इसके बाद राहुल के खिलाफ सूरत की कोर्ट में मानहानि की याचिका दायर की गई थी और कहा गया था कि उन्होंने पूरे मोदी समाज का अपमान किया है।

 

 

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वित्त मंत्री ने प्रसिद्ध बैंकर नारायणन वाघुल की पुस्तक रिफ्लेक्शंस का विमोचन किया

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वित्त मंत्री निर्मला सीतारामन ने मुंबई में प्रसिद्ध बैंकर नारायणन वाघुल की पुस्तक 'रिफ्लेक्शंस' का विमोचन किया। यह पुस्तक भारत के वित्तीय परिदृश्य में श्री वाघुल के अनुभवों का विवरण है। वित्त मंत्री ने बैंकिंग में नारायणन वाघुल के व्यापक अनुभव और नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के लिए महिला सशक्तिकरण पर श्री वाघुल के विचार और दृष्टिकोण प्रासंगिक और मूल्यवान हैं।

 

 


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चीन से संबंध असामान्य, पाक सीमा पार आतंकवाद का करता है समर्थन : जयशंकर

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि सभी देशों के साथ उसके संबंध आगे बढ़े। डोमिनिकन गणराज्य के विदेश मंत्रालय में एक संबोधन में उन्होंने कहा, चाहे वह अमेरिका, यूरोप, रूस या जापान हो, हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहे हैं कि ये सभी संबंध बिना किसी झिझक के आगे बढ़े।

जयशंकर 27 से 29 अप्रैल तक डोमिनिकन गणराज्य के दौरे पर थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सीमा विवाद और वर्तमान असामान्य प्रकृति के कारण चीन कुछ अलग श्रेणी में आता है। उन्होंने कहा कि यह सीमा प्रबंधन के संबंध में समझौतों के चीन द्वारा उल्लंघन का परिणाम है। अपने पड़ोसियों के साथ सहयोग करने की भारत की प्राथमिकता के बारे में विस्तार से बताते हुए जयशंकर ने कहा कि जबकि भारत ने पूरे क्षेत्र में कनेक्टिविटी, संपर्क, सहयोग में एक नाटकीय विस्तार देखा है, लेकिन इसका अपवाद पाकिस्तान है जो सीमा पार आतंकवाद का समर्थन करता है।

उत्तर में, मध्य एशिया से अधिक प्रभावी ढंग से जुड़ने की रणनीति का भारत पालन कर रहा है। उन्होंने आगे कहा, प्राथमिकता के ये चक्र आपको भारतीय कूटनीति का वैचारिक बोध कराते हैं और एक ऐसा जिसे हमने पिछले एक दशक में बहुत मेहनत से आगे बढ़ाया है। लेकिन उच्च स्तर पर, हम सत्ता के सभी महत्वपूर्ण केंद्रों को शामिल करने के दृष्टिकोण का भी अभ्यास कर रहे हैं।

जयशंकर ने यह भी उल्लेख किया कि प्रत्येक व्यवसाय का अपना विशेष वजन और फोकस होता है। उन्होंने कहा कि समानांतर समय सीमा में चीन और भारत का उदय भी इसके प्रतिस्पर्धी पहलुओं के बिना नहीं है। डोमिनिकन गणराज्य जयशंकर के उत्तर और दक्षिण अमेरिका के चार देशों के दौरे का अंतिम पड़ाव था। यात्रा के हिस्से के रूप में, उन्होंने गुयाना, पनामा और कोलंबिया का भी दौरा किया।

 

 

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दादा साहेब फाल्के अवार्ड का आयोजन 4 को

मुम्बई (छत्तीसगढ़ दर्पण)अवार्ड फंक्शन के शो मैन का खिताब पाने वाले डॉ कृष्णा चौहान आगामी 4 मई 2023 को अपने जन्मदिन के अवसर पर 'चौथे लीजेंड दादा साहेब फाल्के अवार्ड 2023' का भव्य आयोजन मुम्बई महानगर के प्रसिद्ध उपनगर अंधेरी पश्चिम स्थित मेयर हॉल में करने जा रहे हैं। केसीएफ प्रस्तुत इस पुरस्कार समारोह में उन हस्तियों को सम्मानित किया जाएगा जिन्होंने फिल्मी दुनिया मे अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित की है साथ ही समाज सेवा और मानव सेवा का सराहनीय कार्य किया है। अपनी कला और व्यक्तित्व का उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सोसाइटी को नई राह दिखाने वालों को इस सम्मान से नवाजा जाएगा। डॉ कृष्णा चौहान द्वारा आयोजित इस अवार्ड समारोह में कई हस्तियां मौजूद होंगी। इस अवार्ड समारोह के सीजन 4 को लेकर डॉ कृष्णा चौहान बेहद उत्साहित हैं और अभी से इसकी तैयारियां जोर शोर से चल रही हैं।  बता दें कि डॉ कृष्णा चौहान पिछले दो दशक से फिल्म जगत में फिल्ममेकर के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वह सामाजिक कार्यों में भी हमेशा आगे रहते हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने न सिर्फ जरूरतमंदों को राशन वितरित किया बल्कि सबसे बड़ी बात यह रही कि उन्होंने भगवतगीता भी लोगों को भेंट किया।अपने सभी अवार्ड समारोह में समाज सेवकों, बिज़नेसमैन, फ़िल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के साथ साथ डॉ कृष्णा चौहान कई पत्रकारों, फोटोग्राफर को भी सम्मान से नवाजते आए हैं।  गौरतलब है कि डॉ कृष्णा चौहान अपनी नेक्स्ट हॉरर थ्रिलर फिल्म 'आत्मा डॉट कॉम' की शूटिंग भी जल्द शुरू करने जा रहे हैं। इस फिल्म में प्रसिद्ध संगीतकार दिलीप सेन का संगीत है।

उल्लेखनीय है कि डॉ कृष्णा चौहान न सिर्फ एक सफल बॉलीवुड डायरेक्टर हैं, एक्टिव सोशल वर्कर हैं बल्कि अवार्ड्स फंक्शन्स करने के मामले में नम्बर वन माने जाते हैं। उनका एक अवार्ड फंक्शन सम्पन्न होता है और वह अपने अगले पुरुस्कार समारोह की तैयारियों में लग जाते हैं।

डॉक्टर कृष्णा चौहान अपने जन्मदिन 4 मई 2023 को 'लीजेंड दादासाहेब फाल्के 2023' का चौथी बार आयोजन करने जा रहे हैं। सिनेमा, टीवी, वेब सीरीज के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाने वालों को यह सम्मान प्रदान किया जाएगा।

 

 

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मन की बात का 100वां एपिसोड, यह कार्यक्रम नहीं, मेरे लिए आस्था, पूजा और व्रत: पीएम मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात प्रोग्राम का 100वां एपिसोड पूरा कर लिया। आज का एपिसोड टीवी चैनलों, निजी रेडियो स्टेशनों और सामुदायिक रेडियो सहित एक हजार से अधिक प्लेटफॉर्म पर ब्रॉडकास्ट किया गया। इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क स्थित हेडक्वार्टर पर भी आज का एपिसोड सुना गया।

प्रधानमंत्री ने कहा- 3 अक्टूबर 2014 को विजयादशमी से शुरू हुआ यह त्योहार हम हर महीने मनाते हैं। मन की बात कार्यक्रम नहीं, यह मेरे लिए आस्था,पूजा और व्रत है। जैसे लोग ईश्वर की पूजा करने जाते हैं तो प्रसाद की थाल लाते हैं। मन की बात ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल जैसे है।

मोदी ने कहा कि आज मन की बात का 100वां एपिसोड है। मुझे आप सबकी हजारों चिट्ठियां और संदेश मिले। कोशिश की है कि ज्यादा से ज्यादा चीजों को पढ़ पाऊं देख पाऊं। संदेशों को समझने की कोशिश करूं। कई बार पत्र पढ़ते वक्त भावुक हो गया, भावनाओं में बह गया और संभाला। 100वें एपिसोड पर सच्चे दिल से कहता हूं कि बधाई आपने दी, पात्र आप सभी श्रोता हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि तीन अक्टूबर 2014 को विजयादशमी के मौके पर हम सबने मिलकर विजयादशमी के दिन मन की बात की यात्रा शुरू की थी। विजयादशमी यानी बुराई पर अच्छाई की जीत का पर्व। यह एक ऐसा पर्व बन गया है, जो हर महीने आता है। हम इसमें सकारात्मकता और लोगों की पार्टिसिपेशन को सेलीब्रेट करते हैं। यकीन नहीं होता कि इसे इतने साल गुजर गए। हर एपिसोड नया रहता है। देशवासियों की नई सफलताओं का विस्तार इसमें मिलता है। देश के कोने-कोने से हर आयु वर्ग के लोग जुड़े।

मोदी बोले कि मन की बात जिस विषय से जुड़ी वो जन आंदोलन बन गई। आप लोगों ने बना दिया। जब मैंने तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के साथ मन की बात की तो इसकी चर्चा दुनिया में हुई। मन की बात मेरे लिए दूसरों के गुणों की पूजा का मौका है। मेरे मार्गदर्शक थे लक्ष्मण राव, वो कहते थे कि हमें दूसरों के गुणों की पूजा करनी चाहिए। उनकी इस बात ने मुझे प्रेरणा देती है। यह कार्यक्रम दूसरों से सीखने की प्रेरणा बन गया है। इसने मुझे आपसे कभी दूर नहीं होने दिया।

उन्होंने ने कहा कि जब मैं गुजरात का सीएम था, तब सामान्य तौर पर लोगों से मिलना-जुलना हो जाता था। 2014 में दिल्ली आने के बाद मैंने पाया कि यहां का जीवन और काम का स्वरूप अलग है। सुरक्षा का तामझाम, समय की सीमा सबकुछ अलग है। शुरुआती दिनों में खाली-खाली सा महसूस करता था।

मोदी ने कहा कि 50 साल पहले घर इसलिए नहीं छोड़ा था कि अपने ही देशवासियों से संपर्क नहीं हो पाएगा। देशवासी सबकुछ हैं और उनसे कटकर नहीं रह सकता था। मन की बात ने मुझे मौका दिया। पदभार और प्रोटोकॉल व्यवस्था तक सीमित रहा। जनभाव मेरा अटूट अंग बन गया।

प्रधानमन्त्री ने कहा कि हर महीने मैं देशवासियों के त्याग की पराकाष्ठा देखता हूं। मुझे लगता ही नहीं है कि आपसे थोड़ा भी दूर हूं। मन की बात कार्यक्रम नहीं, यह मेरे लिए आस्था,पूजा और व्रत है। जैसे लोग ईश्वर की पूजा करने जाते हैं तो प्रसाद की थाल लाते हैं। मन की बात ईश्वर रूपी जनता जनार्दन के चरणों में प्रसाद की थाल जैसे है। यह मेरे लिए अध्यात्मिक यात्रा बन गया है। अहम से वयम की यात्रा है। यह तो मैं नहीं, तू ही की संस्कार साधना है।

उन्होंने ने कहा कि कल्पना करिए कि कोई देशवासी 40-40 साल से निर्जन जमीन पर पेड़ लगा रहा है। कोई 30 साल से जल संरक्षण के लिए बावड़ी बना रहा है। कोई निर्धन बच्चों को पढ़ा रहा है। कोई गरीबों की इलाज में मदद कर रहा है। कितनी ही बार मन की बात में इनका जिक्र करते वक्त मैं भावुक हुआ। आकाशवाणी के साथियों को इसे दोबारा रिकॉर्ड करना पड़ा। मन की बात में जिन लोगों का हम जिक्र करते हैं, वे सब हमारे हीरोज हैं, जिन्होंने इस कार्यक्रम को जीवंत बनाया है। आज जब हम 100वें एपिसोड के पड़ाव पर पहुंचे हैं तो मेरी इच्छा है कि एक बार फिर इन हीरोज के पास जाकर उनके बारे में जानें।

प्रधानमंत्री ने देशभर में जून 2015 में सेल्फी विद डॉटर कैंपेन शुरू किया था। PM ने कहा- मैंने बेटी बचाओ अभियान हरियाणा से शुरू किया। ये अभियान पूरी दुनिया में फैल गया। जीवन में बेटी का स्थान कितना बड़ा होता है, इस कैंपेन से यह प्रकट हुआ। आज हरियाणा में जेंडर रेशियो में सुधार आया। उन्होंने इस कैंपेन का आइडिया देने वाले हरियाणा के सुनील जगलान से बातचीत की।
मोदी- आज सुनील जी से गप्प मार लेते हैं। सुनील जी सेल्फी विद डॉटर हर किसी को याद है। आपको कैसा लग रहा है।
सुनील- ये हमारे प्रदेश हरियाणा से पानीपत की चौथी लड़ाई शुरू की थी, यह मेरे लिए और बेटियों के पिता के लिए बहुत बड़ी बात है।
मोदी- आपकी बिटिया कैसी हैं?
सुनील- दोनों बेटियां आपकी बहुत प्रशंसक हैं। उन्होंने अपने क्लास मेट्स से थैंक्यू प्रधानमंत्री जी लेटर भी लिखवाए थे।
हरियाणा के सुनील जगलान अपनी दोनों बेटियों के साथ सेल्फी लेते हुए।

जम्मू-कश्मीर में पेंसिल स्लेट बनाने वाले मंजूर अहमद से बात की
साथियों मुझे संतोष है कि मन की बात में हमने नारी शक्ति की प्रेरणादायी गाथाओं का जिक्र किया है। छत्तीसगढ़ के गांव की महिलाओं के स्वच्छता अभियान चलाने वाले स्वसहायता समूह की बात की। तमिलनाडु की आदिवासी समुदाय की टेराकोटा कप बनाने वाली महिलाओं की बात की। वहीं 20 हजार महिलाओं ने वेल्लोर में नाग नदी को पुनर्जीवित किया। मन की बात में जम्मू-कश्मीर की पेंसिल स्लेट का जिक्र करते हुए मंजूर अहमद का जिक्र किया था। वो साथ हैं।
मंजूर जी पेंसिल-स्लेट का काम कैसा चल रहा है?
मंजूर अहमद- ये काम बढ़ गया है, बहुत लोगों को रोजगार मिल गया। अभी 200 प्लस लोग काम कर रही हैं। आगे 200 लोगों को और रोजगार मिलेगा।
मोदी- मंजूरजी आपने कहा था कि इस काम की पहचान नहीं, आपकी पहचान नहीं। आपको पीड़ा थी। अब पहचान भी है और 200 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रहे हैं।
मंजूर- किसानों को भी फायदा मिला। 2 हजार का ट्री बेचते थे और अब 5 हजार बढ़ गई है।
मोदी- आपने लोकल फॉर वोकल को जमीन पर उतार दिया।

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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सोना पड़ा महंगा, अधिकारी को किया निलंबित

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सोना एक अधिकारी को महंगा पड़ गया। सरकार ने अधिकारी को निलंबित कर दिया है। दरअसल, ये पूरा मामला कच्छ जिले के भुज का है। निलंबित अधिकारी की पहचान जिगर पटेल के रूप में हुई है। जिगर भुज नगर पालिका के मुख्य अधिकारी थे। 

शनिवार को सीएम भूपेंद्र पटेल का एक कार्यक्रम था। इस समारोह के दौरान जब सीएम पटेल मंच से संबोधित कर रहे थे तभी उनके सामने बैठे जिगर पटेल को नींद आ गई। इतना ही नहीं, सोते हुए उनका वीडियो भी कैमरे में कैद हो गया। जिसके बाद राज्य के शहरी विकास और शहरी आवास विभाग द्वारा उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। विभाग द्वारा शनिवार शाम को उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 

शहरी विकास और शहरी आवास विभाग के एक अधिकारी ने इस कार्रवाई के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि घोर लापरवाही और कर्तव्य के प्रति समर्पण की कमी के लिए उन्हें निलंबित किया गया है। सीएम के कार्यक्रम में सोना कदाचार और अनुशासन हीनता को दर्शाता है।  

भूकंप प्रभावितों को बांटे आवास प्रमाण पत्र

जिस कार्यक्रम में यह वाकया हुआ उसमें सीएम भूपेंद्र पटेल कच्छ में भूकंप से प्रभावितों के पुनर्वास के लिए संपत्ति कार्ड बांटने गए थे। इस समारोह में सीएम पटेल ने लगभग 14,000 लोगों को आवासीय योजना के तहत आवास के स्वामित्व  के दस्तावेज वितरित किए। 

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शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी बच्चों की प्रतिभा को आगे बढ़ाने करें प्रोत्साहित : कलेक्टर

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिंह ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर सिंह ने कहा आदिवासी विकास विभाग की ओर से आश्रम-छात्रावासों में विशेष तौर पर ध्यान देते हुए कार्य करने की जरूरत है। हर छात्रावास में एक अलग पहचान होनी चाहिए। 

शैक्षणिक गतिविधियों के साथ ही अन्य क्षेत्रों में भी बच्चों को प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान देते हुए गुणवत्तायुक्त पढ़ाई होना चाहिए। अधिकारियों को फिल्ड में जाकर स्कूल व छात्रावास का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 8 मई से जिले के सभी शासकीय प्राथमिक व माध्यमिक स्कूलों में समर कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। जिसमें बच्चों के लिए विभिन्न रोचक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने जर्जर शालाओं की मरम्मत प्राथमिकता से कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि वन अधिकार पत्र तथा वन संसाधन अधिकार पत्र संबंधी सभी महत्वपूर्ण प्रकरण व दस्तावेज सुरक्षित रिकार्ड रूम में संधारित करें। उन्होंने एफआरए अंतर्गत आदर्श ग्राम में विकास गतिविधियों के संबंध में जानकारी ली।

कलेक्टर सिंह ने कहा कि जिले में माह के तीसरे शनिवार को हमर दफ्तर हमर घर अभियान के तहत शासकीय कार्यालयों की व्यापक साफ-सफाई की जाती है। आदिवासी विकास विभाग में भी अभियान चलाकर इसे क्रियान्वित करें। उन्होंने कहा कि हमर परिवार हेलमेट परिवार लिंक से जुड़े तथा सभी को वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने के लिए पे्ररित करें। कलेक्टर ने कहा कि 6 मई को विशाल जनस्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने आश्रम व छात्रावास में दिव्यांगजनों को चिन्हांकित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सी-मार्ट से आश्रम व छात्रावास के लिए सामग्री क्रय करें। कलेक्टर ने एकलव्य विद्यालय संचालन, छात्रावास व आश्रम, पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना, राहत योजना, अंतरजातीय विवाह योजना, जवाहर उत्कर्ष योजना, निर्माण कार्य, देवगुड़ी, एससी प्राधिकरण कार्य, मध्य क्षेत्र प्राधिकरण कार्य, विभाग में स्वीकृत कार्यरत रिक्त पद, प्रवेश परीक्षा, के संबंध में समीक्षा की। 

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास विभाग श्रीकांत दुबे ने विभाग की ओर से संचालित योजनाओं व उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रयास, एकलव्य में रिक्त पदों के भर्ती की प्रक्रिया जारी है। इस अवसर पर डिप्टी कलेक्टर अमिय श्रीवास्तव व शिल्पा देवांगन, सहायक संचालक सुदीक्षा गुप्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 
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ठाणे में गिरी 3 मंजिला इमारत, 1 की मौत

मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र में ठाणे जिले में शनिवार को एक 3 मंजिला इमारत ढह गई। इस हादसे में 1 व्यक्ति की मौत हो गई है। जानकारी के अनुसार 10 लोगों को मलबे से निकाला गया है। वहीं 15-20 लोगों के फंसे होने की आशंका है।

ये हादसा भिवंडी के वालपाड़ा इलाके का है। हादसे के बाद दमकल व आपदा सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंच चुकी है। मलबे में दबे लोगों को निकाला जा रहा है। बिल्डिंग गिरने के चलते हताहतों की संख्या बढ़ सकती है। इमारत के मलबे में 15 से 20 लोग के फंसे होने की आशंका जताई जा रही थी। अब तक 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 10 लोगों को रेस्क्यू किया गया है।

यह इमारत कैलाशनगर के वालपाड़ा में वर्द्धमान कंपाउंड में थी। इस इमारत के नीचे गोदाम है और ऊपर मकान था। अभी यह साफ नहीं हो पाया कि इस इमारत का स्ट्रक्चर रेसिडेंशियल था या कॉमर्शियल। निचली मंजिल में गोदाम था, जहां मजदूर काम पर रहे थे। उनमें से कुछ के मलबे में दबे होने की आशंका है। घटनास्थल पर एंबुलेंस तैनात हैं। घायलों को अस्पताल ले जाया जा रहा है। मलबे से लोगों को निकाला जा रहा है। यह इमारत काफी पुरानी बताई जा रही है।

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