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सामूहिक प्रयासों के साथ वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनेगा भारत : पीयूष गोयल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल आंध्र प्रदेश के काकिनाडा परिसर में भारतीय विदेश व्यापार संस्थान (आईआईएफटी) के उद्घाटन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्रीय वित्त, कंपनी कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन ने आईआईएफटी काकिनाडा परिसर का उद्घाटन किया। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस अवसर पर कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमन ने आईआईएफटी परिसर की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया एवं पहल की। इस नए परिसर की स्थापना एक नए अध्याय के शुभारंभ का द्योतक है।

उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय वाणिज्य द्वारा भविष्य में अधिक अंतरराष्ट्रीय स्वीकृति प्राप्त करने के लिए मानव संसाधनों का एक विशेषज्ञ प्रबंधन आवश्यक है। इन मानव संसाधनों को आईआईएफटी के माध्यम से उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक स्थिरता, उच्च प्रतिस्पर्धात्मकता, सामूहिक प्रयासों तथा विकासशील आर्थिक प्रणाली के साथ, भारत विश्व में एक बड़ी आर्थिक शक्ति बन जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान में, भारतीय अर्थव्यवस्था 3.5 ट्रिलियन डॉलर के बराबर की है। समेकित आर्थिक विकास तथा सामूहिक प्रयासों के साथ किसी विकासशील देश को विकसित देश के स्तर तक ले जाया जा सकता है। निरंतर प्रयासों के साथ भारतीय अर्थव्यवस्था अगले 25 वर्षों में, वर्ष 2047 तक दस गुनी बढ़ जा सकती है जब हम स्वतंत्रता के 100 वर्ष का समारोह मना रहे होंगे।

श्री गोयल ने कहा कि यह विकास उपलब्ध विशेषज्ञ मानव संसाधनों को अधिकतम करने के जरिये अर्जित किया जा सकता है। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मनिर्भर भारत के तहत केंद्र सरकार द्वारा उठाये गए कदमों तथा बजट के विशेष आवंटन ने देश की आर्थिक प्रणाली को और अधिक मजबूत तथा समृद्ध बना दिया है। श्री गोयल ने यह भी कहा कि आज आंध्र प्रदेश कृषि, मत्स्य पालन आदि क्षेत्रों में बहुत तेजी से वृद्धि कर रहा है और आज आंध्र प्रदेश राज्य के पास विभिन्न विशेष आर्थिक जोन भी हैं। उन्होंने स्थानीय उत्पादों, कारीगरों, कुशल बुनकरों आदि के संवर्धन की अपील की क्योंकि यह महत्वपूर्ण है कि हर प्रकार से उनकी सहायता की जाए।

 

 

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2021 में भारत में 2020 की तुलना में 18% अधिक टीबी के मामले आए

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। डब्ल्यूएचओ ने 27 अक्टूबर, 2022 को वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2022 जारी की। रिपोर्ट में पूरी दुनिया में टीबी के निदान, उपचार और बीमारी के बोझ पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव के बारे में बताया गया है। 

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने 27 अक्टूबर, 2022 को जारी डब्ल्यूएचओ वैश्विक टीबी रिपोर्ट 2022 पर संज्ञान लिया है और स्पष्ट किया है कि भारत ने वास्तव में समय के साथ अन्य देशों की तुलना में प्रमुख मैट्रिक्स पर बेहतर प्रदर्शन किया है। वर्ष 2021 के लिए भारत में टीबी के मामले प्रति 100,000 जनसंख्या पर 210 हैं- 2015 के आधारभूत वर्ष की तुलना में (मामले भारत में प्रति लाख जनसंख्या पर 256 थे); 18% की गिरावट आई है जो वैश्विक औसत 11% से 7 प्रतिशत अंक बेहतर है। ये आंकड़े भी मामलों की दर (सबसे अधिक से सबसे कम मामलों की संख्या) के मामले में भारत को 36वें स्थान पर रखते हैं।

हालांकि कोविड-19 महामारी ने दुनिया भर में टीबी कार्यक्रमों को प्रभावित किया, भारत 2020 और 2021 में महत्वपूर्ण पहलों की शुरुआत करके उन व्यवधानों को सफलतापूर्वक दूर करने में सक्षम रहा- इसके कारण राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम ने 21.4 लाख से अधिक टीबी मामलों को अधिसूचित किया, जो 2020 की तुलना में 18 % अधिक है। कार्यक्रम द्वारा वर्षों से लागू किए गए दूरंदेशी उपायों को इस सफलता की वजह बताई जा सकती है, जैसे कि सरकार को सभी मामलों की रिपोर्ट सुनिश्चित करने के लिए अनिवार्य अधिसूचना नीति।

इसके अलावा, रोगियों की जांच के लिए घर-घर जाकर सक्रिय मामले का पता लगाने का अभियान और यह सुनिश्चित करना कि कोई घर छूट न जाए, कार्यक्रम का एक स्तंभ रहा है। 2021 में, 22 करोड़ से अधिक लोगों की टीबी की जांच की गई। इसका उद्देश्य समुदाय में बीमारी के आगे फैलने को रोकने के लिए और अधिक मामलों का पता लगाना है, जिसने घटनाओं में गिरावट में योगदान दिया है। इस उद्देश्य के लिए, भारत ने पता लगाने के प्रयासों को मजबूत करने के लिए नैदानिक क्षमता को भी बढ़ाया है। स्वदेशी रूप से विकसित आणविक निदान ने आज देश के हर हिस्से में निदान की पहुंच का विस्तार करने में मदद की है। भारत के पास देश भर में 4,760 से अधिक आणविक निदान मशीनें हैं, जो हर जिले में पहुंच रही हैं।

इस पृष्ठभूमि के मद्देनजर और वैश्विक रिपोर्ट के प्रकाशन से पहले, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने डब्ल्यूएचओ को सूचित किया था कि मंत्रालय ने व्यवस्थित तरीके से घटनाओं और मृत्यु दर के अधिक सटीक अनुमान पर पहुंचने के लिए घरेलू अध्ययन शुरू कर दिया है और 2023 के शुरुआती भाग में अध्ययन के समापन के बाद भारत का डेटा प्रदान किया जाएगा। डब्ल्यूएचओ ने भी इस पर स्वास्थ्य मंत्रालय की स्थिति को स्वीकार किया है और रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि "2000-2021 के लिए भारत में टीबी की घटनाओं और मृत्यु दर के अनुमान अंतरिम हैं और अंतिम आंकड़े अभी बाकी हैं। भारत के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के परामर्श से इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है।

 

 

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भारत में डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में नई क्रांति लाएगा 5जी : डॉ. जितेंद्र सिंह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित पहले वैश्विक डिजिटल स्वास्थ्य सम्मेलन, प्रदर्शनी और नवोन्मेष पुरस्कारों (ग्लोबल डिजिटल हेल्थ समिट, एक्सपो एंड इनोवेशन अवार्ड्स ) को संबोधित करते हुए, केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत जल्द ही विश्व का एक डिजिटल स्वास्थ्य नेता बन जाएगा, क्योंकि हमारे पास दुनिया की सबसे अच्छी एवं आवश्यक शतप्रतिशत कवरेज वाली तकनीकी जनशक्ति की आवश्यकता है और हमारा डेटा दुनिया में सबसे सस्ता है। मंत्री ने आगे कहा कि हाल ही में 5जी का शुभारंभ भारत में डिजिटल स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली में एक नई क्रांति लाएगा।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि पूरी दुनिया ने कोविड-19 के दौरान भारत की नेतृत्व भूमिका को पहचाना, क्योंकि इसने पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म – कोविन (सीओडब्ल्यूआईएन) के माध्यम से 220 करोड़ से अधिक टीकाकरण करवाने की दुर्लभ उपलब्धि हासिल की और यह प्रक्रिया जारी है। डॉ. जितेंद्र सिंह ने याद दिलाया किया कि जुलाई, 2021 में, प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने कोविन वैश्विक सम्मेलन (सीओडब्ल्यूआईएन ग्लोबल कॉनक्लेव) को संबोधित करते हुए, सीओडब्ल्यूआईएन) प्लेटफॉर्म को कोविड-19 का सामना करने के लिए दुनिया के लिए एक डिजिटल जन उपयोगिता (पब्लिक गुड ) के रूप में प्रस्तुत किया था।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि भारत में डिजिटल स्वास्थ्य के लिए एक समर्पित मिशन मोड कार्यक्रम है- आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, जिसने लगभग 22 करोड़ इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकॉर्ड दिए हैं। आयुष्मान भारत योजना पात्र लाभार्थियों को सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में पांच लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज प्रदान करती है। उन्होंने यह भी बताया कि 15 अक्टूबर, 2022 तक, जबकि ई-संजीवनी टेली परामर्श 60 लाख 72 हजार हैं और ई-संजीवनी एचडब्ल्यूसी (प्रदाता-से-प्रदाता) लगभग 50 लाख 84 हजार तथा ई-संजीवनी बहिरंग रोगी (ओपीडी) संख्या प्रति 10 लाख (रोगी-से-डॉक्टर)  90 हजार पर है।

 

 

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एनएसडीसी इंटरनेशनल ने भारत ऑस्ट्रेलिया व्यापार को बढ़ाने के लिए पेर्डमन के साथ की साझेदारी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत को विश्व की कौशल राजधानी बनाने के प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी के विज़न की दिशा में एक कदम बढ़ाते हुए एनएसडीसी इंटरनेशनल (एनएसडीसीआई) और पेर्डमन ने भारतीय कुशल युवाओं और ऑस्ट्रेलिया में बाजार के अवसरों के बीच एक इंटरफेस बनाने के लिए साझेदारी की है। यह साझेदारी भारतीय कुशल युवाओं को ऑस्ट्रेलिया में जाने के लिए एक प्रवेश द्वार के रूप में काम करेगी।

इस समझौते से दोनों कंपनियों के बीच गहरा सहयोग बढ़ेगा और यह भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तेजी से बढ़ते आपसी सहयोग का एक और अध्याय है। यह साझेदारी भारत के कुशल युवाओं को ऑस्ट्रेलिया में अवसरों से जोड़कर उन्हें सशक्त बनाएगी, उन्हें अपना हुनर दिखाने के लिए वैश्विक मंच प्रदान करेगी और दुनिया की समग्र भलाई में योगदान देगी। यह समझौता आत्म-निर्भर भारत के विज़न से जुड़ा हुआ है जो वैश्विक भलाई में योगदान करते हुए आत्म-निर्भरता हासिल करने के बारे में है।

यह सहयोग भारत और ऑस्ट्रेलिया के छात्रों को विभिन्न चैनलों के माध्यम से एक-दूसरे देश में अध्ययन करने का अवसर भी प्रदान करेगा। यही नहीं, आगे जाकर यह समझौता छात्रवृत्ति के अवसर और आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले छात्रों के लिए शुल्क में कमी की संभावना का भी पता लगाएगा। यह सहयोग विनिर्माण, आतिथ्य, कृषि, नवीकरणीय ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों सहित विभिन्न उद्योग क्षेत्रों में काम करेगा।

वेद मणि तिवारी ने बताया कि जहां भारत में हर साल लाखों युवाओं को कौशल प्रदान कर रहे औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई), प्रधान मंत्री कौशल केंद्रों (पीएमकेके) और अन्य संस्थानों से युक्त प्रशिक्षण संस्थानों का एक विशाल नेटवर्क है, वहीं ऑस्ट्रेलिया कुशल श्रमिकों की भारी कमी का सामना कर रहा है। नतीजतन, दोनों देशों को लाभ पहुंचाने के लिए एक सक्षम और सुविधाजनक वातावरण बनाने की तत्काल आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि मेरा दृढ़ विश्वास है कि यह साझेदारी न केवल किसी भी अड़चन और प्रक्रियात्मक चुनौतियों को दूर करके एक सहज प्रक्रिया द्वारा अंतर्राष्ट्रीय गतिशीलता की प्रक्रिया को बनाएगी, बल्कि विदेशों में आजीविका कमाने के लिए भारतीय युवाओं की आकांक्षाओं को भी पूरा करेगी।

पेर्डमन के अध्यक्ष विकास रामबल ने कहा कि हम ऑस्ट्रेलिया के साथ मजबूत संबंध बनाने के लिए भारत सरकार की पहल का स्वागत करते हैं और उन्होंने नेटवर्क स्थापित करने के लिए पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया को एक राज्य के रूप में चुना है। उन्होंने कहा कि यह दोनों देशों के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है कि स्थानीय साझेदार पेर्डमन के साथ साझोदारी स्थापित करने के लिए एनएसडीसी इंटरनेशनल जैसा संगठन है, ताकि अगली पीढ़ी के उद्यमियों और व्यवसायों के लिए विज़न तैयार किया जा सके।

 

 

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छठ महापर्व : रविवार को डूबते सूरज की होगी आराधना

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोरोना महामारी की समाप्ति के बाद पहली बार छठ पूजा महापर्व रविवार को शाम 4 बजे खरसिया के प्रसिद्ध सिद्धेश्वर महादेव मंदिर भगत तालाब में मनाया जाएगा। वहीं सोमवार को सुबह 5 बजे से उगते सूर्य तक पूजा अर्चना व अघ्र्य दिया जाएगा।

छठ पूजा समिति के संरक्षक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि शनिवार को खरना छठ व्रत रखा गया। जिसमें महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला व्रत रखकर शाम को खीर-रोटी खाकर अपना उपवास तोड़ा। वहीं रविवार को सुबह फिर से निर्जला व्रत रखकर शाम को भगत तालाब स्थित छठ घाट में डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया जाएगा और सोमवार को सुबह उगते सूर्य को अघ्र्य देने के बाद पूजा का समापन होगा।

सूर्यदेव ही हैं छठी मैया : 

सूर्यदेव को षष्ठी तिथि के दिन मैया अर्थात देवी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि पुरातन काल में परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि ने देखा कि सूर्य की तपन बहुत तेज है। परशुराम की मां रेणुका तुलसी पूजा कर रही थीं, जो पसीने से तरबतर हो गईं। उन्हें पसीने से तरबतर देख जमदग्नि ऋषि को सूर्य पर क्रोध आ गया और उन्होंने सूर्य को श्राप देते हुए कहा कि तुम भी एक दिन के लिए ही सही पर स्त्री बनोगे, तब तुम्हें स्त्रियों का कष्ट ज्ञात होगा। तभी से मान्यता है कि सूर्यदेव छठ मैया के रूप में पूजे जाते हैं।

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फोन पर जज से पूछा घर का पता, SP ने SI सहित 3 जवान को किया सस्पेंड

 उत्तर प्रदेश (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पुलिस के दरोगा और दो कांस्टेबल को निलंबित किया गया है।  इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज से फोन पर घर का पता पूछने का आरोप है। उन्होंने जज से सीधे सवाल किया, “आपका घर कहां है, और आपको कहां जाना है?” इस पर जज ने नाराजगी जताते हुए पुलिस महकमे में उनकी शिकायत की, जिस पर एक्शन लेते हुए पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। मामला दिवाली से एक दिन पहले अंबेडकर नगर जिले का है. मामले की जांच के भी आदेश दिए गए हैं। 

 

 

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संघ प्रमुख भागवत का छत्तीसगढ़ दौरा, दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का करेंगे अनावरण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संघ प्रमुख मोहन भागवत 14 नवंबर को जशपुर और 15 नवंबर को अंबिकापुर में होने वाले कार्यक्रमों में शामिल होंगे। सबसे पहले 14 नवंबर को भागवत जशपुर में भाजपा नेता दिलीप सिंह जूदेव की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। इसके बाद 15 नवंबर को अंबिकापुर में संघ के बड़े कार्यक्रम में शामिल होंगे।

तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने किया था ऐलान

दिलीप सिंह जूदेव के निधन के बाद साल 2013 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने जशपुर आकर उनकी प्रतिमा लगाए जाने का ऐलान किया था। प्रतिमा जशपुर और कुनकुरी में स्थापित होनी थी। चार साल बाद भी प्रतिमा स्थापित नहीं हुई तो विवाद शुरू हो गया। तब सरकार ने तकनीकी दिक्कत बताते हुए प्रतिमा स्थापित किए जाने से इनकार कर दिया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर काफी हंगामा भी हुआ।

जूदेव परिवार भी रहेगा मौजूद 

जशपुर में वन वासी कल्याण आश्रम की तरफ से कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में खास तौर पर जूदेव परिवार भी मौजूद रहेगा। यहां जनजाति समाज के लोगों को संघ प्रमुख संबोधित करेंगे। इसके बाद अगले दिन अंबिकापुर के कार्यक्रम में संघ के स्वयं सेवकों का एकत्रीकरण का कार्यक्रम है।

स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने वाले मूर्तिकार ने किया है निर्माण 

सरदार वल्लभ भाई पटेल की 182 मीटर ऊंची मूर्ति स्टैच्यू ऑफ यूनिटी बनाने वाले विश्व प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार के हाथ से ही दिलीप सिंह जूदेव की मूर्ति का निर्माण हुआ है। मूर्तिकार राम सुतार को भारत सरकार ने पद्मश्री व पद्मभूषण सम्मान दिया है। राम सुतार ने यह जाना कि दिलीप सिंह जूदेव की मूर्ति बनाने का निवेदन उनके पुत्र कर रहे हैं तो व्यस्तता के बावजूद उन्होंने काम अपने हाथ में लिया। उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर में मूर्ति निर्माण किया गया।

 

 

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अब इस शहर के रेलखानों में बनेगी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, सैंकड़ों को मिलेगा रोजगार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में रेलवे एक नई दिशा में जाते हुए दिखाई दे रहा है जिसके लिए बड़े कदम उठाने शुरु कर दिए गए हैं। पुरानी ट्रेनों के बजाय वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन चलाने पर रेलवे जोर दे रहा है। वहीँ अब सोनीपत रेल कोच कारखाने में वंदे भारत ट्रेनों का निर्माण किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कारखाने से बड़ी संख्या में छोटी-छोटी इंडस्ट्री आएंगी और युवाओं को रोजगार मिलेगा।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने रेलवे कोच नवीनीकरण कारखाने के रूप में हरियाणा को बहुत बड़ी सौगात दी है। सोनीपत जिले के बड़ी में इस कारखाने के खुलने से यहां इससे जुड़े अन्य उद्योग भी लगेंगे, जिससे बहुत बड़ा ईको सिस्टम स्थापित होगा और औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने कहा कि एक कार का प्लांट लगता है तो 400 छोटे-बड़े उद्योग लगते हैं। यहां तो रेल बनेगी, ऐसे में 800 छोटे-बड़े उद्योग लगेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने हरियाणा में रेलवे के विकास के लिए इस बजट को बढ़ाकर 1400 करोड़ रुपये वार्षिक बजट आवंटित किया है।

 

 

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राहुल ने कश्मीरी पंडितों के पलायन पर केंद्र सरकार को बताया जिम्मेदार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कश्मीर घाटी में पंडितों को निशाना बनाकर किए गए हमलों के लिए केंद्र की मोदी सरकार को ज़िम्मेदार बताया है। राहुल गांधी ने ट्वीट किया इस साल कश्मीर में 30 टार्गेटेड किलिंग्स हो चुकी हैं। पंडितों का पलायन तेज़ी से बढ़ रहा है।

बीजेपी ने यूपीए द्वारा किए गए अच्छे कामों को बर्बाद कर दिया है। सत्ता (केंद्र में) में आने से पहले बड़ी-बड़ी बातें करने वाले प्रधानमंत्री (नरेंद्र मोदी) सत्ता भोग रहे हैं और कश्मीरी पंडित अपने ही देश में शरणार्थी बने हुए हैं। मीडिया में आई ख़बरों के अनुसार कश्मीर घाटी में पिछले कुछ महीनों से चरमपंथी पंडितों को निशाना बना रहे हैं।

मंगलवार को डर के कारण कुछ ऐसे ही परिवार कश्मीर घाटी से जम्मू पहुँचे हैं।कश्मीरी पंडित पूरन कृष्ण भट की 15 अक्टूबर को शोपियां ज़िले के चौधरीगुंड गांव में उनके पुश्तैनी घर के बाहर चरमपंथियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। इसके बाद 18 अक्टूबर को शोपियां में ही मोनीश कुमार और राम सागर चरमपंथियों के ग्रेनेड हमले में मारे गए थे।

 

 

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गुजरात विधानसभा में ताकत दिखाएंगे शिवराज सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया, जानें और कौन रहेंगे शामिल

 गुजरात (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात  विधानसभा चुनाव की तारीखों का एलान अब तक नहीं हुआ है लेकिन बीजेपी ने अपनी तरफ से तैयारियां शुरु कर दी है. गुजरात में एमपी के नेताओं की डिमांड को देखते हुए पार्टी ने बीजेपी ने शिवराज सरकार के 8 मंत्रियों को गुजरात भेजने का फैसला किया है।

जबकि सीएम शिवराज और ज्योतिरादित्य सिंधिया जैसे दिग्गज नेता गुजरात में स्टार प्रचारक की भूमिका में नजर आएंगे. जिन मंत्रियों को गुजरात भेजा जा रहा है, उनमें नरोत्तम मिश्रा, विश्वास सारंग, भूपेंद्र सिंह, मोहन यादव, राज्यवर्धन सिंह, जगदीश देवड़ा, इंदर सिंह परमार और अरविंद भदौरिया शामिल हैं।

बता दें कि गुजरात तो नहीं लेकिन हिमाचल प्रदेश चुनाव की तारीखों का एलान हो गया है जिसके लिए बीजेपी ने अपने प्रत्याशियों की और स्टार प्रचारकों की लिस्ट भी जारी कर दी है। 

 

 

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PM मोदी ने फर्जी ख़बरों पर जताई चिंता, कहा- WhatsApp फ़ॉरवर्ड करने से पहले 10 बार सोचें

 नईदिल्ली/सूरजकुंड (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि कोई एक फर्जी खबर भी बढ़कर राष्ट्रीय चिंता का विषय बनने की क्षमता रखती है।  लिहाजा उन पर लगाम कसने के लिए देश को उन्नत तकनीक पर जोर देना होगा।  प्रधानमंत्री ने यहां आयोजित राज्यों के गृह मंत्रियों के दो दिवसीय ‘‘चिंतन शिविर’’ को संबोधित करते हुए ऐसी किसी भी जानकारी को दूसरों के पास आगे भेजने से पहले विश्लेषण और सत्यापित करने के बारे में लोगों को शिक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। 

नरेन्द्र मोदी ने कहा, ‘‘किसी भी जानकारी को आगे भेजने से पहले 10 बार सोचना चाहिए और इस पर विश्वास करने से पहले इसे सत्यापित करना अत्यंत आवश्यक है।  हर मंच पर ऐसी सूचनाओं को सत्यापित करने के तरीके हैं।  यदि आप विभिन्न स्रोतों के माध्यम से इसकी जांच परख करेंगे तो आपको इसका एक नया संस्करण मिलेगा। ’’

प्रधानमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया को सिर्फ जानकारी के स्रोत के रूप ही सीमित नहीं किया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि एक फर्जी खबर भी बढ़कर राष्ट्रीय चिंता का विषय बनने की क्षमता रखती है।  उन्होंने कहा कि नौकरियों में आरक्षण के बारे में पूर्व में चली फर्जी खबरों के कारण भारत को नुकसान भी हुआ है।  उन्होंने कहा, ‘‘इनके प्रवाह को रोकने के लिए हमें उन्नत प्रौद्योगिकी पर जोर देना होगा। ’’

 

 

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राशन कार्डधारको मुफ्त में मिलेगा 5 लाख रुपए का लाभ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यदि आप भी राशन कार्डधारक हैं तो आपके लिए बड़ी खुशखबरी है। सरकार राशन कार्डधारकों के लिए हमेशा कुछ न कुछ योजनाएं लेकर आती रहती है। साथ ही कई नई सुविधाएं भी कार्डधारकों को मिलता है। इसी कड़ी में सरकार ने नई सुविधा लोगों को देने का ऐलान कर दिया है। सरकार ने अब सभी अंत्योदय कार्ड धारकों के निशुल्क इलाज के लिए आयुष्मान कार्ड बनाए जाने के आदेश दे दिए हैं।

इसके ल‍िए सरकार की तरफ से ज‍िले और तहसील स्‍तर पर व‍िशेष अभ‍ियान भी चलाया गया है। इसके तहत अंत्‍योदय कार्ड धारक पर‍िवार के सभी सदस्‍यों का आयुष्‍मान कार्ड बनाने का लक्ष्‍य है। सरकार जन सुव‍िधा केंद्रों पर भी यह सुव‍िधा मुहैया करा रही है। आप राशन कार्ड द‍िखाकर जन सुव‍िधा केंद्र पर आयुष्‍मान कार्ड के ल‍िए आवेदन कर सकते हैं। उत्‍तर प्रदेश की योगी आद‍ित्‍यनाथ सरकार ने अंत्‍योदय कार्ड धारकों के आयुष्‍मान कार्ड बनाने का आदेश दे रखा है।

सरकार ने आयुष्‍मान कार्ड बनाने की अंत‍िम त‍िथ‍ि को बढ़ा द‍िया है। अभ‍ियान के तहत सभी अंत्‍योदय कार्ड धारकों के आयुष्‍मान कार्ड बनाए जाएंगे। सरकार की तरफ से कहा गया है क‍ि ज‍िन भी अंत्‍योदय कार्ड धारकों के पास आयुष्‍मान कार्ड उपलब्‍ध नहीं है। वे व‍िभाग में जाकर प्रक्र‍िया को जल्‍द से जल्‍द पूरा कर लें।

पात्र लाभार्थी आयुष्‍मान कार्ड बनने के बाद जन सेवा केंद्र, सामुदाय‍िक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र, आयुष्‍मान पैनल से जुड़े न‍िजी अस्‍पताल या ज‍िला अस्‍पताल में अंत्‍योदय कार्ड द‍िखाकर आयुष्‍मान कार्ड बनवा सकते हैं। फ‍िलहाल सरकार की तरफ से नए आयुष्‍मान कार्ड नहीं बनाए जा रहे। ज‍िन लाभार्थ‍ियों के नाम पहले से योजना में हैं केवल उनके ही कार्ड बनाए जा रहे हैं।

सरकार की योजना है क‍ि अंत्‍योदय कार्ड धारकों को सेहत से जुड़ी कोई भी परेशानी होने पर इलाज के ल‍िए भटकना नहीं पड़े। शासन स्‍तर से भी इसके ल‍िए न‍िर्देश द‍िए गए हैं। गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वाले पर‍िवारों को अंत्‍योदय राशन कार्ड द‍िया जाता है। इस कार्ड के जर‍िये लाभार्थी को हर महीने सस्ती कीमत पर खाद्य सामग्री म‍िलती है। कार्डधारकों को कुल 35 किलोग्राम गेहूं और चावल द‍िया जाता है। इसके ल‍िए गेहूं का 2 रुपये प्रति किलो और चावल का 3 रुपये प्रति किलो का भुगतान करना होता है।

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अंतर्राष्‍ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद गंभीर खतरा : भारत

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत ने कहा है कि आतंकवाद अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के आतंकवादरोधी समिति में भारत की स्थाई प्रतिनिधि रूचिरा कंबोज ने दिल्ली और मुंबई में शुरू हो रही दो दिन की विशेष बैठक से पहले ये बात कही। बैठक का विषय है-आतंकवादी गतिविधियों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्‍तेमाल से निपटना'।

सुश्री कंबोज ने कल नई दिल्ली में मीडिया को बताया कि पिछले दो दशकों में सदस्य देशों ने आतंकवाद का सामना करने के लिए ठोस कार्रवाई की है। उऩ्होंने कहा कि यह बैठक आतंकवादी गतिविधियों के लिए नई और उभरती प्रौद्योगिकियों के इस्‍तेमाल से निपटने में महत्वपूर्ण होगी। ब्रिटेन के विदेश मंत्री जेम्स क्लेवरली सहित कई देशों के विदेशमंत्री बैठक में शामिल होंगे।

 

 

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रासायनिक कारखाने में विस्फोट, तीन की मौत- 12 घायल

 महाराष्ट्र (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पालघर जिले के बोईसर कस्बे के तारापुर एमआईडीसी स्थित एक रासायनिक कारखाने में बुधवार को हुए विस्फोट में तीन श्रमिकों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उक्त घटना कपड़ा उद्योग में इस्तेमाल होने वाले गामा रसायन का उत्पादन करने वाली इकाई में शाम चार बजकर 20 मिनट पर हुई।

अधिकारियों ने बताया कि विस्फोट इतना भीषण था कि संयंत्र की छत के परखच्चे उड़ गये। पालघर पुलिस के प्रवक्ता सचिन नवादकर ने कहा, ”रासायनिक कारखाने में रिएक्टर पोत में विस्फोट के कारण, तीन श्रमिकों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया जबकि घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

बोईसर थाने के वरिष्ठ निरीक्षक प्रदीप कस्बे ने बताया कि विस्फोट के समय कारखाने में कुल 18 कर्मचारी काम कर रहे थे। उन्होंने कहा, ”संयंत्र गामा एसिड का निर्माण करता है जिसका उपयोग कपड़ा उद्योग में किया जाता है। जब अमोनिया के साथ सोडियम सल्फेट को मिलाने की प्रक्रिया चल रही थी. तब रिएक्टर पोत में विस्फोट हो गया।

 

 

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उपराष्ट्रपति ने स्वर्ण मंदिर को महान गुरुओं की अद्भुत आध्यात्मिक परंपरा का चमकता हुआ प्रतीक बताया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पंजाब राज्य के अपने पहले दौरे पर एक दिन के लिए पहुंचे। यहां उन्होंने स्वर्ण मंदिर में शांति, भक्ति और सेवा की भावना को एक अविस्मरणीय अनुभव बताया। विजिटर्स बुक में अपनी टिप्पणी लिखते करते हुए, उन्होंने गुरुओं को समृद्ध श्रद्धांजलि अर्पित की और लिखा कि श्री हरमंदिर साहिब युगों से प्रेम, मानवता, करुणा और भाईचारे का संदेश देते रहे हैं।

अपनी यात्रा के दौरान, उपराष्ट्रपति ने स्वर्ण मंदिर में लंगर ग्रहण किया और अपने परिवार के सदस्यों के साथ सेवा में भी भाग लिया। इसके बाद उन्होंने जलियांवाला बाग का दौरा किया और शहीदों को पुष्पांजलि अर्पित की। इसे राष्ट्रीय महत्व का स्मारक बताते हुए उन्होंने कहा कि यह शहीदों के बलिदान की याद दिलाता है जिनके हम सदा ऋणी हैं।

श्री धनखड़ ने यह भी कहा कि शहीदों को सबसे अच्छी श्रद्धांजलि एक समृद्ध, समावेशी और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण करना है जिसकी उन्होंने कल्पना की थी। उपराष्ट्रपति और उनके परिवार ने श्री दुर्गियाना मंदिर और श्री राम तीरथ में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

 

 

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जनस्‍वास्‍थ्‍य व पोषण के लिए पोषक-अनाज के उत्‍पादों को बढ़ावा देगा भारत : तोमर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृषि‍ एवं वानिकी के संबंध में 7वीं आसियान–भारत मंत्रीस्तरीय बैठक (एआईएमएमएएफ) वर्चुअल रूप से आयोजित की गई। बैठक की सह अध्यक्षता केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने की। बैठक में ब्रुनेई दारुस्सलाम, कंबोडि‍या, इंडोनेशि‍या, लाओ पी डी आर, मलेशि‍या, म्यांमार, फि‍लीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के कृषि‍ ‍मंत्रियों ने भी भाग लिया। केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने बैठक के दौरान अपने प्रारंभि‍क संबोधन में, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विज़न को दोहराया, जिसमें भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी में आसियान को केंद्र बिंदु में रखा गया है तथा उन्होंने क्षेत्र में टि‍काऊ एवं समावेशी विकास सुनिश्चित करने हेतु, कृषि‍ विकास के लिए आसियान के साथ परस्पर घनिष्ठ क्षेत्रीय सहयोग पर जोर दिया।

श्री तोमर ने पोषक खाद्य के रूप में मिलेट (पोषक-अनाज) तथा अंतरराष्ट्रीय पोषक-अनाज वर्ष 2023 के महत्व का उल्लेख करते हुए आसियान सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे मिलेट के उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन एवं उपभोग को बढ़ाने में भारत के प्रयासों में सहयोग करें। श्री तोमर ने कहा कि लोगों के स्‍वास्‍थ्‍य और पोषण के लिए पोषक-अनाज के उत्‍पादों को भारत बढ़ावा देगा। पोषक-अनाज पौष्टिक, कम संसाधन आवश्‍यकता वाले व अधिक अनुकूल कृषि-खाद्य प्रणालियों के सृजन में सहायक होते हैं।

बैठक में, आसियान-भारत सहयोग की मध्यावधि‍ कार्ययोजना (वर्ष 2021-2025) के तहत विभि‍न्न कार्यक्रमों तथा गतिविधि‍यों के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में आसियान–भारत संबंधों की 30वीं वर्षगांठ का भी स्वागत किया गया। बैठक में, कृषि‍ एवं वानिकी में आसियान-भारत सहयोग की प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। बैठक में कहा गया कि आसियान और भारत में सुरक्षि‍त तथा पौष्टिक कृषि‍ उत्पादों का निर्बाध प्रवाह सुनिश्चित करके कोविड-19 महामारी के अभूतपूर्व असर को समाप्त करने के लिए, महामारी के बाद किए जाने वाले रिकवरी उपायों के कार्यान्वयन हेतु आसियान-भारत सहयोग के तहत निरंतर उपाय करना आवश्यक है।

केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने खाद्य सुरक्षा, पोषण, जलवायु परिवर्तन अनुकूलन, डि‍जिटल कृषि‍, प्रकृति-हितैषी कृषि‍, खाद्य प्रसंस्करण, वैल्यू चेन, कृषि‍ विपणन व क्षमता निर्माण में आसियान के साथ भारत के सहयोग को बढ़ाने में प्रतिबद्धता जताई।

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ब्लू बीच की सूची में शुमार हुए दो और भारतीय समुद्र तट

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। संसाधनों के व्‍यापक प्रबंधन के जरिए अतिप्राचीन तटीय और समुद्री पारिस्थितिकीय तंत्र के रक्षण और संरक्षण की भारत की प्रतिबद्धता की एक बार फिर से सराहना करते हुए लक्षद्वीप स्थि‍त उसके दो नए समुद्र तटों - मिनिकॉय थुंडी तट और कदमत तट को वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त और प्रतिष्ठित अंतर्राष्ट्रीय इको-लेबल "ब्लू फ्लैग" प्रदान किया गया है। इसके साथ ही भारत में ब्लू फ्लैग प्रमाणन के तहत प्रमाणित समुद्र तटों की संख्या बारह (12) हो गई है।


पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने एक ट्विटर संदेश के माध्‍यम से इस गौरवशाली क्षण की घोषणा करते हुए प्रसन्‍नता व्यक्त की । उन्‍होंने सभी को बधाई देते हुए कहा कि यह प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व में चिरस्‍थायी पर्यावरण के निर्माण की दिशा में भारत की अथक यात्रा का एक भाग है।  थुंडी बीच लक्षद्वीप द्वीपसमूह के सबसे प्राचीन और मनोरम समुद्र तटों में से एक है। यहां पर बिछी सफेद रेत, खाड़ी या लैगून के फ़िरोज़ा नीले पानी से घिरी है। यह तैराकों और पर्यटकों दोनों के ही लिए स्वर्ग के समान है।

कदमत तट विशेष रूप से क्रूज पर्यटकों में लोकप्रिय है, जो वॉटर स्‍पोर्ट्स के लिए इस द्वीप पर आते हैं। सफेद मोतियों सी रेत, खाड़ी का नीला पानी, मध्यम जलवायु और मैत्रीपूर्ण स्थानीय लोगों वाला यह तट प्रकृति प्रेमियों के लिए स्वर्ग के समान है। दोनों तटों पर साफ-सफाई और रखरखाव; तथा तैराकों की रक्षा और सुरक्षा के लिए नामित कर्मचारी हैं। दोनों समुद्र तट फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंट एजुकेशन (एफईई) द्वारा अधिदेशित समस्‍त 33 मानदंडों का अनुपालन करते हैं।

ब्लू बीच में शामिल अन्य भारतीय समुद्र तटों में - शिवराजपुर-गुजरात, घोघला-दीव, कासरकोड और पदुबिद्री-कर्नाटक, कप्पड-केरल, रुशिकोंडा- आंध्र प्रदेश, गोल्डन-ओडिशा, राधानगर- अंडमान और निकोबार, तमिलनाडु में कोवलम और पुडुचेरी में ईडन शामिल हैं।

डेनमार्क की फाउंडेशन फॉर एनवायरनमेंट एजुकेशन (एफईई) की ओर से वैश्विक स्तर पर मान्यता प्राप्त इको-लेबल-ब्लू फ्लैग प्रमाणन प्रदान किया जाता है। इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की पात्रता हासिल करने के लिए, कड़े पर्यावरण, शैक्षिक, सुरक्षा-संबंधी और पहुंच-संबंधी मानदंडों की एक श्रृंखला को पूरा करना चाहिए और उन्‍हें बरकरार रखा जाना चाहिए। ब्लू फ्लैग का मिशन पर्यावरणीय शिक्षा, पर्यावरणीय संरक्षण और अन्य चिरस्‍थायी विकास पद्धतियों के माध्यम से पर्यटन क्षेत्र में निरंतरता को बढ़ावा देना है।

 

 

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वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया : सीतारमण

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक एआईआईबी) के संचालक मंडल (बोर्ड ऑफ गवर्नर्स) की 7वीं वार्षिक बैठक में भाग लिया। अपने संबोधन में वित्त मंत्री ने सदस्य देशों की सहायता करने और उच्च गुणवत्ता वाला विकास वित्त प्रदान करने के लिए एआईआईबी की निरंतर प्रतिबद्धता एवं समर्पण की सराहना की।


श्रीमती सीतारमण ने कहा कि बाह्य खतरों के बावजूद भारत की बेहतरीन लक्षित नीतियों, प्रमुख ढांचागत सुधारों और सुदृढ़ बाह्य बैलेंस शीट से भारत में आर्थिक विकास की गति को निरंतर मजबूत बनाए रखने में काफी सहायता मिली है। वित्त मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि भारत एक आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की राह पर चल पड़ा है और इसलिए वह महामारी के नकारात्मक प्रभावों को कम करने में सफल रहा है।

 
 

श्रीमती सीतारमण ने भारत के डिजिटलीकरण मिशन के माध्यम से भारत द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित किया जिसके तहत सामाजिक सुरक्षा को सुविधाजनक बनाने और वित्तीय समावेश को बढ़ावा देने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया गया है। वित्त मंत्री ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर्यावरण के लिए जीवन शैली या लाइफ जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए भारत द्वारा किए जा रहे अथक प्रयासों का सक्रिय रूप से नेतृत्व कर रहे हैं।

 



वित्त मंत्री ने सुझाव दिया कि यह सुनिश्चित करने के लिए कि इन सभी के सार्थक प्रभाव हों और संसाधन कई क्षेत्रों में न बिखर जाएं, एआईआईबी को प्राथमिकता वाले प्रमुख क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने की जरूरत है जिनमें शिक्षा व स्वास्थ्य, और डिजिटल अवसंरचना पर विशेष रूप से फोकस करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा एवं ऊर्जा दक्षता, आपदा रोधी अवसंरचना, और सामाजिक अवसंरचना शामिल हैं।

 

 

 
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