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प्रतिबंध के बावजूद जमकर हुई आतिशबाजी... बहुत खराब श्रेणी में पहुंची हवा...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रतिबंधों के बावजूद भी राजधानी दिल्ली में सोमवार को दिवाली की रात लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। कई इलाकों में देर रात तक पटाखे जलाए गए। जबकि पर्यावरण मंत्रालय और दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय की ओर से पटाखों को न जलाने को लेकर 'दीप जलाओ, पटाखे नहीं' जन जागरूकता अभियान आदि भी चलाए गए और आतिशबाजी करने पर जुर्माना लगाकर दंडित किए जाने की बात भी कही गई थी। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी हुई। मंगलवार की सुबह सफर के मुताबिक दिल्ली की वायु गुणवत्ता बहुत खराब श्रेणी में रही। दिवाली की रात दिल्ली और एनसीआर के कई हिस्सों में पीएम2.5 का स्तर 400 के भी पार पहुंच गया।


सिस्टम ऑफ एयर क्वालिटी एंड वेदर फोरकास्टिंग एंड रिसर्च (SAFAR) के मुताबिक, मंगलवार की सुबह दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 323 (बहुत खराब) श्रेणी में है। अक्षरधाम, इंडिया गेट, अशोक विहार, आईटीओ, मुंडका समेत अन्य हिस्सों में धुंध नजर आई।


डीपीसीसी के मुताबिक, सोमवार की देर शाम मुंडका में पीएम2.5 350 और मंगलवार सुबह आठ बजे 340 रिकॉर्ड किया गया। वहीं केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक आईटीओ में सोमवार की रात करीब 10 बजे पीएम2.5 का स्तर 458 रहा और मंगलवार सुबह 339 दर्ज किया गया।

 
 
 



बता दें कि दिवाली की रात से दिल्ली-एनसीआर में हवा की सेहत बिगड़ गई थी। सोमवार देर रात दिल्ली और नोएडा में वायु गुणवत्ता 'बहुत खराब' श्रेणी में दर्ज की गई थी। इससे पहले दिल्ली का एक्यूआई सोमवार सुबह आठ बजे तक 301 दर्ज किया गया था। वायु मानक एजेंसियों ने पहले ही पूर्वानुमान जता दिया था कि दीपावली की देर रात तक हवा बहुत खराब से लेकर गंभीर श्रेणी में पहुंच सकती है। उधर, रविवार को दिल्ली समेत एनसीआर के सभी शहरों की हवा खराब श्रेणी में रही थी।

एनसीआर के अलग-अलग शहरों में रहा ऐसा हाल
गाजियाबाद के इंदिरापुरम में सोमवार रात 11 बजे पीएम2.5 का स्तर 500 पर पहुंच गया और मंगलवार सुबर आठ बजे के करीब 310 रिकॉर्ड हुआ। वहीं, नोएडा सेक्टर-62 में रात 11 बजे पीएम2.5 का स्तर 500 रिकॉर्ड हुआ। इसी तरह गुरुग्राम के सेक्टर-51 में रात नौ बजे के करीब पीएम2.5 का स्तर 447 रिकॉर्ड हुआ।

 

 

 

 

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अन्याय प्रतिकार यात्रा : विवादस्पद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा समेत 25 आरोपी फरार घोषित

 वाराणसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वाराणसी में अन्याय प्रतिकार यात्रा के सात साल पुराने मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा, महंत बालकदास समेत फरार 25 आरोपियों की संपत्ति कुर्क का आदेश कोर्ट ने दिया है। विशेष न्यायाधीश (एमपी/एमएलए) सियाराम चौरसिया की अदालत ने एडीसीपी काशी राजेश कुमार पांडेय को गैर जमानती वारंट जारी करते हुए संपत्ति कुर्क करने और उसकी रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। इसमें पंकज सिंह उर्फ डब्लू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल, आसित दास अन्य 25 आरोपी हैं। ये सभी कोर्ट से फरार हैं।



अन्याय प्रतिकार यात्रा के दौरान हुआ था भारी बवाल
दशाश्वमेध थाना अंतर्गत गंगा में गणेश प्रतिमा विसर्जन पर अड़े स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत अन्य लोगों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में पांच अक्तूबर 2015 को मैदागिन स्थित टाउनहाल मैदान से प्रतिकार यात्रा निकाली गई। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के आगे-आगे भी एक जत्था चल रहा था। शाम करीब साढ़े चार बजे के आसपास गोदौलिया चौराहे पर खड़ा एक सांड भड़क गया और गिरजाघर चौराहे की ओर भागा। जिसके बाद वहां भगदड़ मच गई।

भगदड़ देख चौक से गोदौलिया की ओर बढ़ रही अन्याय प्रतिकार यात्रा में शामिल लोग भी भागने लगे। उन्हें लगा कि पुलिस ने यात्रा रोकी है और लाठीचार्ज कर दिया गया है। इसी बीच मौका पाकर उपद्रवियों ने पहले पुलिस बूथ फिर एक सरकारी जीप में आग लगा दी। बूथ में लगी आग इतनी भयावह थी कि उसकी लपटों ने ठीक पीछे तांगा स्टैंड को भी अपनी चपेट में ले लिया।

एक मजिस्ट्रेट की जीप, फायर ब्रिगेड की गाड़ी व पुलिस की वैन, लगभग दो दर्जन बाइक आग के हवाले कर दी गई। इस दौरान गोदौलिया तांगा स्टैंड पर कहीं से दो पेट्रोल बम भी फेंके गए। इससे आग और तेजी से फैली। वहीं पथराव में तत्कालीन एडीएम एमपी सिंह, सिगरा थानाध्यक्ष, पीएसी का एक जवान और एक चैनल का फोटोग्राफर बुरी तरह घायल हो गया।

उपद्रवियों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने पहले लाठियां पटकीं, फिर आंसू गैस और रबड़ बुलेट का इस्तेमाल किया। हवाई फायरिंग भी हुई। पुलिस ने उपद्रव प्रभावित इलाकों को जाने वाले रास्तों को सील कर दिया। हालात काबू में नहीं आता देख कोतवाली, चौक, दशाश्वमेध, लक्सा और चेतगंज थाना क्षेत्रों में दो से ढाई घंटे का कर्फ्यू लगाया गया था।

इसी मामले में दशाश्वमेध थाने में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, सतुआ बाबा, महंत बालक दास, पूर्व विधायक अजय राय,  पंकज सिंह उर्फ डब्ल्यू राय, अरुण पाठक, अजय चौबे, अमरनाथ यादव उर्फ डब्बल, असित दास समेत कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।

मामले में पूर्व विधायक अजय राय कोर्ट में हाजिर हो गए हैं, जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद समेत 25 लोगों के हाजिर न होने पर कोर्ट ने उन्हें फरार घोषित करते हुए उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर संपत्ति कुर्क का आदेश दिया है।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अग्रिम जमानत पर सुनवाई एमपी एमएलए कोर्ट में 28 अक्टूबर को होनी है। जमानत अर्जी पहले से ही कोर्ट में है, ऐसे में गिरफ्तारी वारंट का कोई मतलब नहीं है।
- रमेश कुमार उपाध्याय, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अधिवक्ता


बता दें कि इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड में ज्योतिष पीठ के नए शंकराचार्य के रूप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के पट्टाभिषेक पर रोक लगा दी थी। जस्टिस बीआर गवई और न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना की पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता द्वारा पीठ को सूचित करने के बाद आदेश पारित किया कि पुरी में गोवर्धन मठ के शंकराचार्य ने एक हलफनामा दायर किया है।

 

 

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दीपावली की रात दो समुदायों के बीच तनाव, जमकर हुआ पथराव... पुलिस पर भी फेंके गए पेट्रोल बम...

 वडोदरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दीपवाली की रात गुजरात के वडोदरा में स्थित पानीगेट में मुस्लिम मेडिकल सेंटर के करीब दीपावली की रात पथराव की घटना हुई। पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंच गई और तुरंत कार्रवाई की। डीसीपी यशपाल जगनिया के अनुसार स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है। सीसीटीवी की फुटेज निकाली जा रही है और चश्‍मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है। हादसे के बाद से ही पुलिस की टीम घटना की जांच में जुटी हुई है।

मिली जानकारी के अनुसार वडोदरा के पानीघाट इलाके में दीपावली की रात अचानक अराजकता का माहौल पैदा हो गया। यहां दो समुदाय के बीच जमकर पत्‍थरबाजी हुई और कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए थे।

दो सांप्रदायिक समूहों के बीच हुए झगड़े के बाद घटना स्थल पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया। दंगाइयों ने उच्च पदस्थ पुलिस अधिकारियों पर असामाजिक तत्वों द्वारा पेट्रोल बम से हमले भी किए। हालांकि, हमले में कोई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायल नहीं हुआ। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी थी।

पानीघाट इलाके में देर रात हुई पत्‍थबाजी की वजह पटाखे फोड़ना और डीजे बजाना बताया जा रहा है। दो गुटों में शुरू हुआ ये झगड़ा देखते ही देखते इतना बढ़ गया की इस दौरान पथराव के साथ कई वाहनों में आग भी लगा दी गई। इस घटना के बाद पुलिस का काफिला मौके पर पहुंच गया और बेकाबू हुए हालातों पर काबू पा लिया गया। इस मामले में अभी तलाशी अभियान जारी है साथ ही सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है।

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वाजपेयी और मोदी की सोच में जमीन-आसमान का फर्क : जयराम रमेश

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के समय में अब्दुल कलाम राष्ट्रपति बने थे। वाजपेयी और मोदी की सोच में जमीन-आसमान का फर्क है क्योंकि वाजपेयी जी नेहरू के जमाने के प्रोडक्ट हैं लेकिन मोदी जी एक ही चीज में लगे हुए हैं कि जवाहर लाल नेहरू के विरासत को कैसे हटाएं।

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कर्नाटक में लिंगायत संत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  कर्नाटक के रामनगर में लिंगायत संत की मौत का एक मामला सामने आया है। पुलिस ने घटना की जानकारी दी है। पुलिस ने बताया कि कंचुगल बंदेमठ के एक लिंगायत संत अपने मठ में मृत पाए गए हैं। संत की मौत की किस वजह से हुई इसका पता अभी नहीं चल सका है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि संत को ब्लैकमेल किया जा रहा था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।

कुदुर पुलिस ने जानकारी देते हुए संत का शव 24 अक्टूबर को मठ के पूजाघर में मिला है। पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का केस दर्ज कर लिया है। मृतक संत का नाम बसवलिंगेश्वर स्वामी था और वह कंचुगल मठ के प्रमुख संत थे। पुलिस स्वामी के पुराने रिकार्ड खंगाल रही है। पुलिस को संत का शव पंखे पर लगे फंदे से लटका मिला है।

 
 
 

जानकारी के मुताबिरक, बसवलिंगेश्वर स्वामी बीते 25 सालों से कंचुगल मठ के मठाधीश थे। उन्होंने 1997 में इसकी जिम्मेदारी संभाली थी। बताया जा रहा है कि सोमवार को काफी देर तक बसवलिंगेश्वर ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला। वह फोन का जवाब भी नहीं दे रहे थे। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया। कमरे के अंदर का नजारा देखकर हर कोई हैरान था। संत का शव पंखे में लगे फंदे से लटक रहा था। मामले की जानकारी फौरन पुलिस को दी गई। फिलहाल पुलिस मामले की तफ्तीश में जुट गई है।

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दिवाली का अर्थ है कि आतंक के अंत के साथ उत्सव : नरेंद्र मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सैनिकों के साथ दिवाली का त्योहार मनाने के लिए सोमवार को कारगिल पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर कहा कि दिवाली का मतलब 'आतंक के अंत का त्योहार' है और करगिल ने इसे संभव बनाया है।


दिवाली के अवसर पर सेना के जवानों को संबोधित करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने करगिल में कहा, 'मेरे लिए तो वर्षों-वर्ष से मेरा परिवार आप ही सब हैं। मेरी दीपावली की मिठास आप के बीच बढ़ जाती है, मेरी दीपावली का प्रकाश आपके बीच है और अगली दिवाली तक मेरा पथ प्रशस्त करता है।' उन्होंने आगे कहा कि मेरे लिए तो वर्षों-वर्ष से मेरा परिवार आप ही सब हैं। मेरी दीपावली की मिठास आप के बीच बढ़ जाती है, मेरी दीपावली का प्रकाश आपके बीच है और अगली दिवाली तक मेरा पथ प्रशस्त करता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेना को संबोधित करते हुए कहा, 'पाकिस्तान के साथ एक भी लड़ाई ऐसी नहीं हुई है जहां कारगिल ने विजय ध्वज न फहराया हो। दिवाली का अर्थ है कि आतंक के अंत के साथ उत्सव। यही कारगिल ने भी किया था।' पीएम ने आगे कह, 'एक राष्ट्र तब अमर होता है जब उसकी संतानों को, उसके वीर बेटों और बेटियों को अपने सामर्थ्य पर परम विश्वास होता है।'



इससे पहले रविवार को पीएम मोदी ने अयोध्या के दीपोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की थी। इस दौरान उन्होंने राम जन्मभूमि मंदिर में पूजा अर्चना की। साथ ही पीएम मोदी ने दीपोत्सव कार्यक्रम में भाग लिया।

इससे पहले पीएम मोदी ने देशवासियों को दिवाली की बधाई दी। पीएम मोदी ने ट्वीट कर लिखा कि प्रकाश का यह पर्व हर किसी के जीवन में खुशियां और उत्तम स्वास्थ्य लेकर आए।

पिछले साल पीएम मोदी ने जम्मू के नौशेरा में जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। उन्होंने भारतीय सीमाओं पर सेवा करने के लिए सैनिकों की सराहना की थी और बताया था कि सुरक्षाकर्मी राष्ट्र के "सुरक्षा कवच" हैं। प्रधानमंत्री ने  कहा था कि सैनिकों की वजह से ही लोग चैन की नींद सो पाते हैं।

2020 में, राजस्थान के जैसलमेर के लोंगेवाला में सैनिकों के साथ दिवाली मनाते हुए पीएम मोदी ने कहा था कि जब तक भारतीय सैनिक मौजूद हैं, इस देश का दीवाली समारोह पूरे जोरों पर और रोशनी से भरा रहेगा।

2019 में, प्रधानमंत्री ने जम्मू और कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) के साथ राजौरी जिले में सैनिकों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने सैनिकों को अपने परिवार के रूप में बुलाया था और त्योहारों के दौरान भी सीमाओं की रक्षा के लिए उनकी सराहना की थी।

2018 में, प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तराखंड के हरसिल में भारतीय सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवानों के साथ दिवाली मनाई थी। इसके बाद उन्होंने केदारनाथ धाम में पूजा-अर्चना की। 2017 में, प्रधान मंत्री ने जम्मू और कश्मीर के बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी में सेना के जवानों और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों के साथ प्रकाश का त्योहार मनाया।

2016 में, प्रधानमंत्री एक चौकी पर भारत-तिब्बत सीमा पुलिस कर्मियों के साथ त्योहार मनाने के लिए हिमाचल प्रदेश गए थे।

वह 2015 में सैनिकों के साथ दिवाली मनाने के लिए पंजाब सीमा पर गए थे। 2014 में प्रधानमंत्री मोदी ने सैनिकों के साथ सियाचिन में दिवाली मनाई थी।

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भारत अपने उद्देश्यों और सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध है : एस जयशंकर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण) संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत अपने उद्देश्यों और सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध है। संयुक्त राष्ट्र दिवस पर विदेश मंत्री डा एस जयशंकर ने ट्वीट किया, के सदस्य के रूप में भारत के मौजूदा कार्यकाल ने समकालीन चुनौतियों का सामना करने के लिए संवाद और कूटनीति को बढ़ावा देने के हमारे सैद्धांतिक दृष्टिकोण को प्रतिबिंबित किया है।' उन्होंने कहा कि भारत हमेशा ग्लोबल साउथ के साथ खड़ा रहेगा और संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता को मजबूत करने की कोशिश करेगा।

विदेश मंत्री ने ट्वीट किया, 'संयुक्त राष्ट्र के संस्थापक सदस्य के रूप में, भारत अपने उद्देश्यों और सिद्धांतों के लिए प्रतिबद्ध है। चार्टर के लक्ष्यों को लागू करने में हमारा योगदान इस प्रतिबद्धता का प्रतिबिंब है।' उन्होंने आगे कहा, 'सुधारित बहुपक्षवाद, कानून के शासन और एक निष्पक्ष और न्यायसंगत अंतरराष्ट्रीय प्रणाली पर हमारा ध्यान संयुक्त राष्ट्र की निरंतर प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से है।'

हर साल 24 अक्टूबर को मनाया जाता है संयुक्त राष्ट्र दिवस
हर साल 24 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों और उपलब्धियों की जानकारी के लिए मनाया जाता है। साल 1948 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा में यह निर्णय लिया गया कि 24 अक्टूबर यानी संयुक्त राष्ट्र के चार्टर की वर्षगांठ को संयुक्त राष्ट्र के उद्देश्यों और उपलब्धियों के बारे में लोगों को बताने के लिए इन दिन को मनाया जाएगा।

संयुक्त राष्ट्र के 6 महत्वपूर्ण अंग
बता दें, संयुक्त राष्ट्र संघ के 6 महत्वपूर्ण अंग हैं। इनमें महासभा, सुरक्षा परिषद, आर्थिक और सामाजिक परिषद, न्यास परिषद, सचिवालय और अंतरराष्ट्रीय न्यायालय है। संयुक्त राष्ट्र की स्थापना 1945 में की गई थी। भारत संस्थापक सदस्यों में से एक है।

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4 हजार दीयों और 5 टन रेत से सुदर्शन ने बनाई मां काली की मूर्ति...

 भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़ दर्पण) देशभर में दिवाली का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। दिवाली के मौके पर पद्मश्री विजेता सैंड आर्टिस्ट सुदर्शन पटनायक ने अपने अंदाज में दिवाली की शुभकामनाएं दी हैं। सुदर्शन पटनायक ने ओडिशा के पुरी बीच पर मां काली की रेत से खूबसूरत मूर्ति बनाई है। रेत की मूर्ति बनाने में उन्होंने हजारों दीयों का इस्तेमाल किया है।

सुदर्शन पटनायक ने रेत से बनाई मां काली की मुर्ति ट्वीट भी की है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट से मां काली की तस्वीर ट्वीट की है। उन्होंने ट्वीट कर लिखा, 'हैप्पी दिवाली... ओडिशा के पुरी बीच पर 4045 दीयों से मां काली की रेत से मूर्ति बनाई है।'

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ब्रेकिंग : पटाखा स्टाल में लगी आग, 2 की मौत...

 विजयवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा के गांधी नगर स्थित जिमखाना मैदान में लगे पटाखा स्टाल में रविवार सुबह आग लग गई। इससे दो लोगों की मौत हो गई। आग लगने से चारों तरफ हड़कंप मच गया। मृतकों की पहचान होनी अभी बाकी है। आग लगने से चारों तरफ हड़कंप मच गया। आग बुझाने की कोशिश की जा रही है।

 

 

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कर्नाटक विधानसभा उपाध्यक्ष आनंद ममानी का निधन

 बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा विधायक और कर्नाटक विधानसभा के उपाध्यक्ष आनंद ममानी का गंभीर बीमारी के बाद एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी। वह 56 वर्ष के थे। मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने अस्पताल का दौरा किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी।


बोम्मई ने ट्वीट किया, 'हमारी पार्टी के विधायक और राज्य विधानसभा के उपाध्यक्ष आनंद चंद्रशेखर ममानी के निधन के बारे में जानकर गहरा दुख हुआ। भगवान उनकी आत्मा को शांति दें और भगवान उनके परिवार को यह दुख सहने की शक्ति दें। ओम शांति।'

आनंद ममानी के पिता चंद्रशेखर एम ममानी ने भी 1990 के दशक में डिप्टी स्पीकर के रूप में काम किया था।

 


 
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जब राज्यपाल ने कानून मंत्री को पढ़ाया संविधान का पाठ... जानें मंत्री ने ऐसा क्या कह दिया...

 

तिरुवनंतपुरम (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केरल में राज्य सरकार और राज्यपाल के बीच जुबानी जंग लगातार जारी है। ताजा मामला है कानून मंत्री पी राजीव का जिन्होंने राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को चेतावनी देते हुए उनकी कार्रवाई की समीक्षा करने की धमकी दे दी है। वहीं अब कानून मंत्री के इस बयान पर राज्यपाल भी भड़क गए हैं। राज्यपाल ने कहा कि कानून मंत्री कहते हैं, वह मेरी कार्रवाई की समीक्षा करने जा रहे हैं। राज्यपाल के रूप में, मैं यहां उनके कार्यों की समीक्षा करने के लिए हूं। वे मेरे द्वारा नियुक्त हैं। इसका मतलब है कि वह संविधान के प्रावधानों से परिचित नहीं है। उन्होंने कहा कि केरल में मेधावी लोग बाहर चले गए हैं और इस तरह से अज्ञानी शासन कर रहे हैं।

एक किताब के अनावरण के मौके पर आरिफ मोहम्मद खान ने कहा कि केरल भी ड्रग कैपिटल बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब केरल, पंजाब की जगह पर ड्रग कैपिटल बन रहा है क्योंकि राज्य सरकार शराब की बिक्री को बढ़ावा दे रही है। राज्य सरकार ने  तय कर लिया है कि लॉटरी और शराब ही हमारे विकास के लिए काफी है। यह उस राज्य के लिए कितना शर्मनाक है जहां साक्षरता दर 100 प्रतिशत है। मुझे शर्म आती है कि हमारे राज्य की आय का स्रोत शराब और लॉटरी है।

केरल के कानून मंत्री ने दी थी धमकी
केरल के कानून और उद्योग मंत्री पी राजीव ने गुरुवार को राज्य के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान के केरल विश्वविद्यालय के 15 सदस्यों को बर्खास्त करने के आदेश पर प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि वह जांच करेंगे कि पारित आदेश प्रक्रियात्मक था या नहीं। केरल के कानून मंत्री पी राजीव ने कहा यहां सब कुछ कानूनी होना चाहिए, मैं जांच करूंगा कि आदेश किसी प्रक्रिया पर आधारित था या नहीं। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय एक स्वायत्त संस्थान है। यहां सब कुछ कानूनी होना चाहिए।
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भूपेश-गहलोत समेत इन 40 नेताओं को मिली हिमाचल विस चुनाव की जिम्मेदारी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के बाद अब कांग्रेस ने भी स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर दी है। कांग्रेस ने अपने स्टार प्रचारकों की लिस्ट शनिवार को जारी कर दी है। इस लिस्ट के जारी होने के बाद जल्द ही निवर्तमान अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, सांसद राहुल गांधी, पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 40 नेता हिमाचल में चुनावी सभाएं करते नजर आएंगे।


हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, आनंद शर्मा, मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला, भूपिंद्र सिंह हुड्डा, हरीश रावत, प्रतिभा सिंह, मुकेश अग्निहोत्री, सुखविंदर सिंह सुक्खु, रणदीप सिंह सुरजेवाला, विप्लव ठाकुर, सचिन पायलट, राज बब्बर, दीपेंद्र हुड्डा, पवन खेड़ा, धनी राम शांडिल, प्रताप सिंह बाजवा, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सुप्रिया श्रीनेत, आशा कुमारी, संजय दत्त, तजिंद्र पाल सिंह बिट्टु, गुरकीरत सिंह कोहली, कौल सिंह ठाकुर, रामलाल ठाकुर, राजेंद्र राणा, विक्रमादित्य सिंह, चंद्र कुमार, श्रीनिवास बीवी, विनय कुमार, डीवीएस राणा, अमरिंदर सिंह बराड़, अलका लांबा, राजेश लीलोथिया और आचार्य प्रमोद कृष्णम सहित 40 नेताओं को स्टार प्रचारक बनाया है।

 

 

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खेत में प्रेमी-प्रेमिका का शव मिला, इलाके में हड़कंप

 मध्यप्रदेश (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अनूपपुर जिले में शनिवार की सुबह एक खेत में प्रेमी-प्रेमिका का शव मिला, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। युवक-युवती दूर के रिश्ते में चाचा भतीजे लगते थे। दोनों 17 सोमवार  से लापता थे, जिसकी रिपोर्ट थाने में दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामला जैतहरी थाना क्षेत्र के ग्राम वेंकटनगर का है। जहां 15 वर्षीय किशोरी और पड़ोस में फूफा के घर रहने आया युवक के बीच प्रेम प्रसंग हो गया।

दोनों 17 सोमवार की रात घर से निकल गए थे। परिजनों ने वेंकटनगर चौकी में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर कराई थी। जिसके बाद पुलिस जांच में जुट गई थी। वहीं 5 दिन बाद गांव के ही राकेश सोनी के खेत मे संदिग्ध अवस्था में दोनों का शव मिला। आशंका जताई जा रही है कि दोनों ने आत्महत्या की है या फिर इनकी हत्या कर दी गई है। फिलहाल पुलिस दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। पुलिस ने कहा कि मेडिकल रिपोर्ट और जांच के बाद ही मामले का खुलासा हो पाएगा।

 

 

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बिग-बी के पैर की नस कटी, आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बॉलीवुड के बिग-बी अमिताभ बच्चन के साथ बीते रविवार एक अनहोनी हो गई है। बताया जा रहा है कि 'कौन बनेगा करोड़पति 'की शूटिंग के दौरान उनके पैर की नस कट गई। अमिताभ को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया। जहां उनके पैर से बहते खून को रोकने के लिए टांके लगाए गए हैं। 

खून का बहाव तेज था, जिसे रोकने के लिए डॉक्टर्स को उनके पैर में टांके लगाने पड़े. डॉक्टर्स ने उन्हें फिलहाल आराम करने की सलाह दी है। अमिताभ को पैरों पर जोर देने या चलने से भी मना किया गया है। यहां तक कि उन्हें ट्रेडमिल पर भी वॉक करने की इजाजत नहीं है। इस बात की जानकारी अमिताभ ने खुद अपने ऑफिशियल ब्लॉग पर दी है। हाल ही में अमिताभ ने अपना 80वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया था। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा- भगवान मेरी मदद करो, मैं बाहर नहीं निकल सकता।

 

 

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अयोध्या के दीपोत्सव में आठ देशों के कलाकार करेंगे रामलीला का मंचन

 अयोध्‍या (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दीपोत्सव से श्रीराम के लंका विजय की स्मृति के साथ रामनगरी और रामकथा की वैश्विकता भी परिभाषित होगी। इसकी शुरुआत दीपोत्सव के प्रथम संस्करण 2017 से ही हो गई थी, जब रामकथा पार्क में राम राज्याभिषेक का मंचन किए जाने के बाद इंडोनेशिया एवं श्रीलंका के कलाकारों ने रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का मंचन किया। इसके बाद से दीपोत्सव के प्रत्येक संस्करण में लीला की प्रस्तुति के माध्यम से रामकथा की वैश्विक व्याप्ति परिलक्षित होने का चलन चल पड़ा।


दूसरे दीपोत्सव में ट्रिनिडाड एंड टोबैगो, रूस, श्रीलंका, लाओस, इंडोनेशिया एवं कंबोडिया के रूप में छह देशों की मंडली ने, तीसरे दीपोत्सव में नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया एवं फिलीपींस, चौथे दीपोत्सव में ट्रिनिडाड एंड टोबैगो, थाईलैंड, श्रीलंका, फिजी एवं नेपाल की मंडली ने तथा पांचवें दीपोत्सव में श्रीलंका एवं नेपाल की मंडली ने रामलीला की प्रस्तुति दी।

 
 



प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की उपस्थिति से चरम का स्पर्श करने को आतुर दीपोत्सव का छठवां संस्करण आठ देशों की रामलीला के मंचन का साक्षी बनेगा। ये देश हैं, इंडोनेशिया, श्रीलंका, मलेशिया, थाईलैंड, रूस, फिजी, ट्रिनिडाड एंड टोबैगो तथा नेपाल। प्रत्येक देश की रामलीला मंडली में 12 से 18 कलाकार शामिल होंगे। रामलीला के साथ रामनगरी की वैश्विक विरासत रानी हो के स्मारक से भी प्रशस्त होगी।

 

 

 
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पीएम मोदी के निमंत्रण पर अगले महीने भारत आएंगे सऊदी पीएम मोहम्मद बिन सलमान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सऊदी अरब के प्रधानमंत्री और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के अगले महीने भारत आने की उम्मीद है। सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि सऊदी क्राउन प्रिंस के 14 नवंबर को बाली (इंडोनेशिया) में जी20 शिखर सम्मेलन के लिए जाने के दौरान भारत का दौरा करने की संभावना है।


मोहम्म बिन सलमान ने कहा है कि वह मोदी के निमंत्रण पर भारत आ रहे हैं। यह एक दिन का दौरा होगा। इससे पहले, सऊदी ऊर्जा मंत्री अब्दुल अजीज बिन सलमान ने पिछले सप्ताह भारत का दौरा किया था, जो ओपेक + द्वारा तेल उत्पादन में कटौती का निर्णय लेने के साथ मेल खाता था।

 
 



बता दें, सऊदी शासक किंग सलमान बिन अब्दुल अजीज ने पिछले महीने 27 सितंबर को एक शाही फरमान जारी करते हुए क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान को प्रधानमंत्री पद पर नियुक्त किया है। वहीं, उन्होंने अपने दूसरे बेटे प्रिंस खालिद को रक्षा मंत्री और तीसरे बेटे प्रिंस अब्दुल अजीज बिन सलमान को ऊर्जा मंत्री बनाया है।

 



विदेश मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे प्रिंस फैसल बिन फरहान अल सऊद, वित्त मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे मोहम्मद अल-जादान और निवेश मंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे खालिद अल-फलीह का पद बरकरार रखा गया है। वह पूर्व की भांति अपना दायित्व निभाते रहेंगे।

 



बता दें, मोहम्मद बिन सलमान को ही सऊदी अरब का वास्तविक शासक माना जाता है। वे अभी तक रक्षा मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उनके छोटे भाई प्रिंस खालिद बिन सलमान उप रक्षा मंत्री के रूप में काम कर रहे थे।

 

 

 
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बेपटरी हुई मालगाड़ी, वंदे भारत एक्सप्रेस समेत 12 ट्रेनें लेट...

 फतेहपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले के हसवा थाना क्षेत्र में प्रयागराज की तरफ जा रही मालगाड़ी सुबह 10:27 मिनट पर दुर्घटना का शिकार हो गई। इसमें 25 डिब्बे पूरी तरह क्षति ग्रस्त हो गए। मौके पर थरियांव और असोथर के थानाध्यक्ष मौके पर पंहुचे।

मिली जानकारी के अनुसार, रमवां स्टेशन पर 936/4ए पर मालगाडी के डिब्बे एक दूसरे पर चढ़ गए। मौके पर एक भी कोच के पहिए सही सलामत नहीं रहे। सभी कोचों के पहिया अलग होकर इधर-उधर पडे़ रहे। लोगों ने बताया कि छठवीं बोगी के पहिए हिल रहे थे। अभी रेलवेकर्मी उसी को वजह मान रहे है, क्योंकि मौके पर रेलवे पटरी पूरी तरह ठीक पाई गई। मौके पर रेलवे से जीआरपी के एएसआई शिवराम ने बताया कि अभी अधिकारी रास्ते में है। फिलहाल रेलवे की तरफ अभी कोई भी कदम नहीं उठाए गए हैं।

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प्रभु राम के आशीर्वाद से आज हम अयोध्या की अलौकिकता के साक्षी बन रहे हैं : नरेंद्र मोदी

 अयोध्या (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे। साकेत महाविद्यालय के ग्राउंड पर बने हेलिपैड पर उनका स्वागत राज्यपाल आनंदीबेन, सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ अयोध्या के सांसद लल्लू सिंह व अयोध्या के विधायक वेद प्रकाश गुप्ता सहित अन्य भाजपा नेताओं व अधिकारियों ने किया।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहाँ से राम जन्म भूमि गए। वहां हो रहे कार्यों का अवलोकन लिया। यहाँ राज्यपाल आनन्दी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चंपत राय भी मौजूद रहे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीरामलला विराजमान में दर्शन पूजन के बाद सीधा निर्माणाधीन श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का रुख किया। उन्होंने राम मंदिर निर्माण स्थल का अवलोकन किया। उनके साथ राममंदिर निर्माण समिति के चेयरमैन नृपेंद्र मिश्र के साथ श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय भी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रामलला का दर्शन पूजन किया।आरती उतारी। दीप जलाए। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने भी रामलला की पूजा अर्चना की। पीएम मोदी ने रामलला की परिक्रमा की। जेब से निकालकर दानपात्र में दान डाला। प्रधानमंत्री ने सबसे पहले मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के चरणों में हाजिरी लगाई। रामलला की परिक्रमा कर प्रधानमंत्री ने सुखी व सशक्त राष्ट्र की कामना की।


दीपोत्‍सव के मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी ने अयोध्या में भगवान श्रीराम का अभिषेक किया और जय स‍ियाराम जय जय श्रीराम के नारे के साथ भाषण का शुभारंंभ क‍िया। पीएम मोदी ने कहा क‍ि श्रीरामलला के दर्शन और उसके बाद राजा राम का अभिषेक, ये सौभाग्य रामजी की कृपा से ही मिलता है। मुझे खुशी है कि आज देश-विदेश में अयोध्या के इस भव्य आयोजन का प्रसारण हो रहा है। मैं आप सबको बधाई देता हूं।

पीएम मोदी ने कहा क‍ि भगवान श्रीराम का जीवन बताता है कि हमारे अधिकार हमारे कर्तव्य से स्वयं सिद्ध हो जाते हैं। श्रीराम ने अपने जीवन में कर्तव्यों को सर्वाधिक जोर दिया। उन्होंने वन में रहकर साधुओं की संगत की।

पीएम मोदी ने कहा कि एक समय वो भी था जब हमारे ही देश में श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाए जाते थे। इसका नतीजा यह हुआ कि हमारे देश के धार्मिक स्थलों का विकास पीछे छूट गया। पिछले आठ साल में हमने धार्मिक स्थानों के विकास के काम को आगे रखा है। हमने भारत के तीर्थों के विकास की एक समग्र सोच को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या नगरी भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण के स्वर्णिम अध्याय का प्रतिबिंब है। हमने त्रेता की उस अयोध्या के दर्शन नहीं किए लेकिन प्रभु राम के आशीर्वाद से आज अमृत काल में अमर अयोध्या की अलोकिकता के साक्षी बन रहे हैं।

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम नगरी अयोध्या के दौरे पर जाने के लिए लखनऊ के चौधरी चरण सिंह इंटरनेशनल एयरपोर्ट, अमौसी पर उतरे। यहां से हेलीकाप्टर के बेड़े के साथ रामनगरी अयोध्या के लिए प्रस्थान किया। एयरपोर्ट पर लखनऊ की मेयर संयुक्ता भाटिया तथा विधायक जया देवी कौशल ने उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगवानी के लिए भगवान राम की नगरी अयोध्या तैयार है। यहां पर आज दीपोत्सव पर करीब 15 लाख दीपक जलाए जाएंगे। पीएम नरेन्द्र मोदी इस बार दीपोत्सव को यादगार बनाएंगे। महापौर संयुक्ता भाटिया ने लखनऊ में उनका स्वागत किया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामनगरी अयोध्या में भगवान श्रीराम विराजमान का दर्शन करने करीब 14 महीने बाद पहुंचे हैं। भगवान श्रीराम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे तो वहां पर उत्सव का माहौल था। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रामनगरी में पांच अगस्त 2021 को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के शिलान्यास के बाद करीब 14 महीने के अंतराल पर रविवार को अयोध्या आ रहे तो भी महान उत्सव जैसा माहोल है।

दुल्हन की तरह सजी अयोध्या
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी रविवार यानी आज दीपावाली की पूर्व संध्या पर रामनगरी अयोध्या में दीपोत्सव के अवसर पर पहुंचेंगे। राजा राम की नगरी अयोध्या को दुल्हन की तरह सजाया गया है। इसकी खूबसूरती देखते ही बन रही है।

बड़े उत्सव जैसा माहौल
अयोध्या में पीएम नरेन्द्र मोदी के आगमन को लेकर बड़े उत्सव जैसा माहौल है। यहां पर जगह-जगह मंगल गीत गाए जा रहे हैं। रामनगरी में पवित्र मोक्षदायिनी सरयू नदी के तट को दीयों से सजा दिया है। आज यहां पर करीब 15 लाख दीपक जलेंगे, इनमें 51 हजार दीपक तो गाय के गोबर से बनाए गए हैं। इनको गाय के घी से ही जलाया जाएगा। इनमें 11 हजार दीपक श्रीराम के निर्माणाधीन मंदिर और 11 हजार दीपक श्रीराम लला विराजमान के मंदिर में जलाए जाएंगे।
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