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गठिया में फायदेमंद है पत्थरचट्टा

 आयुर्वेद में पथरचट्टा को एक कमाल की जड़ी बूटी माना जाता है। किडनी स्टोन से लेकर डायबिटीज तक में पत्थरचट्टा असरदार काम करता है। पत्थरचट्टा में एल्कलॉइड्स, फ्लेवोनोइड्स, ग्लाइकोसाइड्स, कार्डिएनोलाइड्स और स्टेरॉयड जैसे बायोएक्टिव गुण पाए जाते हैं। इसके पत्तों में एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटीऑक्सीडेंट्स गुण होते हैं जो शुगर के मरीज के लिए दवा का काम करते हैं। आयुर्वेद में कई दवाओं में पत्थरचट्टा का इस्तेमाल किया जाता है। ये पौधा शरीर को कई बीमारियों से बचाता है। आइये जानते हैं डायबिटीज में कैसे करें पत्थरचट्टा का इस्तेमाल और ये किन बीमारियों में काम आता है?

पथरचट्टा डायबिटीज के मरीज के लिए फायदेमंद है। इसका उपयोग डायबिटीज मेलेटस के मामले में किया जा सकता है। पथरचट्टा में फिनाइल एल्काइल ईथर नामक एक बायोएक्टिव कंपाउंड पाया जाता है जो शरीर में इंसुलिन के प्रोडक्शन को बढ़ाता है। इसके सेवन से शुगर का लेवल को कम करने में मदद मिलती है। आप इसके पत्ते, तना, फूल और जड़ को पानी में उबालकर पी सकते हैं। पत्थरचट्टा की पत्तियों को पीसकर जूस बनाकर भी पी सकते हैं।

स्वामी रामदेव की मानें तो, पथरचट्टा में को शरीर में सूजन कम करने के लिए उपयोग किया जा सकता है। पत्थरचट्टा में सूजन-रोधी और एनाल्जेसिक गुण पाए जाते हैं जो गठिया के मरीज को सूजन से राहत दिलाते हैं। पथरचट्टा के तने का अर्क दर्द और सूजन को कम करने में मदद करता है। खासतौर से हड्डियों से जुड़ी समस्याओं में ये असरदार साबित होता है। गठिया और जोड़ों के दर्द में पथरचट्टा राहत पहुंचाता है।

पथरी में फायदेमंद है पथरचट्टा

किडनी में स्टोन होने पर भी पत्थरचट्टा का आयुर्वेद में इस्तेमाल किया जाता है। गुर्दे की पथरी में पथरचट्टा का सैपोनिन कैल्शियम ऑक्सालेट क्रिस्टल को तोड़ने में मदद करता है। इससे पथरी को पानी से साथ फ्लश आउट किया जा सकता है। किडनी को स्वस्थ रखने में मददगार है।

पत्थरचट्टा का सेवन कैसे करें?

पत्थरचट्टा के पत्तों को उबाल लें, पानी को छानकर चाय की तरह पी लें। आप स्वाद के लिए इसमें नमक भी मिलाकर सकते हैं। पत्थरचट्टा के पत्तों को पीस लें और फिर इसका रस निकाल लें। इस अर्क को पी लें।इस तरह पत्थरचट्टा के पत्तों, फूलो, जड़ और तना का इस्तेमाल किया जा सकता है।

 

 

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रिया सिंघा ने जीता मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 का ताज

 मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 को लेकर एक शानदार समारोह के दौरान रिया सिंघा को इसका विजेता बनाया गया है। साथ ही उन्हें मिस यूनिवर्स इंडिया 2024 का क्राउन पहनाया गया। उनको ये ताज स्टेज पर उर्वशी रौतेला ने पहनाया। इस प्रतिष्ठित खिताब के लिए 51 प्रतियोगियों ने अपनी दावेदारी पेश की थी। इन सबमें रिया ने बाजी अपने नाम कर लिया है।

22 सितंबर 2024 को अपनी खूबसूरती का परचम लहराने वाली रिया सिंघा ने 19 साल की उम्र में मिस यूनिवर्स इंडिया का खिताब जीतकर सिर्फ गुजरात का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का मान बढ़ा दिया है। जयपुर में हुए इस मिस यूनिवर्स इंडिया में रिया को उर्वशी रौतेला ने क्राउन पहनाया था।

ये कोई आज की बात नहीं है, बल्कि सालों से ही रिया अपनी खूबसूरती का जादू चला रही हैं, जिसका माध्यम बनी हैं उनकी सुंदर सी आंखें। एक तो इस गुजराती छोरी की आंखे इतनी प्यारी हैं उन पर किया तरह-तरह का आई मेकअप तो ऐसा होता है कि बस हर कोई अपनी दिल बार जाए। यकीन नहीं होता तो आप खुद देख लीजिए कैसे 2022 से ये बाला अपनी हिरनी सी आंखों से सबको मदहोश कर रही हैं। 

 

 

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नीले लहंगे में छाईं तृप्ति डिमरी, खुद को बताया माधुरी की फैन

फिल्म 'विक्की विद्या का वो वाला' का दूसरा गाना 'मेरे महबूब' रिलीज हो चुका है। सोमवार को इस गाने जारी करने के लिए एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नीले रंग के लहंगे में तृप्ति बेहद खूबसूरत लग रही थीं। उन्होंने अपने लुक को छोटी बालियों, कंगन और अंगूठियों के साथ पूरा किया। कम मेकअल और खुले बालों में तृप्ति की खूबसूरती देखते ही बन रही थी।

तृप्ति ने कार्यक्रम में अपने पहले आइटम डांस को लेकर उत्साह व्यक्त किया। तृप्ति ने कहा कि वह माधुरी दीक्षित की बहुत बड़ी फैन रही हैं। उन्होंने कहा कि वह बचपन से ही उनके सभी गानों पर डांस करने की कोशिश करती थी। वहीं, राज शान्डिल्य ने तृप्ति की तारीफ करते हुए कहा कि वह बहुत खुश हैं कि इतने अच्छे तरीके से यह गाना तैयार हो गया। 

 

 

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लाल परी बनकर रैंप पर उतरीं ऐश्वर्या राय

 विश्व सुंदरी ऐश्वर्या राय बच्चन जहां भी जातीं हैं, अपनी प्रेजेंस से पूरे महफिल की जान बन जाती हैं। हाल ही में वह इंटरनेशनल इवेंट पेरिस फैशन वीक 2024 का हिस्सा बनी थीं जहां अपनी वह खूबसूरती का करिश्मा बिखेरती नजर आईं। तो वहीं एक्ट्रेस आलिया भट्ट नें भी इस इवेंट में डेब्यू किया। दोनों अभिनेत्रियां ब्यूटी ब्रैंड लोरिअल पेरिस की ब्रांड एंबेसडर हैं।

ऐसे में ऐश्वर्या और आलिया ने इस फैशन शो में रैंप पर हुस्न परी बनकर जादू बिखेरा। ऐश्वर्या राय कई बार इस फैशन वीक में नजर आ चुकी हैं।

इस बार भी उन्होंने खूबसूरत ड्रेस पहनकर रैंप पर उतरकर सबको दीवाना बना दिया। फैशन वीक में ऐश ने लाल रंग का ओवर साइज्ड गाउन कैरी किया था जिसके साथ खुले बालों को स्टाइल किया। जैसे ही रैंप पर ऐश ने वॉक किया, उन्हें देखते ही वहां मौजूद ऑडिंय उन्हें चीयर-अप करने लगी।

सोमवार शाम को आयोजित हुए इस पेरिस फैशन वीक में आलिया भट्ट ने भी पहली बार कदम रखा। आलिया ने लोरिअल की ब्रांड एंबेसडर बनने के बाद यह रैम्प पर डेब्यू किया था।

इस दौरान एक्ट्रेस ने सिल्वर मैटालिक ड्रेस पहनी थीं जो काफी यूनीक थी। इसके बॉटम पर ब्लैक फर्र  का वर्क किया गया था। सिल्वर ईयर रिंग्स के साथ एक्ट्रेस ने लुक पूरा किया। स्मोकी आईज़ और ग्लोइंग मेकअप लुक से एक्ट्रेस ने रैम्प पर जलवा बिखेरा।

आलिया भट्ट ने अपने लुक के साथ ओपन हेयर रखे थे। रैंप पर वॉक करते हुए उन्होंने फ्लाइंग किस करते हुए फैंस का दिल जीता। तो वहीं ऐश्वर्या ने भी फ्लाइंग किस और हाथ जोड़ते हुए फैंस को ग्रीट किया।

बता दें, ऐश्वर्या राय लंबे समय से लोरियल की ब्रैंड ऐम्बैसडर रहीं हैं। वहीं ये आलिया का डेब्यू था। 

 

 

वर्क फ्रंट

आलिया भट्ट के वर्क फ्रेंट की बात करें तो वह आगामी फिल्म जिगरा में नजर आएंगी जो 11 अक्टूबर 2024 को रिलीज होगी। इसके अलावा वह यश राज फिल्म्स की अल्फा में भी नजर आएंगी। वहीं एश्वर्या को आखिरी बार फिल्म पोन्नियन सेलवन पार्ट 1-2 में देखा गया था।

 

 

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सर्दियों में अंजीर खाने के फायदे

 अंजीर का स्वाद अनोखा और मीठा दोनों होता है. इसमें पाए जाने वाले मलाईदार गुद्दे चबाने में काफी अच्छा होता है। जिसे आप ताजा या सूखा कैसे भी खा सकते हैं। अंजीर में बहुत ज्यादा पौष्टिक गुण होते हैं। साथ ही साथ इसमें विटामिन ए, सी, ई, के, बी 6, आयरन, पोटेशियम, मैग्नीशियम और मैंगनीज जैसे जरूरी पोषक तत्व होते हैं। इसमें भरपूर मात्रा में फाइबर और चीनी होता है जो आपके वजन को कंट्रोल में रखता है।

वजन घटाने में सहायक होता है

अंजीर की फाइबर से भरपूर प्रकृति तृप्ति में योगदान करती है, जिससे व्यक्तियों को लंबे समय तक पेट भरा हुआ महसूस होता है।यह विशेषता अंजीर को उन लोगों के लिए एक उत्कृष्ट स्नैक विकल्प बनाती है जो अपना वजन नियंत्रित करना चाहते हैं। इन्हें संतुलित आहार में शामिल करने से आवश्यक पोषक तत्व प्रदान करते हुए वजन प्रबंधन लक्ष्यों का समर्थन किया जा सकता है।

दिल से जुड़ी बीमारी का जोखिम दूर करता है

अंजीर में मौजूद पोटेशियम सामग्री रक्तचाप के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करके हृदय स्वास्थ्य में योगदान करती है। इसके अलावा, अंजीर में मौजूद फाइबर और एंटीऑक्सीडेंट कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में भूमिका निभाते हैं, जिससे हृदय रोगों का खतरा कम हो जाता है। हृदय-स्वस्थ आहार में इन्हें शामिल करना हृदय संबंधी स्वास्थ्य के लिए एक सरल लेकिन प्रभावी उपाय हो सकता है।

आंख की रोशनी को बढ़ाता है

अंजीर में बीटा-कैरोटीन जैसे यौगिक होते हैं, जो शरीर में विटामिन ए में परिवर्तित हो जाते हैं। विटामिन ए आंखों के इष्टतम स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए आवश्यक है और उम्र से संबंधित धब्बेदार अध: पतन को रोकने में मदद कर सकता है। अपने आहार में अंजीर को शामिल करने से स्वस्थ दृष्टि का समर्थन और संरक्षण करने में योगदान मिल सकता है।

अंजीर में पोषक तत्व होते हैं

अंजीर में कैल्शियम, फास्फोरस और मैग्नीशियम जैसे आवश्यक खनिज होते हैं, जो हड्डियों को मजबूत और स्वस्थ बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं। अंजीर का नियमित सेवन हड्डियों के घनत्व में योगदान कर सकता है और ऑस्टियोपोरोसिस जैसी स्थितियों को रोकने में मदद कर सकता है, खासकर जब इसे अन्य हड्डियों के अनुकूल पोषक तत्वों के साथ मिलाया जाता है।

 
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ऐश्वर्या राय को मिला श्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार, माँ की तस्वीर क्लिक करती नजर आई आराध्या

 दुबई में SIIMA 2024 का आयोजन किया गया है। 'पोन्नियिन सेलवन: II' में अपनी शानदार भूमिका के लिए ऐश्वर्या राय ने SIIMA 2024 में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का क्रिटिक्स अवॉर्ड अपने नाम किया। अभिनेत्री ने मणिरत्नम की फिल्म में नंदिनी के रूप में अपने अपने अभिनय से लाखों दिलों को जीता था और अब उसी के लिए उन्हें ये सम्मान मिला है।

इस इवेंट में ऐश्वर्या राय के साथ उनकी बेटी आराध्या बच्चन भी नजर आईं। उनका अंदाज भी कमाल का दिखा। अवार्ड मिलने के बाद ही ऐश्वर्या राय ने एक विनिंग स्पीच भी दी जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। ये स्पीच लोगों के दिलों को छू रही है।

सामने आई कई झलकियों में आराध्या अपनी मां की तस्वीरें क्लिक करती नजर आईं। वो अपनी मम्मी के विनिंग मोमोंट को और स्पेशल बनाती दिखीं। आराध्या, ऐश्वर्या को अवॉर्ड मिलने पर काफी एक्साइटेड थी। उन्होंने मम्मी के अवॉर्ड लेने से लेकर स्पीच देने के मोमेंट को फोन में रिकॉर्ड किया। इसके अलावा दोनों माँ-बेटी अभिनेता चियान विक्रम से भी मिलती नजर आईं।

ऐश्वर्या और विक्रम को पोन्नियिन सेलवन I और II में एक साथ देखा गया था। अबू धाबी के यास आइलैंड में हो रहे इवेंट में माँ और बेटी की जोड़ी शिमरी आउटफिट में नजर आई। ऐश्वर्या ने ब्लैक और गोल्ड गाउन कैरी किया था, वहीं आराध्या सिल्वर और ब्लैक शिमरी आउटफिट में दिखीं। ऐश्वर्या ने कार्यक्रम स्थल के बाहर इकट्ठा हुए अपने प्रशंसकों के साथ सेल्फी भी ली।

ऐश्वर्या को मंच पर फिल्म निर्माता कबीर खान ने पुरस्कार दिया। इसके बाद एक्ट्रेस ने कहा, मुझे पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए SIIMA का बहुत-बहुत धन्यवाद। यह मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि यह फिल्म मेरे दिल के बहुत करीब थी, पोन्नियिन सेलवन जिसे मेरे गुरु मणिरत्नम ने निर्देशित किया था। पोन्नियिन सेलवन में नंदिनी के रूप में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए मेरे काम को सम्मानित करना वास्तव में पूरी टीम के काम का जश्न मनाना है।

'पोन्नियिन सेलवन 2' में ऐश्वर्या को डबल रोल में देखा गया था। नंदिनी और मंदाकिनी देवी के रूप में एक्ट्रेस नजर आई थीं। ऐश्वर्या राय की इस फिल्म तमिल उपन्यास से लिया गया है। इसमें कार्थी, जयम रवि, तृषा, जयराम, प्रभु, आर सरथकुमार, शोभिता धूलिपाला, ऐश्वर्या लक्ष्मी, विक्रम प्रभु, प्रकाश राज, रहमान और आर पार्थिबन भी शामिल थे।

 

 

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सुबह-सुबह खाली पेट पीएं नारियल का पानी

 औषधीय गुणों से भरपूर नारियल का पानी आपकी ओवरऑल हेल्थ को काफी हद तक इम्प्रूव कर सकता है। अगर आप अपनी मॉर्निंग डाइट में कोकोनट वॉटर को शामिल करते हैं, तो आप खुद को सेहत से जुड़ी कई समस्याओं का शिकार बनने से बचा सकते हैं। नारियल पानी पीकर आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस कर पाएंगे। अगर आपको भी यही लगता है कि नारियल का पानी पीकर सिर्फ बॉडी को हाइड्रेशन मिलता है तो आपको अपनी इस गलतफहमी को दूर कर लेना चाहिए।

वेट लॉस में मददगार

लो कैलोरी कोकोनट वॉटर आपकी वेट लॉस जर्नी को आसान बनाने में मददगार साबित हो सकता है। नारियल का पानी पीकर आपका पेट भरा हुआ महसूस करेगा जिससे आप ओवरईटिंग करने से बच जाएंगे। इसके अलावा इम्यून सिस्मट को मजबूत बनाने के लिए भी नारियल का पानी पिया जा सकता है। नारियल का पानी पीकर आपको सिर के दर्द से भी राहत मिल सकती है।

गट हेल्थ के लिए फायदेमंद

नारियल का पानी पीकर आप अपनी गट हेल्थ को काफी  हद तक इम्प्रूव कर सकते हैं। एसिडिटी जैसी पेट से जुड़ी समस्या से छुटकारा पाने के लिए नारियल का पानी पीने की सलाह दी जाती है। इसके अलावा नारियल का पानी पीने से आप अपने ब्लड प्रेशर को कंट्रोल कर सकते हैं। किडनी की सेहत को मजबूत बनाए रखने के लिए भी नारियल का पानी फायदेमंद साबित हो सकता है।

नारियल के पानी में पाए जाने वाले तत्व

नारियल के पानी में एंटीवायरल, एंटी-बैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। बेहतर परिणाम हासिल करने के लिए आपको सुबह-सुबह खाली पेट नारियल पानी पीकर अपने दिन की शुरुआत करनी चाहिए। सुबह नारियल का पानी पीकर आप अपने आलस से छुटकारा पा सकते हैं यानी कोकोनट वॉटर पीने के बाद आप दिन भर एनर्जेटिक महसूस कर पाएंगे।

 

 

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कर्मा पर्वः जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मान्यताएँ का पर्व

 कर्मा पर्व भारतीय जनजातीय समुदायों की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मान्यताओं का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका सीधा संबंध कृषि, पर्यावरण और प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने से है। मध्य भारत के आदिवासी समाज विशेष रूप से छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के जनजातीय समुदायों द्वारा बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाए जाने वाला यह पर्व फसल के कटाई के समय कृषि के प्रति सम्मान और समृद्धि की प्रार्थना का अवसर होता है। इस लेख में, हम कर्मा पर्व की उत्पत्ति, इसका सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व, जनजातीय परंपराओं, तथा इस पर्व को मनाने की विभिन्न विधियों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

 

कर्मा पर्व की उत्पत्ति और धार्मिक मान्यताएँ
कर्मा पर्व की उत्पत्ति मुख्यत कृषि और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाजों की गहरी श्रद्धा और आस्था से जुड़ी है। ’’कमा’र्’ शब्द का तात्पर्य कर्म (परिश्रम) और कर्म (भाग्य) से है। इस पर्व का मुख्य उद्देश्य यह होता है कि मनुष्य अपने कर्मों द्वारा सफलता प्राप्त करें और साथ ही भाग्य भी उसका साथ दे। कर्मा को एक लोक देवता के रूप में पूजा जाता है, जो कृषि, फसल की वृद्धि और प्राकृतिक समृद्धि का प्रतीक होते हैं। यह पर्व भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाया जाता है। इस दिन जनजातीय समाज विशेष रूप से करम देवता की पूजा करता है, जिनसे वे फसलों की समृद्धि और गांव की खुशहाली की कामना करते हैं। कर्मा देवता की पूजा के दौरान गांव के बैगा (पुजारी) द्वारा कर्म राजा की कथा सुनाई जाती है, जो कर्मा पर्व के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व को और भी बढ़ाती है। पूजा के उपरांत करमा नृत्य का आयोजन किया जाता है, जिसमें महिलाएँ और पुरुष सामूहिक रूप से नृत्य करते हैं ।
कर्मा पर्व की शुरुआत करम वृक्ष की एक डाली को गांव के प्रमुख व्यक्ति के आँगन में गाड़कर की जाती है। इस डाली को करम देवता का प्रतीक माना जाता है और उसकी विधिवत पूजा की जाती है। महिलाएं इस पर्व की तैयारी तीजा पर्व के दिन से ही शुरू कर देती हैं। वे टोकरी में जौ, गेहूँ, मक्का, धान और अन्य फसलों के बीज बोती हैं, जिसे ’’जाईं’’ कहा जाता है। यह जाईं करमा पर्व के दिन तक विकसित हो जाता है और इसी के साथ करम देवता की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान, इस जाईं को फूलों से सजाया जाता है और उसमें एक खीरा रखकर करम देवता को अर्पित किया जाता है।  पूजा के बाद रातभर करम देवता के चारों ओर करमा नृत्य किया जाता है।  महिलाएं  गोल घेरे में श्रृंखला बनाकर नृत्य करती हैं, जबकि पुरुष गायक, वादक और नर्तक उनके बीच होते हैं।करमा नृत्य के दौरान मांदर, झाँझ, मोहरी (शहनाई) जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाता है। सूर्योदय से पहले करम देवता का विसर्जन किया जाता है, जो इस पर्व का समापन संकेत करता है।
मध्य भारत के गोंड, संथाल, मुंडा, हो जैसी जनजातियाँ कर्मा पर्व को विशेष श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं। इन समुदायों में कर्मा पूजा के दौरान पारंपरिक नृत्य और गीतों का आयोजन किया जाता है। लोग रंग-बिरंगे वस्त्र पहनते हैं और सामूहिक रूप से नृत्य करते हैं। गोंड जनजाति में, करम देवता की छवि को पवित्र स्थल पर स्थापित किया जाता है और उसकी पूजा की जाती है। झारखंड के साथ छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के आदिवासी समुदाय एवं अन्य समुदाय के लोग इस पर्व को धूमधाम से मनाते हैं। छत्तीसगढ़ की बात करे तो सबसे ज्यादा सरगुजा और कोरबा संभाग बड़े हो धूमधाम से मनाते है, यहां करम देवता की पूजा फसलों की सुरक्षा और गांव की समृद्धि के लिए की जाती है । इस करमा पर्व को उड़ीसा और पश्चिम बंगाल के जनजातीय समुदाय भी इस पर्व को अपने अनूठे तरीके से मनाते हैं। इन क्षेत्रों में कर्मा पर्व के दौरान पशु बलि की परंपरा है, जो समाज की धार्मिक मान्यताओं का प्रतीक है। यहां भी पारंपरिक नृत्य, गीत और विशेष भोज का आयोजन किया जाता है, जो सामूहिक एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देता है।


सांस्कृतिक महत्व और सामाजिक एकता का संदेश देता कर्मा पर्व
कर्मा पर्व केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समाजों के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन का अभिन्न अंग है। यह पर्व जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने और उसे अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। सामूहिक भोज, पारंपरिक नृत्य और गीतों के माध्यम से जनजातीय समाज अपनी संस्कृति और परंपराओं को और उनके एकता को आज भी जीवित रखते हैं। यह पर्व समाज में सामाजिक एकता और भाईचारे को भी बढ़ावा देता है, जहां लोग मिल-जुलकर पर्व का आनंद लेते हैं और एक-दूसरे के साथ अपनी खुशियाँ साझा करते हैं। कर्मा पर्व के दौरान जनजातीय समाज के लोग सामूहिक रूप से अपने देवताओं और पूर्वजों की पूजा करते हैं। यह पर्व सामूहिकता, सहयोग और पारस्परिक सम्मान का प्रतीक है। गांवों में इस दिन सामूहिक भोज का आयोजन किया जाता है, जिसमें सभी लोग एक साथ भोजन करते हैं और आपस में प्रेम और सौहार्द की भावना का प्रसार करते हैं।

आधुनिक समय में भी कर्मा पर्व का आज भी महत्व है?
वैश्वीकरण और आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद, करमा पर्व का महत्व आज भी जनजातीय समाजों में बरकरार है। हालांकि कुछ जनजातीय समुदायों में इस पर्व की पारंपरिक विधियाँ बदल गई हैं, फिर भी लोग अपनी सांस्कृतिक धरोहर को संरक्षित रखने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आधुनिक युग में भी, कर्मा पर्व केवल एक धार्मिक उत्सव नहीं है, बल्कि यह जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक पहचान और उनके सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने का एक साधन भी बन गया है। कर्मा पर्व का महत्व केवल धार्मिक दृष्टिकोण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक सामाजिक और सांस्कृतिक पुनरावलोकन का अवसर भी प्रदान करता है। यह पर्व आदिवासी समाजों को अपनी जड़ों की ओर लौटने और अपनी परंपराओं को फिर से जीवित करने का एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। विभिन्न जनजातीय समुदायों में कर्मा पर्व को मनाने की विधियाँ उनकी सांस्कृतिक विविधता और समृद्धि का प्रतीक हैं।
कर्मा पर्व भारतीय जनजातीय समाजों की सांस्कृतिक धरोहर और धार्मिक मान्यताओं का प्रतीक है। यह पर्व कृषि, फसलों और प्रकृति के प्रति आदिवासी समाजों की गहरी श्रद्धा और आस्था को दर्शाता है। यह न केवल धार्मिक महत्व रखता है, बल्कि यह जनजातीय समाजों की सामाजिक संरचना और सांस्कृतिक जीवन का भी एक अभिन्न हिस्सा है। सामूहिक नृत्य, गीत और पूजा-अर्चना के माध्यम से जनजातीय समाज अपनी सांस्कृतिक धरोहर को जीवित रखते हैं और अपनी आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं से जोड़ते हैं।

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अबू धाबी से पहले मुम्बई में दिखे आईफा फेस्टिवल 2024 के खूबसूरत रंग

 इंटरनेशनल इंडियन फिल्म एकेडमी (आईफा) अवॉर्ड्स का हस्तियों के साथ ही फैंस एवं दर्शकों को पूरे साल बेसब्री से इंतज़ार रहता है, जो कि कुछ ही दिनों में खत्म होने को है। भारतीय सिनेमा का सबसे बड़ा और शानदार जश्न, आईफा अवॉर्ड्स 27 से 29 सितंबर तक अबू धाबी के यास आइलैंड के एतिहाद एरिना में आयोजित होने जा रहा है। यह तीसरी बार है, जब एंटरटेनमेंट का हब माने जाने वाले आइफा यह आयोजन यास आइलैंड में होने जा रहा है। बहुप्रतीक्षित आईफा अवॉर्ड्स का आयोजन अबू धाबी की संस्कृति व पर्यटन विभाग और अबू धाबी में एक से बढ़कर एक डेस्टिनेशन के अनुभव प्रदान कराने‌ के लिए लोकप्रिय ब्रांड मिरल के सहयोग से किया जा रहा है।
 
आईफा फेस्टिवल की शुरुआत मुम्बई में एक जोरदार प्रेस कॉन्फ्रेंस से हुई, जिसमें शाहरुख़ ख़ान और करण जौहर की जोड़ी ने सभी का ध्यान खींचा। इन दोनों स्टार्स के साथ-साथ सिद्धांत चतुर्वेदी और अभिषेक बनर्जी भी इस मौके पर मौजूद थे। राणा दग्गुबती और संगीतकार एहसान नूरानी ने भी इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी छाप छोड़ी।
 
27 सितंबर से शुरू होने वाला यह फेस्टिवल दक्षिण भारतीय फिल्मों, जैसे कि तमिल, तेलुगू, मलयालम और कन्नड़ सिनेमा की विविधता को भी बड़े पैमाने पर पेश करेगा। 28 सितंबर को आईफा अवॉर्ड्स का मुख्य समारोह होगा, जिसे शाहरुख खान, करण जौहर और विक्की कौशल होस्ट करेंगे। इसी दिन शाहिद कपूर, विक्की कौशल, जाह्नवी कपूर और कृति सैनन की एक से बढ़कर एक परफॉर्मेंसेस से रात भर रंग जमने वाला है। वहीं, 29 सितंबर को आईफा रॉक्स के साथ यह फेस्टिवल खत्म होगा, जो सिर्फ आमंत्रित मेहमानों के लिए होगा। इस महोत्सव में दुनियाभर के सितारे, मीडिया, और फैन्स शामिल होंगे, जो एक अद्भुत अनुभव का हिस्सा बनेंगे।


 
आईफा के फाउंडर आंद्रे टिमिन्स ने बताया, "आईफा का 25वाँ साल काफी खास होने वाला है। इस बार हम आईफा की भव्यता और वैभव को नए मुकाम पर ले जाएँगे। यास आइलैंड का शानदार आतिथ्य और सौंदर्य इसे एक अंतर्राष्ट्रीय मंच के रूप में स्थापित करता है।"


 
मिरल के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर तागरिद अलसईद ने बताया, "हम यास आइलैंड में इस बार के फेस्टिवल को लेकर बेहद उत्साहित हैं। यह आयोजन भारतीय सिनेमा और सांस्कृतिक उत्कर्ष का आदर्श उदाहरण पेश करेगा।"


 
आईफा फेस्टिवल 2024 की खासियत यह है कि यह हिंदी और दक्षिण भारतीय सिनेमा के बीच की सभी सीमाओं को मिटाते हुए एक अद्भुत सिनेमाई अनुभव पेश करेगा। 27 सितंबर को आईफा उत्सवम 2024, 28 सितंबर को आईफा अवॉर्ड्स और 29 सितंबर को आईफा रॉक्स की महफिल सजेगी। वहीं, शाहरुख खान, करण जौहर, विक्की कौशल, सिद्धांत चतुर्वेदी और अभिषेक बनर्जी आईफा 2024 के मुख्य होस्ट्स तथा शाहिद कपूर, विक्की कौशल, जाह्नवी कपूर, कृति सैनन, प्रभु देवा, और रॉकस्टार डीएसपी परफॉर्मर्स के रूप में शामिल होंगे। इस प्रकार, यह फेस्टिवल भारतीय सिनेमा की शानदार यात्रा का एक बड़ा हिस्सा बनने जा रहा है।

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एक्शन-कॉमेडी के बाद अब हॉरर का तड़का लगाएंगे अक्षय...

 बॉलीवुड के खिलाड़ी अक्षय कुमार आज 9 सितंबर को अपना जन्मदिन मना रहे हैं। इस मौके पर फैंस को खास तोहफा मिला है। उनकी अगली फिल्म का एलान हो गया है। अक्षय की पिछली कई फिल्में फ्लॉप रही हैं। न एक्शन का दम दिखा न कॉमेडी काम आई। अब आगामी फिल्म में उन्होंने हॉरर पर दाव खेला है। इस फिल्म के फर्स्ट लुक के साथ टाइटल का भी एलान हो गया है। इस फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं और करीब डेढ़ दशक बाद अक्षय कुमार और प्रियदर्शन इस फिल्म के जरिए साथ काम कर रहे हैं।


अक्षय कुमार की आगामी फिल्म का नाम 'भूत बंगला' है। एक्टर ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर किया है और साथ ही वीडियो है। इसमें वे दूध से भरा कटोरा हाथ में लिए नजर आ रहे हैं। एक्टर के कंधे पर काली बिल्ली सवार है। खिलाड़ी कुमार की यह फिल्म अगले साल यानी 2025 में रिलीज होगी।

अक्षय कुमार ने इसके साथ लिखा है, 'वर्षों से जन्मदिन पर आप सभी से मिल रहीं शुभकामनाओं के लिए तहेदिल से शुक्रिया! इस साल इस खास दिन का जश्न 'भूत बंगला' के फर्स्ट लुक के साथ मनाया जा रहा है। करीब 14 साल बाद प्रियदर्शन के साथ जुड़ते हुए मैं बेहद उत्साहित हूं। यह एक ड्रीम प्रोजेक्ट है, जिसका आना काफी वक्त से बाकी था। इस शानदार यात्रा को आप सभी के साथ साझा करने के लिए बहुत बेकरारी से इंतजार है। कुछ जादुई होने वाला है'।

एकता कपूर इस फिल्म का निर्माण कर रही हैं। फिल्म की कहानी काले जादू पर आधारित बताई जा रही हैं। अक्षय ने बताया कि यह फिल्म अगले साल सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अक्षय की इस पोस्ट पर यूजर्स के दिलचस्प कमेंट आ रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, 'आखिर 14 साल बाद दो शानदार लोग साथ जो आ रहे हैं तो कुछ कमाल तो होने वाला है'। एक यूजर ने लिखा, 'हॉरर में आपका अंदाज देखे वाला होगा'। एक यूजर ने लिखा, 'कॉमेडी, एक्शन किंग और लव गुरू, अब हॉरर में दम दिखाएंगे'।

मालूम हो कि इस साल अक्षय कुमार की फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' रिलीज हुई। इसमें वे टाइगर श्रॉफ के साथ नजर आए। लेकिन बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो फिल्म औंधे मुंह गिरी। इसके बाद उनकी फिल्म 'सिरफिरा' आई वह भी बेदम रही। इन दिनों वे 'खेल खेल में' को लेकर चर्चा में हैं, जो बीते महीने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर आई थी, लेकिन इसे भी दर्शक नहीं मिले। अब देखना होगा कि हॉरर में खिलाड़ी क्या कमाल करते हैं।

 

 

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दीपिका पादुकोण ने बेटी को दिया जन्म, पापा बने रणवीर सिंह

 बॉलीवुड एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण मां बन गई हैं। रविवार को उन्होंने नन्ही परी को जन्म दिया। जैसे ही यह खबर सामने आई, फैंस झूम उठे। दीपिका और रणवीर को सोशल मीडिया पर बधाई दी जा रही है। फैंस का कहना है कि गणेश चतुर्थी के अगले दिन रणवीर के घर लक्ष्मी आई है।

दीपिका को 7 सितंबर को शाम करीब 5 बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एक्ट्रेस को उनकी मां उज्जला पादुकोण के साथ मुंबई के रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल ले जाया गया था।

शनिवार को अस्पताल जाते समय के एक्ट्रेस के फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए थे। इससे दो दिन पहले दीपिका और रणवीर ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में दर्शन किए थे।

बता दें, दीपिका और रणवीर की शादी साल 2018 में हुई थी। दोनों ने इटली के लेक कोमो में भव्य समारोह में शादी रचाई थी। समारोह में रणवीर और दीपिका, दोनों की सांस्कृतिक झलक देखने को मिली थी। पहले दक्षिण भारतीय रीति-रिवाज से शादी हुई थी, जिसके बाद आनंद कारज समारोह हुआ था।

फैंस को अगली फिल्म का इंतजार

इस बीच, फैंस को दीपिका और रणवीर की अगली फिल्म का भी बेसब्री से इंतजार है। दोनों फिल्म ‘सिंघम अगेन’ में साथ नजर आएंगे। कहा जा रहा है कि फिल्म में दीपिका लेडी सिंघम के रूप में नजर आएंगी, जबकि जबकि रणवीर एक कैमियो में नजर आएंगे।

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थलापति विजय की फिल्म ने मचाया तहलका

 साउथ सुपरस्टार थलापति विजय की फिल्म 'द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम' 5 सितंबर, 2024 को सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। एक्शन ड्रामा GOAT इस साल की मच अवेटेड फिल्मों में से एक थी। GOAT को प्रशंसकों और फिल्म क्रिटिक्स से बहुत ही शानदार और धमाकेदार रिव्यू मिल रहे हैं, X (ट्विटर) पर फिल्म की खूब तारीफ हो रही है। सोशल मीडिया पर भी फिल्म ने तहलका मचा दिया है। अगर आप भी अभिनेता विजय के फैन हैं तो इस हफ्ते GOAT देखना बिल्कुल मिस न करें। यहां देखें फिल्म को ट्विटर पर कैसे रिव्यू मिल रहे है।

 

एक X यूजर ने फिल्म को 'बॉक्स ऑफिस धमाका' कहते हुए दावा किया है कि फिल्म पहले दिन 100-120 करोड़ रुपए की कमाई कर लेगी।

 

 

एक अन्य यूजर ने लिखा, 'आप लोगों को #TheGreatestOfAllTime देखने से पहले कोई फिल्म देखने की जरूरत नहीं है, बस आएं और मजे करें!! इस फिल्म में सब कुछ एक साथ देखने को मिलने वाला है!!! चलिए सिनेमाघरों में #थलपथी की फिल्म रिलीज का जश्न मनाते हैं!! #GOAT आ गई है!!!'

 

 

आर्यन विश्नोई नाम के यूजर ने फिल्म के पहले और दूसरे हाफ की तारीफ की और इसे 'ब्लॉकबस्टर' बताया। यूजर ने लिखा, 'इसे जरूर देखें, इससे ज्यादा किसी फिल्म को देख मुझे इतनी खुशी नहीं हुई है।'

 

 

GOAT की टीम को बधाई देते हुए एक अन्य यूजर ने लिखा, '@vp_offl इस साल आपकी फिल्म #GOAT साल की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर होने वाली है... द ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम बॉक्स ऑफिस पर नया इतिहास रचेगी @archanakalpathi प्रोडक्शन टीम को धन्यवाद।'

 

 

थिएटर के अंदर की एक तस्वीर शेयर करते हुए एक यूजर ने दिखाया कि कैसे प्रशंसक स्क्रीन के सामने खड़े होकर गाने पर डांस कर रहे हैं।

 

 

थलपति विजय के एक फैन पेज पर देखने को मिलेगा कि कैसे एक थिएटर के बाहर भीड़ अभिनेता की नई फिल्म देखने के लिए अपनी बारी का इंतजार कर रही है।

 

 

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तीव्र गरज और गाज (आकाशीय बिजली) से बचने के लिए क्या करें (Do's) और क्या ना करें (Don'ts)

यदि आप घर/कार्यस्थल पर हैं


क्या करें
अधेरे आसमान के बदलते रंग और बढ़ती हवा के वेग पर नजर रखें, यदि आप गड़गड़ाहट सुनते हैं तो सावधान रहें आकाशीय बिजली (गाज) के संर्पक में आने से बचें। अद्यतन निर्देशो के लिए स्थानीय मीडिया पर निगरानी रखे। घर के अंदर रहे और यदि संभव हो तो यात्रा से बचे। खिड़कियां और दरवाजे बंद करें, और अपने घर के बाहर की वस्तुओं को सुरक्षित करें (जैसे फर्नीचर, डिब्बे, आदि)सुनिश्चित करें कि बच्चे और पालतू जानवर अंदर हैं। अनावश्यक बिजली के उपकरणों को अनप्लग करें। पेड की लकड़ी या किसी भी अन्य मलबे को हटा दें जो दुर्घटना का कारण बनः सकता है।

क्या ना करें (Don'ts)
स्नान या शॉवर लेने से बचें और बहते पानी से दूर रहें। ऐसा इसलिए है क्योंकि धातु के पाइप के साथ आकाशीय विजली (गाज) प्रवाहित हो सकती है।दरवाजे, खिडकियां, फायरप्लेस, स्टोव या किसी अन्य विद्युत कंडक्टर से दूर रखे। कॉर्डेड फोन और अन्य बिजली के उपकरणों के उपयोग से बचे जो बिजली का संचालन कर सकते हैं।

यदि आप घर के बाहर (खुले मैदान)में हैं
तुरंत सुरक्षित आश्रय पर जाएं धातु संरचना/धातु की चादर के साथ निर्माण जैसे आश्रय से बचें। आदर्श रूप से,एक निचले क्षेत्र में आश्रय खोजे और सुनिश्चित करें कि चुना गया स्थान बाढ़ की संभावना से परे हो। अपने आप को एक छोटा बनाने के लिए पैरों को एक साथ रखें और सिर नीचे रखें। आपकी गर्दन को पीछे खड़े बाल संकेत कर सकते हैं कि आकाशीय बिजली (गाज) निकटस्थ है। जमीन पर सपाट खड़े न रहें। यह एक बड़ा लक्ष्य बना देगा। सभी उपयोगिता लाइनों (फोन,पावर, आदि), धातु की बाडी, पेड़ और पहाड़ी से दूर रहें। इन आचरण विद्युत के रूप में पेड़ो के नीचे शरण न लें। रबर सोल वाले जूते और कार के टायर बिजली से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं।

यदि आप यात्रा/सफर/रास्ते पर हैं
साइकिल, मोटरसाइकिल या वाहनों से दूर रहें जो आकाशीय बिजली (गाज) को आकर्षित कर सकते हैं। सुरक्षित आश्रय प्राप्त करें। यदि नौका विहार या तैराकी कर रहे हो, तो जितनी जल्दी हो सके उतरें और सुरक्षित शरण ले। तूफान के दौरान, अपने वाहन में तब तक रहे जब तक कि मदद नहीं आती है या तूफान गुजर नहीं जाता है (धातु की छत सुरक्षा प्रदान करती है यदि आप अंदर की धातु को नहीं छू रहे हैं)। वाहन की खिड़कियां बंद होनी चाहिए और पेडों/बिजली लाइनों से वाहन दूर पार्क करे।

इलाज
ऐसे व्यक्ति को अस्पताल ले जाएं जो आकाशीय बिजली (गाज गिरने से चोटिल हुआ हो,हो सके तो  प्राथमिक उपचार दें। आकाशीय बिजली (गाज) की चपेट में आने वाले लोगों को कोई विद्युत आवेश नहीं होता है और उन्हें सुरक्षित रूप से संभाला जा सकता है।
टूटी हुई हड्डियों, सुनने और आंखों की रोशनी कम होने की जाँच करें। आकाशीय बिजली (गाज) का शिकार व्यक्ति अलग-अलग डिग्री तक जल सकता है, प्रभावित शारीरीक स्थान चोट की जाँच करें।
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चाय को बार-बार गर्म करना हो सकता है आपकी सेहत पर भारी

 चाय बनाते समय होने वाली छोटी-मोटी लापरवाही आपकी हेल्थ को काफी हद तक डैमेज कर सकती हैं इसलिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। अगर आप दूध वाली चाय बना रहे हैं तो आपको इसमें दूध डालने के बाद 2 से 3 मिनट से ज्यादा बॉइल करने से बचना चाहिए। अगर चाय में डाला जाने वाला दूध पहले से गर्म है तो आप बॉइल करने के समय को थोड़ा सा और कम कर सकते हैं। अगर आप तीन मिनट से ज्यादा दूध वाली चाय को बॉइल करेंगे तो आपकी चाय का टेस्ट कड़वा हो सकता है।

 

दूध वाली चाय को ज्यादा देर तक उबालने की वजह से आपकी गट हेल्थ पर बुरा असर पड़ सकता है। ज्यादा देर तक उबाली गई चाय पीने से आपको एसिडिटी, पेट में दर्द और कब्ज जैसी पेट से जुड़ी तमाम समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि चाय को तीन मिनट से ज्यादा देर तक उबालने की वजह से इसमें मौजूद पोषक तत्व भी खत्म हो सकते हैं।

 

आपको चाय सर्व करने के थोड़ी देर के अंदर ही चाय को पी लेना चाहिए। कुछ लोगों की चाय जब ठंडी हो जाती है, तो वो उसे दोबारा गर्म करके पी लेते हैं। लेकिन चाय को बार-बार गर्म करने की आदत आपकी सेहत पर भारी पड़ सकती है। इस तरह चाय को बार-बार गर्म कर पीने की वजह से कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी का खतरा भी बढ़ सकता है। इसके अलावा चाय को दोबारा गर्म करने से उसके टेस्ट में भी बदलाव आ सकता है इसलिए चाय को सर्व करके एक ही बार में पी लेना चाहिए।

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गंदे से गंदे बर्तन चायपत्ती से होंगे चकाचक साफ

 रोजाना घर की कितनी सफाई कर लें। लेकिन कहीं ना कहीं कमी रह ही जाती है। वहीं किचन की सफाई में कुछ ना कुछ रहता ही है। अब रसोई घर की कुछ चीजें साफ करने के लिए हम आपके लिए जबरदस्त ट्रिक लेकर आए आइए जानते हैं।

ज्यादातर लोग चायपत्ती का इस्तेमाल टेस्टी चाय पीने या फिर खाद के तौर पर किया होगा। वहीं, कई लोग हैं चायपत्ती को बेकार समझकर फेंक देते हैं। लेकिन यह अब कचरा नहीं रहा। इसका इस्तेमाल आप साफ-सफाई में कर सकते हैं। चाय बनाने के बाद आप इसका रियूज कर सकते हैं। इसे आप किचन के सामान की क्लीनिंग के लिए कर सकते हैं।

प्लास्टिक के डिब्बे क्लीन करें

किचन में रखें प्लास्टिक के डिब्बों में चिकनाई लग जाती है, इसे क्लीन करने के लिए आप बची हुए चायपत्ती को प्रायोग कर सकते हैं। डिब्बे साफ करने के लिए सबसे पहले बची हुई चायपत्ती को एक बर्तन पानी में डालकर उबाल लीजिए। इस घोल से डिब्बों को स्पंज की मदद से रगड़कर साफ कर लें।

कांच के बर्तन साफ करें

बची हुई चायपत्ती और लिक्विड डिशवॉश के घोल से आप कांच के बर्तनों के दाग और चिकनाई को हटा सकते हैं। इसके साथ ही घर के कांच भी साफ कर सकते हैं। क्लीनिंग के लिए बर्तनों पर इस घोल को लगाकर साफ कपड़े के मदद से हल्के हाथों से रब करें। फिर इसे आप साफ पानी से धो ले। इससे कांच एक दम चमक जाएगा।

किचन की सिंक करें क्लीन

सिंक की सफाई के लिए आपको एक बर्तन में एक कप में एक चम्मच चाय पत्ती, 2 चम्मच डिटर्जेंट पाउडर या जेल, 2 चम्मच बाथरूम क्लीनर और 2 चम्मच कास्टिक सोडा डालकर उबाल लीजिए। इसे छन्नी से छानने के बाद सिंक के ऊपर अच्छी तक ब्रश की मदद से फैला दीजिए। 15 मिनट तक ऐसे ही छोड़ दें इसके बाद रगड़कर साफ कर लें।

 

 

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भरवा करेला बनाते समय इन टिप्स को करें फॉलो

 करेले का नाम सुनकर अधिकतर लोग टेढ़े-मेढ़े मुंह बनाते हैं। यह सच है कि करेला कड़वा होता है और इसलिए लोग इसे खाने से बचते हैं। जबकि इसे वास्तव में सेहत के लिए काफी अच्छा माना जाता है। अगर आप करेले को एक टेस्टी तरीके से खाने का मन बना रहे हैं तो ऐसे में भरवा करेला बनाना अच्छा विचार हो सकता है। आप इसे अपनी थाली में साइड डिश के रूप में शामिल कर सकते हैं। वहीं, कुछ लोग तो सिर्फ भरवा करेले से भी रोटी खाना काफी पसंद करते हैं। अगर आप भी घर पर टेस्टी भरवा करेला बनाना चाहते हैं तो ऐसे में कुछ छोटे-छोटे टिप्स को फॉलो कर सकते हैं।

सही करेले का चयन

भरवा करेले का टेस्ट काफी अच्छा आए, इसके लिए सबसे पहला और जरूरी स्टेप है कि आप सही करेले का चयन करें। भरवा करेले बनाने के लिए आप हमेशा मीडियम साइज के सख्त और कम दाग वाले ताजे करेले चुनें। ताजे करेले का टेक्सचर अच्छा होता है और कड़वाहट कम होती है, जिससे यह अधिक टेस्टी बनता है।  

कड़वाहट करें कम

करेले में अगर कड़वाहट हो तो पूरा स्वाद ही खराब हो जाता है। इसलिए, करेले की कड़वाहट को कम करने के लिए खुरदुरे छिलके को हल्के से खुरचें और करेले को नमक वाले पानी में लगभग 30 मिनट से एक घंटे तक भिगोएँ। भिगोने के बाद उन्हें धीरे से निचोड़ें। नमक और भिगोने से कड़वाहट कुछ हद तक कम हो जाती है, जिससे करेले ज़्यादा स्वादिष्ट बनते हैं।

सही तरह से पकाएं

भरवा करेलों को हमेशा मध्यम आंच पर शैलो फ्राई करें। आप इसे तब तक तलें जब तक वे समान रूप से भूरे न हो जाएं। इसके बाद आप इन्हें ढककर धीमी आंच पर तब तक पकाएं जब तक वे नरम न हो जाएं। अगर आप चाहें तो भरवा करेलों को ओवन में भी बेक कर सकते हैं। करेले को शैलो फ्राई करने से करेले बाहर से कुरकुरे लगते हैं, जबकि ढककर धीमी आंच पर पकाने से वे पूरी तरह पक जाते हैं और सभी फ्लेवर अच्छी तरह मिक्स हो जाते हैं।

 

 

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भोजपुरी एक्ट्रेसेस ने अपनी खूबसूरती के दम पर दूसरी इंडस्ट्री में भी मचाया धमाल

 बीते कई सालों से भोजपुरी इंडस्ट्री का लोगों में काफी ज्यादा क्रेज देखने को मिला है। सबसे ज्यादा भोजपुरी इंडस्ट्री की एक्ट्रेसेस आए दिन सुर्खियां बटोरती रहती हैं। लोग भी इन्हें जमकर पसंद करते हैं। फिल्मों के साथ-साथ ये एक्ट्रेसेस सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव रहती हैं।


आज हम आपके लिए ऐसी एक्ट्रेसेस लिस्ट लेकर आए हैं, जिन्होंने अपने करियर की शुरुआत भोजपुरी इंडस्ट्री से की, लेकिन वे आज हर इंडस्ट्री में फेमस है। इनके गाने रिलीज होते ही वायरल हो जाते हैं। आइए, जानते हैं कि वे एक्ट्रेस कौन सी हैं।
नम्रता मल्ला

भोजपुरी इंडस्ट्री की सबसे हाॅट एक्ट्रेस मानी जाने वाली नम्रता मल्ला अपनी हॉटनेस और बोल्डनेस के लिए सबसे ज्यादा में रहती हैं। वे अपने गानों में बोल्ड सीन देने के साथ-साथ अपने सोशल मीडिया पर भी हाॅट फोटोज शेयर करती हैं। नम्रता को सोशल मीडिया पर भी खूब पसंद किया जाता है।
अक्षरा सिंह

अक्षरा सिंह भी भोजपुरी इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस मानी जाती हैं। उन्हें इस इंडस्ट्री की नगीना कहा जाता है, क्योंकि वे काफी टैलेंटेड और खूबसूरत हैं। वे अपने भोजपुरी गानों से आग लगा देती हैं। इतना ही नहीं, फैंस भी उनके गानों को खूब पसंद करते हैं।

आम्रपाली दुबे

भोजपुरी इंडस्ट्री की टॉप एक्ट्रेस की लिस्ट में आम्रपाली दुबे का नाम न आए, ऐसा नहीं हो सकता। आम्रपाली दुबे के गाने भी काफी फेमस होते हैं। उनके हर गाने पर मिलियन व्यूज आते हैं। वे इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी एक्टिव रहती हैं। अपनी हाॅट और बोल्ड अदाओं से वे लोगों का दिल जीतती रहती हैं।

काजल राघवानी

काजल राघवानी एक ऐसी एक्ट्रेस हैं, जो अपनी सादगी के साथ-साथ अपनी बोल्डनेस के लिए भी खूब फेमस हैं। इंडस्ट्री में पवन सिंह और उनकी जोड़ी खूब पसंद किया जाता है। काजल 16 साल की उम्र से ही इंडस्ट्री का हिस्सा है और अभी तक वे जाना-पहचाना नाम बन चुकी हैं।

मोनालिसा

भोजपुरी इंडस्ट्री की क्वीन कहलाने वाली मोनालिसा की हर अदा पर फैंस फिदा है। उनकी फिल्में और गानों को अलग रख दिया जाए, तो उनका सोशल मीडिया ही आग लगाने के लिए काफी है। वे भोजपुरी इंडस्ट्री के साथ-साथ बाॅलीवुड इंडस्ट्री में भी काफी फेमस हैं। फैंस उनकी फोटोज का इंतजार करते रहते हैं।

 

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झटपट से बनाएं यह मलाई सैंडविच

 आमतौर पर बच्चों को बाहर का स्ट्रीट फूड कुछ ज्यादा ही पसंद आ रहा है। घर का खाना तो उन्हें पसंद भी नहीं आ रहा है। जब पिज्जा-बर्गर मिल जाए तो बड़े ही स्वाद से खाते हैं, लेकिन घर में  हरी  सब्जी बन जाए तो उसे खाते नहीं है। बाहर का स्ट्रीट फूड खाने से बीमारियां होती है इसलिए घर पर ही बच्चों के लिए स्ट्रीट फूड जैसा हेल्दी चीजें बनाएं। आज हम इस लेख में लेकर आए मलाई सैडविच की रेसिपी। घर में एक बार बन लिया तो बच्चे बार-बार इसे मांगेंगे। आइए जानते हैं इसे बनाने का तरीका।

मलाई सैंडविच बनाने की सामग्री

-ब्रेड

- ताजा मलाई

- शिमला मिर्च

- प्याज

- टमाटर

- कॉर्न

- काली मिर्च

- ऑरिगैनो

- नमक

- कैचअप

- मक्खन

सैंडविच बनाने की विधि

- सबसे पहले आप मलाई सैंडविच बनाने के लिए सभी  सब्जियों को बरीक काट लें।

- इसके बाद इन सब्जियों को मलाई में डालकर इसमें नमक और ऑरेगैनो अच्छी तरह से मिक्स करें।

- अब आप एक ब्रेड स्लाइस पर टोमैटो केचअप की लेयर लगाकर सब्जियों का मिश्रण लगाएं और ऊपर से दूसरा स्लाइस लगाकर सैंडविच बना लें।

- फिर आप हल्का सा बाटर लगाने के बाद इसे सुनहरा होने तक दोनों साइड से सेक लें।

- अब इस सैंडविच को अपने बच्चे की पसंदीदा शेप में काट लें और सॉस के साथ परोसें।

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