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स्वामी आत्मानन्द स्कूल बठेना में धूमधाम से मना शाला प्रवेश उत्सव


धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद मेहतरु राम धीवर शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय बठेना में गुरूवार को हर्षोल्लास के साथ शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ राज्य गीत , राष्ट्रगान एवं सरस्वती पूजन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संदेश का वाचन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक मनमोहक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। अतिथियों ने नवप्रवेशित छात्रों को तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण किया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में विद्यालय की गरिमा बढ़ाने हेतु हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूपेश शाह पूर्व अध्यक्ष एस.एम.डी.सी थे। अध्यक्षता अवैश हाशमी नवागांव पार्षद एवं अध्यक्ष जल विभाग नगर निगम धमतरी ने की। विशिष्ट अतिथि नीरज नाहर विधायक प्रतिनिधि, डी.आर. गजेंद्र विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य नागेंद्र पांडे एवं समस्त शिक्षक स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि भूपेश शाह के उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पालक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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स्वामी आत्मानन्द स्कूल बठेना में धूमधाम से मना शाला प्रवेश उत्सव


धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वामी आत्मानंद मेहतरु राम धीवर शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय बठेना में गुरूवार को हर्षोल्लास के साथ शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ राज्य गीत , राष्ट्रगान एवं सरस्वती पूजन के साथ किया गया। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के संदेश का वाचन किया गया। इस कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक मनमोहक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी। अतिथियों ने नवप्रवेशित छात्रों को तिलक लगाकर एवं मिठाई खिलाकर नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक का वितरण किया। अतिथियों ने अपने उद्बोधन में विद्यालय की गरिमा बढ़ाने हेतु हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भूपेश शाह पूर्व अध्यक्ष एस.एम.डी.सी थे। अध्यक्षता अवैश हाशमी नवागांव पार्षद एवं अध्यक्ष जल विभाग नगर निगम धमतरी ने की। विशिष्ट अतिथि नीरज नाहर विधायक प्रतिनिधि, डी.आर. गजेंद्र विकासखंड शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य नागेंद्र पांडे एवं समस्त शिक्षक स्टाफ उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन मुख्य अतिथि भूपेश शाह के उद्बोधन से हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पालक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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विधि छात्रों को विधिक साक्षरता क्लब का भ्रमण कराया गया


धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। के.एल.चरयाणी जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धमतरी के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार विधि छात्रों को 9 जून से 23जून तक कुल 15 दिवस का ग्रीष्मकालीन इंटर्नशीप कराया जा रहा है। जिसके तहत 17 जून को विधिक साक्षरता क्लब शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोकुलपुर एवं शिवसिंह वर्मा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धमतरी का भ्रमण कराया गया। विधिक साक्षरता भ्रमण के दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला गोकुलपुर में विधिक साक्षरता शिविर का भी आयोजन किया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण धमतरी के सचिव ने विधिक साक्षरता क्लब के छात्रों एवं अन्य छात्रों तथा विधि छात्रों को नि:शुल्क विधिक सहायता योजना एवं अन्य महत्वपूर्ण कानूनी जानकारी दी। विधि छात्रों को विधिक साक्षरता क्लब के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गोकुलपुर की प्राचार्य शैलजा पाण्डेय, शिक्षक, विधि छात्र एवं स्कूल के छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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शासकीय बालक खेल परिसर गोगांव में अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को दिया जाएगा प्रवेश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासकीय बालक खेल परिसर गोगांव, रायपुर में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को प्रवेश दी जाएगी। प्रवेश पंजीयन फार्म भर कर जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून को शाम 4 बजे तक निर्धारित की गई है।

आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त तारकेश्वर देवांगन ने बताया कि संस्था में प्रवेश केवल अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों के लिये है। प्रवेश हेतु पंजीयन फार्म निःशुल्क है। प्रवेश हेतु कक्षा 6वीं के लिये- 11वर्ष तथा कक्षा 7वीं के लिये 12 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है। खिलाड़ी छात्र एवं ऊंचे कद के छात्रों को प्राथमिकता दी जावेगी। प्रवेश पंजीयन फार्म बालक खेल परिसर (अन्य पिछड़ा वर्ग) छात्रावास शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला गोगांव बाजार चौक रायपुर से कार्यालयीन दिवस में समय 11 बजे से 3 बजे तक प्राप्त किया जा सकता है।
 
उन्होंने बताया कि अंतिम चयन 6 एवं 7 जुलाई को पूर्व माध्यमिक शाला बाजार चौक गोगांव रायपुर में सुबह 9 बजे से किया जाएगा। चयन प्रक्रिया 10 बैटरी टेस्ट के आधार पर किया जाएगा। जिसमें उछाल परीक्षण, सिट अप, पुश अप, शरीर के ऊपरी भाग को मोड़ना, शटल दौड़, दृसहन शक्ति परीक्षण (400 मीटर, 800 मीटर दौड़), लम्बी कूद, बॉल थ्रो, स्टेड़डीग ब्राँड जम्प, 50/100 मीटर दौड़ शामिल है। छात्रों को चयन प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिये उत्तीर्ण कक्षा की अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक खाते की छायाप्रति एवं दो पासपोर्ट साईज का फोटो लाना अनिवार्य है। चयन प्रक्रिया हेतु छात्रों को स्पोर्ट किट (टी शर्ट, निकर, जूता) में उपस्थित होना होगा।
 
उन्होंने बताया कि चयनित छात्रों को प्रतिदिन सुबह 6 बजे से 8.30 बजे तक एवं शाम 4 बजे से सूर्यास्त तक खेल मैदान में अभ्यास करना अनिवार्य होगा। प्रवेशीत छात्रों को निःशुल्क सुविधाएः- आवास, नाश्ता, भोजन, गणवेश, ट्रेक-सूट, जूता-मोजा, एवं शिष्यवृत्ति तथा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समय-समय पर दी जाने वाली अन्य सुविधाए प्रदान की जाएगी। विस्तृत जानकारी के लिये गोगांव खेल परिसर के कोच से मो.नं. 9752126662 एवं अधीक्षक से मो. नं 91-8839143320 पर कार्यालयीन अवधि में सम्पर्क किया जा सकता है।
 
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बच्चों को गुलाब फूल, तिलक लगाकर और मिठाई खिलाकर शाला में प्रवेश कराया गया

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने गुरुवार, 16 जून को रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित नवीन शैक्षणिक सत्र 2022-23 में राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने जिले के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय कवर्धा में आयोजित जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में वर्चुअल मोड में जुड़कर शाला प्रवेश करने वाले बच्चों को बधाई और शुभकामनाएं दी। जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर, कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा सहित अन्य अतिथियों ने बच्चों को गुलाब फूल देकर, तिलक लगाकर तथा मिठाई खिलाकर शाला में प्रवेश कराया। साथ ही बच्चों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक भी वितरित किया गया। इस वर्ष कक्षा पहली में 14 हजार 600, कक्षा छठवीं में 13 हजार 400 और कक्षा नवमी में 12 हजार एक सौ बच्चें को प्रवेश दिया गया है।


मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना संक्रमण तथा लॉकडाउन के कारण विगत दो वर्षों में नियमित शालेय गतिविधियां प्रभावित हुई लेकिन यह सुनिश्चित किया गया कि किसी भी स्थिति में बच्चों के पढ़ने और बढ़ने में कोई बाधा न आए और उनका साल खराब न जाए। उन्होंने कहा कि नए शिक्षा सत्र 2022 की शुरुआत बहुत उम्मीदों के साथ कर रहे हैं। इस वर्ष नियमित शालाएं संचालित हों, साथ ही पिछले सत्रों में हुए नुकसान की भरपाई भी हो सके। हमारे शिक्षक, शिक्षिकागण यदि इस आयुवर्ग के बच्चों पर समुचित ध्यान देंगे, तो बच्चे जल्दी ही विषय को आत्मसात कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि कोरोना लॉकडाउन के दौरान पढ़ई तुहर दुआर प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया गया था। जिसका अच्छा उपयोग हमारे शिक्षकों, पालकों एवं विद्यार्थियों ने किया। इसी तरह नवाचार और नई प्रौद्योगिकी अपनाने का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। शिक्षा को रूचिकर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। शिक्षा की अधोसंरचना तथा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी तथा हिन्दी माध्यम विद्यालय योजना संचालित की है, जिसके तहत 171 अंग्रेजी माध्यम एवं 32 हिन्दी माध्यम स्कूलों का संचालन प्रारंभ किया गया ।
 
पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चंद्राकर ने कहा कि कोरोना के समय शिक्षा बाधित हुआ, लेकिन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों से नवाचार के माध्यम से लगातार जारी रहा। शिक्षा प्रत्येक बच्चों तक पहुंचाया गया। उन्होंने कहा कि बचपन में पहला गुरु माता और पिता है उसके बाद जब हम स्कूल में प्रवेश करते है, तो शिक्षक हमारे गुरु होते है। गुरु के माध्यम से ही हमे मार्गदर्शन मिलता है और आगे बढ़ने के लिए रास्ते खुलते है। हमे अपने माता पिता और गुरु के आशीर्वाद के साथ ज्ञान, अनुशासन और शिक्षा के साथ अपने जीवन का लक्ष्य चुनकर आगे बढ़ना चाहिए। इससे निश्चित ही स्वाभिमान, मजबूत विश्वास और परिश्रम के साथ लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि बच्चे ही हमारे आने वाले भविष्य है। इसके माध्यम से ही हमारा राज्य और देश सम्पन्नता की ओर बढ़ सकता है।
 
कलेक्टर रमेश कुमार शर्मा ने कहा की जीवन में प्रगति करने के लिए ज्ञान अर्जित करना जरूरी है। अच्छा ज्ञान अर्जित करने से जीवन में प्रगति जरूर करेंगे। हमे कभी भी नंबर के दौड़ में नही भागना चाहिए। हम जिन कक्षा में पढाई कर रहे है, उस कक्षा के विषय का ज्ञान होना जरूरी है और इस ज्ञान को दैनिक जीवन में कैसे क्रियान्वयन करना चाहिए इसके लिए आत्मसात करना चाहिए। शिक्षकों को यह जरूरी है की बच्चों को ऐसी शिक्षण प्रदान करना चाहिए कि उन्हें ज्ञान अर्जित हो सके। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए अनुशासन जरूरी है और अनुशान अपने आप में होना चाहिए। कोविड के कारण बच्चे की कक्षा नही लगी इसके लिए नई पहल प्रारंभ की गई है। बच्चों को पिछले कक्षा के विषयों की जानकारी दी जाएगी। वही बच्चों की इंग्लिश भाषा को मजबूत करने पहला विषय स्पोकन इंग्लिश का लगाया जाएगा। इस प्रकार स्कूल में अच्छी शिक्षा उपलब्ध कराने लगातार प्रयास किया जा रहा है। जिला शिक्षा अधिकारी राकेश तिवारी ने कहा की शिक्षा जीवन को परिमार्जित करती है। शासन की स्वामी आत्मानंद स्कूल में गरीब के बच्चें भी निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर रहे है और उन्हें अंग्रेजी पढ़ना और बोलना आ रहा है। शासन द्वारा बालवाड़ी प्रारंभ किया गया है जिससे बच्चों को स्कूल में प्रवेश के पहले लाभ मिलेगा। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष ऋषि कुमार शर्मा, अपर कलेक्टर बीएस उइके, नगर पालिका सभापति मोहित माहेश्वरी, एल्डरमेन जाकिर चौहान, शांकभरी बोर्ड के सदस्य भगवान सिंह पटेल सहित जिला स्तरीय अधिकारी, पालकगण एवं बच्चे उपस्थित थे।
 
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कोई बच्चा न छूटे इस बार, शिक्षा पर है सबका अधिकार’ की थीम पर मनाया गया शाला प्रवेश उत्सव

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के महारानी लक्ष्मी बाई कन्या शाला में ‘‘कोई बच्चा न छूटे इस बार, शिक्षा पर है सबका अधिकार’’ की थीम पर शाला प्रवेश उत्सव का शुभांरभ किया गया। इस कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभांरभ करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि वर्तमान दौर में शिक्षा को नवाचार और नई प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि कोरोना के दौर में स्कूल एवं अन्य शैक्षणिक संस्थाएं बंद होने के बावजूद भी नई प्रौद्योगिकी के साथ शिक्षण कार्य निरंतर रूप से जारी रहा। भूपेश बघेल ने इस सत्र में नियमित कक्षाओं के संचालन के साथ कोरोना काल में पढ़ाई में पिछड़े बच्चों पर विशेष ध्यान देने की बात कही। उन्होंने विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को नई ऊर्जा एवं नए उत्साह के साथ अध्ययन एवं अध्यापन के लिए प्रोत्साहित भी किया। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम, गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल, नगरीय विकास मंत्री शिवकुमार डहरिया, संसदीय सचिव श्रीमती रश्मि आशीष सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारीगण वर्चुअल रूप से मौजूद रहे।

शिक्षण सत्र 2022-23 के शुभांरभ अवसर पर 6 से 14 वर्ष के सभी बच्चों को शाला में प्रवेश देने के लिए प्रवेश उत्सव मनाया गया। इस अवसर पर जिले के महारानी लक्ष्मी बाई कन्या शाला में प्रभारी कलेक्टर हरीस एस द्वारा कक्षा 1वीं, 6वीं तथा 9वीं के बच्चों को तिलक लगाकर तथा निःशुल्क गणवेश एवं पाठ्य पुस्तक का वितरण कर शाला में प्रवेश दिया गया। इस अवसर पर कक्षा 9वीं की छात्रों को निःशुल्क साईकिल का वितरण भी किया गया। लम्बे अंतराल के बाद स्कूल शुरू होने से शाला में प्रवेश को लेकर न केवल नवनिहालों में उत्साह था बल्कि पालकों एवं शिक्षकों का उत्साह भी देखते बन रहा था। शाला प्रवेश उत्सव का प्रारंभ शिक्षा को नए संकल्पों के साथ नई ऊंचाई की ओर ले जाने के लिए अग्रसर कर रहा है।

इस प्रवेश उत्सव के अवसर पर शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक आर.एन.हीराधर, जिला शिक्षा अधिकारी डी.के.कौशिक, डी.एम.सी. ओम पाण्डेय, ए.पी.सी. रामेश्वर जायसवाल, जनप्रतिनिधि शेख नजरूद्दीन, अंकित गौरहा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी तथा बड़ी संख्या में अभिभावक एवं छात्र मौजूद रहे।
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ओडिशा सरकार ने शारीरिक रूप से अक्षम बच्‍चों के स्‍पेशल स्कूलों के लिए बनाए नए नियम

भुवनेश्वर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शारीरिक रूप से अक्षम बच्‍चे बेहतर शिक्षा हासिल कर सकें इसलिए ओडिशा की पटनायक सरकार ने स्‍पेशल स्‍कूलों के लिए नए नियम बनाए हैं।

शारीरिक रूप से अक्षम बच्‍चों के लिए संस्थानों की स्थापना, मान्यता और सहायता अनुदान के लिए व्यापक दिशानिर्देश तैयार किए हैं। सरकार द्वारा जारी किया ये नए नियम पहले जारी किए गए सभी सरकारी प्रस्तावों की जगह लेगा।

विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम-2016 में निर्धारित प्रावधानों के साथ बनाए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार विकलांग बच्चों को शिक्षा प्रदान करने के इच्छुक और सक्षम संस्थान जिला सामाजिक सुरक्षा अधिकारी (डीएसएसओ) के माध्यम से कलेक्टर को आवेदन प्रस्तुत करेंगे, जिसके बाद जांच होगी कि क्‍या एक नया स्कूल खोलने की जरूरत है। सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 या भारतीय ट्रस्ट अधिनियम, 1882 या कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 25 या किसी अन्य उपयुक्त अधिनियम और विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार पंजीकृत संगठन आवेदन करने के लिए पात्र हैं।

सत्यापन के बाद प्रस्ताव को जिला स्तरीय परियोजना मूल्यांकन समिति (डीएलपीएसी) के समक्ष विचार के लिए रखा जाएगा। डीएलपीएसी की मंजूरी के साथ, प्रस्ताव सामाजिक सुरक्षा और विकलांग व्यक्तियों के अधिकारिता (एसएसईपीडी) के निदेशक को एक नया विशेष स्कूल स्थापित करने की अनुमति देने की सिफारिश करेगा।
 
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साक्षात्कार के बाद होगी अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जा रही है और इसे लिए विज्ञापन जारी कर आवेदन आमंत्रित किए गए थे। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. रेशमा खान ने बताया कि प्राप्त आवेदनों में से पात्र व अपात्र अभ्यर्थियों की सूची जिले के पोर्टल पर जारी कर दावा आपात्ति आमंत्रित करने के पश्चात आपत्तियों का निराकरण किया गया तथा अंतिम सूची के आधार पर रिक्त एक पद के अनुपात में 5 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए आमंत्रित किया गया है, तत्संबंध में पात्र अभ्यर्थियों को साक्षात्कार में सम्मिलित होने आज 16 जून के अलावा 17, 18 व 20 जून को विषयवार आहूत किया गया है।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने बताया कि इस संबंध में विभिन्न समाचार-पत्रों के माध्यम से यह बात संज्ञान में आई है कि कतिपय लोगों के द्वारा पोर्टल में दिए गए अभ्यर्थियों के मोबाइल नंबर पर सम्पर्क कर नौकरी के लिए कथित तौर पर रिश्वत मांगकर अभ्यर्थियों से अवैध वसूली के प्रयास किए जा रहे हैं। यहां तक कि सहायक आयुक्त आदिवासी विकास के नाम से फर्जी हस्ताक्षरयुक्त नियुक्ति पत्र भी जारी किए जाने का भी मामला संज्ञान में आया हैं। उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि इस प्रकार का कोई भी कॉल या मैसेज आने पर अभ्यर्थी द्वारा किसी प्रकार का भुगतान न किया जाए तथा इनके विरूद्ध पुलिस में अपनी शिकायत दर्ज करवाई जाए।
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कोई भी बच्चा शाला त्यागी और अप्रवेशी न रहें : मंत्री डॉ. टेकाम

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने नए शिक्षा सत्र और शाला प्रवेश उत्सव की सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए नया सत्र 16 जून से प्रारंभ हो रहा है। उन्होंने मंत्रीयों, संसदीय सचिवों, सांसद, विधायक, नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं के जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर कहा है कि ये सभी स्कूल हम सभी के हैं और हम सबको मिलकर ही इन स्कूलों को चलाना है। मंत्री डॉ. टेकाम ने जनप्रतिनिधियों से अपेक्षा की है कि कोई भी बच्चा शाला त्यागी और अप्रवेशी न रहे। शाला में नियमित उपस्थिति हेतु विशेष प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान करें। आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है कि हम सब मिलकर इस सत्र से स्कूली शिक्षा में अपेक्षा अनुरूप परिवर्तन लाने में सफल होंगे।

मंत्री डॉ. टेकाम ने उम्मीद जताई है कि इस वर्ष राज्य में अधिक से अधिक पालक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजें और प्रवेश दिलवाएं। इसके लिए सब को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित शालाओं पर लगातार नजर रखते हुए उसमें पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक प्रयास करना है।
 
मंत्री डॉ. टेकाम ने कहा है कि विगत वर्षों में कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई बहुत प्रभावित हुआ है। इस वर्ष हम समय पर स्कूल खोल पा रहे हैं और आशा करते हैं कि पूर्व की भांति पूरे जोर-शोर से स्कूल का संचालन होगा और बच्चे पढ़ने-लिखने-सीखने की दक्षता प्राप्त कर लेंगे। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि प्रवेश उत्सव में अवश्य सहभागी बनें और अपने-अपने क्षेत्र की शालाओं में प्रवेशोत्सव को यादगार रूप में मनाते हुए अपनी सहभागिता देकर पालकों को शासकीय शालाओं में बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदाय करने के लिए आश्वस्त करें। डॉ. टेकाम ने कहा है कि शिक्षकों ने स्वयं मेहनत कर शैक्षणिक सामग्री तैयार की है जो उपयोगी सिद्ध होगा।
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एकलव्य आवासीय विद्यालय में अतिथि शिक्षकों की भर्ती

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2022-23 के लिए अस्थायी रूप से अतिथि शिक्षकों की भर्ती हेतु ऑफलाइन आवेदन मंगाए गए थे। प्राप्त आवेदन पत्रों की जांच और दावा-आपत्ति के बाद सूची जारी की गई है। अभ्यर्थी सूची का अवलोकन जिले की वेबसाइट पर कर सकते हैं। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास डॉ. रेशमा खान ने बताया कि अतिथि शिक्षकों की भर्ती वॉक इन इंटरव्यू (साक्षात्कार) के माध्यम से की जानी है। उन्होंने बताया कि जिला स्तरीय समिति द्वारा 16 जून को ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर हिन्दी माध्यम का साक्षात्कार लिया जाएगा। इसी तरह 17 जून को ट्रेंड ग्रेजुएट टीचर अंग्रेजी माध्यम, 18 जून को पोस्ट ग्रेजुएट टीचर हिन्दी माध्यम और 20 जून को गैर शिक्षकीय विषय जैसे संगीत, शारीरिक, ग्रंथपाल, स्टॉफ नर्स, कम्प्यूटर अनुदेशक का वॉक इन इंटरव्यू के माध्यम से साक्षात्कार लिया जाएगा। उपर्युक्त सभी साक्षात्कार सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक पोस्ट मेट्रिक अनुसूचित जनजाति कन्या छात्रावास, रूद्री रोड, गोकुलपुर धमतरी में लिया जाएगा।

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पीईटी और पीपीएचटी का परिणाम जारी…

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल ने पीईटी और पीपीएचटी का परिणाम जारी कर दिया है। पीईटी में बिलासपुर की पलक अग्रवाल और पीपीएचटी में रायपुर के कुलदीप साहू ने टॉप किया है। ज्ञातव्य है कि 22 मई को दो पालियों में हुई थी प्री परीक्षा। पीईटी में 12 हजार 490 और पीपीएचटी में 22 हजार 354 छात्र परीक्षा में शामिल हुए थे। छत्तीसगढ़ व्यवसायिक परीक्षा मंडल की वेबसाइट पर परिणाम उपलब्ध हैं।

 
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निजी स्कूलों की बढ़ी छुट्टियां, इस तारीख से शुरू होगी पढाई…

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में स्कूल खोलने का लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। स्कूल शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों में छुट्टियां बढ़ा दी है। जिसके चलते अब स्कूल 16 जून से नहीं खुलेंगे। हालांकि प्रदेश के सभी सरकारी स्कूल 16 जून से खुल जाएंगे।

निजी स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का नया आदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने जारी किया है। वहीं अब निजी स्कूल 20 जून से खोलने की तैयारी में है। इसे लेकर पालकों को मैसेज भेजा जा रहा है। इधर सरकारी स्कूलों में 16 जून से प्रवेशोत्सव मनाया जाएगा।
 
छत्तीसगढ़ में 16 जून से सभी सरकारी स्कूल बच्चों के लिए खुल जाएंगे। स्कूल शिक्षा मंत्री प्रेमसाय सिंह टेकाम ने इसकी जानकारी दी है। मंत्री ने बताया कि 16 जून से पूरे प्रदेश में स्कूल का संचालन शुरू हो जाएगा। मंत्री ने प्रदेश में बेहतर संचालन के लिए अधिकारियों को निर्देश भी जारी किया है।
 
बता दें कि कोरोना के कारण बीते 2 साल से स्कूल का संचालन प्रभावित हुआ है। वहीं अब नए शिक्षण सत्र में राज्य सरकार ने पूरी तैयारी की है। बोर्ड परीक्षा के रिजल्ट जारी होने के बाद शिक्षा विभाग स्कूलों के संचालन का लेकर तैयारियों में जुट गई थी। वहीं अब कल से तय स्कूल खुलने के साथ ही नए शिक्षण सत्र की शुरूआत हो जाएगी।
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स्कूल खुलने पर शेष छात्रों को शासकीय योजनाओं का मिलेगा लाभ

 पुस्तक, ड्रेस और साइकिल का किया जाएगा वितरण

 
रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासन के निर्देशानुसार शैक्षणिक सत्र 2022-23 में प्रदेश के शासकीय स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को पुस्तक और ड्रेस का विभागीय योजना के तहत किया जा रहा है।

विभागीय योजनाओं के तहत छात्रों को पुस्तक और ड्रेस का वितरण प्रारंभ किया जा चुका है।जिले के सभी विकासखंडों में छात्रों के लिए पुस्तक उपलब्ध कराया जा चुका है।इसी तरह छात्रों के लिए ड्रेस धरसींवा विकासखंड में भेजा जा चुका है तथा शेष विकासखंडो में हथकरघा से मिलने पर स्कूलों को उपलब्ध कराया जाएगा।इसी तरह छात्रों को स्कूल आने जाने के लिए साइकिल का वितरण शासन से प्रशासकीय स्वीकृति मिलने पर निर्देशानुसार यथाशीघ्र किया जाएगा।

जिला शिक्षा अधिकारी ए.एन.बंजारा ने बताया कि छात्रों को पुस्तक और ड्रेस का वितरण अवकाश अवधि में भी किया गया है।जिन छात्रों को पुस्तक नही मिला है,उन्हें स्कूल खुलने के दिन वितरित कर दिया जाएगा।इस संदर्भ में सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।जिन स्कूलों में ड्रेस और पुस्तक वितरण पिछड़ा है, उन स्कूलों के प्राचार्यों को वितरण प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए है।वितरण की प्रोग्रेस रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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राज्य ओपन स्कूल: हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षा आयोजन की कार्ययोजना


रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल द्वारा आयोजित हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के आयोजन के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जिसके अनुसार प्रत्येक वर्ष परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।कार्ययोजना के अनुसार अप्रैल की परीक्षा के लिए सामान्य परीक्षार्थी से 16 जुलाई से 31 दिसम्बर तक सामान्य शुल्क और 01 जुलाई से 15 जुलाई तक विलंब शुल्क की तिथियां निर्धारित की गई हैं। अवसर परीक्षा- माह सितम्बर में परीक्षा परिणाम जारी होने के अगले दिवस से 31 दिसम्बर तक सामान्य शुल्क और 01 जनवरी से 15 जनवरी तक विलंब शुल्क के साथ निर्धारित किया गया है।

इसी प्रकार सितम्बर में परीक्षा में सम्मिलित होने के लिए आवेदन की तिथियां सामान्य परीक्षार्थी के लिए सामान्य शुल्क 16 जनवरी से 30 जून तक और 01 जुलाई से 15 जुलाई तक विलंब शुल्क के लिए निर्धारित किया गया है। अवसर परीक्षा अप्रैल में परिणाम जारी होने के अगले दिन से 30 जून तक सामान्य शुल्क और 01 जुलाई से 15 जुलाई तक विलंब शुल्क तक परीक्षा आवेदन फॉर्म जमा कर सकेंगे।

सचिव छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल ने बताया कि मुख्य परीक्षा 2022 के अनुत्तीर्ण छात्र अवसर परीक्षा के लिए 11 जून 2022 से ऑनलाइन पोर्टल पर अध्ययन केन्द्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं एवं ऐसे छात्र जो छत्तीसगढ़ राज्य ओपन स्कूल की परीक्षा में प्रथम बार आवेदन करना चाहते हैं वे भी 11 जून 2022 से मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने की सामान्य शुल्क के साथ अंतिम तिथि 30 जून तक है। विलंब शुल्क के साथ परीक्षा आवेदन की तिथि 01 जुलाई से 15 जुलाई तक है।
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स्कूलों में नवीन शिक्षा सत्र 16 जून से

कोई भी बच्चा शाला त्यागी और अप्रवेशी न रहे: स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. टेकाम

स्कूल शिक्षा मंत्री ने मंत्रियों, संसदीय सचिव, सांसद, विधायक, नगरीय निकाय और पंचायत प्रतिनिधियों को लिखा पत्र

जनप्रतिनिधि शामिल हों शाला प्रवेश उत्सव में

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  स्कूल जाने वाले बच्चों के लिए नवीन शिक्षा सत्र 16 जून से प्रारंभ हो रहा है। स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने इस संबंध में सभी मंत्रियों, संसदीय सचिव, सांसद, विधायक, नगरीय निकाय और पंचायत प्रतिनिधियों को पत्र लिख यह अपेक्षा की है कि कोई भी बच्चा शाला त्यागी और अप्रवेशी न रहे। इस संबंध में सभी जनप्रतिनिधि स्कूलों में नियमित उपस्थिति के लिए विशेष प्रोत्साहन एवं मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। उन्होंने पत्र में लिखा है कि हम सब मिलकर इस सत्र से स्कूली शिक्षा में अपेक्षा अनुरूप परिवर्तन लाने में सफल होंगे।

मंत्री डॉ. टेकाम ने सभी जनप्रतिनिधियों से कहा है कि प्रवेश उत्सव में अवश्य सहभागी बनें और अपने-अपने क्षेत्र की शालाओं में प्रवेशोत्सव को यादगार रूप में मनाते हुए अपनी सहभागिता देकर पालकों को शासकीय शालाओं में बेहतर और गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदाय करने के लिए आश्वस्त करें। हमारे शिक्षकों ने मेहनत से शैक्षणिक सामग्री तैयार की है जो उपयोगी सिद्ध होगी।

मंत्री डॉ. टेकाम ने अपने पत्र में कहा है कि ये सभी स्कूल हम सभी के हैं और हम सबको मिलकर ही इन स्कूलों को चलाना है। इस वर्ष हम उम्मीद करते हैं कि हमारे राज्य में अधिक से अधिक पालक अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में भेजें और प्रवेश दिलवाएं। इसके लिए हम सब को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित शालाओं पर लगातार नजर रखते हुए उसमें पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार हेतु आवश्यक प्रयास करना है। सभी को मालूम है कि विगत वर्षाे में कोरोना के कारण बच्चों की पढ़ाई बहुत प्रभावित हुई है। इस वर्ष हम समय पर स्कूल खोल पा रहे है और आशा करते है कि पूर्व की भांति पूरे जोर-शोर से स्कूल का संचालन होगा और हमारे बच्चे पढ़ने-लिखने-सीखने की दक्षता प्राप्त कर लेंगे।
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दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पुरस्कार राशि का वितरण

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला स्तरीय स्वीप कोर कमेटी कार्यक्रम के अंतर्गत ‘‘मेरा वोट मेरा भविष्य है, एक वोट की शक्ति’’ की थीम पर दिव्यांग छात्राओं के लिए विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के अंतर्गत ऑनलाईन माध्यम से नारा लेखन, पोस्टर डिजाईन, गीत गायन तथा लेखन प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थी। इन प्रतियोगिताओं में प्रवीण्य सूची में आने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं को पुरस्कार राशि का वितरण किया गया।

इन प्रतियोगिताओं में कक्षा 10 वीं के दिव्यांग छात्र लवसिंह राजपूत, ऋषि अग्रवाल, कु. अरूणिमा रॉय, कु. पूर्णिमा कौशिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार कक्षा 12वीं के शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय तिफरा के छात्र दयाशंकर साहू ने दूसरा स्थान प्राप्त किया। कक्षा 12वीं की शासकीय दृष्टि एवं श्रवण बाधितार्थ विद्यालय तिफरा की छात्रा वंशिका कैवर्त ने तीसरा स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले दिव्यांग छात्र-छात्राओं को 3 हजार रूपए की राशि, दूसरा स्थान प्राप्त करने पर 2 हजार रूपए की राशि तथा तीसरा स्थान प्राप्त करने पर 01 हजार रूपए की राशि वितरित की गई। पुरस्कार राशि का वितरण प्रभारी संयुक्त संचालक श्रीमती सरस्वती रामेश्वरी तथा प्रशांत मोकासे द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में जिला कार्यालय समाज कल्याण बिलासपुर के लेखापाल जी.आर. चन्द्रा, मनोज शर्मा, कु. आकांक्षा साहू, अजय कुमार धुर्वे, सौरभ दीवान, शिवरचरण यादव एवं समस्त शासकीय एवं स्वैच्छिक संस्था के कर्मचारी उपस्थित रहे।
 
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यूपीएससी में चयन के लिए जगह बाधा नहीं, भाषा बाधा नहीं, कोचिंग की बाधा नहीं और प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थाओं की भी बाधा नहीं

 बीआईटी दुर्ग में जुटे पांच यूपीएससी टापर ने अपने अनुभव किये साझा बताया सोशल मीडिया से दूर रहे, मौलिक मटेरियल से की पढ़ाई

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपीएससी में चयन के लिए जगह की बाधा नहीं होती। रायपुर से पढ़कर भी सलेक्शन होता है। बिना कोचिंग के भी सलेक्शन होता है। हिंदी मीडियम से भी सलेक्शन होता है और इसके लिए जरूरी नहीं कि सबसे प्रतिष्ठित संस्थाओं से आपने पढ़ाई की हो। दुर्ग में पांच टापर्स जुटे और सब अलग-अलग एजुकेशन फील्ड थे, सबने कहा कि अपने पसंद का सबजेक्ट चुनो और खूब पढ़ो। टापर श्रद्धा शुक्ला ने कहा कि वो रायपुर से हैं उन्होंने कोचिंग नहीं ली और मौलिक मटेरियल पढ़ा। रायपुर से ही पढ़ाई भी की।

पूजा ने बताया कि वो मगरलोड से हैं घर में इंटरनेट का कवरेज ही नहीं। इंटरनेट चाहिए तो ऊपर छत पर जाना पड़ता है। फिर भी चयन में इसके लिए कोई बाधा नहीं आई। पूजा ने बताया कि उन्हें लगा कि सोशल मीडिया तो सबसे ज्यादा बाधक है पढ़ाई के लिए और तीन साल तक सोशल मीडिया देखा ही नहीं। उन्होंने कहा कि पहले दो अटेम्प खराब हुए लेकिन हिम्मत नहीं हारी। निगेटिव लोगों से दूर रही। पाजिटिविटी आपके अंदर है इसके लिए मसूरी जाकर मोटिवेशन नहीं लेना पड़ता, ऐसा मोटिवेशन टिकता नहीं है। अभिषेक अग्रवाल ने कहा कि जाब में हैं इसलिए समय मैनेज करना पड़ा। कोई जाब के साथ भी पढ़ाई कर सकता है। अक्षय पिल्लै ने कहा कि इंजीनियरिंग के सब्जेक्ट लेकर भी चयनित हुआ जा सकता है। कोई भी विषय हो, उसमें आपकी पकड़ मायने रखती है। दिव्यांजलि ने कहा कि यूपीएससी की तैयारी मैराथन दौड़ के जैसी है। इसमें सही रणनीति रखना बहुत जरूरी है।

कलेक्टर ने भी अपने अनुभव साझा किये : कार्यशाला में कलेक्टर डा. सर्वेश्वर नरेंद्र भुरे ने भी अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने बताया कि जिस तरह साढ़े तीन घंटे आप लोग लगातार धैेर्य से आज टापर्स को सुन रहे हैं। कुछ वर्षों पहले मैंने भी ऐसे ही एक कार्यशाला अटेंड की थी जिसमें खड़े हुए साढ़े तीन घंटे टापर्स को सुना था। जहां आपके इंटेलीजेंस की सीमा होती है वहां से हार्डवर्क काम करना शुरू कर देता है।
एसपी ने साझा किये अपने अनुभव- एसपी डा. अभिषेक पल्लव ने भी अपने अनुभव साझा किये। उन्होंने कहा कि हार्ड वर्क का कोई विकल्प नहीं है। स्मार्ट वर्क की शुरूआत भी हार्ड वर्क से हुए अनुभवों से होती है। कोई यूपीएससी की तैयारी करें तो उसे पूरी तौर पर समर्पित होकर तैयारी करनी होगी। जब तक पूरे संकल्प से अपनी शक्ति इसमें झोंक नहीं देंगे, तब तक सफलता नहीं मिलेगी लेकिन सही रणनीति से यदि कड़ी मेहनत की जाए तो सफलता तय है।
 
प्रतिभागियों ने भी पूछे प्रश्न- इस दौरान प्रतिभागियों ने भी प्रश्न चयनित अभ्यर्थियों से पूछे। कार्यशाला के अंत में अपर कलेक्टर पद्मिनी भोई ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि आज की कार्यशाला से निश्चित रूप से ही अभ्यर्थियों को सहयोग मिला होगा। इस दौरान डिप्टी कलेक्टर जागेश्वर कौशल, लवकेश ध्रुव और उप संचालक जनशक्ति नियोजन राजकुमार कुर्रे भी मौजूद थे।
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आरटीई में ऑनलाईन लॉटरी की पारदर्शी प्रक्रिया से निजी विद्यालयों में प्रवेश

प्रथम लॉटरी में शेष रहे आवेदकों को पृथक से वेटिंग नंबर नहीं दिया जाता

विद्यार्थियों के चयन की सूचना पालकों के मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से

प्रथम चरण में 16 हजार 686 विद्यार्थियों का चयन


रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (आरटीई) अंतर्गत अलाभान्वित समूह के विद्यार्थियों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। प्रदेश में यह प्रक्रिया वर्ष 2018 से प्रारंभ की गई है। प्रवेश के लिए ऑनलाईन लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो कि पूर्णतः आरटीई पोर्टल के माध्यम से स्वमेव होता है, यह एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाने वाली कार्यवाही है। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का कोई मानवीय दखल नहीं है और स्कूल शिक्षा विभाग के किसी भी स्तर के कर्मचारी-अधिकारी का कोई हस्तक्षेप मान्य नहीं है।

संचालक लोक शिक्षण ने बताया है कि शासन के नियम निर्देशों के अनुसार आरटीई के तहत विद्यार्थियों को निजी स्कूलों में प्रवेश देने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसके लिए ऑनलाईन आवेदन आमंत्रित किए जाने के बाद प्राप्त आवेदनों को नोडल अधिकारी द्वारा दस्तावेजों की जांच की जाती है। दस्तावेज परिक्षण के दौरान जो आवेदन सही पाए जाते हैं उन्हीं आवेदनों को नोडल अधिकारी द्वारा मान्य किया जाता है।  इसके बाद ऑनलाईन लॉटरी की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो कि पूर्णतः आरटीई पोर्टल के माध्यम से स्वमेव होता है, यह एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत की जाने वाली कार्यवाही है। इस प्रक्रिया में किसी प्रकार का कोई मानवीय दखल नहीं है और स्कूल शिक्षा विभाग के किसी भी स्तर के कर्मचारी-अधिकारी का कोई हस्तक्षेप मान्य नहीं है।

प्रथम चरण में लॉटरी के बाद संबंधित विद्यालय की सीट नही भरने की स्थिति में पुनः नवीन आवेदन  आमेंत्रित करते हुए शेष आवेदकों को भी संशोधन का विकल्प दिया जाता है, ताकि आवेदक द्वारा चाहे गए विद्यालयों में सीट भरने की स्थिति में अन्य विद्यालयों का चयन कर सकें। तत्पश्चात उन आवेदकों को भी आगामी लॉटरी प्रक्रिया में शामिल किया जाता है। प्रथम लॉटरी में शेष रहे आवेदकों को पृथक से वेटिंग नंबर नहीं दिया जाता है। विद्यार्थी के चयन के बाद पालकों को मोबाईल पर एसएमएस के माध्यम से सूचित किया जाता है। इस प्रकार निजी स्कूलों की सम्पूर्ण सीट भर जाने के बाद शेष आवेदकों को सीट का आबंटन नहीं होता है।

संचालक लोक शिक्षण संचालनालय में सर्व संबंधितों को सूचित किया है कि वे अपने पाल्यों को निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए अनुचित माध्यमों से प्रयास करने से बचें और किसी प्रकार की कोई भ्रांति में भी न आएं।

प्रदेश में आरटीई के तहत वर्ष 2022-23 में निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए प्रथम चरण में 9 जिलों - रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, कोरिया, बेमेतरा, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा जिले में लॉटरी के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इन 9 जिलों के लिए 39 हजार 521 आवेदन प्राप्त हुए, जहां 23 हजार 471 आरक्षित सीटों के विरूद्ध 16 हजार 686 विद्यार्थियों का चयन हुआ।

प्रदेश के 12 जिलों बिलासपुर, कोरबा, बलौदाबाजार, मुंगेली, धमतरी, कवर्धा, बस्तर, शिक्षा जिला सक्ती, कांकेर, जशपुर, बलरामपुर और बीजापुर में नोडल अधिकारियों के द्वारा दस्तावेज सत्यापन का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। इन जिलों की लॉटरी की प्रक्रिया को आगामी 2-3 दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा। प्रथम चरण की लॉटरी एवं सीट आबंटन के लिए 15 जून 2022 की तिथि निर्धारित की गई है। शेेष 8 जिलों में दस्तावेज सत्यापन की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।   

 

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