छत्तीसगढ़
मुख्यमंत्री ने बागबाहरा वन क्षेत्र में निवासरत कमार परिवारों के बेदखली के मामले की जांच के निर्देश दिए
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज रायपुर स्थित निवास कार्यालय में आयोजित सप्ताहिक जनदर्शन कार्यक्रम में बागबाहरा वन क्षेत्र के कमार जनजाति परिवारों के आवेदन की सुनवाई की। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को वर्षाें से बागबाहरा वन क्षेत्र क्रमांक 88 निवासरत कमार परिवारों को वहां से बेदखल किए जाने के लिए सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी द्वारा जारी नोटिस की जांच कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।
झोलाछाप डॉक्टर के शिकार अनुज ने मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
गलत इलाज से अपने 7 वर्षीय पुत्र दीपेश के दिव्यांग होने की सुनाई दास्तान
कुनकुरी सदन में रहकर बच्चे के इलाज के लिए दिया आवेदन, मुख्यमंत्री ने कहा तुरंत ही चले जाएं, व्यवस्था हो जाएगी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज अपने बच्चे को लेकर एक आवेदिका श्रीमती शशि वर्मा भी पहुंची। शशि वर्मा ने मुख्यमंत्री से कहा कि बच्चे का इलाज रायपुर में कराना है। मैंने सुना है कि कुनकुरी सदन में इलाज के लिए आए लोगों के लिए रहने की सुविधा आपने दी है तो इसलिए मैं भी आग्रह करने यहां पहुंची हूं।
मुख्यमंत्री ने शशि से कहा कि आप बच्चे को लेकर कुनकुरी सदन चले जाइए। कुनकुरी सदन इसलिए ही बनाया गया है ताकि राजधानी में इलाज में किसी तरह की दिक्कत महसूस कर रहे लोगों की सहायता की जाए। वहां पर प्राथमिक उपचार के लिए डॉक्टर और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को बालक के कुनकुरी सदन में रहने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया। श्रीमती शशि वर्मा ने बताया कि उन्हें कुनकुरी सदन के बारे में किसी ने बताया था। कल ही पता चला कि आज मुख्यमंत्री का जनदर्शन कार्यक्रम है इसलिए मैं यहां पर आई और आज ही मुख्यमंत्री ने मेरी समस्या का समाधान कर दिया। मैं बहुत खुश हूं।
श्रमवीरों के 13 मेधावी बच्चों को मुख्यमंत्री ने सौंपे दो-दो लाख रूपए के चेक
दूसरे सप्ताह भी मुख्यमंत्री के जनदर्शन में लोगों में जबरदस्त उत्साह
मेधावी बच्चों को प्रोत्साहन राशि के साथ-साथ स्कूटी खरीदने के लिए भी दिए पैसे
साय ने अपने निवास पर मां के नाम रोपा दहीमन का पौधा
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निवास पर आज दूसरे सप्ताह के जनदर्शन कार्यक्रम में भी नागरिकों में जबरदस्त उत्साह रहा। मुख्यमंत्री साय से मुलाकात करने और अपने आग्रह-अनुरोध उन्हें प्रत्यक्ष सौंपने के लिए प्रदेशभर से बड़ी संख्या में लोग आए है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने श्रमवीरों के मेधावी बच्चों को दो-दो लाख रूपए के चेक भी प्रदान किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने निवास परिसर में अपनी मां के नाम दहीमन के पौधे का रोपण भी किया। मुख्यमंत्री निवास में स्वास्थ्य परीक्षण भी लगाया गया था, जिसका नागरिकों ने लाभ उठाया। आज के कार्यक्रम में अनेक ऐसे लोग मुख्यमंत्री को धन्यवाद कहने आए थे, जो पिछले जनदर्शन में आए थे और उनके अनुरोधों का तत्काल निराकरण भी हो गया था।
शिवानी कोल माइंस वंशीपुर में टीबी के लिए हेल्थ कैम्प
भूमिगत कोयला खदान में कार्य करना बड़ा ही जोखिम कार्य होता है। अन्दर हो बाहर तक प्रदुषण का प्रभाव से कोई वंचित नहीं रह सकता। जिस कारण पल्मोनरी इंफेक्शन की सम्भावना बनी रहती है। इसी तथ्य को ध्यान में रखते हुए कोल माइंस क्षेत्रों में टीबी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। शिवानी कोल माइंस वंशीपुर में शिविर के दौरान 37 लोगों का सेम्पल कलेक्शन कर जांच हेतु भेजा गया।
शिविर में कोल माइंस के सिनियर माइनिंग सरदार सतीश तिवारी ने कर्मचारियों को समझाइश देते हुए कहा कि टीबी की बिमारी का जांच और उपचार आसान हो गया है। टीबी के बिमारी का एक स्लोगन बहुत ही महत्वपूर्ण है पुरा कोर्स पक्का इरादा। व्यक्ति की इच्छा शक्ति कभी कमजोर नहीं होना चाहिए।
मजबूत इरादों से हर कार्य आसान होता है। पिरामल फाऊंडेशन के जिला कार्यक्रम समन्वयक राज नारायण द्विवेदी ने कहा कि एक पाजेटीव टीबी रोगी दस से पंद्रह लोगों को फैलाता है इसलिए जब भी आप लोग अपने किसी साथी में टीबी के सम्भावित लक्षण देखे बलगम का जांच करवाने का सलाह दे । ऐसा करने से आप भी टीबी संक्रमण से बचेंगे और साथी को भी बचायेंगे। टीबी को समूल नष्ट करने के लिए ज्यादा से ज्यादा व्यक्तियों का जांच होना चाहिए।
सिनियर ट्वीटमेंट सुपरवाइजर रामविलास ने कहा कि टीबी पेसेंट कभी भी दवा छोड़ छोड़कर न खायें नहीं तो टीबी घातक बन सकती। नशा-पानी से दूर रहकर नियमित दवा खाना चाहिए। आर एच ओ राम प्रताप गुप्ता ने कहा कि व्यक्ति का पोषण यदि ठीक-ठाक है तो कोई भी बिमारी आसपास नहीं फटकती और नशा से दूर रहना अति आवश्यक है। नशा सेवन के कारण बिमारी ठीक नहीं होती। आर एच ओ जरही के बाबुलाल चौधरी ने ने कहा कि धुम्रपान की लत से कई प्रकार के बिमारियों का जन्म होता है। गांजा सिगरेट और बीड़ी पीने से सीधा फेफड़े पर प्रभाव पड़ता है। जिससे टीबी होने की सम्भावना ज्यादा रहती है।
जिले में अब तक 104.4 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज
जिले में 01 जून से 03 जुलाई तक 104.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 214.0 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 49.4 मिमी. बोरी तहसील में दर्ज की गई है।
इसके अलावा तहसील दुर्ग में 72.9 मिमी, तहसील धमधा में 60.4 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 79.6 मिमी और तहसील अहिवारा में 149.8 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 03 जुलाई को तहसील दुर्ग में 1.0 मिमी, तहसील धमधा में 0.0 मिमी, तहसील अहिवारा में 0.0 मिमी, तहसील बोरी में 0.0 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 2.0 मिमी एवं तहसील पाटन में 0.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई है।
जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक
कलेक्टोरेट स्थित आदिमजाति कल्याण विकास कार्यालय में विगत दिवस अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम 1995 एवं संशोधित नियम 2016 योजना अंतर्गत जिला सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में हेमंत कुमार सिंहा सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दुर्ग द्वारा एजेण्डावार जानकारी प्रस्तुत की गई। जिस पर समिति के सदस्यों द्वारा बिन्दुवार विस्तृत चर्चा की गयी। जिसके अंतर्गत चतुर्थ त्रैमास अक्टूबर 2023 से दिसंबर 2023 तक कुल 04 प्रकरण प्राप्त होने के संबंध में जानकारी समिति के समक्ष प्रस्तुत की गई।
द्वितीय त्रैमास माह अप्रैल 2024 से जून 2024 तक दर्ज प्रकरणों की समीक्षा की गई। उप पुलिस अधीक्षक आदिम जाति कल्याण दुर्ग द्वारा अनुसूचित जाति/अनुसुचित जनजाति अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरण एवं उन पर की गई कार्यवाही की एवं विशेष लोक अभियोजक दुर्ग द्वारा अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार अधिनियम के तहत दर्ज प्रकरणों के संबंध में संपादित की गई न्यायालीन प्रक्रिया से संबंधित प्रगति की समीक्षा कर अन्य आवश्यक बिन्दुओं पर भी चर्चा की गई। बैठक में डॉ. सीबीएस बंजारे डीएमओ दुर्ग, अनुरेखा सिंह उप संचालक अभियोजन, राजकुमार देवांगन विशेष लोक अभियोजन, विनोद कुमार मिंज उप पुलिस अधीक्षक (आजाक) प्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
जनदर्शन : मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता से एक सप्ताह के भीतर 5 वर्षीय नूतन की आंख का हुआ इलाज
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की संवेदनशीलता से पांच वर्षीय नूतन ठाकुर की आंख का इलाज एक सप्ताह के भीतर हो गया है। नूतन की आंख में खेल-खेल में चोट लग गई थी जिससे उसका रेटिना खराब हो गया था। उसके पिता श्री काशी ठाकुर मुख्यमंत्री निवास में 27 जून को आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के पास पहुंचे और उनसे नूतन की आंख का इलाज करने के लिए सहायता प्रदान करने का आग्रह किया। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल अधिकारियों को नूतन का बेहतर से बेहतर इलाज करने के निर्देश दिए ।
संवेदनशील मुख्यमंत्री की सख्त कार्रवाई : सेजबहार में सरकारी जमीन से हटाया गया बेजा कब्जा, पक्के निर्माण और तार फेंसिग घेरा भी तोड़ा
मुख्यमंत्री साय का दूसरा जनदर्शन 4 जुलाई को
मुख्यमंत्री ने स्वामी विवेकानंद की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने महान दार्शनिक और आध्यात्मिक गुरू स्वामी विवेकानंद की 4 जुलाई को पुण्यतिथि पर उन्हें नमन किया है। मुख्यमंत्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि स्वामी जी ने भारतीय दर्शन और आध्यात्म से पूरी दुनिया का परिचय कराया और मानवता के कल्याण का मार्ग दिखाया। छत्तीसगढ़ ने स्वामी जी के उदार, व्यवहारिक और सुधारवादी सिद्धांतों को अपनाया है। स्वामी जी के बचपन का कुछ समय रायपुर में बीता, यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है। आज छत्तीसगढ़ स्वामी जी के दिखाए मार्ग और सिद्धांतों को लेकर आगे बढ़ रहा है। स्वामी जी के अमूल्य विचार सदियों तक लोगों को प्रेरित करते रहेंगे।
डिप्टी सीएम साव से मिले यूनिसेफ के जूनियर चीफ विलियम हेनलोन
उप मुख्यमंत्री अरुण साव से बुधवार को उनके निवास कार्यालय में यूनिसेफ छत्तीसगढ़-ओड़िशा के जूनियर चीफ विलियम हेनलोन ने सौजन्य मुलाकात की। उप मुख्यमंत्री साव ने उन्हें छत्तीसगढ़ में जल जीवन मिशन और अन्य विकास कार्यों की जानकारी दी। डिप्टी सीएम साव और यूनिसेफ की टीम के बीच जल और इससे जुड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में कार्पोरेट सेक्टर की सहभागिता के लिए ‘जल कोष’ के गठन के संबंध में चर्चा हुई।
उप मुख्यमंत्री साव ने विलियम हेनलोन और उनकी टीम के सदस्यों वॉश एंड क्लाइमेट स्पेश्लिस्ट श्वेता पटनायक तथा वॉश प्रोग्राम ऑफिसर बिरोजा सतपथी को छत्तीसगढ़ के विकास के लिए यूनिसेफ द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रमों में राज्य शासन द्वारा पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने राज्य के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर साझा प्रयासों के बारे में भी चर्चा की।
मुख्यमंत्री से पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप के विजेता भागवत राव ने की मुलाकात
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से बुधवार को उनके निवास कार्यालय में एशियन मेन्स इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक विजेता भिलाई के जे. भागवत राव ने मुलाकात की। राव ने 5 से 11 मई को हांगकांग में आयोजित एशियन मेन्स इक्विप्ड पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप प्रतियोगिता के 66 किलोग्राम वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर ओवरऑल तीसरा स्थान प्राप्त किया। वे इस प्रतियोगिता के तहत आयोजित स्कॉट प्रतियोगिता में कांस्य पदक, बेंच प्रेस में कांस्य पदक और डेडलिफ्ट स्पर्धा में भी कांस्य पदक हासिल किया है।
मुख्यमंत्री साय ने इस उपलब्धि के लिए उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि आपकी इस शानदार उपलब्धि ने प्रदेश को भी गौरवान्वित किया है। इससे उभरते हुए खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और युवाओं में भी खेल को अपना कैरियर बनाने एक सकारात्मक संदेश जाएगा।
पावरलिफ्टर खिलाड़ी भिलाई के जे. भागवत राव इंटरनेशनल और नेशनल प्रतियोगिताओं में लगातार शानदार प्रदर्शन करते आ रहे हैं। वे इससे पहले इंदौर में आयोजित फैडरेशन कप मेन्स पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, आंध्र प्रदेश के संतपल्ली में आयोजित राष्ट्रीय सीनियर मेन्स पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक, तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आयोजित राष्ट्रिय जूनियर मेन्स पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक के आलावा कई प्रतियोगिताओं में भी पदक हासिल कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और आगामी प्रतियोगिताओं के लिए सुभकामनाएं भी दी।
स्कूल जतन योजना से सहेजे जा रहे जिले के शाला भवन, किया जा रहा जीर्णोद्धार
नवीन शैक्षणिक सत्र प्रारम्भ होते ही विद्यार्थियों को प्रवेश देने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर नीलेश कुमार महादेव क्षीरसागर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा विकासखंडवार बैठक आयोजित कर सभी शासकीय विद्यालयों की स्थिति की समीक्षा की गई।
इस दौरान प्रत्येक विद्यालय के मूलभूत आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एकल शिक्षकीय एवं शिक्षक विहीन शालाओं में अतिथि शिक्षकों की पदस्थापना की जा रही है। इसके अलावा ऐसे जर्जर विद्यालय जो मरम्मत योग्य हैं, उनके फोटोग्राफ सहित मानक प्राक्कलन तैयार कर तकनीकी स्वीकृति के साथ प्रस्तुत करने विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है तथा स्कूल जतन योजना व समग्र शिक्षा से संचालित निर्माण कार्यों को अति शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि स्कूल जतन योजना के तहत 677 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 374 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 303 कार्य अभी प्रगतिरत हैं। कलेक्टर ने सभी अधूरे भवन निर्माण कार्य को आगामी 15 जुलाई तक पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।
उक्त योजना से जहां शालाओं की मरम्मत कराई गई है, उन विद्यालयों का कायाकल्प हो चुका है। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कांकेर विकासखंड में शासकीय प्राथमिक शाला सातलोर, माध्यमिक शाला अंजनी, उत्कृष्ट विद्यालय पटौद, सरोना, दुधावा, माटवाड़ा लाल, नांदनमारा में निर्माण एवं सुधार कार्य पूर्ण हुए हैं, वहां के विद्यार्थी और पालक शालाओं के भवन के रंगरोगन और परिवेश से खुश नजर आ रहे हैं।
जिले में स्कूल जतन योजना से ही शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तरांदुल की कक्षाओं को वंदे भारत ट्रेन का आकर्षक रूप दिया गया है जिसे बाहर से भी लोग उत्सकुतावश देखने आते हैं।
इसी तरह भानुप्रतापपुर के भानबेड़ा, प्राथमिक शाला कठौली, उमावि चिचगांव, प्रा.शा. तुएगहन, प्राथमिक व माध्यमिक शाला बारवी, प्रा.शा . मूंगवाल, चारामा विकासखंड में प्रा.शा मुड़धोवा, प्राथमिक शाला कानापोड़, प्राथमिक शाला गीतपहर, प्रा.शा पलेवा, मा. शा . जैसाकर्रा, गिरहोला, मैनपुर, उमावि पंडरीपानी, जेपरा, बड़गांव, डुमाली, बागोडार, में मुख्यमंत्री जतन योजना से अच्छे एवं बेहतर कार्य हुए हैं। नरहरपुर में मा. शा. गट्टागुडूम, मा. शा. चंवाड़, प्रा. शा. मुड़पार,मा. शा. ढेकुना, प्रा. शा. आमापानी, बुदेली में भी योजना के तहत बेहतर निर्माण कार्य हुए हैं।
इसी तरह दूरस्थ विकासखंडों में कोयलीबेड़ा में पीव्ही 44, प्राषा पखांजूर, मा. शा. घोटिया, प्रा. शा. पी व्ही 39, प्रा. शा. मूरावंडी, दुर्गूकोंदल में प्रा. शा. आमाकड़ा, मा शा डुवा, मा शा . परभेली, मा शा 0 तरहुल, मा शा झिटकाटोला ऐसे विद्यालय हैं जहां पर अच्छे निर्माण कार्य हुए हैं।
यह सभी कार्य शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से कराए गए हैं। इन शालाओं में मरम्मत होने से छात्रों एवं पालकों का रूझान भी इन विद्यालयों के प्रति बढ़ा है। विद्यालयों का कायाकल्प करने व आकर्षक बनाने की वजह से पालक अपने बच्चों को इन स्कूलों में दाखिला करा रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि कलेक्टर कांकेर ने ऐसे सभी विद्यालय जिनकी मरम्मत की जानी है, का प्राक्कलन के साथ सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं जिसके लिए 150 से अधिक विद्यालयों का मानक प्राक्कलन तैयार कर लिया गया है।
बलार जलाशय में मत्स्य पालन के लिए आवेदन 15 तक
छत्तीसगढ़ राज्य मछली पालन विभाग क़े अधीनस्थ जिला बलौदाबाजार -भाटापारा में स्थित बलार सिंचाई जलाशय को मत्स्य पालन, मत्स्याखेट एवं मत्स्य विक्रय क़े लिए 10 वर्ष क़े पट्टे पर देने हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है।
इच्छुक समिति या समूह अपना आवेदन 15 जुलाई 2024 तक कार्यालयीन दिवस एवं समय पर कार्यालय सहायक संचालक मछली पालन बलौदाबाजार में आवेदन दे सकते हैं। अधिक जानकारी क़े लिए उक्त कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।
कलेक्टर ने स्कूली बच्चों से वितरित पुस्तकों की ली जानकारी, स्वयं बैग खोलकर भी देखा
कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह धरसींवा के ग्राम कुरा में स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में पहुंचे। कलेक्टर ने स्कूल से निकलने वाले बच्चों को रूकवाया और उनके बैग को खोलकर स्वयं देखा और वितरित पुस्तकों की जानकारी ली। कलेक्टर ने स्कूल की तरफ से पुस्तकें मिलने की बात पूछी। इस दौरान बच्चों ने कलेक्टर को बताया कि पुस्तकें मिल चुकी है और सुरक्षित करने कवर भी लगा दिए है। इस पर कलेक्टर ने कहा कि अच्छे से पढ़ाई कीजिए। कलेक्टर ने कुरा के शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में पहुंचकर बच्चों से बातचीत की। कलेक्टर ने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और स्कूल खुलने के टाइमिंग को भी पूछा। साथ ही स्कूल परिसर के जर्जर और पुराने भवन को नष्ट करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने उस स्थान को उपयोगी बनाने के लिए कहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ विश्वदीप, सहायक कलेक्टर अनुपमा आनंद और एसडीएम नंदकुमार चैबे उपस्थित थे।
कलेक्टर ने चखा मध्यान्ह भोजन का स्वाद
कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने ग्राम कुरा के स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल में मध्यान्ह भोजन कीचन का अवलोकन किया। कलेक्टर ने जल्द ही कीचन शेड को सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद कलेक्टर कुरा के आंगनबाड़ी केंद्र में पहुंचे और मध्यान्ह भोजन का स्वाद चखा। कलेक्टर ने वहां की व्यवस्थाओं को भी देखी। कलेक्टर ने आंगनबाड़ी केंद्रों के बाहर पौधेरोपण करने के निर्देश दिए और फेंसिंग करने के लिए भी कहा। इसके अलावा शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला कुरा के मध्यान्ह भोजन कीचन का अवलोकन किया और आवश्यक निर्देश दिए।
राज्य खेल अलंकरण पुरस्कार एवं डाईट मनी के लिए आवेदन 10 तक
छत्तीसगढ़ शासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा प्रतिवर्ष खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों को खेल पुरस्कार प्रदान कर राज्य खेल अलंकरण से सम्मानित किया जाता है। यह पुरस्कार राज्य के लिए उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों/ प्रशिक्षकों/ निर्णायकों/ को प्रदान किये जाते है।
राज्य खेल अलंकरण के अंतर्गत सीनियर वर्ग में शहीद राजीव पाण्डे पुरस्कार, जूनियर वर्ग में शहीद कौशल यादव पुरस्कार, विगत 5 वर्षों में चार बार सीनियर वर्ग में राष्ट्रीय चौम्पिनशिप में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रतिनिधित्व करने वाले महिला, पुरूष खिलाड़ियों को शहीद पंकज विक्रम सम्मान, प्रशिक्षकों / निर्णायकों को वीर हनुमान सिंह पुरस्कार, खेल से जुड़े 55 वर्ष या अधिक उम्र के अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लिया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या संबंधित ने ऐसी कोई उन्हें शहीद विनोद चौबे सम्मान, तथा सीनियर व जूनियर वर्ग में राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त दल को मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान किया जायेगा। पुरस्कार के अतिरिक्त मानपत्र, अलंकरण फलक, ब्लेजर एवं टाई प्रदान की जावेगी।
राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक प्राप्त विजेताओं को प्रोत्साहन नियम के तहत नगद राशि पुरस्कार अलंकरण प्रदान किया जाता है। वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 {01 अप्रैल से 31 मार्च तक 02 वर्ष} जिन खिलाड़ियों ने सब जूनियर, जूनियर एवं सीनियर वर्ग की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हैए वे खिलाड़ी जिला कार्यालय एवं अपने खेल संघो से आवेदन फार्म प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक अपना आवेदन जमा कर सकेंगे।
इसी प्रकार खेलवृत्ति {डाईट मनी} के लिए जिन खिलाड़ियों ने अधिकृत राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पदक प्राप्त किया हो या राष्ट्रीय प्रतियोगिता में प्रतिनिधित्व किया होए खेलवृत्ति हेतु आवेदन कर सकेंगें खेलवृत्ति हेतु अधिकतम आयु 19 वर्ष से अधिक नहीं होना चाहिए।
खेल संघो से प्रोत्साहन के लिए उनके द्वारा वर्ष 2021 एवं 2022 {01 अप्रैल से 31 मार्च दो वर्ष के लिये} अर्जित की गई उपलब्धि के लिए प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय या संचालनालय में निर्धारित तिथि तक जमा कर सकेंगे। पुरस्कार, नगद राशि, खेल वृत्ति एवं प्रेरणा निधि के आवेदन जिला कार्यालय एवं राज्य खेल संघो से प्राप्त किये जा सकते हैं।
शहीद पंकज विक्रम सम्मान के आवेदन संघो के माध्यम से नियमानुसार निर्धारित प्रक्रिया के तहत राज्य खेल संघों की अनुशंसा सहित प्राप्त किये जायेंगे। खेल संघ पृथक.पृथक वर्षवार दो पुरस्कारों ;एक महिलाए एक पुरूष खिलाड़ीद्ध के लिये वरीयता के आधार पर 2-2 खिलाड़ियों के नाम की अनुशंसा कर सकेंगे।
जिला कार्यालय/संचालनालय में राज्य खेल संघो से अनुशंसा सहित आवेदन जमा करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 10 जुलाई 2024 निर्धारित की गई है आवेदन पत्रों का प्रारूप विज्ञापन विभाग की वेबसाइट http://sportsyw.cg.gov.in पर उपलब्ध है। खिलाड़ी खेल संबंधी विवरण प्रस्तुत करते हुए 10 जुलाई 2024 तकए कार्यालयीन समय में संचालनालयए खेल एवं युवा कल्याणए सरदार वल्लभ भाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियमए जी. ई. रोड़, रायपुर या खेल विभाग सूरजपुर में अपना आवेदन सीधे जमा कर सकते हैं।

