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कांग्रेस अधिवेशन को बाधित करने कार्रवाई कर रही थी ईडी : मोहन मरकाम

   नान-चिटफंड घोटाले की जांच कब करेगी ईडी : सुशील आनंद शुक्ला

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, महापौर एजाज ढेबर ने राजीव भवन में पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम ने कहा कि कांग्रेस अधिवेशन को बाधित करने के लिये केन्द्र की मोदी सरकार ने अनेको हथकंडे अपनाये। हमारे नेताओं के यहां ईडी के छापे मारे हमारे नेताओं को अधिवेशन में आने से रोका गया था। हमारे अधिवेशन की तैयारी में जुटे नेताओं को टारगेट किया गया, ताकि अधिवेशन असफल हो। यही नहीं अधिवेशन में काम करने वाले कारोबारी के यहां भी ईडी वाले गए। उनकी लाखों कोशिशों के बावजूद कांग्रेस का अधिवेशन ग्रैंड सफल रहा। देश भर से अतिथि आये, और कांग्रेस के अधिवेशन की तारीफ करके गये। भाजपा की मोदी सरकार ने अधिवेशन को रोकने के लिये जो हथकंडे अपनाया वह तो अंग्रेज भी नहीं अपनाते थे। आजादी के पहले कांग्रेस के 58 अधिवेशन हुए। कांग्रेस ने आजादी की लड़ाई के लिये अपने हर अधिवेशन में अंग्रेजी सरकार के खिलाफ अनेको प्रस्ताव पारित किये। इसके बावजूद अंग्रेजी सरकार ने कांग्रेस के अधिवेशन पर रोक नहीं लगाया था। भाजपा की केंद्र सरकार का चरित्र इतना आलोकतांत्रिक है कि वह विपक्ष का अधिवेशन बर्दाश्त नहीं कर पा रही। कांग्रेस के अधिवेशन में उठाये गये सवालों का भाजपा के पास मोदी के पास कोई जवाब नहीं है। अडानी के घोटाले का मोदी के पास कोई जवाब नहीं। उन्हें बीमार सोनिया गांधी पर छाता लगाये जाने पर आपत्ति है। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को अमित शाह धकियाते है तो मोदी की बोलती बंद रहती है।कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भाजपा शासनकाल के दौरान अनेकों बड़े-बड़े घोटाले हुये इनमें से दो महत्वपूर्ण घोटाले थे 36,000 करोड़ का नान घोटाला तथा दूसरा 6,000 करोड़ रू. से अधिक का चिटफंड घोटाला। नान घोटाले में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और उनके परिजनों के संलिप्त होने के प्रमाण नान डायरी में आये। नान डायरी में सीएम सर, सीएम मैडम, ऐश्वर्या रेसीडेंसी वाली मैडम का अनेक उल्लेख आये। भाजपा शासनकाल में हुए हजारों करोड़ों के ‘‘नॉन घोटाले’’ की जांच के लिये ई.डी. द्वारा वर्ष 2019 में प्रकरण दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी द्वारा आपको रमन सिंह एवं उनके परिवार की ‘‘नॉन घोटाले’’ में शामिल होने एवं लाभान्वित होने के सभी क्रमांक कई माह पहले ही दिये जा चुके हैं। उसी तरह वर्ष 2008 से 2018 के बीच पूरे राज्य में रमन सरकार के संरक्षण में लाखों गरीब परिवारों के खून-पसीने की जमा पूंजी चिटफंड कंपनियों द्वारा लूटी गयी है। तत्कालीन मुख्यमंत्री रमन सिंह, मंत्री गण, रमन सिंह के सांसद पुत्र अभिषेक सिंह, उनकी पत्नी वीणा सिंह ने इन चिटफंड कंपनियों के दफ्तरों का उद्घाटन किया था। उनकी ब्रांडिंग से प्रभावित होकर लोगों ने चिटफंड कंपनियों में अपनी गाढ़ी कमाई का पैसा निवेश किया था। प्रभावशाली भाजपा नेताओं के लुटेरी चिटफंड कंपनियों को संरक्षण दिये जाने की प्रमाणित शिकायत भी मुख्यमंत्री द्वारा की जा चुकी है। 10 वर्षों तक राज्य में ठगी एवं लूट का तांडव मचाने वाली चिटफंड कंपनियों को गरीबों से पैसे लूटने की छूट के बाद उनको राज्य से भागने पर रमन सरकार के आंख मूंदे रहने से बड़ा प्रमाण और क्या हो सकता है? विगत दिनों अखिल भारतीय कांग्रेस के महाधिवेशन में बाधा उत्पन्न करने के उद्देश्य से ईडी द्वारा कांग्रेस के प्रमुख पदाधिकारियों के घर छापेमारी की कार्यवाही की गयी, उसके पूरे राज्य की जनता में रोष व्याप्त है। ईडी भाजपा की अनुषांगिक संगठन मात्र नहीं है तो आप ‘‘नॉन घोटाले’’ एवं चिटफंड घोटाले में शामिल भाजपा नेताओं के विरुद्ध शीघ्र प्रभावी कार्यवाही करें। अन्यथा राज्य की जनता से यह कहकर माफी मांग लें की भाजपा के आकाओं ने आपको सिर्फ राजनीतिक प्रतिशोध के उद्देश्य से सिर्फ निर्दोष कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करने हेतु अधिकृत किया है। यदि भाजपा नेताओं के विरुद्ध शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो कांग्रेसी कार्यकर्ताओं द्वारा ईडी कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना आरंभ किया जाएगा और हमारा धरना तब तक जारी रहेगा जब तक नान घोटाले तथा चिटफंड घोटाले के भाजपा नेताओं के विरुद्ध कार्यवाही नहीं की जाती।महापौर एजाज ढेबर ने कहा कि विगत लगभग 8 माह से छत्तीसगढ़ की भूपेश सरकार को बदनाम करने मात्र के उद्देश्य से केन्द्र सरकार व राज्य की भाजपा के ईशारे पर ई.डी. द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य में 2020 से 2022 के बीच 600 करोड़ के कोयला घोटाला होने की काल्पनिक कहानी बनायी गयी है। ई.डी. की कहानी में कथित “कोल स्कैम“ का सूत्रधार सूर्यकांत तिवारी को बताया गया है तथा छल-कपट- बलपूर्वक यह सिद्ध करने का षड्यंत्र किया जा रहा है । ई.डी. की कहानी में सच्चाई होती तो उनके अधिकारियों को थर्ड ग्रेड हथकन्डे नहीं अपनाने पड़ते। ई.डी. अधिकारियों के सर्वोत्तम प्रयासों के बावजूद भी अभी तक फर्जी कहानियों को प्रमाणित नहीं किया जा सका है। इसी हताशा में ई.डी. द्वारा अब कांग्रेस के नेताओं को टार्गेट कर उनके विरूद्ध झूठे प्रकरण बनाये जा रहे हैं। पूरे छत्तीसगढ़ राज्य की जनता यह जानती है कि सूर्यकांत तिवारी के डॉ. रमन सिंह और राज्य भाजपा के प्रमुख नेताओं से घनिष्ट संबंध रहें है और उन्ही के शासन में सूर्यकांत तिवारी ने कोयला व्यापार शुरू किया। सूर्यकांत तिवारी एवं जोगेन्दर द्वारा वर्ष 2010 से अडानी समूह के कोल व्यापार से संबंध होकर उनके लिये कोल व्यापार आरंभ किया। विगत 3-4 वर्षों में अडानी समूह की भागीदारी में लगभग 100 मैट्रिक टन कोयले का परिवहन सूर्यकांत एवं जोगेन्दर द्वारा किया गया। इससे सूर्यकांत तिवारी, जोगेन्दर एवं अडानी समूह को 100-100 करोड़ का लाभ हुआ, अडानी समूह को उनके लाभ के हिस्से की पूरी राशि सूर्यकांत तथा जोगेन्दर द्वारा हवाले के माध्यम से भेजी गयी है। सूर्यकांत तिवारी एवं जोगेन्दर द्वारा अपने निकट मित्रों एवं संबंधियों को उक्त जानकारी स्वयं ही दी थी। उन दोनों ने यह भी बताया था कि आयकर अधिकारियों द्वारा जून 2022 में उनके घरों से जब्त मोबाईल में अडानी को करोड़ों की राशि अवैध रूप से हवाला के माध्यम से भेजे जाने के सारे प्रमाण मौजूद हैं। अडानी समूह को हवाला के माध्यम से करोड़ो की राशि के पूरे प्रमाणित दस्तावेज आयकर अधिकारियों द्वारा निश्चित रूप से ई.डी. के अधिकारियों को दिये गये होंगे, क्योंकि ईडी को पूरा केस आयकर छापों में जब्त दस्तावेजों एवं बयानों के आधार पर किया गया है। यह अत्यंत ही आश्चर्य की बात है कि ई.डी. अथवा आयकर अधिकारियों द्वारा अडानी समूह के संचालकों के विरूद्ध अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गयी है। अडानी समूह के बड़े पदाधिकारी अमन सिंह एवं उनके आका डॉ. रमन सिंह के ईशारे पर ये गंभीर षडयंत्र ई.डी. के अधिकारियों द्वारा किया गया है। यह जगजाहिर है कि वर्ष 2003 तक डॉ. रमन सिंह मध्यवर्गीय परिवार से तथा उनके पास कुछ पैतृक संपत्ति के अतिरिक्त अन्य कोई संपत्ति नहीं थी । परन्तु 2018 के विधानसभा चुनाव के लिये डॉ. रमन सिंह द्वारा दाखिल शपथ पत्र में उनकी संपत्ति वर्ष 2008 में 1.04 करोड़ तथा 10 वर्ष बाद अर्थात 2018 में 10.72 करोड़ रूपये होना दर्शाया गया है। रमन सिंह बताये उन्होंने क्या व्यवसाय किया था जो इतनी संपत्ति बढ़ गयी।

 

 

 

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सीएम बघेल 6 मार्च को पेश करेंगे बजट...

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट 6 मार्च को पेश होगा वहीँ प्रदेश में विधानसभा का बजट सत्र एक मार्च यानी बुधवार से शुरू होने जा रहा है।

राज्यपाल के अभिभाषण के साथ सत्र का आगाज होगा। इस दौरान 14 बैठकें होंगी। जानकारी के अनुसार छह मार्च को राज्य सरकार बजट प्रस्तुत कर सकती है। 24 मार्च तक चलने वाले इस सत्र में कुल 14 बैठकें आयोजित की जाएंगी।

 

होली के कारण सात मार्च से 12 मार्च तक विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलेगी। एक मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण और कृतज्ञता प्रस्ताव पर चर्चा होगी। वित्त विभाग के अधिकारियोें की मानेें तो छह मार्च को मुख्यमंत्री और वित्त विभाग के भारसाधक मंत्री भूपेश बघेल वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करेेंगे। चुनावी साल मेें नई सौगातों के साथ मुख्यमंत्री बघेल आखिरी बजट पेश करेेंगे।

 

 

विधानसभा चुनाव से पहले इस अंतिम सत्र को लेकर भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के नेताओं ने तैयारी कर ली है। विपक्षी दल कानून व्यवस्था समेत कई मुद‌्दों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी कर रही है। वहीं, चुनावी बजट होने के कारण लोगों को सरकार से कई राहतें मिलने की उम्मीद भी है। 

 

 

 

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रविवि की वार्षिक परीक्षा 1 मार्च से

  रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)प्रदेश के सबसे बड़े रविशंकर विश्वविद्यालय की वार्षिक परीक्षा 1 मार्च से शुरू हो रही है। रविवि की परीक्षा 3 साल बाद ऑफलाइन मोड में होगी।

वार्षिक परीक्षा में 1 लाख 60 हजार छात्र परीक्षा में शामिल होंगे। रविवि ने इस बार 84 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। नकल रोकने रविवि प्रबंधन ने उड़नदस्ता टीम की भी गठित की।

 

बीएससी, बीकॉम, बीए, एमएससी, एमकॉम, एमए की परीक्षाओं का आयोजन तीन पालियों में किया जाएगा। वहीं, उन्होंने यह भी बताया है कि वार्षिक परीक्षा के ​लिए छात्रों को ऑनलाइन फॉर्म भरना होगा। ऑनलाइन फॉर्म 1 दिसंबर से मिलना शुरू हो जाएगा। बता दें कि इस संबंध में अभी विश्वविद्यालय की ओर से कोई निर्देश जारी नहीं किया गया है, लेकिन जल्द ही निर्देश जारी किया जाएगा।

 

 

 

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रायपुर शहर में 28 को नहीं मिलेगा पानी,

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर शहर में मंगलवार को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ सकता है। दरअसल, दोपहर में 3500 किलोलीटर क्षमता वाले प्रभात टाकीज (गंज) पानी टंकी के वाल्ब को बदलकर साफ-सफाई की जाएगी। इससे शाम को होने वाली जलापूर्ति ठप रहेगी।

गंज पानी टंकी से जोन दो के अंतर्गत आने वाले मौदहापारा, फाफाडीह और चूनाभटठी तथा जोन सात के समता कालोनी व केलकरपारा स्टेशन रोड (इंदिरा गांधी वार्ड) में पेयजल की आपूर्ति की जाती है। जोन दो के कमिश्नर डाक्टर आरके डोंगरे ने बताया कि पानी टंकी से संबंधित क्षेत्रों में छह बजे की जाने वाली संध्याकालीन जलापूर्ति नहीं होगी। बुधवार की सुबह से जलापूर्ति सुचारू रूप से होने लगेगी।

 

उन्होंने रहवासियों से काम कराए जाने से होने वाली असुविधा को लेकर खेद व्यक्त किया है। जोन दो के कमिश्नर का कहना है कि समय-समय पर पानी टंकियों की सफाई कराई जाती है। यदि कहीं से ज्यादा पेयजल संकट की शिकायत मिलती है तो टैंकर से आपूर्ति की जाएगी। हालांकि, इसकी उम्मीदें काफी कम हैं।

 

 

 

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प्रदेश में गोबर से पेंट बनाने की 13 इकाईयां हुई स्थापित, 29 ईकाइयां प्रक्रियाधीन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की पहल पर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी नरवा, गरुवा, घुरवा और बाड़ी व गोधन न्याय योजना के तहत गौठानों में गोबर से वर्मी कम्पोस्ट के साथ ही अन्य सामग्रियों का निर्माण महिला स्व सहायता समूहों के द्वारा किया जा रहा हैं। गौमूत्र से फसल कीटनाशक और जीवामृत तैयार किये जा रहे हैं। 

महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क योजना (रीपा) आत्मनिर्भरता और सफलता की नई इबारत लिख रही है। इन सबके साथ अब गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने का काम भी पूरे प्रदेश में शुरू हो चुका है महिलाएं प्रशिक्षण लेकर स्व सहायता समूहों के माध्यम से पेंट का निर्माण कर रही हैं। 

गोबर से प्राकृतिक पेंट का निर्माण, सभी शासकीय भवनों में अनिवार्य रूप से इस्तेमाल करने के निर्देश 

 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्देशानुसार गोबर से प्राकृतिक पेंट के निर्माण के लिए राज्य में 42 उत्पादन इकाइयों को स्वीकृती दी गयी है। इनमें से 13 उत्पादन इकाइयों की की स्थापना हो चुकी है जबकि 21 जिलों में 29 इकाइयां  स्थापना के लिए प्रक्रियाधीन हैं। शासन का निर्देश है कि सभी शासकीय भवनों में अनिवार्य रूप से गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट का इस्तेमाल हो।

 

 


 

15 दिनों के अंदर ही 60 हजार रूपए तक के गोबर पेंट का विक्रय

कोरिया जिले के ग्राम मझगंवा में महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क योजना के तहत यहां गोबर से प्राकृतिक पेंट बनाने की इकाई  शुरू हो गयी है। यहां प्रगति स्व सहायता समूह की महिलाओं को प्रशिक्षित कर पेंट बनाने का कार्य शुरू किया गया है। 15 दिनों के अंदर ही समूह ने 800 लीटर पेंट बनाया है जिसमें से 500 लीटर पेंट का विक्रय किया जा चुका है। पेंट की कीमत लगभग 60 हजार रुपये है। गोबर से बने प्राकृतिक पेंट को सी-मार्ट के माध्यम से खुले बाजार में बेचने के लिए रखा जा रहा है। 

पर्यावरण के अनुकूल है प्राकृतिक पेंट 

गोबर से निर्मित प्राकृतिक पेंट में एंटी बैक्टीरियल, एंटी फंगल, पर्यावरण अनुकूल, प्राकृतिक ऊष्मा रोधक, किफायती, भारी धातु मुक्त, अविषाक्त एवं गंध रहित गुण पाये जाते हैं। गुणों को देखते हुये छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्त शासकीय भवनों की रंगाई हेतु गोबर से प्रकृतिक पेंट के उपयोग के निर्देश दिये गए हैं।


पेंट निर्माण से ग्रामीण महिलाओं को हो रहा लाभ 

गोबर से पेंट बनाने की प्रक्रिया में पहले गोबर और पानी के मिश्रण को मशीन में डालकर अच्छी तरह से मिलाया जाता है और फिर बारीक जाली से छानकर अघुलनशील पदार्थ हटा लिया जाता है। फिर कुछ रसायनों का उपयोग करके उसे ब्लीच किया जाता है तथा स्टीम की प्रक्रिया से गुजारा जाता है। उसके बाद सी.एम.एस. नामक पदार्थ प्राप्त होता है। इससे डिस्टेम्पर और इमल्सन के रूप में उत्पाद बनाए जा रहे हैं। महात्मा गांधी ग्रामीण औद्योगिक पार्क के अंतर्गत महिला स्व सहायता समूहों द्वारा प्राकृतिक पेंट का उत्पादन उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करने का काम कर रहा है, प्राकृतिक पेंट की मांग को देखते हुए इसका उत्पादन भी दिन ब दिन बढ़ाया जा रहा है। 

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छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र 1 मार्च से, अब तक लगे 1518 प्रश्न

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ विधानसभा का सोलहवां और वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट सत्र 1 मार्च से शुरू होगा। सदन की कार्यवाही 24 मार्च तक चलेगी। इस दौरान कुल 14 बैठकें होगी।

पहले दिन राज्यपाल विश्व भूषण हरिचंदन का अभिभाषण होगा। राज्यपाल हरिचंदन का है पहला अभिभाषण छत्तीसगढ़ विधानसभा में होगा।

 


 

विधानसभा सचिवालय से 25 फरवरी तक 766 तारांकित प्रश्न और 718 अतारांकित प्रश्न ऑनलाइन प्राप्त हुए हैं। इसके साथ ही 15 तारांकित और 19 अतारांकित प्रश्न ऑफलाइन मिले हैं। सचिवालय को अब तक कुल 1518 प्रश्न प्राप्त हुए हैं।

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भाजपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ बूथों में सुना मन की बात कार्यक्रम

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)  प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीके जनता से मन की बात कार्यक्रम के माध्यम से सीधा संवाद करते हैं। मन की बात के कार्यक्रम के प्रदेश संयोजक रामू जगदीश रोहरा ने बताया कि रविवार को  मन की बात कार्यक्रम के 98 वे एपिसोड में मोदी  ने  कहा कि ई संजीवनी सुदूर पहाड़ी क्षेत्र के मरीजों के लिए वरदान साबित हो रही है।

इस ऐप के माध्यम से मरीज सीधे डॉक्टरों से जुड़कर अपनी बीमारियां बता सकता है उनसे सलाह ले सकता है वह उनके अनुसार अपना इलाज भी करवा सकता है। देश के लगभग 10 करोड लोगों ने इस माध्यम से लाभ प्राप्त किया।  उन्होंने कहा कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती अगर जरूरत हो तो आज 70 साल का व्यक्ति भी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल सीख जाता है। और देश की डिजिटल क्रांति ने इसे सच साबित कर दिया है।

 

राजनांदगांव में कार्यकर्ताओं के साथ मन की बात सुनने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने कहा कि क्या कभी कोई कल्पना कर सकता था कि देश का कोई  प्रधानमंत्री रंगोली ,लोरी और गीतों की बात करेगा। उन्होंने कहा कि ऊंचा आसमानों उड़ना है तो जड़ पर अपनी पकड़ मजबूत रहनी चाहिए और मोदी  ने यह बात बताई कि हमारे संस्कृति को समृद्ध के बिना यह संभव नहीं हो पाएगा। 

 

रिसाली भिलाई में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण साव  ने मन की बात कार्यक्रम का कार्यकर्ताओं के साथ श्रवण किया। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया में जहां हम अपने हथियार बना रहे हैं वही बच्चों के खिलौने भी भारत आज स्वयं बना रहा है। यूपीए सरकार में बच्चों के खिलौने भी विदेश से आयात किए जाते थे। आज हम ना केवल इसका निर्माण कर रहे हैं अपितु बहुत से देशों में इसका निर्यात भी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज देश के लोग देश के स्वर को संजोकर रखने के लिए पुराने वाद्य यंत्र का एकत्रीकरण कर रहे हैं यह हमारे मन का संगीत है।

 

 कुशालपुर में मन की बात कार्यक्रम सुनने के बाद विधायक बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि मोदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में हुगली ज़िले के बांसबेरिया में इस महीने 'त्रिबेनी कुम्भो महोत्सव' का आयोजन किया गया। इसमें 8 लाख से ज्यादा श्रद्धालु शामिल हुए लेकिन यह  इतना विशेष इसलिए है क्योंकि इस प्रथा को 700 साल के बाद पुनर्जीवित किया गया है.। उन्होंने कहा कि हमने छत्तीसगढ़ में भी राजिम कुंभ प्रारंभ किया था जो इस  कांग्रेस सरकार ने बंद कर दिया है।

 

रविवार को मन की बात कार्यक्रम में जांजगीर-चांपा में नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने, राम विचार नेताम ने लुण्ड्रा विधानसभा ,रायपुर पश्चिम में पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने, भाजपा महामंत्री केदार कश्यप ने रायपुर में, ओपी चौधरी ने मंदिर हसौद में, विजय शर्मा ने कवर्धा में, धरमलाल कौशिक ने बिल्हा में इसके साथ भाजपा के  प्रदेश पदाधिकारी ,जिला पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं ने बूथों में मन की बात कार्यक्रम सुना।

 

 

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पूरा देश भूपेश बघेल के नेतृत्व क्षमता का कायल है : वोरा

 कांग्रेस के 85 वें अधिवेशन में विधायक वोरा के नेतृत्व में डटे रहे दुर्ग के कांग्रेसी

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण) अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का 85वां राष्ट्रीय महाधिवेशन रायपुर में रविवार को समाप्त हो गया।  इस अधिवेशन में विधायक वोरा के नेतृत्व में दुर्ग के हजारों कांग्रेसी, युवा कांग्रेस एवं एनएसयूआई के सभी पदाधिकारी अपनी पूरी टीम के साथ राजधानी स्थित जोरा में कार्यक्रम स्थल पर डटे रहे।  

इस दौरान राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष अरुण वोरा के नेतृत्व में दुर्ग शहर कांग्रेस कमेटी, अधिवेशन के दौरान वोरा ने कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, कोषाध्यक्ष पवन बंसल, कैसी वेणुगोपाल, रणदीप सुरजेवाला समेत शीर्ष पंक्ति के सभी नेताओं से आत्मीय मुलाकात कर पार्टी हित के लिए चर्चा की।

 

इस दौरान विधायक वोरा ने कहा कि पूरा देश भूपेश बघेल के नेतृत्व क्षमता का कायल हो गया है। यहां तक कि केन्द्र सरकार भी यहां केे कई योजनाओं को लागू की है।

श्री वोरा ने सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी ने भी पारिवारिक संबंध का उल्लेख करते हुए वोरा परिवार का कुशलक्षेम पूछा। विधायक अरुण वोरा ने कहा कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस के लिए यह गौरवपूर्ण क्षण है जबकि देश मे अघोषित आपातकाल के बीच कांग्रेस का महाधिवेशन रायपुर में आयोजित किया जा सका। इस आयोजन की सफलता के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व, कार्यशैली एवं कर्मठता के साथ ही कांग्रेसजनों के समर्पण की जितनी भी तारीफ की जाए कम है।

 

भूपेश बघेल लगातार दो सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री की रेस में सफल हुए हैं उनके नेतृत्व क्षमता के लिए पूरा देश उनकी सराहना करता है। गांव गरीब किसान , मजदूर, महिला एवं युवाओं के लिए महात्मा गांधी की संकल्पना एवं राहुल गांधी जी के विजन के अनुसार राज्य सरकार काम कर रही है। आने वाला समय कांग्रेस का है देश की जनता झूठ ,जुमले एवं मित्रों वाली राजनीति को पहचान चुकी है।

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दुकान के बाहर सामान रखने वाले दुकानदारों और ठेला वालों को निगम ने दी अंतिम चेतावनी


 दुकान के बाहर सामान रखकर व्यापार करने वालें दुकानदारों का सामान करवाये भीतर

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)।नगर पालिक निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकार के मोर शहर मोर जिम्मेदारी के निर्देश पर बाजार विभाग,अतिक्रमण विभाग व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने उतई चौक के करीब फल ठेले वाले,गन्ना रस सहित अन्य खोमचे सड़क किनारे गौरव पथ के आस पास व्यवसाय करने वाले दुकानदारो को अधिकारियों ने चेताया कि अव्यवस्थाओं के कारण नागरिको को आगवमन में बेहद तकलीफ होती है जिससे यातायात व्यवस्था बिगड़ जाती है।अधिकारियों ने दुकान के बाहर सामान रखने वालों को समझाइस देते हुए सामान दुकान के भीतर करवाया और फल ठेले सहित अन्य ठेले वाले दुकानदारो को अंतिम चेतवानी दी है। दोबारा सड़क या दुकान के बाहर सामान सजाकर रखने पर सामान जब्त करने  के साथ ही जुर्माना भी वसूला जायेगा। कार्रवाई के दौरान जावेद अली, दुर्गेश गुप्ता, थानसिंह यादव, शशिकान्त यादव सहित टीम के अन्य लोग मौजूद थे।

मोर शहर मोर जिम्मेदारी अभियान के लिए जिला प्रशासन एवं नगर पालिक निगम साथ मिलकर वेलफेयर के कार्य को और बेहतर स्वरूप देने की तैयारी की है। नगर निगम आयुक्त लोकेश चंद्राकार ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चौक चौराहों सहित बाजार क्षेत्रों में प्रतिदिन निगरानी रखें। शहर के मुख्य मार्ग मुख्य बाजार पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने निगम  द्वारा सड़क किनारे सड़क से कबाड़ वाहन, चौक चौराहो से ठेले खोमचे को व्यवस्थित करने की कार्रवाही करने को कहा गया। सड़क किनारे लोग चाय ठेला, फल ठेला,सब्जी पसरा,खोमचा आदि लगाकर कारोबार कर रहे हैं। इसकी वजह से आवागमन में लोगो को दिक्कत हो रही है साथ ही साथ यातायात भी बाधित हो रहा है।
 
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कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष खडग़े का वोरा ने किया स्वागत

 

 अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में शामिल करने पर जताया अभार

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)।भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस 85 वें राष्ट्रीय महाअधिवेशन में शामिल होने के लिए कांग्रेस के राष्ट्रीय नेताओं का आगमन शुरु हो गया है। यह महाधिवेशन 24 से 26 फरवरी तक शहीद वीर नारायण सिंह नगर नवा रायपुर में आयोजित है। इसका शुभारंभ 24 फरवरी शुक्रवार को होगा।महाधिवेशन से एक दिन पूर्व गुरुवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय नेता पवन बसंल व छग प्रभारी कुमारी शैलेजा सहित कई नेता रायपुर पहुंचे। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल व राज्य भंडारगृह निगम के अध्यक्ष एवं दुर्ग शहर विधानसभा के वरिष्ठ विधायक अरुण वोरा ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खडग़े का स्वागत किया और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी में शामिल किए जाने पर आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष  खडग़े व राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी मोतीलाल वोरा का स्मरण किया और कहा कि आज उनकी कमी महसूस हो रही है।  मोतीलाल वोरा पिछले 6 दशक तक दुर्ग का प्रतिनिधित्व करते रहे है उसके बाद उनके पुत्र अरुण वोरा दुर्ग का प्रतिनिधित्व कर रहे है। मोतीलाल वोरा कांग्रेस के सर्वाधिक लोकप्रिय राष्ट्रीय नेताओं में से एक रहे है। कांग्रेस के सभी वरिष्ठ नेता  वोरा की सक्रियता के कायल रहे है। वोरा ने राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, राष्ट्रीय नेता पवन बसंल व छग प्रभारी कुमारी शैलेजा का भी स्वागत किया।

 

 

 

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सीएम ने सड़क हादसे में 11 लोगों की मृत्यु पर गहरा दुख प्रकट किया

 रायपुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने बलौदाबाजार - भाटापारा मार्ग में बीती रात सड़क हादसे में ग्यारह लोगों की मृत्यु पर गहरा दुःख प्रकट किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को इस घटना के घायलों को इलाज की बेहतर से बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं।

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मुख्यमंत्री का भेंट-मुलाकात कार्यक्रम नन्ही मोहनी के लिए बना वरदान

 दूर हुई पिता की चिंता: मुख्यमंत्री के निर्देश पर शुगर पीड़ित बालिका मोहनी को मिल रहा बेहतर इलाज


मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल का भेंट-मुलाकात कार्यक्रम शुगर पीड़ित दस वर्षीय बालिका मोहनी कौशिक के लिए वरदान साबित हुआ है। मुख्यमंत्री श्री बघेल ने तखतपुर विधानसभा के ग्राम खैरी में विगत 18 जनवरी को आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान सकरी तहसील के ग्राम बहतराई निवासी श्री प्रमोद कौशिक से किये गये वायदे को कुछ ही दिनों में पूरा कर दिया है। श्री कौशिक ने अपनी पुत्री मोहनी कौशिक की शिक्षा और स्वास्थ्य में सहयोग करने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया था। मोहनी, शुगर के टाईप-1 डायबिटीस मेलाईटस बीमारी से ग्रस्त है, इसमें शुगर की मात्रा बढ़ने से नियमित रूप इंसुलिन की जरूरत पड़ती है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नन्ही मोहनी का अब बेहतर इलाज चल रहा है।    
    गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल भेंट-मुलाकात के जरिए प्रदेश की जनता से रूबरू हो रहे हैं और इस दौरान जनता की समस्याओं का निराकरण भी कर रहे हैं। इस दौरान ग्राम खैरी में मुख्यमंत्री श्री बघेल द्वारा शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन का फीडबैक और ग्रामीणों से उनकी समस्याओं और शिकायतों के संबंध में पूछताछ करते समय बात-चीत में श्री कौशिक ने बताया कि उनकी 10 वर्षीय पुत्री को शुगर की बीमारी है। उसे नियमित रूप से इंसुलिन लेने की जरूरत पड़ती है। उन्होंने बीमारी के इलाज में सहयोग की गुहार मुख्यमंत्री से लगाई थी। मुख्यमंत्री ने उन्हें बेहतर इलाज करवाने का भरोसा दिलाया था। श्री बघेल ने मोहनी की समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीम को उचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने एवं बेहतर इलाज के लिए निर्देश दिए। तखतपुर आर.बी.एस.के. टीम द्वारा मोहनी को बिलासपुर जिला अस्पताल के जिला शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र (डी.ई.आई.सी.) रिफर किया गया। जिला अस्पताल एवं डी.ई.आई.सी. टीम द्वारा अब मोहनी का बेहतर उपचार किया जा रहा है। साथ ही मोहनी और उसके परिवार को उचित परामर्श देते हुए इंसुलिन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।  

 

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कांग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन में रायपुर आए थे नेहरू और शास्त्री..


रायपुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में कांगेस का 85 वां अधिवेशन 24,25 और 26 फरवरी को होनेवाला है पर बहुत ही कम लोग जानते हैं कि करीब 62 साल पहले कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन रायपुर में हो चुका है।अविभाजित मध्यप्रदेश में शामिल छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहर रायपुर में 1960 में कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था जिसमे पंडित जवाहर लाल नेहरू, लाल बहादुर शास्त्री, कमलापति त्रिपाठी जैसे वरिष्ठ कांग्रेसी नेता आए थे।

पंडित जवाहर लाल नेहरू राजकुमार कॉलेज में रुके थे तो लाल बहादुर शास्त्री,साइंस कालेज के छात्रावास के वार्डन के सरकारी आवास पर ठहरे थे तो कमलापति त्रिपाठी सहित करीब 70/80 कांग्रेसी छात्रावास में ठहरे थे। (वर्तमान में उमदास मुखर्जी छात्रावास )शारदाचरण तिवारी 1957 से 1962 तक रायपुर विधानसभा से विधायक रहे और ऐसा माना जा रहा है कि उनके कार्यकाल में ही रायपुर में कांग्रेस का राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ था। दरअसल उस समय साइंस कालेज का छात्रावास तब के विधायक शारदाचरण तिवारी ने खाली करवा दिया था।

 

सम्मेलन में क्या तय हुआ था इसकी तो जानकारी नहीं मिल सकी है पर उस समय राजकुमार कॉलेज रायपुर के कार्यक्रम में जवाहर लाल नेहरू ने शिरकत की थी। तब साइंस कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रहे, छात्रावास में रह रहे वरिष्ठ अधिवक्ता तथा लेखक, चिंतक कनक तिवारी का उस समय का संस्मरण उन्ही की जुबानी....

 

 

कोई 62 बरस पहले मैं विज्ञान महाविद्यालय रायपुर में छात्र और छात्रावास का प्रीफेक्ट भी था। दशहरा-दीवाली अवकाश में अखिल भारतीय कांग्रेस सम्मेलन के कारण महाविद्यालय का मैदान, छात्रावास और उपलब्ध प्राध्यापक निवास भी आरक्षित कर दिए गए थे। रायपुर के तत्कालीन विधायक शारदाचरण तिवारी की मदद ने मुझे अपने ही छात्रावास में ठहरने वाले अतिथियों के लिए स्वागत सचिव बनवा दिया। छात्रावास में उत्तरप्रदेश एवं अन्य प्रदेशों से आने वाले प्रतिनिधियों के ठहरने का प्रबंध था।जवाहरलाल नेहरू के कारण राष्ट्रीय एकीकरण के नारे का नशा छाया हुआ था।

 

 

तब चौदह प्रदेशों के प्रतिनिधियों को छात्रावास में ठहरना था, हालांकि एक बड़ा हिस्सा उत्तरप्रदेश के लिए मुकर्रर था। पंडित कमलापति त्रिपाठी आए। एक छोटे कमरे में अपनी खड़ाऊ, पूजापाठ का खटराग तथा आस पास के कमरों में चरण स्पर्श करने वालों की छोटी टीम के साथ ठहर गए।चन्द्रभानु गुप्त बस भरकर प्रतिनिधियों के साथ आए। जानकारी लेने के बाद व्यवस्था को तहस नहस करते समर्थकों को खाली कमरों पर कब्जा जमा लेने का फरमान जारी कर दिया। खुश हुए कि मेरे पूर्वज कानपुर ज़िले के थे। सहसा सामने से एक कार को आता देख सभी चौंक गए। ड्रायवर ने मुझसे मेरे ही छात्रावास के अधीक्षक के बंगले का पता पूछा....चंद्रभानु गुप्त ने बताया कि कार में लाल बहादुर शास्त्री थे। उनके आवास का प्रबन्ध छात्रावास अधीक्षक के बंगले में था। 

 

 

कनक तिवारी ने बताया कि ऑटोग्राफ की बीमारी ने उन्हें कभी तंग नहीं किया पर न जाने किस कीड़े ने काटा कि दूसरे दिन शास्त्री जी का ऑटोग्राफ लेने उनके पास पहुंच गया। वे तब शायद बिना विभाग के मंत्री थे। वे कॉंग्रेस के सत्र में जाने तैयार होकर अखबार और कागजात पढ़ रहे थे। बाहर आकर अभिवादन के बाद सोफे पर बिठाकर पानी मंगवाया। चाय पीने का आग्रह किया। फिर आने का कारण पूछा।एक केन्द्रीय नेता इतना विनम्र था! मैंने अचकचा कर कहा ‘ऑटोग्राफ‘ चाहता हूं।

 

शास्त्रीजी ने ऊपर से नीचे तक मुझे निहारते सहज स्मित शैली में पूछा कि मैं किस कक्षा का विद्यार्थी हूं। मैं स्नातक कक्षा के अन्तिम वर्ष में गणित तथा भौतिकी का छात्र था। उन्होंने मासूमियत से कहा कि उन्होंने तो उतनी ऊंची शिक्षा ही नहीं पाई है। मुझे लगा ऐसा व्यक्ति राजनीति में इतने बड़े पदों तक कैसे पहुंचा? उनकी विनम्रता फिरकी वाली गेंद थी। उस पर चौका, छक्का लगाने के फेर में अच्छे अच्छे सूरमाओं की गेंदे लपक ली गई थीं। यह मुझे बहुत बाद में मालूम हुआ।शास्त्रीजी कलम खोलकर पूछते हैं कि क्या मैं खादी पहनता हूं? स्पष्ट है मैं खादी नहीं पहनता। पूछते हैं खाना पकाना आता है? उत्तर ‘नहीं‘ में होता है। तैरना आता है‘? उत्तर ज़्यादा आश्वस्त ‘नहीं‘ में होता है। पूजा पाठ करता हूँ? उत्तर फिर ‘नहीं‘ में होता है। सवाल उछलता है ‘क्या गांधी की ‘हिन्द स्वराज्य‘ पढ़ी है? ‘नहीं, नहीं‘ कहता मैं झेंपने लगता हूँ। यह भी बता देता हूं कि धोती पहननी भी नहीं आती। दो वर्ष बाद मुझे वेलेस हैन्गेन की किताब ‘आफ्टर नेहरू‘, हू ‘पढ़कर ही मालूम हुआ कि यह आदमी बरसाती बाढ़ में गंगा पारकर पढ़ने जाता था। मेरे ब्राह्मणत्व को पहली बार किसी कायस्थ ने पराजित किया।धीरे-धीरे लेकिन आश्वस्त मुद्रा में आजादी के आन्दोलन में खादी के अर्थशास्त्र पर प्राथमिक सूत्रों में बात करता है। कहता है कि कॉलेज का विद्यार्थी केवल एक जोड़ा खादी के कपड़े पहनने लगें तो खादी ग्रामोद्योग की काया पलट सकती है। उसे नवयुवकों द्वारा पतलून पहनने पर परहेज़ नहीं है।वह शतरंज का एक सधा हुआ खिलाड़ी लगता है।

अपनी गिरफ्त में पाकर कहता है जब तक खादी का एक जोड़ा कपड़ा पहनने का वचन नहीं देता, वह ऑटोग्राफ देना स्थगित रखेगा। समर्पण का कोई विकल्प नहीं है। हारकर मैं उससे मुक्त होता हूं। लेकिन मैं इस आदमी से नहीं हारूंगा। मैं भाषणवीर बन्द कमरे में बुदबुदाने वाले बुजुर्ग से वाक्पटुता में हार गया! यह हठवादी है। वैसा दिखता नहीं है। रेल एक्सीडेन्ट की वजह से मंत्रिमंडल से इस्तीफा दिए बैठा है। नेहरू की बात नहीं मानी। लेकिन इसकी एक बात मान लेने में क्या बिगड़ता है? एक अदद कुर्ता, पाजामा और एक अदद मैं। तीसरे पहर फिर उनके सामने। मुझे नये कपड़ों में देखकर उनकी सरल बांछें खिल गईं। हस्ताक्षर करते हुए बोले ‘मुझे आपसे ऐसी ही उम्मीद थी।‘ मैं कहता हूं कि वादा करता हूं कि जीवन भर खादी के कपड़े अपने पास रखूंगा, पहनूंगा।वे आज नहीं हैं।

 

खादी जिस दिन पहनता हूँ, उनसे ऑटोग्राफ‘ लेने लगता हूं। वैसे हस्ताक्षर करने के क्षण भर पहले  शास्त्रीजी के पास एक फोन आया था। कलम हाथ में रखे वे चिरपरिचित विनम्रता में मना कर रहे हैं। ‘नहीं, नहीं, मैं यहां ठीक हूं। आप पंडितजी को कह दीजिए। मैं वहां बड़े बड़े लोगों के साथ कहां ठहरूंगा।‘ एकाध मिनट बाद फिर फोन की घनघनाती घंटी। फिर वही विनयशीलता, वही दृढ़ उत्तर। सामने वाला पंडित नेहरू का अनुरोध उन तक पहुंचा रहा है। वह अनुरोध तो आदेश था। शास्त्रीजी नेहरूजी को भी विनम्र हठयोग में मनाही कर देते हैं। अच्छा हुआ मैंने उसकी बात मान ली जो नेहरूजी की बात नहीं मानता....।

 

 

बहरहाल कांग्रेस का यह सम्मेलन अधिवेशन तो नहीं था क्योंकि 1961 में गुजरात में नीलम संजीव रेड्डी की अध्यक्षता में,1962 में भुवनेश्वर में कॉंग्रेस का अधिवेशन हुआ था। रायपुर में कॉंग्रेस के राष्ट्रीय सम्मेलन की जानकारी भी कई कांग्रेस नेताओं को नहीं है।

 

 

 

 

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कांग्रेस के अधिवेशन की तैयारियों को लेकर महापौर बाकलीवाल ने ली बैठक

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ की 24 से 26 फरवरी तक को होने वाले तीन दिवसीय कांग्रेस के 85 वें अधिवेशन की तैयारियों को लेकर विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आरएन वर्मा ने कांग्रेस के अधिवेशन हेतु दुर्ग शहर कांग्रेस को महती जिम्मेदारी सौंपी। उसके बाद महापौर धीरज बाकलीवाल ने बैठक बुलाई।

रायपुर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित 85 अधिवेशन हेतु छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, नगरीय निकाय मंत्री शिवकुमार डहरिया, दुर्ग विधायक अरुण वोरा, पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष आर.एन.वर्मा महापौर धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में बैठक ली गई थी। आज महापौर ने समस्त एम आई सी प्रभारी, पार्षद, समस्त ब्लॉक अध्यक्ष,महिला कांग्रेस एवं समस्त वरिष्ट पदाधिकारी सहित कांग्रेस साथियों को जिम्मेदारी दी गई।यह दुर्ग कांग्रेस के लिए ऐतिहासिक महत्व का विषय है।

 

सभी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दिया गया जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निर्वाह करने का संकल्प लिया। आगामी 24 से 26 फरवरी तक आयोजित महाधिवेशन मैं पूर्ण रूप से कार्य करेंगे व 26 को आयोजित महासभा हेतु अधिक से अधिक संख्या में लोगो को सभा स्थल में ले जाने का संकल्प लिया।

 

 

इस अवसर पर दुर्ग निगम के लोकनिर्माण प्रभारी अब्दुल गनी एवं स्वास्थ्य प्रभारी हमीद खोखर सहित सभी एमआईसी मेंबर, कांग्रेसी पार्षद सहित शहर कांग्रेस के समस्त  पदाधिकारीगण मौजूद रहें।

 

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दुर्ग निगम ने मोर मकान मोर आवास के लिए राशि जमा करने में दी छूट

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नगर पालिक निगम सीमा अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक मोर मकान मोर चिन्हारी तथा मोर मकान मोर आस अंतर्गत आवास आवंटन हेतु आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली गई। बैठक में परियोजना स्थल परिवर्तन और अन्य प्राप्त 55 से अधिक आवेदनों पर निर्णय लिया गया।

राज्य शासन द्वारा प्रथम किश्त की 30 प्रतिशत  राशि को शिथिल करते हुए 10त्न प्रतिमाह निर्धारित किया गया है। प्रथम 10 प्रतिशत अर्थात लगभग 35000 रुपए जमा करते हुए लॉटरी के लिए नाम सुरक्षित कर सकते हैं। आयुक्त लोकेश चन्द्राकर ने कहा कि किरायेदार योजना में आवेदनों पत्रों की मांग को देखते हुए अतिरिक्त 1000 नए आवेदन पत्र मुद्रित किए जायेंगे।

 

पात्र आवेदकों के लिए नियमित रूप से आवास ऋण का शिविर किया जा रहा है।समीक्षा बैठक में उपआयुक्त मोहेंद्र साहू,सहायक अभियंता जितेंद्र समैया,लेखाधिकारी आरके बोरकर,उपअभियंता आशमा डहरिया, आशुतोष ताम्रकार सहित अन्य मौजूद रहें। अगली लॉटरी फरवरी के अंतिम सप्ताह में,कभी भी निकली जा सकती है।

 

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गोधन न्याय योजना से पशुपालकों को मिल रहा लाभ

 गोधन न्याय योजना बना ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की आय और रोजगार का प्रभावी विकल्प


 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी गोधन न्याय योजना के तहत संचालित गौठानों में गोबर क्रय, वर्मी कम्पोस्ट उत्पादन एवं बिक्री तथा आजीविका से संबंधित गतिविधियां संचालित की जा रही है। जिसके तहत ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की अर्थव्यवस्था के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

गोधन न्याय योजना ग्रामीण एवं शहरी पशुपालकों की आय और रोजगार का प्रभावी विकल्प बन गई है। जिले में बहुतायत की संख्या में किसानों द्वारा पशुपालन का व्यवसाय किया जाता है। गाय एवं भैंस वंशीय पशुओं के गोबर की व्यवस्थित ढंग से उपयोग नहीं होने, वैज्ञानिक पद्धति से ऑर्गेनिक खाद का उत्पादन नहीं करने एवं खुले पशुओं द्वारा उत्सर्जित गोबर को एकत्र नहीं करने के कारण किसानों को इसका लाभ नहीं मिल रहा था।

अब गोधन न्याय योजना से गोबर से निर्मित वर्मी कम्पोस्ट, सुपर कम्पोस्ट जैसे ऑर्गेनिक खाद से किसानों के खेतों में जैविक खेती की दिशा में उत्कृष्ट  पहल की जा रही है। रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का उपयोग कम होने से भूूमि, जल, वायु, पर्यावरण के प्रदूषण को कम करके भोज्य में रासायनों के अवशेष को कम किया जा रहा है। जिससे खाद्य पदार्थों के गुणवत्ता में सुधार होने क पूर्ण संभावना है।

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मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना: 5 एकड़ में वृक्षारोपण करने पर मिलेगा शत् प्रतिशत अनुदान

 भूमिधारकों को होगी 15 से 50 हजार रूपए तक की आमदनी

 योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कार्यशाला सम्पन्न

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य में निजी भूमि पर व्यावसायिक उद्देश्य से वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने के लिए मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना लागू की गई है। इससे राज्य में काष्ठ आधारित उद्योग लगेंगे। वहीं आय के साथ-साथ ग्रामीणों को रोजगार और आजीविका के साधन भी मिलेंगे। इस योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए वन विभाग से जुड़े अधिकारियों के लिए राज्य स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया।कार्यशाला में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में निजी भूमि पर वृक्षारोपण के लिए इच्छुक एवं पात्र हितग्राहियों को 5 एकड़ भूमि में वृक्षारोपण करने के लिए शत् प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। इसी प्रकार 5 एकड़ से अधिक भूमि होने पर 50 प्रतिशत अनुदान उपलब्ध कराया जाएगा। कार्यशाला में यह भी जानकारी दी गई कि वृक्षों से अधिक मात्रा में काष्ठ की पैदावार को सुनिश्चित करने के लिए प्रति एकड़ 1000 एवं अधिकतम 5000 पौधे के रोपण करना उपयुक्त होगा। इससे निजी भूमि पर वृक्षारोपण करने वाले भूमिधारकों को प्रतिवर्ष 15 से 50 हजार रूपए प्रति एकड़ तक की आमदनी होगी।

संस्थाओं को मिलेगा 50 प्रतिशत अनुदान
मुख्यमंत्री वृक्ष संपदा योजना में निजी शिक्षण संस्थाएं, निजी ट्रस्ट, पंचायते भूमि अनुबंध धारक, गैर शासकीय संस्थाओं को अपने भूमि में रोपण कराने पर 50 प्रतिशत अनुदान की प्राथमिकता होगी। इन संस्थाओं को शेष राशि स्वयं वहन करना होगा। निजी भूमिधारकों, संस्थाएं वृक्षारोपण की तैयारी के लिए दिए जा रहे अनुदान राशि से क्षेत्र तैयारी, गड्डा खुदाई, रोपण निदाई गुडाई आदि करा सकेंगे। वृक्षारोपण उपरांत वृक्षों के काष्ठ विक्रय के लिए निजी भूमिधारकों, शासकीय अथवा निजी संस्थाओं को ट्रायो एग्रीमेंट करना होगा।
इन पौधों का होगा रोपण
योजना अंतर्गत रोपण किये जाने वाले टिशू कल्चर सागौन, चंदन, क्लोनल नीलगिरी, मिलिया डुबिया, टिशू कल्चर बांस व अन्य उपयोगी प्रजाति के पौधों के रोपण किया जाएगा। कार्यशाला में योजना के इच्छुक निजी भूमिधारकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों को योजना के प्रावधानों सहित इस संबंध में उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। कार्यशाला में वृक्षारोपण विशेषज्ञ श्री प्रेमलाल जैन, उद्योगपति, टिम्बर मर्चेन्ट, भूमि-स्वामी कृषक, एन.जी.ओ. कलेक्टर रायपुर सहित नगर निगम और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
कार्यशाला में निजी भूमिधारकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों से अधिक से अधिक मात्रा में वृक्षारोपण कर इस योजना का लाभ उठाने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में वृक्षारोपण के लिए इच्छुक भूमिधारकों और विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने अपनी उपलब्ध भूमि में वृक्षारोपण किये जाने की इच्छा जतायी।

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मुख्यमंत्री ने डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि पर उनके छाया चित्र पर माल्यार्पण कर दी श्रद्धांजलि

  कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा स्वर्गीय डॉ. खूबचंद बघेल की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छाया चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
      इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री बघेल ने कहा की डॉ. खूबचंद बघेल ने छत्तीसगढ़ राज्य का सबसे पहले सपना देखा था। उन्होंने अपना पूरा जीवन समाज और किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। शिक्षा, सहकारिता के क्षेत्र सहित कई सामाजिक आंदोलनों में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के दौरान खूबचंद जी ने छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय चेतना जागृत करने का महत्वपूर्ण कार्य किया। डॉ. खूबचंद ने सामाजिक कुरीतियों पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने पंक्ति तोड़ो आंदोलन चलाया। करमछड़हा, जनरैल सिंह एवं ऊंच-नीच जैसे नाटक लिखकर सामाजिक बुराइयों के खिलाफ जनजागृति फैलाई। उनके कृतित्व और व्यक्तित्व के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना एवं कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि और अनुसंधान को प्रोत्साहित करने के लिए डॉ. खूबचंद बघेल सम्मान स्थापित किया गया है।

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