छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

खाद्य मंत्री ने जनसंवाद में सुनी लोगों की समस्याएं

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ शासन के खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत शनिवार को राजीव भवन में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने अपने समस्या तथा मांग से संबंधित लगभग 216 आवेदन दिए। मंत्री भगत ने संबंधित विभागों को आवेदन के निराकरण के लिए तत्काल निर्देशित किया। कार्यक्रम में तृतीय लिंग समुदाय के लोगों सहित 18 लोगों को शिक्षा, ईलाज और स्वरोजगार के लिए 1 लाख 65 हजार रुपए का स्वेच्छानुदान राशि का चेक प्रदान किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री भगत ने कहा कि आम जनता की हर समस्या का उचित समाधान होना आवश्यक है। इसके लिए उचित पहल के साथ समाधान होना आवश्यक है। सकारात्मक पहल के साथ जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। जनसंवाद कार्यक्रम में आम जनता से प्राप्त समस्याओं से संबंधित आवेदनों का त्वरित निराकरण किया जाएगा। इस अकसर पर खाद्य आयोग के अध्यक्ष गुरप्रीत सिंह बाबरा, पार्षद दीपक मिश्रा, इरफान सिद्दीकी सहित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

और भी

तेलंगाना के विकाराबाद और रंगारेड्डी जिले से सकुशल छुड़ाकर लाए गए 24 श्रमिक

 जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बस्तर जिला प्रशासन की ओर से तेलंगाना में बंधक बनाए गए 24 श्रमिकों को सकुशल छुड़ाकर लाया गया। ये श्रमिक तेलंगाना के विकाराबाद और रंगारेड्डी जिले में हैदराबाद प्लाईवुड कंपनी में काम कर रहे थे।

श्रमिकों को छुड़ाने की यह कार्यवाही संसदीय सचिव रेखचंद जैन को मिली शिकायत के बाद की गई। संसदीय सचिव जैन को जगदलपुर के नेतानार ग्राम के संजय नाग ने सूचना दी कि हैदराबाद प्लाईवुड कंपनी में बस्तर के कुछ मजदूर काम कर रहे हैं, जिनका एटीएम, आधार कार्ड आदि मालिक की ओर से जमा कर लिया गया है, वहीं मजदूरी भी नहीं दी जा रही है। संसदीय सचिव ने इस मामले में की जानकारी कलेक्टर चंदन कुमार को देते आवश्यक कार्यवाही के संबंध में कहा। इस पर कलेक्टर कुमार ने राजस्व निरीक्षक जगन्नाथ चालकी, श्रम निरीक्षक नमिता जॉन, पुलिस हवलदार धनसिंह बघेल और सिपाही जयंती कश्यप की अगुवाई में एक दल का गठन किया और उन श्रमिकों को छुड़ाने के लिए तेलंगाना भेजा।

 

इस दल के सदस्यों ने विकाराबाद के कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी विकाराबाद से सम्पर्क किया और हैदराबाद प्लाईवुड कंपनी मे कार्यरत बस्तर संभाग छत्तीसगढ़ के सभी 24 श्रमिको को 17 सितंबर को सकुशल जगदलपुर वापस लाने में सफल हुई। श्रमिकों को नियोजकों की ओर से उनकी बकाया मजदूरी 2 लाख 63 हजार 100 रुपए का भुगतान भी दल की ओर से कराया गया। इनमें बस्तर और कोंडागांव के पांच-पांच दंतेवाड़ा और नारायणपुर के चार-चार श्रमिक, बीजापुर और काकेंर के तीन-तीन श्रमिक शामिल थे। छुड़ाए गए सभी श्रमिकों ने जगदलपुर पहुंचकर कलेक्टर चंदन कुमार से भेंट की और सकुशल घर वापसी के लिए जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। श्रम पदाधिकारी पंकज बिचपुरिया ने अन्य जिलों के श्रमिकों को उनके गृह ग्राम तक रवानगी के लिए संबंधित जिलों के श्रम विभाग को सौंपने की कार्यवाही की। इसके साथ ही श्रमिकों को समझाइस दी गयी, कि भविष्य मे ग्राम सचिव को बिना किसी पूर्व सूचना के अन्य प्रान्तों अथवा जिले से बाहर न जाएं।

और भी

जिला पंचायत सीईओ ने किया आदर्श कुदरगढ़, खर्रा, करौती गौठानों का निरीक्षण

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत सीईओ कोसम ने आदर्श गौठान ओडग़ी ब्लॉक कुदरगढ़, खर्रा, करौती का निरीक्षण किया। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के चयनित गौठानों को आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए वहां महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क बनाया जाएगा। इसे स्थानीय, शासकीय और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ग्रामीण उत्पादन एवं सेवा केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं रोजगार को बढ़ावा देेने के उद्देश्य से इन इंडस्ट्रियल पार्क में निजी उद्यमियों को उद्यम लगाने प्रोत्साहित किया जाएगा। दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के कार्यों का शिलान्यास व लोकार्पण किया जाएगा। इस संबंध में बैठक लेकर शासन के निर्देशानुसार सभी आवश्यक अधोसंरचना तैयार करने व रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क की स्थापना एवं गतिविधियों के संचालन के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए है।

सीईओ ने प्रत्येक रीपा में लिए जाने वाली गतिविधियों के लिए समेकित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा ब्लूप्रिंट तैयार कर प्रत्येक उद्यम के लिए पृथक-पृथक बिजनेस प्लान के आधार पर कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए और उद्यम स्थापित करने इच्छुक स्थानीय युवाओं, स्व सहायता समूहों को चिन्हांकित करने कहा। उन्होंने रीपा के क्रियान्वयन के संबंध में अब तक की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली तथा कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिए।

 
और भी

जिला चिकित्सालय सूरजपुर में 100 से अधिक कीमोथेरेपी का हुआ सफल संचालन

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर जिला सूरजपुर इफ्फत आरा के निर्देशानुसार व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला सूरजपुर डॉ. आर.एस. सिंह व सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशी तिर्की के मार्गदर्शन में एन.पी.सी.डी.सी.एस. कार्यक्रम अंतर्गत जिला चिकित्सालय सूरजपुर के दीर्घायु यूनिट के माध्यम से अभी तक 100 से अधिक कैंसर ग्रसित मरीजों का कीमोथेरेपी (इंजेक्टेबल) सफलतापूर्वक प्रदान किया गया है। जिसमें से मल्टीपल मायलोमा- 42, स्तन कैंसर- 14, मुख कैंसर- 10, अंडाशय कैंसर- 7, पित्त की थैली का कैंसर- 06, फेफड़ा कैंसर- 5, जांघ के कैंसर- 5, कोलॉन कैंसर- 3 कैंसर रैक्टम- 1 गर्भाशय मुख कैंसर- 1, टी शेल लिम्फोमा- 2 पिशाब की थैली कैंसर- 5 के मरीजों का सफलता पूर्वक उपचार किया गया। 

जिला चिकित्सालय में दीर्घायु यूनिट की स्थापना होने से कैंसर से ग्रसित मरीजों में संतोष व्याप्त हैं। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.एस.सिंह तथा सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. शशी तिर्की के कुशल नेतृत्व में जिला चिकित्सालय सूरजपुर में दीर्घायु यूनिट का सफलतापूर्वक संचालन किया जा रहा है। जिला नोडल अधिकारी (एन.सी.डी.) डॉ. दीपक जायसवाल की ओर से बताया गया कि गर्भाशय मुख कैंसर की स्क्रीनिंग के लिए व्ही.आई.ए. जांच की सुविधा जिला चिकित्सालय के साथ-साथ जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में नि:शुल्क प्रदान की जा रही है तथा इसको विस्तार करते हुए भविष्य में सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र व हेल्थ एण्ड वेलनेस सेंटर के माध्यम से प्रदान किया जाएगा तथा व्ही.आई.ए. रिपोर्ट धनात्मक पाये जाने पर सीन- 1 व सीन- 2 के मरीजों को मशीन थर्मल एबलेशन के माध्यम से प्रशिक्षित डॉक्टर व स्टॉफ  नर्स के माध्यम से नि:शुल्क उपचार प्रदान की जाएगी। दीर्घायु यूनिट के सफल संचालन में डॉ. दीपक जायसवाल, डॉ. अनीस राम तथा वर्षा एक्का के साथ-साथ जिला चिकित्सालय के सभी अधिकारी, कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा है।

और भी

प्रशासन को जवाबदेही बनाना सूचना के अधिकार का मूल उद्देश्य : मुख्य सूचना आयुक्त राउत


अपने निर्णय को समय सीमा में कार्यान्वित कराना प्रथम अपीलीय अधिकारी का दायित्व : अग्रवाल

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एम के राउत ने आज जिला पंचायत के सभागार में सूचना का अधिकार विषय पर आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रशासन को पारदर्शी और जवाबदेही बनाना सूचना के अधिकार का मूल उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि आम नागरिक सूचना का अधिकार के लिए शुल्क अदा किया है, तो उसे समय सीमा में जानकारी उपलब्ध कराना आवश्यक है। बीपीएल का राशन कार्ड मान्य नहीं है, किन्तु नगरीय क्षेत्र के सीएमओ और ग्रामीण क्षेत्रों के आवेदन के साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत की ओर से जारी प्रमाण पत्र मान्य है। बी पी एल के आवेदक को 50 पृष्ठ या 100 रुपए की जानकारी नि:शुल्क देना है, अधिक पृष्ठ की जानकारी होने पर अवलोकन करने आग्रह करें। इस कार्यशाला में कलेक्टर जांजगीर चांपा तारन प्रकाश सिन्हा, कलेक्टर सक्ती नूपुर राशि पन्ना, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी फरिहा आलम, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) सक्ती रैना जमील, अपर कलेक्टर एस पी वैद्य, राज्य सूचना आयोग के संयुक्त संचालक धनंजय राठौर भी उपस्थित थे। 

इस कार्यशाला में मुख्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना का अधिकार के तहत आवेदक शुल्क के रुप में संलग्न नान ज्युडिशियल स्टाम्प, ई-स्टाम्प, चालान, भारतीय पोस्टल आर्डर, नगद, बैंक ड्राफ्ट के रूप में जमा करता है, तो आवेदक को निर्धारित समय सीमा में जानकारी रजिस्ट्री डाक से भेंजे। उन्होंने कहा कि जहां (विभाग) में नकल लेने का प्रावधान है, वहां आवेदक को नकल (प्रतिलिपि) के लिए आवेदन करने पत्र जरुर भेजें। उन्होंने कहा कि आयोग के निर्णय का पालन करते हुए जवाब अवश्य दें। राउत ने कहा कि सूचना का अधिकार अधिनियम आम जनता की भलाई के लिए बनाया गया है। नागरिकों की ओर से शासकीय योजनाओं, कार्यक्रमों और कार्यों की जानकारी मांगने पर निर्धारित समय सीमा में आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने का दायित्व हमारा है। शासकीय कार्यों, दस्तावेजों और कार्यक्रमों को विभागीय वेबसाईट में प्रदर्शित करें, ताकि आम नागरिक को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत आवेदन लगाने की जरूरत ही ना पड़े। 

 
 
 

राज्य सूचना आयोग के आयुक्त अशोक अग्रवाल ने कार्यशाला में स्पष्ट किया कि जनसूचना अधिकारी समय सीमा में आवेदक को जानकारी उपलब्ध कराने में असमर्थ है, तो आवेदक प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास अपील कर सकता है और प्रथम अपीलीय अधिकारी निर्णय देने के बाद उसे समय सीमा में कार्यान्वित कराना प्रथम अपीलीय अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने जनसूचना अधिकारियों से कहा कि जब आवेदक सूचना का अधिकार के तहत आवेदन प्रस्तुत करता है, तो आवेदन पत्र को ध्यान से पढ़े, आवेदन पत्र में एक से अधिक विषय की जानकारी चाही गई है, तो केवल एक विषय की जानकारी आवेदक को दी जा सकती है। इसी तरह सशुल्क जानकारी देने की स्थिति पर शुल्क की गणना भी आवेदक को दी जाए और आवेदक की ओर से शुल्क जमा करने के पश्चात् ही वांछित जानकारी की फोटोकॉपी  उपलब्ध कराई जाएं। 

 
 
 

अग्रवाल ने कहा कि जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी आयोग के नोटिस का जवाब जरूर दें, जवाब नहीं मिलने पर आयोग अर्थदंड और क्षतिपूर्ति लगा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि आवेदक की ओर से चाही गई जानकारी आपके कार्यालय से संबंधित नहीं है, तो उसे संबंधित कार्यालय को 5 दिवस के भीतर आवेदन पत्र को अंतरित किया जाएं। उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन को पारदर्शी बनाने के लिए ही सूचना का अधिकार अधिनियम बनाया गया है। जन सूचना अधिकारी अधिनियम के नियमों और उनकी बारीकियों को समझ सकें, इसलिए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। सभी जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी आवेदक को जवाब देते समय अपना नाम स्पष्ट रूप से उल्लेख करें। इसके साथ ही अग्रवाल ने कहा कि आवेदक को जानकारी देते समय जनसूचना अधिकारी का नाम, पदनाम का भी स्पष्ट उल्लेख किया जाना चाहिए।

 
 
 

राज्य सूचना आयुक्त धनवेन्द्र जायसवाल ने कहा कि सरकारी गतिविधियों को पूर्णत: पारदर्शी बनाना है। आवेदक को समय-सीमा के भीतर जानकारी दें अन्यथा निर्धारित समय-सीमा 30 दिन के बाद आवेदक को नि:शुल्क जानकारी देनी होगी। जायसवाल ने कहा कि सूचना आयोग पेनाल्टी लगाने वाली संस्था नहीं है, लेकिन जानबूझकर जानकारी नहीं देने अथवा गलती करने पर जनसूचना अधिकारी पर पेनाल्टी लगाना जरूरी हो जाता है। ऐसी स्थिति से जनसूचना अधिकारी को बचना चाहिए। 

जायसवाल ने कहा कि हर नागरिक को जानने का मौलिक अधिकार है। सूचना का अधिकार अधिनियम सरकार के कार्यो को पारदर्शी बनाता है। इसमें पहली कड़ी जनसूचना अधिकारी हैं, इसलिए जनसूचना अधिकारी अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों को स्वयं पढ़े। इससे गलती की संभावना कम होगी। इसमें जानकारी देने की समय-सीमा और शुल्क निर्धारित है। जनसूचना अधिकारी इसका विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि एक आवेदक के आवेदन को एक से अधिक विभाग को अंतरण नहीं करना है।    

 
 
 

कार्यशाला में राज्य सूचना आयुक्तगण और राज्य सूचना आयोग ने जनसूचना अधिकारियों और प्रथम अपीलीय अधिकारी के प्रश्नों और शंकाओं का समाधान किया। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की विस्तृत जानकारी प्रोजेक्टर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत इस एक दिवसीय कार्यशाला में सभी विभाग के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी के अलावा जनपद पंचायत के जनसूचना अधिकारी और प्रथम अपीलीय अधिकारी (मुख्य कार्यपालन अधिकारी) बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

और भी

बच्चों का स्वास्थ्य सुधारने को आंगनबाड़ी में लगी पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बच्चों की सेहत को दुरुस्त रखने के लिए प्रदेश भर में 1 सितंबर से पोषण माह चलाया जा रहा है। इस दौरान आंगनबाड़ी केन्द्रों में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में आंगनबाड़ी केंद्र में पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी भी लगाईं जा रही है जिसमें लोगों को पोषक पदार्थों के महत्त्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में गुढ़ियारी सेक्टर की सुपरवाइजर रीता चौधरी ने बताया: “पोषण माह के तहत गुढ़ियारी के आंगनबाड़ी केंद्र में रेडी टू ईट से बने पोषण व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई।जिसमें तरह तरह के व्यंजन सामग्री बनाकर बच्चों की माताओं को पोषक तत्वों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पोषण प्रदर्शनी के दौरान लोगों को बताया जा रहा है कि किस तरह हम रेडी टू ईट फ़ूड से बच्चों के लिये रुचिकर व्यंजन बना सकते हैं। क्योंकि एक ही प्रकार का भोजन करने से बच्चों का मन भर जाता है। थोड़ा सा नया करने से बच्चों को अलग अलग प्रकार के व्यंजन बनाकर दिए जा सकते हैं।“



आगे उन्होंने बताया: “रेडी टू ईट से हलवा, बर्फी, रोटी एवं लड्डू भी बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में केंद्र पर आयी 31 गर्भवती महिलाओं, 27 शिशुवती माताएं और हितग्राहियों को विस्तार से पोषण आहार के विषय में जानकारी दी गई। शिशुवती माताओं को बच्चे के लिए मां के दूध के महत्व के बारे भी में बताया गया। शिशुवती माताओं को विशेष रूप से यह भी जानकारी दी गयी कि मां के दूध से बच्चे को जो पौष्टिक आहार मिलते हैं, वह किसी भी भोजन में मौजूद नहीं होते हैं।“



आंगनबाड़ी केंद्र पर आई हितग्राही सुनीता कहती है: “यहां से मिलने वाला रेडी टू ईट फ़ूड बच्चों को नियमित रूप से देने के लिए कहा जाता है। लेकिन आज आंगनबाड़ी में रेडी टू ईट से बनी सामग्री के बारे में जिस प्रकार जानकारी दी गई इससे निश्चित रूप से बच्चों के लिए रुचिकर व्यंजन बनाकर दिया जा सकता है और बच्चे बहुत चाव से खाएंगे।“

यह बना व्यंजन
पोषण प्रदर्शनी के दौरान खुरमी,चीला, लड्डू और हलवा बनाया गया। जिसे बच्चों और बड़ों ने बड़े ही चाव खाया।

क्या सामग्री होती है रेडी टू ईट में
रेडी-टू-ईट फूड का पैकेट गर्भवती महिला, धात्री माता एवं 6 माह से लेकर 3 वर्ष तक के बच्चे एवं 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों को दिया जाता है। एक महीने  में दो बार इसका वितरण किया जाता है रेडी-टू-ईट फूड में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर, विटामिन और खनिज भरपूर मात्रा में होता है।

और भी

लोक कलाकार थिरमन दास अस्वस्थ, डॉ. महंत ने जाना हाल

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंचल के छत्तीसगढ़ी लोक कलाकार थिरमन दास महंत की तबियत बिगड़ने पर उन्हें गहन उपचार के लिए रायपुर रेफर किया गया है। थिरमन दास महंत के अस्वस्थ होने की जानकारी मिलने पर विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने रामकृष्ण केयर हास्पिटल पहुंचकर चिकित्सकों से थिरमन दास के स्वास्थ्य की जानकारी ली। डॉ. महंत ने थिरमन दास और अस्पताल पहुंचे उनके परिजनों से मुलाकात कर शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। डॉ. महंत ने चिकित्सकों से चर्चा कर उत्तम स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने निर्देशित किया।

और भी

दो ट्रकों में भिड़ंत के बाद लगी आग, ड्राइवर की मौत...

 मुंगेली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में बड़ा हादसा हुआ है। 2 ट्रकों की आपस की टक्कर में ट्रक ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा सरगांव नेशनल हाईवे की बताई जा रही है। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस मामले की जांच में जुटी है।


जानकरी के अनुसार, सरगांव नेशनल हाईवे पर दो ट्रकों की आपस में जोरदार टक्कर हो गई। लोहे से भरी ट्रक ने कोयले से भरी ट्रक को जबरदस्त टक्कर मार दी। इस घटना में कोयले से लदी ट्रक ड्राइवर की मौत हो गई। हादसा इतना भयंकर था कि मिनटों में ही कोयले से लदा ट्रक मिनटों में जलकर राख हो गया। स्थानीय लोगों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। फायर ब्रिगेड को भी तुरंत घटना की जानकारी दी गई, लेकिन जब तक फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंचती, ट्रक जलकर ख़ाक हो चुका था। फिलहाल पुलिस ने चालक के शव को पीएम के लिए भेजकर जांच में जुट गई है।

 

 

और भी

कुनकुरी के 100 सीटर बालिका छात्रावास को बनाया गया है मॉडल छात्रावास

 बालिकाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला प्रशासन द्वारा दूरस्थ अंचल के आदिवासी बच्चों को उच्च शिक्षा की सुविधा देने के लिए बेहतर कार्य कर रही है। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, रोजगार, स्वरोजगार के क्षेत्र में सार्थक कार्य किया जा रहा है। आज शिक्षा से बच्चों की तस्वीर बदल रही है और बच्चे अपना बेहतर भविष्य बना रहे हैं।

आदिम जाति विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावासों को मॉडल छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। कुनकुरी विकासखंड के आदर्श शासकीय पोस्ट मैट्रिक कन्या छात्रावास में 100 बालिकाएं सर्व सुविधायुक्त छात्रावास का रहकर उच्च शिक्षा ले रही हैं। 11वीं से स्नातक तक की बालिकाएं रहती हैं।  

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन  और आदिम जाति कल्याण विकास विभाग के सहायक आयुक्त बी.के.राजपूत के दिशा-निर्देश में बालिकाओं को घर जैसा माहौल मिले इसके लिए छात्रावासों को मॉडल छात्रावास के रूप में विकसित किया जा रहा है। छात्रावास में बालिकाओं के भोजन करने के लिए डायनिंग टेबल-कुर्सी, कम्प्यूटर लैब, किचन गार्डन, फूल-पौधे लगाकर गार्डन तैयार किया गया हैै। बालिकाओं की सुरक्षा को देखते हुए सी.सी.टी.व्ही कैमरा भी लगाया गया है।

आदिम जाति विकास विभाग के अंतर्गत संचालित छात्रावास में छात्रावास अधीक्षिका देवकी सारथी ने बताया कि बालिकाओं की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। छात्रावास में महिला गार्ड, महिला स्वास्थ्य कर्मचारी भी नियुक्त किए गए हैं और समय-समय पर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाता है। किचन गार्डन में तैयार सब्जियों का भी उपयोग भोजन में किया जाता है। इसके साथ ही दीवारों पर जशपुर के पारंपरिक, सांस्कृतिक कलाकृतियों को भी चित्रण कर दर्शाया गया है। दीवारों पर सुन्दर श्लोक, सुचिवार और जिले व विकासखण्डों के अधिकारियों का नाम व संपर्क नम्बर भी अंकित किया गया हैं।

 

 

और भी

टीईटी परीक्षा 18 को : 88 केन्द्रों में 70 हजार परीक्षार्थी होंगे शामिल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल रायपुर द्वारा 18 सितंबर को छत्तीसगढ़ शिक्षक पात्रता परीक्षा ली जाएगी। इस परीक्षा में लगभग 70 हजार परिक्षार्थियों के शामिल होने की उम्मीद है।परीक्षा के लिए प्रशासन द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। राजधानी रायपुर में इसके लिए 88 परीक्षा केन्द्र अनाए गए है। टीईटी की परीक्षा 18 सितंबर को दो पालियों में होगी। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9.30 बजे से दोपहर 12.15 बजे ली जाएगी। दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 बजे से शाम 4.45 बजे तक होगी। इस परीक्षा के सुचारू रूप से संचालन हेतु रूचि शर्मा, डिप्टी कलेक्टर, रायपुर को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। परीक्षा के लिए 15 उड़नदस्ते बनाए गए है। इसके साथ ही कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 6 में कंट्रोल रूम भी स्थापित किया गया है। कंट्रोल रूम को दूरभाष क्रमांक 0771-2413233 है। परीक्षा के दौरान सभी परीक्षार्थियों एवं अधिकारियों-कर्मचारियों को कोविड-19 महामारी के दिशानिर्देशानुसार सोशल डिस्टेसिंग सेनेटाईजेशन मास्क पहनना एवं अन्य सभी दिशा निर्देशो का पालन करना अनिवार्य होगा ।

 

 

और भी

मंत्री अकबर 19 को कवर्धा में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में होंगे शामिल

9 ग्राम पंचायतों के हितग्राहियों को वितरित करेंगे नवीनीकृत राशन कार्ड

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन,परिवहन, आवास पर्यावरण, विधि विधायी एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर आगामी 19 सितम्बर सोमवार को अपने कवर्धा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होगे। जिला प्रशासन द्वारा 19 सितम्बर को पिपरिया नगर पंचायत में राजस्व शिविर, क्षेत्र के लोगों के लिए ड्राईविंग लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया गया है। इसके अलावा ग्राम बिरकोना और रबेली में सर्वभौम पीडीएस योजना के तहत नवीनीकृत राशन कार्ड वितरण का आयोजन किया गया है। इसके अलावा मंत्री अकबर जिला कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में खैरबनाकला क्षेत्र के ग्राम महराजपुर, लालपुर कला, कांपा, जेवड़नकला, तारों, बेंदरची, बांधा और सरेखा के हितग्राहियों को नवीनीकृत राशन कार्ड वितरण करेंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य शासन के कैबिनेट मंत्री एवं कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर कबीरधाम जिले का दौरा कर क्षेत्र के किसानों, ग्रामीणजनों एवं युवाओं की समस्याओं, मांग और उनके शिकायतों से सीधे संवाद कर रूबरू हो रहे है। इसी क्रम में किसानों और ग्रामीणां की राजस्व संबंधित समस्याओं के समाधान व उनके निराकरण दिशा में पहले करते हुए तहसील स्तर एवं विकासखण्ड मुख्यालय स्तर में राजस्व शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसी तारतम्य में कवर्धा विकासखण्ड के नगर पंचायत पिपरिया में 19 सितम्बर को राजस्व शिविर का आयोजन किया जाएगा। इसी तरह युवाओं के लिए जिला परिवहन कार्यालय द्वारा ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस शिविर का आयोजन किया जाएगा। आसपास के ग्राम पंचायतों के युवा, किसान इस राजस्व एवं ड्राइविंग लर्निंग लाइसेंस में शामिल हो सकते है। इससे पहले कवर्धा विकासखण्ड के सहसपुर लोहारा और बोडला विकासखण्ड मुख्यालय में राजस्व शिविर और ड्राईविंग लर्निंग लाईसेंस शिविर का आयोजन किया जा चुका है।



ग्राम बिरकोना में रवेली में सर्वभौम पीडीएस योजना के तहत नवीनकृत राशन कार्ड वितरण का आयोजन किया गया है। ग्राम बिरकोना में आयोजित नवीनीकृत राशन कार्ड वितरण शिविर में ग्राम पंचायत बम्हनी,बंदौरा, मड़मड़ा, ठकुराईनठोला, रधुनाथपुर, धमकी, झलका, नवापारा, बाधुटोला, सोहागपुर, छांटा झा, लासाटोला, बदराडीह, महराटोला, मैनपुरी,  ग्राम छिरहा, घोठिया, लीमो, बीरूटोला, नवागांव तिवारी, जुनवानी, भीमपुरी, दुल्लापुर, मगरदा, सोनपुरी, कुटेली, , कोठार,  चरडांगरी, झिरना, गोरखपपुर, कोठार, चरडोंगरी, नवागांव फरीद, सारंगपुरखुर्द, जमुनिया, घुघरीखुर्द, मरपा, घुघरीकला, खुंटु नेवारी, जोराताल, नवघटा, सेमो, भेलभांवर, बैजलपुर, कोको, बानों, पथर्रा, जोगीपुर, खैरवार, आंछी, मक्के, दलपुरूवा, खैरझिटीकला, मोहगांव, गांगपुर, दरगंवा, छांटा, नवाघटा, खाम्ही, धरमुपरा, भेदली, कुटकीपारा, थुवाडीह पालीगुढा, परसवारा, बिरकोना,खैरझिटीखुर्द, धरमपुरा, मानिकचौरी, गिरमिट्टी ग्राम पंचायत जिंदा और दुबहा के  हितग्राही व ग्रामीणजन शामिल हो सकते है।



इसी प्रकार ग्राम पंचायत रबेली में भी नवीनीकृत राशन कार्ड वितरण का आयोजन किया गया है। इस आयोजन में ग्राम रबेली, सोनबरसा, राम्हेपुरखुर्द, सुरजपुरा, सिंघनपुरी, लालपुरकला, मदनपुर, नेवारीगुड़ा, दुल्लापुर, कान्हाभैरा, लखनपुरकला, जेवड़नखुर्द जरती, दशरंगपुर खुर्द, दौजरी, बरबसपुर, घुमसा, नाउडीह,बीजाझोरी, डबराभाठ, जवेड़नखुर्द ,बांझी मौहा, बदुराकछार, सिंघनपुरी, कोदवा, बिजई, बदुराकछार, बोधईकुण्डा, खैरीपार, सुखाताल, और ग्राम खडौदाखुर्द के हितग्राही व ग्रामीणजन शामिल होगे।

और भी

मंत्री अकबर ने 5 विपत्तिग्रस्त परिवारों को वितरित किए 13 लाख के चेक

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन, परिवहन, आवास एवं पर्यावरण, जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर ने गुरूवार को कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम परसवारा, रघुनाथपुर और ग्राम खैरझिटीकला में 3 विपत्तिग्रस्त परिवार को 12 लाख रूपए चेक वितरण किया। अकबर ने विपत्तिग्रस्त परिवारों के घर पहुंचकर उनका दुख-दर्द बांटा और अपनी संवेदना प्रकट की। वन मंत्री ने चेक वितरण करते हुए विपत्तिग्रस्त परिवार के सदस्यों से कहा कि वह इस चेक को बैंक में जमा कर राशि प्राप्त कर सकते है। उन्होंने विपत्तिग्रस्त परिवार से चर्चा करते हुए कहा कि एक विधायक होने के नाते सदैव आपके सभी दुख-दर्द में शामिल रहूंगा और नियमानुसार योजनाओं का लाभ के माध्यम से सदैव समस्याओं का समाधान करने का प्रयास करता रहूंगा।

मंत्री अकबर द्वारा आबीसी-6-4 के तहत कवर्धा तहसील के ग्राम परसवारा निवासी रोशन पटेल की सर्पदंश से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त मनोज पटेल (मृतक के पिता) को, ग्राम रघुनाथपुर निवासी तिरेखा नारंग की आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त गेंदलाल नारंग (मृतिका के पति) को और ग्राम खैरझिटीकला निवासी धनैयाबाई की आगजनी  से मृत्यु हो जाने पर विपत्तिग्रस्त चिंताराम (मृतिका के पुत्र) को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आबीसी-6-4) के तहत चार-चार लाख रूपए का चेक प्रदान किया। इसी तरह मंत्री अकबर ने ग्राम कुण्डपानी निवासी अशोक यादव को आकाशीय बिजली गिरने से उनके 7 नग मवेशी, 3 नग दूधारू गाय, 1 नग बछड़ा, 3 नग गाय की मृत्यु हो जाने पर 90 हजार रूपए और ग्राम शीतलपानी निवासी शेर सिंह बैगा को उनके 1 नग बैल की विषैले जीव के काटने से मृत्यु होने पर 20 हजार रूपए प्राकृतिक आपदा के तहत चेक वितरण किया। इस अवसर पर क्रेडा के सदस्य कन्हैया अग्रवाल , जिला पंचायत उपाध्यक्ष प्रतिनिधि होरी साहू, नीलकंठ चंद्रवंशी, कलीम खान, धनुकराम वर्मा, पार्षद अशोक सिंह, कृषि उपज मंडी अध्यक्ष नीलकंठ साहू, उपाध्यक्ष चोवा राम साहू,  गोरेलाल चंद्रवंशी, ग्राम खैरझिटी के सरपंच पवन चंद्रौल, लेखा राजपुत, रजपाल साहू, सीताराम साहू, केवल चंद्रवंशी सहित अन्य जनप्रतिनधि विशेष रूप से उपस्थित थे।

कैबिनेट मंत्री मोहम्मद अकबर ने शोक संतप्त परिवार से भेंट-मुलाकात करते हुए कहा कि किसी भी परिवार के लिए हर सदस्य का एक महत्वपूर्ण योगदान रहता है। परिवार का चाहे वह छोटा या बड़ा या घर का मुखिया हो अकास्मात रूप से परिवार को छोड़कर चले जाना उस परिवार के लिए एक अपूर्णिय क्षति होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार की अपूर्णिय क्षति को पूर्ति तो नहीं कर पाएंगे, लेकिन इस क्षेत्र के विधायक होने के नाते उन घर परिवारों के अभिभावक के रूप में हर परिस्थितियों में उनका साथ देने सदैव तत्पर रहेंगे। उन्होंने विपत्तिग्रस्त परिवार के सदस्यों को हर संभव सहायता के लिए आश्वस्त किया।

और भी

वाह रे जनशताब्दी : आई 13 घंटे विलंब से और रवाना हुई 5 घंटे देर से

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जनशताब्दी एक्सप्रेस के परिचालन में सुधार नहीं हो पाने के कारण अब यात्रियों को इस ट्रेन से मोह भंग होने लगा है। वहीं गुरुवार को भी यह ट्रेन 13 घंटा देरी से रायगढ़ पहुंची और पांच घंटा देर से रवाना हुई, इस दौरान जो यात्री जनशताब्दी के टिकट लिए थे उसमें ज्यादातर यात्री दूसरे ट्रेन से निकल गए, ऐसे में यह ट्रेन पूरी तरह से खाली ही यहां से रवाना हुई, ऐसे में यात्रियों के साथ-साथ रेलवे विभाग को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।

गौरतलब हो कि रायगढ़ से गोंदिया व गोंदिया से रायगढ़ तक चलने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस का परिचालन विगत छह माह से बिगड़ा हुआ है। हालांकि पहले  दो-चार घंटा देरी से रायगढ़ पहुंचती थी तो यहां से समय से रवाना हो जाती थी, जिससे बड़ी संख्या में यात्री जाते थे, लेकिन अब विगत तीन दिनों से यह ट्रेन लगातार घंटों विलंब से आ रही है, जिसके चलते दोनों तरफ से यह ट्रेन खाली ही जा रही है। अब स्थिति ऐसी हो गई है कि यात्री तो टिकट जरूर लेते हैं, लेकिन समय से नहीं आने के कारण कुछ यात्री टिकट वापस कर देते हैं तो कुछ दूसरी ट्रेन से निकल जा रहे हैं, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसके बाद भी इसकी चाल में किसी प्रकार की सुधार नहीं हो पा रहा है। वहीं गुरुवार को भी जनशताब्दी एक्सप्रेस सुबह ११ बजे रायगढ़ स्टेशन पहुंची और बगैर साफ-सफाई के ही 11.40 बजे रवाना हो गई, इस दौरान इस बोगी के ट्र्रेन में यहां से मात्र 70 से 80 यात्री ही सवार हुए थे। वहीं वापसी में भी मात्र 40 से 40 यात्री ही रायगढ़ में उतरे थे। ऐसे में एक तरफ रेलवे विभाग द्वारा लाखों रुपए खर्च कर ट्रेन को चलाई जा रही है, लेकिन समय से नहीं चलने के कारण विभाग को तो नुकसान हो ही रहा है, वहीं अब यात्री भी इसमें सफर करने से कतराने लगे हैं।

पहले की अपेक्षा टिकट की संख्या हुई कम
छह माह पहले जहां जनशताब्दी एक्सप्रेस में रायगढ़ से हर दिन 300 से 400 यात्री सफर करते थे, लेकिन अब समय पर नहीं चलने के कारण हर दिन करीब 180 से 200 तक ही स्टेशन से टिकट की बिक्री हो रही है, लेकिन समय से नहीं आने के कारण इसमें से भी हर दिन ज्यादातर टिकट वापस हो जा रहे हैं, वहीं कुछ यात्री दूसरे ट्रेन से निकल जा रहे हैं, जिसके चलते इन दिनों यह ट्रेन पूरी तरह से खाली ही रवाना हो रही है।

अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान
गौरतलब हो कि विगत कुछ दिनों से बिलासपुर जोन के अंदर तिसरी व चौथी लाईन के कनेक्टीबिटी के लिए ट्रेनों का परिचालन लगातार रद्द किया जा रहा था, लेकिन अब लगभग काम होने के बाद भी जो यात्री ट्रेने चल रही है, उसको किसी भी स्टेशन में 15 से 30 मिनट तक खड़ी कर दी जाती है, जिससे अपने गंतव्य तक जाते-जाते घंटों विलंब हो जा रही है, इसके बाद भी रेलवे अधिकारी यात्री ट्रेनों को समय पर चलाने कोई ठोस कदम नहीं उठा रहे हैं। जिसका खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ रहा है।

और भी

स्वच्छता ही सेवा 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वच्छता ही सेवा 15 सितंबर से 2 अक्टूबर तक ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को प्रोत्साहित करने के लिए स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें जिला व विकासखंड स्तर पर अभियान का शुभारंभ किया गया है। जिसमें विभिन्न गतिविधियां (श्रमदान, स्वच्छता रैली, स्वच्छता शपथ, हाथ धुलाई) आदि का आयोजन करते हुए स्वच्छग्राही समूहों की ठोस व तरल अपशिष्ट आंकलन के लिए सर्वेक्षण, गांवों में जागरूकता अभियान, कचरे की सफाई के लिए आयोजन निर्माण, गांवो के सार्वजनिक स्थलों की सफाई, कचरे के उचित निपटान, गंदे पानी उचित निपटान, सोख्ता गढे का निर्माण व सफाई, जल स्त्रोतों के समीप पौधा रोपण, धार्मिक व पर्यटन स्थलों की साफ-सफाई सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध गोबर गैस संयंत्रों की मरम्मत, स्कूलों में प्रतियोगिताओं जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

 
और भी

रक्तदान शिविर का आयोजन

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में स्वास्थ्य विभाग की ओर से जिला चिकित्सालय बैंक के लिए रक्त की आवश्यकता को देखते हुए जिला चिकित्सालय व भारतीय रेडक्रास सोसायटी जिला शाखा दंतेवाड़ा के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन 16 सितंबर को सीआरपीएफ  कैम्प 230 बटालियन नेरली में किया गया। जिसमें 50 यूनिट रक्त प्राप्त हुआ है। 

उक्त रक्त का उपयोग जिला चिकित्सालय में आपातकालीन स्थिति व जरूरतमंदों के लिए किया जाएगा। रक्तदान शिविर में डॉ दिव्या पाबुलरी, पैथोलॉजिस्ट, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट राजु कुमार खटकर,  सचिन मसीह, रामवती आयोमी, अर्जुन सिंह, लैब टेक्नोलॉजिस्ट, मति उषा मुमीर स्टॉफ  नर्स खोमेश मौर्य काउन्सलर, मालती अधिकारी टेंडेन्ट व स्वास्थ्य विभाग के अन्य कर्मचारी उपस्थित थे।

 
और भी

सहसपुर गौठान में महिला समूह द्वारा किए जा रहे प्रयासों को देखकर कलेक्टर ने की खुशी जाहिर

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डोमन ने आज डोंगरगढ़ विकासखंड के दौरे पर रहे। इस दौरान वे सहसपुर गौठान देखने पहुंचे। गौठान में महिला समूह की ओर से किए जा रहे प्रयासों और आजीविका मूलक गतिविधियों को देखकर काफीखुश हुए। महिला समूह की ओर से यहां सब्जी की खेती, बकरी पालन, मसाला उत्पादन का कार्य बखूबी ढंग से किया जा रहा है। महिला समूह की ओर से यहां 3 एकड़ में सब्जी की खेती की जा रही है। बाड़ी में करेला, बरबटी, लौकी, मखना की खेती हो रही है। महिलाओं की ओर से यहां बकरी पालन भी किया जा रहा है। समूह की महिलाओं की ओर से धनिया, हल्दी, मिर्च की पिसाई कर मसाला उत्पादन का कार्य किया जा रहा है। 

कलेक्टर बाड़ी में लहलहाती सब्जी को देखकर अपने आपको खरीदारी करने से रोक नहीं पाये। कलेक्टर ने यहां करेला, भिंडी और धनिया पाउडर की खरीदारी की। उन्होंने महिला समूह की ओर से रखे गए कीमत पर खरीदारी करने के साथ ही शगुन के तौर पर 50 महिलाओं को भेंट दिया। कलेक्टर ने महिला समूह से कहा कि उनके द्वारा किया जा रहा यह सार्थक प्रयास महिलाओं को अग्रणी बनाने के लिए अच्छा कदम है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि गौठान से जुड़कर महिलाएं अच्छा प्रयास कर रही हैं। उन्होंने महिला समूह की तारीफ  करते हुए कहा कि समूह में इसी तरह की गतिविधियों का संचालन नियमित रूप से जारी रखें। जिससे आय का स्रोत बना रहे।

 
 

सिवनीकला में महिला समूहों को आजीविका गतिविधियों का संचालन के लिए शेड निर्माण की सहमति दी :

मुर्गी पालन, बकरी पालन के लिए भी बनाया जाएगा शेड :

कलेक्टर सिंह ने सिवनीकल में बने गौठान का भी निरीक्षण किया। महिला समूह की ओर से यहां कंपोस्ट खाद का निर्माण किया जा रहा है। कलेक्टर ने महिलाओं की मांग पर यहां आजीविका गतिविधियों का संचालन के लिए शेड निर्माण के लिए प्रस्ताव बनाने कहा है। साथ ही मुर्गी पालन, बकरी पालन के क्षेत्र में महिलाओं को जोडऩे के लिए शेड निर्माण की भी उन्होंने सहमति दी है। कलेक्टर ने महिला समूहों को उत्साहित करते हुए कहा कि अच्छा प्रयास करने से सफलता निश्चित तौर पर मिलती है। उन्होंने महिलाओं को गौठान से जोड़कर अलग-अलग समय में अलग-अलग तरह की गतिविधियों का संचालन करने प्रेरित किया। इस अवसर पर एसडीएम डोंगरगढ़  गिरीश रामटेके, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

 
और भी

योजनाओं के क्रियान्वयन संचालन व धरातल स्तर पर वस्तुस्थिति जानने अधिकारियों की टीम पहुंची ग्राम पंचायत

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर ने आज जिले में चल रही योजनाओं के क्रियान्वयन संचालन और वस्तुस्थिति से रूबरू होने के उद्देश्य से अधिकारियों की टीम गठित किया है। प्रत्येक ग्राम पंचायतों के लिए एक अधिकारी नियुक्त किया गया है। आज इन अधिकारियों ने डोंगरगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायतों में पहुंचकर वहां विकास कार्यों का निरीक्षण किया। 

कलेक्टर के समक्ष योजनाओं की वस्तुस्थिति से रूबरू होकर अधिकारियों ने जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने विभाग से ही संबंधित कार्यों का संचालन और निरीक्षण करते हैं। इस व्यवस्था से जो टीम गठित की गई है, उनके द्वारा विभिन्न विभागों में चल रहे विकास कार्यों-योजनाओं कार्यक्रमों और सेवाओं का निरीक्षण किया गया है। इससे वास्तविकता और योजनाओं की वस्तुस्थिति का आकलन सही ढंग से हो सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारियों की ओर से जो फीडबैक प्रेषित किया गया है, उसके आधार पर संबंधित ग्राम पंचायतों में कमियों को दूर कर विकास योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन किया जाएगा। अधिकारियों की ओर से मुख्य रूप से मध्यान्ह भोजन संचालन, रेडी टू ईट, आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, राशन दुकानों के संचालन, राशन सामग्री वितरण की स्थिति योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति से संबंधित विषयों पर फीडबैक प्रस्तुत किया गया। कलेक्टर एक-एक कर अधिकारियों से चर्चा कर ग्राम पंचायतों की स्थिति से रूबरू हुए। 

 
 
 

कलेक्टर ने कहा कि सभी अधिकारी जिला प्रशासन की ओर से चलाये जा रहे 10वीं 12वीं कोचिंग क्लास महिला व बच्चों के स्वास्थ्य की भी मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि बेहतर तरीके से योजनाओं का क्रियान्वयन हो लोगों को इसका लाभ मिले। साथ ही जनसमस्याओं का निराकरण हो। कलेक्टर ने कहा कि अधिकारियों की ओर से मूल्यांकन किये जाने से निचले स्तर पर समस्याओं का निराकरण हो सकेगा। अधिकारियों की ओर से प्रस्तुत फीडबैक का वीडियोग्राफी कराया गया। प्रस्तुत फीडबैक के आधार पर समस्या का उचित निराकरण किया जाएगा। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र ठाकुर, एसडीएम डोंगरगढ़ गिरीश रामटेके, जनपद सीईओ सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

और भी

केंद्र के इशारे पर महिला आयोग को काम करना शोभा नही देता : वंदना

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय महिला आयोग अध्यक्ष रेखा शर्मा के बयान पर कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता वंदना राजपूत ने कहा कि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष अपने आकाओं को खुश करने के लिये ऐसा बयान बाजी कर रही है। छत्तीसगढ़ सरकार में पूरी तरह से कानून का राज है और पुलिस प्रशासन तत्परता से अपना काम कर रही है इसी तत्परता का परिणाम है कि प्रदेश में महिला अपराधों में कमी आई है। राष्ट्रीय महिला आयोग महिलाओं की दशा सुधारने का यंत्र है। लेकिन यहाँ पर द्वेष पूर्ण कार्य करने का आरोप लगाते हुए वंदना राजपूत ने कहा कि जब गुजरात में 2000 करोड़ की एमडी ड्रग्स पकड़ाया गया उस समय रेखा शर्मा ने क्यों नही कहा उड़ता गुजरात क्योंकि वहाँ भाजपा का सरकार है.उत्तर प्रदेश में बच्चियों  के साथ हृदय विदारक रेप होता है पीड़ितों एवं उनके परिवार को डराया धमकाया जाता है बलात्कारियों को संरक्षण देने का काम भाजपा के नेता करते है. मध्यप्रदेश में महिला अपराध चरम पर है इस पर राष्ट्रीय महिला आयोग के मुंह में ताला लग जाता है।

वंदना राजपूत ने कहा कि केंद्र सरकार के इशारे पर महिला राष्ट्रीय आयोग को काम करना शोभा नही देता। पूर्ववर्ती सरकार रमन सिंह के समय कमीशनखोरी के चक्कर में सरकार शराब बेचने का काम करती थी। छत्तीसगढ़ के भोली भाली जनता को शराब के लत मे धकेलना काम किया गया .शराब की खपत के मामले में छत्तीसगढ़ देश मे नंबर वन में था। आज 14 वें नंबर पर है। कांग्रेस सरकार के द्वारा जागरूकता अभियान का ही परिणाम है कि शराब की बिक्री मे गिरावट आई है। पूर्ववर्ती सरकार डा.रमन सिंह के ओ एस डी रहे ओ. पी.गुप्ता के द्वारा एक नाबालिग बच्ची के साथ अनाचार करता है और उस बलात्कारी को संरक्षण देने का काम भाजपा के नेत्री करती है। उस समय राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसका संझान क्यों नही लिया क्योंकि उस समय भाजपा की सरकार थी। राष्ट्रीय महिला आयोग छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति द्वेष पूर्ण बयान बाजी कर रही है।

और भी