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हाई वेल्यू मिनरल्स हब के रूप में उभरेगा छत्तीसगढ़, खनिज विभाग द्वारा आयोजित स्टेक होल्डर्स कॉन्फ्रेस में जुटे देश भर के निवेशक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजधानी रायपुर के सर्किट हाउस में आज खनिज विभाग के अधिकारियों सहित देश भर से आए खनन से जुड़े सार्वजनिक उद्यम एवं निजी कंपनियों के प्रतिनिधि जुटे, जिसमें छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधनों तथा उनके संभावनाओं पर मंथन किया गया। यह मौका था खनिज संसाधन विभाग एवं संचालनालय भौमिकी तथा खनिजकर्म द्वारा आयोजित स्टेक होल्डर्स कॉन्फ्रेंस का।

कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में रेयर अर्थ एलिमेंट्स, लीथियम और गोल्ड जैसे हाई वेल्यू मिनरल्स प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, जिनके खनन एवं दोहन से बड़ी संख्या में लोगों को रोजगार मिलेगा साथ ही राजस्व की प्राप्ति होगी। खनिज संसाधन विभाग एवं संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म के निदेशक जे.पी. मौर्य ने बताया  कि खनिज विभाग में जल्द ही एक सेल का गठन किया जाएगा। जिसके द्वारा निवेशकों को छत्तीसगढ़ में खनिज संसाधन, संभावनाएं और खनन प्रक्रियाओं के संबंध में जानकारी दी जाएगी।

 
 
 

कॉन्फ्रेंस में खनिज ब्लॉकों की नीलामी तथा राज्य में उपलब्ध हाई वेल्यू मिनरल के अन्वेषण के संबंध में रणनीति पर विचार किया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में देश के विभिन्न भागों से आए निवेशकों को छत्तीसगढ़ मेें खनन क्षेत्र में निवेश करने का आग्रह किया गया और यह आश्वस्त किया गया कि उन्हें छत्तीसगढ़ में आधारभूत संरचना सहित आवश्यक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जायेंगी। 

 
 
 

स्टेक होल्डर्स कॉन्फ्रेंस का शुभारंभ खनिज संसाधन विभाग एवं संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म के निदेशक जे.पी. मौर्य ने किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक संसाधनों से परिपूर्ण राज्य है जहां पर प्रचुर मात्रा में खनिज संसाधन हैं। देश की अर्थव्यवस्था में हमारे प्रदेश का प्रमुख योगदान है। उन्होंने बताया कि सतत विकास की अवधारणा को फलीभूत किया जाना इस बात पर निर्भर करता है कि हम खनिज संसाधनों का उपयोग इस प्रकार से करें कि उनका दोहन उपयुक्त तरीके से हो। हमारा आयात न्यूनतम हो तथा निर्यात की पर्याप्त संभावना हो। साथ ही खनन प्रक्रिया पर्यावरण अनुकूलता तथा खनिज संरक्षण को ध्यान में रखकर किया जाए। 

 
 
 

श्री मौर्य ने कहा कि खनिज की मांग के लिए भविष्य में औद्योगिक उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए ग्रीन टेक्नालॉजी की आवश्यकता है। छत्तीसगढ़ राज्य, विजन 2047 में अग्रणी राज्य की भूमिका निभाने के लिए तैयार है जिसमें प्रमुख क्षेत्रों में खनिज क्षमता को विकसित करने की दशा में हम बढ़ रहे हैं। हाई वेल्यू मिनरल जैसे लीथियम, टीन, गोल्ड, कॉपर, निकल एवं हीरा को आधुनिकतम तकनीकी का उपयोग करते हुए उसकी उपलब्धता एवं मात्रा के आंकलन का कार्य किया जाना ही हमारी प्राथमिकता है।

श्री मौर्य ने बताया कि छत्तीसगढ़ में देश में पहली बार खनिजों के अन्वेषण हेतु 6 निजी ऐजेन्सियों को अधिमान्यता देकर खनिजों के ब्लॉक आबंटित किए गये हैं। पूर्व में छत्तीसगढ़ राज्य में विभिन्न शासकीय एजेन्सियों द्वारा किए गए अन्वेषण के आधार पर 100 से अधिक संभावित खनिज ब्लॉक चिन्हित किए गए हैं, जिनका आकलन नीलामी के मापदण्डों के अनुसार तीव्र गति से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक हम विभिन्न खनिजों जैसे गोल्ड, आयरन ओर, चूनापत्थर एवं बॉक्साइट के 40 खनिज ब्लॉकों की टेण्डर आमंत्रण सूचना जारी कर चुके है एवं 15 ब्लॉक का सफलतापूर्वक नीलामी कर चुके है। 

 
 
 

खनिज विभाग के संयुक्त संचालक अनुराग दीवान ने बताया कि अधोसंरचना में लाइम स्टोन, लोहा तथा ऊर्जा उत्पादन में कोयला एवं उर्जा के प्रवाह में कॉपर एल्यूमिनियम का प्रयोग होता है। उन्होंनेे विभागीय क्रियाकलापों में दक्षता और पारदर्शिता लाने के लिए शुरू की गई खनिज ऑनलाईन योजना, ई-ट्राजिस्ट पास व्यवस्था, खनिज संसाधनों की उपलब्धता, जिलों में डीएमएफ द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। इस अवसर पर मुख्य वन संरक्षक अमरनाथ प्रसाद, जिओलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के उप संचालक पार्थो दत्ता, वित्त विभाग की विशेष सचिव शीतल शाश्वत वर्मा, खनिज विभाग के उप संचालक महिलपाल सिंह, यू.के. कुरेशी, हरिश ध्रुव, संजय खरे, अंजू सिंग, सीमा चौबे, उप संचालक प्राची अवस्थी तथा सार्वजनिक उपक्रम सहित निजी खनन कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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नक्सल पीडि़त परिवारों के बेरोजगार युवाओं को दिया जाएगा कौशल उन्नयन प्रशिक्षण

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के नक्सल पीडि़त परिवारों के बेरोजगार युवक-युवतियों को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा तथा प्रशिक्षण पश्चात् उन्हें प्राइवेट कंपनियों में नौकरी भी दिया जाएगा। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला व पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा ने आज नक्सल पीडि़त परिवारों की बैठक लेकर उनकी समस्या सुनी तथा उनके निराकरण के लिए भरोसा दिलाया। 

नक्सल पीडि़त परिवारों से चर्चा करते हुए कलेक्टर, एसपी ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक व कक्षा 8वीं उत्तीर्ण बेरोजगार युवक-युवतियों को प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए पीडि़त परिवारों से जानकारी ले लेवें तथा युवक-युवतियों का नाम, उनकी शैक्षणिक योग्यता इत्यादि का उल्लेख करते हुए सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध करायें। इन युवाओं को लाइवलीहुड कॉलेज के माध्यम से कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जाएगा, तत्पश्चात उन्हें नौकरी भी दी जाएगी। नक्सल पीडि़त परिवारों के अध्यक्ष जी.आर. विश्वकर्मा ने जिला प्रशासन की ओर से किये जा रहे इस पहल पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उनके परिवार के बेरोजागर युवाओं को रोजगार मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।

 
 

मिली जानकारी के अनुसार जिले में 302 परिवारों को नक्सल पीडि़त परिवार का प्रमाण पत्र जारी किया जा चुका है। जिले के सभी एसडीएम वं एसडीओपी को आपस में समन्वय कर इन परिवारों की सूची का मिलान करने के निर्देश भी दिये गये हैं। उल्लेखनीय है कि जिले के नक्सल पीडि़त परिवारों को शासन की गाईडलाईन के अनुसार राशन कार्ड सहित अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई है।

कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के लिए 1081 युवाओं का चयन : 

कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला के निर्देशानुसार जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगार से जोडऩे के लिए विभिन्न ट्रेड में कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए काउंसिलिंग का आयोजन किया गया था, जिसमें 1081 युवाओं को काउंसिलिंग पश्चात चयनित किया गया है। इन युवाओं को उनके चयनित ट्रेड में प्रशिक्षण प्रदान कर कंपनियों में नौकरी दी जायेगी। लाईवलीहुड कॉलेज कांकेर के प्राचार्य सुनील नेताम से मिली जानकारी के अनुसार प्रथम चरण में 93 युवाओं को कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, हास्पिटालिटी में 34 युवा, इलेक्ट्रीकल में 29, फॉलसिलिंग में 11, सेक्युरिटी गार्ड में 13, वेल्डिंग में 04 और प्लबिंग में 02 युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, तत्पश्चात उन्हें निजी फर्मों में नौकरी भी उपलब्ध कराई जाएगी। उक्त बैच के प्रशिक्षण पश्चात अन्य चयनित युवाओं को भी प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।

 
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पत्थरदिल भूपेश-टीएस : भाजपा मरीज से ही करा देगी अस्पताल का उद्घाटन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा है किमुख्यमंत्री भूपेश बघेल की निर्दयता का रोग छत्तीसगढ़ सरकार को लग गया है। भूपेश बघेल के नेतृत्व में सरकार नहीं सर्कस चल रहा है। कोई मंत्री शराब की शान में कसीदे पढ़ रहा है, कोई मंत्री अपने ठिकाने पर शराब दुकान खुलवाए है तो कोई मंत्री जोकर बना हुआ है। पूरी सरकार ही निकम्मी है।

जैसे मुख्यमंत्री वैसे ही उनके मंत्री हैं। किसी को असहाय जनता की तकलीफ से कोई मतलब नहीं है। मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ में काम करने की बजाय कांग्रेस आलाकमान की चाकरी कर रहे हैं। उनका एक सूत्रीय कार्यक्रम है कि जैसे भी हो, अपनी कुर्सी बचाओ। इधर स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव भी अपने बॉस भूपेश बघेल की तरह पत्थर दिल हो गए हैं।

 
 
 

जनता के प्रति निष्ठा दिखाने की बजाय हद दर्जे की संवेदनहीनता का परिचय दे रहे हैं। यह भूपेश बघेल की अधीनस्थता का असर है या बड़ी कुर्सी न मिल पाने की निराशा कि उनके अपने सरगुजा जिले की सलका पंचायत में 50 लाख रुपये की लागत से अस्पताल की बिल्डिंग बनकर 4 माह से तैयार है लेकिन मंत्री के हाथ से फीता न कट पाने की वजह से फर्श पर मरीजों का इलाज हो रहा है। क्या मंत्री के हाथों फीता कटना इतना जरूरी है कि मरीजों की जरूरत की अनदेखी कर दी जाए। आखिर अस्पताल मरीजों के बेहतर इलाज और सुविधा के लिए बनते हैं या मंत्री के फीता प्रेम की पूर्ति के लिए?

 
 
 

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अनुराग सिंहदेव ने कहा कि यदि स्वास्थ्य मंत्री से अस्पताल बिल्डिंग का फीता कटवाना इतना ही जरूरी है तो चार माह से स्वास्थ्य मंत्री क्या कर रहे हैं? जिस मंत्री को विधानसभा का मानसून सत्र  महत्व नहीं रखता, जिस मंत्री को आदिवासी अंचल में डेंगू के प्रकोप से कोई लेना देना नहीं, जो मंत्री कोरोना काल में छत्तीसगढ़ से पलायन कर मुंबई में जाकर बैठ जाये, जो मंत्री मुख्यमंत्री की कुर्सी हासिल करने के लिए छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को प्राणहीन बनाने पर तुला हो, छत्तीसगढ़ से ज्यादा दिल्ली में डेरा डाले रहता हो, उस मंत्री के इंतजार में अस्पताल की बिल्डिंग बनकर भी किसी काम की नहीं है।

 
 
 

अंधेरगर्दी तो यह है कि चिकित्सा अधिकारी ही बता रहे हैं कि कांग्रेस के नेता अस्पताल में शिफ्टिंग रोक रहे हैं। शासन की स्वास्थ्य व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग चला रहा है या कांग्रेस के नेता विभाग के फैसले ले रहे हैं। यदि 48 घंटे में बिल्डिंग में मरीजों का इलाज शुरू नहीं किया गया तो भाजपा किसी मरीज से अस्पताल का उद्घाटन करा देगी।

 

 

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मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना से दूरस्थ क्षेत्र के ग्रामीण हो रहे लाभान्वित

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी योजना मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना का जिले संचालन किया जा रहा है। कलेक्टर इफ्फत आरा के निर्देशन और मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एस. सिंह के मार्गदर्शन में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना में अधिक से अधिक मरीजों को स्वास्थ्य लाभ प्रदान किया जा रहा है।

जिले के दूरस्थ क्षेत्र के बाजारों में आवश्यकता है और जरूरत बढ़ रही है। जिसके तहत इस योजना अन्तर्गत जिले में अब तक कुल 279394 (दो लाख उनासी हजार तीन सौ चौरानवे) लोगों का जांच व उपचार किया गया है। इस योजना की शुरुवात में जहां प्रति हाट बाजार 15 से 20 मरीजों का लाभ मिल रहा था, वहीं इसके प्रचार-प्रसार व हाट बाजार क्लीनिक के निरंतर संचालन से अब यह 50 से 60 मरीजों तक पहुच चूका है। जिले में इसकी आवश्यकता व जरूरत के कारण जिन हाट बाजार में संचालन नहीं हो रहा था, वहां से भी क्लीनिक के संचालन की मांग की गई। आम लोगों की मांग पर वहां भी हाट बाजार क्लीनिक योजना संचालित किया जा रहा है। सूरजपुर, प्रतापपुर, भैयाथान, रामानुजनगर, ओढग़ी और प्रेमनगर विकासखंड में सप्ताहिक बाजार लगते हैं हाट बाजार क्लीनिक योजना का संचालन किया जा रहा है।  

 
 

1 अप्रैल 2022 से 31 अगस्त 2022 तक कुल उपचारित मरीजों की संख्या 113184 है। दवाई प्राप्त करने वाले तथा विभिन्न टेस्ट कराने वालों की संख्या 105680 है। सीएमएचओ डॉ. आर एस सिंह ने बताया कि कुल चिन्हांकित हाट बाजारों की संख्या 105, कुल वाहनों की संख्या 18, माह में कुल 400 बाजार लगता है तथा विभिन्न बाजारों में 2196 एमएमयू गये। उन्होंने बताया कि प्रति हाट बाजार में उपचारित मरीजों की औसत संख्या 52 तथा जिला अस्पताल में रेफर किये गये मरीजों की संख्या 225 है।

 
 

गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में चिकित्सकों की कमी के कारण बीमार लोगों को ईलाज के लिए कई बार आधारभूत स्वास्थ्य सेवायें भी समय पर नहीं मिल पाने के कारण बीमारी का पता नहीं चल पाता है तथा जटिलता की स्थिति में उच्च अस्पतालों को रिफर करना पड़ता है। ग्रामीण तथा शहरी स्लम क्षेत्रों में पैथोलॉजी प्रयोगशाला नहीं होने के कारण मरीजों को जांच के लिए भी शहरी क्षेत्रों तक आना पड़ता है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से आदिवासी अंचलों में ग्रामीणों के बीच हाट बाजार के महत्व को देखते हुये मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की शुरुआत किया गया। इस योजना के अन्तर्गत प्रतिदिन हाट बाजार क्लीनिक में जांच और इलाज की सुविधा से ऐसे मरीजों को त्वरित रूप से आधारभूत स्वास्थ्य सेवायें मिल रही है। सूरजपुर जिले के भी हाट बाजारों में भी इस योजना अन्तर्गत स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिविर लगाकर संक्रामक वं गैर संक्रामक रोगों का नि:शुल्क इलाज किया जा रहा है। हाट बाजार क्लीनिक में ही रक्तचाप, मधुमेह, सिकलसेल एनीमिया, हीमोग्लोबिन, मलेरिया, टाइफाइड जैसी बीमारियों के लिए खून की जांच नि:शुल्क की जा रही है वं मरीजों को नि:शुल्क दवाईयां दी जा रही है, साथ ही आवश्यक चिकित्सा परामर्श दिया जा रहा है। लोगों की बीमारी का त्वरित इलाज हो रहा है।

 
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वादा तोड़ने वाली भूपेश सरकार भरोसे के लायक नहीं : नारायण चंदेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कर्मचारियों को आगाह करते हुए कहा है कि वादा तोड़ने में माहिर भूपेश सरकार भरोसे के लायक नहीं है। भाजपा चाहती है कि कर्मचारियों को उनका हक मिले। उनकी जायज मांगें पूरी हों। भाजपा कर्मचारियों के साथ है। कर्मचारियों को यह समझना होगा कि इस सरकार को अपने वादे से मुकरना बखूबी आता है। इसके पूर्व पुलिस परिवार से किये वादे के बाद कमेटी कमेटी खेल रही है।

अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था, उस पर एक इंच भी आगे नहीं बढ़ी। बेरोजगारी भत्ता देने से मुकर गई। रोजगार का हाल यह है कि सौ से भी कम भृत्य पद के विरुद्ध सवा दो लाख आवेदन आते हैं। यह सरकार वादाखिलाफी में सारी दुनिया में पहले क्रम पर है। ऐसा कभी नहीं हुआ कि राज्य के कर्मचारियों को डीए और एचआरए के लिए इतना बड़ा आंदोलन करना पड़ा हो। सरकार के वादे और इरादे में विरोधाभास है। सरकार की नीति और नीयत में खोट है। यदि कर्मचारियों के हक में सरकार संवेदनशील होती तो आश्वासन का झुनझुना पकड़ाने की बजाय सीधे फैसला लेती।

नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल ने कहा कि मुख्य सचिव के साथ बैठक का दौर चले और इसके बाद भी फैसला नहीं, मांगों पर विचार करने केवल किसी मंत्री का आश्वासन सामने आए तो स्पष्ट है कि अब फिर कमेटी कमेटी होगा। आंदोलित कर्मचारियों को बहलाने का रास्ता निकाला गया है। स्वयं मुख्यमंत्री यह ऐलान करें कि तीन दिन में कर्मचारियों की मांग पर उचित फैसला ले लिया जायेगा। मुख्यमंत्री को चुनौती है कि वे स्पष्ट रूप से बतायें कि कर्मचारियों की मांगें कब पूरी कर देंगे?ऐसा कोई सगा नही जिसको भूपेश ने ठगा नही।

 

 

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आरबीआई की परियोजना वित्तीय साक्षरता केंद्र ने किया बैंकिंग जन जागरूकता कार्यक्रम

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विगत दिनों जिले के विकासखंड ओरछा के ग्रामीण अंचलों को हाट बाजार में बैंकिंग जन जागरूकता का कैंप का आयोजन किया गया। इसके अंतर्गत संभागीय अधिकारी रोहित पाल सीएफएल जिला सम्वयक झामेशवर कुमार नारायणपुर काउंसलर धुनेशवर पटेल ओरछा काउंसलर लछिनदर कर्मा की ओर से कैंप लगाया गया। 

जिसमें ग्रामीण अंचलों के लोगों को प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा प्रधानमंत्री ज्योति जीवन बीमा प्रधानमंत्री अटल पेंशन योजना सुकन्या योजना साइबर क्राइम के बारे में जानकारी के साथ बीमा कराया गया।  इसके अलावा इस बैंकिंग जन जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत बैंकों में खाता खोलने के लिए केवाईसी करने की लिए प्रोत्साहित करना और बैंकों में ही निवेश के लिए प्रोत्साहित करना रिजल्ट लोन लेने की जानकारी साथ ही में बैंकिंग से संबंधित फ्रॉड होने वाले मैसेज के माध्यम से फोन कॉल के माध्यम से या लोगों की ओर से बैंक के नाम पर ठगी और सरकारी नौकरी के नाम पर होने वाली ठगी से बचने की जानकारी दी जाती हैं और लोगों की समस्याओं का सरलता पूर्वक सुलझाया जाता है, वहीं बीमा व बैंकिंग के विषय में लोगों को संपूर्ण जानकारी दी जाती है।

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अवैध मुरुम खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 6 वाहन जब्त

 बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के निर्देश पर जिले में अवैध मुरुम खनन व परिवहन के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। अवैध खनन और भंडारण के विरुद्ध प्रशासन की ओर से आज सख्त कार्रवाई की गई। खनिज विभाग की ओर से सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम करही चंडी में अवैध मुरुम परिवहन करते हुए कुल 6 वाहन पकड़े गए है। खनिज अधिकारी के के बंजारे के नेतृत्व में उक्त कार्रवाई किया गया है। 

खनिज अधिकारी ने बताया की वाहनों में सभी 6 हाईवा है। जिसे जब्त कर निकट थाना सुहेला के सुपुर्दगी में रखा गया है। उक्त कार्रवाई छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 व एमएमडीआर एक्ट 1957 की धारा 21 से 23 के अंतर्गत किया गया है। इन वाहन मालिकों पर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की जा रही है। गौरतलब है की कलेक्टर रजत बंसल ने जिले में रेत सहित अन्य अवैध कारोबार के मामले में अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं। बंजारे ने कहा है कि ऐसी कार्रवाईयां आगे भी जारी रहेंगी। अवैध रेत खनन एवं मरुम उत्खनन करने वालों पर प्रशासन की पैनी नजर है और ऐसे अवैध धंधे एवं परिवहन करते पकड़े जाने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले का आज मुख्यमंत्री करेंगे शुभारंभ

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजनांदगांव जिले से अलग होकर बनाए जा रहे राज्य के 29वें जिले का आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधिवत शुभारंभ करेंगे। 

मोहला में आयोजित कार्यक्रम का संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी, दुर्ग संभाग आयुक्त महादेव कावरे, कलेक्टर डोमन सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर सहित मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी के ओएसडी एस जयवर्धने सहित अधिकारियों ने कार्यक्रम आयोजन की तैयारी का जायजा लिया। संभाग आयुक्त महादेव कावरे ने यहां मुख्यमंत्री की आगमन को लेकर बनाए गए हेलीपैड, मुख्य मंच, कार्यक्रम स्थल सहित कलेक्ट्रेट कार्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कहा कि क्षेत्र की जनता की बहुप्रतीक्षित मांग मूर्त रूप लेने जा रहा है। यह क्षेत्र की जनता के लिए ऐतिहासिक और उल्लेखनीय क्षण साबित होगा। इसके लिए उन्होंने बड़ी संख्या में क्षेत्र की जनता की कार्यक्रम स्थल पर शामिल होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पार्किंग स्थल, कार्यक्रम में आने वाले क्षेत्र की जनता के लिए बैठक व्यवस्था सहित अन्य सुविधा संसाधन की जानकारी लेकर जरूरी दिशा निर्देश दिए। 

 
 

कलेक्टर डोमन सिंह व पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने कार्यक्रम आयोजन के लिए की गई व्यवस्था की जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान मोहला-मानपुर विधायक व संसदीय सचिव इंद्रशाह मंडावी ने कार्यक्रम आयोजन से जुड़ी सभी बारीकियों की जानकारी से अवगत होकर कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जरूरी मार्गदर्शन और निर्देश दिए।

 
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गढत हे नवा छत्तीसगढ़ : प्रदेश की आंचलिक खबरें एक नजर में

 बलौदाबाजार : अवैध मुरुम खनन पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, 6 वाहन जब्त

कलेक्टर रजत बंसल के निर्देश पर जिले में अवैध मुरुम खनन व परिवहन के मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। अवैध खनन और भंडारण के विरुद्ध प्रशासन की ओर से आज सख्त कार्रवाई की गई। खनिज विभाग की ओर से सिमगा तहसील अंतर्गत ग्राम करही चंडी में अवैध मुरुम परिवहन करते हुए कुल 6 वाहन पकड़े गए है। खनिज अधिकारी के के बंजारे के नेतृत्व में उक्त कार्रवाई किया गया है। 

कोरबा : जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को राशन, पेंशन आदि सुविधाओं से करें लाभान्वित : कलेक्टर 

कलेक्टर संजीव झा ने जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों को राशन, पेंशन आदि मूलभूत सुविधाओं से लगातार लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नागरिकों से प्राप्त विभिन्न समस्याओं और सुझावों से संबंधित आवेदनों का संवेदनशीलता से समय सीमा में निराकरण करने के भी निर्देश दिए हैं।

कवर्धा : कृषि विज्ञान केन्द्र के गतिविधियों को गौठानों में संचालित करें : कलेक्टर

कलेक्टर जनमेजय महोबे ने आज ग्राम नेवारी स्थित कृषि विज्ञान केन्द्र का औचक निरीक्षण कर वहां चल रहे गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केन्द्र में नए-नए प्रयोग किए जा रहे है। यहां पशुधन विकास, अच्छी नस्ल के गाय से दूध उत्पादन, मुर्गी पालन, बतख पालन, बटेर पालन, मछली पालन, विभिन्न प्रजातियों के फलों पौधों का शीड उत्पादन, हेचरी से चूचे सहित अनेक प्रकार के फसल उत्पादन पर प्रयोग किए जा रहे है।

बीजापुर : शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं का व्यापक रूप से क्रियान्वयन कर अंतिम व्यक्ति को करें लाभान्वित : विधायक मंडावी

क्षेत्रीय विधायक व बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष विक्रम शाह मंडावी ने जिले में संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। विधायक मंडावी ने विभाग-वार कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिले में संचालित स्कूलों व बंद पड़े स्कूलों को पुन: संचालित वाले स्कूलों की जानकारी लेते हुए स्कूलों को प्राप्त सुविधाएं, शिक्षादूतों का नियमित मादनदेय आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम व नवीन हिन्दी माध्यम स्कूलों सहित आश्रम पोटाकेबिन की व्यवस्थाओं पर विस्तृत चर्चा की।

सूरजपुर : मोबाईल मेडिकल यूनिट बस से किया जा रहा नि:शुल्क चिकित्सा उपचार

मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत विभिन्न वार्डों में पहुंचकर मेडिकल मोबाइल यूनिट बस से नि:शुल्क चिकित्सा उपचार किया जा रहा है। आज प्रेमनगर व भटगांव क्षेत्र में मोबाइल मेडिकल यूनिट की बस पहुंच कर नि:शुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया। नगर पंचायत प्रेमनगर क्षेत्र में वार्ड क्रमांक 12 रानी दुर्गावती वार्ड सरना चौक के पास कुल 72 मरीजों का, स्वास्थ्य चेकअप कर नि:शुल्क दवा का वितरण किया गया।

उत्तर बस्तर कांकेर : कलेक्टर ने किया राजपुर गौठान का निरीक्षण

जिले के कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने आज नरहरपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत मासुलपानी के आश्रित ग्राम राजपुर के आदर्श गौठान का निरीक्षण कर गौठान में संचालित गतिविधियों की जानकारी लेते हुए गौठान में गोबर की खरीद बढ़ाने के लिए निर्देशित करते हुए कहा कि गावं के सभी पशुपालकों का पंजीयन किया जाय तथा प्रत्येक दिन कम से कम 02 क्विंटल गोबर की खरीदी सुनिश्चित की जाएं।

राजनांदगांव : मुख्यमंत्री से अंबागढ़ चौकी में कार्यालय खोलने की मांग को लेकर प्रतिनिधिमंडल ने की भेंट

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से अंबागढ़ चौकी में कार्यालय खोलने की मांग को लेकर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष नवाज खान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने भेंट की। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिला आपका जिला है और आप लोगों की राय के आधार पर यहां कार्यालय बनेगा।

सुकमा : अब तक लग चुके हैं 3 लाख 75 हजार से अधिक कोरोना टीका

सुकमा जिले में अब तक कुल 3 लाख 75 हजार से अधिक कोरोना टीका के डोज लगाए गए है, तीनों विकासखंड में नियमित रूप से कोविड वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जिले में कोई भी कोविड टीका से वंचित ना रहे, इसके लिए स्वास्थ्य विभाग दुर्गम अंदरुनी क्षेत्रों तक भी, नदी नाले पार कर पहुंच रही हैं।

अम्बिकापुर : गोठान में खीरे की खेती से महिलाओं ने कमाया 90 हजार मुनाफा

बतौली जनपद के आदर्श गोठान मंगारी में चम्पा स्व सहायता समूह की महिलाओं ने खीरा की खेती कर उसके बिक्री से 90 हजार 450 रुपए शुद्ध मुनाफा कमाया है। गोठान में मल्चिंग विधि से की गई की खेती से खीरा की बंपर पैदावार हुई। जिससे महिलाओं ने अब तक 38 क्विंटल खीरा करीब 1 लाख 2 हजार रुपए का बेचा है।

जशपुरनगर : दुलदुला के कोरना गौठान में समूह की महिलाओं को वेस्ट डीकंपोजर बनाने दिया गया प्रशिक्षण

कलेक्टर रितेश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन व सीईओ जिला पंचायत जितेन्द्र यादव के दिशा निर्देश में आज दुलदुला विकासखंड के कोरना गौठान में स्व सहायता समूह की महिलाओं को कृषि विभाग की ओर से वेस्ट डीकंपोजर बनाने की विधि का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर जनपद सीईओ दुलदुला बजरंग वर्मा, समूह की महिलाएं सहित कृषि विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

अम्बिकापुर : नवीन स्वीकृत स्वामी आत्मानंद स्कूल संचालन के लिए आवश्यक तैयारी शीघ्र शुरू करें : कलेक्टर

कलेक्टर कुन्दन कुमार ने गुरुवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने जिले में 12 नए स्वीकृत स्वामी आत्मानन्द उत्कृष्ट विद्यालय के संचालन के लिए भवन का चिन्हांकन, निर्माण कार्य के लिए एस्टीमेट आदि तैयार करने की कार्यवाही शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। 

महासमुंद : प्रभारी मंत्री ने की जि़ले के विकास कार्यों और कामकाज की समीक्षा

छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण, गृह व जिले के प्रभारी मंत्री ताम्रध्वज साहू ने आज जि़ला पंचायत सभागार में विभागीय अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विभिन्न विकास कार्यो और कामकाज की समीक्षा की। उन्होंने कहा फ्लैगशिप योजनाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित करने विभागीय अधिकारी जिम्मेदारी के साथ काम करें।

महासमुंद : गृह मंत्री ने दिखाई पुलिस की अंजोर रथ को हरी झंडी

गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने समीक्षा बैठक के बाद जिले के दूर-दराज इलाकों में रहने वाले लोगों को पुलिस सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन की अंजोर रथ खाकी के रंग, स्कूल के संग नामक चलित पुलिस रथ को हरी झंडी दिखाई।

सूरजपुर : मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत 13 हजार कुपोषित बच्चों को किया गया लाभान्वित 

मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान मुख्यमंत्री की महत्वकांक्षी योजना है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान का मुख्य उद्देश्य 6 माह से 3 वर्ष के बच्चों व 15 से 49 वर्ष की एनीमिक महिलाओं को लाभान्वित करना है। मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान 2 अक्टूबर 2019 से प्रारंभ किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य 06 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से मुक्त करना है।

 

 

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बिहान योजना से जुड़ कर ग्राम बिलाड़ी की मीरा ने पकड़ी आर्थिक सशक्तिकरण की राह

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर जिले के विकासखंड तिल्दा के  ग्राम पंचायत बिलाड़ी की श्रीमति मीरा कन्नौजे बिहान योजना से जुड़कर उन्नत कृषि कर आर्थिक रूप से स्वावलंबी बन रही है।  मीरा  द्वारा औषधिय गुणों से  भरपुर एवं स्वास्थ्य के लिए अति लाभकारी मुनगा के पत्तियों से मुनगा पाउडर का निर्माण कर स्थानीय  बाजार में विक्रय किया जा रहा है जिससे उनको अच्छी आमदनी हो रही है। साथ ही वे हल्दी की खेती भी कर रही है।

उन्होने बिहान योजना में ग्रामीण स्तर पर विभिन्न सहायिकाओं के रूप में भी कार्य किया है जिसमें वे ग्रामीण महिलाओं को उन्नत खेती की तकनीक सिखाती है। इनके इस उत्कृष्ठ कार्य को विभिन्न स्तर पर पुरस्कृत भी किया गया । उन्हें इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा अन्य संस्थानों द्वारा पुरस्कृत किया गया है ।

वर्तमान में मीरा दीदी द्वारा अन्य उत्पाद जैसे कि फलों से निर्मित  जैम जेली आदि का भी निर्माण किया जा रहा हैं। उसे पैकिंग कर  स्थानीय बाजार में बेचा जा रहा है। इन आर्थिक गतिविधियों से  अबतक मीरा दीदी 3 लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित कर चुकी है।

मीरा दीदी का कहना है कि बिहान योजना में जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं  थी । आज "बिहान" योजना की सहायता से उन्हें पंजीकृत संस्थाओं से निःशुल्क उन्नत कृषि तकनीको एवं उत्पाद निर्माण का प्रशिक्षण प्राप्त हुआ जिससे कि उन्होने अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए सभी संसाधन उपलब्ध हुए जिसकी सहायता से अपनी आजीविका को तो बढ़ा ही रही है, साथ ही अपने जैसे कमजोर ग्रामीण महिलाओं को बिहान योजना से जुड़ने के फायदो से अवगत कराते हुए कृषि के क्षेत्र में प्रशिक्षित कर मुख्य धारा से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रयासरत है। जिससे कि उनको आजीविका के अवसर प्राप्त हो सके व उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आये ।

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कलेक्टर ने किया भिलाई के वैशाली नगर का निरीक्षण

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने गुरुवार को भिलाई नगर निगम जोन 2  वैशाली  नगर का निरीक्षण किया। जिसमें उन्होंने वार्ड क्रमांक 21,22,24 और 25 में स्थानीय जनों से भी मुलाकात की। पूर्व में  कुछ स्थानों में जलभराव की स्थिति निर्मित हुई थी जिसके लिए कलेक्टर ने उस समय संबंधित अधिकारियों को नाली निर्माण  कार्य कराने के निर्देश दिए थे, इस संबंध में कलेक्टर ने वहां के स्थानीय लोगों से जानकारी ली की वर्तमान में जलभराव की क्या स्थिति है जिस पर वार्ड वासियों ने उन्हें बताया कि नाली निर्माण के पश्चात जलभराव की स्थिति में कमी आई है  और वर्तमान में जलभराव नहीं हो रहा है। उपस्थित अभियंताओं ने भी बताया कि नाली का निर्माण लेवलिंग को ध्यान में रखकर किया गया है जिससे जल निकासी बेहतर तरीके से हो रही है। इसके अलावा  कलेक्टर ने विभिन्न दुकानों का भी निरीक्षण किया ,जहां उन्होंने दुकान के सामने के परिसर में  कब्जे को हटाने के लिए दुकानदारों को समझाई थी, कुछ दुकानदारों पर बड़े स्तर पर कब्जा होने की स्थिति में आवेदन भी लगाया गए। कलेक्टर ने इस अवसर पर दुकानदारों और स्थानीय लोगों को बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी सहभागिता की बात भी कही। इसके अलावा कलेक्टर ने हाउसिंग बोर्ड के क्रिकेट स्टेडियम का  निरीक्षण भी किया ,जहां उन्होंने स्टेडियम  के बेहतर रखरखाव के निर्देश दिए ताकि खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को और बेहतर तरीके से निकाल सकें। इस अवसर पर आयुक्त लोकेश चंद्राकर, जोन आयुक्त एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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मुख्यमंत्री ने रायगढ़ में विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों से की भेंट-मुलाकात

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को रायगढ़ में विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात के दौरान सोनार समाज को 10 लाख रुपए मंगल भवन बनाने के लिए घोषणा की। कोलता समाज को बड़ा हाल बनाने के लिए 20 लाख रुपए, यादव समाज को शहरी क्षेत्र में सामाजिक भवन बनाने के लिए 20 लाख और पुसौर में सामाजिक भवन बनाने के लिए 10 लाख देने की घोषणा की। उन्होंने चन्द्रा समाज को सामाजिक भवन बनाने के लिए 20 लाख रुपए, सोढ़ी समाज को भवन बनाने के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने कोस्टा समाज के बुनकर समिति को खादी ग्रामोद्योग से जोड़कर उनके व्यापार को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

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पूर्व मंत्री केदार कश्यप का सरकार पर बड़ा आरोप, कहा : सैनिकों की भर्ती में भी भ्रष्टाचार हावी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य सरकार द्वारा बस्तर फाइटर्स की भर्ती में पारदर्शिता नही बरती गई है जिसके कारण कई होनहार युवकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है । बस्तर फाइटर्स की भर्ती में हुई धांधली की जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो । उक्त बातें भाजपा प्रदेश प्रवक्ता और पूर्व मंत्री केदार कश्यप ने कही है।

श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ सहित बस्तर के युवाओं को रोजगार देने के वादे के साथ सरकार में आई कांग्रेस सरकार ने बस्तर फाइटर्स भर्ती प्रक्रिया को भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा दिया, भर्ती प्रक्रिया में अधिक अंक पाने वालों की जगह कम अंक पाने वालों का चयन किया है पूरी भर्ती प्रक्रिया को देखने से समझ में आता है, कि प्रक्रिया में नियमों का पालन पूरी पारदर्शिता के साथ नही किया गया।

श्री कश्यप ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार को प्रश्रय देकर सुनियोजित तरीके से पूरी नियम प्रक्रिया को शिथिल कर , योग्य अभ्यर्थियों को भर्ती से वंचित कर दिया गया है कांग्रेस पार्टी ने युवाओं को रोजगार देने की बड़ी बड़ी घोषणाएं की थी पर अब सुरक्षा मामले में भी जमकर भ्रष्टाचार किया गया  है । जिन लोगो का चयन हुआ है वो स्थानीय नही है फर्जी जाति प्रमाण पत्र के आधार पर चयन किया गया ,  फिजिकल मे अनफिट होने पर भी उन्हें अवसर दिया गया ,अभ्यर्थियों के कम अंक के बाद भी उन्हें  इन्टरव्यू में मौका दिया गया , स्थानीय बोली को अवसर देने के नाम पर ऐसे अभ्यार्थियों का चयन किया जिन्हे स्थानीय बोली का अ,ब,स तक नहीं आता , पूरी चयन प्रक्रिया मे पैसे का जोर चला जिससे युवाओं के सुनहरे भविष्य का सपना टूट गया है।

श्री कश्यप ने कहा कि बस्तर फाइटर्स भर्ती में बस्तर के सैनिकों की भर्ती की जा रही है, और सैनिक की भर्ती में भी काग्रेस सरकार ने साजिश के तहत षड्यंत्रकारी तत्वों के द्वारा भ्रष्टाचार किया, जिसे बस्तर की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। श्री कश्यप ने सरकार से मांग की है कि पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र एजेंसी से जांच करवाई जाए और दोषियों पर कड़ी कार्यवाही की जाए।

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प्रदेश के 40 लाख से ज्यादा किसानों का पंजीयन, 83 फीसदी का ई-केवाईसी पूर्ण

 किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने की पहल

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। किसान परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिये ‘प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना‘ दिसम्बर, 2018 से प्रारंभ की गई है। योजनांतर्गत पात्र किसानों को प्रतिवर्ष छः हजार रूपये, दो-दो हजार की तीन किस्तों में प्रदाय किया जाता है। योजनांतर्गत सभी वर्ग एवं श्रेणी के किसानों को लाभान्वित किया जा रहा है। अब तक छत्तीसगढ़ के 40 लाख 65 हजार 778 किसानों का पंजीयन किया जा चुका है, जिसमें 2 लाख 39 हजार 315 वनाधिकार पट्टाधारी किसान भी सम्मिलित हैं। योजनान्तर्गत अब तक कुल 37 लाख 70 हजार 06 किसान लाभान्वित हुए हैं।

ई-केवाईसी के लिए छत्तीसगढ़ को 29 लाख 05 हजार 193 आधार सत्यापित किसानों का लक्ष्य प्राप्त हुआ था, जिसके विरुद्ध 24 लाख 18 हजार 378 किसानों का ई-केवाईसी किया जा चुका है, जो लक्ष्य का लगभग 83 प्रतिशत है। प्रदेश के 4 लाख 86 हजार 815 किसानों का ई-केवाईसी शेष है, जिसके लिए विभाग का मैदानी अमला सतत् प्रयासरत है। इसके लिए ग्राम स्तर पर चौपाल लगाये जा रहे हैं तथा कॉमन सर्विस सेंटर के साथ मिलकर कैंप भी आयोजित किये जा रहे हैं। साथ ही, आवश्यक होने पर किसानों के घर तक पहुँच कर ई-केवाईसी कराया जा रहा हैं। इस प्रकार, शीघ्र ही लंबित किसानों का ई-केवाईसी पूर्ण कर लिए जाने की संभावना हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत छत्तीसगढ़ के 4 लाख 86 हजार 815 किसानों का ई-केवाईसी लंबित है। अतः ई-केवाईसी का कार्य 31 अगस्त के उपरांत भी जारी रखने का अनुरोध है ताकि पात्र किसान योजना के लाभ से वंचित न हो सके। पोर्टल पर ई-केवाईसी हेतु लंबित किसानों की संख्या तथा उपलब्ध सूची में निरंतर भिन्नता देखी जा रही है। सूची में ई-केवाईसी करा चुके किसानों का भी नाम सम्मिलित हैं, जिस संबंध में प्रदेश के अधिकारियों के द्वारा पूर्व की बैठकों में अवगत कराया गया है। इसके निराकरण हेतु प्रदेश की ओर से दो सुझाव भी दिए गए है, जिसमें प्रथम सुझाव पोर्टल पर ई-केवाईसी लंबित किसानों की सूची के साथ ई-केवाईसी संपन्न करा चुके किसानों की सूची भी उपलब्ध कराने कहा गया है। वहीं पोर्टल पर प्रत्येक किसान के स्टेटस पर ई-केवाईसी की स्थिति भी प्रदर्शित करने का सुझाव दिया गया है। इससे लक्षित किसान का चिन्हांकन ज्यादा सरल एवं प्रभावकारी होगा। वर्तमान में योजना के पोर्टल से राज्यों के भू-अभिलेखों का एकीकरण किया जा रहा है। प्रदेश में राजस्व विभाग के द्वारा भूईयाँ पोर्टल पर भू-अभिलेख की जानकारी डिजिटल स्वरूप में संधारित है, जिसका एकीकरण प्रक्रियाधीन है।

प्रदेश के लगभग 4 लाख 45 हजार वन अधिकार पट्टाधारी किसानों में से लगभग 2 लाख 39 हजार 315 किसान योजना अंतर्गत लाभान्वित हो रहे हैं, जिनका विवरण डिजिटल स्वरूप में संधारित नहीं होने के कारण उक्त कार्य में समस्या आने की संभावना है। अतः इस संबंध में सकारात्मक निर्णय लिए जाने का अनुरोध किया गया है।  


पीएम किसान पोर्टल के साथ भू-अभिलेख एकीकरण का कार्य किया जा रहा है। भू-अभिलेख एकीकरण के अंतर्गत पोर्टल पर लगभग 38 लाख 85 हजार डेटा अपलोड किया गया था, जिसमें से लगभग 13 लाख 60 हजार किसानों की प्रविष्टि को भारत सरकार द्वारा स्वीकृत किया गया तथा शेष को अस्वीकृत किया गया है। अस्वीकृत किए गए डेटा की जानकारी तकनीकी कारणों से डाउनलोड नहीं हो पा रही है। छत्तीसगढ़ के कुल पंजीकृत किसानों में से 8 लाख 83 हजार 506 किसान अपात्र पाए गए हैं, जिन्होंने योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त किया है। इनमें से 32 हजार 645 किसान आयकर दाता होने के कारण तथा 8 लाख 50 हजार 861 किसान अन्य कारणों से (जैसे - वास्तविक भूमि धारक नहीं होना, परिवार के एक से अधिक सदस्यों का पंजीयन होना, सरकारी कर्मचारी होना आदि) अपात्र के रूप में चिन्हित किये गए हैं। ऐसे अपात्र किसानों से लगभग 637 करोड़ रुपए की राशि वसूल किया जाना है, जिसमें से अब तक मात्र दो करोड़ की राशि वसूल की जा सकी है।

 

 

 
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दिल्ली दौरे पर चंदेल, नड्डा से मुलाकात कर की राजनीतिक चर्चा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेताप्रतिपक्ष नारायण चंदेल इन दिनों दिल्ली प्रवास पर हैं। दिल्ली प्रवास पर नड्डा के निवास में सौजन्य भेंट कर नेता प्रतिपक्ष के दायित्व दिये जाने पर पार्टी के प्रति आभार माना। इस दौरान प्रदेश के राजनीतिक परिस्थतियों पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

 

 

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हिमाचल में झूठ का आंचल लहरा आए भूपेश : रंजना

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश भाजपा प्रवक्ता व विधायक रंजना साहू ने कहा है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ की जनता से किये वादे पूरे करने की बजाय उनसे पल्ला झाड़ लिया है और हद तो यह है कि हिमाचल में झूठ का आँचल लहरा आये।

कांग्रेस ने छत्तीसगढ़ की जनता के हर वर्ग को हसीन सपने दिखाए और सत्ता हासिल करने के बाद हर वर्ग को धोखा दिया। युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था। बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था। इसे पूरा करने की बजाय अब वादे से ही मुकर रहे हैं। शराबबंदी लागू करने का वादा किया था। छत्तीसगढ़ को शराब में डुबो दिया। किसानों का कर्ज माफ करने का वादा किया था। किसानों से भी छल कपट किया।  हर जिले में फूड प्रोसेसिंग प्लांट लगाने वाले थे, पता नहीं कहां लगा दिए। अनियमित कर्मचारियों को नियमित करने का वादा किया था। क्या हुआ? ऐसा कोई वादा नहीं है, जिसे भूपेश बघेल ने पूरा किया हो।

 
 

भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा कि भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ की जनता को चेहरा दिखाने की स्थिति में नहीं हैं। उनके ही मंत्री उनका पर्दाफाश कर रहे हैं। हड़ताली कर्मचारियों को सरकार की औकात बता रहे हैं। ऐसे मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जो अपनी जनता को ठग रहे हैं वे हिमाचल में किस नैतिकता से गारंटी दे रहे हैं?

प्रदेश भाजपा प्रवक्ता रंजना साहू ने कहा कि घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, 18 से 60 साल की महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह, 5 लाख युवाओं को रोजगार, फलों के दाम तय करने का अधिकार बागवानों को देने का वादा करने वाले भूपेश बघेल पहले अपने राज्य की जनता से किये वादे पूरे करें। यूपी ने भूपेश बघेल को बैरंग वापस भेज दिया है। अब हिमाचल से भी खाली हाथ लौटकर बघेल घर को आएंगे और 16 लाख गरीबों का घर छीनने वाले अगले साल यहां भी बेघर हो जाएंगे।

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डॉ. रमन का कांग्रेस सरकार पर आरोप, 'जनता के पैसों से खिलाया जा रहा दारू-मुर्गा'

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें एक गाड़ी शराब की पेटियों को ले जाते हुए दिख रही है। झारखंड सरकार ने टूट के डर से यूपीए के 32 विधायकों को रायपुर रे रिजॉर्ट में शिफ्ट करा दिया है। यूपीए विधायकों को चार्टेड प्लेन से रायपुर ले जाया गया और उन्हें रिजॉर्ट में रखा गया। रिजॉर्ट के बाहर बेहद टाइट सिक्योरिटी रखी गई है। किसी को भी अंदर आने की इजाजत नहीं है। जिस रिजॉर्ट में विधायकों को रखा गया है वो बेहद ही लग्जीरियस है। यहां से झील दिखाई पड़ती है।

छत्तीसगढ़ के जिस आलीशान फाइव स्टार रिजॉर्ट में झारखंड से आए विधायकों को ठहराया गया है, उसको लेकर विवाद शुरू हो गया है। खबर है कि इस होटल में सोरेन सरकार के विधायकों की हर सुख सुविधा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। 

छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने रमन सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो भी शेयर किया है। इसमें एक गाड़ी शराब की पेटियों को ले जाते हुए दिख रही है। उन्होंने लिखा कि भूपेश जी कान खोलकर सुन लीजिए! छत्तीसगढ़ अय्याशी का अड्डा नहीं है, जो छत्तीसगढ़ियों के पैसे से झारखंड के विधायकों को दारू-मुर्गा खिला रहे हैं। असम, हरियाणा के बाद अब झारखंड के विधायको का डेरा, इन अनैतिक कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ महतारी आपको कभी माफ नहीं करेगी। 

सियासी संकट के बीच झारखंड के विधायकों को रायपुर स्थित रिसॉर्ट में रखा गया है। रिजॉर्ट में लग्जरी रूम्स हैं। यहां की सुख-सुविधाएं देखकर आपकी नजरें नहीं हटेंगी।

दावा किया जा रहा है कि होटल के अंदर डेढ़ लाख रुपये तक के कमरे हैं। मेक मॉय ट्रिप पर पर जो दिखाया गया है, उसके हिसाब से रिसॉर्ट में 6700 रुपये से लेकर 1.25 लाख रुपये तक का कमरा है। इस होटल के मालिक पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप राय हैं। आठ महीने पहले लेकव्यू रिसॉर्ट में ही छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने अपने बेटे की शादी की थी।

 

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गोंड समाज का युवक -युवती परिचय सम्मेलन 16 अक्टूबर को वृंदावन हॉल रायपुर में

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गोंडवाना गोंड महासभा के तत्वाधान में गोंड समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियों का परिचय सम्मेलन 16 अक्टूबर को सुबह 10 से 5 तक वृंदावन हॉल, आईडीबीआई बैंक के पास, सिविल लाइन रायपुर छत्तीसगढ़ में आहूत की गई है। कार्यक्रम में पंजीयन लेकर सम्मिलित होने वाले समाज के युवक.युवतियों से अपील किया गया कि अनिवार्य उपस्थिति प्रदान कर इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम का लाभ लें। 

सामाजिक जनों से आह्वान करते हुए आर एन ध्रुव ने कहा की इस तरह के आयोजन से समाज के विवाह योग्य युवक-युवतियां एक ही मंच पर मिलने से हमें वर-वधु खोजने में भारी-भरकम खर्च व समय की बचत कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम अपने बच्चों के लिए योग्य रिश्ता ढूंढने जाएंगे तो कई लोगों से संपर्क करेंगे। कई महीनों, वर्षों तक घूमकर समय खर्च करेंगे तब कहीं हमें योग्य वर वधु मिलते हैं। लेकिन ऐसे कार्यक्रमों में एक केवल ही दिन समय देने पर इस तरह के सशक्त मंच के माध्यम से बहुत सारे रिश्ते मिल सकते हैं।

 

 

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