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झारखण्ड में डायन के सन्देह 3 महिलाओं सहित 4 को प्रताड़ना

जादू-टोने की मान्यता सिर्फ अंधविःडॉ.दिनेश मिश्र

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ दिनेश मिश्र ने कहा झारखंड के दुमका के असवारी गाँव से डायन के संदेह में 3 महिलाओं सहित 4 लोगों को मल मूत्र खिलाने, मार पीट करने ,उन्हें गर्म रॉड से दागने की घटना,अत्यंत निंदनीय,शर्मनाक और अमानवीय घटना है.

कोई नारी डायन नहीं होती. सभी दोषियों पर कड़ी कार्यवाही हो.यह एक विडम्बना ही है कि जब पूरे देश में मातृ शक्ति के प्रतीक  नवरात्रि मनाने की शुरुआत की जा रही थी,तब  वहीं दूसरी ओर  झारखण्ड में ये निर्दोष महिलाएं अंधविश्वास के कारण नर्क जैसी यातनाएं भुगतने को मजबूर थीं. डॉ दिनेश मिश्र ने कहा जादू टोना जैसे अंधविश्वास के कारण  हुई यह घटना अत्यंत निर्मम और शर्मनाक है। दोषी व्यक्तियों को गिरफ्तार कर  कर उस पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिए.

डॉ. दिनेश मिश्र ने जानकारी दी  झारखंड  के  दुमका  के सरैयाहाट  अंतर्गत असवारी गांव के दबंगों ने  चार व्यक्तियों कोजिनमें 3 महिलाएं हैं,डायन का आरोप लगाया,मारपीट की, जबरन मल-मूत्र पिलाया और उन्हें लोहे की गर्म छड़ों से दागा. दबंगों के खौफ से प्रताड़ित लोग घंटों तक दर्द से तड़पते रहे, वो ना तो पुलिस के पास जाने की हिम्मत जुटा सके और ना ही किसी को इस बारे में बता पाए. बाद में चारों लोगों को पहले सरैयाहाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया. इसके बाद इनकी गंभीर हालत को देखते हुए देवघर स्थित अस्पताल ले जाया गया. 

बताया गया कि शनिवार की रात ज्योतिन मुर्मू नाम के व्यक्ति ने गांव के लोगों की बैठक बुलाई थी. इसमें श्रीलाल मुर्मू के घर की 3 महिलाओं को डायन करार दिया गया. कहा गया कि इनके जादू-टोने की वजह से गांव के पशु और बच्चे बीमार हो रहे हैं. इसके बाद करीब दर्जन भर लोग लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर श्रीलाल मुर्मू के घर पर हमला कर दिया. 

लाठी-डंडों और हथियारों से लैस लोगों ने परिवार की 3 महिलाओं सोनामनी टुडू, रसी मुर्मू, कोसा टुडू के साथ-साथ श्रीलाल मुर्मू की बुरी तरह पीटा. इसके बाद इन चारों को पकड़कर उनके मुंह में जबरन मल-मूत्र डाला गया. हमलावरों ने उन्हें गर्म छड़ों से भी दागा. चारों लोग चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन गांव का कोई भी व्यक्ति उन को बचाने नही आया. पूरी घटना अत्यंत अमानवीय, और दिल दहला देने वाली है.

डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं है,इसलिए जादू टोने से किसी भी व्यक्ति को बीमार करने,नुकसान पहुंचाने की धारणा मिथ्या है ,इस अंधविश्वास के कारण किसी भी महिला,या किसी भी ग्रामीण को प्रताड़ित करना अनुचित, गैरकानूनी है. कोई महिला टोनही नहीं होती.   डायन/टोनही के सन्देह में हुई  प्रताड़ना के लिए दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए. ग्रामीणों से अपील है ,वे अंधविश्वास में पड़कर कानून अपने हाथों में न लें.

वैज्ञानिक जागरूकता के विकास से विभिन्न अंधविश्वासों का निर्मूलन संभव 

हमारे देश में अनेक जाति, धर्म के लोग हैं जिनकी परंपराएँ व आस्था भी भिन्न-भिन्न है लेकिन धीरे धीरे कुछ परंपराएँ, अंधविश्वासों के रूप में बदल गई है। जिनके कारण आम लोगों को न केवल शारीरिक व मानसिक प्रताडऩा से गुजरना पड़ता है

डॉ. मिश्र ने कहा देश के अनेक प्रदेशों में डायन/ टोनही के सन्देह में  प्रताडऩा की घटनाएँ आम है ,जिनमें किसी महिला को जादू-टोना करके नुकसान पहुँचाने के संदेह में हत्या, मारपीट कर दी जाती है जबकि कोई नारी टोनही या डायन नहीं हो सकती, उसमें ऐसी कोई शक्ति नहीं होती जिससे वह किसी व्यक्ति, बच्चों या गाँव का नुकसान कर सके। जादू-टोने के आरोप में  प्रताडऩा रोकना आवश्यक है। अंधविश्वासों के कारण होने वाली टोनही प्रताडऩा/बलि प्रथा जैसी घटनाओं से भी मानव अधिकारों का हनन हो रहा है।

 डॉ. मिश्र ने कहा समाज में जादू-टोना, टोनही आदि के संबंध में भ्रमक धारणाएँ काल्पनिक है, जिनका कोई प्रमाण नहीं है। पहले बीमारियों के उपचार के लिए चिकित्सा सुविधाएँ न होने से लोगों के पास झाड़-फूँक व चमत्कारिक उपचार ही एकमात्र रास्ता था, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के बढ़ते कदमों व अनुसंधानों ने कई बीमारियों, संक्रामकों पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया है तथा कई बीमारियों के उपचार की आधुनिक विधियाँ खोजी जा रही है। बीमारियों के सही उपचार के लिए झाड़-फूँक, तंत्र-मंत्र की बजाय प्रशिक्षित चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।अभी कोरोना काल में चिकित्सा विज्ञान के कारण महामारी के नियंत्रण में सफलता मिली है और वैक्सीन के बनने और लगने से काफी प्रभाव पड़ा है.

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संभाग स्तरीय आदिवासी नृत्य प्रतियोगिता करमा में जशपुर व शैला में सूरजपुर ने मारी बाजी

 कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतर्गत संभाग स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को राजमोहिनी भवन में किया गया।

अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  कुंदन कुमार के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव के अंतर्गत संभाग स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन बुधवार को राजमोहिनी भवन में किया गया। आदिवासी विकास विभाग के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता में संभाग के 7 नर्तक दल शामिल हुए जिसमें से करमा नृत्य में जशपुर व शैला नृत्य में सूरजपुर जिले के नर्तक दलों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर पुरस्कार अपने नाम किया।  चयनित दोनों जिलों के नर्तक दल  1 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव में अपने नृत्य कला का प्रदर्शन दिखाने का अवसर मिलेगा।

सहायक आयुक्त आदिवासी विकास जे.आर. नागवंशी ने बताया कि संभाग स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता में प्रतियोगिता में संभाग के जिलों से पहुंचे नर्तक दलों ने करमा और शैला नृत्य का प्रदर्शन किया गया। प्रतियोगिता में सूरजपुर जिले के आदिवासी लोक कला संगम शैला नर्तक दल कृष्णपुर, और जशपुर जिले के जय मातादी करमा पार्टी टांटीडाँड़, कांसाबेल का चयन राज्यस्तरीय नृत्य प्रतियोगिता के लिए किया गया।

कार्यक्रम में निर्णायक और मुख्य अतिथि के रूप में जवाहर गुप्ता, रंजीत सारथी, अनुसंधान अधिकारी  डीपी नागेश तथा अन्य अधिकारी-कर्मचारी, नर्तक दल और बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।

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सघन, खुरहा, चपका, टीकाकरण अभियान की शुरूआत 2 अक्टूबर से

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के सर्वांगीण ग्रामीण विकास में पशुपालन की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रदेश के किसान कृशि कार्य के साथ-साथ दुग्ध व्यावसाय के लिए पशुपालन करते हैं। इन पशुओं में विभिन्न प्रकार के विशाणु जनित रोग होने के कारण जहां एक ओर कृशि कार्य प्रभावित होता है, दुधारू पशु दूध देना कम कर देते हैं। इसके अलावा छोटे उम्र के बछड़े और बछिया की मृत्युदर भी बढ़ती है। इन रोगों से छुटकारा दिलाने के लिए शासन की मंशा के अनुपरूप जिले में सघन, खुरहा, चपका, टीकाकरण अभियान आगामी दो अक्टूबर से प्रारंभ होगा। इस संबंध में कलेक्टर के निर्देशानुसार जिले में सघन टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा। इस संबंध में जिले के पशुपालन विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देशा दिये गये हैं। 

उपसंचालक, पशु चिकित्सा सेवायें श्री पड़ौती ने जानकारी देते हुए बताया कि यह टीकाकरण अभियान अंतर्गत जिले के शत प्रतिशत पशुओं में कृमिनाशक दवापान, बाहय परजीवी नाशक दवापान छिड़काव के पश्चात् शत प्रतिशत पशुओं में टीकाकरण सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि खुरहा चपका एक संक्रामक बीमारी है, जिसमें मृत्यु दर नहीं होने के पश्चात पशु की कार्यक्षमता में कमी होने से पशुपालकों को आर्थिक नुकसान होता है। इस कार्य हेतु ग्राम स्तर से लेकर विकासखंड स्तर तक अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगायी गयी है। अभियान के प्रति पशुपालकों को जागरूक करने हेतु क्षेत्र के जन प्रतिनिधि एवं शासन स्तर पर व्यापक प्रचार प्रसार किया जा रहा है। 

सघन टीकाकरण अभियान हेतु जिले में नोडल अधिकारी, विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी एवं टीकाकरण दल प्रभारी एवं सदस्यांे की नियुक्ति की गयी है। जिले में टीकाकरण अभियान के सुचारू संचालन हेतु डॉ दीपेश रावटे को नोडल अधिकारी, विकासखंड स्तरीय नोडल अधिकारी डॉ जागृति कृशान और डा. संध्या कश्यप को बनाया गया है। टीकाकरण हेतु 10 सेंटर बनाये गये है, जिनमें नारायणपुर, बेनूर, एड़का, सोनपुर, फरसगांव, रेमावंड, छोटेडोंगर, पल्ली, ओरछा और कोहकामेटा शामिल है। 

 

 

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जिला पंचायत सीईओ ने की गोधन न्याय योजना की समीक्षा

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  देवेश कुमार ध्रुव ने आज जिला पंचायत सभाकक्ष में गोधन न्याय योजना अंतर्गत समस्त लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारी/कर्मचारियो संबंधित, नोडल अधिकारी एवं सचिव सहित मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत नारायणपुर एवं जिला सहकारी बैंक के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना की गहन समीक्षा की ।

बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने योजनांतर्गत अब तक किये गये कार्यों की विस्तार से जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिये। उन्होंने गोधन न्याय योजना अंतर्गत खरीदे गए गोबर को खाद बनाने की प्रक्रिया के संबंध में भी विस्तृत जानकारी ली।  ग्राम पंचायतों में गोबर से खाद बनाने की प्रक्रिया में कमी पाई गई, जिसके संबंध में उन्होंने अधिकारियों को समय रहते हुए खाद बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने लक्ष्य अनुपरूप एक माह में गोबर से खाद बनाने के कार्य पूर्ण करने का निर्देश दिये।

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कांग्रेस का जवाब : रमन सिंह झूठ बोल रहे...उन्होंने 60 हजार किमी सड़क बनाई... छग में कुल 32800 किमी ही सड़क

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पत्रकारों से चर्चा करते हुये प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह आजकल सत्ता प्राप्ति के लिये झूठ का सहारा लेना चालू कर दिये है। सत्ता जाने के बाद 15 साल मुख्यमंत्री रहे हुये रमन सिंह इतना ज्यादा बौखला जायेगे कि वे झूठ बोलना शुरू कर दिये है वे दावा कर रहे कि 15 साल में उन्होंने 60 हजार किमी सड़के बनाई छत्तीसगढ़ में। जबकि आज की तारीख में छत्तीसगढ़ में कुल 32 हजार 833 किमी सड़के है। राष्ट्रीय राजमार्गो की लंबाई 3510 कि.मी. प्रांतीय राजमार्गो की लंबाई 4176 कि.मी. जिला सड़को की लंबाई 11243 कि.मी. और ग्रामीण सड़को की लंबाई 13902 कि.मी. है। रमन सिंह के पहले, 2003 के पहले भी छत्तीसगढ़ में भी सड़क थी। ऐसा नही कि तब लोग पगडंडी में चलते थे। 2018 के बाद भी सड़क बनाई गयी है। इन सबके बाद भी छत्तीसगढ़ में कुल 32 हजार 833 किमी सड़क है। रमन सिंह ने 60 हजार कि.मी. सरकार कहां बनाई यह पूरी तरह झूठ है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सिंह खुद अपने भ्रष्टाचार की स्वीकारोक्ति कर रहे है। 2016, 2017, 2018 में जो सड़के बनाये गयी थी वे कंडम हो गयी है तो इस बात का सबूत है कि रमन सिंह ने सड़क बनाने में भ्रष्टाचार किया था और उनके भ्रष्टाचार के कारण ही जिन सड़को की आयु 12 से 15 साल होनी चाहिय वे सड़के आज खराब स्थिति में है। 3 से 5 साल की बीच सड़क बर्बाद हो गयी है।


प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि 15 साल मुख्यमंत्री रहा व्यक्ति सत्ता की तड़फ में इतना झूठ बोलेगा किसी ने कल्पना नहीं किया था। वे कांग्रेस के घोषणा पत्र के सारे वायदो को गंगाजल की कसम से जोड़कर झूठ बोलते है। रमन सिंह पहले गंगाजल का नाम लेकर झूठ बोल रहे है अब बेशर्मी पूर्वक पवित्र गीता का नाम ले रहे और हद तो तब हो गयी कि मां बम्लेश्वरी का नाम भी अपने झूठ में शामिल कर रहे। यह शर्मनाक है कि जिस उम्र में सनातन धर्म के लोग तीर्थ यात्रा करते उस उम्र में रमन सिंह गंगाजल क नाम पर झूठ बोल रहे।


प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि ऐसा लगता है इन दिनों भाजपा नेताओं में झूठ बोलने की अघोषित प्रतियोगिता चली रही हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, अमित शाह, नड्डा तो लगातार झूठ बोलते ही थे, उनकी नकल करते हुये राजनीति के परिदृश्य से बाहर कर दिये गये। रमन सिंह, सरोज पाण्डेय सहित छत्तीसगढ़ के भाजपा नेता भी झूठ बोलना शुरू कर चुके है। पूरे देश में 32800 कि.मी. सड़क है रमन सिंह दावा कर रहे 60000 बनाया मतलब उनके समय, 27200 कि.मी. सड़क कागज पर बनी है। उस कागजी सड़क को बनाने का महा घोटाला रमन सिंह ने किया उसका पैसा कहां गया। गुजरात गया या दिल्ली गया रमन बताये। 1 कि.मी. सड़क बनाने में 3 करोड़ की लगभग लागत आती है। रमन सिंह के समय गायब 27200 कि.मी. सड़को के बनाने में 81600 करोड़ का घपला हुआ यह बात रमन ने अपने प्रेस कान्फ्रेस में माना।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल सरकार के खिलाफ पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह एवं भाजपा के नेता लगातार झूठे और मनगढ़त आरोप लगा रहे है। सच्चाई यह है कि रमन सिंह के 15 साल के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में सड़को की हालत खराब थी। जनता की समस्या को प्रदेश के अखबारो ने प्रमुखता से उठाया था उस दौरान के अखबारो की खबरे आप को दिखा रहा हूं।


प्रेस से चर्चा के दौरान कृषि कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, आईटी सेल के राष्ट्रीय समन्वयक आयुष पाण्डेय, मीडिया समन्वयक विकास बजाज, मणी वैष्णव उपस्थित थे।

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एलएसके व सीएससी के ऑपरेटरों को दिया गया प्रशिक्षण

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शुक्ला के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ लीना मंडावी व अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी की अध्यक्षता में बीते दिनों लोक सेवा केन्द्र व सीएससी ऑपरेटर्स का प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य शासन की ओर से लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत आने वाली ऑनलाईन सेवाओं, सी.एस.सी. पोर्टल में दी जाने वाली सेवाओं में प्रगति व गुणवत्ता लाने के लिए लोक सेवा केन्द्र व सीएससी ऑपरेटरों को प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में निर्देशित किया गया कि ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल के माध्यम से दी जाने वाली लोक सेवा गारंटी की मूलभूत डिजिटल सेवाओं में आय, जाति, निवास व हितग्राहियों दी जाने वाली अन्य सेवाओं का समय सीमा में निराकरण हो। जिले के समस्त लोक सेवा केन्द्र व सीएससी ऑपरेटर्स को कार्य में नियमितता बरतने के साथ-साथ उचित व सटीक दस्तावेज अपलोड करने की जानकारी दी गई। सभी ऑपरेटर्स को अपने कार्य स्थल उपलब्ध सेवाओं व शुल्क संबंधी लिस्ट के साथ-साथ अवश्यक दस्तावेजों की जानकारी चस्पा करने के निर्देश दिए। प्रशिक्षण में आयुष्मान कार्ड पंजीयन कार्य में प्रगति लाने व समय सीमा में पंजीयन कार्य पूर्ण करने के लिए सभी ऑपरेटर्स को निर्देशित किया गया। इसके लिए 15 अक्टूबर तक सभी सीएससी/बीएलई को डोर-टू-डोर कार्यक्रम कर पंजीयन को पूर्ण करने को कहा। इसके अलावा डीजी पेय, बैंकिंग सेवाओं व ई-श्रम पंजीयन कार्य का प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण में मतदाता परिचय पत्र का आधार से लिंक करने के लिए प्रशिक्षण दिया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रशिक्षण देने के लिए ई-जिला प्रबंधक महेन्द्र वर्मा, तहसीलदार आशुतोष गुप्ता, नवागढ़ तहसीलदार केशवराम वासनिक, नायब तहसीलदार रोशन साहू, नीलम पिस्दा, जयेश कंवर व ई-डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल मैनेजर जागेश्वर वर्मा, आयुष्मान कार्ड व डिजिटल सेवा संबंधित प्रशिक्षण के लिए स्वास्थ्य विभाग के जिला समन्वयक मनोज साहू व राजस्व कार्यालय से शिशिर देशमुख, रविन्द्र देशमुख, जिला सीएससी मैनेजर दीपेश परिहार उपस्थि थे।

 
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भाजपा के 9 सांसद मिलकर भी नवरात्रि में दर्शनार्थियों के लिए ट्रेन शुरू नहीं करा पाए

मोदी सरकार के तुगलकी फरमान के चलते देश में उत्पन्न हुआ है कोयला संकट, बंद हुई है यात्री ट्रेन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे के द्वारा कोयला संकट के चलते बीएसपी के प्लांट बंद होने की सूचना पर अनभिज्ञता जाहिर करने पर कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा नेत्री एवं राज्यसभा सदस्य सरोज पांडे को भिलाई स्टील प्लांट में जाकर वीडियो बनाना चाहिए जहां बीते 6 दिनों से कोयला नहीं होने के चलते  प्लांट में उत्पादन बंद है एवं मोदी सरकार ने अडानी प्रेम में  मनमानी करते हुए मात्र कोयला ढुलाई के लिए बीते कई माह से लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों को बंद कर दिया है और वो लोकल ट्रेन स्टेशन में जंग खाते हुए खड़ी है और जनता नवरात्रि के पावन पर्व पर देवीदर्शन करने के लिए ट्रेन ढूंढ रही है।


प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि मोदी सरकार ने अडानी प्रेम के चलते विदेश से आयातित महंगे कोयले को उद्योगों को इस्तेमाल करने का जो तुगलकी फरमान जारी किया है जिसके चलते भारत के नवरत्न कंपनियों एवं निजी क्षेत्र के कंपनियों में तालाबंदी की स्थिति निर्मित हुई है और जनता को यात्रा करने के लिए ट्रेन भी नहीं मिल रहा है  100 से अधिक पावर प्लांट जो बिजली उत्पादन करते थे वह भी अब महंगे कोल के चलते उत्पादन को बंद कर दिये है ।जबकि देश के पास अकूत मात्रा में कोल का भंडारण है उसके बावजूद सिर्फ कोल किंग अपने मित्रों को फायदा पहुँचाने विदेश के महंगा कोयला को इस्तेमाल करने का दबाव डाला जा रहा है और इसके लिए अनैतिक तरीका इस्तेमाल कर रही है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश ने भाजपा को 9 सांसद दिए हैं जिनमें से एक मंत्री का दायित्व भी निर्वहन कर रहे हैं एक राज्यसभा के सदस्य हैं लेकिन भाजपा सांसदों का रवैया और निष्क्रियता का नुकसान छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ जनता को हो रहा है भाजपा के सांसद अपने जिम्मेदारियों का निर्वहन नहीं कर रहे है। बीते कई माह से प्रदेश की जनता को ट्रेन की सुविधा नहीं मिल पा रही है बिना किसी सूचना के बिना किसी कारण के यहां से होकर गुजरने वाली एवं यहां स्थानीय स्तर पर चलने वाली लोकल ट्रेनों को बंद कर दिया गया है और जनता परेशान है और भाजपा के सांसद गधे के सिर से सिंग की तरह गायब है।

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डेंगू नियंत्रण व रोकथाम के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की हुई बैठक

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर कुंदन कुमार के निर्देशन व मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी  पी.एस. सिसोदिया के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग की ओर से राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत् डेंगू नियंत्रण व रोकथाम के लिए अन्तर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय में सोमवार को हुई।

राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के जिला नोडल अधिकारी डीएमओ राजेश गुप्ता ने बताया की डेंगू वायरस से होने वाली बीमारी है, जिसके नियंत्रण व रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ अन्य विभागों की सहभागिता अति आवश्यक है। डेंगू रोग एडिस एजिप्टी नामक मच्छर के द्वारा फैलता है। यह मच्छर दिन के समय काटती है तथा रूके हुये साफ पानी में अण्डे देती है। इससे बचाव हेतु अपने घर के आस-पास गड्ढे व कूलर, गमले, फ्रिज ट्रे, टायर व अनुपयोगी बर्तनों में पानी जमा ना होने दें। निस्तारी योग्य पानी में लार्वीसाइड का उपयोग करें। डेंगू के प्रारंभिक जांच के लिए जिले के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों व सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में आर डी टेस्ट किट द्वारा निशुल्क जांच की जाती है तथा डेंगू प्रकरण की पुष्टि के लिए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला चिकित्सालय अम्बिकापुर में एलाईजा जांच की सुविधा भी उपलब्ध है।

समन्वय समिति की बैठक में पंचायत व ग्रामीण विकास विभाग, नगर निगम, शिक्षा विभाग, महिला व बाल विकास विभाग, मत्स्य विभाग, पशु चिकित्सा विभाग, वन विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, उद्योग विभाग के अधिकारी तथा मितानिन उपस्थित थे। 

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जिले के सरहदी गांवो में अज्ञात बीमारी व महामारी जैसी कोई स्थिति नहीं है : सीएमएचओ

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मीडिया में प्रकाशित खबर अज्ञात बीमारी से लोगों की मृत्यु के संदर्भ में कलेक्टर के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से गठित स्वास्थ्य अमला बीते दिनों स्थिति का जायजा लेने घने जंगलो, नदी-नालों व उबड़-खाबड़ रास्तों पगडंडियों से होकर नक्सल प्रभावित गांव पीडियाकोट, रेकावाया, डंूगा, घोट और लंका गांव पहुंचा। वहां पहुंचकर स्वास्थ्य अमले ने लोगों से वास्तविक स्थिति की जानाकरी ली और अन्य बीमारियों से पीडि़त ग्रामीणों का उपचार किया और आवश्यक दवाईयां दी। इसके अलावा विभिन्न मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय सुझाये। स्वास्थ्य टीम की ओर से इन गांवों में शिविर लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया। 

अज्ञात बीमारी से मृत्यु के संदर्भ में जानकारी लेने पर मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले के इन गांवों में ऐसी किसी भी अज्ञात बीमारी से किसी भी ग्रामीण की मृत्यु नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि बीते जून माह में 4 ग्रामीणों की मृत्यु हाथ पैरों में सूजन, कमजोरी, एक सप्ताह से बीमार, अचानक मृत्यु के कारण हुई है। वहीं माह जुलाई में 2 ग्रामीणों की मृत्यु हुई, जिसमें लंबे समय से बीमार और कमजोर और बुजुर्ग होने के कारण हुई है। एक व्यक्ति की मृत्यु अगस्त में हुई जो कि कैंसर से पीडि़त था। इसके अलावा 4 व्यक्तियों की मृत्यु सितम्बर माह में हुई है, जिनमें एक उम्रदराज होने के कारण, एक पानी में डूबने से और एक के द्वारा आत्म हत्या करने तथा एक व्यक्ति की मृत्यु निमोनिया से हुई है। 

स्वास्थ्य अमले की ओर से गांवों में पहुंचकर 110 ग्रामीणों का किया गया स्वास्थ्य परीक्षण : 

मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी की ओर से गठित दल ने पीडियाकोट, रेकावाया, डंूगा, घोट और लंका गांव पहुंचकर गांवों में प्रत्येक घरों में दस्तक देकर वहां किसी भी प्रकार की बीमारी से पीडि़त व्यक्ति की जानकारी ली। जिन घरों में बीमार ग्रामीण पाये गये उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया। इस दौरान 9 मलेरिया पॉजिटिव व्यक्ति भी मिले। स्वास्थ्य अमले की ओर से लगाये गये, इस स्वास्थ्य शिविर में कुल 110 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। जिसमें सर्दी-खांसी, बुखार, दस्त, सूजन, कमजोरी जैसे मरीज मिले मरीजों का स्वास्थ्य जांच करते हुए आवश्यक दवाईयां व स्वास्थ्य सलाह दी गई। अज्ञात बीमारी से ग्रसित व्यक्ति की सूचना मिलने पर उन व्यक्तियों की जांच से पता चला कि किसी भी ग्रामीण को अज्ञात बीमारी नहीं है।

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लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण करें : कलेक्टर

 खैरागढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सोनकर ने मंगलवार को जिला कार्यालय (कलेक्टोरेट) के सभाकक्ष में समय सीमा की बैठक लेकर अधिकारियों को लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए, उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से ली जाने वाली कलेक्टर कॉन्फ्रेंस की जानकारी विभागवार फोल्डर में उपलब्ध कराने के निर्देश दिये। जिलाधीश ने कहा कि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एक नया जिला है, जिले के विभागीय अधिकारी परस्पर समन्वय स्थापित कर शासन की योजनाओं का लाभ आम जनों तक पहूंचाने की दिशा में तत्पर्तापूर्वक कार्य करें। हमें नवा जिला-नवा संकल्प लेकर कार्य करना है। जिलाधीश ने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग के एक नोडल अधिकारी का नाम नामांकित करते हुये कलेक्टर कार्यालय को अवगत करायें।

कलेक्टर डॉ सोनकर ने बैठक के दौरान गिरदावरी के अन्तर्गत बोए गये खरीफ फसल के रकबे का आंकलन की जानकारी ली। गो-धन न्याय मिशन के अन्तर्गत गोबर व गौ-मूत्र क्रय पर विपणन, गौठान, जैविक खेती को प्रोत्साहन की जानकारी ली। आश्रम छात्रावास का शतप्रतिशत निरीक्षण करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण, भूमि व्यवस्थापन, आवंटन व नवीनीकरण, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, जर्जर सड़कों और शासकीय भवनों की मरम्मत और संधारण, स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्रों की समीक्षा की।

कलेक्टर ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा कि आवेदन जो आम जनता की ओर से मुख्यमंत्री जनचौपाल, कलेक्टर शिकायत शाखा, केन्द्रीकृत लोक शिकायत निवारण और निवारण प्रणाली (सीपी ग्राम्स), जन शिकायत पीजीएन व लोक सेवा गारंटी आदि के माध्यम से प्राप्त हुए हैं। उन्होंने राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले कार्यक्रमों व योजनाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा साथ ही मुख्यमंत्री की घोषण पर अमल, स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल निर्माण/अधोसंरचना की प्रगति, राजीव युवा मितान क्लब, गोधन न्याय योजना, वर्मी कंपोस्ट उत्पादन व विक्रय, चारागाह विकास की जानकारी की समीक्षा की। बैठक में अनुविभागीय अधिकरी राजस्व खैरागढ़ प्रकाश राजपूत, एसडीएम गंडई-छुईखदान सुनील शर्मा, डिप्टी कलेक्टर आभा तिवारी व रेणुका रात्रे सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

 
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विशेष पिछड़ी जनजातियों संवर रहा जीवन : किराना दुकान, बकरी पालन, मुर्गीपालन बना आजीविका का आधार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय आजीविका मिशन अंतर्गत विशेेष पिछड़ी जनजाति वर्ग के लोगों को समाज की मुख्यधारा मे जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कोरबा जिले में  उत्थान परियोजना के तहत वह अब खेती, किराना दुकान और पशुपालन को आजीविका के रूप मे अपना रहे है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जाति के परिवारों के उत्थान, विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार की महिलाएं विभिन्न गतिविधियां अपनाकर आजीविका संवर्धन कर रही है। आजीविका संवर्धन में उत्थान परियोजना की अहम भूमिका है।

एरिया कार्डिनेटर एनआरएलएम श्रीमती अलका आदिले ने बताया कि श्रीराम महिला स्व सहायता समूह तीतरडांड ग्राम पंचायत सिमकेंदा को चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष की राशि दी गयी, जिससे वह किराना दुकान, बकरी पालन, सुअर पालन का कार्य कर रही है। किराना दुकान में महुआ फूल खरीदने से 10 हजार रूपये का फायदा हुआ है। जिससे यह कोरवा महिलाएं अपनी आजीविका गतिविधि आगे बढ़ा रही है। फुलवारी स्वसहायता समूह की तीतरडांड की महिलाएं बकरी पालन एवं सुअर पालन कर रही है, जिससे उन्हें पांच हजार रूपये का आर्थिक लाभ हुआ है। समूह की महिलाएं आपस में 10 रूपये प्रति सप्ताह बचत भी कर रही है। श्यांग की एफएलसीआरपी लता मरकाम ने बताया कि हरियाली स्वसहायता समूह की महिलाएं चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष से प्राप्त राशि से बकरी पालन, मुर्गी पालन कर रही है। विगत माह मुर्गी बेचकर उन्होंने एक हजार 800 रूपये की आय अर्जित की है।
कोरबा कलेक्टर संजीव झा द्वारा विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा एवं बिरहोर जाति के परिवारों के उत्थान, विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे है। कलेक्टर ने विशेष पिछड़ी जनजाति क्षेत्र छातासरई, गढ़उपरोड़ा, नकिया, देवपहरी, लेमरु मे सघन दौरा करके उनके बीच जा कर चौपाल लगा कर, उन्हें मिलने वाली सुविधाओ की बेहतरी के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया था। जिसके फलस्वरूप प्रथम चरण मे कोरबा विकासखण्ड में विशेष पिछड़ी जनजाति परिवारों की महिलाओं को स्वसहायता समूह से जोड़ा गया है। दूसरे चरण मे शासकीय योजनाओ का लाभ दिलाने के लिए आधारकार्ड, वोटर आईडी कार्ड, राशनकार्ड, प्राथमिकता से उपलब्ध कराए गये है। अब इन परिवारों को बिहान से चक्रीय निधि, सामुदायिक निवेश कोष, बैंक लिंकेज, ऋण उपलब्ध कराकर आजीविका गतिविधियो बकरीपालन, मुर्गी पालन, किराना दुकान, सूअरपालन आदि से जोड़ा जा रहा है। विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय की 08 महिलाओं का सक्रिय महिला के रूप मे चयन किया गया है, ताकि वे उनकी वास्तविक परिस्थिति के अनुरूप कार्य कर सकें। इन महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है। अब यह सक्रिय महिलाएं समुदाय के अन्य महिलाओं को आजीविका गतिविधियों से जोड़ने का कार्य कर रही है, ताकि उनका विकास हो सके।
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धान खरीदी की सभी तैयारियां 20 अक्टूबर तक पूरा कर ली जाएं : कलेक्टर

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर की अध्यक्षता में समय सीमा की बैठक हुई। बैठक कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित थी। उन्होंने कहा कि धान खरीदी 1 नवंबर से शुरू हो रही है। इस बीच दीपावली त्यौहार भी है। इसलिए धान खऱीदी संबंधी सभी तैयारियां 20 अक्टूबर तक पूरी कर ली जाएं। जिन नए धान उपार्जन केंद्रों, संग्रहण केंद्रों में पहुँच मार्ग सही नहीं है या मरम्मत या बनाने की जरूरत है। उनका चिन्हांकन कर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत को दे दें। ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि आप सभी अनुभवी है फिर भी धान की अवैध खरीदी-बिक्री और परिवहन नहीं हो और बिचौलियों तथा कोचियों की ओर से धान की खरीदी और परिवहन को रोकने भी कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने किसानों के पंजीयन की जानकारी ली। उन्होंने जिले में जैविक खेती को बढ़ावा देने किए गए प्रयास की प्रगति की जानकारी ली। गोबर और वर्मी कंपोस्ट उत्पादन और विक्रय के बारे में पूछा। 

कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने जिला खेल अधिकारी मनोज धृतलहरे के मार्फत बताया कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने जिले में आगामी 06 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक 2022-23 का आयोजन किया जाना है। यह आयोजन 6 चरणों में होगा। आयु वर्ग 18 तक, 18 से 40 और 40 आयुवर्ग से अधिक उम्र के लोग भाग ले सकते हैं। 

पहला चरण राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर आगामी 6 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक होगा। दूसरा जोन बार इसमें आठ क्लब को मिला कर एक ज़ोन होगा। यह 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक होगा। इसके मद्देनजर आज की समय सीमा की बैठक में कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर जि़ला खेल अधिकारी को सभी आवश्यक तैयारियां करने कहा है। साथ ही ग्रामीण और नगरीय क्षेत्रों में आयोजित होने वाले खेलों के लिए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। 

मालूम हो कि छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक 14 खेल विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। इन खेल विधाओं में गिल्ली डंडा, पिट्टूल, संखली, लंगड़ी दौड़, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, बाटी (कंचा), बिल्लस, फुगड़ी, गेड़ी दौड़, भंवरा, 100 मीटर दौड़ और लम्बी कूद की प्रतियोगिताएं तीन आयु वर्ग में आयोजित की जानी है। इसमें 18 वर्ष तक, 18 से 40 और 40 वर्ष से अधिक उम्र की महिला व पुरूष प्रतिभागी हिस्सा ले सकेंगे।

राजीव युवा मितान क्लब स्तर पर 06 अक्टूबर से 11 अक्टूबर तक पहले स्तर की प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद जोन स्तर पर 15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक, विकासखंड/नगरीय क्लस्टर स्तर पर प्रतियोगिताएं 27 अक्टूबर से 10 नवम्बर तक की जाएंगी। जिले में चौथा और अंतिम स्तर जिला स्तर पर 17 नवम्बर से 26 नवम्बर तक होगा। इसके बाद यहां के विजेता संभाग स्तर पर 05 दिसम्बर से 14 दिसम्बर तक आयोजित छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक में भाग लेंगे। राज्य स्तर पर छठवां स्तर का छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक 28 दिसम्बर 2022 से 6 जनवरी 2023 तक खेला जाएगा। कलेक्टर ने जिले में आयोजित होने वाले छत्तीसगढिय़ा ओलंपिक को मुख्यमंत्री मंशा के अनुरूप पूरे उत्साह के साथ आयोजित करने और लोक खेलों के खिलाडिय़ों को बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करने पर जोर दिया है। कलेक्टर ने प्राप्त पत्र, जनचौपाल, समय सीमा के विभागों में लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उनका गुणवत्तापूर्वक निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

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कृषि उत्पादन आयुक्त ने की कृषि और सहयोगी विभाग के कार्यों की समीक्षा

 बस्तर में सुगंधित धान और मसालों की खेती की अपार संभावना

जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने 27 सितंबर को बस्तर संभाग में कृषि व सहयोगी विभागों की ओर से संचालित गतिविधियों की समीक्षा की। वे रायपुर से एनआईसी के वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम जुड़े थे। इसके साथ ही जगदलपुर स्थित जिला कार्यालय के प्रेरणा कक्ष में कमिश्नर श्याम धावड़े, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ अयाज तंबोली, पशुधन विभाग की संचालक चंदन त्रिपाठी, बस्तर कलेक्टर चंदन कुमार, कांकेर कलेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला, कोंडागांव कलेक्टर दीपक सोनी, दंतेवाड़ा कलेक्टर विनीत नंदनवार, बीजापुर कलेक्टर राजेन्द्र कटारा, सुकमा कलेक्टर हरिश एस सहित सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन व कृषि व सहयोगी विभागों के संभागीय और जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

खरीफ  वर्ष 2022 की समीक्षा तथा रबी वर्ष 2022-23 के कार्यक्रम निर्धारण के लिए आयोजित बैठक में वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह ने कहा कि बस्तर में सुगंधित धान के साथ ही मसालों की खेती की अपार संभावनाएं हैं। साथ ही बस्तर में तिलहन की खेती के लिए भी जलवायु अनुकूल है। उन्होंने बस्तर में सरसों की खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर को जैविक संभाग बनाने की ओर कदम बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने मिलेट मिशन के तहत रागी व कोदो-कुटकी के उत्पादन को बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यता है।

इस अवसर पर कृषि विभाग के विशेष सचिव व संचालक डॉ. अयाज तम्बोली ने कहा कि संभाग के ग्रामीण क्षेत्रों में परंपरागत बीज आज भी उपलब्ध हैं, जिनकी कई विशिष्टताएं हैं। इन बीजों की जानकारी रखने के साथ ही कृषि विज्ञान केन्द्रों के माध्यम से इनका पंजीयन करवाना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इन बीजों की विशिष्टताओं के संबंध में जागरुकता लाए जाने की आवश्यकता भी है, जिससे इनकी अच्छी कीमत प्राप्त हो। उन्होंने वर्तमान समय में पूरे विश्व में बढ़ी गेहूं की मांग को देखते किसानों को गेहूं की खेती के लिए प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि लघु सिंचाई परियोजना तथा नए जलस्त्रोतों के आसपास के किसानों को आसानी से प्रेरित किया जा सकता है। उन्होंने केन्द्र व राज्य पोषित योजनाओं का लाभ प्रदान करने के लिए किसान पंजीयन पर जोर दिया।

पशुधन विकास विभाग की संचालक  चंदन संजय त्रिपाठी ने पड़ोसी राज्यों में लंपी वायरस के संक्रमण को देखते हुए टीकाकरण पर जोर दिया। उन्होंने पड़ोसी राज्यों से आने वाले पशुओं को क्वारंटीन करने तथा पशु बाजारों पर प्रतिबंध लगाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रुप में विकसित करने के संबंध में भी निर्देशित किया। उन्होंने पशुपालकों के लिए किसान क्रेडिट कार्ड बनाए जाने के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता भी बताई।

गोधन न्याय योजना की समीक्षा करते हुए कृषि विभाग की उप सचिव तुलिका प्रजापति ने गोबर खरीदी के साथ ही कम्पोस्ट खाद बनाने के कार्य में तेजी लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कम्पोस्ट खाद के विक्रय को बढ़ाने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही असक्रिय गौठान समितियों के सदस्यों को हटाकर उनके स्थान पर नए सदस्यों को नियुक्त करने के निर्देश दिए। इसके अलावा बैठक में जल ग्रहण क्षेत्र प्रबंधन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, खाद-बीज की उपलब्धता और वितरण, धान के स्थान पर अन्य फसलों को बढ़ावा, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, मिलेट मिशन, उतेरा फसल में दलहन-तिलहन को बढ़ावा, अल्पकालीन कृषि ऋण, सुक्ष्म सिंचाई को बढ़ावा, कृषि पंप विद्युतीकरण, आधुनिक कृषि को बढ़ावा, उद्यानिकी फसल व मछलीपालन, पशुपालन को बढ़ावा देने सहित अन्य विषयों पर चर्चा करते हुए आवश्यक निर्देश दिए गए।

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जनचौपाल कार्यक्रम से नागरिकों को मिल रही राहत, मिले 55 आवेदन

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर के निर्देशन में अधिकारियों ने जनचौपाल कार्यक्रम में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले के नागरिकगणों की समस्याओं को सुना। कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर में अधिकारियों की ओर से जनचौपाल में नागरिकों की समस्याओं को सुना जा रहा है, जिससे उन्हें राहत मिली है। इसी कड़ी में आज अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय ने जनसामान्य की शिकायतों को सुना व निराकरण करने के लिए पहल की।

जनचौपाल कार्यक्रम में आज ग्राम पंचायत चारभाठा थाना घुमका के मथुरा बाई साहू ने आवेदन देते हुए बताया कि वे जय मां विजयालक्ष्मी स्वसहायता समूह, चारभाठा की सदस्य है। उनके द्वारा 19 सितंबर 2020 को समूह से 10 हजार रुपए की ऋण लेने के लिए आवेदन दिया गया। समूह की ओर से 10 हजार रुपए का ऋण प्रस्ताव बनाया गया। समूह कीे अध्यक्ष व सचिव की ओर से अशिक्षित होने का फायदा उठाते हुए बैंक में जाकर फर्जी तरीके ठगी की गई है। आवेदिका ने आज जनचौपाल कार्यक्रम न्याय दिलाने के लिए आवेदन किया है। अपर कलेक्टर ने इसके निराकरण के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। इसी तरह जनचौपाल कार्यक्रम में आज राजनांदगांव के वार्ड 49 के नागरिकों ने वार्ड में उप स्वास्थ्य केन्द्र का पुननिर्माण करने संबंधी आवेदन दिया है। इसी तरह ग्राम पंचायत तोतलभर्री के मनरेगा श्रमिकों ने उनके द्वारा मनरेगा में किए गए कार्य का पारिश्रमिक नहीं दिए जाने संबंधी शिकायत किया है। 

इसी प्रकार चिटफंड कंपनी सहारा में निवेशकर्ता शीतलापारा मोतीपुर निवासी पुरूषोत्तम देवांगन ने कंपनी में निवेश किए गए राशि लौटाने संबंधी आवेदन लगाया है। अपर कलेक्टर ने आवेदन को संबंधित विभाग में भेजने के लिए निर्देशित किया। इसी तरह छुरिया विकासखंड के ग्राम पंचायत बैरागीभेड़ी के किसानों ने गत वर्ष अल्प वर्षा से हुई फसल क्षति के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने संबंधी आवेदन दिया है। इसी प्रकार राम नगर वार्ड 7 के हबीब खान ने जर्जर व झुके हुए विद्युत पोल बदलने संबंधी आवेदन लगाया है। इसी प्रकार कोलियारी जलाशय से प्रभावित किसानों ने मुआवजा राशि दिलाने संबंधी आवेदन दिया है। अपर कलेक्टर ने आवेदकों के समुचित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिये। उल्लेखनीय है कि जिलेभर में अनुविभाग स्तर पर एसडीएम, तहसीलदार, सीएमओ, जनपद सीईओ द्वारा जनचौपाल में नागरिकों की समस्या का समाधान किया जा रहा है।

 
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आयुष्मान भारत पखवाड़ा अंतर्गत योजना के प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना

 आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क इलाज कराने दी जाएगी जानकारी

राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर डोमन सिंह के निर्देशानुसार आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजनांतर्गत जिले में 23 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक आयुष्मान भारत पखवाड़ा मनाया जाएगा। इस संबंध में संबंधित जिला व विकासखंड स्तरीय अधिकारियों को पखवाड़े के दौरान योजनांतर्गत सर्वाधिक आयुष्मान कार्ड बनाने, योजनांतर्गत नि:शुल्क ईलाज की जानकारी का प्रचार-प्रसार करने व शासकीय चिकित्सालयों में योजना के अंतर्गत क्लेम को बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष गतिविधियां संचालित करने कहा गया।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत गजेन्द्र सिंह ठाकुर ने आयुष्मान भारत पखवाड़ा के दौरान अधिक से अधिक आयुष्मान कार्ड बनवाने व योजना के प्रचार-प्रसार के लिए प्रचार-प्रसार रथ को हरी झंडी दिखाकर जिला पंचायत से रवाना किया। प्रचार-प्रसार रथ के माध्यम से जिले के छूटे हुए सभी राशनकार्डधारी पात्र हितग्राहियों से अपील करते हुये अपने व अपने परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड पखवाड़े के दौरान बनाने की अपील की गई है। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर सह जिला नोडल अधिकारी खेमलाल वर्मा, सहायक परियोजना अधिकारी जिला पंचायत  एसके ओझा, अधीक्षक कार्यालय कलेक्टर भाटिया, जिला परियोजना समन्वयक आयुष्मान भारत ऐश्वर्य साव व कार्यालय जिला पंचायत व स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित थे।

आयुष्मान भारत कार्ड बनाने के लिए राशन कार्ड व आधार कार्ड लेकर आना आवश्यक है। परिवार के समस्त सदस्यों का अलग-अलग आयुष्मान भारत कार्ड बनाया जाएगा। परिवार के सभी सदस्यों के साथ अपने क्षेत्र के नजदिकी च्वॉईस सेंटर व समस्त शासकीय अस्पताल में जाकर आयुष्मान भारत कार्ड बनाया जा सकता है। राजनांदगांव शहरी क्षेत्र अंतर्गत समस्त च्वॉईस सेंटर व शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय पेंड्री, जिला चिकित्सालय बसंतपुर, शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र शंकरपुर, लखोली, मोतीपुर, व पुराना अस्पताल गुरूद्वारा चौंक में जाकर आयुष्मान भारत कार्ड बना सकते है।

आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत पात्र बीपीएल परिवारों को 5 लाख रुपए व शेष परिवार अर्थात एपीएल परिवारों को डॉ. खूबचंद बघेल स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 50 हजार रुपए तक का लाभ योजनांतर्गत पंजीकृत किसी भी शासकीय व निजी चिकित्सालय में प्राप्त कर सकते हैं। अन्य अतिरिक्त गंभीर बीमारी के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत 20 लाख रुपए तक स्वास्थ्य सहायता प्रदान किया जा रहा हैं। मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए आयुष्मान कार्ड अनिवार्य हैं। आयुष्मान भारत बनाने की प्रक्रिया पूर्ण रूप से नि:शुल्क हैं, इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए टोल फ्री नंम्बर 104 या निकटतम स्वास्थ्य केन्द्र या कार्यलय मुख्य स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी राजनांदगॉव में प्राप्त किया जा सकता है।

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धान खरीदी से संबंधित कार्यों में नही चलेगी लापरवाही, किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर होगी सख्त कार्रवाई : कलेक्टर

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर सिन्हा ने आज कलेक्टोरेट परिसर के सभाकक्ष में खरीफ वर्ष 2022-23 के लिए व्यवस्थित धान खरीदी कार्य करने के लिए समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि धान खरीदी का कार्य शासन का अत्यंत महत्वपूर्ण कार्य है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित रखें। उन्होंने धान खरीदी से संबंधित कार्यों को पूरी गंभीरता से करने कहा तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही या गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ  सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में कलेक्टर ने आगामी धान खरीदी के लिए बारदानों की उपलब्धता और आवश्यकता की जानकारी ली तथा आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को जिले के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण करते हुए धान खरीदी केन्द्रो में साफ-सफाई, कम्प्यूटर की व्यवस्था, धान का बारिश से बचाव की व्यवस्था, सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा। इसके साथ ही उन्होंने संवेदनशील धान खरीदी केन्द्रों की जानकारी ली तथा आवश्यकतानुसार संवेदनशील धान खरीदी केन्द्रों में संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों का फेरबदल करने कहा। उन्होंने उपस्थित सभी तहसीलदारों को अपने क्षेत्रों के धान खरीदी केन्द्रों का जानकारी रखने तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर नियमानुसार तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को समिति के ऑपरेटरों की भी बैठक लेकर आवश्यक निर्देश देने कहा। 

इसके साथ बैठक में विगत वर्ष की अपेक्षा धान के स्थान पर अन्य फसल लेने वाले किसानों की जानकारी, समिति स्तर पर आवश्यक तैयारी, परिवहनकर्ता से अनुबंध की स्थिति, धान खरीदी के साथ ही कस्टम मिलिंग कराने की तैयारी, धान खरीदी में संभावित संवेदनशील मामले, संवेदनशील खरीदी केन्द्र तथा संवेदनशील स्टाफ की पहचान सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दूओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी कार्यों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से बचने के लिए शाम 6 बजे के बाद सोसाईटी में धान खरीदी न करने तथा शाम 6 बजे के बाद अवैध धान परिवहन पर विशेष निगरानी रखे जाने के निर्देश दिए है। बैठक में सक्ती कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना, वनमंडलाधिकारी सौरभ सिंह, जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ फरिहा आलम सिद्दीकी, अपर कलेक्टर एस पी वैद्य सहित खाद्य अधिकारी, जिला विपणन अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

जिले में धान खरीदी से संबंधित शिकायतों के लिए कन्ट्रोल रूम होगा स्थापित :

बैठक में कलेक्टर ने धान खरीदी कार्य से संबंधित किसी भी प्रकार की शिकायत के लिए जिला स्तरीय कन्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिए है। कन्ट्रोल रूम की शुरूआत धान खरीदी कार्य के पूर्व किया जाएगा।

गिरदावरी के अंतिम सूची का एक अक्टूबर को होगा प्रकाशन :

बैठक में कलेक्टर सिन्हा ने कहा कि गिरदावरी कार्य पूर्ण कर खसरा व भूइयां साफ्टवेयर में प्रविष्टि के लिए 30 सितम्बर तक अंतिम तिथि निर्धारित की गई है, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी-कर्मचारी 30 अक्टूबर तक गिरदावरी का कार्य पूर्ण करें। इसके पश्चात गिरदावरी की अंतिम सूची का प्रकाशन ग्राम पंचायत, तहसील कार्यालय और संबंधित सोसाईटी में 1 अक्टूबर को किया जाएगा। इसके बाद गिरदावरी की अंतिम सूची में किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर संबंधित किसान 1 से 10 अक्टूबर तक तहसील कार्यालय में दावा-आपत्ति कर सकते है। कलेक्टर ने सभी राजस्व अधिकारियों को दावा-आपत्ति के प्राप्त आवेदनों का निर्धारित समय सीमा में प्राथमिकता से निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही कलेक्टर ने गिरदावरी के अंतिम सूची का कोटवारो के माध्यम से जमीनी स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करते हुए पंचनामा भी कराने के निर्देश दिए हैं। जिससे गिरदावरी कार्य में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर किसानों के हित में इसका निर्धारित समय-सीमा में निराकरण किया जा सके। इसके साथ ही बैठक में कलेक्टर ने गिरदावरी कार्य में पिछले वर्ष और इस वर्ष में रकबा और किसानों की संख्या में आ रहे अंतर की जानकारी उपलब्ध कराने कहा।

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स्वाईन फ्लू के बढ़ते लक्षण को देखते हुए स्वास्य विभाग ने जारी किया अलर्ट

 जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के सिंह ने बताया कि स्वाईन फ्लू (एच1 एन1) वायरस के संक्रमण से होने वाली श्वसन तंत्र की बीमारी है। यह बीमारी एक संक्रमित व्यक्ति से उसके झिंकने या खांसते वक्त वायरस वातावरण में ड्रापलेट के रूप में फैलते है। बीमारी की गंभीरता के मद्दे नजर जिले के सभी शासकीय चिकित्सालय व निजी चिकित्सालय प्रमुखों को पूर्व से दिषा-निर्देष, लक्षण, जटिलताएं मरीजों को वर्गीकरण, उपचार प्रोटोकॉल, मरीजों को प्रबंधक, बीमारी के रोकथाम को प्रबंधन, कान्ट्रेक्ट ट्रेसिंग, मॉनिटरिंग, धनात्मक मरीजों का सर्विलेंस, मरीजों की पूर्ण जानकारी इंन्द्राज कराना व लैब सैंपल रिपोर्टिंग आदि जारी की जा चुकी है।

स्वाईन फ्लू के लक्षण :

स्वाईन फ्लू का लक्षण मौसमी फ्लू की तरह होता है, इसमें बुखार, सर्दी, झींक, खांसी, कफ  जमना, गले में खरास, सिर दर्द, बदन दर्द, ठंड लगना और थकान की शिकायते होती है। कुछ प्रकरणों में उल्टी-दस्त व पेट दर्द भी हो सकता है। गंभीर मरीजों में तेज बुखार व सांस लेने में तकलीफ  होती है। इस बीमारी में संक्रमित व्यक्ति के संपर्क आने के एक से सात दिनों में स्वस्थ्य व्यक्ति संक्रमित हो सकता है। बच्चों, वृद्धों व पूर्व से अस्वस्थ व्यक्तियों में स्वाईन फ्लू के संक्रमण के गंभीर परिणाम हो सकते है।

बचाव :

खांसते व झिंकते समय अपने मूंह व नाक को रूमाल से ढके, अपने नाक, कान अथवा मूंह को छूने से पहले अथवा बाद में अपने हाथों को साबून से धोते रहें, भीड़-भाड़ वाली जगह से दूर रहे और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में ना आये, अच्छी निंद ले, शारीरिक रूप से संक्रीय रहे, पानी अधिक सेवन करने तथा पौष्टिक आहार लें, चिंता व तनाव से दूर रहें व स्वस्थ्य जीवन शैली अपनायें। डॉक्टर के सलाह के बिना कोई दवा अपनी मर्जी से न लेवें। हाथ न मिलायें।

जिले में स्वाईन फ्लू की दवा पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। सभी स्वाईन फ्लू संदिग्ध व्यक्तियों की जॉच की सुविधा जल्द ही शासकीय मॉलिक्यूलर वायरोलॉजी लैब जांजगीर में उपलब्ध होगी। अधिक जानकारी के लिए स्वास्थ्य विभाग के 9179623851, 9179625229 पर संपर्क कर सकते है।

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केंद्रीय भूमिजल विभाग द्वारा भू-जल प्रबंधन विषय पर दिया जाएगा तीन दिवसीय प्रशिक्षण

 बैकुण्ठपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय जलशक्ति विभाग के निर्देश के अनुरूप जिला पंचायत के मंथन कक्ष में मंगलवार से तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण में कृषि विभाग, जल संसाधन विभाग तथा ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग से जुड़े अधिकारी कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण  के संबंध में जानकारी देते हुए जिला पंचायत के मुख्यकार्यपालन अधिकारी कुणाल दुदावत ने बताया कि केंद्रीय जलशक्ति विभाग के अधीन कार्यरत भूमिजल बोर्ड के माध्यम से यह प्रशिक्षण  प्रदान किया जाएगा। भूमिगत जल बोर्ड की उत्तर मध्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र के क्षेत्रीय निदेशक डा प्रवीर कुमार यादव की टीम संबंधित अधिकारियों को भूजल प्रबंधन पर विषेष प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

जिला पंचायत सीइओ ने बताया कि उक्त प्रशिक्षण में शामिल होने के लिए कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा विभाग, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन विभाग तथा उप संचालक कृषि को पत्र जारी कर दिया गया है। इसके अलावा जल प्रबंधन पर प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए महात्मा गांधी नरेगा की सभी एजेंसी सहित वनमंडल बैकुण्ठपुर तथा वनमंडल मनेन्द्रगढ़ के भी अधिकारियों को प्रशिक्षण सूची में शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण जिला पंचायत के मंथन कक्ष में प्रात साढ़े दस बजे से आरंभ होगा। जिला पंचायत सीइओ द्वारा सभी प्रषिक्षणार्थियों को नियत समय पर प्रशिक्षण हेतु उपस्थिति के निर्देश  दिए गए हैं।

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