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मुख्यमंत्री बघेल, मंत्री सिंहदेव स्पष्ट करे कौन सा वादा सच्चा था और कौन सा वादा झूठा : डॉ रमन सिंह

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विगत दिनों महासमुंद में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के "गंगाजल के सम्मान में, भाजपा मैदान में" कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ रमन सिंह ने भूपेश सरकार को गंगाजल हाथ में लेकर किए गए उनके वादों को याद दिलाया इस पर कांग्रेस बौखला उठी तथा कथन वापसी की मांग करते हुए नोटिस भेजने और कानूनी कार्यवाही करने की धमकी तक दे डाली।

जिसके बाद रमन सिंह ने बयान देते हुए कहा कि भूपेश बघेल गंगाजल और गीता को नकार रहे हैं एक-एक करके अपनी जन घोषणा पत्र से वादों को निकाल रहे हैं, गंगाजल के साथ किए गए वादे को पूरा न करने के पश्चात आने वाले दुष्परिणामों भूपेश सरकार को अब डर लग रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस भाजपा के कार्यकर्ताओं पर कानूनी कार्यवाही करने की धमकी दे रही है लेकिन प्रदेश की उन माताओं बहनों का क्या जो सालों से शराबबंदी को लेकर किए गए वादे को पूरा करने के लिए आवाज उठा रही है उनका भूपेश बघेल क्या करेंगे। वे जनता के बीच आकर ये साफ करें कि सत्ता में आते ही आपने कितने वादों को घोषणापत्र से निकाल दिया है? आम जनता के हितों का हनन करने वाली सरकार समझ ले, छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता नैतिकता की लड़ाई में किसी से नहीं डरते डॉ रमन सिंह ने इस विषय पर ट्वीट करते हुए लिखा है कि CM @bhupeshbaghel जी, यदि गंगाजल का डर आपके मन में बैठ गया है तो जनता के बीच आकर साफ करें कि सत्ता में आते ही आपने कितने वादों को घोषणा पत्र से निकाल दिया है?

जहां तक नोटिस से भयभीत करने की बात है तो आप समझ लें कि @BJP4CGState के कार्यकर्ता नैतिकता की लड़ाई में किसी से नहीं डरते।

गौरतलब है कि कांग्रेस ये कह रही है कि उन्होंने केवल कर्ज माफी के वादे के लिए गंगाजल उठाया था बाकी वादों के लिए नही, ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या भूपेश सरकार ने ये पहले ही निश्चित कर लिया था की वे अपने बाकी वादे पूरे नहीं करेंगे।

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कच्ची शराब खरीदने 4 बजे से लगते हैं मेले

 लापरवाह हो चुका आबकारी विभाग

खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अवैध महुआ शराब अंचल के अनेकों गांव में बन रही है। वहीं सुस्त प्रशासन तथा आबकारी विभाग सब कुछ जानते हुए भी अंजाना बना हुआ है।

खरसिया से लगे गांव तेलीकोट, महुआपाली, अंजोरीपाली, डूमरपाली, चोढ़ा, बरगढ़ में और तो और खरसिया के ही पुरानी बस्ती में भी शाम 4:00 बजते ही आस-पास गांव के लोग अपनी शराब की लत से खींचे चले आते हैं। जब मजदूर अपनी ड्यूटी खत्म करते हैं तो सीधे ही यहां आकर छक कर दारू पीते हैं। फिर उन्हें या तो सड़कों के किनारे पड़ा या शराब के नशे में झूमते हुए गाली-गुप्ता करते हुए देखे जा सकता है।

यदा-कदा पुलिस विभाग के द्वारा जरूर इस पर कुछ कार्रवाई की गई थी, परंतु आबकारी विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है, शायद आपस में कोई सामंजस हो। वहीं अगर पुलिस छापा मारने जाती है तो पूर्व में ही इन कच्ची शराबवालों के मुखबिर उन्हें सूचना देकर सतर्क कर देते हैं। जिसके कारण भारी मात्रा में बन रही शराब के बर्तन एवं शराब को आसपास छिपा दिया जाता है। यह भी जानकारी मिली है कि प्रतिदिन इन गांव से करीबन 100 क्विंटल से ज्यादा महुआदारू बिक्री होकर गांव तक पहुंचता है। कुछ गांववालों ने बताया कि शाम होते ही गांव के छोटे-छोटे बच्चे घर से बाहर निकलने में डरते हैं, क्योंकि कभी शराबियों का निशाना न बन जाएं। पुलिस अधीक्षक और जिलाधीश सतत शराब की पाबंदी लगाने के लिए आदेश जारी करते हैं, परंतु पुलिस विभाग सड़कों एवं आने-जाने वाले का 1-2 लीटर शराब पकड़ कर अपनी ड्यूटी की इतिश्री समझ लेते हैं। यदि आबकारी विभाग एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त छापेमारी की जाए तो शायद रायगढ़ जिले का सबसे बड़ा अवैध शराब का भंडार जप्त किया जा सकता है, परंतु आबकारी विभाग के गैरजिम्मेदार रवैये के कारण पूरे क्षेत्र में अवैध शराब का धंधा फल-फूल रहा है। ऐसे में राज्य सरकार को आबकारी विभाग के शह पर राजस्व की कितनी हानि सहनी पड़ रही है। वहीं अवैध शराब के कारण ना जाने कितनों की असामयिक मौत भी हो रही है।

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शिकारियों के तीर से मादा हिरन की मौत...

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के वनांचल क्षेत्र में शिकारी बेधड़क शिकार कर रहे है। इसका ताजा मामला शनिवार को देखने मिला, जब शिकारियों के तीर से घायल मादा हिरन भागती हुई सड़क पर गिरी और उसने दम तोड़ दिया।

शिकार का यह मामला दुगली परिक्षेत्र के कक्ष क्रमांक 335 का है। यहां खुलेआम दिन दहाड़े शिकारियों ने एक मादा हिरण का शिकार किया है। तीर लगने के बाद मादा हिरण अपनी जान बचाने भागी, जिसके पीछे शिकारियों का कुत्ता भी लग गया। इस बीच कुत्ते की आवाज सुनकर वन चौकीदारी अलर्ट हो गया। उन्होंने देखा हिरणी सड़क किनारे गिर गई। उसके गले में तीर लगा था। चौकीदार ने इसकी सूचना रेंजर को दे दिया है।

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अपने कार्यकाल के भ्रष्टाचार को उजागर कर रहे डॉ. रमन सिंह : सुशील

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि छत्तीसगढ़ की कुछ खराब सड़कों को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन और भाजपा के लोग जो बयान दे रहे और सोशल मीडिया में जो पोस्ट कर रहे वह दरअसल उनके अपने भ्रष्टाचार की स्वीकारोक्ति है। राज्य सरकार जब सड़क बनाती है, कार्ययोजना बनाती है वह कुछ दशकों के लिये होती है। सड़कें हर साल नहीं बनाई जाती। किसी भी सड़क की आयु कम से कम 10 से 15 वर्ष तक होती है। भारतीय जनता पार्टी के समय बनाई गई अधिसंख्यक सड़कें 4 साल में कंडम हो गयी है। जिन सड़कों की फोटो भारतीय जनता पार्टी के नेता जारी कर रहे है ये सारी की सारी सड़कें, डोंगरगढ़ की सड़क, 2016 में बनी, बिलासपुर की सड़क 2018 में बनी, पंडरिया की सड़क 2017 में बनी, बालोद की सड़क 2018 जनवरी में बनाई गयी थी। चुनावी वर्ष में भारतीय जनता पार्टी की सरकार के द्वारा बनाई गई ये सारी की सारी सड़कें गुणवत्तविहीन भी 4-5 साल में ही कंडम हो गयी। इन सड़कों में डामर की कालिख की जगह भारतीय जनता पार्टी की भ्रष्टाचार की कालिख थी। बड़ी बेशर्मीपूर्वक भाजपा के सारे के सारे नेता जो इस भ्रष्टाचार के लिये जिम्मेदार है चाहे डॉ. रमन सिंह हो, चाहे राजेश मूणत हो, या सांसद के रूप में सरोज पांडेय हो सबने अपने भ्रष्टाचार की कालिख को बेशर्मीपूर्वक उजागर करने का काम किया है।


सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि रमन सरकार के सड़कों के भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण राजधानी रायपुर का एक्सप्रेस-वे है जिसकी लागत लगभग 463 करोड़ है और जो रमन सिंह के द्वारा उद्घाटन किये जाने के एक माह के अंदर धसक गया जिसका पुर्ननिर्माण करवाना पड़ा। रमन सिंह को एक्सप्रेस-वे के अपने भ्रष्टाचार को भी ट्वीट में पोस्ट करने का साहस दिखना चाहिये। रमन सिंह और भाजपाई सोच रहे है कि वे इन कंडम सड़कों की फोटो दिखा कर कांग्रेस सरकार को बदनाम कर लेंगे तो वे सब मुगालते में है। यह सड़कें रमन राज के कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार की स्मारक के रूप में है। जनता की गाढ़ी कमाई को किस प्रकार लूटा गया इसकी बानगी 4 साल में खराब होने वली यह सड़कें है। छत्तीसगढ़ में कुल सड़कों की लंबाई 33023 वर्ग किमी है जिसमें नेशनल हाईवे 3605 किमी है जिसकी हालत सबसे ज्यादा खराब है। पत्थलगांव, सरगुजा में तो विगत 8 वर्षो से समस्या है जो भाजपा सांसदों के निकम्मेपन और मोदी सरकार के भ्रष्टाचार का प्रमाण है।

 

 

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39 वनवासियों की मौतों पर रमन भूपेश को घेरा, ट्वीट कर उठाया ये सवाल...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के नारायणपुर और बीजापुर जिले में स्थित ग्रामों से बेहद ही चिंताजनक खबर सामने आ रही है, इन क्षेत्रों में निवासरत वनवासियों में एक अजीब सी बीमारी देखने को मिल रही है। बताया जा रहा है कि इस बीमारी में पहले मरीज को बुखार होता है उसके बाद हाथ-पैर फूलने लगते हैं और फिर मौत हो जाती है। बस्तर के नारायणपुर बौर बीजापुर में इंद्रावती नदी के किनारे बसे 7 गावों में बीते 5 महीनों के भीतर 39 आदिवासियों की इस अज्ञात बीमारी से मौत हो गई और प्रशासन तक यह ख़बर तब पहुंची जब आदिवासियों के बीच कफन की मांग बढ़ी।

इसपर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सरकार को आज भूपेश बघेल की कांग्रेस सरकार को घेरते हुए ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा कि.. "वनवासी भाई मर रहे हैं" क्योंकि अधिकारी नींद में हैं, व्यवस्थाएं बिखरी हुई हैं, प्रशासन बेखबर है और प्रदेश का मुखिया मस्त है। गौरतलब है इन दिनों मुख्यमंत्री बघेल भेंट - मुलाकात कार्यक्रम कर रहे हैं वहीं दूसरी ओर प्रदेश में आदिवासी इस बीमारी से बिना सुविधाओं के जूझ रहे हैं।

 

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प्रशासन ने कराया नजूल भूमि को अतिक्रमण मुक्त

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर कुन्दन कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन की टीम की ओर से शनिवार को नमनाकला में नजूल भूमि पर किये गए अतिक्रमण पर कार्यवाही करते हुए कब्जा मुक्त कराकर आधिपत्य नगर निगम को सौंपा गया।

नायब तहसीलदार किशोर वर्मा बताया कि नमनाकला निवासी दिलराज दास की ओर से करीब 20 डिसमिल नजूल जमीन पर अतिक्रमण कर बॉउंड्रीवाल का निर्माण कराया था। नगर निगम के द्वार उक्त जमीन को एसएलआरएम सेंटर बनाने चिन्हांकित किया गया था किंतु कब्जा मुक्त नहीं होने के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ पा रहा था। कलेक्टर के निर्देश पर राजस्व की टीम द्वारा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर जांच किया गया और बॉउंड्रीवाल को जेसीबी से ढहाया गया। कब्जा मुक्त होने पर उक्त जमीन को नगर निगम के आधिपत्य में सौंपा गया।

 
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प्रभारी केंद्रीय सचिव विकास शील ने दूधगांव में जलजीवन मिशन कार्यों का किया निरीक्षण

 जलजीवन अंतर्गत जलप्रदाय को लेकर ग्रामीणों से की चर्चा

कोण्डागांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शनिवार को केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव व आकां जिला कार्यक्रम के तहत कोण्डागांव के प्रभारी केंद्रीय सचिव विकास शील की ओर से कोण्डागांव विकासखंड के दूधगांव पहुंच। जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम में निर्मित परियोजना के संबंध में ग्रामीणों से चर्चा की साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारियों से पानी की उपलब्धता व उसकी गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली।

ग्रामीणों की ओर से पानी प्रदाय के समय को लेकर केंद्रीय सचिव के समक्ष सुधार के लिए अपील की गई। जिस पर केंद्रीय सचिव की ओर से पानी प्रदाय का समय सुबह 6:00 बजे कर स्थानीय युवा को इस कार्य के लिए नियुक्त करते हुए पानी की गुणवत्ता जांच के लिए बनाए गए लैब के कर्मचारियों से भी बात की। केंद्रीय सचिव की ओर से पानी में अशुद्धि पाए जाने पर उसके निराकरण के लिए एक व्यवस्थित कार्य प्रणाली विकसित करने तथा ऐसे जल की ग्राम स्तर पर की गई जांच के उपरांत शिकायत पर 24 घंटे के अंदर जिला स्तरीय दल की ओर से इसकी जांच कराने के निर्देश दिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को गांव में जल जीवन मिशन के कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए वित्तीय प्रबंधन व रखरखाव की व्यवस्था के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण उपरांत रोजगार देने को कहा। इस अवसर पर कलेक्टर दीपक सोनी, जिला पंचायत सीईओ प्रेमप्रकाश शर्मा, अधिकक्षण अभियंता बारापात्रे, कार्यपालन अभियंता एच एस मरकाम, सीएमएचओ डॉ टी आर कुंवर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

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कांग्रेस प्रवक्ता ने मुख्यमंत्री से की स्काईवॉक भ्रष्टाचार की जांच की मांग

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने स्काईवॉक में भ्रष्टाचार की जांच की मांग के लिये मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मिलकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरपी सिंह ने शिकायत पत्र के माध्यम से राजधानी में तत्कालीन भाजपा सरकार के कार्यकाल में स्काईवॉक प्रोजेक्ट के संबंध में की गई अनियमितता और भ्रष्टाचार के संबंध में मुख्यमंत्री का आकर्षित किया है।


ज्ञापन में उन्होंने कहा कि तत्कालीन भाजपा सरकार के लोक निर्माण मंत्री राजेश मूणत द्वारा बिना किसी आवश्यकता के रायपुर शहर में एक स्काई वॉक बनाने का प्रोजेक्ट अपने रसूख का प्रयोग करके पास करवा दिया जिसका कोई औचित्य या आवश्यकता ही नहीं थी ।

 
 
 
 



जनता द्वारा भी स्काई वॉक निर्माण के प्रोजेक्ट को लेकर तत्कालीन सरकार का विरोध किया गया था तथा मंत्री मूणत के मंसूबों को लेकर प्रश्न चिन्ह लगाया गया था। उक्त प्रोजेक्ट तत्कालीन भाजपा सरकार और लोक निर्माण विभाग के मंत्री रहे राजेश मूणत के भ्रष्टाचार के जीते जागते उदाहरण के रूप में रायपुर में मौजूद है।

 
 
 



अपने ज्ञापन में आरपी सिंह ने स्काईवॉक प्रोजेक्ट के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों को दर्शाया है, जिसकी जांच की जाये तो इससे इस प्रोजेक्ट हुए घोटाले, अनियमितता, भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया जा सकेगा।

 
 
 



50 करोड़ रूपये से अधिक लागत के किसी भी इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट के लिये राज्य शासन के आदेशानुसार पी.एफ.आई.सी. (PFIC ) की स्वीकृति के उपरांत ही किसी भी विभाग द्वारा निर्मित किया जा सकता है। रायपुर में स्काई वॉक निर्माण से संबंधित प्रोजेक्ट को वर्ष 2017 के माह मार्च में ( जानबूझकर ) रू. 49.08 करोड़ का बनाकर लोक निर्माण विभाग द्वारा स्वीकृति जारी की गई। इस प्रोजेक्ट की लागत जानबूझकर 50 करोड़ रूपये से कम रखी गई ताकि पीएफआईसी की स्वीकृति न लेनी पड़े।

जल्द ही दिसंबर 2017 में इस प्रोजेक्ट की तकनीकी कीमत को बढ़ाकर विभाग द्वारा 81. 69 करोड़ रूपये करने का प्रस्ताव वित्त विभाग को दिया गया। पी.एफ.आई.सी. (PFIC ) की कमेटी के अध्यक्ष मुख्य सचिव होते हैं तथा अन्य विभागों के सचिव इसके सदस्य होते हैं। इस कमेटी में अन्य बातों के अलावा इस बात का भी परीक्षण किया जाता है कि इतनी बड़ी धनराशि की अधोसंरचना परियोजना वास्तव में पर्याप्त जनोपयोगी की है भी या नहीं।

 
 
 



यह ध्यान देने योग्य बात यह है कि Revised Technical Estimate  (संशोधित तकनीकी प्राक्कलन) में  Escalation clause का प्रावधान कर 5.83 करोड़ किया गया, जबकि यह प्रावधान मूल प्राक्कलन में ही रखा जाना चाहिए था। इसी प्रकार  Utility Shifting में मूल प्रावधान मात्र रू. 90 लाख रखा गया, जबकि माह दिसंबर तक इस पर रू. 5.94 करोड़ व्यय कर दिये गये थे। इससे स्पष्ट होता है कि ऐसी सामान्य सी चीजें मूल प्राक्कलन में सिर्फ इसलिये नहीं रखी गयी थी ताकि प्रस्ताव 50 करोड़ रूपये से कम का बने व विभाग को यह प्रस्ताव पी.एफ.आई.सी में ना लाना पड़े, जहां इस प्रकार के अतिरंजित अपव्यय से संबंधित अधोसंरचना प्रस्तावों को रोका जा सकता था। यह इस प्रोजेक्ट के पीछे की आपराधिक मानसिकता को दर्शाता है।

 
 
 



ध्यान देने योग्य बात यह है कि लोक निर्माण विभाग ने दिनांक 04.02.2017 को मूल टेंडर जारी किया, दिनांक 20.02.2017 को निविदा प्राप्त कर ली, जबकि प्रकरण की तकनीकी व शासकीय प्रशासकीय स्वीकृति दिनांक 08.03.2017 को जारी की गई। इससे स्पष्ट है विभागीय मंत्री के दबाव में, अधिकारी बिना नियमों का पालन किये कार्य कर रहे थे।

यह अत्यन्त गंभीर विषय है कि मंत्री राजेश मूणत ने दिनांक 23.04.2018 को अचानक स्काई वॉक के  Architectural View में सुधार करने हेतु 12 परिवर्तन के निर्देश दिये जिनका कोई  Technical Justification पूरे प्रस्ताव में कहीं नजर नहीं आता है। अकेले सिविल कार्य ही रू. 15.69 करोड़ से बढ़ा दिया गया। प्रोजेक्ट की कीमत बढ़ने के कारणों में अन्य कारणों के अलावा
1.  ACP Wall cladding को सम्मानित किया गया, जो गैर जरूरी था।

 
 
 


2. 8 स्थानों पर दुकानों का निर्माण सम्मिलित किया गया, जो गैर जरूरी था।
3.  Chequered Tiles के स्थान पर  Vitrified Tiles  का प्रावधान सम्मिलित किया गया, जो गैर जरूरी था।
इससे यह प्रतीत होता है कि तत्कालीन मंत्री राजेश मूणत, संबंधित ठेकेदार को अधिक भुगतान कराना चाहते थे।

यह टेंडर From अर्थात Item rate का Tander था इस प्रकार के टेंडर में यदि Quantity 25 प्रतिशत से अधिक बढ़ती है तो प्रत्येक Item का मार्केट रेट Analysisकर ही नया Estimate बनाया जाता है। लोक निर्माण विभाग तथा वित्त विभाग ने बिना यह किये ठेकेदार को अनुचित फायदा पहुचाने हेतु पुनरीक्षित स्वीकृति जारी की।

राजेश मूणत ने आपराधिक षडयंत्र करते हुये माह दिसंबर 2018 में प्रक्रिया का पालन न करते हुये बड़ी अधोसंरचना परियोजना, बिना पी.एफ.आई.सी के अनुमति के रू. 77.01 करोड़ की प्राशसकीय स्वीकृति जारी की। तत्कालीन वित्त सचिव तथा तत्कालीन वित्त मंत्री मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी इसमें गंभीर अनियमितताएं करते हुए तथा प्रक्रियाओं का पालन किये बिना इसकी वित्तीय सहमति/ अनुमति जारी की।

तीसरी अत्यंत गंभीर अनियमितता यह पाई गई कि दिनांक 05.12.2018 को जब चुनाव आचरण संहिता लागू थी तथा प्रदेश में विधानसभा के चुनाव हो चुके थे, तब विभागीय सचिव ने ताबड़तोड़  Revised Administrative Approvel हेतु वित्त विभाग को प्रस्ताव भेजा तथा तत्कालीन वित्त मंत्री व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने भी ताबड़तोड़ स्वीकृति प्रदान कर दी, जबकि चुनाव हो चुका था व Model code of conduct के हिसाब से ऐसा करना अपवर्जित था। वित्त विभाग ने 11 दिसंबर 2018 को सुविधा की स्वीकृति जारी की। इससे प्रतीत होता है कि इस प्रकरण में अपराधिक षडयंत्र कर स्वीकृति जारी की गई जो पूर्णता गलत मंशा से की गई है।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने 15 वर्ष शासन काल में जिस प्रकार से शासकीय धन का दुर्विनियोजन किया, भ्रष्टाचार किया उसका एक बहुत छोटा सा उदाहरण स्काईवॉक प्रोजेक्ट है जो दिन प्रतिदिन रायपुर की जनता को उनके साथ हुये विश्वघात, उपेक्षा और धोखाधड़ी की याद दिलाता है।

जनता को राहत तभी मिलेगी जब इस मामले की गंभीरता से जांच की जायेगी तथा जनता के असली दोषियों को जनता के सामने पेश किया जायेगा।

 

 

 
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एक साथ देहदान का संकल्प लेकर साहू दंपत्ति ने पेश की मिसाल

 दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मानवता की भलाई के लिए देहदान की अनुकरणीय मिसाल कायम करने वालों में दुर्ग के साहू दंपत्ति का नाम भी शामिल हो गया है। गंजपारा,आजाद नगर वार्ड 27 के गली नंबर 1  में निवास करने वाले हेमशंकर साहू और उनकी पत्नी मिराशंकर साहू ने प्रनाम के अध्यक्ष पवन केसवानी की काउंसलिंग के पश्चात् उनके माध्यम से देहदान की एकसाथ 2 वसीयतें जारी की। अपने घर के निकटतम स्थित मेडिकल कॉलेज भारती आयुर्वेदिक कॉलेज के विद्यार्थियों को मरणोपरांत अपना मृत शरीर दान करने की वसीयतें लिखी। इस दौरान अपने दोनों बेटियों सिद्धिका साहू और समृधि गंजीर ने काउंसलिंग में शामिल होकर देहदान हेतु सहमती प्रदान की।

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मुख्यमंत्री ने ली लोकनिर्माण विभाग की समीक्षा बैठक, खराब सड़कों पर जताई नाराजगी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री बघेल ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में पीडब्लूडी अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में राज्य में सड़कों की खराब स्थिति पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राशि स्वीकृति के बाद भी सड़कों की मरम्मत और कार्य ना होना आपकी लापरवाही दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सड़कों पर तेजी से कार्य करायें और जिन सड़कों में पैचवर्क की आवश्यकता है वहां तत्काल पैचवर्क करें। सड़कों की खराब स्थिति पर एक सप्ताह बाद दोबारा समीक्षा की जायेगी।


मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि छत्तीसगढ़ रोड एण्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा दिसंबर 2022 तक 150 सड़कों और 15 पुल, मार्च 2023 तक 160 सड़क और 20 पुल, जून 2023 तक 74 सड़क और 25 पुल तथा दिसंबर 2023 तक 34 सड़क और 5 पुल का कार्य पूरा करा लिया जायेगा। इस प्रकार कुल 520 कार्यों में से दिसंबर 2023 तक 483 कार्य पूर्ण करा लिये जाएंगे।

 
 



बैठक में बताया गया कि छत्तीसगढ़ रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेव्लपमेंट कॉर्पाेरेशन लिमिटेड द्वारा जिला कोरबा अंतर्गत कटघोरा-हरदीबाजार-बलौदा-अकलतरा मार्ग में निर्माण कार्य प्रगति पर है, जिला रायगढ़ अतंर्गत चंद्रपुर-डभरा-खरसिया-धरमजयगढ़-पत्थलगांव मार्ग का नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है जिन्हें शीघ्र पूरा करा लिया जायेगा। जिला जांजगीर चांपा अंतर्गत फरगुम से डभरा होते हुये चंद्रपुर मार्ग, जिला दुर्ग अंतर्गत दुर्ग अण्डा उतई पाटन अभनपुर मार्ग, दुर्ग के एसीसी चौक जामुल से नंदिनी अहिवारा मार्ग, जिला बालोद के आदमाबाद घोटिया डौंडी मार्ग, जिला जशपुर के बतौली-बगीचा-चरईडांड मार्ग, जिला सरगुजा के अंबिकापुर-दरिमा-नवानगर मार्ग, जिला बस्तर के जगदलपुर बायपास मार्ग का उन्नयन एवं नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है जिसे शीघ्र पूर्ण कराया जा रहा है। इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग, एडीबी परियोजना एवं बजट में सम्मिलित विभिन्न योजना के तहत निर्मित एवं निर्माणाधीन सड़क और पुल के कार्य तेजी से पूर्ण कराये जा रहे हैं।

 



बैठक में लोक निर्माण मंत्री ताम्रध्वज साहू, अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, वित्त विभाग की सचिव श्रीमती अलरमेलमंगई डी, डॉ. एस. भारतीदासन, ऊर्जा विभाग के सचिव अंकित आनंद, मुख्यमंत्री की उप सचिव सौम्या चौरसिया, सीजीआरआईडीसीएल के प्रबंध संचालक सारांश मित्तर एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

 
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डाइट संस्थान में शिक्षार्थियों ने नवाचार कार्य का परम्परा शुरू करते हुए संस्थान परिसर की साफ-सफाई

जशपुरनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। समावेशी शिक्षा के अंतर्गत जिले में चल रहे दो दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण क्षमता निर्माण व गृह आधारित दिव्यांग छात्र छात्राओं के शिक्षा सहित सर्वांगीण विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम तहत डाइट संस्थान में ठहरे शिक्षार्थियों की ओर से नवाचार कार्य का परम्परा शुरू करते हुए डाइट संस्थान परिसर की साफ-सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया गया।

शिक्षार्थियों की ओर से किये गए इस रचनात्मक व सृजनात्मक कार्य का संस्थान के प्राचार्य सहित अन्य अधिकारी कर्मचारियों ने सराहना करते हुए प प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ऐसे शिक्षक और पालक गण साधुवाद के पात्र है। शिक्षार्थियों को इस कार्य मे नेतृत्व विकासखंड मनोरा के प्राथमिक शाला कुमेकेला के प्रधान पाठक ध्यानलाल राम की ओर से किया गया।

 
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भाजपा-आरएसएस की विचारधारा में आदिवासी के प्रति घृणा और अपमान है : विकास

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता एवं मनोकामना पदयात्रा के मीडिया प्रभारी विकास तिवारी ने कहा कि भारतीय जानता पार्टी की विचारधारा में आदिवासी समाज के लिये कोई भी स्थान नही है। संघ और भाजपा आदिवासियो को हेय दृष्टि से देखती है, उनको प्रताड़ित करती है। जिसका बड़ा उदाहरण तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष विष्णुदेव साय को अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस के दिन अपमानित करके पद से हटाया। और अब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं आदिवासीयो के बड़े नेतृत्वकर्ता मोहन मरक़ाम का अपमान भाजपा के अध्यक्ष अरुण साव ने किया। भाजपा अध्यक्ष ने कहा था कि मोहन मरकाम अपने नेता राहुल गाँधी के साथ भारत जोड़ो यात्रा के दौरान कहा था की वे दंतेश्वरी माता के दर्शन करने के लिये एक दिन में पचास किलोमीटर की पदयात्रा करते है। जो सरासर झूठ है और इस बयान का मजाक अरुण साव ने उड़ाया था। चूकि मोहन मरक़ाम एक आदिवासी है। माता दंतेश्वरी के भक्त है इसलिये मोहन मरकाम को अपमानित करने में भाजपा और आरएसएस के नेताओ को आनंद प्राप्त हो रहा है। भाजपा प्रदेशाध्यक अरूण साव ने मोहन मरकाम को झूठा कहां और माता दंतेश्वरी के प्रति उनकी आस्था का मखौल उड़ाया।

विकास तिवारी ने बताया की आज जिला कांग्रेस कमेटी कोंडागांव के अध्यक्ष एवं पदाधिकारियों ने भाजपा अध्यक्ष अरुण साव,नेता प्रतिपक्ष नारायण चंदेल को कांग्रेस अध्यक्ष मोहन मरकाम द्वाराकिये जा रहे चार दिवसीय मनोकामना पदयात्रा जिसका उद्देश्य प्रदेश की खुशहाली और समृद्धि की कामना है इस पदयात्रा में शामिल होने का निमंत्रण पत्र  सौपा।संगठन प्रभारी महामंत्री अमरजीत चावला ने बयान दे कर कहा था की कांग्रेसी जो कहते है वो करते है। चावला ने अरुण साव को चैलेंज देते हुवे कहा था की दम है तो वे इस पदयात्रा में शामिल हो और पदयात्रा में शामिल होकर दिखाये। चावला ने ये भी कहा की  भाजपा अध्यक्ष अरुण साव में पचास किलोमीटर पदयात्रा करने का दम नही है।

मीडिया प्रभारी तिवारी ने भाजपा अध्यक्ष अरुण साव से आग्रह किया है कि अरूण साव अगर सच्चे सनातनी हिन्दू है और माता दंतेश्वरी की उपासना करते है और सच्चे आदिवासी हितैषी है तो मनोकामना पदयात्रा के प्रथम, द्वितीय या तृतीय दिन की पदयात्रा में जो कि प्रतिदिन लगभग 50 किमी की होगी। प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के साथ पदयात्रा में शामिल होवे। बस्तर के आदिवासी समाज की अपार आस्था माता दंतेश्वरी में है और भाजपा अध्यक्ष अरुण साव के बयान से समूचे बस्तर के आदिवासियो की आस्था पर कुठाराधात हुवा है। हिन्दू धर्म के नाम पर धंधा करने और वैमनस्यता फैलाने वाले भाजपा नेताओ के ज़हरीले बयान से आदिवासी समाज दुःखी है। भाजपा अध्यक्ष अरुण साव की कांग्रेस कार्यकर्ताओं के द्वारा दिये गये पदयात्रा के निमंत्रण को स्वीकार कर मनोकामना पदयात्रा में शिरकत होना चाहिये अन्यथा बस्तर के आदिवासी समाज और माता दंतेश्वरी के लाखो करोड़ो उपासक भाजपा को कभी माफ नहीं करेंगे।

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किसानों का कर्जा माफ कर मुख्यमंत्री बघेल नेगंगाजल का सम्मान किया : धनंजय

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा के गंगाजल सम्मान कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि भाजपा गंगाजल सम्मान कार्यक्रम की आड़ में अपने झूठ और प्रपंच की राजनीति कर पवित्र गंगाजल का अपमान कर रहे है। भाजपा के नेता वास्तविक में गंगाजल का सम्मान करते हैं वो हाथ में गंगाजल उठाकर कांग्रेस पर आरोप लगाए कि कांग्रेस ने गंगाजल हाथ में उठाकर शराबबंदी का वादा किया था और सबूत प्रस्तुत करें।

गंगाजल सम्मान कार्यक्रम में जिस प्रकार से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कांग्रेस पर गंगाजल पकड़ कर शराबबंदी करने और बेरोजगारी भत्ता देने का आरोप लगाया है वह पूरी तरीके से झूठ और भाजपा का प्रपंच है। कांग्रेस नेताओं ने हाथ में गंगाजल उठाकर सरकार बनने पर 10 दिन के भीतर किसानों का कर्जा माफ करने का वादा किया था जिसे मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद भूपेश बघेल ने 2 घंटा के भीतर पूरा किया और प्रदेश के 20 लाख किसानों का कर्जा माफ हुआ है।

धनंजय ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस के 36 बिंदुओं के घोषणा पत्र में  कहीं भी बेरोजगारी भत्ता जैसे शब्दों का उल्लेख ही नहीं है बल्कि 2003 में भाजपा ने सरकार बनने पर 12वीं पास युवाओं को 500 रु महीना बेरोजगारी भत्ता देने का वादा किया था और 15 साल नहीं दिया था। कांग्रेस रोजगार देने पर विश्वास करती है और कांग्रेस के घोषणा पत्र के बिंदु क्रमांक 14 में घर-घर रोजगार, हर घर रोजगार योजना बनाकर राजीव गांधी मितान क्लब के माध्यम से युवाओं को सामाजिक कार्यों एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों से जोड़कर 2500 रु कमाने का अवसर देने का वादा किया जिसे प्रदेश में 13269 क्लब के माध्यम से युवाओं को जोड़कर पूरा किया गया है।

प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शराबबंदी के दिशा में राज्य सरकार ने तीन कमेटियों का गठन किया है। सामाजिक कमेटी से मिले सुझाव के आधार पर सरकार जन जागरूकता के माध्यम से शराबबंदी की दिशा में काम कर रही है। 100 से अधिक शराब दुकानों को बंद किया गया है। कांग्रेस ने घोषणा पत्र में स्पष्ट लिखा है कि शराबबंदी के लिए पांचवी अनुसूची क्षेत्रों को मिले अधिकारों का पालन किया जाएगा। ग्राम सभाओं को शराबबंदी के अनुमोदन का अधिकार दिया गया है। ऐसे में भाजपा जो छत्तीसगढ़ में मुद्दाविहीन हो चुकी है, जनसमर्थन खो चुकी है जिनका 15 साल का कमीशनखोरी, भ्रष्टाचार एवं किसानों की आत्महत्या की घटनाओं एवं शराब का सरकारीकरण करने गांव-गांव शराब दुकान खोलने से भरा काला इतिहास है। वह अब गंगाजल सम्मान की आड़ लेकर गंगाजल का ही अपमान कर रही हैं। भाजपा नेताओं को गंगाजल की आड़ लेकर अपने झूठ की राजनीति करने के लिए मां गंगा एवं प्रदेश की 3 करोड़ जनता से माफी मांगना चाहिए।

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गौ धन से संवर रहा आदिवासी महिलाओं का जीवन, किसानों के जीवन में आया सकारात्मक बदलाव

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में गोधन न्याय योजना शुरू होने के बाद से यहां गोबर का महत्व लगातार बढ़ता जा रहा है। आज गोधन न्याय योजना हितग्राहियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का बड़ा ज़रिया बन गया है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य राज्य शासन द्वारा शुरू की गई गोधन न्याय योजना के परिणाम सामने आने लगे हैं। लोगों में पशुपालन के प्रति रूचि बढऩे लगी है।

इस योजना से स्व सहायता समूह की महिलाओं को रोजगार तो मिल ही रहा है, साथ ही किसानों में जैविक खेती का प्रचलन भी बढ़ रहा है। जिससे महिलाएं समूह की ओर से गौठानों में वर्मी कम्पोस्ट और सुपर कम्पोस्ट खाद का निर्माण कर रही हैं। जिले के 108 गोठानों में महिला समूहों ने 14203 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट खाद व 6839 सुपर कम्पोस्ट खाद का उत्पादन किया जा चुका है। इस प्रकार कुल 11289 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट और 6618 सुपर कम्पोस्ट खाद का विक्रय किया गया है। जिसमें 5558 हितग्राही लाभान्वित हुए है। जिले में गोधन न्याय योजना के तहत खरीदी की जा रही गोबर से विभिन्न उत्पाद बनाकर स्व-सहायता समूह की महिलाओं की आर्थिक स्थिति न केवल मजबूत हो रही है, बल्कि वे स्वावलंबी भी हो रही हैं। गोबर कभी ग्रामीणों के लिए इस प्रकार आमदनी का माध्यम बनेगा इसकी कल्पना शायद किसी ने भी नहीं की होगी, लेकिन छत्तीसगढ़ की इस गोधन न्याय योजना ने यह सच कर दिखाया है। योजना से पशुपालकों, किसानों और समूह की महिलाओं के लिए अतिरिक्त आमदनी के रास्ते खुलने लगे हैं। कुछ समय पहले तक यहां की आदिवासी महिलाएं खेतों में काम करती नजर आती थी। इसके बावजूद घर की आर्थिक स्थिति काफी दयनीय थी। लेकिन अब इन्हीं महिलाओं ने गाय के गोबर को अपनी आर्थिक और सामाजिक स्थिति को मजबूत करने का माध्यम बना लिया है। इससे ग्रामीणों का जीवन बेहतर हो रहा है। निश्चित रूप से यह महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में उठाया जा रहा कारगर कदम है।

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गंगा जल कलश लेकर संसदीय सचिव ने भाजपा नेताओं को पहनाई सब्जियों की माला

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा के गंगा जल को स्वीकार करते हुए संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने मोदी सराकर की गलत नीतियों की वजहों से बढ़ती महंगाई को लेकर भाजपा नेताओं को सरसों तेल व पेट्रोल-डीजल के साथ ही सब्जियों की माला भेंट की।

आज शनिवार को भाजपाईयों का विधायक निवास पहुंचकर गंगा जल कलश भेंट करने का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम था। इसी तारतम्य में संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर अपने समर्थकों के साथ भाजपा नेताओं के सामने पहुंच गए। उन्होंने जहां गंगा जल का कलश स्वीकार किया वहीं भाजपाईयों को सिलेंडर, सरसो तेल व पेट्रोल-डीजल भेंट करने के साथ ही सब्जियों की माला भी पहनाई। संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि गंगा जल का सम्मान करते हुए उन्होंने भाजपाईयों से कलश स्वीकार किया है। भाजपाईयों के इस तरह के प्रदर्शन को राजनीतिक बताते हुए संसदीय सचिव चंद्राकर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह महंगाई से लोगों को राहत दिलाने की बजाय लगातार आम जनता की आर्थिक स्थिति को नुकसान पहुंचाने वाले निर्णय लगातार ले रही है। देश में लगातार महंगाई बढ़ रही है। पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाने का तेल सारा सामान महंगा है। अब तो जीएसटी पनीर, दही सब में लग रहा है। कुछ बचा ही नहीं है। उन्होंने भाजपा के आज आयोजित कार्यक्रम को राजनीतिक स्टंट करार दिया। 

इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष डॉ रश्मि, खिलावन, जनपद अध्यक्ष यतेंद्र साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण पटेल, मंडी अध्यक्ष हीरा बंजारे, नगरपालिका अध्यक्ष राशि महिलांग, बीज अनुसंधान समिति के संचालक दाउलाल चंद्राकर, कांग्रेस के जिला महामंत्री संजय शर्मा, दिलीप चंद्राकर, कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद, अरूण चंद्राकर, राजेंद्र चंद्राकर, नरेंद्र दुबे, पुष्कर चंद्राकर, जसबीर ढिल्लो, हार्दिक सोना, ब्रजेन बंजारे, गोविंद साहू, किशन देवांगन, सचिन गायकवाड़, आवेज खान, विजय साव, अमन चंद्राकर, गोलू मदनकार, प्रकाश आजमानी, हेमन्त डड़सेना, आलोक नायक, ओमप्रकाश यादव, कपिल साहू, डागा साहू, सीटू सलूजा, राजा गंभीर, किशन कोसरिया, विक्की पटेल, लमकेश्वर साहू, जगत देवदास, कुलेश्वर दीवान, यशवंत दीवान, द्रोण चंद्राकर, सोनू राज, मयाराम टंडन, रमन ठाकुर, खोम सिन्हा, थानसिंग, विनोद चंद्राकर, गंगा राम पटेल, केशव चौधरी, खिलावन ध्रुव, अनुराग चंद्राकर, जनक साहू, तुमेश्वर दीवान, संतोष साहू, शैलेन्द्र सेन, माणिक साहू, गौतम सिन्हा, राजू यादव, थानु साहू, सचिन गायकवाड़, आवेज खान, केके साहू, रवि सिंह ठाकुर, लता चंद्राकर, ईश्वर सिन्हा, विजय बांधे, गिरधर आवडे, योगेश यादव, दशोदा ध्रुव, भूमिका ध्रुव, डीआर नायक, संतोष निषाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन मौजूद थे।

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मुख्यमंत्री मितान योजना से निगम क्षेत्र में एक हजार लोगों को मिला घर बैठे प्रमाण पत्र

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री मितान योजना से निगम क्षेत्र में लोगों को घर बैठे प्रमाणपत्र मिलने से अब बड़ी राहत मिल रही है। अम्बिकापुर नगर निगम क्षेत्र में अब तक इस योजना के तहत लगभग 1000 लोगों को जन्म-मृत्यु, विवाह, निवास, जाति, आय प्रमाण पत्र सहित अन्य प्रमाण पत्र व दस्तावेज घर बैठे मिल चुके हैं। मुख्यमंत्री मितान योजना का लाभ लेने के लिए लोगों को केवल 14545 पर कॉल करना पड़ता है। उसके पश्चात मितान उनके घर पहुंचकर, आवश्यक दस्तावेज संग्रहित करते हैं। मितान की ओर से दो से तीन दिनों के अंदर उनके घर पहुंचकर प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जाता है।

ज्ञातव्य है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से प्रदेश में क्रियान्वित की गई दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं की एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में मुख्यमंत्री मितान योजना की शुरआत की गई है। कलेक्टर कुंदन कुमार के मार्गदर्शन व आयुक्त प्रतिष्ठा ममगई के निर्देशन में नगर पालिक निगम अम्बिकापुर क्षेत्र में इस योजना का सफल संचालन किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत जन्म-मृत्यु, विवाह, निवास, जाति, आय प्रमाण पत्र आदि के साथ गुमास्ता लाईसेंस, दस्तावेज नकल, प्रमाण पत्रों में सुधार कार्य सहित 13 प्रकार की सेवाएं घर पहुंचाकर दी जा रही है, इसके लिए संबंधित व्यक्ति को 14545 पर कॉल करना होता है। कॉल प्राप्त होते ही शासन की ओर से नियुक्त मितान संबंधित व्यक्ति के घर पहुंचता है, आवश्यक दस्तावेज संग्रहित करता है, उसे अपलोड करता है तथा दो या तीन दिनों के भीतर संबंधित प्रमाण पत्र व दस्तावेज उक्त व्यक्ति के घर पहुंचकर उन्हें उपलब्ध कराता है। नगर पालिक निगम अम्बिकापुर क्षेत्र के अंतर्गत मुख्यमंत्री मितान योजना से अब तक 1000 व्यक्ति लाभान्वित हो चुके हैं तथा अब तक 1 हजार 220 अपॉइंटमेंट बुक किये गए हैं। शेष लोगों को भी जल्द ही प्रमाण पत्र घर पहुंचाकर दिया जाएगा। इनके द्वारा 14545 में केवल एक कॉल करने के पश्चात आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दो या तीन दिनों के भीतर इनके वांछित प्रमाण पत्र व दस्तावेज इन्हें प्राप्त हो जाते हैं।

 
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अगर दम है तो स्काईवॉक की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर न्यायाधीश से जांच करा लें : मूणत

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा प्रवक्ता व पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने राज्य सरकार को चुनौती देते हुए कहा इस सरकार में दम है तो स्काईवॉक की सुप्रीम कोर्ट के रिटायर न्यायाधीश से जांच करा ले। अन्यथा इस पर थोथी राजनीति ना कर कोई निर्णय करें। उन्होंने  कहा कि विकास की सोच, दृष्टिकोण व विचार क्या होता है, जो मुख्यमंत्री यह नहीं जानता वह सिर्फ आरोप ही लगा सकता है ,कार्य नही कर सकता। उन्होंने कहा कि सबसे पहले सरकार यह बताएं कि 4 साल वह सो रही थी क्या ? उन्होंने कहा कि सेक्रेटरी भी यही है, ठेकेदार भी यही है और अधिकारी भी हैं और उस कार्य की फाइल भी आपके सरकार के पास है, आखिर आपने किया क्या ? 4 साल में आप यह नहीं तय कर पाए की इस स्काईवॉक  का करना क्या है , शहर की बनी हुई एक स्मार्ट सड़क जिसमें लोग आ जा रहे हैं उस एक्सप्रेसवे की छोटी सी तकनीकी खामी को मरम्मत करने में आपने 4 साल लगा दिए। ऐसी सरकार से क्या अपेक्षा कर सकते है।

राजेश मूणत ने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पहले इस बात का जवाब दें कि जिस सड़क से वह अपने गृह नगर जाते हैं उस टाटीबंध, चरोदा और कुम्हारी के लाखों नागरिक पूछ रहे हैं कि जो ब्रिज बनना था वह आज तक बना क्यों नहीं । उन्होंने कहा कि आपके विधानसभा क्षेत्र में जितने विकास के काम मैंने स्वीकृत किए थे पहले वह पूरा कर लो फिर कोई प्रश्न हम से पूछना। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को कहा कि वह अपने कार्य का आईना देख ले सच्चाई स्वमेव सामने आ जाएगी।

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राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस कार्यक्रम, कलेक्टर ने किया बच्चों का मार्गदर्शन

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के विकासखंड गीदम अंतर्गत पंडित दीनदयाल उपाध्याय शासकीय नवीन महाविद्यालय जावंगा में राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। छात्र-छात्राओं ने कलेक्टर विनीत नंदनवार का ढोल बाजे के साथ छत्तीसगढ़ी परंपरा के साथ भव्य तरीके से स्वागत किया।  छात्र-छात्रओं ने स्थानीय गीत पर बड़े ही मनमोहक नृत्य की प्रस्तुति दी उपस्थित बच्चों को कलेक्टर ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को आगे बढऩे हेतु प्रेरित किया। उन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन करते हुए समय का सदुपयोग करने को कहा। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं के तैयारियों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी। और कहा कि मेहनत कर आप कोई भी परीक्षा में बेहतर परिणाम ला सकते हैं। 

बच्चों को अंग्रेजी की पाठशाला के बारे में अवगत कराया और कहा कि अंग्रेजी से डरे नहीं सीखें। लगातार प्रयास से आप बेहतर कर पाएंगे। कलेक्टर ने छात्र छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कलेक्टर नंदनवार ने राज्य स्तर में एनएसएस परेड के लिए चयनित हुए प्रतिभागी दिनेश कुमार पोडियाम को मेडल व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इसके साथ ही जिले में आयोजित खेल दिवस पर क्रिकेट टीम विजेता आस्था विद्या मंदिर को भी सम्मानित किया गया। राष्ट्रीय सेवा दिवस के अवसर पर महाविद्यालय परिसर में कलेक्टर की ओर से आम के पौधों का रोपण किया गया। इस अवसर पर शिक्षकगण व छात्र छात्राएं उपस्थित थे।

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