छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

बस्तर संभाग मे में अबतक 10.93 लाख लोगो को लगा बूस्टर डोज

 कांकेर जिले मे सर्वाधिक 4.98 लाख लोगों ने लगवाए बूस्टर डोज

जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 15 जुलाई से 30 सितंबर तक 18 से 59 आयुवर्ग के लोगों को मुफ्त में कोविड टीके का बूस्टर डोज लग रहा है। अब 10 दिन से भी कम समय तक मुफ्त में डोज लगेंगे। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार लोगों से अपील की जा रही है कि समय रहते लोग मुफ्त में लग रहे बूस्टर डोज को लगवाएं और खुद को व परिवार को सुरक्षित रखें। वर्तमान मे सभी स्वास्थ्य केंद्रों  में कोविड का टीका लगाया जा रहा है। 

इस सम्बन्ध में सयुंक्त संचालक डॉ डी राजन ने बताया: “ बस्तर संभाग मे में अबतक 10.93 लाख लोगो को बूस्टर डोज लग चुका है। संभाग मे लगातार हो रहे टीकाकरण से लगभग 96 प्रतिशत लक्षित जनसंख्या को दूसरा डोज लगाया गया है। इसे हमें शत प्रतिशत करना और, लेकिन धीरे-धीरे समय कम होता जा रहा है। बचे समय में लोग स्वस्फूर्त टीकाकरण केंद्रों में जाकर बूस्टर डोज लगवाएं। बूस्टर डोज वर्तमान में मुफ्त में लग रही है। कुछ दिनों बाद फिर से यह पैसा देकर  मिलेगी। अब जब भारत सरकार ने बूस्टर डोज को निश्चित समय में मुफ्त किया है और सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों मे बूस्टर डोज लग रहे हैं तो लोग कोताही न बरतें और बूस्टर डोज जरूर लगवाएं। कोविड टीका आपको कोविड संक्रमण से बचाता है। आगामी समय में त्यौहार हैं, फिलहाल कोविड से थोड़ा राहत मिलने के बाद लोगों ने सावधानी बरतना कम कर दिया। कोविड अभी पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है। 

लक्षण दिखे तो कराएं कोविड टेस्ट

सीएमएचओ डॉ. आर.के. चतुर्वेदी ने बताया: ”मौसम में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में किसी की भी तबीयत खराब हो सकती है लेकिन जिन लोगों में कोविड के लक्षण दिख रहे हैं वह कोताही कतई न बरते। तुरंत अपना कोविड टेस्ट कराएं। जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी में कोविड टेस्ट की सुविधा है।"

विभाग से प्राप्त आंकड़ो के अनुसार कांकेर जिले मे सर्वाधिक 4.98 लाख लोगों ने बूस्टर डोज लगवाए है। जबकि बस्तर जिले में 3.75 लाख लोगों ने अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कोविड के तीनों टीके लगवा लिए है।

 

 

और भी

बापी महिलाएं जो कार्य कर रहे काफी सराहनीय है: तुलिका कर्मा

 जिला स्तरीय बापी सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन

दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दंतेवाड़ा जिले के जिला ग्रंथालय में जिला पंचायत अध्यक्ष तुलिका कर्मा ने मॉ दंतेश्वरी की पूजा अर्चना कर बापी सम्मान समारोह कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यूनिसेफ एवम जिला प्रशासन दंतेवाडा महिला बाल विकास विभाग के तत्वावधान में जिले में संचालित बापी न उवाट कार्यक्रम अंतर्गत आज एक दिवसीय जिला स्तरीय बापी सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष कर्मा ने कहा कि जिले में संचालित बापी न उवाट कार्यक्रम में बापी महिलाएं जो कार्य कर रहे काफी सराहनीय है। सभी बापी स्वयं सेवक के रूप में जुड़कर समुदाय के लोगों को स्वस्थ्य रहने एवं शिक्षित होने के लिए जागरूक कर रहे है। शासन एवं प्रशासन में लोग बढती उम्र के साथ सेवा निवृत होकर घर बैठना चाहते है, किन्तु आप सभी बढती उम्र एवं अनुभव के साथ समुदाय में प्रत्येक ग्राम में अपने तजुर्बे का उपयोग कर समाज सेवा कर रहें है।

आप सभी बापी जिला प्रशासन के सपनो को साकार करने ग्राम सभा आंगनबाड़ी एवं सतरंगी सभा के माध्यम से समुदाय को चाहे वह कुपोषण, एनीमिया, संस्थागत प्रसव, मलेरिया जैसी समस्या को दूर करने प्रयास कर रहे है। और आगे भी बापी के रूप में समुदाय स्तर पर अपने अनुभव से सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन करते रहेंगे। महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री वरूण नागेश ने  कहा कि बापियों द्वारा बच्चो और महिलाओं के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। राज्य यूनिसेफ सलाहकार द्वारा बापियों के उत्कृष्ट कार्य हेतु शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साह वर्धन किया । कार्यक्रम में उपस्थित बापियों ने भी अपने अनुभव साझा करते हुए  बताया कि जिले में  शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण से जुड़े सात संकल्पों पर समुदाय को जागरूक कर रही हैं।  आज स्वास्थ्य और पोषण में गर्भवती माताओँ, शिशुवती माताओँ, किशोर बालिकाओं के सम्पूर्ण पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए बापियों को प्रोत्साहित व श्रीफल और साल देकर सम्मानित किया। आपको ज्ञात होगा कि जिले में सितंबर माह को  राष्ट्रीय  पोषण माह के रूप में मनाया जा रहा है जिसके तहत कुपोषण एवं एनीमिया के स्तर में कमी लाने के उद्देश्य से जनसमुदाय के स्वास्थ्य पोषण में प्रभावी व्यवहार परिवर्तन बापियों द्वारा किया जा रहा है।

और भी

भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ को लालटेन युग में धकेला : कौशिक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने प्रदेशभर में लगातार हो रही बिजली कटौती एवं बिजली दरों की बढ़ोतरी को लेकर प्रदेश सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की भूपेश बघेल सरकार में पूरे प्रदेश को अंधकारमय कर दिया है, जिससे लोगों को लालटेन लेकर रहना पड़ रहा हैं। आज प्रदेश की जनता बिजली की समस्या से परेशान होकर दर-दर भटक रहें हैं। गंगाजल हाथ में लेकर झूठी कसम खाकर गंगा मैया का अपमान करने वाली छत्तीसगढ़ कांग्रेंस की वादाखिलाफी सरकार बिजली बिल-हाफ का वादा करके प्रदेश की जनता से छल एवं प्रपंच करने का कार्य किया है।

उन्होनें कहा कि सत्ता में आने से पहले बिजली बिल-हाफ करने के बड़े-बड़े वादे किये थें, परन्तु सत्ता में आने के बाद प्रदेश की कांग्रेस सरकार ने अब तक चार बार बिजली दरों में बढ़ोतरी की है। कौशिक ने कहा कि 5 महीना पहले ही बिजली की दरों में 12 से 15 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली दरों में वृद्धि की थी, हाल ही में 30 पैसे प्रति यूनिट की दर में वृद्धि की है और भूपेश बघेल सरकार इस प्रकार प्रदेशवासियों को बिजली दरों का बड़ा झटका दें कर महंगाई के बोझ को बढ़ाये जा रही है। उन्होनें कहा कि भूपेश बघेल के प्रदेश हित में सही निर्णय न ले पाने एवं उनकी कुनीतियों से प्रदेश आज कर्ज के बोझ में पूर्णरूप से डूब चुका हैं, और हमार छत्तीसगढ़ प्रदेश की आर्थिक स्थिति को गर्त में पहुंचाने का कार्य ये कांग्रेस की सरकार नें अंजाम दिया है। जिससे आज प्रदेश में बिजली विभाग मेंटेनेंश के नाम पर शुन्य हो गया।

धरमलाल कौशिक ने कहा कि बिजली व्यवस्था के नाम पर ग्रामीण क्षेत्रों की हालात बद से बदतर हो गयी है, कहीं बिना कारण दिन-दिन-भर बिजली बंद हो रही है, तो कहीं बिजली के नाम पर 50-50 हजार के बिल दे रहे हैं और हालत इतने खराब हो गए है कि जो ट्रांसफार्मर खराब हो जा रहे है विभाग उन ट्रांसफार्मरों  की मरमम्त/सुधार का कार्य भी नहीं करा पा रहा हैं। इसके साथ ही स्ट्रीट लाईट की बाद करें तो कई सड़कों मे बिजली के खंबे लगें उनमें लाईट गायब तो कही तार गायब है। उन्हानें कहा की 4 वर्ष में भूपेश सरकार ने प्रदेश को उजाले से अंधकार की ओर धकेल दिया है, ध्वस्त बिजली व्यवस्था, अघोषित बिजली कटौती से भूपेश बघेल कांग्रेस सरकार से पूरे प्रदेश का हर वर्ग परेशान और हलाकान हो गया हैं और कांग्रेस सरकार हटाओं प्रदेश बचाओं का नारा जन समान्य का नारा हो गया हैं।

और भी

माना सिविल अस्पताल में एक हजार से ज्यादा लोगों का मोतियाबिंद ऑपरेशन

वर्ष-2025 तक छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने राजधानी रायपुर के नजदीक माना स्थित सिविल अस्पताल में एक हजार से अधिक लोगों के मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया है। मोतियाबिंद के ऑपरेशन और आंखों की जांच के लिए यहां छह नेत्र सर्जन, एक फिजिशियन, छह नेत्र सहायक अधिकारी और 22 पैरामेडिकल स्टाफ सहित कुल 35 लोगों की टीम काम कर रही है। माना सिविल अस्पताल में शासकीय कार्य दिवसों में सवेरे आठ बजे से शाम चार बजे तक नेत्र परीक्षण की सुविधा उपलब्ध है।

राज्य शासन ने वर्ष-2025 तक छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने का लक्ष्य रखा है। प्रदेश में मोतियाबिंद पीड़ित चार लाख लोगों को चिन्हांकित किया गया है। सभी जिलों में इसके ऑपरेशन की शुरूआत भी हो चुकी है। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मितानिनों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं द्वारा दृष्टिदोष रोगियों की सूची तैयार की जा रही है। नेत्र सहायक अधिकारियों के माध्यम से चयनित विकासखंडों में तैयार सूची के आधार पर रोगियों की पुष्टि कर मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया जा रहा है ।

माना सिविल अस्पताल में आंखों की जांच, इलाज और ऑपरेशन की बेहतर सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां मरीजों के लिए 100 बिस्तरों की व्यवस्था है। अस्पताल में अब तक एक हजार एक मरीजों के आंखों का सफल ऑपरेशन किया जा चुका है। इनमें से 202 मरीज डायबिटिज व हाइपरटेंशन से भी पीड़ित थे जिसे नियंत्रित करने के बाद ऑपरेशन किया गया। यहां मोतियाबिंद से पीड़ित 90 साल के बुजुर्ग का भी सफल ऑपरेशन किया गया है। अस्पताल में आंखों के उपचार के लिए निकट भविष्य में और भी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
 
अंधत्व निवारण कार्यक्रम के राज्य नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष मिश्रा ने बताया कि छत्तीसगढ़ को मोतियाबिंद दृष्टिहीनता मुक्त राज्य बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मोतियाबिंद के उपचार की अत्याधुनिक “फेको” तकनीक के माध्यम से पीड़ितों का उपचार किया जा रहा है। ऑपरेशन की इस विधि में आंख में महज एक बारिक छेद किया जाता है, जिसके माध्यम से मोतिया को आंख के अंदर ही घोल दिया जाता है। इस छेद के जरिए ही फोल्डेबल लेंस को आंख के अंदर प्रत्यारोपित कर दिया जाता है।

डॉ. मिश्रा ने बताया कि आंखों की जांच और ऑपरेशन के लिए माना सिविल अस्पताल में अभी छह सर्जन सहित कुल 35 लोगों की टीम काम कर रही है। यहां सोमवार को ग्लाकोमा, गुरूवार को रेटिना और शनिवार को बच्चों में आंख की बीमारी की विशेष जांच की जाती है। रेटिना संबंधी विकारों के लिए ग्रीन लेज़र की सुविधा भी अस्पताल में उपलब्ध है। माना में रायपुर जिले के साथ ही अन्य जिलों के 22 नेत्र रोगियों का भी ऑपरेशन किया जा चुका है। मरीजों को लाने व ले जाने की निःशुल्क सुविधा अस्पताल द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है। ऑपरेशन के बाद मरीजों के नियमित फॉलो-अप के साथ निःशुल्क दवा और चश्मा भी प्रदान किया जा रहा है।

और भी

नहीं रहे मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव, 58 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मशहूर कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव का आज निधन हो गया है। उन्होंने 58 साल की उम्र में अंतिम सांस ली। दिल का दौरा पड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के एम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 

कभी नहीं मरते राजू जैसे लोग :

जो लोग राजू को करीब से जानते थे वो उनके जीने के फंडों से भी काफी वाकिफ थे। नकारात्मकता को कभी पास न आने देना भी एक कला है और राजू इस कला में माहिर थे। वो कहते थे, जीवन का सही आनंद लेना है... तो भैया जिंदगी की जो भी नकारात्मकता है, उसे सकारात्मक सोच में बदल दो, नहीं तो जी नहीं पाओगे।

कभी आपने महसूस किया है कि आपके आंसू निकल रहे हों और आप साथ में हंस रहे हों। कठिन होता है ऐसा करना, लेकिन जो व्यक्ति जीवन में आपको ऐसा करना सिखा जाए समझ लेना वो ही जीने का असली सलीका सिखाकर गया। इन्हीं में एक नाम था कानपुर की तंग गलियों से निकले सत्यप्रकाश श्रीवास्तव का।

 
 
 

दरअसल, बहुत ही कम लोगों को यह पता है कि राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव था। आज राजू श्रीवास्तव की नहीं बल्कि उस सत्यप्रकाश की मौत हुई है, जिसके शरीर में राजू श्रीवास्तव रहते थे। आज वो सांस ले रहे होते तो शायद इस बात पर अजीब सा मुंह बनाकर कहते ...अच्छा..!

जो लोग राजू को करीब से जानते थे वो उनके जीने के फंडों से भी काफी वाकिफ थे। नकारात्मकता को कभी पास न आने देना भी एक कला है और राजू इस कला में माहिर थे। वो कहते थे, जीवन का सही आनंद लेना है... तो भैया जिंदगी की जो भी नकारात्मकता है, उसे सकारात्मक सोच में बदल दो, नहीं तो जी नहीं पाओगे। इसके साथ ही राजू का हमेशा एक और फंडा रहा कि अपनी कमजोरियों और मजबूरियों को छिपाने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि इन्हें अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाइए, आप देखेंगे कि आपकी यहीं बातें सकारात्मक रूप ले रही हैं।

 
 
 

एक बार राजू ने कहा था कि लोग आपको चाहे जितना दुत्कारें, फटकारें और गालियां दें। आप धैर्य रखिए और एक हल्की मुस्कान चेहरे पर रखिए। ये आपकी ताकत में अजीब सा इजाफा कर देंगी और आपका आत्मविश्वास और बढ़ जाएगा। राजू हमेशा कहते थे कि अपने काम से प्यार कीजिए क्योंकि यही आपको आपकी पहचान देगा। इसके साथ ही इस बात का ध्यान रखें कि आप चाहें जितने बड़े क्यों न हो जाएं अपना परिवार, अपनी जमीन, अपने मोहल्ले, अपने शहर और अपने लोगों से जुड़ाव किसी भी हाल में खत्म नहीं करना चाहिए। क्योंकि यही वो बातें हैं जो संघर्ष के दिनों में आपको मनोबल प्रदान करती हैं।

कौन थे राजू श्रीवास्तव :

चलिए अब थोड़ा उनके बारे में जान लेते हैं। जैसा मैंने आपको बताया कि राजू श्रीवास्तव का असली नाम सत्यप्रकाश श्रीवास्तव है। कानपुर के बाबूपुरवा में रहने वाले रमेश चंद्र श्रीवास्तव (बलई काका) के घर राजू ने 25 दिसंबर 1963 में जन्म लिया था।

एक बार अमर उजाला से बातचीत के दौरान राजू श्रीवास्तव ने बताया था कि 1981 में उनके बड़े भाई की शादी फतेहपुर में तय हुई थी। कानपुर से बरात लेकर गए। वहीं शिखा को पहली बार देखा और पहली ही नजर प्यार हो गया। सोचा अब इसी से ही शादी करुंगा।

 
 
 

शिखा के बारे में छानबीन की तो पता चला ये भाभी के चाचा की बेटी हैं। इसके बाद काफी प्रयासों के बाद राजू आखिर उन्हें अपनी पत्नी बनाने में कामयाब हो गए।

और भी

शहरी क्षेत्र में किया जा रहा सड़क मरम्मत कार्य

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शुक्ला के निर्देशानुसार राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से सड़कों का मरम्मत कार्य प्रारंभ किया गया है। शहरी क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 में कांकेर से गुजरने वाली सड़क का मरम्मत कार्य 20 सितम्बर से प्रारंभ किया गया है, जो आज तक प्रगतिरषील है। 

राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग के अनुविभागीय अधिकारी संतोष नेताम ने जानकारी दी है, कि कांकेर शहर में गोविन्दपुर से सिंगारभाट तक सड़कां के गड्ढों को भरने व सड़क मरम्मत कार्य किया जा रहा है। तीन दिवस पूर्व बारिश होने से डब्ल्यू,एम.एम. मटेरियल से किये गये कार्य क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसमें सड़कों पर पुन: गड््ढे निर्मित हो गये थे। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से कलेक्टर के निर्दे श न का अमल करते हुए दो दिवस में अधिकतर सुधार कार्य शहरी क्षेत्र में किया गया है। विभाग की ओर से डब्ल्यू एम एम से सुधार कार्य वर्षा होने पर भी 15 अक्टूबर तक निरंतर जारी रहेगा। बारिश के मौसम समाप्त होने के पश्चात डामर से पेंच मरम्मत कार्य नवम्बर माह से प्रारंभ किया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की ओर से इसके लिए समस्त प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। 

 

वर्तमान में बारिष को देखते हुए केवल डब्ल्यूएमएम मटेरियल से ही सुधार कार्य किया जाना संभव है। सड़क सुरक्षा के तहत शहरी क्षेत्र में वाहनों को धीमी गति से चलाने के लिए सूचनात्मक बोर्ड भी लगाया गया है। सड़क मरम्मत कार्य सेंट माईकल स्कूल गोविंदपुर से ज्ञानी ढ़ाबा तक का हिस्सा राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-30 लोक निर्माण विभाग कांकेर को हस्तांतरित किया गया है, वर्तमान में उनके द्वारा सड़क का देखरेख व मरम्मत कार्य किया जा रहा है।  

और भी

शहरी गरीबों के पास होगा अब आश्रय पट्टा, 5 पट्टो का हुआ वितरण

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आज तहसील कार्यालय में महासमुंद नगर के झुग्गी झोपडिय़ों में रहने वाले, कच्चे अर्धपक्के मकानों में रहने वाले गरीब तबके के रहवासियों को यह पट्टा एस.डी.एम. भागवत जायसवाल की ओर से प्रदाय किया गया। उन्होंने बतलाया कि मुख्यमंत्री जी का यह विशेष स्लम पट्टा वितरण योजना शहरी गरीबों को भूमि पर आवास अधिकार दिलाने के साथ उनको उनके मकान, बिजली, पानी ,राशन कार्ड आदि अन्य अनेक योजनाओं को प्राप्त करने में आवश्यक भूमि आवश्यकता की पूर्ति इस पट्टा के माध्यम से कराया जाएगा।

राजीव आश्रय का यह जमीन पट्टा स्लम क्षेत्र में निवास करने वाले झुग्गी झोपड़ी व कच्चे मकान वालो को प्रदाय किया जाता है, ताकि उनको वहां रहने के लिए स्थायी आवास योजनाओं का फायदा मिल सके। यह पट्टा उन्हें वहां निवास का अधिकार भी प्रदान करता है। महासमुंद नगर स्लम बस्तियों के इन वासियों को यह पट्टा उनके परंपरागत आवास अधिकार को ध्यान में रखकर शासकीय योजना अन्तर्गत राजीव गांधी आवास पट्टा प्रदाय किया गया है। यह पट्टा विशेष अभियान के तहत इन पट्टो को तहसीलदार प्रेमू साहू, रीडर सहिश की ओर से तैयार कर वितरण करवाया गया है। आवास सबके लिए के सपनों को साकार करने में पट्टा वितरण में नगर पालिका का विशेष भूमिका रही है।

और भी

कलेक्टर ने किया जल जीवन मिशन के कार्यो का निरीक्षण

 कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शुक्ला ने भानुप्रतापपुर के बसंत नगर नारायणपुर में जल जीवन मिशन अंतर्गत 40 किलोलीटर क्षमता के उच्चस्तरीय जलागार निर्माण तथा ग्राम कराठी में सोलर आधारित ड्यूल पंप का निरीक्षण कर ग्रामीणों को प्रदाय की जा रही पेयजल सुविधाओं की जानकारी लिया। 

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सहायक अभियंता यशवंत कुमार गुरु व उप अभियंता गिरेन्द्र कुमार साहू ने जानकारी देते हुए बताया कि बसंत नगर नारायणपुर में निर्मित उच्च स्तरीय जलागार से 476 परिवारों को पेयजल की सुविधा मिलेगी। इसी प्रकार 40 किलो लीटर क्षमता का जलागार नेहरू नगर में भी बनाया जा रहा है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम कराठी में स्थापित सोलर आधारित ड्यूल पंप का भी निरीक्षण किया तथा ग्रामीण खिलेश कुमार पद्दा व हेमलता मण्डावी से पेयजल सुविधाओं की जानकारी ली। खिलेश पद्दा ने पेयजल की सुविधा उपलब्ध होने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ज्यादा धूप होने पर नल और भी ज्यादा अच्छा चलता है। हेमलता मंडावी की ओर से स्व-सहायता समूह से जुड़कर आर्थिक आमदनी प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई।

सफलता प्राप्त करने परिश्रम आवश्यक : कलेक्टर 

कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम हाट कोंदल में स्थित हायर सेकेण्डरी स्कूल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कक्षा 11वीं के विद्यार्थियों को राजनीति विज्ञान व अंग्रेजी विषय को पढ़ाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उज्जवल भविष्य के लिए अच्छा पढ़ाई करने तथा खुश रहकर पढ़ाई करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि बिना मेहनत के कुछ भी नहीं मिलता, सफलता प्राप्त करने के लिए परिश्रम आवश्यक है। सभी विद्यार्थियों को मन लगाकर बढिय़ा पढ़ाई करने के लिए समझाईश देते हुए उन्होंने कहा कि जो भी विद्यार्थी राज्य की मेरिट सूची में अपना स्थान बनायेंगे, उन्हें हवाई जहाज से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की यात्रा कराई जाएगी। कलेक्टर डॉ. प्रियंका श ुक्ला ने भारत की पहली महिला आईपीएस अधिकारी किरणबेदी का उदाहरण देते हुए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया तथा कहा कि स्कूल से जाने के बाद घर मे भी पढ़ाई करें।

साल्हे तालाब का निरीक्षण : 


कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला ने भानुप्रतापपुर तहसील के ग्राम साल्हे में वन विभाग की ओर से बनाये गये तालाब का भी औचक निरीक्षण किया। ग्रामीण खिलावन आंचला व धर्मेंद्र कोर्राम ने जानकारी देते हुए बताया कि तालाब के निर्माण होने से भू-जल स्तर में वृद्धि हुई है, तालाब के निचले हिस्से में कुछ जमीन का सिंचाई भी हो जाता है तथा निस्तारी के साथ-साथ मछली पालन भी किया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमीत अग्रवाल, एसडीएम भानुप्रतापपुर मनीष साहू और तहसीलदार भानुप्रतापपुर सुरेन्द्र उवर्शा भी मौजूद थे।

और भी

मांझी-चालकी व गायता-पुजारियों के संग कलेक्टर ने की बैठक

विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने देव विग्रहों के साथ 4 अक्टूबर को जाएंगे जगदलपुर 

कोण्डागांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)।जिला पंचायत के सभागार में आज जिलेभर से आये मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन और गायता-पुजारियों के संग कलेक्टर दीपक सोनी ने बैठक कर विश्व प्रसिद्ध बस्तर दशहरा पर्व में सम्मिलित होने के लिए आवश्यक व्यवस्था पर गहन चर्चा की और कहा कि पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए जिले के मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन, गायता-पुजारियों सहित देव विग्रहों को लाने-ले जाने की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही बस्तर दशहरा पर्व के दौरान ठहरने के लिए प्रबंध भी सुनिश्चित किया जायेगा। उन्होंने इस दिशा में वाहनों की व्यवस्था सहित कपड़े, पूजन सामग्री इत्यादि की समय पूर्व व्यवस्था किये जाने के निर्देश अधिकारियों को दिये। 

कलेक्टर सोनी ने इस दौरान मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन और गायता-पुजारियों से देवगुडिय़ों के विकास, एनीमिया मुक्ति, वनों की सुरक्षा आदि पर विस्तृत चर्चा करते हुए इस दिशा में प्रभावी पहल करने और सक्रिय सहभागिता निभाने का आग्रह किया। बैठक के दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष  देवचंद मातलाम ने मांझी-चालकी, मेम्बर-मेम्बरीन और गायता-पुजारियों को देव विग्रहों सहित एक साथ नियत-दिवस 4 अक्टूबर को बस्तर दशहरा पर्व में शामिल होने के लिए प्रस्थान करने कहा। जिससे सभी एक साथ जगदलपुर पहुंचकर बस्तर दशहरा पर्व के विभिन्न पूजा विधान में शिरकत कर सकें। बैठक में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आये मांझी-चालकी और मेम्बर-मेम्बरीन व गायता-पुजारियों ने भी अपने बहुमूल्य सुझाव साझा किये। इस मौके पर सहायक आयुक्त आदिवासी विकास संकल्प साहू सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

 
और भी

विजुअल क्लीननेस ऑफ विलेज थीम तर्ज पर होंगे स्वच्छता ही सेवा अभियान

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर पी.एस. एल्मा के निर्देशानुसार स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत विजुअल क्लीननेस ऑफ विलेज थीम पर 15 सितम्बर से आगमी 2 अक्टूबर तक स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया जा रहा है। वहीं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया के मार्गदर्शन में इस अभियान को सफलीभूत बनाते हुए कलेक्ट्रेट एवं जिला पंचायत परिसर एवं आसपास के जगहों की साफ-सफाई जिला पंचायत के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के द्वारा किया गया। साथ ही साथ गंदे नालियों की साफ-सफाई भी की गई। स्वच्छता ही सेवा अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने हेतु जिले के विकासखंड धमतरी, कुरूद, मगरलोड, नगरी के लिए श्रीमति कविता योगेश बाबर सभापति वन स्थायी समिति एवं सीईओ जिला पंचायत द्वारा स्वच्छता रथ को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया गया। साथ ही सीईओ जिला पंचायत ने उपस्थित विभाग प्रमुख एवं कर्मचारियों को साफ-सफाई एवं स्वच्छ वातावरण निर्मित करने हेतु निर्देशित किया गया। गांधी जी की प्रतिमा में पूजा-अर्चना के साथ स्वच्छता की शपथ दिलाई गई।



वहीं सीईओ जिला पंचायत ने गांव में पड़े कूड़े की सफाई, घर के आसपास सफाई, पेयजल स्त्रोतों की सफाई रखने के लिए विशेष तौर पर 22 सितम्बर से कुरूद, 23 सितम्बर से धमतरी, 24 सितम्बर से मगरलोड, 26 सितम्बर से नगरी में विकासखंडस्तरीय सरपंच, सचिव सम्मेलन एवं प्रतिनिधियों की सहभागिता और स्वच्छता संवाद हेतु आयोजन करने के निर्देश दिये गये हैं। गांव में गंदे पानी का उचित निपटान हेतु सोकपिट की सफाई, सुधार कार्य, जल स्त्रोतों के समीप श्रमदान के माध्यम से सफाई कार्य कर पौधारोपण का कार्य भी किये जावें। धार्मिक एवं पर्यअन स्थलों पर सामूहिक श्रमदान से सफाई की जावें। सिंगल यूज प्लास्टिक प्रतिबंध को प्रभावी रूप से लागू की जावें। दोना पत्तल, बर्तन बैंक की स्थापना एवं उसके समूचित उपयोग पर ग्राम पंचायत में भी चर्चा किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। गोवर्धन योजना के तहत बने हुए गोबर गैस संयत्र में सुधार कार्य कर उपयोगी बनावें और स्वच्छता ही सेवा विषय पर स्कूलों में निबंध लेखन, रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन के माध्यम से अभियान को सफल बनाये जावें तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभागियों को विभिन्न स्तरों पर सम्मानित किया जावेगा।

और भी

उन्मुखीकरण कार्यक्रम में बताया गया कार्य व दायित्व

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जनपद पंचायत कार्यालय अम्बिकापुर के सभागार में बुधवार को राजीव युवा मितान क्लब के नव नियुक्त अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं कोषाध्यक्षों का उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्लब के द्वारा किये जाने वाले कार्य व दायित्व के बारे में विस्तार से बताया गया।

उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उप संचालक पंचायत  यशपाल प्रेक्षा, सहायक संचालक खेल एवं युवा कल्याण  राम कुमार सिंह तथा खेल अधिकारी श्री देवेंद्र सिन्हा के द्वारा राजीव मितान क्लब के सदस्यों को शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार, ग्राम पंचायतों में खेल, सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधि के साथ-साथ बेसहारा व वृद्धजनों का सहयोग जैसे राशन कार्ड, स्वास्थ्य कार्ड बनवाने तथा बैंक खाता खुलवाने में सहयोग करने आदि के सम्बंध में विस्तार से बताया गया।

 

ज्ञातव्य है कि जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायत तथा नगरीय निकाय के सभी वार्डों में एक एक राजीव युवा मितान क्लब के गठन किया गया है। राजीव युवा मितान क्लब के सदस्य, खेलकूद व सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने के साथ ही शासन की योजनाओं का प्रचार-प्रसार का काम भी करेंगे।

 
 
और भी

भेंट-मुलाकात : 22 को कबीरधाम के ग्राम इदौरी, कुकदूर में भेंट-वार्ता और जन चौपाल

 कवर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपने प्रदेशव्यापी भेंट-मुलाकात और जनचौपाल कार्यक्रम के तहत 22 और 24 सितंबर को कबीरधाम जिले के प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल 22 सितंबर गुरूवार को विधानसभा क्षेत्र पंडरिया के ग्राम पंचायत इंदौरी और ग्राम पंचायत कुकदूर व 24 सितंबर शनिवार को विधानसभा क्षेत्र कवर्धा के वनांचल क्षेत्र ग्राम झलमला और नगर पंचायत सहसपुर लोहारा में आम नागरिकों से रूबरू होंगे साथ ही कवर्धा के पीजी कॉलेज के आडोटेरियम में आदिवासी-बैगा समाज के सम्मेलन में शामिल भी होंगे।

मुख्यमंत्री बघेल अपने भेंट-मुलाकात के दौरान कबीरधाम जिले के इन दोनों विधानसभा क्षेत्र के समुचित विकास के लिए करोड़ों रूपए की सौगात देंगे। इन सौगातों में 22 सितम्बर को पंडरिया विधान सभा क्षेत्र को 68 करोड़ 77 लाख रूपए के 81 कार्यों का लाकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। इसी प्रकार 24 सितम्बर को कवर्धा विधानसभा के विकास के लिए 122 करोड़ 4 लाख 35 हजार रूपए के 125 कार्यां का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इन दोनों विधानसभा में आयोजित भेंट-मुलाकात एवं जनचौपाल की तयौरियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कैबिनेट मंत्री व कवर्धा विधायक मोहम्मद अकबर और पंडरिया विधायक श्रीमती ममता चन्द्रांकर अपने-अपने विधासभा में आयोजित मुख्यमंत्री बघेल के भेंट-मुलाकात व जनचौपाल की तैयारियों में लगे हुए है। कलेक्टर जनमेजय महोबे के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीम द्वारा आयोजन स्थल की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है।



मुख्यमंत्री बघेल पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के इन कार्यो का करेंगे लोकार्पण
मुख्यमंत्री बघेल पंडरिया विधानसभा के भेंट-मुलाकात के दौरान लोक निर्माण विभाग सेतु निर्माण उप संभाग के तहत 4 करोड़ 30 लाख रूपए की लागत से ग्राम मुनमुना से कामठी मार्ग के आगर नदी पर पुल निर्माण कार्य, जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा अंतर्गत 7 लाख 41 हजार रूपए की लागत से ग्राम पंचायत उड़ियाकला में सीसरोड़ निर्माण, 7 लाख रूपए की लागत से ग्राम पंचायत गोछिया में विरांगना अंवतीबाई उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आहता निर्माण, 5 लाख 20 हजार रूपए की लागत से ग्राम पंचायत मोहगांव में सीसी रोड़ निर्माण, 5 लाख 20 रूपए की लागत से ग्राम पंचायत भगवताटोला में सीसी रोड़ निर्माण, 5 लाख 20 हजार रूपए की लागत से ग्राम पंचायत जमुनिया में सीसी रोड़ निर्माण और छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के अंतर्गत 132/33 केव्ही उपकेन्द्र गंडई का लोकार्पण करेंगे।

इन कार्यो का होगा शिलान्यास एवं भुमिपूजन
मुख्यमंत्री बघेल 5 करोड़ 7 लाख रूपए की लागत से धौराबंद से कृतबांधा, 4 करोड़ 35 लाख रूपए की लागत से ग्राम विरेन्द्र-पटपर में विरेन्द्र नगर से पटपर और 3 करोड़ 88 लाख रूपए की लागत से सोनपुरी से भुडकुड़ा मार्ग का निर्माण, 45 लाख 15 हजार रूपए की लागत से ग्राम कुण्डा में परियोजना कार्यालय सह संसाधन केन्द्र, 24.70 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से बिरमपुर, 60.53 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से पालीगुढ़ा, 50.44 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से मिरमिट्टी, 75.62 लाख रूपए की लागत से धरमपुरा से जिंदा, 127.96 लाख रूपए की लागत से खैरझिटी से घिरघोसा, 32.51 लाख रूपए की लागत से इंदौरी रोड़ बिलकुलीकला से बिटकुली खुर्द, 55.89 लाख रूपए की लागत से इंदौरी तमरूआ रोड़ से नवागांव, 26.66 लाख रूपए की लागत से बिरनपुर लिटिपुर से बिसनपुरा, 75.01 लाख रूपए की लागत से हथलेवा से सिंघनपुरी, 546.39 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से गगरिया से खम्हरिया, 22.53 लाख रूपए की लागत से हरदी से रगरा, 23.05 लाख रूपए की लागत से दनियाखुर्द से बनिया, 25.70 लाख रूपए की लागत से बिरोड़ा साजा रोड से खैरबना, 78.70 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से केसलीगोड़ान, 150.44 लाख रूपए की लागत से दामापुर से डोंगरिया, 116.59 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से चारभांटा, 63.83 लाख रूपए की लागत से बसनी से घोरपेन्ड्री, 120.70 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से लाड़गपुर, 47.76 लाख रूपए की लागत से भरतपुर से धनेली, 108.64 लाख रूपए की लागत से एसएच-09 से लडुवा, 183.57 लाख रूपए की लागत से मेनरोड़ से बोहिल, 352.49 लाख रूपए की लागत से रहमानकांपा से बिरनबाह, 351.24 लाख रूपए की लागत से बदना से पंडरीपानी, 55.62 लाख रूपए की लागत से नानापुरी से भैंसबोड़, 93.82 लाख रूपए की लागत से पोलमी से आमापारा, 287.67 मेनरोड़ से कोयलारी कापा, 51.21 लाख रूपए की लागत से मंझोलीरवन से गुढ़ा, 35.21 लाख रूपए की लागत से कामठी से नवापारा तक कुल 28 सड़क निर्माण कार्य कुल लागत 32 करोड़ 34 लाख 48 हजार रूपए, जल जीवन मिशन अंतर्गत 128.89 लाख रूपए की लागत से सिंगल विलेज नल जल प्रदाय योजना ग्राम पंचायत सिंघौरी, 177.04 लाख रूपए की लागत से दानीघटोली, 141.33 लाख रूपए की लागत से लोखान(ओडाडबरी), 106.98 लाख रूपए की लागत से दुल्लीपारा(माकरी), 121.39 लाख रूपए की लागत से भगतपुर, 117.15 लाख रूपए की लागत से धनेली (भगतपुर) और 185.92 लाख रूपए की लागत से रेट्रोफिटिंग नल जल प्रदाय योजना ग्राम भंडारपुर (सुखतरा) में कुल 7 कार्य कुल लागत 8 करोड़ 78 लाख 70 हजार रूपए, पंडरिया में 50 लाख रूपए की लागत से ब्लाक पब्लिक हेल्थ युनिट का निर्माण कार्य, जनपद पंचायत सहसपुर लोहारा में 6.50 लाख रूपए की लागत से सामुदायिक भवन निर्माण कार्य मैदान के पास, 6.50 लाख रूपए की लागत से साहु पारा, 9.88 लाख रूपए की लागत से मुख्य मार्ग से नागाबाबा रोड़ तक सड़क उन्नयन कार्य, 5.41 लाख रूपए की लागत से नायापारा, 6.14 लाख रूपए की लागत से चितावर पारा, 5.20 लाख रूपए की लागत से मुख्यमार्ग से रमेशर के घर के आगे तक सीसी रोड़ निर्माण कार्य, 9 लाख रूपए की लागत से माध्यमिक शाला उड़ियाखुर्द में दीर्घ मरम्मत कार्य, 8.32 लाख रूपए की लागत से प्राथमिक शाला दरिगंवा, 8.32 लाख रूपए की लागत से भांटकुडेरा में अतिरिक्त कक्ष निर्माण, 57.4 लाख रूपए की लागत से 5 नवीन प्राथमिक शाला भवन निर्माण, 11.48 लाख रूपए की लागत से नवीन पूर्व माध्यमिक शाला भवन निर्माण, 18 लाख रूपए की लागत से नवीन आंगनबाड़ी भवन निर्माण, 30.47 लाख रूपए की लागत से 5 यात्री प्रतिक्षालय निर्माण (माड्यूलर), 22.8 लाख रूपए की लागत से सुघ्घर हटरी (हाट बजार), 5.98 लाख रूपए की लागत से शीतला मंदिर से बस्ती तक, 6 लाख रूपए की लागत से मुख्य मार्ग से अघनु धुर्वे के घर तक सीसी रोड़ निर्माण, 5 लाख रूपए की लागत से सतनामी समाज, 5 लाख रूपए की लागत से सिन्हा समाज, 5 लाख रूपए की लागत से आदिवासी समाज के लिए सामुदायिक भवन निर्माण कुल 32 कार्यो के लिए कुल लागत 2 करोड़ 32 लाख 39 हजार रूपए, 239.00 लाख रूपए की लागत से नवीन 33/11 केव्ही उपकेन्द्र निर्माण कार्य ग्राम बिरनपुर विकासखंड पंडरिया और 2 करोड़ 75 लाख रूपए की लागत से ग्राम उडिया (कारेसरा) विकासखंड सहसपुर लोहारा कुल दो कार्यो लागत 5 कारोड़ 14 लाख रूपए का शिलन्यास और भूमिपूजन करेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों में आम जनता से भेंट-मुलाकात के अभियान की शुरुआत 4 मई से की है। मुख्यमंत्री अब तक भेंट-मुलाकात अभियान के तहत 16 जिलों के 34 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा कर चुके हैं। विधानसभा क्षेत्र दौरा में सरगुजा संभाग की 14 विधानसभा, बस्तर संभाग की 12 विधानसभा, बिलासपुर संभाग गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले की मरवाही विधानसभा तथा रायगढ़ जिले के रायगढ़, लैलूंगा, खरसिया व धरमजयगढ़, बालोद जिले की डौडीलोहारा, गुण्डरदेही और संजारी बालोद विधानसभा शामिल हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल संपर्क-संवाद समाधान के ध्येय के साथ अपने भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के माध्यम से आम जनता से सीधी बात और उनकी समस्याओं को जानकर उनका निराकरण भी कर रहे हैं। भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान जनता जनार्दन की मांग पर मुख्यमंत्री क्षेत्र के विकास के लिए घोषणाएं भी कर रहे हैं।

और भी

40 कृषक शैक्षणिक प्रशिक्षण भ्रमण पर हुए भुवनेश्वर रवाना

 गरियाबंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री कृषि सिचाई योजना अंतर्गत जलग्रहण घटक के तहत जिला गरियाबंद से टोनही नाला जलग्रहण परियोजना गरियाबंद व खडकानाला जलग्रहण परियोजना देवभोग के 40 प्रशिक्षणार्थी कृषक शैक्षणिक भ्रमण व प्रशिक्षण के लिए 21 सितम्बर को जिला मुख्यालय गरियाबंद से भुवनेश्वर रवाना हुए। 

सहायक संचालक कृषि नरसिंह ध्रुव नेतृत्व में प्रशिक्षणार्थी कृषकों के दल को जिला पंचायत कृषि स्थाई समिति के सभापति लोकेश्वरी नेताम और उप संचालक कृषि संदीप कुमार भोई ने हरी झंडी दिखाकर वाहन को रवाना किया गया। इस दौरान सभापति लोकेश्वरी नेताम की ओर से सभी 40 प्रशिक्षणार्थियों को शुभकमनाये देते हुए प्रशिक्षण प्राप्त कर उन्नत तकनीकियों को अपने अपने जलग्रहण क्षेत्र में अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत तकनीकियों और कृषि संबंधी नई खोज से अवगत कराने के लिए समय-समय पर कृषक प्रशिक्षण व शैक्षणिक भ्रमण कराया जाना चाहिए। 

 
 

उप संचालक कृषि संदीप कुमार भोई की ओर से बताया गया कि जिले में दो नई जलग्रहण परियोजना विकासखंड गरियाबंद व विकासखंड देवभोग में संचालित है जिसके प्रथम चरण में जलग्रहण समितियों के अध्यक्ष व किसानों का प्रशिक्षण एक महत्वपूर्ण घटक है, जिसके तहत भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की संस्थान भारतीय जल प्रबंधन संस्थान भुवनेश्वर में 22 से 24 सितम्बर तक तीन दिवसीय जलग्रहण क्षेत्र में जल संचयन व जल प्रबंधन तथा मृदा संरक्षण विषय पर राष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण आयोजित किया जा रहा है। इसके अलावा भुवनेश्वर के जलग्रहण क्षेत्र में भ्रमण करवा कर वहा पर अपनाई जा रही मृदा व जल संरक्षण गतिविधियों व संरचनाओं का अवलोकन करेंगे तथा जल प्रबंधन संस्थान में किये जा रहे नई खोज व तकनीकियों का वहा के वैज्ञानिकों की ओर से प्रशिक्षणार्थियों को अनुसंधान केन्द्र में अवगत कराया जाएगा।

 
और भी

आंगनबाड़ी में लगी मासिक धर्म स्वच्छता की पाठशाला

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुढ़ियारी सेक्टर में आगनाबाड़ी केंद्र पर किशोरियों के लिए मासिक धर्म स्वच्छता की जानकारी के लिए एक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम में क्षेत्र की किशोरियों ने भाग लेते हुए कई प्रश्न भी पूछे जिसका उत्तर गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी द्वारा दिया गया। उन्होंने किशोरियों को व्यक्तिगत स्वच्छता, यौन शिक्षा के साथ-साथ पोषण आहार के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी ।


इस सम्बन्ध में गुढ़ियारी सेक्टर की पर्यवेक्षक रीता चौधरी ने बताया: ‘’पोषण माह के अंतर्गत किशोरियों के लिए मासिक धर्म एवं स्वच्छता पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। खानपान पर भी किशोरियों को को जानकारी देने के लिए पौष्टिक थाली की प्रदर्शनी रखी गई । इस मौके पर उनको बताया गया कि प्रतिदिन अपने भोजन में दाल, चावल, रोटी, सब्जी भाजी का आवश्यक रूप से प्रयोग करें ताकि स्वास्थ्य अच्छा रहे। इस दौरान किशोरियों के लिए सेल्फी जोन भी बनाया गया था । जहाँ पर किशोरियों ने बड़े उत्साह से अपने फोटो लिए।“

 



स्वच्छता पाठशाला में किशोरियों को माहवारी से संबंधित जानकारी भी दी गई। इस दौरान किशोरियों को बताया गया कि गंदे कपड़े के इस्तेमाल के कारण खुजली, जलन और कई बार माहवारी के अनियमित होने की समस्या भी आ सकती है । मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता व्यवहार न अपनाने पर आगे चल कर सर्वाइकल कैंसर या गर्भाशय से संबंधित दिक्कतें भी आ सकती हैं। माहवारी के दौरान सेनेटरी पैड के इस्तेमाल से 90 फीसदी संक्रमण का खतरा कम रहता है। साथ ही सेनेटरी पैड हर चार घंटे में बदलना चाहिए। किशोरियों को उनके अधिकार जानने और इस उम्र में होने वाले शारीरिक बदलाव तथा इस दौरान किशोरियों को किन-किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है के बारे में बताया गया।

 



किशोरियों को सही पोषण, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, चोट एवं लैंगिक हिंसा तथा मासिक धर्म स्वच्छता प्रबंधन के महत्व के विषय में जागरूक किया गया। किशोरियों के प्रश्नों के माध्यम से आयी समस्याओं और भ्रांतियों का निराकरण भी किया गया ।

 



कार्यक्रम के दौरान सुनीता (बदला हुआ नाम) ने पूछा कि माहवारी के दौरान संक्रमण से कैसे बचा जा सकता है? वहीं अनीता (बदला हुआ नाम) ने पूछा माहवारी के समय जो दर्द होता है क्या वह शरीर के लिए नुकसानदायक होता है? इस पर रीता चौधरी ने माहवारी के दौरान सेनेटरी पैड का प्रयोग करने पर जोर दिया क्योंकि इसके प्रयोग से संक्रमण की संभावना नहीं रहती है। वहीं माहवारी के दौरान दर्द होना एक सामान्य प्रक्रिया है किन्तु अत्यधिक दर्द होने पर डॉक्टरी सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

इस दौरान किशोरियों को आयरन के महत्व के बारे में समझाया गया। एनीमिया से निपटने के लिए भी जागरूक किया गया है। 11 से 19 वर्ष तक के किशोरियों को सही पोषण आहार के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी, यौन शिक्षा की आवश्यकता, किशोरावस्था के बारे में पूर्ण जानकारी होना जरूरी है। किशोरियों-बालिकाओं को फोलिक एसिड की गोलियां भी डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिए। इस दौरान किशोरियों के लिए प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी आयोजित की गई।

पौष्टिक भोजन जरूरी
मासिक धर्म के दौरान आराम और पौष्टिक भोजन का सेवन करना चाहिए। पीरियड्स के समय कई बार शरीर में दर्द होता है। इसलिए गर्म पानी से नहाएं, खानपान का ख्याल रखें पाचक आहार का सेवन करें। साफ सफाई न अपनाने से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन, ल्यूकोरिया जैसी बीमारी के साथ-साथ कई प्रकार के संक्रमण हो सकते हैं।

क्यों जरूरी है आयरन
इस मौके पर आयरन के महत्व के बारे में भी समझाया गया। और एनीमिया से निपटने के लिए भी जागरूक किया गया है। 11 से 19 वर्ष तक के किशोरियों को सही पोषण आहार के साथ व्यक्तिगत स्वच्छता की जानकारी, यौन शिक्षा की आवश्यकता, किशोरावस्था के बारे में पूर्ण जानकारी होना जरूरी है। किशोरियों-बालिकाओं को फोलिक एसिड की गोलियां भी डॉक्टर की सलाह से लेना चाहिए।

 

 

 
और भी

जगदीशपुर में हुआ विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन

 अम्बिकापुर(छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अम्बिकापुर के अध्यक्ष आर.बी. घोरे के निर्देश एवं सचिव अमित जिन्दल के मार्गदर्शन में पी. एल.वी राजकुमार रजक ने बुधवार को ग्राम पंचायत जगदीशपुर में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ धर्म-स्वातन्त्रय अधिनियम 1968 की धारा 3 के अनुसार कोई भी व्यक्ति बल प्रयोग द्वारा या प्रलोभन द्वारा या किसी कपटपूर्ण साधन द्वारा किसी भी व्यक्ति को एक धर्म से किसी अन्य धर्म में प्रत्यक्षतः या अन्यथा संपरिवर्तित नहीं करेगा या प्रत्यक्षतः या अन्यथा संपरिवर्तित करने का प्रयत्न नहीं करेगा और न ही कोई व्यक्ति किसी ऐसे संपरिवर्तन का दुष्प्रेरण करेगा।

यदि कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो अधिनियम की धारा 4 के अनुसार किसी सिविल दायित्व पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना कारावास से, जो एक वर्ष का हो सकेगा, या जुर्माने से, जो पाँच हजार रूपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा परंतु उस दशा में जबकि अपराध किसी अप्राप्तवय किसी स्त्री या अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी व्यक्ति के संबन्ध में किया गया हो तो दण्ड दो वर्ष का कारावास और दस हजार रूपये तक का जुर्माना होगा तथा कहा कि धारा 05 के अनुसार जो कोई किसी व्यक्ति का एक धर्म से किसी अन्य धर्म में संपरिवर्तन ऐसे धर्म-संपरिवर्तन के लिये आवश्यक संस्कार धार्मिक पुरोहित के रूप में स्वयं करके या ऐसे संस्कार में प्रत्यक्षतः या अप्रत्यक्षतः भाग लेकर करेगा, वह उस संस्कार के पश्चात ऐसी कालावधि के भीतर, जैसी कि विहित की जाय, उस जिले के, जिसमें वह संस्कार हुआ हो, जिला मजिस्ट्रेट को ऐसे प्ररूप में, जैसा कि विहित किया जाय, ऐसे धर्म-संपरिवर्तन के तथ्य की प्रज्ञापना भेजेगा तथा यदि कोई व्यक्ति उपधारा (1) में अन्तर्विष्ट उपबन्धों का अनुपालन करने में पर्याप्त कारण के बिना असफल रहेगा, तो वह कारावास से, जो एक वर्ष का हो सकेगा, या जुर्माने से, जो एक हजार रूपये तक का हो सकेगा, या दोनों से दण्डनीय होगा।

 

 

और भी

धरमजीत पर रेणु ने लगाया बड़ा आरोप, कहा...

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में जनता कांग्रेस नेता धरमजीत सिंह को पार्टी से निकालने के बाद पार्टी सुप्रीमो रेणु जोगी ने पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, मुझे दुख है कि मेरी ही कलम से उनका निष्कासन हुआ है। रेणु जोगी ने धरमजीत सिंह पर आरोप लगाते हुए कहा, धरमजीत सिंह स्व. अजीत जोगी के सपनो और पार्टी को खत्म करने की साजिश में शामिल हो गए थे। 

ऑपरेशन लोटस के जरिए भाजपा जनता कांग्रेस जोगी को ख़त्म करने की साजिश रच रही थी। क्षेत्रीय दलों को भाजपा खत्म करना चाहती है। भाजपा एक दलीय व्यवस्था चाहती है इसलिए जनता दल (यू) और शिवसेना के साथ जो किया वो हमारे साथ करने की तैयारी थी। 

रेणु जोगी ने कहा, भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से हमारे दो विधयको ने मुलाकात की। दोनों विधायक दिल्ली भी गए, तो में बीमार थी। मुझसे मिलना तक मुनासिब नही समझा। इस दौरान उनकी मुलाकात भाजपा प्रभारी डी पुरंदेश्वरी से होती रही। मुझे भारी मन से ये फैसला लेना पड़ा कि मुझे अपने छोटे भाई धर्मजीत को पार्टी से निकालना पड़ा। मेरे जीवित रहते मैं अपनी पार्टी को भाजपा में विलय नही करूंगी। मेरे पास  कोई विकल्प नहीं था।

 

 

और भी

लम्पी स्किन डिजीज से सुरक्षित है छतीसगढ़, रोग के नहीं पाये गए लक्षण...

 एहतियात के तौर पर जिलों में पशु हाट-बाजारों पर अस्थायी रूप से रोक

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हाल ही में भारत के कुछ राज्यों में पशुओं में गांठदार त्वचा रोग (लम्पीस्कीन रोग) के लक्षण देखने को मिले हैं। यह रोग गौवंशी तथा भैंसवंशी पशुओं में गाँठदार त्वचा रोग वायरस के संक्रमण के कारण होता है। इस रोग का मुख्य वाहक मच्छर, मक्खी एवं किलनी हैं, जिसके माध्यम से स्वस्थ पशुओं में यह संक्रमण फैलता है।

वर्तमान मंे प्रदेश में इस रोग के कोई भी लक्षण नहीं पाये गये है। एहतियात के तौर पर जिलों मे कलेक्टर द्वारा पशु हाट-बाजारों के आयोजन पर अस्थायी रूप से रोक लगा दी गई है। साथ ही विभाग द्वारा सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रदेश के सीमावर्ती जिलों के ग्रामो मे अस्थायी रूप मे चेकपोस्ट बनाया गया है, ताकि पड़ोसी राज्यों से प्रवेश करने वाले पशुओं को रोका जा सके। पशुधन विकास विभाग द्वारा सीमावर्ती ग्रामों में पशुओं को इस रोग के संक्रमण से बचाने हेतु गोट-पाक्स वैक्सीन से प्रतिबंधात्मक टीकाकरण किया जा रहा है। सीमावर्ती ग्रामों में इस रोग के लक्षण एवं रोकथाम के उपाय से अवगत कराये जाने हेतु के पशुपालकों में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।

इस रोग के निगरानी हेतु विभागीय अमलों को ग्रामों मे सतत् भ्रमण कर पशुपालकों से निरंतर संपर्क किये जाने हेतु निर्देशित किया गया है, तथा पशुओं के रोगग्रस्त होने की स्थिति मे तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने हेतु पर्याप्त मात्रा मे औषधियों की व्यवस्था क्षेत्रीय संस्थाओं में की गई है। इसके अतिरिक्त विषम परिस्थिति से निपटने के लिये जिलों में पर्याप्त बजट उपलब्ध करा दी गई है, ताकि टीकाद्रव्य एवं अन्य सामग्री समय पर क्रय कर अन्य ग्रामों के पशुओं मे प्रतिबंधात्मक टीकाकरण का कार्य त्वरित रूप से किया जा सके। पशुओं के आवास में जीवाणुनाशक दवा का छिड़काव एवं पशुओं मे जू कीलनीनाशक दवा का छिड़काव हेतु सलाह दी गई है, ताकि इस रोग के मुख्य वाहकों पर नियंत्रण पा सकें।

गौरतलब है कि लम्पी स्कीन से रोगग्रस्त पशुओं में 02 से 03 दिन तक मध्यम बुखार के लक्षण मिलता है, इसके बाद प्रभावित पशुओं की चमड़ी मे गोल-गोल गांठें परिलक्षित होते है। लगातार बुखार होने के कारण पशुओं के खुराक पर विपरित प्रभाव पड़ता है, जिसके वजह से दुधारू पशुओं में दुग्ध उत्पादन एवं भारसाधक पशुओं की कार्यक्षमता कम हो जाती है। रोगग्रस्त पशु दो से तीन सप्ताह मे स्वस्थ हो जाते है, परंतु शारीरिक दुर्बलता के कारण दुग्ध उत्पादन कई सप्ताह तक प्रभावित होता है।

और भी

नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतिम आहरण पर रोक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के लिए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पुरानी पेंशन योजना बहाल किए जाने के मद्देनजर नवीन अंशदायी पेंशन योजना के अंतिम आहरण पर  रोक लगायी गयी है।

वित्त विभाग द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि राज्य सरकार द्वारा पुरानी पेेंशन योजना लागू होने के बाद अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत आहरण किया जाना अनुचित है। गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 1 नवम्बर 2004 से लागू नवीन अंशदायी पेंशन योजना (सीपीएस) के स्थान पर पुरानी पेंशन योजना लागू करने का निर्णय लिया गया है। साथ ही शासकीय सेवकों के अप्रैल माह के वेतन से नियमानुसार सामान्य भविष्य नीधि की कटौती किए जाने के निर्देश दिए गए हैं।

और भी