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बाजार के घटनाक्रमों की निरंतर निगरानी किये जाने की आवश्यकता : सीतारमण

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय वित्त और कॉर्पोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने मुंबई में वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (एफएसडीसी) की 26 वीं बैठक की अध्यक्षता की। परिषद में अन्य बातों के साथ-साथ, अर्थव्यवस्था के लिए पूर्व चेतावनी संकेतकों और उनसे निपटने के लिए हमारी तैयारी, मौजूदा वित्तीय/ऋण सूचना प्रणाली की दक्षता में सुधार, वित्तीय बाजार अवसंरचना समेत प्रणालीगत रूप से महत्वपूर्ण वित्तीय संस्थानों में शासन और प्रबंधन के मुद्दे, वित्तीय क्षेत्र में साइबर सुरक्षा ढांचे को मजबूत करना, सभी वित्तीय सेवाओं और संबंधित कार्यों के लिए साझा केवाईसी, खाता एग्रीगेटर पर अद्यतन और अगले कदम, बिजली क्षेत्र के वित्तपोषण से संबंधित मुद्दे, नए आत्मनिर्भर भारत में गिफ्ट आईएफएससी की रणनीतिक भूमिका, गिफ्ट-आईएफएससी के अंतर-नियामक मुद्दे और सभी सरकारी विभागों द्वारा पंजीकृत मूल्यांकनकर्ताओं की सेवाओं के उपयोग की आवश्यकता आदि विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।

इस बात को रेखांकित किया गया कि सरकार और नियामकों द्वारा वित्तीय क्षेत्र के जोखिमों, वित्तीय स्थितियों और बाजार के घटनाक्रमों की निरंतर निगरानी किये जाने की आवश्यकता है, ताकि किसी भी समस्या को कम करने तथा वित्तीय स्थिरता को मजबूत करने के लिए उचित और समय पर कार्रवाई की जा सके।

 

 

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अनुप्रिया पटेल ने आसियान देशों को भारत में निवेश करने आमंत्रित किया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने कंबोडिया के वाणिज्य मंत्री पैन सोरासाक के साथ मिल कर 16 सितंबर, 2022 को कंबोडिया के सिएम रीप सिटी में आयोजित आसियान-भारत आर्थिक मंत्रियो की 19वीं बैठक की सह-अध्यक्षता की। आसियान के सभी 10 देशों- ब्रुनेई, कंबोडिया, इंडोनेशिया, लाओस, मलेशिया, म्यांमार, फिलीपींस, सिंगापुर, थाईलैंड और वियतनाम के आर्थिक मंत्रियों या उनके प्रतिनिधियों ने बैठक में भाग लिया।

मंत्रियों ने नोट किया कि आसियान और भारत के व्यापारिक और आर्थिक संबंध कोविड-19 महामारी के प्रभाव से उबरने लगे हैं और भारत तथा आसियान के बीच दोतरफा व्यापार वर्ष दर वर्ष के आधार पर 39.2 प्रतिशत बढ़कर 2021 में 91.5 बिलियन डॉलर तक पहुंच गया। मंत्रियों ने आसियान भारत  आर्थिक साझीदारी बढ़ाने के लिए आसियान भारत व्यवसाय परिषद (एआईबीसी) द्वारा की गई अनुशंसाओं तथा 2022 में एआईबीसी द्वारा शुरू किए गए कार्यकलापों पर भी ध्यान दिया।

 
 
 

मंत्रियों ने महामारी के आर्थिक प्रभाव को कम करने के लिए सामूहिक कार्रवाई करने तथा कोविड-19 के बाद स्थायी सुधार की दिशा में काम करने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। मंत्रियों ने वस्तु समझौता उन्नयन वार्ताओं में आसियान - भारत व्यापार (एआईटीआईजीए) लॉन्‍च करने के माध्यम से अनिवार्य वस्तुओं एवं सेवाओं के प्रवाह का बनाये रखने के लिए एक मजबूत आपूर्ति श्रृंखला कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने, कोविड-19 टीकाकरण को परस्पर मान्यता दिए जाने, टीका उत्पादन, सार्वजनिक स्वास्थ्य निगरानी तथा महामारी के बाद सुधार प्रतिक्रियाओं के साथ आगे बढ़ने और भविष्य के स्वास्थ्य संकटों का सामना करने के लिए सामूहिक कार्रवाई करने के लिए आसियान और भारत का स्वागत किया।

 
 
 

श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने सभी पात्र नागरिकों के टीकाकरण पर अपने वर्तमान फोकस के साथ कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण पाने में भारत द्वारा हासिल की गई प्रगति और जनवरी 2021 में टीकाकरण स्कीम के आरंभ होने के 18 महीनों के बाद जुलाई 2022 में अर्जित बूस्टर डोजों सहित 2 बिलियन टीका खुराक दिए जाने की प्रमुख उपलब्धि के बारे में बैठक को जानकारी दी।

 
 
 

उन्होंने भारत द्वारा अपनी एफडीआई नीति को उदार तथा सरलीकृत बनाने के लिए उठाये गए कदमों, जिसका परिणाम नए रिकॉर्ड स्थापित करते हुए एफडीआई आवकों की अब तक की सबसे अधिक बढ़ी हुई मात्रा के रूप में सामने आया है, के बारे में भी जानकारी साझा की। उन्होंने आसियान देशों को भारत में निवेश करने तथा इसकी सफलता में साझीदार बनने के लिए आमंत्रित किया।

मंत्रियों ने स्विट्जरलैंड के जिनेवा में 12-17 जून 2022 को आयोजित 12वें विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) मंत्रीस्तरीय सम्मेलन के सफल परिणामों का स्वागत किया तथा एक नियम आधारित, गैर-भेदभावपूर्ण, खुली, निष्पक्ष, समावेशी, न्यायसंगत और पारदर्शी बहुपक्षीय व्यापारिक प्रणाली, जैसाकि डब्ल्यूटीओ में सन्निहित है, के लिए अपना समर्थन दुहराया।

 
 
 

एक उल्लेखनीय घटनाक्रम में, मंत्रियों ने वस्तु समझौता उन्नयन वार्ताओं में आसियान - भारत व्यापार (एआईटीआईजीए) की समीक्षा के दायरे का समर्थन किया जिससे कि इसे उपयोगकर्ताओं के लिए अधिक अनुकूल, सरल और व्यवसायों के लिए व्यापार सुगमकारी और साथ ही आपूर्ति श्रृंखला बाधाओं सहित वर्तमान वैश्विक एवं क्षेत्रीय चुनौतियों के प्रति उत्तरदायी बनाया जा सके। मंत्रियों ने एआईटीआईजीए की समीक्षा में तेजी लाने के लिए एआईटीआईजीए संयुक्त समिति को भी सक्रिय किया।

श्रीमती अनुप्रिया पटेल ने एक मजबूत, समेकित तथा समृद्ध आसियान की सहायता करने तथा दोनों साझीदारों की आकांक्षाओं को संतुलित करने वाले न्यायसंगत और टिकाऊ व्यापार क लिए भी भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।

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वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए बैंकिंग क्षेत्र को बड़ा योगदान करना होगा : सीतारमण

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वित्त और कारपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने में प्रमुख भूमिका निभाने के लिए बैंकिंग क्षेत्र का आह्वान किया। वित्त मंत्री ने कहा कि अगले 25 वर्षों को प्रधानमंत्री ने अमृत काल कहा है और इसकी शुरुआत बहुत शुभ रही है, भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

उन्होंने कहा, हमारे पास करने के लिए बहुत कुछ है, बैंकिंग उद्योग को अमृत काल में विशेष योगदान करने की आवश्यकता है, हमें यह देखना होगा कि तेजी से आगे बढ़ते भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए हम किस तरह से मदद कर सकते हैं। प्रधानमंत्री ने कहा है कि हमें 2047 तक विकसित देश बनने की जरूरत है, जिसके हम हकदार हैं। यह बैंकिंग क्षेत्र है, जिसे इस दिशा में बड़ा योगदान देना है। वह 16 सितंबर 2022 को मुंबई में भारतीय बैंक संघ (आईबीए) की 75वीं वार्षिक आम बैठक को संबोधित कर रही थीं।

मंत्री ने कहा कि बैंक विकास के सबसे बड़े उत्प्रेरक हैं। उन्होंने कहा, अपने निर्णय लेने वाले बोर्ड को पेशेवर बनाएं, बैंक अब पुरानी पृष्ठभूमि (क्रोनी बैकग्राउंड) के साथ नहीं चल सकते हैं। हमारी सरकार ने सुनिश्चित किया है कि बैंकों के कामकाज में कोई निर्देश या हस्तक्षेप न किया जाए। हमें व्यावसायिकता को तेज गति से अपनाने की जरूरत है। हम समझते हैं कि बैंकों को विशुद्ध रूप से बैंकिंग परिप्रेक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पेशेवरों द्वारा संचालित करने देना चाहिए।

वित्त मंत्री ने बैंकों से अगले 25 वर्षों के लिए योजना बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, अगले 25 वर्षों में भारत के युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए रणनीति बनाने की आवश्यकता है। आपको अपना पोर्टफोलियो बनाने की जरूरत है, जिससे वे युवाओं के लिए आकर्षक हों और खुद को उनके लिए सुलभ बना सकें। क्या आप युवाओं, महिलाओं से संवाद कर रहे हैं, क्या आप उन्हें उत्पाद की पेशकश कर रहे हैं?

 

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आबकारी नीति के मामले में ईडी की बड़ी कार्रवाई : देशभर के 40 ठिकानों में छापे...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली की शराब नीति में कथित अनियमितताओं को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) देशभर में छापेमारी कर रही है। सूत्रों के अनसुार ईडी की यह छापेमारी 40 जगहों पर हो रही है।जानकारी के मुताबिक प्रवर्तन निदेशालय शुक्रवार को हैदराबाद, बेंगलुरु, मैंगलोर और चेन्नई में छापेमारी कर अपना अभियान चला रही है।

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में शराब नीति में हुई धांधली को लेकर प्रवर्तन निदेशालय इसके पहले भी छापेमारी कर चुकी है। इससे पहले 6 सितंबर को ईडी ने इस मामले में दिल्ली और अन्य शहरों में 35 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की थी।

शराब नीति का मामला दिल्ली में भाजपा और सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के बीच राजनीतिक गतिरोध के केंद्र बना हुआ है।

दिल्ली के उपराज्यपाल ने की थी सीबीआई जांच की सिफारिश

 

 

बता दें कि आम आदमी पार्टी जो एक भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से पैदा होने का दावा करती है। भाजापा ने इस पर मनी-लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया गया है। उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने इस मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। उनकी सिफारिश के बाद केंद्रीय जांच एजेंसी ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया था।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री के घर पर हुई थी छापेमारी
जांच एजेंसियों के रडार पर रहे दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर की भी तलाशी ली गई थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी बार-बार केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा पर जांच एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाती रही है।

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एनएमडीसी को मिला राजभाषा कीर्ति पुरस्कार, प्रबंध निदेशक सुमित देब ने ग्रहण किया पुरस्कार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत सरकार, राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय द्वारा सूरत में आयोजित हिंदी दिवस समारोह के दौरान वर्ष 2021-22 के लिए राजभाषा कीर्ति पुरस्कार वितरित किए गए। समारोह की अध्यक्षता केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने की । एनएमडीसी लिमिटेड को ग क्षेत्र में स्थित सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की श्रेणी में राजभाषा कीर्ति-तृतीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।

एनएमडीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक सुमित देब ने यह पुरस्कार राज्यसभा के उप सभापति  हरिवंश नारायण सिंह से ग्रहण किया । इस अवसर पर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री  निशिथ प्रमाणिक, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री  अजय कुमार मिश्रा, संसदीय राजभाषा समिति के सदस्यगण, भारत सरकार ,राजभाषा विभाग के उच्च अधिकारीगण एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे । इस अवसर पर  सुमित देब ने कहा कि हिंदी के इस महापर्व पर हम संकल्प लें कि आजादी के अमृतकाल में हम हिंदी तथा भारतीय भाषाओं को उनके गौरवशाली स्थान पर स्थापित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे ।

 
 
 

वर्ष 2021 में, राजभाषा को बढ़ावा देने के क्रम में एनएमडीसी के प्रयासों को इस्पात मंत्रालय के इस्पात राजभाषा सम्मान से सम्मानित किया गया तथा नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, हैदराबाद से अपने वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ । एनएमडीसी की रचनात्मक और तकनीकी लेखन को प्रोत्साहित करने वाली गृह पत्रिका खनिज भारती को वर्ष 2021 में प्रकाशित पत्रिका की श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ ।

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भारत हरित परिवर्तन के प्रति अपनी वचनबद्धताओं को कमजोर नहीं होने देगा: पुरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मुंबई में हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से भारत सरकार के पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (एमओपीएंडएनजी) के तत्वावधान में उच्च प्रौद्योगिकी केंद्र (सीएचटी) द्वारा आयोजित 25वीं ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक को संबोधित किया। मंत्री ने अपने नागरिकों को ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की प्रगति पर प्रकाश डाला और देश के ऊर्जा मिश्रण को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए सरकार की योजनाओं को रेखांकित किया।

इससे पहले इस बैठक को रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स टेक्नोलॉजी मीट के रूप में जाना जाता था। इस वार्षिक ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक में भारत और विदेशों के 1000 से अधिक प्रतिनिधियों के साथ विश्व भर के प्रतिनिधि भाग लेते हैं। इस बैठक का आयोजन इस वर्ष 15 से 17 सितंबर तक होगा, जो ऊर्जा क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष प्रासंगिकता के हालिया विकास और तकनीकी विकास के प्रदर्शन के लिए एक मंच प्रदान करता है। नए ऊर्जा युग में शोधन विषय के अंतर्गत, 25वीं ऊर्जा प्रौद्योगिकी बैठक देश में बदलते ऊर्जा परिदृश्य पर ध्यान केंद्रित करेगी।

 
 

सभा को संबोधित करते हुए, केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि वर्तमान वैश्विक व्यवस्था से उत्पन्न अनूठी चुनौतियों के बावजूद, भारत शून्य कार्बन उत्सर्जन की अवधारणा से जुड़ा हुआ है और हाइड्रोकार्बन की दुनिया से परिवर्तन करने के लिए प्रतिबद्ध है, जहां हरित और सतत ऊर्जा हमारी ऊर्जा जरूरतों का निर्धारण करेगी।

 

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एनडीसी पाठ्यक्रम का उद्देश्य आज और भी अधिक प्रासंगिक : राष्‍ट्रपति

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नेशनल डिफेंस कॉलेज (एनडीसी) के 62वें पाठ्यक्रम के शिक्षकों और सदस्यों ने राष्ट्रपति भवन में महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि सुरक्षा एक ऐसा शब्द है, जिसका हम अक्सर अपनी बातचीत में प्रयोग करते हैं, लेकिन इसके व्यापक प्रभाव हैं। बीते दशकों में इसकी व्याख्या में काफी विस्तार हुआ है। यह पहले केवल क्षेत्रीय अखंडता तक सीमित थी, लेकिन अब इसे राजनीतिक और आर्थिक संदर्भों में भी देखा जाने लगा है।

इस प्रकार, सामरिक, आर्थिक, वैज्ञानिक, राजनीतिक और राष्ट्रीय रक्षा के औद्योगिक पहलुओं का अध्ययन करने संबंधी एनडीसी पाठ्यक्रम का उद्देश्य आज और भी अधिक प्रासंगिक हो चुका है। उन्‍होंने इस बात पर प्रसन्‍नता प्रकट की कि बीते वर्षों में एनडीसी पाठ्यक्रम अपने प्रतिभागियों में इन मुद्दों के प्रति गहन समझ उत्‍पन्‍न करने के अपने उद्देश्य पर खरा उतरा है।

इस बात पर गौर करते हुए कि 62वें एनडीसी पाठ्यक्रम में सशस्त्र बलों से 62, सिविल सेवाओं से 20, मित्र देशों से 35 और कॉरपोरेट क्षेत्र से एक प्रतिभागी शामिल हैं, उन्होंने कहा कि यह इस पाठ्यक्रम की अनूठी विशेषता है, जिसने अत्यधिक सराहना बटोरी है। उन्होंने कहा कि यह पाठ्यक्रम के सदस्यों को विभिन्न दृष्टिकोणों को जानने का अवसर देता है, जिससे उनके विचारों और समझ के क्षितिज का विस्तार होता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि हम एक गतिशील दुनिया में निवास करते हैं, जहां एक छोटे से बदलाव का भी व्यापक प्रभाव हो सकता है। उन्‍होंने कहा कि कभी-कभी, इसके सुरक्षा संबंधी निहितार्थ भी हो सकते हैं। कोविड महामारी की गति और वेग महज उस खतरे का एक उदाहरण है, जिसका सामना आज मानवता को करना पड़ रहा है। यह हमें मानवजाति के असहाय होने का एहसास कराता है।

हर खतरा हमें उससे मुकाबला करने और उसकी पुनरावृत्ति को रोकने की आवश्यकता के बारे में सोचने पर मजबूर करता है। हमें न केवल पारंपरिक खतरों, बल्कि प्रकृति की अनिश्चितताओं सहित अनदेखे खतरों का भी सामना करने के लिए खुद को तैयार करने की जरूरत है। जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के मुद्दे आज सर्वाधिक महत्‍वपूर्ण हैं।

आज जरूरत इस बात की है कि सभी देश एक साथ आएं और उनके समाधान की दिशा में काम करें। यही वह बिंदु है, जिस पर रणनीतिक नीतियों को देशों की विदेश नीतियों के अनुरूप होना चाहिए। यह एक बहु-विषयक और बहु-आयामी दृष्टिकोण है, जिसके लिए हमें स्वयं को तैयार करने की जरूरत है।

राष्ट्रपति ने कहा कि भारत एक राष्ट्र के रूप में, आत्मानिर्भर भारत बनने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस विजन को साकार करने के लिए विभिन्न नीतिगत कदम उठाए जा रहे हैं। यही वह विजन है, जो भारत को विकास और प्रगति के पथ पर ले जाता है।

 

उन्होंने कहा कि हाल ही में जब स्वदेशी तकनीक से निर्मित पहले विमानवाहक पोत विक्रांत को भारतीय नौसेना में शामिल किया गया, तो प्रत्येक भारतीय के लिए यह गर्व का क्षण था। इस तरह के कदम भारत के लोगों में नई उम्मीद और प्रेरणा का संचार करते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि हम प्रगति के इस पथ पर निरंतर बढ़ते रहेंगे।

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परिवहन क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधन, नई प्रौद्योगिकियों और नवाचारों की खोज की जानी चाहिए : गडकरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने इनसाइट 2022: हरित और स्वस्थ परिवहन के लिए सतत और अभिनव वित्त पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी मोड में बिजली पर आधारित व्यावसायिक प्रबंधन वाली सार्वजनिक परिवहन प्रणाली में लोग अच्छी रुचि दिखाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर लागू करने के लिए एक सही मॉडल है तो पूंजी निवेश कोई समस्या नहीं है।

उन्होंने कहा कि निजी वाहनों के इस्तेमाल में कमी लाने के प्रयास किए जाने चाहिए। लंदन परिवहन मॉडल की सराहना करते हुए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री ने कहा कि लोग कम खर्च में अधिक आराम चाहते हैं। उन्होंने बस निगमों को होने वाले नुकसान को रोकने और यात्रा में आसानी को बढ़ावा देने के लिए बसों में भौतिक टिकट प्रणाली के स्थान पर कार्ड या क्यूआर कोड आधारित प्रवेश-निकास प्रणाली के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिया। 

नितिन गडकरी ने जोर देकर कहा कि इलेक्ट्रिक बसों के आने से प्रदूषण में कमी आएगी और हमडीजल और कच्चे तेल के आयात को भी कम कर पाएंगे। श्री गडकरी ने कहा कि हम 15 लाख करोड़ का ऑटोमोबाइल उद्योग बनाने की कोशिश कर रहे हैं, क्योंकि यह वह उद्योग है जिसमें देश में 4 करोड़ रोजगार पैदा करने की अधिकतम रोजगार क्षमता है और इस उद्योग ने राज्य और केंद्र सरकारों को अधिकतम राजस्व दिया है।

श्री गडकरी ने सीईएसएल को 5450 ई-बसों के टेंडर के लिए बधाई दी, जो दुनिया में सबसे बड़ी है। उन्होंने कहा कि 50000 ई-बसों के बजाय 5 लाख बसों का लक्ष्य होना चाहिए। श्री गडकरी ने कहा कि हरित हाइड्रोजन आवागमन का भविष्य है। उन्होंने दिल्ली से जयपुर तक ई-रोड स्थापित करने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि आर्थिक व्यवहार्यता और सतत विकास के लिए परिवहन क्षेत्र में वैकल्पिक ईंधन, नई प्रौद्योगिकियों और नवाचारों की खोज की जानी चाहिए।

 

 

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75 साल बाद फिर देश के जंगलों में फर्राटे भरेंगे चीते, ख़ास विमान से आ रहे भारत...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 75 साल पहले देश से विलुप्त हो चुका दुनिया के सबसे तेज जानवर चीता अब फिर भारत के जंगलों में अपनी रफ़्तार का जादू दिखाएगा। नामीबिया से भारत में आ रहे इन मेहमानों को लेकर लोगों में काफी उत्सुक्ता है। पूरा देश इन चीतों का बेसब्री से इंतजार कर रहा है।


प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से आठ चीतों को लाने के लिए विशेष विमान वहां पहुंचा है। विमान पर चीते की पेंटिंग बनाई गई है। नामीबिया से लाए जाने वाले चीतों में तीन नर और पांच मादा हैं। इनमें दो सगे भाई भी हैं। अभी ये नामीबिया के एक प्राइवेट रिजर्व में रह रहे हैं। इन्हें मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा जाएगा। कल यानी 17 सितंबर को इन चीतों को भारत लाया जाएगा।

पीएम मोदी के जन्मदिन पर लाए जा रहे चीते
खास बात है कि 17 सितंबर को पीएम मोदी का जन्मदिन भी है। पीएम का ये जन्मदिन खास रहने वाला है। दरअसल, इन सभी चीतों को कल दो हेलीकाप्टरों द्वारा कुनो ले जाया जाएगा और मोदी क्वारंटाइन सेंटर से उन्हें पार्क में छोड़ देंगे। इसके बाद पीएम कराहल में आयोजित महिला स्वसहायता समूहों के सम्मेलन को भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में वे श्योपुर की दो महिलाओं से चर्चा भी करेंगे।

 

 

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AAP की मान्यता रद्द करने 56 सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने चुनाव आयोग को लिखा पत्र

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरिवंद केजरीवाल के बयान को पूर्व सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने गैर-संवैधानिक बताया है। 56 पूर्व सिविल सेवकों ने भारत के चुनाव आयोग (ईसीआई) को पत्र लिखकर आम आदमी पार्टी की मान्यता वापस लेने का आग्रह किया है। अरविंद केजरीवाल द्वारा की गई "असंतुलित और विवादास्पद" टिप्पणी की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने सरकारी अधिकारियों के अलावा ड्राइवर, कंडक्टर जैसे लोक सेवकों से पूछने की उनकी अपील असंतुलित और विवादास्पद है।


भारत निर्वाचन आयोग को भेजे गए पत्र में राजकोट में दिल्ली के सीएम की एक प्रेस कांफ्रेंस का हवाला दिया गया है। आरोप है कि अरविंद केजरीवाल ने इस पत्रकार सम्मेलन में सिविल सर्वेंट्स को आम आदमी पार्टी के पक्ष में काम करने की सख्त चेतावनी दी थी और कहा था कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो कुछ महीनों बाद गुजरात की सत्ता में आने के बाद ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी जो उनकी बात नहीं मानेंगे। अधिकारियों ने इसे वर्तमान अधिकारियों को दबाव में लाने की संवैधानिक कोशिश बताया है।

सीएम के बयान पर यह किया पलटवार
कर्नाटक के पूर्व अतिरिक्त मुख्य सचिव एम मदन गोपाल ने कहा कि, लगभग 20 दिन पहले राजकोट में प्रेस कॉन्फ्रेंस में (दिल्ली के सीएम) केजरीवाल के बयान ने संविधान में विश्वास करने वालों को आहत किया। ड्राइवर, कंडक्टर और पुलिस अधिकारियों जैसे लोक सेवकों से पूछने की उनकी अपील असंतुलित, विवादास्पद है। भारत के संविधान के प्रति हमारी निष्ठा है, यह लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के लिए सही नहीं है। कानून के शासन और भारत के संविधान के प्रावधानों में दृढ़ विश्वास रखने वाले अधिकारियों, लगभग 56 सेवानिवृत्त नौकरशाहों ने चुनाव आयोग को शिकायत दी है।  इस तरह के उल्लंघनों को एक प्रवृत्ति बनने से पहले रोकने की जरूरत है।

 

 

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नड्डा-शाह की उपस्थिति में 19 को भाजपा की सदस्यता लेंगे कैप्टन अमरिंदर

 पीएलसी का भी होगा पार्टी में विलय

चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह सोमवार 19 सितंबर को नई दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में भाजपा में शामिल होंगे। इस दौरान वह अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) का भी भाजपा में विलय करेंगे। कैप्टन के साथ पंजाब के छह पूर्व मंत्रियों के अलावा उनके पुत्र रनिंदर सिंह, बेटी जयइंदर कौर और पोता निर्वाण सिंह भी भाजपा की सदस्यता लेंगे। इस बीच, पंजाब भाजपा के पुनर्गठन की तैयारी भी चल रही है, जिसमें माना जा रहा है कि कैप्टन पंजाब भाजपा का प्रमुख चेहरा होंगे और पार्टी उन्हीं के नेतृत्व में अपने दम पर अगले चुनावों में उतरेगी।


पिछले दो महीने से पीएलसी के भाजपा में विलय की बातें चल रही थी। हालांकि इस सवाल को कैप्टन टालते रहे लेकिन विदेश से लौटने के बाद कैप्टन ने सबसे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। उसके बाद गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ भी बैठक की। इस बीच, भाजपा हाईकमान ने पंजाब भाजपा की नई कार्यकारिणी का ऐलान सितंबर माह के दौरान करने का फैसला भी ले लिया है। कैप्टन की पीएम, गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष के साथ बैठकों ने पीएलसी के भाजपा में जल्द विलय की चर्चा को तेज कर दिया है।

आगामी सोमवार को कैप्टन और उनकी पार्टी के भाजपा में समाहित होने के बाद कैप्टन ही पंजाब भाजपा का मुख्य चेहरा होंगे। दरअसल, पंजाब भाजपा के पास इस समय कोई भी ऐसा कद्दावर नेता नहीं है, जो अपने बूते पर पार्टी को प्रदेश की सत्ता तक पहुंचा सके। भाजपा हाईकमान का मानना है कि किसान आंदोलन ने पंजाब में भाजपा को काफी नुकसान पहुंचाया है। दिल्ली की सीमाओं पर करीब एक साल चले आंदोलन के दौरान पंजाब में भाजपा का काडर बिखर गया और पार्टी वर्कर भी किनारा कर गए। इससे पहले, विजय सांपला को हटाकर अश्विनी शर्मा को अध्यक्ष बनाए जाने से भी प्रदेश इकाई दोफाड़ हुई और कई सीनियर नेताओं ने पार्टी से दूरी बना ली। अकाली दल के साथ 25 साल के गठबंधन ने भी भाजपा को पंजाब में नुकसान ही पहुंचाया है। इस दौरान न तो भाजपा का काडर बढ़ सका और न ही सीटें। पार्टी सूबे के ग्रामीण इलाकों तक न पहुंचकर शहरों में ही सिमटी रही, जहां हिंदू और दलित वोट भी बिखरे रहने से भाजपा को घाटा ही हुआ।

 



कैप्टन ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान अपनी पार्टी का गठन करके भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। हालांकि आप की लहर के चलते कैप्टन अपनी सीट भी नहीं बचा सके लेकिन भाजपा हाईकमान कैप्टन के पार्टी में आने को अपने लिए महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देख रही है। दरअसल, प्रदेश इकाई के पुनर्गठन के दौरान उसने जाने-माने सिख चेहरों को पार्टी के साथ जोड़ने की रणनीति भी बनाई है। कैप्टन जोकि लंबे अरसे तक पंजाब में कांग्रेस के पर्याय रहे हैं, भाजपा के लिए सबसे महत्वपूर्ण चेहरा साबित हो सकते हैं।

 

 

 
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12 राज्यों के शिवसेना प्रमुखों ने किया शिंदे को समर्थन देने का ऐलान

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के खेमे वाली शिवसेना में बड़ी सेंधमारी की है। शिवसेना के 15 में से 12 राज्यों के स्टेट यूनिट चीफ ने शिंदे गुट को समर्थन देने का ऐलान किया है। शिंदे गुट को समर्थन देने वाले नेताओं में दिल्ली, मणिपुर, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ के स्टेट यूनिट चीफ शामिल हैं।

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बुधवार को बैठक बुलाई थी। इस बैठक में शिवसेना के 15 में से 12 राज्यों के स्टेट यूनिट चीफ शामिल हुए। शिंदे गुट के सभी विधायक और सांसद भी बैठक में मौजूद थे। इस दौरान 12 राज्यों के शिवसेना प्रदेश यूनिट चीफ ने एकनाथ शिंदे खेमे को समर्थन देने का ऐलान किया।

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समाज सुधारकों के उपदेशों के विपरीत नफरत और गुस्सा फैला रहे हैं भाजपा और संघ: राहुल गांधी

 तिरुवनंतपुरम (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर हमले जारी रखते हुए आरोप लगाया कि वे देश में हिंसा, नफरत तथा गुस्सा फैला रहे हैं जो श्री नारायण गुरु जैसे प्रख्यात समाज सुधारकों की शिक्षा के विपरीत है। कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा के तहत बुधवार को केरल दौरे के चौथे दिन शाम को यात्रा राज्य के कोल्लम जिले में पहुंची और उसने 150 किलोमीटर की दूरी पूरी की।

गांधी ने इस अवसर पर कहा कि श्री नारायण गुरु, अय्यनकली और चत्ताम्पी स्वामीकल जैसे समाज सुधारकों ने हिंसा, नफरत या गुस्से की शिक्षा नहीं दी थी। उन्होंने कहा, हालांकि भाजपा और संघ की विचारधारा नफरत और गुस्से की है जो देश को बांट रही है और कमजोर कर रही है। राज्य के वायनाड से सांसद राहुल गांधी ने कोल्लम में पल्लीमुक्कू जंक्शन के पास बड़ी संख्या में जमा हुए लोगों को संबोधित करते हुए कहा, वे (भाजपा और संघ) एक दूसरे के विचारों के लिए सम्मान, सहिष्णुता, अपने विरोधियों के प्रति स्नेह तथा अहिंसा की भारत की सबसे बड़ी शक्तियों को कमजोर कर रहे हैं।

 
 
 

उन्होंने कहा, भाजपा और संघ की विचारधारा आज हमारी सच्ची ताकतों को कमजोर कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी की यह यात्रा तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू हुई थी और 150 दिन में 3,570 किलोमीटर का सफर तय कर जम्मू कश्मीर में इसका समापन होगा। यात्रा के केरल के चरण में राहुल गांधी लगातार भाजपा और संघ पर हमले बोल रहे हैं। कोल्लम में पदयात्रा के दो चरणों के बीच के समय में राहुल गांधी ने ऑटोरिक्शा चालकों और काजू किसानों समेत समाज के अनेक वर्गों के लोगों तथा छात्रों से मुलाकात की।

 
 
 

बातचीत के अनुभव साझा करते हुए राहुल ने कहा, भारत जोड़ो यात्रा का उद्देश्य भारत के लोगों, विशेष रूप से वंचित तबकों को जोड़ना है। हम यहां उनकी चिंताएं सुनने आये हैं। मैं आज सुबह परायिल गांव में मिले प्यार से अभिभूत हूं, लेकिन उनके संघर्ष को देखकर उनता ही दुखी भी हूं। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष आज सुबह यात्रा की शुरुआत करने से पहले तिरुवनंतपुरम में प्रख्यात समाज सुधारक श्री नारायण गुरु को श्रद्धांजलि देने के लिए शिवगिरि मठ गए। शिवगिरि मठ में राहुल ने संन्यासियों से मुलाकात की और संत श्री नारायण गुरु के आगे शीश नवाया।

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भ्रष्टाचार के मामले में येदियुरप्पा और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच के आदेश

 बेंगलुरु (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  कर्नाटक के बेंगलुरु में अतिरिक्त शहर दीवानी एवं सत्र न्यायाधीश अदालत ने पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाली एक निजी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने और जांच करने का आदेश दिया। यह आदेश कर्नाटक उच्च न्यायालय द्वारा सात सितंबर को विशेष न्यायालय को भ्रष्टाचार की शिकायत पर नए सिरे से सुनवाई करने का निर्देश देने के ठीक एक सप्ताह बाद आया है।

गौरतलब है कि निचली अदालत ने इस मामले में आठ जुलाई को शिकायत खारिज कर दी थी, क्योंकि राज्यपाल ने शिकायतकर्ता टी जे अब्राहम को मंजूरी देने से इनकार कर दिया था। हालांकि, उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया कि शिकायतकर्ता राज्यपाल से मंजूरी लेने के लिए सक्षम प्राधिकारी नहीं था। यह शिकायत तत्कालीन मुख्यमंत्री येदियुरप्पा और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ है, जिसमें आरोप लगाया गया था कि उन्होंने बीडीए (बैंगलोर विकास प्राधिकरण) के अनुबंध देने के बदले में रिश्वत ली थी।

 
 
 

अदालत के इस आदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा, इनमें से किसी भी आरोप में कोई सच्चाई नहीं है। मैं इन सभी मामलों से बाहर आऊंगा। ये चीजें स्वाभाविक हैं, मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यह पूछे जाने पर कि क्या उनके खिलाफ कोई साजिश है, उन्होंने कहा कि निश्चित तौर पर यह एक साजिश है।

 
 
 

येदियुरप्पा के अलावा इस मामले में उनके बेटे बी वाई विजयेंद्र (भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष), पोते शशिधर मराडी, दामाद संजय श्री, व्यापारी चंद्रकांत रामलिंगम, विधायक एवं तत्कालीन बीडीए अध्यक्ष एस टी सोमशेखर, भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) अधिकारी जीसी प्रकाश, के रवि और विरुपक्षप्पा अन्य आरोपी हैं।

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आने वाले समय में करना पड़ सकता है कोरोना वायरस की खतरनाक लहर का सामना

 नई दिल्ली(छत्तीसगढ़ दर्पण)। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि लोगों को आने वाले समय में कोरोना वायरस की खतरनाक लहर का सामना करना पड़ सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अध्यक्ष ने कहा है कि लोगों को आने वाले समय में कोरोना वायरस की खतरनाक लहर का सामना करना पड़ सकता है। इसके लिए दुनिया भर की सरकारों को सतर्क रहने और किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

 

 

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शिष्ट समाज के सदाचार संबंधी मर्म का प्रतिनिधित्व करता है वसुधैव कुटुम्बकम

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम (दुनिया एक परिवार है) की अवधारणा हमारे हमारे शिष्ट समाज के सदाचार संबंधी मर्म का प्रतिनिधित्व करती है। नई दिल्ली के नेशनल डिफेंस कॉलेज में इंडियाज कोर वैल्यूज इंट्रस्ट्स एंड ऑबजेक्टिव्स पर एक व्याख्यान देते हुए उप-राष्ट्रपति ने कहा कि हमारे संविधान की प्रस्तावना में हमारे कई मूल तत्वों का उल्लेख है। कोविड-19 महामारी के दौरान शुरू की गई 'वैक्सीन मैत्री' पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इतिहास में भारत का दृष्टिकोण कभी भी विस्तारवादी नहीं रहा है।

भारत में रणनीतिक अध्ययन के सबसे दुर्जेय केंद्रों में से एक के रूप में खुद को स्थापित करने के लिए एनडीसी की प्रशंसा करते हुए, श्री धनखड़ ने कहा कि इस महान संस्थान ने पिछले छह दशकों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिष्ठा और कद दोनों में वृद्धि की है। लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार मागो,  कमांडेंट नेशनल डिफेंस कॉलेज, फैकल्टी के सदस्य और 62वें एनडीसी कोर्स के प्रतिभागियों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया।

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2020 बैच के 175 आईएएस अधिकारियों से उपराष्ट्रपति ने मुलाकात की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने आईएएस अधिकारियों से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की गोपनीयता के सिद्धांत को बरकरार रखते हुए नागरिकों को सेवाओं की डिलिवरी और शिकायत निवारण में सुधार लाने के लिए समर्पन के साथ काम करें। विभिन्न मंत्रालयों में सहायक सचिव के रूप में तैनात 2020 बैच के 175 आईएएस अधिकारियों ने उपराष्ट्रपति निवास जाकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात की। उनके साथ कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) की सचिव श्रीमती एस राधा चौहान और डीओपीटी के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

श्री धनखड़ ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सिविल सेवक के रूप में आप संविधान के प्रति अपनी सर्वोच्च निष्ठा रखते हैं और आपको इसके तहत दिए गए अधिकारों को संरक्षित एवं बरकरार रखने के लिए हमेशा प्रयास करना चाहिए। आपको किसी एक पक्ष पर ध्यान केंद्रित करने या राजनीतिक पक्ष लेने से किसी भी कीमत पर बचना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों को यह याद रखने की सलाह दी कि आज का नागरिक नीति निर्माण एवं कार्यान्वयन की प्रक्रियाओं में अपनी आवाज उठाना चाहता है। उन्होंने सुझाव दिया कि आम नागरिक के प्रति सिविल सेवक का सहानुभूतिपूर्ण रवैया सरकारी सेवाओं से उनकी संतुष्टि को निर्धारित करता है। उन्होंने अधिकारियों से आह्वान किया कि वे दृष्टिकोण में बदलाव के लिए सरकार के इस मिशन के लिए रोल मॉडल बनें।

उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से बातचीत के दौरान देखा कि इस बैच में इंजीनियरिंग, चिकित्सा, प्रबंधन, कानून और कला जैसे विविध शैक्षिक पृष्ठभूमि के लोग मौजूद हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि वे शासन में नवाचार और उच्च गुणवत्ता के साथ आउटपुट देने के लिए अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि का उपयोग करें।

उपराष्ट्रपति को यह देखकर भी अच्‍छा लगा कि इस बैच में बड़ी संख्या में महिला आईएएस अधिकारी शामिल हैं। उन्‍होंने कहा कि यह एक उत्साहजनक बात है कि महिलाएं अब शासन एवं प्रशासन सहित सभी क्षेत्रों में अग्रणी भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने 2020 के बैच के आईएएस अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।


 

 

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राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड ने लगातार चौथी बार जीता राजभाषा कीर्ति प्रथम पुरस्कार

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सूरत में आयोजित राष्ट्रीय हिंदी दिवस समारोह में राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड-विशाखापत्तनम इस्पात संयंत्र को देश के सर्वोत्कृष्ट राजभाषा कीर्ति सम्मान से सम्मानित किया गया है । यह उल्लेखनीय है कि आर आई एन एल को लगातार चौथी बार ‘ग’ श्रेणी में प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया है।

सूरत मेंआयोजित द्वितीय अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन  में गृह मंत्री, सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में,  राज्य के मुख्यमंत्री भूपेंद्र भाई पटेल ने  राष्ट्रीय इस्पात निगम लिमिटेड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अतुल भट्ट को  यह पुरस्कार प्रदान किया । हिंदी गृहपत्रिका श्रेणी में भी आर आई एन एल की हिंदी पत्रिका सुगंध को प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह पुरस्कार ‘सुगंध’ के संपादक एवं आर आई एन एल के महाप्रबंधक (राजभाषा) एवं प्रशासन प्रभारी ललन कुमार ने संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब के कर कमलों से ग्रहण किया।

इसी समारोह में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), विशाखापत्तनम को भी ‘ग’ श्रेणी में द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। यह पुरस्कार भी नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (उपक्रम), विशाखापत्तनम के अध्यक्ष एवं आर आई एन एल के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक अतुल भट्ट ने उप सभापति राज्य सभा हरिवंश और संसदीय राजभाषा समिति के उपाध्यक्ष भर्तृहरि महताब की उपस्थिति में गृह राज्यमंत्री निशीथ प्रमाणिक के कर कमलों से ग्रहण किया। इसी मंच पर नराकास (उपक्रम), विशाखापत्तनम के सदस्य सचिव ललन कुमार को , उप सभापति राज्य सभा, हरिवंश, ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया।

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