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अस्पताल में महिला डॉक्टर की हत्या मामले में देशभर के डॉक्टर एकजुट

 पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में ट्रेनी महिला डॉक्टर से दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में हंगामा बरपा है। मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर और छात्र सड़क पर उतरकर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस बीच, बृहन्मुंबई मुन्सिपल (बीएमसी) महाराष्ट्र एसोसिएशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स (एमएआरडी) ने भयावह घटना पर गहरा दुख और गुस्सा व्यक्त किया। साथ ही हड़ताल करने का एलान कर दिया है। बता दें, पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इस जघन्य कृत्य की पुष्टि हुई है।

बीएमसी एमएआरडी ने कहा, 'हम इस बर्बर कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं। साथ ही मांग करते हैं कि अपराधियों की जल्द पहचान की जाए और उन्हें न्याय के दायरे में लाया जाए। हम फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एफओआरडीए) के साथ हैं।

इसलिए 13 अगस्त 2024 यानी मंगलवार को सुबह आठ बजे से रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा वैकल्पिक/गैर-आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को निलंबित करने की घोषणा करते हैं। जब तक हमारी मांगे पूरी नहीं हो जातीं, तब तक हड़ताल रहेगी।

 
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यूथ सभा 2047: युवाओं और नीति-निर्माताओं ने भारत के भविष्य पर किया मंथन

 नेक्स्ट जेनरेशन इंडिया फेलोशिप के तहत यूएन फाउंडेशन और काउंसिल ऑन एनर्जी, एनवायरनमेंट एंड वॉटर (सीईईडब्ल्यू) ने नई दिल्ली में इंटर-जेनरेशनल टाउन हॉल ‘यूथ सभा 2047-शेपिंग इंडियाज फ्यूचर’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत के भविष्य को आकार देने के लिए युवाओं, नीति-निर्माताओं, और सोशल इंफ्लुएंसर्स को एक मंच पर लाना था। यह आयोजन यूएन के "अनलॉक द फ्यूचर कोएलिशन" द्वारा समर्थित नेशनल टाउनहॉल सीरीज का हिस्सा है, जो सितंबर में यूएन के समिट ऑफ द फ्यूचर से पहले दुनिया भर के युवाओं को जोड़ने का प्रयास कर रहा है।


भारत के जी20 शेरपा और नेक्स्ट जेनरेशन इंडिया फेलोशिप के सलाहकार अमिताभ कांत ने अपने वीडियो संदेश में युवाओं की शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा, “भारत की 50 प्रतिशत से अधिक आबादी 25 साल से कम उम्र की है, और मैं युवाओं में निवेश का पूर्ण समर्थक हूं। युवा जिज्ञासु, बहादुर, और नए प्रयोग करने वाले हैं और किसी भी काम में वे जबरदस्त ऊर्जा लेकर आते हैं। इनमें से अधिकांश युवा भारत के 100 वर्ष पूरे होने के गवाह बनेंगे।”



यूएन फाउंडेशन की प्रेसिडेंट और सीईओ, एंबेसडर एलिजाबेथ कजंस ने युवाओं को भारत के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा, “देश की वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में युवा एक अद्वितीय शक्ति हैं। एक सतत, समावेशी और समृद्ध राष्ट्र बनाने के लिए उनकी आवाज और विचार अनिवार्य हैं।”

युवाओं की भूमिका पर विशेष जोर
अभिनेत्री और संयुक्त राष्ट्र महासचिव की एसडीजी एडवोकेट, दीया मिर्जा ने सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) पर जोर देते हुए कहा, “संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) जीवन से जुड़े हैं। जलवायु परिवर्तन का संकट, प्रदूषण और जैव विविधता की हानि, धरती के ऐसे संकट हैं, जो अब अमूर्त शब्द नहीं हैं।”

संयुक्त राष्ट्र के रेजिडेंट कोऑर्डिनेटर, शॉम्बी शार्प ने कहा, “भारत के पास इतिहास की सबसे बड़ी युवा पीढ़ी है और हमें इस हिस्से को पकड़ना होगा। युवाओं के विचारों और आकांक्षाओं को नीति निर्माण में शामिल करना एक शीर्ष प्राथमिकता है।”

यूथ सभा 2047 का महत्व
यूथ सभा 2047 ने 11 नेक्स्ट जेनरेशन इंडिया फेलो, छात्रों, नीति निर्माताओं, सरकारी अधिकारियों, नागरिक समाज के नेताकर्ताओं और राजनयिकों को एक मंच पर लाकर कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। इस सभा का मुख्य उद्देश्य 2047 तक भारत को एक विकसित देश बनाने के लिए युवाओं के नेतृत्व में विभिन्न

रणनीतियों पर विचार करना था।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आर्थिक सलाहकार परिषद की सदस्य डॉ. शमिका रवि, अंतरिक्ष यात्री राकेश शर्मा, सीईईडब्ल्यू के सीईओ डॉ. अरुणाभा घोष, और यूएन यंग लीडर फॉर एसडीजी, रिचा गुप्ता भी शामिल रहीं।

डॉ. शमिका रवि ने कहा, “भारत में होनहार युवाओं के पास स्टार्ट-अप्स, विचार और आकांक्षाएं हैं। हमें उन्हें वास्तविकता से जोड़ने में मदद करनी होगी।”



नेक्स्ट जेनरेशन इंडिया फेलोशिप की लीड फेलो, प्राची शेवगांवकर ने कहा, “भारतीय युवा वैश्विक स्तर पर भविष्य को प्रभावित करने की एक अनोखी और शक्तिशाली स्थिति में हैं।”

कला और नवाचार का प्रदर्शन
इस कार्यक्रम में चंडीगढ़ के कलाकार और नेक्स्ट जेनरेशन इंडिया फेलो, गुरजीत सिंह ने "फैब्रिक ऑफ द फ्यूचर" नामक एक विजनरी आर्ट इंस्टालेशन प्रस्तुत किया। यह कलाकृति युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करती है और इसे भारत के विभिन्न क्षेत्रों से एकत्रित कपड़ों का उपयोग कर बनाया गया है।

यूथ सभा 2047, भारत के भविष्य को आकार देने के लिए युवाओं के महत्व को रेखांकित करने वाला एक प्रमुख मंच साबित हुआ है। यह पहल न केवल भारत के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर युवाओं की भूमिका को पहचानने और सशक्त बनाने का प्रयास है।

 

 

 
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दूषित पानी पीने से 4 की मौत, गांव में हड़कंप

 गंगानगर सैदाबाद ब्लॉक के भदवा प्रजापति बस्ती में एक सप्ताह के अंदर चार लोगों की मौत हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि कुएं के दूषित पानी पीने से लोगों की मौत हुई है। एक समाजसेवी की शिकायत पर स्वास्थ्य टीम ने मौके पर पहुंचकर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है।

भदवा गांव में संजना (3), दिवाकर (10), चन्नर मुसहर (55) और मूटरी देवी (70) की दूषित पानी पीने के कारण मौत हो गई है। गांव के पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य अमरेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग को कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। दूषित पानी से मौत की सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम पहुंची। तब जाकर मरीजों को दवा और ओआरएस का घोल वितरित किया गया।

गांव में लोगों के बीमार होने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव में पानी का मुख्य स्रोत एक कुंआ है। इसमें ब्लीचिंग पाउडर न डालने के कारण पानी दूषित होना बताया जा रहा है।  दूषित पानी पीने की वजह से सत्यम, सुंदरम, दिलखुश, दीपांशु, संगिता, सिंटू, शब्बू, आनंद, रितेश, रंजीत, कुसुम, लक्ष्मी, संजना, प्रकाश, गरिमा, संजीत, ललित, उर्मिला, जीत लाल, शिव, आकाश और आकांक्षा समेत कई लोग बीमार हैं। इन सभी का प्रयागराज के निजी अस्पतालों में इलाज चल रहा है।

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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से राज्यपाल श्री रमेन डेका ने की सौजन्य मुलाकात

 नई दिल्ली में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से राज्यपाल श्री रमेन डेका ने गत  दिवस सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर राज्यपाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट की।

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सशस्त्र सीमा बल के महानिदेशक दलजीत सिंह चौधरी को मिला बीएसएफ डीजी का अतिरिक्त प्रभार

गृह मंत्रालय ने सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के महानिदेशक (डीजी) दलजीत सिंह चौधरी को अगले आदेश तक सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक पद का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है। यह कदम बीएसएफ डीजी नितिन अग्रवार को उनके राज्य कैडर में वापस भेजे जाने के एक दिन बाद उठाया गया। 1990 बैच के आईपीएस अधिकारी दलजीत सिंह ने इस साल जनवरी में एसएसबी महानिदेशक के तौर पर पदभार संभाला था। केंद्र सरकार ने 19 जनवरी को उन्हें एसएसबी का महानिदेशक नियुक्त किया था। एसएसबी महानिदेश नियुक्त होने से पहले वह सीआरपीएफ के विशेष महानिदेशक पद पर तैनात थे।

केंद्र सरकार ने नितिन अग्रवार को तत्काल प्रभाव से हटाया

 


केंद्र सरकार ने शुक्रवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक (डीजी) नितिन अग्रवाल और उनके डिप्टी विशेष डीजी (पश्चिम) वाईबी खुरानिया को तत्काल प्रभाव से पद से हटा दिया। सरकार की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, दोनों के मूल राज्य कैडर में वापस भेज दिया गया है। नितिन अग्रवाल 1989 बैच के केरल कैडर के अधिकारी हैं, जबकि वाईबी खुरानिया 1990 बैच के ओडिशा कैडर के अधिकारी हैं।

 

अग्रवाल ने पिछले साल जून में सीमा सुरक्षा बल के प्रमुख का कार्यभार संभाला था। वहीं, विशेष डीजी (पश्चिम) के रूप में खुरानिया पाकिस्तान सीमा पर बल का नेतृत्व कर रहे थे। नियुक्ति संबंधी कैबिनेट समिति (एसीसी) ने अलग-अलग जारी आदेशों में कहा कि उन्हें 'तत्काल प्रभाव से और समय से पहले' वापस भेजा जा रहा है। करीब 2.65 लाख कर्मियों वाले सुरक्षा बल बीएसएफ पर पश्चिम में पाकिस्तान और पूर्व में बांग्लादेश के साथ लगने वाली भारतीय सीमाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी है।

 

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दो अफसरों को वापस राज्य कैडर में भेजने का फैसला ऐसे समय में आया है, जब बीएसएफ के नियंत्रण वाली भारत-पाकिस्तान सीमा के करीब जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद से जुड़ी घटनाओं में बढ़ोतरी हुई है। इस साल ही राजौरी, पुंछ, रियासी, उधमपुर, कठुआ और डोडा जिले में 22 लोगों की मौत हुई है, जिनमें 11 सुरक्षाबलों के जवान हैं। हालांकि, सीमा पर सुरक्षा के लिए तैनात बीएसएफ ने घुसपैठ की किसी भी घटना से इनकार किया है।

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वायनाड में भूस्खलन से तबाही : अब तक 256 की मौत

  केरल के वायनाड में हुए भीषण भूस्खलन में मरने वालों की संख्या 256पहुंच गई है। 300 लोग अभी भी लापता हैं। बचाव दल क्षतिग्रस्त हो चुके घरों तक पहुंच रहे हैं और लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में चूरलमाला, वेल्लारीमाला, मुंडकाईल और पोथुकालू शामिल हैं। इन इलाकों के स्थानीय लोग जो किसी तरह बच निकलने में कामयाब रहे, तबाही की भयावहता से बुरी तरह टूट चुके हैं।

सेना, वायु सेना, नौसेना, एनडीआरएफ, पुलिस, फायर फोर्स और स्थानीय लोगों की बचाव टीमें बुधवार रात तक बचाव अभियान में जुटी रहीं और गुरुवार सुबह फिर से बचाव कार्य में लग गईं। बचाव दल अब जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं।

केरल के वायनाड में बचाव अभियान पर मेजर जनरल मैथ्यू ने कहा, "हम 30 तारीख की सुबह से केरल सरकार और वायनाड के लोगों की मदद के लिए यहां हैं। अब तक हमने 100 से ज़्यादा शव बरामद किए हैं, कुल मिलाकर शवों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा है। हमने इसमें 500 सैनिकों को शामिल किया है, अभी ऑपरेशन का यह तीसरा दिन है।

फंसे हुए सभी लोगों को बचा लिया गया है। अब हमें यह देखना है कि घर के अंदर कोई व्यक्ति फंसा हुआ तो नहीं है, इसके लिए हमें भारी उपकरणों की ज़रूरत है... हम बचाव अभियान में लगे हुए हैं। अभी हमारा ध्यान घर के अंदर फंसे लोगों की तलाश पर है... हम अपने डॉग स्क्वायड का भी उपयोग करेंगे

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UPSC का बड़ा एक्शन: ट्रेनी IAS पूजा खेड़कर का पद छीना

  यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने ट्रेनी आईएएस पूजा खेड़कर पर कड़ा एक्शन लिया है। आयोग ने पूजा खेड़कर से उनका आईएएस पद छीन लिया है और उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं के लिए स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया है। यह जानकारी आयोग ने खुद दी है।

UPSC ने सिविल सेवा परीक्षा-2022 (सीएसई-2022) में अनंतिम रूप से अनुशंसित उम्मीदवार पूजा मनोरमा दिलीप खेड़कर की अनंतिम उम्मीदवारी रद्द कर दी है। आयोग ने बताया कि पूजा खेड़कर की उम्मीदवारी को रद्द करते हुए उन्हें भविष्य की सभी परीक्षाओं और चयनों से स्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है।

दर्ज हुआ था मामला
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 19 जुलाई को पूजा खेड़कर पर सिविल सेवा परीक्षा में अपनी उम्मीदवारी सुरक्षित करने के लिए विकलांगता और अन्य पिछड़ा वर्ग (गैर-क्रीमी लेयर) कोटा का दुरुपयोग करने का मामला दर्ज किया था। इसी मामले में दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में मंगलवार को पूजा खेड़कर की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार, खेड़कर की ओर से पेश एडवोकेट बीना माधवन ने कोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल को कलेक्टर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज कराने के कारण निशाना बनाया जा रहा है।

प्रारंभिक आरोप
सबसे पहले, पूजा खेड़कर पर महाराष्ट्र में ट्रेनी अधिकारी के रूप में प्राइवेट गाड़ी में लाल बत्ती, वीवीआईपी नंबर की गाड़ी और खुद का कैबिन मांगने का आरोप लगा था। इसके बाद उनके चयन पर सवाल उठे और मामले की जांच में उनकी पोल खुल गई थी।

इस कार्रवाई से UPSC ने यह स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की धांधली या गलत व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह कदम भविष्य के परीक्षार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश है कि ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ ही किसी परीक्षा या चयन प्रक्रिया में सफलता प्राप्त की जा सकती है।

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भूस्खलन में अब तक 143 की मौत, 128 घायल

 केरल के वायनाड जिले में मंगलवार को मेप्पाडी के पास विभिन्न पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन ने भारी तबाही मचा दी। इस प्राकृतिक आपदा के कारण अबतक 143 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 128 घायल है। वहीं सेना का राहत व बचाव कार्य जारी है। राज्य स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस ने बताया कि केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज की गाड़ी मलप्पुरम जिले के मंजेरी के पास एक दुर्घटना का शिकार हो गई।

वह वायनाड की यात्रा कर रही थी। उन्हें मामूली चोटें आई हैं और उनका इलाज मंजेरी मेडिकल कॉलेज में किया जा रहा है। वायनाड भूस्खलन में 143 लोगों की मौत के बाद केरल में दो दिवसीय शोक के मद्देनजर राज्य विधानसभा में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार वायनाड में आने वाले कुछ दिन और खराब हो सकते हैं।

मौसम विभाग ने वायनाड के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जबकि पड़ोसी मलप्पुरम, कोझिकोड और कनूर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तेज बारिश के कारण बचाव अभियान प्रभावित हो सकता है।

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वायनाड में भूस्खलन में 11 की मौत, सैकड़ों के फंसे होने की आशंका

  केरल के वायनाड जिले में मेप्पाडी के पास पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन की खबर है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण 11 लोगों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों लोगों के फंसने की आशंका है। स्थानीय आपदा मोचन बल के जवान राहत और बचाव कार्य चला रहे हैं। बारिश के कारण कठिन चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'केरल के वायनाड में भूस्खलन की घटनाओं से बहुत चिंतित हूं। एनडीआरएफ युद्ध स्तर पर खोज और बचाव अभियान चला रहा है...मृतकों के परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। वायनाड में हुए भूस्खलन पर केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन ने कहा, 'सुबह से ही प्रधानमंत्री सक्रिय थे, वे हर चीज पर नजर रख रहे थे।

वे स्थिति का जायजा ले रहे थे और उन्होंने तुरंत बचाव कार्य के लिए फोर्स, एनडीआरएफ को वहां पहुंचने का निर्देश दिया। सभी बलों को सतर्क कर दिया गया है। यह एक पहाड़ी इलाका है और समस्या यह है कि वहां पहुंचना बहुत मुश्किल है, हेलीकॉप्टर और अन्य मदद की जरूरत है। प्रधानमंत्री मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री से बात की है, हम मिलकर बचाव कार्य करेंगे। पीएम मोदी ने केरल के सीएम पिनारई विजयन से बात की और केंद्र से हर संभव मदद का आश्वासन दिया।

उन्होंने मौजूदा स्थिति के बारे में केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी से भी बात की। प्रधानमंत्री ने भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से भी बात की और उनसे यह सुनिश्चित करने को कहा कि भाजपा कार्यकर्ता राहत प्रयासों में सहायता के लिए जो कुछ भी कर सकते हैं, वह करें। इसके अलावा, पीएम ने वायनाड में भूस्खलन के बारे में मंत्री जॉर्ज कुरियन से भी बात की। 

 

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हावड़ा से मुंबई जा रही ट्रेन के 18 डिब्बे पटरी से उतरे, दो की मौत

 झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले में मंगलवार तड़के ट्रेन नंबर 12810 मुंबई-हावड़ा मेल के 18 डिब्बे पटरी से उतर गए। घटना में दो लोगों की मौत की खबर है। वहीं, 20 यात्री घायल हो गए। कुल घायलों में पांच लोगों को हल्की चोटें आई हैं और उनका घटनास्थल पर ही इलाज कर दिया गया। हालांकि, कुछ यात्रियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हावड़ा से सोमवार रात को निकली यह ट्रेन मंगलवार तड़के ही हादसे का शिकार हुई। चक्रधरपुर रेलवे संभाग के पीआरओ ने बताया कि यात्रियों को रवाना करने के लिए ट्रेन का इंतजाम किया जा रहा है। 

 
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एआई के चलन से रोजगार के मौके घटने की चिंता निराधार: मांडविया

 केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को लोकसभा में कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते चलन से रोजगार पर विपरीत असर पड़ने की आशंकाएं निराधार हैं ।

श्री मांडविया ने प्रश्नकाल के दौरान तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी के पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि जब कम्प्यूटर और इंटरनेट चलन में आये थे, तो कहा जा रहा था कि बहुत से रोजगार खत्म हो जायेंगे । उन्होंने कहा कि कम्प्यूटर और इंटरनेट के बढ़ते इस्तेमाल से बहुत से नये रोजगार पैदा हुये हैं। तरह-तरह की संचार सुविधाएं होने और मोबाइल फोन के बढ़ते चलन के बावजूद लोगों का आवागमन कम नहीं हुआ, बल्कि बढ़ा है । रेलवे स्टेशनों और हवाईअड्डों पर भीड़ इसका स्पष्ट प्रमाण हैं ।

उन्होंने कहा कि अर्थव्यवस्था के सात से आठ प्रतिशत की दर से बढ़ने से देश में रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। देश में आवश्यकता के अनुसार नौकरियां हैं । उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 3.2 प्रतिशत है, जिसके भविष्य में कम होने की संभावना है । रोजगार को लेकर चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है । उन्होंने कहा कि उद्याेग और सेवा क्षेत्र के आने से रोजगार के अवसर बढ़ते हैं, अत: राज्यों को उद्योगों और सेवा क्षेत्र के बढ़ाने के प्रयास करने चाहिये ।

श्री मांडविया ने एक अन्य पूरक प्रश्न के उत्तर में कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़े हैं । ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम बढ़ रहे हैं, गांवों में रोजगार के छोटे-छोटे अवसर निरंतर उत्पन्न हो रहे हैं । उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर 2017-18 में 5.3 प्रतिशत थी, जो 2022-23 में घटकर 2.4 फीसदी रह गयी है ।

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रमेश बैस को राजभवन में दी गई विदाई, मंगलवार को लौटेंगे रायपुर

 महाराष्ट्र के निवर्तमान राज्यपाल रमेश बैस को मुंबई राजभवन में सोमवार को विदाई दी गई। विदाई के बाद वे 30 जुलाई को रायपुर आ रहे हैं। बैस शाम 5 बजे मुम्बई से रायपुर पहुंचेंगे और रवि नगर निवास जाएंगे। बैस बीते पांच-छह वर्ष में पहले त्रिपुरा,फिर झारखण्ड और महाराष्ट्र के राज्यपाल रहे।

बता दें कि राज्यपाल के प्रधान सचिव प्रवीण दराडे ने विशेष सचिव विपिन कुमार सक्सेना के साथ राजभवन मुंबई में राज्यपाल रमेश बैस को कॉफी टेबल बुक 'राजभवन पत्रिका' की एक प्रति भेंट की। ई-बुक में राज्यपाल द्वारा 2023 और 2024 में भाग लिए गए कुछ महत्वपूर्ण कार्यक्रमों और समारोहों की संक्षिप्त रिपोर्ट और तस्वीरें शामिल हैं।

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भारतीय रेलवे के बेड़े में 6511 नए जनरल कोच जोड़े गए

 भारतीय रेल द्वारा अत्याधुनिक तकनीक से युक्त अमृत भारत सेवाएं शुरू की गई हैं जो झटकों से मुक्त यात्रा के लिए सेमी-परमानेंट कपलर, हॉरिज़ोंटल रूप से स्लाइड होती खिड़कियों, फोल्डेबल भोजन टेबल और बोतल होल्डर, मोबाइल होल्डर जैसी उन्नत सुविधाओं से लैस हैं। वर्तमान में भारतीय रेल के नेटवर्क में 4 अमृत भारत एक्सप्रेस सेवाएं-यानी 15557/58 दरभंगा-आनंद विहार (टी) एक्सप्रेस और 13433/13434 मालदा टाउन-एसएमवीटी बेंगलुरु एक्सप्रेस संचालित की जा रही हैं। इसके अलावा, अमृत भारत सेवाओं सहित ट्रेन सेवाओं का आरंभ भारतीय रेल में एक निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है जो यात्रियों की संख्या, परिचालन व्यवहार्यता, संसाधनों की उपलब्धता के अधीन है।

मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों की संरचना के बारे में मौजूदा नीति में 22 कोचों की एक ट्रेन में 12 सामान्य और स्लीपर श्रेणी के गैर-एसी कोच और 08 एसी-कोच प्रदान हैं, जिससे सामान्य और गैर-एसी स्लीपर कोच का उपयोग करने वाले यात्रियों को अधिक सुविधा प्रदान होती है। वर्तमान में ट्रेन सेवाओं को चलाने के लिए उपयोग किए जा रहे कुल कोचों में से दो-तिहाई गैर-एसी हैं, और एक-तिहाई एसी वेरिएंट हैं। बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेल ने सामान्य श्रेणी और स्लीपर श्रेणी के कोचों सहित 10,000 गैर-एसी कोच बनाने की योजना बनाई है।

ये उत्पन्न परिवहन क्षमता विभिन्न कारकों पर निर्भर करती है जिसमें मार्ग, सेवा की आवृत्ति आदि शामिल हैं।

ये जानकारी रेल, सूचना, प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।

 

 

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अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में मिलेगा आरक्षण, मुख्यमंत्री ने की घोषणा...

 मध्य प्रदेश सरकार ने पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण देने का फैसला किया है। कारगिल विजय दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी राज्यों से अपील की थी कि अपने यहां पुलिस और सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीरों को आरक्षण दें।


मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कारगिल विजय दिवस पर कहा कि सरकार अग्निवीरों को सरकारी नौकरी में आरक्षण देगी। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर कहा कि मध्य प्रदेश सरकार कारगिल दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंशानुसार निर्णय करती है कि हमारे यहां विभिन्न प्रकार की पुलिस, सशस्त्र बलों की भर्ती में अग्निवीरों जवानों को आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। अग्निवीर जवानों की योजना सच्चे अर्थों में सेना के आधुनिकरण के साथ-साथ योग्य सैनिकों की भर्ती के अलावा वैश्विक स्तर पर सेना को युवा बनाने की योजना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कारगिल दिवस पर जो संकल्प लिया है, उसका पूर्णत: अनुसरण करते हुए प्रदेश सरकार उनकी भावनाओं के साथ कदम से कदम मिलाकर चलेगी।

अग्निवीरों को लेकर मोदी ने कही थी यह बात
कारगिल विजय दिवस पर शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने द्रास में कारगिल युद्ध स्मारक पर नायकों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान उन्होंने कहा था कि अग्निपथ योजना से देश की ताकत बढ़ेगी और देश का सामर्थ्यवान युवा भी मातृभूमि की सेवा के लिए आगे आएगा... मैं हैरान हूं कि कुछ लोगों की समझ को क्या हुआ है, उनकी सोच को क्या हो चुका है। ऐसा भ्रम फैला रहे हैं कि सरकार पेंशन के पैसे बचाने के लिए ये योजना लेकर आई है। मैं पूछना चाहता हूं कि मोदी सरकार के शासनकाल में जो भर्ती होगा क्या उसे आज ही पेंशन देनी होगी? उसे पेंशन देने की नौबत 30 साल में आएगी और तब तो मोदी 105 साल का हो चुका होगा। मेरे लिए 'दल' नहीं 'देश' सर्वोपरि है। अग्निपथ का लक्ष्य सेना को युवा बनाना, निरंतर योग्य बनाना है। सेना को लोगों ने राजनीति का अखाड़ा बनाया। अग्निपथ का लक्ष्य सेनाओं को युद्ध के लिए योग्य बनाए रखना है।  

बीएसएफ और सीआईएसएफ में 10 प्रतिशत आरक्षण
दो दिन पहले ही केंद्र सरकार ने बीएसएफ और सीआईएसएफ में अग्निवीरों को दस प्रतिशत आरक्षण देने की घोषणा की है। इस संबंध में फैसला दो हफ्ते पहले हो गया था। औपचारिक घोषणा बुधवार को हुई है।  

अग्निपथ स्कीम क्या है?
अग्निपथ योजना में चार साल के अनुबंध पर सेना, नौसेना और वायुसेना में भर्ती किया जा रहा है। इन्हें ही अग्निवीर नाम दिया गया है। छह महीने की ट्रेनिंग के बाद तैनाती होती है। अग्निवीरों को प्रतिमाह 30 से 40 हजार रुपये वेतन दिया जाता है। उनके लिए सेवा निधि अंशदायी पैकेज भी बनाया गया है। इसमें मासिक वेतन का 30 प्रतिशत योगदान अग्निवीर करते हैं और उतनी ही राशि केंद्र सरकार मिलाती है। चार साल खत्म होने के बाद एकमुश्त राशि उन्हें दी जाती है।

चार साल की नौकरी के बाद नहीं होंगे बेरोजगार
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल सवाल उठाते रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल तो स्थायी नौकरी से जुड़ा हुआ है। चार साल बाद अग्निवीर क्या करेंगे? इसके जवाब के तौर पर ही केंद्र सरकार ने अग्निवीरों के लिए बीएसएफ और सीआईएसएफ के रास्ते खोले हैं। अब अग्निवीरों के सामने अपने राज्यों की पुलिस या सशस्त्र बलों में शामिल होने का विकल्प भी होगा। उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश ने तो इसके लिए आरक्षण का एलान कर ही दिया है। अन्य राज्य भी जल्द ही फैसला ले सकते हैं। इससे अग्निपथ योजना को आकर्षित बनाने में मदद मिलेगी।

 

 

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कावंड़ यात्रा: दुकानदारों को नहीं लिखना होगा नाम

 यूपी में कांवड़ यात्रा रूट पर दुकानों, ढाबों और ठेलों पर नेम प्लेट लगाने पर सुप्रीम कोर्ट की रोक बरकरार रहेगी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में उत्तराखंड और एमपी सरकार को जवाब दाखिल करने के लिए 2 सप्ताह का समय दिया है। उसके बाद याचिकाकर्ता को जवाब देने के लिए एक हफ्ते का समय दिया गया है। मामले की अगली सुनवाई तीन सप्ताह बाद अगले सोमवार को सुनवाई की जाएगी. तब तक सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश जारी रहेगा।

उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश की सरकारों ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों और खाद्य विक्रेताओं को निर्देश दिया था कि वे अपने प्रतिष्ठानों के मालिकों और कर्मचारियों के नाम स्पष्ट रूप से लिखें। यह निर्देश यात्रियों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया था।

कुछ लोगाें ने सरकार के इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर कीं, जिनमें कहा गया कि यह निर्देश असंवैधानिक है और यह व्यक्तिगत व्यापारिक स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है। याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इस प्रकार के निर्देश से उनकी निजता और सुरक्षा पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।

सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल प्रभाव से इन निर्देशों पर रोक लगाते हुए कहा कि खाद्य विक्रेताओं को उनके मालिकों और कर्मचारियों के नाम लिखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति पमिदिघंतम श्रीनिवास राव की पीठ ने कहा, यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि किसी भी व्यक्ति की निजता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन न हो।

सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मध्य प्रदेश सरकारों को नोटिस जारी कर मामले में जवाब दाखिल करने को कहा है। अब यह देखना होगा कि ये राज्य सरकारें अपने निर्देश का औचित्य कैसे प्रस्तुत करती हैं और सुप्रीम कोर्ट के समक्ष अपने तर्कों को कैसे रखती हैं।

मामले की अगली सुनवाई 26 जुलाई को होगी, जिसमें कोर्ट याचिकाओं पर विस्तृत सुनवाई करेगा और यह तय करेगा कि इन निर्देशों को जारी रखने की अनुमति दी जाए या नहीं।

इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित भोजनालयों और खाद्य विक्रेताओं को राहत मिली है, और अब वे बिना किसी दबाव के अपने व्यवसाय को संचालित कर सकेंगे।

 

 

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दिल्ली में भारी बारिश, जल भराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

 दिल्ली में मानसूनी बारिश से सड़कों पर जल भराव हो गया है। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यातायात प्रभावित हुआ है और एक जगह से दूसरी जगह पहुंचने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है।

शुक्रवार सुबह से हो रही भारी बारिश की वजह से दिल्ली के कई इलाकों में भारी जल भराव हो गया। इससे आम लोगों का घर से निकलना मुश्किल हो गया। जल भराव की वजह से कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा समस्याओं का सामना करना पड़ा। सड़कों पर भरे पानी की वजह से यातायात प्रभावित हुआ है। आम लोगों का गंतव्य तक पहुंचना मुश्किल हो रहा है।

दक्षिणी दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए भारी जल-भराव से जनजीवन एक दम रुक गया। लोगों को मेट्रो पकड़ने के लिए सड़क पर भरे कमर तक पानी में घुसकर मेट्रो स्टेशन के अंदर जाना पड़ रहा है।

दिल्ली का पॉश इलाका हो या फिर आम सड़कें भारी बारिश से पूरी दिल्ली जलमग्न है। महरौली से बदरपुर रोड और सफदरगंज इन्क्लेव में सड़कें ऊपर तक भरी हुई हैं। जिससे वाहनों का आवागमन एकदम ठप्प हो गया है। इसके अलावा स्कूल जाने वाले छोटे बच्चे भी जान जोखिम में डाल सड़क पार कर रहे हैं।

साकेत से तीस हजारी कोर्ट जा रही एक महिला ने आईएएनएस से अपना दर्द साझा किया। उन्होंने कहा, सड़कों पर भरे पानी की वजह से बहुत परेशानी होती है। गंतव्य तक पहुंचने में हमेशा डर लगा रहता है कि कहीं पानी के अंदर कोई गड्ढा न हो, जिससे अनहोनी हो जाए।

साकेत मेट्रो के पास ही दुकान लगाने वाले एक व्यक्ति कहते हैं कि मुख्यमंत्री केजरीवाल कहते हैं कि उन्होंने सारे नाले साफ कर दिए, अब इस कमर तक भरे पानी में आप देख लीजिए कि कितने नाले साफ हुए हैं?

बता दें, जल भराव और नालों की सफाई को लेकर हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को भी तलब किया था। दिल्ली हाई कोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य सचिव नरेश कुमार से पूछा था कि दिल्ली मे नालों की सफाई कब तक होगी? कोर्ट ने दिल्ली की आबादी को देखते हुए मास्टर प्लान बनाने की भी सलाह दी थी।

कार्यकारी चीफ जस्टिस मनमोहन की अध्यक्षता वाली बेंच ने नरेश कुमार से ये भी पूछा था कि शहर की जाम नालियों की सफाई करने में कितना समय लगेगा? कोर्ट इस मामले में अगली सुनवाई 3 हफ्ते बाद करेगा। जनहित याचिका आम लोगों और कुछ वकीलों ने की थी।

 

 

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मानहानि मामले में सुल्तानपुर कोर्ट में पेश हुए राहुल गांधी, आरोपों से किया इनकार

 रायबरेली से सांसद राहुल गांधी शुक्रवार को मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एमपी/एमएलए कोर्ट में पेश हुए। कोर्ट के समक्ष राहुल गांधी ने अपना बयान दर्ज कराया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रंजिश के चलते उन्हें फंसाया गया है।

राहुल शुक्रवार सुबह सुल्तानपुर पहुंचे और यहां की सांसद-विधायक अदालत में पेश हुए, जहां उनका बयान दर्ज किया गया। विशेष न्यायाधीश शुभम वर्मा ने मामले में अपना बयान दर्ज कराने के लिए राहुल को 26 जुलाई को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया था। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 12 अगस्त को तय की है। कांग्रेस नेता राहुल की पेशी के मद्देनजर दीवानी न्यायालय में सुरक्षा घेरा सख्त कर द‍िया गया था।

राहुल गांधी के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि वो संसद की कार्यवाही छोड़कर न्यायालय में पेश हुए हैं। उन्होंने कोर्ट में अपना बयान दर्ज करा दिया है। राहुल गांधी ने कहा कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाए गए हैं, उनसे मैं इनकार करता हूं। मेरी और मेरी पार्टी की छवि को खराब करने के लिए झूठा मुकदमा मेरे खिलाफ दर्ज किया गया है। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 12 अगस्त की तारीख तय की है।

याचिकाकर्ता के वकील संतोष पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कोर्ट के सामने खुद को निर्दोष बताया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक रंजिश के चलते मेरे खिलाफ केस दर्ज किया गया है। कोर्ट ने इस मामले में राहुल गांधी के खिलाफ साक्ष्य पेश करने के लिए कहा है। तय तारीख को कोर्ट के समक्ष गवाही प्रस्तुत की जाएगी।

संतोष पाण्डेय ने बताया कि राहुल गांधी को मामले की सुनवाई के अंतिम चरण में कोर्ट के सामने पेश होना पड़ेगा। भारतीय जनता पार्टी के स्थानीय नेता विजय मिश्र ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर बेंगलुरु में 2018 में भाजपा के तत्कालीन अध्यक्ष और वर्तमान गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए चार अगस्त 2018 को मानहानि का मामला दर्ज कराया था।

अधिवक्ता के अनुसार, परिवाद में आरोप है कि 15 जुलाई 2018 को पार्टी कार्यकर्ता अनिरुद्ध शुक्ल व दिनेश कुमार ने अपने मोबाइल पर एक वीडियो क्लिप दिखाया था। इसमें राहुल गांधी अमित शाह को हत्यारा कह रहे थे। उनका यह बयान जस्टिस लोया की मृत्यु से संबंधित था, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय द्वारा शाह को क्लीन चिट दे दी गई थी।

परिवादी व दो गवाहों के बयान व साक्ष्यों के आधार पर राहुल गांधी को विशेष मजिस्ट्रेट योगेश यादव ने आईपीसी की धारा 500 के तहत सुनवाई के लिए तलब किया तो उन्होंने 20 फरवरी को न्यायालय में पेश होकर जमानत करा ली थी। उन्हें पेशी तिथि पर व्यक्तिगत रूप से पेश होने से छूट दी गई है। हालांकि, आरोपों पर जवाब देने के लिए मौजूद रहना पड़ेगा।

वहीं भाजपा नेता और इस मामले में मुकदमा वादी विजय मिश्रा ने राहुल गांधी की राजनीतिक रंजिश वाले बयान को नकार दिया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी कह रहे हैं कि राजनीतिक रंजिश के चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है जो कि बिल्कुल गलत है। उन्होंने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को हत्यारा कहा था जिसके बाद उनके खिलाफ मानहानि मामले में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

 
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सुप्रीम कोर्ट ने यूपी और उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा मार्ग पर नेमप्लेट लगाने के आदेश पर लगाई रोक

  उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सरकार ने कांवड़ यात्रा मार्ग पर सभी दुकानों पर नेमप्लेट लगाने का आदेश जारी किया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को रोक लगा दी। कांवड़ यात्रा मार्ग पर स्थित सभी भोजनालयों और ढाबों पर मालिकों और कर्मचारियों के नाम लिखने का आदेश दिया गया था।

श्रावण मास आज से ही शुरू हो रहा है। भक्त और श्रद्धालु कांवड़ लेकर भोले शंकर को जल चढ़ाने के लिए कई किलोमीटर की यात्रा करते हैं। उसी यात्रा के दौरान कई दुकानों और ढाबों से वो खाने का सामान व अन्य चीजें खरीदते हैं।

यूपी सरकार ने सबसे पहले आदेश जारी कर इन दुकानों पर मालिकों का नाम लिखने का आदेश जारी किया था ताकि श्रद्धालु अपनी पसंद की दुकान से सामान खरीद सकें। उसके बाद ऐसा ही आदेश उत्तराखंड सरकार ने भी जारी किया।

इस आदेश को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर नोटिस जारी करते हुए जस्टिस ऋषिकेश रॉय और एसवीएन भट्टी की पीठ ने कहा कि श्रद्धालुओं को मानक स्वच्छता बनाए रखते हुए उनकी पसंद का भोजन परोसा जा सकता है।

राज्य सरकार के निर्देशों के अनुसार, राज्य भर में सभी खाद्य दुकानों, भोजनालयों और फूड जॉइंट्स को मालिकों/प्रोपराइटरों और कर्मचारियों के नाम प्रदर्शित करने वाली "नेमप्लेट" लगानी होगी। श्रावण मास में कांवड़ यात्रा करने वाले हिंदू श्रद्धालुओं की "आस्था की पवित्रता" बनाए रखने के लिए आदेश जारी करने की बात कही गई थी।

आदेश के अनुसार, यात्रा मार्ग पर हलाल प्रमाणन वाले उत्पाद बेचने वालों पर भी दंडात्मक कार्रवाई की जानी थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश पर रोक लगा दी है।

 

 

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