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म्यांमार के गांव पर सेना के हवाई हमले में बच्चों समेत 100 से अधिक मरे

सागैंग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सैन्य शासन के विरोध में एक कार्यक्रम में भाग ले रहे लोकतंत्र समर्थकों  पर म्यांमार सेना के हवाई हमले में कई बच्चों सहित 100 से अधिक लोगों की मौत हो गई। गौरतलब है कि आंग सान सू की सरकार के तख्तापलट के बाद सेना अपने खिलाफ सशस्त्र संघर्ष का मुकाबला करने के लिए तेजी से हवाई हमलों का उपयोग कर रही है। यह सिलसिला 2021 में शुरू हुआ था।

अनुमान है कि तब से 3,000 से अधिक नागरिक सैन्य सेना द्वारा मारे गए हैं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने कहा कि वह सागैंग में एक सामुदायिक हॉल पर कथित हवाई हमलों से बेहद डर गए हैं। यूएन प्रमुख  वोल्कर तुर्क ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि कार्यक्रम में नृत्य पेश कर रहे स्कूली बच्चों समेत अन्य नागरिक भी पीड़ितों में शामिल थे।

घटनास्थल पर मौजूद एक आपातकालीन कार्यकर्ता और शैडो नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट के एक अधिकारी के मुताबिक सागैंग क्षेत्र में हुए हमले में मरने वालों में कम से कम 30 बच्चे शामिल हैं। 

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स्वीडन ने अनिश्चित अवधि तक पाकिस्तान में दूतावास बंद किया

इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वीडन ने बुधवार को इस्लामाबाद में सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए पाकिस्तान में अपने दूतावास को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया। बताया जा रहा है कि दूतावास इसके फिर से खुलने के संबंध में भी किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दे रहा है। स्वीडिश दूतावास के एक बयान में कहा गया है, इस्लामाबाद में मौजूदा सुरक्षा स्थिति के कारण स्वीडन का दूतावास आगंतुकों के लिए बंद है।

माइग्रेशन विभाग इस समय किसी भी प्रकार के अनुरोधों को संभालने में सक्षम नहीं है। इसके अलावा  हम अपने वाणिज्य दूतावास, गेरी के, स्वीडन या आपके घर के पते पर कोई दस्तावेज़ नहीं भेज सकते हैं। हम समझते हैं कि इससे आपको असुविधा होगी, लेकिन हमारे आवेदकों और कर्मचारियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। 

रिपोर्टों में कहा गया है कि स्वीडिश शैक्षणिक संस्थानों में प्रवेश लेने के इच्छुक पाकिस्तानी छात्र सबसे अधिक प्रभावित होंगे, क्योंकि स्वीडन में नया शैक्षणिक सत्र अगस्त में शुरू होता है। इसके लिए वीजा प्रक्रिया में 4-6 महीने लगते हैं।  स्वीडन में पाकिस्तानी दूतावास ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि स्वीडिश विश्वविद्यालयों के लिए आवेदन करने वाले छात्र जल्द ही वीजा के लिए आवेदन कर सकेंगे। 

 

 

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नीदरलैंड दौरे पर मैक्रों ने यूरोपीय संप्रभुता की अपील की

हेग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने नीदरलैंड की यात्रा के दौरान यूरोपीय संप्रभुता पर जोर दिया। किसी फ्रांसीसी राष्ट्रपति द्वारा 23 वर्षों में नीदरलैंड की यह पहली राजकीय यात्रा है। रिपोर्ट के अनुसार, हेग में अमारे थिएटर में मंगलवार को भाषण देते हुए मैक्रों ने जोर देकर कहा कि यूरोपीय संप्रभुता की अवधारणा बेहद महत्वपूर्ण है।

उन्होंने कहा, पहचान और संप्रभुता आपस में जुड़े हुए हैं। यदि आप अपनी संप्रभुता को खोना स्वीकार करते हैं, यदि आप दूसरों की शक्तियों के सहारे रहना स्वीकार करते हैं, तो आप स्वयं को ऐसी स्थिति में डाल देते हैं कि जहां आप खुद अपने लिए निर्णय नहीं लेते हैं और अपनी स्वयं की पहचान को बनाए रखने और विकसित करने का काम भी खुद नहीं कर सकते।

राष्ट्रपति ने कहा कि इसका मतलब यह है कि हमें अपने भागीदारों को चुनने और अपने भाग्य को खुद संवारने में सक्षम होना चाहिए। उन्होंने कहा, महामारी और युद्ध से हमें अभी-अभी पता चला है कि यदि हम अपनी यूरोपीय पहचान को संरक्षित करना चाहते हैं तो हमें अपनी निर्भरता कम करनी होगी। डच राजा विलेम-अलेक्जेंडर के निमंत्रण पर मैक्रों नीदरलैंड की दो दिवसीय यात्रा पर आए हैं।

डच राजघराने ने एक बयान में कहा कि राष्ट्रपति की यात्रा से दोनों देशों के बीच उत्कृष्ट संबंधों की पुष्टि होगी। बयान में कहा गया है कि दोनों देश खुली अर्थव्यवस्था को कायम रखते हुए यूरोपीय रणनीतिक स्वायत्तता की दिशा में एक साथ काम कर रहे हैं, जो यूरोपीय संघ की सुरक्षा को बढ़ाएगा और इसे ज्यादा आत्मनिर्भर बनाएगा।

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बंगलादेश के मुक्ति संग्राम सेनानी और जन स्‍वास्‍थ्य कार्यकर्ता डॉ. जफरूल्‍लाह चौधरी का निधन

ढाका (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बंगलादेश के जाने माने मुक्ति संग्राम सेनानी और जन स्‍वास्‍थ्य कार्यकर्ता डॉक्‍टर जफरूल्‍लाह चौधरी का ढाका में निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। डॉक्‍टर जफरूल्‍लाह चौधरी ने गरीब लोगों के सस्‍ते और अच्‍छे इलाज के लिए 1972 में गोनोश्‍थ्या केन्‍द्र की स्‍थापना की थी। बाद में बंगलादेश के लोगों को स्‍वास्‍थ्‍य सुविधाएं देने के लिए इसका विस्‍तार सात अस्‍पतालों और 50 उप-केन्‍द्रों के रूप में किया गया।

डॉक्‍टर जफरूल्‍लाह को 1985 में रेमोन मैगसेसे पुरस्‍कार तथा 1992 में सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य क्षेत्र में उनके विशिष्‍ट योगदान के लिए राइट लाइवलीहुड पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था। गरीबों के लिए स्‍वास्‍थ्‍य सुविधायें उपलब्‍ध कराने के बेहतरीन कार्य के लिए उन्‍हें गरीबों के मसीहा के रूप में जाना जाता है।

डॉक्‍टर जफरूल्‍लाह वर्ष 1971 में इंग्‍लैंड में अपनी चिकित्‍सा विज्ञान की पढाई छोडकर बंगलादेश मुक्ति अभियान में शामिल हो गए थे। उन्‍होंने बंगलादेश मुक्ति संग्राम के दौरान घायल स्‍वतंत्रता सेनानियों और शरणार्थियों के इलाज के लिए त्रिपुरा में मेलाघर में निकट एक बडे अस्‍पताल की स्‍थापना की थी। 1977 में उन्‍हें बंगलादेश के सबसे बडे नागरिक सम्‍मान स्‍वतंत्रता पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया था।

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सीमा पार डिजिटल भुगतान समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे नेपाल, भारत

काठमांडू (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  नेपाल और भारत ई-वॉलेट का उपयोग कर सीमा पार डिजिटल भुगतान के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं, जिससे मुद्रा संबंधी बाधाओं को दूर कर व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। नेपाली मीडिया की खबरों के मुताबिक इस महीने प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल की भारत यात्रा के दौरान इस सौदे पर हस्ताक्षर हो सकता है। 

यह समझौता नेपाल में भारतीय पर्यटकों को भारतपे, फोनपे, गूगल पे और पेटीएम जैसे भारतीय ई-वॉलेट का उपयोग कर डिजिटल भुगतान करने की अनुमति देगा। रिपोर्ट के अनुसार, दोनों पड़ोसियों ने इस उद्देश्य के लिए एक समझौता किया है और दस्तावेज पर दोनों देशों के अधिकारियों के हस्ताक्षर का इंतजार है।

काठमांडू में नई दिल्ली के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने हाल ही में एक कार्यक्रम में कहा था कि नेपाल में प्रस्तावित भारतीय डिजिटल भुगतान सेवा से उसके यात्रा और पर्यटन उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। कोविड-19 महामारी से पहले किए गए एक थलचर भारतीय विजिटर्स के सर्वेक्षण से पता चला है कि आने वाले भारतीय पर्यटकों के ठहरने की औसत अवधि 5.8 दिन थी। प्रति विजिटर औसत व्यय 11,310 रुपये था।

भारतीय मीडिया रिपोटरें के अनुसार, नेपाल की यात्रा करने का लाभ यह है कि किसी को पैसे बदलने की आवश्यकता नहीं होगी। पर्यटन उद्यमियों का कहना है कि डिजिटल भुगतान सेवाओं के शुरू होने से नेपाल में भारतीय पर्यटकों और कारोबारियों के लिए बड़ी मात्रा में नकदी ले जाने की परेशानी खत्म हो जाएगी।

पिछले मई में, पेमेंट सिस्टम ऑपरेटर गेटवे पेमेंट सर्विस ने नेपाल में पहली बार इंटर-ऑपरेबल और मोबाइल-फस्र्ट टेक्नोलॉजी पर आधारित एक क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट सिस्टम शुरू किया था। नेशनल पेमेंट कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया और इसकी अंतरराष्ट्रीय शाखा इंटरनेशनल पेमेंट्स ने नेपाल में एकीकृत भुगतान इंटरफेस स्थापित करने के लिए गेटवे पेमेंट सर्विस और मनम इन्फोटेक के साथ हाथ मिलाया था।

 

 

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हेली ने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की जल्दबाजी में वापसी के लिए बाइडेन की निंदा की

वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)अमेरिका में संयुक्त राष्ट्र में रिपब्लिकन पार्टी की पूर्व राजदूत निक्की हेली, जिन्होंने 2024 में राष्ट्रपति पद की दौड़ की घोषणा की है, ने राष्ट्रपति जो बाइडेन द्वारा अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की जल्दबाजी में वापसी और परिणामी अराजकता के लिए अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप को दोष देने की निंदा की है।

मीडिया रिपोर्टों में कहा गया है कि बाइडेन ने अपने सहयोगियों को, जिन्होंने तीन दशकों से अधिक समय तक पहाड़ी इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ कंधे से कंधा मिलाकर लड़ाई लड़ी, वापसी के बारे में विश्वास में नहीं लिया और तालिबान द्वारा चुनी हुई सरकार को मात देने के लिए आलोचना के लिए अमेरिका को खुला रखा।

भारतीय-अमेरिकी निक्की हेली के माता-पिता अमृतसर से अमेरिका चले गए थे, दक्षिण कैरोलिना में पैदा हुईं और पली-बढ़ीं निक्की एक अमेरिकी राज्य की राज्यपाल बनीं और बाद में ट्रंप ने उन्हें संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत के रूप में नियुक्त किया था। उन्होंने कहा, वे हमारा मजाक उड़ा रहे हैं। यह दुनिया भर में एक भयानक छवि है जो हमारे पास है। हम पूरी तरह से हार गए।

व्हाइट हाउस ने पिछले हफ्ते 12 पन्नों की एक अवर्गीकृत रिपोर्ट जारी की, जिसे उसने अफगानिस्तान से अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर आफ्टर एक्शन समरी कहा, जिसे पहले तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था और उसके बाद उनके उत्तराधिकारी जो बाइडेन ने किया था।

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आतंकवाद के खिलाफ चौतरफा अभियान शुरू करेगा पाकिस्तान

 इस्लामाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)पाकिस्तान की शीर्ष सुरक्षा संस्था, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद (एनएससी), आतंकवाद का सफाया करने के लिए एक समग्र व्यापक अभियान शुरू करने पर सहमत हुई और कथित तौर पर अफगानिस्तान से आने वाले आतंकवादियों से निपटने के लिए 15 दिनों के भीतर राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपी) को फिर से शुरू करने की कसम खाई है।

रिपोर्ट के मुताबिक, प्रधानमंत्री कार्यालय के एक बयान के अनुसार, प्रधानमंत्री शाहबाज शरीफ की अध्यक्षता में शुक्रवार को एनएससी की बैठक में निर्णय लिया गया जिसमें सशस्त्र बलों, खुफिया एजेंसियों और अन्य सैन्य और नागरिक अधिकारियों के प्रमुखों ने भाग लिया।

इसमें कहा गया, एनएससी ने एक नए संकल्प और वीरता के साथ देश से आतंकवाद के खतरे को खत्म करने के लिए सरकार और राष्ट्र के समर्थन से एक बहु-आयामी व्यापक अभियान को मंजूरी दी।

समिति ने घोषणा की है कि आतंकवाद की हालिया लहर प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) के खिलाफ नरम रुख और एक सुविचारित नीति की अनुपस्थिति का परिणाम थी, जिसे एक आतंकवादी संगठन घोषित किया गया था, लेकिन जनता की उम्मीदों के खिलाफ और इच्छा, पिछली नीति के तहत आतंकवादियों को बिना किसी बाधा के लौटने की अनुमति थी।

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ट्विटर पर फिर लौटी नीली चिड़िया, एलन मस्क ने बदला लोगो

 

वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)  हाल ही में ट्विटर पर सभी यूजर्स  ने ICON को बदला हुआ देखा था। पुराने चिड़िया वाले लोगो को कंपनी ने वेब वर्जन से हटा कर उसपर डॉगी ICON को लगा दिया था। इस बड़े फैसले से सभी यूजर्स काफी हैरान हुए थे। यूजर्स को ऐसा लगने लगा था कि किसी ने ट्विटर को हैक कर लिया है। लेकिन अब एक ऐसी खबर सामने आ रही है कि एक बार फिर अपने पुराने लोगो को एक बार फिर वापस से कंपनी ने ट्विटर पर जोड़ दिया है।

अब आपको दोबारा वेब वर्जन पर भी पुराना आइकन ही दिखाई देगा। हालांकी इस बदलाव में सभी को डॉगी आइकन सिर्फ वेब वर्जन पर ही दिखाई दिया था। मोबाइल ऐप पर वैसा ही चिड़िया वाला लोगो दिखाई दे रहा था। इसपर पहले लोगो को लगा था कि जल्द ही इसे हटा लिया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ पर जब लोगों ने इसे सच मान लिया तो मस्क ने इसे वापस से  बदल डाला। बता दें इस बदलावो के बाद मस्क को डॉजकॉइन में 10 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है।

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बाइडेन प्रशासन ने अफगानिस्तान से जल्दबाजी में सेना बुलाने का जिम्मा ट्रंप पर थोपा

 

वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण) अमेरिकी प्रशासन ने अफगानिस्तान में वर्ष 2021 में सत्ता पर तालीबान के कब्जे के मद्देनजर जल्दबाजी में वहां से अमेरिकी सैनिकों को वापस बुलाने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समय में लिए गए फैसलों को जिम्मेदार ठहराया है। उसने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति के कार्यकाल में लिए गए निर्णयों के कारण जो बाइडेन विवश थे। इसमें युद्ध की समाप्ति के संदर्भ में 2020 का दोहा समझौता भी शामिल है।

ह्वाइट हाउस नेशनल सिक्युरिटी काउंसिल द्वारा गुरुवार को सार्वजनिक की गई एक नई रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है। राष्ट्रपति बाइडेन की राय का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है। इसमें कहा गया है कि जनवरी 2021 में राष्ट्रपति बनने के बाद बाइडेन का मानना था कि अमेरिकी इतिहास के सबसे लंबे युद्ध को समाप्त कर अपने सैनिकों को देश वापस लाना ही उचित होगा। लेकिन इस काम को कैसे अंजाम देना है इस संबंध में पूर्व राष्ट्रपति द्वारा लिए गए निर्णयों के कारण उनके विकल्प सीमित थे।

रिपोर्ट में कहा गया है, जब ट्रंप 2017 में राष्ट्रपति बने अफगानिस्तान में 10,000 अमेरिकी सैनिक थे। अठारह महीने बाद यथास्थिति बनाए रखने के लिए 3000 और सैनिकों की तैनाती के बाद उन्होंने तालिबान से सीधे वार्ता करने का आदेश दिया। उन्होंने हमारे साझेदारों और सहयोगियों से भी बात नहीं की और न ही अफगानिस्तान की सरकार को बातचीत के लिए बुलाया।

सितंबर 2019 में 9/11 की बरसी पर तालिबान को कैम्प डेविड में बुलाकर ट्रंप ने उसका हौसला और बढ़ा दिया। फरवरी 2020 में अमेरिका और तालिबान के बीच दोहा समझौता हुआ जिसके तहत अमेरिका मई 2021 तक अफगानिस्तान से अपनी सेना को वापस बुलाने पर सहमत हो गया।

इसके बदले तालिबान शांति वार्ता में हिस्सा लेने के लिए राजी हो गया। उसने अमेरिकी सैनिकों और अफगानिस्तान के बड़े शहरों पर हमला न करने का वादा किया, लेकिन तभी तक जब तक अमेरिका सैनिकों की वापसी के लिए तय समय सीमा का पालन करेगा।

रिपोर्ट में कहा गया है कि समझौते के तहत पूर्व राष्ट्रपति ने अफगानिस्तान की सरकार पर 5,000 तालिबानी लड़ाकों को रिहा करने का दबाव बनाया, लेकिन तालिबान द्वारा बंदी बनाए गए एक मात्र अमेरिकी की रिहाई सुनिश्चित नहीं की। अपने कार्यकाल के अंतिम 11 महीनों में ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने के कई आदेश जारी किए और जून 2020 तक अफगानिस्तान में मात्र 8,600 अमेरिकी सैनिक रह गए।

रिपोर्ट में कहा गया है कि एक अवर्गीकृत आदेश में, जिस पर ट्रंप के हस्ताक्षर हैं, अमेरिकी सेना को 15 जनवरी 2021 से पहले अफगानिस्तान से सभी सैनिकों को वापस बुलाने का निर्देश दिया गया था। एक सप्ताह बाद उस आदेश को रद्द कर उसकी जगह सैनिकों की संख्या घटाकर 2,500 करने के लिए कहा गया।

 

 

 

 

 

 

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विमान दुर्घटना में 4 की मौत.

दिल्ली  (छत्तीसगढ़ दर्पण) अमेरिका के फ्लोरिडा के गल्फ कोस्ट के पास गुरुवार को एक छोटा विमान क्रैश हो गया। इस हादसे में चार लोगों की मौत हो गई। स्थानीय पुलिस ने यह जानकारी दी है।

पुलिस ने बताया गया कि विमान क्रैश में दो महिलाएं सहित चार लोगों के शव बरामद किए गए हैं।  

वेनिस पुलिस ने बताया कि विमान ने वेनिस एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी और बुधवार रात 9:30 बजे के बाद यह पश्चिम में मैक्सिको की खाड़ी में क्रैश हो गया।

वेनिस पुलिस कैप्टन एंडी लीसेनरिंग ने बताया कि मौके पर मौजूद लोगों ने 911 को कॉल कर विमान हादसे की जानकारी दी।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि एयरपोर्ट और दुर्घटनाग्रस्त वाली जगह पर मौजूद वीडियो फुटेज की समीक्षा की जाएगी। राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड मामले की जांच कर रही है और उसे वीडियो फुटेज सौंपा गया है।

उन्होंने बताया कि पाइपर PA-32R विमान को दोपहर से कुछ वक्त पहले करीब 23 फुट पानी के नीचे देखा गया था। अधिकारियों ने विमान हादसे में मारे गए चारों लोगों की पहचान कर ली है।

पीड़ितों में 64 वर्षीय विलियम जेफरी लंपकिन, 68 वर्षीय पेट्रीसिया लंपकिन, 60 वर्षीय रिकी जो बीवर, 57 वर्षीय एलिजाबेथ ऐनी बीवर शामिल हैं।

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मरियम नवाज ने पाकिस्तान के चीफ जस्टिस पर साधा निशाना

रावलपिंडी (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मरियम नवाज ने बुधवार को पाकिस्तान के चीफ जस्टिस (सीजेपी) उमर अता बांदियाल की पंजाब चुनाव में देरी के मामले की सुनवाई के दौरान सांसदों पर टिप्पणी के लिए आलोचना की। रावलपिंडी में वकीलों के एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पीएमएल-एन नेता ने कहा, जब सांसद कानून और संविधान के बारे में बात कर रहे थे, तो आपने (सीजेपी) उन्हें ताना मारा।

क्या आप जानते हैं कि एक विचारधारा के लिए जेल जाना कितने गर्व की बात है? मरियम का बयान सीजेपी की उस टिप्पणी के बाद आया कि संसद में बोलने वाले कुछ सांसदों ने जेल की सजा काटी है और पहले उन्हें देशद्रोही घोषित किया गया था। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने कहा था, आज, जब आप संसद में जाते हैं, तो आप ऐसे लोगों को पाते हैं, जो कल तक जेल में थे, जिन्हें देशद्रोही घोषित किया गया था। वे अब वहां बातें कर रहे हैं, और उनका सम्मान किया जा रहा है क्योंकि वे लोगों के प्रतिनिधि हैं।

उनकी टिप्पणी की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह उनके लिए गर्व की बात है कि उन्हें हाई कोर्ट द्वारा झूठे और मनगढ़ंत मामलों में मेरिट के आधार पर रिहा किया गया। उन्होंने कहा, संसद में अपने विचार व्यक्त करना संविधान के तहत हमारा अधिकार है। मरियम ने कहा कि चीफ जस्टिस चुनाव में देरी मामले की सुनवाई के दौरान भावुक हो गए थे।

मरियम ने कहा कि जब मैंने अदियाला जेल में पांच महीने और एनएबी (राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो) की हिरासत में पांच महीने बिताए तब वो कहां गए थे। अपनी कैद का जिक्र करते हुए मरियम ने कहा कि वह 5 महीने अदियाला जेल में रहीं, लेकिन उस वक्त चीफ जस्टिस भावुक नहीं हुए। विपक्षी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान पर हमला बोलते हुए मरियम ने कहा कि इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (आईएसआई) के पूर्व प्रमुख जनरल (सेवानिवृत्त) फैज हमीद पूर्व प्रधानमंत्री के सबसे बड़े सूत्रधार थे। 

 

 

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ऐतिहासिक गिरफ्तारी के बाद डोनाल्ड ट्रंप पर 34 गंभीर आपराधिक आरोप तय

न्यूयॉर्क (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिका के गिरफ्तार पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर 34 गंभीर आपराधिक आरोप लगाए गए हैं, जो कथित रूप से तीन लोगों को भुगतान किए गए धन से संबंधित हैं। मंगलवार को न्यूयॉर्क स्टेट सुप्रीम कोर्ट में पेश होने पर, उन्होंने आरोपों का खंडन किया और उनके खिलाफ लड़ने की घोषणा की।

34 आपराधिक आरोपों में से प्रत्येक 2016 के चुनाव से पहले पोर्न स्टार स्टॉर्मी डेनियल और प्लेबॉय मॉडल करेन मैकडॉगल को भुगतान के लिए गलत बिजनेस रिकॉर्ड के बारे में है। दोनों ने दावा किया कि उनके साथ उनके संबंध थे और इसके बारे में ट्रंप टॉवर के डोरमैन को जानकारी थी। यदि वह सभी 34 आरोपों में दोषी पाए जाते हैं तो सैद्धांतिक रूप से उन्हें 136 साल (प्रत्येक अपराध के लिए चार साल) की जेल हो सकती है।

न्यूयॉर्क की कानूनी प्रणाली के तहत, ग्रैड जूरी (नागरिकों का एक पैनल) ने गुप्त सुनवाई में मामले की जांच की और गुरुवार को कहा कि ट्रंप के खिलाफ एक प्रथम ²ष्टया मामला है। ट्रंप 2024 रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के नामांकन के लिए अग्रणी उम्मीदवार हैं और एक सर्वे के मुताबिक जो बाइडेन से केवल दो अंक पीछे हैं।

मामले में अगली सुनवाई दिसंबर के लिए निर्धारित की गई है जब राष्ट्रपति चुनाव के लिए कैंपेन जोर पकड़ेगा। यह राष्ट्रपति पद की दौड़ में ट्रंप के लिए बाधा बन सकता है। अमेरिकी संविधान एक अंडरट्रायल (या यहां तक कि एक दोषी) को राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने से नहीं रोकता है।

ट्रंप कम से कम तीन अन्य जांच के अधीन हैं, दो संघीय अधिकारियों द्वारा जनवरी 2021 में उनके दंगाई समर्थकों द्वारा अमेरिकी कांग्रेस पर हमले में उनकी भूमिका और शीर्ष गुप्त दस्तावेजों को संभालने और जॉर्जिया राज्य में एक स्थानीय जांच में कि क्या उन्होंने 2020 के राष्ट्रपति चुनाव परिणाम में हेरफेर करने की कोशिश की थी। फ्लोरिडा में घर लौटने के बाद मंगलवार रात अपने भाषण में उन्होंने मामले को राजनीतिक उत्पीड़न और 'देश का अपमान' बताया।

जब वह अपने पेंटहाउस से कोर्टहाउस की ओर जा रहे थे, उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, "वाह, वे मुझे गिरफ्तार करने जा रहे हैं। विश्वास नहीं होता कि यह सब अमेरिका में हो रहा है।" बिना हथकड़ी लगाए उन्हें एक्टिंग न्यूयॉर्क स्टेट सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जुआन मर्चेन के कोर्टरूम में ले जाया गया।

उन्होंने हॉलवे में खड़े टीवी पत्रकारों को कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और औपचारिक रूप से आरोपित होने के कारण प्रतिवादी की मेज पर अपने वकीलों के साथ बैठ गए। जज ने भड़काऊ बयान देने के खिलाफ उन्हें फटकार लगाई। ट्रंप ने जज पर हमला बोलते हुए कहा कि वह ट्रंप से नफरत करते हैं।

उन्हें बिना जमानत के रिहा कर दिया गया और ट्रंप एक स्थानीय हवाईअड्डे के लिए रवाना हो गए, जहां से उन्होंने अपने निजी बोइंग 757 से अपने मार-ए-लागो घर के लिए उड़ान भरी। 

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बिलावल भुट्टो ने पाकिस्तान में मार्शल लॉ की आशंका जताई

लंदन इस्लामाबाद  (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी ने फुल कोर्ट गठित नहीं होने की स्थिति में देश में आपातकाल या मार्शल लॉ लगाने की आशंका जताई है। बिलावल, जो पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष भी हैं, ने लरकाना में मीडिया से बात करते हुए यह टिप्पणी की। उनकी पार्टी खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब चुनावों पर तीन न्यायाधीशों के किसी भी फैसले को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी फुल कोर्ट के फैसले को स्वीकार करेगी और उसे लागू भी करेगी। विदेश मंत्री ने कहा कि तीन न्यायाधीशों के फैसले को स्वीकार नहीं किया जाएगा क्योंकि उनमें से एक ने पीडीएम पंजाब सरकार को विपक्षी पीटीआई के हाथों सौंप दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश से राष्ट्र के व्यापक हित में पूर्ण अदालत गठित करने को कहा।

बिलावल ने कहा कि पाकिस्तानी सेना, रेंजर्स, पुलिस और एलईए ने कुबार्नी देकर आतंकवाद का सफाया किया और पाकिस्तान में शांति बनाए रखी, लेकिन अयोग्य, मूर्ख इमरान खान ने आतंकवादियों को बढ़ावा दिया। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री पर अफगानिस्तान से आमंत्रित कर पाकिस्तान में आतंकवादियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया, यह कहते हुए कि पीटीआई प्रमुख की नीतियों ने आतंकवादियों के नेटवर्क को मजबूत किया है।

 

 

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सऊदी अरब की यात्रा पर जाएंगे ईरानी राष्ट्रपति

तेहरान लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)तेहरान और रियाद के राजनयिक संबंधों को बहाल करने पर सहमत होने के एक महीने से भी कम समय में, ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी ने सऊदी अरब के राजा सलमान बिन अब्दुलअजीज अल सऊद से देश का दौरा करने का निमंत्रण स्वीकार कर लिया है। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के अनुसार, ईरान के पहले उप राष्ट्रपति मोहम्मद मोखबर ने सोमवार को यह टिप्पणी की, जब मीडिया ने सऊदी किंग द्वारा रईसी को रियाद आने के निमंत्रण पर प्रतिक्रिया मांगी थी।

चीन, सऊदी अरब और ईरान ने 10 मार्च को घोषणा की थी कि दोनों देश एक समझौते पर पहुंच गए हैं जिसमें राजनयिक संबंधों को फिर से शुरू करने और दो महीने के भीतर दूतावासों और मिशनों को फिर से खोलने का समझौता शामिल है। 19 मार्च को, ईरानी राष्ट्रपति के राजनीतिक मामलों के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ मोहम्मद जमशीदी ने पुष्टि की थी कि सऊदी राजा ने रईसी को रियाद जाने के लिए निमंत्रण पत्र भेजा था।

एक सोशल मीडिया पोस्ट में, जमशेदी ने कहा था कि सम्राट ने पत्र में कहा था कि उन्होंने द्विपक्षीय संबंधों के सामान्यीकरण पर दो 'भाई देशों' के बीच समझौते का स्वागत किया और रियाद और तेहरान के बीच मजबूत आर्थिक और क्षेत्रीय सहयोग का आह्वान किया।

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हिंदू छात्र की अयोग्यता के बाद छात्र चुनाव की समीक्षा करेगा एलएसई

लंदन (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (एलएसई) ने कहा है कि वह अपने छात्र संघ चुनावों की समीक्षा करेगा क्योंकि एक भारतीय छात्र ने आरोप लगाया कि कैंपस में प्रचलित भारत विरोधी बयानबाजी और हिंदूफोबिया के कारण उसे चुनाव से अयोग्य घोषित किया गया था। लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स स्टूडेंट्स यूनियन (एलएसईएसयू) ने बयान में कहा कि किसी भी प्रकार के उत्पीड़न या डराने-धमकाने के प्रति उसका ²ढ़ शून्य सहिष्णुता का रुख है, और निष्पक्ष और लोकतांत्रिक तरीके से काम करता है।

बयान में कहा गया है, .. शामिल कुछ उम्मीदवारों पर इस अनुभव के प्रभाव को देखते हुए, हम इस बार एक बाहरी समीक्षा करेंगे और तदनुसार समुदाय को अपडेट करने का प्रयास करेंगे। एलएसई में पोस्ट-ग्रेजुएट की पढ़ाई कर रहे हरियाणा के 22 वर्षीय करण कटारिया ने कहा कि उन्हें पिछले हफ्ते उनकी भारतीय और हिंदू पहचान के कारण एलएसईएसयू के महासचिव के लिए दौड़ने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किए बयान में दावा किया कि उन्होंने व्यक्तिगत, शातिर और टारगेटेड हमलों का सामना किया, और उन पर होमोफोबिक, इस्लामोफोबिक, क्वीरफोबिक और हिंदू राष्ट्रवादी होने का आरोप लगाया गया। उन्होंने आगे कहा कि सभी राष्ट्रीयताओं के छात्रों से अपार समर्थन प्राप्त करने के बावजूद, उन्हें एलएसईएसयू के महासचिव चुनाव से अयोग्य घोषित कर दिया गया।

 
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ट्विटर से नीली चिड़िया गायब, डॉगी ने ले ली जगह.

सैन फ्रांसिस्को/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एलन मस्क ने ट्विटर को टेकओवर करने के बाद से कई बड़े बदलाव के ऐलान किए हैं, और अब इसी कड़ी में कंपनी के लोगो को भी चेंज कर दिया गया है। जब से ट्विटर है तब से इसका लोगो ब्लू बर्ड (नीली चिड़िया) के रूप में देखा गया है, लेकिन अब ये गायब हो गया है और सोमवार देर शाम से डॉगी का लोगो दिख रहा है।

दरअसल, सोमवार रात से यूजर्स को अपने ट्विटर अकाउंट पर नीली चिड़िया की जगह एक कुत्ता (डॉगी) नजर आने लगा। इस लोगो को देखकर यूजर्स हैरान हो गए। वह एक दूसरे से सवाल पूछने लगे कि क्या सभी को ट्विटर के लोगो पर कुत्ता दिखाई दे रहा है। देखते ही देखते ट्विटर पर #DOGE ट्रेंड करने लगा। यूजर्स को लगा था कि ट्विटर को किसी ने हैक कर लिया है। लेकिन इसके कुछ देर बाद ही एलॉन मस्क ने एक ट्वीट किया, जिससे ये स्पष्ट हो गया कि ट्विटर ने अपना लोगो बदल दिया है।

एलॉन मस्क ने मंगलवार रात करीब 12:20 बजे एक फोटो ट्वीट की। जिसमें एक डॉगी कार की ड्राइविंग सीट पर बैठा हुआ है और वह ट्रैफिक पुलिस को अपना लाइसेंस दिखा रहा है। इस लाइसेंस में नीली चिड़िया (ट्विटर का पुराना लोगो) की फोटो है। जिसके बाद डॉगी ट्रैफिक पुलिस से कह रहा है, “ये पुरानी फोटो है”. मस्क के इस ट्वीट के बाद ट्विटर पर लगाए जा रहे तरह-तरह के कयासों पर विराम लग गया और ये स्पष्ट हो गया कि लोगो में बदलाव एलॉन मस्क ने किया है। 

 

 

 
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नासा ने 50 वर्षों में चंद्रमा का चक्कर लगाने के लिए अंतरिक्ष यात्रियों की 4 सदस्यीय टीम घोषित की

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नासा ने चंद्र मिशन के लिए चार अंतरिक्ष यात्रियों की एक टीम की घोषणा की है, जो अगले साल 10 दिन के मिशन के लिए चंद्रमा के चारों ओर उड़ान भरेगी। टीम की घोषणा ह्यूस्टन, टेक्सास में एक कार्यक्रम के दौरान की गई।

टीम में तीन अमरीकी और एक कनाडाई अंतरिक्ष यात्री हैं, जिनमें एक महिला और एक अफ्रीकी अमरीकी शामिल हैं, जिन्हें कभी चंद्र मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों के रूप में नियुक्त किया गया था। रीड वाइसमैन कमांडर होंगे जबकि विक्टर ग्लोवर मिशन को पायलट करेंगे, क्रिस्टीना कोच और कनाडा के जेरेमी हैनसेन मिशन विशेषज्ञ के रूप में काम करेंगे।

सुश्री कोच और श्री ग्लोवर चंद्रमा के आसपास जाने वाली पहली महिला और पहले अश्वेत व्यक्ति के रूप में इतिहास रचेंगे। श्री हैनसेन चंद्रमा पर जाने वाले पहले गैर-अमरीकी होंगे।

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फिनलैंड में हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री सना मारिन की हार

 (छत्तीसगढ़ दर्पण) फिनलैंड में हुए आम चुनाव में प्रधानमंत्री सना मारिन की सरकार को हार झेलनी पड़ी है। फिनलैंड की मुख्य कंजर्वेटिव पार्टी ने आम चुनाव में त्रिकोणीय मुकाबले में जीत का दावा किया है। चुनाव में दक्षिणपंथी पॉपुलिस्ट्स फिन्स पार्टी को दूसरा स्थान मिला, जबकि प्रधान मंत्री सना मारिन की सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी तीसरे स्थान पर रही।

आम चुनाव में 20 दशमलव 8 प्रतिशत के साथ सबसे अधिक वोट हासिल करने वाली नेशनल कोलिशन पार्टी (NCP) ने सभी मतों की गिनती के साथ ही जीत का दावा किया है, वहीं दक्षिणपंथी पॉपुलिस्ट्स पार्टी द फिन्स को 20 दशमलव 1 प्रतिशत वोट मिले, जबकि सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी को 19 दशमलव 9 प्रतिशत वोट मिले। शीर्ष तीन दलों में से प्रत्येक को लगभग 20 प्रतिशत वोट मिले हैं, कोई भी पार्टी अकेले सरकार बनाने की स्थिति में नहीं है। किसी भी दल को बहुमत नहीं मिला है।

 

 

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