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पुस्तकों में लिखी बातों को पढ़ना ही नही अपितु समझना भी जरूरी : डॉ. भुरे

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इस वर्ष से प्रारंभ स्वामी आत्मानंद निवेदिता कन्या उच्चतर माध्यमिक स्कूल गुरुनानक चौक का शनिवार को कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भुरे ने निरीक्षण किया।इस दौरान उन्होंने स्कूल भवन के रख रखाव,स्कूल में बच्चों के लिए लायब्रेरी,कंप्यूटर, लैब,फर्नीचर आदि की यथाशीघ्र व्यवस्था करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षा 7 वी के बच्चों से सवाल भी पूछे। बच्चों द्वारा सवालों का सही जवाब देने पर खुशी व्यक्त की।उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा की पुस्तकों में लिखी बातों को  केवल पढ़ना ही नही अपितु उसे समझना भी है।


निरीक्षण के इस अवसर पर जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ   रवि मित्तल,नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी,जिला शिक्षा अधिकारी ए एन बंजारा सहित संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

 

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पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन 30 सितम्बर तक आमंत्रित

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त ने जिले में संचालित समस्त शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालय, शिक्षा महाविद्यालय, डाईट, आई.टी.आई.,पॉलिटेक्निक आदि के प्राचार्य, संस्था प्रमुख, छात्रवृत्ति प्रभारी एवं अध्ययनरत् अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के विद्याथियों जो विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की पात्रता रखते है को  सूचित करते हुए बताया  कि शिक्षा सत्र 2022-23 हेतु ऑनलाईन पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के (कक्षा 12वीं से उच्चतर) के पंजीयन, स्वीकृति एवं वितरण की कार्यवाही http//postmatri-scholarship.cg.nic.in/  पर आनलाईन आवेदन पत्र भरा जाना है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2022-23 से अनुसूचित जाति वर्ग के विद्याथियों को भारत सरकार, सामाजिक न्याय एवं अधिकरिता मंत्रालय नई दिल्ली द्वारा दिये गये निर्देशानुसार एनएसपी पोर्टल scholarships.gov.in  आवेदन किया जाना है। इस पोर्टल में सफल पंजीयन के पश्चात् आवेदन की शेष जानकारी हेतु छत्तीसगढ़ राज्य पोर्टल http//postmatri-scholarship.cg.nic.in/  में आवेदन करना अनिवार्य है। उक्त दोनों पोर्टल पर आवेदन नहीं करने पर छात्रवृति भुगतान नही होगा।

 
 
 
 
 
 
 

उन्होंने बताया कि छात्रवृति हेतु विद्यार्थी  नवीन एवं नवीनीकरणऑनलाइन आवेदन करने की तिथि  16 अगस्त से 30 सितम्बर, ड्राफ्ट प्रोपोजल लॉक करने हेतु 16 अगस्त से 10 अक्टूबर एवं सेंक्शन ऑडर लॉक करने 16 अगस्त से 20 अक्टूबर तक निर्धारित है।निर्धारित तिथियों के पश्चात् शिक्षा सत्र 2022-23 की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति हेतु आवेदन स्वीकृत नहीें किये जायेंगे एवं ड्राफ्ट प्रोपोजल अथवा सेंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर भी प्रदान नहीं किया जायेगा।

 
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देश की सूची में महामसुंद मेडिकल कॉलेज भी शामिल

 महासमुंदर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महासमुंद मेडिकल कॉलेज में इसी सत्र से प्रवेश की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। नेशनल मेडिकल कमीशन से 18 अगस्त को सौ सीटों पर प्रवेश के लिए परमिशन का लेटर पहुंचा है। लिहाजा अब देश के सरकारी मेडिकल कॉलेजों की सूची में महामसुंद मेडिकल कॉलेज भी शामिल हो गया है। इधर संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि बताया है।

मिली जानकारी के अनुसार पिछले दिनों एनएमसी ने महासमुंद मेडिकल कॉलेज को सौ सीटों के लिए अनुमति देते हुए कॉलेज में आवश्यक संसाधनों और फैकल्टी की जानकारी उपलब्ध कराने अंडरटेकिंग मान्यता दी थी। जिस पर मेडिकल कॉलेज प्रबंधन ने आवश्यक जानकारी एनएमसी को भेजी थी। बाद इसके 18 अगस्त को एनएमसी ने इसी सत्र से सौ सीटों पर एडमिशन किए जाने परमिशन का लेटर जारी किया है। जिससे कॉलेज प्रबंधन में उत्साह माहौल है। इधर संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने मेडिकल कॉलेज में सौ सीटों पर एडमिशन के लिए परमिशन मिलने पर कहा कि यह शिक्षा व चिकित्सा के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि है। मेडिकल कॉलेज महासमुंद को मान्यता दिलाने के लिए शुरू से प्रयास किया जाता रहा है। इसके परिणामस्वरूप आज मेडिकल कॉलेज को मान्यता मिल ही गई। यह न केवल महासमुंद विधानसभा क्षेत्र बल्कि जिले के लिए बड़ी उपलब्धि है। इसका लाभ महासमुंद जिलेवासियों के साथ ही आसपास के जिलों व पड़ोसी राज्य ओड़िशा के नागरिकों को भी मिलेगा। संसदीय सचिव श्री चंद्राकर ने आवश्यक संसाधन जुटाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का आभार जताते हुए कहा कि भूपेश सरकार स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा को लेकर लगातार प्रयास कर रही है। छत्तीसगढ़ में हो 9 सरकारी मेडिकल कॉलेज हो जाएंगे। 7 मेडिकल कालेजों में पहले ही एमबीबीएस की पढ़ाई चल रही है। पिछले साल दुर्ग के एक निजी मेडिकल कॉलेज का सरकार ने अधिग्रहण किया है। रायपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, बिलासपुर, अंबिकापुर, जगदलपुर, कांकेर, दुर्ग में एमबीबीएस की पढ़ाई कराई जा रही है। इसमें अब महासमुंद मेडिकल कॉलेज भी शामिल हो जाएगा।

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अब स्मार्ट क्लास में पढ़ाई करेंगे बच्चे...

 5 हजार सरकारी स्कूलों में दिया जाएगा संपर्क-टीवी डिवाइसेस

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के स्कूलों में अब बच्चे स्मार्ट क्लास में पढ़ाई करेंगे। इसके लिए संपर्क टीवी डिवाइस का उपयोग किया जाएगा। यह कार्यक्रम एक ओर जहां बच्चों को गणित और अंग्रेजी से कठिन विषयों को आसानी से समझने में मदद करेगी, वहीं इससे प्राथमिक स्तर के बच्चों की पढ़ाई रूचिकर बनेगी। प्रायमरी स्कूलों में इस नवाचार में तकनीकी सहयोग के लिए छत्तीसगढ़ राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) और संपर्क फाउंडेशन के बीच तीन साल के लिए एमओयू हुआ है।

इस कार्यक्रम का उद्देश्य राज्य के 28 जिलों में गणित के लिए और अंग्रेजी के लिए 19 जिलों के 30 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों में कक्षा पहली से 5वीं तक के प्राथमिक स्कूल के बच्चों के सीखने के परिणामों को बढ़ाना है। इस सहयोग का प्राथमिक लक्ष्य संपर्क स्मार्ट शालाओं (एसएसएस) को पढ़ाने के लिए अद्वितीय दृष्टिकोण पेश करके बच्चों के लिए सीखने को रोचक, सार्थक और प्रभावी बनाना है। साथ ही एससीईआरटी के तत्वावधान में संपर्क द्वारा विकसित नई प्रथाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू करना है। राज्य में प्राथमिक स्कूलों के लिए तैयार किए गए पाठ्यक्रम के आधार पर ही संपर्क स्मार्ट क्लास का प्रोग्राम तैयार किया गया है।

इस नवाचार के संबंध में स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा है कि एससीईआरटी और संपर्क के बीच हुई साझेदारी छत्तीसगढ़ के प्राथमिक कक्षा के बच्चों के लिए सीखने में मददगार बनेगा। साथ ही इसके दूसरे सार्थक परिणाम भी मिलेंगे। यह कवायद छत्तीसगढ़ को शिक्षा के मामले में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने में सार्थक होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया है कि यह अभिनव कार्यक्रम राज्य के छात्रों के लिए सीखने को और अधिक मनोरंजक बना देगा और उनके कॅरियर के लिए एक अच्छी नींव प्रदान करेगा। स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने कहा कि संपर्क टीवी का उपयोग स्कूलों में सीखने के लिए एक नया आयाम जोड़ देगा। वहीं एससीईआरटी के संचालक राजेश सिंह राणा ने कहा कि आगामी तीन वर्षों के लिए गणित और अंग्रेजी कार्यक्रम के लिए संपर्क रोल आउट में छत्तीसगढ़ का भागीदार होगा।

संपर्क शाला गणित में सीखने के परिणामों में सुधार कर पढ़ाई में ध्यान केन्द्रित करने वाला अनूठा दृष्टिकोण है। वहीं स्मार्ट क्लास अंग्रेजी के लिए बहुत प्रभावी साबित हुई है। राज्य 2015 से संपर्क फाउंडेशन के सहयोग से काम कर रहा था और प्रभावी परिणामों के आधार पर अगस्त 2022 से 2025 तक लागू तीन साल के लिए अपने समझौते को बढ़ा दिया है। कार्यक्रम के तहत शिक्षकों के अलावा राज्य संसाधन समूह, ब्लॉक रिसोर्स ग्रुप्स, ब्लॉक रिसोर्स सेंटर कोऑर्डिनेटर और क्लस्टर एकेडमिक कोऑर्डिनेटर को बच्चों में सीखने के परिणामों को प्रभावी करने के लिए संपर्क शिक्षाशास्त्र में प्रशिक्षित किया जाएगा।

संपर्क फाउंडेशन के माध्यम से सरकारी स्कूलों में कक्षाओं को स्मार्ट कक्षाओं में बदलने के लिए शुरू में 5 हजार सरकारी स्कूलों जहां पहले से टीवी स्थापित है, वहां संपर्क एफएलएन टीवी (एक शिक्षक सामग्री उपकरण के टीवी को स्मार्ट लर्निंग टेलीविजन में परिवर्तित करता है) वितरित करेगा। यह पहल सीखने के परिणामों में बड़े पैमाने पर सुधार लाने और सरकारी स्कूलों को भविष्य के लिए तैयार करने में सहयोग करने के लिए संपर्क के दृष्टिकोण का हिस्सा है। छत्तीसगढ़ के सभी सरकारी स्कूलों में संपर्क एफएलएन टीवी लगाने की योजना है। संपर्क फाउंडेशन कार्यक्रम को लागू करने के लिए नवीन शिक्षण-अधिगम सामग्री प्रदान करेगा। इन संसाधनों में 12 संपर्क नवाचार शामिल होंगे। जो एफएलएन आधारित टीएलएम है। साउंड बाक्स, पहेलियां और खेल, संपर्क टीवी, पाठ्य योजनाएं, शिक्षण वीडियो, चैट बॉट, अंग्रेजी बोलने का कार्यक्रम आदि।

कार्यक्रम का लक्ष्य 2025 तक प्राथमिक कक्षाओं में गणित और अंग्रेजी के सीखने के परिणामों में छत्तीसगढ़ को शीर्ष 10 राज्यों में शामिल करना है। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रत्यक्ष क्षेत्र आधारित सहयोगात्मक प्रक्रिया के माध्यम से इन दो विषयों की शिक्षा शास्त्र में संसाधन समूहों की क्षमता को मजबूत करना भी है। यह कार्यक्रम सभी स्कूलों की मॉनिटरिंग भी करेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सीखने के परिणामों में वृद्धि हो। प्रगति को अद्यतन करने और स्कूलों में अकादमिक प्रगति की निगारानी के लिए एक एप्लीकेशन samparksmartclass.org विकसित किया गया है। इस प्लेटफार्म का उपयोग कलस्टर, ब्लॉक और जिला अधिकारियों द्वारा हर महीने प्रगति को अद्यतन करने के लिए किया जाएगा।

लर्निंग प्रोग्राम को संपर्क के परिवर्तन के 5 स्टेप मॉडल, सरकार के साथ साझेदारी के अनुसार लागू किया जाएगा। निपुन संरेखित नवीन प्रशिक्षण और सीखने के तरीके प्रदान करें, शिक्षकों को प्रशिक्षित करें, टेक शिक्षकों को संपर्क स्मार्टशाला मोबाइल एप्लीकेशन में सभी संसाधनों का लाभ उठाने और बच्चों के सीखने के परिणामों की निगरानी करने में सक्षम बनाता है।

वर्तमान में संपर्क स्मार्टशाला कार्यक्रम 7 राज्यों- छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के 84 हजार प्राथमिक स्कूलों में संचालित हो रहा है। इस कार्यक्रम का लाभ एक करोड़ से अधिक बच्चों को मिल रहा है। एक सर्वे के अनुसार जिन स्कूलों में संपर्क स्मार्ट क्लास लागू की गई है, वहां गणित और अंग्रेजी में ग्रेड स्तर के प्रश्नों के उत्तर देने वाले बच्चों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

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9वीं से 12वीं तक प्रवेश अब 31 तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा छात्रहित में मण्डल की मान्यता प्राप्त शालाओं में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के प्रवेश की अंतिम तिथि को बढ़ाकर 31 अगस्त 2022 तक कर दिया है। नियमानुसार प्रवेश के लिए संबंधित शालाओं के प्राचार्यों को अधिकृत किया गया है।  

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा पूर्व में मान्यता प्राप्त शालाओं में कक्षा 9वीं से 12वीं तक कक्षाओं में प्रवेश की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2022 तक निर्धारित की गई थी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के सचिव की अनुमति से 16 अगस्त 2022 तक प्रवेश दिया जाना था। जिसे छात्रहित को ध्यान में रखते हुए बढ़ाकर अब 31 अगस्त 2022 कर दिया गया है।

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शिक्षक शिक्षा में एनईपी से जुड़े सुधारों और पहलों को लागू कर रही है एनसीटीई

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) ने नई दिल्ली में अपना 28वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर अपर सचिव, शिक्षा मंत्रालय श्रीमती एल.एस. चांगसन विशिष्ट अतिथि थीं। अध्यक्ष, एनसीटीई, प्रो. दिनेश प्रसाद सकलानी; सदस्य सचिव, एनसीटीई सुश्री केसांग वाई. शेरपा और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया। श्रीमती एल.एस चांगसन ने विभिन्न एनईपी अधिदेशों के जरिए शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में अनेक सुधारों को लागू करने के लिए एनसीटीई की सराहना की। इस दिशा में कुछ पहलों में शिक्षकों के लिए राष्ट्रीय प्रोफेशनल मानक, मार्गदर्शन के लिए राष्ट्रीय मिशन और 4 वर्षीय एकीकृत शिक्षक शिक्षा कार्यक्रम शामिल हैं।

उपस्थित गणमान्‍यजनों को संबोधित करते हुए प्रो. सकलानी ने कहा कि समाज के विकास में शिक्षक अत्‍यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। एनसीटीई का स्थापना दिवस दरअसल 21वीं सदी के संबंधित कौशल से शिक्षकों को लैस करके इस समस्‍त प्रणाली में क्रांति लाने का जश्न मनाने के बारे में है। उन्होंने तक्षशिला एवं नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों में शिक्षकों की अहम भूमिका और हमारे भारतीय मूल्यों एवं संस्कृति से निरंतर जुड़े रहने की आवश्यकता का भी उल्लेख किया।

 
 
 

सुश्री केसांग वाई. शेरपा ने अपने स्वागत भाषण में कहा कि एनसीटीई विभिन्न एनईपी 2020 अधिदेशों को लागू करके शिक्षक शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श बदलाव ला रही है। एनईपी 2020 के अनुरूप शिक्षक ही शिक्षा क्षेत्र में लागू किए जा रहे सुधारों के केंद्र में हैं। उन्‍होंने यह भी उद्धृत किया, वह बदलाव बनें जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं।  

 

 

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आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय पर 3 लाख का जुर्माना

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बीएएमएस-प्रथम वर्ष के पूरक परीक्षार्थियों से अनाधिकृत रूप से तथा दबावपूर्वक दस-दस हजार रूपए का अतिरिक्त शुल्क वसूलने वाले दुर्ग के भारती आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय पर राज्य शासन द्वारा गठित प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ने तीन लाख रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया है। समिति ने शासन से संस्था की सम्बद्धता एवं मान्यता रद्द करने की अनुशंसा भी की है। प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ने छात्रों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए छात्रों से लिया गया अनाधिकृत शुल्क वापस लौटाए जाने का भी संकल्प पारित कर शासन को कार्यवाही के लिए प्रेषित किया है।

प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति के अध्यक्ष प्रभात कुमार शास्त्री ने बताया कि भारती आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, पुलगांव चौक, दुर्ग द्वारा शिक्षण सत्र 2021-2022 में बीएएमएस-प्रथम वर्ष के पूरक परीक्षार्थियों से परीक्षा शुल्क के अतिरिक्त दस-दस हजार रूपए दबावपूर्वक मांगने और लेने के संबंध में छात्रों ने शिकायत की थी। शिकायत की जांच के बाद भारती आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय को सुनवाई का अवसर दिया गया। सुनवाई के बाद प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ने पाया कि बीएएमएस-प्रथम वर्ष के पूरक परीक्षार्थियों से संस्था द्वारा अनाधिकृत रूप से दस-दस हजार रूपए अतिरिक्त वसूला गया है।

शास्त्री ने बताया कि प्रवेश तथा फीस विनियामक समिति ने 16 अगस्त को संकल्प पारित कर 27 छात्रों को उनके पैसे लौटाए जाने, संस्था पर तीन लाख रूपए का जुर्माना अधिरोपित करने तथा संस्था की सम्बद्धता एवं मान्यता रद्द करने की अनुशंसा करते हुए शासन को कार्यवाही के लिए प्रेषित किया है।

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मैक्सिकॉन-2022 काफ्रेंस में मेडिकल कॉलेज रायपुर को मिला प्रथम स्थान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के छात्रों ने अपने शोध कार्यों से राज्य का नाम रोशन किया है। दिल्ली स्थित वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज सफदरजंग अस्पताल में आयोजित मैक्सिकॉन 2022 इंटरनेशनल कांफ्रेस में रायपुर मेडिकल कॉलेज के छात्रों डॉ. अनम फातिमा एवं डॉ. शिशिर दानी ने “हाई रिस्क प्रेग्नेंसी” आधारित शोधपत्र प्रस्तुत कर प्रथम स्थान और गोल्ड मैडल हासिल किया है। साथ ही साथ ही इन दोनों छात्रों ने अमेरिकन कॉलेज ऑफ सर्जंस की सदस्यता भी हासिल की है।

शोधार्थी डॉ. अनम फातिमा के अनुसार शोध के दौरान उन्होंने यह पाया कि गर्भधारण करने वाली महिलाओं को गर्भावस्था के रहन-सहन, स्वास्थ्यगत आचरण, गर्भकाल के दौरान गंभीर लक्षण एवं मातृ-शिशु स्वास्थ्य संबंधी योजना की जनकारी देने की आवश्यकता है। गर्भावस्था के दौरान उचित व्यायाम करने, गंभीर लक्षणों  की पहचान करने तथा गर्भधारण के बाद मिलने वाली सरकारी योजनाओं के बारे में अधिक से अधिक जागरूक करना आवश्यक है।


महिलाओं को नहीं है गर्भावस्था संबंधी जानकारी- शोधार्थी डॉ. अनम फातिमा ने बताया: “मेडिकल कॉलेज कम्युनिटी मेडिसीन डिपार्टमेंट की ओर से पीएसएम प्रोजेक्ट कराया जाता है। यह तीन माह का प्रोजेक्ट होता है। मैंने भी प्रोजेक्ट के तहत ‘हाईरिस्क प्रेग्नेंसी’ विषय को चुना|  शोध के दौरान गर्भवती महिलाओं और उनके गर्भावस्था में व्यवहार और रहन-सहन की जानकारी हासिल की गयी  जिसमें यह ज्ञात हुआ कि 13 प्रतिशत महिलाओं को ही एंटीनेंटल एक्सरसाइज ( गर्भावस्था के दौरान किए जाने वाले व्यायाम), किलकारी सेवा (गर्भावस्था से प्रसव तक मिलने वाली स्वास्थ्य सहायता) एवं सरकारी योजनाओं के बारे में जानकारी थी।“ शोध के दौरान 98 प्रतिशत महिलाओं के पास एनसीपी कार्ड थे, और वह आयरन और फोलिक एसिड टेबलेट का सेवन करती हैं और अपने स्वास्थ्य के प्रति महिलाएं जागरूक भी हैं लेकिन उन्हें और जागरूक होने की जरूरत है।  साथ ही साथ आशा और मितानिन को भी गर्भावस्था के दौरान के गंभीर लक्षण, एंटीनेटल एक्सरसाइज के बारे में और प्रशिक्षित किया जाना चाहिए।“

 
 
 
 
 



छात्रों की इस उपलब्धि पर मंगलवार को रायपुर मेडिकल कॉलेज की डीन डॉ. तृप्ति नागरिया ने उन्हें प्रोत्साहित किया और शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना भी की है। इस मौके पर राज्य नोडल अधिकारी मातृत्व स्वास्थ्य डॉ. शैलेन्द्र अग्रवाल, प्रोफेसर एवं साइंटिफिक कमेटी की चेयरपर्सन डॉ. निधि पांडेय, सामुदायिक चिकित्सा विभाग पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के प्रो. डॉ. कमलेश जैन आदि लोग मुख्य रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने छात्रों को बधाई दी। इस उपलब्धि के संबंध में सामुदायिक चिकित्सा विभाग पंडित जवाहरलाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय के डॉ. कमलेश जैन ने बताया: “नई दिल्ली में आयोजित मैक्सिकॉन कांफ्रेंस 2022 में 400 प्रतिभागी शामिल हुए थे। इस दौरान विविध विषयों पर चर्चा हुई, जिसमें रायपुर मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी विषय पर पेपर प्रस्तुत किया गया था, जिसमें छात्रों को प्रथम स्थान और गोल्ड मेडल मिला है।“

 

यह शोध डॉ. अनम फातिमा ने सामुदायिक चिकित्सा विभाग के प्रो. डॉ. कमलेश जैन के मार्गदर्शन में किया। रेयर केस प्रेजेंटेशन में डॉ, रूची किशोर, डॉ. अनजुम खान, डॉ. निशा वष्ठी एवं डॉ. राबिया सिद्धिकी ने सक्रिय योगदान दिया।

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पेंटिंग, भाषण और देशज खेल से दिया आजादी का अमृत महोत्सव का संदेश

 केंद्रीय संचार ब्यूरो रायपुर के मल्टीमीडिया चित्र प्रदर्शनी का दूसरा दिन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो प्रादेशिक कार्यालय रायपुर द्वारा बुधवारी बाजारी स्थित भारतीय रेल के नॉर्थ ईस्ट इंस्टीट्यूट परिसर के स्केटिंग कोर्ट में आयोजित आजादी का अमृत महोत्सव विषयक त्रिदिवसीय मल्टीमीडिया चित्र प्रदर्शनी के दूसरे दिन विविध प्रकार की जागरूकता प्रतियोगिताओं के माध्यम से जागरूकता प्रसार किया गया।

प्रदर्शनी के दूसरे दिन पेंटिंग, भाषण और देशज खेल के तहत मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सभी प्रतियोगिताओं में शहर के अलग-अलग 19 शिक्षण संस्थानों के 162 प्रतिभागियों की सहभागिता रही। पेंटिंग प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने स्वतंत्रता सेनानियों के आजादी की लड़ाई में योगदान को रेखांकित किया। वहीं भाषण प्रतियोगिता में आजादी की महत्ता पर बात की गई। अमृत महोत्सव के तहत प्रश्नमंच का आयोजन किया गया। वहीं देशज खेल के तहत मटका फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। मटका फोड़ के लिए प्रतिभागी खासा उत्साहित दिखे। वहीं प्रश्नमंच में भी प्रतिभागियों का उत्साह देखते बना।

प्रश्नमंच के विजेता प्रतिभागियों को मौके पर ही केंद्रीय संचार ब्यूरो रायपुर के प्रमुख शैलेष फाये द्वारा पुरस्कार प्रदान किया गया। गौरतलब है कि प्रदर्शनी का उद्घाटन मंगलवार को सांसद अरूण साव व दक्षिणपूर्व मध्य रेल के महाप्रबंधक आलोक कुमार के हाथों हुआ। प्रदर्शनी में अंग्रेजों के भारत आगमन, 1857 के प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन व 1974 में देश को आजाद होने तक के प्रमुख घटनाक्रमों को प्रदर्शित किया गया है।

प्रदर्शनी में गुरुवार को...
गुरुवार को कुर्सी दौड़ व रस्सा खींच व देशभक्ति गीत गायन प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। वहीं प्रतिभागी सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी कर सकेंगे। वहीं विभिन्न प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार व प्रमाणपत्र वितरित किया जाएगा।

 

 

 

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केन्द्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना के लिए आवेदन 31 अक्टूबर तक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मानव संसाधन विकास मंत्रालय उच्च शिक्षा विभाग द्वारा वर्ष 2008-09 से कॉलेज एवं विश्वविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए संचालित केन्द्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना वर्ष 2015 से ऑनलाईन राष्ट्रीय ई-छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के द्वारा किया जा रहा है। महाविद्यालय एवं विश्वविद्यालयीन विद्यार्थियों के लिए नवीन एवं नवीनीकरण ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2022 है। आवेदन के लिए राष्ट्रीय ई-छात्रवृत्ति पोर्टल www.scholarships.gov.in का उपयोग करें। राष्ट्रीय ई-छात्रवृत्ति पोर्टल की जानकारी मण्डल की वेबसाईट www.cgbse.nic.in  पर भी उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए www.scholarships.gov.in की हेल्पलाईन नम्बर 0120-6619540 पर संपर्क किया जा सकता है।
केन्द्रीय क्षेत्रीय छात्रवृत्ति योजना की पात्रता के लिए कक्षा 12वीं उत्तीर्ण  मानविकी, विज्ञान, वाणिज्य विषय के वे विद्यार्थी जिनके प्राप्तांक 80 परसेन्टाइल या उससे अधिक होना चाहिए। उनके पालक की समस्त स्रोतों से वार्षिक आय आठ लाख रूपए या उससे कम होनी चाहिए। जो विद्यार्थी महाविद्यालय में स्नातक पाठ्क्रम में अध्ययन कर रहे है वे छात्रवृत्ति के लिए आवेदन कर सकते है।

वर्ष 2022 संवर्गवार 20 परसेन्टाइल प्राप्त विद्यार्थियों की संख्या इस प्रकार है- कुल 2 लाख 28 हजार 649 उत्तीर्ण विद्यार्थियों में से विज्ञान विषय में 92 हजार 197, वाणिज्य विषय में 35 हजार 336 और मानविकी विषय में 1 लाख 1 हजार 116 उत्तीर्ण हुए।


इसमें अनुसूचित जाति में कुल 6268, में से विज्ञान विषय में 1494 बालिका के कटऑफ मार्क्स 340 और 898 बालकों के कटऑफ मार्क्स 335 रहे। वाणिज्य विषय में 399 बालिका के कटऑफ मार्क्स 336 और 407 बालकों के कटऑफ मार्क्स 318 रहे। इसी प्रकार मानविकी विषय में 1598 बालिका के कटऑफ मार्क्स 312 और 1381 बालकों के कटऑफ मार्क्स 302 रहे।

अनुसूचित जनजाति में कुल 17 हजार 783 में से विज्ञान विषय में 3326 बालिका के कटऑफ मार्क्स 324 और 1963 बालकों के कटऑफ मार्क्स 316 रहे। वाणिज्य विषय में 588 बालिका के कटऑफ मार्क्स 320 और 643 बालकों के कटऑफ मार्क्स 305 रहे। इसी प्रकार मानविकी विषय में 3454 बालिका के कटऑफ मार्क्स 309 और 2809 बालकों के कटऑफ मार्क्स 303 रहे।

अन्य पिछड़ा वर्ग में कुल 23 हजार 790 में से विज्ञान विषय में 5739 बालिका के कटऑफ मार्क्स 353 और 3730 बालकों के कटऑफ मार्क्स 345 रहे। वाणिज्य विषय में 2059 बालिका के कटऑफ मार्क्स 348 और 1982 बालकों के कटऑफ मार्क्स 326 रहे। इसी प्रकार मानविकी विषय में 5610 बालिका के कटऑफ मार्क्स 315 और 4670 बालकों के कटऑफ मार्क्स 307 रहे।

सामान्य वर्ग में कुल 3040 में से विज्ञान विषय में 687 बालिका के कटऑफ मार्क्स 372 और 528 बालकों के कटऑफ मार्क्स 362 रहे। वाणिज्य विषय में 484 बालिका के कटऑफ मार्क्स 380 और 521 बालकों के कटऑफ मार्क्स 348 रहे। इसी प्रकार मानविकी विषय में 420 बालिका के कटऑफ मार्क्स 331 और 400 बालकों के कटऑफ मार्क्स 319 रहे।

इस प्रकार कुल 45 हजार 881 विद्यार्थियों में से विज्ञान विषय में कुल 18 हजार 456 विद्यार्थियों ने 11 हजार 246 बालिका और 7210 बालक है। वाणिज्य विषय में कुल 7083 विद्यार्थियों में से 3530 बालिका और 3553 बालक है। मानविकी विषय में कुल 20 हजार 342 विद्यार्थियों में से 11 हजार 82 बालिका और 9 हजार 260 बालक है।

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल के उप सचिव ने बताया कि आवेदकों का महाविद्यालय स्तर पर ऑनलाईन वरिफिकेशन होने के बाद ही माध्यमिक शिक्षा मण्डल द्वारा ऑनलाईन वरिफिकेशन किया जाएगा। अतः महाविद्यालय के संबंधित छात्रों को छात्रवृत्ति के आवेदन प्रतिदिन ऑनलाईन वेरिफिकेशन के बाद छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल कार्यालय को आग्रेषित किए जाए, ताकि सभी पात्र विद्यार्थी इस योजना से लाभान्वित हो सके।

 

 

 

 

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स्वामी आत्मानंद स्कूल में प्री-प्राइमरी प्रारंभ

 सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण)।आज राज्य के वाणिज्यिक कर (आबकारी) व उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम स्कूल पावारास में प्री-प्राइमरी कक्षा के बच्चों को बुक और टॉफी देकर स्वागत किया। इस दौरान उद्योग मंत्री कवासी लखमा ने बच्चों से घुल-मिलकर बातें की। स्कूल के विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मंत्री लखमा का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई और सुविधाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष हरीश कवासी, सुकमा नगर पालिका अध्यक्ष राजू साहू और अधिकारी कर्मचारीगण उपस्थित थे।

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प्रभारी मंत्री भगत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेण्ड्री के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में हुए शामिल

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। खाद्य, नागरिक आपूर्ति, उपभोक्ता संरक्षण, योजना, आर्थिक सांख्यिकी व संस्कृति विभाग एवं जिले के प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेण्ड्री राजनांदगांव के स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर विद्यार्थियों की ओर से सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी गई।

प्रभारी मंत्री अमरजीत भगत ने संस्था में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी ली। प्राचार्य ने बताया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पेण्ड्री राजनांदगांव में कार्यरत शिक्षक पीजीटी के 9 व टीजीटी के 13 कुल 22 शिक्षकों की ओर से कक्षा 6वीं से 12वीं तक के बच्चों को सीबीएसई पाठ्यक्रम अन्तर्गत अध्यापन का कार्य कराया जा रहा है। सभी शिक्षक वांछनीय योग्यता रखते है। प्रभारी मंत्री ने शिक्षकों को समय-समय पर आवश्यक प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। सहायक आयुक्त ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार वार्षिक खेल कैलेण्डर तैयार किया गया है। जिसमें आयोजित होने वाले एकलव्य विद्यालयों के खेल प्रतियोगिता में बच्चों को शामिल कराया जाता है। गत वर्ष संभाग स्तरीय एकलव्य विद्यालय के बच्चों की क्रीड़ा प्रतियोगिता राजनांदगांव में कराई गई थी। परिसर में ट्यूबवेल से जल आपूर्ति की जा रही है तथा नगर निगम राजनांदगांव की ओर से प्रतिदिन टैंकर व टेप नल से जल आपूर्ति निरन्तर हो रही है।

 
 

प्रभारी मंत्री भगत ने स्वेच्छा अनुदान से 1 ट्यूबवेल अतिरिक्त खनन कर सिनटेक्स के माध्यम से जल आपूर्ति की व्यवस्था तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग से जल जीवन मिशन योजना अन्तर्गत पाइप लाईन बिछाकर एकलव्य परिसर में जल आपूर्ति किये जाने के निर्देश दिए। साथ ही जिला नगर सेना से सुरक्षाकर्मी की पदस्थापना करने कहा गया। शाला में गणवेश के लिए आयुक्त आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग रायपुर को मांग पत्र भेजा गया है। गणवेश शीघ्र ही उपलब्ध कराया जाएगा। प्रभारी मंत्री ने संस्था में खेल मैदान को विकसित करने कहा गया। 

 
 

सहायक आयुक्त ने बताया कि बाउण्ड्रीवॉल निर्माण के लिए 20 लाख रुपए स्वीकृत किया गया है। जिसके लिए निविदा आमंत्रित किया जा चुका है। बारिश के बाद कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। एकलव्य विद्यालय में उपलब्ध प्रोजेक्टर के माध्यम से जिले में संचालित नीट व आईआईटी, जेईई कोचिंग प्रारंभ करने कलेक्टर की ओर से निर्देशित किया गया। एकलव्य विद्यालय में लाइब्रेरी एवं कम्प्यूटर लैब संचालित है। संस्था में विभिन्न निर्माण व मरम्मत कार्य के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ युवा आयोग के अध्यक्ष जितेन्द्र मुदलियार, महापौर हेमा देशमुख, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के अध्यक्ष नवाज खान, पदम कोठारी, कुलबीर छाबड़ा, कलेक्टर डोमन सिंह, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एसके वाहने और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

 
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मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण : शिक्षा दूत, ज्ञान दीप और शिक्षाश्री से सम्मानित होंगे शिक्षक

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुसार प्रतिवर्ष 5 सितम्बर को विकासखण्ड स्तर, जिला स्तर और संभाग स्तर पर ‘मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण’ योजना के अंतर्गत शिक्षकों को पुरस्कृत किया जा रहा है। शिक्षक दिवस 5 सितम्बर 2022 को विकासखण्ड स्तर पर ‘शिक्षा दूत’ पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए प्राथमिक शाला के कक्षा पहली से पांचवीं तक में अध्यापन कराने वाले शिक्षक ही पात्र होंगे, चाहें वे किसी भी पद नाम से जाने जाते हों।

जिला स्तर पर ‘ज्ञान दीप’ पुरस्कार दिया जाएगा। इसके लिए पूर्व माध्यमिक शाला अर्थात् कक्षा 6वीं से 8वीं तक अध्यापन करने वाले शिक्षक ही पात्र होंगे चाहे वे किसी भी नाम से जाने जाते हों। इसी प्रकार संभाग स्तर पर ‘शिक्षा श्री’ पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसके लिए कक्षा 9वीं से 12वीं तक में अध्यापन करने वाले शिक्षक ही पात्र होंगे, चाहे वे किसी भी पद नाम से जाने जाते हों।

 

लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा इन तीनों पुरस्कार प्रदान करने के संबंध में सभी संभागीय संयुक्त संचालक लोक शिक्षण और जिला शिक्षा अधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इन तीनों पुरस्कारों के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार शिक्षक, राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों का चयन नहीं किया जाएगा। पुरस्कार के लिए यह नियम शासकीय प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक, हाई एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल से उन शिक्षकों पर लागू होगा, जो स्कूल में छात्र-छात्राओं को अध्यापन कराते हैं।

 

उत्कृष्ट शिक्षक चयन के लिए संकुल, विकासखण्ड, जिला स्तर, संभाग स्तर पर दिए जाने वाले पुरस्कार के लिए चयन समिति का गठन किया गया है। इन सभी समितियों का कार्यकाल तीन वर्ष का रहेगा, किसी कारण से समिति का पद रिक्त होने पर शेष अवधि के लिए समिति गठन के लिए सक्षम अधिकारी पद की पूर्ति कर सकेगा। 

संकुल स्तरीय समिति- प्रत्येक संकुल स्तर में एक समिति होगी जिसका गठन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष हाई स्कूल या हायर सेकेण्डरी स्कूल के प्राचार्य, उपाध्यक्ष सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी और सदस्य सचिव विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक होंगे। समिति में सदस्य के रूप में व्याख्याता या व्याख्याता (पंचायत), पूर्व माध्यमिक शाला के प्रधान पाठक, संकुल स्त्रोत केन्द्र समन्वयक, शिक्षक या शिक्षक पंचायत, प्राथमिक शाला के प्रधान पाठक, सहायक शिक्षक या सहायक शिक्षक पंचायत शामिल होंगे।

 

शिक्षा दूत पुरस्कार के लिए विकासखण्ड स्तरीय चयन समिति का गठन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी और सदस्य सचिव विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी कार्यालय का एक सहायक विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी होगा। सदस्यों में प्राचार्य हाई स्कूल या हायर सेकेण्डरी स्कूल, विकासखण्ड स्त्रोत केन्द्र समन्वयक, व्याख्याता या व्याख्याता पंचायत, पूर्व माध्यमिक शाला का एक प्रधान पाठक और प्राथमिक शाला का प्रधान पाठक शामिल होंगे। 

ज्ञान दीप पुरस्कार के लिए जिला स्तरीय चयन समिति का गठन आयुक्त राजस्व संभाग द्वारा किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर, उपाध्यक्ष डीप्टी कलेक्टर और सदस्य सचिव जिला शिक्षा अधिकारी होंगे। सदस्यों में विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, डाइट के प्राचार्य या जिले के वरिष्ठ प्राचार्य, सहायक संचालक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, एक सेवानिवृत्त शिक्षा या शासकीय अधिकारी-कर्मचारी जो शिक्षा के क्षेत्र में रूचि रखता हो, वे शामिल रहेंगे।  

 

शिक्षा श्री पुरस्कार के लिए संभाग स्तरीय चयन समिति का गठन शासन स्तर पर स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा किया जाएगा। इस समिति के अध्यक्ष संभागीय आयुक्त, उपाध्यक्ष संभागीय उपायुक्त या सहायक आयुक्त और सदस्य सचिव डाइट के प्राचार्य होंगे। सदस्यों में संभागीय मुख्यालय का जिला शिक्षा अधिकारी, प्राचार्य हाई स्कूल या हायर सेकेण्डरी स्कूल, विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी, एक शिक्षाविद् जो शिक्षा के क्षेत्र में अभिरूचि रखता हो, वे शामिल रहेंगे।

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राज्य के 422 स्कूलों में लागू होगी स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना : मुख्यमंत्री बघेल

 दंतेवाड़ा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के पावन और गौरवशाली अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड मैदान में ध्वजारोहण करने के बाद प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर राज्य के विद्यार्थियों को बेहतर व गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने के लिए बड़ी सौगात दी। उन्होंने राज्य में आगामी शिक्षा सत्र के पूर्व राज्य के 422 स्कूलों में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना लागू किए जाने की घोषणा की, जिसमें से 252 स्कूल बस्तर व सरगुजा संभाग में होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दंतेवाड़ा जिले के शत प्रतिशत शासकीय हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूलों को स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय का स्वरूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में हमने सुधार के स्थायी उपाय किए, जिसके तहत पहले चरण में 14 हजार से अधिक शिक्षकों की स्थाई भर्ती का कार्य शुरू किया गया, जो अब अंतिम चरणों में है। इसके अतिरिक्त 10 हजार शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना से स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में एक नयी क्रांति आयी है। विगत वर्ष हमने 51 स्कूलों से यह योजना प्रारंभ की थी, जो अब बढ़कर 279 स्कूलों तक पहुंच चुकी है। इनमें से 32 स्कूल हिन्दी माध्यम के हैं तथा 247 स्कूलों में हिन्दी के साथ अंग्रेजी माध्यम में भी शिक्षा दी जा रही है। इस वर्ष 2 लाख 52 हजार 600 बच्चों ने इन स्कूलों में प्रवेश लिया है, जिसमें 1 लाख 3 हजार बच्चे अंग्रेज़ी माध्यम तथा 1 लाख 49 हजार 600 बच्चे हिन्दी माध्यम के हैं। इस योजना की सफलता को देखते हुए हमने निर्णय लिया है, कि अधिक से अधिक स्कूलों को इस योजना के अंतर्गत लाया जाएगा। आगामी शिक्षा सत्र के पूर्व 422 स्कूलों में यह योजना लागू होगी, जिनमें से 252 स्कूल बस्तर व सरगुजा संभाग में होंगे और इनमें दंतेवाड़ा जिले के शत-प्रतिशत शासकीय हाई व हायर सेकेंडरी स्कूल होंगे। अपना वादा निभाते हुए हमने नवा रायपुर में अंतरराष्ट्रीय स्तर का बोर्डिंग स्कूल स्थापित करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को उनकी मातृभाषा में ही प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करने के लिए हमने हिन्दी के अलावा 16 स्थानीय भाषाओं में तथा 4 पड़ोसी राज्यों की भाषाओं में पाठ्य पुस्तकें प्रकाशित कराई हैं। नि:शुल्क पाठ्य पुस्तक योजना के तहत कक्षा पहली से कक्षा दसवीं तक सभी शासकीय-अशासकीय शालाओं तथा कक्षा आठवीं तक मदरसों के बच्चों को लगभग 52 लाख पाठ्य पुस्तकें प्रदान की जा रही हैं। नवमीं कक्षा में पढऩे वाली 1 लाख 55 हजार छात्राओं को इस वर्ष नि:शुल्क सायकल देने का लक्ष्य रखा गया है।

स्कूली शिक्षा को रोजगार मूलक बनाने के लिए उसका आईटीआई के साथ समन्वय किया गया है, ताकि स्कूली शिक्षा और आईटीआई प्रशिक्षित होने का प्रमाण-पत्र एक साथ प्राप्त हो सके। इस योजना के तहत 114 हायर सेकेण्डरी स्कूलों को जोड़ा जा चुका है। उच्च शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए 1 हजार 459 सहायक प्राध्यापकों, क्रीड़ा अधिकारियों और ग्रंथपालों की नियुक्ति की गई है। अतिथि व्याख्याताओं का मानदेय बढ़ाया गया है। सभी जिलों में कन्या महाविद्यालय खोलने के क्रम में मुंगेली में नया कन्या महाविद्यालय प्रारंभ कर दिया गया है।

 
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आज़ादी के अमृत महोत्‍सव के अंतर्गत हिंदी विवि ने निकाली साइकिल यात्रा

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्‍मा गांधी अंतरराष्‍ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय में आज़ादी के अमृत महोत्‍सव के अंतर्गत हर घर तिरंगा अभियान के त‍हत 14 अगस्‍त को पूर्वाह्न 9 बजे विश्‍वविद्यालय के गांधी हिल से साइकिल यात्रा निकाली। विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल की ओर से गांधी हिल पर साइकिल यात्रा का प्रारंभ किया गया। गांधी हिल से होते हुए यह साइकिल यात्रा वर्धा शहर स्थित राष्‍ट्रसंत तुकडोजी महाराज आर्वी नाका चौक, छत्रपति शिवाजी महाराज चौक, केसरीमल कन्‍या शाला, महात्‍मा गांधी पुतला चौक, डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर चौक, नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुतला, जमनालाल बजाज चौक, लाल बहादुर शास्‍त्री चौक और स्‍वातंत्र्यवीर सावरकर स्‍मारक के रास्‍ते से विश्‍वविद्यालय पहुची। कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने साइकिल यात्रा के मार्ग पर स्थित महानायकों की प्रतिमाओं पर माल्‍यार्पण कर अभिवादन किया। साइकिल यात्रा में विश्‍वविद्यालय के प्रतिकुलपति द्वय प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल, प्रो. चंद्रकांत रागीट, कुलसचिव कादर नवाज़ ख़ान सहित अधिष्‍ठातागण, विभागाध्‍यक्ष, अध्‍यापक, शोधार्थी एवं विद्यार्थी तथा नगर के नागरिक भी बड़ी संख्‍या में शामिल हुए। साइकिल यात्रा का समापन अभिनवगुप्‍त संकुल परिसर में किया गया।

15 अगस्‍त को स्‍वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्‍वजारोहण का कार्यक्रम विश्‍वविद्यालय के वाचस्‍पति भवन के प्रांगण में आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल की ओर से ध्‍वजारोहण किया जाएगा। ध्‍वजारोहण के बाद उनका संबोधन होगा।

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94 फीसदी बच्चे फिर लौटे स्कूल, मेंटर्स करा रहे वापसी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में शिक्षा के प्रचार-प्रसार को लेकर शासन स्तर पर लगातार नए-नए प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में शाला त्याग चुके बच्चों को पुनः मुख्यधारा में लाना चुनौती रहा है। ऐसे में शाला त्यागी बच्चों के लिए मेंटर्स का निर्धारण भी किया गया है, जो स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से स्कूलों में दाखिला लेने के लिए प्रेरित कर रहे हैं और उन्हें स्कूलों तक ला रहे हैं। शासन के इस प्रयास के सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिल रहे हैं।

बीते दो वर्षों के आंकड़ों को देखें तो शैक्षणिक सत्र 2021-22 में प्रारंभिक स्तर में 27,695 शाला त्यागी बच्चे चिन्हित किये गये थे, जिनमें से कुल 26,074 (94.15 प्रतिशत) बच्चों को फिर से स्कूलों तक लाने में सफलता मिली। इसी प्रकार शैक्षणिक सत्र 2022-23 में प्रारंभिक स्तर में 13,737 शाला त्यागी बच्चे चिन्हित किये गये थे, जिनमें से अब तक कुल 11,944 (86.95 प्रतिशत) बच्चों को मुख्यधारा में लाया गया है। वहीं सेकेण्डरी स्तर के शाला त्यागी बच्चों को ओपन स्कूल के माध्यम से परीक्षा दिलवायी जाती है। इसमें शैक्षणिक सत्र 2021-22 में कुल 27,083 एवं शैक्षणिक सत्र 2022-23 में 18,948 बच्चे ओपन स्कूल के माध्यम से 10वीं एवं 12वीं परीक्षा में शामिल हुए। कुछ शाला त्यागी बच्चे ऐसे होते हैं, जिनके प्रवेश पश्चात आयु अनुरूप कक्षा में समायोजित नहीं हो पाते है, ऐसे बच्चों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से उनकी आयु के अनुरूप दक्षता प्राप्त कर शिक्षा की मुख्यधारा में लाया जा रहा है।

बीच में ही पढ़ाई छोड़ने के ये हैं कारण :
स्कूली बच्चों के बीच में ही पढ़ाई छोड़ देने के पीछे प्रमुख कारणों में पालकों की उदासीनता, बच्चों का पढ़ाई में रूचि नहीं लेना, छोटे भाई बहनों की देखभाल, घरेलू कार्यों में सहयोग, सामाजिक एवं आर्थिक परिस्थिति की कमजोरी का आंकलन किया गया है।

मेंटर्स में अधिकारियों से लेकर जनप्रतिनिधि शामिल :
शिक्षा विभाग द्वारा शाला त्यागी बच्चों के प्रवेश एवं उनके स्कूलों में बने रहने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इस वर्ष प्रत्येक शाला त्यागी बच्चे के लिए मेन्टर्स का निर्धारण किया गया है, जिनका कार्य ऐसे बच्चों एवं उनके पालकों को शिक्षा एवं शाला के महत्व को समझाते हुए उन्हें नियमित शाला आने के लिए प्रेरित करना है। कोशिश यही है कि बच्चे शाला में प्रवेश ले एवं प्रवेश पश्चात लगातार शाला में बने रहें। मेन्टर्स के रूप में कार्यरत एवं सेवानृवित्त शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारियों के अलावा क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि को भी शामिल किया गया है।

भोजन, पाठ्य सामग्री व आवासीय सुविधाएं :

राज्य शासन द्वारा स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजनान्तर्गत सभी विद्यार्थियों को प्रतिदिन ताजा स्वादिष्ट भोजन प्रदान किया जा रहा है। विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश प्रदान की जा रही है। इसके अतिरिक्त राज्य शासन द्वारा आश्रम शाला पोटा केबिन आवासीय विद्यालय, कस्तुरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय का संचालन किया जा रहा है, जहां दूर-दराज के विद्यार्थी निःशुल्क आवासीय सुविधा के साथ-साथ अध्ययन करते हैं। 

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शिक्षक, सहायक शिक्षक व व्याख्याता पदों पर भर्ती के लिए दस्तावेजों का सत्यापन 17 से

 बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में संचालित तीन स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में संविदा भर्ती के लिए पात्र अभ्यर्थियों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। संविदा पर भर्ती के लिए प्राप्त ऑनलाइन आवेदनों के दावा आपत्ति व परीक्षण उपरांत व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक के पात्र अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के सत्यापन के लिए समय सारणी जारी किया गया है।

जारी समय सारणी के अनुसार 17 अगस्त को सहायक शिक्षक व शिक्षक पदों के दस्तावेजों का सत्यापन, 18 अगस्त को सरल क्र.1 से 1000 तक के व्याख्याता पदों के दस्तावेजों का सत्यापन, 20 अगस्त को सरल क्र. 1001 से 2000 तक के व्याख्याता पदों के दस्तावेजों का सत्यापन, 21 अगस्त को सरल क्र. 2001 से अंतिम क्र. के व्याख्याता पदों और सहायक शिक्षक, शिक्षक, व्याख्याता पदों के ऐसे अभ्यर्थी जो पूर्व निर्धारित दिनांक को उपस्थित नही हो सके, उनके दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। प्रत्येक पदों का सत्यापन महारानी लक्ष्मीबाई कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला, गांधी चौक के पास मधुबन रोड में सुबह 11:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक किया जाएगा। प्रमाण पत्रों के सत्यापन के लिए केवल व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक पदों के अभ्यर्थी जिनका 17 अगस्त को वेबसाइट की पात्र सूची में नाम सम्मिलित है, केवल उन्हीं अभ्यर्थियों को निर्धारित दिनांको को उपस्थित होना है। अभ्यर्थियों को अपने साथ पात्रता निर्धारण के लिए आवश्यक समस्त अंकसूची एवं दस्तावेजों की मूल प्रतियां सत्यापन के लिए लानी होगी।

 
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छात्रवृत्ति योजना पर अमल नहीं हुआ तो संस्था के विरूद्ध कार्रवाई

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला शिक्षा अधिकारी डॉ संजय गुहे ने बताया है कि कक्षा 3 री से 8 वीं तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ देने के लिए ऑनलाइन आवेदन लिए जा रहे थे। जिन शिक्षण संस्थाओं ने निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन का कार्य पूर्ण नहीं किया है या अनुसूचित जाति, जनजाति के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना का लाभ देना सुनिश्चित नहीं किया उन शिक्षण संस्थाओं की मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। ऐसी संस्थाओं के लिए संबंधित शैक्षणिक संस्था के प्रमुख जिम्मेदार होगें।

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