ड्राइविंग लाइसेंस से संबंधित 06 सेवाओं के लिए आरटीओ कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म
आधार ऑथेंटिकेशन के माध्यम से घर बैठे या परिवहन सुविधा केंद्र में करा सकेंगे समस्त कार्य
आधार ऑथेंटिक कर फ़ीस पटाते ही तत्काल हो जाएगा ऑटो अप्रूवल
परिवहन मंत्री श्री मोहम्मद अकबर के निर्देशानुसार, छत्तीसगढ़ परिवहन मंत्रालय ने अब ड्राइवर का लाइसेंस नवीनीकृत करने, ड्राइवर का लाइसेंस का पता बदलने, ड्राइवर का लाइसेंस कार्ड क्षतिग्रस्त होने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन कार्यालय जाने की अनिवार्यता को समाप्त कर दिया है। इस तकनीकी समाधान को अपनाने के बाद, आधार प्रमाणीकरण के लिए आवेदन करने वाले सभी आवेदन स्वचालित रूप से सॉफ्टवेयर द्वारा अनुमोदित हो जाएंगे। जिससे आरटीओ कर्मचारियों द्वारा सत्यापन और आरटीओ द्वारा अनुमोदन की आवश्यकता नहीं होगी । अनुमोदन पूरा होने के बाद, आवेदक के मोबाइल फोन पर एक टेक्स्ट संदेश भेजा जाएगा, और ड्राइवर का लाइसेंस अगले दिन स्पीड पोस्ट के द्वारा आवेदक के पते पर भेजा जाएगा।
परिवहन मंत्री सचिव श्री एस. श्री. प्रकाश ने परिवहन विभाग से राज्य में विभिन्न प्रकार के वाहनों के लिए ड्राइवर के लाइसेंस नवीनीकरण, ड्राइवर के लाइसेंस के पते में बदलाव, ड्राइवर के लाइसेंस कार्ड के क्षतिग्रस्त होने, ड्राइवर के लाइसेंस को सरेंडर करने के लिए नए प्रारूप में क्यूआर कोड-आधारित ड्राइविंग लाइसेंस तैयार करने को कहा है। जनता की सुविधा के लिए नई तकनीकों का उपयोग करने के लिए किए गए उपायों का लाभ उठाते हुए, 06 ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी सेवाओं के लिए आरटीओ कार्यालयों में जाने की अनिवार्य समाप्त हो गई है। आधार प्रमाणीकरण के साथ, जनता इन 06 सेवाओं का उपयोग घर पर या सुविधा केंद्रों के माध्यम से कर सकती है।
परिवहन आयुक्त श्री दीपांशु काबरा ने बताया कि परिवहन सुविधा केंद्रों के माध्यम से जनता को दी जा रही सुविधाआंे में विस्तार किया जा रहा है ताकि जनता को घर बैठे परिवहन विभाग की सुविधाएं -ड्राइविंग लाइसेंस का नवीनीकरण कराने, ड्राइविंग लाइसेंस में पता परिवर्तन कराने, ड्राइविंग लाइसेंस कार्ड ख़राब हो जाने, ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिए परिवहन कार्यालय आने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि विधिक कार्यों हेतु ड्राइविंग लाइसेंस का एक्सट्रैक्ट प्राप्त करने, किसी क्लास ऑफ़ व्हीकल के ड्राइविंग लाइसेंस को सरेंडर करने के लिये परिवहन कार्यालय आने की अनिवार्यता ख़त्म कर दी गई है। अब ये सभी कार्य घर से या परिवहन सुविधा केंद्र से किए जा सकेंगे। बिना कार्यालय आये इन सुविधाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा। वर्तमान में इन सुविधाओं के लिये ऑनलाइन आवेदन कर सारे दस्तावेज अपलोड करना पड़ता था और ऑनलाइन फ़ीस का भुगतान कर आरटीओ कार्यालय में आना पड़ता था, कार्यालय में स्टाफ के द्वारा समस्त दस्तावेज का वेरिफ़िकेशन किया जाता था उसके बाद ही आरटीओ के द्वारा ड्राइविंग लाइसेंस को अप्रूव किया जाता था।
परिवहन आयुक्त ने कहा कि आवेदकों को पहले भी आधार सत्यापन के माध्यम से आवेदन करने की सुविधा प्रदान की गई थी, जिसके तहत आधार के माध्यम से आवेदन सत्यापित होने पर आरटीओ कार्यालय जाने की आवश्यकता नहीं है। लेकिन ऐसे आधार-प्रमाणित मामलों में भी, सत्यापन और अनुमोदन आरटीओ द्वारा किया जाता है। इस प्रक्रिया में सरकार की मंशा लोगों को घर पहुंच सुविधा देने की है, लेकिन डेटा विश्लेषण में पता चला है कि अगर आधार प्रमाणीकरण हो भी जाता है, तो सत्यापन के नाम पर आरटीओ कार्यालय द्वारा पूरी तरह से आधार प्रमाणित आवेदनों को रोक दिया जाता है। और फिर आवेदक के कार्यालय से संपर्क करने के बाद पूरा होने तक स्वीकृत किया जाता है।
इन समस्यों का तकनीकी रूप से समाधान निकालते हुए ऐसे सभी आवेदन जो आधार प्रमाणीकरण के साथ आवेदन कर रहे हैं, उन आवेदनों का सॉफ़्टवेयर के द्वारा स्वतः ही ऑटो अप्रूवल हो जायेगा, जिससे आरटीओ स्टाफ का वेरिफिकेशन और आरटीओ के अप्रूवल की आवश्यकता नहीं होगी। ऑटो अप्रूवल के कार्य में कोई भी मानवीय हस्तक्षेप नहीं होगा और यह आवेदन करते ही तत्काल अप्रूव हो जाएगा। ऑटो अप्रूवल होते ही आवेदक के मोबाइल में एसएमएस आ जाएगा और अगले दिन ड्राइविंग लाइसेंस को स्पीड पोस्ट से आवेदक के दिये गये पते में स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेज दिया जाएगा। आवेदक को एसएमएस और वाट्सऐप के माध्यम से सूचना दी जाएगी। सूचना में ड्राइविंग लाइसेंस और स्पीड पोस्ट के ट्रैकिंग आईडी संबंधित विवरण होंगे, जिससे कि आवेदक पोस्ट ऑफिस में ड्राइविंग लाइसेंस पहुँचने की स्थिति पता कर सकेगा।
परिवहन आयुक्त ने बताया कि आधार एथेंटेकेशन के द्वारा आवेदन कर ऑटो अप्रूवल की सुविधा का लाभ उठाने के लिये आवेदक के पास आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस होना अनिवार्य है। आधार की जानकारी को ड्राइविंग लाइसेंस से लिंक करने के लिए आधार प्रमाणीकरण करना होगा जो आवेदक स्वयं ओटीपी के माध्यम से कर सकता है या किसी भी निकट परिवहन सुविधा केंद्र में जाकर बायोमेट्रिक देकर भी कर सकता है। आधार ऑथेंटिकेशन के तहत आवेदन करने से आवेदक को दस्तावेज अपलोड करने की भी आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि आधार से समस्त जानकारी प्राप्त हो जाएगी।
यदि आवेदक का उम्र 40 वर्ष से अधिक है, तो ऐसे प्रकरण में आवेदक को परिवहन विभाग में पंजीकृत एमबीबीएस डॉक्टर से फॉर्म 1A में मेडिकल सर्टिफिकेट बनाना होगा। मेडिकल सर्टिफिकेट बनाने की पूर्ण प्रक्रिया भी ऑनलाइन होगी। इसमें डॉक्टर के द्वारा परिवहन विभाग के पोर्टल में सीधे एंट्री कर दी जाती है और किसी फिजिकल पेपर की आवश्यकता नहीं होती है।

