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दूरस्थ आदिवासी अंचलों को स्वास्थ्य की नई राह — मुख्यमंत्री साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को दिखाई हरी झंडी

 दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।


मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।

मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।

स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों  का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।

उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

 मंत्रिपरिषद की बैठक में तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों से 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से तेंदूपत्ता खरीदने के लिए वर्ष 2026 हेतु ऋण लेने के लिए राज्य शासन की गारंटी देने की अनुमति दी गई।


2. मंत्रिपरिषद ने कोदो, कुटकी और रागी की खरीद, प्रसंस्करण और बिक्री के लिए छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को कार्यशील पूंजी प्रदाय किये जाने की अनुमति दी गई।

3. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ को अराष्ट्रीयकृत लघु वनोपज के क्रय, भंडारण, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन के लिए एक बार के लिए 30 करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का निर्णय लिया है।

4. मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ राज्य अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम द्वारा राज्य शासन की प्रत्याभूति (गारंटी) पर लिए गए ऋणों के संबंध में महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके अंतर्गत राज्य शासन द्वारा 55.69 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान कर पांच राष्ट्रीय निगमों से लिए गए ऋणों की पूर्ण राशि वापस करने का अनुमोदन किया गया। ये राष्ट्रीय निगम हैं- राष्ट्रीय अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति वित्त एवं विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, अल्पसंख्यक वित्त एवं विकास निगम और दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम।

वर्तमान में इन ऋणों पर राज्य शासन द्वारा प्रतिवर्ष लगभग 2.40 करोड़ रुपये ब्याज का भुगतान किया जा रहा है। ऋण की पूरी अदायगी होने पर यह ब्याज व्यय पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय निगमों से एनओसी (अदेय प्रमाण पत्र) प्राप्त होने पर शासन की ओर से दी गई 229.91 करोड़ रुपये की लंबित गारंटी देनदारी भी समाप्त हो जाएगी। इस निर्णय से राज्य शासन पर वित्तीय बोझ कम होगा और भविष्य में होने वाले अनावश्यक व्यय से बचत सुनिश्चित होगी।

5. मंत्रिपरिषद ने निर्णय लिया है कि - 
उसना मिलिंग पर प्रोत्साहन राशि 20 रू. प्रति क्विंटल से बढ़ाकर की गई 40 रू. प्रति क्विंटल

सभी मिलरों के लिए प्रोत्साहन राशि की पात्रता हेतु अब न्यूनतम 03 माह की जगह न्यूनतम 02 माह की मिलिंग करनी होगी
   
6. मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक विकास नीति 2024-30 में संशोधन का निर्णय लिया। इससे नीति के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रचार-प्रसार, विशेषज्ञों की नियुक्ति और सेवा गतिविधि प्रमाणपत्र जारी करने के संबंध में विसंगतियां दूर होंगी। इन संशोधनों से राज्य में निवेश की गुणवत्ता बढ़ेगी, स्थायी रोजगार सृजन होगा और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।

7. मंत्रिपरिषद ने राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज ग्राउंड में 20 जनवरी से 5 फरवरी तक आयोजित 9वें ऑटो एक्सपो के दौरान बिकने वाले वाहनों पर लाइफ टाइम रोड टैक्स में 50 प्रतिशत छूट प्रदान करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।  यह छूट एक्सपो में वाहन बिक्री के बाद पंजीकरण के समय लागू होगी, जिससे मोटरयान कर में एकमुश्त 50 प्रतिशत की राहत मिलेगी। पूरे प्रदेश के वाहन विक्रेताओं को इसका लाभ मिलेगा, इस संबंध में निर्देशित किया गया है।

8. मंत्रिपरिषद द्वारा प्रदेश में कस्टम मिलिंग के लिए धान उपार्जन एवं परिवहन से संबंधित गतिविधियों के लिए राइस मिलर्स द्वारा दी जाने वाली बैंक गारंटी पर देय स्टाम्प शुल्क को 0.25 से घटाकर 0.05 प्रतिशत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। 

9. मंत्रिपरिषद द्वारा पुलिस मुख्यालय छत्तीसगढ़ नवा रायपुर अटल नगर में विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी का एक नवीन पद वेतन मेट्रिक्स लेवल-14 एक वर्ष की अवधि के लिए स्थायी रूप से निर्मित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई है।

10. मंत्रिपरिषद द्वारा रायपुर महानगरीय पुलिस जिला में पुलिस आयुक्त प्रणाली को 23 जनवरी से लागू किए जाने के संबंध में निर्णय लिया गया है।
 
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‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से घर बैठे कर सकते हैं केवायसी

 छत्तीसगढ़ में वर्तमान में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत 82.18 लाख राशन कार्ड प्रचलित है। इन राशन कार्डों में पंजीकृत सदसस्यों की संख्या 2.73 करोड़ है। केन्द्र सरकार के निर्देश पर राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के वास्तविक हितग्राहियों को योजना का लाभ दिलाने के उददेश्य से ई-केवायसी का कार्य निरंतर जारी है। अब तक कुल पंजीकृत सदस्यों का 2.3 करोड़ याने 85 प्रतिशत सदस्यों का ई-केवायसी का काम पूर्ण हो चुका है। वास्तविक रूप से लगभग 30.32 लाख सदस्यों का ई-केवायसी हेतु शेष है। 


खाद्य विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि राज्य के सभी शासकीय उचित मूल्य के दुकानों में संचालित ई-पास मशीन में ई-केवायसी की सुविधा उपलब्ध है। इसके अतिरिक्त भारत सरकार द्वारा जारी ‘‘मेरा ई-केवायसी’’ एप्प के माध्यम से भी ई-केवायसी किए जा सकते हैं। एप्प के माध्यम से ई-केवायसी करने हेतु एंड्रायड मोबाइल में गूगल प्ले स्टोर से एप्प डाउनलोड कर हितग्राही अपना आधार नंबर डालकर आधार ओटीपी के माध्यम से फेस ई-केवायसी कर सकते हैं। 

अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में 14,040 शासकीय उचित मूल्य की दुकानें संचालित हो रही हैं और पंजीकृत राशन कार्डधारियों द्वारा अपनी पसंद के उचित मूल्य की दुकानों से राशन प्राप्त कर रहे हैं। वर्ष 2025 की अनुमानित जनसंख्या के अनुसार 89 प्रतिशत जनसंख्या का कव्हरेज हो रहा है। राशन वितरण को पारदर्शी बनाने के लिए आधार सिडिंग का कार्य भी किया जा रहा है। जिसके तहत् 99.7 प्रतिशत सदस्यों का आधार सीडिंग हो चुका है और 85 प्रतिशत ई-केवाईसी भी पूर्ण कर लिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि लगभग 2.73 करोड़ खाद्यान्न सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं, इन्हें नियमित रूप से खाद्यान्न सामग्री उचित मूल्य दुकानों के माध्यम से वितरित की जा रही है। इनमें प्राथमिकता में शामिल 73 लाख से अधिक परिवारों को निःशुल्क तथा साढ़े आठ लाख गरीबी रेखा से ऊपर जीवन यापन करने वाले परिवारों को रियायती दर पर चावल उपलब्ध कराया जा रहा है। प्राथमिकता वाले परिवारांे को आयरन फोलिक एसिड तथा विटामिन बी-12 युक्त फोर्टिफाइड चावल वितरित किए जा रहे हैं। 

राज्य सरकार की महत्वकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत् बस्तर संभाग के 5 जिले बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, नारायणपुर एवं कांकेर के चयनित दूरस्त 402 ग्रामों के कुल 42,220 राशन कार्डधारियों को खाद्यान्न, चना, शक्कर, नमक व गुड़ का निःशुल्क वितरण किया जा रहा है।
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राज्यपाल श्री डेका से विवेकानंद केन्द्र के पदाधिकारियों ने की सौजन्य भेंट

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहाँ लोकभवन में विवेकानंद केन्द्र कन्याकुमाारी की उपाध्यक्ष पद्मश्री निवेदिता रघुनाथ भिडे एवं राज्य के अन्य पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने केन्द्र की गतिविधियों के संबंध में राज्यपाल को अवगत कराया और आवश्यक सहयोग के लिए अनुरोध किया। राज्यपाल श्री डेका ने रायपुर स्थित विवेकानंद केन्द्र में संचालित कौशल प्रशिक्षण केन्द्र के लिए 10 कम्प्यूटर प्रदान करने की स्वीकृति दी।

       इस अवसर पर राज्य संगठक सुश्री रचना जानी, सह प्रांत संगठक सुश्री ऋतुमणि दत्त, नगर संचालक, रायपुर श्री चेतन तारवानी, नगर प्रमुख, रायपुर श्री आशीष दुबे, संपर्क प्रमुख, रायपुर श्री सिद्धार्थ जैन भी उपस्थित थे।

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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 5.74 करोड़ रूपए के सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कवर्धा विधानसभा क्षेत्र के वनांचल और ग्रामीण क्षेत्र को बड़ी सौगात देते हुए 5 करोड़ 74 लाख 87 हजार रुपये की लागत से तीन महत्वपूर्ण सड़क निर्माण कार्यों का विधिवत पूजा-अर्चना कर भूमिपूजन किया। इन सड़क निर्माण कार्यों से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलने के साथ-साथ विकास को भी नई गति मिलेगी। 

       उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सर्वप्रथम मेन रोड से ग्राम कटगो तक 3 करोड़ 35 लाख रूपए लागत  की 6.81 किलोमीटर लंबी सड़क के निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस सड़क के निर्माण से वनांचल क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में होने वाली कठिनाइयों से निजात मिलेगी और ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से सीधा संपर्क स्थापित होगा।
           इसके पश्चात उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने मेन रोड से खिरसाली तक 1 करोड़ 36 लाख 50 हजार रूपए लागत के 4 किमी लंबी सड़क निर्माण का भूमिपूजन किया। वहीं मेन रोड से लाटा तक 1 करोड़ 02 लाख 90 हजार रूपए लागत की 2.80 किमी लंबे सड़क निर्माण कार्य का भी विधिवत भूमिपूजन किया।
      उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उपस्थित ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ग्रामीण विकास को लेकर पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि ग्राम कटगो में प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत कुल 263 आवासों की स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनका निर्माण कार्य वर्तमान में प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि गांवों में अधोसंरचनात्मक विकास को निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है
         उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने ग्रामीणों को यह भी जानकारी दी कि आगामी नववर्ष के अवसर पर 01 जनवरी को भोरमदेव कॉरिडोर का भव्य भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं केंद्रीय पर्यटन मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा कि भोरमदेव कॉरिडोर के निर्माण से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और कवर्धा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी ग्रामवासियों को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि यह कॉरिडोर क्षेत्र के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत सदस्य श्री लोकचंद साहू, श्री राम किंकर वर्मा सहित जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कुशाभाऊ ठाकरे की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में प्रख्यात जननायक कुशाभाऊ ठाकरे जी की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, विधायक श्री प्रबोध मिंज, विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा सहित अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी का संपूर्ण जीवन राष्ट्रहितऔर समाज-सेवा के लिए समर्पित रहा। वे सत्ता-प्राप्ति को उद्देश्य नहीं, बल्कि जनसेवा को राजनीति का परम लक्ष्य मानते थे।मूल्य-आधारित राजनीति, चरित्र, अनुशासन और कर्मठता उनके सार्वजनिक जीवन की पहचान रही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी ने भारतीय लोकतंत्र को मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। लोकतांत्रिक संस्कारों के प्रसार में उनकी भूमिका सदैव स्मरणीय रहेगी। वे सरलता और आत्मीयता के माध्यम से लोगों के हृदय से जुड़ने वाले विरले नेता थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के साथ कुशाभाऊ ठाकरे जी का गहरा और आत्मीय संबंध रहा है। उनके जीवन से यह प्रेरणा मिलती है कि राजनीति का मूल उद्देश्य सेवा, राष्ट्रहित एवं समाज कल्याण ही होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुशाभाऊ ठाकरे जी की पावन स्मृतियाँ हम सबके लिए प्रेरणास्रोत हैं और हमें जनकल्याण के कार्यों में सदैव सक्रिय रहने की प्रेरणा देती रहेंगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का किया विमोचन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वर्ष 2026 के शासकीय कैलेंडर का विमोचन किया। वर्ष 2026 को राज्य सरकार द्वारा ‘महतारी गौरव वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी थीम पर आधारित यह कैलेंडर सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को अभिव्यक्त करता है।


कैलेंडर के मुख्य पृष्ठ पर छत्तीसगढ़ के पाँच प्रमुख शक्तिपीठ — मां बमलेश्वरी डोंगरगढ़, मां महामाया रतनपुर, मां दंतेश्वरी दंतेवाड़ा, मां चंद्रहासिनी चंद्रपुर और मां कुदरगढ़ी सूरजपुर के पावन धाम को प्रमुखता से स्थान दिया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के छायाचित्र भी अंकित हैं। पृष्ठभूमि में सिरपुर एवं राजिम के मंदिर, आदिवासी संस्कृति, मधेश्वर पहाड़ तथा चित्रकोट जलप्रपात के आकर्षक ग्राफिकल प्रतिरूप सम्मिलित किए गए हैं, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक धरोहर का प्रतीक हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि “राज्य सरकार के लिए मातृशक्ति का सम्मान और सशक्तिकरण सर्वोच्च प्राथमिकता है। महतारी गौरव वर्ष के रूप में मनाया जा रहा यह वर्ष महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन को समर्पित है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया यह शासकीय कैलेंडर महिला सशक्तिकरण, राज्य की प्राथमिकताओं और हमारी उपलब्धियों का सशक्त प्रतीक है। इसमें जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों को समाहित किया गया है, जो सशक्त एवं समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”

कैलेंडर के विभिन्न मासिक पृष्ठों में विषयानुसार योजनाओं एवं अभियानों को समाहित किया गया है। जनवरी माह के पृष्ठ पर राज्य के प्रमुख शक्तिपीठों का दर्शन कराया गया है। फरवरी माह में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान को दर्शाया गया है, वहीं मार्च माह को महतारी वंदन योजना को समर्पित किया गया है। अप्रैल माह में मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना, मई माह में तेंदूपत्ता संग्रहण एवं चरण पादुका योजना, तथा जून माह में बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान को प्रमुखता दी गई है। जुलाई माह में महिला मुखिया के नाम से पीडीएस राशनकार्ड की व्यवस्था को दर्शाया गया है। अगस्त माह में रक्षाबंधन उत्सव, सितंबर में दीदी ई-रिक्शा सहायता योजना और अक्टूबर माह में शौर्य का सम्मान विषय को स्थान दिया गया है। नवंबर माह को “सेवा ही संकल्प” की भावना के साथ प्रस्तुत किया गया है, जबकि दिसंबर माह को महिला सशक्तिकरण के प्रतीक रूप में दर्शाया गया है।

शासकीय कैलेंडर 2026 के विमोचन के इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, जनसंपर्क सचिव श्री रोहित यादव, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत तथा आयुक्त जनसंपर्क श्री रवि मित्तल उपस्थित थे।
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राजीव भवन में कांग्रेस का 141 वां स्थापना दिवस मनाया गया

 कांग्रेस का 141 वां स्थापना दिवस प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय राजीव भवन में मनाया गया। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने राजीव भवन में पार्टी के ध्वजारोहण किया तथा सेवादल के साथियों ने सलामी दिया। ध्वजारोहण के आजादी की लड़ाई से लेकर देश के नवनिर्माण तक कांग्रेस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, वरिष्ठ नेता सत्यनारायण शर्मा, राजेन्द्र तिवारी ने अपने कांग्रेस के इतिहास पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में स्वागत भाषण शहर अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन, आभार ग्रामीण अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे एवं संचालन महामंत्री सुबोध हरितवाल ने किया।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि कांग्रेस ने अपनी स्थापना के 140 वर्ष पूरे कर लिए हैं। 141वें स्थापना दिवस की आप सभी को बधाई। आज भले ही अधिकांश राज्यों में कांग्रेस की सरकार नहीं है, लेकिन कांग्रेस ही देश का एकमात्र राजनैतिक दल है जिसका कार्यकर्ता भारत के उत्तर, दक्षिण, पूरब से लेकर पश्चिम के हर गांव में मिल जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि देश की सामयिक जरूरत के अनुसार कांग्रेस ने समय समय पर प्रथमिकता को बदल कर योजनाओं को बनाया। आजादी के पहले स्वतंत्रता आंदोलन आजादी के बाद गणतंत्र का निर्माण, संविधान निर्माण प्राथमिकता में थे, नेहरू जी ने दुनियां में गुट निरपेक्ष देशों का प्रतिनिधित्व किया, पंचशील सिद्धांत दिये जो आज भी अधिकांश देशों के विदेश नीति का आधार है, औद्योगिकरण और वृहद सिचाई परियोजनाओं की नींव डाली। नेहरू जी के बाद शास्त्री जी के समय अनाज की उपलब्धता बढ़ाई, देश की सुरक्षा को लक्ष्य रख कर जय जवान जय किसान का नारा दिया गया। इंदिरा जी हरित क्रांति, बीस सूत्री कार्यक्रम, अंतरिक्ष कार्यक्रम, परमाणु कार्यक्रम से सुदृढ़ भारत के लक्ष्य को प्राथमिकता में रखा। राजीव गांधी जब भारत के प्रधानमंत्री बने तब देश को 21वीं सदी की ओर ले जाने के लिए कांग्रेस की प्राथमिकता में सूचना प्रोद्योगीकी और कम्प्यूटर क्रांति थी, मतदान की आयु 21 से घटाकर 18 करके युवाओं को लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने का अवसर दिया, पंचायतों को सशक्तीकरण कर सत्ता के विकेंद्रीकरण का मार्ग भी खोला गया। पीवी नरसिंहराव जी के समय आर्थिक उदारीकरण को अपना कर वैश्विक व्यापारिक जगत में भारत को मजबूती से खड़ा करने का प्रयास किया गया। यूपीए चेयर पर्सन श्रीमती सोनिया गांधी के मार्गदर्शन तथा मनमोहन सिंह के नेतृत्व में आर्थिक सुधारों के साथ खाद्य सुरक्षा कानून, सूचना के अधिकार, महात्मा गांधी रोजगार गारंटी, शिक्षा का अधिकार, भू-अधिग्रहण जैसे कानूनों को लाकर कांग्रेस ने आम आदमी के जीवन स्तर को सुधारने का प्रयास किया।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कांग्रेस स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गांधी जी, नेहरू जी जब देश की आजादी की लड़ाई की अगुवाई कर रहे थे तब आज के तथाकथित राष्ट्रवादी गांधी जी का विरोध कर रहे थे। आजादी के समय राष्ट्रवाद की थ्योरी सावरकर और उनके बाद जिन्ना ने दिया, विभाजन के असली जिम्मेदार यही लोग थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस आजादी का लक्ष्य प्राप्त करने में इसलिए सफल हुई क्योंकि वह लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर आगे बढ़ रही थी। आजादी की लड़ाई में कांग्रेस किसी एक वर्ग की नही बल्कि सम्पूर्ण भारत की अगुवाई कर रही थी। कांग्रेस में कई विचार धाराएं थी, गांधी जी सहित कांग्रेस के नेतृत्वकर्ताओ ने वैचारिक मतभिन्नता का पूरा सम्मान किया तथा विभिन्न विचारों को लेकर स्वतंत्र भारत के एक लक्ष्य के साथ कांग्रेस दुनिया के सबसे बड़े सफल अहिंसक आंदोलन को चलाने में कामयाब हुई। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान कांग्रेस भारत के जनमानस की आईना थी। सारा भारत कांग्रेस के साथ था सिर्फ साम्प्रदायिक जातिवादी और अंग्रेजो के प्रति श्रद्धा रखने वाले संगठन जरूर कांग्रेस के खिलाफ थे।

पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता सत्यनारायण शर्मा, पूर्व मंत्री अमितेष शुक्ल, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राजेन्द्र तिवारी, संचार विभाग अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, वरिष्ठ कांग्रेस नेता महेन्द्र छाबड़ा, चिकित्सा प्रकोष्ठ अध्यक्ष डॉ. राकेश गुप्ता, सेवादल कांग्रेस अध्यक्ष अरूण ताम्रकार, महामंत्री सकलेन कामदार, महामंत्री दीपक मिश्रा, महामंत्री सुबोध हरितवाल, शहर जिला अध्यक्ष श्रीकुमार मेमन, ग्रामीण जिला अध्यक्ष राजेन्द्र पप्पू बंजारे, गिरीश दुबे, ज्ञानेश शर्मा, अशोक राज आहूजा, पंकज शर्मा, युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा, डॉ. अजय साहू, शिवसिंह ठाकुर, सत्यप्रकाश सिंह, सौरभ साहू, राजेश चौबे, ओबीसी कांग्रेस अध्यक्ष केशव चंद्राकर, इंद्रिश गांधी, हशन खान, विनोद तिवारी, सारिक रईस खान, सुंदर लाल जोगी, कन्हैया अग्रवाल, सुनील कुकरेजा, करूणा कुर्रे, आनंद मिश्रा, जी श्रीनिवास शिनू, दिलीप चौहान, नरेश गड़पाल, अनुभव शुक्ला, राजेश वर्मा, ओम श्रीवास, देवकुमार, प्रवीण प्रधान, दीपा बग्गा, नेता प्रतिपक्ष आकाश तिवारी, मोहनीष खान, दीपक चौबे, सत्येन्द्र वर्मा, कमलेश मिश्रा, रोशन सिंह, विनोद कश्यप, अमिता घोष सहित कांग्रेस के कार्यकर्तागण उपस्थित थे।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से जिला पंचायत अध्यक्षों ने विभिन्न मांगों पर की चर्चा

 उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा ने शनिवार को अपने निवास कार्यालय में जिला पंचायत अध्यक्षों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्षों ने अपने क्षेत्रों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और अपेक्षाओं को उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखा तथा मानदेय, भ्रमण-यात्रा, आवास एवं अन्य भत्तों में वृद्धि, उचित सुरक्षा व्यवस्था और वाहन किराए में संशोधन जैसी मांगों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी मांगों को गंभीरतापूर्वक सुना और उन पर विस्तृत चर्चा की।

      इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) वीबी जी राम जी अधिनियम 2025 सहित जिला पंचायतों से जुड़े प्रमुख विकासात्मक विषयों पर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को प्राप्त करने में जिला पंचायतों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। योजनाओं का वैज्ञानिक नियोजन, आधुनिक तकनीक का उपयोग और जनप्रतिनिधियों का सतत क्षमता विकास ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाएगा।
     उप मुख्यमंत्री ने बताया कि नए अधिनियम के तहत अब ग्रामीण परिवारों को 125 दिवस तक रोजगार की गारंटी मिलेगी। जल संरक्षण, ग्रामीण अधोसंरचना, सौर ऊर्जा और आजीविका संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया है, साथ ही कमजोर वर्गों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से समयबद्ध मजदूरी भुगतान भी सुनिश्चित किया जाएगा।
     उन्होंने आगे बताया कि इस अधिनियम में आवास, पेयजल, स्वच्छता एवं विद्युतीकरण जैसे कार्यों को भी शामिल किया गया है, जिससे गांवों में अधोसंरचना निर्माण को नई गति मिलेगी। ग्राम सभा द्वारा समग्र योजना निर्माण के प्रावधान से कार्यों के दोहराव पर रोक लगेगी और संतुलित विकास सुनिश्चित होगा।
      नवीन अधिनियम में पंचायतों को भविष्य के लिए तैयार करते हुए जल सुरक्षा, आजीविका से जुड़ी अधोसंरचनाओं के विकास तथा मौसमी आपदाओं से बचाव पर विशेष फोकस किया गया है। किसानों के हित में राज्य सरकारों को फसल बुवाई और कटाई के चरम समय में प्रतिवर्ष 60 दिवस तक कार्य स्थगन की अधिसूचना जारी करने का प्रावधान भी रखा गया है। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान त्वरित राहत पहुंचाने हेतु विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।
      बैठक में जिला पंचायत विकास निधि, जनपद पंचायत विकास निधि, मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजना, महतारी सदन निर्माण, श्रद्धांजलि योजना, अटल डिजिटल सुविधा केंद्र और क्षमता विकास योजना पर भी अधिकारियों द्वारा विस्तृत जानकारी दी गई। जिला पंचायत अध्यक्षों ने योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर अपने सुझाव साझा किए।
       इसके साथ ही समर्थ पंचायत पोर्टल के माध्यम से स्थानीय निकायों के करों की यूपीआई आधारित संग्रहण व्यवस्था, प्रदर्शन आधारित अनुदान प्रणाली तथा ग्राम संपदा मोबाइल एप द्वारा परिसंपत्तियों की ऑनलाइन मॉनिटरिंग की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने जनप्रतिनिधियों के लिए आयोजित एक्सपोजर विजिट कार्यक्रमों की रूपरेखा से भी अवगत कराया।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आईपीएस अधिकारी श्री प्रखर पांडेय को दी श्रद्धांजलि

 छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी स्वर्गीय प्रखर पांडेय को आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने उनके भिलाई स्थित निवास पहुँचकर श्रद्धांजलि अर्पित की तथा शोक संतप्त परिवार से भेंट कर उन्हें ढांढस बंधाया।

      इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वर्गीय प्रखर पांडेय छत्तीसगढ़ पुलिस के एक कर्तव्यनिष्ठ, अनुशासित और संवेदनशील अधिकारी थे। उनका सम्पूर्ण जीवन जनसेवा और कर्तव्यपालन को समर्पित रहा। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार और पुलिस विभाग इस दुःख की घड़ी में परिवार के साथ खड़ा है।
      उल्लेखनीय है कि स्वर्गीय श्री प्रखर पांडेय 2009 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी थे और अपने सेवाकाल में छत्तीसगढ़ पुलिस महकमे में एक बेहतरीन अधिकारी के रूप में उनकी पहचान थी। उप मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को संबल प्रदान करने की प्रार्थना की।
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प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा से की सौजन्य भेंट

 प्रशिक्षु भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा से उनके निवास पर सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों से राज्य की कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक दक्षता और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

     उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने प्रशिक्षु अधिकारियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि ईमानदारी, संवेदनशीलता और सेवा-भाव के साथ कार्य करना ही एक सफल पुलिस अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनविश्वास आधारित पुलिसिंग से ही कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
      प्रतिनिधि दल के साथ आईजी श्री अजय यादव, एसपी श्री अभिषेक पल्लव एवं एसएसपी श्री पंकज शुक्ला, प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी श्री आदित्य कुमार, सुश्री अंशिका जैन, श्री प्रतीक दादा साहेब एवं सुश्री मानसी शामिल थे। प्रशिक्षु अधिकारियों ने उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ अपने प्रशिक्षण के  अनुभव भी साझा किए।
      उप मुख्यमंत्री ने प्रशिक्षु अधिकारियों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे फील्ड पोस्टिंग के दौरान जनसमस्याओं के त्वरित समाधान, कानून के निष्पक्ष पालन और मानवाधिकारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक, सक्षम और जनोन्मुखी बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।
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देश के स्वतंत्रता संग्राम में आदिवासी नायकों का योगदान अद्वितीय - मुख्यमंत्री श्री साय

 स्वाधीनता आंदोलन के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी नायकों एवं महापुरूषों का अद्वितीय योगदान है। हल्बा, हल्बी एवं आदिवासी समाज सहित संपूर्ण भारतवर्ष के गौरव शहीद गैंद सिंह नायक ने हमारे देश में आजादी का आंदोलन का सर्वप्रथम शंखनाद किया था। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जिला मुख्यालय दुर्ग के गोकुल नगर स्थित हल्बा शक्ति स्थल में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज द्वारा आयोजित 35वां मिलन समारोह एवं शक्ति दिवस पर्व को सम्बोधित करते हुए यह बात कही। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर हल्बा-हल्बी समाज के नवनिर्मित कार्यालय का लोकार्पण भी किया। श्री साय ने शक्ति स्थल में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हल्बा समाज के युवा-युवतियों को आवासीय कोचिंग सुविधा प्रदान करने हेतु 50 लाख रूपए तथा पुलगांव दुर्ग स्थित कंवर समाज के सामाजिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण हेतु 25 लाख रूपए  की स्वीकृत किए जाने की घोषणा भी की। इस अवसर पर उन्होंने हल्बा-हल्बी समाज के सामाजिक पत्रिका ’समाज’ का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने आगे कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य सहित पूरे देश में आजादी के आंदोलन का सूत्रपात सर्वप्रथम जनजातीय समाज के नायको ने किया था। शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंद सिंह नायक सहित जनजाति नायकों एवं देशभक्तों ने अंग्रेजों के खिलाफ कुल 14 क्रांतियों का शंखनाद किया था। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. वाजपेयी ने जनजाति वर्ग के उत्थान एवं विकास के लिए सर्वप्रथम केन्द्रीय जनजाति कार्यालय मंत्रालय का गठन भी किया गया था। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर राजधानी रायपुर में जनजाति समाज के नायकों एवं वीर सपूतों के योगदान तथा अमर गाथाओं को नई पीढ़ी को परिचित कराने साथ-साथ उसके संरक्षण और संवर्धन हेतु विशाल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने दो वर्षों में प्रधानमंत्री श्री मोदी की अधिकांश गारंटियों को प्राथमिकता से पूरा किया है। राज्य की लगभग 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रूपए प्रति मानक बोरा के हिसाब से पारिश्रमिक तथा किसानों को धान का मूल्य 3100 रूपए प्रति क्विंटल दिया जा रहा है। 26 लाख से अधिक परिवारों को प्रधानमंत्री आवास की मंजूरी दी गई है। राज्य में भी नक्सलवाद अपने अंतिम सांस गिन रहा है। नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से 400 से अधिक गांवों में विकास के काम तेजी से हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा भी 2047 तक विकसित छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर पूरे देश में अग्रणी राज्य बनाने हेतु निरंतर कार्य किया जा रहा है। 
कार्यक्रम को सांसद श्री विजय बघेल और पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, हल्बा-हल्बी समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री खलेन्द्र ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रदेश राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष श्री ललित चन्द्राकर, अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित थे।
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कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह गांवों तक पहुंचे वित्त मंत्री श्री चौधरी, विकास कार्यों को दी नई गति

 ग्रामीण अंचलों के सर्वांगीण विकास और आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश के वित्त मंत्री एवं रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी ने आज कड़ाके की ठंड में सुबह-सुबह 8 बजे से रायगढ़ विकासखण्ड के विभिन्न गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम छुहीपाली, बनोरा, महापल्ली, सियारपाली एवं गोपालपुर में कुल 1 करोड़ 49 लाख रुपये की लागत से होने वाले विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन कर ग्रामीण विकास को नई गति प्रदान की।

          इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दूरदर्शी और जनहितकारी नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार गांव, गरीब, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर विकास की नई इबारत लिख रही है। उन्होंने प्रदेश सरकार की ऐतिहासिक उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसानों को लंबित धान बोनस का भुगतान, धान खरीदी की सीमा और समर्थन मूल्य में बढ़ोतरी, महिलाओं के लिए महतारी वंदन योजना की शुरुआत, गरीबों के लिए प्रधानमंत्री आवास तथा गांवों में सड़क, स्कूल और सामुदायिक भवन जैसे बुनियादी ढांचे के निर्माण को तेजी से आगे बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ  जमीन पर उतारकर आम जनता के जीवन में ठोस और सकारात्मक बदलाव लाना है। इस दौरान उन्होंने गांवों में विकास के अन्य कार्य के लिए 10 लाख रुपए देने की घोषणा भी की। उन्होंने सरपंच, सचिव और ग्रामीणों से कहा कि गांवों में जो भी निर्माण कराए जा रहे है उसकी गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें।

      इस अवसर पर नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती सुषमा खलखो, जनपद पंचायत रायगढ़ अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान, सुखलाल चौहान सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय जन उपस्थित रहे।

महतारी वंदन योजना से महिलाएं हो रही सशक्त

          वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। योजना का लाभ मिलने से महिलाएं न केवल अपनी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा कर पा रही हैं, बल्कि आत्मनिर्भर बनने की ओर भी कदम बढ़ा रही हैं। इससे घरेलू खर्चों में सहूलियत मिल रही है और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी भी बढ़ी है। उन्होंने कहा कि आज ग्राम-छुहीपाली में 166, बनोरा में 442, महापल्ली में 601, सियारपाली में 430 एवं गोपालपुर में 447 इस तरह कुल 2086 महिलाएं महतारी वंदन योजना से लाभान्वित हो रही है। उक्त योजना से अब तक 4 करोड़ 59 लाख 22 हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से उनके खाते में भेजी जा चुकी है। 

इन गांवों में पूर्ण हुए पीएम आवास

          वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों को अपना सपना पूरा करने का मौका मिला है। इस योजना से अब गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षित और पक्का आवास मिल रहा है, जिससे उनकी जीवनशैली में सुधार और सामाजिक सुरक्षा बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि योजना से न केवल उनका रहन-सहन बेहतर हुआ है, बल्कि बच्चों की पढ़ाई और परिवार की सुरक्षा में भी मदद मिली है। पीएम आवास योजना के तहत ग्राम-छुहीपाली में 107, बनोरा में 108, महापल्ली में 81, सियारपाली में 67 एवं गोपालपुर में 115 इस तरह कुल 478 आवास इन गांवों में पूर्ण हो चुके है। 

इन कार्यों का हुआ लोकार्पण एवं भूमिपूजन

वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी सर्वप्रथम ग्राम छुहीपाली पहुंचे, जहां उन्होंने ने 18 लाख रुपये की लागत से बनने वाले माध्यमिक शाला भवन का भूमिपूजन किया। वहीं राजघाट पुल से छुहीपाली बस्ती की ओर 10 लाख रुपये की सीसी रोड तथा बजरंग मंदिर के समीप 6 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण कार्य का लोकार्पण किया। इसके पश्चात ग्राम बनोरा में पंचायत भवन के सामने 10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण एवं सारथी मोहल्ला में 4 लाख रुपये की लागत से चबूतरा निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया। ग्राम-महापल्ली में बजरंग मंदिर के सामने 10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण, 10 लाख रुपये की सामाजिक भवन निर्माण तथा 24.70 लाख रुपये की लागत से महतारी सदन का लोकार्पण किया गया। ग्राम सियारपाली में बीच बस्ती में 10 लाख रुपये की लागत से शेड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया गया। वहीं ग्राम गोपालपुर में बीच बस्ती में 8 लाख रुपये की शेड निर्माण एवं मेन रोड से राज चौहान के घर तक 5 लाख रुपये की लागत से सीसी रोड निर्माण का भूमिपूजन किया गया। इसके साथ ही गोपालपुर में 24.70 लाख रुपये की लागत से महतारी सदन तथा दुर्गा पंडाल के पास 6 लाख रुपये की सड़क निर्माण कार्य का लोकार्पण किया गया।

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छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर भी राष्ट्रीय स्तर की इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल

 भारतीय रेलवे द्वारा अगले पाँच वर्षों में देश के 48 प्रमुख शहरों में रेलगाड़ियों की संचालन क्षमता को दोगुना करने की जो महत्वाकांक्षी योजना तैयार की गई है, उसमें छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर को भी शामिल किया गया है। इस निर्णय का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के करोड़ों यात्रियों के लिए बड़ा तोहफ़ा है और इससे राज्य की कनेक्टिविटी, व्यापार, उद्योग तथा पर्यटन गतिविधियों को नया आयाम मिलेगा।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेलवे का व्यापक आधुनिकीकरण हो रहा है। रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा घोषित इस योजना से छत्तीसगढ़ जैसे उभरते हुए राज्य को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर जंक्शन देश के प्रमुख रेल जंक्शनों में से एक है और यहाँ प्रतिदिन लाखों यात्री आवागमन करते हैं। संचालन क्षमता दोगुनी होने से लोगों को अधिक ट्रेनें, बेहतर आवृत्ति तथा कम भीड़भाड़ का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि रायपुर के साथ-साथ अन्य औद्योगिक और वाणिज्यिक नगरों के लिए भी यह योजना अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी। रेल संरचना के विस्तार से निवेश, रोजगार और लॉजिस्टिक्स की सुगमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी।

रेल मंत्रालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार वर्ष 2030 तक संचालन क्षमता दोगुनी करने के लिए मौजूदा टर्मिनलों पर अतिरिक्त प्लेटफार्म, पिट लाइन एवं स्टेबलिंग लाइन का निर्माण,
शहरी क्षेत्र और आसपास नए टर्मिनलों की स्थापना, सिग्नलिंग, यार्ड आधुनिकीकरण और मल्टीट्रैकिंग के माध्यम से अनुभागीय क्षमता में वृद्धि और मेगा कोचिंग कॉम्प्लेक्स एवं आधुनिक रखरखाव सुविधाओं का विकास किया जाएगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर में इन सुविधाओं के विकसित होने से आम यात्रियों के साथ-साथ छात्रों, मरीजों, उद्योगपतियों और व्यापारियों सभी वर्गों को राहत मिलेगी। राज्य सरकार रेलवे मंत्रालय के साथ समन्वय स्थापित कर इस योजना को तेज गति से धरातल पर उतारने के लिए हर संभव सहयोग देगी।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में छत्तीसगढ़ देश के सर्वाधिक बेहतर रेल संपर्क वाले राज्यों में शामिल होगा और यह परिवर्तन “विकसित भारत @2047” के संकल्प को सशक्त करेगा।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में 41 हजार करोड़ रूपए की लागत से रेलवे सुविधाओं के विस्तार का काम तेजी से चल रहा है, जिसमें रेल्वे ट्रैक का विस्तार, रेलवे लाईन का दोहरीकरण, रेलवे फ्लाई ओवर एवं ब्रिज आदि का निर्माण शामिल है। केंद्र सरकार ने इस साल के बजट में छत्तीसगढ़ राज्य में रेल्वे सुविधा के विकास के लिए  6925 करोड़ रूपए का प्रावधान किया है। इससे राज्य में रेल परियोजनाओं के कामों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी। 

छत्तीसगढ़ में रेलवे के उन्नयन और विकास के लिए 41,000 करोड़ रुपए के निवेश से नई रेल लाइनों, रेलवे फ्लाईओवर और अन्य बुनियादी सुविधाओं का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ राज्य में रेलवे का शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिफिकेशन का काम पूरा हो गया है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय रेलवे मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव जी को छत्तीसगढ़ की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व रेल परियोजनाओं की सौगात मिली है। ये परियोजनाएं राज्य के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगी और जनता को बेहतर रेल सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के बीच बेहतर समन्वय के कारण छत्तीसगढ़ में रेल नेटवर्क विस्तार की ऐतिहासिक पहल हो रही है। इससे यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ औद्योगिक, खनिज और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। छत्तीसगढ़ में रेलवे नेटवर्क विस्तार से न केवल यात्री परिवहन बल्कि खनिज संपदा और औद्योगिक उत्पादों के निर्यात में तेजी आएगी। इससे राज्य में व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में रेलवे के दीर्घकालिक विकास के लिए रावघाट-जगदलपुर, धरमजयगढ़-लोहरदगा और खरसिया-नया रायपुर-परमलकसा जैसी कई नई रेल परियोजनाओं पर काम चल रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को ऐतिहासिक रेलवे बजट प्राप्त हुआ है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था, औद्योगिक विकास और यात्री सुविधाओं को नया आयाम मिलेगा। उन्होंने इसके लिए केंद्र सरकार का आभार जताते हुए कहा है कि छत्तीसगढ़ सरकार इस विकास यात्रा को और आगे ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

गौरतलब है कि रावघाट रेलवे लाइन के अन्तर्गत दल्लीराजहरा-अंतागढ़ (77 किमी) सेक्शन चालू, यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू हो चुका है। रावघाट तक विस्तार कार्य प्रगति पर, जिससे भिलाई इस्पात संयंत्र को लौह अयस्क की आपूर्ति होगी और ग्रामीणों को किफायती यातायात सुविधा मिलेगी। इसी तरह के.के. रेल लाइन दोहरीकरण के अन्तर्गत 170 किमी में से 148 किमी का कार्य पूर्ण हो चुका है। इससे बस्तर और दंतेवाड़ा जिले की कनेक्टिविटी बेहतर होगी। आवागमन आसान और माल परिवहन सुविधाजनक हो सकेगा। 4021 करोड़ रूपए की लागत वाली डोंगरगढ़-कवर्धा-कटघोरा रेल लाइन परियोजना की लंबाई 295 किमी है। इसके निर्माण से खनिज परिवहन, यात्री सुविधाएं और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। कोरबा-अंबिकापुर नई रेल लाइन से सरगुजा क्षेत्र को नए विकास की दिशा मिलेगी। गढ़चिरौली-बीजापुर-बचेली 490 किमी लंबी परियोजना के सर्वेक्षण के लिए 12.25 करोड़ रुपए मंजूर हुए हैं। सरडेगा-भालुमुडा डबल लाइन से ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर 115 शहरों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की 101वीं जयंती के अवसर पर राज्य के 115 नगरीय निकायों में नवनिर्मित अटल परिसरों का लोकार्पण किया। उन्होंने राजधानी रायपुर में अटल एक्सप्रेस-वे के फुंडहर चौक पर स्थापित अटलजी की प्रतिमा का अनावरण तथा अटल परिसर का लोकार्पण करते हुए राज्यभर में आयोजित कार्यक्रमों से वर्चुअल रूप से जुड़कर अन्य 114 नगरीय निकायों में निर्मित अटल परिसरों का भी लोकार्पण किया।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरू खुशवंत साहेब कार्यक्रम में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने फुंडहर खेल मैदान में आयोजित कार्यक्रम में रायपुर नगर निगम क्षेत्र अंतर्गत 186 करोड़ 98 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत 23 कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया। इनमें 185 करोड़ 49 लाख रुपये के 17 कार्यों का भूमिपूजन तथा एक करोड़ 49 लाख रुपये के 6 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इस अवसर पर उन्होंने नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग द्वारा प्रकाशित अटल परिसरों पर आधारित कॉफी टेबल बुक का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के पाँच हितग्राहियों को भवन निर्माण अनुज्ञा-पत्र एवं पीएम स्वनिधि योजना के तहत पाँच महिला हितग्राहियों को 50-50 हजार रुपये के चेक वितरण किए गए।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपने संबोधन में अटलजी की 101वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उपस्थित नागरिकों को सुशासन दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ छत्तीसगढ़वासी आज अटलजी को कृतज्ञतापूर्वक नमन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अटलजी तीन बार देश के प्रधानमंत्री रहे, वे अजातशत्रु, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि एवं श्रेष्ठ साहित्यकार थे। विरोधी दल भी उनके भाषणों को सुनने के लिए उत्सुक रहते थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के माध्यम से अटलजी ने गांव-गांव तक पक्की सड़कों का जाल बिछाया और बारहमासी सड़कों से ग्रामीण भारत को जोड़ा, जिससे छह लाख से अधिक गांवों में विकास के द्वार खुले। किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से किसानों को सुलभ कृषि ऋण उपलब्ध कराया गया, जिसका लाभ आज करोड़ों किसान उठा रहे हैं। अटल जी ने आदिम जाति विकास मंत्रालय का गठन कर उन्होंने आदिवासी कल्याण की योजनाओं को नई दिशा दी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया गया है। इससे पूर्व 60 स्थानों पर परिसरों का लोकार्पण हो चुका है। अटलजी के जन्म-शताब्दी वर्ष में सभी नगरीय निकायों में अटल परिसर निर्मित किए जा रहे हैं, ताकि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटलजी की स्मृतियाँ चिरस्थायी बनी रहें। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के पश्चात छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति मिली है। अटलजी की दूरदृष्टि और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के दृढ़ संकल्प के साथ छत्तीसगढ़ विकसित राज्य बनने की दिशा में तीव्र गति से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के तहत रायपुर में 1023 आवासों की स्वीकृति दी गई है।

विधायक श्री किरण सिंह देव ने कहा कि अटलजी ने अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ को अलग राज्य का स्वरूप प्रदान किया। आज डबल-इंजन की सरकार सभी वर्गों के विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि ‘गुड गवर्नेंस’ की अवधारणा को देश ने अटलजी के नेतृत्व में अनुभव किया।

विधायक श्री मोतीलाल साहू ने कहा कि प्राकृतिक संपदा से परिपूर्ण होते हुए भी आर्थिक रूप से पिछड़े इस क्षेत्र की आवश्यकता को अटलजी ने पहचाना और नया राज्य देकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि बीते दो वर्षों में रायपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में लगभग 500 करोड़ रुपये के कार्य स्वीकृत किए गए हैं।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में रायपुर शहर का सर्वांगीण विकास हो रहा है और विकास के कार्य अंतिम पंक्ति तक पहुँच रहे हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस ने अपने स्वागत उद्बोधन में अटल परिसरों के निर्माण तथा आज लोकार्पित एवं भूमिपूजित कार्यों का विवरण प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायकगण श्री राजेश मूणत, श्री सुनील सोनी, श्री पुरंदर मिश्रा, श्री इंद्रकुमार साहू, श्री अनुज शर्मा, नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंदकुमार साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के सीईओ श्री शशांक पाण्डेय सहित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग एवं रायपुर नगर निगम के अधिकारी-कर्मचारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
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लोक प्रशासन में उत्कृष्टता को मान्यता: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने की मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा

 छत्तीसगढ़ में सुशासन की दिशा में हो रहे परिवर्तन और प्रशासनिक संस्कृति के सुदृढ़ होते स्वरूप को रेखांकित करते हुए आज मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने  मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 की घोषणा की । यह पुरस्कार राज्य के विभिन्न जिलों और विभागों द्वारा लागू किए गए उन नवाचारों को सम्मानित करने हेतु दिए जाएंगे, जिन्होंने शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने में उल्लेखनीय भूमिका निभाई है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन एवं अभिसरण विभाग द्वारा स्थापित ये पुरस्कार इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य शासन सार्वजनिक प्रशासन के केंद्र में नवाचार, ठोस परिणाम और नागरिक हित को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रहा है। उन्होंने कहा कि शासन की गुणवत्ता को केवल मंशा या व्यय के आधार पर नहीं, बल्कि उसके वास्तविक, मापनीय प्रभाव, विस्तार-योग्यता और जमीनी समस्याओं के समाधान की क्षमता के आधार पर आँका जाना चाहिए। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार इस नई प्रशासनिक सोच को संस्थागत रूप देने का प्रयास हैं, जहाँ तकनीक, संवेदनशीलता और संस्थागत सुधार मिलकर सार्वजनिक सेवा को सशक्त बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि सुशासन केवल नीतियों से नहीं, बल्कि निरंतर हो रहे नवाचारों से साकार होता है। परम श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर मनाए जा रहे सुशासन दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ में जनहित को केंद्र में रखकर विकसित किए गए उत्कृष्ट प्रशासनिक नवाचारों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के विजेताओं की घोषणा की गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि शासन में नवाचार कोई विकल्प नहीं, बल्कि समय की आवश्यकता और प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक प्रणालियों को नागरिकों की अपेक्षाओं के अनुरूप गति, पारदर्शिता और विश्वसनीयता के साथ निरंतर स्वयं को ढालना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन नवाचारों के सम्मान की आज घोषणा की गई  है, वे केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि भविष्य-उन्मुख शासन के लिए अनुकरणीय और दोहराने योग्य मॉडल हैं। मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार 2025–26 के लिए एक सुदृढ़ और बहु-स्तरीय मूल्यांकन प्रक्रिया अपनाई गई है, जिसका उद्देश्य समावेशिता और गुणवत्ता के बीच संतुलन स्थापित करना था। उन्होंने कहा कि इस वर्ष कुल 312 नवाचार प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 275 जिलों से और 37 राज्य स्तरीय विभागों से थे। यह व्यापक सहभागिता इस बात का प्रमाण है कि शासन के प्रत्येक स्तर पर समस्या-समाधान की नवाचारी सोच विकसित हो रही है। यह प्रवृत्ति समाधान-केंद्रित प्रशासन की ओर हो रहे सांस्कृतिक बदलाव को भी दर्शाती है।

मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार हेतु दो-स्तरीय चयन प्रक्रिया के अंतर्गत पहले चरण में 55 नवाचारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद 13 नवाचारों को फाइनलिस्ट के रूप में चुना गया और अंततः 10 विजेता नवाचारों का चयन किया गया, जिनमें जिला और विभागीय श्रेणियों से समान संख्या में प्रविष्टियाँ शामिल रहीं। मूल्यांकन के दौरान परिणामों को 50 अंक, विस्तार-योग्यता को 40 अंक और नवाचार को 10 अंक का भार दिया गया, जिससे यह सुनिश्चित किया गया कि सम्मान केवल विचारों पर नहीं, बल्कि वास्तविक और प्रभावशाली परिणामों पर आधारित हो।

जिला श्रेणी के विजेताओं में दंतेवाड़ा जिले की “ब्लॉकचेन आधारित भूमि अभिलेख डिजिटलीकरण” पहल एक प्रमुख उदाहरण के रूप में सामने आई। इस नवाचार के माध्यम से मैनुअल और कागजी प्रक्रियाओं को समाप्त कर ब्लॉकचेन आधारित छेड़छाड़-रोधी प्रणाली लागू की गई, जिससे भूमि अभिलेख प्राप्त करने का समय हफ्तों से घटाकर कुछ ही मिनटों में संभव हो सका। इस पहल से दस्तावेज़ी धोखाधड़ी पूरी तरह समाप्त हुई और सेवा प्रदाय में अभूतपूर्व तेजी आई, जिसने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में राजस्व प्रशासन के लिए एक नया मानक स्थापित किया।

जशपुर जिले की “निर्माण जशपुर” पहल ने यह दर्शाया कि एकीकृत डिजिटल मॉनिटरिंग किस प्रकार बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावी बना सकती है। 16 विभागों की 7,300 से अधिक परियोजनाओं और 444 ग्राम पंचायतों को कवर करने वाली इस प्रणाली ने रियल-टाइम निगरानी, जियो-टैग्ड सत्यापन और GIS आधारित योजना को संभव बनाया, जिससे कार्यों की गुणवत्ता में सुधार हुआ और विलंब में उल्लेखनीय कमी आई।

मोहला–मानपुर–अंबागढ़ चौकी में लागू संवर्धित टेक-होम राशन (A-THR) नवाचार ने गंभीर कुपोषण जैसी चुनौती का प्रभावी समाधान प्रस्तुत किया। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के सहयोग से विकसित इस पोषण-घन आहार के माध्यम से गंभीर कुपोषित बच्चों में 77.5 प्रतिशत सुधार दर दर्ज की गई। यह पहल इस बात का उदाहरण है कि साक्ष्य-आधारित पोषण हस्तक्षेप बड़े पैमाने पर जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं।

गरियाबंद जिले की “हाथी ट्रैकिंग एवं अलर्ट ऐप” ने मानव–वन्यजीव संघर्ष को कम करने में तकनीक की भूमिका को सशक्त रूप से सामने रखा। AI आधारित ट्रैकिंग और रियल-टाइम अलर्ट व्यवस्था के माध्यम से मानव हताहतों की संख्या लगभग शून्य तक लाई गई, साथ ही फसल क्षति और मुआवजा बोझ में भी उल्लेखनीय कमी आई। राज्य के बाहर भी अपनाई जा चुकी यह पहल संघर्ष-संवेदनशील शासन का एक प्रभावी मॉडल बन चुकी है।

नारायणपुर जिले का “इंटिफाई इंटेलिजेंस टूल” आंतरिक सुरक्षा के क्षेत्र में डेटा एकीकरण की उपयोगिता को दर्शाता है। रियल-टाइम, जियो-स्पेशियल और पूर्वानुमान आधारित इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 100 से अधिक नियोजित अभियानों का संचालन संभव हुआ, विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बेहतर हुआ और वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में परिस्थितिजन्य जागरूकता को मजबूती मिली।

विभागीय श्रेणी में शिक्षा विभाग का “विद्या समीक्षा केंद्र (VSK)” डेटा-आधारित शिक्षा शासन का एक मजबूत स्तंभ बनकर उभरा। यह AI सक्षम प्लेटफॉर्म 56,000 से अधिक विद्यालयों, 2.83 लाख शिक्षकों और 57.5 लाख विद्यार्थियों की निगरानी करता है, जिससे ड्रॉपआउट की प्रारंभिक पहचान, संसाधनों का बेहतर उपयोग और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेना संभव हो सका है।

वाणिज्य एवं उद्योग विभाग की “वन क्लिक सिंगल विंडो सिस्टम” ने व्यवसाय सुगमता सुधार के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किया है। 16 विभागों की 136 सेवाओं को एकीकृत करते हुए इस प्रणाली ने अनुमोदन, प्रोत्साहन, शिकायत निवारण और निरीक्षण प्रक्रियाओं को सरल बनाया, जिससे विलंब कम हुआ और पारदर्शिता के साथ निवेशकों का विश्वास बढ़ा।

वाणिज्य कर (आबकारी) विभाग की समग्र ई-गवर्नेंस सुधार पहल ने राजस्व संग्रह और अनुपालन व्यवस्था को सुदृढ़ किया। एंड-टू-एंड डिजिटलीकरण, ट्रैक एंड ट्रेस प्रणाली और रियल-टाइम डैशबोर्ड के माध्यम से विभाग ने ₹5,425 करोड़ का राजस्व अर्जित किया और पारदर्शिता तथा नियामक निगरानी के नए मानक स्थापित किए।

वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की “FDS 2.0 – ई-कुबेर डिजिटल भुगतान प्रणाली” ने मैनुअल चेक आधारित प्रक्रियाओं को समाप्त कर पूर्णतः कैशलेस, RBI एकीकृत भुगतान व्यवस्था लागू की। इसके माध्यम से ₹1,776 करोड़ से अधिक के 18 लाख लेन-देन पूर्ण हुए, जिससे दूरस्थ और नक्सल प्रभावित वन क्षेत्रों में भी समय पर मजदूरी भुगतान, आजीविका सुरक्षा और पारदर्शी फंड प्रवाह सुनिश्चित हुआ।

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा मनरेगा अंतर्गत लागू QR कोड आधारित सूचना स्वप्रकटिकरण व्यवस्था ने नागरिक-केंद्रित शासन को नई मजबूती दी। QR कोड के माध्यम से ग्रामीणों को वास्तविक समय की योजना जानकारी उपलब्ध कराकर इस पहल ने मध्यस्थों पर निर्भरता कम की और 11,000 से अधिक ग्राम पंचायतों में पारदर्शिता को सुदृढ़ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ये पुरस्कार छत्तीसगढ़ में जनकल्याण केंद्रित नवाचारों और सुशासन को प्रोत्साहन देने की एक नई शुरुआत हैं। यह इस बात का संकेत है कि छत्तीसगढ़ का भविष्य विस्तार-योग्य, नागरिक-केंद्रित और तकनीक-सक्षम शासन में निहित है। पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी एवं टीमें एक प्रतिष्ठित प्रबंधन संस्थान में नेतृत्व विकास कार्यक्रम में भाग लेंगी, जिससे आज के नवाचार आने वाले समय में शासन के मानक बन सकें।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोक प्रशासन में नवाचार का अर्थ केवल नई तकनीक अपनाना नहीं, बल्कि नागरिकों को समयबद्ध, पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख सेवाएँ प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर की जटिल चुनौतियों से निपटने के लिए शासन को निरंतर विकसित होना होगा और मुख्यमंत्री उत्कृष्टता पुरस्कार की पहल यह सिद्ध करती हैं कि किस प्रकार विस्तार-योग्य, डेटा-आधारित और नागरिक-केंद्रित समाधान सार्वजनिक संस्थानों में विश्वास को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ शासन सार्वजनिक सेवा के मूल मूल्य के रूप में नवाचार को निरंतर प्रोत्साहित करता रहेगा, ताकि शासन व्यवस्था को भीतर से रूपांतरित करते हुए प्रत्येक नागरिक तक मापनीय और सकारात्मक प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।
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श्री गुरू ख़ुशवंत साहेब, मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, तकनीकी शिक्षा एवं रोज़गार तथा कौशल विकास विभाग की प्रेस वार्ता

  प्रदेश में तकनीकी शिक्षा एवं व्यावसायिक शिक्षा के समुचित विकास और समन्वय स्थापित करने के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग सदैव प्रयासरत है। वर्तमान में तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत 29 इंजीनियरिंग महाविद्यालय तथा 53 पॉलिटेक्निक संस्थाए एवं 101 फार्मेसी संस्थाए संचालित है। जिनमे इंजीनियरिंग संस्थानों में स्नातक स्तर के 30 पाठ्यक्रम, स्नातकोत्तर स्तर पर 36 तथा पॉलिटेक्निक संस्थाओं में डिप्लोमा स्तर के 21 त्रिवर्षीय पाठ्यक्रम संचालित है। जिसमे लगभग 60 हजार छात्र-छात्राए अध्ययनरत है । विगत वर्षों की तुलना में इस वर्ष इंजीनियरिंग एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में प्रवेश में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


         सत्र 2025-26 से आई. आई.टी. के तर्ज पर शासकीय पॉलिटेक्निक संस्थाओ एवं शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय को उन्नयन करते हुए इंमर्जिंग ब्रांच (रोबोटिक्स, इन्टरनेट ऑफ थिंग्स इत्यादी) के साथ 04 छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की गई है एवं जल्द ही रायपुर बिलासपुर तथा दुर्ग में छत्तीसगढ़ इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी की स्थापना की जावेगी।

        छत्तीसगढ़ के युवाओं के बीच नवाचार एवं उद्यमिता को बढ़ावा देने की दिशा में छत्तीसगढ़ राज्य में i-Hub बनाने हेतु छत्तीसगढ़ शासन, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग एवं i-Hub गुजरात के साथ MoU का निष्पादन किया गया एवं शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय रायपुर में i-Hub की स्थापना की गई। जिसमें प्रदेश के छात्र/छात्राओं को Startup एवं Innovation संबंधी मार्गदर्शन प्रदाय किया जा रहा है।

        तकनीकी शिक्षा संस्थाओंके छात्र/छात्राओं को रोजगार उपलब्ध कराने हेतु Apanatech. pvt.Ltd. के साथ विभाग द्वारा MoU हस्ताक्षर किया गया है तथा छात्र/छात्राओं को रोजगार मूलक प्रशिक्षण प्रदाय किये जाने हेतु CSRBOX.pvt.ltd के साथ विभाग द्वारा MoU इस्ताक्षर किया गया है तथा छात्र/छात्राओं को आत्मनिर्भर किये जाने हेतु उनके द्वारा किये जाने वाले Startup एवं Innovation के प्रोजेक्ट को उद्योग में उपयोग किये जाने हेतु CII एवं YI समूह से विभाग द्वारा द्वारा MoUहस्ताक्षर किया गया है।

       तकनीकी शिक्षा विभाग के मार्गदर्शन में सत्र 2025-26 से छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू किया गया है। 

       छत्तीसगढ़ राज्य के तकनीकी एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में शिक्षा ग्रहण करने वाले निर्धन परिवार के विद्यार्थियों जिनके अभिभावकों की वार्षिक आय 2 लाख तक है उन्हें 4 लाख तक की शिक्षा ऋण में बैंकों द्वारा ली जाने वाली व्याज दर को दृष्टीगत रखते हुए विद्यार्थियों को व्याज अनुदान प्रदान करने हेतु मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना लागु की गई है। आज दिनांक तक 11643 विद्यार्थियों को 22.53 करोड़ की ब्याज में अनुदान प्रदान की जा चुकी है।

          शासकीय पॉलिटेक्निक संस्थाओं में कार्यरत प्रथम श्रेणी के 204 शिक्षकों को कैरियर संवर्धन योजना के तहत लेवल 9A से 10 में प्रोन्नत किया गया ।

        शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालयों एवं पॉलिटेक्निक संस्थाओं में कार्यरत 116 तृतीय श्रेणी के कर्मचारियों को पदोन्नति एवं 205 समयमान वेतनमान प्रदान की गई है। इसी प्रकार 05 चतुर्थ श्रेणीके कर्मचारियों को पदोन्नति एवं 115 समयमान-वेतनमान प्रदान की गई है।

केन्द्र शासन की योजनाओं 
में प्रशिक्षण 

योजनाओं की जानकारी

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0
वित्तीय वर्ष 24-25 में 3326 युवाओं का प्रशिक्षण (1504 महिला तथा 1822 पुरुष)

पी. एम. विश्वकर्मा
लाईवलीहुड 12,952 कॉलेज में हितग्राही प्रशिक्षित

पीएम-जनमन
चिन्हांकित PVTG युवाओ में से 726 युवा प्रशिक्षित

नल जल पित्रा कार्यक्रम
484 युवा प्रशिक्षित एवं 1002 प्रशिक्षण 

राज्य शासन की योजनाओं में प्रशिक्षण

    मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना में दिसम्बर 2023 से दिसम्बर 2025 तक कुल 21053 युवाओं का प्रशिक्षण किसने 14109 - प्रशिक्षित एवं 6944 - प्रशिक्षणरत, प्रशिक्षित 14109 युवाओ में से 10089 युवा नियोजित।

     नियद नेल्लानार योजना के तहत 587 हितग्राही प्रशिक्षित।

627 आत्मसमर्पित युवा प्रशिक्षित एवं 453 प्रशिक्षणरत्

बस्तर संभाग में युवाओ के कौशल प्रशिक्षण हेतु विशेष प्रयास

    बस्तर संभाग के प्रत्येक विकासखंड में स्किल डेवलपमेंट सेंटर (SDC) स्थापित करने के लिए वित्तीय वर्ष 20:25-26 में राशि रू. 400 लाख प्रावधानित ।

       LWE क्षेत्र के लाइवलीहुड कॉलेज में आवासीय प्रशिक्षण की सुविधा हेतु नवीन मद में राशि रू. 1000 लाख प्रावधानित

     जिला नारायणपुर में 50 सीटर बालक छात्रावास निर्माण हेतु राशि रु 100 लाख स्वीकृत।

      आत्मसमर्पित नक्सली एवं नक्सल पीड़ित परिवार के सदस्यों के आधार कार्ड बनाये जाने प्रक्रिया में विलंब को दृष्टिगत  रखते हुए, कौशल प्रशिक्षण पूर्व पंजीयन में आधार अनिवार्यता को शिथिल करते हुए मूल्यांकन के पूर्व होना आवश्यक किया गया जिससे प्रशिक्षण प्रारंभ करने में व्यवधान ना हो एवं आधार बनाये जाने के लिए सस्य उपलब्ध हो सके।

       LWE जिलों में स्थित कुल 08 पुर्नवास केन्द्र में 06 केंद्र (जिला बीजापुर, वडा नागपुर, सुकमा का व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (VIP) के रूप में पंजीयन पूर्ण एवं शेष केन्द्रों को बोटीपी के रूप में पंजीकृत कार्यवाही प्रक्रियाधीन।

कौशल प्रशिक्षण हेतु अधोसंरचना एवं मानव संसाधन की व्यवस्था

        नवीन जिलों के जिला कौशल विकास प्राधिकरण एवं जिला परियोजना लाइवलीहुड कॉलेज सोसायटी हेतु कुल 50 स स्वीकृत।

      06 नवीन जिलों एवं दुर्ग, भकारा भटेली धमतरी सहित कुल 18 लाइवलीहुड कॉलेज भवन निर्माण हेतुराक 20 लाखा स्वीकृत।

        घोषणा पत्र अनुरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में लाईवलीहुड कॉलेज में कला स्टूडियो स्थापित किये जाने हेतु राशि रू 200 लाख प्रावधानित ।

आधुनिक क्षेत्रों में कौशल प्रशिक्षण हेतु संस्थाओ के साथ अनुबंध

03 जिलों (बलरामपुर, कोंडागांव, दंतेवाड़ा में ट्रैक्टर मैकेनिक कोर्स में कौशल प्रशिक्षण हेतु माहा एक मडिया से अनुबंध

         रायपुर में इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में कौशल प्रशिक्षण हेतुसारोटेक्नोलॉजी एलिमें अनुबंध

       युवाओं में 'एम्प्लॉयबिलिटी स्किल' बढ़ाये जाने नांदी फाउंडेशन से अनुबंध।

अन्य उपलब्धियाँ

       मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत पूर्व में प्रचलित यंत्र (अंगूठा आधारित आधार उपस्थिति प्रणाली के स्थान पर फेस (चेहरा) आधारित आधार उपस्थिति प्रणाली आरंभ।

आईटीआई सुदृढ़ीकरण में छत्तीसगढ़ की उपलब्धि

      कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा माननीय मंत्री जी के निर्देशों के पालन में विगत दो वर्षों में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के उन्नयन, आधुनिकीकरण एवं रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ अर्जित की गई हैं।

प्रमुख उपलब्धियाँ

100 से अधिक नवीन ट्रेडों का चिन्हांकन, जिनमें 16 दीर्घ अवधि एवं 91 लघु अवधि ट्रेड शामिल

वर्ष 2024-25 में SIDBI पोषित 13 आईटीआई में 10 नवीन ट्रेड प्रारंभ (ड्रोन टेक्नीशियन, 5जी नेटवर्क टेक्नीशियन, 3 डी प्रिंटिंग, फूड प्रोसेसिंग आदि) |

पिपरिया (कबीरधाम), कोर्रा (धमतरी), ओरछा (नारायणपुर) एवं कुस्तुरा (जशपुर) में 04 नवीन आईटीआई की स्थापना |

आईटीआई की संख्या 197 से बढ़कर 201 |

09 आईटीआई में 15 अप्रासंगिक ट्रेड बंद करने का निर्णय (अगस्त 2025 से प्रभावी) |

03 आईटीआई में 04 ट्रेड एनसीवीटी से संबद्ध |

प्रशिक्षण नीति के माध्यम से अधिकारीयों एवं कर्मचारियों का देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में सम्बध्द प्रशिक्षण |

क्षेत्रीय कार्यालयों के दायित्व निर्धारण, त्रैमासिक निरीक्षण एवं प्रशिक्षणार्थी फीडबैक प्रणाली लागू।

5जी नेटवर्क टेक्नीशियन ट्रेड प्रारंभ l

विगत दो वर्ष की विभागीय उपलब्धियाँ

रोजगार इच्छुकों का पंजीयन
वर्ष  2024  में जीवित पंजीयन
1412448 (31 दिसंबर 2024 की स्थिति में)

वर्ष  2025 में जीवित पंजीयन
1547857 (30 नवंबर 2025 की स्थिति में)

निजी क्षेत्र के प्रतिष्ठानों में रोजगार हेतु प्लेसमेंट कैंप का आयोजन
वर्ष 2024-25 में आयोजित 311 प्लेसमेंट कैंप की संख्या और चयनित आवेदकों की 5314 इसी प्रकार वर्ष 2025-26 
वर्ष 2024-25 में आयोजित 245 प्लेसमेंट कैंप की संख्या और चयनित आवेदकों की 4149 संख्या(30 नवंबर 2025 की स्थिति में)

सैन्य भर्ती

भारतीय सैन्य बलों में छत्तीसगढ़ के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्रों द्वारा जनपद / नगरीय क्षेत्रों में व्यापक प्रचार-प्रसार।

भारतीय सेना सामान्य प्रवेश परीक्षा पूर्व कोचिंग तथा शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण।

विवरण 2024-25 अग्निवीर 'थल सेना' 23515 में से (731 चयनित)

2025-26 में ऑनलाईन पंजीयन 23,111  हुआ जिसमें से (572 आवेदक प्रशिक्षणरत्)

कॅरियर मार्गदर्शन

स्कूल/कॉलेजों में कॅरियर मार्गदर्शन

विवरण वर्ष 2024-25 कुल शैक्षणिक संस्था 222 छात्र-छात्राओं की संख्या 24095 इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में  कुल शैक्षणिक संस्था 124 (30 नवंबर 2025 की स्थिति में)10955 नवंबर 2025 की स्थिति में)
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छत्तीसगढ़ में मंत्रीगणों एवं पुलिस अधिकारियों को गॉर्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की परंपरा समाप्त

 छत्तीसगढ़ राज्य के मंत्रीगणों और पुलिस के आला अधिकारियों को सामान्य दौरे, निरीक्षण, भ्रमण के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिए जाने की औपनिवेशिक परंपरा को समाप्त कर दिया गया है। गृह विभाग द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर के नियमों में संशोधन किए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है, जो  तत्काल प्रभाव से लागू होगा।


उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर गृह विभाग ने गार्ड ऑफ ऑनर की औपनिवेशिक काल से चली आ रही परंपरा की समीक्षा करने के उपरांत इसमें संशोधन का आदेश जारी किया है। इसका उद्देश्य पुलिस बल की कार्यक्षमता का उपयोग कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने और औपनिवेशिक सोच से जुड़ी परंपराओं को समाप्त करना है। 

     गौरतलब है कि गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने स्वयं विभाग के अधिकारियों को गार्ड ऑफ ऑनर की वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा कर इसमें वर्तमान स्थिति में आवश्यकतानुसार बदलाव करने के निर्देश दिए थे। जिसके परिपालन में गृह विभाग ने पुलिस बल को अनावश्यक औपचारिकताओं से मुक्त कर उनकी कार्यक्षमता का उपयोग उनके मूल दायित्वों के पालन के लिए यह संशोधन किया है। 

सामान्य दौरों में सलामी गारद समाप्त

जारी आदेश के तहत राज्य के भीतर सामान्य दौरों, आगमन-प्रस्थान एवं निरीक्षण के दौरान अब गृहमंत्री, समस्त मंत्रीगण, पुलिस महानिदेशक सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सलामी गारद (गार्ड ऑफ ऑनर) नहीं दिया जाएगा। जिला भ्रमण, दौरे या निरीक्षण के समय पूर्व में प्रचलित सलामी व्यवस्था को पूर्णतः समाप्त कर दिया गया है। इससे पुलिस बल का समय और ऊर्जा का प्रभावी उपयोग सुरक्षा, कानून-व्यवस्था तथा जनसेवा के कार्यों में हो सकेगा। 

राष्ट्रीय एवं राजकीय आयोजनों में यथावत व्यवस्था

       यह प्रतिबंध राष्ट्रीय और राजकीय समारोहों पर लागू नहीं होगा। गणतंत्र दिवस (26 जनवरी), स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त), शहीद पुलिस स्मृति दिवस (21 अक्टूबर), राष्ट्रीय एकता दिवस (31 अक्टूबर), राजकीय समारोहों तथा पुलिस दीक्षांत परेड जैसे अवसरों पर औपचारिक सलामी गारद की व्यवस्था पूर्ववत रहेगी। 

संवैधानिक पदों के लिए प्रोटोकॉल जारी

        आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रोटोकॉल के अनुसार संवैधानिक पदों पर आसीन महानुभावों एवं विशिष्ट अतिथियों के लिए सलामी गारद की व्यवस्था पहले की तरह यथावत रहेगी। यह निर्णय शासन की प्रशासनिक सुधारों के प्रति प्रतिबद्धता और आधुनिक, जनोन्मुखी व्यवस्था की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे पुलिस बल की कार्यक्षमता में सकारात्मक सुधार होगा।
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