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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

 मंत्रिपरिषद ने ’छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दी है। इस मिशन का उद्देश्य राज्य में सुशासन, नई तकनीक, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। यह मिशन 5 वर्षों के लिए होगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।


इस मिशन के तहत - 100 AI डेटा लैब बनाई जाएंगी, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को सहायता दी जाएगी, 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को AI का प्रशिक्षण दिया जाएगा। शासन के कार्यों को आसान और तेज़ बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।

यह मिशन भारत सरकार के IndiaAI Mission  के अनुरूप छत्तीसगढ़ को उत्तरदायी, नवाचार-आधारित और भविष्य उन्मुख डिजिटल राज्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

2. मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ में हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट (Heavy Earth Moving Equipment) मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र की स्थापना के लिए भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (BEML) को रियायती दर पर भूमि आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बीईएमएल भारत सरकार का एक प्रतिष्ठित मिनीरत्न सार्वजनिक उपक्रम है। हैवी अर्थ मूविंग इक्वीपमेंट मैन्युफैक्चरिंग संयंत्र हेतु यह राज्य का पहला उद्योग होगा, जिसकी स्थापना से छत्तीसगढ़ को देश के औद्योगिक मानचित्र पर नई पहचान मिलेगी और राज्य में आधुनिक भारी मशीन निर्माण उद्योग की शुरुआत होगी।

मंत्रिपरिषद के इस महत्वपूर्ण निर्णय से राज्य में बड़े निवेश को बढ़ावा मिलेगा, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (MSME) को भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलेगा। राज्य में संयंत्र की स्थापना से औद्योगिक विकास को गति मिलेगी, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और छत्तीसगढ़ विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में उभरेगा।

3. मंत्रिपरिषद् ने लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों के डिजिटल प्रबंधन के लिए वर्क्स एण्ड अकाउंट मैनेजमेंट इन्फॉर्मेशन सिस्टम (WAMIS) लागू करने के प्रथम चरण को मंजूरी दी है। इस प्रणाली के माध्यम से कार्यों की स्वीकृति, ई-प्राक्कलन, ई-प्रोक्योरमेंट, ई-मेजरमेंट बुक (e-MB), बिल भुगतान, लेखा प्रबंधन तथा गुणवत्ता की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संचालित होंगी। सी-डैक (C-DAC), पुणे द्वारा विकसित इस प्रणाली को पहले लोक निर्माण विभाग में लागू किया जाएगा, जिसके बाद अन्य निर्माण एवं अधोसंरचना विभागों में भी इसका विस्तार किया जाएगा। इससे निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी, भुगतान की प्रक्रिया तेज होगी, कार्यों की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी और परियोजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनेगा।

4. मंत्रिपरिषद की बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क एवं विकास योजना अंतर्गत बारहमासी सड़कों के निर्माण हेतु जारी दिशा-निर्देशों में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। संशोधनों के तहत ग्रामीण आंतरिक गलियों में सीसी सड़क एवं नाली निर्माण तथा सड़क निर्माण से पूर्व मनरेगा से मिट्टी कार्य की अनिवार्यता समाप्त की गई है। योजना की पात्रता का दायरा बढ़ाकर ऐसे सभी ग्रामीण मार्गों को शामिल किया गया है, जो प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अथवा अन्य योजनाओं में सम्मिलित नहीं हैं। आवश्यकता अनुसार नाबार्ड ऋण, पर्यावरण एवं अधोसंरचना विकास मद, खनिज न्यास मद सहित अन्य स्रोतों से भी वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे। कार्यों का अनुमोदन प्रशासनिक विभाग करेगा तथा क्रियान्वयन की समीक्षा एवं अंतर्विभागीय समन्वय के लिए राज्य स्तरीय उच्चाधिकार प्राप्त समिति गठित की जाएगी। 

5. मंत्रिपरिषद् ने वित्त विभाग के उस प्रस्ताव का अनुमोदन किया है, जिसके तहत Asian Development Bank  (ADB) से छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के क्रियान्वयन हेतु "Anjor LIGHT (Anjor Linked Implementation & Guidance for Holistic Tracking)’’ तकनीकी सहायता परियोजना के लिए 15 करोड़ रुपये का पूर्णतः अनुदान (Grant) प्राप्त किया जाएगा। यह तीन वर्ष (1 दिसंबर 2026 से 30 नवंबर 2029) की बहु-क्षेत्रीय परियोजना है, जिसमें राज्य शासन अथवा भारत सरकार का कोई वित्तीय अंशदान नहीं होगा।

परियोजना के अंतर्गत सार्वजनिक वित्त प्रबंधन को सुदृढ़ करना, PPP इकोसिस्टम का विकास, ग्रीन एवं ब्लेंडेड फाइनेंस को बढ़ावा देना, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों (SOEs) की कार्यक्षमता में सुधार, क्लाइमेट-रेजिलिएंट परियोजनाओं का विकास तथा छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के अनुरूप प्राथमिकता आधारित परियोजनाओं की पाइपलाइन तैयार की जाएगी। इसके लिए परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU) की स्थापना की जाएगी।

यह परियोजना पूर्णतः अनुदान आधारित होने से राज्य पर कोई अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं पड़ेगा तथा इससे संस्थागत क्षमता निर्माण, निवेश संवर्धन और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति को गति मिलेगी।

6. मंत्रिपरिषद् ने राज्य योजनाओं के लिए State Single Nodal Agency (S-SNA) मॉडल लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की राशि का अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करना है। अब योजनाओं की राशि विभिन्न बैंक खातों में लंबे समय तक निष्क्रिय नहीं रहेगी, बल्कि एक केंद्रीकृत मदर अकाउंट के माध्यम से आवश्यकता होने पर ही सीधे हितग्राहियों या वेंडरों को भुगतान किया जाएगा। यह मॉडल भारत सरकार द्वारा केंद्र प्रायोजित योजनाओं में लागू SNA प्रणाली की तर्ज पर राज्य की योजनाओं में भी लागू किया जाएगा, जिससे शासन व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को और मजबूती मिलेगी।

इस व्यवस्था से योजनाओं के क्रियान्वयन की रियल-टाइम निगरानी संभव होगी, वित्तीय अनुशासन मजबूत होगा और निष्क्रिय राशि, गबन तथा बैंकिंग धोखाधड़ी जैसी संभावनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा। साथ ही, राज्य की नकदी प्रबंधन क्षमता बेहतर होगी, ब्याज का अनावश्यक बोझ कम होगा और उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा। 

7. मंत्रिपरिषद् ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर जनरेशन कंपनी लिमिटेड (CSPGCL) को आमजन एवं संस्थागत निवेशकों की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से 200 करोड़ रूपए तक के नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD)/बॉन्ड जारी कर स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध (लिस्टिंग) किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस निर्णय से कंपनी के लिए वित्तीय संसाधन जुटाने के नए विकल्प उपलब्ध होंगे, ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के विद्युत अवसंरचना विकास को और गति मिलेगी।

इसके लिए राज्य शासन द्वारा मूलधन एवं ब्याज के भुगतान पर प्रत्याभूति शुल्क में छूट सहित गारंटी प्रदान की जाएगी। साथ ही, लिस्टिंग प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक निर्णय लेने हेतु कंपनी के संचालक मंडल तथा आवश्यक निर्देश जारी करने के लिए ऊर्जा विभाग को अधिकृत किया गया है। 
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपनी माँ के नाम पर लगाया पीपल का पौधा, वन महोत्सव-2026 का हुआ शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज वन महोत्सव-2026 का शुभारंभ करते हुए नया रायपुर में आयोजित वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में अपनी माँ के नाम पर पीपल का पौधा लगाकर प्रदेशव्यापी 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के अंतर्गत लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में 2500 से अधिक पीपल के पौधे रोपे गए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान से जुड़ने और अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल पर्यावरणीय आवश्यकता नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक विरासत और आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में वृक्षों को जीवनदाता माना गया है और पीपल का वृक्ष विशेष रूप से आस्था, आध्यात्मिक चेतना तथा पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक है। यह वृक्ष सर्वाधिक ऑक्सीजन देने वाले वृक्षों में माना जाता है और जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून 2024 से प्रारंभ हुआ 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान आज जनआंदोलन का स्वरूप ले चुका है। इस अभियान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को मातृ सम्मान की भावना से जोड़ा गया है, जिससे समाज में प्रकृति के प्रति आत्मीयता और जिम्मेदारी का भाव विकसित हुआ है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी इस अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिला है। पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में 7 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं तथा इस वर्ष ढाई करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने घर, खेत-खलिहानों की मेड़, विद्यालय, कार्यस्थल अथवा आसपास उपलब्ध खाली भूमि पर अपनी माँ के नाम एक पौधा अवश्य लगाएँ और उसके पालन-पोषण की जिम्मेदारी भी निभाएँ। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पौधा आने वाले समय में स्वच्छ वायु, शुद्ध वातावरण और सुरक्षित भविष्य का आधार बनेगा।

मुख्यमंत्री ने जलवायु परिवर्तन की वैश्विक चुनौती का उल्लेख करते हुए कहा कि बढ़ता तापमान, प्रदूषण और प्राकृतिक संसाधनों पर बढ़ता दबाव पूरी दुनिया के सामने गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे समय में वृक्षारोपण सबसे प्रभावी और सरल उपायों में से एक है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक वर्ष में कम से कम एक पौधा लगाकर उसका संरक्षण करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा परिवर्तन संभव है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने प्रतिदिन एक पौधा लगाने का आजीवन प्रण लिया है। यदि किसी दिन किसी कारणवश बाहर पौधा लगाना संभव नहीं होता, तो वे गमले में पौधा लगाकर भी अपने संकल्प का निर्वहन करते हैं। मुख्यमंत्री ने इसे प्रकृति के प्रति समर्पण और अनुशासन का प्रेरणादायी उदाहरण बताते हुए कहा कि ऐसे संकल्प समाज में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनते हैं।

वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 'पीपल फॉर पीपुल' अभियान केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि स्वच्छ, हरित और स्वस्थ भविष्य के निर्माण का संकल्प है।

श्री कश्यप ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पीपल का वृक्ष आस्था और विज्ञान का अद्भुत संगम है। धार्मिक दृष्टि से इसे अत्यंत पवित्र माना गया है, वहीं वैज्ञानिक रूप से यह अधिक मात्रा में कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण कर वायु गुणवत्ता सुधारने और शहरी प्रदूषण को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि वन विभाग द्वारा 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत पिछले दो वर्षों में प्रदेशभर में लगभग 7 करोड़ 50 लाख पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने नागरिकों से स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने घरों में तिरंगा फहराने के साथ-साथ एक पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने का भी आह्वान किया।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, छत्तीसगढ़ वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन श्री मनोज कुमार पिंगुआ, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) श्री अरुण कुमार पाण्डेय सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में नागरिकों ने पीपल के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का सामूहिक संकल्प लिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने वृक्षारोपण के साथ पौधों के संरक्षण का भी संकल्प दोहराया।
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संत रविदास ने समरसता, समानता और भक्ति का जो मार्ग दिखाया, वही विकसित और सशक्त भारत की आधारशिला : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज का जीवन समरसता, समानता, भक्ति, श्रम और सामाजिक न्याय का अमर संदेश है। उनके विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं, जितने सदियों पहले थे। संत रविदास ने समाज को ऊंच-नीच, भेदभाव और छुआछूत से ऊपर उठकर मानवता, समान अधिकार और आध्यात्मिक चेतना का मार्ग दिखाया। यही मार्ग विकसित, समरस और सशक्त भारत की आधारशिला है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में संत शिरोमणि श्री गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित कलश वंदन महाअभियान के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में यह  बात कही। इस अवसर पर उन्होंने वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली से लाए गए पवित्र मिट्टी एवं जल से भरे कलश को श्रद्धापूर्वक अपने मस्तक पर धारण कर संत रविदास के छायाचित्र के समक्ष स्थापित किया। मुख्यमंत्री ने विधिवत पूजन-अर्चन कर संत रविदास को नमन किया तथा इसे सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक बताया।


संत रविदास के सम्मान में मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएं

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने संत रविदास के सम्मान में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने घोषणा करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती के अवसर पर आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों के क्रम में अगले वर्ष 2027 में उनकी जयंती (माघी पूर्णिमा) को प्रदेश में सार्वजनिक अवकाश रहेगा। इस दिन प्रदेशभर में मांस एवं मदिरा का विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर प्रदान किए जाने वाले राज्य अलंकरण पुरस्कारों में संत शिरोमणि गुरु रविदास के नाम से एक राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। साथ ही नवा रायपुर के एक प्रमुख चौक का नामकरण भी संत गुरु रविदास के नाम पर किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ विधानसभा में संत रविदास के प्रसिद्ध संदेश -
"ऐसा चाहूं राज मैं, जहाँ मिले सबन को अन्न।
छोट-बड़ो सब सम बसैं, रविदास रहैं प्रसन्न।।" - का अंकन कराने के लिए विधानसभा अध्यक्ष से चर्चा कर प्रयास किया जाएगा।

जब-जब समाज में अन्याय बढ़ा, तब-तब संतों और महापुरुषों ने नई दिशा दी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत संतों, ऋषियों और महापुरुषों की पावन भूमि है। जब-जब समाज में अन्याय, अत्याचार, ऊंच-नीच, छुआछूत और भेदभाव जैसी विकृतियां बढ़ीं, तब-तब संतों और महापुरुषों ने समाज को नई दिशा प्रदान की। संत रविदास ने अपने जीवन और उपदेशों के माध्यम से सामाजिक समरसता, समानता और भक्ति का ऐसा संदेश दिया, जिसने समाज को नई चेतना प्रदान की।

उन्होंने कहा कि संत रविदास ने तत्कालीन शासक सिकंदर लोदी के धर्मांतरण के दबाव का भी साहसपूर्वक विरोध किया और यह संदेश दिया कि सभी मनुष्य समान हैं तथा ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग केवल सच्ची भक्ति और सदाचार है। उनका प्रसिद्ध संदेश "मन चंगा तो कठौती में गंगा" आज भी समाज को आंतरिक शुद्धता और आध्यात्मिकता का मार्ग दिखाता है।

मुख्यमंत्री ने संत रविदास से जुड़ा प्रसंग भी साझा किया और कहा कि उनकी अटूट भक्ति और तपस्या के प्रभाव से कठौती में गंगा प्रकट होने की घटना केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह संदेश है कि सच्ची श्रद्धा और निर्मल मन से ईश्वर की प्राप्ति संभव है।

'विकास भी, विरासत भी' हमारा मार्गदर्शक मंत्र

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश "सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री का "विकास भी, विरासत भी" का संदेश देश की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण का मार्गदर्शक मंत्र है।

उन्होंने कहा कि संत रविदास की जन्मभूमि से लाई गई पवित्र मिट्टी और जल का कलश देशभर के मठों, मंदिरों और आस्था केंद्रों तक पहुंचाया जा रहा है। यह समाज के प्रत्येक वर्ग, प्रत्येक गांव और प्रत्येक परिवार को जोड़ने वाला राष्ट्रीय समरसता अभियान है।

कलश वंदन अभियान सामाजिक समरसता का जनआंदोलन बनेगा

मुख्यमंत्री श्री साय ने डॉ. सनम जांगड़े के नेतृत्व में सीर गोवर्धनपुर से पवित्र कलश लेकर आए 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल की सराहना करते हुए कहा कि उनका यह प्रयास संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने सभी जिलों से आए प्रतिनिधियों को पवित्र कलश सौंपे तथा गांव-गांव तक इन्हें पहुंचाने वाले वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि यह अभियान संत रविदास के समरसता, समानता और सामाजिक एकता के संदेश को प्रत्येक गांव, प्रत्येक समाज और प्रत्येक घर तक पहुंचाएगा।

संत रविदास का जीवन सर्वसमाज को जोड़ने की प्रेरणा : गुरु खुशवंत साहेब

कैबिनेट मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास ने छोटे-बड़े के भेद को समाप्त कर समानता और सामाजिक एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार संत रविदास के विचारों को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। कलश वंदन अभियान गांव-गांव तक जाकर सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना को सशक्त करेगा।

समरसता ही भारत की सबसे बड़ी शक्ति : श्री अजय जामवाल

इस अवसर पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्री अजय जमवाल ने कहा कि संत रविदास का समरसता का संदेश आज पूरे विश्व के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि समाज को जाति, धर्म और भेदभाव के आधार पर विभाजित करने वाली शक्तियों से सावधान रहने की आवश्यकता है। संतों की शिक्षाओं को व्यवहार में उतारकर ही सामाजिक एकता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने सभी प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे पवित्र कलश को प्रत्येक जिले के सभी आस्था केंद्रों तक पहुंचाकर संत रविदास के विचारों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें।

संत रविदास के विचार आज भी उतने ही प्रासंगिक : सरोज पाण्डेय

इस  अवसर पर सुश्री सरोज पाण्डेय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपनी सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि संत रविदास ने धर्मांतरण के दबाव का दृढ़ता से विरोध करते हुए सनातन परंपरा, समानता, श्रम और सामाजिक समरसता का संदेश दिया। उनके विचार आज भी समाज को नई दिशा देने वाले हैं। उन्होंने कहा कि संत रविदास का संदेश जन-जन तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है।

बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत समाज एवं श्रद्धालु रहे उपस्थित

कार्यक्रम में राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री इंद्र कुमार साहू, विधायक श्री संपत अग्रवाल, विधायक श्री रोहित साहू, छत्तीसगढ़ चर्म शिल्पकार बोर्ड के अध्यक्ष श्री ध्रुव कुमार मिर्धा, गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष श्री राजीव लोचन महाराज, महंत खेलुराम पैगवार, संत श्री युधिष्ठिर लाल सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।
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इसरो के वैज्ञानिकों ने किया जिला विज्ञान केंद्र दंतेवाड़ा का भ्रमण

 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रोफेसर आनंद और उनकी विशेषज्ञ टीम ने जिला विज्ञान केंद्र, दंतेवाड़ा का भ्रमण कर यहां संचालित वैज्ञानिक और शैक्षणिक गतिविधियों का अवलोकन किया।


टीम ने विज्ञान केंद्र की स्पेस गैलरी, फिजिक्स गैलरी, माइनिंग गैलरी, विभिन्न विज्ञान प्रदर्शनों, वर्किंग मॉडल्स और विद्यार्थियों के लिए आयोजित ‘करके सीखें’ गतिविधियों का निरीक्षण किया। वैज्ञानिकों ने सुदूर जनजातीय क्षेत्र के बच्चों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए जिला प्रशासन और विज्ञान केंद्र की पहल की सराहना की।

उन्होंने कहा कि विज्ञान केंद्र बच्चों को प्रयोगों और व्यावहारिक गतिविधियों के माध्यम से विज्ञान से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। इसरो की टीम ने केंद्र प्रमुख उपेंद्र गौतम और उनकी टीम द्वारा किए जा रहे प्रयासों की भी प्रशंसा की।

वैज्ञानिकों ने केंद्र में नियमित रूप से आयोजित शैक्षणिक भ्रमण, ‘कबाड़ से जुगाड़’ विज्ञान गतिविधियां और खगोल विज्ञान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री प्रदर्शन को विद्यार्थियों में वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने की दिशा में प्रभावी पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी गतिविधियां बच्चों को विज्ञान, अंतरिक्ष अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती हैं।

भ्रमण के अंत में विज्ञान केंद्र प्रबंधन ने इसरो के वैज्ञानिकों का आभार व्यक्त किया। इसरो की टीम के आगमन से विज्ञान केंद्र के विद्यार्थियों, शिक्षकों और विज्ञान में रुचि रखने वाले युवाओं में उत्साह का वातावरण देखने को मिला।
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​छत्तीसगढ़ में UCC की तैयारी: समान नागरिक संहिता पर जनता से मांगे गए सुझाव

​छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) लागू करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। धर्म आधारित व्यक्तिगत कानूनों के स्थान पर सभी नागरिकों को संविधान के एक समान दायरे में लाने के उद्देश्य से एक विशेष 5-सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है। इस समिति ने अब आम जनता, विभिन्न संगठनों और हितधारकों से सुझाव एवं अभिमत आमंत्रित किए हैं, ताकि यह तय किया जा सके कि राज्य में आने वाला नया कानून कैसा होना चाहिए।  


​समिति का स्वरूप और सदस्य


       ​उच्चतम न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित यह समिति छत्तीसगढ़ में UCC की आवश्यकता, उसकी रूपरेखा तथा व्यक्तिगत सिविल मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों का व्यापक अध्ययन और समीक्षा कर रही है। इस समिति में सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के ​श्री शत्रुघ्न सिंह और ​श्री एम. के. राऊत,वरिष्ठ अधिवक्ता ​श्री मोहन पवार और सेवानिवृत्त प्राचार्या श्रीमती ज्योति रानी सिंह सदस्य के रूप में शामिल  हैं।

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​समिति के मुख्य कार्य एवं दायित्व


      ​यह समिति राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) के कार्यान्वयन से जुड़े सभी विधिक, सामाजिक और प्रशासनिक पहलुओं का गहन अध्ययन कर रही है। इसके प्रमुख दायित्वों में छत्तीसगढ़ की वर्तमान विधिक स्थिति का विश्लेषण करने के साथ-साथ विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार और गोद लेने (दत्तक ग्रहण) जैसे संवेदनशील विषयों पर व्यावहारिक सुझाव तैयार करना शामिल है। इसके अतिरिक्त, समिति अन्य राज्यों में लागू UCC व्यवस्थाओं का विस्तृत अध्ययन करेगी तथा आम नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और विभिन्न हितधारकों से प्राप्त सुझावों व अभिमतों को भी ड्राफ्ट में शामिल करेगी। इन समस्त अध्ययनों और सुझावों के आधार पर एक समग्र ड्राफ्ट तैयार कर राज्य सरकार को प्रस्तुत करना और आवश्यक विधायी व प्रशासनिक अनुशंसाएं देना समिति का मुख्य उद्देश्य है।  


​देश का 5वां राज्य बनेगा छत्तीसगढ़


     ​UCC लागू करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बना था। इसके अलावा गोवा, गुजरात, असम और मध्य प्रदेश में भी इसे लागू किया जा चुका है। इस क्रम में छत्तीसगढ़ UCC को अपनाने वाला देश का 5वां राज्य बनने जा रहा है।  


​सुझाव भेजने के माध्यम


       ​समिति ने शासकीय व गैर-शासकीय संगठनों, सामाजिक समूहों, धार्मिक संस्थाओं, समुदायों और राजनीतिक दलों सहित सभी नागरिकों से 15 अक्टूबर 2026 तक अपने विचार और राय अनिवार्य रूप से जमा करने की अपील की है। नागरिक निम्नलिखित माध्यमों से अपने सुझाव भेज सकते हैं:  


​ई-मेल: *ucc-chhattisgarh@cg.gov.in

 

​वेब पोर्टल:

 https://ucc.cgstate.gov.in/

 

​डाक पता: कार्यालय समान नागरिक संहिता समिति, न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन, कमरा नंबर-202, रायपुर, छत्तीसगढ़ - 492001

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दिव्यांगजनों के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए सरकार निरंतर प्रतिबद्ध : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 किसी भी संवेदनशील और विकसित समाज की पहचान इस बात से होती है कि वहां प्रत्येक व्यक्ति को समान अवसर, सम्मान और आगे बढ़ने का अधिकार मिले। दिव्यांगजन समाज का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी प्रतिभा, क्षमता तथा आत्मविश्वास को सही अवसर उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है। राज्य सरकार इसी सोच के साथ दिव्यांगजनों के सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज की मुख्यधारा में सम्मानपूर्वक अपना योगदान दे सकें।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित प्रोजेक्ट 'सहारा' के अंतर्गत दिव्यांगजन सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने दिव्यांगजनों के प्रति देश की सोच में सकारात्मक परिवर्तन लाने का ऐतिहासिक कार्य किया है। उन्होंने केवल कल्याणकारी योजनाओं का विस्तार ही नहीं किया, बल्कि उन्हें 'दिव्यांग' कहकर सम्मान और आत्मगौरव का नया भाव भी दिया। यह परिवर्तन केवल शब्दों का नहीं, बल्कि समाज की सोच और दृष्टिकोण का परिवर्तन है। प्रधानमंत्री के 'सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास' के मंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार भी दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

  मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर इंडोर स्टेडियम के जीर्णोद्धार, मरम्मत एवं सौंदर्यीकरण के लिए 7 करोड़ रुपये की राशि प्रदान किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि खेल अधोसंरचना का विकास केवल खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि ऐसे सामाजिक और जनहितकारी आयोजनों के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी संख्या में दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राई साइकिल, ट्राई साइकिल, व्हीलचेयर, हियरिंग एड, कृत्रिम हाथ-पैर, वैशाखी, वॉकिंग स्टिक तथा अन्य आधुनिक सहायक उपकरण वितरित किए। उन्होंने हितग्राहियों से आत्मीय संवाद करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और कहा कि ये उपकरण केवल सहायता सामग्री नहीं हैं, बल्कि आत्मसम्मान, आत्मविश्वास और स्वावलंबन की नई शुरुआत हैं। इनकी सहायता से दिव्यांगजन शिक्षा, रोजगार, आवागमन और दैनिक जीवन के कार्यों में अधिक आत्मनिर्भर बन सकेंगे तथा समाज की मुख्यधारा से और अधिक मजबूती से जुड़ पाएंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम की शुरुआत में प्रदेशवासियों को सावन माह के प्रथम सोमवार की शुभकामनाएं देते हुए भगवान भोलेनाथ से प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और सभी नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सेवा, करुणा और मानवता का संदेश देती है तथा समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों की सहायता करना हम सभी का दायित्व है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रायपुर जिले में विशेष अभियान चलाकर दिव्यांगजनों की व्यापक स्क्रीनिंग की गई, जिसमें 1600 से अधिक दिव्यांगजनों की पहचान की गई। इस महत्वाकांक्षी पहल के लिए भारत सरकार से 3 करोड़ 58 लाख रुपये की राशि प्राप्त हुई है। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयासों से दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य निरंतर किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत पहले ही 500 से 600 दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरित किए जा चुके हैं, जबकि आज 1000 से अधिक हितग्राहियों को विभिन्न उपकरण प्रदान किए जा रहे हैं। इस प्रकार कुल 1739 दिव्यांगजन प्रोजेक्ट 'सहारा' के माध्यम से लाभान्वित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल केवल उपकरण वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि दिव्यांगजनों को अधिक सम्मानजनक, स्वतंत्र और आत्मनिर्भर जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार दिव्यांगजनों के सर्वांगीण कल्याण के लिए सहायक उपकरण वितरण, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, शिक्षा एवं रोजगार में आरक्षण, कौशल विकास, पुनर्वास और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। सरकार का प्रयास है कि कोई भी पात्र दिव्यांगजन शासन की सुविधाओं से वंचित न रहे। उन्होंने सभी हितग्राहियों से शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले ढाई वर्षों में मोदी की गारंटी के अधिकांश संकल्पों को धरातल पर उतारा है। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, रामलला दर्शन योजना तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना जैसी अनेक योजनाओं ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। उन्होंने बताया कि महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की लगभग 70 लाख महिलाओं को 29 किश्तों के माध्यम से अब तक 18 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों तक शासन की सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। इसी उद्देश्य से 'सेवा सेतु' एप के माध्यम से 36 विभागों की 500 से अधिक सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 के माध्यम से सप्ताह के सातों दिन चौबीसों घंटे शिकायत दर्ज कराने और समयबद्ध समाधान प्राप्त करने की सुविधा भी नागरिकों को उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने रायपुर जिला प्रशासन द्वारा संचालित प्रोजेक्ट धड़कन, प्रोजेक्ट सुरक्षा, प्रोजेक्ट रेडक्रॉस, प्रोजेक्ट दधीचि, प्रोजेक्ट जिंदगी मुस्कुराएगी, प्रोजेक्ट निःक्षय मित्र, प्रोजेक्ट वंदन और प्रोजेक्ट गोल्डन आवर जैसे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि प्रशासन की ये पहलें संवेदनशील और जनकेंद्रित सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि इन्हीं नवाचारों की श्रृंखला में प्रोजेक्ट 'सहारा' दिव्यांगजनों के जीवन में नई आशा, नई सुविधा और नया आत्मविश्वास लेकर आया है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने प्रोजेक्ट सरल एवं प्रोजेक्ट गोल्डन आवर का शुभारंभ भी किया तथा "नवाचार से प्रगति पथ पर अग्रसर रायपुर" कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया।

राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि प्रोजेक्ट 'सहारा' के तहत वितरित किए जा रहे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के जीवन को अधिक सुगम, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने देश में दिव्यांगजनों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता का वातावरण तैयार किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी उनके सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजन केवल शारीरिक चुनौतियों का सामना करते हैं, उनकी प्रतिभा, क्षमता और हौसले किसी भी प्रकार से कम नहीं होते।

तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि प्रोजेक्ट 'सहारा' केवल सहायक उपकरण वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि आत्मसम्मान, स्वावलंबन और सामाजिक समावेशन का अभियान है। उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में राज्य सरकार आईटीआई एवं पॉलिटेक्निक संस्थानों के माध्यम से दिव्यांगजनों को समय-समय पर कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध करा रही है, जिससे वे दक्ष होकर आत्मनिर्भर बनें और सम्मानजनक रोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने कहा कि आज वितरित किए जा रहे सहायक उपकरण दिव्यांगजनों के लिए स्वतंत्र जीवन और नई संभावनाओं के द्वार खोलेंगे।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न स्टॉलों का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी परियोजनाओं एवं नवाचारों से संबंधित स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने हितग्राहियों से आत्मीय संवाद कर योजनाओं से प्राप्त लाभ की जानकारी ली तथा अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की प्रत्येक जनकल्याणकारी योजना का लाभ पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। 

मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक श्री इंद्रकुमार साहू, रायपुर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन कुमार अग्रवाल, प्रमुख सचिव समाज कल्याण श्रीमती शहला निगार, संभागायुक्त श्री श्याम धावड़े, कलेक्टर श्री गौरव सिंह सहित जनप्रतिनिधिगण, वरिष्ठ अधिकारी, समाजसेवी एवं बड़ी संख्या में दिव्यांगजन तथा उनके परिजन उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने धरसींवा विधानसभा को दी निःशुल्क एम्बुलेंस की सौगात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास से धरसींवा विधानसभा क्षेत्र की जनता को निःशुल्क एम्बुलेंस की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा विधायक श्री अनुज शर्मा और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति में एम्बुलेंस के चालक को चाबी सौंपी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक नागरिक तक समय पर, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। इसी सोच के अनुरूप प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को त्वरित चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके।


मुख्यमंत्री श्री साय ने धरसींवा विधानसभा क्षेत्र के नागरिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि किसी भी मरीज के लिए उपचार के शुरुआती क्षण अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं। समय पर अस्पताल पहुंचने से अनेक गंभीर परिस्थितियों में जीवन बचाया जा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह नई एम्बुलेंस गर्भवती महिलाओं, गंभीर रूप से बीमार मरीजों, बुजुर्गों तथा सड़क दुर्घटनाओं या अन्य आकस्मिक घटनाओं में घायल लोगों को शीघ्र स्वास्थ्य संस्थानों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने कहा कि यह सुविधा न केवल चिकित्सा सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाएगी, बल्कि क्षेत्रवासियों में स्वास्थ्य सुरक्षा का विश्वास भी मजबूत करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए निरंतर कार्य कर रही है। अस्पतालों के उन्नयन, आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता, विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति, दवाइयों की सुगम उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की जा रही हैं। उनका कहना था कि स्वस्थ नागरिक ही समृद्ध समाज और विकसित राज्य की आधारशिला होते हैं, इसलिए जनस्वास्थ्य से जुड़े प्रत्येक प्रयास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

इस अवसर पर धरसींवा विधानसभा के विधायक श्री अनुज शर्मा ने कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से एक आधुनिक एम्बुलेंस की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इसी आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के माध्यम से लगभग 19 लाख 65 हजार रुपये की लागत से यह अत्याधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि इस सुविधा के शुरू होने से धरसींवा क्षेत्र के लोगों को आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं पहले की तुलना में अधिक तेज़ और प्रभावी ढंग से मिल सकेंगी।

उन्होंने बताया कि यह एम्बुलेंस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, धरसींवा को सौंपी गई है, जहां से इसका संचालन किया जाएगा। यह सेवा चौबीसों घंटे क्षेत्रवासियों को उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को रेफरल अस्पतालों तक सुरक्षित एवं समयबद्ध पहुंचाने में भी यह एम्बुलेंस अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।

उल्लेखनीय है कि धरसींवा विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। डीएमएफ के माध्यम से उपलब्ध कराई गई यह निःशुल्क एम्बुलेंस क्षेत्र के हजारों नागरिकों को आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
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पांच दिवसीय संभागीय सरस मेला का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया उद्घाटन

 कबीरधाम जिले के भोरमदेव मंदिर चौरा में आयोजित पांच दिवसीय संभागीय सरस मेला का उद्घाटन उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा द्वारा किया गया। इस दौरान स्व-सहायता समूहों की लखपति दीदियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि संभागीय सरस मेला से ग्रामीण महिलाओं के स्वरोजगार को एक नई दिशा मिलती है तथा यह आयोजन ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में सहायक होता है।


           सरस मेला में स्वदेशी, प्राकृतिक एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी सह विक्रय हेतु संभागीय सरस मेला समूह की दीदियों के लिए सफलता के द्वार खोलेगा। संभागीय सरस मेला के उद्घाटन के दौरान अध्यक्ष छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग श्री बिसेसर पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, जिला पंचायत सदस्य श्री राम कुमार भट्ट, श्री वीरेंद्र साहू, श्री लोकचंद साहू, श्री संतोष पटेल, श्री विदेशी राम धुर्वे, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक जिले के अधिकारी गण, स्व सहायता समूह की दीदियों सहित ग्रामीण उपस्थित रहे।

          मेले में लगे स्टालों का उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अवलोकन किया तथा महिला समूह से उनके उत्पादन के विषय में विस्तार से जानकारी ली। इस दौरान स्टॉल से खरीदी कर महिला समूह का हौसला बढ़ाया तथा उन्हें सफल व्यवसाय की शुभकामनाएं दी।

           संभागीय सरस मेला के संबंध में कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा ने बताया कि मेले का आयोजन सावन माह में किया गया है जो 06 अगस्त की शाम तक चलेगा। विश्व प्रसिद्ध भोरमदेव मंदिर की पावन एवं ऐतिहासिक धरा पर आयोजित यह मेला केवल खरीदारी का अवसर नहीं बल्कि ग्रामीण उद्यमिता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। 50 से अधिक स्टॉलों के द्वारा एक ही छत के नीचे ताज़े एवं पौष्टिक मिलेट उत्पाद, स्वादिष्ट घरेलू खाद्य सामग्री, वनोपज आधारित अन्य स्थानीय उत्पादन मिल रहा है। हस्तशिल्प एवं हथकरघा सामग्री बाँस एवं बेंत से बने आकर्षक उत्पाद,घरेलू सजावटी वस्तुएँ, पारंपरिक परिधान तथा अनेक प्रकार के अन्य उपयोगी स्वदेशी सामग्रियों का विशाल भंडार विक्रय के लिए उपलब्ध होगा। 

          मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया की समूह की दीदियों द्वारा निर्मित सामग्रियों को बाजार उपलब्ध कराने के दृष्टिकोण से संभागीय सरस मेला का आयोजन हो रहा है। प्रत्येक खरीदी पर ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और स्वदेशी भारत का संकल्प होगा। जैविक खाद्य सामग्री, आकर्षक सजावट के सामान सहित अन्य उपयोगी वस्तु कम दर पर उपलब्ध है। सभी जिलेवासियों से अपील की जाती है कि वह सावन के इस पवित्र महीने में बाबा भोरमदेव के दर्शन के साथ ही संभागीय सरस मेला का लाभ उठाए।

प्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती तरुणा साहू और स्कूली बच्चों के शिव तांडव की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया
        छत्तीसगढ़ की प्रसिद्ध पंडवानी गायिका श्रीमती तरुणा साहू के पंडवानी गायन ने सभी का मन मोह लिया। द्रोपदी चीर हरण सहित अन्य प्रसंगो की मार्मिक प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को उस काल खण्ड की याद दिला दी। इसी तरह स्वामी आत्मानंद इंग्लिश स्कूल बोड़ला के बच्चों द्वारा शिव तांडव का नृत्य प्रस्तुत किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति ने सरस मेला में उपस्थित सभी लोगों का खूब मनोरंजन किया। 

         उल्लेखनीय है कि संभागीय सरस मेला में दुर्ग संभाग के कबीरधाम सहित जिला दुर्ग, बालोद, राजनांदगांव, बेमेतरा, मोहला- मानपुर- अंबागढ़ चौकी एवं खैरागढ़- छुईखदान- गंडई के अतिरिक्त अन्य ज़िलों की महिला स्व सहायता समूह की दीदियों द्वारा उत्पादित आकर्षक सामग्रियों की प्रदर्शनी सह विक्रय के लिए 50 स्टॉल गए हैं। इन स्टॉलों में विभिन्न जैविक खाद्य सामग्री जैसे हल्दी, मिर्ची, धनिया, कोदो- कुटकी, कटहल, आम, नीबू महुआ के आचार, पापड़, ब्लैक राइस के साथ अगरबत्ती, दोना-पत्तल,बैग, सिंगार के सामान, हैंड बैग सहित अनेको आकर्षक सामग्री महिला समूह द्वारा बनाये गए है।
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कुलगाम आतंकी हमले के पीड़ितों के परिजनों से उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने की बात

 जम्मू-कश्मीर के कुलगाम में हुए कायराना आतंकी हमले में छत्तीसगढ़ के दीपक रात्रे एवं भूपेन्द्र की निर्मम हत्या की सूचना मिलते ही उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने दिल्ली प्रवास के दौरान तत्काल दोनों दिवंगतों के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने शोकाकुल परिवारों को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन समय में राज्य सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। श्री शर्मा ने अधिकारियों को भी आवश्यक समन्वय एवं हरसंभव सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। घटना ने पूरे प्रदेश को गहरे शोक में डाल दिया है। 


           उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या मानवता के विरुद्ध जघन्य अपराध है। आतंकवाद के ऐसे कायराना कृत्य किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार्य नहीं हैं। उन्होंने कहा कि देश आतंकवाद के खिलाफ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और इस नृशंस हमले में शामिल आतंकियों को उनके अपराध की कड़ी से कड़ी सजा मिलेगी। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि आतंकियों को उनके कृत्य का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा और इस हमले का बदला अवश्य लिया जाएगा।

        श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा दोनों पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने की घोषणा पर मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का यह संवेदनशील निर्णय शोक संतप्त परिवारों को कठिन समय में संबल प्रदान करेगा तथा राज्य सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। 

         उल्लेखनीय है कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री सुनील शर्मा भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। वे पीड़ित परिवारों के साथ रहकर उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने तथा स्थानीय प्रशासन के साथ आवश्यक समन्वय सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
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बस्तर के प्रतिनिधियों ने देखा राष्ट्रपति भवन, बस्तर की संस्कृति का हुआ भव्य सम्मान

 राष्ट्रपति भवन में  बस्तर के प्रतिनिधिमंडल के लिए एक अविस्मरणीय और ऐतिहासिक क्षण साकार हुआ। महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर से पहुंचे परगना मांझियों, चालकियों, बस्तर पंडुम के जनजातीय कलाकारों तथा समाज प्रतिनिधियों का आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने सभी अतिथियों का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया और बस्तर की समृद्ध जनजातीय परंपरा एवं संस्कृति के प्रति अपना विशेष स्नेह व्यक्त किया।


         मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा तथा संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के मार्गदर्शन और पहल से आयोजित इस विशेष यात्रा ने बस्तर के जनजातीय समाज को देश के सर्वोच्च संवैधानिक संस्थान से सीधे जुड़ने का अवसर प्रदान किया। राष्ट्रपति भवन में बस्तर की संस्कृति का जो सम्मान हुआ, उसने प्रतिनिधिमंडल के प्रत्येक सदस्य को गौरव और आत्मविश्वास से भर दिया।

          प्रतिनिधिमंडल के लिए सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण उस समय आया, जब राष्ट्रपति महोदया ने एक आत्मीय मेजबान की भूमिका निभाते हुए स्वयं अपने हाथों से सभी अतिथियों को भोजन परोसा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधियों को दाल परोसी, जबकि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सभी को मिठाई परोसकर उनका स्वागत-सत्कार किया। राष्ट्रपति भवन में आत्मीयता और अपनत्व से भरे इस दृश्य ने पूरे प्रतिनिधिमंडल को भावविभोर कर दिया। बस्तर से आए जनजातीय प्रतिनिधियों ने इसे अपने जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बताया।

राष्ट्रपति भवन में गूंजा बस्तर का पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य
       इस अवसर पर एक और ऐतिहासिक पल तब आया, जब बस्तर पंडुम के विजेता कलाकारों ने राष्ट्रपति भवन परिसर में अपनी पारंपरिक लोकगीत और लोकनृत्य की प्रस्तुति दी। बस्तर की लोक संस्कृति, वेशभूषा और पारंपरिक कला का यह अनुपम प्रदर्शन उपस्थित सभी लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना और राष्ट्रपति भवन पहली बार बस्तर की सांस्कृतिक रंगत से सराबोर हो उठा। माहौल ऐसा हुआ कि उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, पूर्व बस्तर आई जी श्री सुंदरराज पी और सभी अधिकारी भी लोकनृत्य में झूमने लगे।

बस्तर की कला अब विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाएगी
      राष्ट्रपति महोदया से बात करते हुए कांकेर के पद्म सम्मान से अलंकृत काष्ठ कलाकार श्री अजय मंडावी ने कहा कि बस्तर की कला और संस्कृति विश्व में अद्वितीय है। लंबे समय तक भय और असुरक्षा के वातावरण के कारण इस विरासत को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करना संभव नहीं हो पाया था। उन्होंने कहा कि अब सुरक्षा बलों के साहस और सरकार के प्रयासों से बस्तर में शांति का वातावरण स्थापित हुआ है, जिससे कलाकारों को अपनी प्रतिभा दुनिया के सामने रखने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में बस्तर की कला वैश्विक पहचान बनाएगी।

प्रतिनिधियों ने साझा किए बदलते बस्तर के अनुभव
       गढ़िया-लोहंडीगुड़ा परगना के मांझी श्री बलराम कश्यप ने राष्ट्रपति महोदया को बताया कि पहले बस्तर के लोगों को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब परिस्थितियां बदल चुकी हैं। उन्होंने मांझी समाज की ओर से राष्ट्रपति महोदया को विश्वप्रसिद्ध बस्तर दशहरा और मुरिया दरबार में शामिल होने का आमंत्रण भी दिया। जिसे राष्ट्रपति ने अपने भाषण में सहृदय स्वीकार भी किया।

       बीजापुर के मिरतुर परगना के चालकी श्री भरत कश्यप ने बताया कि अब बच्चे बिना किसी भय के विद्यालय जा रहे हैं। गांवों में सड़कें बन रही हैं, दूरसंचार सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि बदलते बस्तर में लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं।

        दंतेवाड़ा की बस्तर पंडुम विजेता गौर नृत्यांगना श्रीमती लक्ष्मी सोढ़ी ने राष्ट्रपति महोदया से कहा कि जिस बस्तर पंडुम की शुरुआत आपने की थी, उसी प्रतियोगिता की विजेता के रूप में राष्ट्रपति भवन पहुंचना उनके लिए गर्व और सम्मान का विषय है। उन्होंने कहा कि आज बस्तर में शांति का वातावरण है और लोग मेला, जात्रा एवं मड़ई जैसे पारंपरिक आयोजनों को पूरे उत्साह के साथ मना रहे हैं।

पहली बार दिल्ली के ऐतिहासिक स्थलों का  किया भ्रमण
       बस्तर के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति भवन का विस्तृत भ्रमण कर उसके गौरवशाली इतिहास और विरासत की जानकारी प्राप्त की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने इंडिया गेट, कर्तव्य पथ और अमर जवान ज्योति का भी अवलोकन किया। बस्तर के लोगों को राजधानी में देख सभी चकित नजरों से उन्हें देख रहे थे, सभी उनके साथ फोटो खिंचा रहे थे। इंडिया गेट के सामने सभी ने मिलकर 'ऐसा जादू है मेरे बस्तर में' और अन्य हल्बी-गोंडी गानों पर सभी के साथ सुर में सुर मिला कर आनंद लिया। राजधानी दिल्ली का यह अनुभव विशेष रूप से उन युवाओं के लिए यादगार रहा, जो पहली बार अपने गाँव और बस्तर से बाहर निकल कर देश की राजधानी पहुंचे हैं।
           प्रतिनिधिमंडल ने संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल के साथ राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। बस्तर के दल ने पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक, जामा मस्जिद, शीशगंज गुरुद्वारा, सरोजनी मार्केट सहित विभिन्न ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व के स्थलों का भी भ्रमण किया है।
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डिजिटल इंडिया ने भारत को विश्व में नई पहचान दिलाई, सीएससी डिजिटल क्रांति के वास्तविक सूत्रधार : वित्त मंत्री ओपी चौधरी

 वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी आज रायपुर में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) द्वारा आयोजित ‘17 Years of Progress with Purpose’ कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी संचालकों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया तथा डिजिटल इंडिया अभियान को जन-जन तक पहुँचाने में उनके योगदान की सराहना की।


कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में डिजिटल इंडिया अभियान ने भारत को विश्व पटल पर नई पहचान दिलाई है। आज भारत डिजिटल लेन-देन के मामले में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल है और तकनीक का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँच रहा है। उन्होंने प्रदेश के 38 हजार पंजीकृत सीएससी संचालकों और उनकी पूरी टीम को बधाई देते हुए कहा कि उनके अथक प्रयासों से छत्तीसगढ़ के तीन करोड़ नागरिकों को सरकारी सेवाएँ सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उपलब्ध हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सीएससी ने वास्तविक अर्थों में 'सिंगल विंडो सिस्टम' को चरितार्थ किया है, जहाँ एक ही स्थान पर राजस्व, श्रम, बिजली, आयुष्मान, बैंकिंग सहित अनेक सेवाएँ आम नागरिकों को मिल रही हैं।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि वर्ष 2015 में जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने डिजिटल इंडिया मिशन की शुरुआत की थी, तब कई लोगों ने इसकी सफलता पर सवाल उठाए थे। लेकिन आज भारत डिजिटल भुगतान, यूपीआई और जनसेवा के क्षेत्र में दुनिया के लिए एक उदाहरण बन चुका है। गाँवों तक डिजिटल सेवाओं की पहुँच ने डिजिटल डिवाइड को समाप्त करने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत केवल जीडीपी बढ़ाने का लक्ष्य नहीं है, बल्कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। इसी सोच के साथ प्रधानमंत्री श्री मोदी ने अंत्योदय की भावना को आगे बढ़ाया है। इसी से प्रेरित होकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने 'छत्तीसगढ़ अंजोर विजन-2047' तैयार किया है, जिससे विकसित भारत के साथ विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य हासिल किया जा सके।

वित्त मंत्री ने कहा कि जनधन, आधार और मोबाइल (JAM) के माध्यम से प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व्यवस्था ने भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया है। आज महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अनेक योजनाओं की राशि बिना किसी कटौती के सीधे हितग्राहियों के खातों में पहुँच रही है। इसमें सीएससी की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सेवाओं के विस्तार का मजबूत माध्यम बन रहे हैं। भविष्य में अधिक से अधिक सरकारी सेवाओं को सीएससी से जोड़ने तथा विकसित भारत 'जी-राम-जी' अभियान के माध्यम से ग्राम पंचायतों में आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने की दिशा में भी सरकार कार्य करेगी।

मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरकार सीएससी नेटवर्क को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विभिन्न विभागों की नई सेवाओं को सीएससी से जोड़ने और ग्रामीण क्षेत्रों में इनके लिए बेहतर अधोसंरचना उपलब्ध कराने के प्रयास किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को और अधिक सुविधाएँ एक ही स्थान पर मिल सकें।

कार्यक्रम के अंत में वित्त मंत्री ने सीएससी की पूरी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि राज्य सरकार हमेशा सीएससी संचालकों के साथ खड़ी रहेगी और जनसेवा को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
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कटघोरा में अटलजी की कांस्य प्रतिमा मानकों के अनुरूप नहीं होने पर उप अभियंता तत्काल प्रभाव से निलंबित

 नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा जिले के कटघोरा नगर पालिका में अटल परिसर में स्थापित कांस्य प्रतिमा के मानकों के अनुरूप नहीं होने पर उप अभियंता श्री चन्द्र प्रकाश जायसवाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। नगरीय प्रशासन विभाग ने संचालनालय से आज उनके निलंबन का आदेश जारी किया है।


कटघोरा में अटल परिसर में स्थापित भारतरत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय श्री अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा से संबंधित शिकायतों पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के बिलासपुर क्षेत्रीय कार्यालय के संयुक्त संचालक द्वारा प्रस्तुत जाँच प्रतिवेदन के आधार पर निलंबन की यह कार्रवाई की गई है। जांच प्रतिवेदन में प्रतिमा निर्माण कार्य प्राक्कलन के प्रावधानों के विपरीत होना, विभिन्न भागों से परत उखड़ने, सतत् क्षतिग्रस्त होने तथा कांस्य प्रतिमा मानकों के अनुरूप नहीं होने के कारण निर्माण प्रक्रिया में पदस्थापना के दौरान की गई अनियमितता में उप अभियंता श्री चन्द्र प्रकाश जायसवाल उत्तरदायी पाये गये हैं। उनके इस कृत्य के पदीय कर्तव्यों के विपरीत होने के कारण तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।

निलंबन अवधि में श्री जायसवाल का मुख्यालय संयुक्त संचालक, क्षेत्रीय कार्यालय, नगरीय प्रशासन एवं विकास, दुर्ग नियत किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
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महिलाएं हो रही हैं सशक्त एवं सक्षम ई-रिक्शा में बैठकर स्पीकर हाउस के लिए रवाना हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह

 राजनांदगांव के पद्मश्री गोविंदराम निर्मलकर ऑडिटोरियम में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने शिरकत की। सम्मेलन के उपरांत डॉ. रमन सिंह नया ढाबा की हितग्राही ई-रिक्शा चालक दीदी श्रीमती सरिता वर्मा के ई-रिक्शा में बैठकर स्पीकर हाउस के लिए रवाना हुए। इस दौरान ई-रिक्शा में उनके साथ जिला पंचायत सीईओ श्री दुर्गा प्रसाद अधिकारी एवं श्री सुमीत उपाध्याय भी उपस्थित रहे।


आत्मनिर्भरता की दिशा में बढ़ रहे महिलाओं के कदम

         श्रमिक महिलाओं का हौसला बढ़ाते हुए विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज के समय में महिलाएं साइकिल, मोटरसाइकिल, कार से लेकर पायलट बनकर हवाई जहाज तक चला रही हैं। महिलाओं ने शिक्षा के साथ-साथ सक्षम, सशक्त और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बढ़ाए हैं। विधानसभा अध्यक्ष की इस आत्मीयता और प्रोत्साहन से ई-रिक्शा चालक दीदी सरिता वर्मा के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ झलक रहा था।

श्रमिक सम्मेलन में साझा किए अनुभव

        श्रमिक सम्मेलन के दौरान शासन की जनहितकारी योजनाओं से आ रहे सामाजिक परिवर्तन की बानगी देखने को मिली, जहाँ हितग्राही श्रमिक महिलाओं ने अपने जीवन में आए बदलाव और अनुभवों को साझा किया। शिक्षा जारी रखने की प्रेरणारू डॉ. रमन सिंह ने एक अन्य ई-रिक्शा चालक दीदी श्रीमती उषा साहू से बातचीत कर उनकी शिक्षा के बारे में जानकारी ली और उन्हें 10वीं के बाद भी अपनी पढ़ाई निरंतर जारी रखने की सलाह दी।

परिवार का मिला सहयोग

       बातचीत के दौरान श्रीमती उषा साहू के पति श्री भावेश साहू ने बताया कि उन्होंने ही अपनी पत्नी को ई-रिक्शा चलाना सिखाया है और वे उन्हें हमेशा प्रोत्साहित करते हैं, जिससे उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है और बचत भी बढ़ रही है।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भंडारा के लिए अन्नकूट रथ को किया रवाना

 सावन मास के पावन अवसर पर अमरकंटक से कवर्धा तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर मृत्युंजय आश्रम, अमरकंटक में प्रतिदिन निःशुल्क भंडारा संचालित किया जाएगा। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय से भंडारे के लिए आवश्यक भोजन सामग्री से भरे वाहन अन्नकूट रथ को रवाना किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के श्री भगत पटेल, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री रवि राजपूत, श्री खिलेश्वर साहू, श्री प्रवीण परिहार, सहित जनप्रतिनिधियों, पार्षदगण की उपस्थिति में हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयकारों के साथ भोजन सामग्री वाहनों को विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात अमरकंटक के लिए रवाना किया गया।


           उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की इस पहल के अंतर्गत मृत्युंजय आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को निःशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा दी जाएगी। भोजन में दाल, भात, सब्जी, खीर, पूड़ी, हलवा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन प्रतिदिन श्रद्धालुओं को परोसे जाएंगे वह भी पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ। मृत्युंजय आश्रम में संचालित इस भंडारे की लोकप्रियता और व्यापक सेवा भाव का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष लगभग हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाया था। इस वर्ष भी उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, की सहभागिता से यह सेवा और भी विस्तार के साथ संचालित की जा रही है।

         उल्लेखनीय है कि सावन मास में लाखों श्रद्धालु अमरकंटक से जल लेकर भोरमदेव और बुढ़ामहादेव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पदयात्रा करते हैं। ऐसे में मृत्युंजय आश्रम में संचालित यह भंडारा भक्ति के साथ-साथ सेवा का प्रतीक बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की यह पहल जनआस्था के प्रति संवेदनशीलता, धार्मिक समर्पण और सामाजिक सेवा के आदर्श को साकार करती है।
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जल जीवन मिशन 2.0 पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मंथन

 नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।


          बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री संतोष पांडेय, श्री विजय बघेल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्रीमती फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।

         बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।

       बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की।

       बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय क्प्भ्ै। की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, श्जल अर्पणश् कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया।

      बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।
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विभागाध्यक्ष कार्यालयों और जिलों में भी हर माह आयोजित होंगे सम्मान कार्यक्रम- मुख्य सचिव

 मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जून माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी, सभी विभागाध्यक्ष तथा प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।


जिला व विभागाध्यक्ष स्तर पर सम्मान
   
         मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मंत्रालय की तर्ज पर विभागाध्यक्ष कार्यालयों एवं जिला स्तर पर भी हर माह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमित सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 100% डिजिटल ऑनबोर्डिंग: ई-एचआरएमएस (e-HRMS), स्पैरो (SPARROW) और ई-ऑफिस प्रणालियों में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन एसीआर व बायोमेट्रिक उपस्थिति: वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) ऑनलाइन भरने और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया गया है।

राज्य स्तर पर पुरस्कार
 
       अगले माह से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागाध्यक्ष कार्यालय और सर्वश्रेष्ठ जिला कार्यालय को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि का संचयी आकलन कर स्कोरबोर्ड और जिलों/विभागों की रैंकिंग जारी की जाएगी। 

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभाग एवं अधिकारी सम्मानित 

      विभागीय श्रेणी (Top 3) प्रथम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वितीय गृह विभाग, तृतीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया इसी प्रकार अधिकारी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता संयुक्त सचिव श्रेणी में श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत (आदिम जाति विकास) - प्रथम, श्री अनुपम त्रिवेदी (अ.जनजाति विकास) - द्वितीय, श्री सच्चिदानंद आलोक (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -तृतीय। उप सचिव श्रेणी में श्री दूरदेशी राम सोन्टापर (वन एवं जलवायु परिवर्तन)-प्रथम, श्री शिव कुमार सिंह (वाणिज्यिक कर) -द्वितीय, श्री किशोर कुमार भूआर्य (सामान्य प्रशासन-1) -तृतीय स्थान पर रहे, जिन्हे सम्मानित किया गया।

          अवर सचिव श्रेणी में श्री पूरन लाल साहू (गृह) -प्रथम, श्री मगन लाल पवार (वाणिज्य एवं उद्योग) -द्वितीय, श्री अरुण कुमार मिश्रा (विधि एवं विधायी कार्य) -तृतीय, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री नंद कुमार मेश्राम (सामान्य प्रशासन-1) -प्रथम, श्री शिवकुमार गोंड (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -द्वितीय, श्री वीरेन्द्र कुमार (स्वास्थ्य विभाग) -तृतीय स्थान पर रहे,  विशेष सम्मान सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री आलोक जोशी (आई टी विभाग) तथा वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सुश्री ललिता राय (चिकित्सा शिक्षा विभाग) को सम्मानित किया गया। कनिष्ठ सचिवालय सहायक में श्री उमेश यादव - प्रथम, श्री प्रभु सिंह राठिया - द्वितीय, श्री सतकुमार भास्कर -तृतीय, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में श्री अभिषेक दास -प्रथम, श्रीमती माया देवांगन -द्वितीय, श्री अमित हूमाने -तृतीय, इसके अलावा, समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव सहित 19 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम - श्री अरुण साव

 उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

श्री साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और श्री रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
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​कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

 पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।


​कारगिल विजय: स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा

​         मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।

​दैनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची देशभक्ति

     ​उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।

सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, परिसर और डिजिटल मीडिया में भी जरूरी

     ​डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।

​2047 का विजन: विकसित भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़

   ​.    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

       कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। 
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