छत्तीसगढ़ - Newsportal | Chhattisgarh Darpan Media Group

छत्तीसगढ़

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की।प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से छत्तीसगढ़ में धान खरीदी व्यवस्था, किसानों के हित में संचालित योजनाओं, कृषि क्षेत्र में किए जा रहे सुधारों तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रतिनिधिमंडल का आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ कृषि प्रधान राज्य है और यहां की बड़ी आबादी खेती-किसानी पर निर्भर है। राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि को लाभकारी बनाने तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को बस्तर की समृद्ध आदिवासी कला एवं संस्कृति के प्रतीक बस्तर आर्ट का स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका स्वागत किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और राज्य सरकार किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं। छत्तीसगढ़ में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के साथ-साथ कृषि निवेश में सहायता, सिंचाई सुविधाओं का विस्तार, आधुनिक तकनीकों का उपयोग और फसल विविधीकरण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में किसानों से 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। राज्य सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष में लगभग 141 लाख मीट्रिक टन धान का उपार्जन किया गया है, जो देश में धान खरीदी के सबसे बड़े अभियानों में से एक है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में लगभग 2700 धान उपार्जन केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जहां पारदर्शी एवं सुव्यवस्थित तरीके से धान की खरीदी की जाती है। धान के सुरक्षित भंडारण के लिए संग्रहण केंद्रों और गोदामों का व्यापक नेटवर्क विकसित किया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए पंजीयन से लेकर धान तौल, परिवहन और भुगतान तक की प्रक्रिया को तकनीक आधारित और सरल बनाया गया है। किसानों को समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित करने के साथ ही विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा रहा है।

प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री ने कृषक उन्नति योजना सहित राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार खेती को अधिक लाभकारी बनाने तथा किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और अन्य आयवर्धक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण परिवारों की आमदनी में वृद्धि हो रही है।

चर्चा के दौरान महाराष्ट्र के विधायक प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने बताया कि छत्तीसगढ़ से लगे महाराष्ट्र के चार जिलों में बड़ी संख्या में किसान धान की खेती करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की धान खरीदी व्यवस्था, किसानों को मिलने वाला समर्थन और प्रशासनिक प्रबंधन अत्यंत प्रभावी एवं अनुकरणीय है। राज्य में किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने तथा खरीदी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए किए गए प्रयास सराहनीय हैं।

प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि छत्तीसगढ़ का धान खरीदी मॉडल किसानों के आर्थिक सशक्तिकरण का सफल उदाहरण है। उन्होंने इस मॉडल के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर महाराष्ट्र के धान उत्पादक क्षेत्रों में भी ऐसे प्रयासों को आगे बढ़ाने की बात कही। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्यों के बीच अनुभवों और सफल मॉडलों का आदान-प्रदान देश के कृषि क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के अध्ययन भ्रमण से राज्यों को एक-दूसरे के सफल अनुभवों से सीखने और उन्हें स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाने का अवसर मिलता है।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, महाराष्ट्र के विधायक डॉ. परिणय फुके, श्री विनोद अग्रवाल, श्री राजू कारेमोरे एवं श्री संजय पुराम, छत्तीसगढ़ मार्कफेड के अध्यक्ष श्री शशिकांत द्विवेदी, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की दूरदर्शी पहल : 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान से सुशासन का लाभ पहुंचेगा हर परिवार तक

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन को जन-जन तक पहुंचाने और प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। इसी उद्देश्य से राज्य शासन द्वारा 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है। यह अभियान प्रदेश के 23 जिलों में 31 प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के संतृप्तिकरण का व्यापक कार्यक्रम होगा, जिसके माध्यम से योजनाओं की पहुंच, प्रभावशीलता और पारदर्शिता को नई मजबूती मिलेगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण का आधार केवल अधोसंरचना का विकास नहीं, बल्कि प्रत्येक परिवार तक शासन की योजनाओं की प्रभावी और समयबद्ध पहुंच सुनिश्चित करना है। सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं संचालित करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि उनके सकारात्मक परिणाम प्रत्येक परिवार के जीवन में दिखाई दें।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता ऐसी शासन व्यवस्था स्थापित करना है, जिसमें नागरिकों को योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए अनावश्यक भटकना न पड़े, बल्कि शासन स्वयं पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे और उन्हें योजनाओं से जोड़े। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' इसी सोच का विस्तार है।

'नियद नेल्लानार' की सफलता से प्रेरित नई पहल

वर्ष 2024 से बस्तर संभाग  में संचालित 'नियद नेल्लानार' योजना ने शासन और जनता के बीच विश्वास का नया सेतु निर्मित किया है।अभिसरण आधारित सेवा प्रदाय के माध्यम से इस योजना ने दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में शासन की उपस्थिति को मजबूत किया तथा पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित की।

योजना की सफलता को देखते हुए इसे 'नियद नेल्लानार 2.0' के रूप में 10 जिलों तक विस्तारित किया गया। अब इसी सफल मॉडल को प्रदेश के शेष 23 जिलों में लागू करते हुए 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान प्रारंभ किया जा रहा है।

यह अभियान रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और सरगुजा संभाग के 23 जिलों में संचालित होगा और ग्रामीण परिवारों को शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा। 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान अंतर्गत  रायपुर संभाग के रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, धमतरी एवं महासमुंद जिले; बिलासपुर संभाग के बिलासपुर, कोरबा, जांजगीर-चांपा, मुंगेली, रायगढ़, सक्ती, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही तथा सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले; दुर्ग संभाग के दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, कबीरधाम (कवर्धा) एवं राजनांदगांव जिले तथा सरगुजा संभाग के सरगुजा, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर-रामानुजगंज, जशपुर एवं मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले शामिल हैं।

सुशासन से संतृप्ति की ओर

'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान का मूल उद्देश्य विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक साझा मंच पर लाकर पात्र हितग्राहियों तक उनका शत-प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करना है।

 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' अभियान विभिन्न विभागों के बीच अभिसरण स्थापित करते हुए एक ऐसी व्यवस्था विकसित करेगा, जिसमें योजनाओं की जानकारी, पात्रता, प्रगति और संतृप्तिकरण की स्थिति एकीकृत रूप से उपलब्ध होगी।

31 जनकल्याणकारी योजनाओं का होगा संतृप्तिकरण

अभियान के अंतर्गत सामाजिक सुरक्षा, आवास, रोजगार, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, कृषि, कौशल विकास तथा बुनियादी नागरिक सेवाओं से जुड़ी 31 प्रमुख योजनाओं को शामिल किया गया है।

इनमें मनरेगा जॉब कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, जल जीवन मिशन, राशन कार्ड एवं प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, आयुष्मान भारत योजना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, जननी सुरक्षा योजना, मिशन इंद्रधनुष, महतारी वंदन योजना, जन-धन योजना, कौशल विकास योजनाएं, श्रम कार्ड, वनाधिकार पट्टा, आधार कार्ड तथा विभिन्न प्रमाण-पत्र सेवाएं शामिल हैं।
इन योजनाओं का उद्देश्य  परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सशक्तिकरण और जीवन स्तर में सुधार के अवसर उपलब्ध कराना है।

CHiPS विकसित करेगा अत्याधुनिक डिजिटल डैशबोर्ड

अभियान की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था होगी।

छत्तीसगढ़ इन्फोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) द्वारा एक एकीकृत 'सुघ्घर छत्तीसगढ़ डैशबोर्ड' विकसित किया जाएगा। यह डैशबोर्ड राज्य, संभाग, जिला, विकासखंड, ग्राम पंचायत और ग्राम स्तर तक योजनाओं की प्रगति को रियल-टाइम में प्रस्तुत करेगा। डैशबोर्ड पर प्रत्येक योजना की संतृप्तिकरण स्थिति, शेष हितग्राहियों की संख्या तथा प्रगति का प्रतिशत उपलब्ध रहेगा। इससे निर्णय प्रक्रिया अधिक तेज, पारदर्शी और परिणामोन्मुख बनेगी।

तीन चरणों में होगा अभियान का संचालन

अभियान का क्रियान्वयन सुव्यवस्थित रूप से तीन चरणों में किया जाएगा।पहले चरण में ग्रामवार आधारभूत सर्वेक्षण एवं डेटा मानचित्रण किया जाएगा। PDS डेटाबेस और विभागीय आंकड़ों के आधार पर संभावित परिवारों की पहचान कर योजनावार बेसलाइन तैयार की जाएगी।

दूसरे चरण में ग्राम, क्लस्टर एवं विकासखंड स्तर पर विशेष संतृप्तिकरण शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ा जाएगा तथा आवश्यक दस्तावेजों एवं सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।

तीसरे चरण में सतत निगरानी, समीक्षा और मूल्यांकन की प्रक्रिया के माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन किया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे।

जिला प्रशासन निभाएगा महत्वपूर्ण भूमिका

अभियान के सफल संचालन में जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

जिला कलेक्टर जिला स्तरीय क्रियान्वयन के प्रमुख अधिकारी होंगे और आधारभूत सर्वेक्षण, शिविरों के आयोजन तथा संतृप्तिकरण की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।

संभागायुक्त संभाग स्तर पर त्रैमासिक समीक्षा करेंगे, जबकि मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति अभियान की प्रगति का नियमित मूल्यांकन करेगी।

'सुघ्घर छत्तीसगढ़' एक अभिसरण आधारित कार्यक्रम है। इसके लिए पृथक बजट शीर्ष निर्मित करने की आवश्यकता नहीं होगी। संबंधित विभाग अपनी स्वीकृत योजनागत निधियों का उपयोग करेंगे।
इसके अतिरिक्त CSR, जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) तथा अन्य संस्थागत स्रोतों के माध्यम से भी आवश्यक संसाधनों का अभिसरण किया जाएगा।

विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में नया अध्याय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि 'सुघ्घर छत्तीसगढ़'  नागरिक-केंद्रित सुशासन की एक व्यापक पहल है। इसका उद्देश्य प्रत्येक परिवार तक विकास, सम्मान, सुरक्षा और समृद्धि के अवसरों की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि जब शासन की प्रत्येक योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुंचेगी, जब प्रत्येक पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से जुड़कर अपने जीवन में सकारात्मक परिवर्तन अनुभव करेगा, तभी सच्चे अर्थों में 'सुघ्घर छत्तीसगढ़' और 'विकसित छत्तीसगढ़' का संकल्प साकार होगा। यह अभियान प्रदेश में सुशासन के नए मानक स्थापित करते हुए विकास की यात्रा को और अधिक समावेशी, प्रभावी और जन-केंद्रित बनाएगा।
और भी

लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से की सौजन्य भेंट

 लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने शॉल एवं स्मृति-चिन्ह भेंट कर उनका आत्मीय स्वागत एवं सम्मान किया। साथ ही छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और विश्वविख्यात बस्तर दशहरा पर आधारित कॉफी टेबल बुक भी उन्हें भेंट की।


मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला के छत्तीसगढ़ आगमन पर स्वागत करते हुए कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत बनाने, संसदीय मर्यादाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने तथा जनप्रतिनिधियों की भूमिका को अधिक प्रभावी बनाने में उनका योगदान प्रेरणादायी है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि श्री बिरला के नेतृत्व और मार्गदर्शन से लोकतांत्रिक संस्थाएं और अधिक सशक्त होंगी तथा लोकतंत्र की जड़ें और मजबूत होंगी। सौजन्य मुलाकात के दौरान राज्य के विकास, सुशासन, जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, लोकतांत्रिक मूल्यों के संवर्धन तथा जनहित से जुड़े विभिन्न समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप तथा सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
और भी

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने मेडिकल कॉलेज के कार्यों का किया निरीक्षण, तेजी से काम पूरा करने कहा

 लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने सरगुजा संभागीय मुख्यालय अंबिकापुर में विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यस्थलों पर जाकर निर्माण कार्यों का निरीक्षण भी किया। उन्होंने अधिकारियों और ठेकेदारों को प्रगतिरत सभी कार्यों को समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण करने के निर्देश दिए। सरगुजा के कलेक्टर श्री अजीत वसंत और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी सहित वरिष्ठ विभागीय अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।


लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में वर्षा ऋतु को देखते हुए सड़कों के रखरखाव एवं गड्ढा मरम्मत के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने लोगों के सुरक्षित एवं सुगम आवागमन के लिए बारिश शुरू होने के पहले सभी आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने को कहा। उन्होंने समय पर पुल-पुलियों की भी मरम्मत करने के निर्देश दिए, ताकि बरसात में आवागमन में किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने अधिकारियों को सड़कों और पुलों का नियमित निरीक्षण कर उनकी स्थिति पर सतत निगरानी रखने को कहा।

विभागीय सचिव ने सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में जाकर नियमित और कड़ी मॉनिटरिंग कर कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मैदानी अधिकारियों ने कार्यों की वर्तमान स्थिति तथा प्रस्तावित व प्रगतिरत कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। 
 
श्री बंसल ने अंबिकापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग बायपास के निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने अंडरपास, पुल एवं अन्य संरचनात्मक निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लेकर निर्माण एजेंसियों को कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नागरिकों को परेशानी से बचाने सड़कों व पुलों के काम को हर हाल में समय-सीमा में पूर्ण करने को कहा, ताकि लोगों को शीघ्र बेहतर यातायात की सुविधा मिले। 

लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के परिसर का निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों एवं निर्माण एजेंसी को मेडिकल कॉलेज के भवन के निर्माण कार्य को प्राथमिकता से तेज गति से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य अधोसंरचना से जुड़े कार्यों में किसी प्रकार की देरी नहीं होना चाहिए।
और भी

योजनाओं से सुधरा नागरिकों का जीवन स्तर: मंत्री श्री टंक राम वर्मा

 प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूरे प्रदेश में "विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के" कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाज़ार के नगर भवन में राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविर का शुभारंभ किया।

     शिविर में उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों ने करोड़ों नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने का काम किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश का पूरा प्रशासनिक अमला पूरी तन्मयता के साथ जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान में जुटा हुआ है।
       ​राजस्व अनुविभाग स्तर पर आयोजित यह विशेष शिविर 18 जून से 20 जून 2026 तक चलेंगे, जिसका मुख्य उद्देश्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। इस अवसर पर कलेक्टर ने भी जिले के नागरिकों से अपील की है कि वे इन शिविरों में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में शासकीय योजनाओं का लाभ उठाएं।

​मौके पर ही मिला योजनाओं का
 
   ​शिविर के पहले ही दिन आम जनता में भारी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के दौरान 'प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना' के तहत हितग्राही स्वजाना डोंगरे और उर्मिला डोंगरे को मंच से चेक प्रदान किए गए। उद्घाटन दिवस पर ही जिले के सभी अनुविभागों से विभिन्न योजनाओं के तहत लगभग 55 आवेदन प्राप्त हुए, जिन पर त्वरित कार्रवाई की जा रही है। ​शिविर में केंद्र और राज्य सरकार की सभी प्रमुख हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए 'ऑन-द-स्पॉट' पंजीकरण की व्यवस्था की गई है, जिनमें ​आयुष्मान भारत योजना एवं आयुष्मान वय वंदना योजना,​प्रधानमंत्री सूर्यघर (मुफ्त बिजली) योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना एवं जल जीवन मिशन,​प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना व कौशल विकास योजना​विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाएं शामिल हैं।
​     ​नागरिको की सुविधा के लिए​शिविरों का आयोजन जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न केंद्रों पर किया जा रहा है। इसके तहत बलौदाबाज़ार और भाटापारा के नगर भवन, तथा सिमगा के सामुदायिक भवन में आम नागरिक पंजीकरण करा सकते हैं। वहीं, कसडोल अनुविभाग के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय के सभागार और पलारी अनुविभाग के लिए स्थानीय नगर भवन में इस विशेष शिविर की व्यवस्था की गई है।
     इस कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष सुलोचना यादव सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
और भी

राज्यपाल ने रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उन्हें नमन किया

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन में वीरांगना रानी लक्ष्मी बाई के बलिदान दिवस पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।


  लोक भवन में उपस्थित लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल सहित राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर प्रसन्ना एवं लोक भवन  के अन्य अधिकारियों कर्मचारियों ने भी रानी लक्ष्मीबाई को श्रद्धांजलि दी।
और भी

राज्यपाल श्री रमेन डेका ने किया लोकसभा अध्यक्ष श्री बिड़ला का आत्मीय स्वागत

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिड़ला के लोकभवन आगमन पर उनका आत्मीय स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया।


इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ रमन सिंह,केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने भी श्री बिरला का स्वागत किया।
और भी

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणा पर त्वरित अमल, ग्रामीणों की मांगों को मिली स्वीकृति

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में आयोजित सुशासन तिहार केवल जनसंवाद का मंच नहीं, बल्कि जनआकांक्षाओं को शीघ्रता से पूरा करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। आम नागरिकों की समस्याओं और मांगों के त्वरित निराकरण के लिए राज्य शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा लगातार संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा सरगुजा प्रवास के दौरान ग्रामीणों की मांगों पर की गई घोषणाओं को शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर अमल में लाया गया है।


उल्लेखनीय है कि 03 मई 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सुशासन तिहार के अंतर्गत सरगुजा जिले के बतौली विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत सिलमा के शांतिपारा पहुंचे थे। जन चौपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए उन्होंने क्षेत्र की आवश्यकताओं और समस्याओं की जानकारी ली तथा विभिन्न विकास कार्यों की घोषणाएं की थीं।

मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विभिन्न निर्माण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की है। ग्राम सिलमा में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन, डीएमएफ मद से 2.50 लाख रुपये की लागत से मुक्तिधाम तथा मनरेगा मद से 11.63 लाख रुपये की लागत से नवीन पीडीएस भवन निर्माण को मंजूरी दी गई है। इसी प्रकार ग्राम कुनकुरीकला में डीएमएफ एवं मनरेगा के अभिसरण से 18.30 लाख रुपये की लागत से नवीन पंचायत भवन निर्माण की स्वीकृति प्रदान की गई है।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की घोषणाओं पर त्वरित अमल के लिए प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया है। उनका कहना है कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन और प्रशासन सीधे जनता तक पहुंचकर न केवल समस्याएं सुन रहा है, बल्कि उनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई भी सुनिश्चित कर रहा है।

राज्य शासन की मंशा के अनुरूप जिला प्रशासन द्वारा सुशासन तिहार के दौरान प्राप्त मांगों और जनसमस्याओं के निराकरण के लिए लगातार प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं, जिससे विकास कार्यों का लाभ समय पर आमजन तक पहुंच रहा है और सुशासन की अवधारणा जमीनी स्तर पर साकार हो रही है।
और भी

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने किया छत्तीसगढ़ महतारी और शहीद खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण

 छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के अपने एक दिवसीय प्रवास पर भाटापारा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शहर को एक बड़ी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक सौगात देते हुए छत्तीसगढ़ महतारी और देश के वीर सपूत शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण किया। शहीद को नमन करते हुए डॉ. रमन सिंह ने कहा कि शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की यह प्रतिमा आने वाली पीढ़ियों और युवाओं के लिए राष्ट्रसेवा की प्रेरणा बनेगी। देश उनके सर्वाेच्च बलिदान को कभी नहीं भूल सकता।


          इस गरिमामय समारोह में राज्य के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल समेत कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। इस संवेदनशील अवसर पर विधानसभाध्यक्ष डॉ. सिंह ने शहीद फ्लाइट लेफ्टिनेंट के परिजनों (पुत्री प्रिया खोण्डे और भाई प्रभाकर खोण्डे) से बेहद आत्मीयता के साथ मुलाकात की और उनका कुशलक्षेम जाना।

छत्तीसगढ़ महतारी चौक पर नमन

         अपने प्रवास के दौरान डॉ. रमन सिंह सबसे पहले छत्तीसगढ़ महतारी चौक पहुंचे, जहां उन्होंने नवनिर्मित छत्तीसगढ़ महतारी की प्रतिमा का अनावरण किया। विधानसभा अध्यक्ष ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर एवं पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर राज्य की सुख-समृद्धि की कामना की।

1971 के युद्ध के नायक शहीद खोण्डे को दी श्रद्धांजलि

        इसके पश्चात विधानसभा अध्यक्ष भाटापारा स्थित शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने वर्ष 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में देश के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर फ्लाइट लेफ्टिनेंट शहीद श्रीकृष्ण गजानन खोण्डे की प्रतिमा का अनावरण किया।

समारोह में कई दिग्गज रहे मौजूद

         इस ऐतिहासिक गरिमामय कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मण्डल के अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष श्री केदारनाथ गुप्ता, पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा और डॉ. सनम जांगड़े उपस्थित थे। स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों में जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अश्वनी शर्मा, जनप्रतिनिधिगणों के साथ-साथ बलौदाबाजार कलेक्टर कुलदीप शर्मा, पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा और भारी संख्या में नगरवासी मौजूद रहे।
और भी

लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए AI प्रशिक्षण सत्र आयोजित

 लोकभवन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से अवगत कराने तथा शासकीय कार्यों में नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से  Artificial Intelligence (AI) संबंधी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन कॉन्फ्रेंस हॉल में किया गया।


          प्रशिक्षण सत्र का आयोजन अवर सचिव श्री अनुभव शर्मा के नेतृत्व में किया गया। इस दौरान अधिकारियों एवं कर्मचारियों को AI (Artificial Intelligence) की कार्यप्रणाली, उपयोगिता तथा विभिन्न क्षेत्रों में इसके प्रभावी इस्तेमाल से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की गईं। सत्र में ।प् के माध्यम से कार्यों को अधिक सरल, प्रभावी एवं समयबद्ध बनाने के तरीकों पर प्रकाश डाला गया। उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक भाग लेकर आधुनिक तकनीक की उपयोगी जानकारी प्राप्त की।

          कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली में नई तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देना तथा अधिकारियों- कर्मचारियों को डिजिटल दक्षताओं से सशक्त बनाना रहा। इस अवसर पर राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्रीमती सत्यभामा अजय दुबे, उप सचिव सुश्री निधि साहू, श्री सुधीर सुलतानिया, श्री लक्षित त्रिलोक सेठिया, श्री अनूप अग्रवाल एवं लोकभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
और भी

धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को केंद्र सरकार की अधिसूचना, विकास के नए युग में प्रवेश करेगा क्षेत्र

 जशपुर जिले के विकास इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज हुई है। भारत सरकार के रेल मंत्रालय द्वारा धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा नई रेल लाइन परियोजना को विशेष रेल परियोजना के रूप में अधिसूचित किए जाने के साथ ही जशपुर को पहली बार रेल नेटवर्क से जोड़ने का मार्ग प्रशस्त हो गया है। यह केवल एक रेल परियोजना नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और औद्योगिक विकास की नई आधारशिला है।


लगभग 291.881 किलोमीटर लंबी यह महत्वाकांक्षी रेल लाइन रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ से प्रारंभ होकर जशपुर जिले के पत्थलगांव होते हुए झारखंड के लोहरदगा तक पहुंचेगी। परियोजना के क्रियान्वयन से जशपुर जिला सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा और क्षेत्र के विकास को अभूतपूर्व गति मिलेगी।

यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में विकसित की जा रही आधुनिक आधारभूत संरचना तथा मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के विशेष प्रयासों का परिणाम है। वर्षों से क्षेत्रवासियों द्वारा उठाई जा रही रेल संपर्क की मांग अब साकार होने की दिशा में निर्णायक चरण में पहुंच गई है।

रेल मंत्रालय द्वारा भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार रेल अधिनियम, 1989 के प्रावधानों के तहत सार्वजनिक हित और राष्ट्रीय अवसंरचना विकास को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को अधिसूचित किया गया है। अधिसूचना के प्रकाशन के साथ ही परियोजना औपचारिक रूप से प्रभावशील हो गई है।

विकास की मुख्यधारा से जुड़ेगा वनांचल क्षेत्र

प्राकृतिक संसाधनों और संभावनाओं से समृद्ध जशपुर जिला अब तक रेल संपर्क से वंचित था। परिवहन के लिए मुख्यतः सड़क मार्ग पर निर्भरता के कारण आम नागरिकों, विद्यार्थियों, किसानों, व्यापारियों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले युवाओं को अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई रेल लाइन के निर्माण से जिले की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक बदलाव आएगा और लोगों को सुरक्षित, सुलभ तथा किफायती परिवहन सुविधा उपलब्ध होगी।

किसानों और उद्यमियों के लिए खुलेगी नई संभावनाएं

रेल संपर्क स्थापित होने से जशपुर के कृषि एवं उद्यानिकी उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाना आसान होगा। जैविक खेती, सुगंधित धान, मक्का, दलहन, सब्जियां और बागवानी उत्पादों के लिए पहचान रखने वाले इस क्षेत्र के किसानों को बेहतर बाजार और बेहतर मूल्य मिलने की संभावना बढ़ेगी। परिवहन लागत कम होने से स्थानीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही व्यापार और लघु उद्योगों को विस्तार का नया अवसर मिलेगा।

पर्यटन को मिलेगी नई उड़ान

जशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, घने वन क्षेत्रों, जलप्रपातों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन स्थलों के लिए विशेष पहचान रखता है। रेल संपर्क स्थापित होने के बाद पर्यटकों की पहुंच अधिक आसान होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि होगी। इससे होटल, परिवहन, हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पादों और अन्य सेवा क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक बढ़ेगी पहुंच

नई रेल लाइन विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा संस्थानों तक पहुंच को सुगम बनाएगी। वहीं गंभीर मरीजों को बड़े शहरों के अस्पतालों तक शीघ्र पहुंचाने में भी सहायता मिलेगी। इससे शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता के साथ उनकी उपलब्धता और पहुंच में भी उल्लेखनीय सुधार आएगा।

रोजगार और निवेश का नया केंद्र बनेगा क्षेत्र

रेल परियोजना के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से हजारों रोजगार अवसर सृजित होंगे। बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध होने से क्षेत्र में निवेश की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और अधिक मजबूत होगी।

क्षेत्रवासियों के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

परियोजना की अधिसूचना जारी होने के बाद जशपुर सहित पूरे क्षेत्र में उत्साह और खुशी का माहौल है। लोगों का मानना है कि यह रेल लाइन केवल यातायात सुविधा नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए विकास, समृद्धि और नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगी। दशकों की प्रतीक्षा के बाद जशपुर का रेल मानचित्र पर स्थान सुनिश्चित होना जिले के इतिहास की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।

धरमजयगढ़–पत्थलगांव–लोहरदगा रेल परियोजना जशपुर के विकास को नई दिशा देने वाली आधारभूत संरचना साबित होगी, जो आने वाले वर्षों में जिले की तस्वीर और तकदीर दोनों बदलने का सामर्थ्य रखती है।
और भी

ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार से स्वास्थ्य सेवाएं हुई सुदृढ़ : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर के बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित छत्तीसगढ़ प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारी संघ के प्रदेश स्तरीय महासम्मेलन में शामिल होकर एनएचएम कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान एनएचएम कर्मियों के 33 दिनों की हड़ताल अवधि का वेतन दिए जाने की घोषणा की।  उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य सेवाओं की “रीढ़ की हड्डी” बताते हुए कहा कि प्रदेश के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में भी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। श्री साय ने कहा कि स्वस्थ छत्तीसगढ़ के निर्माण में एनएचएम कर्मियों का योगदान अतुलनीय है और सरकार उनके कार्यों का सम्मान करती है।

                मुख्यमंत्री ने कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा निभाई गई भूमिका को याद करते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब एनएचएम के अधिकारी और कर्मचारी अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की सेवा में जुटे रहे। उन्होंने कहा कि उस कठिन समय में स्वास्थ्य कर्मियों ने मानवता की मिसाल पेश की, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने कहा कि आज भी प्रदेश के ऐसे क्षेत्रों में, जहां सड़कें और परिवहन सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, स्वास्थ्य कर्मी पैदल चलकर, नदी-नाले पार कर लोगों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र में संचालित “मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान” का उल्लेख करते हुए बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव-गांव पहुंचकर लोगों की स्वास्थ्य जांच कर रही है और अब तक लगभग 90 प्रतिशत आबादी की स्क्रीनिंग पूरी की जा चुकी है।
                मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन तथा सुरक्षा बलों के साहसिक प्रयासों से बस्तर में नक्सलवाद का उन्मूलन हुआ है। अब वहां विकास और जनकल्याण की नई संभावनाएं खुल रही हैं, जिनमें स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने पिछले ढाई वर्षों में प्रदेश के स्वास्थ्य सेवाओं में हुए व्यापक विस्तार के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रदेश में नए मेडिकल कॉलेज खोलने से लेकर डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती से स्वास्थ्य सेवाएं सुदृढ़ हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार स्वास्थ्य कर्मियों के साथ मजबूती से खड़ी है और सभी के सहयोग से विकसित एवं स्वस्थ छत्तीसगढ़ का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों से इसी समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया।
               इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जशपुर से लेकर सुकमा तक प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने में एनएचएम कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि “स्वस्थ बस्तर अभियान” का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कर्मचारियों के लिए की गई विभिन्न घोषणाओं और सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि एनएचएम कर्मचारियों की कई मांगें पूरी की जा चुकी हैं तथा स्थानांतरण नीति भी जारी कर दी गई है।उन्होंने कहा कि अब एनएचएम कर्मचारी भी कैशलेस उपचार योजना के दायरे में शामिल होंगे। उन्होंने बताया कि एनएचएम कर्मियों के लिए जीवन बीमा सुविधा लागू की गई है, जिसके तहत सामान्य मृत्यु की स्थिति में 6 लाख रुपये, दुर्घटना में मृत्यु होने पर 1 करोड़ 40 लाख रुपये तथा स्थायी दिव्यांगता की स्थिति में 1 करोड़ 40 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। श्री जायसवाल ने कहा कि प्रदेश में मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में लगातार कमी आई है और नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी है। शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी के लिए विशेषीकृत 116 नए स्वास्थ्य केंद्रों के लिए स्थानों का चयन किया जा चुका है।
                    सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री द्वारा हड़ताल अवधि का वेतन देने की घोषणा के बाद एनएचएम कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने गजमाला पहनाकर उनका भव्य स्वागत एवं अभिनंदन किया। कार्यक्रम में विधायक पुरंदर मिश्रा, मुख्यमंत्री के सलाहकार डॉ. धीरेंद्र तिवारी तथा एनएचएम कर्मचारी संघ के अध्यक्ष डॉ. अमित कुमार मिरी सहित बड़ी संख्या में स्वास्थ्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
और भी

शौर्य चक्र से सम्मानित वीर जवानों से मिले उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के हाथों “शौर्य चक्र” से सम्मानित वीर पुलिस एवं सुरक्षा बल के जवानों से उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने नवा रायपुर अटल नगर स्थित निवास कार्यालय में आत्मीय मुलाकात कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर डीजीपी श्री अरुण देव गौतम सहित जवानों के परिजन एवं परिवार के सदस्य भी उपस्थित रहे।


जवानों की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत - श्री शर्मा
        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ और देश को ऐसे वीर सपूतों पर गर्व है, जिन्होंने अपने अदम्य साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति का परिचय देते हुए असाधारण परिस्थितियों में भी वीरता का प्रदर्शन किया। उन्होंने कहा कि इन जवानों की बहादुरी आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत है।

योगदान में परिवारों का त्याग, समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण
       मुलाकात के दौरान श्री शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट, इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख तथा राइफलमैन भोज राम साहू के साहसिक कार्यों की सराहना की और उनके परिजनों से भी मुलाकात की और सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश सेवा के इस गौरवपूर्ण योगदान में परिवारों का त्याग और समर्थन भी उतना ही महत्वपूर्ण है। उन्होंने जवानों के अदम्य साहस भरी घटनाओं के बारे में भी उनसे जानकारी ली।

कठिन परिस्थितियों में किया नक्सलियों का मुकाबला
      ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ पुलिस के इंस्पेक्टर लक्ष्मण केवट एवं इंस्पेक्टर रामेश्वर प्रसाद देशमुख को 16 अप्रैल 2024 को कांकेर क्षेत्र में नक्सलियों के विरुद्ध संचालित एक बड़े अभियान में अद्वितीय नेतृत्व, साहस और रणनीतिक कौशल का परिचय देने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने कठिन परिस्थितियों में नक्सलियों का मुकाबला करते हुए महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की थी।

गंभीर रूप से घायल होकर भी अदम्य साहस के साथ संभाला मोर्चा
       इसी प्रकार 3 असम राइफल्स के राइफलमैन भोज राम साहू को भारत-म्यांमार सीमा क्षेत्र में घुसपैठ विरोधी अभियान के दौरान गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद अदम्य साहस के साथ मोर्चा संभालते हुए दुश्मनों को पीछे हटने के लिए मजबूर करने और अभियान को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है।

सरकार जवानों के सम्मान, कल्याण और परिवारों की सुरक्षा लिए प्रतिबद्ध
         उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा बलों के जवानों के सम्मान, कल्याण और उनके परिवारों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने सम्मानित जवानों एवं उनके परिजनों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका साहस और बलिदान राष्ट्र सेवा का सर्वोच्च उदाहरण है।
और भी

हर वर्ग की खुशहाली के लिए प्रतिबद्ध है सरकार, तेज गति से दौड़ रहा है छत्तीसगढ़ का विकास: मंत्री श्री टंक राम वर्मा

 छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने आज बलौदाबाजार नगर पालिका क्षेत्र को करीब साढ़े तीन करोड़ रुपये के विभिन्न विकास कार्यों की बड़ी सौगात दी। मंत्री श्री वर्मा ने कुल 3 करोड़ 35 लाख रुपये की लागत वाले विभिन्न निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया, साथ ही दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए 12.32 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित रैन बसेरा का लोकार्पण भी किया।


​विकास कार्यों का लेखा-जोखा
  
   भूमिपूजन एवं लोकार्पण के इन विकास कार्यों  पर नजर डालें तो नगर पालिका क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए व्यापक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत वार्ड क्रमांक 16 में 56.86 लाख रुपए की लागत से 12 नग राहत शिविरों का निर्माण किया जाएगा, वहीं वार्ड क्रमांक 12 में भी 60.25 लाख रुपए की राशि से 10 नग राहत शिविरों की आधारशिला रखी गई है। स्थानीय नागरिकों की संवेदनशीलता और जरूरत को देखते हुए वार्ड क्रमांक 17 में 61.44 लाख रुपए खर्च कर मुक्तिधाम का उन्नयन एवं जीर्णोद्धार कार्य कराया जाएगा।

      इसी तरह ​शहर के सुव्यवस्थित विकास के लिए अधिसंरचना एवं पर्यावरण निधि के अंतर्गत 1.17 करोड़ रुपए की एक बड़ी राशि स्वीकृत की गई है, जिससे विभिन्न वार्डों में 10 अलग-अलग विकास कार्य पूरे किए जाएंगे। इसके साथ ही, आम जनता को स्वच्छ और सुचारू पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अलग-अलग क्षेत्रों में 40.72 लाख रुपए की लागत से पाइपलाइन विस्तार का कार्य शुरू किया गया है। इन सभी भूमिपूजन कार्यों के साथ-साथ, सामाजिक सरोकार को प्राथमिकता देते हुए बस स्टैंड के पास विशेष रूप से दिव्यांगजनों के लिए 12.32 लाख रुपए की लागत से एक आधुनिक रैन बसेरे का निर्माण पूरा कर उसका लोकार्पण किया गया।

        इस अवसर पर  राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकास कार्यों को पूरी गति के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि गाँव हो या शहर, विकास की राह में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी। हमारी डबल इंजन की सरकार तेज गति से विकास के पथ पर दौड़ रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश का चहुंमुखी विकास सुनिश्चित किया जा रहा है। युवा, महिला, किसान और बुजुर्ग—हर वर्ग के लिए कल्याणकारी योजनाएं लागू हैं और जनता इनका सीधा लाभ उठाकर खुशहाल है।

​     ​भूमिपूजन कार्यक्रम के पश्चात मंत्री श्री वर्मा ने पर्यावरण संरक्षण और हरियाली को बढ़ावा देने का संदेश दिया। उन्होंने पास में स्थित डबरी (तलाब) की मेढ़ पर आंवले का पौधा लगाया। इसके साथ ही उन्होंने जनपद पंचायत कार्यालय परिसर में नीम का पौधा भी रोपा।

       ​इस दौरान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अशोक जैन, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुलोचना यादव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी उपस्थित थे।
और भी

छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए बिछा रेड कारपेट, 9,580 करोड़ रुपये के मिले प्रस्ताव

 छत्तीसगढ़ ने निवेश आकर्षित करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। हैदराबाद में आयोजित ‘छत्तीसगढ़ इन्वेस्टर कनेक्ट’ कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की सात प्रमुख कंपनियों ने 9,580 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव दिए हैं, जिनसे 7,800 से अधिक रोजगार सृजित होने की संभावना है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने देश के प्रमुख उद्योगपतियों और निवेशकों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए आमंत्रित करते हुए कहा विकसित भारत के ग्रोथ इंजन के रूप में छत्तीसगढ़ तेजी से उभर रहा है और राज्य में निवेशकों के लिए ‘रेड कारपेट’ बिछा हुआ है। 


कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन सहित दक्षिण भारत के कई बड़े उद्योगपति, निवेशक और कारोबारी प्रतिनिधि मौजूद रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नई औद्योगिक नीति लागू होने के बाद दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु के साथ-साथ जापान और दक्षिण कोरिया में आयोजित इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से राज्य को 8 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। राज्य सरकार इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने के लिए तेजी से कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ आज निवेश के लिए देश के सबसे बेहतर राज्यों में से एक बनकर उभर रहा है। राज्य में उद्योगों के लिए आसान प्रक्रियाएं, सिंगल विंडो व्यवस्था, बेहतर बुनियादी सुविधाएं और उद्योग अनुकूल नीतियां उपलब्ध हैं। उन्होंने निवेशकों को छत्तीसगढ़ में उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हैदराबाद ने आईटी, फार्मा, बायोटेक्नोलॉजी और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। छत्तीसगढ़ भी इन क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दोनों राज्यों के उद्योगपति एवं उद्यमी मिलकर नए अवसरों का लाभ उठा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि मध्य भारत में स्थित छत्तीसगढ़ देश का सबसे उपयुक्त लॉजिस्टिक हब बनने की क्षमता रखता है। छत्तीसगढ़ सात राज्यों से घिरा हुआ है और 60 करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं तक सीधी पहुंच प्रदान करता है। रेलवे नेटवर्क, भारतमाला परियोजना, एयर कार्गो सुविधाओं तथा खनिज संसाधनों की उपलब्धता उद्योगों के लिए इसे अत्यंत अनुकूल बनाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश में ग्रीन स्टील को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को 3.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिससे प्रदेश देश के प्रमुख पावर हब के रूप में उभर रहा है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सात प्रमुख कंपनियों को छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए ‘इन्विटेशन टू इन्वेस्ट’ (ऑफर लेटर) प्रदान किए। इनमें डेटा सेंटर, सीमेंट, सेमीकंडक्टर एवं जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण, वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्रों की अग्रणी कंपनियां शामिल हैं।

सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव हाइपरनेक्स्ट डाटा सेंटर लिमिटेड की ओर से प्राप्त हुआ, जिसने छत्तीसगढ़ में भारत का पहला समर्पित डिजास्टर रिकवरी डेटा सेंटर कैंपस स्थापित करने के लिए ₹4,200 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया। इस परियोजना से राज्य में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती मिलेगी और छत्तीसगढ़ डेटा सेंटर क्षेत्र का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकेगा। इस परियोजना से लगभग 250 रोजगार सृजित होंगे। 

फीग्रेड एंड कंपनी प्राइवेट लिमिटेड ने सीमेंट क्षेत्र में 2,912 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 4,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। वहीं निवाई लैब्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹1,000 करोड़ के निवेश से एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस), जीपीयू इंफ्रास्ट्रक्चर, एडवांस कंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर असेंबली से जुड़ी सुविधाएं विकसित करने का प्रस्ताव दिया। इससे राज्य में आधुनिक तकनीकी उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा एवं लगभग 200 रोजगार सृजित होंगे।

सौर ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र की एसजी मार्ट लिमिटेड ने 700 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है, जिससे लगभग 450 लोगों को रोजगार मिल सकता है। 
श्री सरवणा मिल्स प्राइवेट लिमिटेड ने ₹528 करोड़ के निवेश से अत्याधुनिक टेक्सटाइल और परिधान निर्माण इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव रखा है। इस परियोजना से लगभग 2,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है।

फार्मास्यूटिकल क्षेत्र की काबरा ड्रग्स ने 200 करोड़ रुपये तथा डेयरी क्षेत्र की दिनशॉज़ डेयरी फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने 40 करोड़ रुपये निवेश का प्रस्ताव दिया है। इन दोनों परियोजनाओं से क्रमशः लगभग 250 और 150 रोजगार सृजित होंगे।

हैदराबाद दौरे के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य के प्रतिनिधिमंडल ने देश की कई अग्रणी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठकें कीं। इनमें पेज इंडस्ट्रीज और डेल्टा इलेक्ट्रॉनिक्स, एक्सिस एनर्जी, सेल्कॉन ग्रुप, मैग्नमविंग्स जैसी प्रमुख कंपनियां शामिल रहीं। बैठकों में छत्तीसगढ़ में निवेश की संभावनाओं, उपलब्ध औद्योगिक सुविधाओं और राज्य सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके अलावा स्वामी नारायण गुरुकुल संगठन के प्रतिनिधियों ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात कर  रायपुर के टाटीबंध में 650 बिस्तरों वाले चैरिटेबल अस्पताल की स्थापना के प्रस्ताव पर चर्चा की।

इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रम में आईटी, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, फार्मास्यूटिकल्स, एयरोस्पेस एवं रक्षा, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (जीसीसी) और उन्नत विनिर्माण जैसे भविष्य के उद्योगों में निवेश के अवसरों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया गया। निवेशकों ने इन क्षेत्रों में विशेष रुचि दिखाई।

कार्यक्रम में सीएसआईडीसी के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री रितु सैन, सीएसआईडीसी के प्रबंध संचालक श्री विश्वेश कुमार, उद्योग विभाग के संचालक श्री प्रभात मलिक एवं अन्य अधिकारी भी शामिल रहे।
और भी

उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर ठेकेदार को नोटिस जारी, निरीक्षण के दौरान काम की धीमी प्रगति पर जताई थी नाराजगी

 उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर विभाग ने रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण की धीमी प्रगति पर ठेकेदार को नोटिस जारी किया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने अपने बस्तर प्रवास के दौरान 6 जून को राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर केशलूर-जगदलपुर मार्ग में किरंदुल-विशाखापट्टनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवरब्रिज का निरीक्षण किया था। उन्होंने निरीक्षण के दौरान काम के पिछड़ने एवं लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई थी। उन्होंने अनुबंध के अनुसार कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर गहरी नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए थे। बस्तर जिले में केशलूर के पास 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इस रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया जा रहा है।


लोक निर्माण विभाग के राष्ट्रीय राजमार्ग परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता ने निर्माण एजेंसी मेसर्स अशोक कुमार मित्तल को जारी नोटिस में कहा है कि साइट उपलब्ध होने के बावजूद मैन-पॉवर, मटेरियल और मशीनरी की खराब व्यवस्था के कारण अलग-अलग चरणों में निर्माण के समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल नहीं किया जा सका है। कार्यस्थल पर काम की प्रगति मंजूर किए गए निर्माण कार्यक्रम से काफी पीछे है और तय किए गए माइलस्टोन्स (महत्वपूर्ण पड़ावों) के अनुरूप नहीं है। विभाग द्वारा प्रगति की लगातार समीक्षा कर कार्यों में तेजी लाने के लिए बार-बार निर्देशित और नोटिस जारी करने के बावजूद काम की गति असंतोषजनक है।

विभाग ने ठेकेदार को जारी नोटिस में कहा है कि उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री द्वारा विगत 6 जून को साइट के निरीक्षण के दौरान काम की बेहद धीमी प्रगति पर गंभीर चिंता जताई गई थी। उन्होंने अनुबंध के प्रावधानों के अनुसार ठेकेदार के विरूद्ध तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने ठेकेदार को नोटिस जारी कर तुरंत पर्याप्त मैन-पॉवर, मशीनरी, सामग्री और अन्य जरूरी संसाधन जुटाकर काम में तेजी लाने तथा प्रोजेक्ट को समय पर पूरा करने के लिए तय लक्ष्यों को हासिल करने सभी जरूरी उपाय करने के निर्देश दिए हैं। काम की प्रगति में उल्लेखनीय सुधार नहीं पाए जाने पर विभाग द्वारा अनुबंध के प्रावधानों के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
और भी

छत्तीसगढ़ में परिवहन विभाग का विशेष अभियान: 350 वाहनों की जांच, 5.50 लाख का जुर्माना वसूला

 राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और माननीय सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग द्वारा प्रदेशभर में सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा को लेकर एक विशेष जांच एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित बनाना है। अभियान के दौरान अब तक लगभग 350 वाहनों की सघन जांच की जा चुकी है। नियमों की अनदेखी और विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर वाहन स्वामियों से 5.50 लाख रुपए का समन शुल्क (जुर्माना) वसूल किया गया है। इसके साथ ही, नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन संचालकों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई भी की गई है।


स्लीपर बसों पर विशेष नजर, हटाए जा रहे अवैध केबिन

           परिवहन आयुक्त श्री एस. प्रकाश ने राज्य के सभी क्षेत्रीय और जिला परिवहन अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित यात्री बसों, विशेषकर स्लीपर कोच बसों की कड़ाई से जांच करने के निर्देश दिए हैं। इस विशेष अभियान के तहत मुख्य बिंदुओं पर रूप से कार्रवाई की जा रही है।

अवैध केबिन और स्लाइडर हटाना

         स्लीपर कोच बसों में चालक दल (क्रू) के लिए बनाए गए अनधिकृत विभाजनों (पार्टीशन) और स्लीपर बर्थ में लगाए गए अवैध स्लाइडरों को मौके पर ही हटाया जा रहा है।

अग्निशमन व्यवस्था
 
        सभी बसों में सुरक्षा के लिहाज से न्यूनतम 10 किलोग्राम क्षमता के अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जा रही है। बसों में जीपीएस (GPS) की उपलब्धता और उसकी कार्यशीलता को परखा जा रहा है। साथ ही, निर्धारित मानकों के विपरीत बनी श्बस बॉडीश् के खिलाफ भी कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं।

दस्तावेजों का सत्यापन

       बसों के वैध पंजीयन, फिटनेस, परमिट और एआईएस-119 मानकों के अनुरूप निर्माण की गहनता से जांच की जा रही है।

लापरवाही बरतने वालों पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई

       परिवहन आयुक्त ने सख्त लहजे में अधिकारियों से कहा है कि निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले वाहनों के विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए। नियमों का उल्लंघन करने पर वाहनों के चालान काटने, परमिट/लाइसेंस निलंबित करने जैसी कानूनी प्रक्रियाएं अपनाई जा रही हैं। परिवहन आयुक्त ने कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों का जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

बस संचालकों की बैठक लेकर दी जा रही समझाइश

       सड़क पर प्रवर्तन कार्रवाई करने के साथ-साथ विभाग संवाद का रास्ता भी अपना रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में क्षेत्रीय व जिला परिवहन अधिकारियों द्वारा बस स्वामियों और संचालकों की बैठकें ली जा रही हैं। इन बैठकों में उन्हें तय नियमों और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने की हिदायत और समझाइश दी जा रही है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों से समझौता करने वाले किसी भी संचालक को बख्शा नहीं जाएगा।
और भी

विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता दें- राज्यपाल श्री डेका

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह ने सौजन्य भेंट की। इस दौरान राज्यपाल ने राज्य के विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में शिक्षा की स्थिति तथा वहां उपलब्ध शैक्षणिक सुविधाओं के संबंध में विस्तार से चर्चा की।


           राज्यपाल ने विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर देते हुए संबंधित समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने तथा उनके लिए आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

          राज्यपाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के बच्चों की शिक्षा, छात्रावास सुविधा, विद्यालयीन अधोसंरचना और शिक्षकों की उपलब्धता से जुड़े विषयों का संवेदनशीलता के साथ निराकरण किया जाना चाहिए, ताकि इन क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक अवसर प्राप्त हो सकें और उनका सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
और भी