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महतारी वंदन योजना से महिला सशक्तिकरण को मिला नया आयाम: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा आज जिला नारायणपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम से छत्तीसगढ़ शासन की महतारी वंदन योजना की 24वीं किस्त की राशि जारी किया गया। इस अवसर पर प्रदेश की 68 लाख 39 हजार 592 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से 641 करोड़ 34 लाख रुपए की राशि का अंतरण किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राशि का अंतरण करते हुए कहा कि महतारी वंदन योजना से छत्तीसगढ़ में महिला सशक्तिकरण को नया आयाम मिला है। 


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का शुभारंभ 1 मार्च 2024 को किया गया था। इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत 21 वर्ष अथवा उससे अधिक आयु की विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे वे अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति कर सम्मानपूर्वक जीवन यापन कर सकें।

योजना के शुभारंभ से अब तक 23 किस्तों के माध्यम से प्रदेश की महिलाओं को कुल 14 हजार 954.42 करोड़ रुपए की राशि सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की जा चुकी है। यह व्यवस्था वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल सिद्ध हो रही है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा 24वीं किस्त के रूप में 641.34 करोड़ रुपए की राशि जारी किए जाने के पश्चात महतारी वंदन योजना के अंतर्गत कुल वितरित राशि बढ़कर 15 हजार 595.77 करोड़ रुपए हो जाएगी। यह राज्य सरकार की महिला कल्याण एवं सशक्तिकरण के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है तथा यह प्रमाणित करती है कि योजना से प्रदेश की लाखों महिलाएं प्रत्यक्ष रूप से लाभान्वित हो रही हैं। नारायणपुर जिले में महतारी हितग्राहियों की संख्या 27 हजार 272 है। इन हितग्राहियों के खातों में 2 करोड़ 72 लाख 72 हजार रुपए अंतरित किया गया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप, उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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आधुनिक घोटुल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा: मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने दो दिवसीय नारायणपुर प्रवास के दौरान आज ‘गढ़बेंगाल घोटुल‘ पहुंचकर बस्तर की गौरवशाली परंपराओं और लोक-संस्कृति के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता प्रदर्शित की। इस मौके पर पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनि और ग्रामीणों के आत्मीय स्वागत के बीच मुख्यमंत्री श्री साय स्वयं लोक-रंग में रंगे नजर आए। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल की अनूठी स्थापत्य कला का अवलोकन किया और बस्तर की विभूतियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि घोटुल प्राचीन काल से ही आदिवासी समाज के लिए शैक्षणिक एवं संस्कार केंद्र रहा है। चेंद्रु पार्क के समीप स्थित यह आधुनिक घोटुल न केवल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ेगा, बल्कि देश-दुनिया के पर्यटकों को भी आदिवासी जीवनशैली और सामाजिक व्यवस्था से परिचित कराने का सशक्त माध्यम बनेगा। गढ़बेंगाल का यह घोटुल हमारी गौरवशाली विरासत को सहेजने का प्रतीक है। हमारी सरकार बस्तर की इस अनूठी संस्कृति, परंपरा और ज्ञान को संरक्षित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने घोटुल परिसर के लेय्योर एवं लेयोस्क कुरमा: युवाओं और युवतियों के लिए निर्मित कक्षों के साथ ही बिडार कुरमा: पारंपरिक वेशभूषा, प्राचीन वाद्ययंत्र एवं सांस्कृतिक सामग्रियों का संग्रह का निरीक्षण किया। इस दौरान ग्रामीणों की आग्रह पर मुख्यमंत्री श्री साय ने सगा कुरमा में बस्तर के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेकर क्षेत्र की खान-पान संस्कृति का सम्मान किया। इस दौरान मुख्यमंत्री के भोजन में विशेष रूप से भोजन गाटो-भात, कोदो-भात, उड़िद दार, हिरुवा दार, जीरा भाजी, कनकी पेज, भाजी घिरोल फुल, चाटी भाजी, कांदा भाजी, मुनगा भाजी, इमली आमट, मड़िया पेज, टमाटर चटनी, चिला रोटी, रागी कुरमा, रागी केक, रागी लट्टू, रागी जलेबी परोसा गया। 

इस दौरान वन मंत्री श्री केदार कश्यप, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ के अध्यक्ष श्री रूपसाय सलाम, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नारायण मरकाम, पद्मश्री श्री पंडीराम मंडावी, लोककलाकार श्री बुटलू राम, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्रीमती संध्या पवार ने साथ बैठकर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया।

बस्तर की विभूतियों से आत्मीय भेंट

मुख्यमंत्री ने इस प्रवास को केवल एक औपचारिक दौरा न रखते हुए इसे एक आत्मीय मिलन का रूप दिया। क्षेत्र की महान प्रतिभाओं - वैद्यराज पद्मश्री हेमचंद मांझी, पद्मश्री पंडीराम मंडावी और सुप्रसिद्ध लोक-कलाकार बुटलू राम से भेंट कर उनका सम्मान किया। उन्होंने टाइगर ब्वॉय चेंदरू के परिवारजनो से भी मुलाकात की। 

इको-फ्रेंडली घोटुल:

वन विभाग और पद्मश्री पंडीराम मंडावी के मार्गदर्शन में निर्मित यह घोटुल पूर्णतः इको-फ्रेंडली (लकड़ी, मिट्टी और बांस) सामग्री से बना है। मुख्यमंत्री ने घोटुल के खंभों पर की गई बारीक नक्काशी की मुक्तकंठ से प्रशंसा की, जिसे स्वयं पद्मश्री पंडीराम मंडावी ने उकेरा है। जिसमें नक्काशी, सांस्कृतिक जुड़ाव, विरासत का संरक्षण का प्रभावी प्रयास किया गया है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर उन्हें किया नमन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए नमन किया। 


इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य और अहिंसा के सिद्धांत से भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी। उन्होंने सत्याग्रह के माध्यम से हमें सीख दी की दृढ़ संकल्प से जीवन की सभी चुनौतियों को परास्त किया जा सकता है। गांधी जी के विचार हम सबको आज भी प्रेरणा देते हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा और श्री राम गर्ग भी उपस्थित थे।
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पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजना प्रस्तुत की

छत्तीसगढ़ शासन के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव और छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के प्रबंध संचालक एवं संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद ऑडिटोरियम में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पिछले दो वर्षों की उपलब्धियों तथा आगामी कार्ययोजनाओं का विस्तृत विवरण दिया। अधिकारियों ने बताया कि राज्य सरकार ने पर्यटन को उद्योग का दर्जा देकर आर्थिक विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और विरासत संवर्धन तीनों क्षेत्रों में समन्वित प्रगति का मॉडल स्थापित किया है।

पर्यटन को मिला उद्योग का दर्जा

पर्यटन विभाग- निवेश, रोजगार और वैश्विक पहचान की ओर तेज़ कदम

         छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पर्यटन को उद्योग का दर्जा देने से निजी निवेश के नए द्वार खुले। राज्य और देश के प्रमुख शहरों में आयोजित  इन्वेस्टर कनेक्ट कार्यक्रमों के माध्यम से 500 करोड़ रुपये से अधिक निजी निवेश सुनिश्चित किया गया। इससे पर्यटन अधोसंरचना, होटल, रिसॉर्ट और साहसिक पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। रामलला दर्शन योजना के तहत आईआरसीटीसी के साथ हुए समझौते के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में लगभग 42 हजार 500 श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेनों से अयोध्या दर्शन कराया गया। यह योजना धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है। राज्य में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए नई होम-स्टे नीति लागू की गई। 500 नए होम-स्टे विकसित करने का लक्ष्य है। राज्य सरकार ने 24 नवंबर 2025 को छत्तीसगढ़ होम-स्टे नीति 2025-30 को अधिसूचित किया है। यह नीति राज्य भर में नए होम-स्टे के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए पंूजी निवेश सब्सिडी और ब्याज सब्सिडी प्रदान करती है, जो ग्रामीण और समुदाय आधारित पर्यटन का समर्थन करती है, इसके लिए राज्य सरकार ने बजट भी स्वीकृत किया है। 

फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर- 350 करोड़ की परियोजना

           डॉ. रोहित यादव ने बताया कि भारत सरकार की राज्यों को पूंजी निवेश हेतु विशेष सहायता योजना (SASCI) के तहत एकीकृत फिल्म सिटी और कन्वेंशन सेंटर के विकास की मंजूरी मिली है, जिसकी कुल अनुमानित लागत 350 करोड़ रूपए है। भूमि पूजन 24 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के करकमलों से हुई है। यह छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय फिल्म निर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। चित्रोत्पला फिल्म सिटी के निर्माण से फिल्म निर्माण के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को देश और दुनिया में एक नई पहचान मिलेगी। इस महत्वाकांक्षी पहल के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल फिल्म निर्माण और सांस्कृतिक आयोजनों का एक प्रमुख केंद्र बनने की दिशा में अग्रसर होगा, बल्कि यह परियोजना राज्य की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्रदान करेगी। चित्रोत्पला फिल्म सिटी और ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर के निर्माण से स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय मंच मिलेगा, निवेश के नए अवसर सृजित होंगे और छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान वैश्विक स्तर पर और अधिक सशक्त होगी। यह परियोजना आने वाले वर्षों में राज्य के युवाओं, कलाकारों और पर्यटन क्षेत्र के लिए विकास के नए द्वार खोलेगी।

भोरमदेव मंदिर कॉरिडोर परियोजना

           संचालक, संस्कृति एवं पुरातत्त्व श्री विवेक आचार्य ने  कहा कि केंद्र सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। यह परियोजना लगभग 146 करोड़ रुपये की लागत से वाराणसी के काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित की जा रही है।  राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। एक जनवरी 2026 को भारत के पर्यटन मंत्री श्री गजेन्द्र शेखावत एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस परियोजना का भूमिपूजन किया। भोरमदेव मंदिर लगभग एक हजार वर्ष पुरानी ऐतिहासिक धरोहर है और इस कॉरिडोर निर्माण के माध्यम से आने वाले हजार वर्षों तक इसे संरक्षित रखने का कार्य किया जा रहा है।

मयाली-बगीचा विकास, सिरपुर एकीकृत विकास का मास्टर प्लान तैयार

         भारत सरकार ने जशपुर में मयाली-बगीचा सर्किट अंर्तगत तीन प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास के लिए 10 करोड़ रूपए मंजूर किए हैं। इस परियोजना का भूमिपूजन 25 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा किया गया था।  सिरपुर एकीकृत विकास सिरपुर को एक विश्व विरासत स्थल में बदलने के लिए एक मास्टर प्लान विकसित किया जा रहा है। 

चित्रकोट ग्लोबल डेस्टिनेशन डेवलपमेंट

        चित्रकोट इंडिजिनस नेचर रिट्रीट नामक एक व्यापक प्रस्ताव पर्यटन मंत्रालय को प्रस्तुत करने के लिए तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य चित्रकोट को एक वैश्विक स्तर पर पुनर्विकसित करना है। इस परियोजना हेतु पर्यटन मंत्रालय भारत सरकार से 250 करोड़ रूपए की फंडिंग अपेक्षित है। 

छत्तीसगढ़ पर्यटन का राष्ट्रव्यापी प्रचार

पर्यटन सचिव ने बताया कि छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने स्पेन, थाईलैंड और वियतनाम जैसे देशों में आयोजित वैश्विक यात्रा कार्यक्रमों में भाग लेकर छत्तीसगढ़ पर्यटन का देश-विदेश मे भी प्रचार-प्रसार किया, जिससे छत्तीसगढ़ के पर्यटन स्थलों को वैश्विक मानचित्र पर भी जगह मिली। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने फिक्की जैसी संस्थाओं के साथ भी भागीदारी की है, जिससे देश के प्रमुख प्रचार मंचों और कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। यूनिवर्सल ट्रैवल कॉन्क्लेव जैसी प्रसिद्ध यात्रा प्रदर्शनियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। 

राज्य में पर्यटन से संबंधित व्यवसायों के पंजीकरण में तेजी से वृद्धि

छत्तीसगढ़ में जनवरी 2024 तक टूर ऑपरेटर व ट्रेवल ऑपरेटरों की संख्या मात्र 30 थी, वर्तमान में यह संख्या 300 से अधिक पहुंच चुकी है। इसके अतिरिक्त 15 होटल छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के साथ पंजीकृत है, जिसकी और अधिक बढ़ने की संभावना है। रिसॉर्टस और मोटल की परिचालन दक्षता और रणनीतिक प्रबंधन के कारण छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल का वित्तीय लाभ वित्त वर्ष 2024-25 में जहां 2 करोड़ रूपए था, वहीं वित्त वर्ष 2025-26 में लाभ पांच गुना बढ़कर 10 करोड़ रूपए हो गया है।

छत्तीसगढ़ पर्यटन से स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार, 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य

सचिव डॉ. रोहित यादव ने बताया कि छत्तीसगढ़ की पर्यटन नीति 2026 के तहत अगले पांच वर्षों में 350 करोड़ रूपए. से अधिक के निवेश का अनुमान है। छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल लीजकम डेवलपमेंट मॉडल के तहत 17 पर्यटन संपत्तियों को निजी भागीदारी से आउटसोर्स कर 200 करोड़ रूपए का निवेश आकर्षित करने की योजना बना रही है, जिससे सैकड़ों स्थानीय व्यक्तियों के लिए रोजगार पैदा होने की उम्मीद है। राज्यभर में 500 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य है। इसी तरह चित्रकोट में टेंट सिटी के विकास की योजना है, जिसके तहत चित्रकोट फॉल्स के पास साहसिक गतिविधियों के साथ कम से कम 50 लक्जरी टेंट लगाए जाएंगे। फिक्की के सहयोग से छत्तीसगढ़ ट्रैवल मार्ट नामक एक वार्षिक फ्लैगशिप कार्यक्रम स्थापित किया जाएगा। यह आयोजन बीटूबी पर्यटन को बढ़ावा देने पर केन्द्रित होगा, जिसके तहत भारतीय राज्यों के 200 से अधिक टूर ऑपरेटरों को आकर्षित करने योजना है।
संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग की उपलब्धियां

संस्कृति एवं पुरातत्त्व के संचालक श्री विवके आचार्य ने बताया कि संस्कृति विभाग द्वारा छत्तीसगढ़ के कलाकारों, साहित्यकारों का चिन्हारी पोर्टल में पंजीयन किया जा रहा है, जिससे विभाग द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ उन्हें मिल सके। उन्होंने बताया कि चिन्हारी पोर्टल मंे पंजीकृत 141 कलाकारों एवं साहित्यकारों को वित्तीय वर्ष-2024-25 में लगभग 34 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 130 कलाकारों को लगभग 31 लाख रूपए की राशि पेंशन के रूप में प्रदान की गई। इसी तरह कलाकार कल्याण कोष योजना के अंर्तगत कलाकारों और साहित्यकारों अथवा उनके परिवार के सदस्यों की बीमारी, दुर्घटना एवं मृत्यु की स्थिति में वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 08 अर्थाभाव ग्रस्त साहित्यकारों/कलाकारों को 2 लाख रूपए एवं वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 44 प्रकरणों हेतु 14 लाख रूपए स्वीकृत किया गया है। राज्य शासन छत्तीसगढ़ के कलाकारों एवं साहित्यकारों के प्रत्येक सुख-दुख मेें साथी है, तथा संस्कृति विभाग छत्तीसगढ़ राज्य के कलाकारों के हितों के लिए प्रतिबद्ध है। 

बस्तर पंडुम

          छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग द्वारा बस्तर पंडुम 2026 का आयोजन बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए किया जा रहा है। यह उत्सव तीन चरणों में 10 जनवरी से 9 फरवरी 2026 तक चलेगा। जनजातीय नृत्य, लोकगीत, नाट्य, वाद्य यंत्र, वेश-भूषा-आभूषण, पूजा पद्धति, हस्तशिल्प, चित्रकला, जनजातीय पेय, पारंपरिक व्यंजन, क्षेत्रीय साहित्य, वन-आधारित औषधीय ज्ञान, पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता बढ़ेगी।

पुरातत्व क्षेत्र की उपलब्धियां

       छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग 25 किलोमीटर पूर्व स्थित ग्राम रीवां (रीवांगढ़) में चल रहे पुरातात्विक उत्खनन ने प्रदेश के प्राचीन इतिहास को लेकर नई और महत्वपूर्ण जानकारी सामने रखी है। संस्कृति विभाग के पुरातत्त्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय संचालनालय द्वारा कराए जा रहे इस उत्खनन में वैज्ञानिक ए.एम.एस. रेडियोकार्बन (कार्बन-14) डेटिंग के माध्यम से यह प्रमाणित हुआ है कि इस क्षेत्र में मानव सभ्यता उत्तर वैदिक काल यानी 800 ईसा पूर्व से भी पहले विकसित हो चुकी थी।

        भारत भवन विविध कला एवं सांस्कृतिक केन्द्र, राज्य अभिलेखागार, राजकीय मानव संग्रहालय एवं स्वामी विवेकानंद स्मारक संग्रहालय की स्थापना की योजना है।
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आधारभूत सुविधा मिलने से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की मिलेगी प्रेरणा : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय नया रायपुर से वर्चुअली जुड़कर विभिन्न जिलों में 8 नए साइबर थानों और 255 करोड़ रुपए की लागत से तैयार पुलिस आवासीय भवनों तथा थाना भवनों का लोकार्पण किया। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों और पुलिस के जवानों को इस विशेष पहल के लिए शुभकामनाएं दी। 

             मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर कहा कि आज का दिन पुलिस विभाग के लिए अत्यंत सौभाग्य का है, क्योंकि 255 करोड़ रुपए के विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रेजेंटेशन के माध्यम से हमने देखा कि साइबर थाना, एसडीओपी कार्यालय, चौकी भवन, ट्रांजिट हॉस्टल एवं आवासीय भवन अत्यंत सुंदर और सुविधाजनक बनाए गए हैं। मुख्यमंत्री ने गुणवत्तापूर्ण निर्माण के लिए संबंधित एजेंसियों की सराहना करते हुए कहा कि इन सुविधाओं से पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सकारात्मक वातावरण में कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी और वे अपने कर्तव्यों का और अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे। श्री साय ने कहा कि सरकार का सतत प्रयास है कि कर्मचारियों और अधिकारियों को बेहतर आवास एवं कार्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, जिससे प्रदेश में कानून व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके। उन्होंने कहा कि यह एक अच्छी शुरुआत है और इससे सुदूर अंचलों तक भी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकेगा।
          उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अनेक स्थानों पर साइबर पुलिस थानों की शुरुआत की जा रही है। आज जशपुर, रायगढ़ और राजनांदगांव जिलों सहित कुल 8 नए साइबर थानों का शुभारंभ किया गया है। इससे पूर्व प्रदेश के पांच जिलों में साइबर थाना संचालित हैं। भविष्य में आवश्यकता के अनुसार अन्य जिलों में भी साइबर थाने स्थापित किए जाएंगे। इसके साथ ही चार जिलों में भारत वाहिनी के कैंपस, नौ जिलों में नए थाना भवन, माना में सेंट्रल आर्म्ड फोर्स की चौकी तथा आवासीय भवनों का भी लोकार्पण किया गया। गृहमंत्री श्री शर्मा ने 255 करोड़ रुपए की लागत से पूर्ण हुए इन निर्माण कार्यों एवं 8 नए साइबर थानों की स्वीकृति और लोकार्पण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। 
           इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री विकास शील, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिदेशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। साथ ही वनमंत्री श्री केदार कश्यप, उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, विधायक श्री भईया लाल रजवाड़े, श्री ललित चंद्राकर, विधायक श्रीमती रायमुनि भगत एवं जनप्रतिनिधि वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में सहभागी रहे।
       उल्लेखनीय है कि आज मुख्यमंत्री ने बालोद जिले के 21वीं भारत रक्षित वाहिनी करकाभाट, पुलिस थाना भवन सनौद, महासमुंद जिले के 20वीं भारत रक्षित वाहिनी परसदा, धमतरी जिले के पुलिस चौकी भवन करेलीबड़ी, रायपुर जिले के सेन्ट्रल आर्म्स स्टोर, 4थीं वाहिनी माना, ट्रांजिट हॉस्टल, बस्तर जिले के 19वीं भारत रक्षित वाहिनी करनपुर, बीजापुर जिले के पुलिस थाना भवन तर्रेम, पुलिस थाना भवन नैमेड़, सुकमा जिले के पुलिस थाना भवन चिंतागुफा, पुलिस थाना भवन चिंतलनार, कांकेर जिले के 22वीं भारत रक्षित वाहिनी भीरावाही, नारायणपुर जिले के पुलिस थाना भवन भरण्डा, पुलिस थाना भवन बैनुर, ट्रांजिस्ट हॉस्टल नारायणपुर, दुर्ग जिले के पुलिस थाना भवन पद्द्मनाभपुर, पुलिस थाना भवन पुलगांव, 36 अराजपत्रित एवं 48 प्रधान आरक्षक आवासगृह, एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन धमधा, बेमेतरा जिले के एस.डी.ओ.पी. कार्यालय भवन बेरला, राजनांदगांव जिले के एस.आई.बी. फिल्ड यूनिट, ट्रांजिट हॉस्टल, दुर्ग, सूरजपुर जिले के पुलिस चौकी कुदरगढ़, कोरिया जिले के 24 अराजपत्रित एवं 144 प्र.आर./आरक्षक आवासगृह बैकुण्ठपुर एवं ट्रांजिट हॉस्टल बलरामपुर का लोकार्पण किया।
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प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा रजत जयंती पदक : मुख्यमंत्री श्री साय

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज पुलिस मुख्यालय, नया रायपुर में छत्तीसगढ़ पुलिस बल को समर्पित रजत जयंती पदक का विमोचन किया। उन्होंने पुलिस बल को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पदक प्रदेश में शांति एवं सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस के अदम्य साहस, शौर्य और बलिदान की अमिट पहचान बनेगा। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्य पुलिस बल को रजत जयंती पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई थी, जिस पर त्वरित अमल करते हुए आज इस पदक का विमोचन किया गया है।


         मुख्यमंत्री  श्री साय ने कहा कि पिछले 25 वर्षों में छत्तीसगढ़ पुलिस बल ने कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ रखने और नक्सल विरोधी अभियानों में असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उन्होंने कहा कि यह पदक उनके समर्पण को सदैव स्मरणीय बनाए रखेगा। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह पदक छत्तीसगढ़ की माटी, संस्कृति और परंपरा की पहचान को आत्मसात करता है। पदक गोल आकार का एवं चांदी के रंग का होगा, जिसके अग्र भाग में साल वृक्ष तथा पीछे के भाग में पहाड़ी मैना का उभरा हुआ चित्र अंकित रहेगा और इसे रिबन के साथ धारण किया जाएगा। वर्दी के बाईं ओर जेब के ऊपर यह पदक अशोक चक्र, कीर्ति चक्र, वीरता पदक, राष्ट्रपति के विशिष्ट सेवा पदक तथा राष्ट्रपति के सराहनीय सेवा पदक के पश्चात वरीयता क्रम में लगाया जाएगा।
         पदक में अंकित पहाड़ी मैना सतर्कता, संवाद, निडरता, स्थानीय संस्कृति से जुड़ाव और पुलिस बल की टीम भावना का प्रतीक है, जबकि साल वृक्ष मजबूती, दृढ़ता, दीर्घायु, संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन तथा मौन रहकर भी प्रभावशाली योगदान का संदेश देता है। छत्तीसगढ़ के बस्तर और सरगुजा अंचल में पूजनीय साल वृक्ष की भांति यह पदक भी पुलिस बल के समर्पण, सेवा और समाज के प्रति प्रतिबद्धता को सम्मानित करेगा और छत्तीसगढ़ पुलिस की गौरवशाली परंपरा का प्रतीक बनेगा।
             इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव श्री विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक श्री अरुण देव गौतम,  पुलिस महानिर्देशक पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन श्री पवन देव, एडीजी श्री एसआरपी कल्लूरी, एडीजी श्री प्रदीप गुप्ता, एडीजी विवेकानंद सिन्हा, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, एडीजी श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने गणतंत्र दिवस पर अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में फहराया राष्ट्रीय ध्वज

सरगुजा जिले में 77 वां गणतंत्र दिवस पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अम्बिकापुर के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने राष्ट्रीय ध्वज फहराकर परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण करने के साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रदेश की जनता के नाम प्रेषित संदेश का वाचन किया।     

       उन्होंने तिरंगे के प्रतीक रूप में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े। उन्होंने शहीद जवानों के परिजनों को शॉल और श्रीफल देकर सम्मानित किया साथ ही जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। गणतंत्र दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा झांकियों के द्वारा जिले के विकास कार्यों एवं विभिन्न योजनाओं का प्रदर्शन किया गया। 

परेड की टुकड़ियों द्वारा किया गया शानदार मार्च पास्ट-
      गणतंत्र दिवस समारोह में परेड इन कमाण्डर रक्षित निरीक्षक श्रीमती तृप्ति सिंह राजपूत, सेकेण्ड परेड इन कमाण्ड उप निरीक्षक सुश्री सुनीता भारद्वाज के नेतृत्व में 14 टुकड़ियों के द्वारा शानदार मार्च पास्ट किया गया। इस दौरान दलों ने देशभक्ति धुनों पर कदम से कदम मिलाते हुए आकर्षक मार्चपास्ट का प्रदर्शन किया।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 अधिकारी-कर्मचारी हुए सम्मानित-
       गणतंत्र दिवस समारोह में विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले 83 अधिकारी - कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सम्मानित किया। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। विजेता प्रतिभागियों को उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा द्वारा सम्मानित किया गया।  
       इस अवसर पर राज्य गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष श्री अनुराग सिंहदेव, राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष श्री विश्वविजय सिंह तोमर, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरुपा सिंह एवं उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, नगर पालिक निगम अम्बिकापुर महापौर श्रीमती मंजूषा भगत एवं सभापति श्री हरमिंदर सिंह टिन्नी, सरगुज़ा संभागायुक्त श्री नरेन्द्र दुग्गा, पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा श्री दीपक झा, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी सहित नागरिकगण उपस्थित थे।
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क्षेत्रीय संगठन महामंत्री श्री जम्वाल और प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने भाजपा कार्यालय में फहराया तिरंगा

भारतीय गणतंत्र पर्व की 76वीं वर्षगाँठ पर राजधानी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यालय व एकात्म परिसर स्थित भाजपा कार्यालय में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल और प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराया।


भारत का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है- किरण देव

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने भारत की सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को रेखांकित करते हुए कहा कि हमारा देश 'अनेकता में एकता' का जीवंत उदाहरण है। कश्मीर से कन्याकुमारी और पूर्व से पश्चिम तक, भारत एक अखंड सूत्र में बंधा हुआ है। विभिन्न धर्मों और समाजों के लोग यहाँ मिलकर त्योहार मनाते हैं, जो हमारे लोकतंत्र की असली ताकत है। सभी नागरिकों के बीच समभाव और समानता के महत्व को दोहराते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने राष्ट्र की प्रगति के लिए एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया और कहा कि स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पूरे देश को एकता के सूत्र में पिरोते हैं। ये अवसर को राष्ट्र के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम हैं। श्री देव ने कहा कि भारत का मान-सम्मान और प्रतिष्ठा वैश्विक स्तर पर लगातार बढ़ रही है और हमारे सामूहिक प्रयासों से भारत पुनः 'विश्व गुरु' के पद को सुशोभित करेगा।

इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ नवीन मार्कंडेय, प्रदेश कोषाध्यक्ष राम गर्ग, प्रदेश मंत्री जयंती पटेल, अमित साहू, नागरिक आपूर्ति निगम अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव, अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदार नाथ गुप्ता, खाद्य आयोग अध्यक्ष संदीप शर्मा, सीएसआईडीसी अध्यक्ष राजीव अग्रवाल, महिला आयोग सदस्य लक्ष्मी वर्मा, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज, प्रदेश सह कार्यालय मंत्री प्रीतेश गांधी, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा, देवलाल ठाकुर, डॉ. किरण बघेल, उज्जवल दीपक, भाजयुमो प्रदेश अध्यक्ष राहुल टिकरिहा सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
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संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया जी की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।
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राज्यपाल श्री डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और परेड की सलामी ली। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य सचिव श्री विकास शील और पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम भी उनके साथ थे। इस अवसर पर श्री डेका ने कहा कि गणतंत्र दिवस का शुभ दिन राष्ट्र के लिए नए संकल्प लेने का दिन होता है। आइए यह संकल्प ले कि विकसित छत्तीसगढ़ निर्माण मंे अपनी पूरी भागीदारी देंगे।


राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हए कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

राज्यपाल ने अपने संदेश में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, नेता जी सुभाष चन्द्र बोस, सरदार भगत सिंह, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर, शहीद वीर नारायण सिंह, वीर गुंडाधुर समेत सभी नायकों का स्मरण किया, जिनके देश प्रेम और त्याग से गणतंत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि आज के ही दिन हमें एक ऐसा संविधान प्राप्त हुआ, जो देश के सभी नागरिकों को स्वतंत्रता और समानता का अधिकार प्रदान करता है। राज्यपाल ने कहा कि बाबा गुरु घासीदास जी ने मनखे-मनखे एक समान का संदेश दिया। संविधान में समानता का अधिकार इस भावना को अभिव्यक्त करता है। शहीद वीरनारायण सिंह ने लोगों की भूख की पीड़ा देखी थी और इसे मिटाने के लिए अंग्रेजों से संघर्ष किया। श्री डेका ने कहा कि हम लोक कल्याणकारी राज्य में रह रहे हैं, जहां सामाजिक-आर्थिक न्याय के साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ इन्हें लागू करने में मॉडल राज्य है।

वर्ष 2000 में अटल जी ने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण किया। रजत जयंती वर्ष में हमने छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने का संकल्प लिया है और इसके लिए अंजोर विजन डाक्यूमेंट के रूप में रोडमैप भी तैयार किया है।
राज्यपाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के सबसे तेजी से उभरते हुए राज्यों में से एक है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में प्रदेश में तेजी से अधोसंरचना का विस्तार हुआ है। 
हमारी नई औद्योगिक नीति ने प्रदेश में निवेश के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं। 7 लाख 83 हजार करोड़ रुपए से अधिक के निवेश प्रस्ताव राज्य को मिले हैं। इनसे बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

बरसों तक छत्तीसगढ़ ने माओवादी हिंसा की यातना झेली है। हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में हमने सुनियोजित रणनीति के माध्यम से माओवाद के विरुद्ध लड़ाई छेड़ी। हमने नक्सलियों के पुनर्वास की नई नीति तैयार की। दो सालो में ही 2500 से अधिक नक्सलियों ने संविधान में आस्था प्रकट की। बस्तर की धरती से हम इस साल के मार्च महीने तक माओवाद को पूरी तरह से समाप्त कर देंगे।

प्रधानमंत्री जी द्वारा धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना आदि प्रमुख योजनाओं के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना एवं आदि कर्मयोगी अभियान के उत्कृष्ट क्रियान्वयन के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले राज्य के रूप में सम्मानित किया गया है।

राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना ही नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण भी है। बच्चों के समग्र विकास में शिक्षा की अहम भूमिका को देखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति को अपनाया गया है। इसके माध्यम से बच्चे भारत के गौरवशाली इतिहास और संस्कृति के साथ ही आधुनिक ज्ञान-विज्ञान भी सीख रहे हैं।

श्री डेका ने कहा कि मुझे इस बात की हार्दिक खुशी है कि छत्तीसगढ़ आधुनिक उद्योगों की स्थापना में भी आगे है। यहां सेमीकंडक्टर प्लांट का काम प्रगति पर है। एआई डाटा सेंटर पार्क अस्तित्व में आ रहा है। आईटी सेक्टर भी तेजी से तरक्की कर रहा है।

श्री डेका ने कहा कि हमारा प्रदेश कृषि प्रधान है। हमारी सरकार किसानों को फसल का सबसे अच्छा मूल्य देती है। हम किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल तथा 21 क्विंटल प्रति एकड़ धान खरीदी कर रहे हैं। 

हमारी मातृशक्ति के खाते में महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने एक हजार रुपए दिए जा रहे हैं। यह उनकी मेहनत का सम्मान है। प्रधानमंत्री जी ने बीते वर्षों में महिला सशक्तीकरण के लिए अनेक बड़े निर्णय लिये, इनमें से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य देश में तीन करोड़ लखपति दीदी देश भर में तैयार करने का भी है। छत्तीसगढ़ में भी इस लक्ष्य को लेकर तेजी से कार्य हो रहा है और अब तक प्रदेश में 4 लाख 93 हजार लखपति दीदी बन चुकी हैं।
भविष्य में जल संकट से निपटना भी हमारी महत्वपूर्ण चुनौती है। इसके लिए राज्य सरकार कई स्तर पर काम कर रही है। हम नदियों को जोड़ने के लिए सर्वे आरंभ कर रहे है। इंद्रावती और महानदी जैसी नदियों को जोड़ने से एक-एक बूंद का इस्तेमाल सही तरह से हो सकेगा।  

आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए उपयोगी अधोसंरचना तैयार की गई है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में 81 लाख परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाये गये हैं। 4 लाख 96 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के आयुष्मान वय वंदना कार्ड बनाये गये हैं। स्वास्थ्य से जुड़े हुए सभी कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य के 4106 ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त हो गई हैं। 

हमारा प्रदेश सिकल सेल की समस्या से जूझता रहा है। इस संकट से जूझने के लिए प्रभावी कार्य किये गये हैं। दो वर्षों में 1 करोड़ से ज्यादा नागरिकों का जेनेटिक कार्ड वितरण हो चुका है और कुल 1 करोड़ 52 लाख लोगों की स्क्रीनिंग कर ली गई है। अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत 2 लाख 81 हजार से अधिक मोतियाबिंद आपरेशन हुए हैं। मोतियाबिंद आपरेशन के लिए शासन ने एम्स से भी एमओयू किया है। परीक्षा से पूर्व बच्चों का आई टेस्ट कर लिया जाए, इसके पुख्ता इंतजाम किये गये हैं और इसके तहत 1 लाख 62 हजार चश्मों का वितरण स्कूली बच्चों को किया गया है।
राज्य की रजत जयंती के अवसर पर हमने छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव का आयोजन किया। हमने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम का आयोजन किया। हमने रायपुर साहित्य उत्सव का आयोजन भी किया। अब ट्राइबल खेलों की मेजबानी भी करने जा रहे हैं।

समारोह में परेड का नेतृत्व भारतीय पुलिस सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारी श्री आदित्य कुमार ने किया। उनके नेतृत्व में सीमा सुरक्षा बल, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, भारत तिब्बत सीमा बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, सशस्त्र सीमा बल, उत्तर प्रदेश पुलिस, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष), छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (महिला), छत्तीसगढ़ पुलिस (पुरुष), जेल पुलिस (पुरुष), नगर सेना (पुरुष), नगर सेना (महिला), एनसीसी बॉयज, एनसीसी गर्ल्स, डॉग स्क्वॉड, घुड़सवार दल, महिला और बैण्ड प्लाटून की टुकड़ियों ने मार्च पास्ट में भाग लिया।

इसके पश्चात राज्यपाल श्री डेका ने राज्य के पुलिस अधिकारियों को पुलिस वीरता पदक, विशिष्ट सेवा हेतु राष्ट्रपति का पुलिस पदक, सराहनीय सेवा हेतु पुलिस पदक प्रदान कर अलंकृत किया। वीर बच्चों आर्यन खेश, राकेश मिंज, आशु देवांगन, मेहुल देवांगन और कुमारी हेमाद्री चौधरी को उनकी सूझ-बूझ एवं बहादुरीपूर्ण कार्य के लिए राज्य वीरता पुररूस्कार प्रदान किया।

मुख्य समारोह में आकर्षक परेड, हॉर्स शो, डॉग शो, बैगपाइपर बैंड डिस्प्ले, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विभिन्न विभागों की झांकियां भी प्रस्तुत की गईं, जिन्हें दर्शकों ने सराहा। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी, शहीदों के परिजन, विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
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छत्तीसगढ़ तेजी से बढ़़ रहा हैं समृद्धि कीओर: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि छत्तीसगढ़ तेजी से समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। नक्सलवाद, जो कभी छत्तीसगढ़ के लिए गंभीर चुनौती था, अब तेजी से समाप्ति की ओर अग्रसर है। प्रदेश के हर क्षेत्र में अब तेजी से विकास कार्य किए जा रह है। श्री साय आज जशपुर जिले के कोतबा में आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में लगभग 51.73 करोड़ रुपए लागत के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने कोतबा में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय भवन, तहसील लिंक कोर्ट की स्थापना, रेस्ट हाउस निर्माण, इंडोर स्टेडियम का निर्माण, कोतबा जल आवर्धन योजना हेतु आवश्यक अतिरिक्त राशि, कोकियाखार में सामुदायिक भवन निर्माण तथा बागबहार में सप्ताह में एक दिन एसडीएम (लिंक कोर्ट) लगाने की घोषणा की। उन्होंने आज जिन कार्यों का लोकार्पण-भूमिपूजन किया उनमें मुख्य रूप से 4.37 करोड़ रूपए की लागत से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भवन निर्माण के कार्य का भूमिपूजन और 9.85 करोड़ रूपए से निर्मित जल आवर्धन योजना और प्रेस क्लब भवन का लोकार्पण शामिल हैं। 

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अधिकांश गारंटी पूरी कर दी गई है। लोगों को इसका सीधा फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को बेहतर सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के लिए राज्य के सिंचाई परियोजनाओं के मरम्मत एवं विकास के लिए लगभग 3 हजार करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत 750 सड़कों को मंजूरी मिल चुकी है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने छत्तीसगढ़ की अग्रणी भूमिका रहेगी। वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को विकसित राज्य की श्रेणी में लाने के लिए विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया गया है। नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं, छत्तीसगढ़ को अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिल चुके हैं। जिन पर तेजी से काम हो रहा है। 

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 36वीं सब जूनियर राष्ट्रीय सॉफ्टबॉल चैंपियनशिप के पदक विजेताओं को सम्मानित किया। उन्होंने राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर बेटी बचाओ और बेटी पढ़ाओ के तहत जिले में 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को चेक एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय, विधायक श्रीमती गोमती साय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, माटीकला बोर्ड अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, अंत्यावसायी सहकारी वित्त एवं विकास निगम के अध्यक्ष श्री सुरेन्द्र कुमार बेसरा, पूर्व विधायक श्री भरत साय, सहित अनेक जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
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रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ 23 जनवरी को होगा, राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश होंगे मुख्य अतिथि

 रायपुर साहित्य उत्सव का भव्य शुभारंभ राजधानी रायपुर के पुरखौती मुक्तांगन परिसर में 23 जनवरी को राज्यसभा के उप सभापति श्री हरिवंश करेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय करेंगे। शुभारंभ समारोह विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सुबह 10.30 बजे से होगा। कार्यक्रम में अतिविशिष्ट अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह होंगे। उपमुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव और श्री विजय शर्मा एवं महात्मा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा की कुलपति डॉ. कुमुद शर्मा और रंगकर्मी एवं अभिनेता श्री मनोज जोशी विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे।


रायपुर साहित्य महोत्सव में छत्तीसगढ़ और देश के जाने-माने साहित्यकार, पत्रकार, कवि हिस्सा लेंगे। साहित्य महोत्सव के दौरान राष्ट्रीय पुस्तक मेला, इंगेजमेंट जोन, ओपन टैलेंट मंच, पेंटिंग कार्यशाला एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। महोत्सव में आने वाले लोगों की सुविधा के लिए फूड जोन भी बनाया गया है। मुख्य मंडप विनोद कुमार शुक्ल की स्मृति में तैयार किया गया है, जहां महत्वपूर्ण मंचीय कार्यक्रम आयोजित होंगे। इसके अलावा साहित्यिक परिचर्चा एवं गोष्ठी के आयोजनों के लिए लाला जगदलपुरी मंडप, श्याम लाल चतुर्वेदी मंडप, अनिरूद्ध नीरव मंडप तैयार किए गए है। साहित्य उत्सव में प्रतिदिन चार सत्रों का आयोजन होगा। प्रथम सत्र 12.30 बजे से, द्वितीय सत्र 2.15. बजे से, तृतीय सत्र 3.45 बजे से तथा चतुर्थ सत्र 5.15 बजे से 6.30 बजे तक होगा। 23 एवं 24 जनवरी को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा।

    23 जनवरी को प्रथम सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में समकालीन महिला लेखन,  श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में संवाद वन्देमातरम के अंतर्गत भारत के स्व जागरण का प्रवाह, अनिरूद्ध नीरव मंडप में डिजिटल साहित्य पर परिचर्चा के अंतर्गत प्रकाशकों के लिए चुनौती विषय पर परिचर्चा होगी। 

द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में वाचिक परम्परा में साहित्य, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में कविता की नई चाल पर परिचर्चा, अनिरूद्ध नीरव मंडप में संवाद का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश शामिल होंगे। 

तृतीय सत्र -लाला जगदलपुरी मंडप में काला पादरी में जनजाति विमर्श और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ का साहित्य अवदान विषय पर परिचर्चा होगी। अनिरूद्ध नीरव मंडप में स्मृति शेष स्व. विनोद कुमार शुक्ल साहित्य की खिड़कियां पर परिचर्चा होगी। 

चतुर्थ सत्र- लाला जगदलपुरी मंडप में पुरातत्व: मौन साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में  समय की समस्या: सेक्युलरिज्म पर संवाद होगा। अनिरूद्ध नीरव मंडप में काव्य पाठ राष्ट्रीय कवि संगम का आयोजन होगा। सांस्कृतिक संध्या के अंतर्गत विनोद कुमार शुक्ल मंडप में शाम 7 बजे से मनोज जोशी के चाणक्य नाटक का मंचन होगा।

24 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में राष्ट्र सेवा के सौ वर्ष पर संवाद और लाला जगदलपुरी मंडप में छत्तीसगढ़ के लोक गीत पर परिचर्चा आयोजित होगी।

द्वितीय सत्र - धार्मिक फिल्में और टेली धारावाहिकों का दौर पर संवाद और श्यामलाल चतुर्वेदी एकात्म मानवदर्शन समाज परिवर्तन का सूत्रधार पर परिचर्चा होगी। 

तृतीय सत्र -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारत का बौद्धिक विमर्श पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में राष्ट्रीय मीडिया में बहस के मुद्दे, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नई पीढ़ी की फिल्मी दुनिया और अनिरूद्ध नीरव मंडप पर साहित्य: उपनिषद से एआई तक पर परिचर्चा होगी। 

चतुर्थ सत्र- विनोद कुमार शुक्ल मंडप में भारतीय ज्ञान परंपरा पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में 'डिजिटल युग के लेखक और पाठक' और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में 'साहित्य के झरोखे से इतिहास' पर परिचर्चा होगी। 

पंचम सत्र -विनोद कुमार शुक्ल मंडप में 'माओवादी आतंक और लोकतंत्र', लाला जगदलपुर मंडप में 'डॉ. अंबेडकर - विचारपुंज की आभा', श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में शैक्षणिक संस्थानों में भाषा और साहित्य का स्तर और अनिरूद्ध नीरव मंडप में लुप्त होता बाल साहित्य पर चर्चा होगी। विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सांस्कृतिक कार्यक्रम स्व. अटल बिहारी वाजपेयी जी की स्मृति में काव्य पाठ होगा।

25 जनवरी को प्रथम सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में संविधान और भारतीय मूल्य पर संवाद, लाला जगदलपुरी मंडप में ट्रेवल ब्लॉग:पर्यटन के प्रेरक और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप पर नवयुग में भारत बोध पर परिचर्चा होगी। 

द्वितीय सत्र - लाला जगदलपुरी मंडप में पत्रकारिता और साहित्य पर परिचर्चा, श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में नाट्यशास्त्र और कला परंपरा पर संवाद किया जाएगा। 

तृतीय सत्र - विनोद कुमार शुक्ल मंडप में सिनेमा और समाज तथा लाला जगदलपुरी मंडप में शासन और साहित्य पर परिचर्चा और श्यामलाल चतुर्वेदी मंडप में छत्तीसगढ़ी काव्य पाठ का आयोजन होगा।
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राष्ट्रीय पटल पर चमका छत्तीसगढ़, 'मॉडल यूथ ग्राम सभा' में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने हासिल किया प्रथम स्थान

छत्तीसगढ़ के लिए बड़े गौरव के क्षण में, एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय (EMRS), कोसमबुड़ा ने अपनी तरह की पहली ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ (MYGS) प्रतियोगिता में राष्ट्रीय विजेता बनकर उभरने का गौरव प्राप्त किया है। पंचायती राज मंत्रालय आगामी 28 जनवरी 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक भव्य राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में छत्तीसगढ़ की इस विजेता टीम को औपचारिक रूप से सम्मानित करेगा।


छत्तीसगढ़ की जनजातीय शिक्षा प्रणाली की बड़ी जीत देश भर के 800 से अधिक स्कूलों के प्रतिभागियों को पीछे छोड़ते हुए, ईएमआरएस कोसमबुड़ा के छात्रों ने ग्रामीण शासन की असाधारण समझ का प्रदर्शन किया। 30 अक्टूबर 2025 को जनजातीय कार्य मंत्रालय और शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य युवाओं को मॉक ग्राम सभा सत्रों के माध्यम से जमीनी समस्याओं के समाधान के लिए प्रेरित करना था। छत्तीसगढ़ का शीर्ष स्थान यह दर्शाता है कि राज्य ने अपनी जनजातीय आवासीय स्कूल प्रणाली के भीतर लोकतांत्रिक मूल्यों को कितनी मजबूती से आत्मसात किया है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईएमआरएस कोसमबुड़ा के प्राचार्य, डॉ. कमलाकांत यादव ने कहा:"मॉडल यूथ ग्राम सभा (MYGS) पहल में हमारे विद्यालय को राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान मिलना हर्ष का विषय है। यह सफलता हमारे विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम और ग्रामीण विकास से जुड़ी समस्याओं के प्रति उनकी गहरी समझ को दर्शाती है। पंचायती राज मंत्रालय और केंद्र सरकार की यह दूरदर्शी पहल छात्रों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सहभागी शासन से जोड़ने का एक प्रभावी मंच है। इस आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को जमीनी स्तर पर निर्णय लेने की प्रक्रिया को करीब से समझने का अवसर मिला है। हम आगामी 28 जनवरी को नई दिल्ली में होने वाले सम्मान समारोह में सहभागिता को लेकर उत्साहित हैं।"

युवा सहभागिता के लिए दूरदर्शी पहल ‘मॉडल यूथ ग्राम सभा’ को 30 अक्टूबर 2025 को लॉन्च किया गया था। इस कार्यक्रम ने तीन महीने से भी कम समय में भारत के 800 से अधिक स्कूलों तक पहुँच बनाकर युवाओं में सहभागी शासन की संस्कृति को बढ़ावा दिया है। देश भर से शॉर्टलिस्ट की गई शीर्ष 6 टीमों में ईएमआरएस कोसमबुड़ा ने ग्राम सभा के संचालन में अनुशासन और स्थानीय समस्याओं के व्यावहारिक समाधान के लिए नए मानक स्थापित किए हैं। 28 जनवरी को होने वाला सम्मान समारोह लोकतंत्र के इन युवा राजदूतों की उपलब्धि का उत्सव मनाएगा, जो भविष्य के जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
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बलौदा बाजार स्पंज आयरन फैक्ट्री हादसे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जताया गहरा शोक

बलौदा बाजार जिले के बकुलाही स्थित स्पंज आयरन फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट की घटना को मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अत्यंत दुखद एवं हृदयविदारक बताया है। इस दर्दनाक हादसे में 6 श्रमिकों की असमय मृत्यु हो गई, जबकि 5 श्रमिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें बेहतर एवं उच्च स्तरीय उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले श्रमिकों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ पूरी संवेदनशीलता और मजबूती से खड़ी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शोकाकुल परिवारों को हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों के उपचार में किसी भी प्रकार की कमी न हो तथा उन्हें सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, हादसे के कारणों की तथ्यपरक जांच सुनिश्चित करने के भी स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर, राज्यपाल रामेन डेका रायपुर में फहराएंगे तिरंगा

रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में 26 जनवरी को राज्यपाल रामेन डेका तिरंगा फहराएंगे। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय बिलासपुर जिला मुख्यालय में ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे। छत्तीसगढ़ में गणतंत्र दिवस को उत्साह से मनाने की तैयारी अंतिम चरण में चल रही है। वहीं, डिप्टी सीएम अरुण साव बस्तर, डिप्टी सीएम विजय शर्मा सरगुजा जिला मुख्यालय में झंडा फहराएंगे।

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मुख्यमंत्री शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में हुए शामिल

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के तत्वावधान में साइंस कॉलेज ग्राउंड रायपुर में आयोजित शहीद शिरोमणि गैंदसिंह के 201वें शहादत दिवस एवं श्रद्धांजलि सभा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महान जनजातीय नायक एवं स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत शहीद गैंदसिंह का पुण्य स्मरण करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।


कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद गैंदसिंह के सम्मान में नया रायपुर में चौक के नामकरण एवं मूर्ति स्थापना, चंगोराभाटा स्थित समाज के सामुदायिक भवन के जीर्णोद्धार, तथा बालोद जिले के देवरी, कांकेर जिले के मरकाटोला, दानीटोला, नगरी, डोंगरगांव एवं बस्तर जिले के भानपुरी तथा करूटोला में हल्बा समाज के सामाजिक केंद्रों के निर्माण हेतु प्रत्येक स्थान के लिए 10-10 लाख रुपये प्रदान किए जाने की घोषणा की। इसके साथ ही ग्राम कितूर में रंगमंच निर्माण तथा चपका बस्तर में श्रीराम मंदिर के जीर्णोद्धार की भी घोषणा मुख्यमंत्री द्वारा की गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली और समृद्ध रहा है। उन्होंने कहा कि देश में स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत भले ही वर्ष 1857 से मानी जाती है, किंतु उससे बहुत पहले ही छत्तीसगढ़ की धरती पर जनजातीय क्रांतियों की गूंज सुनाई देने लगी थी। महान क्रांतिकारी शहीद गैंदसिंह अंग्रेजी हुकूमत से संघर्ष करते हुए वर्ष 1825 में शहीद हुए, और उस कालखंड में भी आदिवासी समाज ने आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में एक-दो नहीं बल्कि कुल 14 जनजातीय क्रांतियां हुईं, जिन्होंने अंग्रेजों की सत्ता की नींव हिला दी। यह धरती शहीद वीर नारायण सिंह, शहीद गैंदसिंह और वीर गुण्डाधुर जैसे महान जननायकों की भूमि रही है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यवश इन वीरों और जनजातीय नायकों को लंबे समय तक इतिहास के पन्नों में उचित स्थान नहीं मिला। देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जनजातीय नायकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान दिलाने का कार्य किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हुई 14 जनजातीय क्रांतियों पर आधारित ट्राइबल म्यूजियम नया रायपुर में निर्मित किया गया है, जिसका लोकार्पण स्वयं प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया। इस संग्रहालय में इन सभी क्रांतियों का सचित्र विवरण एवं गहन जानकारी प्रस्तुत की गई है। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि सभी लोग इस म्यूजियम का अवश्य अवलोकन करें, ताकि छत्तीसगढ़ की बलिदानी धरती में जनजातीय नायकों के योगदान को भली-भांति समझा जा सके।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज देश के सर्वोच्च पद पर जनजातीय समाज की बेटी राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू आसीन हैं और छत्तीसगढ़ प्रदेश का नेतृत्व भी जनजातीय समाज के बेटे के हाथों में है। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने जनजातीय समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ऐतिहासिक निर्णय लिए। उनके नेतृत्व में जनजातीय कार्य मंत्रालय का गठन किया गया, जो आज हजारों करोड़ रुपये के बजट के साथ जनजातीय समाज के विकास को नई दिशा दे रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय ऐतिहासिक है। धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से जनजातीय समाज के कल्याण की नई इबारत लिखी जा रही है। जनजातीय बहुल क्षेत्रों में सड़क, बिजली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का कार्य राज्य सरकार द्वारा प्राथमिकता से किया जा रहा है। इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे पुरखों ने शिक्षा को विकास का मूलमंत्र बताया है। शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है और आज प्रदेश में आईआईएम, आईआईटी और एम्स जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थान संचालित हो रहे हैं। उन्होंने समाज के प्रबुद्धजनों से शिक्षा को बढ़ावा देने, शासन की योजनाओं की जानकारी समाज तक पहुंचाने तथा युवाओं को अपने अधिकारों और लक्ष्यों के प्रति जागरूक करने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर अंचल में नक्सलवाद लंबे समय तक विकास में सबसे बड़ी बाधा रहा है, किंतु डबल इंजन सरकार के संकल्प और हमारे सुरक्षा बलों के अदम्य साहस से इस बाधा को दूर किया जा रहा है। वर्षों से विकास से वंचित इस अंचल में अब विकास की नई धारा प्रवाहित हो रही है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि शहीद गैंदसिंह छत्तीसगढ़ के पहले वीर शहीद जननायक थे, जिन्होंने वर्ष 1824-25 में अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का बिगुल फूंका। उन्होंने अंग्रेजों द्वारा संसाधनों की लूट और आदिवासियों के शोषण के खिलाफ साहसिक संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि देश के स्वतंत्रता संग्राम में छत्तीसगढ़ के जनजातीय नायकों का योगदान अतुलनीय रहा है।

कार्यक्रम में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी आदिवासी समाज के केंद्रीय अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र माहला, महामंत्री श्री गिरवर सिंह ठाकुर, श्री महेश गागड़ा सहित समाज के अनेक गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां सिविल लाईन स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

 1) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ आबकारी नीति वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रस्ताव का अनुमोदन तथा इससे संबंधित समस्त अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए विभाग को अधिकृत किया गया। 


2) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि का शैक्षणिक संस्थान स्थापित किये जाने हेतु श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भू-खण्ड का आबंटन लीज के रूप में एकमुश्त 90 वर्षाें के लिए करने की स्वीकृति प्रदान की है। 

एसव्हीकेएम एक ख्याति प्राप्त संस्था है, जो वर्ष 1934 से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत तथा वर्तमान में 30 शैक्षणिक संस्थान संचालित है, जोकि एक लाख से अधिक छात्रों को प्रति वर्ष प्री-प्राइमरी से लेकर डॉक्टोरल कार्यक्रमों में शिक्षा प्रदान करता है। वर्ष 2025 में एनआईआरएफ यूनिवर्सिटी रैकिंग में इस संस्था को 52वां रैंक प्राप्त हुआ है। नवा रायपुर में इस राष्ट्रीय स्तर के संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को और मजबूती मिलेगी।  

3) मंत्रिपरिषद द्वारा नवा रायपुर अटल नगर में 04 नवीन उद्यमिता केन्द्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ एमओयू का निर्णय लिया है। इससे राज्य में आईटी/आईटीईएस उद्योग तथा तकनीकी स्टार्ट-अप इको सिस्टम को प्रोत्साहित करने में यह एमओयू महत्वपूर्ण होगा। 

सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के 68 केन्द्र संचालित है, जिनमें 60 भारत के टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित है। सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी तथा स्मार्ट एग्री उद्यमिता केन्द्रों के माध्यम से आगामी तीन से पांच सालों में डोमेन विशेष के 133 स्टार्ट-अप्स को बढ़ावा देंगे। राज्य सरकार द्वारा छात्रों, उद्यमियों, शोधकर्ताओं तथा उद्योगों को ईएसडीएम उत्पादों के प्रोटोटाइप विकसित करने में सहयोग प्रदान करने के लिए एसटीपीआई के माध्यम से एक इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं विकास (ईएसडीडी) केन्द्र स्थापित किया जाएगा, जो प्रति वर्ष 30 से 40 हार्डवेयर, स्टार्टअप और एमएसएमई को सभी सहायता प्रदान करेगा।  

4) मंत्रिपरिषद द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओ में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने, वर्तमान संसाधनों को सुदृढीकरण करने तथा निर्धारित मानक के अनुसार जांच की संख्या बढ़ाने के लिए राज्य के जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में लैब के प्रभावी संचालन हेतु आवश्यक निर्णय लिए गए हैं। 
 
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राज्यपाल श्री डेका ने श्री अमिताभ जैन को मुख्य सूचना आयुक्त एवं श्री अग्रवाल और श्री मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ दिलाई

 राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज यहां लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित समारोह में छत्तीसगढ़ राज्य सूचना आयोग के नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन एवं राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश कुमार अग्रवाल एवं श्री शिरीष चंद्र मिश्रा को राज्य सूचना आयुक्त के पद की शपथ दिलाई। मुख्य सचिव श्री विकास शील ने शपथ प्रक्रिया पूर्ण कराई।


शपथ ग्रहण समारोह में राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आपदा प्रबंधन मंत्री श्री टंकराम वर्मा, कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, और अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, पुलिस महानिदेशक श्री अरूण देव गौतम, राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर.प्रसन्ना, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, राज्य शासन के विभिन्न विभागों के प्रमुख सचिव एवं सचिव, छत्तीसगढ़ मानव अधिकार आयोग के कार्यवाहक अध्यक्ष श्री गिरिधारी नायक, राज्य सूचना आयोग के आयुक्त श्री आलोक चंद्रवंशी, राज्य सूचना आयोग के पूर्व आयुक्त श्री मनोज त्रिवेदी, श्री अशोक अग्रवाल, श्री धनवेंद्र जयसवाल, राज्य सूचना आयोग के सचिव श्री नीलम नागदेव एक्का सहित गणमान्य नागरिक एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

ज्ञात हो कि नवनियुक्त मुख्य सूचना आयुक्त श्री अमिताभ जैन सेवानिवृत्त आईएएस पूर्व मुख्य सचिव रहे हैं। राज्य सूचना आयुक्त श्री उमेश अग्रवाल सेवानिवृत्त आईएएस हैं तथा श्री शिरीष चंद्र मिश्रा पत्रकारिता से जुड़े हुए है।
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