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राजनाथ सिंह की उपस्थिति में एनसीसी और यूएनईपी ने समझौता ज्ञापन पर किए हस्ताक्षर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) ने प्लास्टिक प्रदूषण के मुद्दे से निपटने और पुनीत सागर अभियान और टाइड टर्नर्स प्लास्टिक चैलेंज प्रोग्राम के माध्यम से स्वच्छ जल निकायों का सार्वभौमिक लक्ष्य हासिल करने के लिए 22 सितंबर, 2022 को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की उपस्थिति में एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल गुरबीरपाल सिंह और रेजिडेंट रिप्रेजेंटेटिव, यूएन वर्ल्ड फूड प्रोग्राम बिशो परजुली के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट, रक्षा सचिव डॉ. अजय कुमार, रक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और यूएनईपी के प्रतिनिधि उपस्थित थे ।

पुनीत सागर अभियान को सबसे अच्छी पहलों में से एक बताते हुए रक्षा सचिव ने अपने संबोधन में अभियान को सफल बनाने में एनसीसी के प्रयासों की सराहना की। इस विश्वास के साथ कि वे इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, उन्होंने जोर देकर कहा कि 15 लाख एनसीसी कैडेटों के पास दुनिया भर के युवाओं की सोच को प्रभावित करने की क्षमता है। डॉ. अजय कुमार ने अभियान के लिए एनसीसी को अपना समर्थन देने के लिए यूएनईपी को धन्यवाद देते हुए कहा कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक लंबा और स्वस्थ जीवन जीने के लिए पर्यावरण की रक्षा करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।

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मुख्तार अंसारी को 5 साल की सजा और 50 हजार का जुर्माना, इस मामले में भी पाया गया दोषी...

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बांदा जेल में बंद माफिया पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी पर योगी आदित्यनाथ सरकार के बाद अब कोर्ट का भी शिकंजा कसा है। जेलर को धमकी देने के मामले में सात वर्ष कैद की सजा के बाद अब मुख्तार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के 23 वर्ष पुराने मामले में पांच वर्ष कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही पचास हजार रुपया जुर्माना भी लगाया गया है।

इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 वर्ष पुराने एक मामले में भी जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने शुक्रवार को उसे पांच वर्ष कैद के साथ पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है।

लखनऊ खंडपीठ के न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है। सरकारी वकील राव नरेन्द्र सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्तार को गैंगस्टर के इस मामले में ट्रायल कोर्ट से बरी करने के आदेश को चुनौती दी थी। इस मामले की वर्ष 1999 में लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में एफआईआर दर्ज है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट के लखनऊ बेंच ने इससे पहले गुरुवार को वर्ष 2003 के एक मामले में मुख्तार अंसारी को सात वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। मामला लखनऊ जेल के जेलर को पिस्तौल दिखाकर जान से मारने की धमकी से जुड़ा था। बाहुबली मुख्तार अंसारी के खिलाफ इस मामले में जेलर एसके अवस्थी के अकेले ही लड़े और सजा दिलवाई। इस लड़ाई में पहले कई गवाह थे जो बाद में मुकर गए। 2003 में लखनऊ जेल में बंद रहे तत्कालीन विधायक मुख्तार अंसारी से कुछ लोग जेल में मिलने पहुंचे थे। असलहों से लैस होकर मुलाकात करने पहुंचे लोगों की तत्कालीन जेलर एसके अवस्थी ने जब तलाशी लेनी चाहिए तो जेल की कोरनटाइन जेल में बंद मुख्तार अंसारी ने इस पर एतराज जताया। इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि मुख्तार अंसारी ने मुलाकाती की पिस्टल निकालकर धमकी दी। जेलर एसके अवस्थी की तरफ से लखनऊ के आलमबाग थाने में इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।

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दो हिस्सों में बंट गई संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, यात्रियों में हड़कंप...

 झांसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश की सुपर फास्ट ट्रेन में शामिल आंध्र प्रदेश सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस बड़ी दुर्घटना से बच गई। झांसी में शुक्रवार को निजामुद्दीन से तिरुपति जाने वाली आंध्र प्रदेश सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस (12708) झांसी के आगे दो हिस्सों में बंट गई। इस दौरान यात्रियों के बीच हड़कंप मच गया।


आंध्र प्रदेश सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस मध्य प्रदेश के ग्राम चंदवानी गांव निवाड़ी के पास ट्रेन में यात्रियों को झटके लगे। इसके बाद ट्रेन दो हिस्सों में बंट गई। गनीमत रही कि उस समय पीछे से कोई ट्रेन नहीं आ रही थी।

 

 

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गांधी जयंती पर हिंदी विश्वविद्यालय में भव्‍य दीपोत्सव का आयोजन

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा की ओर से  राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की 153 वीं जयंती के अवसर पर भव्‍य दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। विश्‍वविद्यालय परिसर स्थित विभिन्‍न भवनों एवं स्‍थलों के साथ-साथ वर्धा शहर के महत्‍वपूर्ण चौराहों पर भी दीपोत्‍सव होगा। व्‍यापक स्‍तर पर दीपोत्‍सव के सफल आयोजन हेतु विश्‍वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्‍ल ने कहा है कि वर्धा राष्‍ट्रपिता महात्‍मा गांधी की कर्मभूमि रही है। उनका जीवन–दर्शन वर्धा की पावन भूमि के कण-कण में विद्यमान रहा है। 2 अक्‍टूबर को महात्‍मा गांधी की जयंती का दिन उनकी स्‍मृतियों के स्‍मरण का अवसर है। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्ष 2019 से वर्धावासियों के सहयोग से ‘आरोग्‍य-दीप’ पर्व का आयोजन व्‍यापक स्‍तर पर निरंतर करता आ रहा है। इस वर्ष 2022 में भी वर्धावासियों के सहयोग से वर्धा के विभिन्‍न चौक चौराहों पर लाखों दीप प्रज्‍ज्‍वलित किये जाएंगे।

कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि वर्धा का नागरिक समाज भी अब दीपोत्सव के साथ जुड़ने लगा है। उन्‍होंने विश्‍वास जताया कि दीपोत्‍सव जन-जन का उत्‍सव बनेगा और यह पर्यटन के साथ-साथ रोजगार सृजित करने के लिए उपयुक्‍त होगा। दीपोत्‍सव के अवसर पर हर घर में पाँच दीये जलाने का उन्‍होंने अनुरोध किया। उन्‍होंने कहा कि वाराणसी में देव दीपावली जन-जन में लोकप्रिय है इसी प्रकार से वर्धा में नागरिकों द्वारा दीपोत्‍सव का आयोजन इतिहास रचने वाला होगा। इससे वर्धा की ख्‍याति वैश्विक पटल पर हो सकेगी। विश्‍वविद्यालय में दीपोत्‍सव का मुख्‍य आयोजन 2 अक्टूबर, 2022 की शाम 07.00 बजे गांधी हिल्स पर होगा। इस हेतु वर्धा शहर के जनप्रतिनिधियों, गणमान्‍य नागरिकों तथा सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्‍कृतिक व व्‍यापारिक संस्‍थाओं के प्रतिनिधियों के साथ 21 सितंबर, 2022 को  विश्‍वविद्यालय के कस्‍तूरबा सभागार में बैठक का आयोजन किया गया ।

प्रास्‍ताविक वक्‍तव्‍य में प्रतिकुलपति एवं दीपोत्‍सव के समन्‍वयक प्रो. चंद्रकांत रागीट ने कहा कि गांधी जयंती पर दीपोत्सव की शुरुआत महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल की प्रेरणा से गांधी जयंती पर 2 अक्टूबर 2019 में हुई थी। उन्‍होंने पिछले तीन वर्षों से हो रहे दीपोत्‍सव की जानकारी दी। इस दौरान गत वर्ष के दीपोत्‍सव से संबंधी फिल्‍म भी दिखायी गई।

बैठक में वर्धा के विधायक डॉ. पंकज भोयर, भाजपा जिलाध्‍यक्ष सुनील गफाट, महामंत्री अविनाश देव, दत्ता मेघे आयुर्विज्ञान संस्‍थान के विशेष कर्तव्‍य अधिकारी अभ्‍युदय मेघे मंच पर उपस्थित थे। इस अवसर पर वर्धा से आये शालीग्राम टिबड़ेवाल, आसिफ ज़ाहिद, पुंडलिक लांडगे, अविनाश देशपांडे, सुनिल पटेल, रामू छत्रे, मदन परसोडकर, सुनिल तापडि़या, मनीष जालान, सुरेश पट्टेवार, आशीष तिवारी, सुभाष पाटणकर, पवन परियाल, मिलिंद देशपांडे, अटल पांडे, वीरू पांडे, शेख नौशाद, प्रशांत बुर्ले, अरुण काशीकर, कमल कुलधरिया, रवि शेंडे, अनीस अहमद, महंत मुकेशनाथ, माधवी धुर्वे, विवि के प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल, कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान, प्रो. कृपाशंकर चौबे, डॉ. के. बालराजु, डॉ. जयंत उपाध्‍याय, डॉ. सूर्यप्रकाश पांडेय सहित वर्धा के गणमान्‍य व्‍यवसायी, सामाजिक संगठनों एवं  विविध प्रतिष्‍ठानों के प्रमुख तथा नागरिक बड़ी संख्‍या में उपस्थित थे।

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अमेरिका यात्रा में वाशिंगटन से होते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह न्यूयॉर्क पहुंचे

 वाशिंगटन (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के केंद्रीय विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), पृथ्वी विज्ञान राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय राज्यमंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत एवम् पेंशन राज्यमंत्री, अंतरिक्ष एवम् परमाणु ऊर्जा मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, एक संयुक्त मंत्रालय स्तरीय भारतीय प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के तौर पर 5 दिन की अमेरिका यात्रा पर पहुंचे। 

इसके तहत वे पेंसिल्वेनिया के पिट्सबर्ग में 21 से 23 सितंबर तक आयोजित होने वाले "ग्लोबल क्लीन एनर्जी एक्शन फोरम" में हिस्सा लेंगे।डॉ. जितेंद्र सिंह की आगवानी करने भारतीय दूतावास के वरिष्ठ अधिकारी आए और जेएफके एयरपोर्ट पर स्वागत के बाद वे वाशिंगटन डीसी के लिए निकल गए, जहां वे 35 कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों और अंतरिक्ष, पृथ्वी और समुद्री विज्ञान, फार्मा और बॉयोटेक सेक्टर से जुड़े संघीय प्रतिनिधियों के साथ अहम गोलमेज वार्ता करेंगे। इस वार्ता का आयोजन वाशिंगटन डीसी में अमेरिकी कॉमर्स चैंबर के मुख्यालय में अमेरिका-भारत व्यापार परिषद ने किया है।

डॉ. जितेंद्र सिंह, ऊर्जा मंत्रालय, नवीन एवम् नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय और विज्ञान एवम् तकनीकी मंत्रालय के एक उच्च स्तरीय संयुक्त प्रतिनिधि मंडल का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, जो इस फोरम में हिस्सा लेगा, साथ ही भारतीय मूल के लोगों के साथ-साथ ख्यात बुद्धिजीवियों से मुलाकात करेगा।

35 अहम कंपनियों के सीईओ के साथ होने वाली बैठक में डॉ. जितेंद्र सिंह को द्विपक्षीय विज्ञान एवम् प्रौद्योगिकी में हो रहे सहयोग के बारे में बात करनी है। यह आपसी सहयोग एलआईजीओ (लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रेविटेशनल ऑब्जर्वेटरी), टीएमटी (30 मीटर लंबा टेलीस्कोप) जैसे उन्नत विज्ञानों से लेकर न्यूट्रिनो फिजिक्स, स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों, स्वास्थ्य विज्ञान, पृथ्वी और समुद्री विज्ञान, कृषि विज्ञान और हाल में उभर रही तकनीकों पर जारी है।

डॉ. जितेंद्र सिंह यह प्रस्ताव भी दे सकते हैं कि भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग और अमेरिका का नेशनल साइंस फाउंडेशन आपस में मिलकर साझा दिलचस्पियों वाले विषयों पर संयुक्त परियोजनाओं की शुरुआत करें। इन विषयों में कोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स एवम् ऑटोमेशन तकनीकें, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस एवम् मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, सेंसर्स और आईओटी (इंटरनेट ऑफ थिंग्स) से संबंधित नेटवर्किंग एवम् तकनीकें शामिल हैं।

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रेलवे सुरक्षा बल ने मनाया अपना 38वां स्थापना दिवस

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रेलवे सुरक्षा बल ने अपना 38वां स्थापना दिवस 20 सितंबर 2022 को जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, लखनऊ में केंद्रीय स्तर पर पहली बार परेड आयोजित कर मनाया। यह पहली बार हुआ है जब नई दिल्ली से बाहर आरपीएफ की राष्ट्रीय स्तर की परेड का आयोजन किया गया। लखनऊ स्थित जगजीवन राम आरपीएफ अकादमी, जो कि आरपीएफ का केंद्रीकृत प्रशिक्षण संस्थान है और सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भर्ती किए गए रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों का अल्मा मेटर है, में परेड स्थल का चयन किया जाना उल्लेखनीय महत्व रखता है।

केंद्रीय रेल और वस्‍त्र राज्य मंत्री श्रीमती दर्शना विक्रम जरदोश ने इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और परेड की सलामी ली। इस कार्यक्रम में श्री बृजलाल, सांसद, राज्य सभा; केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल, राज्य पुलिस, विभिन्न सरकारी विभागों  एवं रेलवे के वरिष्ठ अधिकारीगण और अन्य गणमान्यजन उपस्थित थे। रेल राज्य मंत्री ने 23 आरपीएफ कर्मियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक, सराहनीय सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक, सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक, उत्तम जीवन रक्षा पदक और जीवन रक्षा पदक प्रदान किए।

 
 
 

इसके तहत आरपीएफ एनसीआर के हेड कांस्टेबल स्वर्गीय ज्ञान चंद को भी मरणोपरांत सर्वोत्तम जीवन रक्षा पदक से सम्मानित किया गया जिन्होंने आत्महत्या करने के इरादे से चलती ट्रेन के सामने कूदने वाली एक महिला को बचाते हुए कर्तव्य की वेदी पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। रेलवे सुरक्षा बल ने अश्रुपूर्ण नेत्रों और बड़े गर्व से ज्ञान चंद को स्‍मरण किया।

 
 
 

मुख्य अतिथि ने अकादमी परिसर में 100 फीट ऊंचे स्मारकीय राष्ट्रीय ध्वज का अनावरण किया एवं फहराया और ट्रेन युक्‍त प्रशिक्षण के लिए इंजन के साथ एक रेलवे कोच का अनावरण किया और उसे राष्‍ट्र को समर्पित किया। रेल राज्य मंत्री ने अकादमी के पुनर्निर्मित मुख्य हॉल, जो अब वातानुकूलित हो गया है, का भी उद्घाटन किया। इस अवसर पर आरपीएफ की त्रैमासिक ई-पत्रिका 'रेल सैनिक' के एक विशेष ‘आजादी का अमृत महोत्‍सव’ संस्करण का विमोचन किया गया।

रेल राज्य मंत्री ने इस टुकड़ी के आत्‍मविश्‍वासपूर्ण आचरण, भागीदारी और कदम से कदम मिलाते हुए चलने की सराहना की। अपने भाषण में उन्होंने महिला यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में आरपीएफ की भूमिका की सराहना की। उन्होंने लंबी दूरी की ट्रेनों में अकेले यात्रा करने वाली महिलाओं को सुरक्षा प्रदान करने के लिए ‘मेरी सहेली’ टीमों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने किसी भी संगठन के प्रदर्शन को बेहतर बनाने में प्रशिक्षण एवं कौशल उन्नयन की प्रमुख भूमिका की रूपरेखा तैयार की और आरपीएफ में प्रशिक्षण सुविधाओं को बढ़ाने के लिए 55 करोड़ रुपये मंजूर करने की घोषणा की।


 

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11 राज्यों में पीएफआई के ठिकानों पर एनआईए-ईडी का छापा, कई राज्यों के चीफ सहित 106 अरेस्ट

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। टेरर फंडिंग मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी के नेतृत्व में 11 राज्यों में पीएफआई (PFI) के ठिकानों पर छापेमारी की कार्यवाई की गई। छापेमारी में पीएफआई के 106 कार्यकर्ताओं को देश में आतंकी गतिविधियों का कथित रूप से समर्थन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।


एनआईए-ईडी और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा किए गए कई छापे में केरल से 22, कर्नाटक से 20, महाराष्ट्र से 20, आंध्र प्रदेश से 5, असम से 9, दिल्ली से 3, मध्य प्रदेश से 4, पुडुचेरी से 3, राजस्थान से 2, तमिलनाडु से 10 और उत्तर प्रदेश से 8 लोगों की गिरफ्तारी हुई है।

केंद्रीय गृह मंत्री ने की बैठक
बता दें कि इस मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बैठक की। बैठक में NSA, गृह सचिव, NIA DG सहित अधिकारियों ने भाग लिया। टेरर फंडिंग मामले में NIA, ED और राज्य पुलिस की संयुक्त टीम ने 11 राज्यों में PFI के ठिकानों पर छापा मारा है। छापेमारी में अब तक PFI के 106 से अधिक सदस्यों की गिरफ्तारी हुई है। इनमें PFI के कई प्रमुख नेता भी शामिल हैं। ये तलाशी आतंकवाद को फंडिंग करने, ट्रेनिंग कैंप आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए लोगों को कट्टरपंथी बनाने में शामिल व्यक्तियों के घरों और कार्यालयों में की जा रही है।

आतंकी फंडिंग मामले में कार्रवाई
अधिकारियों ने कहा कि आतंकी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने और प्रतिबंधित संगठनों में शामिल होने के लिए कई स्थानों पर तलाशी ली जा रही है। PFI की राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद ने NIA-ED द्वारा देशभर में की गई कार्रवाई की निंदा की है। उन्होंने कहा कि नेताओं की गिरफ्तारी और उत्पीड़न एवं संगठन के सदस्यों और समर्थकों के खिलाफ कार्रवाई गलत है। उन्होंने कहा कि NIA के निराधार दावे के पीछे आतंक का माहौल बनाना है।

PFI के 106 सदस्य गिरफ्तार
देश भर में 11 राज्यों में बड़ी कार्रवाई करते हुए, NIA, ED और राज्य पुलिस ने PFI के 106 से सदस्यों को गिरफ्तार किया है।' जानकारी के अनुसार, PFI के दिल्ली प्रमुख परवेज अहमद को भी गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के मुताबिक केरल, कर्नाटक, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, असम, दिल्ली, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की कार्रवाई हुई है।

जांच एजेंसी की इस कार्रवाई के विरोध में कई जगह PFI और SDPI के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कर्नाटक के मंगलुरु में NIA की कार्रवाई के खिलाफ PFI और SDPI के समर्थकों ने प्रदर्शन किया। साथ ही तमिलनाडु के डिंडुगल में NIA की कार्रवाई के विरोध में PFI के 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया।

कुछ दिन पहले भी हुई थी कार्रवाई
बता दें कि NIA ने इस महीने की शुरुआत में एक PFI मामले में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश में 40 स्थानों पर छापेमारी की थी, जिसमें चार लोगों को हिरासत में लिया गया था। जांच एजेंसी ने तब तेलंगाना में 38 स्थानों (निजामाबाद में 23, हैदराबाद में चार, जगत्याल में सात, निर्मल में दो, आदिलाबाद और करीमनगर जिलों में एक-एक) और आंध्र प्रदेश में दो स्थानों (कुरनूल और नेल्लोर में एक-एक) पर तलाशी ली थी। उस दौरान, तलाशी अभियान में डिजिटल डिवाइस, दस्तावेज, दो चाकू और 8,31,500 रुपये नकद सहित अन्य आपत्तिजनक सामान जब्त की थी। NIA ने बताया कि सभी आरोपी आतंकवादी गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए ट्रेनिंग कैंप आयोजित कर रहे थे।

PFI की स्थापना केरल में 2006 में हुई थी। 1992 में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद तीन मुस्लिम संगठनों- केरल का राष्ट्रीय विकास मोर्चा, कर्नाटक फोरम फार डिग्निटी और तमिलनाडु की मनिथा नीति पासारी के विलय के बाद PFI का जन्म हुआ। बाबरी मस्जिद के विध्वंस के बाद, दक्षिण भारत में कई संगठन सामने आए थे, जिनमें से कुछ को मिलाकर PFI का गठन किया गया था। PFI खुद को अल्पसंख्यक समुदायों, दलितों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों के लोगों को सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध एक नव-सामाजिक आंदोलन के रूप में बताता है।

 



PFI का दावा है कि वर्तमान में 22 राज्यों में उसकी इकाइयां हैं। पिछले कुछ वर्षों में PFI की अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। PFI को एशिया के अलावा मध्य-पूर्वी देशों से भी फंडिंग मिलती है। पहले PFI का मुख्यालय कोझिकोड में था, लेकिन इसके विस्तार के बाद मुख्यालय को दिल्ली में स्थानांतरित कर दिया गया। PFI के प्रदेश अध्यक्ष नसरुद्दीन एलमारोम संगठन के संस्थापक नेताओं में से एक हैं। इसके अखिल भारतीय अध्यक्ष ई अबुबकर भी केरल के रहने वाले हैं।

 

 

 
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सांप्रदायिक नफरत मिटाने संघ प्रमुख भगवत ने की मुस्लिम धर्मगुरुओं से मुलाकात

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने बृहस्पतिवार को कस्तूरबा गांधी मार्ग वाली मस्जिद पहुंचकर डा इमाम उमेर अहमद इलियासी (चीफ़ इमाम) सहित कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। मोहन भागवत के साथ संघ प्रचारक इंद्रेश कुमार भी हैं।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों से मुलाकातें और संवाद अनायास नहीं हैं। यह संघ की उस अहम रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह मुस्लिम और ईसाइयों से संवाद बढ़ाने पर जोर दे रहा है, ताकि धर्म आधारित गलतफमियों, दूरियों और संवादहीनता को दूर कर राष्ट्र निर्माण में उनकी व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही संगठन की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जा सके। संघ का यह प्रयास खुद के उस सोच के दायरे में है, जिसमें वह हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोगों को ‘हिंदू’ मानता है।

मुस्लिम धर्मगुरुओं से मिले संघ प्रमुख
इस नीति को मूर्त रूप देने के लिए संगठन के भीतर चार सदस्यीय समिति बनाई गई है और इसका दायित्व सह सरकार्यवाह डा कृष्ण गोपाल व डा मनमोहन वैद्य के साथ ही अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल व वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार को दिया गया है। संघ की ओर से यह कोशिश ऐसे वक्त में हो रही है, जब विपक्षी दलों के राष्ट्रीय नेता उसपर सर्वाधिक आक्रामक हैं और आरोप लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इससे बेफ्रिक वह अपने प्रयासों में जुटा हुआ है। हाल के दिनों में इस तरह की बैठकें और मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों की संघ प्रमुख से मुलाकातें बढ़ी हैं।

विशेष बात यह है कि संघ का यह अभिनव प्रयास उसके शताब्दी वर्ष 2024 तक संघ कार्य को देश के एक लाख स्थानों तक पहुंचाने के लक्ष्य के बीच भी है। ज्ञात हो कि संघ कार्य अभी देश के 60 हजार के करीब स्थानों पर ही है। ऐसे में संघ का जोर पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों और कश्मीर जैसे राज्य पर भी है, जहां ईसाई व मुस्लिम समुदाय बहुसंख्य हैं।

देशहित में सभी समुदायों को साथ लाने की पहल
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी व मामले के जानकार ने कहा कि संगठन का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे ही दूसरे संप्रदाय से भी लोग आ रहे हैं और संघ को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए उसे करीब से जानने की कोशिश कर रहे हैं। इन संप्रदायों में भी ऐसे राष्ट्रीय सोच के लोग हैं, जो अपनी पूजा पद्धति और आस्था पर रहते हुए देशहित में साथ आकर काम करना चाहते हैं, इसलिए इस तरह की व्यवस्था की जरूरत महसूस हुई।

उन्होंने कहा कि अभी तक इसके अच्छे अनुभव सामने आ रहे हैं, हालांकि परिणाम निकलने में कुछ वक्त लगेगा। इसके साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुस्लिम राष्ट्रीय मंच (एमआरएम) से अलग व्यवस्था है, क्योंकि वह मुस्लिमों के द्वारा मुस्लिम समुदाय के लिए संगठन है।

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रेलवे ट्रैक पर किसानों के प्रदर्शन, दिल्ली-पटियाला रेल मार्ग पर यातायात प्रभावित

 बठिंडा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब में किसान एक बार फिर रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। भारतीय किसान यूनियन उगराहां ने किसानों पर अवैध माइनिंग करने के दर्ज किए मामले के विरोध में वीरवार काे 3 घंटे के लिए ट्रेनों का चक्का जाम किया। किसानों ने मौड़ मंडी व भुच्चो मंडी में रेलवे ट्रैक पर धरना लगाया। किसानों के धरने के कारण बठिंडा से दिल्ली व पटियाला की तरफ आने जाने वाली ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा।

जिला प्रधान शिंगारा सिंह मान ने बताया कि किसानों ने अब बेशक अपना थाने के आगे चल रहा धरना समाप्त कर दिया है। लेकिन वह अपने संघर्ष को जारी रखेंगे। जिसके चलते वीरवार को तीन घंटे के लिए ट्रेनों का चक्का जाम किया गया है। खेतों से मिट्टी उठाकर जमीन को बराबर करने के लिए किसानों पर अवैध माइनिंग के तहत केस दर्ज उनको जेलों में बंद किया जा रहा है। यहां तक कि मिट्टी उठाने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली मशीनरी को भी जब्त किया जा रहा है।

भारत माला प्रोजेक्ट काे लेकर भी राेष

इसके अलावा भारत माला प्रोजेक्ट के अधीन किसानों को कम पैसे देकर उनकी जमीनों को छीनने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही किसानों ने फैसला किया कि पराली की संभाल के लिए सरकार द्वारा प्रबंध न किए जाने के कारण उनके द्वारा पराली को आग लगाना एक मजबूरी बन जाएगा। वहीं किसानों ने गुलाबी सुंडी व सफेद मच्छर के कारण खराब हुई नरमा की फसल का भी मुआवजा न देने का जिक्र किया। इस मौके पर जगदेव सिंह जोगेवाला, जगसीर सिंह झुंबा, बसंत सिंह कोठागुरु, होशियार सिंह, कुलवंत राय शर्मा, सुखदेव सिंह जवंधा, बाबू सिंह, नछत्तर सिंह व गुरमेल सिंह आदि उपस्थित थे।

केंद्र सरकार की योजना भारत माला प्रोजेक्ट के तहत लुधियाना में भी कई पुरानी मांगें पूरी नहीं होने के विरोध में ट्रेनें रोकी। वीरवार दोपहर 12 से तीन बजे तक 100 से अधिक किसान किला रायपुर रेलवे लाइन पर धरना दिय़ा। किसानाें का कहना है कि केंद्र सरकार किसानों के साथ अन्याय कर रही है।

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टी-20 की टिकट लेने मची भगदड़, भीड़ को काबू करने पुलिस ने भांजी लाठियां...

 हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हैदराबाद के राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में तीसरा टी-20 खेला जाएगा। 25 सितंबर को होने वाले इस मैच से पहले टिकट की बिक्री को लेकर जमकर बवाल हुआ। टिकट खरीदने को लेकर जिमखाना ग्राउंड के बाहर लोगों का सैलाब उमड़ पड़ा। इसके बाद वहां भगदड़ मच गया। टिकट बिक्री के दौरान अफरा-तफरी मच गई। ऐसे में पुलिस को क्रिकेट प्रेमियों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज भी करना पड़ा। इसका वीडियो भी सामने आया है। इसमें चार लोग घायल भी हो गए हैं।

सोशल मीडिया पर इसके कए वीडियोज सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक फैन्स जिमखाना ग्राउंड के बाहर पूरी रात लाइन में खड़े रहे ताकि उन्हें जल्द से जल्द टिकट मिल सके। कुछ ट्वीट के मुताबिक तो फैन्स करीब 12 घंटे से लाइन में अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भारी भीड़ के कारण वहां जाम भी लग गया। इसके बाद पुलिस को बुलाना पड़ा। भीड़ को काबू में करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।

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देशभर में पीएफआई के ठिकानों में छापे : गृहमंत्री शाह ने बुलाई उच्चस्तरीय बैठक...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश भर में पीएफआई संगठन के खिलाफ चल रही ईडी और एनआईए की छापेमारी के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को  बैठक  बुलाई। बैठक में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े परिसरों में की जा रही छापेमारी तथा आतंकवाद के संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा की गई।


अधिकारियों ने बताया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण के महानिदेशक दिनकर गुप्ता समेत शीर्ष अधिकारी इस उच्च स्तरीय बैठक में शामिल हुए। अधिकारियों के मुताबिक  शाह ने आतंकवाद के संदिग्धों और पीएफआई के कार्यकर्ताओं के खिलाफ देशभर में की गई कार्रवाई का जायजा लिया।

गौरतलब है कि एनआईए की अगुवाई में कई एजेंसियों ने  गुरुवार को सुबह 11 राज्यों में एक साथ छापे मारे और देश में आतंकवाद के वित्त पोषण में कथित तौर पर शामिल पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) के 106 कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया। एनआईए ने इसे ‘अब तक का सबसे बड़ा जांच अभियान’करार दिया है।

 

 

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एआईसीसी अध्यक्ष चुनाव : पार्टी ने जारी की अधिसूचना, नामांकन, मतदान और परिणाम की तारीखें

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अधिसूचना जारी कर दी गई और इसके साथ ही देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति को चुनने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ हो गई।

पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद अब नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूएआईसीसी अध्यक्ष चुनाव : पार्टी ने जारी की अधिसूचना, नामांकन, मतदान और परिणाम की तारीखें

नई दिल्ली (वीएनएस)। कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए बृहस्पतिवार को अधिसूचना जारी कर दी गई और इसके साथ ही देश के सबसे पुराने राजनीतिक दल के सर्वोच्च पद पर आसीन होने वाले व्यक्ति को चुनने की प्रक्रिया औपचारिक रूप से आरंभ हो गई।

पार्टी के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री की अध्यक्षता वाले केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण की ओर से यह अधिसूचना जारी की गई।

कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए घोषित कार्यक्रम के अनुसार, अधिसूचना जारी होने के बाद अब नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया 24 से 30 सितंबर तक चलेगी। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है। एक से अधिक उम्मीदवार होने पर 17 अक्टूबर को मतदान होगा और नतीजे 19 अक्टूबर को घोषित किये जाएंगे।

अधिसूचना जारी होने से एक दिन पहले बुधवार को, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के चुनावी समर में उतरने का स्पष्ट संकेत देने के बाद यह संभावना प्रबल हो गई है कि 22 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी का प्रमुख चुनाव के जरिये चुना जाएगा।

गहलोत ने कहा कि वह पार्टी का फैसला मानेंगे, लेकिन उससे पहले राहुल गांधी को अध्यक्ष बनने के लिए मनाने का एक आखिरी प्रयास करेंगे। दूसरी तरफ, पहले से ही चुनाव लड़ने का संकेत दे रहे लोकसभा सदस्य थरूर ने बुधवार को कांग्रेस के मुख्यालय में पहुंचकर पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की और नामांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की। कुछ अन्य नेताओं के भी चुनावी मैदान में उतरने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।बर को घोषित किये जाएंगे।

अधिसूचना जारी होने से एक दिन पहले बुधवार को, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर के चुनावी समर में उतरने का स्पष्ट संकेत देने के बाद यह संभावना प्रबल हो गई है कि 22 साल बाद देश की सबसे पुरानी पार्टी का प्रमुख चुनाव के जरिये चुना जाएगा।

गहलोत ने कहा कि वह पार्टी का फैसला मानेंगे, लेकिन उससे पहले राहुल गांधी को अध्यक्ष बनने के लिए मनाने का एक आखिरी प्रयास करेंगे। दूसरी तरफ, पहले से ही चुनाव लड़ने का संकेत दे रहे लोकसभा सदस्य थरूर ने बुधवार को कांग्रेस के मुख्यालय में पहुंचकर पार्टी के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री से मुलाकात की और नामांकन की प्रक्रिया के बारे में जानकारी हासिल की। कुछ अन्य नेताओं के भी चुनावी मैदान में उतरने की संभावना को खारिज नहीं किया जा सकता।

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इनामी नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण

 गढ़चिरौली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में दो इनामी नक्सलियों ने समर्पण किया है। गढ़चिरौली पुलिस के सामने समर्पण करने वाले नक्सलियों में एक महिला नक्सली भी शामिल है। गढ़ चिरौली पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार नक्सली अनिल उर्फ रामसाय कुजूर और महिला नक्सली रोशनी पल्लो ने लाल आतंक को छोड़कर सामाजिक जीवन जीने की इच्छा रखते हुए समर्पण किया।

सरकार ने अनिल पर चार लाख रुपए और रोशनी पर दो लाख रुपयों का इनाम घोषित किया था। गढ़चिरौली जिला पुलिस अधीक्षक अंकित गोयल ने बताया कि समर्पित नक्सली अनिल गढ़चिरौली जिले के ऐटा पल्ली क्षेत्र का निवासी है और रोशनी छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र की रहने वाली है। दोनो साल 2009 में नक्सल संगठन में शामिल हुए थे। उन्होंने बताया कि दोनों कई मुठभेड़ों और वारदातों में भी शामिल रहे हैं। इनके खिलाफ जिले के थानों में भी मामले दर्ज हैं। लेकिन अब सामाजिक जीवन जीने की इच्छा से इन दोनों ने नक्सल संगठन को त्यागकर समर्पण किया है तो दोनों को राज्य और केंद्र सरकार की समर्पण नीतियों का लाभ दिया जाएगा।

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संघ प्रमुख भागवत को मुस्लिम धर्मगुरु अहमद इलियासी ने बताया राष्ट्रपिता और राष्ट्र ऋषि

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को कस्तूरबा गांधी मार्ग वाली मस्जिद पहुंचकर डॉ. इमाम उमेर अहमद इलियासी (चीफ़ इमाम) सहित कई मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद मुस्लिम धर्मगुरु डा. उमेर अहमद इलियासी ने मोहन भागवत को राष्ट्रपिता और राष्ट्र ऋषि बताया है। इलियासी ने कहा कि भागवत इमाम हाउस आए थे, उनका स्वागत किया गया। देश को सौहार्द के साथ तरक्की के रास्ते पर ले जाने को लेकर करीब एक घंटे बातचीत हुई।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत की मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों से मुलाकातें और संवाद अनायास नहीं हैं। यह संघ की उस अहम रणनीति का हिस्सा है, जिसमें वह मुस्लिम और ईसाइयों से संवाद बढ़ाने पर जोर दे रहा है, ताकि धर्म आधारित गलतफमियों, दूरियों और संवादहीनता को दूर कर राष्ट्र निर्माण में उनकी व्यापक सहभागिता सुनिश्चित की जा सके। साथ ही संगठन की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया जा सके। संघ का यह प्रयास खुद के उस सोच के दायरे में है, जिसमें वह हिंदुस्तान में रहने वाले सभी लोगों को ‘हिंदू’ मानता है।

इस नीति को मूर्त रूप देने के लिए संगठन के भीतर चार सदस्यीय समिति बनाई गई है और इसका दायित्व सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल व डा मनमोहन वैद्य के साथ ही अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल व वरिष्ठ प्रचारक इंद्रेश कुमार को दिया गया है। संघ की ओर से यह कोशिश ऐसे वक्त में हो रही है, जब विपक्षी दलों के राष्ट्रीय नेता उसपर सर्वाधिक आक्रामक हैं और आरोप लगाने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं। इससे बेफ्रिक वह अपने प्रयासों में जुटा हुआ है। हाल के दिनों में इस तरह की बैठकें और मुस्लिम धर्मगुरुओं और बुद्धिजीवियों की संघ प्रमुख से मुलाकातें बढ़ी हैं।

विशेष बात यह है कि संघ का यह अभिनव प्रयास उसके शताब्दी वर्ष 2024 तक संघ कार्य को देश के एक लाख स्थानों तक पहुंचाने के लक्ष्य के बीच भी है। ज्ञात हो कि संघ कार्य अभी देश के 60 हजार के करीब स्थानों पर ही है। ऐसे में संघ का जोर पूर्वोत्तर के कुछ राज्यों और कश्मीर जैसे राज्य पर भी है, जहां ईसाई व मुस्लिम समुदाय बहुसंख्य हैं।

देशहित में सभी समुदायों को साथ लाने की पहल
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने कहा कि अखिल भारतीय इमाम संगठन के मुख्य इमाम इलियासी साहब ने मोहन भागवत को कई दिन पहले आमंत्रित किया था। इसलिए संघ प्रमुख ने उनसे मुलाकात की। आरएसएस के सरसंघचालक हर वर्ग के लोगों से मिलते हैं। यह सामान्य संवाद प्रक्रिया का हिस्सा है।

संघ को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी व मामले के जानकार ने कहा कि संगठन का काम जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, वैसे ही दूसरे संप्रदाय से भी लोग आ रहे हैं और संघ को लेकर फैलाए जा रहे भ्रम को दूर करने के लिए उसे करीब से जानने की कोशिश कर रहे हैं। इन संप्रदायों में भी ऐसे राष्ट्रीय सोच के लोग हैं, जो अपनी पूजा पद्धति और आस्था पर रहते हुए देशहित में साथ आकर काम करना चाहते हैं, इसलिए इस तरह की व्यवस्था की जरूरत महसूस हुई। उन्होंने कहा कि अभी तक इसके अच्छे अनुभव सामने आ रहे हैं, हालांकि परिणाम निकलने में कुछ वक्त लगेगा।

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पार्टी संभालने के लिए सीएम पद छोड़ेंगे गहोत...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अधिसूचना जारी होने के साथ एआईसीसी अध्यक्ष चुनाव का बिगुल बज गया है। वरिष्ठ नेता शशि थरूर और राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उम्‍मीदवार के तौर पर उतरने के संकेतों के बाद इस बात की पुख्‍ता संभावना है कि 22 साल बाद कांग्रेस के अध्‍यक्ष का चयन चुनाव के जरिये होगा। इस बीच राहुल गांधी राहुल की ओर से संकेत दिया गया है कि पार्टी उदयपुर घोषणापत्र पर आगे बढ़ते हुए 'एक व्‍यक्ति, एक पद' के फॉर्मूले पर आगे बढ़ेगी।

गहलोत ने भी पार्टी हाईकमान के संकेतों के सुर में सुर मिलाया है। सूत्रों के मुताबिक गहलोत का कहना है कि पार्टी का जो फैसला होगा, उसे वह स्‍वीकार करेंगे। गहलोत सोनिया गांधी के विश्‍वास पात्र माने जाते हैं। अशोक गहलोत ने बुधवार को सोनिया गांधी से मुलाकात की थी। सूत्रों की मानें तो अशोक गहलोत लगातार पार्टी के शीर्ष नेताओं के संपर्क में बने हुए हैं। संकेत साफ हैं कि गहलोत अध्‍यक्ष पद के चुनाव में उम्‍मीदवार के तौर पर उतर सकते हैं।

दरअसल राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि जो भी कांग्रेस का अध्यक्ष बने, उसे यह याद रखना होगा कि वह एक विचारधारा और भारत की दृष्टि का प्रतिनिधित्व करेगा। राहुल ने कहा- हमने उदयपुर में जो फैसला किया था, वह कांग्रेस की प्रतिबद्धता है। राहुल ने उम्मीद जताई कि पार्टी के अध्यक्ष पद को लेकर भी यह प्रतिबद्धता बरकरार रहेगी। सनद रहे कांग्रेस ने बीते दिनों उदयपुर में आयोजित बैठक में एक व्यक्ति, एक पद के फॉर्मूले को लेकर एक घोषणा पत्र जारी किया था।

कांग्रेस अध्‍यक्ष पद के लिए होने वाले चुनाव को लेकर नित नई अटकलें सामने आ रही हैं। कुछ रिपोर्टों में कांग्रेस के दिग्‍गज नेता एवं गांधी परिवार के विश्‍वासपात्र दिग्विजय सिंह के एंट्री मारने की बातें भी कही जा रही हैं। हालांकि जब दिग्विजय सिंह से सवाल किया तो उन्‍होंने ठोस जवाब न देकर केवल इतना कहा कि लोगों को 30 सितंबर तक इंतजार करना चाहिए। दिग्विजय सिंह पार्टी आलाकमान से मिलने दिल्‍ली पहुंचे हैं।

'एक व्‍यक्ति, एक पद' के फॉमूले पर कांग्रेस
कुल मिलाकर इतना स्‍पष्‍ट हो गया है कि कांग्रेस अब 'एक व्‍यक्ति, एक पद' के फॉमूले पर आगे बढ़ेगी। उक्‍त संकेत राजस्थान के मुख्यमंत्री पद की दावेदारी का दम भरने वाले सचिन पायलट के लिए बड़ी राहत के रूप में आया है। आगे जो भी हो संभावित मुकाबला अशोक गहलोत और शशि थरूर के बीच माना जा रहा है, जबकि सुरेश पचौरी ने भी बुधवार को मुकुल वासनिक और पवन बंसल के अलावा सोनिया गांधी से भी मुलाकात की है।

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विधानमंडल और संसद में अनुशासन बहुत जरूरी : उपराष्ट्रपति

 जयपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने कहा है कि विधानमंडल और संसद में अनुशासन बहुत जरूरी है। श्री धनखड़ का आज राजस्थान विधानसभा में एक समारोह में अभिनंदन किया गया। उपराष्ट्रपति ने कहा कि संसद और विधानमंडल लोगों की आकांक्षाओं के साथ-साथ जन-भावनाओं का भी प्रतिबिंब हैं।

 

 

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भारत, बैंकिंग और संबंधित सेवाओं के डिजिटीकरण से अधिक संचालित होगा : निर्मला सीतारामन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारामन ने कहा है कि भारत में वित्‍तीय सेवाओं का भविष्‍य बैंकिंग और संबंधित सेवाओं के अधिकाधिक डिजिटीकरण से संचालित हो रहा है। उन्‍होंने कहा कि डिजिटीकरण से बैंकों, वित्‍तीय संस्‍थाओं और ग्राहकों के लिए वित्‍तीय सेवाएं अधिक सुगम बनाने में मदद मिली है। उन्‍होंने कहा कि अगले 25 वर्षों में यह सिलसिला और बढेगा।

श्री सीतारामन ने यह बात नई दिल्‍ली में फिक्‍की द्वारा आयोजित भारत में वित्‍त का भविष्‍य विषय पर एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। उन्‍होंने कहा कि विश्‍वभर में वित्‍त संबंधी औसत तकनीकी सेवाएं 64 प्रतिशत स्‍वीकार की गई हैं, जबकि भारत में इनकी स्‍वीकार्यता 87 प्रतिशत है।

 
 
 

यूपीआई पर लेन-देन में बढोतरी के बारे में वित्‍त मंत्री ने कहा कि इस वर्ष जुलाई में छह अरब 28 करोड से अधिक ट्रांजैक्‍शन के जरिए यूपीआई पर एक सौ छह खरब 20 अरब रुपये का लेन-देन हुआ। उन्‍होंने कहा कि पिछले महीने की तुलना में इसमें सात प्रतिशत की वृद्धि हुई। उन्‍होंने यह भी कहा कि यूपीआई ने अगले पांच वर्षों में प्रतिदिन एक अरब ट्रांजैक्‍शन का लक्ष्‍य निर्धारित किया है।

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नितिन गडकरी ने देश में पारिस्थितिकी, पर्यावरण और विकास के बीच संतुलन बनाने पर बल दिया

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि देश को सतत विकास के साथ-साथ पारिस्थितिकी तंत्र और पर्यावरण की सुरक्षा की भी आवश्यकता है। श्री गडकरी नई दिल्ली में जलवायु उद्देश्यों पर आधारित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि भारत, चौदह से सोलह लाख करोड़ रुपये का जीवाश्म ईंधन आयात करता है जो कि देश पर पर्यावरणीय बोझ के साथ-साथ आर्थिक भार भी है।

श्री गडकरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत दृष्टिकोण को साकार करने के लिए आयात में कमी लाने के विकल्प खोजना वर्तमान समय की आवश्यकता है। श्री गडकरी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए चार स्तंभों को महत्वपूर्ण बताया। ये प्रौद्योगिकी, आर्थिक व्यवहार्यता, कच्चे माल की उपलब्धता और उत्पाद की विपणन क्षमता के रूप में मौजूद हैं।

 
 
 

श्री गडकरी ने अनुसंधान संगठनों से अपशिष्ट सामग्री प्रबंधन और कार्बन उत्सर्जन से निपटने के लिए शत-प्रतिशत नए नवाचारों का पता लगाने का भी आग्रह किया।

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