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सदियों पुराना है भारत-उज्बेकिस्तान संबंध : प्रो. रजनीश शुक्ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के अनुवाद अध्ययन विभाग द्वारा उज्बेकिस्तान के प्रतिभागियों के लिए संचालित ‘अल्पावधि हिंदी-अंग्रेजी-हिंदी भाषांतरण कार्यक्रम’ (1 अगस्त से 3 सितंबर) के संपूर्ति समारोह (3 सितंबर) में अध्यक्षीय उद्बोधन के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने कहा कि भारत-उज्बेकिस्तान का संबंध नया नहीं है, बल्कि यह सदियों पुराना है और भाषाओं व संस्कृतियों के अध्ययन के माध्यम से इस संबंध को जाना-समझा और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि भारत विश्व का एक मात्र ऐसा देश है जहाँ आज भी पुरानी फारसी; जिसे जिंद आवेस्ता की भाषा से भी जाना जाता है, पढ़ाई जाती है। वैदिक संस्कृत और पुरानी फारसी के तुलनात्मक अध्ययन से इस संबंध को और करीब से समझा जा सकता है। भारत सरकार की वर्तमान नीतियाँ भी संबंध को और बल प्रदान करती हैं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भारत सरकार की वर्तमान नीतियों के कारण अब यह संभव हो पाया है कि हम सीधे अल्पावधि के कार्यक्रमों के अतिरिक्त समझौता ज्ञापन के द्वारा उपाधि कार्यक्रमों को भी संचालित कर सकते हैं। अनुवाद, तुलनात्मक अध्ययन और भाषा के अध्यापकों व शिक्षार्थियों को इस दिशा में विचार करने व कार्य करने की आवश्यकता है।


उज्बेकिस्तान के डॉ. सिराजुद्दीन नुर्मातोव ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि हम सभी लोग भाषांतरण कार्यक्रम से काफी लाभान्वित हुए हैं और भविष्य में इस प्रकार के अध्ययन कार्यक्रमों को संचालित करने हेतु इस विश्वविद्यालय और ताशकंद राजकीय प्राच्यविद्या विश्वविद्यालय, उज्बेकिस्तान के साथ समझौता ज्ञापन की आवश्यकता अनुभव करते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि हम सभी ने हिंदी की आजीवन सेवा का व्रत लिया है और अपनी आखिरी साँस तक हम हिंदी की सेवा करते रहेंगे। कार्यक्रम की प्रस्तावना और स्वागत वक्तव्य में प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्ल ने कहा कि यह भाषांतरण कार्यक्रम सितंबर में होने वाले संघाई सहयोग संगठन के शिखर सम्मेलन की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगे बाते कि यहाँ भाषांतरण की प्रक्रिया को सीखने और अभ्यास करने आए सभी उज्बेकी प्रशिक्षु आगामी शिखर सम्मेलन में दुभाषिए के रूप में कार्य करेंगे।

भाषांतरण कार्यक्रम के समापन समारोह में उज्बेकिस्तान से प्रतिभागी के रूप में उज्बेकिस्तान से पधारे श्रीमती मकतुबा मुर्तजाखोजाएवा, श्रीमती निलुफर खोजाएवा, श्रीमती मामुरा सुलैमानोवा, श्रीमती निलुफर नोरोवा, डॉ. सिराजुद्दीन नुर्मातोव एवं काबिलजान खाजियेव, विश्वविद्यालय से कुलसचिव कादर नवाज खान, साहित्य विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. अवधेश कुमार, विधि विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. चतुर्भुज नाथ तिवारी, शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. गोपाल कृष्ण ठाकुर, आवासीय लेखक डॉ. रामजी तिवारी, अनुवाद अध्ययन विभाग से डॉ. रामप्रकाश यादव, डॉ. श्रीनिकेत कुमार मिश्र, ऋचा कुशवाहा, डॉ. मीरा निचले, डॉ. जीतेन्द्र, और प्रवासन एवं डायस्पोरा अध्ययन विभाग से डॉ. राजीव रंजन राय उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रीनिकेत कुमार मिश्र ने किया तथा अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्ठाता प्रो. कृष्ण कुमार सिंह ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

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राष्ट्रपति भवन पहुंचीं शेख हसीना, पीएम मोदी ने किया स्वागत

 

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना चार दिवसीय भारत दौरे पर हैं। मंगलवार को शेख हसीना का राष्ट्रपति भवन में जोरदार स्वागत किया गया। इस दौरान पीएम मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर मौजदू रहे। राष्ट्रपति भवन में पीएम मोदी ने शेख हसीना से मुलाकात की।

राष्ट्रपति भवन में जोरदार स्वागत के बाद बांग्लादेश की पीएम शेख हसीना ने कहा कि भारत हमारा मित्र है। जब भी मैं भारत आती हूं, तो यह मेरे लिए खुशी की बात होती है। खासकर इसलिए कि हम हमेशा अपने मुक्ति संग्राम के दौरान भारत के योगदान को याद करते हैं। हमारे बीच मैत्रीपूर्ण संबंध हैं, हम एक दूसरे के साथ सहयोग कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य ध्यान गरीबी उन्मूलन और अर्थव्यवस्था को विकसित करना है। इन सभी मुद्दों के साथ मुझे लगता है कि हमारे दो देश एक साथ काम करते हैं ताकि न केवल भारत और बांग्लादेश में बल्कि पूरे दक्षिण एशिया में लोगों को बेहतर जीवन मिल सके। यही हमारा मुख्य फोकस है।

इसके साथ ही शेख हसीना ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि दोनों देशों के बीच बहुत ही उपयोगी चर्चा होगी। हमारा मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से विकसित होना और हमारे लोगों की बुनियादी जरूरतों को भी पूरा करना है, जो हम कर पाएंगे। दोस्ती से आप किसी भी समस्या का समाधान निकाल सकते हैं। इसलिए हम हमेशा ऐसा करते हैं।

बता दें कि शेख हसीना और पीएम मोदी के बीच मंगलवार को अलग से बैठक होगी। साथ ही शेख हसीना आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात करने वाली हैं।

शेख हसीना सोमवार को ही भारत आईं हैं। बांग्लादेश भारत का 'पड़ोसी पहले' नीति के तहत एक महत्वपूर्ण भागीदार है। दोनों देशों के संबंधों को लेकर यह यात्रा बेहद खास है।

इसके पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और शेख हसीना के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत और बांग्लादेश के बीच कई अहम समझौते हुए हैं। इनमें भूमि और समुद्री सीमा सीमांकन, सुरक्षा, संपर्क, विकास सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, बिजली और ऊर्जा, व्यापार और वाणिज्य, अर्थव्यवस्था, रक्षा सहित कई क्षेत्रों में ठोस परिणाम प्राप्त हुए हैं।

वहीं, इस बार के दौरे में दोनों देशों के बीच शामिल एजेंडे में रक्षा सहयोग को बढ़ावा, क्षेत्रीय संपर्क पहल का विस्तार और दक्षिण एशिया में स्थिरता स्थापित करना प्रमुख रूप से शामिल है। भारत और बांग्लादेश ने पिछले कुछ सालों में कई कनेक्टिविटी पहलों को पुनर्जीवित करने के अलावा क्षेत्रीय सहयोग के लिए एक मॉडल बनाने की मांग की है। अखौरा-अगरतला रेल लिंक जल्द ही फिर से खुल जाएगा। साथ ही यह अनुमान है कि अगरतला और चटगांव कुछ हफ्तों में हवाई मार्ग से जुड़ जाएगा।

शेख हसीना ने सोमवार को विदेश मंत्री से की थी मुलाकात
बता दें कि सोमवार को नई दिल्ली पहुंचने के तुरंत बाद बांग्लादेश के प्रधानमंत्री ने विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों के बीच द्विपक्षीय हित के मुद्दों पर खास चर्चा हुई। सोमवार को ही उन्होंने निजामुद्दीन औलिया दरगाह का भी दौरा किया। यह दरगाह दिल्ली में एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में प्रसिद्ध है।

प्रधानमंत्री हसीना के सोमवार को यहां पहुंचने पर नई दिल्ली हवाई अड्डे में कपड़ा और रेल राज्य मंत्री दर्शन जरदोश ने उनका स्वागत किया। शेख हसीना की यात्रा महत्वपूर्ण है और इससे भारत और बांग्लादेश के बीच बहुआयामी संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

गौरतलब है कि 2021 में दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के 50वें वर्ष को छूने के बाद यह उनकी पहली यात्रा है। पिछले साल बांग्लादेश की स्वतंत्रता की 50वीं वर्षगांठ और राष्ट्र के संस्थापक शेख मुजीबुर रहमान की 100वीं जयंती भी मनाई गई थी।

 

 

 

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भाजपा विधायक अरविंद गिरि का निधन, मुख्यमंत्री ने जताया शोक...

 लखीमपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के लखीमपुर खीरी जिले के गोला गोकर्ण नाथ सीट से पांचवीं बार जीत दर्ज करने वाले भाजपा विधायक अरविंद गिरि की मंगलवार सुबह आर्ट अटैक से मौत हो गई। खास बात यह है कि वह पूरी तरह से स्वस्थ थे और लखीमपुर से लखनऊ जा रहे थे। अरविंद गिरि मंगलवार की सुबह करीब छह बजे अपने गोला स्थित आवास से लखनऊ के लिए रवाना हुए थे। विधायक की गाड़ी अटरिया के पास पहुंची थी, तभी उनकी तबीयत अचानक खराब होने लगी।

विधायक के सीने में तेज दर्द शुरू हो गया था। उन्होंने ड्राइवर को अपनी तबियत के बारे में अवगत कराया। ड्राइवर ने तत्काल किसी को जानकारी दी। लेकिन, जब तक अरविंद गिरि को अस्पताल पहुंचाया जाता तब तक उनकी सांस थम चुकी थी।  यह सूचना पूरे जिले में सनसनी की तरह फैल गई। लोगों का हुजूम विधायक निवास पहुंचने लगा। अभी  एक दिन पहले ही गोला की छोटी काशी के कारिडोर बनने को लेकर विधायक अरविंद गिरि बहुत उत्साहित दिख रहे थे। इस कार्य के लिए उन्होंने शासन-प्रशासन को भी आभार जताया था। बताया जाता है कि वह छोटी काशी के कारिडोर के सिलसिले में ही लखनऊ जा रहे थे, लेकिन उससे पहले ही विधायक का सफर खत्म हो गया। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अरविंद गिरि की मौत पर दुख व्यक्त किया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाजपा विधायक अरविंद गिरि के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने इसको लेकर एक ट्वीट भी किया है। उन्होंने कहा है कि लखीमपुर खीरी जनपद की गोला विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक अरविन्द गिरि का निधन अत्यंत दु:खद है। मेरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिजनों के साथ हैं। प्रभु राम दिवंगत आत्मा को अपने श्री चरणों में स्थान व शोकाकुल परिजनों को यह अथाह दु:ख सहने की शक्ति प्रदान करें। शांति।

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2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक में शामिल होने राजनाथ, जयशंकर जाएंगे जापान...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर 7 से 10 सितंबर तक दूसरी भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक के लिए जापान की आधिकारिक यात्रा करेंगे। भारत-जापान 2+2 मंत्रिस्तरीय बैठक कल यानि (बुधवार) से शुरू हो रही है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि यात्रा के दौरान दोनों मंत्री अपने समकक्षों के साथ रक्षा मंत्री स्तरीय बैठक और विदेश मंत्रियों की रणनीतिक वार्ता भी करेंगे।

भारत-जापान संबंधों को मजबूती देंगे दोनों मंत्री
इस यात्रा के दौरान राजनाथ सिंह अपने जापानी समकक्ष यासुकाजू हमदा से मुलाकात करेंगे। जबकि जयशंकर यात्रा के दौरान जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी से मुलाकात करेंगे। भारत-जापान विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी लोकतंत्र, स्वतंत्रता और कानून के शासन के सम्मान के साझा मूल्यों पर आधारित है। यात्रा के दौरान भारत और जापान साझेदारी को मजबूत करने के लिए नई पहल की तलाश करेंगे।

2019 में हुई थी भारत-जापान के बीच बैठक
बता दें कि भारत-जापान 2+2 दोनों देशों के बीच इस तरह की दूसरी बैठक होगी। इससे पहले भारत-जापान विदेश और रक्षा मंत्रिस्तरीय वार्ता (2+2) की उद्घाटन बैठक 30 नवंबर, 2019 को नई दिल्ली में हुई थी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जापान के तत्कालीन विदेश मंत्री मोतेगी तोशिमित्सु और जापान के तत्कालीन रक्षा मंत्री कोनो तारो से मुलाकात की थी।

कई मुद्दों पर हुई थी बैठक में चर्चा
इस बैठक के बारे में मंत्रियों ने बताया था कि यह वार्ता द्विपक्षीय सुरक्षा और रक्षा सहयोग की रणनीतिक गहराई को और बढ़ाएगी। चुनौतियों को स्वीकार करते हुए मंत्रियों ने सुरक्षा सहयोग पर 2008 की संयुक्त घोषणा और सुरक्षा सहयोग के लिए 2009 की कार्य योजना के आधार पर द्विपक्षीय सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए अपनी प्रतिबद्धता दोहराई थी।

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पाकिस्तानी रेंजर्स ने किया संघर्षविराम का उल्लंघन, बीएसएफ ने भी दिया जवाब...

 अरनिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू के अरनिया सेक्टर में करीब आठ महीने बाद मंगलवार को पाकिस्तान ने सीजफायर का उल्लंघन किया है। अरनिया में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चिनाज पोस्ट पर पाकिस्तानी रेंजर्स ने बीएसएफ के जवानों पर फायरिंग की। यह फायरिंग तब की गई जब भारतीय जवान बाड़ लगाने का काम कर रहे थे। बीएसएफ ने भी पाकिस्तानी सेना को इसका जवाब दिया है। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

इससे पहले जनवरी 2022 पाकिस्तान की ओर से अरनिया सेक्टर में संघर्षविराम का उल्लंघन किया गया था। तब सीमा प्रहरियों ने पच्चास बर्षीय एक पाक घुसपैठिया को ढेर कर दिया था। घुसपैठिया भारतीय सीमा में घुसने का असफल प्रयास कर रहा था।

पांच सितंबर को पुंछ में पाकिस्तान को सौंपा था आतंकी का शव
वहीं, पांच सितंबर, सोमवार को पाकिस्तान को पुंछ में आतंकी का शव सौंपा गया। जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के तीन दशक में पहली बार पाकिस्तान ने किसी प्रशिक्षित आतंकी को अपना नागरिक मानते हुए शव वापस ले लिया। इससे पूर्व पाकिस्तानी सेना और एजेंसियां दहशतगर्द के शव को वापस लेने से इन्कार करते रहे हैं। सोमवार को आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा से जुड़े तबारक हुसैन (32) के शव को पुंछ जिले में चकां दा बाग स्थित राह-ए-मिलन पोस्ट से पाकिस्तानी सेना को सोमवार सुबह 11.10 बजे सौंपा गया।

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आगे ही नहीं, कार में पीछे बैठने वालों के लिए भी सीट बेल्ट जरुरी : नितिन गडकरी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।जाने-माने उद्योगपति और टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन साइरस मिस्त्री की मौत के बाद रोड सेफ्टी फीचर्स को लेकर कई सवाल खड़े हुए हो रहे हैं। मिस्त्री की मौत एक सड़क हादसे में हो गई थी। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वह पीछे की सीट पर बैठे थे और उन्होंने सीट बेल्ट नहीं लगाई थी। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से देश में होने वाले सड़क हादसों को लेकर सवाल पूछा गया। गडकरी ने कहा कि देश के लोगों को सड़क सुरक्षा में सुधार के लिए मानसिकता बदलने की जरूरत है।

गडकरी ने इस दौरान चार मुख्यमंत्रियों के साथ कार में सफर का किस्सा भी सुनाया। गडकरी ने बताया कि कैसे सीट बेल्ट ना लगाने पर उन्होंने कार ड्राइवर को डांट लगाई थी। गडकरी कहते हैं, 'आम लोगों को तो भूल जाओ। मैं एक बार चार मुख्यमंत्रियों के साथ उनकी कार से जा रहा था... नाम मत पूछिये। मैं फ्रंट सीट पर बैठा था, मैंने देखा कि सीट बेल्ट की जगह पर क्लिप लगी थी, जिससे सीट बेल्ट न लगाने पर भी अलार्म की आवाज न आए। मैंने ड्राइवर को डांटा और सुनिश्चित किया कि कार चलने से पहले सीट बेल्ट लगा लूं।' गडकरी ने बताया कि मैंने इस तरह के क्लिप के निर्माण और बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया है।

मैंने भी जवानी में तोड़े हैं नियम
गडकरी ने कहा, जवानी में मैंने भी बहुत नियम तोड़े हैं, लेकिन तब इसका अहसास नहीं था कि यह कितना खतरनाक है। उन्होंने कहा, कॉलेज के दिनों में चुनाव के टाइम पर वे एक स्कूटर पर चार लोग बैठकर घूमते थे। नंबर प्लेट को हाथ से छिपा लेते थे, जिससे चालान न हो। उन्होंने कहा, हमें अपनी मानसिकता को बदलना होगा और नियमों का पालन करना ही होगा।

पीछे बैठने वालों को भी सीट बेल्ट लगाने की जरूरत :
केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा, 'पीछे वाली सीट पर बैठे लोगों को लगता है कि उन्हें सीट बेल्ट लगाने की जरूरत नहीं है। ये समस्या है। मैं किसी हादसे पर टिप्पणी नहीं करना चाहता हूं, लेकिन आगे और पीछे की सीट पर बैठने वाले सभी लोगों को सीट बेल्ट पहनने की जरूरत है।'

बता दें कि गडकरी आईएए के ग्लोबल समिट- Nations As Brands कार्यक्रम में बोल रहे थे। गडकरी ने कहा कि सरकार सभी कारों में 6 एयरबैग्स अनिवार्य करने पर भी विचार कर रही है। गडकरी ने कहा, 'जब देश से गाड़ी एक्सपोर्ट की जाती है तो उसमें 6 एयरबैग्स होते हैं। तो फिर भारतीय कारों में चार एयरबैग ही क्यों होते हैं। क्या भारतीयों की जान की कीमत नहीं है? जब बड़ी संख्या में एयर बैग का निर्माण होगा तो इसकी कीमत घटकर 900 रुपये रह जाएगी।'

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आबकारी नीति मामले में ईडी की ताबड़तोड़ कार्रवाई, एक साथ 30 स्थानों पर छापेमारी...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली सरकार की शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने एक साथ कई स्थानों पर छापेमारी की है। जानकारी के मुताबिक, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, तेलंगाना समेत महाराष्ट्र में ईडी के अधिकारियों का तलाशी अभियान जारी है।  

गौरतलब है कि दिल्ली सरकार की नई आबकारी नीति सवालों के घेरे में है। भारतीय जनता पार्टी ने इसको लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पर घोटाले का आरोप लगाया है। इसको लेकर सीबीआई पहले ही मनीष सिसोदिया के घर व बैंक लॉकर की तलाशी ले चुकी है। अब इस मामले में ईडी ने कार्रवाई की है। ईडी ने सीबीआई से मामले से जुड़े दस्तावेज मांगे थे।

30 स्थानों पर चल रही छापेमारी
ईडी के अधिकारियों ने बताया, आबकारी नीति में कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पांच राज्यों की 30 लोकेशन पर तलाशी अभियान जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यह छापेमारी मामले में नामजद लोगों पर की जा रही है। इसमें मनीष सिसोदिया या अन्य किसी सरकारी कर्मचारी से जुडे परिसरों में ईडी के अधिकारी नहीं पहुंचे हैं। दरअसल, ईडी ने सीबीआई की प्राथमिकी का संज्ञान लेने के बाद धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की आपराधिक धाराओं के तहत मामले में जांच शुरू की है,  जिसमें सिसोदिया और 14 अन्य का नाम है। ईडी इस बात की जांच कर रही है कि क्या पिछले साल नवंबर में लाई गई दिल्ली आबकारी नीति के निर्माण और क्रियान्वयन में कथित अनियमितताएं की गई थीं।


यह है मामला
दरअसल एलजी ने दिल्ली के सचिव की एक रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। 8 जुलाई को यह रिपोर्ट भेजी गई थी। जिसमें पिछले साल लागू की गई आबकारी नीति पर सवाल उठाए गए थे। जिसमें आबकारी नीति (2021-22) बनाने और उसे लागू करने में लापरवाही बरतने के साथ ही नियमों की अनदेखी और नीति के कार्यान्वयन में गंभीर चूक के आरोप हैं। इसमें अन्य बातों के साथ-साथ निविदा को अंतिम रूप देने में अनियमितताएं और चुनिंदा विक्रेताओं को टेंडर के बाद लाभ पहुंचाना भी शामिल है। रिपोर्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि शराब बेचने की वालों की लाइसेंस फीस माफ करने से सरकार को 144 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। आबकारी मंत्री के तौर पर मनीष सिसोदिया ने इन प्रावधानों की अनदेखी की है।

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वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन का राष्ट्रीय कार्यकारिणी सम्मेलन नई दिल्ली में सम्पन्न

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन द्वारा 4 सितंबर को एनडीएमसी कन्वेंशन सेन्टर, नई दिल्ली में आयोजित एक दिन का राष्ट्रीय सम्मेलन पंडित मांगे राम शर्मा (बाबू जी) चेयरमैन, पं. के सी पांडे राष्ट्रीय अध्यक्ष, पं. आर एस गोस्वामी वाइस चेयरमैन, पं. शशिकांत शर्मा राष्ट्रीय महासचिव, पं. शैलेश मेहता (एमएलए, गुजरात), पं. के पी शर्मा (जम्मू कश्मीर), पं. सुखबीर शर्मा, पं. (डाॅ) राधे श्याम शर्मा, पं. प्रदीप शर्मा, पं. एच एच पीवीएसएन सिम्हाया स्वामी, पीठ अद्वैत मंत्र राजम पीतम तिरुपति इत्यादि ने दीप प्रज्ज्वलित व श्रीनिवास संस्कृत विद्यापीठ के छात्रों द्वारा स्वस्ति वाचन कर, धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो, विश्व का कल्याण हो, के उद्घोष से शुभारंभ किया।

वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन चेयरमैन पंडित मांगेराम शर्मा ने कहा कि यह गंभीरता से चिंतन करने का विषय है कि ब्राह्मणों की क्या गति हो रही है ?  ब्राह्मण कभी हारा नहीं, न ही उसे पछाडा जा सकता है, क्योंकि उसके पास वेद हैं। यह मंथन करें कि वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के क्रियाकलापों को विस्तार देकर किस प्रकार ब्राह्मणों का भला किया जा सकता है ? यह निर्णय लेकर असहाय व अभाव ग्रस्त ब्राह्मणों का उद्धार करें।

वर्ल्ड ब्राह्मण फेडरेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. के सी पांडे ने देश-विदेश में गठित सभी इकाइयों के उपस्थित पदाधिकारियों का परिचय कराया तथा कार्यकारिणी बैठक के एजेंडे तथा संगठन की नीतियों, उद्देश्यो, क्रियाकलापो व भविष्य की योजनाओं पर सारगर्भित प्रकाश डाला गया।

पं. के सी पांडे द्वारा अवगत कराया कि चेयरमेन मांगेराम शर्मा द्वारा किए गए प्रयासों की बदोलत, अभी तक देश के नौ प्रदेशों में ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की स्थापना हो चुकी है।

आयोजन के इस अवसर पर, पं (डाॅ) राधेश्याम शर्मा, पं. आर एस गोस्वामी, पं शशिकांत शर्मा, पं. शैलेश मेहता (विधायक, गुजरात), पं. के पी शर्मा, पं. सुखबीर शर्मा, पं. प्रदीप शर्मा इत्यादि संगठन पदाधिकारियों द्वारा भी संगठन के क्रियाकलापो को विस्तार व गति देने पर विचार व्यक्त किए गए ।

वक्ताओ द्वारा देश की संसद व विधानसभाओ से आरक्षण को समाप्त करने के लिए सर्वोच्च न्यायालय में लंबित रिट याचिकाओ के बारे में अवगत कराया गया। न्याय मिलने में देरी होने पर, क्षोभ व्यक्त किया गया। पंचायत से लेकर संसद तक देश के सभी ब्राह्मणों को एकजुट होकर, अपनी शक्ति प्रदर्शन का आहवान किया गया। देश के गरीब ब्राह्मणों की सामाजिक सुरक्षा के लिए, कोष बनाने पर बल दिया गया।

उद्घघाटन सत्र समाप्ति के पश्चात देश के विभिन्न प्रांतों के मंचासीन प्रांताध्यक्षों, पं. सुनील कुमार गोस्वामी (असम), पं. जिले सिंह पिछोलिया (हरियाणा), पं. अरविन्द ओझा (छत्तीसगढ़), पं राजीव कुमार (झारखंड), पं. के के शर्मा (पंजाब), पं कृष्ण मूर्ति (आंध्र प्रदेश), पं. आर के पांडे (ब्रज नगरी), पं बलवीर शर्मा (दिल्ली) इत्यादि इत्यादि द्वारा, अपने-अपने राज्यो में संगठन व ब्राह्मणों के हितार्थ किए जा रहे कार्यो व भविष्य की योजनाओ पर प्रकाश डाला गया।
इस राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक में छत्तीसगढ़ की ओर से प्रांताध्यक्ष अरविन्द ओझा के साथ, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गुणानिधि मिश्रा एवं महासचिव सुनील ओझा भी उपस्थित रहे। प्रांताध्यक्ष अरविन्द ओझा ने अपने उद्बोधन में छत्तीसगढ़ ईकाई के वर्तमान  कार्यकलाप व भविष्य को योजनाओं को विस्तार से बताया तथा राष्ट्रीय चेयरमेन मांगेराम शर्मा सहित राष्ट्रीय पदाधिकारियों को छत्तीसगढ़ के आगामी आयोजन हेतु आमंत्रित किया ।

आयोजन के युवा सत्र में ‘यूथ विंग’ राष्ट्रीय अध्यक्ष, प.अंबर स्वामी व राष्ट्रीय महासचिव पं. मनोज गौतम के साथ-साथ, अन्य प्रांत के युवा अध्यक्षों में पं. राहुल भारद्वाज, पं. (डाॅ ) अनिल भारद्वाज,  पं. कल्याण शर्मा, पं. कुमार दक्षीस, पं. जयंत शर्मा, पं. नेहा शर्मा, पं. गौरव शर्मा, पं. राजीव शर्मा, पं. संदीप मुद्गल, पं. संदीप तिवारी, पं. श्याम कोशिक इत्यादि द्वारा राष्ट्रीय फलक पर संगठन को मजबूत दिशा देने हेतु गहन मंथन किया गया। संगठन के उद्देश्यो, क्रियाकलापो व भविष्य की योजनाओं को बढ़-चढ़ कर आगे बढ़ाने पर युवा वक्ताओ द्वारा राय प्रकट की गई।

कार्यसमिति समापन से पूर्व, पं के सी पांडे द्वारा, राष्ट्रीय फलक पर ब्राह्मणों का परचम लहराने का आहवान किया गया एवं आयोजित विभिन्न सत्रों पर निष्कर्ष व्यक्त किया गया।

आयोजित विभिन्न सत्रों के बीच- बीच मे ‘भगवान परशुराम की जय’ तथा ‘जो ब्राह्मण का सम्मान करेगा, वो देश में राज करेगा’ का उदघोष गूंजता रहा। पं. मांगेराम शर्मा (बाबू जी), पं. के सी पांडे सहित सभी राष्ट्रीय कार्यकारिणी पदाधिकारियों का, देश के विभिन्न राज्य संगठनों द्वारा अंगवस्त्र ओढ़ा कर, पुष्प गुच्छ व भगवान परशुराम का परसा भेंट कर, सम्मानित किया गया ।

मंच संचालन पं. रवीश जी, पं. शशिकांत शर्मा, पं. के पी शर्मा द्वारा प्रभावशाली अंदाज में किया गया।

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शिक्षक की भूमिका है मनुष्‍य निर्माण : प्रो. रजनीश शुक्‍ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षकों का दायित्व श्रेष्ठ मनुष्यों का निर्माण करना है। इसका मापन अकादमिक उपलब्धि या शिक्षोपरांत आय से नहीं हो सकता है। हमें अपने विद्यार्थियों को सर्जनात्मक कल्पना की क्षमता से युक्त एवं स्वावलंबी बनाना है, यही मनुष्य के निर्माण की प्रक्रिया है।

उक्‍त उद्बोधन कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने व्‍यक्‍त किये। वे महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्‍वविद्यालय, वर्धा में आयोजित शिक्षक दिवस समारोह की अध्‍यक्षता करते हुए बोल रहे थे। शिक्षक दिवस समारोह के अवसर पर दर्शन एवं संस्‍कृति अध्‍ययन विभाग के अध्‍यक्ष डॉ. जयन्‍त उपाध्‍याय और शिक्षा विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. शिल्‍पी कुमारी को शिक्षक सम्‍मान, 2022 से सम्‍मानित किया गया।

कुलपति प्रो. शुक्‍ल ने कहा कि हमने अपने जीवन में किसी न किसी शिक्षक को देख कर सीखा है। किसी न किसी शिक्षक के पढ़ाए जाने वाले तरीकों, उसके द्वारा दी जाने वाली सामग्री, उसके द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली शिक्षा, उसके द्वारा की गई व्याख्या आज भी अभिप्रेरित करती है। हमें ध्यान रखना है कि हम उसी शिक्षक की परंपरा के उत्तराधिकारी बनें। एक शिक्षक के रूप में जब हम कुछ करने और सीखने का मन बनाएंगे तो एक सक्षम, कौशल सम्पन्न, ज्ञान संपन्‍न और जिम्मेदार नागरिक बना सकेंगे।

मुख्‍य अतिथि के रूप में दत्ता मेघे इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, डीम्‍ड यूनिवर्सिटी, सावंगी के कुलपति डॉ. राजीव एम. बोरले ने कहा कि शिक्षक का अर्थ उपाध्‍याय, आचार्य, पंडित, दृष्‍टा, गुरु आदि रूपों में है। गुरु वह है जो अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाए। उन्‍होंने कहा कि गुरु का कर्तव्‍य है कि वह विद्यार्थी की भांति ‘लाइफटाइम लर्नर’ बने ताकि जिज्ञासु विद्यार्थियों के प्रश्‍नों का समाधान कर सके। गुरु विद्यार्थी के दिमाग में न केवल तथ्‍यों को ठूंसे अपितु उसे उस लायक बना दे कि वह हर कठिन परिस्थितियों का मुकाबला कर सके। उन्‍होंने कहा कि अगर शिक्षक अपने विद्यार्थियों से यह अपेक्षा करता है कि वह एकलव्‍य जैसा हो तो शिक्षक को भी द्रोणाचार्य जैसा बनना पड़ेगा। उन्‍होंने कहा कि हर सुशिक्षित व्‍यक्ति को सुसंस्‍कृत कर योग्‍य नागरिक बनाना शिक्षक का दायित्‍व है और इस दायित्‍व का निर्वहन उन्‍हें अपने बच्‍चे की भांति करनी चाहिए।  

स्‍वागत वक्‍तव्‍य में प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रकांत एस. रागीट ने कहा कि आज का दिन सभी शिक्षकों के लिए आत्‍मपरीक्षण करने का दिन होता है। अनुवाद एवं निर्वचन विद्यापीठ के अधिष्‍ठाता प्रो. कृष्‍ण कुमार सिंह ने प्रास्‍ताविक वक्‍तव्‍य दिया। तुलनात्‍मक साहित्‍य विभागके अध्‍यक्ष डॉ. रामानुज अस्‍थाना ने संचालन तथा कुलसचिव क़ादर नवाज़ ख़ान ने आभार व्‍यक्‍त किया। कार्यक्रम का प्रारंभ दीप दीपन, कुलगीत एवं डॉ. जगदीश नारायण तिवारी द्वारा प्रस्‍तुत मंगलाचरण से किया गया। अतिथि का स्‍वागत सूतमाला, अंगवस्‍त्र, श्रीफल एवं विश्‍वविद्यालय का प्रतीक चिह्न प्रदान कर किया गया। समारोह में प्रतिकुलपति प्रो. हनुमानप्रसाद शुक्‍ल, आवासीय लेखक प्रो. रामजी सिंह, प्रो. मनोज कुमार, प्रो. कृपाशंकर चौबे, प्रो. गोपालकृष्‍ण ठाकुर सहित बड़ी संख्‍या में अध्‍यापक, कर्मी, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित थे ।

 

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'परिवर्तन संकल्प' को सम्बोधित करेंगे राहुल गांधी, देशभर के युवा कांग्रेसियों में भरेंगे जोश...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी कांग्रेस के युथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए साबरमती रिवर फ्रंट पर उन्हें संबोधित करेंगे। इसे परिवर्तन संकल्प का नाम दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी साबरमती आश्रम पहुंचेंगे वहां प्रार्थना सभा में भाग लेंगे।

गुजरात चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज होती दिखाई दे रही है। सत्तारूढ़ भाजपा और आम आदमी पार्टी लगातार गुजरात में चुनावी रणनीति तैयार करने में जुटी हुई है। इन सब के बीच अब कांग्रेस भी सक्रिय होती नजर आ रही है। इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी आज गुजरात दौरे पर जाने वाले हैं। गुजरात दौरे के दौरान वह पार्टी के कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। जानकारी के मुताबिक राहुल गांधी साबरमती आश्रम में एक प्रार्थना सभा में भी शामिल होंगे।

 
 
 

आपको बता दें कि इस साल के आखिर में गुजरात विधानसभा चुनाव प्रस्तावित है। सभी पार्टियां गुजरात के चुनावी दंगल में उतरने की तैयारी कर रही हैं। अब तक के चुनाव को देखें तो कहीं ना कहीं मुकाबला दो तरफा रहा है। एक ओर भारतीय जनता पार्टी रही है तो दूसरी ओर कांग्रेस रही है। भाजपा लगभग पिछले 27 सालों से गुजरात में सत्ता में है। 

कांग्रेस के हवाले से जो खबर मिल रही है उसके मुताबिक राहुल गांधी साबरमती रिवर फ्रंट पर कांग्रेस के युथ कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए उन्हें संबोधित करेंगे। इसे परिवर्तन संकल्प का नाम दिया गया है। इसके बाद राहुल गांधी साबरमती आश्रम पहुंचेंगे वहां प्रार्थना सभा में भाग लेंगे। साथ ही साथ भारत जोड़ो यात्रा से पहले महात्मा गांधी की आशीर्वाद लेंगे। इससे पहले राहुल गांधी 10 मई को गुजरात दौरे पर आए थे। उस दौरान उन्होंने आदिवासी समुदाय के लोगों को संबोधित किया था।

 
 
 

गुजरात चुनाव को लेकर राहुल गांधी पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह भरने की कोशिश कर रहे हैं। गुजरात में लंबे समय से कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभा रही है। इस चुनाव में कांग्रेस को अच्छी सफलता जरूर मिली थी। लेकिन बाद में पार्टी के कई नेताओं ने साथ छोड़ दिया। पिछले दिनों हार्दिक पटेल ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था। 

राहुल गांधी ने चार सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में महंगाई के खिलाफ हल्ला बोल रैली को संबोधित किया था। इसके बाद कांग्रेस अपनी जमीनी पकड़ को मजबूत करने के लिए 7 सितंबर से भारत जोड़ो यात्रा शुरू कर रही है। 2024 चुनाव को लेकर कांग्रेस की सक्रियता साफ तौर पर देखने को मिल रही है।

 
 
 

पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा 12 राज्य और 2 केंद्र शासित प्रदेशों से गुजरेगी। 150 दिनों की पैदल यात्रा होगी जिसमें 3500 किलोमीटर की दूरी तय की जाएगी। गुजरात दौरे के दौरान राहुल गांधी आगामी दिनों के लिए पार्टी की रणनीति को भी तैयार करेंगे। पार्टी के लिए चुनाव प्रचार किस तरीके से करना है, इसकी भी तैयारी में वह हिस्सा लेंगे। खबर के मुताबिक गुजरात विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की पार्टी के स्टार प्रचारक होंगे।

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बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना आज से भारत की चार दिन की यात्रा पर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना भारत की चार दिन की यात्रा पर आज नई दिल्‍ली आ रही हैं। इस दौरान वे राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मुलाकात करेंगे। श्रीमती हसीना प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ कल द्विपक्षीय विचार विमर्श करेंगी। विदेशमंत्री डॉक्टर एस. जयशंकर आज शाम उनसे मुलाकात करेंगे।

बंगलादेश की प्रधानमंत्री पिछली बार अक्तूबर, 2019 में भारत आई थीं। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि दोनों देशों नें हाल के वर्षों में कई स्तरों पर लगातार संपर्क बनाए रखा है।बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपनी यात्रा से पहले भारत को परखा हुआ मित्र बताया और कहा कि वह जरुरत के समय हमेशा बांग्‍लादेश के साथ खड़ा रहा है। साक्षात्‍कार में प्रधानमंत्री हसीना ने कहा कि भारत ने न केवल मुक्ति संग्राम में, बल्कि बाद में भी बांग्‍लादेश का साथ दिया। भारत को सबसे करीबी पडोसी देश बताते हुए बांग्‍लादेश की प्रधानमंत्री ने कहा कि वह हमेशा पडोसी राष्‍ट्रों के साथ मित्रता को महत्‍व और प्राथमिकता देती हैं।

जमीनी और समुद्री सीमा से संबंधित समझौतों, शरणार्थियों की वापसी और अन्‍य मामलों की चर्चा करते हुए श्रीमती हसीना ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों का समाधान बातचीत और चर्चा के माध्‍यम से किया गया है। सभी से मित्रता और किसी के प्रति द्वेष नहीं रखने के बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान द्वारा स्‍थापित बांग्‍लादेश की विदेश नीति के मूल सिद्धांत को रेखांकित करते हुए श्रीमती हसीना ने कहा कि बांग्‍लादेश का उद्देश्‍य अन्‍य राष्‍ट्रों के साथ मित्रतापूर्ण संबंधों के जरि‍ए अपनी जनता की खुशहाली सुनिश्चित करना है।      

श्रीमती हसीना ने कोविड महामारी के दौरान भारत की ओर से मिले सहयोग की सराहना की। उन्‍होंने कहा कि पूर्व राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने बांग्‍लादेश की स्‍वतंत्रता की स्‍वर्ण जयंती और बंगबंधु शेख मुजीबुर्रहमान की जन्‍म शताब्‍दी समारोहों के दौरान अपनी यात्रा में सकारात्‍मक रूख प्रकट किए। उन्‍होंने यूक्रेन में संघर्ष शुरू होने पर वहां फंसे बांग्‍लादेश और अन्‍य पडोसी देशों के नागरिकों की वापसी में मदद के लिए भी भारत की सराहना की।

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ब्रिटिश कालीन कानून में संशोधन कर आदर्श जेल अधिनियम लाएगी केंद्र सरकार : अमित शाह

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि केंद्र सरकार अगले छह माह में ब्रिटिश कालीन कानून में संशोधन कर आदर्श जेल अधिनियम लाएगी जिसके लिए राज्य सरकारों के साथ विस्तृत चर्चा चल रही है। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से 2016 में केंद्र द्वारा लाई गई आदर्श जेल नियमावली को तत्काल अपनाने की अपील की और कहा कि जेलों के संबंध में हमारे विचारों के पुनर्मूल्यांकन एवं जेल सुधारों को आगे ले जाने की जरूरत है।

उन्होंने यहां छठी अखिल भारतीय जेल ड्यूटी बैठक का उद्घाटन करने के बाद कहा कि केवल 11 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों ने यह नियमावली अपनाई है। शाह ने कहा, इस जेल नियमावली के बाद हम अब आदर्श जेल अधिनियम लाने जा रहे हैं जो ब्रिटिश काल से चल रहे कानून में जरूरी बदलाव करेगा। फिलहाल हम राज्यों के साथ चर्चा कर रहे हैं और मुझे यकीन है कि छह महीने में यह आ जाएगा।

 
 
 

उन्होंने कहा कि देश में जेलों को अत्याधुनिक बनाने के लिए आदर्श जेल कानून लाया जाएगा। शाह ने जेलों में भीड़ के मुद्दे के समाधान की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इन मुद्दों का समाधान किए बिना जेल प्रशासन में सुधार नहीं किया जा सकता। गृह मंत्री ने राज्यों से हर जिला जेल में अदालतों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस की सुविधा प्रदान करने का भी अनुरोध किया। उन्होंने ‘‘कट्टरपंथ एवं मादक पदार्थ के धंधे को बढ़ावा देने वाले कैदियों को अलग से रखने’’ का प्रबंध करने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि नयी जेल नियमावली जेलों में गिरोहों को नियंत्रित करने संबंधी मुद्दे से भी निपटती है।

 
 
 

उन्होंने कहा, मेरा विश्वास है कि जेल प्रशासन आंतरिक सुरक्षा की एक अहम शाखा है। हम जेल प्रशासन की उपेक्षा नहीं कर सकते। जेलों के बारे में समाज की धारणा बदलने की जरूरत है। जेल में बंद सारे कैदी स्वभाव से अपराधी नहीं होते हैं। शाह ने कहा कि दंड की प्रक्रिया बहुत महत्वपूर्ण है लेकिन समाज में कैदियों के पुनर्वास के तौर-तरीके ढूंढ़ना भी जेल प्रशासन की जिम्मेदारी है।

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अनुष्का शर्मा-विराट कोहली ने अलीबाग में खरीदा 19 करोड़ रुपये का फार्महाउस

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अनुष्का शर्मा और भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली हॉट कपल के रूप में जाने जाते हैं। अनुष्का जहां बॉलीवुड की टॉप अभनेत्री हैं, वहीं विराट की गिनती दुनिया के महानतम बल्लेबाजों में होती है। अब इस कपल के फैंस के लिए एक खुशखबरी आई है। खबरों की मानें तो विराट और अनुष्का ने अलीबाग में एक शानदार फार्महाउस खरीदा है। इस कपल ने यह फार्महाउस 19 करोड़ रुपये में लिया है। अनुष्का और विराट ने गणेश चतुर्थी  के अवसर पर अलीबाग में एक फार्महाउस खरीदा है। ऐसी चर्चा है कि अलीबाग के एक गांव जीराड के पास आठ एकड़ की जमीन पर कपल का घर बनाया जाएगा।

कहा जा रहा है कि विराट और अनुष्का ने घर खरीदने के लिए सरकारी खजाने में 1.15 करोड़ रुपये जमा किए हैं। दोनों ने 3.35 लाख रुपये की स्टांप ड्यूटी भी जमा कराई है। विराट की अनुपस्थिति में उनके भाई विकास कोहली ने लेन-देन का काम पूरा किया। ऐसा इसलिए क्योंकि विराट वर्तमान में एशिया कप टूर्नामेंट खेलने के लिए दुबई में मौजूद हैं। समीरा हैबिटेट्स नाम की एक जानी-मानी रियल एस्टेट कंपनी ने इस प्रॉपर्टी से संबंधित डील पूरी की।

अलीबाग जैसे शानदार लोकेशन पर इसे एक हाइप्रोफाइल डील माना जा रहा है। विराट और अनुष्का छह महीने पहले इस प्रॉपर्टी को देखने के लिए गए थे। अलीबाग को महाराष्ट्र का रिहायशी इलाका माना जाता है। यहां पर कई सेलेब्स के फार्महाउस हैं। कुछ समय पहले ही रणवीर सिंह और दीपिका पादुकोण ने अलीबाग में एक प्लॉट खरीदा था। अलीबाग में शाहरुख खान और गौरी खान ने भी अपनी प्रॉपर्टी अर्जित की है। शाहरुख अक्सर अपना जन्मदिन अलीबाग में ही मनाना पसंद करते हैं।

पिछले साल की शुरुआत में वरुण धवन ने भी अलीबाग में ही अपनी गर्लफ्रेंड नताशा दलाल से शादी रचाई थी। अनुष्का को आखिरी बार 2018 में आई फिल्म 'जीरो' में देखा गया है। इस फिल्म में वह शाहरुख के साथ दिखी थीं। फिल्म का निर्देशन आनंद एल राय ने किया था। वह महिला क्रिकेट टीम की खिलाड़ी रहीं झूलन गोस्वामी की बायोपिक को लेकर भी चर्चा में हैं। अनुष्का की प्रोडक्शन कंपनी 'क्लीन स्लेट फिल्म्स' के बैनर तले फिल्म 'काला' का निर्माण किया जा रहा है। फिल्म से दिवंगत अभिनेता इरफान खान के बेटे बाबिल खान डेब्यू करेंगे।

 

 

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आग लगने के दौरान नहीं खुला होटल का आपातकालीन दरवाजा, 2 की मौत...

 खिड़कियां तोड़कर लोगों को बाहर निकाला गया

लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज में सोमवार को होटल लेवाना में आग लगने से दर्जनों लोग होटल में फंसे रह गए। होटल का आपातकालीन दरवाजा नहीं खुलने के कारण फायर ब्रिगेड की टीम को भी राहत कार्य में काफी परेशानी झेलनी पड़ी। होटल में आग लगने के कारण धुंआ भर गया, जिससे लोगों का दम घुटने लगा और दो लोगों ने दम तोड़ दिया।


होटल लेवाना में आग लगने की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम को फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए खिड़कियों के शीशों को तोड़ना पड़ा। होटल की खिड़कियों पर लोहे की पट्टियां लगी हुईं हैं। जिन्हें तोड़कर अंदर घुसने का रास्ता बनाया गया।

लखनऊ के जिलाधिकारी सूर्य पाल गंगवार ने बताया कि होटल में 30 कमरे हैं। हादसे के समय 18 कमरे बुक थे। कुछ लोगों ने हादसे से पहले होटल छोड़ा भी था। हमारे पास 30 से 35 लोगों के फंसे होने की सूचना थी। ज्यादातर को निकाल लिया गया है। रूम नंबर 204 में फंसे हुए शख्स को मोबाइल के जरिए ट्रेस किया गया।

एसीपी पीयूष मोर्डिया भी मौके पर थे। उन्होंने बताया कि कमरा नंबर 214 में अभी भी गेस्ट फंसे थे। होटल के दूसरी और तीसरी मंजिल पर धुंआ बहुत ज्यादा था। वहां फायर फाइटर को पहुंचने में परेशानी हो रही थी।

आग लगने के आधा घंटा बाद हुई जानकारी
होटल लेवाना में सुबह करीब 7.30 बजे कमरों में धुआं भरने लगा। आठ बजे होटल स्टाफ को इसका पता चला। दमकल को सूचना देने के बाद स्टाफ बचाव में जुटा। होटल के आस पास मौजूद लोगों ने बताया कि कई लोग खुद ही खिड़कियां तोड़कर बाहर निकले। कई लोग हाथ में सामान लेकर बाहर आते दिखाई दिए।

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घायलों का हाल जानने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री योगी

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी की राजधानी लखनऊ में सोमवार की सुबह हजरतगंज स्थित हाेेटल में भीषण आग लग गई। अभी तक सिविल अस्‍पताल में दस लोग भर्ती कराए गए हैं। जबकि दो लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों का हाल जानने के लिए सीएम योगी आदित्‍यनाथ और डिप्‍टी सीएम ब्रजेश पाठक सिविल अस्‍पताल पहुंच गए हैं। उन्‍होंने चिकित्‍सकों को मरीजों का समुचित उपचार करने का निर्देश दिया है।

सोमवार को लखनऊ के होटल लेवाना में आग लग गई। भीषण आग की चपेट में आने के कारण दो की मौत हो गई है, जबकि 18 घायलों में सात गंभीर भी हैं। इनको सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फायर ब्रिगेड के 12-14 वाहआग को नियंत्रित करने के प्रयास में लगी हैं। मौके पर दस एम्‍बुलेंस भी है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी इस घटना का संज्ञान लिया है। इसके साथ ही देश के रक्षा मंत्री लखनऊ के सांसद राजनाथ सिंह ने भी घटना पर दुख जताया है।

होटल लेवाना में भीषण आग लगने के कारण वहां पर अफरा तफरी का माहौल हो गया। होटल के सुइट में आग लगने के बाद उसने विकराल रूप धारण कर लिया। थर्ड तथा सेकेंड फ्लोर को चपेट में लेने के बाद आग बढऩे लगी। वहां पर धुंआ भरने के कारण लोगों का दम भी घुटने लगे। सीएमओ ने जिन दो लोगों के मरने की पुष्टि की है, उसमें एक महिला तथा एक पुरुष हैं। इनके दम घुटने से मौत हुई है।

पुलिस ने अंदर फंसे लोगों को सीढ़ी की मदद से बाहर निकाला। जिसमें काफी लोग झुलस गए हैं। आग से झुलसे लोगों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लोगों को आग से बचाने के प्रयास में फायर ब्रिगेड के चंद्रेश कुमार भी जख्मी हो गए। डा. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल में भर्ती कराई गईं दिल्ली से आई मोना ने बताया कि हम जब सुबह उठे तो कमरे में धुआं भरा था, किसी तरह से बाहर निकले तो फायर ब्रिगेड की टीम ने सीढ़ी से होटल से बाहर निकाला। आपातकालीन गेट तत्काल नहीं खुला जिसके कारण राहत कार्य में काफी दिक्कतें आईं। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है।

लखनऊ के डीएम सूर्यपाल गंगवार ने बताया कि संभावना है कि शार्ट सर्किट की वजह से आग लगी हो। होटल के पहले तल पर बैंक्वेट है। जहां ज्यादा लोग थे। यहां पर 35-40 लोग रहे होंगे, जिनको सिविल अस्पताल भेजा गया है। होटल के सामने के वहां पर रास्ते को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है और 15 दमकल गाडिय़ां मौके पर पहुंची हैं। यहां पर राहत कार्य में लगे फायर कर्मियों का कहना है आग कंट्रोल है लेकिन अभी बुझी नहीं है। आग बुझाने का प्रयास जारी है। पहले तीसरी मंजिल की आग बुझाई गई है।

मुख्य चिकित्साधिकारी डा. मनोज अग्रवाल ने बताया कि घायलों के के लिए 13 एम्बुलेंस लगा दी गई हैं। सिविल अस्पताल में भर्ती नौ लोग गंभीर है। सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. आरपी सिंह ने बताया कि यहां पर लाए गए दो लोगों की मौत हो चुकी थी। जिसमें एक महिला व पुरुष हैं।

रक्षा मंत्री व लखनऊ सांसद राजनाथ सिंह ने ट्वीट कर कहा कि लखनऊ के एक होटल में आग लगने की दुखद घटना की मुझे जानकारी प्राप्त हुई। स्थानीय प्रशासन से मैंने स्थिति की जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि राहत और बचाव कार्य जारी है। मेरा कार्यालय लगातार स्थानीय प्रशासन के सम्पर्क में है। मैं घटना में घायल लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना करता हूं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लिया संज्ञान

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के होटल लेवाना में लगी आग का संज्ञान लिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दुर्घटना में घायल लोगों का समुचित उपचार कराया जाये। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन के अधिकारियों को घायलों का समुचित उपचार कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिलाधिकारी और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर तत्काल पहुंचने और राहत - बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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विशेष अदालत ने 19 सितंबर तक बढ़ाई संजय राउत की न्यायिक हिरासत

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने पात्रा चॉल भूमि घोटाला मामले में शिवसेना सांसद संजय राउत की न्यायिक हिरासत 19 सितंबर तक बढ़ा दी है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राउत को 1 अगस्त को मनी लॉन्ड्रिंग के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। राउत आठ दिनों के लिए ईडी की हिरासत में थे, जब उन्हें 9 अगस्त को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जब ईडी ने कहा था कि उनकी और हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है।

शिवसेना नेता संजय राउत पात्रा चाल जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसे हैं। पात्रा चॉल लैंड स्कैम की शुरूआत 2007 से हुई। आरोप है कि महाराष्ट्र हाउसिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी यानी MHADA के साथ प्रवीण राउत, गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन और हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड की मिलीभगत से घोटाले को अंजाम दिया गया। म्हाडा ने पात्रा चॉल के रिडेवलपमेंट का कार्य गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया था. इसमें 1034 करोड़ के घोटाले का आरोप है। संजय राउत के दोस्त प्रवीण राउत इस मामले में आरोपी हैं। कंस्ट्रक्शन कंपनी पर चाल के लोगों के साथ धोखाधड़ी का आरोप लगाया गया है। ये कंपनी प्रवीण राउत की है। पात्रा चॉल में 3 हजार फ्लैट बनाए जाने थे। 672 फ्लैट चॉल के निवासियों को मिलने थे। प्राइवेट बिल्डरों को जमीन बेचने का आरोप है।

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पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि उम्मीद से कम, चिंता का कारण: सुब्बाराव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के पूर्व गवर्नर डी सुब्बाराव ने रविवार को कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में वृद्धि दर उम्मीद से कम रही है, जो निराशा और चिंता का कारण है। चालू वित्त वर्ष 2022-23 की अप्रैल-जून तिमाही में भारत के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि दर 13.5 प्रतिशत रही है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में अर्थव्यवस्था कोविड-19 महामारी की वजह से बुरी तरह प्रभावित रही थी।

सुब्बाराव ने कहा कि अप्रैल-जून तिमाही में उन्हें वृद्धि दर के 13.5 प्रतिशत से अधिक रहने का अनुमान था। उन्होंने बातचीत में कहा, अर्थव्यवस्था ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो किसी अन्य परिस्थिति में बहुत खुशी की बात होती। इसके साथ ही उन्होंने कहा, मौजूदा हालात में यह निराशा और चिंता का कारण बन गया है।’’ उन्होंने कहा कि इस तिमाही में बड़ी छलांग की उम्मीद थी।

सुब्बाराव ने कहा कि पहली तिमाही में सकल घरेलू उत्पाद की यह वृद्धि दर चिंता का कारण बन गई है क्योंकि प्रमुख संकेतकों के विपरीत, वास्तविक वृद्धि दर कम रही है। इससे आगे की तिमाहियों में वृद्धि दर में और गिरावट की आशंका भी पैदा होती है। आरबीआई के पूर्व गवर्नर ने कहा, यह निराशाजनक है क्योंकि पिछले साल की पहली तिमाही के महामारी के डेल्टा लहर के कारण बुरी तरह प्रभावित रहने से इस साल की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था के जोरदार वापसी की उम्मीद थी।

उन्होंने कहा कि अल्पावधि में देश में वृद्धि पूर्वानुमान उच्च जिंस कीमतों, वैश्विक मंदी की आशंका, आरबीआई द्वारा मौद्रिक सख्ती और एक असमान मानसून से प्रभावित हो सकते हैं। असमान मानसून से फसल उत्पादन, विशेष रूप से चावल का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। आरबीआई ने अप्रैल-जून 2022 तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 16.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया हुआ था। वहीं समूचे वित्त वर्ष के लिए उसने 7.2 फीसदी की वृद्धि का अनुमान जताया है।

 
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विश्व का छठा देश बना भारत...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के हर नागरिक को आज अपने भारतीय होने पर गर्व महसूस हो रहा होगा, क्योंकि देश आज आईएनएस विक्रांत बनाने के बाद विश्व का छठा देश बन गया है, जिनेक पास स्वयं का एयरक्राफ्ट कैरियर बनाने की क्षमता है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, INS विक्रांत के आने से हिंद महासागर में भारत की ताकत और बढ़ गई है। अमेरिका, यूके, रूस, चीन और फ्रांस के बाद भारत भी अब उन देशों की लिस्ट में शामिल हो गया है, जिनमें स्वदेशी तकनीक से एयरक्राफ्ट कैरियर को बनाने की क्षमता है 

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