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गुजरात की धरती पर बस्तर का सम्मान — एकता परेड में छत्तीसगढ़ की झांकी ने दिखाया विकास का नया मॉडल

 गुजरात के एकता नगर में सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर आज आयोजित एकता परेड में इस वर्ष छत्तीसगढ़ की झांकी “बस्तर की धरती – संस्कृति, सृजन और प्रगति की गाथा” ने सभी का मन मोह लिया। यह झांकी छत्तीसगढ़ के जनजातीय जीवन, परंपराओं और विकास यात्रा का जीवंत प्रतीक बनकर उभरी।


इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने परेड में सम्मिलित सभी झांकियों का अवलोकन किया और विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक झलकियों की सराहना की। प्रधानमंत्री की उपस्थिति में प्रदर्शित छत्तीसगढ़ की झांकी ने अपने सौंदर्य, प्रतीकात्मकता और सशक्त संदेश से सबका ध्यान आकर्षित किया।

झांकी के अग्रभाग में पारंपरिक वेशभूषा में सजे माड़िया जनजाति के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गौर नृत्य ने बस्तर की आन-बान और सामूहिकता की भावना को सजीव कर दिया। उनके पास रखी पारंपरिक तुरही बस्तर के पर्वों की गूंज और लोक उल्लास की प्रतीक बनी। वहीं, नंदी का चित्रण बस्तर की गहरी लोक आस्था और शिव उपासना की परंपरा को अभिव्यक्त करता नजर आया।

झांकी के मध्य भाग में बस्तर के विकास और परिवर्तन की यात्रा को कलात्मक रूप में दर्शाया गया। कभी नक्सलवाद से प्रभावित यह क्षेत्र अब शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी योजनाओं और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में बस्तर आज तेजी से बदलते भारत का प्रतीक बन चुका है। अब यहाँ बंदूक की नहीं, विकास की गूंज सुनाई देती है।

झांकी के अंतिम भाग में टोकरी लिए महिला की प्रतिमा बस्तर की स्त्री शक्ति, श्रम और सृजनशीलता का प्रतीक बनी। संपूर्ण झांकी की ढोकरा शिल्पकला से की गई सजावट ने बस्तर के शिल्पकारों की अद्भुत कलात्मकता और परंपरागत कौशल को दर्शाया।

छत्तीसगढ़ की यह झांकी न केवल अपनी संस्कृति और कला में समृद्ध है, बल्कि यह बस्तर में हो रहे सकारात्मक बदलाव की कहानी भी कहती है। झांकी ने दिखाया कि आज का नया बस्तर परंपरा, प्रकृति और विकास का सुंदर संगम बन चुका है। कभी दुर्गम और पहुँच से दूर रहने वाले इलाकों में अब सड़कों का जाल बिछ गया है, जिन पर बच्चों के स्कूल जाने की चहल-पहल सुनाई देती है और स्कूलों में घंटियाँ बजने लगी हैं।

गांवों में बिजली की रौशनी और इंटरनेट की पहुँच ने नई आशाएँ जगाई हैं। युवाओं में कुछ करने, आगे बढ़ने का जोश दिखाई देता है। महिलाएँ आत्मनिर्भर बन रही हैं—हस्तशिल्प, वनोपज , विभिन्न विकासात्मक योजनाओं ने उनके जीवन में नई दिशा दी है। लोग अब विकास पर भरोसा करने लगे हैं।

यह झांकी इस विश्वास का प्रतीक है कि बस्तर अब सिर्फ़ अपनी लोक संस्कृति और परंपराओं के लिए ही नहीं, बल्कि शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे क्षेत्रों में तेज़ी से आगे बढ़ते एक नए युग के लिए भी जाना जा रहा है।

एकता परेड के लिए झांकियों का चयन गृह सचिव की अध्यक्षता में गठित एक उच्चस्तरीय समिति और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने देशभर के राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय संगठनों के प्रजेंटेशन देखे। हर राज्य ने अपनी थीम, मॉडल और विचार समिति के सामने प्रस्तुत किए। इसी प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ की झांकी को उसकी मौलिकता, सांस्कृतिक समृद्धि और विकास के जीवंत चित्रण के लिए चयनित किया गया।

अंतिम सूची में छत्तीसगढ़ के साथ एनएसजी, एनडीआरएफ, अंडमान-निकोबार द्वीप, गुजरात, जम्मू-कश्मीर, महाराष्ट्र, मणिपुर, पुद्दुचेरी और उत्तराखंड की झांकियाँ शामिल हुईं।
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प्रधानमंत्री ने ‘मन की बात’ में कहा – नगर निगम अंबिकापुर के प्लास्टिक मुक्त संकल्प से बदली शहर की तस्वीर

‘मन की बात’ कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के नवाचारों और माओवाद उन्मूलन के संकल्प का उल्लेख होना प्रदेशवासियों के लिए गौरव की बात है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा अंबिकापुर के ‘गार्बेज कैफे’ और भारतीय नस्ल के श्वानों की उपलब्धि का विशेष उल्लेख किए जाने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इसे पूरे प्रदेश के लिए सम्मान बताया। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के शांति नगर में ‘मन की बात’ के 127वें संस्करण का श्रवण किया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने छठ पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देशभर में हो रहे नवाचारी, प्रेरणादायी और जनहितकारी कार्यों को जोड़ने वाला एक विशेष मंच है, जो समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने वालों प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ का उल्लेख होना प्रत्येक नागरिक के लिए गर्व का विषय है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने अंबिकापुर नगर निगम की अनूठी पहल ‘गार्बेज कैफे’ की सराहना की, जिसने प्लास्टिक मुक्त शहर की दिशा में एक मिसाल कायम की है। यहाँ प्लास्टिक कचरा देने वालों को भोजन उपलब्ध कराया जाता है — यह पहल स्वच्छता, पुनर्चक्रण और सामाजिक संवेदना का अद्भुत उदाहरण बन चुकी है।अम्बिकापुर में शहर से प्लास्टिक कचरा साफ करने के लिए एक अनोखी पहल की गई है। अम्बिकापुर में गार्बेज कैफे चलाए जा रहे हैं। ये ऐसे कैफे हैं, जहाँ प्लास्टिक कचरा लेकर जाने पर भरपेट खाना खिलाया जाता है। अगर कोई व्यक्ति एक किलो प्लास्टिक लेकर जाए उसे दोपहर या रात का खाना मिलता है और कोई आधा किलो प्लास्टिक ले जाए तो नाश्ता मिल जाता है। ये कैफे अम्बिकापुर म्युनिसिपल कॉरपोरेशन चलाता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने त्योहारों की बढ़ी रौनक, सामाजिक एकता के प्रतीक छठ पर्व और नए आत्मविश्वास से आगे बढ़ते भारत की भावना का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि माओवादी गतिविधियों के सिमटते प्रभाव पर गर्व का अनुभव होता है। डबल इंजन की सरकार के मजबूत संकल्प से देश में शांति और सुरक्षा की दिशा में उल्लेखनीय परिणाम मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से अब मूलभूत सुविधाएं सुदूर गाँवों तक पहुँच रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने हर भारतीय को गर्व से भर दिया है। इस बार उन इलाकों में भी खुशियों के दीप जले हैं, जहाँ कभी माओवादी आतंक का अंधेरा छाया रहता था। उन्होंने कहा कि लोग उस माओवादी आतंक का जड़ से खात्मा चाहते हैं जिसने उनके बच्चों के भविष्य को संकट में डाल दिया था।

श्री साय ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री ने सुरक्षा एजेंसियों में भारतीय नस्ल के श्वानों को शामिल किए जाने के निर्णय की भी सराहना की। उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में एक देशी श्वान ने 8 किलो विस्फोटक का पता लगाकर जवानों की जान बचाई। यह सिद्ध करता है कि भारतीय नस्ल के श्वान अधिक अनुकूल, दक्ष और विश्वसनीय हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने प्रकृति संरक्षण पर भी विशेष जोर देते हुए सभी नागरिकों से पेड़ लगाने का आग्रह किया और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरणीय नवाचारों को जनआंदोलन के रूप में आगे बढ़ाने की आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे उत्सव के रूप में मनाने का आह्वान किया। उन्होंने इसे राष्ट्रप्रेम की अमर अभिव्यक्ति बताते हुए प्रत्येक नागरिक से इसके गौरवगान में स्वस्फूर्त रूप से सहभागिता करने की अपील की। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के पुण्य स्मरण के साथ जनजातीय अधिकारों और स्वतंत्रता संग्राम में उनके सर्वोच्च योगदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि जनजातीय गौरव दिवस उन महान जननायकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का दिवस है, जिन्होंने देश की आज़ादी और सम्मान के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री ने देशवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास हो रहे नवाचारों और सकारात्मक प्रयासों को अवश्य साझा करें, ताकि अन्य लोग भी उनसे प्रेरणा लेकर समाजहित में योगदान दे सकें।

मुख्यमंत्री ने पुंगनूर नस्ल की गायों को खिलाया चारा

‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने पुंगनूर नस्ल की गायों को चारा खिलाया और उनकी विशेषताओं की जानकारी ली। उल्लेखनीय है कि आंध्र प्रदेश में पाई जाने वाली यह विशेष नस्ल अपनी अनूठी शारीरिक बनावट और विशिष्ट गुणों के कारण प्रसिद्ध है।

कार्यक्रम में विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष श्री राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, छत्तीसगढ़ अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष श्री अमरजीत छाबड़ा सहित अनेक जनप्रतिनिधिगण भी उपस्थित थे।
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श्री तरुण प्रकाश, महाप्रबंधक ने आज रायपुर स्टेशन पर त्योहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा हेतु व्यवस्थाओं का जायजा लिया एवं यात्री सुविधाओं का निरीक्षण किया

दीपावली पर्व के बाद घर वापसी एवं छठ पूजा जैसे प्रमुख त्यौहारों के दौरान यात्रियों की सुविधा, सुगम यात्रा एवं सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे रायपुर मंडल द्वारा व्यापक प्रबंध किए गए हैं । यात्रियों की बढ़ती संख्या को ध्यान में रखते हुए त्योहारों के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने एवं उन्हें सुविधाजनक यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के प्रमुख स्टेशनों जैसे रायपुर, दुर्ग, भिलाई पॉवर हाउस , भाटापारा  सहित अन्य भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर विशेष होल्डिंग एरिया बनाए गए हैं । जहाँ भीड़ नियंत्रण एवं यात्री सहायता के लिए वाणिज्य विभाग सहित अन्य कर्मचारियों की निरंतर ड्यूटी लगाई गई है । इन होल्डिंग एरिया में यात्रियों के लिए खानपान, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं अन्य आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं । यात्रियों की त्वरित टिकटिंग सुविधा सुनिश्चित करने हेतु हैंड-हेल्ड मशीनों द्वारा मोबाइल टिकटिंग सुविधा से टिकट जारी किए जा रहे हैं, जिससे यात्रियों को टिकट प्राप्त करने में सुविधा हो रही है ।


महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश ने एटीवीएम  और मोबाइल टिकटिंग सुविधा द्वारा यात्रियों को टिकट लेते हुए देखा उनके अनुभवों को जाना होल्डिंग एरिया में यात्रियों से बातचीत की खान-पान व्यवस्थाओं हेतू स्टालों का निरीक्षण किया एकीकृत आरक्षण एवं अनआरक्षण केंद्र से टिकट लेने वाले यात्रियों से स्टाफ की व्यवहार कुशलता के बारे में पूछताछ की। यात्रियों को होल्डिंग एरिया अथवा प्रतीक्षालय एवं ट्रेनों में बिठाने, जिन यात्रियों की ट्रेन आने वाली हो उन्हें प्लेटफार्म पर भेजने, फुट ओवर ब्रिज आदि पर यात्रियों की अनावश्यक भीड़ न हो इस पर जोर देते हुए अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए । वेटिंग हॉल में स्पेस एवं प्रसाधनों की साफ सफाई की व्यवस्था देखी। गुढ़ियारी छोर पर चल रहे रायपुर स्टेशन के री डेवलपमेंट कार्यों को लेआउट के माध्यम से जाना परखा कार्य में गतिशीलता लाने हेतु भी दिशा निर्देश दिए ।
साथ ही यात्रियों से जाना कि उन्हें और किस तरह की और विशेष सुविधा स्टेशन पर मुहैया कराई जाए ताकि उनकी यात्राएं सुखद अनुभव के साथ संपन्न हो। 
भीड़ भाड़ बढ़ने से स्टेशनों पर यात्रियों को सतत जानकारी प्रदान करने हेतु निरंतर उद्घोषणा की जा रही है, जिससे उन्हें ट्रेनों की स्थिति, प्लेटफॉर्म परिवर्तन एवं अन्य आवश्यक सूचनाएँ समय-समय पर प्राप्त होती रहें । यात्रियों की सहायता के लिए वाणिज्य, सुरक्षा एवं अन्य संबद्ध विभागों के कर्मचारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, जो भीड़ नियंत्रण, यात्री मार्गदर्शन एवं सुविधा सुनिश्चित करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं ।

मुख्यालय एवं मंडलों में स्थापित वार रूम से स्टेशनों की व्यवस्थाओं पर 24x7 रियल-टाइम निगरानी की जा रही है । इसके लिए अधिकारियों की विशेष ड्यूटी निर्धारित की गई है । साथ ही, सुरक्षा नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सभी प्रमुख स्टेशनों की सुरक्षा व्यवस्था पर निरंतर नजर रखी जा रही है ।

निरीक्षण के दौरान महाप्रबंधक श्री तरुण प्रकाश के साथ मंडल रेल प्रबंधक, रायपुर श्री दयानंद  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान संयम एवं सहयोग बनाए रखें, रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा अपने सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें ।
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गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन से छत्तीसगढ़ को मिलेगा विकास का नया ट्रैक : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का जताया आभार

 प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने आज रेल मंत्रालय की ₹24,634 करोड़ की चार महत्वपूर्ण परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। स्वीकृत परियोजनाओं में  ₹2,223 करोड़ लागत की गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना भी शामिल है, जो प्रदेश के पश्चिमी अंचल के औद्योगिक और व्यापारिक विकास को नई गति प्रदान करेगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण स्वीकृति के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व ही इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार कर रहा है। “डबल इंजन सरकार” के समर्पित प्रयासों से छत्तीसगढ़ विकास की पटरी पर तेज़ी से अग्रसर है।  उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल छत्तीसगढ़ के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, बल्कि इस परियोजना से सम्पूर्ण मध्य भारत की अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में देश का रेल नेटवर्क आधुनिकता, गति और जनसुविधा के नए युग में प्रवेश कर चुका है। छत्तीसगढ़ को इस दिशा में जो निरंतर सहयोग मिल रहा है, वह राज्य के औद्योगिक और आर्थिक विस्तार का सशक्त आधार बनेगा।

उल्लेखनीय है कि 84 किलोमीटर लंबी परियोजना राजनांदगांव (छत्तीसगढ़) और गोंदिया (महाराष्ट्र) जिलों से होकर गुजरेगी। इसे पांच वर्षों में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के तहत 15 प्रमुख पुल, 123 लघु पुल, 1 सुरंग, 3 रोड ओवर ब्रिज (ROB) और 22 रोड अंडर ब्रिज (RUB) का निर्माण किया जाएगा।

आकांक्षी जिला राजनांदगांव में यह परियोजना न केवल यात्रियों के आवागमन को सुलभ बनाएगी, बल्कि स्थानीय व्यापार और निवेश को भी नई दिशा देगी। यह रेल मार्ग क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नई जान फूंकेगा और छत्तीसगढ़ के औद्योगिक परिदृश्य को मजबूती प्रदान करेगा।

परियोजना पूर्ण होने पर प्रतिवर्ष लगभग 30.6 मिलियन टन अतिरिक्त माल यातायात संभव होगा। इससे रेलवे की आमदनी में वृद्धि होगी और राज्य की औद्योगिक इकाइयों को कच्चे माल व तैयार उत्पादों के परिवहन में बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही अनुमानतः 23 करोड़ किलोग्राम CO₂ उत्सर्जन में कमी, 4.6 करोड़ लीटर डीज़ल की बचत और लगभग ₹514 करोड़ की लॉजिस्टिक लागत में कमी का लाभ मिलेगा, जो पर्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत सकारात्मक प्रभाव डालेगा। यह पहल हर वर्ष लगभग 1 करोड़ पेड़ों के बराबर कार्बन उत्सर्जन को कम करेगी, जो सतत विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि नई रेल लाइन के माध्यम से रायगढ़ मांड, कोरबा और इब घाटी की खदानों से कोयला परिवहन की गति बढ़ेगी, जिससे महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना के थर्मल पावर प्लांट्स को नियमित आपूर्ति सुनिश्चित होगी। इससे प्रदेश की खनिज अर्थव्यवस्था और लॉजिस्टिक तंत्र दोनों को स्थायित्व मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गोंदिया–डोंगरगढ़ चौथी रेल लाइन परियोजना छत्तीसगढ़ के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा, औद्योगिक प्रगति और पर्यावरणीय संतुलन का सशक्त आधार प्रदान करेगी।यह परियोजना छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने और “विज़न विकसित छत्तीसगढ़ 2047” के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल है।
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छत्तीसगढ़ राज्योत्सव के समापन समारोह में शामिल होंगे माननीय उपराष्ट्रपति

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज नई दिल्ली में भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन से सौजन्य भेंट की।


मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर उपराष्ट्रपति श्री राधाकृष्णन को छत्तीसगढ़ राज्य के गठन के रजत जयंती वर्ष के ऐतिहासिक अवसर पर 5 नवम्बर को नया रायपुर में आयोजित राज्योत्सव के समापन समारोह में सम्मिलित होने हेतु सादर आमंत्रित किया।उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन जी ने स्नेहपूर्वक छत्तीसगढ़ आगमन की सहमति प्रदान की।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव, सम्मान और अपार हर्ष का विषय है कि देश के माननीय उपराष्ट्रपति अपनी गरिमामयी उपस्थिति से राज्योत्सव के समापन समारोह को अविस्मरणीय बनाएंगे।

इस अवसर पर केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू एवं मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री ने असम राइफल्स पर हमले में शहीद जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मणिपुर में असम राइफल्स पर हुए कायरतापूर्ण हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। इस हमले में छत्तीसगढ़ के बस्तर के वीर सपूत राइफलमैन रंजीत कश्यप सहित दो जवानों ने अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्र शहीद जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को सदैव स्मरण रखेगा। उन्होंने शहीदों को कोटि-कोटि नमन करते हुए शोकाकुल परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और कहा कि इस कठिन घड़ी में राज्य सरकार शोकसंतप्त परिवारों के साथ खड़ी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे वीर जवानों का यह त्याग हम सबको देश की रक्षा और एकता के मार्ग पर और अधिक दृढ़ संकल्पित करता है।
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दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर मंडल के रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 पर नए फुट ओवर ब्रिज के पास 2 नग एस्केलेटर (स्वाचालित सीढी) का उद्घाटन श्री दयानन्द, मंडल रेल प्रबंधक रायपुर के द्वारा किया गया

 दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, रायपुर  मंडल के रायपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक 1 पर 2 नग एस्केलेटर (स्वाचालित सीढी) का उद्घाटन श्री दयानन्द, मंडल रेल प्रबंधक रायपुर के कर कमलों द्वारा श्री बजरंग अग्रवाल, अपर मंडल रेल प्रबंधक, श्री विवेक पटेल, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सा), श्री अवधेश त्रिवेदी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, श्री उत्कर्ष पांडेय, वरिष्ठ मंडल इंजीनियर (सम.) एवं रायपुर मंडल के समस्त शाखा अधिकारियो की गरिमामयी उपस्थिति में दिनांक 19.09.2025 को संपन्न हुआ ।


रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर और लिफ्ट की सुविधा यात्रियों के लिए वरदान साबित हो रही है, खासकर बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और चिकित्सकीय आवश्यकता वाले यात्रियों के लिए बहुत ही लाभप्रद है। इन सुविधाओं के कुछ लाभ निम्नलिखित हैं ।
- आसानी से आवाजाही: एस्केलेटर यात्रियों को एक प्लेटफॉर्म से दूसरे प्लेटफॉर्म पर जाने में आसानी प्रदान करते हैं।
- समय की बचत: एस्केलेटर के उपयोग से यात्री अपना समय बचा सकते हैं और  जल्दी से प्लेटफॉर्म पर पहुंच सकते हैं।
- सुरक्षा: एस्केलेटर  में आधुनिक सुरक्षा सुविधाएं जैसे कि इमरजेंसी स्टॉप बटन, एंटी-स्लिप स्टेप्स और हैंडरेल स्पीड मॉनिटरिंग होती हैं, जो यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती हैं।
- विश्वस्तरीय सुविधाएं: रेलवे स्टेशनों पर एस्केलेटर की सुविधा विश्वस्तरीय सेवाएं प्रदान करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए न्यौछावर करते हैं अपना जीवन – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद  सैनिकों की पत्नी अथवा उनके आश्रितों को दी जाने वाली अनुग्रह राशि में वृद्धि करते हुए इसे 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में विभिन्न वीरता अलंकरण प्राप्त जवानों को दी जाने वाली राशि में भी वृद्धि की गई है। अब परमवीर चक्र प्राप्त वीर जवानों को 40 लाख रुपये की जगह 1 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी। यह महत्वपूर्ण निर्णय आज मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक में लिया गया।


आज मंत्रालय महानदी भवन में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सैनिक कल्याण विभाग की 6वीं राज्य सैनिक समिति की बैठक सम्पन्न हुई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारे सैनिक देश की सुरक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर करते हैं। हम उनके शौर्य और बलिदान को नमन करते हैं। सरकार भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए सदैव प्रतिबद्ध है। बैठक में शहीदों की वीर नारियों, भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के लिए राज्य द्वारा संचालित कई कल्याणकारी योजनाओं पर चर्चा की गई।

मुख्यमंत्री श्री साय ने समिति की छठवीं बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि 140 करोड़ देशवासियों की सुरक्षा में हमारे वीर जवान दिन-रात तत्पर रहते हैं। भारत माँ की सेवा में अपना जीवन अर्पित करने वाले इन वीर सपूतों का कल्याण करना सबका दायित्व और कर्तव्य है। आज की बैठक में भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं और उनके परिजनों के हित में सार्थक चर्चा हुई है। बैठक में लिए गए निर्णयों का लाभ भूतपूर्व सैनिकों और उनके परिवारों तक सीधे पहुंचेगा। भूतपूर्व सैनिकों की बेहतरी के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव भी सदस्यों द्वारा दिए गए हैं, जिन पर सकारात्मक रूप से विचार कर उचित निर्णय लिया जाएगा।

बैठक के दौरान भूतपूर्व सैनिकों, विधवाओं एवं उनके आश्रितों के हित में कई महत्वपूर्ण एजेंडा बिंदुओं पर निर्णय लिये गए। इनमें युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में शहीद (बैटल कैजुअल्टी) सैनिकों की पत्नी अथवा आश्रितों को अनुग्रह राशि 20 लाख से बढ़ाकर 50 लाख करना, विभिन्न शौर्य अलंकरण प्राप्त सैनिकों को दी जाने वाली राशि में वृद्धि करना शामिल है। अब परमवीर चक्र प्राप्तकर्ता सैनिक को 40 लाख की जगह 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसी प्रकार सैनिकों के माता-पिता को दी जाने वाली जंगी इनाम राशि 5 हजार रुपये प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दी गई है। युद्ध तथा सैनिक कार्यवाही में दिव्यांग हुए सैनिकों की अनुदान राशि 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही सेवारत सैनिकों, भूतपूर्व सैनिकों एवं विधवाओं को प्रथम भूमि/गृह क्रय करने पर 25 लाख रुपये तक के स्टाम्प शुल्क में छूट देने का निर्णय लिया गया।
 
इस अवसर पर मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री अमिताभ जैन ने मुख्यमंत्री को बालवृक्ष भेंट किया। तत्पश्चात् सैनिक कल्याण संचालनालय छत्तीसगढ़ के संचालक एवं राज्य सैनिक समिति के सचिव ब्रिगेडियर विवेक शर्मा, विशिष्ट सेवा मेडल (से.नि) ने राज्य सैनिक बोर्ड, छत्तीसगढ़ की गतिविधियों की संक्षिप्त जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने 13 जनवरी 2012 को आयोजित पाँचवीं राज्य सैनिक बोर्ड की बैठक की कार्यवाही विवरण पर प्रगति रिपोर्ट दी और 6वीं बैठक में सम्मिलित एजेंडा बिंदुओं पर चर्चा प्रारम्भ की।

बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, सांसद रायपुर श्री बृजमोहन अग्रवाल, मध्य भारत क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल पदम सिंह शेखावत (पीवीएसएम, एवीएसएम, एसएम), अपर मुख्य सचिव गृह विभाग श्री मनोज पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, केंद्रीय सैनिक बोर्ड नई दिल्ली के सचिव ब्रिगेडियर डी.एस. बसेरा (विशिष्ट सेवा मेडल), कमांडर छत्तीसगढ़ एवं ओडिशा सब एरिया ब्रिगेडियर तेजिंदर सिंह बावा (सेना मेडल), सचिव वित्त विभाग श्री अंकित आनंद, सचिव सामान्य प्रशासन विभाग श्री अविनाश चंपावत, मेजर जनरल संजय शर्मा (से.नि), विंग कमांडर ए. श्रीनिवास राव (से.नि), श्री विक्रांत सिंह एवं श्री राजेश कुमार पाण्डेय राज्य सैनिक समिति छत्तीसगढ़ के सदस्यगण उपस्थित थे।
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माल ढुलाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा: कश्मीर से सेब की निर्बाध आपूर्ति और मिज़ोरम में पहली मालगाड़ी परिचालन से नए आर्थिक अवसरों का द्वार

भारतीय रेल ने अपनी माल ढुलाई सेवाओं का विस्तार भारत के सीमावर्ती राज्यों तक कर दिया है, जिससे स्थानीय समुदायों के लिए विकास के नए रास्ते खुलेंगे और क्षेत्रीय बाज़ारों की अब तक की अनछुई संभावनाओं का लाभ उठाया जा सकेगा। राष्ट्रीय आपूर्ति शृंखलाओं तक बेहतर पहुँच के साथ, इन पहलों से किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को विशेष रूप से दूरदराज़ इलाकों में नए अवसर प्राप्त होंगे।


कश्मीर से दिल्ली तक सेब परिवहन के लिए विशेष पार्सल सेवा

फल उत्पादकों को फसल कटाई के चरम मौसम में सहयोग प्रदान करने हेतु भारतीय रेल ने दो पार्सल वैन का परिचालन शुरू किया है। 15 सितम्बर से बडगाम और आदर्श नगर (दिल्ली) के बीच प्रतिदिन समयबद्ध पार्सल ट्रेन सेवा शुरू की गई है।

यह ट्रेन घाटी से आने वाले सेबों को दिल्ली के थोक बाज़ारों तक सबसे उपयुक्त व्यापारिक समय पर पहुँचाने में सहायक होगी। मध्यवर्ती स्टेशनों पर भी पार्सल वैन जोड़े जाने की सुविधा उपलब्ध है, जिससे मांग बढ़ने पर सेवा का लचीलापन और क्षमता दोनों बढ़ सके।

इस पहल से सड़क परिवहन पर निर्भरता कम होगी, लॉजिस्टिक लागत घटेगी और किसानों की आमदनी में वृद्धि के साथ-साथ बाज़ार से जुड़ाव और भी मजबूत होगा।

मिज़ोरम में पहली बार माल ढुलाई संचालन

पूर्वोत्तर के लिए एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में, पहली मालगाड़ी मिज़ोरम के सैरांग (आइज़ॉल) के लिए रवाना की गई है, जिसमें असम से 21 वैगनों में सीमेंट लादा गया है। मिज़ोरम में माल परिचालन शुरू होने से निर्माण क्षेत्र की लागत कम होगी और राज्य में व्यापक आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।

माननीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने कहा:
“मिज़ोरम में सीमेंट, फल, इस्पात और अन्य सामानों के परिवहन के लिए कार्गो ट्रेनें भी चलाई जाएंगी। इससे लॉजिस्टिक लागत घटेगी और व्यापारिक अवसर बढ़ेंगे।”

मिज़ोरम में माल ढुलाई सेवाओं के विस्तार से भारतीय रेल स्थानीय उत्पादकों के लिए नए व्यापारिक रास्ते खोल रही है और राज्य के औद्योगिक एवं बुनियादी ढांचा विकास की नींव मजबूत कर रही है।

समावेशी विकास की ओर

मालगाड़ियाँ अब जम्मू-कश्मीर और मिज़ोरम जैसे सीमावर्ती राज्यों तक पहुँच रही हैं। इससे भारतीय रेल न केवल राष्ट्रीय आपूर्ति शृंखलाओं को मज़बूत कर रही है, बल्कि इन क्षेत्रों के लोगों के लिए नए आर्थिक अवसर भी उत्पन्न कर रही है। ये कदम स्थानीय बाज़ारों की अपार संभावनाओं को सामने लाने और दूरदराज़ इलाकों की समुदायों को भारत की विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बनाने में अहम साबित होंगे।
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कोलकाता मेट्रो का नया अध्याय: 9 लाख से अधिक यात्री करेंगे हर दिन सफर

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की आधारभूत संरचना में युगांतरकारी बदलाव हुए हैं। ऐसा ही बदलाव कोलकाता मेट्रो में भी हुआ है जहां प्रतिदिन 9 लाख से अधिक यात्रियों के सफर के लिए रेलवे नेटवर्क को विस्तृत किया गया है।

वस्तुत: भारत में मेट्रो सेवा की नींव रखने वाला शहर कोलकाता अब मेट्रो नेटवर्क के मामले में एक नया इतिहास रचने जा रहा है। अब हर दिन कोलकाता मेट्रो से करीब 9.15 लाख यात्री सफर कर सकेंगे। इस बदलाव की बुनियाद बनी है 3 मेट्रो सेक्शन की 366 नई मेट्रो ट्रेन सेवाएँ जो यात्रियों को तेज़ और नियमित सेवा देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। 

22 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी कोलकाता मेट्रो की ग्रीन लाइन पर 2.45 किलोमीटर लंबी एस्प्लानेड–सियालदह मेट्रो सेक्शन, येलो लाइन पर 6.77 किलोमीटर लंबी नोआपाड़ा–जय हिंद विमानबंदर मेट्रो सेक्शन और ऑरेंज लाइन पर 4.4 किलोमीटर लंबी हेमंत मुखोपाध्याय–बेलेघाटा मेट्रो सेक्शन का उद्घाटन करेंगे और तीनों ही लाइनों पर 3 मेट्रो ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। 
366 नई मेट्रो सेवाओं का सबसे बड़ा लाभ ग्रीन लाइन के यात्रियों को होगा। जिसपर सेवाओं की संख्या बढ़कर 186 हो गई है। साथ ही, ऑरेंज लाइन पर अब 60 सेवाएँ और येलो लाइन पर 120 सेवाएँ यात्रियों की राह आसान बनाएंगी। नई सेवाओं से अधिक ट्रेनों की उपलब्धता बढ़ेगी, इंतज़ार का समय घटेगा और भीड़-भाड़ से राहत मिलेगी। 

ग्रीन लाइन – एस्प्लानेड से सियालदह (2.45 किमी)। यह सेक्शन शहर के लिए सबसे बड़ी राहत लेकर आया है। अभी हावड़ा और सियालदह जैसे दो बड़े रेलवे टर्मिनलों के बीच पहुँचने में सड़क से 40–45 मिनट तक लगते हैं। अब मेट्रो से यह सफर सिर्फ़ 11 मिनट में पूरा होगा। रोज़ाना लाखों यात्रियों के लिए यह समय बचत किसी वरदान से कम नहीं होगी।

दूसरी बड़ी उपलब्धि है येलो लाइन – नोआपाड़ा से जय हिंद विमानबंदर (6.77 किमी)। अब एयरपोर्ट तक पहुँचने के लिए सड़क से यात्रा करने वालों को नया विकल्प मिलेगा। घरेलू और अंतरराष्ट्रीय यात्री, एयरलाइन स्टाफ और एयरपोर्ट कर्मचारी सब तेज़, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव करेंगे। दमदम कैंटोनमेंट से इंटरचेंज सुविधा मिलने से पूरे शहर और प्रमुख रेलवे स्टेशनों तक सीधा कनेक्शन भी आसान हो जाएगा। एस्प्लानेड से एयरपोर्ट तक अब यह दूरी सिर्फ़ 30 मिनट में पूरी होगी।

तीसरी कड़ी है ऑरेंज लाइन – हेमंत मुखोपाध्याय से बेलेघाटा (4.4 किमी)। यह विस्तार साइंस सिटी, बड़े अस्पतालों, स्कूलों और व्यावसायिक केंद्रों को जोड़ेगा। यात्रियों की संख्या यहाँ दोगुनी होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि बेलेघाटा से कवि सुभाष तक की यात्रा भी अब सिर्फ़ 32 मिनट में पूरी की जा सकेगी। इससे दक्षिण कोलकाता और पूर्वी कोलकाता के बीच सफर बेहद आसान हो जाएगा।
इन नई मेट्रो लाइनों से न सिर्फ़ कोलकाता बल्कि उत्तर 24 परगना और दक्षिण 24 परगना के यात्रियों को भी बड़ा लाभ मिलेगा। जिस दूरी को तय करने में पहले घंटों लग जाते थे, अब वही सफर कुछ ही मिनटों में पूरा होगा। शहर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुँचना अब पहले से कहीं अधिक सहज और तेज़ हो जाएगा।
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प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से मिले मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय – छत्तीसगढ़ के विकास को मिली नई रफ्तार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज संसद भवन में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को 1 नवंबर 2025 को रायपुर में आयोजित अमृत रजत महोत्सव में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु आमंत्रित किया। साथ ही मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को राज्य सरकार की भावी योजनाओं, विकास की प्राथमिकताओं और जनकल्याण से जुड़े प्रमुख विषयों की जानकारी भी दी।


उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में राज्य गठन की 25वीं वर्षगांठ अमृत रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाई जा रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के लिए ऐतिहासिक होगा और प्रधानमंत्री की गरिमामयी उपस्थिति से इसकी महत्ता और भी बढ़ जाएगी। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ तेज़ी से प्रगति के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने ‘अंजोर विज़न @2047’  दस्तावेज़ तैयार किया है, जो विकसित भारत के लक्ष्य को दृष्टिगत रखते हुए छत्तीसगढ़ के समावेशी और सतत विकास की रूपरेखा प्रस्तुत करता है। यह विज़न दस्तावेज़ शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग, नवाचार और पर्यावरण जैसे क्षेत्रों में सुधार और नवाचार-आधारित पहलों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने केंद्र सरकार के “जन विश्वास अधिनियम 2023” से प्रेरणा लेते हुए राज्य में “जन विश्वास विधेयक 2025” पारित किया है, जिससे न्याय प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ी है और आम नागरिकों की पहुंच अधिक सुलभ एवं सहज बनी है।

राजधानी नवा रायपुर के सुनियोजित और तीव्र विकास हेतु गठित छत्तीसगढ़ राज्य राजधानी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (SCRDA) की जानकारी भी मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से साझा की। उन्होंने बताया कि इस प्राधिकरण के माध्यम से राजधानी क्षेत्र को एक आधुनिक, स्मार्ट एवं तेज़ी से विकसित शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री को राज्य में औद्योगिक निवेश और रोज़गार सृजन के क्षेत्र में हो रही उल्लेखनीय प्रगति की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में लागू की गई नई औद्योगिक नीति 2024-30 के परिणामस्वरूप राज्य में निवेशकों की रुचि निरंतर बढ़ रही है। नीति के तहत सिंगल विंडो सिस्टम को लागू किया गया है, जिससे उद्योगों की स्थापना सरल, त्वरित और पारदर्शी बनी है। 1000 से अधिक व्यक्तियों को रोज़गार प्रदान करने वाले उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि नवंबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच अब तक 84 कंपनियों से कुल 6.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि नवा रायपुर में देश की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट की नींव रखी जा चुकी है, और एआई डेटा सेंटर का निर्माण कार्य भी प्रारंभ हो गया है। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, फार्मा, रेडीमेड गारमेंट और आईटी सेवाओं को प्राथमिकता देते हुए छत्तीसगढ़ को तकनीकी और औद्योगिक हब के रूप में विकसित किया जा रहा है।

राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण के माध्यम से ग्रामीण और दूरस्थ अंचलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है। आदिवासी क्षेत्रों में डिजिटल संसाधनों और प्रशिक्षित शिक्षकों के सहयोग से शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी जानकारी दी कि राज्य सरकार मेडिसिटी और एडु सिटी जैसी दो नई महत्त्वाकांक्षी परियोजनाओं पर तेज़ी से कार्य कर रही है। रायपुर में विकसित की जा रही मेडिसिटी एक आधुनिक और उत्कृष्ट स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभर रही है, जिससे छत्तीसगढ़ को मेडिकल हब के रूप में पहचान प्राप्त होगी और व्यापक स्तर पर रोज़गार के अवसर उपलब्ध होंगे।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में चल रही पुनर्वास और विश्वास बहाली की योजनाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की संवेदनशील और दूरदर्शी नीतियों के परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में नक्सली आत्मसमर्पण कर सामान्य जीवन की ओर लौटे हैं। इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं का तीव्र विस्तार किया जा रहा है, जिससे आम नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है और वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
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मुख्यमंत्री साय की पहल से खुला विकास का रास्ता, चार नए पुलों का भूमि पूजन जल्द

छत्तीसगढ़ की अधोसंरचना को रफ्तार देने के लिए आज एक अहम क़दम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री श्री नितिन गडकरी से मुलाक़ात की, जिसमें राज्य की कई महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को मंज़ूरी मिली।


बैठक में केंद्रीय मंत्री ने छत्तीसगढ़ में वर्तमान में 7000 करोड़ से ऊपर के नियोजित कार्यों की वित्तीय स्वीकृति को शीघ्र करने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया।

इसके साथ ही केंद्रीय सड़क निधि (CRF) के तहत 600 करोड़ रुपये की मंज़ूरी दी गई। इसके ज़रिए छत्तीसगढ़ में कई सड़कों के निर्माण और उन्नयन का रास्ता साफ़ होगा।

रायपुर शहर की भीड़भाड़ को कम करने के लिए चार बड़े ब्रिज बनाए जाएंगे, जिनका भूमि पूजन शीघ्र ही होगा। वहीं, राजधानी रायपुर से अन्य ज़िलों तक की सड़कें दो लेन से चार लेन में बदली जाएंगी, जिससे आवागमन तेज़ और सुरक्षित हो जाएगा।

बैठक में यह भी तय हुआ कि राज्य की सड़क योजनाएं की प्लानिंग में अब केंद्र के ‘गति शक्ति पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा, ताकि जल्द मंजूरी मिल सके। श्री गडकरी ने रायपुर-आरंग-बिलासपुर-दर्री के बीच करीब 95 किमी लंबी छह लेन सड़क के लिए डीपीआर जल्दी बनाने के लिए आदेशित किया, जो औद्योगिक, कृषि और शैक्षिक क्षेत्रों को जोड़ेगी। साथ ही, समृद्धि एक्सप्रेसवे का विस्तार रायपुर तक भी किया जाएगा।

इसके अलावा कुछ ज़रूरी योजनाओं को आज मंजूरी भी मिल गई। राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 130 ए में उन्नयन कार्य, राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 में रेजिंग का कार्य एवं राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 30 में मजबूतीकरण के कुल 115.95 करोड़ के कार्यों की स्वीकृति मिली है। इनमें बिलासपुर शहर के भीतर 15 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण शामिल है, जिससे शहर में ट्रैफिक आसान होगा। कटनी-गुमला मार्ग के हिस्से में 11 किलोमीटर सड़क बनेगी जो गांवों को जोड़ने में मदद करेगी। वहीं, केशकाल के 4 किलोमीटर हिस्से की सड़क को मज़बूत किया जाएगा, जिससे पहाड़ी क्षेत्र के लोगों को राहत मिलेगी।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सड़कें केवल यात्रा का साधन नहीं हैं, बल्कि विकास, रोज़गार और सामाजिक बदलाव का रास्ता हैं। अँजोर विजन 2047’ के तहत छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य है कि हर गांव, हर नागरिक तक बेहतर और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन पहुंचे। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉक्टर कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ सदन में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सांसदों संग सौजन्य भेंट — रात्रि भोज में हुई सार्थक चर्चा

छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नई दिल्ली स्थित 17, छत्तीसगढ़ सदन में राज्य के सांसदों से सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर आयोजित रात्रि भोज के दौरान मुख्यमंत्री ने सांसदों के साथ राज्य और राष्ट्र के समसामयिक मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।


मुख्यमंत्री ने सभी सांसदों को छत्तीसगढ़ के समग्र विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की सक्रिय उपस्थिति और सहभागिता से राज्य के हित और ज़मीनी ज़रूरतें राष्ट्रीय फलक पर बेहतर ढंग से प्रस्तुत हो पाती हैं।

इस सौहार्दपूर्ण मुलाक़ात में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में हो रहे व्यापक परिवर्तनों की चर्चा भी हुई। सांसदों ने छत्तीसगढ़ में केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति को लेकर फीडबैक साझा किया और राज्य के जमीनी अनुभवों से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक नीति, निवेश आकर्षण, युवाओं को मिल रहे नए अवसर, किसानों की आर्थिक सशक्तिकरण योजनाओं और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हो रहे परिवर्तनकारी विकास कार्यों की भी विस्तार से जानकारी दी।
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आतंकी संचार व नशे की समस्या से निपटने की तैयारी

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादी समूहों द्वारा एन्क्रिप्टेड संचार प्लेटफार्मों का इस्तेमाल करने पर चिंता जताई और साथ ही इस समस्या से निपटने के लिए एक विशेष मंच स्थापित करने के निर्देश दिए ताकि आतंकी संगठनों के सोशल मीडिया के जरिए खुफिया संचार पर लगाम कसी जा सके। गृह मंत्री ने भगोड़ों को वापस लाने के लिए भी एक मजबूत तंत्र और बेहतर समन्वय स्थापित करने की अपील की।

राष्ट्रीय सुरक्षा के कई मुद्दों पर हुआ मंथन
गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय 8वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में ये बातें कही। इस सम्मेलन में देशभर से 800 के करीब अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें से कुछ भौतिक तो कुछ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े थे। इस सम्मेलन में राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर विचार विमर्श किया गया। सम्मेलन के पहले दिन राष्ट्र के हितों के खिलाफ रहने वाले बाहरी तत्वों की भूमिका और मादक पदार्थों के व्यापार में उनकी संलिप्तता सहित उनके घरेलू संबंधों के मुद्दे पर मंथन हुआ। इनमें आतंकी समूहों द्वारा इस्तेमाल की जानी वाली एन्क्रिप्टेड संचार ऐप्स और अन्य नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल से पैदा हुईं चुनौतियों पर बात हुई। साथ ही भीड़ प्रबंधन, निर्जन द्वीपों की सुरक्षा के मुद्दे पर मंथन हुआ।

आतंकवाद के वित्तपोषण से मुद्दों पर भी विचार-विमर्श किया गया। गृह मंत्री ने आतंकवादी और तस्करी गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए कड़े उपाय करने के भी निर्देश दिए, जिसमें केंद्रीय और राज्य कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाने, आतंकवाद-अपराधी के घरेलू गठजोड़ को तोड़ने के निर्देश दिए। गृह मंत्रालय ने यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा कि पुलिस संगठनों द्वारा केवल स्वदेशी तकनीक का ही उपयोग किया जाए।

दूसरे दिन इन चुनौतियों से निपटने पर होगी चर्चा
सम्मेलन के दूसरे दिन नागरिक उड्डयन और बंदरगाह सुरक्षा, आतंकवाद-निरोध, वामपंथी उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी की रोकथाम के मुद्दे पर केंद्रित होगा। इस बैठक में भाग लेने वाले वरिष्ठ अधिकारियों में, केंद्रीय गृह सचिव, उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों व केंद्रीय पुलिस संगठनों के प्रमुख शामिल रहे। साल 2016 में डीजीएसपी और आईजीएसपी सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर साल राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन आयोजित करने का निर्देश दिया था, जिसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर काम करने वाले अधिकारियों के अनुभव के माध्यम से और क्षेत्र विशेषज्ञों के सहयोग से प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा चुनौतियों का समाधान खोजना था। प्रधानमंत्री के निर्देशों के तहत साल 2021 से सम्मेलन हाइब्रिड मोड में आयोजित किया जा रहा है। 

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पीएम मोदी का तमिलनाडु दौरा, 4800 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे उद्घाटन

 ब्रिटेन और मालदीव की अपनी यात्रा से लौटने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को तमिलनाडु का दौरा करेंगे। यहां वह तूतीकोरिन में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में 4800 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, उद्घाटन और राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह कार्यक्रम रात 8 बजे आयोजित होगा। इसके बाद वह रविवार को तिरुचिरापल्ली के गंगईकोंडा चोलपुरम मंदिर में दोपहर 12 बजे महान चोल सम्राट राजेंद्र चोल प्रथम की जयंती समारोह और आदी तिरुवथिरा उत्सव में भाग लेंगे।

तूतीकोरिन हवाई अड्डे पर नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे

 


मालदीव की राजकीय यात्रा के बाद प्रधानमंत्री सीधे तूतीकोरिन पहुंचेंगे। यहां वे कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण करेंगे। ये परियोजनाएं क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, रसद दक्षता, स्वच्छ ऊर्जा ढांचे और तमिलनाडु के नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाएंगे। प्रधानमंत्री विश्वस्तरीय हवाई अड्डा ढांचे के विकास और कनेक्टिविटी बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के तहत तूतीकोरिन हवाई अड्डे पर 450 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। 17,340 वर्ग मीटर में फैला यह टर्मिनल व्यस्त समय के दौरान 1,350 यात्रियों और सालाना 20 लाख यात्रियों को संभालने में सक्षम होगा। 100 प्रतिशत एलईडी लाइटिंग, ऊर्जा-कुशल विद्युत से युक्त यांत्रिक प्रणालियों, और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के माध्यम से जल पुनर्चक्रण के साथ यह टर्मिनल जीआरआईएचए-4 स्थिरता रेटिंग प्राप्त करेगा। इस परियोजना से तमिलनाडु में पर्यटन, व्यापार और निवेश को बढ़ावा देगा।

दो राजमार्ग परियोजनाएं राष्ट्र को करेंगे समर्पित
सड़क व बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में प्रधानमंत्री दो महत्वपूर्ण राजमार्ग परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित करेंगे। पहली परियोजना एनएच-36 के सेथियाथोप-चोलपुरम खंड की 50 किमी की 4-लेन वाली सड़क है। इसे विक्रवंडी-तंजावुर कॉरिडोर के तहत 2,350 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित किया गया है। इसमें तीन बायपास, कोल्लिदम नदी पर एक किमी का चार-लेन पुल, चार प्रमुख पुल, सात फ्लाईओवर और कई अंडरपास शामिल हैं। इससे सेथियाथोप और चोलपुरम के बीच यात्रा समय 45 मिनट तक कम हो जाएगा। दूसरी परियोजना एनएच-138 तूतीकोरिन पोर्ट रोड की 5.16 किमी की 6-लेनिंग है। इसे लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है। इसमें अंडरपास और पुल शामिल हैं।

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे सीएम, न आने की बताई ये वजह

 


तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन शनिवार को प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे। सोशल मीडिया पर साझा एक पोस्ट में स्टालिन ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि 'अस्पताल में होने की वजह से उन्होंने मुख्य सचिव के जरिए एक याचिका भेजी है, जिसे मुख्य सचिव प्रधानमंत्री मोदी को देंगे।' पीएम मोदी मालदीव का दौरा पूरा कर आज तमिलनाडु पहुंचेंगे, जहां वे 4800 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

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छत्तीसगढ़ ने राष्ट्रीय मंच पर बिखेरी स्वच्छता की चमक, 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में बिल्हा देश का सबसे स्वच्छ शहर

केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्रालय के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में छत्तीसगढ़ के सात शहरों ने अपनी स्वच्छता की चमक बिखेरी है। बिल्हा नगर पंचायत 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों में अब देश का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में बिल्हा ने देशभर में प्रथम स्थान हासिल किया है। तीन लाख से दस लाख जनसंख्या वाले शहरों में बिलासपुर को पूरे देश में दूसरा और 20 हजार से 50 हजार आबादी वाले शहरों में कुम्हारी को तीसरा स्थान मिला है।


राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने आज नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित भव्य समारोह में इन तीनों नगरीय निकायों के साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले राज्य के कुल सात नगरीय निकायों को पुरस्कृत किया। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव, संबंधित निकायों के महापौर, अध्यक्षों और अधिकारियों ने ये पुरस्कार ग्रहण किए। केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल और केन्द्रीय आवास और शहरी कार्य राज्य मंत्री श्री तोखन साहू भी पुरस्कार समारोह में शामिल हुए।

भारत सरकार के स्वच्छ सर्वेक्षण 2024-25 में अंबिकापुर, पाटन, विश्रामपुर और रायपुर ने भी राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है। स्वच्छ सर्वेक्षण में पहली बार शामिल नई श्रेणी 'स्वच्छता सुपर लीग' (एसएसएल) में अंबिकापुर, पाटन और विश्रामपुर ने जगह बनाई है। यह सम्मान उन शहरों को दिया गया, जो पिछले तीन वर्षों में कम से कम एक बार शीर्ष तीन में रहे हैं और वर्तमान वर्ष में शीर्ष 20 शहरों में शामिल हैं। अंबिकापुर ने 50 हजार से तीन लाख जनसंख्या श्रेणी में तथा पाटन और विश्रामपुर ने 20 हजार से कम आबादी वाले शहरों की श्रेणी में एसएसएल में अपना स्थान सुनिश्चित किया है। इनके अतिरिक्त, राजधानी रायपुर को छत्तीसगढ़ का 'प्रॉमिसिंग (Promising) स्वच्छ शहर' का पुरस्कार मिला है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी विजेता नगरीय निकायों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि राज्य के लिए गर्व का क्षण है। उन्होंने इन शहरों में स्वच्छता के प्रति नागरिकों, स्थानीय निकायों और प्रशासन के सामूहिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ये पुरस्कार राज्य के अन्य शहरों को भी अपने शहर को सुंदर और स्वच्छ बनाने के लिए प्रेरित करेंगे।

उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने भी आज पुरस्कृत नगरीय निकायों को बधाई दी और कहा कि यह छत्तीसगढ़ के लिए केवल एक सम्मान ही नहीं, बल्कि स्वच्छता के प्रति निरंतर प्रयासों का प्रमाण है। आने वाले समय में अन्य नगरीय निकायों को भी स्वच्छता के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त होंगे। शहरी सरकारों से लेकर राज्य और केंद्र की सरकार शहरों को स्वच्छ, सुंदर और सुविधापूर्ण बनाने के लिए कई नवाचारों के साथ सतत काम कर रहे हैं।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के 51,000 अभ्यर्थियों को किया संबोधित

रोजगार मेला के 16वें चरण के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर एवं नागपुर में रोजगार मेलों का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस अवसर पर केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं विभागों में चयनित कुल 407 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।


इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के लगभग 51,000 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को संबोधित किया एवं उन्हें नई भूमिका हेतु शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

बिलासपुर कार्यक्रम

बिलासपुर में यह आयोजन नॉर्थ ईस्ट इंस्टिट्यूट ऑडिटोरियम में किया गया, जहाँ 185 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।
इसमें 173 अभ्यर्थी रेलवे विभाग से तथा 12 अभ्यर्थी अन्य विभागों (सीआईएसएफ एवं डाक विभाग) से थे।

मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री तोखन साहू, केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री, भारत सरकार, उपस्थित रहे। उन्होंने प्रारंभिक 30 नियुक्ति पत्र प्रदान किए। शेष नियुक्ति पत्र विभागीय अधिकारियों एवं विशिष्ट अतिथियों द्वारा प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में माननीय विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, मंडल रेल प्रबंधक श्री राजमल खोईवाल, रेल अधिकारीगण, जनप्रतिनिधि एवं मीडिया कर्मी उपस्थित रहे।

रायपुर कार्यक्रम

रायपुर रेल मंडल में यह आयोजन कम्युनिटी हॉल, डब्लूआरएस कॉलोनी में किया गया। यहां 73 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, जिनमें से 57 अभ्यर्थी फिजिकली उपस्थित रहे।

इसमें रेलवे विभाग के 45, पोस्टल विभाग के 4, गृह मंत्रालय के 2, स्वास्थ्य मंत्रालय के 5 एवं संस्कृति मंत्रालय के 1 अभ्यर्थी शामिल थे।

मुख्य अतिथि के रूप में माननीय श्री दुर्गादास उइके, केंद्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री उपस्थित रहे। साथ ही माननीय सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा, श्री सुनील सोनी, श्री मोतीलाल साहू, अपर मंडल रेल प्रबंधक श्री बजरंग अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी श्री राहुल गर्ग सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

नागपुर कार्यक्रम

नागपुर में रोजगार मेला मंगल मंडप, कड़बी चौक में आयोजित किया गया। यहाँ 149 नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए।

इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माननीय केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री, भारत सरकार रहे। उनके साथ माननीय विधायक श्री कृष्णा खोपड़े (नागपुर पूर्व) भी मंचासीन रहे।

रोजगार मेला के इस आयोजनों के माध्यम से युवाओं को रोजगार प्रदान कर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में सार्थक योगदान दिया गया। तीनों स्थानों पर अभ्यर्थियों, जनप्रतिनिधियों एवं विभागीय अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति ने इन आयोजनों को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायक बनाया।
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देश की ऊर्जा और औद्योगिक आपूर्ति श्रृंखला में अग्रणी भूमिका निभा रहा है दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे

 देश के कोयला आधारित पावर प्लांट्स, भारी उद्योगों और विभिन्न कारखानों को आवश्यक सामग्रियाँ जैसे कोयला, लौह अयस्क, सीमेंट, उर्वरक और मैगनीज की आपूर्ति सुनिश्चित करने में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की प्रमुख भूमिका रही है । इस अहम जिम्मेदारी का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून 2025) में माल लदान और राजस्व अर्जन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है ।


इस अवधि में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे द्वारा 64.61 मिलियन टन माल लदान किया गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 2.03% अधिक है । केवल लदान ही नहीं, दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने माल ढुलाई से ₹7807.88 करोड़ की आय अर्जित की, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आय ₹7404.06 करोड़ थी । इस प्रकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे को ₹403.80 करोड़ की अतिरिक्त आय हुई, जो कि 5.45% की वृद्धि को दर्शाता है । यह अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रथम तिमाही प्रदर्शन है ।

इस उल्लेखनीय उपलब्धि के साथ-साथ दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने यात्री सुविधाओं के क्षेत्र में भी सराहनीय पहल की है । यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न त्योहारों एवं धार्मिक आयोजनों के मद्देनज़र विशेष रेलगाड़ियों का संचालन किया गया है । हाल ही में रथयात्रा पर्व के अवसर पर यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए कई फेरों के लिए रथयात्रा स्पेशल ट्रेनों का सफल संचालन किया गया । इसके अतिरिक्त, श्रावण मास के दौरान श्रद्धालु यात्रियों की सुविधा हेतु श्रावणी स्पेशल ट्रेनों का भी संचालन किया जा रहा है, जिससे तीर्थयात्रियों को निर्बाध यात्रा का अनुभव मिल सके ।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के पीछे रेलवे द्वारा व्यापार सुलभ बनाने, सेवा गुणवत्ता में सुधार लाने और ग्राहकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए किए गए लगातार प्रयास हैं । नीति-निर्माण में त्वरित निर्णय, ग्राहक-केंद्रित दृष्टिकोण और व्यवसाय विकास इकाइयों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्त्वपूर्ण योगदान दिया है ।

माल ढुलाई के लिए संरचनात्मक सुविधाओं के विस्तार के अंतर्गत कई प्रमुख गुड्स शेडों को सक्रिय किया गया है। कलमना और रामटेक को कोयला लदान, कमालपुर को खाद्य सामग्रियों (फूड ग्रेन) और अन्य माल लदान हेतु खोला गया है । भानुप्रतापपुर गुड्स शेड लौह अयस्क (आयरन) के लदान हेतु पुनः चालू किया गया है । इसके साथ ही रायपुर स्टोर डिपो (RSD) और चंदिया गुड्स शेड को एक्सक्लूसिव कंटेनर रेल टर्मिनल (ECRT) की सुविधा प्रदान की गई है ।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे भविष्य में भी इसी गति और प्रतिबद्धता के साथ देश की औद्योगिक आवश्यकताओं की पूर्ति करते हुए माल लदान और राजस्व अर्जन के नए आयाम स्थापित करने हेतु अग्रसर रहेगा ।
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