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USBRL भारतीय रेल के स्वर्णिम भविष्य का एक चमकता हुआ अध्याय

 उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना यानि USBRL भारतीय रेल के स्वर्णिम भविष्य का एक चमकता हुआ अध्याय है। जो देश के हर हिस्से को कश्मीर तक की अबाध यात्रा के मार्ग से जोड़ रही है। यह राष्ट्रीय परियोजना न केवल देश की इंजीनियरिंग क्षमताओं का प्रदर्शन है, बल्कि यह जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक चुनौतियों पर विजय का प्रतीक भी है।

 

विकास के पुल से जुड़े। पहाड़ों के दिल

चिनाब ब्रिज 

हिमालय की ऊंचाइयों में चल रहे प्रोजेक्ट का सबसे चमकदार मोती है चिनाब ब्रिज। जो दुनिया का सबसे ऊंचा रेल पुल है। यह पुल समुद्र तल से 359 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है, जो एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊंचा है और कुतुब मीनार से पांच गुना ऊंचा। 266 किलोमीटर प्रति घंटे चलती हवा की रपत्तार को भी चिनाब ब्रिज आसानी से झेल सकता है।

 

अंजी खड्डू ब्रिज 96 केबल के सहारे निर्मित 725 मीटर लंबा अंजी खड्डू ब्रिज देश का पहला केबल आधारित रेल ब्रिज है। कटरा-बनिहाल रेल खंड का हिस्सा ये पुल समुद्र तल से 331 मीटर ऊपर है। यह अद्भुत संरचना न केवल भारतीय रेल की उपलब्धियों की गाथा गाती है, बल्कि कश्मीर घाटी को विकास की मुख्य धारा से जोड़ने का भी वादा करती है।

 

आर्थिक विकास से राष्ट्र सुरक्षा तक का सेतु

 

USBRL न केवल भारत के लिए सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए भी मील का पत्थर साबित होगी।

 

आर्थिक विकासः रेल लिंक से करमीर घाटी में व्यापारिक गतिविधियां तेज होगी, जिससे कृषि उत्पादों, शिल्प और स्थानीय उद्योगों को बड़े बाजारों तक पहुंच मिलेगी।

 

 

पर्यटन को बढ़ावाः इस रेल लिंक के जरिए करमौर में पर्यटन को नई ऊंचाई मिलेगी। पर्यटकों के लिए घाटों तक पहुंचना आसान और किफायती होगा।

 

 

रोजगार के अवसरः परियोजना के निर्माण के दौरान हजारों लोगों को रोजगार मिला और इसके संचालन के बाद भी कई स्थानीय निवासियों को रोजगार मिलेगा।

 

 

पुख्ता राष्ट्र सुरक्षाः रेल लिंक से न केवल सेना को त्वरित आवाजाही संभव होगी, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में संसाधनों की

तेज आपूर्ति भी सुनिश्चित होगी।

 

आकर्षक इंजीनियरिंग और साहस की मिसाल

 

USBRL को भारतीय रेल के लिए एक आर्किटेक्चरल वंडर माना जा रहा है। इस परियोजना की लंबाई 272 किलोमीटर है। जिसका अधिकांश हिस्सा दुर्गम पहाड़ियों, बर्फीले इलाकों और गहरी घाटियों से होकर गुजरता है। इसमें 943 छोटे-बड़े पुल और 36 मैन सुरंग शामिल हैं। जिसमें भारत की सबसे लंबी रेलवे सुरंग टी-50 भी है जो करीब 12.77 किलोमीटर है। भारत के सबसे कठिन रेल निर्माण प्रोजेक्ट में से एक USBRL की लागत करीब 37 हजार करोड़ रुपए है।

 

उम्मीदों की पटरी

 

USBRI. न केवल रेल की पटरी है, बल्कि वह उन उम्मीदों का मार्ग है, जो कश्मीर के भविष्य को उज्जवल बनाने की ओर अग्रसर है। इसमें ऐसे कई महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन हैं जो जम्मू कश्मीर की तरक्की, सुरक्षा, सुविधा और समृद्धि को सुगम करते हैं। कश्मीर घाटी का प्रवेश द्वार कहे जाने जाने वाला काजीगुंड स्टेशन दक्षिणी कश्मीर को शेष क्षेत्र से जोड़ने की अहम कड़ी है। पंपोर, श्रीनगर, सोपोर, अनंतनाग जैसे रेलवे स्टेशन घाटी के प्रमुख व्यापारिक केंद्रों में से एक है। वहीं रियासी और कटरा रेलवे स्टेशन का विश्व प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर के निकट होने के कारण इसका महत्व बढ़ जाता है।

 

उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना सिर्फ एक रेल संपर्क नहीं, बल्कि कश्मीर घाटी को भारत के बाकी हिस्सों से मजबूती से जोड़ने वाला एक ऐतिहासिक कदम है। भारतीय रेल ने इस परियोजना के साथ करनीर घाटी को विकास की मुख्यधारा में शामिल करने की जो प्रतिबद्धता जताई थी, वो जमीन पर साकार हो रही है।

 

 

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संसद परिसर में धक्का-मुक्की: BJP के दो सांसद घायल, राहुल गांधी पर आरोप

 संसद भवन परिसर में मंगलवार को बाबा साहेब अंबेडकर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद उपजे विवाद के दौरान बड़ा हंगामा हुआ। प्रदर्शन के दौरान विपक्ष और भाजपा सांसदों के बीच जमकर धक्का-मुक्की हुई, जिसमें भाजपा के दो सांसद गंभीर रूप से घायल हो गए।


क्या है विवाद की जड़?
मंगलवार को राज्यसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने बाबा साहेब अंबेडकर पर बयान दिया, जिसे विपक्ष ने "अंबेडकर का अपमान" करार दिया। बयान के विरोध में कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सांसदों ने लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में संसद परिसर में प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अमित शाह से माफी और इस्तीफे की मांग की।

प्रदर्शन के दौरान बाबासाहेब अंबेडकर की प्रतिमा पर विरोध मार्च निकाला गया और सांसदों ने 'मकर द्वार' पर जमकर नारेबाजी की।

धक्का-मुक्की में बीजेपी सांसद घायल
प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की के बीच भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी और मुकेश राजपूत घायल हो गए। ओडिशा के सांसद प्रताप चंद्र सारंगी के सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उनके माथे पर टांके लगाए गए हैं, और उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है। वहीं फर्रुखाबाद से सांसद मुकेश राजपूत गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उन्हें आरएमएल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों की टीम उनकी स्थिति स्थिर करने की कोशिश कर रही है।

प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घायल सांसदों से फोन पर बातचीत की और उनका हालचाल जाना। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रहलाद जोशी ने अस्पताल में मुलाकात की। शिवराज सिंह चौहान ने इस घटना को "संसद के इतिहास का काला दिन" बताते हुए कहा, "राहुल गांधी और कांग्रेस ने गुंडागर्दी की है। लोकतंत्र में ऐसा आचरण अस्वीकार्य है।"

बीजेपी का आरोप: राहुल गांधी ने धक्का मारा
घटना को लेकर भाजपा सांसद प्रताप चंद्र सारंगी ने कहा, "राहुल गांधी ने एक सांसद को धक्का दिया, जिसके कारण वह मुझ पर गिर गए और मैं नीचे गिर गया। मैं सीढ़ियों के पास खड़ा था, तभी राहुल गांधी आए और यह घटना हुई।"

इस मामले में भाजपा के वरिष्ठ नेता अनुराग ठाकुर और दिल्ली से सांसद बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी के खिलाफ संसद मार्ग थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

राहुल गांधी की सफाई
राहुल गांधी ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा, "मैं संसद के प्रवेश द्वार से अंदर जा रहा था, लेकिन भाजपा सांसदों ने मुझे रोकने की कोशिश की। उन्होंने मुझे धमकाया और रास्ता रोका। मुख्य मुद्दा यह है कि वे संविधान पर हमला कर रहे हैं।"

कांग्रेस का पलटवार
कांग्रेस ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए भाजपा सांसदों पर संसद में प्रवेश रोकने का आरोप लगाया। कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, "यह घटना भाजपा सांसदों की साजिश है। मेरे घुटने में भी चोट आई है, और मैंने इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखा है।"

क्या होगी आगे की कार्रवाई?
संसद परिसर में हुई इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में उथल-पुथल मचा दी है। भाजपा और कांग्रेस, दोनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस जांच शुरू हो चुकी है।

यह घटना संसद की गरिमा और लोकतांत्रिक मर्यादा पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

 

 

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मुंबई नौका दुर्घटना में मृतकों के परिजनों को राहत कोष से 2-2 लाख रुपए

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महाराष्ट्र के मुंबई में हुई नाव दुर्घटना में लोगों की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए तथा घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की।

 

प्रधानमंत्री कार्यालय के हैंडल से एक्स पर पोस्ट किया गया:

 

 

"मुंबई में नाव दुर्घटना दु:खद है। शोक-संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं। मैं प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हो जाएं। प्रभावित लोगों को अधिकारियों द्वारा सहायता प्रदान की जा रही है: 

 

"प्रधानमंत्री ने मुंबई में नाव दुर्घटना में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2-2 लाख रुपए की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। घायलों को 50,000 रुपए दिए जाएंगे।"

 

 

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लोकसभा में स्वीकार हुआ एक देश एक चुनाव विधेयक

 लोकसभा और विधानसभा चुनाव एकसाथ कराने संबंधी संविधान संशोधन विधेयक मंगलवार को लोकसभा में स्वीकार कर लिया गया। संविधान (129वां संशोधन) विधेयक, 2024 जिसे एक राष्ट्र-एक चुनाव विधेयक के रूप में जाना जाता है, इसे केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने पेश किया। इसके साथ ही राज्यसभा में 'संविधान पर चर्चा' हुई।


लोकसभा में एक देश एक चुनाव विधेयक स्वीकार कर लिया गया है। इसके लिए मतदान हुआ, जिसमें 269 वोट विधेयक के पक्ष में पड़े और 198 सांसदों ने विधेयक का विरोध किया। विधेयक को विस्तृत चर्चा के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के पास भेजा गया है। मतदान के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर तीन बजे तक स्थगित कर दी गई। 

 

 

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ठिठुर रही दिल्ली, सुबह-शाम धुंध

 राजधानी में पहाड़ों से आने वाली हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। लोगों को सुबह-शाम के साथ दिन में भी ठंड महसूस होने लगी है। यही नहीं, गिरते तापमान को देखते हुए लोगों ने रात के समय ठंड से बचने के लिए अलाव व रूम हीटर का सहारा लेना शुरू कर दिया है। रविवार को अच्छी ठंड रही। हालांकि, शीत लहर से लोगों को राहत मिली। ऐसे में न्यूनतम तापमान सामान्य से चार डिग्री कम के साथ 4.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान चार डिग्री के करीब रिकॉर्ड हुआ। अगले पांच दिन तक ठंड कंपकंपाएगी।

 

रविवार को सुबह-शाम धुंध रही। हालांकि, धूप खिलने के बाद मौसम में बदलाव आया। ऐसे में लोगों ने धूप का आनंद लिया। वहीं, पार्क में बच्चों से लेकर युवा खेलते दिखे। शाम होते-होते लोगों को अच्छी-खासी ठंड का अहसास हुआ। वहीं, अधिकतम तापमान भी सामान्य रहा, जोकि 23.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार को अधिकतम तापमान 23 डिग्री और न्यूनतम तापमान 5 डिग्री रहने का अनुमान है। कमोबेश यही स्थिति कई दिन तक रहेगी। ऐसे में ठंड लोगों को कंपकपाएगी।

 

 

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संसद में पेश होगा 'एक देश,एक चुनाव' बिल, BJP ने जारी किया व्हिप

 भाजपा ने अपने सांसदों को व्हिप जारी किया है। मंगलवार को लोकसभा में रहने का व्हिप जारी किया गया है। लोकसभा में 'एक देश,एक चुनाव' बिल पेश होगा। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मेघवाल बिल पेश करेंगे।


बीजेपी के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल कल लगभग 12 बजे लोकसभा में बिल पेश करेंगे। बताया जा रहा है कि इसके बाद बिल को जेपीसी में भेज दिया जाएगा। हालांकि पीएम मोदी कल जयपुर दौरे पर हैं। ऐसे में गजेन्द्र सिंह शेखावत वहां मौजूद रहने के लिए कहा गया है। ऐसे में उन्हें व्हिप से छूट रहेगी।

 

 

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तीन महीनों में तुअर और उड़द की खुदरा कीमत में गिरावट

पिछले तीन महीनों में मंडी कीमतों में गिरावट के साथ तुअर और उड़द की खुदरा कीमतों में गिरावट आई है या वे स्थिर बनी हुई हैं। उपभोक्ता मामले विभाग दालों की मंडी और खुदरा कीमतों के रुझानों पर विचार-विमर्श करने के लिए भारतीय खुदरा विक्रेता संघ (आरएआई) और संगठित खुदरा श्रृंखलाओं के साथ नियमित बैठकें कर के यह सुनिश्चित करता है कि खुदरा विक्रेता खुदरा मार्जिन को उचित स्तर पर बनाए रखें।

खुदरा बाजार में सीधे हस्तक्षेप करने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से दालों के एक हिस्से को भारत दाल ब्रांड के तहत उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर खुदरा बिक्री के लिए उपलब्ध करवाया है। इसी तरह, भारत ब्रांड के तहत खुदरा उपभोक्ताओं को रियायती कीमतों पर आटा और चावल वितरित किया जाता है। थोक बाजारों में उच्च मूल्य वाले उपभोक्ता केंद्रों और खुदरा दुकानों के माध्यम से कीमतों को कम करने के लिए बफर स्टॉक से प्याज को एक संतुलित और लक्षित तरीके बाजार में उतारा जाता है। प्रमुख उपभोग केंद्रों में स्थिर खुदरा दुकानों और मोबाइल वैन के माध्यम से खुदरा उपभोक्ताओं के बीच प्याज 35 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से वितरित किया जाता है। इन उपायों से दालों, चावल, आटा और प्याज जैसी आवश्यक खाद्य वस्तुएं उपभोक्ताओं को सस्ती कीमतों पर उपलब्ध कराने और कीमतों को स्थिर करने में मदद मिली है।घरेलू उपलब्धता बढ़ाने के लिए दालों का सुचारू और निर्बाध आयात सुनिश्चित करने हेतु, तुअर और उड़द के आयात को 31.03.2025 तक 'मुक्त श्रेणी' में रखा गया है और मसूर के आयात पर 31.03.2025 तक कोई शुल्क नहीं लगाया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने घरेलू बाजार में दालों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 31.03.2025 तक देसी चना के शुल्क मुक्त आयात की भी अनुमति दी है। तुअर, उड़द और मसूर की स्थिर आयात नीति व्यवस्था देश में तुअर और उड़द की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने में प्रभावी रही है, क्योंकि आयात का प्रवाह निरंतर बना हुआ है, जिससे दालों की उपलब्धता बनी हुई है और कीमतों में असामान्य वृद्धि पर अंकुश लगा है।

 

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने किसानों के जागरूकता अभियान, आउटरीच कार्यक्रम, बीज वितरण आदि के लिए एनसीसीएफ और नैफेड को सहायता प्रदान की। सरकार ने नैफेड और एनसीसीएफ के माध्यम से मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) और पीएम-आशा योजना के मूल्य स्थिरीकरण कोष (पीएसएफ) घटकों के तहत तुअर और उड़द की सुनिश्चित खरीद के लिए किसानों का पूर्व-पंजीकरण लागू किया है। 22.11.2024 तक एनसीसीएफ और नैफेड द्वारा कुल 10.66 लाख किसानों को पंजीकृत किया गया है।

खरीफ फसलों की स्थिति अच्छी है और मूंग, उड़द जैसी कम अवधि वाले फसलों की कटाई पूरी हो चुकी है, जबकि तुअर की फसल की कटाई अभी शुरू ही हुई है। फसल के लिए मौसम भी अनुकूल रहा है, जिससे उपभोक्ताओं तक आपूर्ति श्रृंखला में अच्छा प्रवाह बना हुआ है, और दालों की कीमतों में नरमी आने की उम्मीद है।

 

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री बी.एल. वर्मा ने आज लोक सभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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बुनियादी बातों की ओर लौटें, भविष्य की ओर बढ़ें : मोदी

 प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को रियो डी जनेरियो में जी20 शिखर सम्मेलन में शामिल हुए दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत की सफलता का मुख्य कारण उनकी सरकार का 'बुनियादी बातों की ओर वापस लौटना' तथा 'भविष्य की ओर बढ़ना' का दृष्टिकोण है।

दो दिवसीय 19वें जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान बेसाइड म्यूजियम ऑफ मॉडर्न आर्ट में 'सामाजिक समावेशन और भूख तथा गरीबी के खिलाफ लड़ाई' विषय पर जी-20 सत्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि पिछले साल नई दिल्ली में जी-20 शिखर सम्मेलन में लिए गए "जन-केंद्रित निर्णयों" को ब्राजील की अध्यक्षता के दौरान आगे बढ़ाया गया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सत्र को संबोधित करते हुए कहा, यह बहुत संतोष की बात है कि हमने सतत विकास लक्ष्यों को प्राथमिकता दी। हमने समावेशी विकास, महिला नेतृत्व वाले विकास और युवा शक्ति पर ध्यान केंद्रित किया और वैश्विक दक्षिण की आशाओं और आकांक्षाओं को पंख दिए। यह साफ है कि एक पृथ्वी एक परिवार एक भविष्य, इस शिखर सम्मेलन में भी उतना ही प्रासंगिक है जितना कि पिछले साल था।

पीएम मोदी ने भारत के अनुभवों और सफलता को शेयर करते हुए कहा कि भारत ने पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला है। 80 करोड़ से ज्यादा लोगों को फ्री में अनाज दिया जा रहा है। दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना से 55 करोड़ लोग लाभान्वित हो रहे हैं। अब 70 साल से ज़्यादा उम्र के 6 करोड़ वरिष्ठ नागरिक भी मुफ़्त स्वास्थ्य बीमा का लाभ उठा सकेंगे।

महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास और सामाजिक समावेशन पर अपना ध्यान केंद्रित रखते हुए, 30 करोड़ से ज्यादा महिला सूक्ष्म उद्यमियों को बैंकों से जोड़ा गया है और उन्हें ऋण तक पहुंच प्रदान की गई है।

विश्व की सबसे बड़ी फसल बीमा योजना के अंतर्गत 4 करोड़ से अधिक किसानों को 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर का का लाभ मिला है। किसान योजना के तहत 11 करोड़ किसानों को 40 बिलियन डॉलर से अधिक की सहायता दी गई है। किसानों को 300 बिलियन अमेरिकी डॉलर का संस्थागत (इंस्टीट्यूशनल) ऋण दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि भारत न केवल खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है बल्कि पोषण पर भी ध्यान केंद्रित कर रहा है। पीएम मोदी ने कहा, सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 अभियान एक एकीकृत पोषण सहायता कार्यक्रम है, जो विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं, नवजात शिशुओं, छह वर्ष तक के बच्चों और किशोरियों के पोषण पर ध्यान केंद्रित करता है। मिड डे मील योजना के माध्यम से स्कूल जाने वाले बच्चों की पोषण संबंधी जरूरतों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

 

पीएम नरेंद्र मोदी ने विश्व नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत वैश्विक खाद्य सुरक्षा में भी योगदान दे रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा, हमने हाल ही में मलावी, जाम्बिया और जिम्बाब्वे को मानवीय सहायता प्रदान की है। हमारी सफलता का मुख्य कारण हमारा दृष्टिकोण; 'बुनियादी बातों की ओर वापस लौटना' और 'भविष्य की ओर बढ़ना' है। हमने श्री अन्न या बाजरा को बढ़ावा देकर टिकाऊ कृषि, पर्यावरण संरक्षण, पोषण और खाद्य सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित किया है

भारत ने 2000 से अधिक जलवायु अनुकूल फसल किस्में विकसित की हैं और 'डिजिटल कृषि मिशन' भी शुरू किया है, वहीं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के माध्यम से सामाजिक और वित्तीय समावेशन को भी बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहा, आकांक्षी जिलों और ब्लॉकों की परियोजना के साथ हमने समावेशी विकास के लिए एक नया मॉडल तैयार किया है जो सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत करता है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि हम भूख और गरीबी के खिलाफ वैश्विक गठबंधन के लिए ब्राजील की पहल का समर्थन करते हैं। यह नई दिल्ली शिखर सम्मेलन में अपनाए गए खाद्य सुरक्षा के लिए डेक्कन उच्च स्तरीय सिद्धांतों के लागू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

वैश्विक मंच पर एक बार फिर विकासशील देशों का पक्ष रखते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक संघर्षों के की वजह से खाद्य, ईंधन और उर्वरक संकट से वैश्विक दक्षिण के देश सबसे अधिक प्रतिकूल रूप से प्रभावित हैं।

 

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केंद्रीय मंत्री ने 200 गीगावाट अक्षय ऊर्जा की उपलब्धि के सम्मान में सुदर्शन पटनायक की रेत कला को साझा किया

 केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रहलाद जोशी ने ओडिशा के पुरी समुद्र तट पर सुप्रसिद्ध रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक की कलाकृति साझा की।

केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा "नवीकरणीय ऊर्जा में 200 गीगावाट क्षमता को पार करने की भारत की उल्लेखनीय उपलब्धि का सम्मान!

भारत ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'पंचामृत' लक्ष्य के अनुरूप अक्टूबर में अक्षय ऊर्जा में 200 गीगावाट की उपलब्धि हासिल कर ली है। यह उल्लेखनीय वृद्धि 2030 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से 500 गीगावाट हासिल करने के देश के महत्वाकांक्षी अक्षय ऊर्जा लक्ष्य के अनुरूप है।

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पार्किंग के दौरान अनियंत्रित हो गई कार, पांच बच्चे घायल

 उत्तर प्रदेश के झांसी में बाल दिवस के मौके पर प्ले ग्राउंड में खेल रह बच्चों पर कार चढ़ गई. आरोप है कि पार्किंग के दौरान टीचर की कार अनियंत्रित हो गई और बच्चे उसकी चपेट में आ गए। इसकी चपेट में आने से पांच बच्चे घायल हो गए। घायल बच्चों को इलाज के लिए मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। घायलों में तीन बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, यह घटना मऊरानीपुर थानान्तर्गत जगनपुरा प्राथमिक विद्यालय की है। ग्रामीणों का कहना है कि यहां बाल दिवस पर स्कूल में पढ़ने वाले बच्चे प्ले ग्राउंड में खेल रहे थे। उसी दौरान स्कूल के टीचर अपनी कार को पार्किंग करने के लिए बैक करने लगे, तभी कार अनियंत्रित होकर बच्चों पर चढ़ गई।

इससे वहां चीख-पुकार मच गई. हादसे में पांच बच्चे घायल हो गए। आनन-फानन में बच्चों को इलाज के लिए मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेज दिया गया। हालत गंभीर होने पर तीन बच्चों को इलाज के लिए झांसी के महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया गया है। हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। खबर मिलते ही आनन-फानन में परिजन मौके पर पहुंच गए और बच्चों को लेकर मऊरानीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में भर्ती कराया। 

 

 

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प्रसव के बाद महिला को घर छोड़ने जा रही एंबुलेंस में ब्लास्ट

 महाराष्ट्र के जलगांव में खौफनाक घटना सामने आई है। यहां प्रसव के बाद महिला और उसके परिजनों को घर छोड़ने जा रही एंबुलेंस में जोरदार ब्लास्ट हो गया। इस दौरान ड्राइवर की सूझबूझ और फुर्ती से एंबुलेंस में सवार सभी लोग बाल-बाल बच गए. धमाके के बाद एंबुलेंस में आग लग गई और कुछ ही समय में आग के शोले उठने लगे। सूचना के बाद पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया। जानकारी के अनुसार, ये हादसा जलगांव शहर के हाइवे रोड पर बीती रात हुआ, एंबुलेंस में रखे ऑक्सीजन सिलेंडर में अचानक ब्लास्ट हो गया था, जिसकी वजह से एंबुलेंस में आग फैल गई। धमाका इतना तेज हुआ कि दूर-दूर तक आग की लपटें नजर आने लगीं। सड़क पर आने-जाने वालों में हड़कंप मच गया। दूर-दूर तक आग के शोले नजर आए। लोगों में दहशत फैल गई। स्थानीय लोगों को पता चला तो घटनास्थल के पास पहुंचे और मदद की कोशिश की। एंबुलेंस के ड्राइवर ने मरीज और उसके परिजनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

इस हादसे के पीछे मुख्य वजह ऑक्सीजन सिलेंडर में विस्फोट माना जा रहा है। अभी यह साफ नहीं है कि सिलेंडर में विस्फोट क्यों हुआ, लेकिन प्राथमिक जांच में सिलेंडर में तकनीकी खराबी का अनुमान लगाया जा रहा है. धमाके के तुरंत बाद पुलिस और दमकल विभाग को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया. एंबुलेंस में ब्लास्ट के कारणों की जांच की जा रही है, इसके लिए विशेषज्ञों की टीम को बुलाया गया है। यह टीम सिलेंडर की क्वालिटी और सुरक्षा मानकों की जांच करेगी । घटना के बाद लोग कहते नजर आए कि यदि ड्राइवर ने सतर्कता न बरती होती और समय पर फुर्ती न दिखाता तो यह हादसा गंभीर रूप ले सकता था। प्रशासन को एंबुलेंस में सुरक्षा मानकों की समीक्षा करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

 

 

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रियो डि जनेरियो में 19वें जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे मोदी

 प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 16 से 21 नवंबर तक नाइजीरिया, ब्राजील और गुयाना की यात्रा पर जाएंगे जहां वह 18 एवं 19 नवंबर को रियो डि जनेरियो में 19वें जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे।

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा “प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार 16 नवंबर को तीन देशों ब्राजील, नाइजीरिया और गुयाना की यात्रा पर निकलेंगे। ब्राजील की यात्रा यह 18-19 नवंबर को होने वाले 19वें जी20 शिखर सम्मेलन के लिए है।”

श्री मिस्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ब्राजील के संघीय गणराज्य के राष्ट्रपति लुइस इनासियो लूला दा सिल्वा द्वारा आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए 18-19 नवंबर को रियो डी जनेरियो की यात्रा करेंगे। भारत, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका के साथ जी20 ट्रोइका का हिस्सा है और चल रहे जी20 शिखर सम्मेलन की चर्चाओं में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।

विदेश सचिव के मुताबिक शिखर सम्मेलन के दौरान, प्रधानमंत्री वैश्विक महत्व के विभिन्न मुद्दों पर भारत के रुख को सामने रखेंगे जो जी20 नई दिल्ली नेताओं की घोषणा और वॉयस ऑफ द ग्लोबल साउथ शिखर सम्मेलन के परिणामों पर आधारित होगा। जिनकी मेजबानी पिछले दो वर्षों में भारत ने की थी। जी20 शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री के कई नेताओं से मुलाकात करने की उम्मीद है।

श्री मोदी की नाइजीरिया यात्रा पर विदेश मंत्रालय में सचिव (आर्थिक संबंध) दम्मू रवि ने कहा, 'प्रधानमंत्री 16-17 नवंबर तक नाइजीरिया की राजकीय यात्रा करेंगे। यह यात्रा नाइजीरिया के राष्ट्रपति बोला अहमद टीनुबू के निमंत्रण पर हो रही है। यह प्रधानमंत्री की पश्चिम अफ़्रीकी क्षेत्र की पहली यात्रा होगी।

उन्होंने कहा कि यह 17 वर्षों में भारत के किसी प्रधानमंत्री की नाइजीरिया की पहली यात्रा होगी। यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री भारत और नाइजीरिया के बीच रणनीतिक साझीदारी की समीक्षा करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को बढ़ाने के अन्य तरीकों पर चर्चा करेंगे।

उन्होंने कहा कि श्री मोदी नाइजीरिया में भारतीय समुदाय की एक सभा को भी संबोधित करेंगे। भारत और नाइजीरिया बढ़ते आर्थिक, ऊर्जा और रक्षा सहयोग के साथ 2007 से रणनीतिक भागीदार रहे हैं। 200 से अधिक भारतीय कंपनियों ने नाइजीरिया में महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 27 अरब डॉलर से अधिक का निवेश किया है। भारत और नाइजीरिया एक मजबूत विकास सहयोग साझीदारी भी साझा करते हैं।

यात्रा के अंतिम चरण में गुयाना यात्रा के बारे में विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) जयदीप मजूमदार कहते हैं, प्रधानमंत्री गुयाना के राष्ट्रपति मोहम्मद इरफान अली के निमंत्रण पर 19 से 21 नवंबर तक गुयाना की यात्रा पर जाएंगे। यह आधी से अधिक सदी के बाद किसी भारतीय प्रधानमंत्री की गुयाना की यात्रा है।

उन्होंने कहा कि इससे पूर्व 1968 में भारतीय प्रधानमंत्री श्रीमती इंदिरा गांधी गुयाना की यात्रा पर गयी थीं। वर्ष 2023 में, राष्ट्रपति इरफान अली ने भारत का दौरा किया था। वह मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित 17वें प्रवासी भारतीय दिवस में मुख्य अतिथि थे। तब उन्हें प्रवासी भारतीय सम्मान से भी सम्मानित किया गया था।

यात्रा के दौरान, प्रधानमंत्री राष्ट्रपति अली के साथ चर्चा करेंगे, गुयाना के अन्य वरिष्ठ नेताओं से मिलेंगे, गुयाना की संसद को संबोधित करेंगे और भारतीय प्रवासियों की एक सभा को संबोधित करेंगे। जॉर्जटाउन में, प्रधानमंत्री दूसरे कैरीकाॅम-भारत शिखर सम्मेलन में भी भाग लेंगे और क्षेत्र के साथ भारत की दीर्घकालिक मित्रता को और बढ़ाने के लिए कैरीकाॅम सदस्य देशों के नेताओं के साथ बैठकें करेंगे।

 

 

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केन्द्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी 08 नवम्बर को रायपुर में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल होंगे

भारत सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी 08 नवम्बर को शाम 05 बजे राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल होंगे। 


केन्द्रीय मंत्री श्री गडकरी अपरान्ह 3.45 बजे गोंदिया से विमान द्वारा रवाना होकर शाम 4.15 बजे स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर पहुंचेंगे और शाम 5 बजे साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित इंडियन रोड कांग्रेस के 83वें वार्षिक अधिवेशन में शामिल होंगे। श्री गडकरी स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर से रात्रि 7.15 बजे नागपुर के लिए रवाना होंगे।
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भारतीय रेलवे में 24 घंटे के भीतर ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की जनसंख्या से अधिक यात्रियों ने यात्रा किया

 भारतीय रेल द्वारा इस वर्ष दीवाली एवं छट पुजा के अवसर पर यात्रियों की सुविधा के लिए काफी संख्या में स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है, जिसके द्वारा:- 


सोमवार यानी 4 नवंबर 2024 को रेलवे ने एक दिन में सर्वाधिक यात्रियों को हैंडल किया ।

रेलवे में तीन करोड़ यात्री सवार हुए, जो ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की संयुक्त जनसंख्या से अधिक है ।

      o 4 नवंबर 2024 को 120.72 लाख (19.43 लाख आरक्षित और 101.29 लाख बिना आरक्षित) यात्री सफर किये ।
      o 180 लाख उपनगरीय यात्री रेलवे द्वारा ट्रैक किए गए ।
      o यह वर्तमान वर्ष के लिए एक दिन का सबसे बड़ा यात्री आंकड़ा है ।

पूजा/दीवाली/छठ की अतिरिक्त भीड़ को सुविधा प्रदान करने के लिए, 1 अक्टूबर 2024 से 30 नवंबर 2024 के बीच कुल 7,666 विशेष ट्रेन सेवाओं की घोषणा की गई है । पिछले वर्ष इसी अवधि में 4,429 ट्रिप चलाई गई थीं । यह पिछले वर्ष से 73% अधिक है ।

1 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच अब तक 4,521 विशेष ट्रेनें चलाई गई हैं । इस अवधि के दौरान विशेष ट्रेनों में 65 लाख यात्रियों को सेवाएं उपलब्ध कराई गई है ।

चलाई गई विशेष ट्रेनों की संख्या: 
      o 3 नवंबर को: 207 ट्रेनें 
      o 4 नवंबर को: 203 ट्रेनें 
      o 5 नवंबर को: 171 ट्रेनें 
      o आज 6 नवंबर को 164 विशेष ट्रेनें चलाने की योजना है । 
      o कल 7 नवंबर को 164 ट्रेनें चलाने की योजना है ।

छठ वापसी की भीड़ सुबह सूर्य अर्घ्य के बाद 8 नवंबर से शुरू होगी । इसलिए 8 नवंबर की ट्रेनों को नोटिफाइड किया जा चुका है । इसके अलावा, स्थानीय मांग और भीड़ के आधार पर समस्तीपुर मंडल और दानापुर मंडल में अनिर्धारित ट्रेनें भी योजना में हैं ।

तारीख और ट्रेनों की संख्या:

भारतीय रेलवे द्वारा दिनांक 8 नवंबर को – 164 ट्रेनें, 9 नवंबर को – 160 ट्रेनें, 10 नवंबर को – 161 ट्रेनें तथा 11 नवंबर को – 155 ट्रेनों का परिचालन किया जाएगा । 

इसी कड़ी में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे से संबंधित ट्रेनों का विवरण इस प्रकार है :-
  
     1. गाड़ी संख्या 08795/08796 दुर्ग-अमृतसर-दुर्ग, फेस्टिवल स्पेशल, दुर्ग से 07 एवं 10 नवंबर 2024 को तथा अमृतसर से 09 एवं 12 नवंबर 2024 को दो फेरे के लिए चलेगी । 

     2. गाड़ी संख्या 08295/08296 बिलासपुर-हडपसर-बिलासपुर त्योहार स्पेशल बिलासपुर से हडपसर के लिए 08 नवंबर 2024 को एवं हडपसर से बिलासपुर के लिए दिनांक 09 नवंबर 2024 को एक फेरे के लिए चलेगी । 

     3. गाड़ी संख्या 07023/ 07024 सनतनगर-रायपुर-सनतनगर स्पेशल सनतनगर से रायपुर के लिए दिनांक 07 एवं 14 नवंबर, 2024 को तथा रायपुर से सनतनगर के लिए दिनांक 08 एवं 15 नवंबर 2024  को दो फेरे के लिए चलेगी ।
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राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को करेंगी कांकेर की मासुलपानी पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित

 जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य के लिए कांकेर जिले की मासूलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय जल पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 अक्टूबर को 11 बजे प्लेनरी हॉल, विज्ञान भवन, नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कार के अंतर्गत कांकेर के नरहरपुर विकासखण्ड की ग्राम पंचायत मासुलपानी को श्रेष्ठ पंचायत श्रेणी में द्वितीय स्थान के लिए सम्मानित करेंगी।                                                                                                                                                                                                                                                                                                                  

गौरतलब है कि केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी.आर पाटिल ने 14 अक्टूबर को श्रम शक्ति भवन नई दिल्ली में 5वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के विजेताओं की घोषणा की, जिसमें कांकेर जिले की मासुलपानी पंचायत सहित 38 विजेताओं के नाम शामिल है। यह पुरस्कार 9 श्रेणियों में दिए जाएंगे। 
 
कांकेर जिले की ग्राम पंचायत मासुलपानी जिला मुख्यालय से 5 किमी की दूरी पर स्थित है। मासुलपानी में 5 राजस्व गांव शामिल हैं और ग्राम पंचायत का कुल क्षेत्रफल 1429 हेक्टेयर है। मासुलपानी पंचायत में 90 प्रतिशत आबादी अनुसूचित जनजाति की है। जल संरक्षण के क्षेत्र में मासुलपानी पंचायत ने उल्लेखनीय कार्य किया है। इस ग्राम पंचायत में 161 जल शेड संरचनाएं बनाई गई हैं, जिनमें 99 फार्म तालाब शामिल हैं। इसके अलावा, वर्ष 2023 के दौरान पंचायत द्वारा 39 नंबर ब्रशवुड, एक सामुदायिक तालाब डी-सिल्टिंग, 02 कुएं, 02 भूमिगत बांध, 03 गेबियन और अन्य संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इसके चलते लोगों ने सिंचाई के लिए सतही जल का उपयोग करना शुरू कर दिया है। जल संरक्षण और इसके समुचित उपयोग की दिशा में इस नवाचार के लिए जिले की मासुलपानी ग्राम पंचायत को राष्ट्रीय स्तर पर श्रेष्ठ पंचायतों की श्रेणी में दूसरा स्थान मिला है।
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ओलंपियन मनु भाकर ने परिवार सहित छत्तीसगढ़ के बारनवापारा अभ्यारण्य का किया भ्रमण

पेरिस ओलंपिक में शूटिंग में 02 मेडल जीत कर इतिहास रचने वाली निशानेबाज एवं ओलंपिक विजेता मनु भाकर 27 वीं अखिल भारतीय वन खेल कूद प्रतियोगिता 2024 के समापन समारोह में शामिल होने राजधानी रायपुर पहुंची हैं। सुश्री मनु भाकर ने आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के प्रसिद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य में सपरिवार भ्रमण किया।

उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान आज बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के प्रसिद्ध बारनवापारा अभ्यारण्य में मनु भाकर ने अपने परिवार के साथ भ्रमण किया। उन्होंने बारनवापारा अभ्यारण्य के घने जंगलों एवं वन्यप्राणियों को स्वच्छंद विचरण करते देखकर प्रसन्नता जाहिर की और वन विभाग द्वारा वन्य जीवों और उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि दिल्ली से आते हुए, यह अब तक का सबसे अच्छा अनुभव रहा है, प्रकृति हमारे लिए कितनी महत्वपूर्ण है। वनों के संरक्षण के महत्व को जाना है। इस अभ्यारण्य में स्वच्छ और संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र को बहुत अच्छी तरह से बनाए रखा गया है। यह मेरे लिए अविस्मरणीय है, मैं यहां दोबारा आना चाहूंगी।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से श्री राजू अगसिमनी, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त श्री मयंक अग्रवाल, वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार, बारनवापारा अभ्यारण्य अधीक्षक श्री आनंद कुदरया सहित बारनवापारा अभ्यारण्य के समस्त स्टाफ उपस्थित थे।
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बेजुबान जानवरों के लिए मसीहा थे रतन टाटा : श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र

 टाटा ग्रुप के पूर्व चेयरमैन और देश के दिग्गज उद्योगपति रतन टाटा केवल अपने व्यवसायिक योगदान के लिए ही नहीं, बल्कि अपने अपार प्रेम और दया के लिए भी जाने जाते थे। खासकर उनके जीवन में डॉग्स के प्रति उनकी स्नेह भावना ने उन्हें एक अलग पहचान दी। रतन टाटा ने न केवल अपने सोशल मीडिया पोस्ट्स के जरिए आवारा डॉग्स के प्रति सेंसिटिविटी की अपील की, बल्कि उन्होंने उनकी सेहत और देखभाल के लिए ठोस कदम भी उठाए।


श्रमण डॉ पुष्पेन्द्र ने बताया कि रतन टाटा की यह दया उनके अंतिम दिनों तक जारी रही, उनका आखिरी प्रोजेक्ट जो डॉग्स और अन्य छोटे जानवरों के प्रति उनके प्यार का प्रतीक था, मुंबई में खुला स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल (Small Animal Hospital, Mumbai) है। यह अस्पताल 1 जुलाई 2024 को खुला और अपने 98,000 वर्ग फुट के बड़े एरिया में वर्ल्ड क्लास सुविधाओं के साथ पेट्स का इलाज कर रहा है। अस्पताल में 24X7 इमरजेंसी सेवाएं, क्रिटिकली बीमार और घायल जानवरों के लिए जीवनरक्षक उपकरण और एडवांस डायग्नोस्टिक सुविधाएं जैसे सीटी स्कैन, एमआरआई, एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड उपलब्ध हैं।

165 करोड़ का प्रोजेक्ट
इस 165 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट को रतन टाटा ने विशेष रूप से आवारा डॉग्स और अन्य छोटे जानवरों के लिए समर्पित किया था। अस्पताल में डर्मेटोलॉजी, डेंटल, ऑप्थैल्मोलॉजी और अन्य विशेष उपचार सेवाओं के अलावा, इन-हाउस पैथोलॉजी लैब और अलग-अलग इंतजार करने के क्षेत्र डॉग्स और बिल्लियों के लिए हैं, जिससे पशु मालिकों और उनके पालतुओं को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

डॉग लवर थे रतन टाटा
रतन टाटा ने कई बार अपने सोशल मीडिया पर डॉग्स के प्रति अपने स्नेह की झलक दी. उन्होंने एक बार मुंबई के सायन अस्पताल में मिले एक खोए हुए डॉग्स के लिए भी मदद की अपील की थी. वहीं, उन्होंने मॉनसून में आवारा डॉग्स की सुरक्षा के लिए भी जनता से अनुरोध किया था कि वे अपनी कार के नीचे छुपे डॉग्स का ध्यान रखें ताकि कोई दुर्घटना न हो. रतन टाटा का यह अस्पताल उनके द्वारा बेगुबानों के लिए किए गए उनके योगदान का सबसे बड़ा प्रतीक है और उनका प्यार और देखभाल हमेशा इस स्मॉल एनिमल हॉस्पिटल के रूप में जीवित रहेगी।

 

 

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मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू पहुंचे भारत, पीएम मोदी से करेंगे मुलाकात

 मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू रविवार को भारत पहुंचे। उनका विमान दिल्ली हवाई अड्डे पर उतरा। राष्ट्रपति मुइज्जू के साथ उनकी पत्नी और प्रथम महिला साजिदा मोहम्मद भी भारत दौरे पर आईं हैं। मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू 6-10 अक्तूबर तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे।

इस दौरान वह राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।  यह उनकी भारत की पहली द्विपक्षीय यात्रा होगी। इससे पहले जून 2024 में भी मुइज्जू प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मंत्रिपरिषद के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए भारत आए थे। मुइज्जू बंगलूरु और मुंबई भी जाएंगे। इन शहरों में उनके व्यापारिक कार्यक्रम होंगे।

पहली भारत यात्रा को मालदीव के लिए सफलता बताया था
पीएम मोदी के शपथग्रहण समारोह में भारत के पड़ोसी और हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के प्रमुख शामिल हुए थे। मुइज्जू ने तब कहा था कि उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का निमंत्रण पाकर और उनके शपथग्रहण में शामिल होकर खुशी हुई। मुइज्जू ने वापस लौटने के बाद अपनी पहली भारत यात्रा को मालदीव के लिए सफलता बताया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच मजबूत संबंधों से मालदीव के लोगों के लिए समृद्धि बढ़ेगी।

मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद बढ़ी तल्खी
मुइज्जू के राष्ट्रपति बनने के बाद से मालदीव के साथ भारत के रिश्ते में तनाव आ गया। अपनी शपथ के कुछ ही घंटों के भीतर उन्होंने भारत द्वारा मालदीव को उपहार में दिए गए तीन विमानन प्लेटफॉर्म पर तैनात भारतीय सैन्यकर्मियों से वापस जाने को कहा था। दोनों पक्षों के बीच बातचीत के बाद भारतीय सैन्यकर्मियों की जगह असैन्य कर्मियों ने ले ली थी। इसके बाद मालदीव के तीन मंत्रियों की ओर से सोशल मीडिया पर भारत तथा प्रधानमंत्री मोदी को लेकर विवादित टिप्पणी किए जाने के बाद तल्खी और बढ़ गई थी। मालदीव के विदेश मंत्रालय ने उनकी टिप्पणियों से दूरी बनाते हुए कहा था कि वे मालदीव सरकार के विचारों का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

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