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मैं जनता का सेवक हूं, मेरी कोई औकात नहीं : नरेंद्र मोदी

 सुरेंद्रनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के सुरेंद्रनगर में जनसभा की। इस दौरान उन्होंने जमकर कांग्रेस और खासकर के राहुल गांधी पर निशाना लगाया। मोदी ने जहां एक तरफ भाजपा सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा, तो वहीं दूसरी तरफ उन्होंने विरोधी दलों को आड़े हाथ भी लिया।

पीएम मोदी ने भारत जोड़ो यात्रा निकाल रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर प्रहार किया। मोदी ने तंज कसते हुए कहा कि जिन लोगों को सत्ता से बाहर कर दिया गया है, वे सत्ता में वापस आने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। मोदी ने कहा कि कुछ लोग राज्य में बना नमक खाकर भी गुजरात को गाली देते हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात देश के 80 फीसदी नमक का उत्पादन करता है।

 
 
 

मोदी ने बिना नाम लिए मेधा पाटकर के भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होने पर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया। मोदी ने कहा कि बहुत पहले सत्ता से बेदखल किए गए लोग सत्ता वापस पाने के लिए यात्रा निकाल रहे हैं। वे ऐसा कर सकते हैं, लेकिन वे उनके साथ चल रहे हैं जिन्होंने नर्मदा बांध परियोजना को 40 साल तक रोके रखा। उन्होंने कहा, 'गुजरात की जनता ने उन लोगों को सजा देने का फैसला कर लिया है, जिन्होंने नर्मदा बांध परियोजना के काम को 40 साल तक रोककर रखा।'

 


मेरी कोई औकात नहीं- मोदी
मोदी ने कहा कि चुनाव के दौरान विकास की बात करने के बजाय विपक्षी कांग्रेस कह रही है कि वह उन्हें उनकी औकात दिखाएगी। मोदी ने आगे कहा, 'पहले कांग्रेस ने मेरे लिए 'नीच आदमी', 'मौत का सौदागर' और 'नाली का कीड़ा' जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था। अब चुनाव के दौरान विकास की बात करने के बजाय कांग्रेस नेता कह रहे हैं कि वे मोदी को उसकी औकात दिखाएंगे।' मोदी की कोई औकात नहीं है, वो जनता का सेवक है।

मधुसूदन मिस्त्री ने दिया था विवादित बयान
बता दें कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री ने विवादित बयान दिया था। मधुसूदन मिस्त्री ने पार्टी का घोषणापत्र लांच करने के बाद कहा कि वह गुजरात चुनाव में पीएम नरेन्द्र मोदी को उनकी 'औकात' दिखाएंगे। पीएम मोदी कितनी कोशिश कर लें, वे सरदार पटेल नहीं बन सकते।

 

 

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सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरूण गोयल निर्वाचन आयुक्‍त नियुक्‍त

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी अरूण गोयल को निर्वाचन आयुक्‍त नियुक्‍त किया गया है। इस साल मई में राजीव कुमार के मुख्य चुनाव आयुक्त का कार्यभार संभालने के बाद से निर्वाचन आयुक्त का एक पद खाली था। कानून और न्याय मंत्रालय ने कहा कि श्री गोयल की नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तारीख से प्रभावी होगी।

 

 

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दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए एक हजार तीन सौ 49 उम्मीदवार मैदान में

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली नगर निगम चुनाव के लिए कुल एक हजार तीन सौ 49 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। शनिवार को  नाम वापसी का आखिरी दिन था और 67 प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस लिए। दिल्ली नगर निगम के 250 वार्डों में चार दिसंबर को वोट डाले जाएंगे, मतों की गिनती सात दिसंबर 2022 को होगी।

इस बीच, दिल्ली राज्य चुनाव आयोग ने मतगणना के लिए 42 केंद्रों पर तैयारियां पूरी कर ली हैं। चिन्हित केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।

 

 

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कांग्रेस नेता महाबल मिश्रा MCD चुनाव से पहले AAP में शामिल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली नगर निगम चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका लगा है। कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा ने रविवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की रैली के दौरान आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया है। आम आदमी पार्टी में शामिल होने के बाद कांग्रेस के पूर्व सांसद महाबल मिश्रा ने कहा कि बहुत कम समय में आम आदमी पार्टी की सरकार ने जनता के हित में इतनी सारी योजनाएं शुरू की हैं कि उनका सीधा लाभ जनता को मिल रहा है इससे प्रभावित होकर मैंने आम आदमी पार्टी में शामिल होने का फैसला किया है।

महाबल मिश्रा वर्ष 2009 से 2014 तक पश्चिमी दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद रहे हैं। उनके बेटे विनय मिश्रा 2020 में द्वारका विधानसभा से आम आदमी पार्टी के विधायक चुने गए थे। तब महाबल मिश्रा को कांग्रेस ने पार्टी से निष्कासित कर दिया था। 

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कोयला चोरों और सीआईएसएफ के बीच मुठभेड़ में 4 की मौत, 6 घायल...

 धनबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोयला चोरों के हौसले इस कदर बुलंद हो गए हैं कि अब वे सुरक्षाबलों पर भी हमला करने से नहीं कतरा रहे हैं। ताजा मामला झारखंड के धनबाद का है, जहां कोयला चोरों ने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवानों पर हमला कर दिया। इस दौरान हुई गोलीबारी में 4 लोगों की मौत हो गई, वहीं 6 अन्य घायल बताए जा रहे हैं।

एक अधिकारी ने बताया कि राजधानी रांची से 200 किलोमीटर दूर धनबाद के बाघमारा थाना क्षेत्र के भीमकनाली ब्लॉक दो क्षेत्र स्थित बेनीडीह कोयला साइडिंग में शनिवार देर रात 12.30 बजे सीआईएसएफ जवानों और कोयला चोरों के बीच मुठभेड़ छिड़ गई।



धनबाद की पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) रीश्मा रमेशन ने कहा, “सीआईएसएफ को बेनीडीह कोयला साइडिंग पर बड़ी संख्या में कोयला चोरों के एकत्रित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद घटनास्थल पर पहुंचे सीआईएसएफ जवानों ने कोयला चोरों को रोकने की कोशिश की। हालांकि, कोयला चोरों ने जवानों पर गोलीबारी और पत्थरबाजी शुरू कर दी, जिससे वहां मुठभेड़ छिड़ गई।” रमेशन ने बताया कि मुठभेड़ में चार कोयला चोर मारे गए, जबकि छह अन्य घायल हो गए, जिन्हें धनबाद स्थित शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्‍पताल में भर्ती कराया गया है। उन्होंने बताया कि घायलों में से दो की हालत गंभीर है और उन्हें रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) भेज दिया गया है। रमेशन के मुताबिक, चारों मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए हैं और मामले की जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार, मुठभेड़ के बाद इलाके में स्थिति तनावपूर्ण है।

उन्होंने बताया कि गोली लगने से जिन चार युवकों की मौत हुई है, उन सभी की उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच की है। सीआइएसएफ ने एक बयान जारी कर कहा, “कोयला चोरी रोकने के दौरान हुई मुठभेड़ में जवानों से राइफल छीनने की कोशिश की गई, जिसके कारण मुठभेड़ हुई और चार लोगों की मौत हो गई। घटना में हताहत चारों लोग कोयला चोर और असामाजिक तत्व थे।” वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि मुठभेड़ में चार लोगों की मौत की हुई है और पुलिस इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन भी किया जाएगा।

 

 

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रायपुर एयरपोर्ट में बनेगा एक नया रनवे, सीएम ने प्रक्रिया शुरू करने के दिए निर्देश

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय में बड़ी बैठक ली। बैठक में सीएम ने रायपुर एयरपोर्ट में फ्लाइट की संख्या बढ़ाने दूसरे रनवे के लिए भूमि आरक्षित करने के निर्देश दिए। बैठक में सीएम ने कहा, राज्य सरकार नए रनवे के लिए केंद्र सरकार से अनुमति का प्रयास करेगी। रायपुर एयरपोर्ट के पास ऐरोसिटी विकास की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।

 

 

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अपग्रेड होगा सैनिकों का कवच : स्टील कोर बुलेट्स से बचाव के लिए मिलेंगे नए जैकेट...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय सेना के जवानों को निशाना बनाने आतंकी अब आर्मर पियर्सिंग स्टील कोर बुलेट्स इस्तमाल कर रहे हैं। ये गोलियां मौजूदा बुलेटप्रूफ जैकेट्स को आसानी से भेद सकती हैं। इस खतरे को देखते हुए भारतीय सेना ने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों के कवच को अपग्रेड करने का फैसला किया है। अब जो जैकेट सैनिकों को मिलेंगे, उनमे इन गोलियों को रोकने की पूरी क्षमता रहेगी।

भारतीय सेना ने अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों के लिए 62,500 बुलेटप्रूफ जैकेट प्राप्त करने के लिए निविदा जारी की है। ये जैकेट उन्हें स्टील कोर गोलियों से बचा सकेंगे। रक्षा मंत्रालय ने मेक इन इंडिया के तहत इन जैकेटों के लिए दो अलग-अलग निविदाएं जारी की हैं। जिनमें एक सामान्य मार्ग के तहत 47,627 जैकेटों के लिए और दूसरी आपातकालीन खरीद प्रक्रियाओं के तहत 15,000 जैकेटों के लिए है। जिसे अगले तीन से चार महीनों में अंतिम रूप दिया जाएगा।

 
 
 
 
 
 
 

भारतीय सेना अधिकारियों ने एएनआई को बताया कि 47,627 जैकेटों की दो खरीद चरणों में की जाएगी और इसके अगले 18-24 महीनों में पूरा होने की उम्मीद है। सेना द्वारा सूचीबद्ध विशिष्टताओं में कहा गया है कि बीपीजे एक सैनिक को 10 मीटर की दूरी से दागी गई 7.62 मिमी आर्मर-पियर्सिंग स्टील कोर गोलियों से बचाने में सक्षम होना चाहिए।

 
 
 
 
 

कश्मीर घाटी में कुछ घटनाओं में आतंकवादियों ने भारतीय सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में अमेरिकी कवच-भेदी गोलियों का इस्तेमाल किया और सैनिकों की बुलेटप्रूफ जैकेट को तोड़ने में सफल रहे। इन दो निविदाओं के माध्यम से खरीदे जा रहे जैकेट स्तर 4 के होंगे जिन्हें स्टील कोर बुलेट के खिलाफ प्रभावी माना जाता है और सबसे पहले जम्मू-कश्मीर में आतंकवादी अभियानों में तैनात सैनिकों को प्रदान किया जाएगा। सेना के सूत्रों ने पुष्टि की कि बल यह सुनिश्चित करेगा कि जैकेट भारत में बनाई गई हैं और सामग्री किसी भी विरोधी से नहीं ली गई है।

 

 

 
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अंबानी परिवार के घर आई खुशखबरी, नाना बने मुकेश...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के जाने माने उद्योगपति मुकेश अंबानी नाना बन गए हैं। उनकी बेटी ईशा अंबानी ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। ईशा ने शनिवार को एक लड़के और एक लड़की को जन्म दिया है। बच्ची का नाम आदिया जबकि बच्चे का नाम कृष्णा रखा गया है। मालूम हो कि मुकेश अंबानी की बेटी ईशा अंबानी की शादी पीरामल समूह के आनंद पीरामल से हुई थी। शादी के बाद दोनों अब जुड़वां बच्चों के माता-पिता बन गए हैं।

परिवार द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक ईशा ने 19 नवंबर को जुड़वां बच्चों को जन्म दिया है। बयान में कहा गया है, 'हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि हमारे बच्चों ईशा और आनंद को 19 नवंबर को भगवान ने जुड़वां बच्चों का आशीर्वाद दिया है। ईशा और दोनों बेबी आदिया और कृष्णा स्वस्थ हैं। हम आदिया, कृष्णा, ईशा और आनंद के लिए उनके जीवन के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव में आपका आशीर्वाद और शुभकामनाएं चाहते हैं।'

 
 
 

साल 2018 में ईशा अंबानी की शादी पिरामल ग्रुप के आनंद पिरामल से हुई थी। हाल ही में मुकेश अंबानी ने ईशा अंबानी को रिलायंस इंडस्‍ट्रीज (RIL) के रिटेल कारोबार की कमान सौंपी थी। साल 2014 में ईशा अंबानी को रिलायंस रिटेल और जियो के बोर्ड मेंबर में शामिल किया गया था। मालूम हो कि आनंद पिरामल की मां स्वाति पिरामल पेशे से इंडस्ट्रियलिस्ट हैं। वह मुंबई के प्रसिद्ध गोपीकृष्णा पिरामल हॉस्पिटल की संस्थापक भी हैं।

 

 

 
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भारत भूमि सुजलाम, सुफलाम रही : मोहन भागवत

 जबलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघचालक डां मोहन भागवत संघ की दृष्टि से महाकौशल प्रांत के जबलपुर का प्रवास काफी मायनों में अहम रहा। जहां उन्होंने संघ कार्य में लगे स्वयं सेवकों से भेंट की। संचालित संघ कार्यों को देखा। वहां संगठनात्मक गतिविधियों,  सामाजिक कार्यों, प्रकल्पों तथा नूतन प्रयोगों की जानकारी ली। साथ ही राष्ट्र और समाज सेवा में प्रतिबद्ध जनों से जन संवाद कर उनके अनुभवों का लाभ लिया। इसी क्रम में सर संघचालक डां मोहन भागवत ने शनिवार को मानव भवन, जबलपुर में प्रबुद्ध जन संगोष्ठी को संबोधित किया। जो निहायत सारगर्भित, मौलिक और समयानुकुल रही।

सर संघचालक ने अपने विचारों में कहा कि, समाज में संगठन खड़ा नहीं करना है। संपूर्ण समाज को संगठित करना है। आप एक समूह में नहीं चल सकते यह आवश्यक नहीं लेकिन भारत राष्ट्र की कल्पना पश्चिम की कल्पना से अलग है। भारत भाषा, व्यापारिक हित, सत्ता, राजनैतिक विचार आदि के आधार पर एक राष्ट्र नहीं बना। भारत भूमि सुजलाम, सुफलाम रही है। भारत विविधता में एकता और वसुधैव कुटुम्बकम के तत्व दर्शन और व्यवहार के आधार पर एक राष्ट्र बना है।

उन्होंने कहा कि भाषा पूजा पद्धति के आधार पर समाज नहीं बनता। समान उद्देश्य पर चलने वाले एक समाज का निर्माण करते हैं। भारत का दर्शन ऐसा है कि किसी ने कितना कमाया उसकी प्रतिष्ठा नहीं है। इतना बांटा उसकी प्रतिष्ठा रही है। अपने मोक्ष और जगत के कल्याण के लिए जीना यह अपने समाज का दर्शन रहा है। इसी दर्शन के आधार पर अपना राष्ट्र बना है। डां भागवत ने कहा कि विविधताओं की स्वीकार्यता है। विविधताओं का स्वागत है। लेकिन विविधता को भेद का आधार नहीं बनाना है। सब अपने हैं। भेदभाव ऊंच-नीच अपने जीवन दर्शन के विपरित है। हमारा व्यवहार, मन, कर्म, वचन से सद्भावना पूर्ण होना चाहिए। हमारे घर में काम करके अपना जीवन यापन करने वाले, श्रम करने वाले भी अपने सद्भाव के अधिकारी हैं। उनके सुख दुख की चिंता भी हमें करनी चाहिए।

आगे कहा, प्रकृति से इतना कुछ लेते हैं तो वृक्षारोपण, जल संरक्षण करना ही चाहिए। नागरिक अनुशासन का पालन करना चाहिए। अपने कर्तव्य पालन को ही धर्म कहा गया है। धर्म यानी पूजा पद्धति नहीं है। डां भागवत ने कहा कि इस तत्व  दर्शन के आधार पर जीते हुए ज्ञान, विज्ञान, शक्ति, समृद्धि की वृद्धि करने का रास्ता अपने ऋषियों ने दिखाया है। धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की बात सभी तरह के संतुलन की बात हमारी संस्कृति है। सब को अपनाने वाला दर्शन ही हिंदुत्व है। संविधान की प्रस्तावना भी हिंदू की ही मूल भावना है।

वस्तुत: डां मोहन भागवत का व्यक्तव मातृभूमि समर्पण, राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, संगठनशीलता, जनसरोकार, सर्व धर्म समभाव, स्वाभिमान, जीवन दर्शन और हिंदुत्व एक जीवन पद्धति समेत विभिन्न पहलुओं को भारतीयता पूर्ण समेटा हुआ था। प्रासंगिक संघ, सर संघचालक के दूरदर्शी मंतव्य राष्ट्र के वैभव, बलिदानियों का ध्येय, प्रकृति संरक्षण व संवर्धन और नवाचार के निहितार्थ सार्थक रहेगा।

 

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गुजरात की जनता ने अभूतपूर्व जीत का फैसला कर लिया : प्रधानमंत्री मोदी

 अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात विधानसभा चुनाव के नजदीक आते ही सभी पार्टियों ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। प्रधानमंत्री मोदी ने पूरे जोश के साथ प्रचार में जुटे हुए हैं। रविवार को उन्होंने बोटाद जिले में एक रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह चुनाव न  केवल अगले पांच वर्षों के लिए है, बल्कि यह तय करेगा कि गुजरात 25 वर्षों बाद कैसा दिखेगा।

प्रधानमंत्री ने कहा, हर तरफ एक ही बात सुनने को मिल रही है फिर एक बार मोदी सरकार..गुजरात की जनता ने अभूतपूर्व जीत दिलाने का फैसला कर लिया है। मोदी ने कहा, चुनाव का मुद्दा विकास है। विकास को मुद्दा बनाने का काम गुजरात करता है। उन्होंने आगे कहा, भारत की राजनीति में भाजपा ने विकास की पहल की। इसने भारत के सभी राजनीतिक दलों को चुनावों में विकास की बात करने पर मजबूर कर दिया है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाने के लिए भाजपा सरकार की सराहना की गई है। इसने मानवता की बहुत बड़ी सेवा की है।

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रानी लक्ष्मीबाई की जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने दी श्रद्धांजलि

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ब्रिटिश सेना के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाली झांसी की रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती के अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्र के लिए उनके साहस और अतुलनीय योगदान को कभी भी भूलाया नहीं जा सकता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट कर कहा, 'रानी लक्ष्मीबाई को उनकी जयंती पर याद कर रहा हूं। हमारे राष्ट्र के लिए उनकी प्रतिष्ठा और महत्वपूर्ण योगदान को कभी नहीं भूलाया जा सकता। वह औपनिवेशिक शासन के उनके प्रभाव के विरोध के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।'

 
 

साथ ही पीएम मोदी ने ट्विटर पर कुछ फोटो भी साझा की हैं। पिछले साल इसी दिन लक्ष्मीबाई की जयंती मनाने के दौरान वह झांसी दौरे पर थे। इन फोटो में पीएम मोदी के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल दिखाई दे रहीं हैं।

 


बता दें कि लक्ष्मीबाई औपनिवेशिक शासन के खिलाफ 1857 के विद्रोह की लड़ाई में शामिल हुईं थीं। 1857 की लड़ाई भारत की स्वतंत्रता के पहले युद्ध के रूप में भी जाना जाता है। रानी लक्ष्मीबाई ने अपने राज्य पर कब्जा करने के प्रयासों का विरोध करने के लिए ब्रिटिश सेना से बहादुरी से लड़ते हुए अपने जीवन का बलिदान कर दिया था।

'झांसी की रानी' के नाम से भी है जाना जाता
रानी लक्ष्मीबाई, जिन्हें 'झांसी की रानी' के नाम से जाना जाता है। वह महिला सशक्तिकरण की प्रतीक हैं और भारत के अब तक के सबसे महान स्वतंत्रता सेनानियों में से एक हैं। झांसी की रानी को अपने साहस, सम्मान और देशभक्ति के को लेकर इतिहास के पन्नों में पढ़ा जाता है।

'खूब लड़ी मर्दानी वो तो झांसी वाली रानी थी'। यह सुभद्रा कुमारी चौहान द्वारा लिखी गई कविता की यह महाकाव्य पंक्ति बताती है कि कैसे झांसी की रानी ने ब्रिटिश साम्राज्य के खिलाफ साहसपूर्वक लड़ाई लड़ी और भारतीय इतिहास पर एक पथ-प्रदर्शक-प्रभाव छोड़ा।
 

 

 

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पत्नी ने पैर दबाने से किया इंकार, तो पति को आया गुस्सा, और फिर...

 जहानाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार के जहानाबाद में एक सनकी पति ने अपनी पत्नी की बेरहमी से पीट-पीटकर हत्या कर दी। आरोपी ने पत्नी को पैर दबाने के लिए कहा था। पत्नी ने पैर दबाने से इंकार किया तो पति आगबबूला हो गया। उसने लकड़ी के पीढा से पीट-पीटकर हत्या कर दी।


मामला मखदुमपुर थाना क्षेत्र के छकोरी बीघा गांव का है। आरोप है कि गांव के मुन्ना शर्मा ने अपनी पत्नी को पैर दबाने के लिए कहा। पत्नी ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर पैर दबाने से मना कर दिया। पत्नी की बात सुनकर पति ने लकड़ी के बने पीढे से उसके सिर पर प्रहार करना शुरू कर दिया। गंभीर रूप से घायल रिंकी देवी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

 
 



पड़ोसी और स्थानीय लोगों ने वारदात की जानकारी मृतका के मायके में दी। सूचना पर आननफानन में परिजन बेटी के घर आए। फिर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने बताया कि परिजनों का कहना है कि मुन्ना शुरू से ही सनकी प्रवृत्ति का था। उसका इलाज भी चल रहा है।

 



दूसरी ओर मृतका रिंकी देवी के परिजन ने बताया कि पहले भी आरोपी उनकी बेटी के साथ मारपीट करता था। कई बार इसके बारे में आपसी में समझौता भी हुआ था लेकिन वह अपनी आदत से लाचार था। इसी के कारण इस घटना को अंजाम दिया है। पुलिस मुन्ना कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

 

 
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पिंजरे से बाहर आते ही 'ओबान' ने पहले माहौल देखा, फिर लगाई दौड़...

 कूनो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पिंजरे से बाहर आते ही पहले 'ओबान' ने पहले तो स्थिति का जायजा लिया, इसके बाद उसने दौड़ लगा दी। नामीबिया से पहुंचे 8 चीतों में से 2 नर चीतों को पहले छोड़ा जा चुका है, इसके बाद शुक्रवार को तीसरे नर चीते 'ओबान' को रिलीज किया गया। अधिकारी उसकी गतिविधियों को मॉनीटर कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जिस तरह दो नर चीते अब कूनो के माहौल में रच-बस गए हैं, यह चीता भी माहौल में ढल जाएगा।


प्रोजेक्ट चीता के तहत नामीबिया से लाए गए आठ चीतों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने जन्मदिन पर 17 सितंबर को श्योपुर के कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा था। उन्हें अलग-अलग क्वारंटाइन बाड़ों में रखा गया था। अब धीरे-धीरे उन्हें बड़े बाड़ों में छोड़ा जा रहा है। अब तक 3 नर चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ा गया है। मध्यप्रदेश के पीसीसीएफ (वाइल्ड लाइफ) जसवीर सिंह चौहान की मौजूदगी में तीसरे चीते को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। इस चीते का नाम 'ओबान' है। इससे पहले पांच नवंबर को फ्रेडी और एल्टन नाम के दो सगे भाइयों को भी बड़े बाड़े  में रिलीज किया गया था। दोनों ही चीते अब कूनो नेशनल पार्क के माहौल में रच-बस गए हैं। चीतल का शिकार कर रहे हैं और उछल-कूद करते देखे जा रहे हैं।

 
 
 



पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ जसवीर सिंह चौहान गुरुवार शाम को कूनो पहुंचे। उन्होंने शुक्रवार सुबह सीसीएफ उत्तम शर्मा और डीएफओ पीके वर्मा के साथ बाड़े का निरीक्षण किया। स्थितियों का आंकलन कर संतुष्टि जाहिर की। इसके बाद एक नर चीता को बड़े बाड़े में छोड़ने का निर्णय लिया गया। इसके बाद शुक्रवार को छोटे बाड़े से निकालकर तीसरे नर चीता को बड़े बाड़े में छोड़ा गया। उसकी दिनभर मॉनिटरिंग की गई, जिसमें पाया गया कि चीते ने बड़े बाड़े में दिनभर न केवल उछलकूद की, बल्कि खूब दौड़ भी लगाई।

अब पांच मादा चीता ही रह गए हैं क्वारंटाइन
प्रोजेक्ट चीता के तहत आठ चीतों को नामीबिया से भारत लाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर को आठ चीतों को क्वारंटाइन बाड़े में छोड़ा था। इन आठ चीतों में तीन नर है और पांच मादा। एक महाद्वीप से दूसरे महाद्वीप पर किसी जानवर को बसाने की यह दुनिया की पहली योजना है। इस पर पूरी दुनिया की नजर है। कूनो में इन चीतों को बीमारियों से बचाने के लिए एक महीने तक क्वारंटाइन रखने की योजना थी। इसके बाद उन्हें बड़े बाड़े में छोड़ा जाना था। हालांकि, बाद में फैसला हुआ कि इन्हें धीरे-धीरे छोड़ा जाएगा। चीता टास्क फोर्स इन चीतों की गतिविधियों पर नजर रख रही है। उसको ही क्वारंटाइन बाड़ों में रह रही मादा चीतों को बड़े बाड़े में छोड़ने का फैसला भी लेना है। माना जा रहा है कि इसी महीने यह कदम उठाया जाएगा।

दो चीते ढल चुके हैं कूनो के माहौल में
कूनो नेशनल पार्क के डीएफओ प्रकाश कुमार वर्मा ने बताया कि शुक्रवार रात को तीसरे नर चीते को छोड़े बाड़े से बड़े बाड़े में छोड़ा गया है। जिन दो चीतों को पांच नवंबर को रिलीज किया गया था, वह कूनो नेशनल पार्क के वातावरण में ढल चुके हैं। उन्होंने दो-तीन चीतलों का शिकार भी मिलकर किया है। पीसीसीएफ जेएस चौहान की मौजूदगी में शुक्रवार को तीसरा नर चीता भी बीते रोज बड़े बाड़े में छोड़ दिया है।

 

 

 
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काशी और तमिल संस्‍कृति प्राचीन और गौरवपूर्ण है : नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने किया काशी-तमिल संगमम का उद्घाटन

 वाराणसी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को महामना की बगिया काशी हिंदू विश्वविद्यालय के एंफीथिएटर परिसर में माहपर्यंत चलने वाले "काशी-तमिल संगमम का शुभारंभ किया। वे तमिलनाडु से पहुंचे नौ प्रमुख धर्माचार्यों का सम्मान करेंगे। साथ ही तमिलनाडु से आए छात्रों से संवाद करेंगे। पीएम मोदी आज साउथ इंडियन ड्रेस में दिखाई दे रहे हैं। ऐसी ही ड्रेस उन्होंने चीन के राष्ट्रपति के भारत दौरे के दौरान पहनी थी।

पीएम मोदी ने हर-हर महादेव, वणक्‍कम काशी, वणक्‍कम तमिलनाडु के साथ सभी का स्‍वागत किया। कहा कि मेरी काशी में पहुंचे सभी अतिथियों का विशेष स्‍वागत हैं। हमारे देश में संगमों की बड़ा महत्‍व रहा है। नदियों, विचारों और सांस्‍कृतियों का संगम रहा है। इन्‍हीं संगमों का आयोजन काशी तमिल संगमम है। यह आयोजन विशेष और खास है।

 
 

उन्होंने कहा- काशी और तमिल संस्‍कृति प्राचीन और गौरवपूर्ण है। धार्मिक रूप में दोनों में समानता है। काशी में बाबा विश्‍वनाथ और तमिल में रामेश्‍वरम है। एक ही चेतना अलग-अलग रूपों देखने को मिलता है। संगीत, साहित्‍य में एकरुपता है। बनारसी साड़ी और कांजीवरम का विशेष महत्‍व है। काशी और तमिलनाडु में कई महान विभूतियों का जन्‍म हुआ जिन्‍होंने समाज को दिशा दी। एक देश की यही परंपरा है।

 



काशी व तमिलनाडु दोनों ही शिवमय है। शक्तिमय है। काशी व कांची, इनकी सप्तपुरियों में महत्ता है। काशी व तमिलनाडु दोनों ही संस्कृति व कला के लिए जाने जाते हैं। दोनों भारतीय आचार्यों की धरा है।

इनमें एक जैसी ऊर्जा के दर्शन कर सकते हैं। आज भी तमिल विवाह परंपरा में काशी यात्रा को जोड़ा जाता है। यह तमिल दिलों में काशी के लिए अविनाशी प्रेम।

काशी भ्रमण करेंगे तो देखेंगे हनुमान घाट पर काशीकामकोटिश्वर पंचायतन : पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कह कि काशी भ्रमण करेंगे तो देखेंगे हनुमान घाट पर काशीकामकोटिश्वर पंचायतन है। केदारघाट पर दो सौ साल पुराना कुमार स्वामी मठ है। सदियों से तमिलनाडु के लोग रहते हैं जिन्होंने काशी के निर्माण में योगदान किया। तमिलनाडु की एक और महान विभूति सुब्रह्मण्य वर्षों तक काशी में रहे। मिशन कालेज, जयनारायण कालेज में बढ़े। काशी से ऐसे जुड़े की यहां की पहचान से जुड़ गए। बीएचयू ने उनके नाम से पीठ स्थापित की काशी तमिल संगमम का आयोजन तब हो रहा है जब भारत ने अपने आजादी के अमृत काल में प्रवेश किया है। हमें आजादी के बाद हजारों वर्षों की परंपरा, विरासत को मजबूत करना है। लेकिन इसके लिए प्रयास नहीं किए गए। संगमम इस संकल्प को ऊर्जा देगा।

काशी तमिल संगमम पर आधारित लघु फिल्म और दो पुस्तकों का विमोचन
प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर काशी तमिल संगमम पर आधारित लघु फिल्म के अलावा काशी तमिल को जोड़ने वाली दो पुस्तकों का विमोचन भी किया। काशी तमिल संगमम के इस आयोजन में सांस्कृतिक समूहों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

उद्घाटन समारोह में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डॉ. एल मुरुगन, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद इलैयाराजा ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान, उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल सहित कई गणमान्य हस्तियां मौजूद थी।

इससे पूर्व यूपी के सीएम योगी आदित्‍यनाथ, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंच पर प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी का स्‍वागत और अभिनंदन किया। तमिल भाषा में आए सभी अतिथियों का स्‍वागत किया गया। इस दौरान सीएम योगी ने तमिलनाडु से आए अतिथियों और अधीनम का स्‍वागत किया। मुख्यमंत्री योगी ने वणक्कम किया। कहा, विश्वेश्वर की पवित्र धरा पर रामेश्वर की पवित्र धरा से पधारे अतिथियों का स्वागत है। काशी में तमिल कार्तिक मास की अवधि में काशी तमिल संगमम का आयोजन किया जा रहा है। काशी में उत्तर दक्षिण का संगम हो रहा है। प्राचीन रिश्ता पुनर्जीवित किया जा रहा है।

काशी के साथ ही प्रयाग और अयोध्या का भ्रमण करेंगे
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि तमिल और काशी के बीच संबंध बहुत पुराना है। धर्म, संस्‍कृत‍ि और शिक्षा की यह दो नगरी बहुत खास है। आजादी के अमृत काल महोत्‍सव को यह आयोजन जीवंत कर रहा है। काशी तमिल संगमम से तमिलनाडु से छात्र, शिक्षक, साहित्य, नवाचार, व्यवस्था, धर्माचार्य व संस्कृति आदि क्षेत्रों से समूह आएंगे। काशी के साथ ही प्रयाग व अयोध्या का भ्रमण करेंगे। काशी तमिल संगमम से तमिलनाडु से छात्र, शिक्षक, साहित्य, नवाचार, व्यवस्था, धर्माचार्य व संस्कृति आदि क्षेत्रों से समूह आएंगे। काशी के साथ ही प्रयाग व अयोध्या का भ्रमण करेंगे।

महादेव की नगरी में उत्तर व दक्षिण की संस्कृतियों के मिलन के साक्षी काशीवासी संग तमिलनाडु के नौ रत्नों की भांति इस कार्यक्रम में मौजूद नौ शैव धर्माचार्य (अधीनम), दक्षिणी के विभिन्न कालेज व विश्वविद्यालय के 216 स्टूडेंट, जाने माने कलाकार व विशिष्टजन शमिल।

इस कार्यक्रम में तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, केंद्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सूचना एवं प्रसारण राज्यमंत्री डा. एल मुरुगन, तमिलनाडु महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष वनाथी श्रीनिवासन, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के अन्नामलाई, समेत कई केंद्रीय, तमिलनाडु व उत्तर प्रदेश के मंत्री मौजूद रहे।

 

 

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छात्रसंघ चुनाव में चली गोली, पत्रकारों को भी पीटा, पुलिस ने भांजी लाठियां...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार की राजधानी पटना में शनिवार को छात्रसंघ चुनाव के दौरान गोलीबारी की घटना हुई। वहीं पत्रकारों को भी निशाना बनाया गया। हंगामा बढ़ने के बाद जब पुलिस पहुंची तो उनपर भी पथराव किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज के उपद्रवियों को खदेड़ा।

पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान के दौरान फायरिंग की गई। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हुआ, जो दोपहर दो बजे तक चला। मतदान से थोड़ी देर पहले पटना कालेज के गेट पर पांच से छह राउंड फायरिंग होने से दहशत फैल गई। फायरिंग का आरोप पटेल छात्रावास में रहने वाले लड़कों पर लग रहा है। वारदात में कुछ छात्र घायल भी हुए हैं।

पटेल छात्रावास और जैक्‍सन छात्रावास के बीच मारपीट और संघर्ष के दौरान यह सब हुआ है। घटनाक्रम को कवर करने गए पत्रकारों पर भी हमला कर दिया गया। एक अखबार के फोटोग्राफर का कैमरा तोड़ दिया गया। हंगामा शांत करने पुलिस पर पथराव किया गया। इसके बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा गया। 

देर रात तक आ जाएंगे नतीजे
पटना विश्‍वविद्यालय छात्र संघ चुनाव में कुल 24,395 छात्र-छात्राओं को मतदान का अधिकार मिला था। इनमें कितने लोगों ने मत का इस्‍तेमाल किया, यह थोड़ी देर में सामने आ जाएगा। पांच केंद्रीय पैनल और 26 काउंसलर पद के लिए चुनाव के नतीजे भी आज ही देर रात तक आ जाएंगे।

हर छात्र को कुल छह वोट डालने का मौका मिला। इनमें पांच केंद्रीय पैनल और एक काउंसलर का पद शामिल है। मतदान के लिए कालेजों और संकाय मिला कर कुल 51 मतदान केंद्र बनाए गए थे। पटना वीमेंस कालेज में 5355 मतदाता हैं। यहां सात मतदान केंद्र बनाए गए थे। मगध महिला कालेज में 3488 मतदाता हैं। यहां आठ मतदान केंद्र गए थे। कालेज आफ आर्ट एंड क्राफ्ट में 221 मतदाता हैं। यहां एक मतदान केंद्र बनाया गया था।

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महज 12 रुपए में अमेजन-फ्लिपकार्ट को चूना लगा रहा था युवक, गया जेल...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार राज्य में अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक युवक महज 12 रूपए देकर कई कंपनियों को कैशबैक की चपत लगा रहा था। आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने साइबर ठगी के नए तरीके का पर्दाफाश करते हुए बेतिया के चनपटिया थाना अंतर्गत चौबेटोला से 28 वर्षीय साइबर अपराधी पिंटू कुमार को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 14 मोबाइल सेट, 19 मोबाइल सिम, एक पासबुक, दो डेबिट कार्ड और पांच चेकबुक बरामद किए गए हैं। आरोपी युवक अनजान नंबर से ऐप डाउनलोड कर अमेजन, फ्लिपकार्ट जैसी कंपनियों को कैशबैक की चपत लगा रहा था।

ऐप क्लोनर प्रो से कर रहा था खेल
ईओयू के अनुसार, पिंटू कुमार अपने मोबाइल में ऐप क्लोनर प्रो ऐप का इस्तेमाल कर अमेजन, फ्लिपकार्ट, मोबीक्विक, स्नैपडील जैसी ई-कामर्स वेबसाइट का क्लोन ऐप बनाकर डाउनलोड कर लेता था। इसके बाद आटो बाय ओटीपी वेबसाइट का इस्तेमाल कर किसी भी अनजान मोबाइल नंबर को डालकर ओटीपी प्राप्त कर लेता था।

ओटीपी के बदले उसे 12 रुपये वेबसाइट को देने पड़ते थे। यानी वह दूसरे के मोबाइल नंबर से अपने मोबाइल सेट पर ई-कामर्स वेबसाइट का ऐप डाउनलोड कर उसका इस्तेमाल करता था। इसके बाद वह अनजान नंबर से ई-कामर्स वेबसाइट से सामान का आर्डर कर या पेमेंट कर पहले आर्डर पर मिलने वाला कैशबैक हासिल कर लेता था। क्लोनिंग व ओटीपी के जरिए वह एक साथ कई लोगों के नंबर का इस्तेमाल कर यह फायदा उठा रहा था। ईओयू ने उसे गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

 
 

डीजीपी एसके सिंघल के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर जाली वाट्सऐप बनाने और आम जनता के मोबाइल नंबर से फर्जी तरीके से ओटीपी प्राप्त करने के आरोपित को गिरफ्तार किया गया। आर्थिक अपराध इकाई ने बेतिया जिला के चनपटिया निवासी पिंटू कुमार को गिरफ्तार कर शुक्रवार को विशेष अदालत में पेश किया। विशेष अदालत ने आरोपित को 30 नवंबर तक के लिए जेल भेज दिया। आर्थिक अपराध इकाई ने 26 सितंबर को मामला दर्ज किया था।

 

 

 

 

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बंद हुए बद्रीनाथ के कपाट, ख़त्म हुई चारधाम यात्रा...

 बद्रीनाथ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बद्रीनाथ धाम के कपाट शनिवार को अपराहन 3 बजकर 35 मिनट पर विधि विधान से शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इस मौके पर करीब 10000 तीर्थ यात्रियों ने अंतिम पूजा में प्रतिभाग किया।


अंतिम दिन सेना के मधुर बैंड की धुनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। कपाट बंद होने के बाद कुबेर और उद्धव जी की उत्सव मूर्ति डोली बामणी गांव के लिए रवाना हुई। इस मौके पर ज्योतिर्माठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और बीकेटीसी के अध्यक्ष अजेंद्र अजय भी मौजूद रहे। इस वर्ष 17 लाख 60 हजार से अधिक तीर्थयात्रियों ने बदरीनाथ धाम के दर्शन किए, जो अब तक का रिकॉर्ड है।

 

बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी डॉ. हरीश गौड़ ने बताया कि माणा गांव की महिला मंगल दल की महिलाओं की ओर से तैयार किए गए घृत कंबल (घी में भिगोया ऊन का कंबल) को भगवान बदरीनाथ को ओढ़ाया गया।

 


बद्रीनाथ धाम से पहले ही केदारनाथ धाम के कपाट बंद हो चुके हैं। केदारनाथ धाम के कपाट 27 अक्टूबर को सुबह 8 बजकर 30 मिनट पर बंद हुए थे। इसी के साथ ही गंगोत्री धाम के कपाट 26 अक्टूबर दोपहर 12 बजकर 1 मिनट पर बंद हुए थे और यमुनोत्री धाम के कपाट भी 27 अक्टूबर को ही बंद हुए थे।

 


 कपाट बंद होने का माहौल अत्यंत धार्मिक मान्यताओं, परंपराओं के साथ हुआ। कपाट बंद होने के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूरे भक्ति भाव से भगवान बद्री विशाल के दर्शन किए। मंदिर समिति के मीडिया प्रभारी ने बताया कि इस वर्ष 17 लाख 60 हजार, 649 श्रद्धालु भगवान बद्री विशाल के दर्शनों के लिए बद्रीनाथ पहुंचे।

 

 

 
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छात्राओं ने लगाया था उत्पीड़न का आरोप... शिक्षक निलंबित, एफआईआर के भी निर्देश...

 हरिद्वार (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उत्तराखंड में हरिद्वार के पन्ना लाल भल्ला इंटर कॉलेज के शिक्षक पर एक छात्रा के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने के आरोप जांच में सही पाए गए हैं। जिसके बाद नगर आयुक्त ने आरोपी शिक्षक को निलंबित कर दिया है। साथ ही कॉलेज के प्रधानाचार्य को आरोपी शिक्षक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार 22 अगस्त को हरिद्वार के भल्ला इंटर कॉलेज की एक छात्रा और उसकी सहेली ने शिक्षक सुनील आर्य पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। बकायदा छात्रा ने साक्ष्य सहित लिखित शिकायत प्रधानाचार्य से की थी। जिसका संज्ञान लेते हुए प्रधानाचार्य ने शिक्षक से स्पष्टीकरण भी मांगा था।

 
 
मामले के सामने आने के बाद प्रधानाचार्य ने स्कूल प्रबंधक और नगर आयुक्त को लिखित रूप से पूरे मामले से अवगत कराया। जिस पर स्कूल प्रबंधक एवं नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच कमेटी गठित की। जांच कमेटी के सदस्य के रूप में सहायक नगर आयुक्त, कर एवं राजस्व निरीक्षक को नामित किया गया।

इसके बाद 2 महीने तक सभी पहलुओं पर गंभीरतापूर्वक जांच और परखने पर शिक्षक सुनील आर्य पर लगे आरोप सही पाए गए। मामले में हरिद्वार नगर आयुक्त दयानंद सरस्वती ने बुधवार को आरोपी शिक्षक सुनील आर्य को निलंबित कर दिया। साथ ही भल्ला कॉलेज के प्रधानाचार्य को आरोपी शिक्षक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए।

 

 

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