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हादसे का शिकार हुई चिकित्सा शिक्षा मंत्री की कार, ट्रक ने मारी टक्कर...

 भोपाल (वीएनएस)। गुजरात के कांकरेज में कार्यकर्ताओं की बैठक से लौटते समय भिलडी में मध्‍य प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग की कार दुर्घटनाग्रस्‍त हो गई। उनकी कार को रांग साइड से आ रहे एक ट्रक ने टक्कर मार दी। गनीमत रही कि टक्‍कर ज्‍यादा जोरदार नहीं थी। इस हादसे में मंत्री सारंग बाल-बाल बच गए। टक्‍कर की वजह से कार की साइट का हिस्‍सा पिचक गया।


मंत्री सारंग गुजरात विधानसभा चुनाव के दौरान अपने प्रभार वाले जिले कांकरेज में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गौरतलब है कि भाजपा संगठन ने गुजरात के बनासकांठा जिले की 4 विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी उन्‍हें सौंपी है। वह पिछले कुछ दिनों से गुजरात के चुनाव प्रचार संबंधी गतिविधियों में व्‍यस्‍त हैं। यहां गलत दिशा से आ रहे ट्रक ने मंत्री सारंग की इनोवा को टक्कर मार दी। घटना में इनोवा के बाएं तरफ के दोनों दरवाजे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। बड़ी मुश्किल से दरवाजे खोलकर मंत्री विश्वास सारंग को बाहर निकाला गया।

 



दरअसल, गुजरात विधानसभा चुनाव में एमपी के चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को भी जिम्मेदारी सौंपी गई है। संगठन ने उन्हें बनासकांठा जिले की चार विधानसभा सीटों की जिम्मेदारी दी है। बीते कई दिनों से वह बीजेपी प्रत्याशियों के लिए चुनाव प्रचार करने के साथ-साथ ही बीजेपी कार्यकर्ताओं की बैठक भी ले रहे हैं। शनिवार को भी मंत्री विश्वास सारंग कांकरेज विधानसभा सीट में कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर लौट रहे थे। इसी दौरान भीलड़ी में गलत दिशा से आ रहे एक ट्रक ने मंत्री सारंग की इनोवा को टक्कर मार दी। हादसे के बाद मंत्री सारंग सहित कार में मौजूद लोग उसी में फंस गए थे। बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुए कार के गेट खुल नहीं रहे थे। बाद में किसी तरह से मंत्री सहित सभी को कार से सकुशल बाहर निकाला।



मामला इसलिए भी गंभीर बताया जा रहा है कि क्योंकि ट्रक से ठीक उसी जगह टक्कर मारी गई, जहां मंत्री विश्वास सारंग बैठे हुए थे। टक्कर से बाद सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मी हरकत में आए और ट्रक को रुकवाया गया। फिलहाल मामला दर्ज कर लिया गया है और ट्रक ड्राइवर से पूछताछ की जा रही है।



घटना के बाद मंत्री विश्वास सारंग ने सोशल मीडिया के जरिए खुद के सकुशल होने की जानकारी दी। उन्होंने लिखा, ''गुजरात प्रवास पर अपनी प्रभार विधानसभा कांकरेज से पालनपुर जाते वक्त मेरी कार दुर्घटनाग्रस्त हुई है। मैं और मेरी कार में सवार सभी लोग पूरी तरह से सकुशल हैं। फोन और सोशल मीडिया के माध्यम से फिक्र करने वाले सभी शुभचिंतकों का आभार। भगवान की कृपा से हम सब सुरक्षित हैं।'

 

 

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मीडिया और मनोरंजन उद्योग को अपने कंटेंट का स्‍व-नियमन करने का पीयूष गोयल ने किया आह्वान

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मीडिया और मनोरंजन उद्योग को अपने कंटेंट का स्‍व-नियमन करने का आह्वान किया है। उन्‍होंने कहा कि स्‍व-नियमन के अभाव में समाज, सरकारी हस्‍तक्षेप की मांग करेगा। भारतीय उद्योग परिसंघ द्वारा आयोजित बिग पिक्‍चर समिट 2022 के समापन सत्र को सम्‍बोधित करते हुए श्री गोयल ने कहा कि देश में शूटिंग के लिए अनुमति देने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना चाहिए और इसके लिए सिंगल विंडो प्रणाली स्‍थापित की जानी चाहिए।

उद्योग मंत्री ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन उद्योग  गेमिंग जैसे नवीन मनोरंजन माध्‍यमों का कड़ा परीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि बैट्टिंग प्‍लेटफॉर्म और ऐसे अन्‍य क्षेत्रों में युवाओं को किस हद तक शामिल होने की अनुमति दी जाए। उन्‍होंने बल दिया कि इस बात का ध्‍यान रखने की जरूरत है कि यह नवीन मनोरंजन मॉडल, भारतीय संस्‍कृति पर प्रतिकूल प्रभाव न डालें।

 

श्री गोयल ने कहा कि मीडिया और मनोरंजन क्षेत्रों में विकास सुनिश्चित करने के लिए कानूनी ढांचे को आधुनिक बनाना जरूरी है। उन्‍होंने कहा कि भारत में क्षमता है और वह विश्‍व के लिए भी कंटेंट का निर्माता बन सकता है।

 

 

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जवाबदेही और पारदर्शिता लोकतांत्रिक प्रगति के लिए जरूरी : उपराष्ट्रपति

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जवाबदेही और पारदर्शिता को सहचर बताया जो हमारी लोकतांत्रिक प्रगति को बनाए रखने में मदद करता है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सेवा वितरण में जवाबदेही सुशासन के लिए सर्वोत्कृष्ट है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।

नई दिल्ली में कैग कार्यालय में दूसरे लेखापरीक्षा दिवस समारोह का उद्घाटन करने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को सुनिश्चित करने में कैग की महत्वपूर्ण भूमिका है; अन्यथा व्यवस्था में भ्रष्टाचार और अक्षमता आ जाएगी। लेखापरीक्षा को सुशासन का एक शक्तिशाली और अपरिहार्य उपकरण बताते हुए, श्री धनखड़ ने आगाह किया कि लेखापरीक्षा की अनुपस्थिति या अक्षम लेखापरीक्षा से सिस्टम में गिरावट आएगी।

 

उन्होंने सरकारी संस्थाओं द्वारा लंबे समय तक बड़े पैमाने पर सार्वजनिक धन प्रदान नहीं किए जाने वाले उपयोगिता प्रमाणपत्रों के उदाहरणों पर कैग द्वारा अधिक ध्यान केंद्रित करने का भी आह्वान किया। यह देखते हुए कि भारत का कैग वर्षों से विभिन्न संयुक्त राष्ट्र (यूएन) संगठनों का बाहरी लेखा परीक्षक रहा है, श्री धनखड़ ने वैश्विक सर्वोत्तम पहलों के साथ एक मजबूत लेखा परीक्षा संगठन के रूप में अपनी प्रतिष्ठा स्थापित करने के लिए कैग की प्रशंसा की।

 

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कैग के बढ़े हुए सक्रिय रुख के साथ, सरकारी योजनाओं की दक्षता और निगरानी और पहुंच में सुधार होना तय है। उन्होंने कहा, राजकोषीय भ्रष्टाचारों का समय पर पता लगाना और प्रभावी परिणामी सुधार तंत्र सीएजी के अनिवार्य दायित्व हैं। हमारे सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए विश्वसनीय प्रणालियों को लगातार बढ़ाने का आह्वान करते हुए, उपराष्ट्रपति ने इस बात पर प्रकाश डाला कि स्व-लेखापरीक्षा करना फलदायी होगा।

 

 
 
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ट्रेन में चढ़ रहे फौजी को टीटीई ने दिया धक्का, दोनों पैर कटे...

 बरेली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के बरेली में ट्रेन में चढ़ रहे एक फौजी को टीटीई ने धक्का दे दिया, जिससे वह चलती ट्रेन से गिर गया और उसके दोनों पैर काट गए। बरेली जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर 2 पर घटी इस घटना में गुस्साए फौजियों ने टीटीई की धुनाई कर दी। घटना के बाद जहां ट्रेन में तैनात दिल्ली का टीटीई मोबाइल स्विच कर फरार हो गया, वहीं सेना के जवानों ने जमकर हंगामा करते हुए ट्रेन को रुकवा दिया। घटना में घायल जवान को साथियों ने आर्मी हॉस्पिटल में भर्ती कराया हैं।


राजधानी एक्सप्रेस को रोके जाने व सेना के जवान को धक्का देने की खबर पाते ही जीआरपी आरपीएफ सहित रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इधर, उन्होंने हंगामा कर रहे जवानों को समझा बुझाकर शांत कराया। जिसके बाद रेलवे अधिकारियों ने करीब एक घंटे देरी से ट्रेन को गंतव्य स्थान के लिए रवाना कर दिया।



जानकारी के अनुसार डिब्रूगढ़-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस में कोच नंबर B-8 में चढ़ रहे फौजी को टीटी ने धक्का मार दिया,जिससे प्लेटफार्म नंबर दो और ट्रेन के बीच के गैप में फंसने से फौजी का एक पैर पूरी तरह से कट गया, जबकि उसका दूसरा पैर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलने पर प्लेटफार्म नंबर एक पर एमसीआओ (सेना का कार्यालय) पर तैनात फौजी मौके पर पहुंचे और दूसरे टीटीई को पीट दिया। वहीं कुछ फौजियों ने घायल फौजी को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है, वही सूचना मिलने पर सेना पुलिस के लेफ्टिनेंट कर्नल विजय तंवर, एमसीओ लेफ्टिनेंट कर्नल अजय भी मौके पर पहुंचे।

बलिया के थाना हल्दी के गांव भरसोता के जवान सोनू कुमार (30) ट्रेन में सफर कर रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वह लखनऊ से दिल्ली को थर्ड एसी कोच में चढ़ा। जवान बरेली जंक्शन पर पानी लेने के लिए उतरा था। कुछ ही देर के बाद ट्रेन चल दी। कोच में चढ़ते समय उनकी टीटीई से कुछ कहासुनी हो गई।

घायल सोनू का आरोप है, टीटीई ने उसे ट्रेन में चढ़ने से रोका। उनके साथ मारपीट की। चलती ट्रेन से धक्का दिया था। जिसकी वजह से वह ट्रेन से गिर गया। उसके दोनों पैर कट गए। घटना की जानकरी पर ट्रेन में सवार सेना के अन्य जवान ट्रेन से नीचे उतर आए। घटना से आक्रोशित सेना के जवानों ने ट्रेन के अन्य टीटीई को पीट दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे टीटीई को भी पीट दिया।

बरेली जंक्शन पर एमसीओ कार्यालय से सेना कंट्रोल रूम को सूचना दी गई। कुछ ही देर में सेना की बटालियन बरेली जंक्शन पर पहुंच गई। कई बिग्रेडियर, लेफ्टीनेट और आर्मी के जवान पहुंच गए। प्लेटफार्म पर ही सेना के अफसरों ने घायल जवान सोनू के बयान रिकार्ड किए। इसके बाद उसे मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हालांकि सेना के जवानों ने मौके से टीटीई उप्पल बोरो को हिरासत में लिया है। एक साथी टीटीई भागने में सफल हो गया। जीआरपी में तैनात अतिरिक्त निरीक्षक अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि सबसे पहले घायल जवान सोनू कुमार को सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। आगे की कार्रवाई की जा रही है।

 

 

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फारूक अब्दुल्ला ने छोड़ा नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष का पद, कहा...

 श्रीनगर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि अब नयी पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंपने का समय आ गया है।

शुक्रवार को अपने इस्तीफे के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘मैं अब अध्यक्ष पद के लिए चुनाव नहीं लड़ूंगा। पद के लिए चुनाव 5 दिसंबर को होगा। अब समय आ गया है कि नयी पीढ़ी इस जिम्मेदारी को संभाले।’’ लोकसभा के सदस्य अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘पार्टी का कोई भी सदस्य इस पद के लिए चुनाव लड़ सकता है। यह एक लोकतांत्रिक प्रक्रिया है।’’ व्यापक स्तर पर अटकलें लगाई जा रही हैं कि 85 वर्षीय अब्दुल्ला पार्टी संरक्षक की भूमिका निभाएंगे और उनके बेटे एवं नेकां के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला अब इसके नए प्रमुख बन सकते हैं।

इस दौरान उन्होंने श्रीनगर में अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित भी किया और कहा कि उनका स्वास्थ्य उन्हें अब पार्टी का नेतृत्व करने की इजाजत नहीं देता है। पार्टी अब नए अध्यक्ष का चुनाव 5 दिसंबर को करेगी। बता दें कि उमर अब्दुल्ला को नए पार्टी प्रमुख के रूप में सर्वसम्मति से चुने जाने की संभावना है।

 


 
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आरक्षण मामले में हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ छत्तीसगढ़ की याचिका पर नोटिस...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सुप्रीम कोर्ट ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने के छत्तीसगढ़ सरकार के 2012 के फैसले को हाईकोर्ट द्वारा निरस्त किये जाने को चुनौती देने वाली अपील पर शुक्रवार को संबंधित पक्ष से जवाब तलब किया।


छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के आदेश को निरस्त कर दिया गया था, जिसके बाद इसने उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था।
न्यायमूर्ति बी आर गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ ने उच्च न्यायालय के 19 सितंबर के आदेश के खिलाफ गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी को नोटिस जारी किया।

राज्य सरकार ने अधिवक्ता सुमीर सोढ़ी के माध्यम से दायर अपनी याचिका में दलील दी है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने मामले के तथ्यों और दिये गये आंकड़ों की पड़ताल किये बिना आदेश पारित किया था।

उच्च न्यायालय ने सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में दाखिले में आरक्षण को बढ़ाकर 58 प्रतिशत करने के राज्य सरकार के 2012 के फैसले को खारिज कर दिया था और कहा था कि 50 प्रतिशत की सीमा से अधिक आरक्षण असंवैधानिक है।

वर्ष 2012 में आरक्षण नियमों में संशोधन के राज्य सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर उच्च न्यायालय ने फैसला सुनाया था। वर्ष 2012 के संशोधन के अनुसार, अनुसूचित जाति (एससी) के लिए कोटा चार प्रतिशत घटाकर 12 प्रतिशत कर दिया गया था, जबकि अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षण में 12 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गयी थी और इसे 32 प्रतिशत कर दिया गया था। अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए आरक्षण को 14 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखा गया था।

उसी वर्ष गुरु घासीदास साहित्य एवं संस्कृति अकादमी और अन्य याचिकाकर्ताओं ने इसे उच्च न्यायालय में चुनौती दी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने दलील दी थी कि चूंकि आरक्षण 50 प्रतिशत से अधिक हो गया है, इसलिए सरकार ने संविधान के अनुच्छेद 16(1) के तहत अवसर की समानता के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।

 

 

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वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार आवश्यक

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत ने कहा है कि वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार आवश्‍यक हैं। संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कांबोज ने सुरक्षा परिषद में समान प्रतिनिधित्व को लेकर जी4 वक्तव्य के दौरान यह बात कही। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा में सुश्री काम्‍बोज ने कहा कि सुरक्षा परिषद में सुधार इसकी वैधता और प्रभावशीलता के लिए एक ऐसी पूर्व शर्त है जो अपरिहार्य है।

जी4 देशों - ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत का पक्ष रखते हुए, उन्‍होंने कहा कि ये चारों राष्ट्र सदस्यता की दोनों श्रेणियों में सीटों की वृद्धि और समान क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सुरक्षा परिषद के व्यापक सुधार में विश्‍वास रखते हैं। ये चारों देश अधिक पारदर्शी और समावेशी कार्य पद्धति तथा महासभा सहित संयुक्त राष्ट्र के अन्य निकायों के बीच बेहतर संबंधों के भी पक्षधर हैं।

 

भारत की स्थायी प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि सुरक्षा परिषद को सभी सदस्‍यों की ओर से कार्य करने के उस दायित्व के अनुरूप बनाने का ये सही समय है जिसका उल्‍लेख संयुक्‍त राष्‍ट्र घोषणा पत्र में है। उन्‍होंने कहा कि दोनों श्रेणियों में सदस्य संख्‍या बढ़ाए बिना यह उद्देश्‍य पूरा नहीं होगा।

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भारतीय-अमेरिकी सुनील कुमार बने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष

 न्यूयॉर्क (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय-अमेरिकी शिक्षाविद् सुनील कुमार को मैसाचुसेट्स स्थित टफ्ट्स विश्वविद्यालय का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। प्रोवोस्ट और जॉन्स हॉपकिन्स विश्वविद्यालय में शैक्षणिक मामलों के वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुमार अगले साल 1 जुलाई को राष्ट्रपति एंथनी पी. मोनाको का स्थान लेंगे। पीटर डोलन, न्यासी बोर्ड के अध्यक्ष और राष्ट्रपति की खोज समिति के अध्यक्ष ने कहा, टफ्ट्स में उच्च शिक्षा में उत्कृष्टता के लिए एक नेता, शिक्षक और सहयोगी के रूप में सुनील कुमार का एक असाधारण रिकॉर्ड हैं।

डोलन ने एक बयान में कहा, वह राष्ट्रपति मोनाको के एक उत्कृष्ट उत्तराधिकारी होंगे, जिन्होंने 11 वर्षों में टफ्ट्स को मजबूत किया है। नागरिक जुड़ाव और नवाचार के साथ-साथ अनुसंधान और सीखने की सुनील की प्रतिबद्धता, टफ्ट्स के मिशन को आगे ले जाने में मदद करेगी। कुमार जॉन्स हॉपकिंस विश्वविद्यालय के नौ स्कूलों के अकादमिक मिशन की देखरेख करते हैं और अंत:विषय अनुसंधान और शिक्षा को बढ़ाने, छात्र अनुभव को बढ़ाने और विविधता, इक्विटी और समावेशन प्रयासों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

 
 
 

टफ्ट्स की वेबसाइट पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में कुमार ने कहा, मेरे लिए एक पुलिस अधिकारी के बेटे के रूप में कुछ और करना संभव नहीं होता। सामथ्र्य मेरे लिए एक सैद्धांतिक अवधारणा नहीं है। उन्होंने कहा, और मैं चाहूंगा कि और भी लोगों को समान अवसर मिले। विविधता और समावेश अपरिहार्य मूल्य हैं। कुमार का अकादमिक करियर स्टैनफोर्ड ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस में अध्यापन से शुरू हुआ, जहां वे बाद में संचालन, सूचना और प्रौद्योगिकी के फ्रेड एच मेरिल प्रोफेसर थे।

 

उन्हें यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस का डीन नामित किया गया था। 2016 में, वह जॉन्स हॉपकिन्स में प्रोवोस्ट और वरिष्ठ उपाध्यक्ष बने। कुमार के पिता एक पुलिस अधिकारी थे। वह भारत में पैदा हुए और पले-बढ़े, 1990 में मैंगलोर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में स्नातक की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 1992 में बेंगलुरू में भारतीय विज्ञान संस्थान से कंप्यूटर विज्ञान और स्वचालन में मास्टर डिग्री प्राप्त की। वहीं उन्हें इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में डॉक्टरेट कार्यक्रम के लिए भर्ती किया गया था। कुमार ने 1996 में इलिनोइस विश्वविद्यालय से पीएचडी प्राप्त की।

 

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आतंकवाद को खत्म करने व्यापक, सक्रिय, व्यवस्थित प्रतिक्रिया की जरूरत : मोदी

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काउंटर-टेररिज्म फाइनेंसिंग पर तीसरे नो मनी फॉर टेरर (NMFT) मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में हिस्सा लिया। इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि हमारे देश ने आतंक की विभीषिका का सामना दुनिया के गंभीरता से लेने से बहुत पहले से किया है। दशकों से अलग-अलग रूपों में आतंकवाद ने भारत को चोट पहुंचाने की कोशिश की जिसकी वजह से हमने हजारों कीमती जानें गंवाईं। लेकिन हमने आतंकवाद का बहादुरी से मुकाबला किया। आतंकवाद का दीर्घकालिक प्रभाव गरीबों और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर होता है, चाहे फिर वह पर्यटन हो या व्यापार।

कोई भी उस इलाके को पसंद नहीं करता जहां लगातार खतरा बना रहता है। इसकी वजह से वहां के लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ता है। इसलिए यह अहम है कि हम आतंवाद की जड़ों पर हमला करें । आतंकवाद को खत्म करने के लिए एक व्यापक, सक्रिय, व्यवस्थित प्रतिक्रिया की जरूरत है। अगर हम चाहते हैं कि हमारे नागरिक सुरक्षित रहें, तो हम तब तक इंतजार नहीं कर सकते जब तक कि आतंक हमारे घरों में न आ जाए।

 

हमें आतंकवादियों के वित्त पर चोट करनी चाहिए। कुछ देश अपनी विदेश नीति के तहत आतंकवाद का समर्थन करते हैं। वे उन्हें राजनीतिक, वैचारिक और वित्तीय सहायता प्रदान करते हैं। अंतरराष्ट्रीय संगठन को यह नहीं सोचना चाहिए कि युद्ध की अनुपस्थिति का अर्थ शांति है। यह महत्वपूर्ण है कि हम संयुक्त रूप से कट्टरवाद और उग्रवाद की समस्या का समाधान करें। कट्टरवाद का समर्थन करने वाले का किसी भी देश में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

 

 

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देश का पहला प्राइवेट रॉकेट विक्रम S लॉन्च, स्पेस सेक्टर में भारत की नई शुरुआत ...

 चेन्नई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश के पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-एस’ की आज लॉन्चिंग हो गई. इस रॉकेट का निर्माण हैदराबाद की एक स्टार्ट-अप कंपनी ‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ ने किया है. इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन यानी ‘इसरो’ ने श्रीहरिकोटा के अपने केंद्र से भारत के इस पहले प्राइवेट रॉकेट ‘विक्रम-एस’ की लॉन्चिंग की. इसकी लॉन्चिंग के बाद भारत के स्पेस मिशन में प्राइवेट रॉकेट कंपनियों की एंट्री हो गई है. विक्रम-एस रॉकेट ने देश की स्पेस इंडस्ट्री में प्राइवेट सेक्टर की एंट्री को एक नई दिशा प्रदान की है, जिस पर दशकों से सरकारी स्वामित्व वाले ISRO का प्रभुत्व था.


‘स्काईरूट एयरोस्पेस’ भारत की पहली प्राइवेट सेक्टर की कंपनी बन गई है, जिसने 2020 में केंद्र सरकार द्वारा स्पेस इंडस्ट्री को प्राइवेट सेक्टर के लिए खोले जाने के बाद भारतीय स्पेस प्रोग्राम में कदम रखा है. ‘विक्रम-एस’ रॉकेट को आज सुबह करीब 11:30 पर लॉन्च किया गया. इससे पहले इसे 15 नवंबर को लॉन्च करने की प्लानिंग थी. सतीश धवन स्पेस सेंटर से लॉन्च होने के बाद अब ‘विक्रम-एस’ 81 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचेगा. रॉकेट का नाम इंडियन स्पेस प्रोग्राम के जनक और दिवंगत साइंटिस्ट विक्रम साराभाई के नाम पर रखा गया है.

 

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युवती ने पंखे में फांसी लगाकर दी जान ,क्षेत्र में सनसनी

 जबलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शहर के राजकुमारी बाल निकेतन में एक युवती की आत्महत्या की खबर से सनसनी फैल गई। किशोरी ने अपने कमरे के पंखे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है।

फांसी लगाकर आत्महत्या की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची फंदे पर झूल रही युवती के शव को नीचे उतारकर पीएम के लिए भिजवाया है। पुलिस ने मामले में जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

 

बीते मंगलवार को ही किशोरी को बाल निकेतन में प्रवेश कराया गया था। रांझी पुलिस ने राजकुमारी बाल निकेतन में दाखिला कराया था। युवती 5 दिन पहले घर छोड़कर चली गई थी। पुलिस ने युवती को ढूंढ कर परिवार के हवाले किया था। युवती ने परिवार के साथ रहने से इंकार कर दिया था। कोर्ट के आदेश पर युवती को बाल निकेतन में रखा गया था।

 

 

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राष्ट्रीय महिला आयोग ने डिजिटल शक्ति अभियान के चौथे चरण का किया शुभारंभ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने डिजिटल शक्ति अभियान के चौथे चरण का शुभारंभ किया है। यह अभियान, साइबर क्षेत्र में महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल रूप से सशक्त  और कुशल बनाने पर एक अखिल भारतीय परियोजना है। महिलाओं और लड़कियों के लिए  सुरक्षित ऑनलाइन स्थान बनाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, डिजिटल शक्ति 4.0 महिलाओं को डिजिटल रूप से कुशल बनाने और ऑनलाइन माध्यम से किसी भी अवैध/अनुचित गतिविधि के खिलाफ खड़े होने के लिए जागरूक करने पर केंद्रित है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने इसे साइबरपीस फाउंडेशन और मेटा के सहयोग से शुरू किया।

राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती रेखा शर्मा ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए देश भर में हर क्षेत्र में महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए आयोग के निरंतर प्रयासों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, “यह नया चरण महिलाओं के लिए सुरक्षित साइबर क्षेत्र सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण उपलब्धि सिद्ध होगा। डिजिटल शक्ति महिलाओं और लड़कियों को अपने लाभ के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने और खुद को ऑनलाइन क्षेत्र में सुरक्षित रखने के लिए प्रशिक्षण देकर उनकी डिजिटल भागीदारी में तेजी ला रही है। मेरा मानना है कि यह परियोजना महिलाओं और लड़कियों को साइबर हिंसा से लड़ने और उनके लिए इंटरनेट को एक सुरक्षित स्थान बनाने की दिशा में बड़े लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए योगदान देना जारी रखेगी।

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रेलवे ग्रेड-6 के कर्मचारी सीधे पा सकेंगे प्रमोशन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।  केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेलवे कर्मचारियों के लिए एक बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि पर्यवेक्षक कैडर के कर्मचारियों को सीधे पदोन्नति मिलेगी। इस नीति के तहत रेलवे ग्रेड-6 के कर्मचारी सीधे प्रमोशन पा सकेंगे।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि लेवल-7 में सुपरवाइजरी कैडर के वेतनमान में ठहराव था और उनकी पदोन्नति की गुंजाइश न के बराबर थी। उन्होंने कहा हमारे पास 80,000 पर्यवेक्षक थे। जो पिछले 16 वर्षों यानी 2006 से सुपरवाइजर कैडर के वेतमान में बढ़ोतरी की मांग कर रहे थे। पदोन्नति का एकमात्र रास्ता ग्रुप 'बी' की परीक्षा देकर चयनित होना था। जिसमें 3,712 रिक्तियां थी।

 
 
 

रेल मंत्री ने घोषणा की है कि नई नीति के तहत 50 प्रतिशत कर्मचारियों को लेवल 7 से लेवल 8 तक प्रोन्नत करने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा स्तर-8 से स्तर 9 तक 4 सालों में गैर-कार्यात्मक ग्रेड में 50 लोगों की पदोन्नति के लिए प्रावधान किया गया है। इससे सीधे 40,000 पर्यवेक्षकों को लाभ होगा और सभी को प्रति माह 2,500-4,000 रुपये का औसत अतिरिक्त वेतन मिलेगा।

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हाई कोर्ट ने सीएम योगी आदित्यनाथ के चुनाव के खिलाफ याचिका की खारिज

 लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बने रहने पर सवाल खड़ा करने वाली एक रिट याचिका खारिज कर दी है। कोर्ट ने फिजूल की याचिका दायर कर उसका समय बर्बाद करने के चलते याची पर 11 हजार रुपये का हर्जाना भी ठोंका है।

यह आदेश जस्टिस एआर मसूदी एवं जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने याची डा. एम इस्माइल फारुकी की याचिका पर पारित किया। याचिका दाखिल कर याची ने योगी आदित्यनाथ के खिलाफ अधिकार पृच्छा रिट जारी कर उनसे यह पूछने को कहा था कि वह किस अधिकार से 25 सितंबर, 2022 के बाद मुख्यमंत्री का पद धारण किये हैं।

 

याचिका पर हाई कोर्ट ने पाया कि याची ने अधिकार पृच्छा रिट जारी करने के लिए याचिका में कोई कारण नहीं उल्लिखित किया था। यह भी पाया कि याची ने पहले भी ऐसी एक याचिका दाखिल की थी जिसे बाद में उसने वापस ले ली थी। उसने कोर्ट की बिना अनुमति के दूसरी याचिका भी दाखिल कर दी।

हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याची मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गोरखपुर चुनाव से असंतुष्ट है तो वह चुनाव याचिका दाखिल करता न कि हाई कोर्ट में अधिकार पृच्छा रिट याचिका दायर कर कोर्ट उसका समय जाया करता। कोर्ट ने याचिका को खारिज करते हुए उसका समय बर्बाद करने के चलते याची पर 11 हजार रुपये का हर्जाना भी लगाया।

 

 

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बिना बेहोश किए निर्दयी डॉक्टरों ने कर दी 23 महिलाओं की नसबंदी, 7 जैसे-तैसे भागीं...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार में स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां के एक हॉस्पिटल में दिल दहला देने वाली घटना हुई है, जहां लगभग 23 महिलाओं की जबरन नसबंदी कर दी गई। इस दौरान उन्हें न तो दर्द निवारक दवा दी गई,और न ही ऑपरेशन के मानकों का पालन किया गया।

बिहार के खगड़िया जिले के अलौली प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सको ने अमानवीय ढंग से महिलाओं की जबरन नसबंदी कर दी। मानकों को ताक पर रखकर डॉक्टरों ने उनका ऑपरेशन कर दिया। नसबंदी के दौरान डॉक्टरों ने 23 महिलाओं को बिना दर्द निवारक दवा और बिना बेहोश किए ऑपरेट कर दिया। इस दौरान महिलाएं चीखती-चिल्लाती रही और 30 में से 7 महिले तो इस घटना से इस कदर डर गईं कि वो स्वास्थ्य केंद्र में इन निर्दयी डॉक्टरों से अपना नसबंदी का ऑपरेशन से करने से इंकार करते हुए भाग खड़ी हुईं।

इस मामले में विभाग के सिविल सर्जन अमरकांत झा ने मामले की जांच करने की बात कहते हुए दोषी पवार कड़ी-से-कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

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जिस डॉक्टर ने दिया था धोखा, महिला को चाहिए उसी की किडनी...

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार में एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां एक डॉक्टर की लापरवाही से महिला को अपनी दोनों किडनी गंवानी पड़ी। अब महिला इस बात पर अड़ गई है कि उसे उसी डॉक्टर की किडनी चाहिए जिसकी वजह से उसकी यह हालत हो गई है। हालांकि एक 80 वर्षीय व्यक्ति ने अपनी किडनी डोनेट करने पेशकश की है, लेकिन महिला अपनी जिद पर अड़ी है।


बिहार के मुजफ्फरपुर की महिला सुनीता देवी की दोनों किडनी एक डाक्‍टर ने यूट्रस निकालने की बात कहकर कथित तौर पर धोखे से निकाल दी। इसके बाद करीब दो महीने से डायलिसिस के सहारे जिंदा इस महिला को अब किडनी ट्रांसप्‍लांट से ही बचाया जा सकता है। उसकी जिद है कि उसे उसी डाक्‍टर की ही किडनी चाहिए, जिसने निकाली है। इस बीच घटना की जानकारी होने पर 80 साल के एक बुजुर्ग ने अपनी किडनी देने की पेशकश की है। बुजुर्ग कहते हैं कि उन्‍होंने तो अपनी जिंदगी जी ली है, अगर उनकी किडनी से सुनीता को नया जीवन मिल जाए तो उन्‍हें संतोष होगा।

मामला बिहार के मुजफ्फरपुर के बरियारपुर स्थित बाजी कस्बे का है। वहां की निवासी सुनीता देवी पेट दर्द की शिकायत पर मुजफ्फरपुर के शुभ कांत क्लिनिक पर पहुंचीं। सुनीता के भाई अरुण ने बताया कि डाक्टर ने यूट्रस का आपरेशन करने की बात कही। बीते तीन सितंबर को आपरेशन हुआ, लेकिन इसके बाद हालत और खराब होने पर स्‍वजन उसे पटना मेडिकल कालेज एवं अस्‍पताल (PMCH) ले गए। वहां पांच सितंबर को दोनों किडनी निकाल लिए जाने का पता चला।

घटना उजागर होने पर हड़कम्‍प मच गया। सुनीता की मां तेतरी देवी ने एफआइआर दर्ज कराई। एफआइआर में नर्सिंग होम के संचालक पवन कुमार और आपरेशन करने वाले डाक्टर को आरोपित किया गया है। पुलिस ने पवन काे गिरफ्तार कर लिया है। घटना की जांच पुलिस के अलावा स्‍वास्‍थ्‍य विभाग भी कर रहा है। मुजफ्फरपुर के सिविल सर्जन डाक्‍टर यूसी शर्मा ने प्राथमिक स्‍वास्‍थ्‍य केंद्र प्रभारी से रिपोर्ट मांगी है। इस बीच आरोपित पवन ने खुद को बेकसूर बताया है।

फिलहाल सुनीता का इलाज मुजफ्फरपुर के श्रीकृष्‍ण मेडिकल कालेज एवं अस्‍पताल (SKMCH) में चल रहा है। उसकी नियमित डायलिसिस की जा रही है। एसकेएमसीएच के अधीक्षक डाक्‍टर बीएस झा ने बताया कि जान बचाने के लिए महिला की हर दूसरे दिन डायलिसिस की जा रही है। पटना के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्‍थान (IGIMS) में किडनी उपलब्ध होने पर उसे ट्रांसप्लांट के लिए भेजा जाएगा।

डाक्‍टर की ही किडनी चाहती है सुनीता
तीन नाबालिग बच्चों की युवा मां सुनीता अपने बच्‍चों की खातिर जिंदा रहना चाहती है। उसने कहा है कि उसकी दोनों किडनी निकालने वाले डाक्टर की ही किडनी लेकर उसे दी जाए। डाक्टर की किडनी नहीं मिले तो उसकी पत्नी किडनी दें। ऐसा नहीं होने पर अगर वह मर जाती है तो डाक्टर का शव भी उसके साथ ही जले। सुनीता के अनुसार ऐसी कार्रवाई एक नजीर बनेगी। विदित हो कि आरोपित डाक्टर आरके सिंह फरार है।



80 साल के बुजुर्ग ने मदद के बढ़ाए हाथ
इस बीच सुनीता की हालत देख मुजफ्फरपुर के 80 साल के एक बुजुर्ग ने मदद के हाथ बढ़ाए हैं। साधारण परिवार से ताल्‍लुक रखने वाले व पेशे से बिजली मिस्‍त्री श्यामनंदन सिंह अविवाहित हैं। वे लंबे समय से अंगदान करने की इच्‍छा रखते हैं। वे कहते हैं कि उन्‍होंने तो अपनी जिंदगी जी ली है। अगर उनकी किडनी से सुनीता की जान बच जाए तो उन्‍हें संतोष होगा। बुधवार को वे सुनीता से मिलने एसकेएमसीएच गए थे। वे बताते हैं कि उनकी इच्‍छा जानकर सुनीता भावुक हो गई थी।

सुनीता को किडनी देने के लिए कोई स्‍वजन आगे आए या उसे श्याम सुंदर सिंह की किडनी दी जाए, यह फैसला आसान नहीं है। किडनी ट्रांसप्‍लांट के पहले कई तरह की मेडिकल जांच की जाती है। इसके बाद ही डाक्‍टर फैसला लेते हैं। एसकेएमसीएच के अधीक्षक डाक्‍टर बीएस झा ने बताया कि किडनी डोनेशन व ट्रांसप्‍लांट की विशेष प्रक्रिया होती है। इसके तहत कई तरह की जांच की जाती है। यह भी देखा जाता है कि ली जाने वाली किडनी को मरीज का शरीर स्‍वीकार करेगा या नहीं।

 

 

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अब गैस सिलेंडरों की भी होगी ट्रैकिंग, लगेगा क्यूआर कोड...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। देश में लगभग 30 करोड़ एलपीजी उपभोक्ता है, जबकि गैस सिलेंडरों की संख्या करीब 70 करोड़ है। इनमें सबसे अधिक ग्राहक इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन के पास हैं। देश में जैसे-जैसे गैस की कीमतों में इजाफा हो रहा है, सिलेंडरों से अवैध तरीके से गैस निकालने के मामले भी बढ़ रहे हैं। इसी पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सिलेंडरों को क्यूआर कोडयुक्त करने का फैसला लिया है। क्यूआर कोड युक्त सिलेंडर होने से उपभोक्ताओं को गैस की चोरी होने की स्थिति में मदद मिलेगी। दरअसल, क्यूआर कोड की मदद से उनके सिलेंडर को ट्रैक किया जा सकेगा, जिससे सिलेंडर वितरण की प्रक्रिया के दौरान गैस चोरी करने वालों की पहचान हाे सकेगी।

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस बात की जानकारी साझा करते हुए कहा है कि सरकार सभी एलपीजी गैस सिलेंडरों को क्यूआर कोड से लैस करने जा रही है। ऐसा होने से गैस सिलेंडरों की ट्रैकिंग आसान होगी और गैस चोरी करने वालों को पकड़ा जा सकेगा। दूसरे शब्दों में कहें तो ये क्यूआर कोड बिल्कुल उसी तरह से काम करेगा, जैसे एक मनुष्य के लिए आधार कार्ड काम करता है। सरकार के इस फैसले से आने वाले समय में क्यूआर कोड से लैस हर सिलेंडर की अपनी एक अलग पहचान होगी।

विश्व एलपीजी सप्ताह 2022 के दौरान केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने इस प्रोजेक्ट के बारे में बताते हुए कहा कि आने वाले तीन महीनों में सभी एलपीजी गैस सिलेंडरों पर क्यूआर कोड लग जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि फरवरी 2023 से आपके घर पर क्यूआर कोड से लैस सिलेंडर पहुंचेगा।

 

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छत्तीसगढ़ पवेलियन में दिख रही ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की झलक

 

 रायपुर/नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में लगाए गए छत्तीसगढ़ पवेलियन वर्तमान में देश व विदेश के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना है। छत्तीसगढ़ पवेलियन में ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ की झलक देखने को मिल रही है। इस बार अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ पवेलियन में भी सुदृढ़ ग्रामीण अर्थव्यवस्था व आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते छत्तीसगढ़ को दिखाने का प्रयास किया गया है। यहाँ प्रदर्शनी बोर्ड के माध्यम से आगंतुकों को छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने वाली योजनाओं की जानकारी दी जा रही है

गुरुवार को मेले में छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम (सीएसआईडीसी) के मुख्य महाप्रबन्धक एसके सिन्हा ने ज्यूरी के सदस्यों को छत्तीसगढ़ के पवेलियन का अवलोकन कराया। उन्होने ज्यूरी के सदस्यों को नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी के साथ ही ग्रामीण औद्योगिक पार्क के संबंध में विशेष जानकारी प्रदान की।



पवेलियन में मॉडल के माध्यम से छत्तीसगढ़ सरकार की नई पहल ग्रामीण औद्योगिक पार्क को प्रस्तुत किया गया है, जो ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के नये अवसर प्रदान कर रहा है। इस योजना के माध्यम से चयनित गौठानों को ग्रामीण औद्योगिक पार्क के रूप में विकसित किया गया है। जहां केंचुआ खाद उत्पादन के अलावा मुर्गी पालन, मत्स्य पालन, खाद्य प्रसंस्करण जैसी गतिविधियां चल रही है। इस योजना से गौठान से जुड़े महिला स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) और स्थानीय युवाओं को रोजगार प्राप्त हो रहा है।

इसके साथ ही पवेलियन में छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वाकांक्षी सुराजी गाँव योजना, नरवा, गरवा, घुरवा और बाड़ी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना को प्रस्तुत किया गया है। इन  योजनाओं के माध्यम से छत्तीसगढ़ की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है। वहीं, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर कंपनी के स्टॉल पर ग्रामीण विद्युतीकरण योजना को मॉडल द्वारा प्रदर्शित किया गया है। इस योजना के माध्यम से छत्तीसगढ़ के आंतरिक क्षेत्रों में शत-प्रतिशत का लक्ष्य रखा गया है।

सी मार्ट- ग्रामीणों का अपना शॉपिंग मॉल
छत्तीसगढ़ पवेलियन में सी-मार्ट का स्टॉल लगा हुआ है। सी मार्ट ग्रामीण अर्थव्यवस्था के तेजी से विकास के लिए गांवों में तैयार उत्पादों को शहरों से जोड़ने की पहल की गयी है। यहाँ महिला स्व सहायता समूहों, शिल्पियों, बुनकरों व अन्य पारंपरिक एवं कुटीर उद्योगों द्वारा निर्मित उत्पादों का विक्रय किया जाता है। पवेलियन में भी इस स्टाल पर विभिन्न उत्पादों की खरीदी की जा सकती है।

स्टालों में दिख रही छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति
पवेलियन में छत्तीसगढ़ की कला और संस्कृति से जुड़े हुए उत्पादों को बखूबी डिस्प्ले किया गया है। छत्तीसगढ़ की जनजाति समुदाय द्वारा हाथ से बनाई गयी शिल्प वस्तु, कलाकृति, चित्रकारी, परिधानों की प्रदर्शनी लगाई गयी है। यहाँ बुनकर राज्य की खास पहचान कोसा सिल्क की साड़ियाँ लेकर पहुंचे हैं। इसके अलावा विश्व प्रसिद्ध शिल्पकारी बेलमेटल, ढोकरा और गोदना आर्ट को प्रस्तुत किया जा रहा है।

 

 

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