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फीस जमा न होने से 8वीं क्लास के छात्र ने की खुदकुशी

आठवीं क्लास के छात्र ने की खुदकुशी

 गाजियाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में फीस जमा नहीं होने पर कथित रूप से स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रताड़ित किए जाने से क्षुब्ध आठवीं कक्षा के एक छात्र ने बृहस्पतिवार को खुदकुशी कर ली। पुलिस ने बताया कि सिहानी गेट थाना क्षेत्र की शिब्बन पुरा कॉलोनी में रहने वाले आठवीं कक्षा के छात्र प्रिंस (13) ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

न्होंने बताया कि इस मामले में प्रिंस के पिता की ओर से थाने में दी गई शिकायत में आरोप लगाया है कि स्कूल प्रशासन ने फीस जमा नहीं कर पाने की वजह से उसके बेटे को सरेआम अपमानित किया, जिससे क्षुब्ध होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया।

स्कूल प्रशासन ने पुलिस से कहा है कि प्रिंस और उसके सहपाठी का आपस में विवाद हो गया था, लिहाजा दोनों से कहा गया था कि वे अपने माता-पिता को इस मामले पर बात करने के लिए स्कूल भेजें।

उनके मुताबिक, स्कूल प्रशासन ने कहा है “ दूसरे छात्र ने तो अपने माता-पिता को इस बारे में बताया लेकिन प्रिंस ने ऐसा नहीं किया। इस पर आज उससे कहा गया कि वह अपने पिता को बुलाए, नहीं तो उसे स्कूल में दाखिल नहीं होने दिया जाएगा। बहुत संभावना है कि प्रिंस ने इसीलिए खुदकुशी की है।पुलिस  ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

 

 

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भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक : जेनेट येलेन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन दो दिन के भारत दौरे पर है। उन्होंने कहा कि इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने कहा कि भारत अमेरिका के अपरिहार्य भागीदारों में से एक है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और अमेरिकी ट्रेजरी सचिव जेनेट येलेन ने शुक्रवार को दिल्ली में भारत-अमेरिका आर्थिक वित्तीय साझेदारी की 9वीं बैठक से पहले मुलाकात की।

उन्होंने कहा कि यह मेरी ट्रेजरी सचिव के रूप में भारत की पहली यात्रा है। मुझे यहां आकर खुशी हो रही है क्योंकि भारत अपनी आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मना रहा है और G20 का अध्यक्ष बनने की तैयारी कर रहा है। 

 

 

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स्टार्ट-अप को वित्त तक पहुंचने में सक्षम बनाने की जरूरतः लीना नंदन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग ने कॉप-27 में भारतीय मंडप में “टेक्नोलॉजी नीड्स असेसमेंट फॉर सस्टेनेबल लाइफ” विषय पर पैनल चर्चा की मेजबानी की। इसका उद्देश्य था भविष्य में वैश्विक नागरिकों की सुख-सुविधा के लिये प्रौद्योगिकीय जरूरतों की पहचान करना। चर्चा में हिस्सा लेते हुये पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय की सचिव सुश्री लीना नंदन ने कहा कि आज भारत और विश्व को जिस चीज की जरूरत है, वह है प्रौद्योगिकी। जलवायु परिवर्तन का मुद्दा उन तक सीमित नहीं है, जो उत्सर्जन करते हैं।

उन्होंने कहा कि अब इस बात को बड़े पैमाने पर माना और समझा जा रहा है कि जलवायु परिवर्तन से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता; वह हमारे दरवाजे पर दस्तक दे रहा है। सुश्री लीना नंदन ने कहा कि जलवायु परिवर्तन के कारण तमाम आपदा आधारित घटनाओं के रूप में तबाही आई है। आज की चुनौतियों को देखते हुये हमारी जीवन-शैली को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि हमारी चर्चा इस बात पर केंद्रित होनी चाहिये कि हम क्या पाना चाहते हैं और उसे कैसे पा सकते है; इसके बीच का जो अंतराल है, उसे कैसे भरा जाये।

सुश्री नंदन ने कहा कि विज्ञान तो हमारे पास है, लेकिन अपने कामकाज में विज्ञान और ज्ञान का इस्तेमाल कैसे करना है, इस पर गौर करना होगा। सड़क निर्माण में प्रौद्योगिकी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत में विशाल विविधता है, इसलिये एक ही तरह की चीज सबके लिये फिट हो जायेगी, यह विचार गलत है। प्रौद्योगिकी मूल्यांकन भिन्न-भिन्न राज्यों के लिये भिन्न-भिन्न होता है। राज्यों के भू-भाग के अनुसार उनका समाधान निकलता है। सुश्री नंदन ने चक्रिय अर्थव्यवस्था, ‘री-ड्यूस, री-यूज, री-साइकिल, री-स्टोर और री-फर्बिश’ के बारे में भी बात की। इन सभी ‘आर’ को ‘टी’ यानी प्रौद्योगिकी की जरूरत है। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग से आग्रह किया कि वह राज्य सरकारों को संलग्न करके अभिनव समाधान निकाले।

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स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के कार्यकारी निदेशक ने भारत सरकार के नेतृत्व की सराहना की

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्टॉप टीबी पार्टनरशिप के कार्यकारी निदेशक डॉ. लुसिका दितिउ और उनकी टीम ने केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया से मुलाकात की और वैश्विक टीबी उन्मूलन कार्यक्रम का नेतृत्व करने में भारत सरकार द्वारा अभूतपूर्व नेतृत्व की सराहना की। डॉ. दितिउ ने एक मजबूत दृष्टि प्रदान करने के लिए भारत के प्रयासों की भी प्रशंसा की। इस कार्यक्रम के तहत प्रभावी प्रबंधन और महत्वपूर्ण प्रोग्रामेटिक और नीतिगत हस्तक्षेपों के त्वरित कार्यवाही की जाती है।

इसमें नए डॉग्नोस्टिक टेस्ट, सोशल सपोर्ट इनिशियटिव और त्वरित प्रयास से टीबी का एक नया टीका विकसित करना शामिल है। चर्चा में टीबी को खत्म करने के लिए भारत की मजबूत नेतृत्व की भूमिका और भारत की आगामी जी20 प्रेसीडेंसी के माध्यम से विश्व स्तर पर टीबी की बात को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया गया। डॉ. मंडाविया स्टॉप टीबी पार्टनरशिप बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में भी कार्य कर रहे हैं। उनका यह कार्यकाल 2024 तक है।

इस बैठक के दौरान डॉ मंडाविया 25-26 मार्च, 2023 को वाराणसी में स्टॉप टीबी पार्टनरशिप की 36वीं बोर्ड बैठक की मेजबानी करने के लिए सहमत हुए। बोर्ड की बैठक 24 मार्च, 2023 को एक उच्च स्तरीय कार्यक्रम से पहले होगी, जिसे विश्व स्तर पर विश्व टीबी दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

समूह ने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के शुभारंभ की भी सराहना की। इस पहल के माध्यम से 40,492 से अधिक दाता देश भर में 10,45,269 से अधिक रोगियों के लिए आगे आए हैं। इसमें टीबी रोगियों के उपचार के अतिरिक्त सोशल सपोर्ट मुहैया करना और टीबी को समाप्त करने के लिए एक समुदाय के नेतृत्व वाले आंदोलन को लाभकारी बनाना शामिल हैं। डॉ. दितिउ ने इस पहल के माध्यम से दस टीबी रोगियों को मदद देने की प्रतिबद्ध भी जताई।

 

 

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एनएफडीबी को मिला इंडिया एग्रीबिजनेस पुरस्‍कार 2022

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मत्‍स्‍यपालन, पशुपालन तथा डेयरी मंत्रालय भारत सरकार के मत्‍स्‍यपालन विभाग के अंतर्गत जीवंत संगठन राष्‍ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड (एनएफडीबी), हैदराबाद मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र के अंतर्गत सर्वश्रेष्‍ठ कृषि पुरस्‍कार के लिए ‘इंडिया एग्रीबिजनेस पुरस्‍कार 2022’ से सम्‍मानित होने वाले संगठनों में से एक था। यह पुरस्‍कार मत्‍स्‍य पालन क्षेत्र की सेवाओं और समर्थन के लिए आयोजित कार्यक्रम में प्रदान किया गया।

यह समर्थन प्रौद्योगिकी उन्‍नयन, जलीय कृषि में प्रजातियों के विविधिकरण, नई और उन्‍नत किस्‍म की मछलियों के प्रसार, समुद्री शैवाल की खेती, सजावटी मछलियों, प्रशिक्षण तथा क्षमता निर्माण के लिए आवश्‍यकता आधारित परियोजनाओं को समर्थन देने के लिए हितधारकों को समर्पित महत्‍वपूर्ण और उल्‍लेखनीय भूमिका निभाने के लिये दिया गया ताकि मछली उत्‍पादन और उत्‍पादकता में महत्‍वपूर्ण रूप से वृद्धि की जा सके, मछुआरों की आजीविका में सुधार लाया जा सके, मत्‍स्‍य पालन में उद्यम के अवसरों में बढ़ावा दिया जा सके, रोजगार सृजन हो सके, स्‍वच्‍छ तरीके से हैंडलिंग और मछली के विपणन तथा खपत को बढ़ाया जा सके।

इंडियन चैम्‍बर ऑफ फूड एंड एग्रीकल्‍चर (आईसीएफए) ने ‘एग्रो वर्ल्‍ड 2022’-भारत अंतर्राष्‍ट्रीय कृषि व्‍यवसाय तथा प्रौद्योगिकी मेला-2022 का आयोजन 9 से 11 नवम्‍बर, 2022 तक नई दिल्‍ली के भारतीय कृषि अनुसंधान संस्‍थान, पूसा परिसर में किया जा रहा है। आईसीएफए बड़ी संख्‍या में राष्‍ट्रीय/अंतर्राष्‍ट्रीय औद्योगिक संगठनों तथा संबद्ध संगठनों के साथ तकनीकी सहयोग करने वाला भारत सरकार का संगठन है। मेले का आयोजन खाद्य, कृषि, बागवानी, पशु पालन, मछलीपालन तथा संबद्ध क्षेत्रों में प्रमुख हितधारकों द्वारा किए गए विकास और आधुनिकीकरण को दिखाने के लिए किया गया।

इस आयोजन के हिस्‍से के रूप में राष्‍ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड को इंडिया एग्रीबिजनेस पुरस्‍कार-2022 प्रदान किया गया। यह पुरस्‍कार मत्‍स्‍य पालन के क्षेत्र में उल्‍लेखनीय कार्य के लिए दिया गया। डॉ. सुवर्ण चंद्रप्‍पागरी, आईएफएस, मुख्‍य कार्यकारी, एनएफडीबी ने समारोह में भाग लिया और मत्‍स्‍यपालन, पशुपालन तथा डेयरी राज्‍य मंत्री डॉ. संजीव कुमार बालयान तथा नीति आयोग के सदस्‍य डॉ. रमेश चंद से पुरस्‍कार ग्रहण किया।

 

 

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भारतीय रेल मिशन 100 प्रतिशत विद्युतीकरण की ओर अग्रसर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारतीय रेल ने अपने सम्‍पूर्ण ब्रॉडगेज नेटवर्क के विद्युतीकरण की महत्‍वाकांक्षी योजना प्रारम्‍भ की है। इस योजना से न केवल बेहतर ईंधन ऊर्जा का उपयोग होगा, जिससे उत्‍पादन बढ़ेगा, ईंधन खर्च में कमी आएगी, बल्कि मूल्‍यवान विदेशी मुद्रा की भी बचत होगी। वित्‍त वर्ष 2022-23 के दौरान अक्‍टूबर, 2022 तक भारतीय रेल ने 1223 रूट किलोमीटर के विद्युतीकरण का काम कर लिया है। वित्‍त वर्ष 2021-22 की समानावधि के दौरान 895 रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण हुआ था। यह पिछले वर्ष की समान अवधि के आंकड़े से 36.64 प्रतिशत अधिक है।

यह महत्‍वपूर्ण है कि भारतीय रेल के इतिहास में 2021-22 के दौरान 6,366 रूट किलोमीटर का रिकॉर्ड विद्युतीकरण किया गया। इससे पहले, 2020-21 के दौरान सबसे अधिक विद्युतीकरण 6,015 रूट किलोमीटर का हुआ था।

31.10.2022 तक भारतीय रेल के ब्रॉडगेज नेटवर्क 65,141 रूट किलोमीटर (केआरसीएल सहित) में से 53,470 ब्रॉडगेज रूट किलोमीटर का विद्युतीकरण किया गया है, जो कुल ब्रॉडगेज नेटवर्क का 82.08 प्रतिशत है।

 

 

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सर्वोदय का दर्शन है मनुष्‍य को करुणा संपन्‍न बनाना : प्रो. रजनीश शुक्ल

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल ने बुधवार को कहा है कि सर्वोदय का दर्शन है-मनुष्‍य को करुणा संपन्‍न बनाना। सर्वोदय लोक कल्‍याण की दृष्टि से सर्वोत्तम सोची गई अवधारणा है - किसी को कोई नुकसान न हो, किसी को कोई तकलीफ न हो, किसी को नीचे की ओर न जाना हो, जिसमें सबका उदय हो, सब प्रगति की ओर आएं और अंतत: सब जीवन की श्रेष्‍ठतम और उच्‍चतम स्थिति को प्राप्‍त करें। सर्वोदय की अवधारणा एक वैश्विक अवधारणा है। यह नैतिकता, कल्‍पना, परदु:खकातरता, स्‍वयं के लिए अधिकतम कष्‍ट सहने की वृत्ति और तितीक्षा पर आधारित है। प्रो. शुक्‍ल आजादी का अमृत महोत्‍सव के अंतर्गत भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद्, नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित ‘सर्वोदय के दार्शनिक : विनोबा भावे’ विषय पर विश्‍वविद्यालय में संमिश्र पद्धति से आयोजित विशिष्ट व्याख्यानमाला समारोह की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।


हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, धर्मशाला के पूर्व कुलपति प्रो. कुलदीप चंद्र अग्निहोत्री ने बतौर मुख्य वक्ता कहा कि स्‍वतंत्रता प्राप्ति के उपरांत सत्ताधीशों ने गांधी विचारों को अप्रासंगिक करार दिया लेकिन गांधीजी के दर्शन में विनोबा की परम आस्‍था थी। यही कारण है कि विनोबा ने गांधी दर्शन को जमीन पर उतारा। सर्वोदय की संकल्‍पना को साकार करने के लिए ही उन्‍होंने भूदान यज्ञ चलाया और श्रम की महत्ता को भी प्रतिष्‍ठापित किया। उन्‍होंने कहा कि जो समाज शारीरिक श्रम को महत्ता नहीं देता है वह समाज संतुलित विकास नहीं कर सकता है।

कुलपति प्रो. शुक्ल ने आगे कहा कि भारत की सांस्‍कृतिक परंपरा को समझने की दृष्टि से गांधी ने विनोबा को आध्‍यात्मिक गुरु मानते हुए अपना उत्तराधिकारी भी माना था। उन्‍होंने कहा कि सर्वोदय की दृष्टि स्पष्ट संकेत करती है कि विकास का कोई एकांगी स्वरूप नहीं हो सकता है। मनुष्य को दैहिक, दैविक, भौतिक; सभी दृष्टियों से विकसित करना, करुणा संपन्न बनाना, अन्यों के लिए त्याग करने की वृत्ति वाला मनुष्य बनाना और जो उत्पादन है दुनिया में, यह उन सभी तक पहुँच सके, जिनको उनकी अपेक्षा है। सर्वोदय के दर्शन में सबके संरक्षण की बात निहित है और सब भारत के विकास का साधन बन सके, उन्नत भारत के निर्माण में सबकी भूमिका बन सके। प्रो. शुक्ल ने कहा कि औद्योगीकरण तकनीकी वर्चस्ववाद और अनैतिक उपभोक्तावाद के जरिए अपना प्रभाव बढ़ा रहे आर्थिक उपनिवेशवाद का समाधान सर्वोदय की विचारधारा में ही है।

स्वागत वक्तव्य प्रतिकुलपति प्रो. चंद्रकांत एस रागीट ने दिया। दर्शन एवं संस्कृति विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन किया तथा दर्शन एवं संस्कृति विभाग के अध्यक्ष डॉ. जयंत उपाध्याय ने धन्यवाद ज्ञापित किया। शुरुआत दीप प्रज्वालन, कुलगीत तथा छात्र चंदन मिश्र द्वारा प्रस्तुत भारत वंदना से की गयी। इस अवसर पर अधिष्ठातागण, विभागाध्यक्ष, अध्यापक, विद्यार्थी एवं शोधार्थी बड़ी संख्या‍ में उपस्थित थे। आभासी माध्यम से भी बड़ी संख्या में अध्यापक एवं विद्यार्थी सहभागी हुए।

 

 

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सतौन में गरजे सीएम बघेल, कहा : जयराम सरकार ने महंगाई-बेरोजगारी दी

 रायपुर/शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हिमाचल के सिरमौर जिले के सतौन में छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि हिमाचल में कांग्रेस का परचम लहराएगा और पार्टी की सरकार बनेगी। जयराम सरकार ने महंगाई, बेरोजगारी दी है, अब उसे लौटाने का समय आ गया है। कांग्रेस की सरकार सत्ता में आते ही ओपीएस व रोजगार पर फैसला लिया जाएगा।


सीएम भूपेश बघेल ने हिमाचल प्रदेश के दौरे पर कांग्रेस ने हिमाचल विधानसभा चुनाव को लेकर चुनावी घोषणा पत्र जारी किया है। इस घोषणा पत्र में ओल्ड पेशन स्कीम को लागू करने का वादा किया गया है। घोषणा पत्र को जारी करने के दौरान छत्तीसगढ़ सीएम भूपेश बघेल ने केंद्र पर आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ में हमने पुरानी पेंशन स्कीम को लागू किया। लेकिन केंद्र इसमें अड़ंगा लगा रही है। पेंशन कोष नियामक और विकास प्राधिकरण में जमा 17 हजार 240 करोड़ रुपए की राशि को वापस देने से केंद्र ने इंकार कर दिया है।

वही सीएम भूपेश बघेल ने शिमला में कहते हुए नज़र आए कि "कांग्रेस की जहां जहां सरकार है वहां पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है। सीएम बघेल का आरोप है कि नई पेशन योजना के अंशदान के तौर पर जमा राशि को केंद्र ने अभी तक नहीं दिया है। सीएम ने कहा कि हमने पुरानी पेंशन योजना छत्तीसगढ़ में लागू कर दी गई है। इसलिए हमे राशि वापस किया जाए। लेकिन केंद्र ने राशि नहीं दिया।"

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि अगर हिमाचल में कांग्रेस की सरकार बनती है तो हम यहां ओल्ड पेंशन स्कीम जैसी छत्तीसगढ़ में लागू की गई है, उसे लागू करेंगे। सीएम बघेल ने कहा कि इसे हमने घोषणा पत्र में भी लागू किाया है।

हिमाचल कांग्रेस ने घोषणा पत्र में किए ये वादे
- मनरेगा के तहत कार्य दिवस बढ़ाकर 150 दिन किए जाएंगे।
- वरिष्ठ नागरिकों की पेंशन में बढ़ोत्तरी की जाएगी।
- 75 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिकों को विशेष सामाजिक सुरक्षा पेंशन दी जाएगी।
- सरकार के गठन के तुरंत बाद मंत्रिमंडल की पहली बठकै में OPS बहाल की जाएगी।
- कर्मचारियों को डीए-एरियर्स का निश्चित समय अवधि में भुगतान किया जाएगा।
- आउटसोर्स कर्मचारी के लिए एक नई पारदर्शी नीति बनाई जाएगी.- कर्मचारियों के वेतन, भत्तों की बढ़ोतरी व पदोन्नति को समयबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
- पुलिस की समस्त कॉन्ट्रैक्ट नियुक्तियां 8 वर्ष की जगह 2 वर्ष में नियमित की जाएंगीं।
- पंजाब पैटर्न पर पेंशन व सुविधाएं दी जाएंगी।
- पेंशन में 5, 10 और 15% के भत्ते को शामिल करने की मांग को पूरा किया जाएगा।
- हिमाचल प्रदेश के पेंशन भोगियों की मांगों के लिए बनेगी कमेटी।
- कृषि और बागवानी आयोग का होगा गठन।
- कोल्ड स्टोरेज और यूनिवर्सल पैकेजिंग पर बनेगी नीति।
- हर दिन खरीदा जाएगा 10 किलो दूध।
- गांव में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 'Smart Village' परियोजना।

हिमाचल विधानसभा चुनाव का ऊट किस करवट बैठेगा ये तो भविष्य ही बताएगा। पर इतना ज़रूर है जिस तरह से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल छत्तीसगढ़ के मॉडल का बखान देश भर में कर रहे है उससे छत्तीसगढ़ को ज़रूर एक नही पहचान मिलेगा।

 

 

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भूकंप के झटकों से कांपी धरती, दिल्ली-एनसीआर समेत इन जगहों पर महसूस हुए झटके ...

 दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। दिल्ली-NCR में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, भूकंप की तीव्रता 6.3 दर्ज की गई है। दिल्ली-NCR में 1 बजकर 58 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए है। 

दिल्ली-एनसीआर समेत पूरे उत्तर भारत में मंगलवार की देर रात भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। जिसके बाद हर तरफ अफरा-तफरी मच गई. वहीं भूकंप का केंद्र रहे नेपाल में छह लोगों के मौत की खबर सामने आ रही है। 

बता दें कि देर रात 1 बजकर 58 मिनट पर दिल्ली में भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। भूकंप से लोग एकदम दहशत में आ गए और लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। भूकंप के झटके नोएडा और आसपास के शहरों में भी महसूस किए गए हैं। भूकंप की तीव्रता 6.3 थी। 

नेपाल के राष्ट्रीय भूकंप केंद्र (NSC) के अनुसार, नेपाल के सुदूर-पश्चिम क्षेत्र में पिछले 24 घंटों में तीन भूकंप के झटके दर्ज किए गए है। नेपाल के दोती जिले में कल रात भूकंप के बाद एक घर गिरने से मरने वालों की संख्या अब 6 हो गई है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान अभी नहीं हो पाई है, लेकिन मृतकों में एक महिला और दो बच्चे के मौत होने की आशंका है। 

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न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ ने भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में ली शपथ

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 9 नवम्बर 2022 को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ को भारत के 50वें मुख्य न्यायाधीश के रूप में शपथ दिलाई। 17 अक्टूबर को केंद्र ने 9 नवंबर, 2022 से भारत के मुख्य न्यायाधीश के रूप में न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की नियुक्ति को अधिसूचित किया। एक दिन पहले सेवानिवृत्त हुए न्यायमूर्ति यूयू ललित ने न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ को कमान सौंपी है। जस्टिस चंद्रचूड़ ठीक दो साल तक सेवा देंगे और 10 नवंबर, 2024 को सेवानिवृत्त होंगे। जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ पूर्व और अब तक के सबसे लंबे समय तक सेवारत सीजेआई जस्टिस वाईवी चंद्रचूड़ के बेटे हैं।

आज इतिहास में एक और अध्याय जुड़ गया है, क्योंकि पहली बार पिता-पुत्र की जोड़ी ने सीजेआई के पद को सुशोभित किया है। न्यायमूर्ति चंद्रचूड़ ने नई दिल्ली के सेंट स्टीफंस कॉलेज से अर्थशास्त्र में ऑनर्स के साथ बीए और दिल्ली विश्वविद्यालय के कैंपस लॉ सेंटर से एलएलबी की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने संयुक्त राज्य अमेरिका में हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम और न्यायिक विज्ञान (एसजेडी) में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की।

उन्होंने सुप्रीम कोर्ट और बॉम्बे हाई कोर्ट में वकील के रूप में काम किया। जून 1998 में, बॉम्बे हाईकोर्ट ने उन्हें वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नियुक्त किया। 1998 में, उन्हें भारत के अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल के रूप में नियुक्त किया गया था। मार्च 2000 में, उन्हें बॉम्बे उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था, और तीन साल बाद, उन्हें इलाहाबाद उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के रूप में नियुक्त किया गया था। मई 2016 में, उन्हें सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त किया गया था।

 

 

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भारत ऊर्जा के स्वच्छ और हरित स्रोतों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध : भूपेन्द्र यादव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा है कि भारत ऊर्जा के स्वच्छ और हरित स्रोतों को अपनाने के लिए प्रतिबद्ध है और राष्ट्रीय हाइड्रोजन अभियान इसी दिशा में एक कदम है। शर्म-अल-शेख़ में आयोजित कॉप-27 सम्मेलन से अलग मध्यपूर्व हरित पहल शिखर बैठक 2022 में उन्होंने यह बात कही।

उन्होंने कहा कि भारत ने स्वच्छ और किफायती ऊर्जा के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सपने को पूरा करने के लिए अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन जैसे संगठनों का भी शुभारंभ किया है। श्री यादव ने कहा कि उत्सर्जन में कमी और पर्यावरण सुरक्षा के लिए ज़रूरी बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए विश्वभर के देशों को एकजुट करने के लिए वे सऊदी अरब और मिस्र को बधाई देते हैं।

 

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भारत आज जीवंत नेतृत्व की बदौलत विश्‍व के लिए विकास का एक प्रकाश स्तंभ: चंद्रशेखर

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्‍द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी तथा कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा है कि भारत आज विश्‍व के लिए विकास का एक प्रकाश स्तंभ है, जो एक जीवंत नेतृत्व और साहसिक सुधारों से संभव हुआ है, जिसने शीर्ष स्‍तर पर एक निष्‍क्रिय लोकतंत्र होने की भारत की पहले की धारणा को बदल दिया है। संयुक्त अरब अमीरात के दुबई में शनिवार को विश्व सद्भावना कार्यक्रम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा, भारत अब एक बदलाव के मोड़ पर है। हम आज जहां हैं, वहां से अमृत काल के आने वाले 25 वर्षों में भारत केवल आगे ही बढ़ सकता है और यह उसकी विकास यात्रा का स्वाभाविक अगला पड़ाव होगा।

इस बात की पुष्टि करते हुए कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्व, व्यापक सुधारों और डिजिटल इंडिया, स्किल्स इंडिया, स्टार्ट-अप इंडिया आदि जैसे सरकार के प्रमुख कार्यक्रमों की सफलता ने भारत के पहले के एक निष्क्रिय लोकतंत्र होने की धारणा को बदल दिया है, श्री चंद्रशेखर ने कहा कि भारत आज एक ऐसे देश का ‘जीवित और गतिशील उदाहरण’ है जो न केवल बहुलवादी, धर्मनिरपेक्ष और विविधतापूर्ण है बल्कि आर्थिक विकास, नवोन्‍मेषण, विकास और समृद्धि का भी प्रतीक है। कार्यक्रम में, जहां बड़ी संख्या में भारतीय प्रवासी मौजूद थे, श्री चंद्रशेखर ने प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के 20 वर्षों के नेतृत्व के प्रभाव के बारे में दो पुस्तकों ‘मोदी@20: ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ और ‘हार्टफेल्ट: द लिगेसी ऑफ फेथ’ का भी विमोचन किया। कार्यक्रम का आयोजन एनआईडी फाउंडेशन द्वारा किया गया था।

 
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विश्व में व्याप्त घोर निराशा के वातावरण के बीच भारत आशा जगाने वाला एक स्थान: पीयूष गोयल

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अहिंसा विश्व भारती के राष्ट्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। यह सम्मेलन मुंबई में आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम में,केन्द्रीय मंत्री ने विश्वगुरु बनने के भारत के मिशन पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर, महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी, आचार्य डॉ.लोकेश मुनि और अहिंसा विश्व भारती के अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए, केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि संत और ऋषि किसी व्यक्ति के भीतर ऐसी चिंगारी को प्रज्वलित करते हैं जिससे उसके कार्यों की आभा का बढ़ना संभव हो जाता है। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि हमें कभी-कभी अपने कर्तव्यों की याद दिलाने की जरूरत होती है और संत यही काम करते हैं। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति को कर्मकांडों की दुनिया में उलझे बिना धर्म को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी से जोड़ने की जरूरत है और डॉ. लोकेश जैसे आचार्य इसी आदर्श को साकार करते हैं।

देश के विश्वगुरु बनने के मिशन के बारे में बोलते हुए, केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने हर घर तिरंगा जैसे कार्यक्रमों की अभूतपूर्व सफलता का हवाला दिया जिसमें शायद ही कोई ऐसा घर था जहां राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया हो। विश्व में व्याप्त घोर निराशा के वातावरण के बीच भारत को आशा जगाने वाला एक स्‍थान बताते हुए, उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक भारतीय देश की प्रगति का साक्षी है। केन्द्रीय मंत्री श्री पीयूष गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने पंच प्रण में देशवासियों से औपनिवेशिक मानसिकता को त्यागने और अपने पारिवारिक मूल्यों, विरासत एवं आदर्शों का पालन करते हुए अपनी जड़ों की ओर वापस लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पंच प्रण हमारे दैनिक जीवन में भी हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।

केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि समाज का ध्यान रखने की जैन धर्म की शिक्षा देश की प्रगति के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपना संबोधन समाप्त करते हुए कहा कि अगर भारत के नागरिक यह तय कर लें कि भारत को विश्वगुरु बनाना है, तो दुनिया की कोई भी ताकत इसे रोक नहीं सकती।

 

 

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देव दीपावली पर हिंदी विश्वविद्यालय ने खाद्य सामग्री का किया वितरण

 वर्धा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय द्वारा 8 नवंबर को देव दीपावली और गुरु नानक जयंती के उपलक्ष्य में वर्धा जिले की दस सेवा बस्तियों के लगभग एक हजार अभावग्रस्त परिवारों एवं दो अनाथालयों में स्टेशनरी, मिठाइयों, साड़ियों और गर्म कपड़ों का वितरण किया गया। यह वितरण कार्यक्रम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल की प्रेरणा और पहल से किया गया। कुलपति प्रो. शुक्ल ने अपने संदेश में इस दिन के महत्त्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि लोक में इस दिन का विशेष महत्त्व है।

ऐसी मान्यता है कि आज ही के दिन लोक कल्याण हेतु भगवान शिव ने त्रिपुरासुर का वध किया था जिसके उपलक्ष्य में देव दीपावली मनायी जाती है और आज ही के दिन भगवान विष्णु ने मत्स्यावतार लिया था। इसलिए लोक कल्याण हेतु इस दिन व्रत, अनुष्ठान व दान किये जाने की परंपरा रही है। इसके साथ ही आज का दिन कार्तिक पूर्णिमा व गुरु नानक देव के प्रकटोत्सव अर्थात प्रकाश पर्व का भी प्रतीक है। इस रूप में यह दुर्लभ अवसर व संयोग है। शिक्षा से जुड़े होने के नाते हमारा यह कर्तव्य है कि हम समाज और लोक कल्याण के दीप को सदैव प्रज्ज्वलित रखें। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वंचितों के लिए किसी भी प्रकार के दान की परंपरा को हम इन अवसरों पर इसी प्रकार के आयोजनों के माध्यम से सामूहिक रूप में आगे बढ़ा सकते हैं।

प्रो. शुक्ल ने आगे कहा कि हमें पता है कि वंचितों के समक्ष आर्थिक विपन्नता से उपजी समस्याएँ केवल एक बार सामग्री वितरण करने भर से समाप्त नहीं हो जाएगी। इसलिए हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि पूरे वर्ष में जब भी ऐसे सुअवसर उपलब्ध हों, हम उन तक पहुँचे। हम आशा करते हैं कि विश्वविद्यालय की ओर से यह छोटा-सा प्रयास प्रेरणास्रोत बनेगा और उनकी समस्याओं को कुछ हल्का करेगा। कुलगुरु प्रो. शुक्ल के इन शुभाकांक्षी संदेश से प्रेरित होकर विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों के सहयोग से गिरिपेठ, शांतिनगर, नालवाडी, मसाड़ा, बोरगाँव, वडर बस्ती, आदिवासी कॉलोनी और पवनार सहित कुल 10 बस्तियों में स्टेशनरी, मिठाइयों, साड़ियों और गर्म कपड़ों का वितरण किया गया।

इस वितरण कार्यक्रम में डॉ. कुलदीप कुमार पाण्डेय, डॉ. जीतेन्द्र, डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, डॉ. आम्रपाल शेंद्रे, डॉ. हेमचंद्र ससाने, उमाशंकर, कुमार विश्वमंगल, राम बरन, धीरेश ओझा एवं प्रेम कुमार की सक्रिय सहभागिता रही। इनके अलावा  अखिलेश यादव, डॉ. धीरज मसराम,  ऋचा कुशवाहा, डॉ. उमेश कुमार सिंह, डॉ. अशोक नाथ त्रिपाठी और डॉ. गौरी शर्मा का भी विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। इसके साथ ही इस कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी के. के. त्रिपाठी, कमल शर्मा आदि की विशेष उपस्थिति रही।

 

 

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कांग्रेस को लगातार सजा दे रही है जनता : नरेंद्र मोदी

 शिमला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। हमीरपुर के सुजानपुर में चुनावी जनसभा में पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मैं यहां के लोगों को जितना जानता हूं, मैं ये कह सकता हूं कि इस बार हिमाचल के लोग खुद चुनाव लड़ रहे हैं, खुद नेतृत्व कर रहे हैं और दोबारा जयराम ठाकुर की सरकार बनाने का फैसला यहां की जनता ने कर लिया है। उड़ीसा, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और बिहार से कांग्रेस पूरी तरह गायब हो चुकी है। कांग्रेसी खुद को शहंशाह मानती हैं, इसलिए जनता उन्हें लगातार सजा दे रही है। पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस को पांच साल तक हिमाचल प्रदेश की याद नहीं आई। कांग्रेस विपक्ष की भूमिका निभाने में भी नाकाम रही है।


पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस के प्रति लोगों का गुस्सा कितना है, एक बार सरकार से गई तो उसका वापस लौटना ही मुश्किल होता है। तमिलनाडु में वहां के लोगों ने करीब 60 साल पहले वहां से कांग्रेस को निकाला, 60 साल हो गए अब तक वापस नहीं आई। आज कई ऐसे राज्य हैं जहां कांग्रेस का एक भी विधायक नहीं है। कांग्रेस का मूल आधार आज भी परिवारवाद ही है। ऐसी कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश के लोगों की आकांक्षाओं को, अपेक्षाओं को कभी पूरा नहीं कर सकती। कांग्रेस ने युवाओं के सपनों को कुचला है। कांग्रेस का पूरा ध्यान भ्रष्टाचार पर है। हम देश के लिए काम कर रहे हैं। भाजपा वही वादे करती है जो कर सकती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि इस बार उत्तराखंड के लोगों ने भी पुरानी परंपरा को बदलते हुए भाजपा को जिताया। उत्तर प्रदेश में भी 40 साल बाद ऐसा हुआ है जब कोई पार्टी फिर से जीतकर पूर्ण बहुमत के साथ लगातार दूसरी बार सरकार में आई है। मणिपुर में भी भाजपा की सरकार फिर से आई है। इन दोनों जगहों से खबरें सिर्फ झगड़े की ही रहती हैं। अगर यही चलता रहा तो राज्य का विकास कैसे हो सकता है? कांग्रेस कभी हिमाचल को स्थिर सरकार नहीं दे सकती है और न ही वो चाहते हैं। आज कांग्रेस की गिन कर दो ही सरकारें बची हैं, एक राजस्थान और एक छत्तीसगढ़ में। यहां से कभी भी विकास की खबरें नहीं आती हैं। हम ऐसी राजनीतिक परंपरा बनाना चाहते हैं कि हम सरकार में ऐसा काम करें कि मतदाता हमें बार-बार मौका दें। इसलिए हम विकास के लिए और देश के लिए हर जगह, हर स्तर पर काम कर रहे हैं। कांग्रेस यानि, अस्थिरता की गारंटी। कांग्रेस यानि, भ्रष्टाचार, घोटाले की गारंटी। कांग्रेस यानि, विकास कार्यों में रोड़े अटकाने की गारंटी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज हिमाचल 21वीं सदी में विकास के जिस पड़ाव पर है, वहां उसे स्थिर और मजबूत सरकार की जरूरत है। जब हिमाचल के पास मजबूत सरकार होगी और डबल इंजन की ताकत होगी, तो चुनौतियों को भी दूर करेगा और नई ऊंचाई भी उतनी ही तेजी से प्राप्त करेगा। सबसे पहले मैं हिमाचल भाजपा को विकास का नया संकल्प लेने के लिए, इतना अच्छा घोषणा पत्र बनाने के लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं। हिमाचल भाजपा के 11 शुभ संकल्प यहां के विकास को नई ऊंचाई पर ले जाएंगे।

हिमाचल प्रदेश में 10 नवंबर की शाम को चुनाव प्रचार थम जाएगा। इसके बाद जनसभाएं और अन्य प्रचार बंद हो जाएंगे। केवल डोर-टू-डोर प्रचार ही होगा। प्रदेश में 12 नवंबर को होने वाले मतदान से पहले मतदाताओं को उनके वोट का महत्व समझाया जा रहा है। इसी कड़ी में सत कुठेड़ा में भी घर-घर जाकर लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया गया। निर्वाचन अधिकारी (एसडीएम) फतेहपुर विश्रुत भारती ने बताया कि नोडल अधिकारी और बीएलओ की टीम नाव पर सवार होकर सत कुठेड़ा पोलिंग बूथ के मतदाताओं के घर द्वार पहुंची। आमंत्रण पत्र और कलाई पर स्टैंप लगा कर ‘आओ मतदान करें, हम भी करेंगे’ का न्योता दिया।

 

 

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इंस्टाग्राम के चक्कर में पति ने कर दी पत्नी की हत्या

 तमिलनाडु (छत्तीसगढ़ दर्पण)। तिरुपुर जिले में इंस्टाग्राम और टिकटॉक की आदी हो चुकी एक महिला की उसके पति ने गुस्से में शॉल से गला घोंटकर हत्या कर दी। आरोपी पति को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।  पुलिस के अनुसार मृतका चित्रा को इंस्टाग्राम पर रील्स बनाकर साझा करने की आदत थी। महिला सोशल प्लेटफॉर्म पर बहुत ज्यादा समय बिताती थी। इसे लेकर पति पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। पत्नी की हत्या के आरोप में तमिलनाडु के डिंडुगल के अमृतलिंगम तेन्नमपलयम 38 को गिरफ्तार किया गया है। वह तिरुपुर की सब्जी मंडी में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी चित्रा एक कपड़ा फैक्ट्री में काम करती थी। दोनों तिरुपुर के सेलम नगर में किराए के मकान में रहते थे। 

पुलिस के अनुसार चित्रा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और टिकटॉक पर रील्स बनाती थी। इस बात को लेकर पति अमृतलिंगम ने चित्रा के साथ कई बार झगड़ा किया था। चित्रा सोशल मीडिया मंचों पर बहुत ज्यादा वक्त बिताती थी, इसलिए पति उससे खफा था। उधर, चित्रा के फॉलोअर्स भी बढ़ते जा रहे थे। इसके बाद चित्रा ने अभिनय की दुनिया में कदम बढ़ाना शुरू कर दिए और वह दो माह पूर्व चेन्नई चली गई। इसके बाद वह जब पिछले सप्ताह बेटी की शादी के घर लौटी थी और इसके बाद फिर चेन्नई जाने की  तैयारी में थी। 

चित्रा के चेन्नई लौटने की जिद पर पति पत्नी में फिर जमकर विवाद हुआ। इसी दौरान पति अमृतलिंगम ने शॉल से चित्रा का गला घोंट दिया  और घर से भाग निकला। इसके बाद उसने अपनी बेटी को कॉल किया। नवविवाहित बेटी जब मायके पहुंची तो घर में मां चित्रा को मृत पाया।  फिर उसने पुलिस को पिता द्वारा मां की हत्या किए जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। केस दर्ज करने के बाद पुलिस ने पेरुमनल्लूर से आरोपी अमृतलिंगम को गिरफ्तार कर लिया। मामले में जांच जारी है।

 

 

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जब एम्बुलेंस के लिए पीएम मोदी ने रुकवाया काफिला, सोशल मीडिया में हो रही तारीफ़...

 धर्मशाला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री मोदी अभी हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। बुधवार को प्रचार के लिए शाहपुर पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने एंबुलेंस को देखकर अपना काफ‍िला रोक दिया। पीएम मोदी जैसे ही चंबी मैदान में रैली को संबोधित करने के बाद एयरपोर्ट की ओर बढ़ने लगे तो सामने से एंबुलेंस को आता देखकर पीएम ने अपने काफ‍िले को रुकने का इशरा कर दिया। पीएम माेदी ने शायद चंबी पुल पर आती एंबुलेंस को दूर से ही देख लिया था। इस कारण उन्‍होंने अपने वाहनों को हाईवे पर जाने से पहले ही रुकवा दिया। एंबुलेंस के शाहपुर की ओर निकल जाने के बाद ही मोदी का काफ‍िला हाईवे से कांगड़ा एयरपोर्ट की ओर बढ़ा।



एंबुलेंस डाक्‍टर राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्‍पताल टांडा की ओर से आ रही थी व शाहपुर की ओर जा रही थी। पीएम मोदी के इस काम की इंटरनेट मीडिया पर भी तारीफ हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी बुधवार को जिला कांगड़ा के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के तहत चंबी मैदान में चुनावी रैली को संबोधित करने पहुंचे थे। पीएम मोदी ने चंबी मैदान में करीब 27 मिनट जनता को संबोधित किया। पीएम ने इस दौरान डबल इंजन सरकार के फायदे और सिंगल इंजन के नुकसान गिनाए। इसके अलावा कांग्रेस की गारंटियों पर भी खूब निशाना साधा। पीएम मोदी ने सुजानपुर में भी रैली को संबोधित किया। यहां पूर्व सैनिकों के साथ भी मिले। पूर्व सैनिकों ने खासतौर पर पीएम मोदी का स्‍वागत किया। पूर्व सैनिक मेडल और सेना की टोपी पहनकर सुजानपुर चौगान स्थित रैली स्‍थल पर पहुंचे थे। पीएम मोदी ने यहां भाजपा सरकार की ओर से सैनिकों व पूर्व सैनिकों के लिए किए गए कार्यों को गिनाया। साथ ही कांग्रेस काल में सेना को सुविधाएं न मिलने का आरोप भी लगाया।

 

 

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जमानत पर रोक की मांग को खारिज करते हुए कोर्ट ने संजय राउत को दी राहत...

 मुंबई (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पात्रा चॉल मामले में करीब 101 दिन से जेल में बंद शिवसेना सांसद संजय राउत को मुंबई की एक विशेष अदालत ने बुधवार को जमानत दे दी है। जमानत के बाद अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ने आदेश के अमल पर कुछ समय के लिए रोक लगाने की मांग की है। जिससे ईडी मुंबई की पीएमएलए अदालत के आदेश के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील कर सके। पीएमएलए कोर्ट ने शिवसेना सांसद संजय राउत और सह आरोपित प्रवीण राउत की जमानत के आदेश पर रोक को खारिज कर दिया है, उन्हें रिहा किया जाएगा। उन्हें एक अगस्त को गिरफ्तार किया गया था।


संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 1 अगस्त को मुंबई में पात्रा 'चॉल' के पुनर्विकास में कथित अनियमितताओं से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी की जांच उपनगरीय गोरेगांव में चॉल या घरों के पुनर्विकास से संबंधित 1,034 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय अनियमितताओं और कथित रूप से उनकी पत्नी और सहयोगियों से संबंधित वित्तीय लेनदेन से संबंधित है।

क्या है पात्रा चॉल मामला ?
पात्रा चॉल के नाम से पहचाने जाने वाला सिद्धार्थ नगर उपनगरीय गोरेगांव में 47 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें 672 किरायेदार परिवार हैं। 2008 में महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (म्हाडा) ने एचडीआईएल (हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड) की एक सहयोगी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (जीएसीपीएल) को चॉल के लिए एक पुनर्विकास अनुबंध सौंपा था। जीएसीपीएल को किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट बनाने और म्हाडा को कुछ फ्लैट देने थे। हाती जमीन निजी डेवलपर्स को बेचने के लिए स्वतंत्र था।

हालांकि, ईडी के अनुसार पिछले 14 वर्षों में किरायेदारों को एक भी फ्लैट नहीं मिला, क्योंकि कंपनी ने पात्रा चॉल का पुनर्विकास नहीं किया। उसने 1,034 करोड़ रुपये में यह जमीन पार्सल और फ्लोर स्पेस इंडेक्स (एफएसआई) को बेच दी।

 

 

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