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हमास ने दो अमेरिकी बंधकों को छोड़ा

काहिरा: फलस्तीनी आतंकी संगठन हमास ने दो बंधकों को रिहा किया है। ये दोनों अमेरिकी मां-बेटी हैं। अमेरिका के इलिनोइस प्रांत के इवांस्टन की रहने वाली मां-बेटी के पास इस्राइल की भी नागरिकता है। हमास की सैन्य इकाई अल-कासम ब्रिगेड के प्रवक्ता अबू उबैदा ने एक बयान में कहा कि कतर की मध्यस्थता के बाद मानवीय आधार पर दोनों को रिहा किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि बंधकों को रिहा कर अमेरिकी लोगों और दुनिया को यह बताना चाहते हैं कि राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके फासीवादी प्रशासन द्वारा किए गए दावे झूठे और निराधार हैं।

इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने मां-बेटी जूडिथ ताई रानन और नताली शोशना रानन को हमास की तरफ से छोड़े जाने की पुष्टि की है। इस्राइली अधिकारियों ने बताया कि इन्हें इस्राइल में एक सैन्य ठिकाने पर ले जाया गया है जहां उनके परिवार के सदस्य भी मौजूद हैं। वहीं, अन्य बंधकों के परिजनों ने खुशी जताते हुए शेष बंधकों को भी रिहा करने की अपील की है।

अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने हमास द्वारा रिहा की गईं मां-बेटी से फोन पर बात की और मदद का आश्वासन दिया। राष्ट्रपति बाइडन ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, मैंने अभी-अभी हमास द्वारा बंधक बनाए जाने के बाद रिहा की गईं दो अमेरिकी नागरिकों से बात की। मैंने उन्हें बताया कि अमेरिकी सरकार उनकी पूरी मदद करेगी।

 

 

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हमें एक साथ खड़े होने और जीतने की जरूरत : ऋषि सुनक

तेल अवीव: बीते सात अक्तूबर को गाजा पट्टी से आतंकी समूह हमास द्वारा इस्राइल पर पांच हजार रॉकेट दागे गए थे। इसके बाद से दोनों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। तब से इस्राइल और हमास के बीच भीषण युद्ध जारी है। इस बीच, इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि हमास के साथ जारी संघर्ष 'संपूर्ण सभ्य दुनिया की लड़ाई; है।

उन्होंने यह भी कहा कि यह दुनिया का सबसे बुरा समय है। येरुशलम में ब्रिटिश पीएम ऋषि सुनक के साथ बैठक के बाद एक साझा बयान में इस्राइली पीएम ने यह बातें कही। उन्होंने कहा कि यह केवल हमारी लड़ाई नहीं है, बल्कि यह पूरी सभ्य दुनिया की लड़ाई है। यह हमारा सबसे काला दौर  है, यह दुनिया का सबसे बुरा समय है। हमें एक साथ खड़े होने और जीतने की जरूरत है। 

इजराइल-हमास के बीच चल रहे युद्ध के बीच ब्रिटिश पीएम गुरुवार को इजराइल पहुंचे। इससे पहले गुरुवार को सुनक ने येरुशलम स्थित अपने कार्यालय में नेतन्याहू के साथ एक निजी बैठक की। वहीं ऋषि सुनक ने गुरुवार को इस्राइली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से भी मुलाकात की। हर्जोग ने कहा कि ऐसे कठिन दौर में हमने स्पष्ट देखा कि इस्राइल के सच्चे दोस्त कौन हैं।

नेतन्याहू से मुलाकात के बाद ब्रिटिश पीएम सुनक ने कहा कि ऐसी भयानक परिस्थितियों में इस्राइल का दौरा करने का मुझे दुख हैं। मैं ब्रिटिश लोगों की गहरी संवेदना साझा करना चाहता हूं। हम इस्राइल के अधिकारों का खुलकर समर्थन करते हैं। हम यह भी जानते हैं कि फलस्तीन लोग भी हमास के पीड़ित हैं। सुनक ने कहा कि उन्हें ऐसी भयानक परिस्थितियो  में इज़राइल का दौरा करने का दुख है।

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वेस्ट बैंक में शरणार्थी शिविर में झड़प, 12 फिलिस्तीनियों, एक इजरायली अधिकारी की मौत

रामल्लाह: वेस्ट बैंक के शहर तुल्कार्म के पूर्व में एक शरणार्थी शिविर में गुरुवार को हुई झड़प में कम से कम 12 फिलिस्तीनी और एक इजरायली अधिकारी की मौत हो गई।

फिलिस्तीनी सूत्रों ने यह जानकारी दी। उधर, फ़िलिस्तीनी स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि नूर शम्स शरणार्थी शिविर में हुए हमले में 12 फ़िलिस्तीनी मारे गए। इनमें से सात लोगों की मौत शहर के तुल्कर्म सरकारी अस्पताल इलाज के दौरान हुयी।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक झड़पें तब हुईं, जब इजरायली सेना वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी संदिग्धों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर गिरफ्तारी अभियान चला रही थी। अस्पताल के निदेशक अमीन खादर ने चीन की न्यूज एजेंसी शिन्हुआ को बताया कि 12 फिलिस्तीनियों में से पांच पीड़ितों को अभी भी एक मस्जिद में रखा जा रहा है।

उधर, फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी ने कहा कि इजरायली सेना ने एम्बुलेंस कर्मचारियों को शिविर में घायल लोगों तक पहुंचने से रोक दिया।वहीं, स्थानीय फिलिस्तीनी सूत्रों ने कहा, इजरायली सेना ने एक ड्रोन लॉन्च किया और उसे उड़ा दिया, जिससे कई मौतें और कई लोग घोयल हो गए।

इजरायली मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, शिविर में झड़प के दौरान एक घर में बने विस्फोटक उपकरण के फटने से एक इजरायली पुलिस अधिकारी की भी मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इजरायली सेना ने एक बयान में कहा कि तलाशी अभियान में 150 से अधिक फिलिस्तीनियों को निशाना बनाया गया।

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गाज़ा के हॉस्पिटल पर एयरस्ट्राइक, 500 लोगों की मौत का दावा

दिल्ली: हमास के कब्जे वाले गाजा सिटी के एक हॉस्पिटल पर रॉकेट गिरने से कम से कम 500 लोगों के हताहत होने का दावा किया जा रहा है। इस हमले में कई की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल भी हुए हैं। हमास ने दावा किया किया कि इजरायल ने एयर स्ट्राइक में हॉस्पिटल को निशाना बनाया है।  इजरायली सेना का कहना है कि उसने किसी हॉस्पिटल को निशाना बनाकर बमबारी नहीं की है। बता दें कि यह हमला मध्य गाज़ा के अल अहली हॉस्पिटल पर हुआ है।

एयरस्ट्राइक में 500 लोगों की मौत-हमास
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक हमास द्वारा संचालित क्षेत्र के स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि इजरायली हवाई हमले में गाजा सिटी अस्पताल में सैकड़ों लोग मारे गए। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि कम से कम 500 लोग मारे गए और घायल हुए।

इस्लामिक जिहाद के रॉकेट हॉस्पिटल पर गिरे-इजरायली सेना
इजरायल ने इस हमले के लिए इस्लामिक जिहाद को जिम्मेदार ठहराया है। इजरायली डिफेंस फोर्स के प्रवक्ता डेनियल हागारी ने बताया कि जिस वक्त घटना घटी उसी वक्त गाजा की ओर से फायर किए गए रॉकेट ही अल-अहली हॉस्पिटल के पास से गुजर रहे थे। इजरायल की ओर से हॉस्पिटल पर कोई अटैक नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि खुफिया स्रोतों से पता चला है कि  इस्लामिक जिहाद की ओर से यह रॉकेट दागे गए जो कि अस्पताल पर जा गिरे और इसमें निर्दोष लोगों की मौत हो गई।

इजरायली सेना का कहना है कि 7 अक्टूबर को युद्ध की शुरुआत के बाद से गाजा स्थित आतंकी संगठन नियमित तौर पर इजरायल की ओर रॉकेट दाग रहे हैं, इनमें से करीब 450 रॉकेट तो उन्हीं के इलाके में गिरे। इनमें से कई रॉकेट गाज़ा के रिहायशी इलाके में जाकर गिरे जिससे जानमाल को काफी नुकसान पहुंचा है।

इस्लामिक जिहाद जिम्मेदार-नेतन्याहू
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस गाज़ा हॉस्पिटल पर हुए हमले को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कई स्रोतों से मिली खुफिया जानकारी से संकेत मिलता है कि गाजा के अल अहली अस्पताल पर हुए असफल रॉकेट प्रक्षेपण के लिए इस्लामिक जिहाद जिम्मेदार है। नेतन्याहू ने कहा कि पूरी दुनिया को पता होना चाहिए कि गाजा के बर्बर आतंकवादियों ने ही गाजा के अस्पताल पर हमला किया था, आईडीएफ ने नहीं। जिन लोगों ने हमारे बच्चों की बेरहमी से हत्या की, उन्होंने अपने बच्चों की भी हत्या कर दी।

उधर,अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन इजरायल के लिए रवाना हो गए हैं। वे दोपहर में इजरायल की राजधानी तेल अवीव पहुंचेंगे। तेल अवीव में बाइडेन इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बातचीत करेंगे।

फिलस्तीन राष्ट्रपति अब्बास ने बाइडेन के साथ निर्धारित बैठक रद्द की
फिलस्तीन के राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन और पश्चिम एशियाई नेताओं के साथ बुधवार को होने वाली बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसकी जानकारी दी । अधिकारी ने बताया कि गाजा के हॉस्पिटल पर हमले के विरोध में अब्बास ने यह फैसला किया है। अब्बास को जॉर्डन के अम्मान में आज प्रस्तावित बैठक में जॉर्डन के शाह अब्दुल्ला द्वितीय और मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी के साथ शामिल होना था। इस बैठक में उन्हें बाइडेन के साथ इजराइल-हमास युद्ध के ताजा हालात पर चर्चा करनी थी। हमास के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि गाजा के अस्पताल पर हमले में 500 से अधिक लोग मारे गए हैं।

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नए पोल में भारतीय-अमेरिकी निक्की हेली, बाइडेन से चार अंकों से आगे

न्यूयॉर्क: एक नए सर्वेक्षण के अनुसार, यदि 2024 का चुनाव अभी होता है तो अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों निक्की हेली और रॉन डेसेंटिस से हार जाएंगे और अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रंप से मामूली अंतर से आगे रहेंगे।

सर्वे के मुताबिक इडेन ने ट्रम्प (49 प्रतिशत से 48 प्रतिशत) पर एक अंक की बढ़त ले ली, जबकि हेली से चार अंक (49 प्रतिशत से 45 प्रतिशत) और डेसेंटिस से दो अंकों से पीछे रह गए।

इस सप्ताह जारी, 6-9 अक्टूबर के बीच किए गए सर्वेक्षण से पता चला है कि भारतीय-अमेरिकी पूर्व दक्षिण कैरोलिना गवर्नर ने सितंबर के बाद से सबसे बड़ा लाभ हासिल किया। 10 प्रतिशत समर्थन के साथ उनकी संख्या दोगुनी हो गई है।

हेली ने डेमोक्रेट्स के बीच सबसे अधिक संख्या में दलबदल कराया (9 प्रतिशत ने उनका समर्थन किया), जबकि ट्रम्प को सबसे कम (5 प्रतिशत डेमोक्रेट्स ने उनका समर्थन किया)।

2024 के राष्ट्रपति पद की दौड़ से बाहर हो चुके पूर्व कांग्रेसी विल हर्ड ने फोर्ब्स को बताया, उनके पास गति है, उनके पास अनुभव है, और वह एकमात्र व्यक्ति हैं, जो सर्वे में बाइडेन को लगातार हरा रही हैं।

पिछले महीने सीएनएन पोल से पता चला था कि हेली एकमात्र रिपब्लिकन हैं, जो 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में बाइडेन को हरा सकती हैं।रिपोर्ट में कहा गया है, दोनों के बीच एक काल्पनिक मैच में बाइडेन के 43 प्रतिशत के मुकाबले 49 प्रतिशत के साथ हेली बाइडेन पर बढ़त बनाने वाली एकमात्र रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं।

फॉक्स न्यूज सर्वेक्षण से यह भी पता चला कि कई कानूनी चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प ने रिपब्लिकन राष्ट्रपति पद की दौड़ में अपनी बढ़त बनाए रखी।

77 वर्षीय ट्रम्‍प को रिपब्लिकन प्राथमिक मतदाताओं के बीच 59 प्रतिशत समर्थन मिला, और मार्च के बाद से वह 50 प्रतिशत से ऊपर रहे हैं और सितंबर में रिकॉर्ड 60 प्रतिशत तक पहुंच गए।

अगस्त के अंत में अपनी पहली रिपब्लिकन प्राथमिक बहस के ठीक बाद, हेली ने कहा था कि ट्रम्प 2024 के राष्ट्रपति चुनावों के लिए पार्टी के उम्मीदवार नहीं होंगे।

 

 

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इजराइल के करीब पहुंच रहे अमेरिकी युद्धपोत

वाशिंगटन: अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड ऑस्टिन ने कहा है कि पेंटागन एक विमानवाहक पोत, युद्धपोत और जेट को पूर्वी भूमध्य सागर में ले जा रहा है और यहूदी राज्य पर हमास के हमले के मद्देनजर इजरायल को अतिरिक्त उपकरण और गोला-बारूद भी देगा।

रविवार देर रात एक्स पर एक पोस्ट में, ऑस्टिन ने कहा: "मैंने अभी इजरायल के रक्षा मंत्री (योव) गैलेंट से बात की और इजरायल के अपनी रक्षा के अधिकार के लिए अमेरिका के अटूट समर्थन की उन्‍होंने बात कही।

एक बयान में, पेंटागन ने कहा कि ऑस्टिन के निर्देश के तहत, रक्षा विभाग अमेरिकी नौसेना के विमानवाहक पोत यूएसएस गेराल्ड आर. फोर्ड (सीवीएन-78), टिकोनडेरोगा-क्लास गाइडेड मिसाइल क्रूजर यूएसएस नॉर्मंडी (सीजी60) और आर्ले-बर्क श्रेणी के निर्देशित मिसाइल विध्वंसक यूएसएस थॉमस हडनर (डीडीजी 116), यूएसएस रामेज (डीडीजी 61), यूएसएस कार्नी (डीडीजी 64), और यूएसएस रूजवेल्ट (डीडीजी 80) को इजरायल के निकट पूर्वी भूमध्य सागर में ले जा रहा है।

रिपोर्ट के अनुसार, रक्षा सचिव ने अलग से यह भी कहा कि पेंटागन ने  क्षेत्र में अमेरिकी वायु सेना के एफ-35, एफ-15, एफ-16 और ए-10 लड़ाकू विमान स्क्वाड्रन को बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार आईडीएफ को युद्ध सामग्री सहित अतिरिक्त उपकरण और संसाधन तेजी से उपलब्ध कराएगी।

ऑस्टिन ने कहा, इजराइल को अमेरिकी सुरक्षा सहायता का पहला दौर रविवार को शुरू होगा और आने वाले दिनों में पहुंचेगा। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों के अनुसार, 7 अक्टूबर को फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह हमास द्वारा इज़राइल पर अपना हमला शुरू करने के बाद से, यहूदी राज्य में 700 से अधिक लोग मारे गए हैं, जबकि 400 से अधिक फिलिस्तीनी भी मारे गए हैं।

इस बीच सैकड़ों लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं. बचाव दल के अनुसार, पीड़ितों में कम से कम 260 लोग शामिल हैं जिनके शव इजरायली संगीत समारोह स्थल पर पाए गए थे। हमास के बंदूकधारियों ने 7 अक्टूबर को इजराइल-गाजा सीमा के पास कार्यक्रम के दौरान भाग रहे लोगों पर गोली चलाई और अन्य को बंधक बना लिया।

अमेरिका ने दावा किया है कि इजरायली नागरिकों के अलावा कम से कम 7 अमेरिकी मारे गए हैं, जबकि यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि हमले में दो यूक्रेनियन की भी जान चली गई है।

माना जाता है कि मृतकों में मैक्सिकन और ब्राज़ीलियाई नागरिक भी शामिल हैं। अपने नवीनतम अपडेट में, आतंकवादी समूह ने दावा किया कि उसने वर्तमान में गाजा में 100 से अधिक इजरायली बंधकों को बंधक बना रखा है, जिनमें उच्च पदस्थ सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं।

हमास के एक प्रवक्ता ने रविवार देर रात कहा कि उनकी सेनाएं अभी भी मौजूद हैं और गाजा के ठीक उत्तर में दक्षिणी इज़राइल के मावकीम में अभियान चला रही हैं। समूह ने यह भी कहा कि उसने गाजा सीमा के करीब दक्षिणी तटीय शहर अश्कलोन पर 100 रॉकेटों के साथ एक बड़ा मिसाइल हमला किया था।

विवरण दिए बिना, इज़राइली सेना के एक अधिकारी ने कहा: हम अभी भी दक्षिण में लड़ रहे हैं। ताजा संघर्ष छिड़ते ही कई एयरलाइनों ने इजराइल से आने वाली उड़ानें रद्द कर दी हैं।

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बस पलटने से 17 लोगों की मौत, 23 घायल

मेक्सिको: दक्षिणी मेक्सिको में एक राजमार्ग पर प्रवासियों, जिनमें ज्यादातर वेनेजुएला के लोग थे, को ले जा रही एक बस के पलट जाने से 17 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। ओक्साका राज्य के नागरिक सुरक्षा समन्वय ने शुक्रवार को कहा कि दुर्घटना ओक्साका और पड़ोसी राज्य प्यूब्ला को जोड़ने वाले राजमार्ग पर हुई।

प्रारंभिक रिपोर्टों में कहा गया है कि कम से कम 17 लोग मारे गए और लगभग 25 अन्य घायल हो गए, जिनका अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है। नागरिक सुरक्षा समन्वय ने कहा कि अधिकारियों ने दोनों दिशाओं में सड़क को आंशिक रूप से बंद कर दिया है।

समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यात्री बस 55 प्रवासियों को ले जा रही थी। ओक्साका के गवर्नर सॉलोमन जारा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "हमें दुर्घटना पर गहरा अफसोस है। हमारे सरकारी कर्मी प्रभावित लोगों को सहायता प्रदान कर रहे हैं।

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इमरान खान का करीबी सहयोगी नाै मई के दंगों के मामले में बना सरकारी गवाह

 इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगियों में से एक और पीटीआई की टाइगर फोर्स के प्रमुख रहे उस्मान डार ने 9 मई के दंगे के मामले में पाला बदलने और अपने पार्टी प्रमुख के खिलाफ सरकारी गवाह बनने का फैसला किया है।

टाइगर फोर्स के प्रमुख के रूप में कार्य करने के अलावा डार, पार्टी के लिए काम करने के लिए युवा स्वयंसेवकों को शामिल करने और बढ़ावा देने के लिए गठित एक संगठन के पूर्व विशेष सहायक भी थे।

एक टीवी चैनल को दिए साक्षात्कार में डार ने दावा किया कि दंगों की योजना और क्रियान्वयन की रणनीति लाहौर के ज़मान पार्क स्थित पूर्व प्रधानमंत्री के आवास पर बनाई गई थी।

उन्‍होंने कहा, 9 मई की घटना की योजना लाहौर में उनके ज़मान पार्क निवास पर पीटीआई प्रमुख के रूप में इमरान खान की अध्यक्षता में हुई बैठकों में बनाई गई थी। इमरान खान ने खुद सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के निर्देश दिए थे।

कहा कि , इस बात पर चर्चा हुई कि हमें उन पर (सैन्य प्रतिष्ठान) दबाव बनाने के लिए जरूरत पड़ने पर राज्य संस्थानों पर हमला करना चाहिए।

डार ने कहा कि पार्टी में दो खेमे बन गए हैं। एक का झुकाव राज्य संस्थानों के प्रति सुलहवादी दृष्टिकोण की ओर था, जबकि दूसरा पक्ष आक्रामक आख्यान बनाने और संस्थानों को अपने सिर पर लेने की कहानी की ओर झुका हुआ था।

उन्होंने दावा किया, मुराद सईद, हम्माद अज़हर और आज़म स्वाति उस समूह में से थे, जो चाहते थे कि खान सत्ता विरोधी रुख अपनाएं और इमरान खान उनकी बात सुनते थे और उससे सहमत भी थे।

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शाप्स ने जेलेंस्की को और अधिक सैन्य सहायता देने का वादा किया

 लंदन:  ब्रिटेन के रक्षा मंत्री ग्रांट शाप्स ने गुरुवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की के साथ बैठक के दौरान उन्हें और सैन्य समर्थन देने का वादा किया।

रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी है। प्रेस बयान में कहा गया, “रक्षा मंत्री शाप्स ने राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की और उनके समकक्ष रुस्तम उमेरोव से मुलाकात की और ब्रिटेन से और सैन्य मदद का वादा किया।”

 

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पाकिस्‍तान में लाइव टीवी शो पर जमकर चले लात घूंसे

इस्‍लामाबाद: पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ और इमरान खान के बीच किस हद तक दुश्‍मनी है, यह बात किसी से छिपी नहीं है। अब उनकी इसी दुश्‍मनी की एक झलक लाइव टीवी पर भी नजर आने लगी है। एक लाइव टीवी कार्यक्रम के दौरान नवाज की पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के सीनेटर अफनान उल्लाह खान और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) से जुड़ी वकील शेर अफजल खान मारवात एक-दूसरे से भिड़ गए। इन दोनों की पिटाई के बाद पाकिस्‍तान के न्‍यूज चैनल्‍स एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गए हैं। कई लोगों का कहना है कि पाकिस्‍तानी चैनल्‍स लगातार मारपीट का अड्डा बनते जा रहे हैं।

सीनेटर अफनान उल्लाह खान और शेर अफजल खान मारवात एक चैनल पर चर्चा में शामिल हुए थे। एक राजनीतिक टॉक शो के दौरान, दोनों नेताओं के बीच एक मसले को लेकर मामला गर्म हो गया। बात इतनी बढ़ गई कि दोनों एक दूसरे को गालियां देने लगे और मारपीट करने लगे। इस पूरी घटना ने एंकर और चैनल को हैरान कर दिया तो वहीं दर्शक अपनी तरह से क्लिप को शेयर करके इसके मजे ले रहे हैं। दरअसल पॉपुलर टीवी होस्ट जावेद चौधरी के शो 'कल तक' के दौरान, पीएमएल-एन सीनेटर ने पीटीआई प्रमुख इमरान खान पर कई संगीन आरोप लगाए। उन्‍होंने पूर्व पीएम पर गलत काम करने और सैन्य अधिकारियों के साथ बैकडोर बातचीत करने का आरोप लगाया।

 
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कनाडा में खालिस्तानियों ने किया भारत के खिलाफ प्रदर्शन

दिल्ली: कनाडा में खालिस्तान समर्थकों ने सोमवार को भारत के खिलाफ प्रदर्शन किया। सिख फॉर जस्टिस के प्रमुख गुरपतवंत सिंह पन्नू के आह्वान पर खालिस्तान समर्थक दो अलग-अलग जगह इस प्रदर्शन के लिए जुटे। पहला प्रदर्शन कनाडा के वैंकूवर में, जबकि दूसरा प्रदर्शन ओटावा में किया गया।


वैंकूवर में प्रदर्शनकारी भारतीय दूतावास के बाहर इकट्‌ठे हुए और खालिस्तान के समर्थन में नारे लगाए। कुछ खालिस्तान समर्थकों ने विरोध जताने के लिए तिरंगा फाड़ दिया। ये लोग अपने साथ तिरंगे का बड़ा बैनर लेकर आए, जिसे उन्होंने जमीन पर बिछाया और उस पर चलते भी दिखे। उन्होंने PM मोदी की तस्वीर का भी अपमान किया।

ओटावा में बुलावे पर पहुंचे 30 लोग
खालिस्तानियों ने दूसरा प्रदर्शन ओटावा में भारतीय दूतावास के बाहर किया। SFJ का अनुमान था कि इस प्रदर्शन में सैकड़ों लोग पहुंचेंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। प्रदर्शन में करीब 30 लोग ही शामिल हुए। बताया जा रहा है कि इनमें से अधिकतर को दिहाड़ी पर प्रदर्शन के लिए इकट्‌ठा किया गया था।

दूतावास के बाहर कम होती भीड़

भारत के कड़े रुख के बाद भारतीय दूतावास के बाहर इकट्‌ठे होने वाली खालिस्तानी समर्थकों की भीड़ दिन पर दिन कम होती जा रही है। इसके पीछे भारत सरकार की तरफ से लिया गया अहम फैसला है। भारत सरकार ने बीते दिनों ही प्रदर्शन करने वाले खालिस्तानी समर्थकों की भीड़ में चेहरों को पहचानने का काम शुरू किया है।

इसके बाद भारत सरकार इन सभी प्रदर्शनकारियों का OCI कार्ड रद्द करने वाली है। OCI का अर्थ ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया है, जो विदेश में बसे भारतीय लोगों को दोहरी नागरिकता प्रदान करता है। भारत वापस ना आ पाने के डर से अब विदेश में बसे खालिस्तानी समर्थक खुल कर आगे आने से बच रहे हैं।

कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका में पाक के एजेंट सक्रिय
आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत और कनाडा के बीच तनाव का फायदा पाकिस्तान उठाना चाहता है। इसी को अंजाम देने के लिए उसकी खुफिया एजेंसी ISI ने भारत विरोधी माहौल बनाने के लिए दुनिया के सिख बाहुल्य क्षेत्रों में अभियान शुरू किया है। इस अभियान काे ‘के’ नाम दिया है। ‘के’ का मतलब खालिस्तान से है।

साजिश के तहत उसने कनाडा, यूके, जर्मनी, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका के सिख बहुल इलाकों में अपने एजेंट सक्रिय कर दिए हैं। इनके माध्यम से वह आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस, खालिस्तानी आतंकियों को करोड़ों रुपए की फंडिंग कर रहा है। साथ ही वह आतंकियों को विभिन्न देशों में भारतीय दूतावासों पर हमले और प्रदर्शन के लिए भी उकसा रही है।

खालिस्तानी आतंकियों का ओवरसीज सिटिजनशिप कार्ड कैंसिल करेगा भारत
कनाडा में खालिस्तान समर्थकों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए भारत सरकार कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन में मौजूद खालिस्तानी आतंकियों के ओवरसीज सिटिजनशिप ऑफ इंडिया यानी OCI कार्ड को कैंसिल करने की तैयारी में है।

सरकार के इस कदम के बाद ये आतंकी भारत नहीं आ पाएंगे। न्यूज एजेंसी IANS ने सूत्रों के हवाले से बताया कि सरकार ने विदेश में रह रहे आतंकियों की प्रॉपर्टीज की भी पहचान करने के आदेश दिए हैं। NIA ने शनिवार को ही खालिस्तानी आतंकी पन्नू की चंडीगढ़ और अमृतसर की प्रॉपर्टी को जब्त किया था। कानूनी तौर पर अब ये प्रॉपर्टी सरकार की हो गई हैं।

 

 

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सूडान में युद्ध के कारण 53 लाख लोग हुये विस्थापित

खार्तूम: सूडानी सशस्त्र बलों (एसएएफ) और अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स (आरएसएफ) के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद अप्रैल के मध्य से सूडान में युद्ध से लगभग 53 लाख लोग विस्थापित हो गये। मानवीय मामलों के समन्वय के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (ओसीएचए) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। ओसीएचए ने अपनी नवीनतम रिपोर्ट में कहा, अप्रैल के बाद से पांचवें महीने में एसएएफ और आरएसएफ के बीच लड़ाई के कारण, लगभग 53 लाख लोग अपने घर छोड़कर सूडान या पड़ोसी देशों में शरण ले चुके हैं।

इसमें कहा गया है, सूडान के भीतर, 19 सितंबर तक सभी 18 राज्यों में 3,929 स्थानों पर 42 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए हैं। ओसीएचए ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी (यूएनएचसीआर) के हवाले से कहा कि इसके अलावा, 10 लाख से अधिक लोग मध्य अफ्रीकी गणराज्य, चाड, मिस्र, इथियोपिया और दक्षिण सूडान सहित पड़ोसी देशों में चले गए हैं।

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चिली के स्वतंत्रता समारोह के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में 25 लोगों की मौत

 सैंटियागो: चिली में 15 से 19 सितंबर तक वार्षिक स्वतंत्रता समारोह ‘फिएस्टास पैट्रियास’ के दौरान सड़क दुर्घटनाओं में कुल 25 लोगों की मौत हुई। चिली के अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार ग्यारह लोगों की मौत कुचलने से हुई, टक्कर से छह लोगों की, भिडंत से चार लोगों की और वाहनों के पलटने से चार लोगों की मौत हुई।

लोक निर्माण मंत्री जेसिका लोपेज ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में कम मौत हुई हैं, वर्ष 2022 में 40 लोगों की मौत हुई थी। कारबिनेरोस (सैन्यीकृत पुलिस) के आदेश और सुरक्षा के राष्ट्रीय निदेशक एनरिक मोनरास ने एक संवाददाता सम्मेलन में बताया कि नशे में गाड़ी चलाने के लिए कुल 393 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

 
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सऊदी अरब के साथ संबंध हो सकता है सामान्‍य : नेतन्याहू

जेरूसलम: इजरायल के प्रधान मंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आशा व्यक्त की है कि इजरायल और सऊदी अरब के बीच राजनयिक संबंध स्थापित करने के लिए एक ऐतिहासिक सौदा पहुंच के भीतर हो सकता है। नेतन्याहू की यह टिप्पणी संयुक्त राष्ट्र महासभा के 78वें सत्र के इतर न्यूयॉर्क में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात के बाद आई है।

दिसंबर 2022 में नेतन्याहू के कार्यालय में लौटने के बाद यह दोनों नेताओं के बीच पहली बैठक थी। बाइडेन प्रशासन इज़राइल और सऊदी अरब के बीच संबंधों को सामान्य बनाने के लिए एक समझौते पर काम कर रहा है। नेतन्याहू ने बााइडेन से कहा कि हम इज़राइल और सऊदी अरब के बीच एक ऐतिहासिक शांति स्थापित कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि इस तरह की शांति अरब-इजरायल संघर्ष के अंत को आगे बढ़ाने, इस्लामी दुनिया और यहूदी राज्य के बीच सुलह हासिल करने और इजरायल और फिलिस्तीनियों के बीच वास्तविक शांति को आगे बढ़ाने में काफी मदद करेगी। इससे पहले सितंबर में, इज़राइल के राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के निदेशक तज़ाची हानेग्बी ने कहा था कि उनके देश और फिलिस्तीनी प्राधिकरण ने सऊदी अरब के साथ संबंधों को सामान्य बनाने के इज़राइल के प्रयासों के तहत सीधी बातचीत की है।

रियाद और वाशिंगटन दोनों ने हाल के महीनों में इस बात पर जोर दिया है कि इजरायल और सऊदी अरब के बीच अमेरिका की मध्यस्थता वाले किसी भी समझौते के लिए इजरायल-फिलिस्तीनी संघर्ष के समाधान की दिशा में सकारात्मक विकास की आवश्यकता होगी।

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चार्ल्स तृतीय ने ब्रिटेन, फ्रांस से दोस्ती को फिर से मजबूत करने का किया आह्वान

पेरिस: ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने ब्रिटेन और फ्रांस से 21वीं सदी की चुनौतियों का सामना करने के लिए अपनी दोस्ती को फिर से मजबूत करने का आह्वान किया है। फ्रांस की तीन दिवसीय राजकीय यात्रा पर गए चार्ल्स तृतीय ने वर्सेल्स पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन द्वारा आयोजित राजकीय रात्रिभोज के दौरान यह टिप्पणी की।

रिपोर्ट के अनुसार, ब्रिटेन और फ्रांस के बीच स्थायी संबंध की सराहना करते हुए, चार्ल्स तृतीय ने कहा कि ब्रिटिश और फ्रांसीसी लोगों के बीच संबंध असंख्य थे और 1904 में दोनों देशों द्वारा हस्ताक्षरित एंटेंटे कॉर्डिएल की जीवनधारा का प्रतिनिधित्व करते थे। चार्ल्स तृतीय ने कहा, हमारे संबंध निश्चित रूप से हमेशा पूरी तरह से सीधे नहीं रहे हैं,  उन्होंने कहा कि दोनों देशों का लंबा और जटिल इतिहास है।

उन्होंने मैक्रॉन से जोर देकर कहा, इस सब में, हम अपनी दृढ़ मित्रता पर भरोसा कर सकते हैं, जो प्रत्येक नई पीढ़ी के साथ नवीनीकृत और पुनर्जीवित होती है।अपनी ओर से, मैक्रॉन ने कहा कि चार्ल्स तृतीय की फ्रांस यात्रा अतीत के लिए "एक सम्‍मान" और भविष्य की "गारंटी" है।

ब्रेक्सिट के बावजूद, हम चुनौतियों का सामना करने और उन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए एक साथ मिलकर अपने महाद्वीपों के भविष्य का हिस्सा लिखना जारी रखेंगे, जो हमारे बीच समान हैं। राजा चार्ल्स तृतीय, अपनी पत्नी रानी कैमिला के साथ, शुक्रवार को यात्रा के अंतिम चरण के रूप में बोर्डो जाने से पहले गुरुवार को फ्रांसीसी और ब्रिटिश व्यापार प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे।

उन्होंने मार्च में राजा बनने के बाद अपनी पहली राजकीय यात्रा के गंतव्य के रूप में फ्रांस को चुना। हालांकि, फ्रांसीसी पेंशन सुधार के खिलाफ हिंसक विरोध प्रदर्शन के कारण यात्रा स्थगित कर दी गई थी।

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कनाडा का आरोप- भारत ने करवाई सिख नेता की हत्या

दिल्ली: कनाडा ने भारत पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। संसद में पीएम जस्टिन ट्रूडो ने कहा कि हरजीत सिंह निज्जर की हत्‍या में भारतीय एजेंट्स का लिंक सामने आया है।

निज्जर खालिस्तानी आतंकी था जिसकी 18 जून को ब्रिटिश कोलंबिया में हत्या कर दी गई थी।

ABC न्यूज के अनुसार, कनाडा ने एक टॉप भारतीय डिप्लोमैट को निष्कासित कर दिया है। विदेश मंत्री मेलनी जॉली के अनुसार, कनाडा में भारतीय इंटेलिजेंस के प्रमुख को निष्‍काषित किया गया है। ट्रूडो को सोशल मीडिया पर अपने इस फैसले के लिए आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। बिना पर्याप्त सबूत के इतना गंभीर आरोप लगाना और ऐक्‍शन लेना लोगों के गले नहीं उतर रहा। कुछ ने तो ट्रूडो पर कनाडा को आतंकियों की शरणस्थली पाकिस्तान जैसा बनाने का आरोप लगा दिया।

कनाडा के पीएम हैं या खालिस्‍तान के प्रवक्‍ता?
ट्रूडो ने सोमवार को संसद में कहा कि कनाडाई खुफिया एजेंसियां निज्‍जर की हत्‍या के बाद से इन 'विश्‍वसनीय' आरोपों की जांच कर रही थी। उन्‍होंने कहा कि नई दिल्‍ली में जी20 शिखर सम्‍मेलन के समय उन्‍होंने यह मुद्दा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने भी उठाया था। ट्रूडो ने कहा कि उन्‍होंने मोदी से कहा था कि भारत की संल‍िप्‍तता स्‍वीकार नहीं होगी और जांच में सहयोग मांगा था। कनाडा के पीएम जिस लाइन पर चल रहे हैं, वही लाइन खालिस्तान के समर्थकों की है। अगले महीने कनाडा में होने वाले जनमत संग्रह के दूसरे चरण में वोटर्स से पूछा जाएगा कि क्या जून में कट्टरपंथी सिख नेता निजर की मौत के लिए भारतीय उच्चायुक्त जिम्मेदार है।

अपने ही देश में घिर गए ट्रूडो
ट्रूडो का यह फैसला भारत और कनाडा के राजनयिक संबंधों को रसातल में पहुंचा सकता है। वह अपने देश में ही आलोचना झेल रहे हैं। सोमवार को संसद में जब ट्रूडो ने यह बात बताई, उसके बाद से वह सोशल मीडिया के निशाने पर हैं। बाकी दुनिया के लोग भी हैरान हैं कि आखिर कनाडा क्यों भारत से रिश्ते खराब करने पर तुला है! जिल टॉड ने लिखा, 'यह नन्हा वामपंथी क्यों भारत से लड़ाई मोल लेना चाहता है?' एक अन्‍य X यूजर ने लिखा, 'कनाडा में चीनी पुलिस थानों ने जांच की और बताया कि यह भारत ने किया।' वहीं, दूसरे ने कहा, 'बधाई हो कनाडा के लोगों, आप पाकिस्तान के साथ जुड़ गए हो जो अब तक आतंकियों को पनाह देने वाला इकलौता देश था। जस्टिन ट्रूडो कनाडा को उस रास्ते पर ले जा रहे हैं जिस पर पाकिस्तान दशकों पहले चला था।।'

कनाडा में भारतीय डिप्‍लामैट्स को भारी खतरा
18 जून को निज्जर की हत्‍या के बाद कनाडा में पोस्टर युद्ध छिड़ गया। भारतीय राजनयिकों और प्रतिष्ठानों को धमकी दी गई। उनकी मौत के लिए उच्चायुक्त संजय वर्मा और वैंकूवर और टोरंटो में महावाणिज्य दूत को जिम्मेदार ठहराया गया। पोस्टर में बंदूक के साथ प्रतिबंधित संगठन सिख्स फॉर जस्टिस का नाम और मृत अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की तस्वीरें भी थीं। इसमें 1985 के एयर इंडिया फ्लाइट ब्लास्ट के मास्टरमाइंड तलविंदर सिंह परमार की तस्वीरें भी थीं।

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रूस बना गेहूं का नंबर 1 निर्यातक, ये है वजह...

दिल्ली: रूस में लगातार दूसरे सीजन में भी गेहूं की बंपर पैदावार हुई। इसके चलते यह देश दुनिया का सबसे बड़ा यानी नंबर 1 निर्यातक देश बन गया।

एक तरफ जहां रूस की दमदार फसल निर्यातक के रूप में देश की स्थिति को मजबूत कर रही है वहीं दूसरी ओर, यह यूक्रेन पर आक्रमण की वजह से कीमत पर बढ़े दबाव को भी कम कर रही है। इसका मतलब यह है कि सप्लाई बढ़ने की वजह से देश को सस्ते में गेहूं मिल जा रहा है।

रूस के सबसे बड़े निर्यातक बनने की एक और वजह यूक्रेन पर पाबंदी
समाचार एजेंसी ब्लूमबर्ग ने बताया कि रूस के साथ युद्ध की वजह से यूक्रेन के बंदरगाहों पर नाकाबंदी हो गई है और लगातार बमबारी जारी है, जिसकी वजह से यूक्रेन का खाद्य निर्यात रुक गया है। और यही वजह है कि वैश्विक गेहूं बाजार में रूस को अपना प्रभुत्व मजबूत करने में मदद मिली है। यह रिकॉर्ड रूसी शिपमेंट को जानकर समझा जा सकता है क्योंकि देश के व्यापारियों ने आक्रमण के बाद सामना की गई फाइनैंशिंग और लॉजिस्टिक संबंधी चुनौतियों पर काबू पा लिया है।

हालांकि, रूस के खचाखच भरे अनाज बंदरगाहों ने लागत के संकट से जूझ रहे गेहूं उपभोक्ताओं के लिए एक उम्मीद की किरण भी पैदा की है क्योंकि इस समय गेहूं की कीमतें लगभग तीन वर्षों में सबसे कम हैं।

खुद के खजाने भरने के लिए रूस ने बढ़ा दी कीमत
रूस स्थिति का फायदा उठाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है और ऐसे में अपने खुद के खजाने को भरने के लिए गेहूं की कीमतों में बढ़ोतरी कर रहा है। लेकिन इन सबके बावजूद, जब रूस ने यूक्रेन पर हमला किया था तब जितना दाम था, उसकी भी आधी से कम कीमत पर शिकागो बाजार कारोबार कर रहा है। बता दें कि आक्रमण के बाद गेहूं की कीमत उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी।

स्ट्रैटेजी ग्रेन्स के अनाज-बाजार एनॉलिस्ट हेलेन डुफ्लोट ने ब्लूमबर्ग को बताया, ‘रूसी गेहूं के लिए बहुत सारे प्रतिस्पर्धी नहीं हैं। रूस इस समय प्राइस मेकर है।’ यानी रूस के लिए इस समय कोई मुकाबले में नहीं है और रूस का कीमत डिसाइड करने में इकलौता राज है।

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वियतनाम में 9 मंजिला इमारत में आग, 50 की मौत

दिल्ली: वियतनाम की राजधानी हनोई में बुधवार को एक अपार्टमेंट में अचानक भीषण आग लग गई। जिसमें 50 लोगों की जलने से दर्दनाक मौत हो गई। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. सूचना पर पहुंची स्थानीय पुलिस ने घायलों को आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उनका इलाज चल रहा है।

50 लोगों की जलने से मौत
एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, वियतनाम समाचार एजेंसी ने जानकारी देते हुए बताया कि 13 सितंबर की रात को करीब 2 बजे अपार्टमेंट में अचानक आग लग गई। जिसमें 50 लोगों की जलने से मौत हो गई। आग नौ मंजिला इमारत में लगी. जिसमें 150 लोग रहते थे।

अपार्टमेंट में मौजूद थे 150 लोग
खबरों के अनुसार जिस अपार्टमेंट में आग लगी थी वह काफी तंग गली में स्थित था। जिससे फायर ब्रिगेड और अन्य बचाव दल को पहुंचने में भी काफी दिक्कत हो रही थी। फायर ब्रिगेड की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला और उन्हें अस्पताल पहुंचाया। राहत-बचाव का कार्य तेजी के साथ चल रहा है। 70 लोगों को अपार्टमेंट से बाहर निकाला गया है। जिसमें से 54 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

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