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शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने युक्तियुक्तकरण जरूरी

छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।


वास्तविक स्थिति 

राज्य की 30,700 प्राथमिक शालाओं में औसतन 21.84 बच्चे प्रति शिक्षक हैं और 13,149 पूर्व माध्यमिक शालाओं में 26.2 बच्चे प्रति शिक्षक हैं, जो कि राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। हालांकि 212 प्राथमिक स्कूल अभी भी शिक्षक विहीन हैं और 6,872 प्राथमिक स्कूलों में केवल एक ही शिक्षक कार्यरत है। पूर्व माध्यमिक स्तर पर 48 स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं और 255 स्कूलों में केवल एक शिक्षक है। 362 स्कूल ऐसे भी हैं जहां शिक्षक तो हैं, लेकिन एक भी छात्र नहीं है।

इसी तरह शहरी क्षेत्र में 527 स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात 10 या उससे कम है। 1,106 स्कूलों में यह अनुपात 11 से 20 के बीच है। 837 स्कूलों में यह अनुपात 21 से 30 के बीच है। लेकिन 245 स्कूलों में यह अनुपात 40 या उससे भी ज्यादा है, यानी छात्रों की दर्ज संख्या के अनुपात में शिक्षक कम हैं। 

युक्तियुक्तकरण के क्या होंगे फायदे

जिन स्कूलों में ज्यादा शिक्षक हैं लेकिन छात्र नहीं, वहां से शिक्षकों को निकालकर उन स्कूलों में भेजा जाएगा जहां शिक्षक नहीं हैं। इससे शिक्षक विहीन और एकल शिक्षक वाले स्कूलों की समस्या दूर होगी। स्कूल संचालन का खर्च भी कम होगा और संसाधनों का बेहतर उपयोग हो सकेगा। एक ही परिसर में ज्यादा कक्षाएं और सुविधाएं मिलने से बच्चों को बार-बार एडमिशन लेने की जरूरत नहीं होगी। यानी एक ही परिसर में संचालित प्राथमिक, माध्यमिक, हाई स्कूल एवं हायर सेकेण्डरी स्कूल संचालित होंगे तो प्राथमिक कक्षाएं पास करने के बाद विद्यार्थियों को आगे की कक्षाओं में एडमिशन कराने की प्रक्रिया से छुटकारा मिल जाएगा। इससे बच्चों को पढ़ाई में निरंतरता बनी रहेगी। बच्चों के स्कूल छोड़ने की दर (ड्रॉपआउट रेट) भी घटेगी। अच्छी बिल्डिंग, लैब, लाइब्रेरी जैसी सुविधाएं एक ही जगह देना आसान होगा।  

शिक्षा विभाग ने कतिपय शैक्षिक संगठनों द्वारा युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया पर उठाए गए भ्रामक सवालों के संबंध में स्पष्ट किया है कि युक्तियुक्तकरण का मकसद किसी स्कूल को बंद करना नहीं है बल्कि उसे बेहतर बनाना है। यह निर्णय बच्चों के हित में, और शिक्षकों की बेहतर तैनाती के लिए लिया जा रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार की यह पहल राज्य की शिक्षा व्यवस्था को ज्यादा सशक्त और संतुलित बनाएगी। युक्तियुक्तकरण से न सिर्फ शिक्षकों का समुचित उपयोग होगा, बल्कि बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा भी मिल सकेगी।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का आधार

छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए किए जा रहे युक्तियुक्तकरण को लेकर विभिन्न शैक्षिक संगठनों द्वारा उठाए गए सवालों के संबंध में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, शिक्षकों के संतुलित वितरण और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुपालन के उद्देश्य से की जा रही है।


शिक्षा विभाग का मानना है कि 2008 के सेटअप की प्रासंगिकता नहीं रही, अब शिक्षा का अधिकार अधिनियम ही युक्तियुक्तकरण का आधार है। 2008 के स्कूल सेटअप में प्रधान पाठक और दो सहायक शिक्षकों की व्यवस्था थी, जो उस समय की आवश्यकताओं के अनुरूप थी, लेकिन 01 अप्रैल 2010 से पूरे देश में लागू हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम के बाद नए मानक लागू हुए। अधिनियम के तहत 60 छात्रों तक के लिए 2 शिक्षकों का प्रावधान है और 150 से अधिक छात्रों पर ही प्रधान पाठक की नियुक्ति की जाती है। चूंकि छत्तीसगढ़ में पहले से ही कई स्कूलों में प्रधान पाठक का पद स्वीकृत था, इसलिए उन्हें सहायक शिक्षक की गिनती में जोड़ा गया है।

शिक्षा विभाग के अनुसार दो शिक्षकों से पांच कक्षाओं को पढ़ाने के सवाल के जवाब में कहा  गया है कि बहुकक्षा शिक्षण ही इसका बेहतर समाधान है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि औसतन प्राथमिक स्कूलों में दो ही कक्ष निर्मित होते हैं और शिक्षा का अधिकार अधिनियम में भी 60 छात्रों तक के लिए दो शिक्षकों की व्यवस्था का प्रावधान है। ऐसे में शिक्षकों को बहुकक्षा शिक्षण का प्रशिक्षण दिया गया है ताकि वे विभिन्न कक्षाओं को एक साथ गुणवत्तापूर्वक पढ़ा सकें। आंकड़ों के अनुसार राज्य के 30,700 प्राथमिक विद्यालयों में से लगभग 17,000 में छात्र-शिक्षक अनुपात 20 से भी कम है, जिससे यह स्पष्ट है कि छात्रों के अनुपात में शिक्षक पर्याप्त संख्या में हैं।

शिक्षा विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि 60 से कम दर्ज संख्या वाली शालाओं को लेकर फैलाई जा रही भ्रांति निराधार हैं। कुछ संगठनों ने यह आशंका व्यक्त की थी कि 60 से कम दर्ज संख्या वाली 20,000 से अधिक शालाएं व्यवहारिक रूप से एकल-शिक्षकीय हो जाएंगी। इस पर विभाग ने स्पष्ट किया कि इन स्कूलों में दो शिक्षकों की व्यवस्था की गई है, जिसमें प्रधान पाठक भी एक शिक्षकीय पद है। अतः यह कहना गलत है कि ये शालाएं एक शिक्षक के भरोसे चलेंगी। शिक्षा विभाग ने यह दोहराया है कि युक्तियुक्तकरण का उद्देश्य शिक्षकों की संख्या को कम करना नहीं, बल्कि उनकी तैनाती को तर्कसंगत बनाकर सभी विद्यार्थियों को समान अवसर और संसाधन उपलब्ध कराना है। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि कहीं भी छात्र-शिक्षक अनुपात अधिनियम से नीचे न जाए। शिक्षा विभाग का यह मानना है कि युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया न केवल विधिक मानकों पर आधारित है, बल्कि इसका उद्देश्य राज्य में प्राथमिक शिक्षा को और अधिक प्रभावी, समान और गुणवत्तापूर्ण बनाना है।
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शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी: मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए आदर्श विद्यार्थी के पाँच गुण “काक चेष्टा बको ध्यानं, श्वान निद्रा तथैव च। अल्पाहारी गृहत्यागी, विद्यार्थी पंच लक्षणं का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अनुशासित, मेहनती और लक्ष्यनिष्ठ बनने की प्रेरणा दी। एक छात्र द्वारा सोशल मीडिया के प्रभाव पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा, डिजिटल युग में अच्छाई को अपनाएं और बुराई से दूर रहें। श्री साय ने अपने छात्र जीवन के संघर्ष साझा करते हुए बताया कि अविभाजित रायगढ़ जिले में शिक्षा के अवसर सीमित थे। नटवर स्कूल ही एकमात्र विकल्प था। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, कभी निराश न होने और परिश्रम को अपना मूल मंत्र बनाने का आह्वान किया।
       
मुख्यमंत्री ने ‘प्रयास’ और ‘नालंदा परिसर’ जैसे शैक्षणिक नवाचारों की सराहना की और कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि हर जिले में आधुनिक ग्रंथालय स्थापित किए जाएं। उन्होंने मुंगेली जिला ग्रंथालय की सराहना करते हुए बताया कि यह ग्रंथालय अब तक सैकड़ों युवाओं की सफलता की नींव बन चुका है। उन्होंने इसे केवल अध्ययन का स्थल न मानकर एक सफलता केंद्र बताया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री को तोप सिंह कुंभकार द्वारा उनके चित्र का हस्तनिर्मित छायाचित्र तथा भगवद् गीता और अन्य स्मृति चिन्ह भी भेंट किए गए।

गौरतलब है कि जिला ग्रंथालय में वर्तमान में यहाँ 4780 से अधिक पुस्तकों का संग्रह, 893 पंजीकृत सदस्य, 32 टेबल, 11 सीसीटीवी कैमरे हैं। कार्यक्रम में राज्य के मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी. दयानंद सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: शैक्षणिक क्रांति की ओर छत्तीसगढ़ का निर्णायक कदम

 छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मंजूरी दी गई, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा की संरचना और परिणामों को एक नई दिशा देगा।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षा जीवन निर्माण की प्रक्रिया है। हमारी सरकार का संकल्प है कि राज्य के हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समग्र शिक्षा मिले, चाहे वह किसी भी कोने में क्यों न रहता हो। उन्होंने इसे भविष्य निर्माण की नींव बताया और कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना राज्य का सर्वोच्च प्राथमिकता वाला कार्य है। इस अभियान के अंतर्गत राज्य भर के शासकीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बहुआयामी रणनीतियाँ लागू की जाएंगी। स्कूल शिक्षा विभाग शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा, जिनमें विद्यालय स्तर पर क्रियान्वयन की स्पष्ट रूपरेखा दी जाएगी।

विद्यालयों का सामाजिक अंकेक्षण मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान की प्रमुख विशेषता है। इसके अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता, शिक्षण प्रक्रिया, विद्यार्थियों की उपलब्धियाँ, आधारभूत सुविधाएँ और शिक्षक उपस्थिति जैसे संकेतकों के आधार पर ग्रेडिंग की जाएगी। यह पारदर्शिता और उत्तरदायित्व की नई मिसाल होगी। जो विद्यालय अपेक्षित गुणवत्ता तक नहीं पहुँच पा रहे हैं, उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाएगी। यह कार्य न केवल शिक्षा विभाग द्वारा, बल्कि अन्य विभागों के अधिकारियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से किया जाएगा, जिससे सामुदायिक निगरानी को बल मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक ओर जहाँ कमजोर विद्यालयों को चिन्हित किया जाएगा, वहीं दूसरी ओर मॉडल विद्यालयों का चयन कर भी किया जाएगा। कमजोर विद्यालयों के शिक्षकों को इन मॉडल स्कूलों का शैक्षणिक भ्रमण कराया जाएगा, ताकि वे श्रेष्ठ शैक्षणिक व्यवहार और व्यवस्थाओं से प्रेरणा ले सकें। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पालक-शिक्षक सहभागिता मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू है। पालक-शिक्षक बैठकों (PTM) को एक औपचारिकता नहीं, बल्कि संवाद और सहभागिता का माध्यम बनाया जाएगा। इससे शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और बच्चों की प्रगति पर संयुक्त रूप से कार्य हो सकेगा।

इस अभियान के तहत कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता में सुधार पर विशेष फोकस रहेगा। शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा कि वे आधुनिक शिक्षण विधियों, टेक्नोलॉजी के उपयोग और छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण को अपनाएँ, जिससे सीखने की प्रक्रिया आनंददायक और प्रभावी हो।

मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि यह अभियान केवल शिक्षा विभाग का नहीं बल्कि पूरे समाज का दायित्व है। छत्तीसगढ़ सरकार का यह कदम शिक्षा को केवल पहुंच का विषय नहीं, बल्कि गुणवत्ता का विषय भी बनाता है। मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान न केवल प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों का भविष्य उज्जवल बनाएगा, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करेगा।
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बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किया

 राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बच्चों में अब शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसकी बानगी राज्य के अंतिम छोर पर बसे एक गांव में संचालित स्कूल से सामने आई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे गांव कुवांरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया है।


कंगना बैगा की इस उपलब्धि पर न केवल उनके परिजन और स्कूल प्रशासन बल्कि पूरा गांव गर्वित है और परिणाम के बाद से जश्न मना रहा है। 

इस बीच सुशासन तिहार-2025 की कड़ी में औचक निरीक्षण के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एम.सी.बी.) जिले के भरतपुर विकासखंड अंतर्गत माथमौर गांव पहुंचे। जैसे ही बच्चों को यह जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री उनके गांव आए हैं, वे अपनी सफलता की खुशी साझा करने के लिए उनसे मिलने पहुंच गए।
मुख्यमंत्री श्री साय ने आत्मीयता और वात्सल्य के साथ बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने अभिभावक के रूप में संवाद करते हुए उनकी शिक्षा और भविष्य की योजनाओं के बारे में पूछा।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य में सुशासन तिहार का आयोजन किया जा रहा है। इसके तीसरे चरण में समाधान शिविरों के माध्यम से प्रदेशवासियों की समस्याओं, मांगों और शिकायतों के निराकरण की जानकारी दी जा रही है। कई स्थानों पर स्वयं मुख्यमंत्री पहुंचकर आमजन से सीधा संवाद कर रहे हैं। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री साय सुदूर अंचलों में शासकीय योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए आकस्मिक दौरे कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री के आज माथमौर गांव आने की खबर मिलते ही ग्रामीणों के साथ कई विद्यार्थी भी प्रदेश के मुखिया से मिलने पहुंचे। इस दौरान शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कुवांरपुर में पढ़ने वाली 10वीं की टॉपर छात्रा कंगना बैगा (83.67%), मीनाक्षी शुक्ला (82.83%) तथा 12वीं के विद्यार्थी विद्यासागर तिवारी, सचिन कुमार बांधे और कु. शशि सिंह को मुख्यमंत्री ने पेन देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यार्थियों से भविष्य की शिक्षा और करियर संबंधी योजनाओं पर संवाद किया।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जहां राज्य में जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन सुनिश्चित कर रहे हैं, वहीं शिक्षा के प्रसार पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम है कि अब सुदूर वनांचल क्षेत्रों के बच्चे परीक्षाओं में प्रवीण्य सूची में स्थान पा रहे हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के द्वारा  7 मई को छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के  हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षाओं का परिणाम घोषित किया गया था।
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विद्यार्थियों ने मैनपाट में टाइगर प्वाइंट, जलजली और बौद्ध मंदिर का किया भ्रमण

  शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के माइक्रोबायोलॉजी के विद्यार्थियों ने मैनपाट में टाइगर प्वाइंट, जलजली और बौद्ध मंदिर के स्थलों का भ्रमण किया। अध्ययन भ्रमण प्राचार्य डॉ. एच.एन.दुबे के निर्देशन एवं विभाग अध्यक्ष टी.आर. राहंगडाले के मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ। अध्ययन भ्रमण हेतु माइक्रोबायोलॉजी विभाग के स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी शामिल हुए। 

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मैनपाट में उपस्थित जैव विविधता और पर्यावरण से संबंधित घटकों का अध्ययन किया। जिसमें लाइकेन, कवक व अन्य पौधों की जानकारी प्राप्त की। इस स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों ने कवक और लाइकेन का संग्रहण किया तथा जैव विविधता एवं पर्यावरण के बीच के संबंध को जाना। विद्यार्थियों ने संग्रहित पदार्थ का प्रयोगशाला में स्पेसिमेन तैयार किया, ताकि उन्हें आने वाले समय पर सुरक्षित रखकर अध्ययन किया जा सके। अध्ययन भ्रमण में दिव्यादित्य सिन्हा, साधना भगत अतिथि व्याख्याता, प्रंजना साहू व पूर्णिमा राजवाड़े जन भागीदारी में अपना सहयोग प्रदान किया।

 
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उड़नदस्ता ने 22 परीक्षा केन्द्रों का किया निरीक्षण

  माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी 10वीं परीक्षा 2025 के अंतर्गत 17 मार्च 2025 को आयोजित सामाजिक विज्ञान (300) विषय पेपर के दौरान जिले के 05 उड़नदस्ता दल द्वारा 22 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी भी केन्द्र में अनुचित साधन का उपयोग नहीं पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार अरविन्द कुमार मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा 04 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141166 सेजेस अमलेश्वर, 141120 सांकरा, 141128 पाहंदा, 141126 सेजस जामगांव एम शामिल है। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा केन्द्रीय कृत परीक्षा 2025 कक्षा 05वीं के विभिन्न केन्द्रों का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया।  

इसी तरह तनवीर अकील सहायक संचालक प्रभारी अधिकारी दुर्ग द्वारा 07 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141071 खपरी, 141008 सेजेस खम्हरिया, 141066 बेलौदी, 141050 उरला, 141076 बोरसी, 141053 धनोरा, 141014 पुरई शामिल है। गोविंद साव विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा 03 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141001 जेआरडी दुर्ग, 141071 खपरी, 141030 जेवरा सिरसा शामिल है। प्रदीप कुमार महिलांगे विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पाटन द्वारा 06 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141123 शा.उ.मा.वि. कन्या सेलूद, 141124 सेजस सेलूद, 141127 देवादा, 141145 तेलीगुण्डरा, 141121 सेजस मर्रा, 141164 कानाकोट तथा कैलाश साहू विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी धमधा द्वारा 02 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141101 अहेरी, 141107 सेजेस नंदिनी खंुदनी शामिल है। 

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10 परीक्षा केन्द्रों में 09 मार्च को होगी व्यापमं की प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा

 छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा 09 मार्च 2025 को प्रयोगशाला सहायक भर्ती परीक्षा प्रातः 10 बजे से अपरान्ह 12.15 बजे तक जगदलपुर के 10 परीक्षा केन्द्रों में आयोजित की जाएगी। जिसके तहत शासकीय काकतीय पीजी कॉलेज धरमपुरा नम्बर 02 जगदलपुर, शासकीय इंजीनियरिंग महाविद्यालय धरमपुरा नम्बर 03 जगदलपुर, शासकीय दन्तेश्वरी पीजी महिला महाविद्यालय शांति नगर जगदलपुर, शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या हायर सेकण्डरी स्कूल क्रमांक जगदलपुर, शासकीय बहुउद्देशीय हायर सेकण्डरी स्कूल जगदलपुर, बाल विहार हायर सेकण्डरी स्कूल बालाजी वार्ड जगदलपुर, स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल धरमपुरा स्पोर्ट्स काम्पलेक्स केम्पस धरमपुरा जगदलपुर, स्वामी विवेकानंद शासकीय एक्सीलेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल अग्रसेन चैक संजय मार्केट रोड जगदलपुर, स्वामी आत्मानंद एक्सीलेंट हिन्दी मीडियम शासकीय हायर सेकण्डरी स्कूल रेल्वे कालोनी जगदलपुर तथा धरमु माहरा शासकीय महिला पॉलिटेक्निक धरमपुरा नम्बर 02 जगदलपुर परीक्षा केन्द्रों पर उक्त भर्ती परीक्षा आयोजित की जाएगी। उपरोक्त परीक्षा में समस्त परीक्षार्थियों को वर्तमान वर्ष का प्रवेश पत्र लेकर आना अनिवार्य है।

परीक्षा के सफल संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर श्री गगन शर्मा मोबाइल नंबर 81038-17122 को नोडल अधिकारी तथा सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख श्री ब्रजभूषण देवांगन मोबाइल नंबर 98935-29655 को सहायक नोडल अधिकारी और प्राचार्य शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धरमपुरा जगदलपुर डॉ. अनिल श्रीवास्तव मोबाइल नंबर 98274-91253 को समन्वयक एवं सहायक प्राध्यापक शासकीय काकतीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय धरमपुरा जगदलपुर डॉ. अजय सिंह ठाकुर मोबाइल नंबर 70009-74126 को सहायक समन्वयक नियुक्त किया गया है।

 

 

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मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दसवीं और बारहवीं के बोर्ड परीक्षार्थियों को दी शुभकामनाएं

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आगामी दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले सभी छात्र-छात्राओं को अपनी हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केवल ज्ञान और परिश्रम की परख ही नहीं, बल्कि संयम और आत्मविश्वास की भी परीक्षा होती है।

मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे तनावमुक्त और सकारात्मक मानसिकता के साथ परीक्षा दें, क्योंकि आत्मविश्वास और सतत अभ्यास ही सफलता की कुंजी हैं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ दिनचर्या, संतुलित आहार और पर्याप्त विश्राम परीक्षा की तैयारी में उतने ही महत्वपूर्ण हैं, जितने कि पढ़ाई के घंटे।

मुख्यमंत्री ने माता-पिता और शिक्षकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय उन्हें प्रेरित करें और उनका मनोबल बढ़ाएँ। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को यह विश्वास दिलाना आवश्यक है कि परीक्षा केवल एक पड़ाव है, न कि मंज़िल। उन्होंने कहा कि सही मार्गदर्शन और धैर्यपूर्वक निरंतर प्रयास से जीवन में बड़े से बड़े लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। आप सभी बिना भय के पूरी लगन, पूर्ण आत्मविश्वास और मनोयोग से परीक्षा दें। निश्चित रूप से आप लोगों को सफलता हासिल होगी।
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5वीं-8वीं केन्द्रीकृत परीक्षा का टाइम टेबल जारी

 छत्तीसगढ़ में 5वीं-8वीं केन्द्रीकृत परीक्षा का टाइम टेबल जारी कर दिया गया है। पांचवीं की परीक्षा 17 मार्च सोमवार से शुरू होगी और 27 मार्च को समाप्त हो जाएगी। परीक्षा का समय सुबह 8 बजे से सुबह 10 बजे तक होगा। वहीं, आठवीं की परीक्षा 18 मार्च से शुरू हागी और 3 अप्रैल तक चलेगी। परीक्षा का समय सुबह 8 से 11 तक रहेगा।

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17 प्राचार्यों का प्रमोशन, देखें आदेश...

 राज्य सरकार ने 17 पदोन्नत प्राध्यापकों को स्नातक प्राचार्य के पद पर पदस्थ किया है। इसके अलावा सात स्नातक प्राचार्यों को स्नातकोत्तर प्राचार्य अथवा अपर संचालक के पद पर पदस्थ किया गया है।


देखें आदेश...

 

 

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नर्सिंग पाठ्यक्रमों में पंजीयन के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय

नर्सिंग के  विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों की मांग को देखते हुए पंजीयन की अंतिम तारीख को तीन दिनों के लिए बढ़ा दिया गया है। पंजीयन के लिए अतिरिक्त समय मिलने से ज्यादा से ज्यादा छात्रों को प्रवेश मिलेगा। पंजीयन के लिए पूर्व में 12 सितंबर तक का समय निर्धारित किया गया था जिसे अब 15 सितंबर शाम 5 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है। 


बीएससी नर्सिंग, एमएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग तथा पोस्ट बेसिक डिप्लोमा इन साइकेट्रिस्ट नर्सिंग में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी अपना पंजीयन करा सकते है। इसके साथ ही जिन अभ्यर्थियों ने पूर्व में पंजीयन करा लिया है वो आवेदन को  निःशुल्क अनलॉक करके पुनः संस्था एवं विषय का चुनाव कर सकते हैं। काउंसलिंग, आवंटन एवं प्रवेश संबंधी समस्त जानकर संचालनालय चिकित्सा शिक्षा की वेबसाइट www.cgdme.in में उपलब्ध कराई जाएगी।
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गुरु शिक्षा देकर हमारे जीवन के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश फैलाते है: मंत्री टंक राम वर्मा

 बच्चे शिक्षकों के मार्गदर्शन से भविष्य में देश के बेहतर नागरिक बनते हैं। हमारे देश मे गुरु पूजन की परम्परा है। गुरु का जीवन मे बहुत महत्व है। गुरु शिक्षा देकर हमारे जीवन के अंधकार को दूर कर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते है। गुरु को भगवान और माता-पिता से ऊपर का स्थान दिया गया है। उन्होंने शिक्षक को मानव जीवन निर्माण के सबसे महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक बताया। शिक्षक भविष्य निर्माता होते हैं। वे समाज का दर्पण बनकर वास्तविक हालातों से अवगत कराते हैं। व्यक्ति के जीवन के सफलता में शिक्षक का अहम भूमिका होती है। उपरोक्त बातें राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा ने आज तिल्दा विकासखंड के बी.एन. बी. हायर सेकंडरी स्कूल और कुंदरू स्कूल में आयोजित विकासखंड स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में कहा।


सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता, शिक्षक हमेशा अपने ज्ञान और अनुभव से समाज की दशा बदलने और सकारात्मक दिशा देने में महती भूमिका निभाता है। शिक्षक नैतिकता का पाठ पढ़ाते है। बच्चों के जीवन को संस्कारवान करने का कार्य शिक्षक का है। कार्यक्रम को धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया।

      कुंदरू हाईस्कूल में आयोजित शिक्षक सम्मान समारोह में मंत्री  टंक राम वर्मा ने 97 शिक्षकों का प्रमाण पत्र और स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया गया। इस दौरान कुंदरू के उड़ान महिला संगठन को 50 हज़ार रुपए प्रदान करने की घोषणा की। शिक्षक सम्मान समारोह के बाद मंत्री श्री वर्मा ने गुजरा (भुरसुदा) में 75 लाख रुपए की लागत से निर्मित शाला भवन का लोकार्पण किया।

इस अवसर पर जनपद उपाध्यक्ष श्री टिकेश्वर मनहरे अध्यक्ष नगर पालिका लेमिक्षा गुरू डहरिया, उपाध्यक्ष नगर पालिका विकास सुखवानी, अन्य जनप्रतिनिधिगण, प्राचार्य बी.एन.बी. राजेश चंदानी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं, पालकगण और छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
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अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 8 सितंबर अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने अपने संदेश में कहा है कि साक्षरता का विकास से सीधा संबंध है। साक्षरता समाज में समानता, शांति और विकास का मूल आधार है। अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस अक्षर ज्ञान की महत्ता बताने का दिन है। यह ज्ञान के प्रकाश से समाज में सुख और समृद्धि फैलाने के संकल्प लेने का दिन है। 


मुख्यमंत्री ने कहा है कि साक्षरता के लिए व्यक्तिगत रूचि और सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। व्यापक जनभागीदारी से यह लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने अंतर्राष्ट्रीय साक्षरता दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों से आह्वान किया है कि सभी लोग कार्यक्रम में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएं और छत्तीसगढ़ को शत-प्रतिशत साक्षर बनाते हुए डिजिटल साक्षरता, जागरूकता सहित जीवन पर्यन्त शिक्षा की ओर अग्रसर हों। उन्होंने शालाओं और महाविद्यालयों में पढ़ने वाले सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि साक्षरता के पुनीत कार्य में भागीदार बनें। साक्षरता की नई उपलब्धियों से प्रदेश में विकास के नए आयाम सुनिश्चित करें।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने रायगढ़ में प्रयास आवासीय विद्यालय का किया उद्घाटन

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ जिले के गढ़उमरिया में शासकीय प्रयास आवासीय विद्यालय का विधिवत शुभारंभ करते हुए विद्यार्थियों को आह्वान किया कि वह जीवन में सफलता के लिए बड़े सपने देखे और उसको साकार करने के लिए पूरे मनोयोग से जुट जाएं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर सभी को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि रायगढ़ जिले का यह प्रयास आवासीय विद्यालय शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम करेगा। इस मौके पर कृषि मंत्री एवं रायगढ़ जिले के प्रभारी मंत्री श्री राम विचार नेताम,वित्त मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। छत्तीसगढ़ में विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा मिले और वह आगे बढ़े, इसको लेकर हमारी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। शिक्षा के नित नए संस्थान प्रारंभ किए जा रहे है। रायगढ़ में प्रयास आवासीय विद्यालय का शुभारंभ भी हमारे इन्हीं प्रयासों की एक कड़ी है। हमने राज्य में नई शिक्षा नीति 2020 को लागू किया है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी पूरे देश में शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए प्रयासरत है। पीएम श्री स्कूल योजना के माध्यम से शैक्षणिक व्यवस्था को बेहतर बनाया जा रहा है। राज्य में 263 स्कूलों को पीएमश्री योजना में शामिल किया गया है। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर प्रयास आवासीय विद्यालय के प्रवेशित विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री का भी वितरण किया। 

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा कि राज्य के नौनिहाल पीढ़ी के भविष्य निर्माण हेतु छत्तीसगढ़ सरकार बेहतर व्यवस्था कर रही है। गणेश चतुर्थी के दिन प्रयास विद्यालय का उद्घाटन हमारे लिए मिसाल है। इसका लाभ इस जिले के विद्यार्थियों को मिलेगा। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षा में प्रयास विद्यालय के 7 बच्चें टॉप किए हैं। जीवन लक्ष्य को हासिल करने के लिए उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।

वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार एवं केन्द्र सरकार के समन्वित प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हम सब के लिए यह गर्व का विषय है कि छत्तीसगढ़ का रायपुर देश का इकलौता शहर है जहां एनआईटी, एम्स, आईआईटी, ट्रिपलआईटी, एचएनएलयू, मेडिकल कॉलेज, आईआईएम, जैसे महत्वपूर्ण संस्थान है। 

गौरतलब है कि शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्तरीय गुणवत्ता तथा उत्कृष्टता का प्रतीक माने जाने वाले प्रयास आवासीय विद्यालय की स्थापना शिक्षा सत्र 2024-25 अंतर्गत रायगढ़ जिले में की गई है। यह विद्यालय गढ़उमरिया स्थित लाइवलीहुड कॉलेज के भवन में संचालित होने जा रहा है। विद्यालय में प्रवेश हेतु राज्य स्तर पर की गई काउंसलिंग पश्चात कुल 96 विद्यार्थियों में 49 बालक एवं 47 बालिकाओं को प्रवेश दिया गया है।
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20 करोड़ से लागत से मॉडल बनेगा बलौदाबाजार का आईटीआई, राजस्व मंत्री के प्रयासों से मिली स्वीकृति

 औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान आईटीआई में छात्राओं को अब उद्योगों की मांग के मुताबिक आधुनिक प्रशिक्षण मिलेगा। क्षेत्रीय विधायक व कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा के प्रयासों से प्रदेश में आईटीआई को हाईटेक बनाने की योजना के तहत औद्योगिक नगरी बलौदाबाजार के सकरी स्थित आईटीआई को मॉडल आईटीआई बनाने के लिए नवीनीकरण का काम शुरू होगा।  

पहले चरण में कंप्यूटर हार्डवेयर एण्ड नेटवर्क मेंटनेंस, इलेक्ट्रिशियन, फिल्टर, मैकेनिक डीजल, वेल्डर, नया बिल्डिग कंट्रक्शन, गार्ड रूम कंट्रक्शन, मोटर कार पार्किंग आदि बनेगा. जिसके तहत कंप्यूटर हार्डवेयर एण्ड नेटवर्क मेंटनेंस के लिए 1 करोड 5 लाख रुपए, इलेक्ट्रिशियन के लिए 75 लाख रुपए, फिल्टर 46 लाख रुपए, मैकेनिक डीजल 44 लाख रुपए वेल्डर के लिए 53 लाख रुपए, नया बिल्डिग कंट्रक्शन के लिए 3 करोड 44 लाख 59 हजार रुपए, गार्ड रूप कंट्रक्शन के लिए 7 लाख 42 हजार रुपए मोटर कार पार्किंग के लिए 1 करोड 25 लाख 28 हजार रुपए स्टॉफ क्वाटर निर्माण के लिए 11 करोड 75 लाख 56 हजार रुपए, बाउंड्रीवाल एवं मुख्य द्वारा निर्माण के लिए 34 लाख 80 हजार रुपए के कार्य शामिल है। पहले चरण में ये सभी निर्माण कार्य किए जाएंगे। 

क्षेत्रवासियों के लिए एक और उपलब्धि : टंकराम वर्मा

कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा ने इसे क्षेत्रवासियों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया और कहा कि केंद्र सरकार की आईटीआई को मॉडल आईटीआई में बदलने की योजना के तहत प्रदेश आईटीआई को अपग्रेड करने की योजना तैयार की गई है। इसके तहत यहां की आईटीआई को मॉडल आईटीआई का दर्जा मिला है। योजना के पहले चरण में प्रदेश से 160 आईटीआई के लिए 484 करोड का तीन वर्षीय प्रस्ताव स्वीकृत है जिसमें शासकीय आईटीआई बलौदाबाजार के लिए 20 करोड 13 लाख 65 हजार रुपए स्वीकृत हुए है।

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मिडिल स्कूलों में दूर होगी शिक्षकों की समस्या, 96 शिक्षकों की नियुक्ति

 जिले में शिक्षा के स्तर को बेहतर बनाने जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ अब मिडिल स्कूलों में भी शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। 

जिला खनिज संस्थान न्यास(डीएमएफ) के माध्यम से कलेक्टर अजीत वसंत ने मिडिल स्कूलों के लिए 96 शिक्षकों की स्वीकृति प्रदान की है। इस स्वीकृति के साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा शीघ्रता से भर्ती प्रक्रिया पूरी करने आवश्यक तैयारी की जा रही है। जिला प्रशासन की इस पहल के साथ ही जिले के माध्यमिक विद्यालयों में जहाँ तीन से कम शिक्षक थे,अब इन विद्यालयों में न्यूनतम तीन शिक्षक होंगे। मिडिल स्कूलों में शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था से विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। इससे जिले की शिक्षा व्यवस्था भी सुधरेगी।

कोरबा जिले में लगभग 518 मिडिल स्कूल संचालित है। इनमें से अनेक स्कूलों में शिक्षकों की कमी होने से अध्यापन प्रभावित होने की शिकायत लंबे समय से आ रही थी। कलेक्टर अजीत वसंत ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश देकर कम शिक्षक वाले विद्यालयों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा सूची प्रस्तुत किए जाने के पश्चात कलेक्टर ने डीएमएफ से 96 शिक्षकों की नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान की है। इन शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया शाला प्रबंधन समिति के माध्यम से की जाएगी। सर्वप्रथम ग्राम पंचायत स्तर पर योग्य शिक्षकों को प्राथमिकता दी जाएगी। योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने पर विकासखंड स्तर पर,फिर जिला स्तर पर अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी। जिले में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने लगातार अभिनव प्रयास किए जा रहे हैं।

शिक्षा सत्र के शुरुवात के साथ ही हाई और हायर सेकंडरी स्कूलों में विषय विशेषज्ञ 118 शिक्षकों की नियुक्ति भी जारी है। कुछ दिन पहले ही प्राचार्य,व्याख्याताओं की बैठक लेकर कलेक्टर द्वारा गुणवत्तामूलक शिक्षा प्रदान करने और शैक्षणिक माहौल को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की पहल भी की गई है। जिले के विद्यार्थियों को नीट-जेईई परीक्षा की तैयारी के लिए कोचिंग में भेजने, जिले के स्कूल-कॉलेजों से संबंधित छात्रावासों का जीर्णोद्धार और मेघावी छात्रों को स्कॉलरशिप सहित अन्य आवश्यकताओं की पूर्ति तथा जर्जर स्कूलों का मरम्मत, नवीन स्कूल भवन बनाने,चतुर्थ श्रेणीं के पदों पर नियुक्ति की दिशा में भी जिला प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है। इससे आने वाले समय में जिले की शिक्षा व्यवस्था और भी बेहतर होने की सम्भावना है।

 
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अतिथि व्याख्याता एवं शिक्षण सहायक पर भर्ती, आवेदन 27 तक

 कार्यालय शासकीय शहीद वेंकटराव महाविद्यालय बीजापुर सहित वीर नांगुल दोरला शासकीय महाविद्यालय आवापल्ली, नवीन शासकीय महाविद्यालय कुटरू एवं शासकीय आदर्श कन्या महाविद्यालय बीजापुर में अध्यापन व्यवस्था हेतु योग्य एवं निर्धारित अर्हतादारी आवेदकों से अतिथि व्याख्याता एवं अतिथि शिक्षण सहायक सहित अन्य पदों पर भर्ती हेतु आवेदन आमंत्रित किया गया है। आवेदक अपने समस्त दस्तावेजों साथ 27 जुलाई 2024 सायं 5ः30 कार्यालय शासकीय शहीद वेंकटराव महाविद्यालय बीजापुर में केवल रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से आवेदन भेजा जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए महाविद्यालय के वेबसाईट gsvrpgclg.ac.in का अवलोकन किया जा सकता है।

 

 

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