शिक्षा
छत्तीसगढ़ में शिक्षा का नया सूर्योदय: अब कोई स्कूल शिक्षक विहीन नहीं
छत्तीसगढ़ राज्य ने शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए एक नया आयाम स्थापित किया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व और दूरदर्शी नीति के चलते आज प्रदेश का प्राथमिक से लेकर हायर सेकण्डरी तक कोई भी स्कूल शिक्षक विहीन नहीं रह गया है। राज्य की एकल शिक्षकीय शालाओं की संख्या में 80 प्रतिशत की कमी आई है।
प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. पटेल निलंबित
छत्तीसगढ़ शासन, स्कूल शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता और अमर्यादित आचरण को गंभीरता से लेते हुए सारंगढ़-बिलाईगढ़ के प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी श्री एल.पी. पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह निलंबन छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के अंतर्गत किया गया है।
छत्तीसगढ़ में 16 जून से शुरू होगा शाला प्रवेश उत्सव
छत्तीसगढ़ में आगामी 16 जून 2025 से नया शिक्षा सत्र प्रारंभ होने जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के समस्त जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर “शाला प्रवेश उत्सव” में सक्रिय भागीदारी की अपील की है। यह आयोजन राज्य में शिक्षा के क्षेत्र को सशक्त बनाने और शत-प्रतिशत बच्चों का विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
युक्तियुक्तकरण से बच्चों को मिला बेहतर शिक्षा का भरोसा
छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति ने दूरस्थ क्षेत्रों के स्कूलों में अध्ययन-अध्यापन की बेहतर व्यवस्था की नई उम्मीद जगी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती की प्रक्रिया को तेज़ी से और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जा रहा है। कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर के मार्गदर्शन में जिले में युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया बेहद सुचारू और निष्पक्ष तरीके से पूरी कर ली गई है। अब तक जिन स्कूलों में या तो शिक्षक नहीं थे या केवल एक शिक्षक की तैनाती थी, अब वहां विषय-विशेषज्ञ शिक्षक उपलब्ध हो गए हैं। इससे गणित, विज्ञान और अन्य विषयों अध्ययन-अध्यापन अच्छे से हो सकेगा।
छत्तीसगढ़ में शालाओं और शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण से शिक्षा में नया संतुलन
मंत्रिपरिषद बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए
16 जिलों में युक्ति युक्त करण के लिए शिक्षकों की काउंसिलिंग पूरी
बस्तर संभाग में 1611 शालाओं का युक्तियुक्तकरण
छत्तीसगढ़ में होगी शिक्षकों की भर्ती
मुख्यमंत्री ने प्रतिभावान विद्यार्थियों को किया सम्मानित, लैपटॉप-टैबलेट भेंट कर बढ़ाया उत्साह
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज रायगढ़ प्रवास के दौरान जिले के मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। रायगढ़ जिला कार्यालय के सृजन सभा कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक के पश्चात मुख्यमंत्री ने 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप एवं टैबलेट भेंट किए।
शिक्षा की गुणवत्ता और पहुंच को बेहतर बनाने युक्तियुक्तकरण जरूरी
छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा की व्यवस्था को बेहतर और ज्यादा प्रभावशाली बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने युक्तियुक्तकरण की प्रक्रिया शुरू की है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य यह है कि जहां जरूरत है वहां शिक्षक उपलब्ध हों और बच्चों को अच्छी शिक्षा, बेहतर शैक्षणिक वातावरण और बेहतर सुविधाएं मिल सकें। युक्तियुक्तकरण का मतलब है स्कूलों और शिक्षकों की व्यवस्था को इस तरह से सुधारना कि सभी स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात संतुलित हो और कोई भी स्कूल बिना शिक्षक के न रहे।
शिक्षा का अधिकार अधिनियम शिक्षकों के युक्तियुक्तकरण का आधार
छत्तीसगढ़ में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी और समावेशी बनाने के लिए किए जा रहे युक्तियुक्तकरण को लेकर विभिन्न शैक्षिक संगठनों द्वारा उठाए गए सवालों के संबंध में शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह प्रक्रिया बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने, शिक्षकों के संतुलित वितरण और शिक्षा के अधिकार अधिनियम 2009 के अनुपालन के उद्देश्य से की जा रही है।
शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी: मुख्यमंत्री श्री साय
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि “शिक्षा ही जीवन की असली पूंजी है। इसके बिना जीवन अधूरा है। यह न केवल रोजगार का माध्यम है, बल्कि समग्र विकास का आधार भी है।” वे आज सवेरे मुंगेली जिला मुख्यालय में जिला ग्रंथालय में 29.90 लाख रुपये की लागत से निर्मित अतिरिक्त कक्ष का लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, मुंगेली विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले तथा पूर्व सांसद श्री लखन साहू भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान: शैक्षणिक क्रांति की ओर छत्तीसगढ़ का निर्णायक कदम
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में शासकीय विद्यालयों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हेतु एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में ‘‘मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान” शुरू करने को मंजूरी दी गई, जो छत्तीसगढ़ में शिक्षा की संरचना और परिणामों को एक नई दिशा देगा।
बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त किया
राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र और विशेष पिछड़ी जनजाति समूह के बच्चों में अब शिक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। इसकी बानगी राज्य के अंतिम छोर पर बसे एक गांव में संचालित स्कूल से सामने आई है। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश की सीमा से लगे गांव कुवांरपुर स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बैगा समुदाय की छात्रा कंगना बैगा ने हाई स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा (10वीं) में 83.67 प्रतिशत अंक प्राप्त कर स्कूल में टॉप किया है।
विद्यार्थियों ने मैनपाट में टाइगर प्वाइंट, जलजली और बौद्ध मंदिर का किया भ्रमण
शासकीय रेवती रमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के माइक्रोबायोलॉजी के विद्यार्थियों ने मैनपाट में टाइगर प्वाइंट, जलजली और बौद्ध मंदिर के स्थलों का भ्रमण किया। अध्ययन भ्रमण प्राचार्य डॉ. एच.एन.दुबे के निर्देशन एवं विभाग अध्यक्ष टी.आर. राहंगडाले के मार्गदर्शन में पूर्ण हुआ। अध्ययन भ्रमण हेतु माइक्रोबायोलॉजी विभाग के स्नातकोत्तर कक्षाओं के विद्यार्थी शामिल हुए।
भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मैनपाट में उपस्थित जैव विविधता और पर्यावरण से संबंधित घटकों का अध्ययन किया। जिसमें लाइकेन, कवक व अन्य पौधों की जानकारी प्राप्त की। इस स्थल पर पहुंचकर विद्यार्थियों ने कवक और लाइकेन का संग्रहण किया तथा जैव विविधता एवं पर्यावरण के बीच के संबंध को जाना। विद्यार्थियों ने संग्रहित पदार्थ का प्रयोगशाला में स्पेसिमेन तैयार किया, ताकि उन्हें आने वाले समय पर सुरक्षित रखकर अध्ययन किया जा सके। अध्ययन भ्रमण में दिव्यादित्य सिन्हा, साधना भगत अतिथि व्याख्याता, प्रंजना साहू व पूर्णिमा राजवाड़े जन भागीदारी में अपना सहयोग प्रदान किया।
उड़नदस्ता ने 22 परीक्षा केन्द्रों का किया निरीक्षण
माध्यमिक शिक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आयोजित हायर सेकेण्डरी 10वीं परीक्षा 2025 के अंतर्गत 17 मार्च 2025 को आयोजित सामाजिक विज्ञान (300) विषय पेपर के दौरान जिले के 05 उड़नदस्ता दल द्वारा 22 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान किसी भी केन्द्र में अनुचित साधन का उपयोग नहीं पाया गया। जिला शिक्षा अधिकारी से प्राप्त जानकारी अनुसार अरविन्द कुमार मिश्रा जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा 04 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141166 सेजेस अमलेश्वर, 141120 सांकरा, 141128 पाहंदा, 141126 सेजस जामगांव एम शामिल है। इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा केन्द्रीय कृत परीक्षा 2025 कक्षा 05वीं के विभिन्न केन्द्रों का भी आकस्मिक निरीक्षण किया गया।
इसी तरह तनवीर अकील सहायक संचालक प्रभारी अधिकारी दुर्ग द्वारा 07 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141071 खपरी, 141008 सेजेस खम्हरिया, 141066 बेलौदी, 141050 उरला, 141076 बोरसी, 141053 धनोरा, 141014 पुरई शामिल है। गोविंद साव विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा 03 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141001 जेआरडी दुर्ग, 141071 खपरी, 141030 जेवरा सिरसा शामिल है। प्रदीप कुमार महिलांगे विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी पाटन द्वारा 06 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141123 शा.उ.मा.वि. कन्या सेलूद, 141124 सेजस सेलूद, 141127 देवादा, 141145 तेलीगुण्डरा, 141121 सेजस मर्रा, 141164 कानाकोट तथा कैलाश साहू विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी धमधा द्वारा 02 परीक्षा केन्द्रों का निरीक्षण किया गया। जिसमें 141101 अहेरी, 141107 सेजेस नंदिनी खंुदनी शामिल है।

