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महिलाएं अब अबला, नहीं सबला हैं: भूपेश बघेल

 ग्राम चिर्रा में रीपा का किया अवलोकन, स्व-सहायता समूह के साथ ली सेल्फी

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री बघेल सोमवार को भेंट मुलाकात कार्यक्रम के तहत कोरबा जिले के रामपुर विधानसभा अंतर्गत ग्राम चिर्रा पहुँचे। मुख्यमंत्री ने यहां ग्रामीण औद्योगिक पार्क (रीपा) में संचालित गतिविधियों का अवलोकन करने के दौरान महिलाओं के हुनर की खूब प्रशंसा की और कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत तथा आत्मनिर्भर बनाने में रीपा महत्वपूर्ण साबित होगा। गाँव की महिलाएं जिन गतिविधियों को संचालित कर रही हैं, उसे देखकर अहसास हो रहा है कि आने वाले समय में उनकी आमदनी और बढ़ेगी। उन्होंने यहाँ समूह की महिलाओं के साथ सेल्फी ली और कहा कि महिलाएं अब अबला नहीं सबला बन गई हैं।



मुख्यमंत्री बघेल ने रीपा में संचालित गतिविधियों का अवलोकन किया। उन्होंने हल्दी, मिर्च, मसाला, बेसन, आटा, सुगंधित चावल, आचार, बड़ी, अगरबत्ती, दोना पत्तल निर्माण, चप्पल, गोबर पेंट, ऐश ब्रिक्स, पेवर ब्लॉक निर्माण, पुट्टी निर्माण, फेंसिंग निर्माण आदि गतिविधियों को करीब से देखा। इस दौरान महिला स्व सहायता समूहों की सदस्यों से चर्चा करते हुए उनके द्वारा संचालित गतिविधियों की जानकारी भी ली। मुख्यमंत्री बघेल ने यहाँ संचालित गतिविधियों की प्रशंसा की। उन्होंने यहाँ पर्यटन की संभावनाओं को देखते हुए गढ़कलेवा और कॉफी पॉइंट संचालित करने के निर्देश कलेक्टर संजीव कुमार झा को दिए। मुख्यमंत्री ने यहाँ समूह के सदस्यों को प्रोत्साहित करते हुए उनका उत्साहवर्धन भी किया। ग्राम चिर्रा की दिव्यांग ललिता राठिया ने मुख्यमंत्री को रीपा और समूह की अनेक गतिविधियों की जानकारी भी दी। उन्होंने मुख्यमंत्री बघेल को अलग-अलग समूह द्वारा संचालित गतिविधियों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि यहां 15 गतिविधि संचालित हैं। जिसमें 64 ग्रामीण जुड़े हैं। इसमें 18 पुरुष सदस्य शामिल हैं। उन्होंने बताया कि विगत एक माह से सतत कार्य चल रहा है।



ग्रामीण यांत्रिकी विभाग तथा आदिवासी विभाग से हल्दी मिर्च मसाला, दोना पत्तल, बेसन, आटा, ईंट का ऑर्डर मिला है। ग्रामीण यांत्रिकी विभाग से 7 हजार लीटर गोबर पेंट का भी ऑर्डर मिला। दो हजार चप्पल का ऑर्डर भी आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त हुआ है। अभी तक 2 लाख 15 हजार का शुद्ध मुनाफा हुआ है। विभिन्न आर्थिक गतिविधियों में उत्पादित 6 लाख से अधिक कीमत की सामग्री की बिक्री हो चुकी है। उन्होंने बताया कि अभी कई विभागों से ऑर्डर जारी हो रहे हैं। रीपा में मुख्यमंत्री बघेल ने वाईफाई जोन का उद्घाटन बटन दबाकर किया। कलेक्टर झा ने मुख्यमंत्री बघेल को रीपा सहित नरवा विकास के कार्यों की जानकारी देते हुए गतिविधियों का अवलोकन भी कराया। मुख्यमंत्री भूपेश, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत, स्कूल शिक्षा एवं जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, सांसद श्रीमती ज्योत्सना महंत, विधायक मोहित राम केरकेट्टा, पुरुषोत्तम कँवर, ननकी राम कँवर, सहित अन्य जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कटहल के पौधे लगाएं
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चिर्रा के रीपा केंद्र में कटहल का पौधा लगाया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आम और जिले के प्रभारी मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कदम, राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कदम और सांसद श्रीमती ज्योत्सना चरण दास महंत ने आम के पौधे लगाएं।

 

 

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तेज रफ्तार बाइक ट्रक से टकराई, तीन की मौत...

जशपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में NH 43 पर भीषण सड़क हादसा हुआ है. जहां तेज रफ्तार बाइक खड़ी ट्रक से जा टकराई । हादसा इतना भयानक था कि, मौके पर ही तीन युवक की मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है. जानकारी के अनुसार, एक ही बाइक पर तीन लोग जशपुर से कुनकुरी आ रहे थे। इसी दौरान कुनकुरी थाना क्षेत्र के महुआ टोली के पास ये हादसा हुआ है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

जिले से सड़क हादसे की एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। यहां भीषण सड़क हादसे में 3 युवकों की मौत हो गई है। हादसे की खबर मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई है और शवों का पंचनामा कर सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आगे की जांच में जुट गई है।

मिली जानकारी के अनुसार, कुनकुरी थाना क्षेत्र के NH-43 पर तेज रफ़्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़ी ट्रक से टकरा गई। इस हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। सड़क दुर्घटना की सुचना मिलते ही कुनकुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

 

 

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पुलिस-नक्सली में मुठभेड़, दो जवान घायल

बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले में रविवार की देर शाम पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई है।

इस मुठभेड़ में कोबरा 202 बटालियन के 2 जवान घायल हुए हैं।घायल जवानों का इलाज जारी है। दोनों की स्थिति खतरे से बाहर है। पुलिस ने इस मुठभेड़ में करीब 3 नक्सलियों के घायल होने का भी दावा कर रही है। मामला जिले के गंगालूर थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि माओवादियों ने पुसनार और हिरोली के बीच आईईडी प्लांट कर रखी हुई है। इसी सूचना के आधार पर डीआरजी और कोबरा 202 बटालियन के जवानों को मौके के लिए निकाला गया था।

वहीं रविवार की शाम करीब 8 बजे जवान जब इलाके में पहुंचे तो यहां पहले से ही घात लगाकर बैठे माओवादियों ने जवानों को देख फायर कर दी।

जिसके बाद जवानों ने भी मोर्चा संभाला और नक्सलियों की गोलियों का मुंहतोड़ जवाब दिया। दोनों तरफ से करीब आधे घंटे तक जमकर गोलीबारी हुई। हालांकि जवानों को भारी पड़ता देख नक्सली घने जंगल की आड़ लेकर भाग निकले।

इस मुठभेड़ में कोबरा के 2 जवान कॉन्स्टेबल नकुल और कॉन्स्टेबल मोहमद शाहिद घायल हुए। दोनों ही घायल जवानों को साथी जवानों ने फौरन मौके से निकाला।

जिन्हें बीजापुर लाया गया। जिला अस्पताल में दोनों का इलाज जारी है।पुलिस ने बताया कि, जवानों की स्थिति खतरे से बाहर है। इस मुठभेड़ में तीन नक्सली भी घायल हुए हैं। फोर्स इलाके की सर्चिंग लगातार कर रही है।

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जिला अस्पताल को स्वास्थ्य सेवा में विस्तार के लिए मिली नई एम्बुलेंस

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)आईसीआईसीआई फाउंडेशन एवं आईसीआईसीआई बैंक ने ग्राम सांकरा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिला अस्पताल दुर्ग को एंबुलेंस भेंट किया कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के हाथों इसकी चाबी अस्पताल प्रबंधन को सौंपी गई इस दौरान आई सी आई सी आई फाउंडेशन के श्रीकांत कुमार परियोजना प्रबंधक, रवि कुमार वर्मा डेवलपमेंट ऑफिसर, बिरसिंग चतुर्वेदी,  अमितेश टंडन कम्युनिटी फेसिलेटर दुर्ग और आई सी आई सी आई बैंक के  दीपेश देव क्षेत्रीय प्रबंधक,  आशुतोष कुमार शाखा प्रबंधक एवं सौरभ शर्मा  मौजूद थे।

गौरतलब है कि आईसीआईसीआई फाउंडेशन एवं आईसीआईसीआई बैंक जिले में सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत अनेक प्रकार के कार्य कर रही है। जिले में जल संरक्षण के लिए 87 स्कूलों में फाउंडेशन के द्वारा रेन वाटर हार्वेस्टिंग की व्यवस्था की गई है। वही स्कूलों मे सोलर प्लांट स्थापित करने के साथ ही 13  स्कूलो मे 20 शौचालय का निर्माण का भी कार्य अनेक स्कूलों में किया गया है 3 तालाबों के गहरीकरण का कार्य किया जा चुका है।

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किसानों को मजबूत करने का राजीव गांधी का सपना छत्तीसगढ़ में हो रहा पूरा: मुख्यमंत्री

दुर्ग (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व प्रधानमंत्री स्व.राजीव गांधी के शहादत दिवस के अवसर पर दुर्ग जिले के सांकरा में आयोजित भरोसे का सम्मेलन में महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों का भूमिपूजन तथा न्याय योजनाओं की 02 हजार 28 करोड़ 92 लाख रूपए की राशि हितग्राहियों के खाते में अंतरित करते हुए मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल ने स्व.  राजीव  को नमन किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज को मजबूत करना और कम्प्यूटर क्रांति राजीव जी का महत्वपूर्ण योगदान रहा। आज न्याय योजनाओं के माध्यम से हितग्राहियों के खाते में सीधे राशि अंतरित कर हम छत्तीसगढ़ के किसानों को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहे हैं।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने 443 करोड़ रूपए के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 68 करोड़ 26 लाख रूपए की लागत से तैयार हुए 17 कार्यों का लोकार्पण तथा 374 करोड़ 87 लाख रूपए के 71 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। इस मौके पर हितग्राहीमूलक योजनाओं के हितग्राहियों को भी सामग्री वितरण किया गया।

 इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय  राजीव गांधी जी का कहना था कि जब तक किसान मजबूत नहीं होगा, देश की अर्थव्यवस्था मजबूत नहीं होगी, हमने इस विचार को साकार करने का काम किया। कोरोना के कठिन काल में भी हमने न्याय योजनाओं की राशि का अंतरण किसानों के खाते में किया।

मुख्यमंत्री  बघेल ने कहा कि आज पूरे देश में सबसे अच्छी स्थिति में छत्तीसगढ़ के किसान हैं। आज किसानों और मजदूरों के खाते में विभिन्न न्याय योजनाओं की 02 हजार 28 करोड़ रुपए से अधिक की राशि अंतरित की गई है। 24 लाख से अधिक किसानों को राजीव गांधी किसान न्याय योजना की पहली किश्त भेजी गई हैं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों से पूछा, कि आपको पैसे मिलने का मैसेज प्राप्त हुआ या नहीं, किसानों ने हामी भरते हुए हां मंें जवाब दिया और हाथ हिलाकर मुख्यमंत्री का अभिवादन किया। बघेल ने आगे कहा कि अब तो हमने प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने का निर्णय लिया है।

हम सीधा हितग्राहियों के खाते में राशि देते हैं ताकि उन्हें सीधा लाभ मिले। हमने 72 लाख राशन कार्ड बनाये और बिजली बिल हाफ योजना से लोगों को राहत पहुंचाई है। वनोपज संग्राहकों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है। हम गौ माता की सेवा कर रहे हैं और जैविक खाद डालकर धरती माता की सेवा कर रहे हैं। ये धरती हमारी छत्तीसगढ़ महतारी है। इसकी सेवा में हम किसी भी तरह की कमी नहीं होने देंगे। चाहे गरियाबंद हो, मोहला मानपुर, तेंदूपत्ता संग्राहकों को किसी तरह की दिक्कत न हो, यह हम सुनिश्चित कर रहे हैं। वनोपज का हम वैल्यू एडीशन कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने महात्मा गांधी जी के नाम पर उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय आरंभ करने का निर्णय लिया और 120 करोड़ रूपए की लागत से बनने वाले इस विश्वविद्यालय के विभिन्न भवनों का आज भूमिपूजन हुआ। हम रामायण महोत्सव का आयोजन भी कर रहे हैं और गुरू घासीदास जी से जुड़े स्थलों का विकास कर रहे हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत ने कहा कि मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल के नेतृत्व में राज्य सरकार स्वर्गीय  राजीव गांधी के सपनों को सकार करने का कार्य कर रही है। गांधी जी के सपनों के अनुरूप गांव गरीब का विकास कर रही है। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री  शैलजा कुमारी ने कहा कि छत्तीसगढ़ में हर जगह लोगों के चेहरों पर मुस्कुराहट नजर आती है, जिसे देखकर लगता है कि स्वर्गीय राजीव जी का सपना साकार हुआ है। छत्तीसगढ़ में जो खुशहाली आई है, लोगों को जो भरोसा बना है। वह मेहनत से उपजा भरोसा है। इसके पीछे कई दिनों की मेहनत  है।

यहां के धरती के बेटे, किसान के बेटे ने लोगों की खुशहाली का सपना साकार किया है। इस मौके पर गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री  मोहम्मद अकबर, विधायक  मोहन मरकाम ने भी उपस्थितजनों को संबोधित किया। इस मौके पर स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया, पीएचई मंत्री  गुरु रूद्रकुमार, महिला एवं बाल विकास मंत्री अनिला भेंड़िया एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के भवन का शिलान्यास- मुख्यमंत्री ने आज पाटन के ग्राम सांकरा में 120 करोड़ रूपए की लागत से तैयार होने वाले महात्मा गांधी उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के भवनों का शिलान्यास किया। इस विश्वविद्यालय के अंतर्गत 14 शासकीय एवं 4 अशासकीय महाविद्यालय संचालित हो रहे हैं। इस अवसर पर उन्होंने विश्वविद्यालय के ब्लू प्रिंट का अवलोकन भी किया।

न्याय योजनाओं की 2028 करोड़ 92 लाख रुपए की राशि का अंतरण- इस मौके पर मुख्यमंत्री ने न्याय योजनाओं की राशि का अंतरण किया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत 24 लाख 52 हजार किसानों को 1894 करोड़ 93 लाख रूपए की प्रथम किश्त अंतरित की गई।

राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के अंतर्गत 5 लाख 63 हजार हितग्राहियों के खाते में 112 करोड़ 71 लाख रूपए की राशि अंतरित की गई। इसी तरह गोधन न्याय योजना के अंतर्गत पशुपालकों, गौठान समितियों एवं स्व-सहायता समूहों को 13 करोड़ 57 लाख रूपए का भुगतान किया गया।

राजीव गांधी युवा मितान क्लब के अंतर्गत 13 जिलों के 3085 क्लबों को 7 करोड़ 71 लाख रुपए का वितरण किया गया।

 

 

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छत्तीसगढ़ में भीषण गर्मी, बढ़ेगा तापमान

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। नौतपा के पहले ही प्रचंड गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया है। हल्के बादलों के बाद भी तापमान 42 डिग्री सेल्सियस पर स्थिर है।

इतना ही नहीं मौसम विभाग ने आगामी दिनों में तापमान में बढ़ोतरी की संंभावना जताई है। इसी बीच रायपुर में आज का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है।

हालांकि सोमवार को प्रदेश के कई स्‍थानों में द्रोणिका का असर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के एक-दो स्‍थानों पर हल्‍की बारिश के साथ गरज चमक के साथ छींटे पड़ने और ओलावृष्टि की संभावना जताई है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों में तापमान दो से तीन डिग्री सेल्सियस तक और बढ़ सकता है। यानी नौतपा के दौरान भीषण गर्मी रह सकती है। प्रचंड गर्मी वाला नौतपा 25 मई से शुरू होने वाला है। यह दो जून तक रहेगा।

मौसम विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार इस दौरान प्रचंड गर्मी पड़ने की संभावना है। हालांकि यह स्थिति उत्तर छत्तीसगढ़ में रहेगी। दक्षिण छत्तीसगढ़ में तापमान में विशेष बदलाव की संभावना कम जताई गई है।

दोपहर में हुई बूंदाबांदी सुबह से तेज धूप के बीच असहनीय गर्मी थी। दोपहर में आसमान में हल्के बादल छा गए। शाम होने से पहले यही बादल हल्की बूंदाबांदी करा गया। हालांकि इसका प्रभाव वातावरण पर नहीं पड़ा। 42 डिग्री के साथ तापमान सामान्य से एक डिग्री सेल्सियस कम दर्ज किया गया।

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जैविक विधि से उत्पादन कर अधिक लाभ कमाने की दी सलाह

कृषि विकास कार्यालय में मिलेट कार्यशाला आयोजित

खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय में शुक्रवार को मिलेट कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें मोटे अनाज रागी, कोदो, कुटकी आदि की कृषि कार्यमाला के बारे में कृषि वैज्ञानिक क्लेश पैंकरा ने विस्तार से बताया।वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी नीलाम्बर सिदार ने कृषि विज्ञान केंद्र से आये हुए अतिथि वैज्ञानिकों का स्वागत एवं मिलेट मिशन के महत्व के बारे में जानकारी दी। वरिष्ठ वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केंद्र रायगढ़ के डॉ.बीएस राजपूत ने फसल अवशेष प्रबंधन, रागी कोदो, कुटकी, ज्वार, बाजरा आदि फसलों के महत्व एवं क्षेत्र विस्तार के बारे में कृषकों को विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में रबी फसल में रागी लगाने वाले कृषकों ने फसल प्रबंधन में आ रही समस्याओं से वैज्ञानिकों को अवगत कराया। वहीं वैज्ञानिकों ने उचित समाधान दिया।डॉ.राजपूत ने फसल उत्पादन में लागत कम करने एवं जैविक विधि से उन्नत कतार पद्धति से करने और ज्यादा से ज्यादा उत्पादन कर लाभ कमाने हेतु कृषकों को सलाह दी।

 

 

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सीतामढ़ी हरचौका : सबसे पहले यहीं माता सीता ने मवई नदी में पखारे थे पांव

छत्तीसगढ़ के लोगों ने सहेजकर रखी हैं भगवान श्रीराम से जुड़ी स्मृतियां

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में सीतामढ़ी हरचौका ऐसी जगह है जहाँ वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम और माता सीता के कदम छत्तीसगढ़ में पड़े थे और यह भूमि पुण्यभूमि हो गई। मवई नदी ने माता सीता के पैर पखारे।वनवास के दौरान अपना आरंभिक समय प्रभु श्रीराम ने यहीं बिताया और माता सीता और भ्राता लक्ष्मण ने उनका साथ निभाया। माता सीता ने यहां रसोई बनाई और इस वनप्रदेश में भगवान श्रीराम की गृहस्थी बसी।भगवान श्रीराम से जुड़े इस पुण्यस्थल के बारे में स्थानीय जनश्रुतियां तो थीं लेकिन श्रद्धालुओं के लिए पर्यटन नक्शे में इस जगह की जानकारी थी।मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार ने रामवनगमन पर्यटन परिपथ बनाने की पहल की ताकि यहाँ आने वाले स्थानीय श्रद्धालुओं को भी जरूरी सुविधा मिल सके और देश-विदेश में बसे राम भक्त उन तक पहुंचे।अब यह सुंदर पुण्यस्थली भक्तों के लिए पूरी तरह तैयार है। इसका वैभव और इसका आध्यात्मिक महत्व अब लोगों के लिए सहज उपलब्ध है। भगवान श्रीराम और माता सीता से जुड़ी इस सुंदर पुण्य भूमि की गुफाओं में 17 कक्ष हैं। इस स्थान को हरचौका कहा जाता है और सीता की रसोई के नाम से भी लोग इसे जानते है।

सीतामढ़ी हरचौका - भगवान राम के 14 वर्ष के वनवास काल का अधिकांश समय दण्डकारण्य में व्यतीत हुआ। वनवास काल में भगवान श्रीराम, पत्नी सीता और भाई लक्ष्मण के साथ जहां-जहां ठहरे, उनके चरण जहां पड़े, ऐसे 75 स्थानों को चिन्हांकित किया गया हैै। इनमें से प्रथम 09 स्थानों को विश्व स्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की शुरुआत छत्तीसगढ़ सरकार ने की है। राम वनगमन पर्यटन परिपथ परियोजना की शुरूआत मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के ‘सीतामढ़ी हरचौका’ नामक स्थान से होती है। मवई नदी के किनारे स्थित सीतामढ़ी हरचौका, दण्डकारण्य का प्रारंभिक स्थल है, जहां से वनवास काल के दौरान भगवान श्री राम का आगमन छत्तीसगढ़ की धरती पर हुआ था। सीतामढ़ी- हरचौका के पुरातात्विक महत्व को संरक्षित करने के लिए इस परिपथ के प्रमुख स्थलों का पर्यटन तीर्थ के रूप में विकास किया जा रहा है।


 
शिलाखंड पर भगवान राम के पदचिन्ह
सीतामढ़ी हरचौका में विशाल शिलाखंड स्थित है, जिसे लोग भगवान राम का पद चिन्ह मानते हैं। लोक आस्था और विश्वास के कारण लोग शिलाखंड की पूजा-अर्चना करते है। प्रभु राम के पदचिन्ह का पुरातात्विक महत्व होने के कारण इस पर शोध कार्य भी जारी है। छत्तीसगढ़ में राम लोक मानस में बसे हैं। यह सुखद संयोग है कि छत्तीसगढ़ में उनसे जुड़े अनेक स्थान हैं जो उनके प्रसंगों को रेखांकित करते हैं। वनवासी राम का सम्पूर्ण जीवन सामाजिक समरसता का प्रतीक है। भगवान राम ने वनगमन के समय हमेशा समाज के वंचित वर्ग को गले लगाया।

पर्यटन तीर्थ के रूप में विकास
 सीतामढ़ी-हरचौका को लोेक आस्था के केन्द्र के रूप में विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। नदी के घाट का सौंदर्यकरण चल रहा है। यहां पर्यटकों के ठहरने के लिए आश्रम भी निर्माणाधीन है और खान-पान की व्यवस्था के लिए कैफेटेरिया भी बनाया जा रहा है। यहां से भगवान राम की 25 फीट ऊंची प्रतिमा भी नजर आएगी।

कैसे पहुंचे सीतामढ़ी हरचौका
राजधानी रायपुर से मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला मुख्यालय मनेन्द्रगढ़ की दूरी लगभग 400 किमी. है और सड़क मार्ग से सीधे हरचौका पहुंच सकते है।

राजधानी रायपुर से यहां पहुंचने के लिए सीधी ट्रेन उपलब्ध है जो बैकुंठपुर रोड स्टेशन तक जाती है। यहां से लगभग 170 किमी. की दूरी पर सीतामढ़ी-हरचौका स्थित है। बैकुंठपुर रोड स्टेशन से सीतामढ़ी- हरचौका जाने के लिए टैक्सी सेवा भी उपलब्ध है।

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सीएम बघेल 21 को भूमिहीन कृषि मजदूरों को देंगे इस वर्ष की प्रथम किश्त

ज़िले के तीन अनुसूचित क्षेत्र के 1879 भूमिहीन कृषि मजदूर होंगे लाभान्वित

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 21 मई को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी के पुण्यतिथि के अवसर पर दुर्ग जिले के पाटन में आयोजित भरोसा का सम्मेलन में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के हितग्राहियों को वित्तीय वर्ष 2023-24 की पहली किश्त की राशि जारी करेंगे।महासमुंद ज़िले के तीन नगर पंचायत क्षेत्रों पिथौरा, बसना और तुमगांव अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत पात्र 1879 भूमिहीन कृषि मजदूरों को इस योजना अंतर्गत प्रत्येक हितग्राही के बैंक खाते में 2 हजार रूपए के मान से पहली किस्त की राशि अंतरित की जाएगी।राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के छत्तीसगढ़ के ग्रामीण तथा नगरीय क्षेत्रों के पात्र कुल 5 लाख 63 हजार 576 हितग्राहियों को पहली किश्त के रूप में 112 करोड़ 71 लाख 52 हजार रूपए की राशि जारी की जाएगी।प्रदेश की ग्रामीण और शहरी आबादी का एक बड़ा वर्ग आजीविका के लिए कृषि आधारित मजदूरी पर निर्भर है। धान की फसल के दौरान कृषि मजदूरों के लिए रोजगार की पर्याप्त उपलब्धता रहती है। किंतु रबी फसल की बुआई का क्षेत्र कम होने के कारण कृषि मजदूरी के अवसर कम हो जाते हैं। गांव और शहरी क्षेत्रों में चरवाहा, बढ़ई, लोहार, नाई, धोबी और पौनी-पसारी से जुड़े परिवारों के लिए अन्य लोगों की अपेक्षा रोजगार की उपलब्धता सीमित होती है।राज्य सरकार ने भूमिहीन कृषि मजदूरों को आर्थिक रूप से संबल देने के उददेश्य से राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना की शुरूआत वर्ष 2021-2022 में की है। योजना के माध्यम से कृषि मजदूरों की ग्रामीण आबादी को लाभ मिल रहा था किंतु कृषि मजदूरों की शहरी आबादी योजना के लाभ से वंचित थी मुख्यमंत्री ने 25 मार्च 2023 को राजीव गांधी नगरीय भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना का शुभारंभ किया।राज्य के समस्त ग्राम पंचायत के साथ-साथ अब नगर पंचायत क्षेत्रों और सभी अनुसूचित क्षेत्रों में निवासरत बैगा-गुनिया, मांझी-पुजारी, हाट पहरिया, एवं बाजा मोहरिया को भी योजना में शामिल किया गया है।

 

 

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खाद्य मंत्री भगत ने सड़क निर्माण कार्यों का किया भूमिपूजन, ग्रामीणों से किया सीधा संवाद

 मैनपाट विकासखंड में महिला व बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल वितरण

अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) खाद्य, नागरिक आपूर्ति व उपभोक्ता संरक्षण मंत्री अमरजीत भगत शुक्रवार को विकासखंड अम्बिकापुर के नवापाराखुर्द पहुंचे। यहां उन्होंने नवापाराखुर्द-भालूकछार एप्रोच सीसी रोड निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। इस रोड की निर्माण लागत 10 लाख रुपए होगी। इसी तरह उन्होंने विकासखंड मैनपाट के ग्राम जंगलीजोबा में भी लगभग 2 किमी लंबाई की सड़क का भूमिपूजन किया। 


सपनादर से जंगलीजोबा इस वनमार्ग उन्नयन कार्य की लागत 20 लाख रुपए होगी। मंत्री भगत ने सभी निर्माण एजेंसियों को समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने ग्राम जंगलीजोबा में ग्रामीणों से संवाद भी किया। इस दौरान ग्रामीणों की ओर से मांग पर मंत्री भगत ने पीडीएस तहत खाद्यान्न वितरण की व्यवस्था गांव के ही करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व गांव में खाद्यान्न का संग्रहण कर लिया जाए। इसी तरह स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता पर ईई पीएचई से जानकारी ली और एफएचटीसी के माध्यम से नल कनेक्शन गांव तक करने कहा। गांव में स्कूल की मांग पर उन्होंने कलेक्टर कुन्दन कुमार से आवश्यक कार्यवाही पर चर्चा की। साथ ही नहर की लंबाई बढ़ाकर सिंचाई क्षेत्र में वृद्धि करने के निर्देश दिए।

इसके बाद उन्होंने फॉरेस्ट रेस्ट हाउस मैनपाट में महिला व बाल विकास विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मोबाइल वितरण किया। उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेहतर भविष्य का निर्माण तभी हो सकता है, जब हमारे बच्चे स्वस्थ होंगे। शासन की ओर से संचालित सुपोषण अभियान की प्रगति ऑनलाइन दर्ज करने मोबाइल वितरण किया जा रहा है। बेहतर काम करें और अभियान की सफलता में अपना सक्रिय योगदान दें। कार्यक्रम के तहत मैनपाट विकासखंड के 228 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरण किया जा रहा है। इस दौरान गौ-सेवा आयोग के सदस्य अटल यादव, कृषक कल्याण परिषद के सदस्य संजय गुप्ता, उर्दू अकादमी के सदस्य बदरुद्दीन इराकी, वरिष्ठ नागरिक सहित एसडीएम मैनपाट व खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

 
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वर्मी कम्पोस्ट गांवों की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण : कलेक्टर

सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर अग्रवाल की अध्यक्षता तथा जिला पंचायत सीईओ लीना कोसम की उपस्थिति में जिला पंचायत के सभाकक्ष में जिले के समस्त गौठानों में गोबर खरीदी की समीक्षा बैठक आयोजित की गयी।

कलेक्टर अग्रवाल ने बैठक बताया कि हम सभी कृषक पृष्ठभूमि के लोग हैं हमें गोबर खरीदी पर विशेष ध्यान देना है। गोबर खरीदी होगी तो पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी होगी। प्रत्येक गौठानों में निर्मित वर्मी कम्पोस्ट, नियमित गोबर क्रय करने व पखवाड़े में 30 क्विंटल या प्रतिदिन 2 क्विंटल खरीदी किये जाने और प्रत्येक गौठान के गोबर खरीदी की भुगतान राशि का मिलान संबंधित बैंक से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले के सभी गोठानो में गोबर खरीदी, कंपोस्ट निर्माण, उठाव, भुगतान व आजीविका गतिविधियों सहित गौठानों संचालित विभिन्न क्रियाकलापों की पंचायत वार विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक निर्देश दिए।

उन्होंने गोबर खरीदी पश्चात् गोबर से कंपोस्ट भी बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि आज कैंसर के बहुत से मरीज बढ़ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण फसलों और फल, सब्जियों में अधिक मात्रा में फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड का उपयोग करना है। फर्टिलाइजर और पेस्टिसाइड से उत्पादित चीजों को हम खाते हैं और इन्हीं सबका प्रभाव हमारे शरीर को नुकसान पहुंचाता है। आज कैंसर के जगह-जगह बड़़े अस्पताल खुल गए हैं। इसका प्रमुख कारण है। विगत 20-30 वर्षों में कैंसर के मरीज नहीं हुआ करते थे। इन्हीं सब को न्यट्रलाइज करने का सबसे उत्तम माध्यम है वर्मी कम्पोस्ट। वर्मी कंपोस्ट का अधिक से अधिक लोग उपयोग करें तथा किसानों को इसका उपयोग के लिए प्रोत्साहित भी करें। यह बड़ा संयोग है कि हमारी राज्य सरकार ने अद्भुत योजना हम सबके बीच लाकर एक अच्छा अवसर दिया है। यह हम सबकी सामाजिक जिम्मेदारी भी है कि हम इसको बढ़ावा दें। 

वर्मी कम्पोस्ट गांवों की समृद्धि के लिए महत्वपूण है। गांव में किसानों का डाटा, वर्मी कंपोस्ट की आवश्यकता की डाटा सबके पास होना चाहिए। गांव में किसानों को जितनी वर्मी कम्पोस्ट की आवश्यकता हैै उससे 3 गुना अधिक गोबर की खरीदी करना आवष्यक है। उन्होंने बैठक में बताया कि अब महिने के प्रत्येक दूसरे शुक्रवार को गोबर खरीदी की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने वन विभाग, आरईएओ एसएडीओ तथा अधिकारियों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिये। उन्होंने बताया कि बैंक अकाउंट, आधार कार्ड, राजस्व रिकार्ड में नाम अलग-अलग हो तो अधिकारी किसानों के नाम में संषोधन करा कर इस योजना लाभ दिलाने का भी कार्य करें। इसके कारण हम जिले 29 हजार किसानों को इस योजना का लाभ नहीं दिला पा रहे है। 29 हजार किसानों को यदि 6 हजार रुपए दिलाया जाये तो हर साल जिले में किसानों को लगभग 17 करोड़ रुपए का लाभ होगा। 

इसी प्रकार उन्होंने जिले किसानों शत-प्रतिशत किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के निर्देश उप संचालक कृषि विभाग को दिये। केसीसी के माध्यम से भी राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ किसानों को मिल पाएगा। उन्होंने गिरदावरी में धान की फसल में धान तथा गन्ने की फसल में गन्ना ही दिखे ऐसी प्रविष्टि करने के निर्देश दिये। उन्होंने इस वर्ष 2000 हेक्ट. कि गन्ना के फसल का रकबा बढ़ाने के निर्देश दिये। बैठक में जिला सीईओ लीना कोसम, उप संचालक कृषि प्रदीप एक्का, क्रेडा अधिकारी सुजीत श्रीवास्तव, एसडीओ फोरेस्ट, आरईएओ, एसएडीओ जिले में संचालित गौठानों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

 

 

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सीएम की घोषणा पर अमल, बेलतरा में आज से शुरू हुआ एसडीएम का लिंक कोर्ट

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से भेंट-मुलाकात के दौरान की गई घोषणाओं पर जिला प्रशासन द्वारा तेजी से अमल की जा रही है। इस कड़ी में बेलतरा में एसडीएम बिलासपुर की साप्ताहिक लिंक कोर्ट सुविधा भी आज से शुरू हो गई। एसडीएम श्रीकांत वर्मा ने आज तहसील कार्यालय बेलतरा में छत्तीसगढ़ महतारी की विधिवत पूजा-अर्चना कर काम-काज शुरू किया। उन्होंने दिन भर में आज लगभग डेढ़ दर्जन मामलों की सुनवाई की। इनमें राजस्व से जुड़े 12 और भू-अर्जन से संबंद्ध 4 मामले शामिल है। उन्होंने आस-पास के गांवों से आये किसानों और ग्रामीणों की समस्याएं भी सुनी। विदित हो कि एसडीएम बिलासपुर का अब प्रति सप्ताह शुक्रवार को तहसील कार्यालय में लिंक कोर्ट लगेगा। कलेक्टर सौरभकुमार ने मुख्यमंत्री की घोषणाओं के अनुरूप इस आशय के आदेश जारी कर दिए हैं। 

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस माह की 12 तारीख को बेलतरा में आयोजित भेंट मुलाकात कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों की मांग पर सप्ताह में एक दिन एसडीएम का कोर्ट लगाने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री की घोषणा पर ही पिछले साल 2022 में बेलतरा को पूर्ण तहसील का दर्जा हासिल हुआ है। इससे तहसील संबंधी तमाम काम बेलतरा में तो हो रही रहे थे। अब सप्ताह में एक दिन अनिवार्य रूप से एसडीएम सह राजस्व अनुविभागीय अधिकारी के बैठने से उन्हें 35-40 किलोमीटर दूर बिलासपुर जाना नहीं पड़ेगा। इससे उनकी समय और पैसे दोनों की बचत होगी। आठ महीने के भीतर पूर्ण तहसील के साथ एसडीएम के लिंक कोर्ट की सुविधा मिल जाने से ग्रामीणों और किसानों में खुशी का माहौल है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद दिया है। इस अवसर पर तहसीलदार शशिभूषण सोनी व नायब तहसीलदार ओमप्रकाश चंद्रवंशी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व पक्षकार उपस्थित थे।

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छत्तीसगढ़ में छाए रहेंगे बादल, बारिश के आसार

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। द्रोणिका के प्रभाव से गुरुवार को छत्तीसगढ़ के मौसम के मिजाज में भी मृगतृष्णा की स्थिति बनी रही।

बिलासपुर, जशपुर, राजनांदगांव सहित प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में जहां हल्की वर्षा हुई, वहीं राजधानी में तेज धूप के साथ बीच-बीच में बादलों की लुकाछिपी भी चलती रही। रायपुर से लगे कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा हुई तो उसके आसपास तेज धूप भी नजर आया।

मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को भी प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा के आसार हैं।

गुरुवार को प्रदेश में सर्वाधिक अधिकतम तापमान एडब्ल्यूएस रायगढ़ में 44.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं सबसे कम न्यूनतम तापमान कृषि विज्ञान केंद्र नारायणपुर में 21.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

उत्तर-पश्चिम से आने वाली गर्म हवाओं के कारण उमस में बढ़ोतरी रही। उत्तरी छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी होने की संभावना है। बस्तर क्षेत्र में विशेष बदलाव नहीं होगा।

मौसम विभाग का कहना है कि शुक्रवार को प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में हल्की वर्षा होने, गरज-चमक के साथ छींटे पड़ने और अंधड़ चलने की संभावना है।

22 मई से प्रदेश में मौसम का मिजाज और बदलेगा और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इस वर्ष मानसून भी सामान्य तिथि के चार दिन विलंब से आने की संभावना है।

बताया जा रहा है कि जगदलपुर में 13 जून, रायपुर में 16 जून और अंबिकापुर सहित प्रदेशभर में 21 जून को मानसून सक्रिय होने की संभावना है।

प्रदेश के प्रमुख शहरों का तापमान डिग्री सेल्सियस में रायपुर 41.6-27.8, बिलासपुर 41.8-27.9, जगदलपुर 37.4-25.9, अंबिकापुर 41.5-25.1 और पेंड्रा रोड 39.1-25.5 रहा।

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कबीर समाज को दी 40 लाख की मंजूरी, समाज ने जताया मुख्यमंत्री का अभार

 भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों से किया सीधा संवाद

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बीते दिनों धमतरी विधानसभा के भटगांव में भेंट मुलाकात कार्यक्रम में शिरकत किए थे। इस दौरान मुख्यमंत्री बघेल ने जिले के आमजनों के अलावा विभिन्न समाज के प्रमुखों से सीधे संवाद कर उनकी मांगों, समस्याओं और सुझावों को गंभीरता से सुना।

मुख्यमंत्री से छत्तीसगढ़ संत संगठन कबीर समाज के पदाधिकारियों ने अपनी मांग रखते हुए कबीर संस्थान धमतरी और देवपुर वाचनालय में फर्नीचर स्ट्रक्चर एवं साहित्य, कबीर संस्थान धमतरी के सौंदर्यीकरण भवन विस्तार एवं स्वागत गेट, कबीर आश्रम सेंचुवा में सत्संग शेड निर्माण, कबीर आश्रम कलारतराई संत निवास भवन और कबीर आश्रम सेमरा में भवन निर्माण एवं शौचालय निर्माण की बात कही। इस पर मुख्यमंत्री ने उक्त कार्यों के लिए कुल 40 लाख रुपए की स्वीकृति प्रदान की।

मांग पूरी होने पर अध्यक्ष छत्तीसगढ़ संत संगठन, रविकर साहेब ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में हमारे द्वारा जिले के कबीर आश्रम के विस्तार एवं सौंदर्यीकरण की मांग की गयी, जिसे उन्होंने सहर्ष स्वीकार करते हुए मंजूरी दी। संत रविकर दास ने कहा कि कबीरदास जी ऐसे महापुरूष हुए, जिन्होंने समाज को जागृत करते हुए समाज में व्याप्त बुराईयां पर प्रहार किया और समाज को मानवता का संदेश दिया। उनका मूलमंत्र है, ’’जीव, दया और आत्मपूजा कहहिं कबीर धर्म दूजा।’’ मांग पूरी करने पर कबीर विश्व शांति मिशन की ओर से पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त किया है। इस अवसर पर संत रामेश्वर साहेब, विजय साहेब, शोधकर साहेब, हेमेंद्र साहेब, बोधकर साहेब, लखन साहेब, साध्वी सीमा, समस्टी, संतुष्टि सहित चेतनलाल यदु, रेमन दास, गणराज सिन्हा और रेवाराम उपस्थित थे।

 

 

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तेज रफ़्तार कार पलटी, 5 लोग बुरी तरह घायल

कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में  तेज रफ़्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे इस हादसे में 5 लोग बुरी तरह घायल हो गए। ये मामला कटघोरा थाना क्षेत्र का है।  सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार, कार बिलासपुर से कोरबा की ओर आ रही थी। कार की रफ़्तार काफी तेज थी जिसकी वजह से वह कासनिया नर्सरी के अंधे मोड़ के पास अनियंत्रित हो गई और पलट गई। आपको बता दें कि जहां कार पलटी, वहां एक गहरा कुआं था। कार कुएं में जाने से बाल – बाल बची।

कार में सवार 5 लोगों में से एक महिला समेत दो लोगों को गंभीर चोट आई है। घटना की सूचना मिलते ही कटघोरा पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 

 

 

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याशी जैन ने रचा इतिहास, माउंट एवरेस्ट पर फहराया तिरंगा...

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ की पर्वतारोही याशी जैन ने नया कीर्तीमान स्थापित किया है। याशी ने माउंट एवरेस्ट फतह कर इतिहास रच दिया है। याशी जैन ने बुधवार सुबह करीब 5.45 बजे विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया।

माउंट एवरेस्ट फतह करने का उनका अभियान एक अप्रैल से शुरू हुआ था। उनका यह अभियान 45 दिनों तक चला। आखिरकार उन्होंने यह कारनामा कर दिखाया।

15 सदस्यीय टीम में वे छत्तीसगढ़ से एकमात्र पर्वतारोही थी। अभियान में जाने से पहले याशी जैन ने  बताया कि इससे पहले वे एक बार और माउंट एवरेस्ट फतह करने निकली थी लेकिन खराब मौसम के कारण वे सफल नहीं हो सकी। मलाल दूर करने उन्होंने दोबारा चढ़ाई करने की सोची।

याशी जैन छत्तीसगढ़ की पहली बिटियां है जिन्होंने तीन महाद्वीपों की सबसे ऊंची चोटी को फतह करके तिरंगा संग बेटी बचाओ का परचम फहराया है।

याशी जैन ने 14 फरवरी 2023 दक्षिण अमेरिका की सबसे ऊंची चोटी पर माउंट अकंकागुआ 6961 मीटर पर फतह किया। दो अक्टूबर 2022 को माउंट किलिमंजारो 5896 मीटर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की यह अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी है।

माउंट एवरेस्ट के दौरान अभियान 2021 मे कैंप 8000 मीटर तक पहुंची। जनवरी 2021 में लोबुचे ईस्ट पीक 6119 मीटर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की। जनवरी 2020 में आईलैंड पीक नेपाल 6189 मीटर पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की।

2019 में माउंट एल्ब्रस 5642 मीटर यूरोप की सबसे ऊंची चोटी, साल 2018 में हिमालयी क्षेत्र में 6116 मीटर ऊंची माऊंट जोगिन 3 चोटी पर चढ़ाई कर सफलता हासिल कर चुकी है।

साहस भरे कारनामों के चलते उन्हे राज्यपाल द्वारा वीरांगना पुरस्कार, शहीद इंदिरा गांधी खेल पुरस्कार, तान्या पुरस्कार समेत कई बड़े पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी है।
गौरतलब है कि पर्वतारोही याशी जैन को माउंट एवरेस्ट फतेह के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने शुभकामनाएं दी थी।

वहीं प्रोत्साहन राशि के रूप में पांच लाख रुपये देने की घोषणा की थी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने याशी द्वारा माउंट एवरेस्ट फतह के बाद वहां फहराए जाने वाले ‘भारतीय राष्ट्रीय ध्वज’ और ‘गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’ ध्वज का विमोचन भी किया था।

 

 

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छत्तीसगढ़ में चल रही गर्म हवाएं, दिन के अलावा रात में भी तपिश

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)उत्तर पश्चिम से आ रही गर्म हवाओं के प्रभाव से अब दिन की तपिश के साथ ही रात भी तपने लगा है।

तीन दिन पहले तक जहां प्रदेश का न्यूनतम तापमान 17.3 डिग्री सेल्सियस था।  बुधवार को प्रदेश का न्यूूनतम तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया।

मौसम विभाग का कहना है कि गुरुवार को विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश में मौसम का मिजाज बदल सकता है और विभिन्न क्षेत्रों में अंधड़ चलने के साथ ही हल्की बारिश के भी आसार है।

इन दिनों सुबह से ही धूप निकलते ही गर्मी का अहसास होने लगता है और दोपहर को तो तेज धूप चुभनी शुरू हो गई है। रायपुर के साथ ही प्रदेश भर में मौसम का मिजाज ऐसा ही बना हुआ है, गर्म हवाओं के चलने के कारण उमस में भी बढ़ोतरी हो गई है।

बुधवार को रायपुर का अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, दोनों ही सामान्य रहे। कई वर्षों बाद ऐसा देखने को मिला है कि तापमान में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं है, लेकिन उमस और गर्मी में लगातार बढ़ोतरी बनी हुई है।

मौसम विभाग का कहना है कि 22 मई से प्रदेश भर में मौसम का मिजाज बदलने के आसार है और लोगों को गर्मी से भी थोड़ी राहत मिलेगी।

मौसम विभाग बताया कि जम्मू कश्मीर के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ स्थित है। एक द्रोणिका बिहार से मध्य छत्तीसगढ़ तक 3.1 किमी ऊंचाई तक फैली है।

इसके प्रभाव से गुरुवार को प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में अंधड़ चलने के साथ ही हल्की वर्षा के आसार है।

प्रदेश के उत्तरी भाग में अधिकतम तापमान में वृद्धी का क्रम रहेगा और दक्षिण छत्तीसगढ़ में अधिकतम तापमान में विशेष बदलाव नहीं होगा।

 

 

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रेशमा खत्री ने किया सिंधी समाज का नाम रौशन

(छत्तीसगढ़ दर्पण)। 12वीं की बोर्ड परीक्षा के मेरिट लिस्ट में पूरे छत्तीसगढ़ में चौथे स्थान को प्राप्त कर रेशमा खत्री ने किया सिंधी समाज का नाम रौशन- विशाल कुकरेजा 12वीं की बोर्ड परीक्षा के मेरिट लिस्ट में पूरे छत्तीसगढ़ में चौथे स्थान में आने वाली रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर ,दीपक कॉलोनी निवासी रेशमा खत्री का पूज्य सिंधी पंचायत न्यू राजेंद्र नगर अमलीडीह के अध्यक्ष विशाल कुकरेजा ने नेतृत्व में शाल पहनाकर सम्मान किया गया।विशाल कुकरेजा ने बताया की हुनर किसी चीज़ का मोहताज नहीं होता इस बच्ची ने मध्यम परिस्थिति में रहकर भी आज 12वीं की परीक्षा में चौथे स्थान प्राप्त कर यह सिद्ध कर दिया कि अगर आपकी लगन अच्छी है तो आप अपनी मंजिल पा सकते है।विशाल ने बताया कि पंचायत द्वारा इस बच्ची को आश्वासन दिया गया है की भविष्य में पढ़ाई से संबंधित किसी भी प्रकार की कोई समयस्या हो तो पंचायत उनकी पूरी तरह से सहायता करेगी।कार्यक्रम में मुख्य रूप से डी. प्रेम मूलचंदानी,अमर चन्दनानी,सुनील बत्रा,प्रेम सोनी,चंद्रकुमार डोडवानी,अमरलाल जादवानी,हरीराम रघुवंशी,प्रेमलाल भखतानी,अजय गावरी,गोपी कुकरेजा,कुणाल सिहानी,हितेश खिलवानी,विशाल आहूजा,सागर कृष्णनानी,राजेश खन्ना,मनीष सचदेव,अंश नागवानी आदि उपस्थित थे।


रेशम ने 96.60% अंक प्राप्त किया है।
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