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शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है : भूपेश बघेल

 सीएम बघेल ने पहाड़ी कोरवा और बिरहोर जनजाति के 142 युवाओं को प्रदान किए नियुक्ति पत्र

रायपुर  (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने शुक्रवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में जशपुर जिले की विशेष पिछड़ी जनजाति ’पहाड़ी कोरवा’ और ’बिरहोर’ जनजाति के 142 युवाओं को सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति पत्र का वर्चुअल रूप से वितरण किया। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बगीचा में भेंट-मुलाकात के दौरान विशेष पिछड़ी जनजातियों के युवाओं को सीधी भर्ती के पदों पर नियुक्ति दिलाने की घोषणा की थी। जिस पर अमल करते हुए आज 142 युवाओं को नियुक्ति पत्रों का वितरण किया गया।


गौरतलब है कि इससे पहले भी जशपुर जिले के विभिन्न शासकीय विभागों में पहाड़ी कोरवा जनजाति के अभ्यर्थियों को उनकी पात्रता के अनुसार 57 पदों पर नियुक्तियां दी गई हैं। प्रदेश में अब तक विशेष पिछड़ी जनजाति के 708 युवाओं को शासकीय नौकरी दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री निवास में इस अवसर पर आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेम साय सिंह टेकाम, उद्योग मंत्री कवासी लखमा और आदिम जाति विकास विभाग की संचालक  श्रीमती शम्मी आबिदी भी उपस्थित थीं। संसदीय सचिव यू.डी. मिंज और विधायक विनय भगत कार्यक्रम स्थल से वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम से जुड़े।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से इन युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है, जो जीवन में परिवर्तन लाता है। शिक्षा ही आगे बढ़ने मार्ग प्रशस्त करती है। बघेल ने कहा कि आप लोगों ने विपरीत परिस्थितियों में पढ़ाई लिखाई की। आपके माता-पिता का आशीर्वाद भी आप के साथ रहा। आप शिक्षक बने हैं, मन लगाकर बच्चों को पढ़ाएं ताकि बच्चों का भविष्य अच्छा हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य शासन द्वारा विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं बनाई गई हैं। इनका अधिक से अधिक अपने समाज में प्रचार-प्रसार करे ताकि विशेष पिछड़ी जनजातियों के अधिक से अधिक लोग इनका लाभ उठा सकें। उन्होंने युवाओं को उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि जनजातीय समाज परंपरागत रूप से विकास की दौड़ में पिछड़ा हुआ समाज है। इस समाज में कुछ समुदाय बहुत ज्यादा पीछे रह गए हैं। इन समुदायों को हम विशेष पिछड़ी जनजातीय के रूप में जानते हैं। राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों के उत्थान के लिए राज्य शासन द्वारा बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं। इन समुदायों के पढ़े-लिखे नौजवानों को शासकीय सेवाओं में उनकी पात्रता के अनुसार सीधी नियुक्ति दी जा रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासियों के उत्थान के लिए जल-जंगल-जमीन के अधिकारों को सुनिश्चित करने के लिए हमने पेसा कानून के सबसे बेहतर नियम लागू किए हैं। 65 प्रकार की वनोपजों की समर्थन मूल्य पर खरीदी और उनके प्रसंस्करण से वनवासियों को रोजगार और आय के अच्छे साधन मिल रहे हैं। कोदो-कुटकी-रागी का समर्थन मूल्य तय करके उनकी खरीदी की व्यवस्था की गई है। इन फसलों के लिए भी राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत इनपुट सब्सिडी दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा की इन युवाओं ने बहुत विषम परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई की है। सहायक शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिलने से इन समुदाय में पढ़ाई के लिए उत्साह बढ़ेगा।

आदिम जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार आदिवासी समुदाय के उत्थान और विकास के लिए अनेक योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने युवाओं से कहा कि एक शिक्षक के रूप में आने वाली पीढ़ी को शिक्षित करें और बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित करें। संसदीय सचिव यू.डी. मिंज और विधायक विनय भगत ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के लोगों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए राज्य शासन द्वारा इन जनजातियों के 142 युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया है। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।

आदिम जाति कल्याण विभाग की आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी ने बताया कि जशपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजातियों के सर्वाधिक 199 युवाओं को शासकीय नौकरी दी गई है। इसी तरह बलरामपुर जिले में 95 तथा कबीरधाम जिले में इन जनजातियों के 80 युवाओं को नौकरी दी गई है। कलेक्टर जशपुर डॉ. रवि मित्तल ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों के जिन युवाओं को आज नौकरी दी गई, उनमें हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उतीर्ण 124, स्नातक उत्तीर्ण 11 एवं स्नातकोत्तर उत्तीर्ण 06 पहाड़ी कोरवा शामिल है। बिरहोर समुदाय के भी 01 अभ्यर्थी को भी नियुक्ति दी गई है। जो हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा उत्तीर्ण है।

नियुक्ति मिलने पर युवाओं ने जताया मुख्यमंत्री के प्रति आभार
जशपुर जिले के विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा और बिरहोर समुदाय के युवा शासकीय नौकरी पाकर बहुत खुश है। उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से ऑनलाईन नियुक्ति पत्र मिलने पर खुशी जताते हुए आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री ने भी इन युवाओं के साथ आत्मीयतापूर्वक चर्चा की और उनके खुशहाल जीवन के लिए अपनी बधाई और शुभकामनाएं दी।

विकासखंड बगीचा के ग्राम कुरहाटिपना की सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्ति प्राप्त असीमा बाई ने मुख्यमंत्री को बताया कि उनके पिताजी ने मजदूरी कर उन्हें स्नातक तक की शिक्षा दिलवाई। 2019-20 में अतिथि शिक्षक के रूप में उनका चयन हुआ जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में कुछ सुधार हुआ और आज शासकीय सेवा में नियुक्ति मिलने पर अब वे अपने परिवार एवं समाज के उत्थान में सहयोग दे पाएंगी। उन्होंने कहा कि वे भविष्य में यूपीएससी की परीक्षा उत्तीर्ण कर समाज एवं प्रदेश का नाम गौरवान्वित करेंगी। सहायक शिक्षक के पद पर नियुक्त बगीचा विकासखंड के ग्राम कलिया के ब्रजकिशोर राम ने मुख्यमंत्री बघेल को बताया कि उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी कर उनकी स्नातक तक शिक्षा दिलाई। उन्हें पूर्व में खनिज न्यास निधि के माध्यम से अतिथि शिक्षक के रूप में नियुक्ति मिली थी।

बगीचा विकासखंड के ग्राम नवरंगपुर निवासी तथा सहायक ग्रेड 3 के पद पर नियुक्त विजय कुमार ने बताया कि वे आर्थिक तंगी की वजह से अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाए, उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी एवं मनरेगा के तहत काम कर उनकी स्नातक की पढ़ाई पूरी करवाई। उन्हें पूर्व में अतिथि शिक्षक के रुप में नियुक्ति मिली थी। मुझे जशपुर जिले में आदिम जाति कल्याण विभाग में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति मिली।

चतुर्थ श्रेणी के पद पर स्वच्छता परिचारक के पद पर नियुक्त सराईटोली, सन्ना की श्रीमती शामबती पहाड़िया ने बताया कि उनके माता-पिता ने कृषि मजदूरी एवं उधार लेकर उन्हें शिक्षा दिलवाई है। नियुक्ति प्राप्त इन युवाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया। राजपुर, बगीचा के संकल्प शिक्षण संस्थान मेें कक्षा 10 वीं में अध्ययनरत ग्राम राजपुर के छात्र शंशु राम ने मुख्यमंत्री बघेल से फर्राटेदार अंग्रेजी में बात की। मुख्यमंत्री द्वारा पूछे जाने पर शंशु राम ने बताया कि वे भविष्य में इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए आईआईटी मुंबई जाना चाहते हैं। मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि खूब बढ़िया सपना आपने देखा है और इसे पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत है। अनुशासन, कड़ी मेहनत और सच्ची लगन से पढ़ाई करेंगे तो निश्चित ही आपका सपना साकार होगा। मनोरा विकासखंड के पहाड़ी कोरवा समाज की संरक्षक श्रीमती पंडरी ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।

 

 

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बेरोजगारी भत्ता के लिए अवध राम सहित धमतरी के 5210 युवाओं ने कराया पंजीयन

धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण) जिले में बेरोजगारी भत्ता लेने युवाओं में नयी ऊर्जा, उत्साह और उमंग देखा जा रहा है। युवा आवेदन करने में अपना रूचि दिखा रहे हैं। वही योजना के प्रारंभ होने के कुछ ही दिवस के भीतर ही प्रणय, राजेश और पूनम जैसे 5 हजार 210 से अधिक बेरोजगार युवाओं ने पोर्टल में अपना पंजीयन कराया है। पंजीयन के साथ ही बेरोजगारों को सत्यापन के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। उनके बैंक खातों का भी सत्यापन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा राज्य के बेरोजगारों को 25 सौ रूपए बेरोजगारी भत्ता देने की घोषणा तथा योजना के अमल के बाद धमतरी जिले के युवाओं में इस योजना का लाभ लेने के लिए जोश देखा जा रहा है। युवाओं द्वारा इस योजना का लाभ लेने के लिए ऑनलाईन आवेदन किया जा रहा है। अब तक जिले के धमतरी, कुरूद, मगरलोड तथा नगरी और सभी नगर पंचायतों क्षेत्रों से 5 हजार 210 ऑनलाईन आवेदन प्राप्त हो गए है। अब तक 3 हजार 702 आवेदन अनुशंसित किए गए है, जिसमे से 2 हजार 378 स्वीकृत किये गए हैं।


कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी के निर्देशन में जिले में बेरोजगारी भत्ता के लिए पंजीयन कराने वाले पात्र बेरोजगारों को लाभान्वित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसके लिए 50 कलस्टर बनाये गये हैं और पोर्टल में पंजीयन कराने के पश्चात सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। इसके लिए कर्मचारियों की ड्यूटी भी लगाई गई है। जिले में अब तक लगभग 5 हजार 210 आवेदन पंजीकृत हो चुके हैं। पंजीकृत आवेदनों का भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। बैंक खातों का सत्यापन के साथ ही स्वीकृति की कार्यवाही की जा रही है। इधर बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन करने वाले बेरोजगारों में इस पहल को लेकर बहुत उत्साह है। वे पात्रतानुसार अपना आवेदन कर रहे हैं। कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने टीम को निर्देशित करते हुए कहा कि कलस्टर दल लगातार सत्यापन के लिए आमंत्रण भेजते रहे। सत्यापन के बाद पोर्टल में उसी दिन एंट्री करना सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि बैंक से खाता सत्यापन होकर समय पर प्राप्त हो इसके लिए शाखा प्रबंधक से लगातार संपर्क में रहे। 

बेरोजगारी भत्ते के लिए 2 वर्ष पुराना पंजीयन आवश्यक

बेरोजगारी भत्ता के लिए सत्यापनकर्ता अधिकारियों की अनुशंसा के बाद संबंधित जनपद सीईओ और नगरीय निकायों के अधिकारियों को भेजा जा रहा है, जहां बैंक खाता सहित अन्य का सत्पापन किया जा रहा है। इसके बाद स्वीकृति आदेश जारी किए जाएगा। बेरोजगार युवाओं का चयन के बाद राज्य शासन द्वारा प्रतिमाह ढाई हजार रूपए युवाओं के बैंक खाते के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बेरोजगारी भत्ता प्राप्त करने के लिए रोजगार कार्यालय में नया पंजीयन कराने की आवश्यकता नही है, क्योंकि बेरोजगारी भत्ते की पात्रता केवल उन्हीं व्यक्तियों को है जिनका पंजीयन कम से कम 2 वर्ष पुराना है। नया पंजीयन कराने वालों को बेरोजगारी भत्ते की पात्रता वर्तमान में नहीं हो सकेगी। उन्होंने बताया कि 3 वर्ष पुराने पंजीयन का नवीनीकरण अंतिम तारीख बीत जाने के बाद भी 2 माह के भीतर कभी भी कराया जा सकता है, इसलिए नवीनीकरण के लिए भी किसी प्रकार की जल्दीबाजी करने की आवश्यकता नही है। बता दें कि राज्य शासन द्वारा संचालित बेरोजगारी भत्ता योजना का लाभ लेने के लिए धमतरी विकासखण्ड के 1390 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार कुरूद विकासखण्ड के 1326, मगरलोड से 911, नगरी से 901, धमतरी नगर निगम क्षेत्र से 390, आमदी नपा से 49, भखारा नपा से 62, मगरलोड नपा से 61, नगरी नपा से 74 और कुरूद नपा से 47 कुल 5 हजार 210 आनलाईन आवेदन प्राप्त हुए है।

आवेदन किसी भी स्थान से ऑन लाइन पोर्टल पर किया जा सकता है
बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन का ऑन-लाइन पोर्टल 1 अप्रैल खुल गया है। आवेदन करने के लिए रोजगार कार्यालय आने की आवश्यकता नही है। आवेदन किसी भी स्थान से ऑन लाइन पोर्टल पर किया जा सकता है। चॉइस सेंटरों पर भी आवेदन किया जा सकता है।

बेरोजगारी भत्ता के लिए यह दस्तावेज अनिवार्य
बेरोजगारी भत्ता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के पूर्व वे एक वर्ष के भीतर का आय प्रमाणपत्र, मूल निवासी प्रमाणपत्र, कक्षा दसवीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र जिसमें जन्मतिथि लिखी हो, कक्षा 12 वीं की मार्कशीट या प्रमाणपत्र, आधार कार्ड, पासपोर्ट साइज फोटो एवं रोजगार पंजीयन कार्ड तैयार रखें क्योंकि यह दस्तावेज आवेदन फार्म में अपलोड करने होंगे। आवेदन के बाद सभी आवेदकों को दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के लिए पहले से समय देकर बुलाया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में 3 से 5 पंचायतों तथा नगरीय क्षेत्रों में 3 से 4 वार्डों के समूह के क्लस्टर बनाए गए है। दस्तावेजों का सत्यापन इन क्लस्टरों में किया जा रहा है, जिससे किसी भी आवेदक को दस्तावेज सत्यापन के लिए अपने घर से दूर न जाना पड़े। सत्यापन स्थल पर आवेदकों के बैठने आदि की अच्छी व्यवस्था होगी। सत्यापन के लिए पर्याप्त संख्या में अधिकारियों की टीमें भी उपलब्ध रहेगी। आवेदन पत्र में आवेदक के बैंक खाते की जानकारी ली जा रही है। जिसका सत्यापन बैंक मेनेजर से कराने के बाद बेरोजगारी भत्ते की राशि आवेदक के बैंक खाते में प्रतिमाह सीधे भेजी जाएगी। आवेदक कृपया ध्यान रखकर अपने बैंक खाते की सही जानकारी भरें, जिससे उन्हें बेरोजगारी भत्ता मिलने में कोई कठिनाई न हो। आवेदक को अपने ही बैंक खाते की जानकारी भरनी है। किसी अन्य व्यक्ति के बैंक खाते की नहीं अन्यथा बैंक मेनेजर सत्यापन के समय बैंक खाते को गलत बतायेगा और बेरोजगारी भत्ते की राशि उस खाते में अंतरित नही होगी। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन के लिए कोई अंतिम तिथि नहीं है, इसलिए किसी भी व्यक्ति को हड़बड़ी करने की आवश्यकता नही है। बेरोजगारी भत्ते के आवेदन का पोर्टल लगातार खुला रहेगा और आवेदक किसी भी दिन किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राज्य सरकार सभी पात्र व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता देने के लिये कृतसंकल्पित है।

 

 
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सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़, 5 नक्सली घायल

सुकमा (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित सुकमा जिले में डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर आ रही है। पुलिस ने मुठभेड़ में 4 से 5 नक्सलियों के घायल होने का दावा किया है।

पुलिस के अनुसार सर्चिंग पर निकली सुरक्षा बल के जवानों पर बंडा- कन्हईगुड़ा के पास घात लगाकर बैठे नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी।जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। एसपी सुनील शर्मा ने डीआरजी के जवानों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ की खबर की पुष्टि की है।

एसपी सुनील शर्मा ने मुठभेड़ के दौरान 4 से 5 नक्सलियों के घायल होने का दावा किया है। फिलहाल मौके पर जवान मौजूद हैं।

इधर, नारायणपुर से भी एक नक्‍सलियों के उत्‍पात की खबर आ रही है।

नक्‍सलियों ने यहां आमदई खदान में लोडिंग के लिए लगे एक वाहन में आग लगा दी है। इतना ही नहीं नक्‍सलियों ने बैनर लगाकर आमदई खदान में काम का विरोध किया है।

 

 

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मुख्यमंत्री 22 को करेंगे चंदखुरी महोत्सव का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 22 अप्रैल को माता कौशल्या महोत्सव का उद्घाटन करेंगे। कौशल्या महोत्सव 22 अप्रैल से 24 अप्रैल तक आरंग विधानसभा क्षेत्र के चंदखुरी में आयोजित होगा।

महोत्सव के शुभारंभ कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत करेंगे।

इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पर्यटन मंत्री ताम्रध्वज साहू, कृषि मंत्री एवं रायपुर जिले के प्रभारी मंत्री रविन्द्र चौबे, नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया एवं समस्त मंत्रीगण, सांसदगण, संसदीय सचिव, विधायगण, निगममंडल, आयोग, जिला पंचायत के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष तथा नगर पंचायत के अध्यक्ष शामिल होंगे।

उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार प्रदेश की कला, संस्कृति एवं पर्यटन को बढ़ावा देने सतत् प्रयास के अंतर्गत तथा माता कौशल्या जन्मभूमि के वैभव को विश्व पटल पर स्थापित करने एवं महिला सशक्तिकरण, कार्यशील कलाकरों के संरक्षण, संवर्धन एवं कला दलों के सतत् विकास हेतु  मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने विधानसभा में राष्ट्रीय स्तर पर माता कौशल्या महोत्सव मनाने की घोषणा की थी।

सांस्कृतक कार्यक्रम की प्रस्तुति-22 अप्रैल शाम 5 बजे चंदखुरी रायपुर
महोत्सव के पहले दिन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में माधुरी महिला मानस मंडली गरियाबंद, पुष्पांजलि सिन्हा, राम की शक्ति पूजा वाराणसी व्योमेश शुक्ला, भक्तिमय गीत-संगीत भजन मुम्बई और कविता पौडवाल द्वारा प्रस्तुत की जाएगी।

 

 

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घायल चीतल का वन विभाग ने किया रेस्क्यू

मुंगेली (छत्तीसगढ़ दर्पण) वनमण्डल के लोरमी वन परिक्षेत्र अंतर्गत तुलसाघाट नर्सरी के पास शुक्रवार तड़के सुबह चीतल घायल अवस्था में मिला । जिसे देखने लोगों की भीड़ उमड़ गई । वहीं नर्सरी के चौकीदार के इस घायल चीतल को देखने पर इसकी सूचना उन्होंने वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी। जिसके बाद मौके पर वन परिक्षेत्र लोरमी के रेंजर सहित वन अमला पहुंचा। जहां उन्होंने चीतल को रेस्क्यू कर उसता पशु चिकित्सालय में प्राथमिक इलाज किया गया।

इस पूरे मामले को लेकर वन परिक्षेत्र अधिकारी ने बताया कि सूचना मिलते ही तत्काल चीतल को मशक्कत के बाद पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि खाने-पीने की तलाश में जंगल से भटककर हिरण मैदानी इलाके में आ गया था. जिसकी सूचना के बाद पशु चिकित्सक के द्वारा प्राथमिक उपचार लोरमी के पशु विभाग के चिकित्सालय में किया गया. फिलहाल इस नर चीतल को बेहतर इलाज और संरक्षण के लिए कानन पेंडारी भेज दिया गया है।

इस घटना को लेकर पशु चिकित्सक प्रमोद नामदेव ने बताया कि सूचना मिलते ही वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि घायल चेतन को प्राथमिक उपचार के बाद कानन पेंडारी भेजा गया है. चीतल के जांघ पर घाव के निशान थे, जिसका इलाज कर दिया गया है।

 

 

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बेटियों की शादी के लिए दिया आर्थिक सहयोग

भिलाई (छत्तीसगढ़ दर्पण)  भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन के सदस्य बसंत कुमार गेन्द्रे पेशे से ड्राइवर है, उनकी बिटिया की शादी के लिए संस्था के पदाधिकारियों ने 25 हजार रुपये नगद देकर मदद कर अनुकरणीय पहल की है । बसंत कुमार ने 25 हजार की नगद राशि पाकर अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि इस प्रकार से सहयोग कोई देता नहीं है। संस्था का दिल देखिए इतना बड़ा है कि 25 हजार नगद देकर मुझ पर बहुत बड़ा उपकार किया।

संस्था के संरक्षक के अचल भाटिया व संस्था के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू का बसंत ने आभार व्यक्त किया।  एक अन्य सदस्य पप्पू प्रसाद भी पेशे से ड्राइवर है।  जो विगत 30 वर्षों से गाड़ी चलाने का कार्य करते है। अब उनकी बिटिया की शादी होने जा रही है जिसे संस्था के तरफ  से 25 हजार राशि का सहयोग दिया गया। सहयोग के लिये भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन का आभार व्यक्त करते हुए पप्पू ने इस पहल को बहुत अच्छा बताया व कहा कि इस प्रकार से कार्य सभी जगह होना चाहिए। जिससे लोग संस्था के प्रति अपनापन महसूस करेंगे। इस दौरान भिलाई ट्रक ट्रेलर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के संरक्षक अचल भाटिया, अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह छोटू,, महासचिव मलकीत सिंह मीडिया प्रभारी गोकुल शर्मा सहित एसोसिएशन से जुड़े लोगों में निर्मल सिंह, कार्यकारणी अध्यक्ष अनिल चौधरी, जोगा राव, संदीप सिंह, दिलीप खटवानी, सुधीर सिंह, महेंद्र सिंग पप्पी,  शाहनवाज शानू , रिज्जु सिंह, गुरप्रीत सिंह, आनंद सिंह, अमित सिंह, सोनू, मोनी, बलजिंदर सिंह बिल्ला, रमन सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

 

 

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समय रहते बाल विवाह रोकें : तेजकुंवर नेताम

 राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने लिखा कलेक्टरों को पत्र

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष श्रीमती तेजकुंवर नेताम ने 22 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा सभी जिलों को पत्र लिखकर समय रहते बाल विवाह की रोकथाम की कार्यवाही एक अभियान के रूप में योजनाबद्ध तरीके से करने कहा है। बाल विवाह किये जाने पर दोषियों के विरूद्ध कड़ी कानूनी कार्यवाही भी की जाये ।

छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने अनुशंसा पत्र जारी कर कहा है कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए समय रहते कार्यवाही करना जरूरी है। विवाह के दिन ही जाकर रोकथाम करने पर बहुत कठिनाईयों का समना करना पड़ता है। आयोग ने कलेक्टरों को बाल विवाह की रोकथाम के लिए पुलिस, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास तथा  आदिवासी विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित करने कहा गया है। आयोग ने कहा है कि पंचायत तथा क्लस्टरवार नोटल अधिकारियों की तैनाती की जाये । बाल विवाह रोकने के लिए पंचायत स्तरीय बाल संरक्षण समिति का सहयोग भी लिया जाये । जिला प्रशासन द्वारा ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान कर ली जाये जहां पहले भी बाल विवाह के मामले अधिक आये हैं। गांव में सरपंचों द्वारा मुनादी और प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाये। सामुदायिक भवनों को विवाह के लिए देने से पहले तथा वैवाहिक कार्ड छापने के पहले वर व वधु की जन्मतिथि से संबंधित जानकारी लेकर आश्वस्त हो जायें।

 

 

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सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण : महासमुंद में सवा 2 लाख से ज्यादा परिवारों का सर्वे

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)  महासमुंद जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण में 2 लाख 84 हजार 540 परिवारों का सर्वेक्षण होना है। जिसमें से अब तक 2 लाख 39 हजार 613 परिवारों का सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण किया जा चुका है। मालूम हो कि एक अप्रैल से ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू हुए सामाजिक, आर्थिक सर्वेक्षण में का काम शुरू हुआ था। समाचार लिखे जाने तक सर्वाधिक सर्वेक्षण पिथौरा में 49,863 परिवारों का हुआ है। इसी प्रकार महासमुंद में 47,969 सरायपाली में 47,664, बसना में 47,165 और बागबाहरा के ग्रामीण क्षेत्रों में 46,952 परिवारों का टीम द्वारा सर्वेक्षण किया जा चुका है।


जिले के 551 ग्राम पंचायतों में सर्वेक्षण के लिए 135 सुपरवाईजर, 1476 प्रगणक की ड्यूटी लगाई गई है। जो जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर जाकर प्रपत्र, एप्प के माध्यम से सर्वे का काम कर रहें हैं। यह कार्य आगामी 30 अप्रैल तक चलेगा। सर्वेक्षण में विभिन्न योजनाओं से वंचित हितग्राही भी नवीन सूची में शामिल हो पायेंगे। हितग्राहियों को पात्रता के अनुसार योजना का पूरा लाभ मिलेगा।

 

 

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तीज-त्यौहारों के आयोजन से अपनी परंपरा और प्रकृति से जुड़ेगी नई पीढ़ी : भूपेश बघेल

 मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री बघेल ने गुरुवार को अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम में राज्य के गैर-अनुसूचित क्षेत्रों के लिए ’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ किया। ग्रामीण क्षेत्रों के तीज-त्यौहारों, संस्कृति एवं परम्परा को संरक्षित और संवर्धित करने के उद्देश्य से यह योजना मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना की तर्ज पर शुरू की गई है।


’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ राज्य के गैर अनुसूचित क्षेत्रों के सामुदायिक क्षेत्रों के 61 विकासखंड की 6 हजार 111 ग्राम पंचायतों में लागू होगी। इस योजना की इकाई ग्राम पंचायत होगी। तीज-त्यौहार मनाने के लिए इस योजना में भी हर ग्राम पंचायत को दो किश्तों में 10 हजार रुपए की राशि दी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने योजना के शुभारंभ के अवसर पर योजना की पहली किश्त के रूप में सभी 6 हजार 111 ग्राम पंचायतों को 05-05 हजार रुपए के मान से कुल 3 करोड़ 5 लाख 55 हजार रुपए की राशि जारी की। मुख्यमंत्री बघेल ने इसके साथ-साथ ’मुख्यमंत्री आदिवासी परव सम्मान निधि’ के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र के सरगुजा संभाग सहित अन्य अनुसूचित क्षेत्रों के शेष 14 जिलों की 03 हजार 793 ग्राम पंचायतों को आज प्रथम किश्त के रूप में  05-05 हजार रुपए के मान से कुल 01 करोड़ 89 लाख 65 हजार रुपए की राशि भी जारी की। इसके साथ ही यह योजना पूरे प्रदेश में लागू हो गई है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री बघेल ने 13 अप्रैल को बस्तर में आयोजित भरोसा सम्मेलन में ’मुख्यमंत्री आदिवासी परब सम्मान निधि योजना’ का शुभारंभ करते हुए बस्तर संभाग की 1840 ग्राम पंचायतों को योजना की पहली किश्त के रूप में 5-5 हजार रुपए के मान से अनुदान राशि जारी की थी। मुख्यमंत्री बघेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के विकास में यहां की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण का काम अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसी उद्देश्य से राज्य में तीजा, हरेली, भक्तिन महतारी कर्मा जयंती, मां शाकंभरी जयंती (छेरछेरा), छठ और विश्व आदिवासी दिवस जैसे पर्वाे पर सार्वजनिक अवकाश दिया जा रहा है। साथ ही इन पर्वों पर भव्य आयोजन भी किया जा रहा है। राज्य शासन की यह भावना है कि तीज-त्यौहारों के माध्यम से हमारी नयी पीढ़ी अपने पारंपरिक मूल्यों से जुड़कर संस्कारित हो और अपनी संस्कृति पर गौरव का अनुभव करे। राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव, युवा महोत्सव, छत्तीसगढ़िया ओलंपिक, बासी - तिहार जैसे आयोजनों के पीछे भी हमारा यही उद्देश्य है। देवगुड़ियाँ और घोटुलों के विकास का काम भी किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री ने कहा हमारे लोक पर्व और हमारी लोक संस्कृति प्रकृति से जुड़ी है। हमारे पुरखों ने अपने अनुभव के आधार पर तीज-त्योहारों को संजोया है। हमारे तीज-त्यौहार हरेली से शुरू होते हैं और फागुन में होली तक चलते हैं। सावन और भादों में ज्यादा त्यौहार मनाए जाते हैं, क्योंकि यही वह समय रहता है जब हमारे किसान और मजदूर खूब मेहनत करते हैं, शरीर में थकान रहती है और आर्थिक परेशानियां भी रहती हैं। इस समय त्यौहारों का आयोजन इसलिए महत्वपूर्ण है कि सब मिलजुल कर इकट्ठा होकर त्यौहार मनाते हैं ताकि तनाव को भूल सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब हम तीज त्यौहारों का संरक्षण और संवर्धन करेंगे तो प्रकृति से भी जुड़ेंगे। आज हमारे सामने जलवायु परिवर्तन एक बड़ी चुनौती है। ऐसे में प्रकृति का संरक्षण और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी लोक परब सम्मान निधि के अंतर्गत हालांकि 10 हजार रूपए की राशि दी जा रही है, यह कोई बड़ी राशि नहीं है लेकिन पंचायतों के माध्यम से छत्तीसगढ़ी तीज त्यौहारों का आयोजन होने से लोग अपनी परंपरा से, हमारी नई पीढ़ी अपनी परंपरा और प्रकृति से जुड़ेगी।उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहारों को मनाने की केवल रस्म अदायगी होती थी। लोग इन त्यौहारों से विलग होते जा रहे थे। यही कारण है कि राज्य सरकार ने तीज-त्यौहारों के संरक्षण के लिए इनका आयोजन प्रारंभ किया है। आज बालोद जिले की भेंड़िया नवागांव की सरपंच श्रीमती आर्य ने बताया कि वे हर तीज में वे मुख्यमंत्री निवास आती हैं। पहले मुख्यमंत्री निवास में छत्तीसगढ़ के तीज-त्यौहारों का आयोजन नहीं होता था।


मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ी खेलों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन इस वर्ष किया गया, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के 26 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। छत्तीसगढ़ी ओलंपिक के लिए बजट में 25 करोड़ रूपए का प्रावधान रखा गया है। भेंट-मुलाकात के दौरान अनेक महिलाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे मायके में खेलों में हिस्सा लिया करती थीं, ससुराल में उनका खेलना छूट गया था। छत्तीसगढ़िया ओलंपिक में उन्हें फिर से खेलने का मौका मिला।

इस अवसर पर कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की अस्मिता, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन, तीज-त्यौहारों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री बघेल के नेतृत्व में खूब काम किया गया है। वीडियो कॉन्फ्रेंस से जुड़े आदिम जाति विकास विभाग के मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम ने कहा कि अनुसूचित क्षेत्रों और गैर अनुसूचित क्षेत्रों में अपने तीज-त्यौहारों के संरक्षण के लिए मुख्यमंत्री परब निधि सम्मान योजना काफी महत्वपूर्ण साबित होगी। वन मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम को वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ी तीज-त्यौहारों की परम्परा को आगामी पीढ़ी को हस्तांतरित करने और अपनी संस्कृति को उभारने की दृष्टि से यह अच्छी योजना है। मुख्यमंत्री ने बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर क्षेत्र की ग्राम पंचायत बसन्तपुर के सरपंच रामवृक्ष जगते, रायगढ़ जिले की लोइंग ग्राम पंचायत के सरपंच सूरज पटेल और बालोद के भेड़िया नवागांव की सरपंच श्रीमती चिदाकाश आर्य से वीडियो कांफ्रेंस से चर्चा की। सरपंचों ने योजना की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति को बढ़ावा मिला है। परब सम्मान निधि योजना प्रारंभ करने के लिए उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार प्रकट किया।   

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने ’मुख्यमंत्री छत्तीसगढ़ी पर्व सम्मान निधि योजना’ की विस्तार से जानकारी दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, अनुसूचित जाति विभाग के सचिव डी.डी. सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

 


 
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गोधन न्याय योजना: मुख्यमंत्री 20 को 4. 40 करोड़ रूपए का करेंगे भुगतान

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के राशि अंतरण के लिए आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 4 करोड़ 40 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय 1.30 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 2 करोड़ 59 लाख रूपए, गौठान समितियों को 1 करोड़ 6 लाख रूपए और महिला समूहों को 75 लाख रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं।

गोधन न्याय योजना के तहत गोबर खरीदी में स्वावलंबी गौठान बराबर की भागीदारी निभाने लगे हैं। बीते कई महीनों से गोबर खरीदी के एवज में भुगतान की जा रही राशि में स्वावलंबी गौठानों की हिस्सेदारी 60 से 70 प्रतिशत तक की रहने लगी है।

आज की स्थिति में 50 फीसद से अधिक गौठान स्वावलंबी हो चुके हैं, जो स्वयं की राशि से गोबर एवं गौमूत्र की खरीदी के साथ-साथ गौठान के अन्य व्यवस्थाएं कर रहे हैं। 1अप्रैल से 15 अप्रैल तक गौठानों में कुल 1.30 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी हुई है।

जिसके एवज में गोबर विक्रेताओं को अंतरित की जाने वाली 2.59 करोड़ रूपए की राशि में से 1.24 करोड़ की राशि कृषि विभाग द्वारा तथा 1.67 करोड़ रूपए का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया जाएगा। स्वावलंबी गौठानों द्वारा गोबर खरीदी के एवज में अब तक 49.21 करोड़ रूपए का भुगतान स्वयं की राशि से किया गया है।

गौरतलब है कि गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में हितग्राहियों को लगभग 435 करोड़ 33 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 20 अप्रैल को 4.40 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 439 करोड़ 73 लाख रूपए हो जाएगा।

यह यहां उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ राज्य में 20 जुलाई 2020 से गोधन न्याय योजना के तहत 2 रूपए किलो में गोबर की खरीदी की जा रही है। राज्य में 15 अप्रैल 2023 तक गौठानों में 112.34 लाख क्विंटल गोबर की खरीदी की गई है।

गोबर विक्रेताओं से 31 मार्च तक क्रय किए गए गोबर के एवज में 222 करोड़ 9 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है। 20 अप्रैल को गोबर विक्रेताओं को 2.59 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 224 करोड़ 68 लाख रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को 190 करोड़ 84 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है।

गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 20 अप्रैल को 1.81 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 192.65 करोड़ रूपए हो जाएगा।

 

 

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छत्तीसगढ़ में सबसे रहा गर्म बलौदा बाजार, मौसम बदलने के आसार

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) छत्तीसगढ़ में मंगलवार को प्रदेश में सबसे गर्म जिला बलौदा बाजार रहा, जहां तापमान 44.1 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया वहीं बुधवार को मौसम का मिजाज बदलने के आसार है। बस्तर क्षेत्र में हल्की वर्षा के साथ ही गरज चमक के साथ छींटे पड़ेंगे।

मौसम विभाग के अनुसार, रायगढ़ जिले में तापमान 45.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचा। बिलासपुर जिले में सूरज की तपिश 43.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंची। वहीं राजधानी रायपुर का तापमान 43.2 डिग्री रहा और राजनांदगांव जिले में 43 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ लू जैसे हालात बने।

इसके अलावा अन्य जिलों का भी हाल ऐसा ही है महासमुंद में तापमान 42.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दुर्ग जिले में 42.2 डिग्री तापमान रहा। कबीरधाम में 41 डिग्री तापमान, कोरिया में 40.7, जशपुर में 40.5 और कांकेर जिले में 40.3 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने बताया कि, प्रदेश में उत्तर पश्चिम से गर्म और शुष्क हवाओं का लगातार आगमन जारी है । जिसके चलते प्रदेश में 19 अप्रैल को उत्तर और मध्य भाग में अधिकतम तापमान में बढ़ोत्तरी होने की संभावना है।

प्रदेश के दक्षिण भाग में निम्न स्तर पर बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त, अपेक्षाकृत ठंडी हवा का आगमन प्रारंभ होने की संभावना है। इसके कारण प्रदेश में एक-दो स्थानों पर हल्की बारिश होने या गरज चमक के साथ छींटे पड़ने की संभावना है।

 

 

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सड़क हादसे में बाल-बाल बचे छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। शिक्षा मंत्री की कार को फालोगार्ड की गाड़ी ने टक्कर मार दी। इससे मंत्री उमेश पटेल के सिर और पैर में चोटें आई हैं। यहां प्राथमिक उपचार के बाद मंत्री ने कुछ देर छत्तीसगढ़ भवन में विश्राम किया। इसके बाद रायपुर लौट गए हैं।

उच्च शिक्षा मंत्री उमेश पटेल मंगलवार की रात रायपुर से रायगढ़ के खरसिया, नंदेली जा रहे थे। भोजपुरी टोल प्लाजा के पास रात नौ बजे के करीब काफिले में शामिल फालोगार्ड की गाड़ी अनियंत्रित हो गई। गाड़ी सीधे मंत्री की कार के पीछे जा टकराई। इस दौरान मंत्री उमेश पटेल कार में ही खाना खा रहे थे।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। काफिले में शामिल लोग तत्काल मंत्री की कार के पास पहुंचे।

उन्हें सिर और पैर में मामूली चोटें आई थीं। इसे देख मंत्री के समर्थकों और पुलिस ने राहत की सांस ली।

इसके बाद मंत्री वहां से बिलासपुर के लिए रवाना हो गए। छत्तीसगढ़ भवन में थोड़ी देर विश्राम के बाद उन्होंने लिंक रोड स्थित एक अस्पताल में जांच कराई। इसके बाद वे नंदेली के बजाय रायपुर के लिए रवाना हो गए।

मंत्री की कार दुर्घटना ग्रस्त होने की जानकारी जिला कांग्रेस के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को कुछ ही देर बाद मिल गई। इसके बाद जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी, पर्यटन मंडल के अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव और कांग्रेस नेता विवेक बाजपेयी छत्तीसगढ़ भवन पहुंच गए।

इनके साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता भी छत्तीसगढ़ भवन पहुंचे। उन्होंने मंत्री उमेश पटेल का हाल पूछा।

 

 

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भेंट मुलाकात: सीएम 19 को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के अनेक कार्यक्रमों में होंगे शामिल

 मुख्यमंत्री गुढ़ियारी में करेंगे छत्तीसगढ़ महतारी चौक का लोकार्पण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)मुख्यमंत्री  भूपेश बघेल 19 अप्रैल, बुधवार को रायपुर पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम एवं विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगे। वे इस दौरान क्षेत्रवासियों को विकास कार्याें की सौगात भी देंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 12.10 बजे आयुर्वेदिक कॉलेज के सामने स्थित नालंदा परिसर में मिलेट कैफे का लोकार्पण करेंगे और 12.25 बजे नंदनवन मार्ग स्थित अटारी के दुर्गा मंदिर का दर्शन करेंगे। इसके पश्चात मुख्यमंत्री 12.35 बजे जरवाय में सी एंड डी प्लांट का लोकार्पण करेंगे और जरवाय गौठान का अवलोकन करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 12.55 बजे मोहबा बाजार से कोटा मार्ग के नामकरण कार्यक्रम में शामिल होंगे और दोपहर 1.10 बजे गुढ़ियारी में छत्तीसगढ़ महतारी चौक का लोकार्पण करेंगे।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री दोपहर 1.20 बजे गुढ़ियारी के सीएसईबी ग्राउण्ड में विभिन्न विकास कार्याें का भूमिपूजन एवं लोकार्पण करेंगे और भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में शामिल होकर आमजनों से संवाद करेंगे।

मुख्यमंत्री बघेल दोपहर 3.30 बजे अग्रसेन चौक स्थित संभाग स्तरीय सी-मार्ट का अवलोकन करेंगे। इसके पश्चात से राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास पहुंचेंगे और शाम 5 बजे विभिन्न प्रतिनिधि मंडलों से मुलाकात करेंगे।

 

 

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छत्तीसगढ़ में मिले 500 से ज्यादा कोरोना के नए मरीज, 4 की मौत

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 531 नए मरीज मिले, और 4 लोगों की मौत हुई है। अब एक्टिव मरीजों की संख्या 2484 हो गई है। पॉजिटिविटी दर बढ़कर 8.53 फीसदी पहुंच गई है।

रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, बिलासपुर में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं। जांच में तेजी लाते हुए रोजाना 10 हजार टेस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक रायपुर, महासमुन्द, सरगुजा और कांकेर जिले के रहने वाले थे।‌ चारों की मौत को-मॉर्बिडिटी यानि कोरोना के साथ अन्य किसी गंभीर बीमारी की वजह से हुई है। प्रदेश में सबसे ज्यादा 84 मरीज रायपुर जिले में मिले हैं। राजनांदगांव में नए मरीजों की संख्या 52 है।


सरगुजा में 38, बिलासपुर में 38, कांकेर में 32, बलौदा बाजार में 31, दुर्ग में 30, सूरजपुर जिले में 30, बालोद में 24, रायगढ़ में 23, महासमुंद में 20, बेमेतरा में 19, बीजापुर में 17, धमतरी में 16, कोरिया में 14, दंतेवाड़ा में 11, कबीरधाम में 11, कोरबा जिले में 10, जांजगीर-चांपा में 8,बलरामपुर में 6, गरियाबंद में 4, जशपुर में 4, बस्तर में 3, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 2, कोंडागांव में 1, नारायणपुर में 1 और सुकमा जिले में भी 1 मरीज की पुष्टि हुई है।

 

 

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ब्लड कैंसर से जुझ रहे ओम को मिला जीवन दान

 मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य योजना के तहत् होगा उपचार

नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)सब जानते हैं कि कैंसर जैसी घातक बीमारियों का उपचार बेहद खर्चीला होता है, इस लिहाज से यह किसी भी मध्यम वर्गीय परिवार के लिए कठिन आर्थिक चुनौती बन जाती है। इस क्रम में मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 7 के निवासी आसनो पटेल का 8 वर्शीय पुत्र ओम कुमार पटेल घातक ब्लड कैंसर की बीमारी की चपेट में था। निम्न मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाले आसनो कुमार पटेल स्थानीय सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय में शिक्षक के पद पर नियुक्त हैं, जबकि उसकी पत्नि ग्राम गढ़बेंगाल के छात्रावास मे रसोईया के पद पर हैं। ऐसे में अपने बच्चे के कैंसर से पीड़ित होने का पता चलना इस परिवार के लिए एक दूःस्वप्न से कम नही था। निम्न आय और परिवार की साधारण स्थिति सभी कुछ आसनो पटेल की विरूद्ध थी। ऐसी विकट परिस्थिति में आसनो द्वारा ईलाज कराने हेतु प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने हेतु निवेदन किया गया था। उपचार की प्रक्रिया के प्रारंभ में ब्लड कैंसर के ईलाज हेतु चिकित्सक के द्वारा अनुमानित राशि 25,00,000.00 रूपये (पच्चीस लाख रूपये मात्र) का प्राक्कलन प्रदाय किया गया, चुंकि आसनो पटेल के पास प्राथमिकता क्रम का राशनकार्ड उपलब्ध है, परंतु कैंसर का ईलाज कराने हेतु पर्याप्त व्यय आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अन्तर्गत किया जाना संभव नहीं था। इसके लिए पटेल ने बच्चे के उपचार के लिए मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से ईलाज कराने हेतु आवेदन प्रस्तुत किया गया था। तत्पश्चात मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजनांतर्गत स्वीकृत पैकेज राशि से बालक ओम पटेल का उपचार बालको मेडिकल सेंटर रायपुर में किया जा रहा है। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना गंभीर बीमारियो जूझ रहे मरीजों एवं उनके परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है। विशेश तौर पर ऐसे परिवार जो इस खतरनाक बीमारी के उपचार के व्यय का वहन करने में असमर्थ हैं। ऐसे में आसनों पटेल और उनकी पत्नि ने अपने बच्चे के उपचार के लिए शासन द्वारा दी जा रही मदद का आभार जताया।

 

 

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श्रीकृष्ण जन्म की कथा सुनकर भक्त हुए आनंदित

 ग्राम मौहापाली में बह रही श्रीमद् भागवत कथा की गंगा

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)गौरा गौरी महोत्सव समिति एवं समस्त ग्रामवासियों द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में सुश्री कृष्णारोह दामोदर ने श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए।

 सुश्री कृष्णारोह दामोदर श्रीधाम वृंदावन से शिक्षा प्राप्त कर प्रथम श्रीमद् भागवत कथा का वाचन कर रही हैं। वहीं भागवत कथा का रसपान करने के लिए महिला श्रद्धालुओं की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ रही है।

 

 

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मुख्यमंत्री ने किया सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण) सीएम भूपेश बघेल ने मंगलवार को राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी में नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रतिमा का अनावरण किया।

दीक्षांत परेड समारोह को संबोधित करते हुए सीएम बघेल ने राज्य पुलिस अकादमी में सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पात्र करने वाले सभी को बधाई दी।

उन्होंने कहा कि 25 प्रशिक्षुओं ने अपना प्रशिक्षण पूरा किया है। अपने कर्तव्य निर्वहन के लिए पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। आज प्रशिक्षण लेकर जाने वाले पुलिस अधिकारियों को मैं बधाई देता हूं। प्रशिक्षण एक सतत करने वाली प्रक्रिया है।आपने पुलिस विभाग को सेवा के लिए चुना यह सराहनीय है।

सीएम बघेल ने कहा, हमारा राज्य लगातार प्रगति कर रहा है। राज्य के नक्सली हिस्से से अब अच्छी खबरें आने लगी है। नक्सली क्षेत्र होने के कारण यहां जिम्मेदारियां और भी बढ़ जाती है। मैं विभाग के सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं। हमारा राज्य शांति पूर्ण राज्य है, इसका श्रेय पुलिस को जाता है, जिसने शांति बनाए रखने में अपना दिन रात एक किया।

 

 

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सुरक्षाबलों और नक्सलियों में मुठभेड़, एक नक्सली ढेर, दो पकड़ाए

बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)छत्तीसगढ़ के नक्‍सल प्रभावित बीजापुर में मंगलवार को सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में एक नक्सली ढेर हो गया वहीँ दो नक्सलियों को गिरफ्तार किया है।

जिले के नैमेड़ थाना  क्षेत्रांतर्गत कैंप रेड्डी से डीआरजी की टीम नक्सल गश्त सर्चिंग पर रवाना हुई थी। मंगलवार सुबह आठ बजे के आसपास ग्राम कचिलवार में पुलिस और नक्‍सलियों के बीच मुठभेड़ हो गई।

मुठभेड़ के बाद सुरक्षाबलों ने एक नक्‍सली का शव बरामद किया है। वहीं दो नक्सलियों को पकड़ा जिसमे से एक नक्‍सली घायल अवस्था में पकड़ा गया है। घटनास्थल से भारी मात्रा में नक्‍सलियों ने दैनिक उपयोग के सामान छोड़कर भाग गए।

घटनास्थल घने जंगलों व पहाड़ी पर होने के कारण जवानों द्वारा सर्चिंग जारी है। इस मुठभेड़ में पुलिस के किसी भी जवान को कोई नुक्सान नहीं पहुंचा।

एएसपी का कहना है कि जवानों के लौटने के बाद ही विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

 

 

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