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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अमरकंटक के मृत्युंजय आश्रम में निःशुल्क भंडारा के लिए अन्नकूट रथ को किया रवाना

 सावन मास के पावन अवसर पर अमरकंटक से कवर्धा तक निकलने वाली कांवड़ यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं और कांवड़ियों के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की विशेष पहल पर मृत्युंजय आश्रम, अमरकंटक में प्रतिदिन निःशुल्क भंडारा संचालित किया जाएगा। इसी कड़ी में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज विधायक कार्यालय से भंडारे के लिए आवश्यक भोजन सामग्री से भरे वाहन अन्नकूट रथ को रवाना किया। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस जवाबदेही प्राधिकरण के श्री भगत पटेल, श्री नरेन्द्र मानिकपुरी, श्री रवि राजपूत, श्री खिलेश्वर साहू, श्री प्रवीण परिहार, सहित जनप्रतिनिधियों, पार्षदगण की उपस्थिति में हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयकारों के साथ भोजन सामग्री वाहनों को विधिवत पूजा-अर्चना के पश्चात अमरकंटक के लिए रवाना किया गया।


           उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की इस पहल के अंतर्गत मृत्युंजय आश्रम में आने वाले श्रद्धालुओं और कांवड़ियों को निःशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा दी जाएगी। भोजन में दाल, भात, सब्जी, खीर, पूड़ी, हलवा जैसे स्वादिष्ट व्यंजन प्रतिदिन श्रद्धालुओं को परोसे जाएंगे वह भी पूरी श्रद्धा और आत्मीयता के साथ। मृत्युंजय आश्रम में संचालित इस भंडारे की लोकप्रियता और व्यापक सेवा भाव का अनुमान इस बात से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष लगभग हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने इस निःशुल्क सेवा का लाभ उठाया था। इस वर्ष भी उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, की सहभागिता से यह सेवा और भी विस्तार के साथ संचालित की जा रही है।

         उल्लेखनीय है कि सावन मास में लाखों श्रद्धालु अमरकंटक से जल लेकर भोरमदेव और बुढ़ामहादेव मंदिरों में जलाभिषेक करने के लिए पदयात्रा करते हैं। ऐसे में मृत्युंजय आश्रम में संचालित यह भंडारा भक्ति के साथ-साथ सेवा का प्रतीक बन गया है। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा की यह पहल जनआस्था के प्रति संवेदनशीलता, धार्मिक समर्पण और सामाजिक सेवा के आदर्श को साकार करती है।
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जल जीवन मिशन 2.0 पर छत्तीसगढ़ के सांसदों के साथ मंथन

 नई दिल्ली स्थित छत्तीसगढ़ सदन में सोमवार शाम जल जीवन मिशन (जे.जे.एम.) 2.0 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने की। इस दौरान छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव सहित राज्य के लोकसभा एवं राज्यसभा सांसद उपस्थित रहे। बैठक में सांसदों के संसदीय क्षेत्रों में जल जीवन मिशन की प्रगति, योजनाओं की वर्तमान स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।


          बैठक में छत्तीसगढ़ के लोकसभा सांसद व केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्रीमती कमलेश जांगड़े, श्रीमती ज्योत्सना महंत, श्री संतोष पांडेय, श्री विजय बघेल, श्री बृजमोहन अग्रवाल, श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, श्री महेश कश्यप और श्री भोजराज नाग तथा राज्यसभा सांसद राजा देवेंद्र प्रताप सिंह, श्रीमती लक्ष्मी वर्मा और श्रीमती फूलो देवी नेताम उपस्थित रहे।

         बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, परियोजनाओं में तेजी लाने, गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा जनप्रतिनिधियों के सुझावों के आधार पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विचार-विमर्श किया गया। सांसदों ने अपने-अपने संसदीय क्षेत्रों से जुड़े सुझाव और आवश्यकताएं भी साझा की।

       बैठक में मिशन के कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग, समयबद्ध क्रियान्वयन तथा केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से योजनाओं को गति देने पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 की प्रमुख विशेषताओं और क्रियान्वयन रणनीति की भी जानकारी प्रस्तुत की।

       बैठक में सांसदों की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा की गई। जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया गया कि वे जिला स्तरीय क्प्भ्ै। की बैठकों में सक्रिय भागीदारी निभाते हुए योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं के समाधान में सहयोग करें। साथ ही, श्जल अर्पणश् कार्यक्रमों में सहभागिता कर पूर्ण हो चुकी पेयजल योजनाओं के लोकार्पण तथा ग्राम पंचायतों को उनके हस्तांतरण को प्रोत्साहित करें। जल जीवन मिशन के लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए राज्य एवं जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहयोग देने का भी आह्वान किया गया।

      बैठक में केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के अधिकारियों सहित छत्तीसगढ़ के लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक़ भी उपस्थित रहे।
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विभागाध्यक्ष कार्यालयों और जिलों में भी हर माह आयोजित होंगे सम्मान कार्यक्रम- मुख्य सचिव

 मुख्य सचिव श्री विकासशील ने आज मंत्रालय महानदी भवन, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित मासिक सम्मान कार्यक्रम में ई-ऑफिस के माध्यम से फाइलों (नस्तियों) के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण तथा समयबद्ध उपस्थिति सुनिश्चित करने वाले मंत्रालयीन अधिकारियों एवं कर्मचारियों को जून माह के लिए प्रशंसा पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्रालय के अधिकारी-कर्मचारी, सभी विभागाध्यक्ष तथा प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।


जिला व विभागाध्यक्ष स्तर पर सम्मान
   
         मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि मंत्रालय की तर्ज पर विभागाध्यक्ष कार्यालयों एवं जिला स्तर पर भी हर माह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित करने के लिए नियमित सम्मान कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। 100% डिजिटल ऑनबोर्डिंग: ई-एचआरएमएस (e-HRMS), स्पैरो (SPARROW) और ई-ऑफिस प्रणालियों में सभी अधिकारी-कर्मचारियों की शत-प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। ऑनलाइन एसीआर व बायोमेट्रिक उपस्थिति: वर्ष 2025-26 के लिए वार्षिक गोपनीय प्रतिवेदन (ACR) ऑनलाइन भरने और आधार-सक्षम बायोमेट्रिक प्रणाली से उपस्थिति दर्ज कराने को अनिवार्य किया गया है।

राज्य स्तर पर पुरस्कार
 
       अगले माह से ई-ऑफिस में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले विभागाध्यक्ष कार्यालय और सर्वश्रेष्ठ जिला कार्यालय को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। 1 अप्रैल 2026 से 31 जुलाई 2026 तक की अवधि का संचयी आकलन कर स्कोरबोर्ड और जिलों/विभागों की रैंकिंग जारी की जाएगी। 

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विभाग एवं अधिकारी सम्मानित 

      विभागीय श्रेणी (Top 3) प्रथम लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, द्वितीय गृह विभाग, तृतीय वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग को सम्मानित किया गया इसी प्रकार अधिकारी श्रेणी में शीर्ष स्थान प्राप्तकर्ता संयुक्त सचिव श्रेणी में श्री भूपेन्द्र कुमार राजपूत (आदिम जाति विकास) - प्रथम, श्री अनुपम त्रिवेदी (अ.जनजाति विकास) - द्वितीय, श्री सच्चिदानंद आलोक (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -तृतीय। उप सचिव श्रेणी में श्री दूरदेशी राम सोन्टापर (वन एवं जलवायु परिवर्तन)-प्रथम, श्री शिव कुमार सिंह (वाणिज्यिक कर) -द्वितीय, श्री किशोर कुमार भूआर्य (सामान्य प्रशासन-1) -तृतीय स्थान पर रहे, जिन्हे सम्मानित किया गया।

          अवर सचिव श्रेणी में श्री पूरन लाल साहू (गृह) -प्रथम, श्री मगन लाल पवार (वाणिज्य एवं उद्योग) -द्वितीय, श्री अरुण कुमार मिश्रा (विधि एवं विधायी कार्य) -तृतीय, अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री नंद कुमार मेश्राम (सामान्य प्रशासन-1) -प्रथम, श्री शिवकुमार गोंड (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) -द्वितीय, श्री वीरेन्द्र कुमार (स्वास्थ्य विभाग) -तृतीय स्थान पर रहे,  विशेष सम्मान सहायक अनुभाग अधिकारी श्रेणी में श्री आलोक जोशी (आई टी विभाग) तथा वरिष्ठ सचिवालय सहायक श्रेणी में सुश्री ललिता राय (चिकित्सा शिक्षा विभाग) को सम्मानित किया गया। कनिष्ठ सचिवालय सहायक में श्री उमेश यादव - प्रथम, श्री प्रभु सिंह राठिया - द्वितीय, श्री सतकुमार भास्कर -तृतीय, कम्प्यूटर ऑपरेटर श्रेणी में श्री अभिषेक दास -प्रथम, श्रीमती माया देवांगन -द्वितीय, श्री अमित हूमाने -तृतीय, इसके अलावा, समयबद्ध कार्यालयीन उपस्थिति के लिए उप सचिव श्रीमती क्लेमेनटिना लकड़ा, अवर सचिव श्रीमती दिव्या वैष्णव सहित 19 अन्य अधिकारियों व कर्मचारियों को भी प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
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छत्तीसगढ़ को खेल हब बनाने नई सोच और विजन के साथ करें काम - श्री अरुण साव

 उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने आज खेल विभाग के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने रायपुर के एक निजी होटल में आयोजित समीक्षा बैठक में विभागीय अधिकारियों और प्रशिक्षकों को छत्तीसगढ़ में नई खेल संस्कृति विकसित करने तथा खेल हब बनाने नई सोच एवं विजन के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, आदिम जाति कल्याण, पुलिस और वन विभाग सहित विभिन्न विभागों के खेल आयोजनों में मौजूद रहकर कम उम्र की प्रतिभाओं को खोजने तथा उनके समुचित प्रशिक्षण व मार्गदर्शन की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने इन आयोजनों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए आयोजकों को आवश्यक सुझाव, सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने को भी कहा। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार और संचालक श्रीमती तनुजा सलाम भी बैठक में शामिल हुईं।


उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने बैठक में विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले ग्रीष्मकालीन खेल प्रशिक्षण शिविरों के व्यापक प्रचार-प्रसार के साथ ही ज्यादा से ज्यादा खिलाड़ियों एवं खेल संघों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षण शिविर स्थानीय स्तर पर खेलों का वातावरण तैयार करने का बड़ा माध्यम है। उन्होंने खेल एवं खिलाड़ियों के लिए अच्छा वातावरण तैयार करने हर जिले में सभी खेलों के संघ बनाने को कहा। उन्होंने शासन द्वारा सहयोग प्रदान करने सभी खेल संघों एवं एशोसिएशन्स का पंजीयन कराने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने राज्य शासन द्वारा निर्मित खेल अधोसंरचनाओं के साथ ही खेलो इंडिया सेंटर्स की प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रशिक्षकों के माध्यम से राज्य के खिलाड़ियों को तराशने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रतिभावान खिलाड़ियों की कम उम्र में ही पहचान कर उनके प्रशिक्षण एवं ग्रूमिंग के लिए अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी जिलों के खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले के राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही अच्छी संभावनाओं वाले खिलाड़ियों की विस्तृत प्रोफाइल तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने खिलाड़ियों को बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए तैयार करने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का सहयोग लेने को भी कहा।

उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन खेल परिसरों, खेल मैदानों एवं स्टेडियमों के निर्माण के दौरान नियमित रूप से कार्यों का अवलोकन कर खिलाड़ियों की जरूरतों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने संबंधित जिले के लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता के नियमित संपर्क में रहकर कार्यों को तेजी से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। श्री साव ने बैठक में मौजूद लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता श्री वी.एस. कोरम को खेल अधोसंरचनाओं से जुड़े निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ जल्द से जल्द पूर्ण करने को कहा। उन्होंने सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को तेजी से पूर्ण कर अप्रारंभ कार्यों को यथाशीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने उप मुख्यमंत्री कार्यालय को हर महीने इन कार्यों की प्रगति की रिपोर्ट देने को भी कहा।

श्री साव ने सभी खेल अधिकारियों को अपने-अपने जिले में विकासखंड शिक्षा अधिकारियों से मिलकर स्कूलों में प्रतिदिन खेलों का एक पीरिएड सुनिश्चत कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से हर गांव के सरपंच और सचिव की बैठक कर उन्हें गांवों में खेलों के लिए अच्छा माहौल तैयार करने के लिए प्रेरित करने को कहा। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रशिक्षकों और खेल अधिकारियों को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप नई तकनीकों, खेल उपकरणों, नए नियमों और नियामक संस्थाओं से अपडेट रहने के निर्देश दिए। खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संयुक्त संचालक श्री प्रभाकर पाण्डेय, उप संचालक श्रीमती रश्मि ठाकुर और श्री रवि अग्रवाल सहित सभी जिलों के खेल अधिकारी, वरिष्ठ प्रशिक्षक एवं प्रशिक्षक समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
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​कारगिल के वीरों का बलिदान देश की भावी पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहेगा: उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंक राम वर्मा

 पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के सभागृह में आज 'कारगिल विजय दिवस' के अवसर पर  कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री ने कारगिल के अमर शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए देश की आंतरिक व बाह्य सुरक्षा, युवाओं की भूमिका और 2047 के विकसित भारत संकल्प पत्र पर अपने विचार साझा किए।


​कारगिल विजय: स्वाभिमान और अदम्य साहस की गाथा

​         मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि 26 जुलाई 1999 को 'ऑपरेशन विजय' के तहत भारतीय सेना ने अपनी सीमाओं की रक्षा करते हुए शत्रुओं को खदेड़ा था।कारगिल की जीत केवल सैन्य अभियान की सफलता नहीं, बल्कि भारत के अखंड स्वाभिमान की विजय थी। हमारे वीर जवानों का बलिदान देश हमेशा याद रखेगा। उन्होंने वीर नारियों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश की ओर से आभार जताया।

​दैनिक जीवन में कर्तव्यनिष्ठा ही सच्ची देशभक्ति

     ​उच्च शिक्षा मंत्री ने देशभक्ति की परिभाषा को व्यापक रूप से रेखांकित करते हुए कहा कि राष्ट्रभक्ति केवल विशेष अवसरों पर नारे लगाने तक सीमित नहीं है। समय का पाबंद होना, ईमानदारी से काम करना, जरूरतमंदों की मदद, जल व पर्यावरण संरक्षण, और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के आह्वान 'एक पेड़ माँ के नाम' व 'वोकल फॉर लोकल' को जीवन में अपनाना ही वास्तविक देशभक्ति है।

सुरक्षा केवल सीमाओं पर नहीं, परिसर और डिजिटल मीडिया में भी जरूरी

     ​डिजिटल दौर की चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि बिना जांचे-परखे फर्जी संदेश फैलाना सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाता है। इसके साथ ही, हाल ही में नीट (NEET) परीक्षा विवाद जैसे मामलों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि शैक्षणिक संस्थानों का माहौल खराब करने का प्रयास करने वाले असमाजिक और बाहरी तत्वों पर कड़ी निगरानी रखनी होगी। उन्होंने राज्य के सभी महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों के परिसरों में शांति, सुरक्षा और सुचारू अध्यापन के लिए सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी।

​2047 का विजन: विकसित भारत, समृद्ध छत्तीसगढ़

   ​.    मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के 'विकसित भारत 2047' के विजन और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जी के 'समृद्ध छत्तीसगढ़' के संकल्प को पूरा करने में युवाओं की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को केवल पुस्तकीय ज्ञान न देकर उनमें राष्ट्रबोध, अनुशासन और नेतृत्व के गुण विकसित करें। साथ ही, युवाओं को सेना के शौर्य से जोड़ने के लिए महाविद्यालयों में वीर सैनिकों के सम्मान में नियमित संगोष्ठी और प्रदर्शनियाँ आयोजित की जाएं। उन्होंने कहा कि बस्तर से सरगुजा और रायपुर तक छत्तीसगढ़ के युवाओं में असीम ऊर्जा है। इस ऊर्जा को शिक्षा, कौशल, अनुसंधान और नवाचार से जोड़कर ही समृद्ध छत्तीसगढ़ का निर्माण संभव है।

       कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग के पूर्व कुलपति प्रो. एन. पी. दीक्षित, वरिष्ठ शिक्षाविद् प्रो. टी. एल. वर्मा, पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ल, विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. शैलेन्द्र पटेल सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। 
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गांवों के समग्र विकास से ही विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प होगा साकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 ग्राम पंचायतों को केवल योजनाओं के क्रियान्वयन की इकाई नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन, आर्थिक समृद्धि और आत्मनिर्भर ग्रामीण अर्थव्यवस्था के केंद्र के रूप में विकसित करना होगा। यदि ग्राम पंचायतें सशक्त हों, गांव आत्मनिर्भर बनें और प्रत्येक ग्रामीण विकास की प्रक्रिया का सहभागी बने, तभी विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प वास्तविक रूप ले सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज नवा रायपुर स्थित एसआईआरडी परिसर, निमोरा में आयोजित प्रदेश के सभी जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक एवं कार्यशाला को संबोधित करते हुए यह बात कही। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक अर्थ यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। ग्राम पंचायतें जनभागीदारी के माध्यम से आत्मनिर्भर गांव बनाने का सबसे प्रभावी मंच हैं। अधिकारियों को संवेदनशीलता, ईमानदारी और सेवा भाव के साथ कार्य करते हुए ग्रामीणों का विश्वास जीतना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि शासकीय योजनाओं की वास्तविक सफलता तभी मानी जाएगी, जब उनका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और गांव का प्रत्येक नागरिक स्वयं विकास यात्रा का सक्रिय भागीदार बने। उन्होंने प्रत्येक जिले में ऐसे गांवों की पहचान करने के निर्देश दिए, जहां जनभागीदारी, स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और प्रभावी योजना के माध्यम से आदर्श विकास मॉडल विकसित किए जा सकें।

विकसित भारत जी राम जी योजना से ग्रामीण विकास को मिलेगी नई गति

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि 1 जुलाई से लागू विकसित भारत जी राम जी योजना ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना के माध्यम से रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों और गुणवत्तापूर्ण अधोसंरचना का निर्माण प्राथमिकता से किया जाए।
इसके माध्यम से जल संरक्षण, कृषि, ग्रामीण अधोसंरचना, आजीविका और सामुदायिक परिसंपत्तियों के निर्माण को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर प्रबंधन बने प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए। जल संरक्षण, मृदा स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पशुपालन, मत्स्य पालन तथा स्थानीय प्राकृतिक संसाधनों का वैज्ञानिक उपयोग ही स्थायी विकास का आधार है। उन्होंने प्रत्येक जिले में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप जल संरक्षण की कार्ययोजना तैयार करने तथा वर्षा जल संचयन एवं भूजल संवर्धन को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।

10.40 लाख से अधिक महिलाएं बनीं लखपति दीदी, अब लक्ष्य करोड़पति दीदी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिली है। छत्तीसगढ़ में अब तक 10 लाख 40 हजार से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें उद्यमिता, कौशल विकास और स्वरोजगार से जोड़कर बड़ी संख्या में करोड़पति दीदी बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।

उन्होंने जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं की पहचान कर उन्हें स्व-सहायता समूहों, कौशल विकास, आजीविका गतिविधियों और नई औद्योगिक नीति से उत्पन्न अवसरों से जोड़ा जाए।

बस्तर के अंतिम गांव तक पहुंचे विकास की रोशनी

मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से बस्तर संभाग के अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में विकास कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता से किए जाएं। उन्होंने कहा कि जिन गांवों तक कभी पहुंचना कठिन था, वहां अब सड़क, बिजली, आवास, राशन, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाएं तेजी से पहुंच रही हैं। सरकार का लक्ष्य विकास की रोशनी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।

पीएम आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा सभी पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन सहित सभी योजनाओं के भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए तथा पंचायत स्तर पर प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। पंचायत स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिक से अधिक परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जाए। किसानों और ग्रामीण परिवारों को सौर पंप तथा अन्य सौर ऊर्जा योजनाओं का अधिकतम लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन का उद्देश्य केवल अपने सीमित उत्तरदायित्व का निर्वहन मात्र न होकर के समाज में ऐसा सकारात्मक परिवर्तन लाना होना चाहिए, जिसे आने वाली पीढ़ियां भी याद रखें। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रसेवा का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, उससे प्रेरणा लेकर प्रत्येक अधिकारी को अपनी जिम्मेदारी को समाज निर्माण का अवसर मानना चाहिए।

एक व्यक्ति का संकल्प पूरे समाज की तस्वीर बदल सकता है

मुख्यमंत्री श्री साय ने पद्मश्री श्री पोपटराव पवार के हिवड़े बाजार मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि दृढ़ इच्छाशक्ति, ईमानदार नेतृत्व और जनसहभागिता के माध्यम से किसी भी गांव का कायाकल्प किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमेशा बड़ी संख्या की आवश्यकता नहीं होती। यदि एक व्यक्ति भी संकल्प लेकर आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज उसके साथ खड़ा हो जाता है।

मुख्यमंत्री ने वर्ष 1999 की अपनी पहली मुलाकात को याद करते हुए बताया कि जब वे पहली बार सांसद बने थे, तब युवा सांसदों के मार्गदर्शन के लिए श्री पोपटराव पवार को आमंत्रित किया गया था। उस समय एक युवा सरपंच के रूप में उन्होंने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की जो कहानी सुनाई थी, वही आज पूरे देश के लिए आदर्श ग्राम विकास का मॉडल बन चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चित्रकूट स्थित दीनदयाल शोध संस्थान में नानाजी देशमुख द्वारा विकसित ग्राम विकास मॉडल तथा ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत द्वारा शिक्षा के माध्यम से किए गए सामाजिक परिवर्तन से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक जिले की स्थानीय परिस्थितियों, संसाधनों और आवश्यकताओं के अनुरूप विकास का अपना मॉडल तैयार किया जाए, जिससे स्थायी और समावेशी विकास सुनिश्चित हो सके।

हिवड़े बाजार मॉडल ने दिखाया जनभागीदारी की ताकत

कार्यशाला में पद्मश्री श्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार के परिवर्तन की यात्रा साझा करते हुए बताया कि वर्ष 1989 में गांव जल संकट, पलायन, बेरोजगारी और सामाजिक समस्याओं से जूझ रहा था। जनसहभागिता, अनुशासन, जल संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के वैज्ञानिक प्रबंधन के माध्यम से गांव का व्यापक विकास किया गया। आज गांव में पलायन समाप्त हो चुका है, बीपीएल परिवार नहीं हैं, प्रतिदिन लगभग पांच हजार लीटर दूध का संग्रहण होता है तथा प्रति व्यक्ति आय लगभग नौ लाख रुपये तक पहुंच चुकी है।

बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, सेवानिवृत्त भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री अमरजीत सिन्हा, प्रदेश के सभी जिलों के जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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उप मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री ने कबीरधाम में विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की मैराथन समीक्षा

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा और कबीरधाम जिले के प्रभारी मंत्री एवं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति तथा विकास कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। 


अवैध शराब बिक्री पर हो सख्त कार्रवाई
         बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कृषि विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में किसानों को खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए तथा सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध रहे। उन्होंने आबकारी विभाग को निर्देश दिए कि अवैध शराब बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए। ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध शराब बिक्री और अवैध चखना दुकानों पर पुलिस विभाग के साथ संयुक्त अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करें। गोधाम की समीक्षा के दौरान बताया गया कि अभी जिले में 17 गोठानों की स्वीकृति मिली है। उन्होंने 10 अगस्त तक सभी का पंजीयन पूर्ण करने के निर्देश दिए। मत्स्य पालन विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि वर्तमान में जिले में लगभग 30 हजार मीट्रिक टन मछली उत्पादन हो रहा है, जिसे बढ़ाकर 35 हजार मीट्रिक टन करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाए।

जिले की अर्थव्यवस्था और जीडीपी बढ़ाने सभी विभाग करें प्रयास

        उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि जिले की अर्थव्यवस्था और जीडीपी बढ़ाने की दिशा में सभी विभाग प्रयास करें। नगरीय निकायों में पट्टा सर्वेक्षण एवं लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए उन्होंने निराकरण में तेजी लाने के निर्देश दिए। सरस्वती साइकिल योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि साइकिलों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। वेंडर द्वारा उपलब्ध कराई गई साइकिलें गुणवत्तापूर्ण होने पर ही स्वीकार की जाएं। गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित के ऊपर कार्रवाई की जाएगी। 

समय-सीमा में आवास निर्माण कराएं पूर्ण

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने जिले में गुलाबी चने के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए रबी सीजन में इसका रकबा एवं उत्पादन बढ़ाने हेतु आवश्यक कदम उठाने के निर्देश अधिकारियों को दिए। प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए उप मुख्यमंत्री ने समय-सीमा में आवास निर्माण पूर्ण कराने, जनजागरूकता बढ़ाने तथा किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए। 

मरम्मत योग्य सड़कों का शीघ्र कराएं सुधार
       उप मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले की बिहान समूह की महिलाएं सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर पैनल स्थापना का कार्य कर रही हैं और यह प्रदेश का पहला ऐसा समूह है। उन्होंने इन महिला समूहों को अन्य कार्यों के लिए भी अनुबंध उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। सड़क निर्माण कार्यों की समीक्षा के दौरान उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने मरम्मत योग्य सड़कों का शीघ्र सुधार कराने और सभी निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे सीधे अंतिम व्यक्ति तक-उद्योग मंत्री श्री देवांगन
           उद्योग एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों से कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे आम लोगों और अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। जनप्रतिनिधियों द्वारा बताई गई समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए तथा योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर कमियों में तत्काल सुधार सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से विभागीय दायित्वों का कुशलतापूर्वक निर्वहन करते हुए बेहतर कार्य अपनाने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने कहा कि सभी पटवारी अपने मुख्यालय में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इसके लिए कलेक्टर को आवश्यक आदेश जारी करने के निर्देश दिए।

अधिक से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप पैनल
         श्रम विभाग की समीक्षा में उन्होंने सभी विकासखंड मुख्यालयों में पंजीयन शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक श्रमिकों का पंजीयन कराने के निर्देश दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों का अन्यत्र अटैचमेंट किया गया है, उन्हें तत्काल मूल पदस्थापना स्थल पर भेजा जाए ताकि विद्यालयों में नियमित शिक्षण कार्य प्रभावित न हो। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत अधिक से अधिक घरों में सोलर रूफटॉप पैनल लगाने के लिए अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

धान खरीदी हो पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित- सांसद श्री पाण्डेय
       सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने जिले की धान खरीदी व्यवस्था की समीक्षा के दौरान धान उठाव में अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि धान खरीदी पूरी तरह पारदर्शी और व्यवस्थित होनी चाहिए तथा किसी भी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान जिले में संचालित अटल टिंकरिंग लैब की प्रगति की जानकारी लेते हुए कहा कि इन प्रयोगशालाओं का बेहतर उपयोग विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और तकनीकी कौशल विकसित करने के लिए किया जाए। जिले के सहकारी शक्कर कारखाने की समीक्षा के दौरान उत्पादन क्षमता एवं शक्कर रिकवरी बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को अधिक लाभ मिल सके। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में उन्होंने आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को समय पर आयुष्मान कार्ड का लाभ और निःशुल्क उपचार की सुविधा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से कोई भी पात्र व्यक्ति न रहे वंचित- श्रीमती भावना बोहरा
       पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा ने महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान कहा कि जिन जर्जर भवनों में आंगनबाड़ी संचालित हो रही हैं, उनका सर्वे कराया जाए तथा ऐसे भवनों में आंगनबाड़ी संचालन बंद कर सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने छात्रावासों में अधीक्षकों की उपलब्धता एवं आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश आदिवासी विकास विभाग को दिए। शिक्षा विभाग की समीक्षा में उन्होंने कहा कि संकुल एवं अन्य बैठकें विद्यालय समय के बाद आयोजित की जाएं ताकि शिक्षण कार्य प्रभावित न हो और शिक्षक नियमित रूप से विद्यालय में उपस्थित रहें। समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने वृद्धावस्था, विधवा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं से कोई भी पात्र व्यक्ति वंचित न रहे, इसके लिए गांव में सर्वे कर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए।

         बैठक में कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, श्री राजेन्द्र चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, सहपुर लोहारा श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती सुषमा गणपत बघेल, कलेक्टर श्री गोपाल वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने देर शाम सहसपुर लोहारा के ग्रामीण अंचलों का किया दौरा

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने शुक्रवार देर शाम कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम सिंघनपुरी जंगल, कुम्हारी, खोलवा एवं टाटावाही का दौरा कर ग्रामीणों से आत्मीय मुलाकात की। उन्होंने ग्रामीणों के बीच पहुंच उनके साथ बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और उनका तत्काल निराकरण भी किया। इसके साथ ही उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की  घोषणाएं करते हुए क्षेत्र के विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।


           दौरे के दौरान उन्होंने ग्राम पंचायत सिंघनपुरी जंगल में शीतला मंदिर परिसर के पास मंच निर्माण के लिए 2 लाख रुपए तथा बाउंड्रीवाल निर्माण के लिए 3 लाख रुपए की घोषणा की गई। वहीं सिंघनपुरी जंगल के आश्रित ग्राम कुम्हारी में सामाजिक भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा उप मुख्यमंत्री ने की।

         उनके जनसम्पर्क दौरे के दौरान एक आत्मीय क्षण उस समय देखने को मिला, जब ग्राम सिंघनपुरी जंगल के कई बच्चे उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के काफिले को देखने और उनसे मिलने को चौक पर खड़े दिखे। बच्चों को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और सभी बच्चों से स्नेहपूर्वक बातचीत की। इसके बाद वे बच्चों को स्थानीय दुकान तक ले गए और उन्हें चॉकलेट दिलाई। 

          ग्राम पंचायत खोलवा में उप मुख्यमंत्री ने वीबी-जीरामजी के अंतर्गत नवीन आंगनबाड़ी भवन एवं डोम शेड निर्माण की घोषणा की। साथ ही खोलवा के आश्रित ग्राम कटोरी में आंगनबाड़ी भवन के पास समतलीकरण कार्य के लिए 2 लाख रुपए स्वीकृत करने की घोषणा भी की।

          इसी प्रकार ग्राम पंचायत टाटावाही के अंतर्गत धनौरा के वार्ड क्रमांक 13-14 में मंच निर्माण के लिए 5 लाख रुपए तथा शेड निर्माण के लिए 8 लाख रुपए की घोषणा की गई। इसके अलावा वार्ड क्रमांक 14 में एक हैंडपंप स्थापना, वार्ड क्रमांक 10 में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड तथा वार्ड क्रमांक 13 में 2.60 लाख रुपए की लागत से सीसी रोड निर्माण कराने की भी घोषणा की गई।

        उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और जनकल्याणकारी कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा ग्रामीणों की आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को शीघ्र पूरा किया जाए।

          इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ईश्वरी साहू, लोहारा नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, विधायक प्रतिनिधि श्री परदेशी पटेल, श्री लाला राम साहू, श्री परेतन वर्मा, श्री भूखन साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
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खैरागढ़ के ग्राम खौड़ा में नवनिर्मित पंचायत भवन का उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने किया लोकार्पण

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा अपने जनसम्पर्क कार्यक्रम के दौरान खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के विकासखंड छुईखदान अंतर्गत ग्राम खौड़ा पहुंचे। जहां उन्होंने 15 लाख रुपए की लागत से निर्मित नवीन ग्राम पंचायत भवन का लोकार्पण किया। 


       इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार गांवों के समग्र विकास और पंचायतों को सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। पंचायत भवन केवल एक कार्यालय नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास, सामाजिक सहभागिता और जनकल्याणकारी योजनाओं के संचालन का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने ग्रामीणों से पंचायत भवन का बेहतर उपयोग करते हुए गांव के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।

          इस अवसर पर जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री विक्रांत सिंह, सांसद प्रतिनिधि श्री खम्हन ताम्रकार, सरपंच श्री जनेराम पटेल सहित श्री घम्मन साहू, श्री राजेश मेहता, श्री राकेश ठाकुर, श्री राजू जंघेल, पंचायत के पंच श्री हरी पटेल, श्री सुखदेव पटेल, श्री पेशी पटेल, श्री रामनाथ पटेल, श्रीमती उमा बाई यादव, श्रीमती इंदिरा बाई पटेल, श्रीमती जेठिया बाई पटेल, श्रीमती शांति बाई धुर्वे, श्रीमती भूरी बाई पटेल, श्रीमती चम्पू बाई पटेल तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की मासिक बैठक में अमित बघेल, अजय यादव एवं दिनेश वर्मा का अभिनंदन।

 आज जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी और उसके मातृ संगठन छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना का संयुक्त मासिक प्रादेशिक बैठक संपन्न हुवा । अमित बघेल आठ महीने बाद संगठनात्मक बैठक में शामिल हुवे । जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी , छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना और उसके अनुसांगिक संगठन छत्तीसगढ़िया युवा क्रान्ति सेना , छत्तीसगढ़िया महिला क्रान्ति सेना , जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी महिला संगठन के जिला अध्यक्षों एवं जिला महामंत्रियों के लिए आयोजित इस बैठक में संगठन विस्तार एवं सदस्यता पर गहन चर्चा- परिचर्चा हुआ । प्रदेश उपाध्यक्ष जेसीपी चंद्रकांत यदु ने बताया कि छत्तीसगढ़ की राजनीति में नए विकल्प जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के विजन और कार्यों को आम जनमानस तक पहुंचाना सेनानियों का प्रथम दायित्व है । जेसीपी महासचिव भूषण साहू ने बताया कि 33 जिलों को क्लस्टर में बाटकर प्रदेशभर में दौरा किया जाएगा । प्रदेश पदाधिकारियों को तीन तीन जिलों का प्रभारी बनाया जाएगा जिससे विजन 2028 में तेजी आएगी । 


छत्तीसगढ़िया युवा क्रान्ति सेना के प्रदेश अध्यक्ष शिवेंद्र वर्मा ने आने वाले बिरगांव नगर निगम चुनाव की तैयारियों पर विस्तार से पदाधिकारियों को रणनीतिक जानकारी दी । 

जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष अमित बघेल ने सभी पदाधिकारियों का मनोबल बढ़ाते हुवे बताया कि संगठन अब उस उचाई पर पहुँच चुका है कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हो रहे आंदोलन जिसे आइसा द्वारा प्लान किया गया है उसकी प्रेरणा छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना ही है । छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा किए जा रहे कार्य जैसे पुरखा का सुरता , जबर हरेली रैली , धुर्रा छड़ाव, अदरा लदका आदि की चर्चा राष्ट्रीय स्तर पर होने लगी है । 

आने वाले 16 अगस्त को संगठन का प्रमुख कार्यक्रम जबर हरेली रैली का पोस्टर विमोचन किया गया तथा संगठन महामंत्री यशवंत वर्मा ने पदाधिकारियों के माध्यम से समस्त छत्तीसगढ़िया समाज को आमंत्रित किया है । 
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लोक निर्माण विभाग के सचिव ने जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की

 लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने प्रदेश के विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने पीडब्लूडी मुख्यालय ‘निर्माण भवन’ में आज आयोजित बैठक में जिलों के कार्यपालन अभियंताओं, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को बेहतर समन्वय बनाकर कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता और लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी भी बैठक में शामिल हुए। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न संभागों के कार्यपालन अभियंता, ठेकेदार और जेल अधीक्षक वीडियो कॉन्फ्रेंस से बैठक में जुड़े।


        लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में प्रदेश की विभिन्न जेलों में निर्माणाधीन बैरकों, बाउंड्रीवॉल्स, शौचालयों और वॉच टॉवर्स के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने विभागीय अधिकारियों के साथ ही सभी जेलों के अधीक्षकों से निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को कार्यस्थलों का नियमित दौरा कर कार्यों की कड़ाई से मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने ठेकेदारों को भी निर्माण सामग्री और निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए कार्यों में तेजी लाने और उन्हें समय पर पूरा करने को कहा।

         श्री बंसल ने कार्यपालन अभियंताओं और जेल अधीक्षकों को सुरक्षा मानकों का ध्यान रखते हुए जेल परिसर के भीतर निर्माण सामग्रियों के परिवहन की समुचित व्यवस्था के निर्देश दिए। उन्होंने जेल अधीक्षकों को श्रमिकों को रोज काम के लिए पर्याप्त समय देने को कहा। जेल एवं सुधारात्मक सेवाओं के महानिदेशक श्री हिमांशु गुप्ता ने बैठक में कहा कि जेलों में क्षमता से अधिक कैदी रह रहे हैं। नए बैरकों के निर्माण और मौजूदा सुविधाओं के विस्तार से राहत मिलेगी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के मैदानी अधिकारियों, जेल अधीक्षकों और ठेकेदारों को तेज गति से काम कर कार्यों को निर्धारित समय में पूर्ण करने को कहा।

इन कार्यों की हुई समीक्षा

         लोक निर्माण विभाग के सचिव ने बैठक में रायपुर केन्द्रीय जेल में पार्किंग शेड, पाठशाला शेड, मुलाकातियों-परिजनों के लिए शेड व शौचालय निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने बिलासपुर के नगोई में 1500 आवास क्षमता के विशेष जेल, जिला जेल धमतरी और गरियाबंद में बाउंड्रीवॉल, जिला जेल जांजगीर, रामानुजगंज, सूरजपुर, कांकेर, संजारी-बालोद तथा उप जेल सारंगढ़ में बैरक निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की। विभागीय सचिव ने कवर्धा उप जेल में मुख्य दीवार की ऊंचाई बढ़ाने के कार्य, केन्द्रीय जेल अंबिकापुर और जगदलपुर में कैदियों के लिए बैरक एवं शौचालय निर्माण, जिला जेल दंतेवाड़ा में शौचालय निर्माण, जिला जेल सुकमा की मुख्य दीवारों के चारों ओर कंसर्टीना वायर फेंसिंग तथा वॉच टॉवर निर्माण एवं उप जेल बीजापुर में वॉच टॉवर निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
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राज्यपाल श्री डेका से निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने की भेंट

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य के निजी विश्वविद्यालयों के पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन (संशोधन) विधेयक, 2026 के तहत नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना से संबंधित प्रावधानों पर राज्यपाल से विचार-विमर्श किया। श्री डेका ने राज्य में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा के विस्तार के सबंद्ध में अपने विचार साझा किए।


इस अवसर पर मैट्स विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री गजराज पगारिया, श्री शंकराचार्य प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी, भिलाई दुर्ग के कुलाधिपति श्री आईपी मिश्रा, भारती विश्वविद्यालय दुर्ग के कुलाधिपति श्री सुशील चंद्राकर, कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति डॉ. संदीप अरोड़ा, आईएसबीएम विश्वविद्यालय, गरियाबंद और रायपुर के कुलपति डॉ. आनंद महलवार, अंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल, दावड़ा विश्वविद्यालय रायपुर के सीईओ श्री चिन्मय दावड़ा, कोलंबिया विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. कुलाधिपति श्री हरजीत सिंह हूरा उपस्थित थे।
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छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही-उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र के सहसपुर लोहारा विकासखंड अंतर्गत ग्राम भेंड्रा नवागांव और पीरचाटोला में आयोजित जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होकर ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। उन्होंने अपने चिरपरिचित अंदाज में ग्रामीणों के बीच जमीन में बैठकर उनकी समस्याएं और मांगें सुनीं तथा कई मांगों पर मौके पर ही स्वीकृति और घोषणाएं करते हुए विकास कार्यों की सौगात दी। उप मुख्यमंत्री ने ग्राम भेंड्रा नवागांव में आयोजित कार्यक्रम से ग्राम बोटेसुर से नवागांव तक एक करोड़ रुपए से अधिक की लागत से सड़क निर्माण कराने की घोषणा की। वहीं ग्राम पीरचाटोला में 5.20 लाख रुपए की लागत से सड़क निर्माण तथा वीबीजीरामजी योजना के तहत पुलिया निर्माण का प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृत कराने की घोषणा की।


        ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार गांवों के समग्र विकास के लिए लगातार कार्य कर रही है और विकास कार्यों के लिए निरंतर स्वीकृति दी जा रही है। उन्होंने बताया कि भेंड्रा नवागांव, बोटेसुर के गांवों में सामुदायिक भवन, सीसी रोड, बोर खनन, रंगमंच, आहता निर्माण तथा आंतरिक विद्युतीकरण जैसे अनेक कार्य पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि सूरजपुरा पंचायत में 51 लाख रुपये की लागत से मिनी स्टेडियम का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक स्टेडियम में नियमित खेल प्रतियोगिताएं आयोजित हों तथा आसपास के 15 से 20 गांवों के युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि युवाओं को सकारात्मक दिशा मिल सके।
           उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजपुरा और धनौरा सहित क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण कराया गया है। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को निर्देश देते हुए कहा कि सभी विकास कार्य गुणवत्तापूर्ण मानको के अनुरूप होना चाहिए।  प्रधानमंत्री आवास योजना का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि पीरचाटोला में 40, सूरजपुरा में 57, पेण्ड्रातराई में 61, बैगापारा में 65 तथा बोटेसुर में 75 आवास स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के गठन के बाद पहली ही कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों की स्वीकृति दी गई थी और बीते ढाई वर्षों में 11 लाख आवासों का निर्माण पूरा किया जा चुका है।

          उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि महिला स्व-सहायता समूह डेयरी, दुग्ध उत्पादन और अन्य स्वरोजगार गतिविधियों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा सकते हैं। यदि समूह कार्ययोजना बनाकर आगे आते हैं तो शासन हर संभव सहयोग करेगा। उन्होंने क्षेत्र में जैविक खेती की व्यापक संभावनाओं का उल्लेख करते हुए किसानों को प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि केवल भवन और सड़क निर्माण ही विकास नहीं है, बल्कि गांव की आर्थिक गतिविधियों, कृषि, व्यापार और रोजगार को बढ़ावा देना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने बस्तर, कोंडागांव और नारायणपुर के वनांचल क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए बताया कि वहां किसान बिना रासायनिक खाद के सफलतापूर्वक जैविक खेती कर रहे हैं और बेहतर आय अर्जित कर रहे हैं। विद्युत व्यवस्था पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में बेहतर व्यवस्था के लिए गांव और खेतों के फीडर अलग करने का कार्य कराया गया है। साथ ही पुराने बकाया बिजली बिलों का भी शासन की योजनाओं के माध्यम से समाधान किया जा रहा है। 

        इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा पटेल, जनपद उपाध्यक्ष श्री अशोक पटेल, श्री परेटन वर्मा, श्री लाला राम साहू, भूखन साहू, श्री परदेशी पटेल, श्री जलेश्वर वर्मा, सरपंच श्रीमती दुर्गा संतराम साहू, उप सरपंच श्री हरिहर दास मानिकपुरी, श्री राजू साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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अमलीडीह को मिली विकास कार्य की सौगात, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 2 करोड़ की लागत के सड़क निर्माण का किया भूमिपूजन

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के सहसपुर लोहारा विकासखंड के ग्राम अमलीडीह से कामनबोड़ तक 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली 1.40 किलोमीटर सड़क एवं पुल-पुलिया निर्माण कार्य का भूमिपूजन किया। उन्होंने कहा कि इस सड़क का निर्माण क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है, जिसके पूरा होने से ग्रामीणों को आवागमन की बेहतर सुविधा मिलेगी। इस अवसर पर उन्होंने शीतला माता मंदिर में भवन निर्माण के लिए 6.50 लाख रुपये की घोषणा कर ग्रामीणों को एक और सौगात दी।


भूमिपूजन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने निर्माण एजेंसी एवं ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क, पुल-पुलिया सहित सभी स्वीकृत कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किए जाएं, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय तक इसका लाभ मिले। उन्होंने कहा कि ये परियोजनाएं आम जनता की सुविधा के लिए बनाई जा रही हैं, निर्माण कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए सड़क, आवास, बिजली, सिंचाई और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के कार्य को प्राथमिकता से आगे बढ़ा रही है। सरकार बनने के बाद प्रदेशभर में 18 लाख प्रधानमंत्री आवासों को स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य में तेजी लाई गई है, जिससे हजारों गरीब परिवारों का पक्के घर का सपना साकार हो रहा है।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलीडीह सहित कुरुवा पंचायत के अन्य आश्रित गांवों में पिछले दो वर्षों के दौरान 255 प्रधानमंत्री आवासों की स्वीकृति दी गई है। इससे जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा। उन्होंने कहा कि आवास के साथ-साथ गांवों में आधारभूत सुविधाओं का भी तेजी से विस्तार किया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को बेहतर जीवन स्तर मिल सके।
उन्होंने बिजली व्यवस्था में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए फीडर सेपरेशन का व्यापक अभियान चलाया गया है। पहले एक फीडर से 8 से 9 गांव जुड़े रहते थे, जिसके कारण किसी एक गांव में तकनीकी खराबी आने पर कई गांवों की बिजली प्रभावित होती थी। अब इसे घटाकर 4 गांव प्रति फीडर कर दिया गया है, जिससे खराबी का त्वरित निराकरण और शीघ्र बिजली बहाली संभव हो सकेगी।

उन्होंने बताया कि अमलीडीह में 52 लाख रुपए की लागत से फीडर सेपरेशन का कार्य कराया गया है। साथ ही कृषि पंपों के लिए अलग फीडर की व्यवस्था की गई है, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए नियमित और बेहतर विद्युत आपूर्ति मिलेगी। अमलीडीह बस्ती क्षेत्र में 7 लाख रूपए की लागत से 1.20 किलोमीटर एलटी केबलिंग तथा 25 केवीए क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को भी बेहतर बिजली सुविधा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री ने बताया कि अमलीडीह में सड़क और बिजली के अलावा सीसी रोड, चेक डैम सहित अनेक विकास कार्यों को भी स्वीकृति दी गई है। इन कार्यों के पूरा होने से गांव में आधारभूत अधोसंरचना मजबूत होगी, कृषि गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और प्रत्येक गांव बुनियादी सुविधाओं से सुसज्जित होकर आत्मनिर्भर एवं समृद्ध बने।

इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरिता संतोष मिश्रा, जनपद अध्यक्ष श्रीमती दुर्गा पटेल, जनपद उपाध्यक्ष श्री अशोक पटेल, श्री परेटन वर्मा, श्री लाला राम साहू, भूखन साहू, श्री परदेशी पटेल, श्री जलेश्वर वर्मा, सरपंच श्रीमती दुर्गा संतराम साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
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सेवा भाव, संवेदनशीलता और तार्किक निर्णय से निभाएं दायित्व -श्री डेका

 राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि प्रशासनिक सेवा केवल एक पद नहीं, बल्कि आम जनता की सेवा का महत्वपूर्ण अवसर है। इस अवसर का पूरी निष्ठा, संवेदनशीलता और ईमानदारी से निर्वहन करना प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि जहां चुनौतियां होती हैं, वहीं नए अवसर भी मौजूद होते हैं। इसलिए प्रत्येक परिस्थिति का सकारात्मक दृष्टिकोण से सामना करते हुए जनता के हित में निर्णय लिए जाने चाहिए।


                 राज्यपाल आज लोकभवन में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के वर्ष 2025 बैच के प्रशिक्षु डिप्टी कलेक्टरों से चर्चा कर रहे थे। ये अधिकारी वर्तमान में छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी, निमोरा में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रशिक्षणार्थी अधिकारियों ने अकादमी के महानिदेशक श्री टी.सी. महावर के नेतृत्व में राज्यपाल से सौजन्य भेंट की।

                 राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक निर्णय में मानवीय संवेदनाओं का भी समावेश होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रत्येक कार्य में ह्यूमन टच होना आवश्यक है, ताकि शासन की योजनाओं और निर्णयों का लाभ वास्तविक रूप से आम नागरिकों तक पहुंच सके। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को जनता से नियमित संवाद करना चाहिए, क्षेत्र का सतत भ्रमण करना चाहिए और लोगों की समस्याओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो कार्य संभव हो, उसे प्राथमिकता के साथ पूरा करें और यदि किसी कारणवश कोई कार्य संभव नहीं है तो उसकी स्पष्ट और पारदर्शी जानकारी संबंधित व्यक्ति को अवश्य दें। इससे प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत होता है।

                राज्यपाल ने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों के लिए तार्किक सोच और विवेकपूर्ण निष्कर्ष अत्यंत आवश्यक हैं। तथ्यों के आधार पर निष्पक्ष निर्णय लेना ही एक सक्षम अधिकारी की पहचान है। उन्होंने कहा कि जनता को न्याय दिलाना लोक सेवक का प्रथम कर्तव्य है और प्रत्येक अधिकारी को इस भावना के साथ कार्य करना चाहिए।
उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे युवा हैं और उनके कंधों पर भविष्य के प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। उन्हें अपने कार्यों के माध्यम से सुशासन, पारदर्शिता और जनविश्वास को मजबूत करना होगा। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी सौभाग्यशाली हैं कि आपको छत्तीसगढ़ जैसे शांत, समृद्ध और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध राज्य में सेवा करने का अवसर मिला है। यहां के लोगों में सेवा, सहयोग और आत्मीयता की भावना अत्यंत प्रबल है। इस विश्वास और अपनत्व को बनाए रखते हुए जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरना ही एक सफल प्रशासनिक अधिकारी की पहचान होगी।

               इस अवसर पर छत्तीसगढ़ प्रशासनिक अकादमी की प्रशिक्षण निदेशक श्रीमती मेनका प्रधान एवं प्रशिक्षु अधिकारी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए -

 1. मंत्रिपरिषद् की बैठक में प्रदेश के किसानों को खरीफ एवं रबी मौसम में उर्वरकों की समयबद्ध एवं सुचारू उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा उर्वरक आपूर्ति, वितरण एवं प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव, अनुशंसा एवं मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु मंत्री-मंडलीय उप समिति के गठन के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया है। 


इस उप समिति में उप मुख्यमंत्री, लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अध्यक्ष तथा कैबिनेट मंत्री, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग, कैबिनेट मंत्री, सहकारिता विभाग एवं कैबिनेट मंत्री, वित्त विभाग को सदस्य के रूप में नामित किया गया है।

कृषि उत्पादन आयुक्त उप समिति के संयोजक होंगे। उप समिति आवश्यकतानुसार संबंधित विभागों के अधिकारियों, विषय विशेषज्ञों एवं अन्य संस्थाओं के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर सकेगी तथा उर्वरकों की उपलब्धता एवं आपूर्ति से संबंधित विषयों पर राज्य शासन को सुझाव देगी। 

2. मंत्रिपरिषद् की बैठक में अग्निवीर सैनिकों के पुनर्वास एवं सम्मानजनक रोजगार सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। मंत्रिपरिषद् ने राज्य की तृतीय श्रेणी के पदों - पुलिस विभाग में आरक्षक, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग में वनरक्षक तथा जेल विभाग में प्रहरी की सीधी भर्ती में अग्निवीर सैनिकों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करने हेतु छत्तीसगढ़ के अग्निवीर सैनिकों के लिए राज्य की सिविल सेवाओं में तृतीय श्रेणी के पदों में रिक्तियों का आरक्षण नियम-2026 बनाए जाने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

यह निर्णय मुख्यमंत्री जी द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में की गई घोषणा के अनुपालन में लिया गया है। इस आरक्षण का लाभ उन अग्निवीर सैनिकों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूर्ण करने के बाद वैध सेवा प्रमाण-पत्र के साथ सेवामुक्ति प्राप्त की हो।

इस निर्णय से अग्निवीर सैनिकों को राज्य की सेवाओं में रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे तथा उनके अनुभव और अनुशासन का लाभ पुलिस, वन एवं जेल प्रशासन को मिलेगा।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने की सौजन्य मुलाकात : 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर की तैयारियों पर हुई चर्चा

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने आगामी 18, 19 एवं 20 सितंबर को रायपुर में आयोजित होने वाले 14वें इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर (आईआईएफ) की तैयारियों, उद्देश्यों एवं आयोजन की विस्तृत रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे राष्ट्रीय स्तर के औद्योगिक आयोजन प्रदेश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, नवाचार और रोजगार सृजन को भी गति प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा उद्यमियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। रायपुर में पहली बार इतने व्यापक स्तर पर राष्ट्रीय औद्योगिक समागम का आयोजन छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं का द्वार खोलेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि लघु उद्योग भारती लघु उद्यमियों का देश का सबसे बड़ा संगठन है, जो सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को सशक्त बनाने तथा उद्योगों के बीच व्यवसायिक सहयोग (बी2बी) को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। रायपुर में आयोजित होने वाला 14वां इंडिया इंडस्ट्रियल फेयर देशभर के उद्यमियों, निवेशकों, उद्योग विशेषज्ञों एवं तकनीकी संस्थानों को एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा, जहां आधुनिक तकनीक, निवेश, विपणन, उद्योग-व्यापार सहयोग और व्यापार विस्तार के नए अवसर विकसित होंगे।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को बताया कि यह आयोजन छत्तीसगढ़ के एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा देने के साथ प्रदेश को राष्ट्रीय औद्योगिक मानचित्र पर और अधिक सशक्त पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से स्थानीय उद्यमियों को राष्ट्रीय बाजार से जुड़ने, नई तकनीकों को अपनाने और व्यापार विस्तार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।

इस अवसर पर लघु उद्योग भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री श्री प्रकाश चंद्र गुप्त, संयुक्त महासचिव श्री नरेश पारख, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री समीर,  प्रांत अध्यक्ष श्रीमती सी. पी. दुबे, श्री पुरुषोत्तम पटेल, श्री अनिल बाकलीवाल, श्रीमती तूलिका पांडे एवं श्री प्रांजल सिंह ठाकुर उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अंतरराष्ट्रीय लोक कलाकार श्री विक्रम यादव के स्वास्थ्य की जानकारी ली : परिजनों से दूरभाष पर की चर्चा, बेहतर उपचार सुनिश्चित करने जिला प्रशासन को दिए निर्देश

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज सुबह अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कलाकार एवं प्रख्यात बांस वादक श्री विक्रम यादव के परिजनों से दूरभाष पर चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने परिजनों को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार उनके समुचित उपचार और आवश्यक सहयोग के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ उनके साथ खड़ी है तथा इलाज में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आने दी जाएगी।


मुख्यमंत्री श्री साय ने राजनांदगांव कलेक्टर से भी दूरभाष पर चर्चा कर श्री विक्रम यादव के उपचार की अद्यतन जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिए कि वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनका बेहतर उपचार सुनिश्चित किया जाए तथा आवश्यकता के अनुसार सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि श्री विक्रम यादव केवल छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक धरोहर हैं। उन्होंने अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति और भारत की समृद्ध परंपराओं को अंतरराष्ट्रीय मंचों तक पहचान दिलाई है।मुख्यमंत्री ने श्री विक्रम यादव के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार लोक कलाकारों के सम्मान, संरक्षण और कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट बांस वादन शैली के लिए प्रसिद्ध श्री विक्रम यादव वर्तमान में अस्वस्थ हैं और उनका उपचार राजनांदगांव मेडिकल कॉलेज में चल रहा है।
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