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बिजली दरों में वृद्धि के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताना डॉ. रमन की नासमझी : आरपी सिंह

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने कहा कि बिजली दरों में वृद्धि के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताकर डॉ. रमन सिंह ने अपनी नासमझी उजागर कर दी है। उन्होंने राज्य में बिजली की दरों में वृद्धि के लिए राज्य सरकार को उत्तरदायी बताया है, जिससे यह स्पष्ट है कि 15 वर्षों तक मुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री जैसे जिम्मेदार पद पर रहने के बाद भी उन्हें बिजली दरें तय करने की प्रक्रिया की समझ नहीं है। कांग्रेस ने कहा है कि वास्तव में केंद्र की नीतियों एवं कार्यप्रणाली के कारण ही विगत 8 वर्षों में देश में कोयला संकट की स्थिति निर्मित हुई है।

आरपी सिंह ने कहा कि देश में विद्यमान कोयला संकट की पृष्ठभूमि को जानना आवश्यक है। वर्ष 2012-13 में भाजपा ने पूरे देश में यह दुष्प्रचार किया कि विगत 20 वर्षों में कोयला ब्लॉकों के आवंटन में 10.67 लाख करोड़ का घोटाला हुआ है। घोटाले के झूठ को इतना प्रचारित प्रसारित किया गया कि सुप्रीम कोर्ट को वर्ष 2014 में विगत 20 वर्षों में आबंटित सभी कोल ब्लॉकों के आबंटन को निरस्त करने के लिए विवश होना पड़ा। यहां तक कि कोयला उत्पादन कर रही खदानों के आबंटन को भी निरस्त कर दिया गया,  स्वाभाविक था कि 2014 से ही इस देश में कोयला संकट की स्थिति की शुरुआत हो चुकी थी।

 



प्रवक्ता सिंह ने कहा कि “वर्ष 2014 से केंद्र में भाजपा की सरकार है।  केंद्र सरकार द्वारा पूर्व में निरस्त हुए कोल ब्लाक के पुनः खुली निविदा के माध्यम से आबंटन हेतु हर संभव प्रयास किए गए किंतु इससे भी कोयले की आपूर्ति में आवश्यक सुधार नहीं हो सका। भाजपा के नेतागण कृपया यह जानकारी देवें कि कोल ब्लाकों की नीलामी कर 10.76 लाख करोड़ में से कितनी राशि मिल चुकी है तथा यह भी बताएं कि एक साथ सभी खदानों के आबंटन से देश को कितना आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।“

 


 
उन्होंने कहा कि वास्तव में केंद्र की नीतियों एवं कार्यप्रणाली के कारण ही विगत 8 वर्षों में देश में कोयला संकट की स्थिति निर्मित हुई है। विवशता में केंद्र सरकार द्वारा सभी ताप विद्युत इकाइयों हेतु आयतित कोयले के उपयोग करने के निर्देश जारी किए गए। केंद्र सरकार का कोयला आयात करने का निर्णय भी अनेक संदेह उत्पन्न करता है,  क्योंकि केंद्र सरकार के प्रिय औद्योगिक घराने ने हाल ही में विदेशों में कोयले की खदानें ली हैं तथा देश में कोयले का आयात आरंभ किया गया है। एनटीपीसी द्वारा इसी औद्योगिक घराने से आयातित कोयले को अत्यधिक महंगी दरों पर खरीदा गया है। इसके कारण एनटीपीसी द्वारा राज्य में उत्पादित होने वाली विद्युत की दरों में वृद्धि की गई है। चूंकि राज्य सरकार का एनटीपीसी के साथ विद्युत क्रय कर दीर्घ अवधि का अनुबंध है, इसलिए राज्य विद्युत मंडल को विवश होकर बढ़ी हुई कीमतों का भार उपभोक्ताओं पर डालना पड़ रहा है।

 



राज्य में यात्री ट्रेनें निरस्त हैं,  अन्य राज्यों को कोयले की रेलमार्ग से आपूर्ति के कारण राज्य में कोयले के पर्याप्त भंडार होने एवं उत्पादन होने के बाद भी राज्य में कोयले का संकट है तथा बिजली दरों में वृद्धि हो रही है, इसके लिए एकमात्र भाजपा ही जिम्मेदार है। भाजपा द्वारा राज्य एवं देश की जनता को कमरतोड़ महंगाई के बीच बिजली दरों में वृद्धि का उपहार दिया गया है।

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छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने किया प्रदेश के ट्रांसजेंडर परीक्षार्थियों के लिए संपूर्ण परीक्षा फीस माफ

 महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक ने बताया कि छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की ओर से प्रदेश के ट्रांसजेंडर परीक्षार्थियों नियमित, स्वाध्यायी को शिक्षा सत्र 2022-23 से आयोजित होने वाले हाई स्कूल व हायर सेकेण्डरी स्कूल परीक्षा में आवेदन शुल्क को छोड़कर सम्पूर्ण परीक्षा शुल्क में छूट प्रदान किया गया है।

 
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सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा सुपरवाइजर की भर्ती, मेगा कैम्प में 149 अभ्यर्थियों का हुआ चयन

 बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप जिला प्रशासन बालोद की ओर से रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम युवाओं की नई आशा जिजीविषा अंतर्गत सुरक्षा सुपरवाइजर व सुरक्षा गार्ड के भर्ती के लिए 15 सितम्बर को जिला मुख्यालय बालोद के सरदार वल्लभ भाई पटेल मैदान में मेगा कैम्प का आयोजन किया गया। रोजगार व स्वरोजगार चाहने वाले युवाओं और नियोजकों के मध्य समन्वय के लिए एम्पलाईज-एम्पलायर्स मीट के तहत् युवाओं को सुरक्षा गार्ड के भर्ती के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित इस मेगा कैम्प में प्रतिष्ठित नियोक्ताओं को आमंत्रित किया गया। इस मेगा कैम्प में 149 अभ्यर्थियों को सुरक्षा गार्ड व सुरक्षा सुपरवाइजर पदों के लिए चयनित किया गया। इन चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के बाद सीधे नियुक्ति प्रदान की जाएगी। 

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राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में बनेंगे दो रूरल इंडस्ट्रियल पार्क : अमिताभ जैन

 गांधी जयंती 2 अक्टूबर को पार्क का शिलान्यास-लोकार्पण होगा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों के चयनित गौठानों को आजीविका के केन्द्र के रूप में विकसित करने के लिए वहां महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क बनाया जाएगा। राज्य के प्रत्येक विकासखण्ड में दो इंडस्ट्रीयल पार्क बनेंगे। इसे स्थानीय, शासकीय एवं अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए ग्रामीण उत्पादन एवं सेवा केन्द्र के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं रोजगार को बढ़ावा देेने के उद्देश्य से इन इंडस्ट्रियल पार्क में निजी उद्यमियों को उद्यम लगाने प्रोत्साहित किया जाएगा। दो अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के कार्यों का शिलान्यास एवं लोकार्पण किया जाएगा। इस संबंध में मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने गुरवार को महानदी मंत्रालय भवन से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों एवं जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी की बैठक लेकर रूरल इंडस्ट्रीयल पार्क की स्थापना एवं वहां गतिविधियों के संचालन के संबंध में व्यापक दिशा-निर्देश दिए है।


महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क अर्थात ग्रामीण आजीविका पार्क योजना के संबंध में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड में दो गौठानों को इंडस्ट्रियल पार्क के लिए चयन किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक रीपा में लिए जाने वाली गतिविधियों हेतु समेकित डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट तथा ब्लूप्रिंट तैयार कर प्रत्येक उद्यम हेतु पृथक-पृथक बिजनेस प्लान के आधार पर कार्ययोजना तैयार की जाये और उद्यम स्थापित करने इच्छुक स्थानीय युवाओं, स्व सहायता समूहों को चिन्हांकित कर लिया जाये। बैठक में महात्मा गांधी रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना के संबंध में कार्ययोजना के अनुसार कलेक्टर को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए है। रीपा के क्रियान्वयन के संबंध में प्रत्येक जिले में अब तक की गई कार्यवाही की विस्तार से जानकारी ली गई। राज्य स्तर पर कार्ययोजना प्रस्तुतीकरण हेतु समय सारणी के अनुसार रायपुर संभाग के सभी जिलों को 19 सितम्बर को, बस्तर संभाग के जिलों को 20 सितम्बर, बिलासपुर संभाग के जिलों को 21 सितम्बर को, दुर्ग संभाग के जिलो को 22 सितम्बर को और सरगुजा संभाग के जिलो को 23 सितम्बर को राज्य स्तर पर प्रस्तुतीकरण देने के निर्देश दिए गए है। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग मे मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अवनीश शरण, नोडल अधिकारी गोधन न्याय योजना डॉ. अयाज तम्बोली सहित अन्य विभागों के अधिकारी शामिल हुए।

 

 

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गोधन न्याय योजना से ग्रामीण हो रहे लाभान्वित, ललिता बाई ने गोबर बेचकर खरीदा स्मार्ट फोन

बच्चों की पढ़ाई में सहायक बना फोन, गोबर खरीदी की एन्ट्री भी कर रही फोन में

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ सरकार की महत्वकांक्षी गोधन न्याय योजना का सीधा लाभ ग्रामीण किसानों को मिल रहा है। ग्राम पंचायत अमरपुर की निवासी ललिता बिंझवार ने गोधन न्याय योजना के तहत् 20 हजार 936 रुपए का गोबर बेचकर स्मार्ट फोन खरीदा है। स्मार्ट फोन से जहां बच्चों की आनलाईन पढाई में सुविधा मिली है। वहीं दूसरी ओर अमरपुर गौठान में हो रही गोबर ब्रिकी की आनलाईन एन्ट्री इसी स्मार्ट फोन से कर रही है।

पशुपालक ललिता बिंझवार पति नर्मदा बिंझवार के पास 10 पशु है। उनके पास वन अधिकार पट्टाधारी कृषि भूमि है। जिसमें वह कृषि कार्य करते हैं। उन्होने योजना प्रारंभ से लेकर अब तक लगभग 105 क्ंिवटल गोबर की बिक्री की है। जिससे उन्हें लगभग 21 हजार रुपए का लाभ मिला है। पहले ललिता बाई के घर में कीपेड मोबाईल था। जिसमें इन्टरनेट की सुविधा नही थी। जिससे उसके बच्चों के आनलाईन पढ़ाई नहीं हो पाती थी। ललिता ने गोधन न्याय योजना के तहत बेचे गये गोबर से प्राप्त पैसों में से 15 हजार रुपए का स्मार्ट फोन खरीदा है। स्मार्ट फोन से अब बच्चों की आनलाईन पढ़ाई की सुविधा प्राप्त हो गयी है। इसके साथ ही अमरपुर गौठान में होने वाली गोबर खरीदी की आनलाईन एन्ट्री भी वह इसी स्मार्ट फोन से कर रही है। 

 

ललिता बाई का कहना है कि राज्य शासन की ओर से संचालित की जा रही गोधन न्याय योजना से हम किसानों, पशुपालकों को सीधा आर्थिक लाभ हो रहा है। इस योजना से लाभ पाकर ललिता और उनका परिवार खुश होकर राज्य शासन का आभार प्रकट कर रहे है।

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रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में स्थानीय उद्यम को बढ़ावा देते हुए कार्य करने की जरूरत : अमिताभ जैन

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने आज सुराजी गांव योजना के अंतर्गत रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के संबंध में कलेक्टर्स की बैठक ली। मुख्य सचिव जैन ने कहा कि रूरल इंडस्ट्रियल पार्क ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका के माध्यम से अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध हो रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखंड में दो गौठानों का रूरल इंडस्ट्रियल पार्क के लिए स्थान चयन किया जाना है। यहां संचालित होने वाली गतिविधियों के लिए समेकित डिटेल प्रोजेक्ट बनाए तथा हर उद्यम के लिए अलग से बिजनेस प्लान के आधार पर कार्य करना सुनिश्चित करना है। उद्यम स्थापित करने के इच्छुक स्थानीय युवाओं, स्वसहायता समूहों का चिन्हांकन करना है। इन उद्यमियों को बिजनेस प्लान के आधार पर मशीनरी तथा बैंक से ऋण विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत दिया जाना है।

मुख्य सचिव जैन ने कहा कि ग्राम स्तर पर ग्राम पंचायत के माध्यम से इसका क्रियान्वयन किया जाएगा। गौठानों में रीपा स्थापना के लिए चिन्हांकित क्षेत्र में अलग-अलग स्थापना की जाएगी। गौठान समिति की ओर से रूरल इंडस्ट्रियल पार्क अंतर्गत सार्वजनिक अधोसंरचना का संधारण एवं रख-रखाव किया जाएगा व व्यक्तिगत यूनिट के रख-रखाव के लिए उद्यमी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के लिए शासन की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत गांव के निजी उद्यामियों को रीपा में जोड़ा जाएगा व उनका कौशल उन्नयन भी किया जाएगा। इस अवसर पर कलेक्टर डोमन सिंह, जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह ठाकुर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर डोंगरगढ़ क्वांर नवरात्रि आयोजन के लिए मेला समिति की बैठक

 राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में मां बम्लेश्वरी देवी मंदिर क्वांर नवरात्रि आयोजन के संबंध में मेला समिति और विभागीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। इस अवसरपर बैठक में मेला के सफल आयोजन के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। 

कलेक्टर ने कहा कि डोंगरगढ़ मेला का विशेष महत्व है। नवरात्रि मेला में देशभर के श्रद्धालु मां बम्लेश्वरी दर्शन के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में मेला का आयोजन नहीं हो सका था। इस वर्ष मेला का आयोजन होने से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शनार्थियों के आने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने मेला समिति और विभागीय अधिकारियों को सभी आवश्यक कार्यवाही और तैयारी करने कहा है। उन्होंने कहा कि मेला में विशेष आस्था और श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए लोगों की सुविधा का विशेष ध्यान रखते हुए कार्यवाही करें। कलेक्टर ने कहा कि मेला आयोजन के लिए सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम होना चाहिए। साथ ही विद्युत व्यवस्था, पेयजल व्यवस्था, पदयात्रियों के लिए आवश्यक सुविधा के साथ ही अन्य सभी महत्वपूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित करने कहा है। उन्होंने कहा कि मेला आयोजन के दौरान कोई अप्रिय घटना घटित ना हो इसका विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि मीना बाजार व मशीनों से चलने वाली यंत्रों के संचालन के लिए फिटनेस की जांच करने के उपरांत ही एनओसी दिया जाएं। एनओसी मिलने के उपरांत ही इसके संचालन की अनुमति दी जाएं।

बैठक में महापौर हेमा देशमुख ने कहा कि मां बम्लेश्वरी में चढऩे वाली फूलों को महिला समूह को उपलब्ध कराया जाए। जिससे इन फूलों से अगरबश्री, धूप सहित अन्य सामग्री का निर्माण कर महिला समूह आर्थिक आमदनी कमा सकें। बैठक में मेला आयोजन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देने के साथ ही अहम निर्णय लिया गया। यह बताया गया कि पदयात्री मार्ग के सभी दिशाओं में अस्थाई टॉयलेट की व्यवस्था, साफ-सफाई व्यवस्था किया जाए। इसी प्रकार मोहारा क्षेत्र में होने वाली गंदगी की सफाई कराई जाए। ऊपर मंदिर से लेकर नीचे मंदिर तक दुकानों के द्वारा पॉलीथिन का उपयोग प्रतिबंधित किया जाएगा। 

बैठक में दुर्ग से राजनांदगांव आते समय पदयात्री बांई ओर से आते हुए रामदरबार के पास, फ्लाईओव्हर के पास दाहिनी ओर के सर्विस रोड से डोंगरगढ़ प्रस्थान करेंगे। क्वांर नवरात्रि पर्व के प्रारंभ से समापन तक अमलीडीह से ढारा मार्ग पर भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाएगा। विद्युत व्यवस्था सुचारू रूप से रखी जाएगी। पदयात्री मार्ग पर नवरात्रि के पूर्व अस्थाई रूप से स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था कराई जाएगी। मां बम्लेश्वरी गर्भगृह पहाड़ी के ऊपर में आने वाले यात्रियों के गणना के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति के द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। मां बम्लेश्वरी ट्रस्ट समिति डोंगरगढ़ द्वारा सीसीटीवी कैमरा, एलइडी टीवी मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा। रोपवे के नीचे आवश्यकतानुसार कुर्सी टेबल, रोपवे में चढऩे-उतरने के लिए सीढ़ी बनाया जाएगा। मेला के दौरान प्रज्ञागिरी मैदान पर बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं व यात्रियों के वाहन की पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

 
 
 

बैठक में बताया गया कि मेला अवधि के दौरान मंदिर परिसर में निरंतर विद्युत प्रवाह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यकता अनुसार जनरेटर की व्यवस्था की जाएगी। मेला स्थल पर पदयात्री मार्ग पर लगे किसी भी पंडाल पर किसी राजनीतिक पार्टी का बैनर पोस्टर नहीं लगाया जाएगा। मां बम्लेश्वरी पहाड़ी के ऊपर, बीच व नीचे तीनों स्थानों पर चिकित्सा विभाग की ओर से स्टॉल लगाया जाएगा। मेला स्थल पर दूषित खाद्य पदार्थ का वितरण किसी भी समाज सेवी संस्था अथवा होटल संचालकों द्वारा नहीं किया जा सकेगा। रोपवे में किसी प्रकार की दुर्घटना ना हो यह सुनिश्चित करते हुए लगातार फिटनेस की जांच और ओवरलोडिंग नहीं होने दिए जाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। बाहर से आने वाले वाहन के पार्किंग व्यवस्था के लिए पर्याप्त मात्रा में पार्किंग बनाया जाएगा। वीआईपी वाहनों के लिए अलग से पार्किंग बनाया जाएगा। रोपवे के लिए दिव्यांग और अधिक आयु के श्रद्धालुओं के लिए टिकट व्यवस्था में प्राथमिकता दिया जाएगा। सभी संबंधित अधिकारियों का मोबाइल नंबर सभी पंडालों में रखा जाएगा। बैठक में विभागों के द्वारा किए जाने वाले कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया है। विभागीय अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित कार्यवाही शीघ्र पूर्ण कर लेने निर्देशित किया गया है। 

 
 
 

बैठक में जिला पंचायत सीईओ गजेन्द्र सिंह ठाकुर, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी सीएल मारकण्डेय, संयुक्त कलेक्टर इंदिरा देवहारी, संयुक्त कलेक्टर खेमलाल वर्मा, मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव अरूण वर्मा, एसडीएम डोंगरगढ़ रामटेके, मेला समिति के अध्यक्ष मनोज अग्रवाल, उपाध्यक्ष अनिल गट्टानी, महेंद्र परिहार सहित मेला समिति के अन्य सदस्य, विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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कार्य में लापरवाही, कलेक्टर ने तहसील कार्यालय के बाबू को किया निलंबित...

 बलौदाबाजार (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजस्व अधिकारियों को कड़ा सन्देश देते हुए  कलेक्टर रजत बंसल ने बुधवार को पलारी तहसील में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 हेमंतदास मानिकपुरी को  निलंबित कर दिया है। गौरतलब है विगत 9 सितंबर को कलेक्टर रजत बंसल ने पलारी तहसील  कार्यालय पहुँचकर आकस्मिक निरीक्षण किया था। जिस दौरान न्यायालय नायब तहसीलदार पलारी के कोर्ट में कार्यरत  हेमंतदास मानिकपुरी, सहायक ग्रेड-03, तहसील कार्यालय पलारी द्वारा ऑनलाईन दर्ज प्रकरणों में आदेश पत्र ऑनलाईन जारी नहीं किया गया है और न हीं ऑफलाईन आदेश पत्र को अपलोड किया गया है। इस संबंध में संबंधित कर्मचारी को 12 सितंबर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। उनके द्वारा जवाब संतोषप्रद नही पाये जाने के कारण छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला कार्यालय बलौदाबाजार नियत किया निलंबन अवधि में मूलभुत नियम–53 के अंतर्गत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

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रंग लाई सीएम बघेल की पहल : छत्तीसगढ़ के 12 जाति समुदाय अनुसूचित जनजाति में होंगे शामिल...

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने दी स्वीकृति

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल कराने के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ की 12 जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने स्वीकृति दे दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने 11 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री मोदी को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ की 12 जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया था।
 
केन्द्रीय मंत्रिमंडल द्वारा छत्तीसगढ़ के 12 समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की सहमति दी है उनमे...

भारियाभूमिया (BhariaBhumia) के पर्याय के रूप में भूईंया (Bhuinya), भूईयां (Bhuiyan), भूयां (Bhuyan) Bharia नाम के अंग्रेजी संस्करण को बिना बदलाव किए भरिया (Bharia) के रूप में भारिया (Bharia) का सुधार। पांडो के साथ पंडो, पण्डो, पन्डो। धनवार (Dhanwar) के पर्याय के रूप में धनुहार (Dhanuhar), धनुवार (Dhanuwar)। गदबा (Gadba, Gadaba)। गोंड (Gond) के साथ गोंड़। कौंध (Kondh) के साथ कोंद (Kond)। कोडाकू (Kodaku) के साथ कोड़ाकू (Kodaku)। नगेसिया (Nagesia), नागासिया (Nagasia) के पर्याय के रूप में। किसान (Kisan)। धनगढ़ (Dhangad) का परिशोधन धांगड़ (Dhangad)।

इन जाति समुदायों के छत्तीसगढ़ की अनुसूचित जनजातियों की सूची में शामिल होने के बाद इन्हें शासन की अनुसूचित जनजातियों के लिए संचालित योजनाओं का लाभ मिलने लगेगा। छात्रवृति, रियायती ऋण, अनुसूचित जनजातियों के बालक-बालिकाओं के छात्रावास की सुविधा के साथ शासकीय सेवा और शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण का लाभ मिल सकेगा।

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जल जीवन मिशन : वर्ष 2022-23 के लिए 155643 परिवारों को घरेलू नलजल कनेक्शन प्रदाय करने का लक्ष्य

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला जल व स्वच्छता मिशन की बैठक कलेक्टोरेट परिसर में कलेक्टर जितेन्द्र कुमार शुक्ला की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान जिलाधीश ने जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शासन की निर्देशानुसार हर घर जल, हर घर नल के तहत समय पर पेयजल सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियांता व जिला जल व स्वच्छता समिति के सदस्य सचिव ने समिति को अवगत कराया है, कि बेमेतरा जिले को वर्ष 2021-22 के लिए 85977 व वर्ष 2022-23 के लिए 69666 कुल 155643 परिवारो को घरेलू नलजल कनेक्शन प्रदाय करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किया गया है। जिसमें 209 रेट्रेफिटिंग योजना व 479 एकल ग्राम योजना से पूर्ण किया जाना है। अभी तक 209 रेट्रोफिटिंग योजना के अंतर्गत 44515 एफएचटीसी व 479 एकल ग्राम योजना के अंतर्गत 106829 एफएचटीसी की प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त की जा चुकी है। प्रशासकीय स्वीकृति प्राप्त योजनाओं में से 209 रेट्रोफिटिंग योजना व 380 एकल ग्राम योजना की निविदा जारी की गई। तथा अभी तक 545 निविदाओं के ग्राम 206 रेट्रोफिटिंग योजना, 209 एकल ग्राम योजना में कुल 89466 एफएचटीसी के कार्यादेश जारी किये गये शेष निविदा प्रक्रियाधीन है।

सदस्य सचिव ने समिति के सदस्यों को अवगत कराया कि भारत शासन की ओर से निर्देश प्राप्त हुआ है। कि जेजेएम के फण्ड का उपयोग टेंडर प्रिमियम के लिए किया जा सकेगा। जिन योजनाओं के पुनरीक्षित लागत 25 प्रतिशत अधिक वृध्दि के अंदर है, व एसएलएससी की बैठक में अनुमोदन प्राप्त किया गया है। व जिन योजनाओं के पुनरीक्षित लागत 25 प्रतिशत से अधिक वृद्धि हो रही है। उसे शीर्ष समिति से अनुमोदन प्राप्त हो।

 
 
 

कलेक्टर व समिति के अध्यक्ष डीडब्ल्यूएसएम की ओर से निर्देशित किया गया है कि वे ठेकेदार जिन्होंने समय पर काम किया है, उन्हें प्रोत्साहन दिया जावे व उन्हें भुगतान में प्राथमिकता दी जाएं। जो ठेकेदार समय पर कार्य नहीं कर पा रहे है। उन पर शास्ति लगाई जाएं। बैठक में जिला पंचायत सीईओ लीना कमलेश मंडावी के अलावा समिति के सदस्यों में कार्यपालन अभियंता पीएचई आशालता गुप्ता, कार्यपालन अभियंता जल संसाधन  सीएस शिवहरे, उप संचालक कृषि  महादेव मानकर, उप संचालक जनसंपर्क छगन लाल लोन्हारे, मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. खेमराज सोनवानी, जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा, उप वनमंडलाअधिकारी के प्रतिनिधि माधुरी तिवारी, जिला महिला व बाल विकास अधिकारी रमाकांत चंद्राकर, अनुविभागीय अधिकारी पीएचई विप्लव घृतलहरे व ए.आर. धु्रव उपस्थित थे।

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किसानों के प्रक्षेत्र में ड्रोन द्वारा किया गया नैनो यूरिया छिडकाव का प्रदर्शन

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इफको द्वारा ग्राम-मौहाभाटा में किसान पवन साहू के प्रक्षेत्र में ड्रोन के माध्यम से 10 एकड़ धान फसल मे नैनो यूरिया तरल के छिड़काव का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में आसपास के गांवों के 80 से अधिक प्रगतिशील कृषकों व कृषि महाविद्यालय के छात्रों ने भाग लिया।

अधिष्ठाता डॉ. आलोक तिवारी ने किसानों को बताया कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से इफको नैनो यूरिया का छिड़काव खेती के लिए क्रांतिकारी पहल है। जिससे न केवल खेती की लागत में कमी आएगी, बल्कि मजदूरों की समस्या व समय की भी बचत होगी। उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया इफको के वैज्ञानिकों की ओर से लंबे अनुसंधान के बाद ईजाद किया गया है तथा इसे अनेक कृषि अनुसंधान केंद्रों में परीक्षण के बाद केंन्द्र सरकार की ओर से मान्यता प्राप्त हैं। इसके उपयोग से किसान भाई अपने उपज में 25 प्रतिशत तक वृद्धि पा सकते हैं, तथा यह परंपरागत यूरिया के दुष्परिणामों से भी बचाता हैं। एम.डी. मानकर ने इसकी तकनीकी पहलुओं के बारें में किसान भाईयों से चर्चा किया तथा उनका प्रतिसाद लिया उन्होंने इसे खेती के लिए अत्यंत लाभकारी बताया।

 
 
 

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कुमारी देवी चौबे कृषि महाविद्यालय व अनुसंधान केन्द्र मोहगांव के अधिष्ठता डॉ. आलोक तिवारी, अध्यक्षता एम.डी. मानकर उप- संचालक कृषि, जिला- बेमेतरा, विशिष्ट अतिथि -  आर.के. सोलंकी अनुविभागीय अधिकारी कृषि जिला बेमेतरा तथा विनय शर्मा, वरि. कृषि विकास अधिकारी, साजा, दिनेश कुमार गांधी, सहा. प्रबंधक प्रक्षेत्र इफको, दुर्गतथा ड्रोन कम्पनी के  रवि साहू रायपुर थे।

 
 
 

दिनेश गांधी ने बताया कि इसमें यूरिया के दाने नैनो रूप में होते है, जिनका सतही क्षेत्रफल अधिक होने के कारण आसानी से पौधों द्वारा अवशोषित कर लिए जाते है, तथा अपना प्रभाव दिखाते है। रवि साहू ने बताया कि ड्रोन के माध्यम से 5 मिनट में एक एकड़ खेत में कीटनाशक दवाई, फफूंदीनाशक, नैनो यूरिया व सागरिका का मिश्रण का छिड़काव कर सकते है। तथा एक एकड़ के लिए 10 लीटर पानी की ही आवश्यकता होती है। तथा दवाई की मात्रा को आधा किया जा सकता है। आर.के. सोलंकी ने कहा नैनो यूरिया के प्रयोग से न केवल दानेदार यूरिया की खपत को आधा किया जा सकता है, बल्कि मिट्टी, पानी व वातावरण भी प्रदूषित होने से बच जाता हैं। यह यूरिया से 10 प्रतिशत सस्ता है। इसकी आधा लीटर की बॉटल एक एकड़ के लिए पर्याप्त हैं, जिसकी कीमत मात्र 240 रू. हैं। इसके प्रयोग से सरकार की ओर से दिए जाने वाले करोड़ों रुपए का बचत किया जा सकता हैं।  

 
 
 

विनय शर्मा ने किसान भाईयों को नई तकनीकी को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया, ताकि खेती के लागत को कम किया जा सके व आमदनी में वृद्धि की जा सकें। उन्होंने नई तकनीकीयों को पहले कम से कम एक एकड़ खेत में प्रयोग करने का सलाह दिया, ताकि इसके उत्साहजनक परिणामों के आधार पर इसके उपयोग को बढ़ाया जा सके। उन्होंने किसानों को नैनो यूरिया व जैविक कीटनाशक के प्रयोग के लिए भी प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संचालन दिनेश कुमार गांधी, क्षेत्रीय अधिकारी, इफको दुर्ग की ओर से किया गया। तथा कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम में  रितेश निर्मलकर, लुकेश वर्मा, हेमंत साहू, नारद वर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहें।

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नवगठित जिला सक्ती अस्तित्व आने के साथ ही यहां प्रशासनिक कार्य शुरू

 सक्ती (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर  नुपूर राशि पन्ना ने आज जिले के अधिकारियों की पहली बैठक ली। समय सीमा की बैठक के साथ उन्होंने अधिकारियों का न सिर्फ परिचय जाना, अपितु शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा नव गठित जिला सक्ती अस्तित्व में आ चुका है है। प्रशासनिक कार्य शुरू होने के साथ लंबित प्रकरणों के निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए कलेक्टर ने सभी विभागों को आपसी समन्वय से बेहतर कार्य करने कहा है।

    कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना ने जिले में धान खरीदी, राजीव गांधी किसान न्याय योजना, राजीव गांधी भूमिहीन न्याय योजना, गोधन न्याय योजना, नरवा विकास योजना, राजीव युवा मितान योजना, मुख्यमंत्री वृक्षारोपण प्रोत्साहन योजना, आत्मानंद स्कूल, मुख्यमंत्री सुपोषण योजना, मुख्यमंत्री हाट बाजार योजना, मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना, नजूल पट्टों का नवीनीकरण आवंटन ,राजस्व प्रकरणों का निराकरण, स्वसहायता समूहों का सुदृढ़ीकरण, अमृत सरोवर योजना, जाति प्रमाण पत्र, निर्माण कार्यों की स्थिति, जल जीवन मिशन, खाद्य, बीज की उपलब्धता, सिंचाई सुविधा का विकास, वाटर हार्वेस्टिंग, चिकित्सालयों का सुदृढ़ीकरण, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, जन शिकायत निवारण, लोक शिक्षण मद के कार्य, कौशल विकास, लोक सेवा गारंटी अधिनियम, फसल बीमा की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शासन की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं का एसडीएम स्तर पर अनिवार्य रूप से निरीक्षण होना चाहिए। मैदानी कर्मचारियों की कार्यस्थल पर उपस्थिति और आमनागरिकों के समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित की जानी चाहिए। सभी अधिकारियों की उपस्थिति कार्यालय में निर्धारित समय पर हो, यह भी सुनिश्चित करने के कलेक्टर ने निर्देश दिए। बैठक में आईईएस अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व)  रैना जमील, संयुक्त कलेक्टर  पंकज डाहिरे, डिप्टी कलेक्टर  रजनी भगत सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

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साप्ताहिक हाट बाजार में आने वाले गांव वालों का हो रहा निःशुल्क इलाज

 सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा दूरस्थ और पहुंच विहीन क्षेत्रों के हाट बाजारों में आने वाले ग्रामीणों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए शुरू की गई मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना का भरपूर लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है। सप्ताहिक हाट बाजार में आने वाले जरूरतमंद लोगों का निःशुल्क इलाज एवं दवाई का वितरण किया जा रहा है ।

जिले के 6 विकास खंडों के अंतर्गत लगने वाली सप्ताहिक हाट बाजार में  मरीजों का उपचार हाट-बाजारों के क्लिनिक में किया जा रहा है। विगत 13सितंबर को सूरजपुर विकासखंड अंतर्गत लगने वाले हाट बाजार के अजबनगर में 30, कुंदा में 61, दातिमा में 91, महेशपुर में 50, मानी में 61 कुल 293 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनका उपचार एवं दवाई का निःशुल्क वितरण किया गया। इसी तरह विकासखंड प्रतापपुर के धर्मपुर में 79, लोलकी में 65, कुल 144, भैयाथान के केवरा में 63, सिरसी में 54, कुल 117,रामानुजनगर में 92, ओड़ागी ब्लॉक के भंवरखोह में 53, कैलाश नगर में 21, पकनी में 52, थाड़पथेर में 44 कुल 170 एवं प्रेमनगर ब्लॉक के दुर्गापुर में 52 तथा कोटल हाट बाजार में 38 मरीजों का निशुल्क इलाज कर दवाई वितरण किया गया। इस तरह 13 सितंबर को लगाए गए हाट बाजार क्लिनिक योजना से कुल 906 मरीजों को चिकित्सा लाभ प्रदाय किया गया है।जिला प्रशासन द्वारा अब सभी 6 विकासखण्डों के लिए एम्बुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध करा दी गई है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर एस सिंह ने बताया कि कलेक्टर इफ्फत आरा के निर्देशानुसार चिन्हांकित साप्ताहिक हाट बाजार में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लीनिक योजना नियमित संचालित किया जा रहा है जिसमें सर्दी, खांसी, बुखार जैसी सामान्य बीमारियों के स्वास्थ्य परीक्षण के अलावा मलेरिया, टी.बी., एचआईवी, रक्तचाप, मधुमेह, रक्ताल्पता, कुष्ट रोग, नेत्र विकार, डायरिया सहित गर्भवती महिलाओं एवं शिशुओं का टीकाकरण करने के अलावा स्वास्थ्य संबंधी परामर्श और इलाज कर उन्हें निःशुल्क दवाइयां दी जाती हैं। मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के अंतर्गत जिले के ऐसे ग्राम जहां हाट-बाजार लगते हैं तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों से दूर हैं, वहां स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर लगाकर ग्रामीणों को चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है, जिसका लाभ ग्रामीणों को मिल रहा है।

 
 



सुदूर अंचल तक तक पहुंच रही है हाट बाजार क्लीनिक योजना
गौरतलब है कि आदिवासी समुदाय भले ही जंगलों एवं पहाड़ों को आम तौर पर न छोड़े , लेकिन बाजार करने के लिए वो नियमित रूप से गांवों में आते ही हैं। यही वजह रही की मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच ने हाट बाजार क्लिनिक योजना का रूप लिया। अब आदिवासी जनता को अस्पतालों तक पहुंचने की जरूरत नहीं है, बल्कि अस्पताल खुद उनके घरों के पास पहुंचता है।

 
 



सूरजपुर जिले में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की महत्वाकांक्षी हाट बाजार क्लिनिक योजना से सुदूर एवं पहुंच विहीन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच अब काफी आसान हो गई है। शहरों से लेकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के हाट बाज़ारों तक हाट बाजार क्लिनिक के माध्यम से निःशुल्क परामर्श, जांच तथा दवाइयां उपलब्ध हो रही हैं और इससे योजना की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है।

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सुरक्षा गार्ड के भर्ती के लिए गुण्डरदेही के मेगा कैम्प में हुआ 138 अभ्यर्थियों का चयन

 अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के बाद प्रदान की जाएगी नियुक्ति
बालोद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मंशानुरूप जिला प्रशासन बालोद की ओर से रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम युवाओं की नई आशा जिजीविषा अंतर्गत सुरक्षा सुपरवाइजर व सुरक्षा गार्ड के भर्ती के लिए 14 सितम्बर को विकासखंड मुख्यालय गुण्डरदेही के हाईस्कूल मैदान में मेगा कैम्प हुआ। रोजगार व स्वरोजगार चाहने वाले युवाओं और नियोजकों के मध्य समन्वय के लिए एम्पलाईज-एम्पलायर्स मीट के तहत् युवाओं को सुरक्षा गार्ड के भर्ती के लिए सुनहरा अवसर प्रदान करने के लिए आयोजित इस मेगा कैम्प में प्रतिष्ठित नियोक्ताओं को आमंत्रित किया गया। इस मेगा कैम्प में 138 अभ्यर्थियों को सुरक्षा गार्ड के लिए चयनित किया गया। इन चयनित अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के बाद सीधे नियुक्ति प्रदान की जाएगी। इस मेगा कैम्प में 65 अभ्यर्थियों ने कौशल प्रशिक्षण लेने आवेदन भी प्रस्तुत किया।
 
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महिलायें अपने अधिकारों के प्रति रहें जागरूक : मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट

 नारायणपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोंडागांव के तत्वाधान मे  पुष्पलता मारकंडे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट नारायणपुर की अध्यक्षता मे आज जिला पंचायत के सभाकक्ष मे विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पुष्पलता मारकंडे ने महिलाओं से संबंधित कानून के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा सम्पत्ति पर महिलाओं के बराबर के अधिकार और टोनही प्रताडऩा कानून व बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के विषय में विस्तार से बताया। उन्होंने महिलाओ को अपने अधिकार के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी गई। जागरूकता कार्यक्रम का शुभारम्भ किरण नैलवाल चतुर्वेदी महिला संरक्षण अधिकारी महिला बाल विकास विभाग की ओर से किया गया। वहीं परियोजना अधिकारी नारायणपुर शैल उसेण्डी द्वारा मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट का पुष्पगुछ से स्वागत किया गया।

इस अवसर पर चंद्र प्रकाश कश्यप अधिवक्ता की ओर से महिलाओं के कानूनी अधिकारों के विषय में जानकारी दी गयी। वहीं महिला संरक्षण अधिकारी की ओर से घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम 2005 क़ानून के बारे मे महिलाओ को विस्तार से बताया और उस क़ानून से मिलने वाले लाभ के बारे में बताया गया। सखी वन स्टॉप सेंटर से केस वर्कर तरनुम खान ने पीडि़त महिलाओ सखी से मिलने वाली सुविधा के बारे मे जानकारी दिया। कार्यक्रम मे महिला बाल विकास के अधिकारी व कर्मचारी, अधिवक्तागण, महिला, शिक्षिका व स्व सहायता समुह की महिलाएं उपस्थित थी।

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वन विज्ञान केंद्र में कृषि वानिकी, बीज प्रौद्योगिकी और जैव उर्वरक का दिया गया प्रशिक्षण

 जगदलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन विज्ञान केंद्र मेंकृषि वानिकी, बीज प्रौद्योगिकी और जैव उर्वरक का दिया गया प्रशिक्षण दिया गया। इस एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में उष्णकटिबंधीय वन अनुसंधान संस्थान जबलपुर के वैज्ञानिकों की ओर से वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया गया। इस प्रशिक्षण में जगदलपुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर के 70 प्रतिभागी शामिल हुए। मुख्य वन संरक्षक  मोहम्मद शाहिद ने वर्तमान जीवन शैली के कारण बढ़ते पर्यावरण प्रदूषण, रासायनिक उर्वरकों के उपयोग के कारण भूमि की तेजी से घटती जा रही उर्वरता को देखते हुए कृषि वानिकी और जैव उर्वरकों के उपयोग को बढ़ाने के लिए शासन की इस पहल को जन जन तक पहुंचाने की अपील की।

प्रभाध्यक्ष डॉ नमिता बेरी ने कृषि वानिकी और छत्तीसगढ़ राज्य के लिए उपयोगी कृषि वानिकी के मॉडल, वैज्ञानिक एजेके असैया की ओर से जैविक उर्वरक और वानिकी में उनका उपयोग, मनीष कुमार विजय द्वारा वन रोपणी व बीज प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर वन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी विनय चक्रवर्ती, तकनीकी अधिकारी मनोज जोशी सहित वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

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बिना लाइसेंस-बीमा के गाड़ी चलाना अपराध तो है ही, चालक के लिए मुसीबत भी है : आरबी घोरे

 अम्बिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष आरबी घोरे ने रविवार को आदर्श विद्यालय केदारपुर में आयोजित विधिक जागरूकता शिविर को संबोधित करते हुए कहा कि बिना लाइसेंस व बीमा के वाहन चलाना अपराध तो है ही इससे चालक को कई मुसीबतो का सामना करना पड़ सकता है। यदि बिना लाइसेंस व बीमा के वाहन चलाते हुए दुर्घटना में किसी व्यक्ति घायल हो जाता है या मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार वालों को लाखों का क्षति पूर्ति रकम चालक को देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जिनके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है उन्हें वाहन नहीं चलाना चाहिए तथा लोगों को भी अपनी वाहन जिनके पास लाइसेंस नहीं है उन्हें चलाने नहीं देनी चाहिए।

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2 अक्टूबर को होगा ग्रामीण औद्यौगिक पार्क का लोकार्पण

 बेमेतरा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शुक्ला ने आज जिला कार्यालय के दिशा-सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर अधिकारियों को लंबित आवेदनों के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर ने गोठानों को ग्रामीण औद्यौगिक पार्क के रुप में विकसित करने के निर्देश दिए जिले के सभी चार जनपद पंचायतों के सीईओ को दिए। मुख्यमंत्री की ओर से 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन प्रदेश स्तर पर रुरल इंडस्ट्रियल पार्क का लोकार्पण करेंगे। 

सुराजी गांव योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में नरवा गरवा घुरवा अऊ बाड़ी का संचालन किया जा रहा है। इसमें महिला स्व-सहायता समूह जुड़कर दाल मिल, आटा चक्की, मछली पालन, दोना पत्तल, मशाला यूनिट राइस मिल का संचालन किया जा रहा है। इससे उनकी आमदनी में बढ़ोत्तरी हो रही है। कलेक्टर ने जनपद सीईओ को गोबर, गौ-मूत्र खरीदी व वर्मी कम्पोस्ट खाद के निर्माण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि नवागढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत अमलडीहा व मोहतरा, साजा विकासखंड के ग्राम पंचायत ओडिय़ा व राखी, बेमेतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत झालम व लालपुर, बेरला के सांकरा व रामपुर (भांड़) को ग्रामीण औद्यौगिक पार्क के रुप में चिन्हांकित किया गया है।

कलेक्टर ने बैठक के दौरान नगरीय निकाय के सभी सीएमओ से नगर पालिका शहरी क्षेत्र अन्तर्गत निजी संस्थानों में विगत वर्षों में रोजगार प्राप्त व्यक्तियों की संख्यात्मक जानकारी निर्धारित प्रारुप में देने को कहा। धनवंतरी मेडिकल स्टोर के संचालन, सी-मार्ट का संचालन, समय-सीमा में राजस्व प्रकरणों का निराकरण, भूमि व्यवस्थापन, आवंटन व नवीनीकरण, राजीव गांधी ग्रामीण भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना, जर्जर सड़कों और शासकीय भवनों की मरम्मत और संधारण, स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्रों की समीक्षा की साथ ही राजीव युवा मितान क्लब, गोधन न्याय योजना, चारागाह विकास की जानकारी की समीक्षा की। बैठक में जिला पंचायत सीईओ  लीना कमलेश मण्डावी, अपर कलेक्टर डॉ. अनिल बाजपेयी, अनुविभागीय अधिकारी (रा.) बेमेतरा युगल किशोर उर्वशा, नवागढ़ प्रवीण तिवारी, साजा धनराज मरकाम, नगरीय निकाय के सीएमओ, जनपद पंचायत के सीईओ व विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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