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गोगांव में शुरू हुआ हास्य योग केंद्र

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ हास्य योग संस्थान द्वारा आमजनों को योग के हास्य विधा से स्वस्थ रखने के उद्देश्य से रायपुर शहर के विभिन्न स्थानों में हास्य योग केंद्र का संचालन किया जा रहा है, उसी तारतम्य में बुधवार को 17वें हास्य योग केंद्र का शुभारंभ सतगुरु मैदान गोगांव रायपुर में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर कार्यक्रम के अध्यक्ष के रूप में हास्य योग प्रमुख मूलचंद शर्मा तथा विशेष अतिथि के रुप में योग आयोग के सचिव एम.एल. पाण्डेय एवं पूर्व पार्षद दीनानाथ उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेष सहयोगी के रूप श्रीमती आशा शर्मा, श्रीमती शकुंतला डांडे, योग केंद्र संचालिका डॉ हेमंत कुमार डांडे, सहायक योग संचालक, राजू शर्मा रविकांत कुम्भकार सहित समस्त हास्य योग केंद्र के योग प्रशिक्षक एवं योग साधक गण भी सम्मिलित थे।

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मंत्री अकबर ने किया सहकारी प्रशिक्षण संस्थान के नवीन परिसर का लोकार्पण

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन एवं परिवहन मंत्री मोहम्मद अकबर ने अपेक्स बैंक द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान पंडरी रायपुर के नवीन परिसर का लोकार्पण किया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा एवं अध्यक्षता अपेक्स बैंक अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर द्वारा की गई। इस अवसर पर सचिव सहकारिता, पंजीयक एवं सहकारी संस्थाएं हिमशिखर गुप्ता, महाप्रबंधक नाबार्ड डॉ. सुरेन्द्र बाबू भी उपस्थित थे।


मंत्री मोहम्मद अकबर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बधेल के नेतृत्व में आज छत्तीसगढ़ की सहकारी संस्थाओं में नई सोच तथा नये उत्साह के साथ कार्य हो रहे है। किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए 725 नवीन सहकारी समितियों का गठन किया गया। समितियों को आर्थिक सुविधाएं उपलब्ध करा कर प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन को बढ़ाने के लिए नियमित तौर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आवश्यक है। इसके लिए पंडरी में छत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान का लोकार्पण किया गया। इस प्रशिक्षण संस्थान से संचालक मंडल के प्रतिनिधियों, प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों तथा राज्य सहकारी बैंक के अधिकारियों और कर्मचारियों के कार्य कुशलता में वृद्वि करने आधुनिक बैंकिंग टेक्नालाजी के संबंध में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण संस्थान में अत्याधुनिक कम्प्युटर लैब स्थापित किया गया है।  

अपेक्स बैंक के अध्यक्ष बैजनाथ चंद्राकर ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र को छत्तीसगढ़ में आगे ले जाने का जो अभियान प्रारंभ हुआ है उसका श्रेय छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को जाता है। अपेक्स बैंक द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान को नवीन साज-सज्जा के साथ क्लास रूम, कम्प्युटर लैब से पूर्णतः कम्प्युटरीकृत किया गया है। छŸाीसगढ़ सहकारी प्रशिक्षण संस्थान और बैंकर ग्रामीण विकास संस्थान (बर्ड) कोलकाता के मध्य प्रशिक्षण कार्यक्रम कोे लेकर 23 जून 2022 को रायपुर में एमओयू किया गया था। इससे छत्तीसगढ़ को सहकारिता के क्षेत्र में बेहतर प्रशिक्षण कार्यक्रम मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार द्वारा सहकारी समितियों के 13.46 लाख किसानों का 5261 करोड़ का ऋण माफ किया गया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना, गोधन न्याय योजना के तहत किसानों और हितग्राहियों के खातें में सीधे राशि का अंतरित किया जा रहा है। प्रदेश में सहकारी बैंकोें के माध्यम से वर्तमान में चालू खरीफ सीजन में सहकारिता के माध्यम से वर्ष 2022-23 में 13.68 लाख किसानों को 5496 करोड़ रूपए का ब्याज मुक्त ऋण वितरण किया गया है। धान खराब न हो इसके लिए गोदाम का निर्माण कराया गया। इसके अतिरिक्त 725 नवीन सहकारी समितियों में गोडाउन सह आफिस का निर्माण भी कराया गया।

कार्यक्रम को पूर्व मंत्री एवं विधायक सत्यनारायण शर्मा ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर उपसचिव सहकारिता पी.एस. सर्पराज, अपेक्स बैंक के प्रबंध संचालक के.एन. कान्डे, अपेक्स बैंक डीजीएम एवं प्राचार्य भूपेश चंद्रवंशी, ओएसडी अविनाश श्रीवास्तव, ओएसडी अनूप अग्रवाल, अपेक्स बैंक ए.जी.एम. एल.के. चौधरी, एजीएम व शाखा प्रबंधक अजय भगत, शाखा प्रबंधक शारदा चौक सी.पी. व्यास, प्रबंधक ए.के.लहरे, प्रबंधक जी एस ठाकुर, प्रबंधक अभिषेक तिवारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंकों के सीईओ रायपुर एस.के. जोशी, जगदलपुर आर.ए. खान, दुर्ग सीईओ श्रीमती अपेक्षा व्यास, बिलासपुर सीईओ श्रीकांत चंद्राकर, राजनांदगांव सीईओ सुधीर सोनी तथा अपेक्स बैंक व जिला सहकारी बैंकों के शाखा प्रबंधक उपस्थित थे।

 

 

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विजयादशमी पर मुख्यमंत्री ने कहा, सत्य की विजय का पर्व विजयादशमी हमारे जीवन में मूल्यों की स्थापना का पर्व

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सत्य की विजय का यह पर्व कितने उल्लास का पर्व है और मूल्यों से जुड़ा है। आप सभी इतनी बड़ी संख्या में इस उत्सव को मनाने आये हैं मैं आप सभी का स्वागत करता हूं। चरोदा एकता मंच द्वारा विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने यह बात कही। मुख्यमंत्री यहाँ हर वर्ष विजयादशमी के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लेते हैं।

इस मौके पर आंध्रप्रदेश से आई आतिशबाजी की टीम ने सत्य की विजय के इस पर्व पर पूरा आकाश रोशनी से रंगीन कर दिया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि दशहरा का यह महान पर्व देश भर में उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह असत्य पर सत्य की जीत, अधर्म पर धर्म की जीत के रूप में मनाते हैं। कोई कितना भी ज्ञानी क्यों न हो, अहंकार नहीं होना चाहिए, इसलिए रावण का नाश हुआ। आज मैं अन्य उत्सवों में भी गया। आप सभी को दशहरा उत्सव की बधाई देता हूं।

इस मौके पर महापौर निर्मल कोसरे, सभापति कृष्णा चंद्राकर, चैतन्य बघेल सहित अन्य गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

 

 

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रामायण के पात्र सीता-राम ने की शिरकत, 'दुनिया का सबसे छोटा सा शब्द है राम'

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री डब्ल्यूआरएस मैदान में आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस मौके पर उन्होंने रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ के पुतले का दहन किया। इस अवसर पर टीवी सीरियल रामायण में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल ने मौजूद जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि, राम दुनिया का सबसे छोटा सा शब्द है, लेकिन इसकी गहराई बहुत है। राम सुनने में मीठा लगता है, तो बोलने में पावन। राम को एक बार कहा जाए तो ईश्वर का स्मरण होता है, दो बार राम-राम बोलने पर संबोधन, तीन बार राम का उच्चारण संवेदना को प्रदर्शित करता है और चार या अधिक बार लगातार बोलने पर यह भजन का रूप ले लेता है। इस मौके पर उन्होंने रामायण सीरियल के एक संवाद के जरिये सत्य, धर्म और नीति की सीख देने का प्रयास किया। वहीं माता सीता के किरदार को जीवंत करने वाली अभिनेत्री दीपिका चिखालिया ने एक तरह से छत्तीसगढ़ को अपना ससुराल बताया। उन्होंने रावण में विद्वता के बावजूद आसुरी गुण और राम के चरित्रवान होने की बात कहते हुए कहा कि चरित्र, सद्कर्म, धर्म की जीत हमेशा होती है। 


सीएम भूपेश बघेल ने कहा, दशहरा का पर्व असत्य पर सत्य की जीत, अंधकार पर प्रकाश की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत का पर्व है। यह पर्व हमें अपने अहंकार तथा बुराई को समाप्त कर अच्छाई तथा सत्य की राह पर चलने की सीख देता है। जब तक हमारे समाज, आस-पास तथा स्वयं में जो बुराई है, वह समाप्त नहीं होगी तब तक हम और हमारा समाज आगे नहीं बढ़ पाएगा। इसलिए समाज में अहंकार, बुराई तथा असत्य के प्रतीक रावण का नाश जरूरी है, तभी हम आगे बढ़ पाएंगे। 


मुख्यमंत्री ने अपने उद्बोधन की शुरुआत भगवान राम का जयकारा लगाकर की। उन्होंने कहा कि भगवान राम का छत्तीसगढ़ से गहरा नाता रहा है। दक्षिण कोसल के नाम से ख्यात छत्तीसगढ़ ही माता कौशल्या की जन्मभूमि है। इस लिहाज से छत्तीसगढ़ भगवान राम का ननिहाल है। भगवान राम ने बाल्यकाल का समय भी छत्तीसगढ़ में बिताया। अपने 14 वर्ष के वनवास काल में भी अधिकांश समय लगभग 10 वर्ष भगवान राम ने छत्तीसगढ़ में बिताए। छत्तीसगढ़ के कोरिया क्षेत्र के सीतामढ़ी हरचौका में माता सीता ने रसोई पकायी थी। यहां भगवान राम ने शिवरीनारायण में माता शबरी से जूठे बेर खाए थे। इस कारण वे शबरी के राम हैं और माता कौशल्या के कारण वे कौशल्या के राम हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ का जनमानस आज भी भांजे के रूप में भगवान श्रीराम को देखता है और इसी कारण केवल छत्तीसगढ़ में मामा द्वारा भांजे की चरण स्पर्श करने की परंपरा है। 


मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार द्वारा भगवान राम के वनवास काल के दौरान छत्तीसगढ़ में कोरिया के सीतामढ़ी हरचौका से लेकर दक्षिण सुकमा के रामाराम तक करीब 2200 किलोमीटर के रास्ते को राम वन गमन परिपथ के रूप में विकसित किया जा रहा है और इसके प्रथम चरण में 9 स्थानों को विकसित किया जा रहा है। हाल ही में छत्तीसगढ़ के चंदखुरी में माता कौशल्या के मंदिर के जीर्णोद्धार का कार्य किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान राम द्वारा स्थापित जीवन मूल्य आज भी हमारे लिये आदर्श एवं मार्गदर्शक हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपने अंदर के अहंकार, क्रोध, घृणा जैसे मनोविकारों को समाप्त करें। भगवान राम के आदर्शों को हृदय में संजोए हुए समाज और देश का उत्थान करने का संकल्प लें और छत्तीसगढ़ की प्रगति में अपना योगदान दें। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि डब्ल्यूआरएस मैदान में विगत 55 वर्ष से दशहरा उत्सव का कार्यक्रम आयोजित हो रहा है, लेकिन इस बार टीवी सीरियल रामायण में भगवान राम का किरदार निभाने वाले अभिनेता अरुण गोविल और माता सीता की भूमिका में रहीं अभिनेत्री दीपिका चिखालिया की मौजूदगी ने आयोजन को विशिष्ट बना दिया है।  

कार्यक्रम को छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष कुलदीप जुनेजा, रायपुर नगर निगम के महापौर एजाज ढेबर ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक, डीआरएम श्यामसुंदर गुप्ता समेत मुख्यमंत्री श्री बघेल के परिजन व गणमान्य नागरिक मंचस्थ थे।

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गढत हे नवा छत्तीसगढ़ : प्रदेश की आंचलिक खबरें एक नजर में

 कोण्डागांव : सहायक शिक्षकों की पदोन्नति आदेश निरस्त

कलेक्टर दीपक सोनी की ओर से जिले में सहायक शिक्षक प्राथमिक शाला से प्रधान पाठक के पदों पर पदोन्नति में लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशों का परिपालन नहीं करने संबन्धी शिकायत पर संज्ञान लेते हुए 28 सितम्बर को जारी पदोन्नति आदेश को निरस्त कर सीईओ जिला पंचायत की अध्यक्षता में 3 सदस्यीय जांच समिति गठित किया गया है। 

 

महासमुंद : महासमुंद में दशहरा 4 अक्टूबर को व गोवर्धन पूजा 25 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश घोषित

 

कलेक्टर निलेशकुमार क्षीरसागर ने जिला महासमुंद के समस्त शासकीय कार्यालयों तथा संस्थाओं के लिए मंगलवार 4 अक्टूबर को दशहरा (महानवमी) एवं मंगलवार 25 अक्टूबर 2022 को दीपावली का दूसरा दिन (गोवर्धन पूजा) के अवसर पर स्थानीय अवकाश घोषित किया है। उपरोक्त स्थानीय अवकाश बैंक, कोषालय, उपकोषालय के लिए लागू नहीं होगा।

राजनांदगांव : 4 अक्टूबर महानवमी को राजनांदगांव नगरपालिक निगम क्षेत्र को छोड़कर सम्पूर्ण जिले में स्थानीय अवकाश घोषित

 

कलेक्टर डोमन सिंह ने दशहरा महानवमी 4 अक्टूबर को संपूर्ण जिले में राजनांदगांव नगर पालिक निगम क्षेत्र को छोड़कर स्थानीय अवकाश के आदेश जारी किया है। नगर पालिक निगम राजनांदगांव क्षेत्र में गणेश विसर्जन के लिए एक दिवस का स्थानीय अवकाश घोषित किया गया था। जिसके कारण राजनांदगांव नगर पालिक क्षेत्र को छोड़कर संपूर्ण जिले में महानवमी 4 अक्टूबर को स्थानीय अवकाश रहेगा।

रायगढ़ : मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण

मुख्यमंत्री कौशल विकास योजनान्तर्गत 14 से 45 वर्ष की आयु सीमाओं के युवाओं को उनकी रूचि एवं योग्यता के अनुसार पंजीकृत व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता (वीटीपी) संस्थाओं के माध्यम से विभिन्न कोर्स में नि:शुल्क कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की योजना है।

 

रायगढ़ : एसटीपी का पानी लेने उद्योगों से करें अनुबंध : कलेक्टर 

 

कलेक्टर रानू साहू ने आज कलेक्टोरेट में नगर निगम व जल संसाधन के अधिकारियों तथा उद्योग प्रतिनिधियों की एक बैठक सिवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी)से मिलने वाले पानी के उपयोग के संबंध में बैठक ली। बैठक में आयुक्त नगर निगम संबित मिश्रा के साथ एनटीपीसी तथा जिंदल के अधिकारी उपस्थित रहे।

जगदलपुर : न लंबी लाइन की चिंता न टेस्ट के लिए इंतजार: मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना से हो रहा मुफ्त इलाज

बेहतर और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधा का सभी को अधिकार है। लेकिन रोजी-मजदूरी करने वाले श्रमिकों को काम से समय नहीं मिल पाने की वजह से वे स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ नहीं ले पाते थे। छत्तीसगढ़ राज्य सरकार की ओर से अस्पताल और गरीब तबके के लोगों के बीच की इसी खाई को पाटने के लिए मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरूआत की गई।

कांकेर: दुर्गा प्रतिमा विसर्जन व दशहरा पर्व के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी

 

कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी डॉ. प्रियंका शुक्ला की ओर से नवरात्रि पर्व के अंतिम दिवस पर मॉ दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन व दशहरा पर्व के अवसर पर कानून एवं शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए कार्यपालिक दंडाधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 

कांकेर : तेंदुआ, भालू से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील

जिला मुख्यालय तथा आसपास के क्षेत्रों में वन्य प्राणी तेंदुआ, भालू इत्यादि के देखे जाने तथा भालुओं द्वारा इंसानों पर हमला की घटनाओं को दृष्टिगत रखते हुए वन विभाग की ओर से भालू व तेंदुआ से बचने के लिए सावधानियां बरतने की अपील नागरिकों से की गई है।

दंतेवाड़ा : एटेपाल मुठभेड़ की दंडाधिकारी जांच

जिले के कटेकल्याण विकासखंड अंतर्गत थाना कटेकल्याण क्षेत्र में 12 अगस्त को ग्राम एटेपाल, तेलम, टेटम के जंगल पहाड़ी में सशस्त्र माओवादियों की उपस्थिति की सूचना पर डीआरजी 1 से कुल 20 का बल नक्सल उन्मूलन के लिए नक्सल गस्त सर्चिंग पर रवाना हुए।

बेमेतरा : दशहरा पर्व व ईद-ए-मिलाद के लिए दंडाधिकारी नियुक्त

 

जिला दंडाधिकारी जितेन्द्र कुमार शुक्ला ने एक आदेश जारी कर विजयादशमी दशहरा पर्व व मिलाद-उन-नबी के दौरान कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिए जिले के सभी चार अनुविभाग में अनुविभागीय दंडाधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में दायित्व सौंपा गया है। 

बेमेतरा : डॉक्टर एम पी ठाकुर लाइफ  टाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित

भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद्-भारतीय चारागाह अनुसन्धान संस्थान, क्षेत्रीय अनुसन्धान केंद्र, श्रीनगर, राष्ट्रीय कृषि उच्च शिक्षा परियोजना, वल्र्ड बैंक, नयी दिल्ली, बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, रांची तथा राष्ट्रीय कृषि डेवलपमेंट कोआपरेटिव लिमिटेड, बारामुल्ला के संयुक्त तत्वावधान में तृतीय तीन दिवसीव अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस (27 से 30 सितम्बर 2022) एडवांसेज इन एग्रीकल्चरल एनिमल हसबेंडरी एण्ड अलाइड साइंसेज फॉर इम्प्रोविंग लाइवलीहुड एंड एनवायर्नमेंटल सिक्योरिटी का आयोजन किया गया था,

बालोद : कलेक्टर ने जनदर्शन में सुनी आमलोगों की समस्याएं

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की मंशानुरूप आम लोगों की मांगों व समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह के निर्देशानुसार जिला प्रशासन की ओर से कलेक्टोरेट बालोद में प्रत्येक कार्य दिवसों में जनदर्शन कार्यक्रम आयोजित की जा रही है। 

बीजापुर : मेधावी छात्रवृत्ति सहायता योजना से सुगना की सपना हुई साकार

श्रम विभाग श्रमिको के हित में कार्य करता है। राज्य सरकार व केन्द्र सरकार की ओर से संचालित योजनाओं का प्रचार-प्रसार व उनके कल्याणकारी योजनाओं से श्रमिकों को लाभान्वित कर उन्हें विकास व प्रगति मार्ग पर चलने में सहायता करता है।

कोरबा : जिले की समूह की महिलाओं का नवाचार, बना रही आकर्षक और सुंदर आर्टिफिशियल ज्वेलरी

कोरबा जिले की महिलाएं आर्टिफिशियल ज्वेलरी निर्माण के लिए बड़े शहरों और वृहद उद्योगों पर निर्भरता की बात को गलत साबित कर रही है। जिले में बिहान की समूह की महिलाएं नवाचार का बेहतरीन नमूना पेश करते हुए गांव में ही आर्टिफिशियल ज्वेलरी का निर्माण कर रही है। समूह की महिलाएं ज्वेलरी निर्माण से जुड़कर स्वरोजगार और स्वावलंबन की मिसाल पेश कर रही हैं।

सुकमा : पशुधन विकास विभाग की ओर से हितग्राही मूलक योजनाओं का दिया गया लाभ

महात्मा गांधी जयंती के अवसर पर छिंदगढ़ विकासखंड के ग्राम पंचायत पेदापारा (पाकेला) और ग्राम बिरसठपाल गौठान में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में पशुधन विकास विभाग की ओर से कृषकों, पशुपालकों, ग्रामीणों व स्थानीय स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को विभागीय योजनाओं की जानकारी देकर लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया।

सुकमा : सक्षम कोचिंग क्लासेस में सुकमा की नई पीढ़ी गढ़ रही उज्ज्वल भविष्य

देश और समाज के प्रगति और विकास में अपना योगदान कर कुछ कर गुजरने की चाहत हर युवा में होती है। आज के इस प्रतियोगी दौर में हर युवा कि चाहत है, कि वो दूसरों से दो कदम आगे रहे जिसके लिए वे निरंतर अथक प्रयास में जुटे रहते हैं। प्रदेश के अंतिम छोर में घने जंगल, नदी, पहाड़ से घिरे सुकमा जिले के युवाओं में भी यह ललक है। 

 

जशपुरनगर : बच्छरांव-गायलूंगा मार्ग में विभाग द्वारा पुन: निर्माण कार्य किया गया है प्रारंभ

उप निर्देशक एलीफेंट रिजर्व सरगुजा से प्राप्त जानकारी के अनुसार बगीचा विकासखंड के बादलखोल अभ्यारण्य अंतर्गत आने वाले बच्छरांव गायलूँगा मार्ग पर विभाग द्वारा मिट्टी,मुरूम बिछाकर निर्माण कार्य कराया गया था। बरसात शुरू होने के कारण उक्त मार्ग पर रोलर नहीं चलाया गया था। जिसके कारण कुछ स्थल पर पानी जमा होने के कारण कीचड़ हो गया था।

जशपुरनगर : महेन्द्र राम का आयुष्मान कार्ड के माध्यम से हो रहा नि:शुल्क ईलाज

कार्यालय मुख्य चिकित्सा व स्वास्थ्य अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार विकासखंड बगीचा के पहाड़ी कोरवा युवक महेन्द्र राम का आयुष्मान कार्ड के माध्यम से नि:शुल्क उपचार किया जा रहा है। महेन्द्र राम भालू के हमले में घायल हुए थे, जिससे उनका जबड़ा क्षतिग्रस्त हुआ था। वर्तमान में युवक का हॉली क्रॉस अस्पताल अंबिकापुर में आयुष्मान कार्ड से नि:शुल्क ईलाज किया जा रहा है तथा उनकी स्थिति में काफी सुधार हो रहा है।

 

 

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मनोज कोठारी ने सीएम बघेल को भेंट किया 65 साल पुराना चरखा

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से गांधी जयंती पर रायपुर के व्यवसायी मनोज कोठारी ने भेंट किया। 65 साल पुराना गांधी चरखा। मुख्यमंत्री को मनोज कोठारी ने बापू की तस्वीर भी भेंट की। इस मौके पर कोठारी की पुत्री श्रेया भी मौजूद थी।

 

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मुख्यमंत्री 6 अक्टूबर को करेंगे गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 8 करोड़ का करेंगे भुगतान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल 6 अक्टूबर को मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से गोधन न्याय योजना के तहत पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 8 करोड़ 13 लाख रूपए की राशि ऑनलाइन जारी करेंगे, जिसमें 16 सितंबर से 30 सितंबर तक गौठानों में पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.67 लाख क्विंटल गोबर के एवज में 5.34 करोड़ रूपए भुगतान, गौठान समितियों को 1.69 करोड़ और महिला समूहों को 1.11 करोड़ रूपए की लाभांश राशि शामिल हैं।

गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को 350.54 करोड़ का भुगतान
गोधन न्याय योजना के तहत राज्य में अब तक हितग्राहियों को 342 करोड 41 लाख रूपए का भुगतान किया जा चुका है, जिसमें 18 करोड़ रूपए की बोनस राशि भी शामिल है। 06 अक्टूबर को 8.13 करोड़ के भुगतान के बाद यह आंकड़ा 350 करोड़ 54 लाख रूपए हो जाएगा।

गोधन न्याय योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के गौठानों में 2 रूपए किलो की दर से गोबर की खरीदी की जा रही है। गौठानों में 15 सितम्बर तक खरीदे गए 82.50 लाख क्विंटल गोबर के एवज में ग्रामीणों को 165 करोड़ रूपए का भुगतान भी किया जा चुका है। 06 अक्टूबर को गोबर विक्रेताओं को 5.34 करोड़ रूपए का भुगतान होने के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 170.64 करोड़ रूपए हो जाएगा। गौठान समितियों एवं महिला स्व-सहायता समूहों को अब तक 159.41 करोड़ रूपए राशि की भुगतान किया जा चुका है। गौठान समितियों तथा स्व-सहायता समूह को 06 अक्टूबर को 2.79 करोड़ रूपए के भुगतान के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 162.21 करोड़ रूपए हो जाएगा। स्वावलंबी गौठानों में स्वयं की राशि से 20.60 करोड़ रूपए का गोबर क्रय किया है।

गौठानों में 53,231 लीटर गोमूत्र की खरीदी
10.05 लाख रूपए का बिक चुका ब्रम्हास्त्र और जीवामृत

अभी शुरूआती दौर में राज्य के 77 गौठानों में 4 रूपए लीटर की दर से गोमूत्र की खरीदी की जा रही है। गौठानों में अब तक 53 हजार 231 लीटर क्रय किए गए गौमूत्र से 30,940 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया गया है, जिसमें से 22,528 लीटर ब्रम्हास्त्र और जीवमृत की बिक्री से 10.05 लाख रूपए की आय हुई है।    
 
गोबर से 24 लाख कम्पोस्ट खाद का उत्पादन-समूहों को 81.84 करोड़ की आय

गौठानों में महिला समूहों द्वारा 18.38 लाख क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तथा 5.35 लाख क्विंटल से अधिक सुपर कम्पोस्ट एवं 18,924 क्विंटल सुपर कम्पोस्ट प्लस खाद का निर्माण किया जा चुका है, जिसे सोसायटियों के माध्यम से क्रमशः 10 रूपए, 6 रूपए तथा 6.50 रूपए प्रतिकिलो की दर पर विक्रय किया जा रहा है। महिला समूह गोबर से खाद के अलावा गो-कास्ट, दीया, अगरबत्ती, मूर्तियां एवं अन्य सामग्री का निर्माण एवं विक्रय कर लाभ अर्जित कर रही हैं। गौठानों में महिला समूहों द्वारा इसके अलावा सब्जी एवं मशरूम का उत्पादन, मुर्गी, बकरी, मछली पालन एवं पशुपालन के साथ-साथ अन्य आय मूलक विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है, जिससे महिला समूहों को अब तक 81.84 करोड़ रूपए की आय हो चुकी हैं। राज्य में गौठानों से 11,187 महिला स्व-सहायता समूह सीधे जुड़े हैं, जिनकी सदस्य संख्या 83,874 है। गौठानों में क्रय गोबर से विद्युत उत्पादन की शुरुआत की जा चुकी है।

गोधन न्याय से 2.89 लाख ग्रामीण पशुपालक लाभान्वित
राज्य में गोधन के संरक्षण और संर्वधन के लिए गांवों में गौठानों का निर्माण तेजी से कराया जा रहा है। गौठानों में पशुधन देख-रेख, उपचार एवं चारे-पानी का निःशुल्क बेहतर प्रबंध है। राज्य में अब तक 10,624 गांवों में गौठानों के निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 8408 गौठान निर्मित एवं 1758 गौठान निर्माणाधीन है। गोधन न्याय योजना से 2 लाख 89 हजार से अधिक ग्रामीण, पशुपालक किसान लाभान्वित हो रहे हैं। गोबर बेचकर अतिरिक्त आय अर्जित करने वालों में 46 प्रतिशत महिलाएं है।
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ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना से अब तक 2 करोड़ से अधिक नागरिक लाभान्वित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ में राज्य के नागरिकों की सुविधाओं में वृद्धि के लिए अनेक नवाचार किये जा रहे हैं। राज्य में ऑनलाइन सेवाओं के लिए सुदृढ़ स्टेट डाटा सेंटर, सी.जी. स्वान और भारतनेट स्थापित हैं। आधुनिक नवीनतम तकनीक का उपयोग कर IPeG योजना विश्व बैंक से प्रायोजित है। चिप्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ शर्मा ने यह जानकारी नई दिल्ली के प्रगति मैदान में आयोजित डिजिटल इंडिया कॉन्फ्रेंस के तीसरे दिन के दूसरे सत्र के प्रस्तुतिकरण में दी।


प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि छत्तीसगढ़ में सुदृढ़ आई टी अधोसंरचना के चलते प्रदेश की परियोजनाओं में अब अत्याधुनिक ब्लॉकचैन, ए.आई. तकनीक का प्रयोग किया जाना प्रस्तावित है। राज्य के ई-डिस्ट्रिक्ट परियोजना द्वारा अब तक 2 करोड़ से अधिक नागरिक लाभान्वित हो चुके हैं। गोधन न्याय योजना के पोर्टल तथा एप द्वारा 74 हजार 443 से अधिक सदस्यों को ऑनलाइन भुगतान किया जा चुका है। चिप्स द्वारा संचालित विद्यार्थी जीवन चक्र प्रबन्धन प्रणाली द्वारा 20 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने लाभ प्राप्त किया है।



अमिताभ शर्मा ने प्रस्तुतिकरण देते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य का 40 प्रतिशत से अधिक भाग वनों से आच्छादित है। कम विकसित, नक्सल प्रभावित राज्य की धारणा के विपरीत छत्तीसगढ़ धान का कटोरा है। छत्तीसगढ़ देश का ऊर्जा हब और वृहद सीमेंट उत्पादक है। राज्य में देश के वृहद उद्योग सेल-भिलाई, एनटीपीसी- कोरबा, एक सुविकसित एमएसएमई सेक्टर भी स्थित है। छत्तीसगढ़ में एम्स, आई.आई.टी., आई.आई.एम. ट्रिपल आई.टी. इंजीनियरिंग तथा मेडिकल कॉलेज विद्यमान हैं। छत्तीसगढ़ प्रदेश वायु, रेल, रोड सभी मार्गों से जुड़ा हुआ है।

उल्लेखनीय है कि दूसरे सत्र में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ में मिजोरम के मुख्य सचिव, कर्नाटक, चंडीगढ़ और लक्षद्वीप के सचिवों ने भी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी मंत्रालय भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव डॉ. राजेंद्र कुमार ने किया।

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लोगों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है हरियाली प्रसार योजना : वन मंत्री अकबर

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग द्वारा संचालित ‘‘हरियाली प्रसार’’ योजना के अंतर्गत तीन वर्षों वर्षा ऋतु 2019, 2020 तथा 2021 में 83 लाख 31 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इससे 07 हजार 400 हेक्टेयर रकबा हरियाली से आच्छादित हुआ है। इसमें हितग्राहियों तथा कृषकों की ओर से पौधों की बढ़ती मांग को देखते हुए वृद्धि कर वर्ष 2022-23 में इस योजना के अंतर्गत वनेत्तर क्षेत्रों में कृषकों की भूमि पर रोपण के लिए बजट में 17 करोड़ 58 लाख रूपए की राशि का प्रावधान किया गया है।



वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री मोहम्मद अकबर ने बताया कि ‘‘हरियाली प्रसार’’ योजना पर्यावरण सुधार सहित पड़त भूमि के विकास तथा लोगों की आय में वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण है। हरियाली प्रसार योजना में कृषकों की स्वयं की भूमि पर कृषि वानिकी को प्रोत्साहित करने और हरियाली को बढ़ाए जाने के लिए विभाग द्वारा प्रति हितग्राही 50 से 5 हजार तक न केवल पौधे उपलब्ध कराए जाते हैं, बल्कि उसके देखरेख के लिए अनुदान के रूप में आंशिक राशि भी उपलबध कराई जाती है। इससे कृषकों को लगभग 30 हजार रूपए प्रति एकड़ प्रति वर्ष का लाभ अर्जित हो सकेगा।

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख संजय शुक्ला ने बताया कि हरियाली प्रसार योजना के अंतर्गत वर्ष 2021-22 में 30 लाख 95 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इससे 13 हजार 651 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। इनमें वन वृत्त रायपुर अंतर्गत 1500 हितग्राहियों द्वारा 25 हजार 730 पौधों तथा कांकेर अंतर्गत 3 हजार 089 हितग्राहियों द्वारा 6 लाख 30 हजार पौधों का रोपण किया गया है। इसी तरह वन वृत्त सरगुजा अंतर्गत 419 हितग्राहियों द्वारा 99 हजार 250, जगदलपुर अंतर्गत 2 हजार 391 हितग्राहियों द्वारा 3 लाख 80 हजार, दुर्ग अंतर्गत 3 हजार 632 हितग्राहियों द्वारा 3 लाख 59 हजार पौधों तथा बिलासपुर अंतर्गत 2 हजार 620 हितग्राहियों द्वारा 16 लाख पौधों का रोपण किया गया है। इनका रोपण 2 हजार 800 हेक्टेयर रकबा में हुआ है।

हरियाली प्रसार योजना के तहत वर्ष 2019-20 में एक हजार 600 हेक्टेयर रकबा में 18 लाख 56 हजार तथा वर्ष 2020-21 में 3 हजार हेक्टेयर रकबा में 33 लाख 80 हजार पौधों का रोपण हुआ है। इनमें वर्ष 2019-20 में 10 हजार 497 तथा वर्ष 2020-21 में 20 हजार 16 हितग्राही लाभान्वित हुए हैं। योजना के अंतर्गत सागौन, बांस, खम्हार, आंवला, शीशम, चंदन, मीलिया डुबिया, क्लोनल नीलगिरी, टिशू कल्चर बांस, टिशू कल्चर सागौन, आम, कटहल, मुनगा, सीताफल एवं अन्य प्रजातियों के पौधों का रोपण शामिल हैं।

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दीवार ढहने ने 3 मासूमों की मौत...

 कोरबा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पाली थाना क्षेत्र के ग्राम राहा में सोमवार शाम घर के बाहर खेल रहे तीन मासूम भाईयों पर अचानक घर दीवार ढह गया। जिससे तीनों मलबे में दब गए। जब तक तीनों को बाहर निकाले उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद गांव में मातम पसर गया है।

ग्राम राहा में बसंत यादव का परिवार निवास करता हैं। बताया जा रहा हैं कि बसंत यादव के तीन बेटे जिसमें 4 साल का रूबेश, 6 साल का रितेश और 8 साल का रूपेश शाम के वक्त अधूरे दीवार के पास खेल रहे थे। एकाएक दीवार भरभराकर ढह गई, इस घटना में तीनों बच्चें दीवार के मलबे के नीचे दब गये।

इधर घटना की जानकारी होते ही घरवालों के बीच चीख पुकार मच गई। मदद के लिए आसपास के लोगों को बुलाया गया। आनन फानन में मलबा हटाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक तीनों बच्चों की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंच गयी। इस घटना के बाद गांव में शोक व्याप्त है। वहीं पुलिस तीनों बच्चों के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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नए स्वरूप में खिला बारनवापारा अभ्यारण्य

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ का सबसे उत्कृष्ट तथा आकर्षक अभ्यारण्य बारनवापारा का नया स्वरूप में कायाकल्प हुआ है। यह कायाकल्प वन्यप्राणी रहवास उन्नयन कार्य के अंतर्गत वन मंत्री मोहम्मद अकबर की अनुशंसा पर कैम्पा (छत्तीसगढ़ प्रतिकरात्मक वनरोपण निधि प्रबंधन और योजना प्राधिकरण) के वार्षिक कार्ययोजना 2021-22 में स्वीकृत राशि से किया गया है। इसके तहत 5 हजार 920 हेक्टेयर रकबा में सघन लेन्टाना उन्मूलन तथा यूपोटोरियम उन्मूलन का कार्य हुआ है। जिसमें से बारनवापारा अभ्यारण्य के 19 कक्षों में कुल 950 हेक्टेयर रकबा में लेन्टाना उन्मूलन का कार्य और 32 कक्षों में कुल 4 हजार 970 हेक्टेयर रकबा में यूपोटोरियम उन्मूलन का कार्य शामिल है।

राजधानी रायपुर से लगभग 100 किलोमीटर की दूरी पर बलौदाबाजार वनमंडल अंतर्गत स्थित बारनवापारा अभ्यारण्य में हुए वन्यप्राणी रहवास उन्नयन कार्य से वहां मृदा में नमी होने के कारण घास प्रजाति शीघ्रता से बढ़ने लगी हैं। साथ ही इससे अभ्यारण्य में वन्यप्राणियों को अब घास चरने के लिए अच्छी सुविधा उपलब्ध हो गई है। जिससे वे लेन्टाना तथा यूपोटोरियम के उन्मूलन कार्य के बाद स्वच्छंद विचरण भी करने लगे हैं। इससे पर्यटकों को वन्यप्राणियों की सहजता से दृष्टता हुई है और वन्यप्राणी भी स्वस्थ व तन्दुरूस्त दिखाई देने लगे हैं। अभ्यारण्य में वन्यप्राणी रहवास उन्मूलन कार्य के उपरांत घास पुनुरोत्पादन में स्पष्ट अंतर देखा जा सकता है।

बारनवापारा अभ्यारण्य का कुल क्षेत्रफल 244.86 वर्ग किमी है जिसमें मुख्यतः मिश्रित वन, साल वन व पूर्व के सागौन वृक्षारोपण है। बारनवापारा में मुख्य रूप से कर्रा, भिर्रा, सेन्हा, मिश्रित वनों में पाये जाते हैं। सागौन वृक्षारोपण क्षेत्र में प्राकृतिक रूप से उगे सागौन है तथा साल वन क्षेत्र कम रकबे में है। उक्त छत्रक प्रजाति के अतिरिक्त शाकिय प्रजाति जैसे यूपोटोरियम, लेन्टाना, चरोठा आदि प्रमुख खरपतवार हैं, जिनके कारण बारनवापारा अभ्यारण्य क्षेत्र में पाये जाने वाले शाकाहारी वन्यप्राणियों को घास आदि नहीं मिलती, वन्यप्राणियों को आवागमन में भी दिक्कत होती है तथा मॉसभक्षी प्राणियों से भी बचाव कठिन हो जाता है। 

इसे दृष्टिगत रखते हुए अभ्यारण्य में वन्यप्राणी रहवास उन्नयन कार्य के तहत सघन लेन्टाना एवं यूपोटोरियम के उन्मूलन का कार्य किया गया है, जिससे बारनवापारा अभ्यारण्य में अब वन्यप्राणियों को वर्षभर हरी खाद्य घास उनके भोजन व चारा के रूप में उपलब्ध हो सके। गौरतलब है कि बारनवापारा अभ्यारण्य में तेन्दुए, गौर, भालू, साम्भर, चीतल, नीलगाय, कोटरी, चौसिंघा, जंगली सुअर, जंगली कुत्ता, धारीदार लकड़बग्घा, लोमड़ी, भेड़िया एवं मूषक मृग जैसे वन्यप्राणी बहुतायत में मिलता है एवं आसानी से दिखते भी है।

 

 

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महंगाई की मार से रावण परेशान

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जनजागरूकता देशभर में विजयदशमी के दिन रावण, कुभकर्ण और मेघनाथ के पुतले जलाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस बार भी राजधानी में 5 अक्टूबर को विजयदशमी का महोत्सव मनाया जाएगा। इसमें रायपुर के बी टी आई मैदान, रावणभाठा भाठागांव मैदान, डब्लू आर एस कालोनी, बीरगांव, अमलीडीह, राजेन्द्र नगर सहित 100 से अधिक स्थानोें में पुतला दहन की तैयारी की गई।

वहीं रायपुर के बांसटाल व आसपास के इलाके बढईपारा, स्टेशन रोड में पुतले बनाने के काम में कारीगर जुटे हुए है, लेकिन वे पुतला बनाने के काम में आनेवाली  सामाग्री की उंची कीमतों से परेशान है। इसीलिए इन पुतलों के दाम में 25 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी कर दी है और 32 फीट के रावण के पुतले को बिक्री के लिए कीमत 28 हजार रुपए रखी है। वही मेघनाथ और कुभकर्ण के पुतलों की कीमत 22 हजार रूप्ए तय की है। जबकि सबसे कम उंचाई वाले 5 फीट के पुतले की कीमत 5 हजार और 10 फीट के रावण की कीमत 7 हजार तय की है।

बता दे कि रायपुर का बांसटाल बरसों से रावण के पुतलों के लिए प्रसिद्ध रहा है। यहां 100 वर्ष पहले बंसोड़ जाति के लोंगों ने बांस से पुतले बनाने का काम शुरू किया था। इसमें बांसटाल में रहने वाले ओमप्रकाश मरकाम के दादा रामप्रकाश मरकाम ने परंपरा शुरू की। इसीलिए उनका नाम रावण वाला बाबा पड़ गया। अब उनके वंश के लोग पंरपरा को आगे बढ़ा रहे हैं। पिछले 10साल से रावण का पुतला बनाने वाले ओमप्रकाश मरकाम बताते है कि इस बार 5 नग पुतले रावण के तैयार किए है जिसमें 20 फीट के रावण के पुतले की कीमत 10 हजार और 25 फीट के पुतले की कीमत 12हजार है। उनका कहना था कि ग्राहक की मांग पर कीमत कम ज्यादा करते हेै। इसमें कीमत में 500 और 1000 का अंतर आ पाता है। उन्होने बताया कि 10 साल पहले यही पुतले 1000 से 3000 रूप्ए में बिक्री करते थे इस बार अधिक कीमत पर कारीगर का कहना था कि इसमें लगने वाली सामाग्री बांस, कागज कलर कपड़ा पैरा रंगीन पेपर इत्यादि सभी की कीमत में काफी बढ़ोतरी हुई है। उनका कहना था कि पुतले के लिए प्रमुख बंास पहले 70 रूप्ए नग और अब 270 रूपए नग मिल रहा है। वही लगने वाला पेंट पहले 100 से 120 रूप्ए डिब्बा और अब 360 रूप्ए डिब्बा में मिल रहा है इसीतरह से सभी वस्तुए मंहगी हुई है । इस कारण दाम बढ़ाने पड़ रहे है।

कारीगर विक्रम नेताम ने जनजागरूकता को बताया कि उन्होने 32 फीट के रावण का पुतला तैयार किया है जिसकी कीमत 28हजार रूप्ए,और मेघनाथ व कुभकर्ण 22 हजार रूप्ए तय की है उनका कहना था कि एक पुतले को तैयार करने में 10 से 15 दिन और 5 से 6 कारीगर लगते है। जिन्हे मेहनत के अनुसार पेंमेट करते है क्योंकि बांस का ढंाचा तैयार करना महत्वपूर्ण नहीं है उसमें कपड़े सिलने और पेंट से सजावट के लिए कारीगर लगते है आमतोैर पर कपड़ा सिलने का काम महिलाएं व लड़कियां करती है। वे बताते है कि यह सीजन का काम है, मुख्य काम बांस से बने उत्पाद टोकरी व अन्य तैयार करना है जिस पर परिवार की आजीविका निर्भर करती है। उनके अनुसार एक सीजन 1 लाख रूप्ए तक व्यापार हो जाता है कीमत पर इस कारीगर ने भी माना कि तारपीन तेल, थिनर,पेंट बांस कपड़ा पेपर, रंगीन पेपर के महंगे होने के कारण कीमत अधिक है इससे पहले कोरोना के 2 साल काफी कम पुतले बनाए थे, क्योंकि ग्राहकी नहीं थी इस बार उम्मीद है ।इसीलिए 6 से 7 नग पुतले तैयार किए है, जिसमें 3 तो आर्डर पर बनाए है शाम तक सभी पुतले की बिक्री हो जाएगी।

राजनीतिक काम आया पुतला

कारीगर अमन बताते है कि शहर में सालभर धरना प्रदर्षन चलते रहते है इसलिए राजनेताओं के पुतले बनते रहते है जो 300 में बनाकर देते है और सभी राजनेताओं के बनाकर देते है। इससे उनका रोजगार बने रहता है। इसके अलावा ताजिया मंदिर के गुमंद 5फीट तक के 1000 रूप्ए में बनाकर देते हेै विजयदशमी में इस बार 25फीट रावण 12हजार, 9फीट का 9हजार,और 10फीट का रावण 10 हजार रूप्ए में तैयार किया है।

उम्मीद इस वर्ष 100 से अधिक पुतले जलेंगे

पिछले साल कोरोना की वजह से पुतले कम संख्या में जलाए गए थे इस बार कोरोना गाइड लाइन में छुट मिलने के कारण ज्यादा संख्या में पुतले जलाएं जाएंगे ऐसे में अच्छी ब्रिकी की उम्मीद है और 100 पुतले जलाएं जा सकते है। कारीगर वरूण मरकाम बताते है कि मुख्य व्यवसाय चिकनकाड़ी का है लेकिन सीजन में पुतले बनाते हेै।

राशन कार्ड में नहीं मिल बांस

महिला कारीगर खेमीन मरकाम बताती है कि वन विभाग से साल में राशनकार्ड में 1500 बांस दिए जाते थे और हर माह 100 बांस। जो बंद कर दिया गया है 700 से 800 रूप्ए में मिल जाता था लेकिन ठेकेदारी के कारण बांस देना बंद कर दिया अब बांस ठेकेदार से खरीदी करने पड़ते है। जो 350 रूप्ए नग की दर से देते है 6 से 7 हजार रूप्ए में पड़ते है उनका कहना है कि सरकार कार्ड नहीं दे सकती रदद कर दे पेंशन दे उन्होनें बताया कि  हर साल कार्ड के नवीनीकरण के लिए 100 रूप्ए लिए जाते है जबकि सरकार ने 20 दर तय किया है।

 

 

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समर्थन मूल्य पर कोदो, कुटकी, रागी खरीदी का व्यापक प्रचार-प्रसार करें

 धमतरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य शासन की मंशा के अनुरूप ज़िले के 27 लघु वनोपज सहकारी समितियों में समर्थन मूल्य में किसानों से कोदो कुटकी और रागी की खरीदी पिछले साल के खरीफ से शुरू की गई है। कलेक्टर  पी.एस.एल्मा ने इसके मद्देनजर ज्यादा से ज्यादा किसानों को लाभान्वित करने के लिए मैदानी स्तर पर इसका व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश वन और कृषि विभाग के अमले को दिए हैं। सुबह 11 बजे से आहूत समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने जोर दिया कि राज्य शासन की मंशा के अनुरूप कोदो, कुटकी, रागी लगाने वाले ज़िले के सभी किसान इस योजना का लाभ उठाएं, इसके लिए जरूरी है कि उनको कोदो, कुटकी, रागी खरीदी की तिथि और समितियों की जानकारी रहे।

आज की बैठक में कलेक्टर ने गोधन न्याय योजना योजना के तहत नियमित रूप से गोबर खरीदी हर गौठानों में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही हर ब्लॉक में चिन्हांकित दो-दो गौठानों में स्थापित किए जाने वाले ग्रामीण औद्योगिक पार्क की प्रगति की समीक्षा करते हुए उसमें गति लाने के निर्देश दिए। कृष्ण कुंज योजना के तहत कुरूद शहर में विकसित किए जाने वाले कृष्ण कुंज की समीक्षा कलेक्टर ने की। उन्होंने इसके लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी कुरूद को सख्त निर्देश दिए कि चिन्हांकित स्थल से मलबा कल तक हर हाल में हटा लिया जाए, जिससे वन विभाग वहां आवश्यक तैयारी कर जल्द से जल्द पौध रोपण कर सके।

 
 
 

जिले के हाट-बाजार में लगाए जाने वाले मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने सुनिश्चित करने कहा कि आगे बनाए जाने वाले रूट चार्ट में इस बात का ध्यान रखा जाए, कि क्लिनिक लगाने के वक्त ऐसे हाट-बाजार ना छूटे, जहां आस-पास स्वास्थ्य केंद्र ना हो। चाहे तो यहां चिरायु टीम को भी भेजकर स्वास्थ्य जांच की जा सकती है। अतः उक्त तिथि में उस गांव के आस-पास के स्कूल, आंगनबाड़ी में चिरायु टीम जाए और साथ ही वहां के हाट-बाजार में भी स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था सुनिश्चित करें। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री हाट-बाजार क्लिनिक योजना के तहत अप्रैल 2022 से सितम्बर तक 17 हजार 295 मरीजों को लाभान्वित किया गया और 345 मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्थाओं में रिफर किय गया है। बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती प्रियंका महोबिया, अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित ज़िला स्तरीय अधिकारी और स्वान के वीसी से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी जुड़े रहे।

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राज्यपाल ने विजयादशमी की दी शुभकामनाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रदेश के सुख और समृद्धि की कामना करते हुए कहा है कि यह पर्व बुराई पर अच्छाई और असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। भगवान श्रीराम के जीवन का प्रत्येक क्षण हमें एक आदर्श जीवन जीने की सीख देता है। यह उत्सव हमें याद दिलाता है कि जो लोग सत्य, सदाचार और अच्छाई के रास्ते पर चलते हैं तो उनकी सदैव जीत होती है।

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प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट में रायगढ़ का नाम भी हुआ शामिल

  रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)।प्रधानमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में रायगढ़  नाम भी शामिल हो गया है। रेल्वे आने वाले समय मे छत्तीसगढ़ को दो वन्देभारत ट्रेन देगा। इसके लिए बिलासपुर और छत्तीसगढ़ से लगे गोंदिया में कोचिंग डिपो का काम शुरू हो गया है। सब से पहली ट्रेन बिलासपुर से संपर्क क्रांति रूट से दिल्ली जाएगी और दूसरी गोंदिया से चलकर रायपुर-बिलासपुर रायगढ़ होते हुये झारसुगुड़ा (ओडिशा) जायेगी। इसमें यात्रा करने का ये फायदा होगा कि जहाँ बिलासपुर से दिल्ली के लिये 18 घंटे लगते थे अब वंदेभारत से यह सफर 14 घंटे में पूरा होगा इसी तरह गोंदिया से चलने वाली वंदेभारत में रायपुर से सिर्फ 4 घंटे में झारसुगुड़ा पहुंच जायेगें, अभी इसमें साढ़े 6 घंटे लग रहे हैं। अब लगभग साफ हो गया है कि छत्तीसगढ़ को दो वंदेभारत ट्रेनें मिलने की स्थिति बन गई है। क्योंकि गोंदिया और बिलासपुर में केवल वंदेभारत ट्रेन के लिए 50-50 करोड़ रु. से कोचिंग डिपो बनाने का काम शुरू हो चुका है।

वन्देभारत की स्पीड करीब 130 किमी है, रेलवे की सीआरएस टीम ने दुर्ग से झारसुगड़ा के बीच ट्रेन को 130 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलाकर परीक्षण कर लिया है। सूत्रों के अनुसार यह ट्रायल भले ही वंदेभारत ट्रेन के लिए नहीं था, लेकिन यह साफ हो गया कि इस ट्रैक में हाई स्पीड ट्रेन आसानी से चल सकती हैं। संभावना है कि यह ट्रेन मई जून के आसपास शुरु हो जायेगी। कोचिंग डिपो अगले साल मई-जून तक बन कर तैयार हो जायेगा। उसके तुरंत बाद ट्रेन शुरू की जाएगी। वंदेभारत के लिये  कोचिंग डिपो पूरी तरह अलग रहेगा। इसमें इसके अलावा कोई दूसरी ट्रेन नहीं रखी जाएगी। बिलासपुर और गोंदिया कोचिंग डिपो में ट्रेन की सफाई और जरूरी मरम्मत के बाद ट्रेन स्टेशन पहुंचेगी। रेलवे अफसरों ने बताया कि वंदेभारत की खासियत है कि आने वाले कुछ समय में इसकी स्पीड बढ़ाकर 160 से 180 किमी प्रतिघंटा की जा सकती है। वंदेभारत ट्रेन के कोच भी अपग्रेड किए गए हैं। इसका सीटिंग अरेंजमेंट थोड़ा अलग है, इसलिए पूरे कोच में तकनीकी सुधार हुए हैं।

 


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गोधन न्याय योजना से खुला समृद्धि का द्वार

 उत्तर बस्तर कांकेर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गोधन न्याय योजना जिले के सभी पशुपालक किसानों, भूमिहीन मजदूर, महिला स्व-सहायता समूहों के लिए वरदान साबित हो रही है। पशुपालक, किसान गोबर बेचकर आर्थिक आमदनी प्राप्त कर रहें है, वही महिला स्व-सहायता समूहों को गोबर से वर्मी कम्पोस्ट का निर्माण कर, उसके विक्रय से लाभ प्राप्त हो रहा है। महिला समहों को गौठानों की अन्य आर्थिक गतिविधियों से भी उन्हें आमदनी हो रहा है।

            कृषि विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में गोबर बेचने के लिए  16 हजार 10 किसानों ने पंजीयन करवाया है, जिसमें से 10 हजार 538 किसानों ने4 करोड़ 16 लाख रूपये गोबर बेचकर आय अर्जित की है। जिला प्रशासन द्वारा गौठानों में गोबर बेचने के लिए लगातार हितग्राहियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है, जिससे गोबर बेचने वाले हितग्राहियों की संख्या एवं गोबर की मात्रा में वृद्धि हो रही है। पिछले 13 पखवाड़ें में क्रमशः गोबर खरीदी की राशि 1 मार्च से 15 मार्च तक 4 लाख 40 हजार 623 रूपये, 16 मार्च से 29 मार्च तक 3 लाख 90 हजार रूपये, 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक 4 लाख 41 हजार 332 रूपये, 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक 4 लाख 49 हजार 505 रूपये, 1 मई से 15 मई तक 5 लाख 41 हजार 372 रूपये, 16 मई से 31 मई तक 5 लाख 88 हजार 10 रूपये, 1 जून से 15 जून तक 4 लाख 29 हजार 653 रूपये, 16 जून से 30 जून तक 3 लाख 73 हजार 32 रूपये, 1 जुलाई से 15 जुलाई तक 6 लाख 36 हजार 655 रूपये, 16 जुलाई से 31 जुलाई तक 6 लाख 34ह जार 444 रूपये, 1 अगस्त से 15 अगस्त तक 6 लाख 58 हजार 912रूपये, 16 अगस्त से 31 अगस्त तक 6 लाख 92 हजार 755 रूपये, 01 सितम्बर से 15 सितम्बर तक 17 लाख 37 हजार 579 रूपये तथा इस पखवाड़ें में जिला प्रशासन द्वारा विशेष अभियान चलाकर गौ-पालकों का पंजीयन एवं गोबर बेचने हेतु हितग्राहियों को प्रोत्साहित करने से गोबर क्रय की राशि बढ़कर 22 लाख 74 हजार 437 रूपये हो गया है अर्थात किसानों द्वारा 22 लाख 74 हजार रूपये के गोबर का विक्रय गौठानों में किया गया है।

                 जिले में ग्रामीण क्षेत्र के 377 गौठानों तथा शहरी क्षेत्र के 12 गौठानों और आवर्ती क्षेत्र के 27 गौठानों में प्रतिदिन गोबर की खरीदी गौठान समितियों द्वारा गौठानों में की जा रही है। कलेक्टर डॉ. प्रियंका शुक्ला एवं जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुमीत अग्रवाल द्वारा गोधन न्याय योजना के क्रियान्वयन में प्रगति की प्रतिदिन समीक्षा एवं योजना के सफलतापूर्वक क्रियान्वयन के लिए मार्गदर्शन दिया जा रहा है।

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मुख्यमंत्री ने दी दशहरा की शुभकामनाएं

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को दशहरा पर्व की बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री बघेल ने अपने बधाई संदेश में कहा है कि दशहरा पर्व हमें सत्य के मार्ग पर चलने का साहस देता है, हमें विश्वास दिलाता है कि सत्य के मार्ग में कितनी भी परेशानियां और कठिनाईयां क्यों न हो, विजय सदा सत्य की होती है। विजयादशमी का यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अन्याय पर न्याय की जीत का प्रतीक है।

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मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने रानी दुर्गावती की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि गोंडवाना साम्राज्य की रानी दुर्गावती साहस और वीरता की प्रतीक हैं। वह भारतीय नारी की दृढ़ इच्छाशक्ति  और शौर्य को रेखांकित करती हैं। उन्होंने पति की मृत्यु के बाद धैर्य और कुशलता के साथ अपने साम्राज्य को सम्हाला और सम्पन्न बनाया। मातृभूमि की रक्षा के लिए उन्होंने अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। उनके शौर्य और बलिदान ने उन्हें अमर और चिरस्मरणीय बना दिया है।

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