बारिश के बीच दिखा विश्व आदिवासी दिवस का उत्साह : प्रभारी मंत्री लखमा
टाउन हॉल में आयोजित समारोह में हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण
टाउन हॉल में आयोजित समारोह में हितग्राहीमूलक सामग्री का वितरण
कलेक्टर ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू के लिए चलाया विशेष अभियान
अंबिकापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राजीव गांधी शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय अंबिकापुर की एनसीसी कैडेट राम प्रकाश ठाकुर का 15 अगस्त को नई दिल्ली में आयोजित एक भारत श्रेष्ठ भारत स्वतंत्रता दिवस कैंप में सरगुजा जिले के साथ छत्तीसगढ़ राज्य का भी प्रतिनिधित्व करने के लिए चयन हुआ है। विदित हो की 6 जुलाई से चल रहे प्रतियोगिता के बाद राम प्रकाश ठाकुर का छत्तीसगढ़ के आदिवासी मुरिया जनजाति के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपने विचार रखने के लिए चयन हुआ। इसेक अलावा वे छत्तीसगढ़ में निवास करने वाले मुरिया जनजाति की संस्कृति वेशभूषा के बारे में अवगत कराएंगे। इस दौरान कैडेट्स को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित अनेक व्यक्तियों से प्रत्यक्ष संवाद का अवसर मिलेगा। इसके अलावा कैडेट्स को स्वतंत्रता दिवस परेड में शामिल होने के साथ-साथ बौद्धिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इस उपलब्धि पर अधिकारी कर्नल विनय मल्होत्रा, कर्नल संतोष रावत एनसीसी अधिकारी लेफ्टिनेंट पंकज कुमार अहिरवार एवं महाविद्यालय प्राचार्य डॉ एस.एस अग्रवाल तथा समस्त प्राध्यापकों एवं कैडेट्स द्वारा बधाई दी गई।
शांतिपूर्ण वातावरण में मनाने का लिया निर्णय
नियमित जांच और निःशुल्क दवाईयों से मिली राहत
विश्व आदिवासी दिवस पर विशेष
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ और आदिवासी एक-दूसरे के पर्याय हैं। छत्तीसगढ़ के वन और यहां सदियों से निवासरत आदिवासी राज्य की पहचान रहे हैं। प्रदेश के लगभग आधे भू-भाग में जंगल है, जहां छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिम संस्कृति फूलती-फलती रही है। आज से साढ़े तीन साल पहले नवा छत्तीसगढ़ के निर्माण का संकल्प लेते हुए मुख्यमंत्री बघेल ने आदिवासियों को उनके सभी अधिकार पहुंचाने की जो पहल शुरू की जिससे आज वनों के साथ आदिवासियों का रिश्ता एक बार फिर से मजबूत हुआ है और उनके जीवन में नई सुबह आई है। राज्य में 42 अधिसूचित जनजातियों और उनके उप समूहों का वास है। प्रदेश की सबसे अधिक जनसंख्या वाली जनजाति गोंड़ है जो सम्पूर्ण प्रदेश में फैली है। राज्य के उत्तरी अंचल में जहां उरांव, कंवर, पंडो जनजातियों का निवास हैं वहीं दक्षिण बस्तर अंचल में माडिया, मुरिया, धुरवा, हल्बा, अबुझमाडिया, दोरला जैसी जनजातियों की बहुलता है।
छत्तीसगढ़ में निवासरत जनजातियों की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत रही है, जो उनके दैनिक जीवन तीज-त्यौहार एवं धार्मिक रीति-रिवाज एवं परंपराओं के माध्यम से अभिव्यक्त होती है। बस्तर के जनजातियों की घोटुल प्रथा प्रसिद्ध है। जनजातियों के प्रमुख नृत्य गौर, कर्मा, काकसार, शैला, सरहुल और परब जन-जन में लोकप्रिय हैं। जनजातियों के पारंपरिक गीत-संगीत, नृत्य, वाद्य यंत्र, कला एवं संस्कृति को बीते साढ़े तीन सालों में सहेजने-संवारने के साथ ही छत्तीसगढ़ सरकार ने विश्व पटल पर लाने का सराहनीय प्रयास किया है। अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन इसी प्रयास की एक कड़ी है। प्रदेश सरकार द्वारा आदिम जाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान रायपुर में संग्रहालय की स्थापना वास्तव में आदिवासियों की समृद्ध कला एवं संस्कृति और उनके जीवन से सदियों से जुड़ी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का प्रयत्न है। छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में लगभग 25 करोड़ 66 लाख रूपए की लागत से 10 एकड़ भूमि में स्मारक-सह-संग्राहलय का निर्माण नवा रायपुर अटल नगर में पुरखौती मुक्तांगन में किया जा रहा है। इसमें प्रदेश के जनजातीय वर्ग के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का जीवंत परिचय प्रदेश और देश के शोध छात्र और आम जनों को हो सकेगा।
छत्तीसगढ़ राज्य के 28 जिलों में से 14 जिले संविधान की 5वीं अनुसूची में पूर्ण रूप से और छह जिले आंशिक रूप से शामिल हैं। राज्य के आदिवासी समुदाय का लिंगानुपात सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं वरन् देश के लिए अनुकरणीय है। इस समुदाय में एक हजार पुरूष पर 1013 महिलाओं की स्थिति लिंगानुपात को लेकर सुखद एहसास है। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी क्षेत्रों और वहां के जनजीवन को खुशहाल और समृद्ध बनाने के लिए प्रयासरत है। यही वजह है कि आदिवासियों का भरोसा व्यवस्था में कायम हुआ है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का कहना है लोहण्ड़ीगुड़ा में किसानों की जमीन की वापसी, तेंदूपत्ता संग्रहण दर को 2500 रूपए प्रति मानक बोरा से बढ़ाकर 4 हजार रूपए प्रति मानक बोरा करके, 65 प्रकार के लघु वनोपज की समर्थन मूल्य पर खरीदी एवं वेल्यू एडीशन करके हमने न सिर्फ वनवासियों की आय में बढ़ोत्तरी की है, बल्कि रोजगार के अवसरों का भी निर्माण किया है। छत्तीसगढ़ सरकार आदिवासी समुदाय के जुड़े हर मसले को पूरी संदेवनशीलता और तत्परता से निराकृत करने के साथ ही उनकी बेहतरी के लिए कदम उठा रही है। वनवासियों को वन भूमि का अधिकार पट्टा देने के मामले में छत्तीसगढ़ देश का अग्रणी राज्य है। अब तक राज्य में 4 लाख 54 हजार से अधिक व्यक्तिगत वनाधिकार पत्र, 45,847 सामुदायिक वन तथा 3731 ग्रामसभाओं को सामुदायिक वन संसाधन अधिकार पत्र वितरित कर 38 लाख 85 हजार हेक्टेयर से अधिक की भूमि आवंटित की गई है, जो 5 लाख से अधिक वनवासियों के जीवन-यापन का आधार बनी है।
वन अधिकार पट्टाधारी वनवासियों के जीवन को आसान बनाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा उनके पट्टे की भूमि का समतलीकरण, मेड़बंधान, सिंचाई की सुविधा के साथ-साथ खाद-बीज एवं कृषि उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। वन भूमि पर खेती करने वाले वनवासियों को आम किसानों की तरह शासन की योजनाओं का लाभ मिलने लगा है। वनांचल में कोदो-कुटकी, रागी की बहुलता से खेती करने वाले आदिवासियों को उत्पादन के लिए प्रति एकड़ 9 हजार रूपए की इनपुट सब्सिडी देने का प्रावधान राजीव गांधी किसान न्याय योजना के अंतर्गत किया गया है। राज्य में पहली बार कोदो-कुटकी की तीन हजार तथा रागी की 3377 रूपए प्रति क्विंटल की दर से कुल 16 करोड़ 58 लाख रूपए की खरीदी की गई। कोदो-कुटकी, रागी जैसी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने और वैल्यु एडिशन के माध्यम से किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए मिशन मिलेट शुरू किया गया है। वनोपज का आदिवासियों के जीवन से बड़ा ही गहरा ताल्लुक रहा है। बिचौलियों से सरकार ने अब वनवासियों को मुक्ति दिला दी है।
बस्तर अंचल के तेजी से विकास के लिए नियमित हवाई सेवा शुरू की गई है। जगदलपुर एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध करायी गई हैं। इस एयरपोर्ट का नामकरण बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के नाम पर किया गया है। अंबिकापुर में शीघ्र हवाई सेवा शुरू करने के लिए दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट में हवाई पट्टी का विस्तार शुरू कर दिया गया है। बीजापुर से बलरामपुर तक सभी अस्पतालों में अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित किया गया है। इन अस्पतालों में प्रसुति सुविधा, जच्चा बच्चा देखभाल सहित पैथालाजी लेब और दंतचिकित्सा सहित विभिन्न रोगों के उपचार और परीक्षण की सुविधाएं उपलब्ध करायी गई है। हाट-बाजारों में स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना में मेडिकल एम्बुलेंस के जरिए दुर्गम गांवों तक निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा के साथ दवाईयों का वितरण किया जा रहा है। मलेरिया के प्रकोप से बचाने के लिए बस्तर संभाग में विशेष अभियान चलाया गया, जिससे बस्तर अंचल में अब मलेरिया का प्रकोप थम सा गया है।
सुकमा जिले के धुर नक्सल प्रभावित क्षेत्र जगरगुण्डा सहित 14 गांवों की एक पूरी पीढ़ी 13 वर्षों से शिक्षा से वंचित थी अब यहां स्कूल भवनों की मरम्मत कर दी गई है। बीजापुर और बस्तर संभाग के जिलों में भी सैकड़ों बंद स्कूलों को फिर से प्रारंभ किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 9 प्रयास आवासीय विद्यालय संचालित हैं, जहां से शिक्षा प्राप्त 97 विद्यार्थी आईआईटी, 261 विद्यार्थी एनआईटी एवं ट्रिपल आईटी, 44 विद्यार्थी एमबीबीएस तथा 833 विद्यार्थी इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन प्राप्त कर तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। राज्य में 73 एकलव्य आवासीय विद्यालय संचालित हैं। शैक्षणिक सत्र 2022-23 में एकलव्य विद्यालयों में 18 हजार 984 विद्यार्थी अध्ययनरत है।
बस्तर अंचल के लोहांडीगुड़ा के 1707 किसानों की 4200 हेक्टेयर जमीन जो एक निजी इस्पात संयंत्र के लिए अधिगृहित की गई थी। यह भूमि किसानों को लौटा दी गई है। बस्तर संभाग के जिलों में नारंगी वन क्षेत्र में से 30 हजार 429 हेक्टेयर भूमि राजस्व मद में वापस दर्ज की गई है। इससे बस्तर अंचल में कृषि, उद्योग, अधोसंरचना के निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध हो सकेगी। आजादी के बाद पहली बार अबूझमाड़ क्षेत्र के 2500 किसानों को मसाहती पट्टा प्रदान किया गया है। अबूझमाड़ के 18 गांवों का सर्वे पूरा कर लिया गया है, दो गांवों का सर्वे जारी है।
भारत स्काउट एंड गाइड के राज्य परिषद की बैठक संपन्न
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत स्काउट गाइड की राज्य स्तरीय बैठक सोमवार को सर्किट हाउस के सभागार में आयोजित हुई। जिसमें स्काउट गाइड के गतिविधियों एवं उसके दायित्व से कैडेटों को अवगत कराया गया। अध्यक्ष भारत स्काउट्स एवं गाइड्स परिषद एवं मंत्री स्कूल शिक्षा राज्य प्रशासन डॉ. प्रेमसाय सिंह ने कहा कि स्काउट गाइड बच्चों में राष्ट्र प्रेम के साथ अनुशासन की सीख देता है। शिक्षा के साथ-साथ ऐसी गतिविधि निश्चय ही छात्रों को आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालयों से स्काउट गाइड का समन्वय स्थापित कर इसके कार्य योजना को मजबूती दी जाएगी। मंत्री टेकाम ने कहा कि प्रत्येक स्कूल में स्काउट गाइड की गतिविधि से बच्चों को जोड़ना है। जिससे समाज में स्काउट गाइड के माध्यम से समाज सेवा अनुशासन एवं राष्ट्र प्रेम की भावना को विकसित किया जा सके। छत्तीसगढ़ राज्य की स्काउटिंग का हमारे देश में अहम योगदान है कोरोना काल में भी यहां के स्काउटर सेवा कार्य जैसे भोजन वितरण, सूखा राशन वितरण, घर-घर दवा पहुंचाने तथा आम लोगों में जागरूकता फैलाने का काम कर रहे थे। राज्य में प्रतिवर्ष विभिन्न कार्यक्रम होते हैं। शिक्षा विभाग एवं आदिम जाति कल्याण विभाग से लगभग 2 हजार बच्चे प्रति वर्ष निरूशुल्क पंचमढ़ी, कुल्लू मनाली, दार्जिलिंग में जाकर डिजास्टर मैनेजमेंट एवं एडवेंचर्स का कोर्स कर रहे हैं। राज्य स्तर में ट्रेकिंग, कब बुलबुल उत्सव, रैली जैसे कार्यक्रम भी अनवरत जारी है।
मंत्री टेकाम ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 11 से 17 अगस्त तक हर घर तिरंगा अभियान चलाया जा रहा है। जिसमें स्काउट गाइड, रोवर-रेंजर स्काउटर, गाइडर द्वारा पूर्ण स्काउट गाइड गणवेश में अपने-अपने घरों में तिरंगा फहराकर 75 वीं वर्षगांठ मनाएं और अन्य लोगों को तिरंगा झंडा फहराने हेतु जागरूक करें। कार्यक्रम में सत्यनारायण शर्मा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, राजेश अग्रवाल कार्यकारी अध्यक्ष, कृष्णा स्वामी निदेशक राष्ट्रीय मुख्यालय नई दिल्ली, कन्हैया अग्रवाल उपाध्यक्ष भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, चंद्र प्रकाश बाजपेई उपाध्यक्ष, श्रीमती अनिता रावते, श्रीमती शशि चंद्राकर, श्रीमती ममता राय, कैलाश कुमार सोनी, अंकित बागबाहरा, मुकेश चंद्राकर, सुरेश शुक्ला तथा भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के सदस्य शामिल थे।
6-17 अगस्त तक सभी ज़ोनों में होंगे शिविर, स्वास्थ्य जाँच के साथ राशन, आयुष्मान व श्रम कार्ड बनेंगे
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। रायपुर नगर निगम की विशेष पहल पर शहर की स्वच्छता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे सभी सफ़ाई मित्रों की सुविधा के लिए जोन वार विशेष शिविरों का आयोजन 6 से लेकर 17 अगस्त तक किया जा रहा है। इन शिविरों में राशन कार्ड, श्रमिक और आयुष्मान कार्ड भी बनाकर दिए जा रहे है।
जोन दो के फाफाडीह कार्यालय में रविवार को ऐसा ही शिविर आयोजित हुआ। शिविर में सफाई मित्र बाल कृष्ण सेन्द्रे, गुलाब सोना,राधेलाल निषाद, मनोज कुमार सहित 59 लोगो के आयुष्मान कार्ड बनाकर दिए गए। अब सभी 59 सफाई मित्र अपना और अपने पारिवारिक सदस्यों का 5 लाख रुपये तक का सालाना इलाज इस कार्ड से मुफ्त कर सकेंगे। शिविर में 230 सफाई मित्रों का स्वास्थ्य परीक्षण भी किया गया और ज़रूरी दवा,परामर्श भी विशेषज्ञ डॉक्टरों ने दिया। इसके साथ ही राशन, श्रमिक कार्ड ,आयुष्मान कार्ड जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ भी मौक़े पर ही तैयार कर दिए जा रहे हैं। शिविर में आज महापौर एजाज ढेबर, विधायक कुलदीप जुनेजा, कलेक्टर सर्वेश्वर भूरे, नगर निगम आयुक्त मयंक चतुर्वेदी भी मौजूद रहे और सफाई मित्रों से बात कर उनके स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं जानी।
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ योग आयोग द्वारा लोगों को स्वस्थ जीवन शैली के लिए प्रेरित करने के लिए निःशुल्क योगाभ्यास केंद्र खोले जा रहे हैं। इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा के मुख्य आतिथ्य में रविवार को रायपुर नगर निगम नियमित योगाभ्यास कार्यक्रम के अंतर्गत टिकरापारा के वार्ड क्रमांक 58, शहीद पंकज विक्रम वार्ड स्थित गोंडवाना भवन में 19वें निःशुल्क नियमित योगाभ्यास केंद्र का शुभारंभ किया गया। यहां योग प्रशिक्षक श्रीमती विद्या देवी साहू द्वारा प्रतिदिन प्रातः 5 बजे से 06.30 बजे तक योगाभ्यास कराया जाएगा।
अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने आपने उद्बोधन में कहा कि सभी आयु वर्ग के स्वस्थ रहने के लिए योग महत्वपूर्ण और सरल साधन है। विशेषकर कम उम्र से ही बच्चों के दिनचर्या में योग को शामिल करने से बौद्धिक शक्ति व स्मरण शक्ति का विकास होता है। यह आचरण व्यवहार को सुदृढ़ बनाता है, जिससे बच्चे अपने सुनहरे भविष्य का खुद अच्छे ढंग से निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर विशेष अतिथि योग आयोग के सचिव एम. एल. पाण्डेय ने आयोग द्वारा संचालित गतिविधियों के विषय में संक्षिप्त जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में वार्ड पार्षद निशा देवेन्द्र यादव, पार्षद सतनाम सिंह, योग साधकगण सहित गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
जिलों में भी मंत्रियों, विधायकों, जनप्रतिनिधियों के द्वारा किया जाएगा सम्मान
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 7 अगस्त की स्थिति में प्रदेश की पाॅजिटिविटी दर 6.78 प्रतिशत है। आज प्रदेश भर में हुए 3 हजार 141 सैंपलों की जांच में 213 व्यक्ति कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। वहीं 242 मरीज़ स्वस्थ होने के उपरांत डिस्चार्ज हुए।
आज बीजापुर, कबीरधाम, कोंडागांव एवं महासमुंद से 01-01, जशपुर एवं कोरबा से 02-02, बस्तर से 03, जांजगीर-चांपा से 07, कोरिया से 08, रायगढ़ एवं बालोद से 09-09, बलौदाबाजार से 10, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बिलासपुर, धमतरी एवं राजनांदगांव से 13-13, सरगुजा से 17, दुर्ग से 19, दंतेवाड़ा से 27, रायपुर से 44 कोरोना संक्रमित पाए गए तथा शेष जिलों में कोरोना का कोई नया मामला नहीं आया है।
प्रदेश में आज 01 से 30 के मध्य 05 जिले बीजापुर में 08, सुकमा में 10, नारायणपुर में 16, मुंगेली में 22, गरियाबंद में 30 कोरोना सक्रिय मरीजों की संख्या रही।
मंत्री डॉ प्रेमसाय टेकाम ने मांदर बजाकर कलाकारों का किया उत्साह वर्धन
रायपुर (वीएनएस)। विश्व आदिवासी दिवस के उपलक्ष्य में विशेष रूप से संरक्षित जनजातीय समूहों की पारंपरिक खेल मड़ई की सांस्कृतिक संध्या का आयोजन रविवार को रायपुर के पंडित जवाहरलाल नेहरू शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के ऑडिटोरियम में हुआ। ऑडिटोरियम में संध्या 5 बजे से विशेष रूप से पिछड़ी जनजातीय समूह के सांस्कृतिक दलों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। सांस्कृतिक कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री डॉ. प्रेमसाय सिंह टेकाम थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संसदीय सचिव द्वारकाधीश यादव ने की। इस अवसर पर अन्य जनप्रतिनिधि सहित आदिम जाति कल्याण विभाग सचिव डी.डी. सिंह एवं आयुक्त श्रीमती शम्मी आबिदी विशेष रूप से उपस्थित थीं।
मंत्री डॉ प्रेमसाय टेकाम ने कार्यक्रम के दौरान मांदर बजाकर किया कलाकारों का उत्साह वर्धन किया। उन्होंने अपने उद्बोधन में प्रदेश सरकार द्वारा अनुसूचित जनजातियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, कौशल विकास, आजीविका तथा सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के क्रियान्वयन में राज्य सरकार द्वारा विशेष रुप से कमजोर जनजातीय समूह को 23 हजार 600 से अधिक व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र वितरित किए गए हैं, जिसका रकबा 18500 हेक्टेयर से अधिक है। सामुदायिक वन अधिकार के तहत 1700 से अधिक पट्टे जिसका रकबा एक लाख 14 हजार हेक्टेयर से अधिक है। विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को आजीविका का साधन उपलब्ध कराने के लिए 100 से अधिक सामुदायिक वन संसाधन वन अधिकार पत्र दिए गए हैं। विशेष रूप से कमजोर जनजाति समूह के 9623 शिक्षित युवाओं को पात्रता अनुसार शासकीय सेवा में नियुक्त करने की कार्यवाही की जा रही है। जनजातीय संस्कृति के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु सरकार द्वारा जनजातियों के आस्था स्थल देवगुड़ियों के निर्माण, जीर्णोद्धार के लिए स्थल के लिए 5-5 लाख रूपए की मंजूरी दी जा रही है। इसके साथ ही जनजाति समुदाय में प्रचलित घोटुल प्रथा को संरक्षित रखने के लिए भी विशेष प्रयास किया जा रहा है। बीते साढ़े तीन वर्ष में 1889 देवगुड़ियों के निर्माण एवं जीर्णोद्धार के लिए 22 करोड़ 82 लाख स्वीकृत किए गए हैं। वर्ष 2022-23 में जिला नारायणपुर में स्थानीय जनजातियों के सांस्कृतिक संरक्षण एवं प्रोत्साहन के लिए 94 घोटुल निर्माण हेतु 4 करोड़ 70 लाख की राशि स्वीकृत की गई है, जिससे जनजाति संस्कृति के संरक्षण एवं प्रोत्साहन में मदद मिलेगी एवं आने वाली पीढ़ी भी अपनी संस्कृति के प्रति जागरूक बनेगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में विशेष संरक्षित जनजातियों के 7 दलों ने अपनी प्रस्तुति दी, जिसमें जशपुर संभाग के पहाड़ी कोरवा द्वारा अगनई नाचे पारंपरिक नृत्य की प्रस्तुति दी गई जो पूस के महीने में धान कटाई के उपलक्ष्य में की जाती है। अबूझमाड़िया दल द्वारा गौर नृत्य, जो हरेली पर प्रकृति को धन्यवाद देने के लिए किया जाता है। गरियाबंद जिले के कलाकारों द्वारा कमार नृत्य, जो नवाखाई पर किया जाता है। रायगढ़ जिले के कलाकारों द्वारा पेड़ा नृत्य, जो नवाखाई के अवसर पर किया जाता है। मुंगेली जिले से करमा बैगा नृत्य, जिसे बारह महीने किया जाता है। सरगुजा जिला करमा नृत्य द्वारा करमा त्यौहार के अवसर पर किया जाता है, कि प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम के अन्त में मंत्री डॉ. टेकाम ने सभी कलाकार दलों को स्मृति चिन्ह, प्रशस्त्रि पत्र भेंटकर सम्मानित किया।
सूरजपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्य में 2 अक्टूबर 2019 मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान की शुरूआत की गई थी, जिसका उद्देश्य राज्य में बच्चों में कुपोषण की दर को कम करते हुए एनीमिया के स्तर में सुधार लाना था। इसी क्रम में सूरजपुर जिले में नगर के मंगल भवन में 2 माह तक चले चिरंजीवी अभियान के बाद हेल्थ फ्राइडे शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
महिला व बाल विकास विभाग की पहल पर माह के प्रथम व तृतीय शुक्रवार को स्वास्थ्य व परिवार कल्याण विभाग की ओर से माह के पहले व तीसरे शुक्रवार को स्वास्थ्य शिविर लगाया जा रहा है, जिसमें कुपोषित बच्चों को स्वास्थ्य लाभ प्राप्त हो रहा है। इन शिविरों में कैलेण्डर व पोस्टरों के माध्यम से जागरूकता फैलाई जा रही है। कुपोषित बच्चों की पहचान कर उनके घर पहुंचकर गृह भेंट के माध्यम से सुपोषण पेटी दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना अंतर्गत केवल गंभीर कुपोषित बच्चों को ही दवाई उपलब्ध कराने का प्रावधान है जिसके कारण मध्यम कुपोषित बच्चे दवाई के लाभ से वंचित रह जाते थ,े किन्तु इस योजना से अब उन्हें भी दवाई क्रय कर उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे सकारात्मक परिणाम प्राप्त हो रहे हैं। इसी कड़ी में आज पर्यन्त तक विगत 7 माह में जिले में 720 से अधिक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजित किए जा चुके है, जिसके माध्यम से 15 हजार से अधिक बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जा चुका है। परिणाम स्वरूप जिले में 6000 से अधिक बच्चे सुपोषित हुये हैं।
3 अगस्त 2022 को जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर सेे जिले के दूरस्थ विकासखंड प्रेमनगर के अंतिम छोर रामेश्वरनगर के आंगनबाड़ी केन्द्र का निरीक्षण कर आंगनबाड़ी केन्द्र में दर्ज बालिका नित्या बाल विवेक के पोषण अनुश्रवण पंजी का अवलोकन कर उनके परिजनों से मुलाकात की। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामवती द्वारा बताया गया की आंगनबाड़ी केन्द्र में कुल 6 से अधिक बच्चे कुपोषित थे जो मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान अंतर्गत जिले में संचालित सुपोषण पाठशाला एवं हेल्थ फ्राईडे शिविर का लाभ उठाकर कुपोषण की श्रेणी से बाहर हो गए हैं। नित्या की मां जयन्ती व प्रताप सिंह अपने बच्चे के पोषण स्तर में सुधार से बहुत उत्साहित है। इसी प्रकार बालक विवेक की माता सुखमति पिता पतिराम ने बताया की उनका बच्चा जन्म के समय 2.4 किलोग्राम का था हेल्थ फ्राईडे व सुपोषण पाठशाला की मदद से बच्चे का वजन आज 14 किलोग्राम से अधिक हो चुका है और बच्चा सामान्य श्रेणी में है, बच्चे को हंसता खेलता देखकर बहुत खुशी महसूस होती है।
महिला व बाल विकास विभाग, जिला कलेक्टर व मुख्यमंत्री को गाढ़ा गाढ़ा बधाई। जिला कार्यक्रम अधिकारी की ओर से दूरस्थ क्षेत्र की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्यामवती को अच्छा कार्य करने के लिए 15 अगस्त को सम्मानित करने के लिए परियोजना अधिकारी रजत खलखो को निर्देशित किया गया। 3 अगस्त 2022 को जिला कार्यक्रम अधिकारी चन्द्रबेश सिंह सिसोदिया के द्वारा रामेश्वरनगर, हरिहरपुर, महेशपुर, केदारपुर, सोहरगढ़ई का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को इस महोत्सव में सहभागिता के लिए दी बधाई
जिले में अमृत महोत्सव अंतर्गत तेजी से चल रहा है कोविड टीकाकरण का कार्य
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में अमृत महोत्सव अंतर्गत नि:शुल्क कोविड टीकाकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। कोविड-19 से सुरक्षा के लिए 30 सितम्बर तक नि:शुल्क बूस्टर डोज लगाया जाना है। कलेक्टर डोमन सिंह ने नागरिकों से आह्वान किया है कि 18 से 59 वर्ष के आयु वर्ग के नागरिक शीघ्र ही टीकाकरण करा लें। जिन्होंने पहला एवं दूसरा टीका नहीं लगाया है, वे भी लगवाएं। साथ ही जिन्होंने पहला और दूसरा टीका लगवा लिया है, वे बूस्टर डोज अवश्य लगवाएं। उन्होंने कहा कि अभियान को गति प्रदान करते हुए ऐसे नागरिकों को चिन्हांकित कर युद्ध स्तर पर टीकाकरण का कार्य किया जा रहा है। अभी भी जिले में ऐसे नागरिक है, जिन्होंने बूस्टर डोज नहीं लगाया है। कोविड-19 संक्रमण की विभीषिका से जूझते हुए आज हम सब टीकाकरण की वजह से सुरक्षित है। इसके पहले इस महामारी के घातक दुष्परिणाम हम सभी देख चुके हैं। हमारी यह जिम्मेदारी बनती है कि कोविड-19 संक्रमण के इस चेन को तोडऩे के लिए जिले में सघन टीकाकरण अभियान के लिए आगे आए। हर एक नागरिक का यह फर्ज है कि इस अभियान में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि नि:शुल्क बूस्टर का लाभ लेते हुए सभी पात्र हितग्राही शीघ्र ही बूस्टर डोज लगवाएं। साथ ही 18 वर्ष से कम आयु के वर्ग के बच्चे भी बिना किसी भय के वैक्सीन लगवाएं। अपने और अपने परिवार की सुरक्षा का ध्यान रखें।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने बताया कि कोविड-19 से सुरक्षा के लिए 30 सितम्बर 2022 तक नि:शुल्क बूस्टर डोज लगेगा। इसके बाद टीकाकरण कराने के लिए निजी चिकित्सालयों में नागरिकों को शुल्क देना होगा। सभी नागरिकों को कोविड-19 से बचाव के लिए टीका जरूर लगवाना चाहिए। जिले में अभी भी बूस्टर डोज नहीं लगवाने वाले नागरिक की संख्या लभगभ 9 लाख है। अपनी जागरूकता का परिचय देते हुए सभी नागरिक समय पर अपने निर्धारित डोज लगवाएं। सभी पात्र लगभग 9 लाख हितग्राहियों को नि:शुल्क टीकाकरण का लाभ लेते हुए जल्द से जल्द टीकाकरण कराते हुए स्वयं को सुरक्षा के चक्र में लाना चाहिए।
ग्राम बोरी में महिला समूह द्वारा तैयार किए गए तिरंगे का वितरण कार्य प्रारंभ
राजनांदगांव (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर हमर तिरंगा अभियान के अंतर्गत कलेक्टर डोमन सिंह के मार्गदर्शन में राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम पंचायत भवन बोरी में महिला स्वसहायता समूह द्वारा तैयार किए गए तिरंगे का वितरण कार्य प्रारंभ किया गया। ग्राम में रैली के बाद नागरिकों में उत्साह देखते ही बना। एसडीएम अरूण वर्मा एवं उनकी टीम ने तिरंगा फहराया। उसके बाद ग्रामवासियों, बच्चे, नौजवान, बुजुर्ग सभी ने उत्साहपूर्वक तिरंगा झंडा फहराया। महिला समूह के सदस्य ने सशुल्क झंडा का वितरण किया। हर घर तिरंगा अभियान के किए जागरूकता लाने हायर सेकंडरी स्कूल के छात्रों की रैली निकालकर ग्रामवासियों को जागरूक किया गया। ग्राम में रैली आयोजन करने से हर घर तिरंगा के लिए शत प्रतिशत सहमति ग्रामवासियों द्वारा देकर घर घर तिरंगा फहराने और अपनी सहभागिता देनी की बात कही। इस अवसर पर रैली में तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता, विकासखंड शिक्षा अधिकारी, जनपद पंचायत के मैदानी स्टाफ, प्राचार्य, सरपंच सहित ग्राम प्रमुख, ग्रामीणजन उपस्थित थे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश, कलेक्टर की मतदाताओं से अपील
रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मतदाता अपने वोटर आई डी कार्ड को आधार कार्ड से घर बैठे लिंक कर सकते है। भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में मतदाताओं के आधार नंबर लेने के लिए निर्देश जारी किए हैं। इसके लिए वोटर हेल्प लाइन, गरुड़ एप जारी किया गया हैं। वेब पोर्टल nvsp.in से स्वयं अथवा अपने बीएलओ के मदद से भी मतदाता वोटर आई डी कार्ड और आधार कार्ड लिंक कर सकते है।कलेक्टर डॉ सर्वेश्वर भूरे ने भी जिले के मतदाताओं से जल्द से जल्द अपने वोटर कार्ड- आधार कार्ड लिंक करने की अपील की है। मतदाता वेब लिंक https://play.google.com/store/apps/details?id=com.eci.citizen से एप्प डाउन लोड कर सकते है।
कोई भी मतदाता वोटर हेल्पलाइन एप अथवा nvsp.in मैं स्वयं को रजिस्टर कर अपने स्वयं का एवं अपने परिवार तथा मित्रों का आधार नंबर मतदाता सूची में अपडेट कर सकता है।इसके लिए मतदाता को फॉर्म 6 बी की सभी जानकारी अपडेट करना होगा। आधार अपडेशन से डुप्लीकेट मतदाताओं की पहचान एवं मतदान के समय मतदाताओं की पहचान में सुविधा होगी।
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने रायपुर जिले के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वह अधिक से अधिक संख्या में गूगल प्ले स्टोर से वोटर हेल्पलाइन एप डाउनलोड कर स्वयं को उसमें पंजीकृत करें एवं अपने एवं अपने परिवार के सदस्यों के आधार नंबर अपडेट करें तथा स्वतंत्र निष्पक्ष निर्वाचन में अपना योगदान दें।
खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राष्ट्रीय राजमार्ग में सड़क दुर्घटनाओं का क्रम जारी है। इस मार्ग में 24 घंटे मौत का वारंट लेकर दौड़ती भारी वाहनों की ठोकर से लगातार बेगुनाहों के खून से सड़कें लाल हो रही हैं। इसी क्रम में आज दोपहर ग्राम बरगढ़ के पास एक बार फिर से एक तेज रफ्तार ट्रेलर की चपेट में आकर तीन युवकों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद से चालक वाहन समेत फरार हो गया है।
शुक्रवार की दोपहर खरसिया के अंतर्गत आने वाले बरगढ़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रेलर चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए बाईक सवार तीन युवकों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हृदयविदारक घटना में कोरबा जिले के बांधापाली गांव निवासी रूपसिंह 18 साल, रूपनारायण 14 साल एवं भुवनेश्वर राठिया की घटना स्थल पर दर्दनाक मौत हो गई।
घटना के बाद से आरोपी ट्रेलर चालक वाहन सहित फरार हो गया है। घटना के बाद खरसिया पुलिस मौके पर पहुंचकर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिये अस्पताल भिजवाते हुए आरोपी वाहन चालक की खोजबीन शुरू कर दी गई है।
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