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जिले में 1 अगस्त से शुरू होगा वजन त्यौहार, नौनिहालों के पोषण स्तर का होगा मापन

 कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कलेक्टर शर्मा की अध्यक्षता तथा जिला पंचायत सीईओ कुणाल दुदावत की उपस्थिति में आज जिला पंचायत के मंथन सभाकक्ष में जिले में आगामी 1 अगस्त से 13 अगस्त 2022 तक आयोजित किए जाने वाले वजन त्यौहार की पूर्व तैयारियों के सम्बंध में बैठक आयोजित किया गया। कुपोषण के प्रति समुदाय को जागरूक करने के लिए प्रत्येक परिवार को उनके बच्चों की सही पोषण की स्थिति को अवगत कराने व कुपोषण की सही स्थिति आनलाईन साफ्टवेयर में प्रविष्टि कर ग्राम पंचायत तथा विकासखंडवार कुपोषण की आंकलन करने की उद्देश्य से जिले में वजन त्यौहार का आयोजन किया जा रहा है, जिसके तहत 06 वर्ष से कम आयु के बच्चों का वजन कर पोषण स्तर ज्ञात किया जाएगा। बैठक में वजन त्यौहार के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी, सीडीपीओ, सेक्टर सुपरवाइजर मौजूद रहे।

वजन त्यौहार की पूर्व तैयारियों के संबंध में दिए गए दिशा-निर्देश :

कलेक्टर शर्मा ने सर्व सम्बंधितों को वजन त्यौहार के सम्बंध में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त किए जाने के निर्देश दिए, उन्होंने कहा कि सही तरीके से सभी बच्चों का डाटाबेस तैयार हो। चार्ट में वजन, ऊंचाई, उम्र तथा अन्य आवश्यक जानकारी उल्लेखित की जाएं, नोडल अधिकारी इस पर विशेष ध्यान दें। वजन त्यौहार के लिए वजन मशीन की व्यवस्था सुनिश्चित कर लें, सभी केन्द्रों में अच्छी व्यवस्था हो।

सुपोषण अभियान के क्रियान्वयन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं : कलेक्टर

बैठक में कलेक्टर शर्मा ने जिले में सुपोषण अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि सुपोषण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। उन्होंने सभी सेक्टर सुपरवाइजर तथा सीडीपीओ को आंगनबाड़ी केन्द्रों में कुपोषित बच्चों को अंडा तथा एनीमिक गर्भवती महिलाओं को सुपोषण थाली दिए जाने के निर्देश देते हुए कहा कि किसी कारणवश केंद्र तक पहुंच पाने में असमर्थ माताओं को टिफिन के जरिए सुपोषण थाली उपलब्ध करायी जा सकती है। गर्भवती तथा शिशुवती माताओं को दिए जा रहे टेक होम राशन का रजिस्टर रखें। बच्चों को आवश्यकतानुसार समय-समय पर नियमित रूप से एल्बेंडाजोल टेबलेट तथा आयरन सिरप दें, ताकि बच्चा बेहतर स्थिती में हो। उन्होंने सभी सीडीपीओ को निर्देश देते हुए कहा कि कुपोषित बच्चों को पोषण की स्थिती में लाने के लिए पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भेजें, इसके लिए रोस्टर तैयार करें।

कुपोषित बच्चों के घर गृहभेंट कर परिवारजनों को कुपोषण मुक्ति के लिए करें प्रेरित :

कलेक्टर शर्मा ने बैठक में गंभीर कुपोषित बच्चों के घर गृहभेंट द्वारा बच्चों की दिनचर्या पर ध्यान दिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि माह में एक दिवस बच्चों के घर कुछ समय व्यतीत करें तथा परिवारजनों से बात कर दैनिक गतिविधियों के सम्बंध में चर्चा करें   तथा स्वच्छता, देख-रेख, भोजन के संबंध में जानकारी दें। कुपोषण मुक्ति के विषय में विशेषकर माताओं को जागरूक करें।

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उज्जवल भारत, उज्जवल भविष्य ऊर्जा 2047 के तहत द्वितीय दिवस का बिजली महोत्सव भैरमगढ़ में

 बीजापुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। इसी क्रम में केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय व छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के संयुक्त प्रयास से विद्युत क्षेत्र के प्रमुख उपलब्धियों को दर्शाया जा रहा है। इसके अर्न्तगत देश में चल रही विद्युत विभाग के विभिन्न योजनाओं को लाभार्थी तक पहुंचाने जागरूक करने का कार्य किया जा रहा है।

शासन के निर्देशानुसार जिले में दो दिवसीय बिजली महोत्सव कार्यक्रम आयोजित की जा रही है। प्रथम दिवस 29 जुलाई को बीजापुर स्थित आॅडिटोरियम के कार्यक्रम आयोजित हुई व द्वितीय तथा अंतिम दिवस का कार्यक्रम भैरमगढ़ ब्लाक के एकलव्य आवासीय विद्यालय आडिटोरियम में हुई। उक्त कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला पंचायत व छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण बोर्ड के सदस्य बसंत राव ताटी व विशिष्ट अतिथि के रूप में सोमारू राम कश्यप मंचासीन थे। कलेक्टर बसंत राव ताटी ने अपने संबोधन में विद्युत की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए कहा जिस तरह जीवन के लिए जल, हवा, भोजन आवश्यक है। उसी तरह आज विद्युत की आवश्यकता है। मानव जाति के विकास में विद्युत व बिजली का महत्वपूर्ण योगदान है, जिले में विकास की गति तेज हुई है। वहीं विद्युत विस्तार भी तीव्रगति से हो रही है। किसान भाई-बहनों, छात्र-छात्राओं, गृहणी सहित मानव जीवन को हर पल विद्युत की आवश्यकता होती है। 

बीजापुर जैसे दुर्गम क्षेत्रों में विद्युत सुविधाओं का विस्तार अपने आप में बड़ी चुनौती है। जिसे विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों की ओर से बखूबी निभाया जा रहा है। विद्युत सुविधाओं के विस्तार में सोलर ऊर्जा का भी महत्वपूर्ण योगदान है, जहां विद्युत लाईन की पहुंच नहीं हो पा रही है। वहां सौर ऊर्जा उसे पूरी कर रहा है। सोलर पंप, सोलर लाईट, हाईमास्ट, स्ट्रीटलाईट सहित विभिन्न इलेक्ट्रॉनिक उपकरण सौर ऊर्जा से संचालित हो रहे हैं। उक्त कार्यक्रम को संबोधित करते हुए नोडल अधिकारी एनटीपीसी नीरज सोनी ने बताया कि विद्युत उपभोक्ताओं को विभिन्न योजनाओं के प्रति जागरूक करने व विभिन्न योजनाओं से जोड़ने के लिए यह महोत्सव आयोजित की जा रही है। बिजली महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नाटक, नुक्कड़ की ओर से ऊर्जा विभाग की ओर से संचालित सौभाग्य योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, वन नेशन वन ग्रिड, उपभोक्ता अधिकार, सोलर रूफटाफ सहित विभिन्न योजनाओं का प्रदर्शन प्रोजेक्टर के माध्यम से किया गया। 

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी के कार्यपालन अभियंता पीआर साहू ने जिले में विद्युत विस्तार, विद्युत सेवाएं उपभोक्ताओं को मिलने वाली रियायत संबंधी जानकारी विस्तारपूर्वक दी। वहीं विद्युत सेवाओं का आगामी दिनों और भी अधिक विस्तार करने की बात कहीं। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दशरथ कुंजाम, उपाध्यक्ष सादेर नेगी, नगर पंचायत अध्यक्ष सुकमती मांझी व जनप्रतिनिधि, क्रेडा विभाग के प्रभारी अधिकारी मनीष नेताम, सीईओ जनपद पंचायत भैरमगढ़ जे आर अरकरा सहित विभागीय अमला व उपभोक्तागण मौजूद थे।

 
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मुख्यमंत्री बघेल से उरांव समाज के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकात

 राजधानी में आबंटित भूमि के विकास के लिए 50 लाख प्रदाय करने की घोषणा

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उरांव समाज को राजधानी रायपुर में पूर्व में आबंटित भूमि के विकास के लिए 50 लाख रूपए की राशि प्रदाय करने की घोषणा की। उन्होंने यह घोषणा शुक्रवार शाम अपने निवास कार्यालय में उरांव समाज छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल की सौजन्य मुलाकात के दौरान की। इस अवसर पर खाद्य मंत्री अमरजीत भगत, विधानसभा उपाध्यक्ष मनोज मंडावी, संसदीय सचिव यू.डी. मिंज, विधायक विनय भगत, विधायक गुलाब कमरो उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री बघेल ने समाज को सम्बोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में हमारी सरकार समाज के सभी वर्ग के लोगों के उत्थान के लिए कृत-संकल्पित है। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जोड़ने के लिए अनेक योजनाओं और कार्यक्रमों का संचालन किया जा रहा है। इनमें उनके शीघ्रता से विकास के लिए शिक्षा तथा स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के साथ-साथ उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने निरंतर कार्य हो रहे है, जिससे वे तेजी से आगे बढ़े। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री बघेल ने इस दौरान उरांव समाज के प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखी गई मांगों पर तत्परता से कार्यवाही के लिए आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर समाज की जरूरत को ध्यान में रखते हुए उनकी मांग के अनुरूप जिला और ब्लॉक स्तर तक तेजी से सामुदायिक भवन की स्वीकृति सहित राशि उपलब्ध करायी जा रही है। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में उरांव समाज के पदाधिकारी विक्रम सिंह लकड़ा, आनंद प्रकाश टोप्पो, सेलबेस्तर एक्का, बसंत तिर्की, निकोलस पन्ना, श्रीमती उर्मिला केरकेट्टा, गुलाब कुजूर, श्रीमती सरोजनी तिग्गा, जयप्रकाश कुजूर, पात्रिक तिग्गा तथा विलयम तिग्गा आदि शामिल थे।

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राज्यपाल के रूप में अनुसुइया उइके ने पूरे किए 3 साल

 राजभवन सचिवालय ने आयोजित किया सम्मान समारोह

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। राज्यपाल अनुसुईया उइके के राज्यपाल के पद पर तीन वर्ष का कार्यकाल पूर्ण होने के अवसर पर राजभवन सचिवालय द्वारा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस मौके पर राज्यपाल उइके ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में से दो वर्षों में कोविड की चुनौती का हम सबने डटकर सामना किया और लोगों की सहायता के लिए भी हाथ बढ़ाया। आज राजभवन छत्तीसगढ़ का नाम पूरे देश में विख्यात है। यह राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों के सहयोग से ही संभव हो पाया हैं। परिवार के लोग जब अपनेपन की भावना के साथ मिलकर काम करते हैं तभी सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। अकेला व्यक्ति आगे नहीं बढ़ सकता। राज्यपाल उइके ने अपने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और कहा कि मुझे पद का लोभ नहीं है, पद में रहूं या न रहूं, इसी जुनून से मानवता की सेवा करती रहूंगी।

राज्यपाल के सचिव अमृत कुमार खलखो ने भी राज्यपाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर बधाई देते हुए उनके कार्यकाल की महत्वपूर्ण उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल का व्यक्तित्व जितना सरल-सहज है, अपने कार्य में वे उतनी ही दक्ष और गंभीर है। पूरे प्रदेशवासियों को राज्यपाल का स्नेह मिला है और राज्यपाल स्वयं भी प्रदेशवासियों से उतना ही स्नेह करती हैं। प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों और सुदूर अंचलों के लोगों की आवश्यकताओं तथा अधिकारों की भी बातें मुखर होकर रखती हैं।

राजभवन की त्रैमासिक पत्रिका ‘एक आशा’ के प्रथम अंक का हुआ विमोचन
राजभवन सचिवालय द्वारा राज्यपाल की गतिविधियों से आमजनों को अवगत कराने के उद्देश्य से त्रैमासिक पत्रिका का प्रारंभ किया गया है। राज्यपाल उइके के प्रदेश के राज्यपाल के रूप में कार्यकाल के तीन वर्ष पूर्ण होने पर पत्रिका के प्रथम अंक का विमोचन किया गया। उल्लेखनीय है कि पत्रिका में राज्यपाल एवं राजभवन सचिवालय की गतिविधियों और राजभवन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई हैं।

इस मौके पर राजभवन सचिवालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने राज्यपाल उइके को स्मृति चिन्ह तथा पौधा भेंटकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में राज्यपाल के विधिक सलाहकार राजेश श्रीवास्तव, उप सचिव दीपक कुमार अग्रवाल, राज्यपाल के परिसहायद्वय सूरज सिंह परिहार, मेजर सिद्धार्थ सिंह एवं नियंत्रक हरवंश मिरी सहित राजभवन सचिवालय के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

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रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ एयर एनसीसी के शिविर का समापन

 रंगारंग कार्यक्रम के साथ हुआ एयर एनसीसी के शिविर का समापन

रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 3 एयर एनसीसी के द्वारा आयोजित संयुक्त वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का समापन शुक्रवार को रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति के साथ हुआ। एयर विंग एनसीसी का वार्षिक प्रशिक्षण शिविर शंकराचार्य इंस्टिट्यूट ऑफ प्रोफेशनल मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी में आयोजित किया जा रहा है। 10 दिवसीय शिविर में छात्र छात्राओं ने अपनी दिनचर्या में से कुछ समय निकालकर विभिन्न प्रकार के लोक, शास्त्रीय और अन्य सांस्कृतिक कार्यक्रम की तैयारी कर आज यह प्रस्तुति दी।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि के स्वागत पश्चात हुई। शिविर प्रशिक्षण अधिकारी डॉ विजय कुमार चौबे ने 10 दिनों में संपन्न विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया जिनमें अतिथियों के व्याख्यान ,सभी कैडेट्स को बंदूक चलाने का अभ्यास, एयरोमॉडलिंग  प्रशिक्षण, सभी कैडेट्स को एनसीसी के जहाज और प्राइवेट जहाज को नजदीक से देखना, ड्रिल और खेल कूंद  आदि गतिविधियों का संपन्न होना है। विशिष्ट व्याख्यान में डिजास्टर मैनेजमेंट, फायर फाइटिंग, ट्रैफिक रूल्स रेगुलेशन, वाइल्ड एनिमल सेफ्टी एंड एनवायरनमेंट सेफ्टी पर कैरेट को जानकारी दी गई और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान किया गया।  लगभग 480 छात्र छात्रा कैडेट्स के शिविर में आज सांस्कृतिक गतिविधियों की रंगारंग प्रस्तुति दी गयी ,जिसमें छत्तीसगढ़ी डांस ,समूह गान और ओडिसी,राजस्थानी नृत्य  अनेकता में एकता आदि पर आधारित प्रस्तुतियां शामिल है।


शिविर में आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में ये विजेता रहे :
ड्रिल-  भिलाई स्टील प्लांट हायर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर 10
सामूहिक गान-आदर्श विद्यालय मोवा, रायपुर
सामूहिक नृत्य- केंद्रीय विद्यालय नंबर वन रायपुर
राष्ट्रीय एकता प्रस्तुतिकरण- शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मंदिर हसौद

जूनियर डिवीजन में बेस्ट कैडेट जेडी कैडेट प्रतीक कुमार बीएसपी सेक्टर 10 भिलाई से एवं जूनियर विंग में कैडेट सुब्रता मेहर आदर्श विद्यालय मोवा रायपुर से चुने गए। बेस्ट कैडेट वरिष्ठ स्कंध सीनियर डिवीजन कैडेट अंडर ऑफिसर गंगासागर तिवारी दुर्गा महाविद्यालय एवं सीनियर विंग कैडेट अंडर ऑफिसर सना कुजूर को चुना गया ।

कुछ समय पूर्व एनसीसी महानिदेशक द्वारा छत्तीसगढ़ की यात्रा की गई थी ,जिसमें एयरोमॉडलिंग सेक्शन के लिए प्रशिक्षक दीपक भुरले, केडेट गंगासागर तिवारी ,कैडेट शेख मोहम्मद इमरान ,दुर्गा महाविद्यालय को विशेष स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया ।
 

 


कैंप कमांडेंट विंग कमांडर रजत गुप्ता ने सभी विजेता कैडेटस को पुरस्कार दिया। कैंपर प्रशिक्षण अधिकारी डॉ विजय कुमार चौबे ने बताया कि इस 10 दिवसीय शिविर को जिन उद्देश्यों के साथ शुरू किया था उन उद्देश्यों की प्राप्ति हुई है।

 

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भूकंप के झटके से कांपा कोरिया, माइन में काम कर रहे 2 मजदूर घायल...

 मुख्यमंत्री ने दिए समुचित उपचार के निर्देश

कोरिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सरगुजा संभाग में भूकंप के झटके महसूस किये गए। वहीं कोरिया जिले में भी सुबह भूकंप के झटके से 2 मजदूर घायल हो गए हैं। वैसे अब तक कोई खतरनाक जान माल के नुकसान की सूचना नहीं आई है। इसका असर सरगुजा में उतना प्रभावी नहीं रहा और लोगों को भूकंप का पता ही नहीं चला। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 4.6 मापी गई है।

अम्बिकापुर के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार भूकंप की जो ताजा जानकारी मिली है उसके अनुसार यह मामूली झटका था और सरगुजा जिले में इसे तो लोगों ने महसूस भी नहीं किया। कोरिया जिले में भूकंप की तीव्रता थी वह रिक्टर पैमाने में 4.6 बताई जा रही है। यह जमीन के 10 किमी अंदर सक्रिय होना बताया जा रहा है।

कोरिया जिले के रात करीबन 1 बजे कई जगहों पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 4+ आंकी गई है। भूकंप की वजह से एसईसीएल चरचा अंडर ग्राउंड माइंस के अंदर गोफ गिरने से 2 मजदूर घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए बिलासपुर रेफर किया गया है। 

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एसईसीएल के चरचा कालरी क्षेत्र में कल रात भूकंप की घटना में घायल दो कर्मचारियों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया है। 

गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात करीबन एक बजे जिला मुख्यालय बैकुंठपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में भूकंप के झटके महसूस किए गए। जिस दौरान भूकंप के झटके महसूस किए गए, उस समय माइंस में एक दर्जन से ज्यादा श्रमिक काम कर रहे थे।
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गर्भवती महिलाओं के लिए बनाई पोषण वाटिका, मिल रहा कई लाभ

 साल्हि (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ राज्य में सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड में सुदूरवर्ती आदिवासी गांव में किशोरियों, शिशुवती और गर्भवती महिलाओं और विशेषकर बच्चों के लिए पोषण आपूर्ति सुनिश्चित करना बेहद आवश्यक है। राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड (आरआरवीयूएनएल) के सामाजिक सरोकार के तहत अदाणी फाउंडेशन के द्वारा परसा ईस्ट और केते बासेन (पीईकेबी) खदान के आसपास के ग्रामों में सुपोषण योजना संचालित किया जा रहा है, जिसके तहत गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं और बच्चों की पोषण तत्वों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। साथ ही अदाणी फाउंडेशन की टीम द्वारा लाभार्थियों को पर्याप्त पौष्टिक सब्जियों की निरंतर आपूर्ति के लिए पोषण वाटिका उनके ही घरों में विकसित करने प्रेरित कर रही है।

अदाणी फाउंडेशन के द्वारा सुपोषण योजना के प्रथम चरण के तहत जुलाई 19 से पीईकेबी के ग्राम साल्ही, तारा, जनार्दनपुर, घाटभर्रा, फत्तेपुर, परसा, शिवनगर और बासेन के आठ किसानों से पोषण वाटिका के विकास के लिए शुरुआत की गयी। जिसमें उन्हें हरी सब्जियों के रोपण की जानकारी और बीज प्रदान कर निर्माण की विधि तथा प्रशिक्षण दिया गया। वहीं आने वाले दिनों में इसे 200 किसानों तक विकसित किये जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उल्लेखनीय है कि अदाणी फाउंडेशन पीईकेबी के सभी चौदह ग्रामों में आर्गेनिक फार्मिंग या जैविक खेती के लिए भी सभी स्थानीय किसानों को प्रशिक्षण प्रदान कर और धान के उन्नत बीज उपलब्ध कराया है। इससे उत्पादन में वृद्धि खेती में कम लागत पर हुई है। इसे देख कर अन्य क्षेत्र के किसान भी प्रोत्साहित हो रहे है।

क्या है पोषण वाटिका का सिद्धांत :
पोषण वाटिका के माध्यम से शिशुवती और गर्भवती महिलाओं को सूक्ष्म पोषक तत्व प्रदान करके आहार विविधता को बढ़ाने में काफी मदद मिलती है। साथ ही यह उनके परिवार और समुदाय में कुपोषण से निपटने के लिए खाद्य सुरक्षा और विविधता प्रदान करने के लिए एक स्थायी मॉडल साबित हो सकता है। 

कैसे किया जाता है निर्मित :
इसके लिए आठ फीट व्यास का एक चक्र विकसित करना होता है जिसमें सात भाग होते हैं। प्रत्येक भाग में एक सब्जी का बीज बोया जाता है। इस तरह सातों भाग में एक सप्ताह में  प्रत्येक दिन के लिए एक हरी सब्जी का आहार लाभार्थी के भोजन का भाग होता है। इसमें सब्जी के बीज मौसम के अनुसार लगाया जाता है। जैसे वर्तमान के  मौसम में बैंगन, मिर्च, लौकी, करेला, भिंडी, भाजी (पालक और लाल भाजी) और अन्य हरी सब्जियां को लगाया गया है।

क्या है इसका महत्व :
पोषण वाटिका का उद्देश्य जैविक खेती के सिद्धांत पर बच्चों को ताजा खाद्य उत्पादों की खपत की आवश्यकता के बारे में शिक्षित करने और महिलाओं और बच्चों के बीच पौष्टिक आहार की कमी को दूर करने तथा बाहरी निर्भरता को कम कर समुदायों को उनकी पोषण सुरक्षा के लिए आत्मानिर्भर बनाना है। न्यूट्री-गार्डन अर्थात पोषण वाटिका अपने आप में एक सर्वोत्तम आहार विविधता, पोषण सुरक्षा, कृषि-खाद्य खेती, स्थानीय आजीविका सृजन और पर्यावरणीय स्थिरता के कई लक्ष्यों को पूरा करने की क्षमता है। साथ ही यह समुदाय के सदस्यों को उनके घर के पीछे खाली पड़े जगहों में स्थानीय खाद्य फसलें जैसे ताजी सब्जियों की एक सस्ती, नियमित और आसान आपूर्ति के साथ उगाने के लिए प्रोत्साहित करता है।

गौरतलब है कि आरआरवीयूएनएल अपने सामाजिक सरोकार के अन्तर्गत शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण संरचना विकास के कई कार्यक्रम संचालित करता है। जिसमें इस माह शिक्षा के क्षेत्र में ग्राम परसा के सरकारी प्राथमिक शाला में छात्रों को कोरोना से बचाव के लिए हाथ धोने के महत्व और  घाटबर्रा गांव में लर्निंग इम्प्रूवमेंट क्लास के लिए पहल की गयी। इसके साथ ही आजीविका संवर्धन के तहत विकसित की गयी महिला उद्यमी बहुउद्देशीय  सहकारी समिति की महिलाओं द्वारा अपने समूह में ही तैयार मसालों, सेनेटरी पैड, फिनायल इत्यादि का विपणन अभी हाल ही में वनविभाग के द्वारा शुरू किये गए सी-मार्ट के माध्यम से जिला मुख्यालय में किया गया। वहीं ग्रामीण संरचना विकास के अंतर्गत ग्राम साल्ही में सोलर स्ट्रीट लाइट भी लगायी जा रही है।

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सघन टीबी रोगी खोज अभियान से खोजे जा रहे टीबी संक्रमित रोगी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। सघन टीबी रोगी खोज अभियान के तहत विकासखंड में फैक्ट्री और कार्यस्थल पर जाकर टीबी रोगियों  की खोज की जा रही है। तिल्दा विकासखंड में इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही  है। स्क्रीनिंग में संभावित मरीजों की टीबी जांच कराई जा रही है। टीबी जांच में पॉजिटिव आने वाले मरीजों को  निशुल्क उपचार उपलब्ध करवाया जा रहा है। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कार्यकर्ता डोर टू डोर जाकर सघन टीबी खोज सर्वे भी कर रहे है, साथ ही  जिसमें लक्षण नजर आ रहे है उनकी जांच भी कराई जा रही है । अभियान के तहत जन जागरूकता को विशेष महत्व देते हुए टीबी के संभावित मरीजों की जांच एवं उपचार के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी कार्यक्रम में शामिल कर उनका सहयोग लिया जा रहा है।

इस सम्बन्ध में सीनियर ट्रीटमेंट सुपरवाइजर सौरभ ने बताया: “प्रदेश को वर्ष 2023 तक टीबी मुक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी रोगियों की सघन खोज कर उनको उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। तिल्दा में  25 मई 2022 तक इस अभियान के तहत से 2 लाख से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग में 750 मरीज संभावित मिले थे, जिनकी टीबी जांच की गई। जांच में 24  मरीजों में टीबी की पहचान हुई । जिनका नियमित इलाज विभाग द्वारा चलाया जा रहा है। टीबी जागरूकता अभियान के तहत लोगों को जानकारी दी जाती है कि लक्षण आने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर टीबी की नि:शुल्क जांच कराएं। टीबी की पुष्टि होने पर सरकार की तरफ से न केवल नि:शुल्क उपचार किया जाता है,  बल्कि उपचार जारी रहने के दौरान बेहतर पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह 500 रुपए का भुगतान रोगी के बैंक खाते में किया जाता है। क्षय रोग से अब घबराने की नहीं बल्कि समय रहते जांच और उपचार कराने की जरूरत है। नियमित उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक हो जाती है।“

विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक की अपील टीबी खोजी अभियान में करें सहयोग :
विकासखंड कार्यक्रम प्रबंधक ममता सुनानी ने सभी लोगों से अपील की है कि सभी लोग टीबी खोजी अभियान का सहयोग करें। टीबी के प्रारंभिक लक्षण जैसे – दो सप्ताह से ज्यादा का बुखार या खांसी का आना, सीने में दर्द और खांसी के साथ मुंह से खून आना, भूख कम लगना इसके अलावा वजन का घटना, बच्चों में वजन का न बढ़ना, रात में पसीना आना जैसे लक्षण दिखने पर जांच अवश्य कराएं। टीबी रोग से बचाव के लिए टीबी रोगी का इलाज शीघ्र कराएं। मीडिया ने लोगों को इस अभियान के उद्देश्य के बारे में सूचित करने में मदद की जिसके परिणामस्वरूप कोई प्रतिरोध नहीं हुआ और लोग स्क्रीनिंग टीमों के साथ सहयोग भी कर रहे है। 

रोग को ना छिपाएं :
विकासखण्ड चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.आशीष सिन्हा ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “डोर टू डोर सर्वे में अगर टीम के सदस्य किसी के घर पहुंचे तो टीबी के लक्षण वाले व्यक्ति अपने रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि लक्षणों के बारे में खुलकर बताएं। टीबी रोग की पुष्टि होने पर उनका समुचित इलाज किया जाएगा।“ उन्होंने आगे कहा, “टीबी हारेगा देश जीतेगा थीम पर चलने वाले अभियान के दौरान टीम के लोग जन सामान्य को माइकिंग, पंपलेट, के माध्यम से भी टीबी से बचाव के लिए जागरूक कर रहे है । टीबी रोगी के बारे में सूचना देने वाले को 500 रुपए प्रोत्साहन स्वरूप भी दिए जा रहे है।“

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हर घर तिरंगा अभियान से देश में राष्ट्रीयता की भावना प्रबल होगी : अशोक बजाज

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिला पंचायत के पूर्व अध्यक्ष अशोक बजाज ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के उपलक्ष में आयोजित "हर घर तिरंगा अभियान" से देश में राष्ट्रीयता की भावना प्रबल होगी। उन्होंने कहा कि इस अभियान में समाज के प्रत्येक वर्ग को जोड़ने का प्रयास किया जाएगा, गरीब से गरीब व्यक्ति भी जब अपने घर में तिरंगा फहरायेगा तब उसे विशेष आनंद की अनुभूति होगी। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अभनपुर विधानसभा क्षेत्र के 10000 घरों में राष्ट्रीय ध्वज उपलब्ध कराने के व्यवस्था करें ताकि हर व्यक्ति अपने घर में शान से झंडा फहरा सके। इसके अलावा सभी गावों के अटल चौक, अमृत सरोवर, गौठान एवं अन्य सार्वजनिक स्थानों पर आयोजित ध्वजारोहण के कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी निभाएं तथा अन्य लोगों को प्रेरित करें।

उन्होंने अभनपुर एवं नवापारा में आयोजित भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में कहा कि 13 से 15 अगस्त प्रत्येक गांव व वार्ड में निकलने वाली प्रभात फेरी को सफल बनाने में अपना योगदान दें इस हेतु प्रत्येक शक्ति केंद्र एवं बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं की समिति बनाकर रूपरेखा तैयार करें। श्री बजाज ने कहा कि राष्ट्र जागरण के इस महापर्व में नई पीढ़ी को जुड़ने के लिए प्रेरित करें। इस अवसर पर पूर्व मंत्री चंद्रशेखर साहू, संगठन सह-प्रभारी प्रह्लाद रजक, मंडल प्रभारी छोटेलाल सोनकर, मण्डल अध्यक्ष अनिल अग्रवाल, हृदय राम साहू, सुनील प्रसाद, कुंदन बघेल, किशन शर्मा, नंदनी साहू, चेतना गुप्ता, संचित तिवारी, गौरव शर्मा, सूरज साहू, भरत बैस, नारायण यादव, जितेंद्र चंद्राकर, मिथिलेश सिन्हा, तोषण साहू, पारस साहू, अर्जुन धीवर, जगदीश साहू, प्रदीप शर्मा, नवापारा मंडल प्रभारी राम पंजवानी, अध्यक्ष उमेश यादव, विजय गोयल, परदेसी साहू , दयालु गाड़ा, प्रसन्न शर्मा ,चंद्रकला ध्रुव , नवल साहू, कमलनारायण साहू ,,नत्थू साहू, कैलाश तिवारी, हितेश मंडाई,,मयाराम साहू,,चुम्मन कन्दरा,,सिंटू जैन ,गुलशन साहू,,रेशम हुंदल, विजय साहू, दीपक साहू, दिलीप देवांगन, किशन साहू ,धीरज साहू, ईश्वरी देवांगन, ईश्वर लाल देवांगन, अनुज राजपूत, गुहाराम साहू , खगेश्वर चक्रधारी , इमरान सोलंकी, चेतन साहू , कैलाश देवांगन , ईश्वरी देवांगन , संजय साहू , रवि साहू , बल्लू सोनी , योगेंद्र ध्रुव, गोवर्धन तारक, सेवाराम साहू, खूब लाल निर्मलकर, दिनेश टंडन , श्रेणिक जैन , देवेंद्र सेन, मोती साहू, कमलेश कहार , अन्नपूर्णा देवांगन, साधना सौरज,मधु बाफना, धनमती साहू, संतोषी कंसारी, नीता धीवर, शांति साहू, सरोज साहू एवं शशि ठाकुर के अलावा काफी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित थे।

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धरसींवा-रायपुर और रायगढ़ में बिजली महोत्सव का आयोजन

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत "उज्ज्वल भारत उज्ज्वल भविष्य ऊर्जा 2047 - बिजली महोत्सव" कार्यक्रम का आयोजन प्रदेशभर के हर जिलों में 30 जुलाई तक किया जा रहा है, जिसमें बिजली से आम लोगों के जीवन में आए बदलाव को रेखांकित किया जा रहा है। इस आयोजन के तहत 28 जुलाई को धरसींवा-रायपुर और रायगढ़ बिजली महोत्सव का आयोजन किया गया।

इसमें छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी सहित केंद्रीय विद्युत उपक्रम आरईसी लिमिटेड, एनटीपीसी सहित अन्य उपक्रम संयुक्त रूप से इसमें शामिल हो रहे हैं। इसमें जिला प्रशासन की भी भागीदारी है।

छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं के साथ ही साथ ही केंद्र सरकार की सौभाग्य योजना एवं डीडीयूजीजेवाई योजना, कुसुम योजना एवं उपभोक्ता के अधिकार सहित अन्य योजनाओं के बारे में लोगों को जानकारी दी गई।

इसमें भारत सरकार और राज्य सरकार के द्वारा ऊर्जा, वैकल्पिक ऊर्जा, वितरण एवं ट्रांसमिशन के क्षेत्र में किए गए कार्यों की उपलब्धियों, योजनाओं आदि का प्रदर्शन बैनर, पोस्टर, आडियो विजुअल, नुक्कड़ नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम के माध्यम से किया जा रहा है।

 

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घर-घर जाकर कोविड टीके का बूस्टर डोज लगा रही स्वास्थ्य विभाग की टीम

 रायगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कोविड टीके के दोनों को डोज को सबसे पहले लगाने का कीर्तिमान स्थापित कर चुका रायगढ़ जिला अब बूस्टर डोज को पूर्ण रू से लगाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। सभी पीएचसी-सीएचसी के अलावा जरूरत के हिसाब से टीकाकरण केंद्र पूरे जिले में बनाए गए हैं। कभी कभी मांग के आधार पर ऐसे सेंटर्स की संख्या 300 से अधिक हो जाती है।

स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार 27 जुलाई तक 18 से 59 आयु वर्ग में 9 लाख  लोगों को बूस्टर डोज लगना है जिसमें से अब तक 64,935 ने बूस्टर डोज लगवाया है। 12 से 14 आयुवर्ग में 75,219 लक्षित किशोरों में से 52,844 ने पहला और 28,577 ने दूसरा डोज लगवा लिया है। इसी तरह 15 से 17 आयुवर्ग में 93,352 किशोरों में से 60,531 ने पहला तो 41,202 ने दूसरा डोज लगवाया है।

जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. भानू पटेल का कहना है: “आजादी के अमृत महोत्सव के अंतर्गत 15 जुलाई से 30 सिंतबर तक 18 से 59 आयुवर्ग के लोगों को कोविड टीके का बूस्टर डोज मुफ्त लगाने की घोषणा केंद्र सरकार ने की है। जिसके तहत जिले में यथाशीघ्र बूस्टर डोज सभी लाभार्थियों को लगाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। वैक्सीनेशन सेंटर्स के अलावा विभाग घर-घर जाकर भी लोगों को टीका लगा रहा है। शहरी क्षेत्रों में वार्डवार तो ग्रामीण क्षेत्रों में गांव दर गांव घर-घर टीके लगाए जा रहे हैं।“

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एसएन केसरी ने कहा: “जिले में अभी अधिकांश लोगों को बूस्टर डोज लगना बाकी है। कोविड संक्रमण भी रफ्तार पकड़ रहा है। ऐसे में हमने वैक्सीनेशन की रफ्तार तेज कर दी है। लोगों से अपील है कि वह टीकाकरण केंद्रों में जाकर टीका जरूर लगवाएं। डोर-टू-डोर सुविधा भी हमने दी है लेकिन लोग केंद्र में लगवाएंगे तो टीकाकरण और जल्दी होगा। जिन वार्डों या ग्रामों में डोर-टू-डोर के सेशन प्लान हैं वहां के लोगों से अपील है कि लोग पहले से सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एकत्रित रहें जिससे टीका लगाने वाली टीम ज्यादा लोगों को कवर कर सके। हमें समय पर बूस्टर डोज से पूर्ण टीकाकृत होने वाला जिला बनना है जिससे हम कोविड के संभावित खतरे से सुरक्षित रह सकें।”

इन वार्डों में लगेगा टीका :
स्वास्थ्य विभाग के शहरी कार्यक्रम प्रबंधक डॉ. राकेश वर्मा बताते हैं “नगर निगम के सहयोग से रायगढ़ शहरी क्षेत्र में घर-घर जाकर कोविड का बूस्टर डोज लगाया जा रहा है। वार्ड क्रं. 6,16,20,33 और 46 में दिनांक 29 जुलाई, 30 जुलाई और 1 अगस्त को स्वास्थ्य टीम टीका लगाएगी। टीम में एक अधिकारी, एक निगम कर्मचारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, सुपरवाइजर और वेरीफायर के साथ वैक्सीनेटर होंगे। इन चारों वार्ड के निवासियों से हमारी अपील है कि स्वास्थ्य विभाग की टीम की मदद करें।“

लक्षण दिखे तो कराएं कोविड टेस्ट: सीएमएचओ डॉ. केसरी :
जिले में वर्तमान में 198 कोविड के मामले सक्रिय हैं। बुधवार को पाजिटिव दर 5.4 प्रतिशत रही है। 748 सैंपल में से 55 लोग पॉजिटिव आए। सीएमएचओ डॉ. एसएन केसरी ने कहा: ”मौसम में लगातार बदलाव हो रहे हैं। ऐसे में किसी की भी तबीयत खराब हो सकती है लेकिन जिन लोगों में कोविड के लक्षण दिख रहे हैं वह कोताही कतई न बरते। तुरंत अपना कोविड टेस्ट कराएं। जिले के सभी सीएचसी-पीएचसी में कोविड टेस्ट की सुविधा है। रायगढ़ शहरी क्षेत्र में पंजरी प्लाट स्थित निगम ऑडोटोरियम परिसर में पूर्व की भांति कोविड टेस्ट शुरू हो चुका है। इसके अलावा रामभांठा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, गांधी नगर नगर स्वास्थ्य केंद्र और रेलवे स्टेशन में कोविड टेस्ट हो रहा है।“

 

 

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खैरा में ढ़ाई करोड़ की लागत से बनेगा आयुष पॉली क्लिनिक

 पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए संसदीय सचिव ने किया भूमिपूजन

 

महासमुंद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ग्राम पंचायत खैरा में स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और सौगात मिलने जा रही है। यहां ढ़ाई करोड़ की लागत से आयुष पॉली क्लिनिक का निर्माण होगा। जहां आयुर्वेद के साथ-साथ होम्योपैथिक व यूनानी चिकित्सा पद्धति से मरीजों का बेहतर इलाज हो सकेगा। संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर ने आज गुरूवार को हरेली त्यौहार के पावन अवसर पर पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए भूमिपूजन किया।

गुरूवार को ग्राम पंचायत खैरा में आयुष पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि संसदीय सचिव व विधायक विनोद सेवनलाल चंद्राकर थे। अध्यक्षता जनपद सदस्य सरिता राकेश चंद्राकर ने की। विशेष अतिथि के रूप में जिला कांग्रेस कमेटी के महामंत्री संजय शर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष ढेलू निषाद, सरपंच संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चंद्राकर, किशन देवांगन, लीलू साहू, सरपंच नीलम कोसरे, राकेश चंद्राकर, महेंद्र साहू, मौजूद थे। संसदीय सचिव चंद्राकर ने करीब ढ़ाई करोड़ की लागत से पॉली क्लिनिक निर्माण के लिए भूमिपूजन पर बधाई देते हुए कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और सौगात महासमुंद विधानसभा को मिलने जा रही है। यहां तीस बिस्तरों का क्लिनिक होगा। जहां आयुर्वेद के साथ होम्योपैथिक व यूनानी पद्धति से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का उपचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज की सौगात भी क्षेत्र के लिए मील का पत्थर साबित होगा। 

संसदीय सचिव चंद्राकर ने कहा कि प्रदेश सरकार के मुखिया मुख्यमंत्री भूपेश बघेल बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया हरसंभव पहल कर रहे हैं। जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए हाट-बाजार क्लीनिक और शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के साथ दाई-दीदी क्लीनिक के माध्यम से लोगों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवा पहुंचाई जा रही है। जिसका लाभ सभी वर्ग के लोगों को मिल रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से जिला आयुर्वेद अधिकारी डॉ विजय साहू, नोडल अधिकारी डॉ सुखलाल पटेल, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी डॉ गजाधर पंडा, डॉ यशवंत चंद्राकर, डॉ सर्वेश दुबे, डॉ केवी सिंह, होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डॉ टंकेश्वरी समुंद, यूनानी चिकित्सा अधिकारी डॉ पुष्पा साहू सहित सरपंच प्रतिनिधि रेवाराम कोसरे, पंच रामकिशन चंद्राकर, मनोज चंद्राकर, उमा ढीमर, सरिता कंडरा, ललित ढीमर, गणेश ध्रुव, गेमन साहू आदि ग्रामीणजन मौजूद थे।

 

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फेडरेशन ने हरेली की परंपरा का किया निर्वाह, जारी रहा आंदोलन

 खरसिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एक ओर जहां पूरे राज्य में छत्तीसगढ़ का प्रमुख हरेली त्योहार पूरे उत्साह और उमंग के साथ मनाया गया वहीं दूसरी ओर इतने बड़े पर्व के दिन भी प्रदेश के सरकारी कर्मचारी-अधिकारी अपनी दो सूत्रीय मांगों को लेकर धरना स्थल पर डंटे रहे। खरसिया में भी यह नज़ारा देखा गया जहाँ हरेली त्योहार भी कर्मचारियों के उत्साह को कम न कर सकी और पर्व के दिन घरवालों के साथ समय बिताने के बजाये सैकड़ों की संख्या में कर्मचारी धरना स्थल पर मौजूद रहे। हालांकि उन्होंने आंदोलन स्थल पर ही छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना की और नारियल फेंककर परम्परा का निर्वहन किया।

गौरतलब है कि केंद्र के समान छत्तीसगढ़ राज्य के कर्मचारियों और अधिकारियों को भी 34 प्रतिशत महंगाई भत्ता देने और सातवां वेतनमान के अनुरूप गृह भाड़ा भत्ता प्रदान करने की मांग को लेकर पूरे प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों द्वारा छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले विगत 25 जुलाई से 29 जुलाई तक निश्चित कालीन आंदोलन किया जा रहा है। इसके तहत पूरे राज्य में कर्मचारी कलम बंद-काम बंद के नारे के साथ सामूहिक अवकाश लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी तारतम्य में खरसिया तहसील के कर्मचारी भी 25 जुलाई से आंदोलनरत हैं। आज 28 जुलाई को छत्तीसगढ़ का प्रथम और प्रमुख हरेली त्योहार होने के बावजूद आंदोलन के चौथे दिन भी धरना पंडाल में सभी विभागों के सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे। प्रतिदिन की तरह चौथे दिन भी कर्मचारियों ने धरना पंडाल में माँ सरस्वती और छत्तीसगढ़ महतारी के तैल्य चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर और माल्यार्पण कर किया। इसके पश्चात राष्ट्रीय गीत और राज्यगीत का गायन कर आंदोलन प्रारम्भ किया। इसके पश्चात सम्बोधन का क्रम शुरू किया गया जिसमें अनेक महिला और पुरुष कर्मचारियों ने अपनी बात रखी।  इसी बीच दोपहर में हरेली के मद्देनजर कर्मचारियों के मध्य सर्वप्रथम नारियल फेंकने की प्रतियोगिता रखी गई जिसमें महिला और पुरुष दोनों वर्ग के कर्मचारियों ने भाग लिया। इसके पश्चात संयुक्त रूप से दोनों वर्गों का कुर्सी दौड़ का आयोजन भी धरना स्थल पर किया गया। इस तरह प्रदेश के इस प्रमुख पर्व के दिन भी खरसिया के कर्मचारियों ने पूरी ईमानदारी के साथ सैकड़ों की संख्या में अपनी उपस्थिति देकर आंदोलन में भाग लिया।

इस दौरान छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन से जुड़े विभिन्न कर्मचारी संघो के सैकड़ों कर्मचारी और विशेषकर मातृशक्ति के रूप में महिला कर्मचारी अपने छोटे छोटे बच्चों के साथ बड़ी संख्या में धरना आंदोलन में पूरे समय तक उपस्थित रहे।

नारिशक्तियों का किया गया सम्मान :
निश्चित कालीन आंदोलन के चौथे दिन 28 जुलाई को हरेली त्योहार होने के बावजूद महिला कर्मचारियों की सम्मानजनक उपस्थिति की वजह से आंदोलन स्थल पर तिलक लगाकर और पुष्प गुच्छ भेंटकर उनका सम्मान किया गया। इस दौरान उपस्थित कर्मचारियों ने करतल ध्वनि के साथ नारेबाजी करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया और आभार भी व्यक्त किया।

 
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हरेली तिहार को लोकप्रिय बनाने, #MorHareli प्रोफ़ाइल फोटो फ्रेम जारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। किसानों की लोक-परम्परा के साथ छत्तीसगढ़ की संस्कृति से जुड़ा ‘हरेली तिहार’ इस बार आगामी 28 जुलाई को है। राज्य शासन द्वारा इस बार भी हरेली तिहार को राज्य स्तर पर व्यापक स्वरूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

‘हरेली’ छत्तीसगढ़ का प्रमुख पर्व है जोकि आधुनिकता के साथ लुप्तप्राय हो रहा था। पिछले तीन वर्षों से इस त्यौहार को पूरी गरिमा और लोक-परंपरा के अनुसार मनाया जा रहा है। छत्तीसगढ़ी अस्मिता के पुनरुत्थान के नायक मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ की संस्कृति से प्रेम करने वाले हर छत्तीसगढ़ी नागरिक के प्रयासों का परिणाम है कि अब युवा पीढ़ी भी इस त्यौहार का महत्व समझ रही है और इस पर गर्व महसूस कर रही है। 

हरेली को युवाओं के मध्य और लोकप्रिय बनाने और इससे जुड़ी मान्यताओं से जन-मानस को रूबरू करवाने के उद्देश्य से लोगों से हरेली से  जुड़ी तस्वीरें, वीडियो #MorHareli हैशटैग के साथ शेयर करने की अपील की गयी है। 

इस सम्बंध में  #MorHareli  प्रोफ़ाइल फोटो फ्रेम भी जारी किया गया है, जारी की गयी लिंक twb.nz/morhareli पर जाकर आप खुद की #MorHareli प्रोफ़ाइल फोटो तैयार कर विभिन्न सोशल मीडिया प्लैटफार्म पर #MorHareli हैशटैग के साथ साझा कर सकते हैं।

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मंडी समितियों में अब होगा मनोनयन, सदन में सहकारिता संशोधन विधेयक पारित

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। विधानसभा में सहकारिता संशोधन विधेयक मतविभाजन के बाद पारित किया गया। सहकारिता मंत्री प्रेमसाय सिंह ने विधेयक पेश किया।संशोधन विधेयक के जरिये सहकारिता के अहम पदों पर निर्वाचन की बाध्यता को बदल कर सरकार नियुक्ति का नियम ला रही है। इसका विरोध करते हुए अपने वक्तव्य में शिव रतन शर्मा ने  कहा कि भाटापारा में एक ऑडियो क्लिप वायरल हो रहा है जिसमे मंडी की नियुक्ति के लिए रुपए की मांग की गई है।

इस पर सदन में हंगामा हुआ।शिवरतन शर्मा ने कहा कि मंडी  में नियुक्ति के पद बिक रहे हैं।एक व्यक्ति को पैसा दो नियुक्ति हो रही है ऐसा बदलाव गलत होगा। इस पर पूरा सत्ता पक्ष शिवरतन शर्मा पर नाराज हुआ।सत्ता पक्ष के विधायकों ने बयान पर जताई आपत्ति। सीएम बघेल बोले कि
प्रक्रिया में आइए,अगर आपके पास सबूत है तो थाने में रिपोर्ट करें।

बाहर की बात यहां रिफ्रेश कर प्रदर्शन की कोशिश ना करें। शर्मा ने सबूत सदन में रखने की मांग  की ।सीएम बघेल ने विपक्ष पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया।

शिवरतन शर्मा ने कहा कि ऑडियो से पता चलता है कि नियुक्ति में कैसी गड़बड़ी होती है।चुनाव को रोककर कांग्रेसियों को उपकृत करने के लिए संशोधन विधेयक लाया गया है।

सहकारिता संशोधन विधेयक को लेकर विपक्ष सहमत नही है। भाजपा विधायकों ने कहा कि सहकारी समितियों में चुनाव के स्थान पर मनोनयन को लेकर है यह संशोधन विधेयक। विधेयक पारित करने भाजपा ने डिवीजन मांगा। इस पर हुए मतदान में विधेयक के पक्ष में 52 और विपक्ष में 12 वोट पड़े। संशोधन विधेयक पारित किया गया।

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इधर-उधर की छोड़िये, रमन सिंह आय से अधिक संपत्ति मामले में मेरे साथ चलिए : विनोद तिवारी

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड के डायरेक्टर विनोद तिवारी जो पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिकाकर्ता भी हैं, ने रमन सिंह को चुनौती देते हुए कहा कि डॉ रमन सिंह,  प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से कह रहे हैं कि इधर उधर की बात छोड़िये, ईडी से जांच के लिए समय मांगिए, वो चलने को तैयार हैं । विनोद तिवारी ने कहा कि अब जब डॉ रमन सिंह स्वयं ही चलने तैयार हैं तो, मैं एक याचिकाकर्ता की हैसियत से, डॉ रमन सिंह से समय मांग रहा हूँ ताकि वो मेरे साथ ईडी, सीबीआई और ईओडब्लू के कार्यालय चल सकें। चूँकि बिलासपुर उच्च न्यायालय ने रमन सिंह के खिलाफ मेरी याचिका को स्वीकारते हुए, 11 अप्रैल 2022 को रमन सिंह, ईडी और सीबीआई को नोटिस भेजा था और छह हफ़्तों में जवाब माँगा था। लेकिन अब तक न तो सीबीआई ने कोई कार्यवाही की और न ही ईडी ने। इसलिए अब अगर रमन सिंह स्वयं कह रहे हैं कि वो चलने तैयार हैं तो मुझे समय बता दें, मैं उनके साथ चलने तैयार हूँ। 

विनोद तिवारी ने कहा कि उच्च न्यायालय ने प्रथम दृष्टया आय से अधिक मामले की गंभीरता और प्रस्तुत तथ्यों और प्रमाणों के आंकलन करने के बाद ही डॉ रमन सिंह, ईडी और सीबीआई को नोटिस भेजा था। किन्तु छह हफ़्तों के बाद भी कोई कार्यवाही न होना यह दर्शाता है कि केंद्रीय जांच एजेंसियां केवल कठपुतली बनकर केंद्र सरकार के इशारे पर काम कर रही है और संविधान और न्यायिक व्यवस्था का मखौल उड़ा रही है।           

विनोद तिवारी ने बताया कि डॉ रमन सिंह और अभिषेक उर्फ़ अभिषाक सिंह ने करोड़ों संपत्ति गैर क़ानूनी तरीके से अर्जित की है। रमन सिंह के बेटे अभिषेक सिंह, अभिषाक सिंह के रूप में दोहरी पहचान रखते हैं। इस पहचान के जरिए उन्होंने तीन कंपनियां बनाई हैं और कई करोड़ रुपये का निवेश कर भ्रष्टाचार कर काली कमाई को कैसे ठिकाने लगाया और कैसे भारतीय कानूनों का उल्लंघन कर कंपनियों में शेयरों को ख़रीदा बेचा और विदेशी मुद्रा भंडार बनाया। 

इसका सारा लेखा जोखा ईडी और सीबीआई के पास है लेकिन केवल केंद्र सरकार के दबाव के चलते ये एजेंसियां छत्तीसगढ़ी के पूर्व मुख्यमंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रमन सिंह और उनके परिवार के सदस्यों को हाथ नहीं लगा पा रही है। जबकि इनके द्वारा निर्वाचन में गलत शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया है, रमन सिंह मेरे साथ ईडी के दफ्तर चलें और मेरी शिकायत पर जवाब मांग कर दिखाएं।

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आदिवासी सम्मेलन 9 को, आयोजक समिति ने अटल से की मुलाकात

 विश्व आदिवासी सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं मुख्यमंत्री

बिलासपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। 9 अगस्त विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर प्रदेश के आदिवासी समाज का एक बड़ा सम्मेलन बिलासपुर में आयोजित करने की तैयारी हो रही है, मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बिलासपुर के लिए एवं सम्मेलन में शामिल होने के लिए अपनी सहमति मिल चुकी है, सहमति मिलने के पश्चात आयोजकगण स्थल चयन एवं आयोजन को लेकर छ.ग.पर्यटन मण्डल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव से भेंट मुलाकात की और स्थल चयन को लेकर चर्चा की।

 

चर्चा के दौरान साईंस कालेज मैदान पर आयोजन करने की सहमति बनी। छ.ग.सर्व आदिवासी समाज के नेताओं ने पर्यटन मंडल अध्यक्ष अटल श्रीवास्तव के माध्यम से जिला प्रशासन से चर्चा कर कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने के लिए कहा। अटल श्रीवास्तव ने समाज को आश्वस्त किया कि उक्त सम्मेलन को कांग्रेस का पूरा सहयोग मिलेगा, स्थानीय नेतागण अपनी भागीदारी निभायेंगे।

उक्त सम्मेलन में पूरे प्रदेश से लगभग 10000 सर्व आदिवासी समाज के नेतागण शामिल होंगे। राज्य के बाहर देश और विदेश से भी आदिवासी नेताओं की शिरकत करने की संभावना है। इससे पूर्व यह आयोजन राजधानी रायपुर में होता रहा है, पहली बार यह आयोजन बिलासपुर में होगा। अटल श्रीवास्तव से मुलाकात करने वालों में प्रमुख रूप से सुभाष सिंह परते, आयुष सिंह राज, रामचंद्र धु्रव, भरतलाल मारको, शिव चेचाम, अनुप धुर्वे एवं अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। उक्ताशय की जानकारी प्रदेश प्रवक्ता अभय नारायण राय ने दी।

 

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छगविस : अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए समय बता पाना संभव नहीं : भूपेश बघेल

 रायपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अनियमित कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर बुधवार को विधानसभा में काफी बहस हुई। सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि नियमितीकरण पर विचार के लिए उच्च स्तरीय समिति बनी हुई है। एक साल चुनाव, और फिर दो साल कोरोना की वजह से प्रक्रिया में देरी हुई।

उन्होंने जोर देकर कहा कि घोषणा पत्र में जो कहा है, उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे। सीएम के जवाब से विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। शोर-शराबा और हंगामे के कारण सदन की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। कार्रवाई दोबारा शुरू होने पर विपक्षी सदस्यों ने सवाल पूछे, और संतोष जनक जवाब नहीं आने का आरोप लगाते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।

प्रश्नकाल में भाजपा सदस्य विद्यारतन भसीन की जगह नेता प्रतिपक्ष धरमलाल कौशिक ने सवाल पूछा। उन्होंने कहा कि अनियमित, संविदा, और दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए सरकार ने अभिमत मांगा, लेकिन वर्ष-2019 से अब तक अभिमत नहीं आना सरकार की नीयत को दर्शाता है। उन्होंने पूछा कि कर्मचारियों को कब तक नियमित करेंगे? इसके जवाब में सीएम ने कहा कि प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति की बैठक हुई है, जानकारी जुटाई जा रही है।

उन्होंने कहा कि जो भी घोषणा पत्र में कहा है उसे पूरा करने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा कि नियमितीकरण के लिए समय-सीमा बता पाना संभव नहीं है।

पूर्व मंत्री चंद्राकर ने कहा कि कुछ कर्मचारियों को नियमित किया जा चुका है। अभिमत आ चुका है। उन्होंने जोर देकर कहा कि 25 कर्मचारियों को नियमित किया गया है। उन्होंने पूछा कि ये कर्मचारी किस आधार पर नियमित हुए हैं? सीएम ने कहा कि प्रमुख सचिव उद्योग की अध्यक्षता में समिति बनाई गई थी। इसमें विधि, जीएडी , वित्त और ट्रायबल विभाग के सचिव हैं। उन्होंने कहा कि इस पर महाधिवक्ता से राय ली जा रही है।

विपक्षी सदस्यों ने देरी पर सवाल उठाए, तो खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने कहा कि 15 साल में आपने कुछ नहीं किया। सीएम ने आगे कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवेहलना न हो। इसलिए जानकारी एकत्र की जा रही, और इस पर निर्णय भी लिया जाएगा। भाजपा सदस्य शिवरतन शर्मा ने पूछा कि क्या कभी इसकी समीक्षा हुई है? इस पर क्या निर्णय लिया गया है? भाजपा सदस्य सौरभ सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को पता था कि अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण नहीं हो सकता था। इसके बावजूद घोषणा पत्र में शामिल किया गया।

सीएम ने कटाक्ष किया कि जिस तरह से सेना ने चार साल का नियम लागू कर दिया गया है, उसी तरह अगर सभी विभागों में यही नियम लागू हो गया, तो उसकी तैयारी अभी से करनी होगी। शिवरतन शर्मा के पूरक सवाल के जवाब में सीएम ने कहा कि समिति का गठन 2019 में हुआ था। कमेटी की बैठक से पहले जीएडी ने अभिमत के लिए विधि विभाग को भेज दिया। इससे विपक्षी सदस्य संतुष्ट नहीं हुए। सत्ता, और विपक्षी सदस्यों के बीच नोंक-झोंक शुरू हो गई। विपक्ष ने नारेबाजी शुरू कर दी। इसके बाद सदन की कार्रवाई 10 मिनट के लिए स्थगित कर दी गई। कार्रवाई दोबारा शुरू हुई, तो सीएम ने जवाब दोहराया। विपक्ष इससे संतुष्ट नहीं हुआ, और सदन से वॉकआउट कर दिया।

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