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आधुनिक खेती का नया अध्याय: अब सहकारी समितियों के जरिए किसानों को मिलेगी 'ड्रोन स्प्रेयर' की सुविधा

 कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने और किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने की दिशा में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। जिले की 5 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों में 'ड्रोन स्प्रेयर' सुविधा की आधिकारिक शुरुआत की गई है। राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने नवीन कृषि उपज मंडी परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर इस महत्वाकांक्षी पहल का शुभारंभ किया।

     ​कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित ड्रोन पायलटों ने बारिश की हल्की फुहारों के बीच ड्रोन स्प्रेयर का सफल प्रदर्शन किया। इस दौरान ड्रोन के माध्यम से उर्वरक और कीटनाशकों के सटीक छिड़काव, समय की बचत, कम लागत और बेहतर कृषि प्रबंधन की तकनीक को प्रदर्शित किया गया।

​समय और लागत की होगी बड़ी बचत: मंत्री श्री टंक राम वर्मा

     ​समारोह को संबोधित करते हुए राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने कहा कि आज का दिन जिले के कृषि इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने जैसा है। ड्रोन तकनीक से कम समय में अधिक क्षेत्रफल में छिड़काव संभव होगा, जिससे रसायनों का संतुलित उपयोग सुनिश्चित होगा। साथ ही किसानों के श्रम और लागत में भारी कमी आएगी। खेतों में सीधे जाने की आवश्यकता न होने से फसलों को होने वाले नुकसान से भी बचाव होगा। उन्होंने आगे कहा कि 'ड्रोन दीदी' पहल से ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को कौशल विकास के साथ आजीविका के नए अवसर प्राप्त होंगे।

​रासायनिक खेती छोड़ प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाएं किसान

     ​मंत्री श्री वर्मा ने रासायनिक रसायनों के दुष्प्रभावों पर चिंता जताते हुए किसानों से जैविक व प्राकृतिक खेती की ओर लौटने की अपील की। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन कृषि परंपराएं ही सतत (सस्टेनेबल) खेती का आधार हैं। जैविक खेती से भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहती है और खाद्यान्न की गुणवत्ता में सुधार होता है।

​इन 5 समितियों से मिलेगी ड्रोन की सुविधा

     ​जिले की बलौदाबाजार, कसडोल, बया, गिर्रा (पलारी) और दामाखेड़ा (सिमगा) सहकारी समितियों में फिलहाल 11 ड्रोन उपलब्ध कराए गए हैं। चालू वर्ष में सहकारिता विभाग ने ड्रोन के माध्यम से लगभग 50 हजार एकड़ क्षेत्र में छिड़काव का लक्ष्य तय किया है।
     किसानों को अपनी संबंधित समिति में जाकर छिड़काव की तिथि और रकबा (क्षेत्रफल) बताकर पर्ची कटवानी होगी। तय तिथि पर ड्रोन पायलट के साथ मशीन किसान के खेत पर पहुंचेगी। किसान को केवल खाद या कीटनाशक उपलब्ध कराना होगा। इसके लिए प्रति एकड़ एक निर्धारित शुल्क देय होगा।

समितियां बनीं 'मिनी बैंक', ऑनलाइन हुए सारे आंकड़े

      ​   ​कार्यक्रम में कलेक्टर ने बताया कि जिले की सभी समितियां अब पूर्णतः कंप्यूटरीकृत हो चुकी हैं। ये समितियां 'सीएससी' (CSC) और मिनी बैंक के रूप में कार्य कर रही हैं, जहां माइक्रो एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध है। अब किसानों को 10-20 हजार रुपये के आहरण के लिए बड़े बैंकों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।

​उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारी व प्रबंधक सम्मानित

    ​खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान खरीदी में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 17 समिति प्रबंधकों और ई-पैक्स (e-PACS) में सराहनीय कार्य करने वाले 10 कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा कार्यक्रम में 9 किसानों को केसीसी (KCC) चेक तथा 2 कृषकों को लर्निंग लाइसेंस का वितरण भी किया गया।
    ​इस अवसर पर नगरपालिका अध्यक्ष, पूर्व विधायक प्रमोद शर्मा, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, जिला पंचायत सदस्य जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष,सहित सहकारिता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
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राज्यपाल श्री डेका से महिला आयोग की अध्यक्ष ने भेंट की

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में राज्य महिला आयोग की नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. ममता साहू ने सौजन्य भेंट की

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राज्यपाल श्री डेका को प्रमुख लोकायुक्त श्री उबोवेजा ने आयोग का वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोकभवन में प्रमुख लोकायुक्त श्री इंदर सिंह उबोवेजा ने भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को छत्तीसगढ़ लोक आयोग के गतिविधियों की जानकारी दी और आयोग का वर्ष 2025-26 का वार्षिक प्रतिवेदन सौंपा।


इस अवसर पर छत्तीसगढ़ लोक आयोग के सचिव श्री दीपक अग्रवाल, उप सचिव सुश्री चित्रलेखा सोनवानी, कानूनी सलाहकार श्री अजीत कुमार राजभानु एवं आयोग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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सीसीटीएनएस को और सशक्त बनाने उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

 छत्तीसगढ़ में नवीन भारतीय न्याय संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन तथा न्याय प्रक्रिया को तकनीक आधारित, सरल एवं त्वरित बनाने की दिशा में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मंगलवार को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रेकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम (सीसीटीएनएस) की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में सीसीटीएनएस के संचालन में आ रही व्यवहारिक चुनौतियों, विभिन्न डिजिटल मॉड्यूल के एकीकरण तथा न्यायिक एवं पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए विस्तृत चर्चा की गई।


          उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप अपराधों की विवेचना, साक्ष्य संकलन, न्यायालयीन प्रक्रिया तथा विभिन्न विभागों के बीच समन्वय को पूर्णतः डिजिटल और समयबद्ध बनाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने निर्देश दिए कि सीसीटीएनएस के माध्यम से न्याय प्रक्रिया के प्रत्येक चरण को अधिक सुगम, पारदर्शी और नागरिक हितैषी बनाया जाए।

ई-एफआईआर से ई-फोरेंसिक तक सभी डिजिटल मॉड्यूल के प्रभावी संचालन पर जोर

        बैठक में ई-एफआईआर, ई-चालान, ई-साक्ष्य, मेडलीपार, ई-प्रिजन, ई-फोरेंसिक, सीआईएस, न्याय श्रुति तथा अन्य डिजिटल प्रणालियों को सीसीटीएनएस के साथ प्रभावी रूप से संचालित करने पर विस्तार से चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन सभी मॉड्यूलों के बीच समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को अधिक तेज और पारदर्शी बनाया जाए, जिससे नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध हो सके।

ई-साक्ष्य के लिए सभी जिलों में विशेष प्रशिक्षण अभियान चलेगा

        श्री शर्मा ने कहा कि डिजिटल साक्ष्यों का महत्व लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य के सभी जिलों में पुलिस अधिकारियों एवं संबंधित कर्मचारियों को ई-साक्ष्य प्रणाली का व्यापक प्रशिक्षण दिया जाए, ताकि डिजिटल साक्ष्यों का संकलन, संरक्षण एवं न्यायालय में प्रस्तुतिकरण पूरी दक्षता के साथ किया जा सके। उन्होंने अच्छा कार्य करें वाले जिलों को प्रोत्साहित कर उन

'न्याय श्रुति' को शीघ्र किया जाएगा गो-लाइव
          बैठक में न्याय श्रुति प्रणाली को शीघ्र प्रारंभ करने पर भी चर्चा हुई। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उच्च न्यायालय के माध्यम से सभी न्यायाधीशों की आवश्यक आईडी तैयार कराकर न्याय श्रुति प्रणाली को जल्द से जल्द गो-लाइव किया जाए, जिससे न्यायालयीन प्रक्रियाओं में तकनीक का अधिक प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो सके।

दुर्ग, बिलासपुर और रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में होंगे ई-साइनिंग पैड
         बैठक में प्रार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। उप मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रारंभिक चरण में दुर्ग, बिलासपुर तथा रायपुर कमिश्नरेट के सभी थानों में तथा राज्य के प्रत्येक जिले के दो-दो थानों में इस माह के अंत तक दो-दो ई-साइनिंग पैड उपलब्ध कराए जाएं। इससे शिकायतकर्ताओं के डिजिटल हस्ताक्षर की प्रक्रिया सरल होगी और दस्तावेजों का ऑनलाइन निष्पादन अधिक प्रभावी ढंग से हो सकेगा। इसके बाद पूरे राज्य में सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

आईसीजेएस के पांचों स्तंभों को मजबूत करने पर जोर

           श्री शर्मा ने नवीन भारतीय न्याय संहिता के अनुरूप न्याय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम के सभी पांचों स्तंभों को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस, न्यायालय, जेल, फोरेंसिक तथा अभियोजन तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर न्याय प्रक्रिया को समयबद्ध बनाया जाए।

मेडलीपार से जुड़ेंगे जिला अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री ने दिया सहयोग का भरोसा
          बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मेडिकल जांच एवं रिपोर्ट की प्रक्रिया को और तेज बनाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को कार्ययोजना तैयार कर सभी जिला अस्पतालों को मेडलीपार प्रणाली से जोड़ने तथा प्रत्येक जिले में नोडल अधिकारी नियुक्त कर प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने अगले तीन से चार महीनों के भीतर इस पूरी प्रणाली को पूर्ण रूप से कार्यशील बनाने के निर्देश दिए।

एनसीआरबी और एनआईसी मिलकर दूर करेंगे तकनीकी समस्याएं

        उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीबीआर) के अधिकारियों से कहा कि वे राज्य में आकर ऑनबोर्डिंग के दौरान आ रही तकनीकी समस्याओं का राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के साथ समन्वय कर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करें, ताकि सीसीटीएनएस की सभी सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित हो सकें।

निजी अस्पतालों को भी सीसीटीएनएस से जोड़ने की पहल

       श्री शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों को भी चरणबद्ध तरीके से सीसीटीएनएस प्रणाली से जोड़ने के प्रयास किए जाएं। इससे मेडिकल साक्ष्यों के आदान-प्रदान और जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी तथा न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बनेगी। उन्होंने दुर्ग जिले में ऑनलाइन सीसीटीएनएस प्रणाली के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

एफएसएल की कार्यप्रणाली में सुधार के निर्देश
         बैठक में उप मुख्यमंत्री ने विधि विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की समीक्षा करते हुए सभी प्रकार के प्रकरणों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) निर्धारित करने तथा जांच की समय-सीमा तय कर उसे न्यूनतम करने के निर्देश दिए। साथ ही फोरेंसिक विशेषज्ञों की आवश्यक भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करने तथा लंबित प्रकरणों की संख्या में उल्लेखनीय कमी लाने पर विशेष जोर दिया।

         इस अवसर पर प्रमुख सचिव सुश्री निहारिका बारिक सिंह, प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, पुलिस महानिरीक्षक श्री ध्रुव गुप्ता, एनसीआरबी एवं सीसीटीएनएस के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से तथा राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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नई पीढ़ी का भविष्य संवारना ही हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 शिक्षा का उद्देश्य केवल परीक्षा में अच्छे अंक लाना नहीं, बल्कि बच्चों में नैतिक मूल्यों, वैज्ञानिक सोच, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना का विकास करना है। शिक्षा  संस्कारित समाज, सशक्त राष्ट्र और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे मजबूत आधारशिला है। राज्य सरकार का संकल्प है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा संसाधनों या अवसरों के अभाव में अपने सपनों से वंचित न रहे। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक अधोसंरचना, तकनीकी संसाधन और समान अवसर उपलब्ध कराकर प्रदेश की नई पीढ़ी को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के पाटन विकासखंड स्थित स्वामी आत्मानंद शासकीय उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, जामगांव (एम) में आयोजित राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव 2026-27 को संबोधित करते हुए यह बात कही। 


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम के प्रारंभ में विद्यालय में पहली बार प्रवेश लेने वाले नन्हे बच्चों का तिलक लगाकर एवं मुंह मीठा कराकर आत्मीय स्वागत किया। उन्होंने बच्चों को स्नेह पूर्वक आशीर्वाद देते हुए कहा कि वे मन लगाकर अध्ययन करें, बड़े सपने देखें और अपने ज्ञान, प्रतिभा एवं संस्कारों से परिवार, समाज, प्रदेश और देश का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि बच्चों की मुस्कान और उनकी आंखों में बसे सपने ही विकसित छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल भविष्य  की नींव हैं।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कक्षा पहली, छठवीं एवं नवमी के चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क पाठ्य-पुस्तकें, गणवेश एवं स्कूल बैग वितरित किए। साथ ही कक्षा नवमी की छात्राओं को साइकिल प्रदान कर उन्हें उच्च शिक्षा के लिए निरंतर आगे बढ़ने का संदेश दिया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने राष्ट्रीय साधन सह प्रवीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा 2025-26 में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए कहा कि प्रतिभा किसी क्षेत्र या परिस्थिति की मोहताज नहीं होती, आवश्यकता केवल सही अवसर और उचित मार्गदर्शन की होती है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार शिक्षा व्यवस्था को केवल बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उसे भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप आधुनिक और समावेशी बना रही है। प्रदेश के विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, समय पर निःशुल्क पुस्तक एवं गणवेश वितरण, अतिरिक्त पौष्टिक आहार, नियमित पालक-शिक्षक बैठक, न्योता भोज और भारतीय संस्कृति पर आधारित विभिन्न नवाचारों के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास का वातावरण तैयार किया जा रहा है। 

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने युक्तियुक्तकरण के माध्यम से शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। आज प्रदेश का कोई भी विद्यालय शिक्षक विहीन नहीं है। दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य किया जा रहा है। बस्तर के जगरगुंडा जैसे क्षेत्रों में एजुकेशन हब विकसित किए जा रहे हैं, ताकि वहां के बच्चों को भी बड़े शहरों जैसी शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकें। 

उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 15 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, 24 नालंदा परिसर विकसित किए जा चुके हैं तथा दिल्ली में अध्ययनरत विद्यार्थियों के लिए 200 सीटों की छात्रावास सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने दुर्ग जिले के लिए शिक्षा एवं खेल अधोसंरचना से जुड़ी चार महत्वपूर्ण घोषणाएं की। उन्होंने शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों के स्थान पर आधुनिक कम्पोजिट कार्यालय भवन के निर्माण की घोषणा की। इसके साथ ही दुर्ग शहर में सर्वसुविधायुक्त आधुनिक ऑडिटोरियम, खेल प्रतिभाओं के लिए फुटबॉल मैदान सह एथलेटिक्स ट्रैक तथा नीट एवं जेईई जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों के लिए 100-100 सीटर छात्र एवं छात्रा छात्रावास स्थापित किए जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन निर्णयों से शिक्षा और खेल दोनों क्षेत्रों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर वातावरण मिलेगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्यालय की खगोल विज्ञान प्रयोगशाला का अवलोकन किया और विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए अंतरिक्ष विज्ञान एवं खगोल से जुड़े मॉडलों की सराहना की। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नवाचार ही भविष्य के भारत की पहचान होंगे और राज्य सरकार बच्चों में विज्ञान एवं तकनीक के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय एवं स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने विद्यालय परिसर में 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान के अंतर्गत कटहल, सिंदूरी एवं मौलश्री के पौधे रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने स्कूली बच्चों के साथ न्योता भोज में भी सहभागिता की और आत्मीय संवाद करते हुए उनके अध्ययन, रुचियों और भविष्य की आकांक्षाओं के बारे में जानकारी ली।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा में राज्य स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का सम्मान भी किया गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली कु. पायल रजनी, सातवां स्थान प्राप्त करने वाले नैतिक आमटे तथा दसवां स्थान प्राप्त करने वाली कु. श्रद्धा इंदौरिया को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए विद्यालयों में चरणबद्ध रूप से कंप्यूटर शिक्षा का विस्तार कर रही है। बालिकाओं के लिए आठ हजार से अधिक नए शौचालयों का निर्माण, भाषा एवं गणितीय दक्षता बढ़ाने के विशेष अभियान तथा भारतीय संस्कृति एवं महापुरुषों के जीवन से विद्यार्थियों को जोड़ने जैसे नवाचार शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगामी वर्षों में निजी विद्यालयों की तर्ज पर शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के पहले ही दिन सभी विद्यार्थियों को पुस्तकें एवं गणवेश उपलब्ध हो सकें।

इस अवसर पर दुर्ग ग्रामीण विधायक श्री ललित चंद्राकर, साजा विधायक श्री ईश्वर साहू, छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश पाण्डेय, तेलघानी विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री जितेन्द्र साहू, स्कूल शिक्षा सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस महानिरीक्षक श्री अभिषेक शांडिल्य, समग्र शिक्षा आयुक्त श्रीमती किरण कौशल, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, अभिभावक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
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जनदर्शन में पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने सुनीं लोगों की समस्याएं, त्वरित समाधान के दिए निर्देश

 पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर स्थित अपने निवास पर आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे क्षेत्रवासियों की समस्याएं एवं मांगें गंभीरता से सुनीं। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक आवेदक से आत्मीय संवाद करते हुए उनकी समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।


जनदर्शन के दौरान नागरिकों ने सड़क, पेयजल, विद्युत, राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा अन्य जनसुविधाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपनी समस्याएं और सुझाव मंत्री के समक्ष रखे। श्री अग्रवाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त आवेदनों पर संवेदनशीलता के साथ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम नागरिकों को समयबद्ध राहत मिल सके।

श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि शासन की प्राथमिकता आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान करना और विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जनदर्शन आम नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच संवाद का सशक्त माध्यम है, जिससे लोगों की समस्याओं को सीधे समझकर उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों की अपेक्षाओं पर खरा उतरना और क्षेत्र के समग्र विकास के संकल्प को साकार करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी भावना के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा विकास कार्यों को गति देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

जनदर्शन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे मंत्री के समक्ष रखने और उनके त्वरित समाधान के लिए दिए गए निर्देशों पर संतोष व्यक्त करते हुए शासन की इस जनसुनवाई व्यवस्था की सराहना की।
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मुख्य सचिव श्री विकास शील ने गृह विभाग की राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम संबंधी बैठक ली

  छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकास शील ने आज मंत्रालय महानदी भवन में गृह विभाग के अंतर्गत राष्ट्रीय अपराध और अपराधी ट्रैकिंग नेटवर्क एवं सिस्टम (CCTNS) के डैशबोर्ड की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक ली। बैठक में राज्य के कमजोर बिंदुओं को चिन्हित कर उनमें त्वरित सुधार करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के डीजीपी श्री अरुण देव गौतम भी विशेष रूप से मौजूद थे।


स्टेट स्कोरकार्ड में मिले 64.97 अंक, प्रशासनिक सुधार में पूर्ण अंक

         बैठक के दौरान अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा जारी नवीनतम स्टेट स्कोरकार्ड में छत्तीसगढ़ को 100 में से 64.97 अंक प्राप्त हुए हैं। हालांकि राज्य ने 'प्रशासनिक सुधार' और 'मेडलीगल रिपोर्ट पोर्टल' के क्रियान्वयन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूर्ण अंक हासिल किए हैं।

जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट को सुदृढ़ करने पर जोर

         मुख्य सचिव श्री विकास शील ने कानून व्यवस्था और डिजिटल पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जीरो एफआईआर और ई-चार्जशीट की व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं पारदर्शी बनाया जाए। न्यायालयों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'न्याय श्रुति प्रणाली' को शीघ्र अति शीघ्र प्रारंभ किया जाए। मामलों के त्वरित निपटारे के लिए निर्धारित 60 एवं 90 दिवस के भीतर हर हाल में न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया जाए। डिजिटल साक्ष्यों की महत्ता को देखते हुए ई-साक्ष्य (E-Evidence) के उपयोग को बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।

          डैशबोर्ड की समीक्षा के दौरान पुलिस और गृह विभाग के समन्वय पर विशेष बल दिया गया। इस उच्च स्तरीय बैठक में गृह विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक सिंह, विधि एवं विधायी विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती सुषमा सावंत, गृह विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित कई अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
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आत्मनिर्भर भारत की ऐतिहासिक उड़ान : विक्रम-1 की सफलता पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा विकसित भारत के पहले निजी कक्षीय प्रक्षेपण यान विक्रम-1 के सफल प्रक्षेपण पर प्रसन्नता व्यक्त की है। उन्होंने इसे देश के अंतरिक्ष इतिहास में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में अंतरिक्ष क्षेत्र में किए गए व्यापक सुधारों और निजी क्षेत्र को प्रोत्साहन की नीतियों के फलस्वरूप आज भारत वैश्विक अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में नई पहचान बना रहा है। विक्रम-1 का सफल प्रक्षेपण इसी परिवर्तनकारी सोच का परिणाम है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने स्काईरूट एयरोस्पेस की पूरी टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह उपलब्धि भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अतिवृष्टि प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश : प्रभावित परिवारों तक बिना विलंब राहत सामग्री एवं आवश्यक सहायता पहुँचाने के निर्देश

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बिलासपुर एवं जांजगीर-चांपा जिलों में हुई अत्यधिक वर्षा एवं जलभराव की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिला प्रशासन पूरी सतर्कता और तत्परता के साथ कार्य करते हुए प्रत्येक प्रभावित एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय पर राहत और आवश्यक सहायता सुनिश्चित करे।


मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री, भोजन, पेयजल, चिकित्सा सहित सभी आवश्यक सुविधाएँ बिना किसी विलंब के उपलब्ध कराई जाएँ। साथ ही जलनिकासी की त्वरित व्यवस्था, क्षतिग्रस्त मार्गों की शीघ्र बहाली तथा जनसुविधाओं को जल्द सामान्य करने के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त संसाधन एवं सहायता भी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि राहत कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों की सुरक्षा तथा प्रत्येक प्रभावित परिवार तक समय पर राहत पहुँचाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता, तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ प्रभावित नागरिकों के साथ खड़ी है तथा जनजीवन को शीघ्र सामान्य बनाने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।
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कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में उर्वरक गुणवत्ता नियंत्रण में छत्तीसगढ़ बना देश के लिए मिसाल

 कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ कृषि विभाग गुणवत्तापूर्ण उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, किसानों के हितों की रक्षा करने तथा कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही स्थापित करने की दिशा में राष्ट्रीय स्तर पर एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रहा है।


कृषि विभाग द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराने तथा नकली एवं अमानक उर्वरकों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए व्यापक अभियान चलाया जा है। उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत चालू खरीफ सीजन के दौरान विभाग द्वारा की गई प्रवर्तन कार्रवाई छत्तीसगढ़ देश के लिए मिसाल बना है। वर्ष 2025 की तुलना में कुल कार्रवाई में 10.25 गुना वृद्धि दर्ज करते हुए विभाग ने 44 से बढ़ाकर 451 मामलों में कार्रवाई की है। 

बता दें कि कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम के नेतृत्व में  कृषि विभाग द्वारा किसानों के हितों की रक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए उर्वरकों की गुणवत्ता, भंडारण, विक्रय एवं वितरण पर राज्यभर में सघन निरीक्षण अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप अमानक उर्वरकों के विक्रय पर प्रभावी अंकुश लगा है तथा कृषि आदानों की पारदर्शी आपूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित हुई हैं।

सख्त कार्रवाई से बढ़ा भरोसा

कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि वर्ष 2026 में प्रवर्तन कार्रवाई के प्रत्येक क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। वहीं गड़बड़ी सख्त कार्रवाई से किसानों का भरोसा विभागों के प्रति बढ़ा है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष कि तुलना में इस खरीफ सीजन में न्यायालय में प्रस्तुत प्रकरणों की संख्या 4 से बढ़कर 56 हो गई, जबकि जब्ती की कार्रवाई 2 से बढ़कर 98 तक पहुंच गई। इसी प्रकार लाइसेंस निलंबन के मामलों में 3 से बढ़कर 97, लाइसेंस निरस्तीकरण 2 से बढ़कर 10 तथा विक्रय प्रतिबंध की कार्रवाई 33 से बढ़कर 183 हो गई। इसके अतिरिक्त पहली बार 7 एफआईआर भी दर्ज कराई गईं, जो विभाग की कड़ी निगरानी एवं शून्य सहिष्णुता की नीति को दर्शाती हैं।

कृषि मंत्री श्री नेताम के नेतृत्व में विभाग ने यह सुनिश्चित किया गया है कि किसानों को केवल प्रमाणित एवं गुणवत्तापूर्ण उर्वरक ही उपलब्ध हों। विभाग द्वारा राज्यभर में नियमित निरीक्षण, नमूना परीक्षण, शिकायतों का त्वरित निराकरण तथा दोषी विक्रेताओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई से किसानों का विश्वास और मजबूत हुआ है।

कृषि आदानों से समृद्ध कृषि की दिशा में प्रयास

कृषि विभाग का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं, बल्कि कृषि आदानों की गुणवत्ता सुनिश्चित कर किसानों की आय एवं उत्पादकता बढ़ाना भी है। विभाग द्वारा नियमों का कड़ाई से पालन, सतत निगरानी तथा पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से प्रदेश में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण कृषि वातावरण विकसित किया जा रहा है।
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छत्तीसगढ़ में स्वतंत्रता दिवस 2026 की तैयारियां शुरू

 छत्तीसगढ़ शासन ने स्वतंत्रता दिवस 2026 को पूरे प्रदेश में गरिमामय, भव्य और प्रेरणादायी ढंग से मनाने के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस वर्ष का स्वतंत्रता दिवस विशेष होने जा रहा है, क्योंकि इस मौके पर राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम्' के 150 वर्ष पूरे होने का ऐतिहासिक उत्सव भी मनाया जाएगा। शासन द्वारा सभी जिलों के कलेक्टरों और विभागीय प्रमुखों को आयोजनों की समुचित निगरानी के कड़े निर्देश दिए गए हैं।


मुख्यमंत्री रायपुर में करेंगे ध्वजारोहण, वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य

            राजधानी रायपुर के स्थानीय पुलिस परेड ग्राउंड में मुख्य राज्य स्तरीय समारोह 15 अगस्त की प्रातः 9:00 बजे आयोजित किया जाएगा। इस भव्य समारोह में माननीय मुख्यमंत्री जी ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे।
ऐतिहासिक अवसर वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सभी शासकीय कार्यक्रमों में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन अनिवार्य किया गया है। परेड में बीएसएफ, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (पुरुष व महिला), नगर सेना, एनसीसी तथा बैंड प्लाटून की टुकड़ियाँ भाग लेंगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री जी प्रदेश की जनता के नाम संदेश देंगे।

जिला और ब्लॉक स्तर पर मंत्रियों व स्थानीय जन-प्रतिनिधियों को कमान

               जिला मुख्यालयों में शासन द्वारा नामित मंत्रीगण ध्वजारोहण कर परेड की सलामी लेंगे और मुख्यमंत्री के संदेश का वाचन करेंगे। यहाँ स्कूली बच्चों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। जनपद पंचायत मुख्यालयों में जनपद पंचायत अध्यक्ष, नगर पालिकाओं व पंचायतों में उनके अध्यक्ष व सरपंच तथा बड़े गांवों में ग्राम प्रमुख ध्वजारोहण करेंगे। इन स्थलों पर राष्ट्रीय गान, भाषण तथा देश की एकता एवं अखण्डता का संदेश प्रसारित किया जाएगा।

शहीदों के परिजनों का सम्मान 

             जिला कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि जिला स्तरीय समारोह में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और नक्सली हिंसा में शहीद हुए जवानों के परिजनों को विशेष व सम्मानपूर्वक रूप से आमंत्रित कर सम्मानित किया जाए।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जारी होने वाले सरकारी विज्ञापन स्वतंत्रता संग्राम के नायकों और छत्तीसगढ़ के शहीदों को समर्पित होंगे। इन विज्ञापनों का प्रकाशन 15 अगस्त के दिन समाचार पत्रों में सुनिश्चित किया जाएगा।

रात्रि में शासकीय भवनों पर होगी विशेष रोशनी

            स्वतंत्रता दिवस की रात्रि को प्रदेश के सभी शासकीय भवनों, कार्यालयों और राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों को आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया जाएगा, जिसका खर्च संबंधित विभाग स्वयं वहन करेंगे। आम नागरिकों और निजी संस्थाओं से भी अपने भवनों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने और रात्रि में रोशनी करने की अपील की जाएगी।

संस्थानों के लिए अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

            शासकीय एवं शिक्षण संस्थाओं में प्रातः 9:00 बजे से पहले ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक, साहित्यिक, खेलकूद और वृक्षारोपण जैसे कार्यक्रम संपन्न कराने होंगे। लाउडस्पीकर के प्रयोग हेतु जिला कलेक्टर से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा। लाउडस्पीकर पर केवल मर्यादित और देशभक्ति से ओतप्रोत गीत ही बजाए जा सकेंगे।
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डबल इंजन सरकार के संकल्प को नई गति: केंद्र के ऐतिहासिक निर्णयों से छत्तीसगढ़ को मिलेगा औद्योगिक और कृषि विकास का नया आधार

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा सेमिकॉन 2.0, राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 (NIPU-2026) तथा मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (MPMS) को स्वीकृति दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरदर्शी निर्णय बताया है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज आत्मनिर्भरता, नवाचार और अत्याधुनिक विनिर्माण के नए युग की ओर तेजी से अग्रसर है। केंद्र सरकार के ये तीनों महत्वपूर्ण निर्णय देश की औद्योगिक क्षमता, कृषि सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने वाले सिद्ध होंगे। उन्होंने इसके लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय मंत्रिमंडल के प्रति आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ₹1,27,500 करोड़ की सेमिकॉन 2.0 योजना देश में सेमीकंडक्टर एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के लिए विश्वस्तरीय पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इससे भारत वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ भी नई औद्योगिक नीति, बेहतर अधोसंरचना, निवेश अनुकूल वातावरण और कौशल विकास के माध्यम से उच्च तकनीक आधारित उद्योगों के लिए तेजी से उभरता हुआ गंतव्य बन रहा है। इस प्रकार की राष्ट्रीय पहल से राज्य में भी निवेश और रोजगार की नई संभावनाएं विकसित होंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय यूरिया निवेश नीति-2026 देश में उर्वरकों की उपलब्धता को सुदृढ़ करेगी तथा किसानों को समय पर आवश्यक उर्वरक उपलब्ध कराने में सहायक होगी। इसका लाभ छत्तीसगढ़ के लाखों किसानों को मिलेगा और कृषि उत्पादन को नई मजबूती प्राप्त होगी। उन्होंने कहा कि किसानों की समृद्धि और कृषि क्षेत्र की आत्मनिर्भरता के लिए केंद्र और राज्य सरकार निरंतर समन्वित रूप से कार्य कर रही हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि ₹62,500 करोड़ की मोबाइल फोन विनिर्माण प्रोत्साहन योजना (MPMS) भारत को वैश्विक इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और निर्यात के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे भारतीय ब्रांडों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार तथा स्थानीय विनिर्माण को व्यापक प्रोत्साहन मिलेगा। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी औद्योगिक निवेश, इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी तथा उभरते प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में अनुकूल वातावरण तैयार किया जा रहा है, जिससे राज्य के युवाओं के लिए रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लिए जा रहे ऐसे दूरदर्शी निर्णय विकसित भारत के साथ-साथ विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को भी नई गति प्रदान करेंगे। नवाचार, निवेश, तकनीकी आत्मनिर्भरता, आधुनिक विनिर्माण और कृषि सशक्तिकरण पर आधारित यह विकास मॉडल आने वाले वर्षों में देश और प्रदेश दोनों की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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ग्रामीण विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीकों से जोड़ना विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों से जोड़ने और विज्ञान आधारित शिक्षा को नई दिशा देने की दिशा में आज एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत हुई।  मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज विधानसभा परिसर से ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ के अंतर्गत संचालित निःशुल्क मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अत्याधुनिक मोबाइल लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के विद्यालयों तक पहुँचकर विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), एयरोमॉडलिंग तथा ऑगमेंटेड एवं वर्चुअल रियलिटी (AR/VR) जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करेगी।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने  कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के लिए आवश्यक है कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी आधुनिक विज्ञान और तकनीक की मुख्यधारा से जुड़ें। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ केवल एक मोबाइल लैब नहीं, बल्कि ग्रामीण विद्यार्थियों के सपनों को नई उड़ान देने वाली अभिनव पहल है। यह बच्चों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, आत्मविश्वास और तकनीकी दक्षता विकसित करने का प्रभावी माध्यम बनेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज पूरी दुनिया कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, ड्रोन, डेटा साइंस और डिजिटल तकनीकों की ओर तेजी से आगे बढ़ रही है। ऐसे समय में यह आवश्यक है कि ग्रामीण अंचलों के विद्यार्थियों को भी इन उभरती हुई तकनीकों का ज्ञान और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि अवसरों में किसी प्रकार की असमानता न रहे और गाँव का बच्चा भी भविष्य की तकनीकों में उतना ही सक्षम बने जितना किसी महानगर का विद्यार्थी होता है।

उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति का मूल उद्देश्य भी विद्यार्थियों में कौशल, नवाचार, प्रयोगधर्मिता और रचनात्मक सोच का विकास करना है। यह मोबाइल लैब उसी दिशा में एक सार्थक प्रयास है, जो बच्चों को केवल तकनीक का उपयोग करना ही नहीं सिखाएगी, बल्कि उन्हें नई तकनीकों के निर्माण और नवाचार की दिशा में भी प्रेरित करेगी।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है तथा बच्चों को समय के साथ नई तकनीकों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ‘भावना दीदी की साइंस पाठशाला’ जैसी अभिनव पहल ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को भी वही अवसर उपलब्ध कराएगी, जो बड़े शहरों के विद्यार्थियों को मिलते हैं। इससे बच्चों में विज्ञान के प्रति जिज्ञासा बढ़ेगी, नवाचार की सोच विकसित होगी और वे आधुनिक तकनीकों को समझने के साथ उनका व्यावहारिक उपयोग भी सीख सकेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि मोबाइल लैब के माध्यम से विद्यार्थी केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि स्वयं ड्रोन उड़ाने, रोबोट संचालित करने, 3डी मॉडल तैयार करने और आधुनिक उपकरणों पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने कहा कि यह पहल ग्रामीण प्रतिभाओं को नई दिशा देने के साथ-साथ भविष्य के वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की मजबूत नींव तैयार करेगी।

उन्होंने पंडरिया विधायक श्रीमती भावना बोहरा की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, नवाचार और युवा प्रतिभाओं के विकास के लिए निरंतर नए प्रयास कर रही हैं। यह मोबाइल साइंस लैब भी उनकी दूरदर्शी सोच और शिक्षा के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है, जो आने वाले समय में हजारों विद्यार्थियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।

मोबाइल लैब की तकनीकी सुविधाओं का किया अवलोकन

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब का अवलोकन किया। प्रशिक्षकों ने उन्हें लैब में उपलब्ध विभिन्न उपकरणों, प्रशिक्षण मॉड्यूल और शिक्षण प्रणाली की विस्तार से जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने विशेष रुचि लेते हुए एआई, रोबोटिक्स, ड्रोन और अन्य तकनीकी उपकरणों का स्वयं निरीक्षण किया तथा यह जाना कि विद्यार्थी किस प्रकार इन तकनीकों को व्यवहारिक रूप से सीखेंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने वाला अभिनव और प्रेरणादायी प्रयास बताया। उन्होंने लैब में प्रदर्शित विभिन्न तकनीकी मॉड्यूल का अवलोकन करते हुए प्रशिक्षकों से प्रशिक्षण प्रक्रिया की जानकारी ली और बच्चों को मिलने वाले व्यावहारिक अनुभव की सराहना की। उन्होंने कहा कि प्रयोग आधारित शिक्षा विद्यार्थियों में सीखने की रुचि और आत्मविश्वास दोनों को बढ़ाती है।

एक वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक पहुँचेगी तकनीकी शिक्षा

उल्लेखनीय है कि यह मोबाइल इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों तथा सरस्वती शिशु मंदिरों में जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेगी। पाँच अनुभवी प्रशिक्षकों की टीम प्रत्येक विद्यालय में तीन से पाँच दिनों की कार्यशाला आयोजित करेगी, जिसमें विद्यार्थियों को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन एवं एयरोमॉडलिंग, 3डी प्रिंटिंग, कोडिंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स  तथा AR/VR जैसी आधुनिक तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा।

प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी पहल के तहत पहले वर्ष में पाँच हजार से अधिक विद्यार्थियों तक तकनीकी शिक्षा पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में कक्षा 10वीं, 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि आगामी चरणों में अन्य कक्षाओं के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।

इस मोबाइल लैब की सबसे बड़ी विशेषता इसकी हैंड्स-ऑन लर्निंग पद्धति है। विद्यार्थी स्वयं ड्रोन उड़ाना, रोबोट संचालित करना, कोडिंग करना, 3डी मॉडल तैयार करना तथा AI और AR/VR जैसी तकनीकों का वास्तविक अनुभव प्राप्त करेंगे। इससे उनमें तकनीकी समझ, रचनात्मकता, समस्या समाधान क्षमता और नवाचार की भावना का विकास होगा।

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मोबाइल लैब में स्थापित फीडबैक बोर्ड पर अपने विचार भी लिखे और इस अभिनव पहल की सफलता के लिए शुभकामनाएँ दीं।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक श्रीमती भावना बोहरा, विधायक श्री सुशांत शुक्ला, विधायक श्री योगेश्वर राजू सिन्हा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
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डॉ. ममता साहू ने संभाली छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की कमान

 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा नियुक्त डॉ. ममता साहू ने मंगलवार को छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष के रूप में विधिवत पदभार ग्रहण किया।


 शास्त्री चौक स्थित राज्य महिला आयोग कार्यालय में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में उन्होंने कार्यभार संभालते हुए महिलाओं के अधिकारों के संरक्षण, उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण तथा महिला सशक्तिकरण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. ममता साहू ने आयोग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों से परिचय प्राप्त किया और सभी से समर्पण, पारदर्शिता तथा संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपेक्षा की। उन्होंने आयोग के विभिन्न कक्षों का निरीक्षण कर कार्यालयीन व्यवस्थाओं का अवलोकन भी किया।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग महिलाओं को न्याय दिलाने, उनकी शिकायतों के प्रभावी एवं समयबद्ध निराकरण तथा उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि आयोग महिलाओं के हितों से जुड़े मामलों में सक्रिय भूमिका निभाते हुए उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयास करेगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ हस्तशिल्प विकास बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सरला कोसरिया, नगर निगम रायपुर के पार्षद महेश ध्रुव, दुर्गेश राव, श्रीमती रजनी शेंगडे, जितेन्द्र साहू, कृष्णा साहू, श्रीमती सीमा डहरिया, गीतेश साहू सहित आयोग के सचिव, सहायक संचालक, लेखाधिकारी एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
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लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को चिरस्थायी बनाएगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज दुर्ग जिले के ग्राम गनियारी पहुंचे, जहां उन्होंने विश्वविख्यात पंडवानी गायिका, पद्मश्री, पद्मभूषण एवं पद्म विभूषण से सम्मानित स्वर्गीय डॉ. तीजन बाई के दशगात्र एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल होकर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके पैतृक गृह ग्राम गनियारी में आयोजित इस शोकसभा में मुख्यमंत्री ने स्व. डॉ. तीजन बाई के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें सादर नमन किया तथा शोकसंतप्त परिजनों से भेंट कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्व. डॉ. तीजन बाई के पुत्र श्री दिलहरण पारधी तथा परिवार के अन्य सदस्यों से भेंट कर उनका हालचाल जाना और उन्हें ढांढस बंधाया।

 
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे देश की सांस्कृतिक पहचान थीं। उन्होंने अपनी विलक्षण प्रतिभा, अद्भुत साधना और पंडवानी की कापालिक शैली के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति को विश्व पटल पर प्रतिष्ठित किया। 

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. डॉ. तीजन बाई का योगदान  आने वाली पीढ़ियों को भी निरंतर प्रेरित करता रहेगा। स्व. डॉ. तीजन बाई का संपूर्ण जीवन लोककला, संस्कृति और परंपरा के संरक्षण एवं संवर्धन को समर्पित रहा। उन्होंने पंडवानी को विश्व मंच तक पहुंचाकर न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि भारतीय लोक संस्कृति को वैश्विक पहचान दिलाई। उनकी कला, साधना और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।

उन्होंने कहा कि राज्योत्सव के अवसर पर प्रतिवर्ष 'डॉ. तीजन बाई लोककला अलंकरण' प्रदान किया जाएगा, जिसके माध्यम से लोक कला के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों का सम्मान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ग्राम गनियारी स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का नामकरण स्व. डॉ. तीजन बाई के नाम पर किया जाएगा, ताकि इस क्षेत्र के विद्यार्थी उनके जीवन, संघर्ष और उपलब्धियों से प्रेरणा प्राप्त कर सकें। मुख्यमंत्री ने यह कहा कि लोककला की महान साधिका डॉ. तीजन बाई की स्मृतियों को राज्य सरकार द्वारा चिरस्थायी रखते हुए  उनकी जीवनभर की कला-साधना के प्रतीक रहे तंबूरे को रायपुर के संग्रहालय में पूरे सम्मान के साथ संरक्षित रखा जाएगा, जिससे भविष्य की पीढ़ियां उनकी अमूल्य सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकें।

श्रद्धांजलि सभा को सांसद श्री विजय बघेल, प्रदेश के पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल तथा विधायक पद्मश्री श्री अनुज शर्मा ने भी संबोधित किया। उन्होंने स्व. डॉ. तीजन बाई के व्यक्तित्व, कृतित्व और लोककला के क्षेत्र में उनके अतुलनीय योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा उन्हें सामूहिक श्रद्धांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर पद्मश्री श्री आर.एस. बारले, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन सहित अन्य गणमान्यजन, छत्तीसगढ़ प्रदेश के विभिन्न अंचलों से पहुंचे कलाकार, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
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नकटी प्रभावितो के साथ पदयात्रा कर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज राजभवन जायेंगे

 नकटी ग्राम में गरीबो की मकान तोड़ने के खिलाफ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज प्रभावित ग्रामीणों के साथ नकटी से राजभवन तक पदयात्रा कर राज्यपाल से मिलकर ज्ञापन सौपेंगे।


प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज सुबह 9 बजे ग्राम नकटी से पदयात्रा शुरू करेंगे तथा नकटी के प्रभावितों के मामले में हस्तक्षेप करने राज्यपाल से आग्रह करेंगे। कांग्रेस लगातार मांग कर रही है कि नकटी के प्रभावितों को वहीं पर मकान बना कर दिया जाए तथा तोड़फोड़ के दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की जाए।
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कांग्रेसजनों ने मनाया प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का जन्मदिन

 कांग्रेसजनों ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज का जन्मदिन पूरे उत्साह और सादगी के साथ मनाया। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज सपत्नीक सुबह देवेन्द्र नगर के ऑफिसर कॉलोनी में भगवान भोलेनाथ के मंदिर में दर्शन करने के बाद वीआईपी रोड स्थित श्रीराम मंदिर में दर्शन एवं पूजन किया। उसके बाद वे नकटी के प्रभावितों से मिलने नकटी गांव गये तथा उनके दुख में सहभागी बने।


श्री दीपक बैज राजीव भवन में दोपहर 12 बजे से देर शाम तक कांग्रेसजनों एवं जन सामान्य से मिलते रहे। पूरे प्रदेश से कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता बधाई देने के लिए राजीव भवन आये थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल तथा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत, पूर्व अध्यक्ष धनेन्द्र साहू, पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर, सांसद फूलोदेवी नेताम, पूर्व मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत, महिला कांग्रेस अध्यक्ष संगीता सिन्हा, वरिष्ठ नेता राजेन्द्र तिवारी, प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू, प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला, बस्तर विधायक एवं उप नेताप्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल, विधायक एवं उपसचेतक दिलीप लहरिया, डौण्डीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया, धरमजयगढ़ विधायक लालजी सिंह राठिया, सारंगढ़ विधायक उत्तरी गनपत जांगड़े, खल्लारी विधायक द्वारिकाधीश यादव, सिहावा विधायक अंबिका मरकाम, गुण्डरदेही विधायक कुवर सिंह निषाद, खुज्जी विधायक भोला राम साहू, बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, भानुप्रतापपुर विधायक सावित्री मंडावी, लैलुंगा विधायक विद्यावती सिदार, रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया, कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव, अकलतरा विधायक राघवेन्द्र कुमार सिंह, जांजगीर-चांपा विधायक व्यास कश्यप, पामगढ़ विधायक शेषराज हरवंश, सराईपाली विधायक चातुरी नंद, बिलाईगढ़ विधायक कविता प्राण लहरे, कसडोल विधायक संदीप साहू, बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक राम ध्रुव, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता स्वामी बघेल, महामंत्री दीपक मिश्रा, महामंत्री सकलेन कामदार सहित बड़ी संख्या में विधायक गण, प्रदेश पदाधिकारी बधाई देने राजीव भवन पहुंचे थे।

प्रभारी महामंत्री मलकीत सिंह गैदू के नेतृत्व में राजीव भवन में जन्मदिन को व्यवस्थित मनाने की पूरी तैयारी की गयी थी। जन्मदिन के आयोजन में ढोल एवं फटाखे से परहेज किया गया तथा जन्मदिन पूरी सादगी के साथ मनाया गया।

युवा कांग्रेस अध्यक्ष आकाश शर्मा के नेतृत्व में युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों ने रक्तदान भी किया।
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रायपुर विकास प्राधिकरण के नए उपाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने संभाला पदभार

रायपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के नवनियुक्त उपाध्यक्ष डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने सोमवार को रायपुर विकास प्राधिकरण कार्यालय में विधिवत रूप से अपना पदभार ग्रहण किया। इस अवसर पर वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।


कार्यभार ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने डॉ. जय प्रकाश शर्मा को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि रायपुर के सुनियोजित एवं समग्र विकास में रायपुर विकास प्राधिकरण की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्हें विश्वास है कि डॉ. शर्मा के अनुभव, प्रशासनिक क्षमता और जनसेवा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता से प्राधिकरण की विकास परियोजनाओं को नई गति मिलेगी तथा नागरिकों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

समारोह में रायपुर विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री नंद कुमार साहू ने कहा कि डॉ. शर्मा के प्रशासनिक अनुभव, चिकित्सा क्षेत्र में लंबे समय तक किए गए कार्य तथा सामाजिक सरोकारों का लाभ रायपुर विकास प्राधिकरण को मिलेगा। उनके नेतृत्व में प्राधिकरण की विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और जनहितकारी कार्यों को नई दिशा एवं गति मिलेगी। उन्होंने आरडीए के माध्यम से आमजन की समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प भी दोहराया।

पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ. जय प्रकाश शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य शासन की जनकल्याणकारी नीतियों के अनुरूप रायपुर विकास प्राधिकरण की योजनाओं को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनहितैषी बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रायपुर शहर के सुनियोजित विकास, आधुनिक अधोसंरचना के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण नागरिक सुविधाओं तथा हितग्राही सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं प्रभावी बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों एवं हितधारकों के साथ समन्वय स्थापित कर समयबद्ध तरीके से कार्य किया जाएगा।

कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह, रायपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अवनीश शरण सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
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