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पेड़ों की सुरक्षा और संवर्धन पर समुचित ध्यान देने की आवश्यकता - राज्यपाल श्री डेका

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पांडे, रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह, नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री सम्बित मिश्रा, मुख्य वन संरक्षक रायपुर वृत्त  मणिवासगन एस तथा रायपुर वन मंडल के डीएफओ श्री लोकनाथ पटेल ने मुलाकात की । इस दौरान राज्यपाल ने शहर और नया रायपुर में लगाए गए वृक्षों के संरक्षण एवं सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया है।


         राज्यपाल ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पौधे लगाने के बाद उनकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि केवल अत्यावश्यक परिस्थितियों में ही वृक्षों की कटाई की अनुमति दी जाए। राज्यपाल ने शहर में बड़े वृक्षों के पास से ट्री गार्ड हटाने तथा जहां वृक्षारोपण किया गया है, वहां पेड़ों के चारों ओर बने कंक्रीट ढांचे को हटाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में पानी और हवा पहुंचना जरूरी है, तभी उनका समुचित विकास हो सकेगा।

         राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान व्यापक स्तर पर चलाए जा रहे हैं। वृक्षारोपण के बाद उनकी देखभाल पर पर्याप्त ध्यान दिया जाए, जो भी पौधे लगाए जाएं, उनकी नियमित निगरानी और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि वे विकसित होकर पर्यावरण संरक्षण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें। राज्यपाल ने अधिकारियों से शहर में हरित क्षेत्र बढ़ाने और लगाए गए पौधों के जीवित रहने की दर बढ़ाने के लिए समन्वित प्रयास करने को कहा है।
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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई और शुभकामनाएं

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी को उनके नेतृत्व के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्र सरकार द्वारा प्रदान किए गए अभूतपूर्व सहयोग के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया है। 


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी, निर्णायक और जनकल्याणकारी नेतृत्व में संचालित योजनाओं ने छत्तीसगढ़ के विकास को नई गति प्रदान की है तथा प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र में उल्लेख किया कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देने की केंद्र सरकार की नीति के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ को विशेष केंद्रीय सहायता (SCA) योजना के तहत ₹2,080.29 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके साथ ही विशेष अधोसंरचना योजना (SIS), सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE), आधुनिक हथियारों की उपलब्धता, जंगल वारफेयर प्रशिक्षण और एयर सपोर्ट जैसी पहलों ने सुरक्षा बलों को मजबूत बनाया है तथा राज्य को नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक बढ़त दिलाई। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में ₹2,377 करोड़ की लागत से 3,222 किलोमीटर लंबी 391 सड़कों तथा 88 वृहद पुलों की स्वीकृति दी गई है। इन परियोजनाओं ने बस्तर सहित दूरस्थ क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ते हुए विकास और सुरक्षा दोनों को मजबूती प्रदान की है।

पत्र में मुख्यमंत्री ने वित्तीय सुदृढ़ीकरण के क्षेत्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्यों को केंद्रीय करों में हिस्सेदारी 32 प्रतिशत से बढ़ाकर 42 प्रतिशत किए जाने से छत्तीसगढ़ को अभूतपूर्व वित्तीय स्वायत्तता प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में राज्य को केंद्रीय करों में ₹3,46,806 करोड़ तथा विभिन्न योजनाओं में ₹1,43,328 करोड़ की सहायता प्राप्त हुई है। इसके अतिरिक्त पूंजीगत निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत ₹22,021 करोड़ तथा जीएसटी क्षतिपूर्ति के रूप में ₹22,600 करोड़ की अतिरिक्त सहायता भी मिली है।

मुख्यमंत्री ने सड़क अधोसंरचना विकास को केंद्र सरकार की बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि केंद्रीय सड़क एवं अवसंरचना कोष (CRIF) के तहत ₹4,468 करोड़ तथा राष्ट्रीय राजमार्गों के विकास के लिए ₹35,766 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की गई है। इससे रायपुर-विशाखापट्टनम, बिलासपुर-धनबाद, रायपुर-दुर्ग बायपास तथा अन्य महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं को गति मिली है और राज्य की कनेक्टिविटी में ऐतिहासिक सुधार हुआ है।

ग्रामीण विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य के 24.50 लाख पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से लगभग 19.70 लाख आवास पूर्ण हो चुके हैं। मनरेगा के तहत पिछले 12 वर्षों में ₹39,123 करोड़ व्यय कर 152 करोड़ मानव दिवस सृजित किए गए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ₹2,398 करोड़ की सहायता से 36.44 लाख परिवारों को शौचालय सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के विभिन्न चरणों के अंतर्गत 13,040 किलोमीटर सड़कों एवं 347 पुलों के निर्माण के लिए ₹7,951 करोड़ की स्वीकृति प्राप्त हुई है। वहीं पीएम जनमन के अंतर्गत 2,902 किलोमीटर सड़कों हेतु ₹2,007 करोड़ तथा पीएमजीएसवाई-4 के तहत 2,427 किलोमीटर सड़कों के लिए ₹2,246 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।

कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के 25.51 लाख किसानों को अब तक ₹10,784 करोड़ की राशि सीधे उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत ₹5,064 करोड़ की प्रीमियम सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना तथा अन्य केंद्रीय योजनाओं के माध्यम से कृषि क्षेत्र को व्यापक सहयोग प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की सराहना करते हुए कहा कि राज्य के 56 लाख राशन कार्डधारी परिवारों के 1.99 करोड़ सदस्यों को प्रति माह खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा इसके लिए प्रतिवर्ष लगभग ₹5,600 करोड़ की सब्सिडी दी जा रही है। उज्ज्वला योजना के तहत 39.54 लाख महिलाओं को निःशुल्क गैस कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है।

खनिज क्षेत्र में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 62 से अधिक खनिज ब्लॉकों की सफल नीलामी हुई है, जिनसे भविष्य में ₹4.34 लाख करोड़ से अधिक का संभावित राजस्व प्राप्त होगा। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) एवं पीएमकेकेकेवाई के माध्यम से ₹17,887 करोड़ से अधिक की राशि संकलित कर 81,553 विकास कार्य पूर्ण किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी विकास के क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनमन योजना, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान तथा वन अधिकारों की मान्यता को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में 56,569 पीवीटीजी परिवारों को लाभान्वित किया जा रहा है तथा 4.83 लाख व्यक्तिगत और 48 हजार से अधिक सामुदायिक वन अधिकार पत्र वितरित किए जा चुके हैं।

महिला एवं बाल विकास के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार के सहयोग से 11,490 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी के रूप में उन्नत किया गया है तथा 2,264 नए केंद्र स्वीकृत हुए हैं। राज्य के सभी जिलों में संचालित 42 सखी वन स्टॉप सेंटर महिलाओं को सहायता और संरक्षण प्रदान कर रहे हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि आयुष्मान भारत, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन तथा प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार हुआ है। राज्य में 5,499 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। इसके अतिरिक्त 91 ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट, 28 जिला सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रयोगशालाओं तथा 23 क्रिटिकल केयर ब्लॉकों की स्वीकृति प्राप्त हुई है।

कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत 18,330 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। पीएम विश्वकर्मा योजना के अंतर्गत 82,952 हितग्राहियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जबकि स्ट्राइव परियोजना के माध्यम से 17 आईटीआई संस्थानों का उन्नयन किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से 31.37 लाख ग्रामीण परिवारों को 2.88 लाख स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। समूहों को ₹1,661 करोड़ से अधिक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई गई है। ‘लखपति दीदी’ पहल के अंतर्गत 10.42 लाख महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त होकर नई पहचान बना रही हैं।

डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने बताया कि डिजिटल भारत निधि (DBN) के माध्यम से राज्य के दूरस्थ और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में 1,247 मोबाइल टावर स्थापित किए जा चुके हैं तथा 577 नए टावरों को स्वीकृति दी गई है, जिससे हजारों गांव डिजिटल सेवाओं से जुड़ रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि ग्रामीण विद्युतीकरण और विद्युत अधोसंरचना विकास के लिए लगभग ₹2,808 करोड़ की सहायता प्रदान की गई है। पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत राज्य में 64 हजार से अधिक घरों में सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं तथा 46,649 परिवारों को ₹362 करोड़ की सब्सिडी प्रदान की गई है।

मुख्यमंत्री ने पर्यटन, खेल, उद्योग, ग्रामोद्योग, भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण तथा डिजिटल प्रशासन के क्षेत्रों में भी केंद्र सरकार द्वारा दिए गए सहयोग का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों ने छत्तीसगढ़ को विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता की दिशा में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने पत्र में पर्यटन, संस्कृति और खेल अधोसंरचना के क्षेत्र में केंद्र सरकार के सहयोग का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के अंतर्गत ₹94.23 करोड़ की लागत से जशपुर, सरगुजा, बिलासपुर और जगदलपुर सहित जनजातीय अंचलों में पर्यटन सुविधाओं का विकास किया गया है। प्रसाद योजना के तहत ₹48.43 करोड़ की लागत से डोंगरगढ़ स्थित माँ बम्लेश्वरी मंदिर क्षेत्र का विकास किया गया है। वहीं नवा रायपुर में ₹147.66 करोड़ की लागत से चित्रोत्पला फिल्म सिटी एवं ट्राइबल एंड कल्चरल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण प्रदेश को सांस्कृतिक और पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाएगा। खेलो इंडिया योजना के तहत राज्य के आठ जिलों में खेल अधोसंरचना विकास के लिए ₹48 करोड़ तथा बहतराई स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए ₹5 करोड़ की सहायता दी गई है। 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रथम खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी और इसके लिए मिली ₹17 करोड़ की सहायता छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।

मुख्यमंत्री ने ग्रामोद्योग, हस्तशिल्प, रेशम और पारंपरिक कला के संरक्षण में केंद्र सरकार के योगदान को भी रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि रायपुर में ₹200 करोड़ की लागत से प्रस्तावित पीएम एकता मॉल राज्य के हस्तशिल्प, हथकरघा और ओडीओपी उत्पादों को राष्ट्रीय एवं वैश्विक बाजार उपलब्ध कराएगा। राष्ट्रीय हाथकरघा विकास कार्यक्रम के तहत 4,694 बुनकरों को लाभान्वित किया गया है, जबकि हस्तशिल्प क्लस्टर विकास योजना के अंतर्गत 2,400 शिल्पियों के सशक्तिकरण हेतु विशेष परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। रेशम विकास कार्यक्रमों के माध्यम से हजारों कृषकों और महिला हितग्राहियों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया गया है।
पत्र में भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण, डिजिटल प्रशासन और सुशासन के क्षेत्र में हुए नवाचारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया भूमि अभिलेख आधुनिकीकरण कार्यक्रम, स्वामित्व योजना, एग्रीस्टैक और फार्मर रजिस्ट्री जैसी पहलों ने प्रशासन को अधिक पारदर्शी और नागरिकोन्मुख बनाया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025-26 में राज्य को ₹598 करोड़ का विशेष सहायता अनुदान प्राप्त हुआ है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ देश का पहला राज्य बना है जिसने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में ऑटो-म्यूटेशन व्यवस्था को पूर्ण रूप से लागू किया है। पिछले एक वर्ष में दो लाख से अधिक प्रकरणों का स्वतः नामांतरण किया गया है तथा 32 लाख से अधिक दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर नागरिक सेवाओं को ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया गया है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने सामाजिक न्याय, उद्यानिकी, जैव प्रौद्योगिकी, परिवहन सुरक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में प्राप्त केंद्रीय सहयोग का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के प्रति पुनः आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नशा मुक्त भारत अभियान, अटल वयो अभ्युदय योजना, सुगम्य भारत अभियान, बायोटेक इंक्यूबेशन सेंटर, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, इंस्टीट्यूट ऑफ ड्राइविंग एंड ट्रैफिक रिसर्च तथा महिला सुरक्षा हेतु स्थापित निर्भया कमांड सेंटर जैसी पहलों ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी है।

 मुख्यमंत्री ने पत्र के अंत मे उल्लेखित किया कि छत्तीसगढ़ की साढ़े तीन करोड़ जनता की ओर से वे प्रधानमंत्री के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं और विश्वास जताते हैं कि विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प को साकार करने में केंद्र सरकार का मार्गदर्शन और सहयोग भविष्य में भी इसी प्रकार प्राप्त होता रहेगा।
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राज्यपाल श्री डेका से उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य भेंट की

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज लोक भवन में उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने सौजन्य भेंट की।

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सकारात्मक सोच, जवाबदेही और संवेदनशील प्रशासन से अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे शासन की योजनाओं का लाभ : मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत बालोद तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों में संचालित विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं की व्यापक समीक्षा की। समीक्षा बैठक में कलेक्टरों, पुलिस अधीक्षकों तथा वरिष्ठ अधिकारियों के साथ राजस्व प्रकरणों, ग्रामीण एवं शहरी विकास, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, कानून-व्यवस्था तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का विस्तृत आकलन किया गया।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सुशासन तिहार केवल एक प्रशासनिक अभियान नहीं, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत उन्होंने जनसमस्या निवारण शिविरों और चौपालों के माध्यम से सीधे लोगों से संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के बावजूद प्रशासनिक अमले ने आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए समर्पित भाव से कार्य किया है और इस प्रतिबद्धता को आगे भी बनाए रखना होगा।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि सुशासन का वास्तविक उद्देश्य नागरिकों की समस्याओं का समयबद्ध, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को सकारात्मक सोच, जवाबदेही और जनसेवा की भावना के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि शासन की किसी भी योजना का पात्र हितग्राही लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।

राजस्व प्रकरणों के त्वरित निराकरण और स्वामित्व योजना पर जोर

मुख्यमंत्री श्री साय ने दोनों जिलों में लंबित राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन तथा नक्शा सुधार से संबंधित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि पुराने लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए, ताकि नागरिकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना तथा राजस्व अभिलेखों के अद्यतन कार्यों में तेजी लाने के भी निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री आवास और पीएम सूर्यघर योजना को मिशन मोड में आगे बढ़ाने के निर्देश

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण एवं शहरी) की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्षा ऋतु प्रारंभ होने से पहले अधिकतम स्वीकृत आवासों का निर्माण पूर्ण किया जाए, ताकि हितग्राहियों को शीघ्र लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि आवास निर्माण कार्यों को गति देने के लिए अधिक से अधिक कारीगरों को मेसन प्रशिक्षण प्रदान किया जाए, जिससे भविष्य की आवश्यकताओं की पूर्ति भी सुनिश्चित हो सके।

प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 तक प्रदेश में पांच लाख सौर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य प्राप्त करना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक परिवारों को इस योजना से जोड़ा जाए तथा योजना से मिलने वाले आर्थिक और ऊर्जा संबंधी लाभों की जानकारी लोगों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए।

किसानों को खाद-बीज की कमी न हो, नैनो उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा दें

मुख्यमंत्री श्री साय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कहा कि किसानों को खाद एवं बीज की उपलब्धता में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के उपयोग के संबंध में किसानों को जागरूक किया जाए तथा इसके लाभों की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाई जाए।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के सभी पात्र किसानों को योजना से लाभान्वित करने और एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। धान उपार्जन और धान उठाव की समीक्षा करते हुए उन्होंने समयबद्ध उठाव सुनिश्चित करने तथा स्थानीय स्तर पर राइस मिलों की स्थापना के लिए उद्योग विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक पहल करने को कहा।

महिला सशक्तिकरण, आजीविका और कुपोषण उन्मूलन पर विशेष फोकस

बिहान योजना की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने महिला स्व-सहायता समूहों की आर्थिक गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया। उन्होंने रेडी-टू-ईट खाद्य सामग्री निर्माण में महिला समूहों की भागीदारी बढ़ाने तथा दोनों जिलों में इस कार्य को प्रारंभ करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति, कुपोषित बच्चों की संख्या और सुपोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए कुपोषण उन्मूलन के लिए संचालित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान जानकारी दी गई कि मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 20 हजार 245 तथा बालोद जिले में 36 हजार 312 लखपति दीदी तैयार हो चुकी हैं। इसके अलावा औराटोला को लखपति ग्राम के रूप में विकसित किया गया है, जो महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका संवर्धन का प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है।

स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर बरसात पूर्व तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया कि वर्षा ऋतु के दौरान संभावित मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए अग्रिम तैयारी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों और जिला अस्पतालों में आवश्यक दवाओं की उपलब्धता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

उन्होंने टीबी मुक्त पंचायत अभियान, संस्थागत प्रसव तथा विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों की भी समीक्षा की। बालोद जिले में डॉग बाइट की बढ़ती घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने आवश्यक रोकथाम, जागरूकता और उपचार संबंधी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

पेयजल, सड़क और डिजिटल सेवाओं की प्रगति की समीक्षा

जल जीवन मिशन के अंतर्गत पेयजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्मी और आगामी वर्षा ऋतु के दौरान निर्बाध पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि मोहला-मानपुर क्षेत्र में स्वीकृत 60 किलोमीटर सड़क निर्माण में से 50 किलोमीटर कार्य पूर्ण किया जा चुका है तथा शेष 10 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने ऐसे मार्गों की भी समीक्षा की जो वर्षा ऋतु में आवागमन के लिए कठिन हो जाते हैं और उन्हें बारिश से पहले दुरुस्त करने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ई-ऑफिस, ई-डिस्ट्रिक्ट और अटल डिजिटल सेवा केन्द्रों के माध्यम से नागरिक सेवाओं को अधिक सरल और प्रभावी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि आने वाले समय में सेवा सेतु पोर्टल में और अधिक सेवाओं को जोड़ा जाएगा, जिससे ऑनलाइन सेवाओं का दायरा बढ़ेगा और नागरिकों को घर बैठे सुविधाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने अधिकारियों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन और सतत निगरानी के निर्देश दिए।

शिक्षा की गुणवत्ता, कानून-व्यवस्था और सड़क सुरक्षा पर विशेष बल

मुख्यमंत्री ने पीएम श्री स्कूलों तथा शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े प्रयासों की समीक्षा करते हुए विद्यार्थियों के सीखने के स्तर में सुधार के लिए सतत निगरानी, नवाचार आधारित शिक्षण और परिणामोन्मुखी कार्यप्रणाली अपनाने पर बल दिया।

पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान नए तीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन, कानून-व्यवस्था की स्थिति तथा सड़क सुरक्षा संबंधी उपायों की जानकारी ली गई। समीक्षा में बताया गया कि बालोद जिले में सड़क दुर्घटनाओं और उनसे होने वाली मृत्यु दर में कमी दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने सड़क सुरक्षा के प्रति व्यापक जनजागरूकता अभियान जारी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि हेलमेट पहनने तथा अन्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के लिए लोगों को प्रेरित किया जाए।
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उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव का बस्तर में निर्माण कार्यों का निरीक्षण जारी

 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने बस्तर प्रवास के चौथे दिन आज सुकमा में मिशन अमृत 2.0 के अंतर्गत शहर में पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने बनाए जा रहे वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने योजना के तहत शबरी नदी पर निर्माणाधीन इंटेक-वेल के कार्यों को भी देखा। उन्होंने पानी टंकी और पाइपलाइन विस्तार के कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करते हुए जनवरी-2027 से मिशन अमृत की इस योजना से सुकमा में जल की आपूर्ति प्रारंभ करने के निर्देश दिए।


केंद्र सरकार की मिशन अमृत 2.0 के तहत नगर पालिका द्वारा 86 करोड़ की लागत से सुकमा शहर की पेयजल व्यवस्था का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है। इसका 54 प्रतिशत काम पूरा कर लिया गया है। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने नगरीय प्रशासन विभाग के अधिकारियों से कहा कि सुकमा की आगामी 25 वर्षों की जरूरत को ध्यान में रखकर इसका निर्माण किया जा रहा है। निर्माण और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता नहीं करना है। काम में तेजी बरकरार रखते हुए नियत समय में इसे पूर्ण करना है। 

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग द्वारा सुकमा के कुम्हाररास में 11 करोड़ 62 लाख रुपए की लागत से बनाए जा रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से दिसम्बर तक इसे पूर्ण करने को कहा।

करीब 10 एकड़ में बन रहे स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में फुटबॉल मैदान, एथलेटिक्स ट्रैक, इंडोर बैडमिंटन कोर्ट, प्रशासनिक भवन, बॉक्स-क्रिकेट, स्वीमिंग-पूल जैसी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। इसके निर्माण से सुकमा की खेल प्रतिभाओं को अपने कौशल को निखारने एक सर्वसुविधायुक्त अधोसंरचना और सुविधाएं मिलेंगी। अब तक इसका 50 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।  तीनों कार्यों के निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार भी उप मुख्यमंत्री के साथ थे।
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उद्योग मंत्री ने किया 40 लाख रूपए के सड़क डामरीकरण कार्य का शुभारंभ

 प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी व सार्वजनिक उपक्रम मंत्री श्रीलखनलाल देवंागन ने आज नगर कोरबा के दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में 40 लाख रूपये की लागत से किये जाने वाले सड़क डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन व शुभारंभ किया। उन्होने कार्य का शुभारंभ करते हुये पूरी गुणवत्ता के साथ कार्य संपादन करने एवं शीघ्र कार्य को पूरा किये जाने के निर्देश अधिकारियांे को दिये। 


नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा लगातार किये जा रहे विकास कार्याे की महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में दर्री जोनांतर्गत वार्ड क्र. 54 में कुमगरी मुख्य चौक से पण्डाल होते हुये प्राथमिक शाला कुमगरी तक 40 लाख रूपये से सड़क डामरीकरण का कार्य किया जाना हैं। आज उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने उक्त महत्वपूर्ण विकास कार्य का भूमिपूजन किया, शिलान्यास पट्टिका का अनावरण व नारियल तोड़कर का कार्य शुभारंभ कराया। इस अवसर पर पार्षद श्री नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट आदि सहित अन्य लोग उपस्थित थे। 

ढाई वर्ष के दौरान निगम क्षेत्र में 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत 

उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने इस मौके पर अपने उद्बोधन में कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आशीर्वाद से विगत ढाई वर्ष के दौरान नगर पालिक निगम कोरबा क्षेत्रंातर्गत विभिन्न मदों के अंतर्गत लगभग 1000 करोड़ रूपये के विकास कार्य स्वीकृत किये गये हैं, जिसमें अनेकों कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, अनेक प्रगति पर हैं तथा शेष कार्य शीघ्र ही प्रारंभ होने जा रहे हैं। उन्होने वार्ड क्र. 54 में विकास कार्याे का उल्लेख करते हुये कहा कि इस वार्ड में 93 लाख रूपये के विकास कार्य पूर्ण कर लिये गये हैं, वहीं साढे़ 03 करोड़ रूपये के विकास कार्य प्रगति पर हैं। 

उद्योग मंत्री श्री देवंागन ने अपने उद्बोधन में कहा कि निगम क्षेत्र में 15 करोड़ रूपये के सड़क डामरीकरण कार्य कराये जाने हैं, जैसे-जैसे डामर की उपलब्धता होती जायेगी, यह कार्य संपादित होंगे। उन्होेने आगे कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में हमारे छत्तीसगढ़ राज्य का तेजी से विकास हो रहा है तथा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार की दर्जनों जनकल्याणकारी योजनाओं व मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य की विभिन्न योजनाओं से प्रदेश व देश के करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होने कहा कि 15 वर्षाे तक डॉ. रमन सिंह प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, उन्होने राज्य का ऐतिहासिक विकास किया तथा विकास पुरूष की छबि अर्जित की, अब पुनः मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में विकास को तेज गति व सही दिशा दी जा रही है। 

उद्योग मंत्री ने जो वायदा किया था, वह पूरा किया 

इस अवसर पर वार्ड क्र. 54 के पार्षद श्री मुकुंद सिंह कंवर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान उद्योग मंत्री श्री लाखनलाल देवंागन इस बस्ती में आये हुये थे, यहॉं की सड़क अत्यंत जर्जर थी, उन्होने वायदा किया था कि इस सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य किया जायेगा, आज हम सब बस्तीवासियों के लिये अत्यंत प्रसन्नता का विषय है कि श्री देवंागन ने अपना वह वायदा पूरा किया, और आज बस्ती की सड़क का डामरीकरण व जीर्णाेद्धार का कार्य शुरू हो चुका है। उन्होने कहा कि मेरे वार्ड में अन्य वार्डाे की तरह ही व्यापक रूप से विकास कार्य कराये गये हैं, जिसके लिये मैं उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवंागन एवं महापौर श्रीमती संजूदेवी राजपूत को धन्यवाद देता हूॅं।

भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान पार्षद श्री नरेन्द्र देवंागन, वार्ड पार्षद मुकुंद सिंह कंवर, फिरतराम साहू, चन्द्रलोक सिंह, किशन केंवट, रतन सिंह कंवर, जिला उपाध्यक्ष प्रफुल्ल तिवारी, मण्डल अध्यक्ष मनोज लहरे, पूर्व मण्डल अध्यक्ष ईश्वर सिंह साहू व नारायण सिंह ठाकुर, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, अनिल यादव, जोन कमिश्नर लीलाधर पटेल, यशवंत जोगी, रितेश सिंह, चंदन दास, अजय कुर्रे, कृष्णा यादव, प्रकाश यादव, अभय कुर्रे, गणेश दास, अजय भट्ट, भागवत प्रसाद, रामप्रसाद केंवट, सरवन यादव, दुर्गा महंत, विक्की तिवारी, विक्रांत कुर्रे, सरस्वती केंवट, नगीना महंत, प्रीति पटेल, दुलारी श्रीवास, बहारन सिंह, बोधन दास, मीना आदित्य, आदि साथ अन्य लोग उपस्थित थे।
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अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे योजनाओं का लाभ, अधिकारी फील्ड में दिखाएं ज्यादा सक्रियता : श्री अरुण साव

 उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, नगरीय प्रशासन एवं विकास और खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने सुकमा जिले में विकास कार्यों और विभागीय योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण और परिणामोन्मुख कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने सुकमा जिला मुख्यालय में आयोजित बैठक में कहा कि प्रभावी कार्यशैली, नई तकनीकों के उपयोग और नियमित फील्ड मॉनिटरिंग से ही जनसमस्याओं का त्वरित समाधान संभव है।


उप मुख्यमंत्री श्री साव ने लोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान सड़क, पुल-पुलिया और भवन निर्माण कार्यों में तेजी लाने तथा उन्हें निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली संभावित बाधाओं का पूर्व आकलन कर समय रहते उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि विकास कार्य प्रभावित न हों।

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग की समीक्षा में उप मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में गुणवत्तापूर्ण पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने तथा पेयजल योजनाओं का नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल स्रोतों के क्लोरीनेशन, पानी टंकियों की साफ-सफाई और नल-जल योजनाओं के बेहतर संचालन-संधारण पर विशेष जोर दिया।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा के दौरान श्री साव ने वर्षा ऋतु से पहले नालियों और ड्रेनेज सिस्टम की सफाई पूर्ण करने, पेयजल गुणवत्ता की नियमित जांच तथा स्वच्छता व्यवस्था को और मजबूत बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने रेन वाटर हार्वेस्टिंग, जल संरक्षण और शहरी निकायों में नागरिक सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण को प्राथमिकता देने को कहा।

उप मुख्यमंत्री ने  बैठक में अधिकारियों से कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय, जवाबदेही और टीम भावना के साथ कार्य करें तथा फील्ड में सक्रिय रहकर विकास कार्यों की सतत निगरानी सुनिश्चित करें। सुकमा के कलेक्टर श्री अमित कुमार और पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
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राज्यपाल श्री डेका से स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री जायसवाल ने की भेंट

 राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज यहां लोक भवन में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सौजन्य भेंट की।

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प्रभारी मंत्री ओ.पी. चौधरी ने की विभागीय कार्यों की समीक्षा, योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर दिया जोर

  वित्त मंत्री एवं सरगुजा जिले के प्रभारी मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को जिला कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं एवं विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए।


बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने शेष आवासों का निर्माण शीघ्र पूर्ण कराने तथा जनप्रतिनिधियों को स्वीकृत आवासों की सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अम्बिकापुर शहर में पेयजल एवं बिजली आपूर्ति की समस्याओं के त्वरित समाधान, सड़कों के निरीक्षण एवं आवश्यक मरम्मत तथा वर्षा ऋतु से पूर्व निर्माण कार्य पूर्ण करने पर जोर दिया। उन्होंने तेंदूपत्ता संग्रहण एवं भुगतान की स्थिति की जानकारी लेते हुए वृक्षों की अवैध कटाई रोकने और व्यापक वृक्षारोपण के निर्देश दिए। हाथी प्रभावित क्षेत्रों में जनहानि एवं फसल क्षति के मामलों में प्रभावित परिवारों को समय पर सहायता राशि उपलब्ध कराने को कहा। साथ ही ई-केवाईसी, महतारी वंदन योजना तथा पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थियों को अधिक से अधिक जोड़ने के निर्देश भी दिए।

मंत्री श्री चौधरी ने केंद्रीय विद्यालय, सैनिक स्कूल एवं नवोदय विद्यालयों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, प्रभारी मंत्री मद से शव वाहन स्वीकृत करने तथा कलेक्ट्रेट परिसर में निर्माणाधीन कम्पोजिट बिल्डिंग का गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुशासन तिहार के आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करें

सुशासन तिहार की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री चौधरी ने शिविरों में प्राप्त आवेदनों के विभागवार वर्गीकरण, नियमित मॉनिटरिंग एवं समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां संभव हो, समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर नागरिकों को तत्काल राहत प्रदान की जाए।

राजस्व मामलों के निराकरण में लाएं तेजी

राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए मंत्री श्री चौधरी ने त्रुटि सुधार, सीमांकन, नामांतरण, नक्शा बटांकन, आधार सीडिंग, डिजिटल हस्ताक्षर, किसान किताब, जेंडर प्रविष्टि, कोटवारी भूमि एवं अतिक्रमण से संबंधित प्रकरणों का शीघ्र और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्रुटि सुधार संबंधी मामलों में अनावश्यक विलंब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसानों को समय पर मिले खाद-बीज

कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान मंत्री श्री चौधरी ने खाद-बीज की उपलब्धता, भंडारण एवं वितरण की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को किसानों, विशेषकर लघु एवं सीमांत किसानों, को समय पर खाद एवं बीज उपलब्ध कराने, विक्रय केंद्रों का नियमित निरीक्षण करने तथा उर्वरकों की कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए।

जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के बेहतर समन्वय पर जोर

बैठक में मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि सरगुजा के सर्वांगीण विकास के लिए जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल आवश्यक है। शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

बैठक में सांसद श्री चिंतामणि महाराज, विधायक श्री प्रबोध मिंज, महापौर श्रीमती मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती निरूपा सिंह, कलेक्टर श्री अजीत वसंत, पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल सहित जनप्रतिनिधि एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
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सुशासन तिहार में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव निकले फील्ड पर, कार्यों की धीमी प्रगति पर जताई नाराजगी

 उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने चार दिवसीय बस्तर प्रवास के पहले दिन आज कई कार्यों का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। वे इस दौरान कांकेर के कोटतरा में सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में भी शामिल हुए। उन्होंने इस दौरान ग्राम पंचायत के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक, सामग्री और प्रमाण पत्र भी वितरित किए।


श्री साव आगामी चार दिनों तक बस्तर में रहकर निर्माण कार्यों और योजनाओं के मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन का निरीक्षण करेंगे। वे इस दौरान बस्तर संभाग के सभी जिलों के अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी करेंगे। वे आज अपने बस्तर प्रवास के पहले दिन कांकेर पहुंचे, जहां उन्होंने चारामा विकासखण्ड के ग्राम बड़ेगौरी में जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। जल जीवन मिशन के तहत यहां दो करोड़ 49 लाख रुपए की लागत से पानी टंकी का निर्माण और रेट्रोफिटिंग कर 391 घरों में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जा रही है। श्री साव ने घरों में जाकर जल आपूर्ति भी देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए।

उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कांकेर में निर्माणाधीन 250 सीटर नालंदा परिसर के कार्यों का निरीक्षण किया। चार करोड़ 71 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने कार्यों में तेजी लाते हुए आगामी अक्टूबर माह तक इसका निर्माण पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को कांकेर में जिला मुख्यालय के अनुरूप साफ-सफाई की व्यवस्था और जनसुविधाएं विकसित करने के निर्देश दिए।

श्री साव ने अमोड़ा-नरहरपुर सड़क के निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। उन्होंने कार्य की धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर करते हुए ठेकेदार और कार्यपालन अभियंता को इसमें तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता और समय-सीमा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनमें किसी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने वर्क-फोर्स और मशीनरी बढ़ाकर कार्यों को गति देने के निर्देश दिए। 40 करोड़ 23 लाख रुपए की लागत से 16 किमी इस टू-लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। कांकेर के विधायक श्री आशाराम नेताम भी सभी कार्यों के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
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विश्व पर्यावरण दिवस पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर  राजधानी रायपुर स्थित राजीव स्मृति वन में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान 2026-27 का शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कृष्ण वट (बरगद) का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इस अवसर पर वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने भी बेल का पौधा लगाकर अभियान में सहभागिता निभाई।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव  साय ने कहा कि प्रकृति और मानव जीवन का संबंध अभिन्न है। अनियंत्रित वृक्ष कटाई और पर्यावरणीय असंतुलन पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती बनते जा रहे हैं। ऐसे समय में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रारंभ किया गया ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में एक प्रेरक और भावनात्मक पहल है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गत वर्ष प्रदेश में ढाई करोड़ पौधारोपण का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन जनसहभागिता और विभागीय प्रयासों से साढ़े तीन करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस वर्ष भी प्रदेशवासी निर्धारित लक्ष्य से कहीं अधिक पौधारोपण कर नया कीर्तिमान स्थापित करेंगे।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ देश के उन राज्यों में शामिल है जहां लगभग 44 प्रतिशत भू-भाग वनाच्छादित है। राज्य सरकार और वन विभाग के सतत प्रयासों से वन क्षेत्र का संरक्षण और विस्तार निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से अपने घर, खेत, आंगन और मेड़ों में अपनी माता के नाम एक पौधा लगाने का आग्रह करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री ने आदिवासी समाज की प्रकृति संरक्षण परंपराओं का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समुदाय सदियों से जंगलों को अपनी संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा मानकर उनकी रक्षा करता आया है। सरना स्थलों में वृक्षों को देवतुल्य मानकर पूजा जाना प्रकृति के प्रति हमारी सांस्कृतिक आस्था और संरक्षण की भावना का जीवंत उदाहरण है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने समाज सेवा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्व श्री पंडी राम मंडावी, श्री जागेश्वर यादव तथा डॉ. रामचंद्र गोडबोले का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि इन विभूतियों का जीवन समाजसेवा, समर्पण और जनहित का प्रेरणादायी उदाहरण है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड द्वारा प्रकाशित पुस्तकों—‘द बैगा’, ‘वेटलैंड्स ऑफ छत्तीसगढ़’, ‘फ्लोरल डायवर्सिटी ऑफ बीजापुर डिवीजन’, ‘मैमल्स ऑफ छत्तीसगढ़’ तथा ‘उत्तरी छत्तीसगढ़ के अनूठे पर्यटन स्थल और उनकी विविधता’—का विमोचन भी किया।

वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान प्रकृति और मातृत्व के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का एक अनूठा माध्यम है। उन्होंने प्रदेशवासियों से इस अभियान को जन-जन का आंदोलन बनाने का आह्वान किया। उन्होंने बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा मिलने पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया।

कार्यक्रम में भानुप्रतापपुर विकासखंड के ग्राम सिलीबहार की सुश्री चन्दनबती कोला ने स्व-सहायता समूहों द्वारा जंगल संरक्षण और जैविक खेती के क्षेत्र में किए जा रहे नवाचारों की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि गांव में 138 एकड़ क्षेत्र में प्राकृतिक एवं जैविक खेती की जा रही है, जिससे युवाओं का पलायन पूरी तरह रुक गया है तथा पर्यावरण संरक्षण को नई दिशा मिली है।

कार्यक्रम को अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री अरुण कुमार पाण्डेय ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, आदिवासी स्थानीय स्वास्थ्य परम्परा एवं औषधि पादप बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री अंजय शुक्ला, विधायक श्री मोतीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री नवीन अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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समाज, संगठन और योग के प्रति समर्पित था रूपनारायण सिन्हा जी का जीवन : मुख्यमंत्री श्री साय

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि श्री सिन्हा का संपूर्ण जीवन समाजसेवा, संगठन निर्माण और योग के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित रहा। उनका निधन न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ के लिए एक अपूरणीय क्षति है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा एक कुशल संगठनकर्ता, सरल, सौम्य और मृदुभाषी व्यक्तित्व के धनी थे। उन्होंने अपने व्यवहार, कार्यशैली और समर्पण से समाज के विभिन्न वर्गों के बीच विशेष पहचान बनाई थी। योग के प्रति उनकी निष्ठा और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उन्हें विशिष्ट बनाती थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ योग आयोग के अध्यक्ष का दायित्व संभालने के बाद श्री सिन्हा ने पूरे समर्पण और ऊर्जा के साथ योग आंदोलन को नई दिशा देने का कार्य किया। उन्होंने योग को केवल स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा बनाने के लिए अनेक नवाचार किए। उनके प्रयासों से प्रदेश में योग गतिविधियों को नई पहचान और व्यापक जनस्वीकृति मिली।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्वर्गीय श्री सिन्हा के साथ बिताए गए क्षणों को स्मरण करते हुए कहा कि उनसे नियमित मुलाकात होती थी और हर मुलाकात में वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए योग आधारित नए विचार साझा करते थे। उनकी सोच सदैव रचनात्मक और जनहितकारी होती थी। वे योग को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर सक्रिय रहते थे और इसी उद्देश्य को अपने जीवन का मिशन बना चुके थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले वर्ष जशपुर के रणजीता स्टेडियम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम की सफलता में श्री सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। सीमित समय में उन्होंने जिस कुशलता और प्रतिबद्धता के साथ उस आयोजन को भव्य स्वरूप दिया, वह उनकी संगठन क्षमता और कार्यकुशलता कावो उत्कृष्ट उदाहरण है। उस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता ने योग के प्रति जनजागरूकता को नई ऊंचाई प्रदान की थी। उनका जीवन समाज के प्रति समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक था, जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरणा देता रहेगा।

मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति तथा परिजनों को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की।

श्रद्धांजलि सभा में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, विधायक श्री अमर अग्रवाल, विधायक श्री धरमलाल कौशिक, विधायक श्री अजय चंद्राकर, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, श्री रमेश बैस, श्री राम प्रताप, श्री पवन साय, डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना, श्री राम दत्त, श्री राजीव लोचन महाराज सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, योग साधक एवं योग जगत से जुड़े लोगों ने उपस्थित होकर स्वर्गीय रूपनारायण सिन्हा को श्रद्धासुमन अर्पित किया।
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कठिन परिस्थितियों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों ने प्रदेश का नाम किया रोशन : मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

 श्रमिक अपने श्रम, समर्पण और परिश्रम से समाज तथा देश के विकास की मजबूत नींव तैयार करते हैं। वे स्वयं कठिन परिस्थितियों में रहकर दूसरों को सुख-सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं, इसलिए श्रमिक वास्तव में देश के निर्माता हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस में श्रम विभाग द्वारा आयोजित मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।


मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं एवं 12वीं बोर्ड परीक्षाओं की मेरिट सूची में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करने वाले पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के 22 मेधावी छात्र-छात्राओं को मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के तहत दो-दो लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर सम्मानित किया। इनमें कक्षा 10वीं के 9 तथा कक्षा 12वीं के 13 विद्यार्थी शामिल हैं। ये विद्यार्थी रायपुर, महासमुंद, दुर्ग, गरियाबंद, सक्ती, बलौदाबाजार, रायगढ़ और कांकेर सहित विभिन्न जिलों से हैं।

मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के संघर्ष, परिश्रम और संकल्प की प्रेरक कहानी है। उन्होंने कहा कि आज जिन श्रमिक परिवारों के बेटा-बेटियों को सम्मानित किया जा रहा है, उन्होंने कठिन परिस्थितियों के बावजूद उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का नाम रोशन किया है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे कभी भी स्वयं को किसी से कम न समझें। इतिहास इस बात का साक्षी है कि अनेक महान व्यक्तित्व साधारण परिवारों से निकलकर अपनी मेहनत, लगन और शिक्षा के बल पर उच्चतम शिखरों तक पहुंचे हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा है कि श्रमिकों के बच्चे केवल श्रमिक बनकर न रह जाएं, बल्कि डॉक्टर, इंजीनियर, प्रशासक, वैज्ञानिक और विभिन्न उच्च पदों पर पहुंचकर छत्तीसगढ़ महतारी तथा देश की सेवा करें। उन्होंने विद्यार्थियों से निरंतर अध्ययन, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जन्म से लेकर मृत्यु तक श्रमिकों के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक कल्याण के लिए लगभग 70 प्रकार की योजनाएं संचालित कर रही है। उन्होंने श्रमिक परिवारों से इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ लेने का आग्रह किया तथा उपस्थित हितग्राहियों से कहा कि वे उन श्रमिकों तक भी योजनाओं की जानकारी पहुंचाएं जो अभी इन सुविधाओं से वंचित हैं।

अपने केंद्रीय श्रम राज्य मंत्री के रूप में कार्यकाल के अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी श्रमिकों और मेहनतकश वर्ग के हितों के प्रति अत्यंत संवेदनशील हैं। वर्ष 2014 से 2019 के दौरान केंद्र सरकार में दायित्व निभाते समय उन्हें श्रम मंत्रालय के कार्यों को निकट से देखने तथा श्रमिकों के हित में अनेक महत्वपूर्ण निर्णयों का हिस्सा बनने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि पहले अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने के कारण श्रमिकों को भविष्य निधि (पीएफ) राशि प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए यूनिवर्सल पीएफ नंबर की व्यवस्था लागू की गई, जिससे अब एक ही पीएफ नंबर श्रमिक के पूरे कार्यकाल से जुड़ा रहता है। उन्होंने कहा कि न्यूनतम पेंशन व्यवस्था तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य संरक्षण से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण कदम भी प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में उठाए गए हैं।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने श्रमिक कल्याण योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 पंजीकृत निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रुपये की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की। यह राशि निःशुल्क गणवेश एवं पुस्तक सहायता, मिनीमाता महतारी जतन योजना, मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना, मुख्यमंत्री नोनीलाल छात्रवृत्ति योजना, मुख्यमंत्री श्रमिक औजार सहायता योजना, मुख्यमंत्री साइकिल सहायता योजना, पेंशन सहायता योजना सहित विभिन्न श्रमिक हितैषी योजनाओं के तहत प्रदान की गई।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि तथा एक लाख रुपये दोपहिया वाहन क्रय करने के लिए प्रदान किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग, स्वास्थ्य परीक्षण और अन्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं।

छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि मंडल द्वारा श्रमिकों एवं उनके परिवारों के हित में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों को आगे बढ़ाने वाली एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के बच्चों को उच्च शिक्षा और स्वरोजगार के लिए भी विभिन्न प्रकार की सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

कार्यक्रम में मेधावी विद्यार्थियों ने भी अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें श्रम विभाग की योजनाओं का लाभ मिला है और वे इस राशि का उपयोग उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करेंगे।

विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत पौधारोपण किया तथा प्रदेशवासियों से अपनी माताओं के नाम पर पौधे लगाने और पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लोग अपने आंगन, खेत-खलिहान, मेढ़ अथवा उपलब्ध स्थानों पर पौधारोपण कर प्रकृति संरक्षण के इस अभियान को जनांदोलन का स्वरूप दें।

इस अवसर पर श्रम विभाग के सचिव एवं श्रम आयुक्त श्री हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह, जनप्रतिनिधिगण, विभागीय अधिकारी, श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी, बड़ी संख्या में श्रमिक तथा उनके परिवारजन उपस्थित थे।
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पीएम आवास पूर्णता में पूरे देश में सबसे आगे छत्तीसगढ़, ढाई सालों में 10 लाख से अधिक आवास पूरे - उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा

 उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा आज कबीरधाम जिले के बोड़ला नगर पंचायत में आयोजित सुशासन तिहार में शामिल हुए। यहां उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनी और अधिकारियों को निराकरण के निर्देश दिये। शिविर के दौरान उन्होंने विभिन्न  हितग्राहियों को शासन की योजनाओं से लाभान्वित भी किया।

        शिविर को संबोधित करते हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि बीते दिनों यहां 7 करोड़ रुपए के विभिन्न कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया है। 1.5 करोड़ की लागत से यहां तालाब के सौंदर्यीकरण की स्वीकृति मिली है।  जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में हुए कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि अन्य काम दस बीस सालों के लिये होते हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज जैसा काम सौ साल का होता है। उन्होंने बताया कि काम तेजी से हो रहा है। हर शुक्रवार निर्माण कार्य में हुई प्रगति का अपडेट लिया जाता है। उन्होंने कहा कि बोड़ला क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। तरेगांव जंगल के पीएचसी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नयन के लिए 2.50 करोड़ की स्वीकृति मिली है।  राजा नवागांव सब सेंटर 75 लाख की लागत से पीएचसी में अपग्रेड होने जा रहा है।

        उन्होंने बताया कि भोरमदेव कॉरिडोर में मंदिर परिसर, मड़वा महल, छेरकी महल, रामचुंवा के साथ सरोदा बांध का उन्नयन किया जा रहा है। भोरमदेव मंदिर के इतिहास से पर्यटकों को परिचित कराने के लिए संग्रहालय का निर्माण, सरोवर का सौंदर्यीकरण, कांवड़ियों के लिए विश्राम स्थल जैसी सुविधाओं के विकास की कार्ययोजना है। इसके लिए स्वदेश दर्शन योजना से 146 करोड़ रुपए मिले हैं। यह न सिर्फ क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देगा बल्कि पर्यटकों के आने से क्षेत्रवासियों के लिए आर्थिक विकास की राह भी खोलेगा। किसानों की सुविधा के लिए बोड़ला में ट्रांसफार्मर अपग्रेडेशन का काम किया जा रहा है।  नया सब स्टेशन का काम चल रहा है। फीडर अलग करने का काम भी जारी है। घरेलू कनेक्शन और खेतों में गया फीडर अलग किया जा रहा है। ताकि विद्युत आपूर्ति सुचारु रहे।

        लोरमी विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के नेतृत्व में इस पूरे क्षेत्र के समुचित विकास की ठोस आधारशिला रखी जा रही है जिसका लाभ आने वाली पीढ़ियों को भी मिलेगा। उनके मार्गदर्शन में कवर्धा में स्वास्थ्य सुविधाओं में उल्लेखनीय विस्तार हुआ है। यहां मेडिकल कॉलेज बनने जा रहा है। जिसका लाभ पूरे जिले के मरीजों को मिलेगा। जिला अस्पताल में सीटी स्कैन और सोनोग्राफी जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। अटल आरोग्य लैब से कई प्रकार की जांच निःशुल्क होती है। उनके नेतृत्व में भोरमदेव कॉरिडोर का निर्माण होने जा रहा है। यह परियोजना भोरमदेव मंदिर को देश के पर्यटन मानचित्र पर मजबूती अंकित करने का रहा है। यह सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं होगा बल्कि क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी आगे बढ़ाएगा। उन्होंने नक्सल उन्मूलन पर बात करते हुए कहा कि यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के संकल्प और सतत प्रयासों से संभव हुआ है। 

पीएम जनमन से बैगा बसाहटों को जोड़ने बन रही 56 सड़कें
       पीएम जनमन से प्रदेश की 2.25 लाख विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए करीब 800 सड़कें बनाई गई। जिले में बैगा बाहुल्य बसाहटों के 56 सड़कें बन रही हैं, जिनमें से अधिकांश सड़कें पूरी हो चुकी हैं। पीएमजीएसवाय फेज-4 से बोड़ला विकासखंड में 16 सड़कें बन रही हैं। विभिन्न सड़कों का नवीनीकरण किया जा रहा है। दूरस्थ अंचलों को बारहमासी सड़क संपर्क से जोड़ने के लिए विशेष रूप से काम किया जा रहा है। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, महिला एवं बाल विकास के साथ अन्य महत्वपूर्ण योजना का लाभ पहुंचाने का काम हो रहा है। जिससे जिले में निवासरत विशेष पिछड़ी जनजाति बैगाओं का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो।

महतारी वंदन योजना की 28 वीं किश्त जारी
          उप मुख्यमंत्री ने कहा कि महतारी वंदन योजना प्रदेश में महिलाओं के आर्थिक स्वावलंबन का आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कल ही महतारी वंदन की 28 वीं किश्त जारी किया है। हर हितग्राही माता बहनों को हर माह 1-1 हजार रुपये मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले 27 किश्तों में जिले की महिलाओं करीब 633 करोड़ रूपये से अधिक जारी हो चुके हैं।

2.5 वर्षों में पूरे देश में सर्वाधिक आवास किये पूरे
          उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि सरकार गठन के बाद पीएम आवास निर्माण की स्वीकृति और उसे पूर्ण करने का काम पूरी तेजी से किया गया। उन्होंने बताया कि बीते 2.5 वर्षों में पूरे प्रदेश में 10 लाख 60 हजार पीएम आवास पूरा किया है। यह इस अवधि में पूरे देश में सर्वाधिक है। जनवरी 2025 से अक्टूबर तक प्रदेश में 2 हजार आवास प्रतिदिन पूर्ण हो रहे थे। यह देश में सबसे अधिक था। आज भी देश में सबसे ज्यादा 1600 आवास प्रतिदिन पूरा किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में भी आवास निर्माण की गति बढ़ाई जा रही है।

उप मुख्यमंत्री ने सौंपी आवास की चाबी, हितग्राहियों को किया लाभन्वित
       सुशासन तिहार के दौरान उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ प्रदान किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को नए आवास की चाबी सौंपी गई। इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री द्वारा नवीन राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड, एचआईवी वैक्सीनेशन प्रमाण पत्र का भी वितरण किया। साथ ही कार्यक्रम में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

        समाधान शिविर में जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, नगर पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्री विजय पाटिल, जनपद पंचायत अध्यक्ष बोड़ला श्रीमती बालका राम किंकर वर्मा, उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री नितेश अग्रवाल, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे सहित अन्य जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जारी की महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त

 मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बिलासपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना की 28वीं किस्त जारी करते हुए प्रदेश की 68 लाख 54 हजार महिलाओं के बैंक खातों में 642 करोड़ 27 लाख 77 हजार 950 रुपये की राशि अंतरित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का सम्मान, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है तथा महतारी वंदन योजना इस दिशा में एक ऐतिहासिक और परिवर्तनकारी पहल के रूप में सामने आई है।


मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि किसी भी समाज और राज्य की प्रगति तब तक पूर्ण नहीं हो सकती, जब तक महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और सामाजिक रूप से सम्मानित न किया जाए। महतारी वंदन योजना महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास और निर्णय लेने की क्षमता को भी मजबूत कर रही है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रदेश की माताओं और बहनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव का आधार बन रही है।

उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 1 मार्च 2024 से प्रारंभ हुई महतारी वंदन योजना के अंतर्गत पात्र विवाहित महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। योजना से प्राप्त राशि का उपयोग महिलाएं परिवार की आवश्यकताओं की पूर्ति, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पोषण तथा छोटे-छोटे स्वरोजगार कार्यों में कर रही हैं। इससे परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ महिलाओं की सामाजिक भागीदारी भी बढ़ी है।

जून 2026 में जारी 28वीं किस्त के साथ ही योजना के अंतर्गत अब तक प्रदेश की महिलाओं को कुल 18 हजार 165 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है। यह राशि महिलाओं के जीवन में आर्थिक स्थिरता और सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसी सोच के अनुरूप सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कांकेर और नारायणपुर में संचालित नियद नेल्लानार अभियान के माध्यम से 7 हजार 770 नई महिलाओं को महतारी वंदन योजना से जोड़ा गया है। इससे दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों की महिलाओं को भी आर्थिक सहायता और सामाजिक सुरक्षा का लाभ प्राप्त हो रहा है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि महतारी वंदन योजना आज केवल आर्थिक सहायता प्रदान करने वाली योजना नहीं रह गई है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, विश्वास और आत्मनिर्भरता का सशक्त प्रतीक बन चुकी है। योजना से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे परिवार तथा समाज में अधिक सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में महिलाओं की सहभागिता सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि प्रदेश की हर महिला सशक्त, स्वावलंबी और सम्मानपूर्ण जीवन जी सके।

महतारी वंदन योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश में महिला सशक्तिकरण की नई धारा प्रवाहित हुई है और लाखों परिवारों के जीवन में खुशहाली तथा आर्थिक स्थिरता का नया अध्याय जुड़ा है।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भीखमपुरा में निर्माणाधीन पीएम आवासों का किया निरीक्षण

 सुशासन तिहार के अंतर्गत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के बरमकेला विकासखंड स्थित ग्राम भीखमपुरा पहुंचे, जहां उन्होंने सपेरा बस्ती में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों का निरीक्षण कर विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। मुख्यमंत्री श्री साय ने वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन कर रहे सवरा (सपेरा) जनजाति के परिवारों से आत्मीय संवाद कर उनकी समस्याएं सुनीं तथा अधिकारियों को त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।


मुख्यमंत्री श्री साय ने निर्माणाधीन आवासों का अवलोकन करते हुए कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि विकास और जनकल्याण का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। 

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अधिकारियों को सभी स्वीकृत आवासों और अन्य निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे पिछले लगभग 35 वर्षों से कच्चे घरों में रहकर जीवनयापन कर रहे थे।प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से अब उनका पक्के घर का सपना साकार हो रहा है। हितग्राहियों ने कहा कि पहली बार उन्हें अपने परिवार के साथ सुरक्षित और सम्मानजनक आवास में रहने की उम्मीद मिली है। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से सुनते हुए जाति प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक प्रकरणों के त्वरित निराकरण के निर्देश अधिकारियों को दिए।

इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने दिव्यांग हितग्राही रमाबाई सिदार को बैसाखी प्रदान कर उनकी सहायता की तथा बच्चों को चॉकलेट वितरित कर उनसे आत्मीय बातचीत की। मुख्यमंत्री की सहजता और अपनत्व से ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखने को मिला।

उल्लेखनीय है कि भीखमपुरा की सपेरा बस्ती में 68 परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास, सीसी रोड तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। यहां प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, सार्वजनिक वितरण प्रणाली, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, जल जीवन मिशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक पहुंचाया जा रहा है। वर्ष 2024-25 में 25 आवास, वर्ष 2025-26 में 14 आवास तथा मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 14 आवास स्वीकृत किए गए हैं। वहीं 10 अन्य पात्र परिवारों को आवास प्लस 2.0 सर्वे में शामिल किया गया है।

कार्यक्रम के दौरान ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कदम का पौधा तथा वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बरगद का पौधा रोपित किया। परिसर में कुल पांच पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया गया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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केबिनेट सचिव ने राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं के एक्शन प्लान को लेकर किया विमर्श

 भारत सरकार के केबिनेट सचिव डॉ. टी.व्ही.सोमनाथन ने आज नई दिल्ली से वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिव कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने मुख्य सचिव से कहा कि केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकारें मिलकर राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों एवं योजनाओं का क्रियान्वयन करें। कान्फ्रेंस में शिक्षा, स्वास्थ्य, बच्चों के स्वास्थ्य एवं शिक्षा, अपार आई डी, आंगनबाड़ियों के मैनेजमेंट, आरोग्य मंदिर, आत्मनिर्भर भारत, स्वदेशी लाईवलीहुड मिशन, पीएम जनमन, पेंशन स्कीम सहित भारत सरकार की अन्य महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी योजनाएं कार्यक्रम का राज्यों में संचालन तथा क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। 


          वीडियो कॉन्फ्रेंस के दौरान आगामी दिनों में होने वाली नीति आयोग की नेशनल कॉन्फ्रेंस, एनटीए द्वारा ली जाने वाली रि-नीट परीक्षा में जरूरी व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा की गई। छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव श्री विकासशील नवा रायपुर से वीडियो कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए। सीएस कॉन्फ्रेंस में छत्तीसगढ़ में लाईवलीहुड मिशन, आकांक्षी जिला एवं नियद नेल्लानार योजना में किए गए कार्यों का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया। वीडियो कॉन्फ्रेंस में केन्द्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिवों और सभी राज्यों के मुख्य सचिव एवं राज्यों के विभिन्न विभागों के सचिव भी शामिल हुए।
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मुख्यमंत्री 5 जून को पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के मेधावी 22 बच्चों को करेंगे सम्मानित

 छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आगामी शुक्रवार 5 जून को दोपहर 2.30 बजे न्यू सर्किट हाउस, सिविल लाइन रायपुर में एक विशेष कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान वे मुख्यमंत्री नोनी-बाबू मेधावी शिक्षा सहायता योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2025-26 की कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं में टॉप-10 में स्थान बनाने वाले पंजीकृत श्रमिक परिवारों के 22 मेधावी बच्चों को सम्मानित करेंगे। इस गरिमामय अवसर पर श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन एवं छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।


        मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विभिन्न श्रमिक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत 28 हजार 754 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिवारजनों को कुल 7 करोड़ 79 लाख 52 हजार 370 रूपए की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे उनके बैंक खाते में अंतरित करेंगे। यह पहल श्रमिक परिवारों के सामाजिक एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रत्येक मेधावी छात्र को 1 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। उच्च शिक्षा और आवागमन को सुगम बनाने के लिए दोपहिया वाहन  क्रय करने हेतु 1 लाख रुपये का विशेष अनुदान देने का भी प्रावधान है। इस प्रकार प्रत्येक मेधावी विद्यार्थी को कुल रुपये 2 लाख रूपए का चेक वितरण कर लाभान्वित करेंगें। इस अवसर पर जनप्रतिनिधगण, गणमान्य नागरिक सहित हितग्राही बड़ी संख्या में उपस्थित रहेगें।
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