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मीडिया न्यायपालिका की रिपोर्टिंग में बरते सावधानी: धनखड़

 जबलपुर (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने मीडिया से न्यायपालिका के बारे में रिपोर्टिंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने का आग्रह किया। उन्होंने यह भी कहा कि हमें न्यायाधीशों की गरिमा और न्यायपालिका के लिए सम्मान को बनाये रखना चाहिए, क्योंकि ये कानून के शासन और संवैधानिकता के मूल सिद्धांत हैं।

श्री धनखड़ ने यहां आयोजित न्यायमूर्ति जे एस वर्मा स्मृति व्याख्यान में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने संबोधन में कहा कि एक मजबूत, निष्पक्ष और स्वतंत्र न्याय प्रणाली, लोकतांत्रिक मूल्यों के फलने-फूलने और प्रभावी होने की सबसे सुरक्षित गारंटी है। उन्होंने कहा, निर्विवाद रूप से लोकतंत्र का सबसे अच्छा विकास तब होता है, जब सभी संवैधानिक संस्थानों का आपस में पूर्ण समन्वय होता है और वे अपने क्षेत्र विशेष तक ही सीमित होते हैं।

पहले न्यायमूर्ति जे एस वर्मा स्मृति व्याख्यान में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल ने मुख्य व्याख्यान दिया। राजस्थान उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति श्री वर्मा के साथ वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में अपनी कई बातचीत को याद करते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि उनके कार्यकाल को न्यायिक इकोसिस्टम को बेहतर बनाने एवं पारदर्शिता और जवाबदेही को विस्तार देने के रूप में याद किया जा सकता है।

समाज पर दूरगामी प्रभाव वाले कई फैसले देने के लिए न्यायमूर्ति श्री वर्मा की प्रशंसा करते हुए उप राष्ट्रपति ने कहा कि विशाखा मामले में उनके ऐतिहासिक फैसले ने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से महिलाओं की विशिष्ट सुरक्षा की पर्याप्त व्यवस्था के लिए पूरे तंत्र के संरचना निर्माण का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय न्यायमूर्ति जगदीश शरण वर्मा को हमेशा पथ-प्रदर्शक निर्णयों और उन विचारों के लिए याद किया जाएगा, जिन्होंने नागरिकों को सशक्त बनाया है और सरकार को भी सक्षम बनाया है, ताकि वह लोगों के कल्याण के लिए संस्थानों में व्यापक बदलाव कर सके।

न्यायमूर्ति श्री वर्मा द्वारा संघवाद से लेकर धर्मनिरपेक्षता तक और भारत में लैंगिक समानता से जुड़े कानूनों के विभिन्न पहलुओं को प्रभावित किये जाने का उल्लेख करते हुए श्री धनखड़ ने कहा कि उनका जीवन एवं उनके विचार हमें और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल, मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति संजय किशन कौल, सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे के माहेश्वरी, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, न्यायमूर्ति रवि मलीमथ, लोकसभा सदस्य राकेश सिंह, राज्यसभा सदस्य और जे एस वर्मा स्मृति समिति के अध्यक्ष विवेक तन्खा एवं दिवंगत न्यायमूर्ति जे एस वर्मा के परिवार के सदस्य और अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए।

स्मृति व्याख्यान के बाद उप राष्ट्रपति ने राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह की प्रतिमाओं पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। तत्पश्चात, उपराष्ट्रपति मध्यप्रदेश सरकार द्वारा राजा शंकर शाह और कुंवर रघुनाथ शाह, जो 1857 के पहले स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान शहीद हुए थे, के ‘बलिदान दिवस’ की स्मृति में आयोजित एक समारोह में भाग लेने के लिए जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा कॉलेज परिसर गए।

इस अवसर पर अपने संबोधन में श्री धनखड़ ने इस तथ्य पर संतोष व्यक्त किया कि हमारे जनजातीय समुदाय के नायकों के योगदान और बलिदान को ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ समारोह के हिस्से के रूप में पहचाना जा रहा है और उन्हें विशेष महत्त्व दिया जा रहा है।

राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले 75 वर्षों में पहली बार किसी जनजातीय महिला को देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर देखना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है। यह देखते हुए कि मध्यप्रदेश में देश की सबसे बड़ी जनजातीय आबादी है। उप राष्ट्रपति ने कहा कि रानी दुर्गावती से लेकर राजा शंकर शाह तक जनजातीय समुदायों का बाहरी आक्रमण के खिलाफ प्रतिरोध का गौरवशाली इतिहास रहा है।

उन्होंने स्मारकों और संग्रहालयों के निर्माण के लिए केंद्र और राज्य सरकारों की सराहना की। ये स्मारक और संग्रहालय हमारे जनजातीय नायकों की कहानियों को उजागर करते हैं और इनसे हमारी युवा पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।

इस अवसर पर श्री धनखड़ ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम पर आयोजित एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया और स्थानीय लोक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम देखे। उप राष्ट्रपति ने विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन/शिलान्यास भी किया और जेईई/एनईईटी/सीएलएटी में उत्तीर्ण होने वाले मेधावी जनजातीय छात्रों को सम्मानित किया।

मध्यप्रदेश के राज्यपाल श्री पटेल, मुख्यमंत्री श्री चौहान, मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं सदस्य वी डी शर्मा, केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते, मध्यप्रदेश सरकार की जनजातीय कल्याण मंत्री मीना सिंह, मध्यप्रदेश सरकार के वन मंत्री विजय शाह, मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव, राज्यसभा सदस्य सुमित्रा बाल्मीकि, सदस्य राकेश सिंह और अन्य गणमान्य व्यक्ति कार्यक्रम में शामिल हुए।

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निराश लोगों की आवाज बन रही है भारत जोड़ो यात्रा : राहुल

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने रविवार को कहा कि सरकार की नीतियों के कारण देश के लोगों में निराशा का माहौल है और 'भारत जोड़ो यात्रा' निराश लोगों की आवाज बन रही है।

श्री गांधी ने कहा कि देश में सद्भाव का माहौल नहीं है, युवाओं के पास रोजगार नहीं है और लोग अपने भविष्य को लेकर के निराश हैं, लेकिन ‘भारत जोड़ो’ यात्रा उदास हुए इन सबकी आवाज बन रही है और लोग एकजुट होकर यात्रा के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।

श्री गांधी ने ट्वीट किया सद्भाव के बिना कोई प्रगति नहीं है। प्रगति के बिना कोई रोजगार नहीं है। नौकरियों के बिना कोई भविष्य नहीं है। बेरोजगारी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए भारत जोड़ो यात्रा निराशा की आवाजों को एकजुट कर रही है।

 

 

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लाइट ब्लू में नजर आएंगे भारतीय सितारे, टीम इंडिया की नई जर्सी लॉन्च

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। टीम इंडिया की नई जर्सी लॉन्च हो गई है। भारतीय खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया में होने वाले अगले टी-20 वर्ल्ड कप में यही जर्सी पहन कर खेलेंगे। साथ ही ऑस्ट्रेलिया और साउथ अफ्रीका के खिलाफ 20 सितंबर 2022 से शुरू हो रही टी-20 सीरीज में भी भारतीय स्टार्स इसी जर्सी में नजर आएंगे।

इस बार जर्सी के कलर के तौर पर लाइट ब्लू का इस्तेमाल किया गया है। भारतीय टीम इससे पहले डार्क ब्लू जर्सी पहन रही थी। लाइट ब्लू 2007 में हुए पहले टी-20 वर्ल्ड कप की भारतीय जर्सी में भी इस्तेमाल हुआ था। तब टीम इंडिया चैंपियन बनी थी। उसके बाद से भारत अब तक एक बार टी-20 वर्ल्ड चैंपियन नहीं बन पाया है।

BCCI ने तीन दिन पहले ही नई जर्सी जल्द लॉन्च किए जाने की सूचना दी थी। टीम के किट स्पॉन्सर ने भी इस खबर की पुष्टि की थी। अब रविवार को नई जर्सी लॉन्च कर दी गई है। नई जर्सी का इस्तेमाल भारत के पुरुष क्रिकेटर्स के साथ-साथ महिला खिलाड़ी भी इस्तेमाल करेंगी। पिछली बार भी जो जर्सी लॉन्च की गई थी उसका इस्तेमाल दोनों टीमों ने किया था।

 

 

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चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी केस: रात 1.30 बजे स्टूडेंट्स का धरना खत्म, 6 दिन पढ़ाई बंद

 चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। मोहाली की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली 60 से ज्यादा छात्राओं के नहाने का वीडियो वायरल करने के मामले में स्टूडेंट्स का धरना रात 1.30 बजे खत्म हुआ। रोपड़ रेंज के DIG गुरप्रीत भुल्लर और मोहाली के DC अमित तलवार ने भरोसा दिया कि उनकी सभी मांगे मानी जाएंगी। यूनिवर्सिटी में अब 24 सितंबर तक नॉन टीचिंग डे घोषित कर दिया गया है। इस मामले से सहमी लड़कियों ने हॉस्टल खाली करने शुरू कर दिए हैं। उनके माता-पिता सुबह ही बेटियों को लेने पहुंच गए।

इस मामले में आरोपी दो युवकों को हिमाचल पुलिस ने देर रात गिरफ्तार कर लिया है। इनमें लड़की ने जिस युवक की तस्वीर दिखाई थी, उसे शिमला के ढली से पकड़ा गया। उसका नाम रंकज वर्मा है। वहीं दूसरे आरोपी सन्नी मेहता को रोहड़ू से अरेस्ट किया गया। इससे पहले पंजाब पुलिस ने वीडियो बनाने वाली लड़की को गिरफ्तार किया था। लड़की भी शिमला के रोहड़ू की रहने वाली है। वो लड़कों को बहुत पहले से जानती है।

चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में कथित आपत्तिजनक वीडियो लीक मामले पर DSP रुपिंदरदीप कौर सोही ने बताया कि देर शाम दोनों युवक पंजाब पुलिस को सुपुर्द कर दिए गए। सन्नी (23 साल) एक बेकरी में, तो रंकज (31 साल) ट्रेवल एजेंसी में काम करता है। रंकज मूल रूप से ठियोग के संधू क्षेत्र का है। इनसे अब वीडियो मंगवाने और उसे वायरल करने के मकसद के बारे में पूछताछ होगी।

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4 साल में 2 हजार कारीगर तैयार करेंगे श्रीराम की 251 मीटर ऊंची प्रतिमा

 अयोध्या (छत्तीसगढ़ दर्पण)। अयोध्‍या में लगने वाली भगवान राम की प्रतिमा 251 मीटर ऊंची मूर्ति 4 साल में बनकर तैयार होगी l इसके लिए दो हजार कारीगरों की टीम काम करेगी l इसे साहिबाबाद की फैंक्ट्री में तैयार करने की तैयारी चल रही है।  इस भव्य प्रतिमा की मूर्ति की डिजाइन अनिल राम सुतार ने तैयार की है। भगवान श्रीराम की यह मूर्ति स्टेच्यू आफ यूनिटी से 69 मीटर अध‍िक ऊंची होगी।

देश के प्रसिद्ध मूर्तिकार पद्मभूषण राम वी सुतारऔर उनके पुत्र अनिल राम सुतार इन दिनों अयोध्या में हैं। नयाघाट पर लता स्मृति चौक में वीणा को स्थापित कराने के लिए वे यहां पहुंचे हैं। राम वी सुतार ने बताया कि श्रीराम की यह प्रतिमा कांस्य से निर्मित होगीl गुजरात की स्टेच्यू आफ यूनिटी के रूप में सरदार पटेल की प्रतिमा की ऊंचाई 182 मीटर है। भगवान राम की प्रतिमा इससे 69 मीटर अधिक ऊंची होगी।

अनिल सुतार ने बताया कि वर्ष 2018 में सीएम योगी आदित्यनाथ के सामने एक प्रतिमा का माडल प्रस्तुत किया गया था, जिसके निर्माण की अनुमति सीएम ने प्रदान की है। पर अभी प्रतिमा लगने के लिए भूमि खरीदने की प्रक्रिया चल रही है। भूमि उपलब्ध होने के प्रतिमा का निर्माण कर लिया जाएगा।

भगवान राम की 251 फिट उंची प्रतिमा स्थल पर भगवान श्रीराम पर आधारित डिजिटल म्यूजियम, इंटरप्रेटेशन सेंटर, लाईब्रेरी, फूड प्लाजा, लैंडस्केपिंग के साथ पयर्टकों की मूलभूत सुविधाओं की स्थापना करने के निर्देश सरकार के द्वारा दो वर्ष पूर्व दिया गया था ।

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नई पारी की शुरुआत करेंगे कैप्टन अमरिंदर, दिल्ली में नड्डा से की मुलाकात...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री आज अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। कैप्टन अमरिंदर आज अपनी पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस का भाजपा में विलय करेंगे। नई दिल्‍ली में आयोजित समारोह में उनके समर्थक, करीबी कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में भाजपा की सदस्यता लेंगे। भाजपा में पार्टी के विलय से पूर्व कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सोमवार सुबह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुलाकात की।

कैप्टन अमरिंदर के साथ कुछ पूर्व विधायक भी भाजपा में शामिल होंगे। इनमें से तीन मुक्तसर से करन कौर बराड़, माहिल कलां से हरचंद कौर और भदौड़ से पिरमल सिंह के नाम सामने आए हैं। वहीं कैप्टन के पुत्र रणइंदर सिंह और बेटी जयइंदर भी भाजपा में शामिल होंगे। हालांकि कैप्टन की पत्नी और पटियाला से कांग्रेस सांसद परनीत कौर इस मौके पर उपस्थित नहीं रहेंगी। इसका बड़ा कारण यह है कि अगर वह भाजपा में शामिल होती हैं तो उन्हें लोकसभा की सदस्यता छोड़नी होगी।

कैप्‍टन अमरिंदर सिंह का राजनीतिक सफर
कैप्‍टन 1980 में पहली बार कांग्रेस टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीते थे। 1984 में आपरेशन ब्लू स्टार के विरोध में उन्होंने न केवल लोकसभा से बल्कि कांग्रेस से भी इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद वह शिरोमणि अकाली दल में शामिल हुए और 1985 में तलवंडी साबो से विधानसभा चुनाव जीता, लेकिन कुछ समय बाद वह फिर कांग्रेस में शामिल हो गए।

2002 से 2007 तक वह पंजाब के मुख्यमंत्री रहे। इसके बाद कांग्रेस को लगातार दो बार विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। 2017 में एक बार फिर कैप्टन की अगुवाई में कांग्रेस ने पंजाब में सरकार बनाई। परंतु सितंबर 2021 में कांग्रेस से मनमुटाव के कारण कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया।

इसके बाद उन्होंने अपनी पंजाब लोक कांग्रेस पार्टी का गठन किया। 2022 के विधानसभा चुनाव उन्होंने भाजपा के साथ गठबंधन करके लड़ा लेकिन उनकी पार्टी का कोई भी नेता चुनाव नहीं जीत सका। इसके बाद से ही कैप्टन की पार्टी की भाजपा में विलय को लेकर चर्चा चल रही थी।

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नान घोटाला : ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से की मामले की दूसरे राज्य में सुनवाई करने की मांग...

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत के मुख्य न्यायाधीश, यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस अजय रस्तोगी ने सोमवार को प्रवर्तन निदेशालय द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई की, जिसमें नागरिक आपूर्ति निगम घोटाला मामले में जांच स्थानांतरित करने की मांग की गई है, जो छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में भ्रष्टाचार से संबंधित है।

पीठ ने पक्षों को निर्देश दिया कि वे जिस सामग्री पर भरोसा करना चाहते हैं उसे सीलबंद लिफाफे में दें। यह मामला अब 26 सितंबर 2022 को दोपहर 3 बजे के लिए सूचीबद्ध किया गया है। अदालत ने आगे पक्षकारों को याचिकाओं के सुनवाई योग्य होने पर अपनी लिखित प्रस्तुतियां पेश करने का निर्देश दिया।

भारत के सॉलिसिटर जनरल, तुषार मेहता ने कहा कि मामला इतना बड़ा है कि सुप्रीम कोर्ट संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपने अधिकार क्षेत्र का प्रयोग कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में संवैधानिक पदों पर अधिकारियों की मिलीभगत से उच्च पदस्थ अधिकारी अपने पदों का फायदा उठा रहे हैं। प्रतिवादियों की ओर से सीनियर एडवोकेट राकेश द्विवेदी, सीनियर एडवोकेट मुकुल रोहतगी और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस बात पर प्रकाश डाला कि उक्त घोटाला छत्तीसगढ़ में भाजपा सरकार के शासन के दौरान हुआ था।

एसजी मेहता ने कहा कि यह सामने आया है कि छत्तीसगढ़ सरकार के वरिष्ठ अधिकारी याचिकाकर्ताओं के मामले को कमजोर करने में सक्रिय रूप से शामिल हैं और अभियुक्तों ने न केवल गवाहों को ईडी के समक्ष अपने बयान वापस लेने के लिए प्रभावित किया था, बल्कि एसआईटी ने भी कार्रवाई को रोकने के सात प्रयास किए थे। उन्होंने प्रस्तुत किया कि ईडी की जांच से पता चला है कि आरोपी संवैधानिक पदाधिकारियों के संपर्क में था और अन्य सह-आरोपियों के अपराधों की गंभीरता को कम करने का प्रयास किया गया था। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों को वर्तमान छत्तीसगढ़ सरकार से मदद मिली थी।

इस पर सीनियर एडवोकेट रोहतगी ने हस्तक्षेप करते हुए कहा, "उन्होंने मेरे मामले पर प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिए इसे पढ़ा है लेकिन उन्होंने सामग्री दायर नहीं की है। या तो आप सामग्री का खुलासा करें या इसे न पढ़ें।"

एसजी मेहता ने प्रस्तुत किया कि जबकि उन्हें सामग्री को रिकॉर्ड पर रखने में कोई संकोच नहीं है, उक्त सामग्री का खुलासा करने से सिस्टम में लोगों का विश्वास हिल जाएगा।

उन्होंने कहा, "अगर यह सार्वजनिक डोमेन में आता है, तो यह सिस्टम में लोगों के विश्वास को हिला सकता है। हाईकोर्ट के मौजूदा न्यायाधीश संवैधानिक अधिकारियों के संपर्क में थे जो आरोपी की मदद कर रहे थे, क्या आप चाहते हैं कि मैं इसे सार्वजनिक कर दूं?"

तदनुसार, एसजी ने पीठ से अनुरोध किया कि वह कुछ समय लें और सामग्री को 'आराम से' देखें और फिर अपना निर्णय लें।

एक आरोपी की ओर से सीनियर एडवोकेट मीनाक्षी अरोड़ा ने कहा कि उक्त आरोपी को 2015 में गिरफ्तार किया गया था और इस मामले में 170 से अधिक गवाहों से पूछताछ की जा चुकी है, जिसमें अंतिम गवाह भी शामिल है जो जांच अधिकारी था। इधर, एसजी ने कहा कि कोई भी आरोपी जेल में नहीं है और वे जमानत पर बाहर हैं।

एसजी ने यह भी कहा कि रजिस्ट्री में उल्लेखित करने के बावजूद मामलों को सूचीबद्ध नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, "मैंने छह बार इसका उल्लेख किया है। मैं केवल इतना कह रहा हूं कि मेरी याचिका लंबित है, कृपया मामले को समाप्त न करें।"

तदनुसार, सीजेआई ललित ने कहा, "जस्टिस रस्तोगी बिना साथी के थे इसलिए वह यहां हमारे साथ बैठे हैं। लेकिन जब हमने मामले की सुनवाई शुरू की है, हम इसे उसी संयोजन में समाप्त करेंगे। जो भी दस्तावेज सीलबंद लिफाफे में हैं, हमने उन्हें नहीं देखा है लेकिन एसजी ने अनुरोध किया कि हम उन पर एक नज़र डालें ताकि हम उन्हें देख सकें। यदि हम पाते हैं कि सामग्री को सार्वजनिक किया जाना है, तो हम इसकी अनुमति देंगे। एक अनुरोध किया गया है कि जांच को स्थानांतरित किया जाए और इस अदालत ने नवंबर 2021 में नोटिस जारी किया था। लगभग 10 महीने बीत चुके हैं... मुकदमे के समाप्त होने से पहले, हमें यह तय करना होगा कि क्या दूसरे पक्ष में सार है। मामले को अगले सोमवार को 3 बजे सूचीबद्ध करें... अभी तक, हम वह नोटिस कह रहे हैं 2021 में जारी किया गया था, जिसका अर्थ है कि प्रथम दृष्टया याचिकाकर्ता के खिलाफ कुछ पाया गया था। इस प्रकार, यह सुनना हमारा कर्तव्य है।"

सीजेआई ने आदेश सुनाते हुए कहा, "एसजी के पास सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज और सामग्री है। प्रतिवादी प्रस्तुत करते हैं कि सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज़ जमा करने की प्रथा को इस अदालत के एक नवीनतम निर्णय द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया है। राज्य का कहना है कि यदि याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत सामग्री पर विचार किया जाता है, तो राज्य भी सीलबंद लिफाफे में दस्तावेज़ रखने के इच्छुक हों। इसलिए, हम चाहते हैं कि वकील ऐसी सामग्री रखें जिस पर राज्य भी भरोसा करना चाहता है। दोनों सीलबंद लिफाफे मामले की सुनवाई करने वाले न्यायाधीशों के आवास पर भेजे जाएं। हम याचिकाओं के सुनवाई योग्य होने के साथ-साथ याचिकाकर्ताओं पर भी प्रस्तुतियां चाहते हैं।

उत्तरदाताओं में से एक ने हमारे ध्यान खींचा है कि याचिकाकर्ता द्वारा जांच किए जाने वाले सभी 170 गवाहों की जांच की गई है, जिसमें अंतिम गवाह, जांच अधिकारी शामिल हैं। हमें यह भी अवगत कराया गया है कि ईडी द्वारा आवेदन के निपटान तक ट्रायल कोर्ट की सुनवाई को स्थगित करने की मांग की गई है। इस संबंध में मामले पर 24 सितंबर 2022 को विचार किया जाएगा। साक्ष्यों के निष्कर्ष के बाद अब सीआरपीसी की धारा 313 के तहत आरोपियों के बयान दर्ज करने पर विचार किया जाना है। उस अभ्यास को करने के लिए, अभी तक कोई तारीख तय नहीं की गई है। प्रशांत भूषण ने हस्तक्षेपकर्ता, प्रदीप श्रीवास्तव की ओर से, प्रस्तुत किया है कि जांच में वांछित बहुत कुछ छोड़ दिया गया है। उनका कहना है कि जांच की गुणवत्ता सही नहीं है। उनका कहना है कि स्वतंत्र एजेंसी में ट्रांसफर होने के बाद भी जांच की प्रक्रिया की निगरानी इस अदालत द्वारा एसआईटी या किसी पदाधिकारी को नियुक्त करके की जाए। हमें अभी इन सवालों में जाने की जरूरत नहीं है। पहले मामले में, हम सुनवाई योग्य होने पर विचार करेंगे। इस मामले को सोमवार को अपराह्न 3 बजे इसी पीठ के समक्ष रखा जाए।"

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11 वें दिन केरल के अलाप्पुझा से शुरू हुई राहुल की भारत जोड़ो पद यात्रा

 अलाप्पुझा (छत्तीसगढ़ दर्पण)। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अलाप्पुझा के हरिपद में 11वें दिन 'भारत जोड़ो यात्रा' शुरू की। वाम दलों द्वारा शासित इस राज्य में यह यात्रा करीब 18 दिन रहेगी। ज्ञात हो कि केरल की वायनाड लोकसभा क्षेत्र से राहुल गांधी सांसद हैं। कन्याकुमारी, तमिलनाडु से शुरू हुई कांग्रेस की 'भारत जोड़ो यात्रा' फिलहाल केरल में है।

200 किमी पूरा करने के बाद, कांग्रेस नेताओं ने रविवार सुबह अलाप्पुझा जिले के हरिपद से यात्रा के केरल चरण को फिर से शुरू किया। पदयात्रा थोट्टापल्ली के श्री कुरुत्तु भगवती मंदिर में रुकेगी। यात्रा शाम को टीडी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल वंदनम में रुकेगी। यात्रा अपने केरल चरण में है और अगले 12 दिनों के लिए राज्य से होकर गुजरेगी।

कन्याकुमारी से कश्मीर तक का 3,500 किलोमीटर का मार्च 150 दिनों में पूरा होगा और 12 राज्यों को कवर करेगा। केरल से, यात्रा अगले 18 दिनों के लिए राज्य से गुजरेगी, 30 सितंबर को कर्नाटक पहुंचेगी। यह उत्तर की ओर बढ़ने से पहले 21 दिनों के लिए कर्नाटक में होगी। पदयात्रा (मार्च) प्रतिदिन 25 किमी की दूरी तय करेगी।

अब यह कहा जा रहा है कि यह यात्रा पूरी हो जाने के बाद उसका दूसरा चरण गुजरात से शुरू होगा। इसका अर्थ है कि यह काम करीब पांच माह बाद होगा। भारत जोड़ो यात्रा केरल में तो 18 दिन रहेगी, लेकिन 80 सीटों वाले उत्तर प्रदेश में चार-पांच दिन। इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं और सबसे पहला सवाल केरल सरकार का नेतृत्व कर रही माकपा ने उठाया। उसने इसे सीट जोड़ो यात्रा करार दिया, जिसके जवाब में कांग्रेस ने उसे भाजपा की बी टीम बता दिया। ध्यान रहे कि माकपा के साथ मिलकर कांग्रेस ने बंगाल में विधानसभा चुनाव लड़ा था।

इस बीच, केरल के कोल्लम में स्थानीय कांग्रेस नेताओं द्वारा एक सब्जी विक्रेता से कथित रूप से चंदा वसूलने का एक वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा विवादों में घिर गई। कोल्लम में एक सब्जी दुकानदार को कथित रूप से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए धन के संग्रह के लिए 2,000 रुपये का योगदान नहीं करने के लिए धमकी दी थी।

कोल्लम में एक सब्जी दुकानदार एस फवाज ने आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दुकान की तौल मशीन को क्षतिग्रस्त कर दिया और सब्जियां नष्ट कर दीं। उन्होंने आगे आरोप लगाया कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया और दुकान के कर्मचारियों पर हमला किया। इसके बाद केरल कांग्रेस ने शुक्रवार को पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं को निलंबित कर दिया।

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ज्ञानवापी मामले में कोर्ट के फैसले का ओवैसी ने किया विरोध

 हैदराबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। एआईएमआईएम के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी मामले में  कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए  कहा कि ज्ञानवापी मस्जिद मामले में ज़िला न्यायलय के आए फ़ैसले के खिलाफ़ हाई कोर्ट में अपील होनी चाहिए।


ओवैसी ने कहा,'' मुझे उम्मीद है कि अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमिटी फैसले के ख़िलाफ अपील करेगी। मुझे लगता है कि इस फैसले के बाद पूजा स्थल अधिनियम 1991 फेल हो जाएगा। इसके बाद अस्थिरता का असर शुरू होगा। हम उसी रास्ते पर जा रहे हैं जिस रास्ते पर बाबरी मस्जिद का मुद्दा था। जब बाबरी मस्जिद पर फ़ैसला दिया गया था, तो मैंने सभी को चेतावनी दी थी कि इससे देश में समस्याएँ पैदा होंगी क्योंकि यह फ़ैसला आस्था के आधार पर दिया गया था।''

इससे पहले यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने ज्ञानवापी मस्जिद मामले में ज़िला न्यायालय के आए फै़सले पर टिप्पणी करते हुए एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में वे लिखते हैं 'करवट लेती मथुरा, काशी!'

इससे पहले, वाराणसी की ज़िला अदालत ने ज्ञानवापी मस्जिद परिसर में देवी देवताओं की पूजा की मांग को लेकर की गई पाँच महिलाओं की याचिका को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। हिंदू पक्ष के वकील विष्णु जैन ने कहा है कि ज़िला जज एके विश्वेश की अदालत ने अपने फ़ैसले में मुस्लिम पक्ष की अपील को ख़ारिज कर दिया है।

 

 

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87 हजार से ज्यादा लोगों ने किया रक्तदान, पीएम मोदी के जन्मदिन पर बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिन के मौक पर रक्तदान का नया रिकॉर्ड बनाया है। एक ही दिन में 87,137 से ज्यादा लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया है। देश के स्वास्थ्य मंत्रालय के ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक यह नया विश्व रिकॉर्ड है, पिछला रिकॉर्ड साल 2014 में दर्ज किया गया था, जब कुल 87,059 लोगों ने रक्तदान किया था।


केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ मनसुख मंडाविया ने शनिवार को नई दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में रक्तदान शिविर में रक्तदान कर देशव्यापी विशाल स्वैच्छिक रक्तदान अभियान रक्तदान अमृत महोत्सव की शुरुआत की थी। उन्होंने अपने एक ट्वीट में इस उपलब्धि को असाधारण बताया है। स्वास्थ्य मंत्री ने ट्वीट किया कि, मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के जन्मदिन पर रक्तदान अमृत महोत्सव में अब तक 87 हजार से अधिक लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है। हमारे प्यारे प्रधान सेवक को यह देश की ओर से एक अमूल्य उपहार है।

वहीं, एक अन्य कार्यक्रम के तहत सभी का स्वास्थ्य सुनिश्चित करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 9 सितंबर 2022 को 2025 तक टीबी को खत्म करने के लिए प्रधान मंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान की शुरूआत की है। राष्ट्रपति की इस पहल ने गति पकड़ ली है और अब तक लगभग 13.5 लाख टीबी रोगियों ने निक्षय पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। जिसमें से 9.5 लाख सक्रिय टीबी रोगियों ने अपनी सहमति दी है।

निक्षय 2.0 पोर्टल पर टीबी रोगियों के उपचार में सुधार के साथ, अतिरिक्त रोगी सहायता प्रदान करने और 2025 तक टीबी को समाप्त करने की भारत की प्रतिबद्धता को पूरा करने के लिए कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के अवसरों का लाभ उठाने में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ाने में सुविधा प्रदान कर रहा है।

 

 

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60 छात्राओं के वीडियो हुए लीक : कइयों ने किया आत्महत्या का प्रयास, यूनिवर्सिटी में मचा हड़कंप...

 वीडियो वायरल करवाने वाली छात्रा हिरासत में

चंडीगढ़ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पंजाब के मोहाली स्थित गर्ल्स हास्टल में सनसनीखेज मामला सामने आया है। एक छात्रा दूसरी छात्राओं की नहाते वक्त वीडियो बनाती थी और इन वीडियो को अपने एक दोस्त को भेजती थी। दोस्त शिमला का रहने वाला है। छात्रा के दोस्त ने इन वीडियो को इंटरनेट मीडिया पर वायरल कर दिया है। छात्राओं ने जब अपनी वीडियो इंटरनेट पर देखी तो सन्न रह गईं। मामले की शिकायत कालेज प्रबंधन को दी गई, लेकिन प्रशासन चुप्पी साधे रहा।


बताया गया कि शनिवार रात्रि अचानक कुछ छात्राओं ने आत्महत्या का प्रयास किया तो मामले ने तूल पकड़ा। बताया जा रहा है कि आठ छात्राओं ने आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि एसएसपी मोहाली ने आत्महत्या की बात से इन्कार कर दिया है। कहा कि एंबुलेंस से ले जाई जा रही छात्रा तनाव में आ गई थी। वहीं, यूनिवर्सिटी में छात्राओं ने प्रदर्शन शुरू कर दिया है। आरोपित छात्रा को हिरासत में ले लिया गया है।

मोहाली के एसएसपी विवेक सोनी का कहना है कि यह एक छात्रा द्वारा शूट किए गए और प्रसारित किए जा रहे वीडियो का मामला है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपित छात्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना से संबंधित किसी की मौत की सूचना नहीं है। मेडिकल रिकार्ड के अनुसार, कोई प्रयास (आत्महत्या करने) की सूचना नहीं है।

एसएसपी विवेकशील सोनी का कहना है कि अभी तक की जांच में हमें पता चला है कि आरोपित के पास सिर्फ एक ही वीडियो है। उसने किसी और का कोई अन्य वीडियो रिकार्ड नहीं किया है। छात्रा इलेक्ट्रानिक उपकरण और मोबाइल फोन को जब्त कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि छात्रा लंबे समय से अन्य छात्राओं की नहाते समय की वीडियो बना रही थी और शिमला के एक युवक को भेज रही थी। युवक ने यह वीडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दी। छात्राओं ने जब इंटरनेट मीडिया पर पर अपनी वीडियो देखी तो वह दंग रह गई।

स्टूडेंट्स पर मामला दबाने का दवाब
वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल होने के बाद आठ छात्राओं ने आत्महत्या का प्रयास किया। छात्राओं को अलग-अलग अस्पतालों में ले जाया गया है। वहीं, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रबंधन स्टूडेंट्स पर मामला दबाने का दवाब बना रहा है। छात्राओं का कहना है कि उन्होंने इसकी शिकायत कालेज प्रबंधन से की, लेकिन कालेज प्रबंधन ने मामले में कुछ भी कार्रवाई नहीं की।

भड़के स्टूडेंट्स ने शनिवार देर रात चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी को घेर लिया और वी फार जस्टिस की नारेबाजी करने लगी। बताया जा रहा है की जिस युवती ने वीडियो बनाए हैं उसे हास्टल के एक कमरे में बंद करके रखा गया है, ताकि उस पर हमला न हो जाए।

हंगामा इतना बढ़ गया कि सिक्योरिटी गार्ड ने मुख्य गेट बंद कर दिया, वहीं पुलिस फोर्स को मौके पर बुलाया गया है। भड़के स्टूडेंट्स ने पीसीआर गाड़ियां भी पलट दी और पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। मामला बड़ा होने के कारण पुलिस प्रशासन भी कुछ नहीं बोल रहा है।

छात्राओं का कहना है कि उन्होंने मामले की शिकायत की प्रबंधन से की थी, लेकिन प्रबंधन मामले में चुप्पी साधे रहा। उन्हें मामले के बारे में किसी को कुछ भी बताने से मना कर दिया। गत रात्रि जब छात्राओं ने आत्महत्या का प्रयास किया तो प्रबंधन में हड़कंप मच गया।

आम आदमी पार्टी के प्रमुख व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने घटना की कड़ी निंदा की। कहा कि दोषियों को कड़ी सजा देंगे। उन्होंने पीड़ित छात्राओं से हिम्मत रखने को कहा।

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पीएम मोदी ने 8 चीतों को कुनो नेशनल पार्क ने छोड़ा

 कुनो (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत की उपलब्धियों में आज एक और उपलब्धि जुड़ गई है। लगभग 7 दशक पहले भारत के जंगलों से विपुप्त हो चुके दुनिया के सबसे तेज जानवर की वापसी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने जन्मदिवस को यादगार बनाते हुए अफ्रीका से लाए हुए 8 चीतों को मध्यप्रदेश के कुनो नेशनल पार्क के रिहा किया। इन चीतों के आने के बाद अब आशा है कि भारत के जंगलों में इनकी आबादी वापस आएगी और आने वाली पीढ़ी इनकी तेज रफ़्तार और इनकी खूबसूरती को निहार पाएगी।

 

 

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अमेरिका ने की अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन समझौते की पुष्टि, सौंपा स्वीकृति का साधन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)।अमेरिका ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन समझौते की पुष्टि की है। एएस (ईआर) प्रभात कुमार और जेएस (ईडी) नूर रहमान शेख के साथ बैठक के दौरान भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी डी'अफेयर्स पेट्रीसिया लसीना द्वारा स्वीकृति का साधन सौंपा गया था।


एएस (ईआर) प्रभात कुमार और जेएस (ईडी) नूर रहमान शेख के साथ बैठक के दौरान भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी डी'अफेयर्स पेट्रीसिया लसीना द्वारा स्वीकृति सौंपी गई थी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शनिवार को ट्वीट किया, यूएसए ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) समझौते की पुष्टि की है। एएस (ईआर) प्रभात कुमार और जेएस (ईडी) नूर रहमान शेख के साथ बैठक के दौरान भारत में अमेरिकी दूतावास के प्रभारी डी'अफेयर्स पेट्रीसिया लसीना द्वारा स्वीकृति सौंपी गई थी।

अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) सौर ऊर्जा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती तैनाती के लिए एक क्रिया-उन्मुख, सदस्य-संचालित, सहयोगी मंच है। इसका मूल उद्देश्य अपने सदस्य देशों में ऊर्जा पहुंच को सुविधाजनक बनाना, ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना और ऊर्जा संक्रमण को बढ़ावा देना है। सौर ऊर्जा समाधानों की तैनाती के माध्यम से जलवायु परिवर्तन के खिलाफ प्रयासों को संगठित करने के लिए भारत और फ्रांस द्वारा संयुक्त प्रयास के रूप में आईएसए की कल्पना की गई थी।

कुल 106 देशों ने आईएसए फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। 106 देशों में से 86 ने आईएसए फ्रेमवर्क समझौते पर हस्ताक्षर और पुष्टि की है। संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश आईएसए में शामिल होने के पात्र हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा (The United Nations General Assembly, UNGA) ने अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) को पर्यवेक्षक का दर्जा दिया है। यह गठबंधन और संयुक्त राष्ट्र के बीच नियमित और अच्छी तरह से परिभाषित सहयोग प्रदान करने में मदद करेगा जिससे वैश्विक ऊर्जा विकास (global energy growth) को लाभ होगा।

आईएसए सदस्य देशों को कम कार्बन विकास प्रक्षेपवक्र विकसित करने में मदद करेगा, जिसमें कम विकसित देशों (एलडीसी) और छोटे द्वीप विकासशील राज्यों (एसआईडीएस) के रूप में वर्गीकृत देशों में प्रभाव देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। ISA के महत्वपूर्ण उत्पादों में से एक वन सन वन वर्ल्ड वन ग्रिड (OSOWOG) है। OSOWOG वैश्विक सहयोग को सुविधाजनक बनाने के लिए एक ढांचे पर ध्यान केंद्रित करता है, जो परस्पर जुड़े अक्षय ऊर्जा संसाधनों (मुख्य रूप से सौर ऊर्जा) के एक वैश्विक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण करता है जिसे मूल रूप से साझा किया जा सकता है।

 

 

 

 

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बढ़ेगी बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मुश्किलें

 पटना (छत्तीसगढ़ दर्पण)। बिहार के डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव की मुश्किलें बढ़ेगी। IRCTC घोटाला मामले में सीबीआई ने बिहार के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के खिलाफ दिल्ली कोर्ट का रुख किया है। सीबीआई ने इस मामले में उन्हें दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की है।

 

 

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इंस्टिट्यूट नेशनल डे ला प्रोप्रिएट इंडस्ट्रीयल, फ्रांस तथा वैज्ञानिक और सीएसआईआर के बीच हुआ एमओयू

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंस्टिट्यूट नेशनल डे ला प्रोप्रिएट इंडस्ट्रियल (आईएनपीआई; नेशनल इंडस्ट्रियल प्रॉपर्टी इंस्टीट्यूट), फ्रांस तथा वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) ने पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी (टीकेडीएल) तक पहुँच (एक्सेस) पर सहयोग के लिए डॉ. एन. कलैसेल्वी, महानिदेशक, सीएसआईआर तथा सचिव, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर) की गरिमामयी उपस्थिति में एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैंI

समझौते का आदान-प्रदान सेबेस्टियन कोनन, भारत के क्षेत्रीय आईपी काउंसलर और डॉ. विश्वजननी जे सत्तीगेरी, वैज्ञानिक-एच और प्रमुख, सीएसआईआर-टीकेडीएल यूनिट द्वारा किया गया था। इस समझौते के माध्यम से, आईएनपीआई; फ्रांस को पेटेंट अनुदान प्रक्रिया के प्रयोजनों के लिए भारतीय पारंपरिक ज्ञान से संबंधित पूर्व कला की जांच करने के लिए संपूर्ण टीडीकेएल डेटाबेस तक पहुंच मिल जाती है।

 
 
 

अपने सम्बोधन में, वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) की महानिदेशक ने पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में फ्रांस के साथ सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने आगामी स्वास्थ्य देखभाल चुनौतियों के लिए ठोस प्रयासों को प्रोत्साहित किया। श्री कॉनन ने सहयोग के लिए भारत को धन्यवाद देते हुए कहा कि टीकेडीएल डेटाबेस न केवल आईएनपीआई के लिए बल्कि फ्रांस में पारंपरिक औद्योगिक संस्थाओं के लिए भी एक महत्वपूर्ण साधन होगा। उन्होंने कहा कि फ्रांस पारंपरिक क्षेत्रों में वैज्ञानिक गतिविधियों के लिए सीएसआईआर के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए भी तत्पर है।

 
 
 

आईएनपीआई, फ्रांस के साथ टीकेडीएल तक पहुँच (एक्सेस) समझौते पर हस्ताक्षर होना बौद्धिक संपदा अधिकारों के साथ-साथ फ्रांस और भारत के बीच पारंपरिक ज्ञान के क्षेत्र में एक नई साझेदारी तथा आपसी सहयोग की शुरुआत का प्रतीक है।

 

 

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60 स्टार्ट-अप्स को इंस्पायर पुरस्कार और 53,021 छात्रों को दी गई वित्तीय सहायता

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री एवं पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार),  प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष राज्य मंत्री डॉ जितेंद्र सिंह ने आज 60 स्टार्ट - अप्स को इंस्पायर (आईएनएसपीआईआरई)  पुरस्कार और 53,021 छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान की।

यह पुरस्कार विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार द्वारा स्थापित किया गया है और इन नवप्रवर्तकों को उनकी उद्यमिता यात्रा के लिए पूर्ण ऊष्मायन सहायता (इन्क्यूबेशन सपोर्ट)  प्रदान की जाएगी। डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस अवसर पर कहा कि  वर्ष 2020-21 के दौरान, जबकि दुनिया के बाकी हिस्सों की तरह देश कोविड -19 के गंभीर प्रभावों  से जूझ रहा था तब  वार्षिक इंस्पायर अवार्ड्स – मानक  (एमएएनएके -  मिलियन माइंड्स ऑगमेंटिंग नेशनल एस्पिरेशन एंड नॉलेज) प्रतियोगिता ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 6.53 लाख अभूतपूर्व विचारों  और नवाचारों  को आकर्षित किया था ।

उन्होंने कहा कि  इस योजना ने देश के 702 जिलों (96%) के विचारों और नवाचारों का प्रतिनिधित्व करके समावेशिता के एक अद्वितीय स्तर को छुआ, जिसमें 124 आकांक्षी जिलों में से 123, लड़कियों का 51% प्रतिनिधित्व, ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों से 84% भागीदारी शामिल है। देश के  71% स्कूल राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों द्वारा चलाए जा रहे हैं।

डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि 6.53 लाख में से कुल 53,021 छात्रों को 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता के लिए पहचाना गया ताकि वे योजना के लिए प्रस्तुत विचारों के प्रोटोटाइप विकसित कर सकें।  अगले चरण के रूप में  उन्होंने संबंधित जिला स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (डीएलईपीसी) और राज्य स्तरीय प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता  (एसएलईपीसी) में प्रतिस्पर्धा की और अब कुल 556 छात्रों ने 9वीं राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) में अपनी जगह बनाई है। 

डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा  कि  ये  सभी 556 छात्र राष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनी और परियोजना प्रतियोगिता (एनएलईपीसी) का हिस्सा होंगेI अब ये  देश के सबसे होनहार वैज्ञानिक, शोधकर्ता, विद्वान और विज्ञान और प्रौद्योगिकी (एस एंड टी)  प्रतिभा के निर्माण में एक समग्र समूह हैं। उन्होंने कहा कि उनके नवाचारों पर एक ऐसा सामाजिक ध्यान केन्द्रित  है जो भारत को विज्ञान और प्रौद्योगिकी के अनुप्रयोग द्वारा समस्याओं को हल करने का अवसर देता है।

उन्होंने बताया कि इन छात्रों के लिए हमारे देश के शीर्ष प्रौद्योगिकी संस्थानों जैसे आईआईटी, बिट्स, एनआईटी आदि में समर्पित परामर्श कार्यशालाएं आयोजित की जाती हैं, जो न केवल विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार (एसटीआई) में नवीनतम रुझानों के लिए उनके प्रदर्शन के स्तर को बढ़ाते हैं  बल्कि  उन्हें उनकी नवीन तकनीकों के लिए सही निर्णय लेने के लिए प्रशिक्षित भी करते हैं और इस बात की जानकारी देता हैं कि उनके नवाचार में सबसे अधिक मदद करने वाला  कारक क्या है।

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रामनाथ कोविंद ने अम्बेडकर एंड मोदी: रिफॉर्मर्स आइडियाज परफॉर्मर्स इम्प्लीमेंटेशन पुस्तक का किया विमोचन

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अम्बेडकर एंड मोदी: रिफॉर्मर्स आइडियाज परफॉर्मर्स इम्प्लीमेंटेशन पुस्तक का विमोचन किया। इस अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर, भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश के जी बालकृष्णन, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री डॉ. एल. मुरुगन और ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के निदेशक हितेश जैन भी उपस्थि‍त थे।

इस अवसर पर अपने संबोधन में अनुराग ठाकुर ने कहा कि यह पुस्तक महान सुधारक बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के उत्‍कृष्‍ट विचारों और दूरदर्शिता का संग्रह मात्र नहीं है, बल्कि यह इस बात का संकलन भी है कि पिछले आठ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा उन विचारों को कैसे क्रियान्वित किया गया है। यह डॉ. अम्बेडकर के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु किए जा रहे कठोर प्रयासों का दस्तावेज है।

 
 
 

श्री ठाकुर ने डॉ. अम्बेडकर के योगदान को याद करते हुए कहा कि वह एक उत्कृष्ट राजनेता थे, जिनके विचारों, हस्तक्षेपों और दर्शन ने हमारे राष्ट्र व देश की बुनियाद तैयार की, जिसे आज हम जानते हैं। उन्‍होंने कहा, अम्बेडकर ने अपना पूरा जीवन समानता, मानवाधिकार और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष करने को समर्पित किया। वह हाशिए पर मौजूद और सामाजिक रूप से उत्पीड़ित लोगों की आवाज थे। उनके जीवन और प्रभाव का आधुनिक भारत के निर्माण पर व्यापक प्रभाव बरकरार है।

 
 
 

उन्होंने कहा कि प्रथम कानून मंत्री के रूप में डॉ. अम्बेडकर ने भेदभाव विहीन ऐसे समाज की परिकल्पना की थी, जो हाशिए पर मौजूद लोगों को मुख्यधारा में लेकर आए, जो विकास के लाभ सभी में समान रूप से वितरित करे, लेकिन स्वतंत्रता के बाद से सरकारों के प्रयास इन विचारों को साकार करने में अपर्याप्‍त रहे हैं। वर्ष 2014 के बाद से सरकार ने इन उद्देश्यों को पूरा करने का अथक प्रयास किया है।

 
 
 

सरकार के मूलभूत दर्शन को रेखांकित करते हुए श्री ठाकुर ने कहा कि सरकार बनाने के बाद, शुरुआत में ही प्रधानमंत्री ने दलितों, समाज के उत्पीड़ित और वंचित वर्गों के लिए समर्पित रहने की घोषणा की थी। तभी से, सरकार के कार्यों और नीतियों ने अंत्योदय के अनुरूप कार्य किया है। चाहे मेक इन इंडिया हो या उत्‍पादन से जुड़ी प्रोत्‍साहन योजना, ये डॉ. अम्बेडकर की कल्पना के अनुरूप आधुनिक भारत बनाने की दिशा में सरकार की ओर से की गई पहले हैं।

 

 

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दूरसंचार क्षेत्र में आने वाले समय में और सुधार होंगे : अश्विनी वैष्णव

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केन्‍द्रीय संचार, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि आने वाले वर्षों में देश में दूरसंचार क्षेत्र में और सुधार देखने को मिलेंगे और उन्‍होंने जोर देकर कहा कि इस उद्योग को भी सेवा की गुणवत्ता में महत्‍वपूर्ण सुधार लाकर अपने हिस्‍से का काम करना होगा। श्री वैष्‍णव देश में डिजिटल अवसंरचना प्रदाता उद्योग का प्रतिनिधित्‍व करने वाले शीर्ष निकाय डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोवाइडर्स एसोसिएशन (डीआईपीए) की ओर से कल आयोजित किए गए मुख्‍य वार्षिक कार्यक्रम 2022 को संबोधित कर रहे थे।

इस अवसर पर संचार राज्य मंत्री देवुसिंह चौहान और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे। अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सेवा के गुणवत्ता मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि की जानी चाहिए और इसके लिए दूरसंचार विभाग को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) से संपर्क करना चाहिए। उन्होंने सेवा की गुणवत्ता के मानकों में उल्लेखनीय वृद्धि कर आज की तुलना में लगभग 3X या 4X करने के लिए दूरसंचार विभाग को ट्राई को नया परामर्श पत्र भेजने की सलाह दी।

 
 
 

श्री वैष्‍णव ने कहा कि 5जी की यात्रा बहुत ही रोमांचकारी होगी। उन्होंने कहा कि अनेक देशों को 40% से 50% कवरेज तक पहुंचने में कई साल लग गए। लेकिन हम एक बहुत ही प्रबलता के साथ समयावधि को लक्षित कर रहे हैं और सरकार ने अल्‍पावधि में 80% कवरेज का लक्ष्य दिया है और हमें निश्चित रूप से बहुत ही कम समयावधि में कम से कम 80% कवर करना चाहिए।

 
 
 

अश्विनी वैष्णव ने कहा कि दूरसंचार ऑपरेटरों और अवसंरचना प्रदाताओं सहित उद्योग को देश में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने के लिए पूरी ऊर्जा से आगे बढ़ना होगा, अब जबकि कई सुधारों की घोषणा की जा चुकी है तथा कई अन्‍य सुधार होने वाले हैं। श्री वैष्‍णव ने कहा कि ये कदम एकतरफा नहीं हो सकते और समीकरण पारस्परिक होने चाहिए।

 

 

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