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कार्ति चिदंबरम ने गिरफ्तारी के डर से खटखटाया कोर्ट का दरवाजा…

 नई दिल्ली (छ.ग. दर्पण)। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और देश के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम की मुश्किलें बढ़ती जा रहीं हैं। उन पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है। मीडिया रिपोर्ट की माने तो करीबी भास्कर रमन की गिरफ्तारी के बाद सीबीआई कार्ति चिदंबरम को भी गिरफ्तार कर सकती है। ऐसे में कांग्रेस नेता ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने दिल्ली कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। दरअसल, सीबीआई वीजा भ्रष्टाचार मामले में उनके खिलाफ जांच कर रही है।

 

बता दें कि, 18 मई को सीबीआई ने कार्ति चिदंबरम के करीबी एम भास्कर रमन को गिरफ्तार किया गया है। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें चार दिन की सीबीआई रिमांड पर भेज दिया है। इस मामले में कीर्ति चिदंबरम का भी नाम जुड़ा है। एम भास्कर रमन की गिरफ्तारी से पहले सीबीआई ने मंगलवार को कार्ति चिदंबरम के चेन्नई और दिल्ली निवास समेत देशभर में 10 ठिकानों पर छापे मारे थे। सीबीआई के मुताबिक पिता पी. चिदंबरम के केंद्रीय गृहमंत्री रहते हुए कार्ति ने 50 लाख रुपये की रिश्वत लेकर 263 चीनी नागरिकों को भारत का वीजा दिलाया था।

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असम में बाढ़-बारिश से बिगड़े हालात, रेलवे ट्रैफिक ठप, पानी के बहाव में पलटी ट्रेन

 

असम (छ.ग. दर्पण)। असम और उत्तर पूर्वी राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ का क़हर रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. असम के बाद अब अरुणाचल प्रदेश और मेघालय भी बाढ़ की चपेट में आ गए हैं. इन तीनों राज्यों में चार लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं, जबकि 12 लोगों की मौत हो चुकी है. भारी बारिश और भूस्खलन के चलते असम के दीमा हसाओ ज़िले का हाफलोंग रेलवे स्टेशन पूरा का पूरा पानी में डूब गया है. पानी की तेज़ लहरें अपने साथ सबकुछ बहा लेने जाने पर आमादा हैं. लगातार हो रही बारिश की वजह से नदियों का जल स्तर ख़तरे के निशान से काफ़ी ऊपर है. गांव के गांव, रिहायशी इलाक़े, मैदान, सड़क, इमारतें सब डूब चुकी हैं.

 

 

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भारत में 5G नेटवर्क का सफल परिक्षण

 दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आज भारत में विकसित 4G और 5G नेटवर्क का सफल परिक्षण कर लिया है इसकी जानकारी इलेक्ट्रॉनिक और सुचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव ने अपने ट्विटर अकाउंट से दी है 

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दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने दिया इस्तीफा

 

रायपुर (छ.ग. दर्पण)। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के कारण का निजी बताया है। बुधवार को उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दिया है। इससे पहले दिल्ली के एलजी नजीब जंग थे। फिलहाल अगला एजली दिल्ली का कौन होगा इस पर अभी निर्णय नहीं हुआ है। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने राष्ट्रपति को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।

 

अनिल बैजल का हाल के दिनों में दिल्ली सरकार के साथ काफी विवाद सामने आया था। अरविंद केजरीवाल सरकार ने इन पर काम नहीं करने देने सहित केंद्र का एजेंट होने का भी आरोप लगाया था। नजीब जंग के बाद वह दिल्ली के एलजी बने थे। जिसके बाद राज्य सरकार कई बार इस तरह के आरोप लगा चुकी।

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5 न्यायाधीशों को हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश बनाएं की सिफारिश

नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण की अध्यक्षता वाले सुप्रीम कोर्ट के कॉलेजियम ने मंगलवार को पांच न्यायाधीशों को विभिन्न उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों के रूप में पदोन्नत किए जाने की सिफारिश की। कॉलेजियम ने आज हुई बैठक में यह निर्णय लिया और इस संबंध में प्रस्ताव को शीर्ष अदालत की वेबसाइट पर डाला गया।

पदोन्नति के लिए जिन न्यायाधीशों के नामों की सिफारिश की गई ह, उनमें न्यायमूर्ति विपिन सांघी (दिल्ली उच्च न्यायालय से उत्तराखंड उच्च न्यायालय), न्यायमूर्ति अमजद ए सैयद (बंबई उच्च न्यायालय से हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय), न्यायमूर्ति एस एस शिंदे (बंबई उच्च न्यायालय से राजस्थान उच्च न्यायालय), न्यायमूर्ति रश्मिन एम छाया (गुजरात उच्च न्यायालय से गुवाहाटी उच्च न्यायालय) और न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां हैं, जो इस समय तेलंगाना उच्च न्यायालय में न्यायाधीश हैं और उन्हें वहीं मुख्य न्यायाधीश के रूप में प्रोन्नत करने की सिफारिश की गई है।

इसके अलावा कॉलेजियम ने तेलंगाना उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा को दिल्ली उच्च न्यायालय स्थानांतरित करने की सिफारिश भी की है। उच्च न्यायालयों के न्यायाधीशों के संबंध में निर्णय लेने वाले तीन सदस्यीय कॉलेजियम में न्यायमूर्ति रमण के अलावा न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर भी हैं।

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डायन के सन्देह में महिला की हत्या निंदनीय, कोई नारी डायन नहीं : डॉ. मिश्र

 बिहार के नवादा में एक महिला को डायन के सन्देह में पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया गया। इस घटना को करीब पचास लोगों ने मिलकर अंजाम दिया। यह क्रूरतम घटना रजौली थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती जंगली क्षेत्र के सवैयाटांड़ पंचायत की चटकरी-गोरियाडीह गांव की है। जानकारी मिली है इसके पहले भी गांव में किसी के भी बीमार पड़ने पर जादू टोने के सन्देह  महिला को प्रताड़ित किया जाता था। जब भी किसी की तबीयत खराब होती थी, तो लोग मृतक महिला को तंग करते थे। इस बार एक व्यक्ति की मृत्यु होने पर उक्त महिला पर डायन होने का आरोप लगा सजा देने को लेकर गांव में बैठक हुई थी। बताया जा रहा है कि पंचायत ने ही महिला की गैर मौजूदगी में उसे दोषी मान कर  उसे  मौत का फरमान सुना दिया था।

डायन के सन्देह में मार डाली गई सरिता नामक महिला दो पुत्र और एक पुत्री की मां थी। तीन दिन पहले पास के गोरियाडीह टोले के सोहर सिंह के पुत्र बबलू सिंह की मौत घर में सोते सोते ही हो गई थी। उनकी पत्नी भी अस्वस्थ चल रही थीं। उसके कुछ रिश्तेदार बबलू सिंह की मृत्यु के  लिए इसी महिला से किया गया जादू टोना मान रहे थे। इस मुद्दे पर गुरुवार को गांव में बकायदा पंचायत बैठी। पंचायत ने उक्त महिला की अनुपस्थिति में ही उसे दोषी मान कर उसे मौत का फरमान सुना दिया जिसके बाद लगभग तीन बजे मृतक बबलू सिंह के भाई विजय सिंह और उसके साथ रहे अन्य लोगों ने महिला को उसके घर में ढूंढा। वह नहीं मिली। कुछ देर बाद इन लोगों को महिला अपने बीमार बच्चे का इलाज करा सड़क से लौटती दिखाई दी। ग्रामीणों  ने उसे घेर लिया और पेट्रोल एवं केरोसिन छिड़ककर आग लगा दिया। शरीर में आग लगने के बाद महिला भागती हुई नजदीक के तालाब में जा कूदी। तब दो लोग तालाब में कूदे और उसकी गर्दन काट दी, फिर पत्थर से उसका सिर कुचल डाला। सरिता के परिजनो ने उसे बचाने की कोशिश की, तो उनकी भी पिटाई कर दी। सरिता की बहन शरीफा देवी और बहनोई गौतम सिंह ने रजौली थाना पहुंचकर पुलिस को घटना की सूचना दी।बाद में पुलिस ने शव जब्त कर लिया।

डॉ दिनेश मिश्र ने कहा डायन के सन्देह में हुई यह घटना अत्यंत निर्मम और शर्मनाक है। दोषी व्यक्तियो की जाँच कर उन पर कड़ी कार्यवाही होना चाहिए। गाँव में होने वाली ऐसी बैठकों की भूमिका की भी जांच होना चाहिए। डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा जादू टोने का कोई अस्तित्व नहीं है, इसलिए जादू टोने से किसी भी व्यक्ति को बीमार करने, नुकसान पहुंचाने की धारणा मिथ्या है, इस अंधविश्वास के कारण किसी भी महिला को प्रताड़ित करना अनुचित, गैरकानूनी है। कोई महिला टोनही नहीं होती। डायन/टोनही के सन्देह में हुई प्रताड़ना के लिए दोषी व्यक्तियों पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए। ग्रामीणों से अपील है, वे अंधविश्वास में पड़कर कानून अपने हाथों में लें। समिति जागरूकता अभियान के साथ इस मामले की शिकायत राष्ट्रीय महिला आयोग, और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से भी कर रही है तथा प्रताड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए कार्य करेगी।

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सेना ने चलाया बचाव अभियान, भारी बारिश से हालात बिगड़े

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। असम में लगातार हो रही बारिश के कारण दीमा हसाओ के कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। असानी चक्रवात के आने के बाद से असम में लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई इलाकों में जलभराव हो गया है। बारिश और जलभराव से हजारों लोग बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक लगातार बारिश के कारण दीमा हसाओ जिले के 12 गांवों से अब तक भूस्खलन की खबर है। हाफलोंग इलाके में करीब 80 घर बुरी तरह प्रभावित है। दीमा हसाओ जिले के हाफलोंग इलाके में भूस्खलन से एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई है।

कई और इलाकों में सड़कें बहने की घटनाएं सामने आई हैं। भारतीय सेना के जवानों ने कल रात कछार जिले के बालिचरा और बरखोला के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव अभियान चलाया है।असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि अब तक छह जिलों- कछार, धेमाजी, होजई, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, नगांव और कामरूप (मेट्रो) के 94 गांवों के कुल 24,681 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं।

ट्रेन सेवाएं प्रभावित
पिछले कुछ दिनों में लगातार बारिश के कारण जिले में भूस्खलन की कई घटनाएं हुई हैं, जिससे माईबांग और माहूर के बीच रेल मार्ग प्रभावित हुए हैं। ट्रेनें देरी से चल रही हैं। इसके अलावा पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के लुमडिंग-बदरपुर खंड में कई ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। रेलवे के मुताबिक लगातार बारिश और भूस्खलन के कारण पूर्वोत्तर फ्रंटियर रेलवे (एनएफआर) के लुमडिंग-बदरपुर खंड में कई ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं।

ऑरेंज अलर्ट जारी
बता दें कि भारतीय मौसम विभाग ने 15 तारीख तक असम के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना जताई थी। मौसम विभाग के मुताबिक 15 मई तक असम, मेघालय और अरुणाचल में भारी बारिश की संभावना है।

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माणिक साहा ने ली त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री पद की शपथ

 अगरतला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भाजपा नेता माणिक साहा (Manik Saha) ने त्रिपुरा के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है। राज्यपाल एसएन आर्य ने यहां राजभवन में माणिक साहा को नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ दिलाई। बीजेपी नेता बिपलव कुमार देव के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद विधायक दल की बैठक में माणिक के नाम पर मुहर लगाई गई थी।अगले साल त्रिपुरा में विधानसभा का चुनाव होने वाला है। सीएम के रूप में साहा पर बीजेपी की चुनावी नैया पार लगाने की अहम जिम्मेदारी होगी।

6 साल पहले कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में हुए थे शामिल साहा :
बता दें कि, यह कोई पहली घटना नहीं है जब बीजेपी हाईकमान ने किसी राज्य में अपने मुख्यमंत्री को बदला है। उत्तराखंड में चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री बदलने का दांव सफल रहने के मद्देनजर भाजपा के शीर्ष नेताओं ने त्रिपुरा में भी इसी तरह के बदलाव का विकल्प चुना, जहां अगले साल की शुरुआत में चुनाव होने हैं। भाजपा ने 2019 के बाद से गुजरात और कर्नाटक सहित पांच मुख्यमंत्रियों को बदला है। साहा पूर्वोत्तर से कांग्रेस के ऐसे चौथे पूर्व नेता हैं जो भाजपा में शामिल होने के बाद क्षेत्र में मुख्यमंत्री बनाए गए हैं।

अमित शाह से मिलने के बाद बिप्लब देब ने दिया था इस्तीफा :
बता दें कि बिप्लब देब ने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलने के एक दिन इस्तीफा दिया था। उनके इस्तीफे का फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की तरफ से लिया गया था। अपने इस्तीफे के बाद देब ने कहा था कि हमें त्रिपुरा में भाजपा को लंबे समय तक सत्ता में रखने की जरूरत है।

 

 

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त्रिपुरा के सीएम बिप्लब देव को 'मुख्यमंत्री पद' से हटाया गया, विधायक दल की बैठक के बाद होगा अहम ऐलान

अगरतला (छत्तीसगढ़ दर्पण)। त्रिपुरा के सीएम बिप्लब कुमार देव को मुख्यमंत्री पद से हटा दिया गया है। शाम 5 बजे विधायक दल की बैठक होने की संभावना जताई जा रही है। जानकारी के अनुसार सीएम देव अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप चुके हैं। पिछले दिनों राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बिप्लब देव ने गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी।

बता दें वें 7 जनवरी 2016 से त्रिपुरा में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वे 2018 में हुए त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में भाजपा के जीत के सूत्रधार हैं। 9 मार्च 2018 को बिप्लब कुमार देब ने त्रिपुरा के दसवें मुख्यमन्त्री के रूप में शपथ ली थी।

इस्तीफे के बाद बिप्लब देब ने जारी की पहली प्रतिक्रिया

इस्तीफा देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बिप्लब देब ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि पार्टी किसी भी पद से बड़ी है। उन्होंने आने वाले वर्षों में त्रिपुरा के समग्र विकास के लिए काम करना जारी रखने का भी वादा किया।

बिप्लब देब ने कहा, "पार्टी सर्वोच्च है। मैं पार्टी के फैसले का सम्मान करता हूं और मेरा मार्गदर्शन करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद देता हूं। मैं त्रिपुरा के समग्र विकास के लिए काम करना जारी रखूंगा।" 

अपनी पहली प्रतिक्रिया में, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने दावा किया कि देब का इस्तीफा भाजपा में 'अंदरूनी' का कारण था। टीएमसी नेता कुणाल घोष ने दावा किया, "बिप्लब देब के साथ जो हुआ वह भाजपा के दो समूहों के बीच संघर्ष का परिणाम है। उनमें बहुत गुटबाजी है, यह (इस्तीफा) अंदरूनी कलह का परिणाम है।" 

 

बिप्लब देब का इस्तीफा 2023 के त्रिपुरा चुनावों की अगुवाई में आया है। 25 साल के वाम मोर्चे के शासन को समाप्त करने के बाद 2018 में भाजपा के सत्ता में आने के बाद उन्हें मुख्यमंत्री नियुक्त किया गया था।

 

 

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केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, अब नहीं होगी जनसुनवाई की जरुरत…

 नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। केंद्र सरकार के पर्यावरण और वन मंत्रालय ने आदेश जारी कर माइनर यानि लघु खनिज के उत्खनन के लिए जनसुनवाई की अनिवार्यता ख़त्म कर दी है। केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव डॉ. सुजीत कुमार बाजपेयी ने राजपत्र क्रमांक 27 अप्रैल 2022 को संसोधन अधिसूचना पर हस्ताक्षर कर जारी किया है।

उल्लेखनीय ही कि राज्य सरकार के इस आदेश के बाद राज्यों में संचालित होने वाले छोटे खदान जैसे रेट, पत्थर आदि पर यह अब लागू नहीं होगा। राज्यों में ऐसे छोटे माइनिंग पर जनसुनवाई लागू होने के कारण कार्य शुरू होने में बहुत देरी होती थी, जिससे सरकार को बड़े राजस्व की हानि हो रही थी, यह गाइड लाइन एनजीटी ने वर्ष 2006 में जारी किया था।

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