डॉ. सीवी आनंद बोस होंगे पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के नाम का ऐलान हो गया है। डॉ सीवी आनंद बोस को ये जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने गुरुवार को बयान जारी करके इसकी जानकारी दी।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पश्चिम बंगाल के नए राज्यपाल के नाम का ऐलान हो गया है। डॉ सीवी आनंद बोस को ये जिम्मेदारी मिली है। राष्ट्रपति के प्रेस सचिव ने गुरुवार को बयान जारी करके इसकी जानकारी दी।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शनिवार को अरुणाचल प्रदेश में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे डोनी पोलो का उद्घाटन करेंगे। इस हवाई अड्डे को भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा केंद्र और राज्य सरकार की मदद से 640 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने एक बयान में कहा कि वह शनिवार को अपने लोकसभा क्षेत्र वाराणसी में आयोजित होने वाले महीने भर के कार्यक्रम 'काशी तमिल संगम' का भी पीएम उद्घाटन करेंगे।
पीएमओ ने कहा कि ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा हर मौसम में दिन के संचालन के लिए उपयुक्त है। हवाई अड्डे का नाम अरुणाचल प्रदेश की परंपराओं और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और सूर्य (डोनी) और चंद्रमा (पोलो) के प्रति इसकी सदियों पुरानी स्वदेशी श्रद्धा को दर्शाता है।
पीएमओ ने बताया हवाई अड्डा टर्मिनल एक आधुनिक इमारत है, जो ऊर्जा दक्षता, नवीकरणीय ऊर्जा और संसाधनों के पुनर्चक्रण को बढ़ावा देती है। आपको बता दें कि यह हवाई अड्डा 4,100 वर्ग मीटर में फैला हुआ है और सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। केंद्र सरकार ने जनवरी 2019 में हवाई अड्डे के विकास के लिए अपनी मंजूरी दी थी।
'काशी तमिल संगम' कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री 600 मेगावाट का कामेंग पनबिजली स्टेशन भी राष्ट्र को समर्पित करेंगे। 8,450 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से विकसित और पश्चिम कामेंग जिले में 80 किलोमीटर से अधिक क्षेत्र में फैले इस परियोजना से अरुणाचल प्रदेश को बिजली-अधिशेष वाला राज्य बना दिया जाएगा। इसके साथ ही स्थिरता और एकीकरण के मामले में राष्ट्रीय ग्रिड को भी लाभ होगा। पीएमओ ने कहा कि यह परियोजना हरित ऊर्जा को अपनाने की देश की प्रतिबद्धता को पूरा करने की दिशा में एक प्रमुख योगदान देगी।
'काशी तमिल संगम' कार्यक्रम
वाराणसी में मोदी के कार्यक्रम के बारे में, पीएमओ ने कहा कि 'काशी तमिल संगम' उनके 'एक भारत श्रेष्ठ भारत' के दृष्टिकोण से निर्देशित है। महीने भर चलने वाले इस कार्यक्रम का आयोजन वाराणसी के प्राचीन नाम काशी में किया जा रहा है। इसमें कहा गया है कि इसका उद्देश्य देश के दो पवित्र शहर तमिलनाडु और पवित्र उत्तर प्रदेश शहर के बीच सदियों पुराने संबंधों का जश्न मनाना, पुष्टि करना और फिर से खोजना है।
इसके साथ ही कार्यक्रम का एक और उद्देश्य है, जिससे दोनों क्षेत्रों के विद्वानों, छात्रों, दार्शनिकों, व्यापारियों, कारीगरों और कलाकारों सहित जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों को एक साथ आने और अपने ज्ञान, संस्कृति और सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करना है।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा है कि भारत ने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत के रूप में नवीकरणीय ऊर्जा, ई-गतिशीलता, इथेनॉल मिश्रित ईंधन और हरित हाइड्रोजन में नई दूरगामी पहल की है। मिस्र में कॉप 27 में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य रखते हुए, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले साल ग्लासगो शिखर सम्मेलन में, सन 2070 तक शून्य उत्सर्जन स्तर के भारत के लक्ष्य की घोषणा की थी। उन्होंने कहा कि एक वर्ष के भीतर, भारत ने प्रमुख आर्थिक क्षेत्रों में अल्प कार्बन संक्रमण के उपायों का संकेत दिया है और निम्न उत्सर्जन वाली दीर्घकालिक रणनीति उजागर की है। 2030 के जलवायु लक्ष्यों में बढ़ोतरी के आह्वान को देखते हुए, भारत ने इस साल अगस्त में अपने योगदान के राष्ट्रीय संकल्प को अद्यतन किया।
श्री यादव ने कहा कि दुनिया को तत्काल लापरवाही भरे विनाशकारी उपभोग से हटकर सुनियोजित उपयोग की नीति अपनानी होगी। उन्होंने कहा कि दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले लोकतंत्र और एक जीवंत उभरती अर्थव्यवस्था के रूप में, भारत एक मिशाल पेश करते हुए दुनिया की अगुआई करना चाहता है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को व्यक्तिगत, परिवारिक और समुदाय-आधारित कार्यों के लिए मिशन लाइफ का हिस्सा बनने को आमंत्रित किया। इसी वर्ष 20 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस की मौजूदगी में प्रधानमंत्री मोदी ने मिशन लाइफ शुरू किया गया था। ये अभियान पर्यावरण के लिए जीवन शैली का पक्षधर है - जो एक सुरक्षित ग्रह के भारतीय दृष्टिकोण का मूल है।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। भारत और स्वीडन ने मिस्र के शर्म अल शेख में आज कॉप 27 से इतर लीड-आई टी शिखर सम्मेलन की मेजबानी की। औद्योगिक परिवर्तन के लिए नेतृत्व का उद्देश्य लेकर लीड-आई टी पहल अल्प कार्बन संक्रमण के लक्ष्य पर केंद्रित है। इस अवसर पर पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि सह-विकास ही उन लक्ष्यों को पूरा कर सकता है जो दुनिया ने अपने लिए तय किए हैं और इसके बिना अल्प कार्बन संक्रमण दशकों तक टल सकता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र का कम कार्बन संक्रमण न केवल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाएगा बल्कि इसके कई अन्य लाभ भी हैं जिनमें जलवायु परिवर्तन का सामना करने की शक्ति में वृद्धि, ऊर्जा सुरक्षा में बढ़ोतरी, नवाचार, सामाजिक-आर्थिक विकास और रोजगार सृजन शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि लीड-आई टी का वर्तमान चरण 2023 में समाप्त होने वाला है और अगला वर्ष अब तक के प्रदर्शन और उपलब्धियों पर विचार करने का होगा। शिखर सम्मेलन का समापन लीड-आई टी सदस्यों द्वारा शिखर सम्मेलन वक्तव्य को अपनाने के साथ हुआ। इसमें निम्न-कार्बन संक्रमण को जारी रखने की प्रतिबद्धता पर बल दिया गया हैं। नए सदस्यों और उभरती अर्थव्यवस्थाओं को तकनीकी सहायता प्रदान करने के लिए भी मौजूदा सदस्य प्रतिबद्ध हैं। शिखर सम्मेलन के बाद कॉप 27 के भारतीय मंडप में लीड-आई टी शिखर बैठक का वक्तव्य सार्वजनिक रूप से जारी किया गया। स्वीडन की जलवायु और पर्यावरण मंत्री, रोमिना पौरमोखतारी और मिस्र की अंतर्राष्ट्रीय सहयोग मंत्री, रैना अल-मशात ने भी इस कार्यक्रम में भाग लिया।
नई दिल्ली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि जबरन धर्मान्तरण बहुत गंभीर मुद्दा है। न्यायालय ने केंद्र से इस संबंध में ठोस कदम उठाने और इसे रोकने के लिए किए जा रहे उपायों के बारे में एक सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति एम आर शाह और हिमा कोहली की पीठ ने कहा कि अगर जबरन धर्मांतरण नहीं रोका गया तो बहुत कठिन स्थिति पैदा हो सकती है।
न्यायालय ने कहा है कि धर्म परिवर्तन से नागरिकों की अंतरात्मा की स्वतंत्रता के साथ-साथ देश की सुरक्षा भी प्रभावित हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 28 नवम्बर को होगी। उच्चतम न्यायालय ने यह व्यवस्था अधिवक्ता अश्विनी कुमार उपाध्याय की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान दी है, जिसमें जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने का निर्देश देने की मांग की गई थी।
बाली (छत्तीसगढ़ दर्पण)। ब्रिटेन (यूके) के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने प्रत्येक वर्ष यूके में काम करने के लिए भारत के युवा पेशेवरों के लिए 3,000 वीजा के लिए हरी झंडी दे दी। ब्रिटिश सरकार ने कहा कि भारत इस तरह की योजना से लाभान्वित होने वाला पहला वीजा-राष्ट्रीय देश है। इस संबंध में यूके-इंडिया माइग्रेशन एंड मोबिलिटी पार्टनरशिप पर पिछले साल सहमति बनी थी। यूके के प्रधानमंत्री कार्यालय ने एक ट्वीट में कहा, आज यूके-इंडिया यंग प्रोफेशनल्स स्कीम के तहत 18-30 वर्ष के बीच के 3,000 शिक्षित भारतीय नागरिकों को यूके में आने और दो साल तक काम करने की पेशकश की गई। डाउनिंग स्ट्रीट रीडआउट में यह घोषणा जी-20 शिखर सम्मेलन के 17वें संस्करण के मौके पर ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मुलाकात के कुछ घंटे बाद की गई। पिछले महीने भारतीय मूल के पहले ब्रिटिश पीएम का पद संभालने के बाद सुनक और मोदी की पहली बैठक थी।
पीएम मोदी के कार्यालय ने भी एक ट्वीट में कहा, बाली में जी-20 शिखर सम्मेलन के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऋषि सुनक बातचीत कर रहे हैं। डाउनिंग स्ट्रीट ने एक बयान में कहा, योजना का शुभारंभ भारत के साथ हमारे द्विपक्षीय संबंधों और भारत-प्रशांत क्षेत्र की व्यापक प्रतिबद्धता के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इसमें कहा गया है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र के लगभग किसी भी देश की तुलना में ब्रिटेन के भारत के साथ अधिक संबंध हैं। यूके में सभी अंतर्राष्ट्रीय छात्रों में से लगभग एक चौथाई भारत से हैं, और यूके में भारतीय निवेश के कारण 95,000 लोगों को नौकरियां मिलती हैं। यूके वर्तमान में भारत के साथ एक व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहा है।
अगर यह समझौता हो जाता है तो यह अपनी तरह का भारत का किसी यूरोपीय देश के साथ पहला समझौता होगा। यह व्यापार सौदा यूके-भारत व्यापारिक संबंध पर बनेगा, जो पहले से ही 24 बिलियन पाउंड का है, और यूके को भारत की बढ़ती अर्थव्यवस्था के अवसरों का लाभ उठाने की अनुमति देगा। भारत के साथ गतिशील साझेदारी के समानांतर, ब्रिटिश सरकार ने कहा कि वह आव्रजन अपराधियों को हटाने की अपनी क्षमता को भी मजबूत कर रही है। यूके और भारत ने मई 2021 में इसे लेकर समझौता किया था।
अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। आम आदमी पार्टी के सूरत ईस्ट के उम्मीदवार कंचन जरीवाला मिले गए हैं। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी नेता मनीष सिसोदिया ने उनके मिलने की जानकारी दी। मनीष सिसोदिया ने पहले BJP पर अपहरण का आरोप लगाया था। वहीं अब उन्होंने कहा, अभी-अभी 500 पुलिस वाले उनको घेर कर RO के दफ्तर लेकर आए हैं। उनसे जबरदस्ती अपना नामांकन वापस करवाया जा रहा है।
उनको RO के दफ्तर में बैठा दिया गया है और पुलिस प्रोटेक्शन में दबाव बनाया जा रहा है कि वह अपना नामांकन वापस ले ले। मैं चुनाव आयोग से कहना चाहता हूं यह सरेआम दिनदहाड़े लोकतंत्र की लूट हो रही है। इससे पहले बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा था कि गुजरात में बीजेपी चुनाव बुरी तरह हार रही है और वो हार से बौखला गई है। बीजेपी ने आम आदमी पार्टी की सूरत ईस्ट से उम्मीदवार कंचन जरीवाला जी को किडनैप किया है।
लखनऊ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को लोकभवन में कैबिनेट की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इसमें यूपी के गांवों में पर्यटन पहुंचाने के लिए योगी कैबिनेट ने बड़ा फैसला करते हुए गांवों के घरों को होटल और लाज में तब्दील किए जाने का भी प्रस्ताव पास किया है। इससे प्रदेश में इको टूरिज्म को बढ़ावा मिलने के साथ ही रोजगार के नए संशाधन भी उपलब्ध होंगे।
कैबिनेट बैठक में राज्य विधानमंडल का शीतकालीन सत्र 5 दिसंबर से शुरु करने का निर्णय लिया गया। शीतकालीन तीन दिन का होगा। इस दौरान अनुपूरक बजट भी आएगा।
कैबिनेट बैठक में नई पर्यटन नीति को मंजूरी दी गई। महलों, पुरानी हवेलियों को हेरिटेज होटल के तौर पर विकसित करने का प्राविधान किया गया है। गांवों में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी पर्यटन नीति में व्यवस्था की गई है। गांवों के इच्छुक लोग अपने मकानों को होटल, लाज के तौर पर विकसित कर सकेंगे।
अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो गया है, और इसी के साथ शुरू हुआ है सियासी उठापटक। पार्टियों में खींचातानी चालू हो गई है। इसी बीच आम आदमी पार्टी के सूरत (पूर्व) से उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने बुधवार को अपना नामांकन वापस ले लिया है। इससे पहले आप ने भाजपा पर जरीवाला को अगवा करने और जबरन नामांकन वापसी का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।
आप नेता मनीष सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि भाजपा ने सूरत (पूर्व) से हमारे उम्मीदवार कंचल जरीवाला को अगवा कर लिया गया था। उन्हें आखिरी बार कल आरओ ऑफिस में देखा गया था।
सिसोदिया ने मीडिया के सामने कहा कि भाजपा आप उम्मीदवार का नामांकन खारिज करवाने की कोशिश कर रही है। सिसोदिया ने बताया, 500 से ज्यादा पुलिस वाले जबरन कंचन जरीवाला को रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर लेकर पहुंचे और उन पर नामांकन वापस लेने का दाबव बनाया गया। सिसोदिया ने कहा, जो कुछ हो रहा है वह चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा, मैंने चुनाव आयुक्त से मिलने का समय मांगा है।
आप सूरत प्रत्याशी के नामांकन वापसी के बाद आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, गुंडों और पुलिस के दम पर उम्मीदवारों को अगवा करके उनका नामांकन वापिस करवाया जा रहा है। इस किस्म की सरेआम गुंडागर्दी भारत में कभी नहीं देखी गयी। फिर चुनाव का क्या मतलब रह गया? फिर तो जनतंत्र खत्म है।
इस बीच मनीष सिसोदिया चुनाव आयोग के दफ्तर पहुंचे और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं। सिसोदिया ने ट्वीट कर कहा, कैंडिडेट का अपहरण हो गया। गनप्वाइंट पर उसका नामांकन वापस कराया। चुनाव आयोग के लिए इससे बड़ी एमेरजेंसी क्या हो सकती है? इसीलिए तुरंत एक्शन की प्रार्थना लेकर हम लोग केंद्रीय चुनाव आयोग के दरवाज़े पर आए हैं।
इस बीच आम आदमी पार्टी पर टिकट बेचने के आरोपों को सिसोदिया ने खारिज किया। उन्होंने कहा, आप में टिकट नहीं बेचे जाते। किसी ने टिकट के लिए पैसे दिए और पैसे भी लिए गए, लेकिन टिकट नहीं बिका। इससे ही स्पष्ट है कि आप में टिकट नहीं बेचा जाता। उन्होंने कहा, मैं इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करता हूं।
अहमदाबाद (छत्तीसगढ़ दर्पण)। गुजरात विधानसभा चुनाव में सियासी उठा-पटक शुरू हो चुकी है। सूरत (पूर्व) से आप के उम्मीदवार ने बुधवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद सियासी खींचतान शुरू हो गई। आप नेता व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भाजपा पर जमकर आरोप लगया और निर्वाचन कार्यालय के सामने धरने पर भी बैठ गए। वहीं अब आप प्रत्याशी कंचन जरीवाला का बयान सामने आया है।
आम आदमी पार्टी के सूरत (पूर्व) से उम्मीदवार कंचन जरीवाला ने अपना बयान जारी किया कि उन्होंने किसी के दवाब में नहीं बल्कि स्वेच्छा से अपना नामांकन वापस लिया था। इससे पहले आप ने भाजपा पर जरीवाला को अगवा करने और जबरन नामांकन वापसी का दबाव बनाने का आरोप लगाया था।
वहीं, जरीवाला ने अपनी ही पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि मेरे साथ कुछ फैमिली मैटर हो गया था। इसलिए ही मैंने अपना नामांकन वापस लिया। भाजपा ने मेरे ऊपर कोई दबाव नहीं डाला और न ही मैंने किसी के दबाव में अपना नामांकन वापस लिया। मैं आम आदमी पार्टी में हूं या नहीं इस पर मैं जल्द ही स्टैंड क्लियर करुंगा।
उन्होंने आगे कहा कि मेरे प्रचार के दौरान लोग मुझसे पूछते थे कि मैं एक देश-विरोधी और गुजरात विरोधी पार्टी का उम्मीदवार क्यों बना? इसके बाद मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनी और मैंने बिना किसी दबाव के अपना नामांकन वापस ले लिया। मैं ऐसी पार्टी का समर्थन नहीं कर सकता जो गुजरात और देश विरोधी हो।
इससे पहले आप नेता मनीष सिसोदिया ने चुनाव आयोग कार्यालय के आगे धरने पर बैठते हुए आरोप लगाया था कि भाजपा ने सूरत(पूर्व) से हमारे उम्मीदवार कंचन जरीवाला को अगवा कर लिया गया था। सिसोदिया ने कहा था कि उन्हें आखिरी बार कल आरओ ऑफिस में देखा गया था। सिसोदिया ने कहा, 500 से ज्यादा पुलिस वाले जबरन कंचन जरीवाला को रिटर्निंग ऑफिसर के दफ्तर लेकर पहुंचे और बंदूक की नोक पर उनका नामांकन वापस कराया। सिसोदिया ने कहा, जो कुछ हो रहा है वह चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करता है। उन्होंने कहा, मैंने चुनाव आयुक्त से मिलने का समय मांगा है।
वहीं, इन शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने मनीष सिसोदिया के नेतृत्व में आप के 4 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। वहीं, मामले में कार्रवाई के लिए गुजरात के मुख्य चुनाव आयुक्त को पूछताछ करने और वारंट के रूप में कार्रवाई करने के लिए भेजा गया है।
इंडोनेशिया (छत्तीसगढ़ दर्पण)। इंडोनेशिया में आज से शुरू हुए रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को बाली पहुंचे। इस सम्मेलन में कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष शामिल हुए। इस दौरान पीएम मोदी 20 से ज्यादा बैठकों में हिस्सा लेंगे, जिनमें खाद्य, सुरक्षा, ऊर्जा, यूक्रेन संकट जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
जी-20 शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नीदरलैंड के पीएम मार्क रूट के साथ बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा, बहुपक्षीय शिखर सम्मेलन वैश्विक नेताओं के लिए विविध मुद्दों पर विचारों के आदान-प्रदान करने के अद्भुत अवसर है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, वैश्विक विकास के लिए भारत की ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण है। क्योंकि, भारत दुनिया की सबसे तेजी से उभरती हुई अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा, हमें ऊर्जा की आपूर्ति पर किसी भी प्रतिबंध को बढ़ावा नहीं देना चाहिए और ऊर्जा बाजार में स्थिरता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, 2030 तक हमारी आधी बिजली अक्षय स्रोतों से पैदा होगी। आगे कहा, भारत में स्थायी खाद्य सुरक्षा के लिए हम प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रहे हैं और बाजरा जैसे पौष्टिक और पारंपरिक खाद्यान्नों को फिर से लोकप्रिय बना रहे हैं। बाजरा वैश्विक कुपोषण और भूख को भी दूर कर सकता है।
कटनी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। प्रदेश में रफ्तार का कहर थम नहीं रहा है। जिले के उमरियापान में बस हादसे में एक की मौत हो गई और लगभग दो दर्जन यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। मृतक का नाम आशु गोटिया बताया गया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे एक व्यक्त की मौत और 30 यात्री घायल हो गए। सभी घायलों को उमरियापान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। बताया जाता है कि बस में 40 यात्री सवार थे। सभी यात्री बीरसमुंडा जयंती के कार्यक्रम में शामिल होने खुड़ावल से शहडोल जा रहे थे, तभी उमरियापान थाना अंतर्गत पकरिया के पास यह हादसा हो गया।
झाबुआ (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले के पारा क्षेत्र में गैस सिलेंडर फटने से घर में आग लग गई। केसवा राठौड़ नामक व्यक्ति भी इस विस्फोट के जद में आया और उसकी जलकर मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। विस्फोट के बाद घर में बंधे पशुओं और जेवरात भी जलकर राख हो गया। घटना शाम 7 बजे की बताई गई है।
घटना पारा थाना चौकी क्षेत्र की है। ग्रामीणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया गया किंतु आग ने विकराल रूप ले लिया था।
शिवपुरी (छत्तीसगढ़ दर्पण)। जिले में हाईवे पर चलती ट्रैक्टर-ट्रॉली में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से बड़ा हादसा टल गया। आगजनी की घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।शिवपुरी जिले में कोटा झांसी फोरलेन हाईवे पर सुरवाया गांव के पास धान की पराली से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली में अचानक आग लगने से अफरा-तफरी मच गई।
गनीमत रही कि पास ही में मौजूद ढाबा संचालक विवेक गुर्जर और ग्रामीणों की मदद से मोटर पंप चलाकर आग पर काबू पा लिया अन्यथा ट्रैक्टर ट्रॉली में आग लगने की वजह से बड़ा हादसा भी हो सकता था। आग कैसे लगी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है।
रांची (छत्तीसगढ़ दर्पण)। धरती आबा की जयंती के मौके पर खूंटी के उलिहातू में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भगवान बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी। इसके अलावा राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन समेत कई माननीयों ने बिरसा मुंडा को श्रद्धांजलि दी और उन्हें नमन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों से मुलाकात की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ राज्यपाल रमेश बैस, मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन, जनजातीय मामलों के केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा, केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य की महिला, बाल विकास एवं समाज कल्याण मंत्री जोबा मांझी ने भी उलिहातू में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पहुंचने के बाद उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मौके पर राज्यपाल रमेश बैस और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बुके देकर उनका स्वागत किया। इसके बाद सेना के हेलीकाप्टर से उलिहातू, खूंटी के लिए रवाना हो गई।
हमें नहीं पता कि राजीव गांधी की हत्या किसने की। नलिनी श्रीहरन ने मगंलवार को पत्रकार से बातचीत के दौरान राज्य और केंद्र सरकार से 4 श्रीलंकाई नागरिकों को रिहा करने की अपील भी की है। उन्होंने कहा, मैं राज्य और केंद्र सरकार से अपील करती हूं कि वे 4 श्रीलंकाई नागरिकों को रिहा करें, जो त्रिची विशेष शिविर में बंद हैं, जिसमें मेरे पति भी शामिल हैं। जेल से रिहा होने के बावजूद यह विशेष शिविर फिर से एक जेल की ही तरह है।
नलिनी ने कहा कि मैं अपने परिवार के साथ रहना चाहती हूं। मेरे परिवार के सभी सदस्य इतने लंबे समय से इंतजार कर रहे थे। मैं राज्य और केंद्र सरकार को धन्यवाद देना चाहती हूं। उन्होंने इस दौरान हमारी बहुत मदद की। उन्होंने आगे कहा कि मैं गांधी परिवार के किसी भी सदस्य से मिलने की योजना नहीं बना रही हूं।
-भूपेंद्र यादव (केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री)
अब जबकि भारत अपने अमृत काल की ओर बढ़ रहा है, देश की आजादी की यह शताब्दी सतत विकास से जुड़े राष्ट्रीय प्रयासों को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल करने का मौका प्रदान करती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सभी के लिए बुनियादी सुविधाओं से लैस विकास के इस मील के पत्थर को हासिल करने के लिए ‘सबका प्रयास’ का आह्वान किया है। जबकि मोदी सरकार भारत के आकार के अनुरूप पैमाने पर ही उसकी अर्थव्यवस्था को विस्तारित करने की कोशिश कर रही है, जलवायु परिवर्तन इसके रास्ते में आने वाली कई चुनौतियों में से एक है।
जलवायु विज्ञान ने इस तथ्य को स्थापित किया है कि वैश्विक सतह के तापमान में वृद्धि संचयी उत्सर्जन की समानुपाती होती है और इस वृद्धि को सीमित करने के लिए ग्रीनहाउस गैसों (जीएचजी) के वैश्विक उत्सर्जन को एक खास सीमा के भीतर रखने की जरूरत है। उत्सर्जन की इस खास सीमा को वैश्विक कार्बन बजट कहा जाता है। यह कोई रहस्य नहीं है कि विकसित देशों द्वारा बेहद असंगत तरीके से इस वैश्विक कार्बन बजट के बड़े हिस्सा का उपयोग किया गया है। ग्लोबल वार्मिंग को औद्योगिकीकरण के पूर्व के स्तर के 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने की 50 प्रतिशत संभावना के लिए वर्ष 2020 से इस दुनिया के पास 500 गीगाटन कार्बन डाइऑक्साइड के समतुल्य का शेष कार्बन बजट है और ग्लोबल वार्मिंग को दो डिग्री सेल्सियस की वृद्धि तक सीमित करने की 50 प्रतिशत संभावना के लिए 1350 गीगाटन कार्बन डाइऑक्साइड के समतुल्य का शेष कार्बन बजट है।
भारत की जलवायु नीति को इंगित करने वाला प्रमुख सिद्धांत कम कार्बन उत्सर्जन आधारित विकास के रास्ते देश के विकास लक्ष्यों को हासिल करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार यह कहा है कि भारत का विकास प्रतिमान स्पष्ट तौर पर विकास और जलवायु कार्रवाई को एक-दूसरे के विरोधाभासी के बजाय एक-दूसरे के पूरक के रूप में देखता है।
भारत राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुरूप कम कार्बन उत्सर्जन आधारित विकास की दिशा में प्रयासरत है। एक लंबी तटीयरेखा वाले विकासशील देश के रूप में, मानसून में व्यवधान की नाजुकता, आजीविका के लिए कृषि पर अत्यधिक निर्भरता और जल निकायों पर संभावित प्रभाव, जलवायु की चरम स्थितियों और परिणामी खतरों के अन्य किस्म के जोखिमों के बीच भारत को जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण संभावित रूप से विकास का काफी अतिरिक्त बोझ उठाना होगा।
फिर भी, एक बड़े राष्ट्र के रूप में अपनी जिम्मेदारियों, परंपराओं एवं संस्कृति को ध्यान में रखते हुए, भारत ग्लोबल वार्मिंग की चुनौती का सामना करने में अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की दीर्घकालिक ग्रीनहाउस गैस के कम उत्सर्जन पर आधारित विकास की दीर्घकालिक रणनीति (एलटी-एलईडीएस) कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकास के रास्तों की ओर जाने वाले सात प्रमुख बदलावों पर टिकी हुई है। भारत ने पहले ही विभिन्न नीतियों, कार्यक्रमों और पहलों के जरिए कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकास के रास्तों की ओर जाने वाले इन बदलावों को अपनाना शुरू कर दिया है।
1) विकास के अनुरूप बिजली प्रणालियों द्वारा कम कार्बन उत्सर्जन
औद्योगिक विस्तार को संभव बनाने, रोजगार सृजन को बढ़ावा देने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए बिजली क्षेत्र का विकास बेहद महत्वपूर्ण है। इस समय, भारत नवीकरणीय ऊर्जा का विस्तार कर रहा है और ग्रिड को मजबूत कर रहा है। वह कम कार्बन उत्सर्जन वाली अन्य प्रौद्योगिकियों की खोज और/या उन्हें सहायता प्रदान कर रहा है, मांग-पक्ष प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जीवाश्म ईंधन संसाधनों के तर्कसंगत उपयोग की ओर बढ़ रहा है। ऊर्जा सुरक्षा के संबंध में, वह कम कार्बन उत्सर्जन संबंधी सक्षमताओं का आकलन कर रहा है और हरित वर्गीकरण एवं (राष्ट्रीय विकास परिदृश्यों के पूरक के तौर पर) अधिकतम ऊर्जा मिश्रण का निर्धारण कर रहा है।
2) कम कार्बन उत्सर्जन वाली एकीकृत, कुशल एवं समावेशी परिवहन प्रणाली
प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में परिवहन का बहुत बड़ा योगदान है। भारत यात्रियों एवं माल की ढुलाई के लिए परिवहन के साधनों में जरूरी एवं महत्वपूर्ण विस्तार के संदर्भ में कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकल्पों पर काम कर रहा है। देश बेहतर ईंधन दक्षता को प्रोत्साहित कर रहा है, स्वच्छ ईंधन को अपनाने की दिशा में एक चरणबद्ध बदलाव को बढ़ावा दे रहा है, सार्वजनिक और परिवहन के कम प्रदूषणकारी साधनों की ओर बहुआयामी बदलाव, परिवहन के विभिन्न साधनों का विद्युतीकरण, मांग पक्ष प्रबंधन, यातायात प्रबंधन और कुशल परिवहन प्रणालियों को मजबूत कर रहा है।
3) शहरी डिजाइन में अनुकूलन, इमारतों में ऊर्जा एवं सामग्री संबंधी दक्षता और टिकाऊ शहरीकरण
जब शहरी क्षेत्रों के विकास की बात आती है, तो शहरी डिजाइनों में अनुकूलन से जुड़े उपायों की खोज करना और उन्हें प्रोत्साहित करना महत्वपूर्ण है। शहरों के विस्तार के संदर्भ में, टिकाऊ शहरी डिजाइन को बढ़ावा देने वाले उपायों के साथ-साथ यह एक प्रमुख फोकस होगा। भारत निर्मित वातावरण और शहरी प्रणालियों में अनुकूलन के उपायों को मुख्यधारा में ला रहा है। वह शहरी नियोजन से संबंधित दिशानिर्देशों, नीतियों एवं उपनियमों में संसाधन दक्षता को बढ़ावा दे रहा है, मौजूदा एवं भविष्य की इमारतों तथा शहरी प्रणालियों में जलवायु के अनुकूल और लचीले भवन डिजाइन, निर्माण और कार्यान्वन को बढ़ावा दे रहा है और संसाधन दक्षता और पानी, ठोस एवं तरल कचरे के प्रबंधन के जरिए कम कार्बन उत्सर्जन वाली नगरपालिका सेवा के वितरण को बढ़ावा दे रहा है।
4) उत्सर्जन से वृद्धि का संपूर्ण अर्थव्यवस्था में विकास की प्रक्रिया का उत्सर्जन से अलगाव
सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में विनिर्माण क्षेत्र की हिस्सेदारी बढ़ाने वाली निर्देशित नीतियों के साथ तात्कालिक, मध्यम और दीर्घकालिक अवधि में औद्योगिक विकास हमारा एक प्रमुख उद्देश्य है। नरेन्द्र मोदी सरकार अनौपचारिक क्षेत्र को मान्यता देने और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के विकास के लिए समुचित प्रयास कर रही है। इस संदर्भ में, इस तथ्य को जानते हुए कि इनमें बदलाव बेहद मुश्किल भरा काम है, कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकल्पों का पता लगाया जा रहा है।
भारत का ध्यान विनिर्माण क्षेत्र में व्यावहारिक और सुसंगत रूप से प्राकृतिक और जैव-आधारित सामग्रियों के उपयोग, प्रसंस्करण और ईंधन स्विचिंग और विद्युतीकरण के प्रयासों को बढ़ाकर ऊर्जा एवं संसाधन दक्षता में सुधार लाने, सामग्री दक्षता बढ़ाने और रीसाइक्लिंग को बढ़ावा देने, चक्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने, हरित हाइड्रोजन प्रौद्योगिकी और बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने, बेहद मुश्किल बदलाव वाले क्षेत्रों के सतत विकास के लिए विकल्प तलाशने, कम कार्बन उत्सर्जन और एमएसएमई के सतत विकास पर है ।
5) कार्बन डाइऑक्साइड को हटाने और अन्य इंजीनियरिंग संबंधी समाधान
कार्बन डाइऑक्साइड हटाने का क्षेत्र एक नया क्षेत्र है जिसकी दुनिया भर में खोज की जा रही है और इस पर भारतीय संदर्भ में भी विचार किया जा रहा है। हालांकि, इस कदम के लिए नवाचार, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, जलवायु-विशिष्ट वित्त और क्षमता निर्माण के माध्यम से पर्याप्त अंतरराष्ट्रीय समर्थन की जरूरत है।
फिलहाल, भारत इस कदम के सामाजिक-आर्थिक, आजीविका और इकोसिस्टम संबंधी प्रभावों को कम करने हेतु प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और योजना बना रहा है। संसाधन की गहन जरूरतों को ध्यान में रखते हुए हम सार्वजनिक-निजी भागीदारी वाले फ्रेमवर्क की भी संभावना तलाश रहे हैं।
6) सामाजिक-आर्थिक और इकोसिस्टम संबंधी विचारों के अनुरूप वन एवं वनस्पति के आवरण को बढ़ाना
प्राकृतिक संसाधनों की वृद्धि, संसाधनों की विरासत के संरक्षण और जैव विविधता को बढ़ावा देने के प्रति भारत की राष्ट्रीय प्रतिबद्धता इस क्षेत्र की रणनीति को संचालित कर रही है। यह प्रासंगिक जनसंख्या की आजीविका, सामाजिक और सांस्कृतिक निर्भरता को ध्यान में रखते हुए एक समावेशी दृष्टिकोण भी होगा।
इस दृष्टिकोण में वन एवं उसके पौधों की बहाली, संरक्षण एवं प्रबंधन, पशु एवं माइक्रोबियल आनुवंशिक संसाधनों, वनों के बाहर पेड़ों की बहाली, संरक्षण और प्रबंधन, नर्सरी के उन्नयन सहित राज्य के वन विभागों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है।
7) कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकास के आर्थिक एवं वित्तीय पहलू
गरीबी उन्मूलन, रोजगार एवं आय में वृद्धि, जलवायु परिवर्तन के प्रति लचीलापन बढ़ाने और समृद्धि के एक नए स्तर तक पहुंचने की प्राथमिकताओं को देखते हुए, कम कार्बन उत्सर्जन वाले विकास के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए कम लागत वाला अंतरराष्ट्रीय जलवायु वित्त आवश्यक है।
भारत वित्तीय आवश्यकताओं का आकलन कर रहा है, जलवायु विशिष्ट वित्त को जुटा रहा है, विशेष रूप से बहुपक्षीय जलवायु वित्त तक पहुंच रहा है और जलवायु वित्त की मुख्य धारा को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के साथ-साथ नए बहुपक्षीय तंत्र को नवाचार और प्रौद्योगिकी विकास का समर्थन करने के लिए जोड़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सभी कार्यों और दूरदर्शी नीतियों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि भारत एक राष्ट्र के रूप में इस धरती को बचाने की दिशा में अपनी जिम्मेदारी से अधिक भार लिया है और जलवायु कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है। भारत अंतरराष्ट्रीय सहयोग के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और वैश्विक जलवायु व्यवस्था की आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्रिय रहा है, जिस पर हम जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन, इसके क्योटो प्रोटोकॉल और पेरिस समझौते के तहत सामूहिक रूप से सहमत हुए हैं। भारत का एलटी-एलईडीएस यह स्पष्ट करता है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत समानता और जलवायु न्याय के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है।
Chhattisgarh Darpan Media Group is a hindi language news platform. Founded in 2020, it’s mission is to connect people in their own local language. Chattisgarh Darpan is one of the fastest growing online news channel in Chhattisgarh, which aim is to providing local news in real time and very easy manner with truthfulness of information.
Khom Chand Sahu
Chief Editor
Cell : +91 9617946170
Email id : chhattisgarhdarpanmediagroup@gmail.com
Address : Plot No. 05, Street No.-12, Ekta Nagar, Temri, P.O. Mana Camp Raipur (Chhattisgarh) Pin Code – 492015
Contact No. :0771-4342764 +91 9752426170
Email id : chhattisgarhdarpanmediagroup@gmail.com
Website : www.chhattisgarhdarpan.com
Copyright © 2021-2026. Chhattisgarh Darpan | All Rights Reserved. Powered By : Softbit Solution
